हरियाणा सीएम के काफिले की एंबुलेंस की टक्‍कर से एक व्‍यक्ति की मौत


मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर रोहतक से दिल्ली की ओर जा रहे थे. उसी दौरान उनके काफिले की एंबुलेंस ने बहादुरगढ़ के आसोदा गांव के पास सड़क पार कर रहे बलजीत नाम के व्यक्ति को टक्कर मार दी. टक्कर इतनी भयानक थी कि बलजीत ने मौके पर ही दम तोड़ दिया.


हरियाणा में झज्जर जिले के बहादुरगढ़ में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के काफिले की एंबुलेंस की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई. मामला शनिवार की देर रात का है. मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर रोहतक से दिल्ली की ओर जा रहे थे. उसी दौरान उनके काफिले की एंबुलेंस ने बहदुरगढ़ के आसोदा गांव के पास सड़क पार कर रहे बलजीत नाम के व्यक्ति को टक्कर मार दी. टक्कर इतनी भयानक थी कि बलजीत ने मौके पर ही दम तोड़ दिया.

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और बलजीत के शव को पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई रोहतक भिजवाया गया. 44 वर्षीय मृतक बलजीत जाखोदा गांव का रहने वाला था और ऑटो चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा था. बलजीत की मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने गांव में पंचायत की. इसके बाद उन्‍होंने प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर बुलाकर अपनी मांगें मनवाईं.

काफी जद्दोजहद के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मृतक बलजीत के परिजनों को 8 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने और बलजीत की पत्नी को गांव की ही आंगनबाड़ी में नौकरी देने पर सहमति जताई. इसके बाद गांव वाले मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवाने को राजी हुए और पीजीआई रोहतक पहुंच कर मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद उसके शव का अंतिम संस्कार कर दिया.

“मेरे सपने का एक भाग पूरा हुआ, पूर्ण सपना तब पूरा होगा जब मेट्रो का विस्तार रोहतक, बल्लभगढ़ पलवल, सोनीपत, रेवाड़ी, बाढ़सा झज्जर तक होगा”…हुड्डा

हरियाणा का जनसामान्य यह अच्छे से जानता है कि बहादुरगढ़ मेट्रो को लाने में पूर्व मुख्यमंत्री चौ. भूपेन्द्र सिंह हुड्डा जी का अभूतपूर्व योगदान रहा है और लोगों की इसी भावना को देखते हुए । आज 8 जुलाई, 2018 को सुबह 10 बजे, गौरैया टूरिस्ट काम्प्लेक्स, बहादुरगढ़ में चौ. भूपेन्द्र सिंह हुड्डा जी और सांसद दीपेंद्र जी का नागरिक अभिनन्दन बड़े ही जोश से किया ।

“मेरे सपने का एक भाग पूरा हुआ, पूर्ण सपना तब पूरा होगा जब मेट्रो का विस्तार रोहतक, बल्लभगढ़ पलवल, सोनीपत, रेवाड़ी, बाढ़सा झज्जर तक होगा”…हुड्डा

जानिए, बहादुरगढ़-वासियों का मेट्रो का सपना कैसे हुआ साकार :

7 अगस्त 2012 – यूपीए सरकार में केन्द्रीय मंत्रिमंडल से सांसद दीपेन्द्र सिंह हुड्डा के आग्रह पर बहादुरगढ़ मेट्रो विस्तार परियोजना को मंजूरी मिली।

2 फरवरी 2013 – तत्कालीन केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री श्री कमल नाथ जी ने हरियाणा के तब के मुख्यमंत्री चौ भूपेन्द्र सिंह हुड्डा जी की उपस्तिथि में इस मेट्रो विस्तार का शिलान्यास किया।

अप्रैल 2013 – इसपर जोरशोर से काम शुरू करवा दिया था और मार्च 2016 तक इसका काम पूरा हो जाना चाहिये था।
लेकिन, मई 2014 के बाद से भाजपा सरकार ने इस पूरे काम का श्रेय लूटने के लिए ढाई साल की देरी करा दी और बहादुरगढ़ वासियों को 2 साल मेट्रो शुरू होने का इंतज़ार करना पड़ा।

लगभग 2000 करोड़ की ऐसी परियोजना थी जिसमें – मुण्डका से टिकरी बॉर्डर तक और टिकरी बॉर्डर से बहादुरगढ़ के सिटि पार्क तक (दिल्ली-हरियाणा) का पूरा खर्चा चौ. भूपेन्द्र सिंह हुड्डा जी की हरियाणा सरकार ने दिया था।

बहरहाल, देरी हुई, मगर मेट्रो पहुंची है बहादुरगढ़ में आगमन हुआ है। इसके लिये आप सबको बधाई। अब इसके “आगे हरियाणा में मेट्रो के विस्तार की लड़ाई तेज़ी से लड़ी जायेगी” .. दीपेंद्र सिंह हुड्डा

50 साल से ऊपर के सुस्त कर्मचारियों पर योगी की वक्र दृष्टि


इस आदेश में सभी विभागाध्यक्षों से कहा गया है कि वे अपने विभाग के कर्मचारियों के अनिवार्य रिटायरमेंट के लिए स्क्रीनिंग का काम 31 जुलाई तक जरूर पूरा कर लें


उत्तर प्रदेश सरकार ने अपना काम सही ढंग से नहीं करने वाले 50 साल और उससे अधिक उम्र के सरकारी कर्मचारियों को ‘अनिवार्य रिटायरमेंट’ देने के लिए स्क्रीनिंग करने के आदेश दिए हैं.

कर्मचारी संगठनों ने छह जुलाई को जारी इस आदेश का विरोध किया है.

अपर मुख्य सचिव मुकुल सिंघल ने राज्य के सभी विभागों के अपर मुख्य सचिवों और सचिवों को रिटायरमेंट का आदेश जारी किया है. इस आदेश में कहा गया है कि ‘वित्तीय बुकलेट के नियम-56 में व्यवस्था है कि नियुक्ति करने वाली अथॉरिटी, किसी भी समय, किसी सरकारी सेवक को (चाहे वह स्थायी हो या अस्थायी), नोटिस देकर बिना कोई कारण बताए, उसके 50 साल की उम्र के बाद रिटायर होने की अपेक्षा कर सकता है. ऐसे नोटिस की अवधि तीन माह होगी.’

इस आदेश में सभी विभागाध्यक्षों से कहा गया है कि वे अपने विभाग के  कर्मचारियों के अनिवार्य रिटायरमेंट के लिए स्क्रीनिंग का काम 31 जुलाई तक जरूर पूरा कर लें. 50 साल की उम्र तय करने के लिए कट-ऑफ डेट 31 मार्च 2018 होगी. यानी ऐसे सरकारी कर्मचारी जिनकी उम्र 31 मार्च 2018 को 50 साल या उससे अधिक होगी, वे स्क्रीनिंग के दायरे में आएंगे.

कर्मचारियों ने शासन के इस आदेश पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उत्तर प्रदेश सचिवालय कर्मचारी एसोसिएशन के अध्यक्ष यादवेंद्र मिश्र ने कहा कि सरकार के इस तरह के कदम दरअसल, कर्मचारियों को परेशान करने के लिए हैं. इसे बरदाश्त नहीं किया जाएगा.

माना जा रहा है कि प्रदेश के 16 लाख में से चार लाख सरकारी कर्मचारी इस स्क्रीनिंग के दायरे में आएंगे. उनके कामकाज और प्रदर्शन के बारे विस्तृत रिपोर्ट 31 जुलाई तक संबंधित आला अधिकारियों को सौंपी जाएगी.

आआपा ईडब्ल्यूएस कैटगरी में एडमिशन के लिए हर महीने दी जाने वाली राशि में प्रत्येक बच्चे पर 600 रुपए का इजाफा किया है

 


शिक्षा निदेशालय के अधिकारी ने कहा, ‘मौजूदा रकम को बढ़ाने का निर्णय लिया गया है, अगले शैक्षणिक सत्र से नर्सरी से पांचवीं कक्षा के छात्रों के लिए 2,242 रुपए और छठी से आठवीं के लिए 2,225 रुपए दिए जाएंगे’


आआपा  सरकार ने दिल्ली में सभी निजी स्कूलों को अगले शिक्षण सत्र में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) कैटगरी में एडमिशन के लिए हर महीने दी जाने वाली राशि में प्रत्येक बच्चे पर 600 रुपए का इजाफा किया है.

उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को लगातार विभिन्न निजी स्कूलों से सरकार द्वारा ईडब्ल्यूएस श्रेणी के बच्चों को दाखिला दिए जाने के बदले मिलने वाली ‘मामूली रकम’ को लेकर शिकायतें मिल रही थी. इसके बाद इस रकम में बढ़ोतरी की गई है.

शिक्षा निदेशालय (डीओई) के अधिकारी ने कहा, ‘मौजूदा रकम को बढ़ाने का निर्णय लिया गया है, नर्सरी से पांचवीं कक्षा के छात्रों के लिए 2,242 रुपए और छठी से आठवीं के लिए 2,225 रुपए दिए जाएंगे. अब तक सरकार इस श्रेणी में दाखिले के बदले 1,598 रुपए देती थी.’

आआपा  सरकार स्कूलों को हर वर्ष पांचवीं कक्षा तक के छात्रों के यूनीफॉर्म के लिए 1,100 रुपए और आठवीं तक छात्रों के लिए 1400 रुपए भी देगी.

सिब्बल ने बैल गाड़ी पर लिञ्च पुजारी कहा मोदी सरकार को


नरेंद्र मोदी ने एक दिन पहले शनिवार को कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं के जमानत पर बाहर होने का जिक्र करते हुए कांग्रेस पार्टी को ‘बैल गाड़ी’ कहा था


कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार पर पलटवार करते हुए कहा कि लोग इस पार्टी को अब ‘लिंच पुजारी’ कहने लगे हैं.

दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक दिन पहले शनिवार को कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं के जमानत पर बाहर होने का जिक्र करते हुए कांग्रेस पार्टी को ‘बेल गाड़ी’ कहा था. पीएम मोदी के इस तंज के एक दिन बाद सिब्बल ने बीजेपी को ‘लिंच पुजारी’ कहा है.

सिब्बल ने ट्वीट कर कहा, ‘लिंचिंग के दोषी आठ आरोपियों को जब जमानत मिली तो जयंत सिन्हा ने माल्यार्पण कर उनका स्वागत किया. आपने गलत समझा है मोदीजी. वे कह रहे हैं कि आपकी सरकार लिंच पुजारी बन गई है.’

सिब्बल ने उस घटना का जिक्र किया है जब जब झारखंड के रामगढ़ लिंचिंग मामले में जमानत पर रिहा होने के बाद केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने कथित तौर पर इन आठ आरोपियों का स्वागत किया था.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाईकोर्ट ने इन दोषियों की उम्रकैद की सजा पर रोक लगाकर इन्हें जमानत दे दी थी और जमानत के बाद ये दोषी स्थानीय बीजेपी नेता के साथ जयंत सिन्हा के आवास पर पहुंचे थे. जयंत सिन्हा ने यह कहते हुए अपना बचाव किया है कि उनका देश की न्यायिक प्रणाली और कानून में पूरा विश्वास है.

पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने शनिवार को ट्वीट किया कि वह इस बात से खुश नहीं हैं कि उनके बेटे जयंत सिन्हा ने झारखंड में रामगढ़ लिंचिंग केस के आठ दोषियों का माला पहनाकर स्वागत किया था. सिन्हा ने ट्वीट किया कि वह अपने बेटे के कदम से इत्तेफाक नहीं रखते हैं.

यशवंत सिन्हा ने ट्वीट किया, ‘पहले मैं लायक बेटे का नालायक पिता था लेकिन रोल बदल चुके हैं. ऐसा ट्विटर पर लोग कह रहे हैं. मैं अपने बेटे के फैसले से इत्तेफाक नहीं रखता हूं. लेकिन मुझे पता है कि इसके बाद भी ट्विटर पर अपमान होगा. आप कभी जीत नहीं सकते.’

सिद्धों की वाणी, 5 साल पूरे करेगी कुमारस्वामी की सरकार


कर्नाटक के लोग इन दिनों कुमारस्वामी के पांच साल पूरे करने और येदियुरप्पा के दोबारा सरकार बनाने को लेकर राज्य के प्राचीन वीरशैव मठ के संत और एक आदिवासी जनजाति के बीच वाकयुद्ध देख रहे हैं


कर्नाटक में पिछले कुछ सालों में राजनीति में धार्मिक नेताओं का बोलबाला बढ़ता गया है. यहां धार्मिक और आध्यात्मिक गुरु राजनीति में गहरी रुचि लेते दिखते हैं और अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए राजनेता उनकी सलाह लेते हैं. राज्य में आजकल कोई दिन ऐसा नहीं बीतता, जब कोई धार्मिक नेता या भविष्यवक्ता बयान न दे.

कर्नाटक के लोग इन दिनों कुमारस्वामी के पांच साल पूरे करने और येदियुरप्पा के दोबारा सरकार बनाने को लेकर राज्य के प्राचीन वीरशैव मठ के संत और एक आदिवासी जनजाति के बीच वाकयुद्ध देख रहे हैं.

चिकमंगलुर के पास बालेहोन्नुर के संत रामभपूरी ने हाल ही में दावा किया था कि येदियुरप्पा फिर एक बार राज्य के मुख्यमंत्री बनेंगे, जिसके बाद राज्य में नया विवाद शुरू हो गया. उन्होंने राज्य में चल रही कांग्रेस-जेडीएस की गठबंधन सरकार के जल्द गिरने का संकेत दिया था.

वहीं तंत्र-मंत्र और जादू-टोने की प्रैक्टिस करने वाले आदिवासी जनजाति ‘सुदुगादू सिध्दारू’ ने वीरशैव मठ के संत पर हमला बोलते हुए कहा कि कुमारस्वामी राज्य में पांच साल पूरे करेंगे और दुनिया की कोई भी शक्ति उन्हें नहीं हटा सकती है.

‘सुदुगादू सिध्दारू’ ने विधानसभा चुनाव से तीन महीने पहले ही कहा था कि कुमारस्वामी राज्य के मुख्यमंत्री बनेंगे और उनकी यह भविष्यवाणई सच भी हो गई. उन्होंने कहा था कि अगर उनकी भविष्यवाणी सच नहीं हुई तो पूरी जनजाति इस पेशे से निकल जाएगी.

हालांकि वीरशैव मठ के संत के इस नए बयान ने एक बार फिर इस जनजाति को परेशान कर दिया. इसलिए जनजाति की तरफ से फिर कहा गया कि अगर वे गलत साबित होते हैं तो पेशा छोड़ देंगे.

बता दें कि रामभपुरी ने चुनाव के दौरान बीजेपी का खुलेआम समर्थन किया था, लेकिन वह येदियुरप्पा के मात्र 56 घंटे में सत्ता खोने से परेशान हैं.

गौरतलब है कि ‘सुदुगादू सिध्दारू’ श्मशान घाट में रहते हैं. हाल के वर्षों में राज्य सरकार ने उन्हें विशेष कॉलोनियों में बसाया है. यह जनजाति एक स्थान से दूसरे स्थान पर घूमकर भविष्यवाणी करती है. हाल की जनगणना में राज्य में उनकी संख्या 9 हजार थी.

नहीं रहे स्पाइडर मैन और डॉक्टर स्ट्रेंज को बनाने वाले लेजेंड आर्टिस्ट स्टीव डिटको


स्पाइडर मैन की कल्पना और उसे मार्वल कॉमिक्स के पन्नों तक उतरने तक हर प्रकिया में स्टीव डिटको का दिमाग था


मार्वल कॉमिक्स की दुनिया में द अमेजिंग स्पाइडर मैन की एंट्री में इस शख्स का बड़ा हाथ था. स्पाइडर मैन की कल्पना और मार्वल कॉमिक्स के पन्नों तक उतरने तक हर प्रकिया में स्टीव डिटको का दिमाग था. महान कॉमिक आर्टिस्ट स्टैन ली के साथ मिलकर उन्होंने दुनिया को जबरदस्त सुपरहीरो स्पाइडर मैन दिया.

उन्हीं स्टीव डिटको ने बीते शुक्रवार दुनिया को अलविदा कह दिया. उनकी उम्र 90 साल की थी. शुक्रवार को न्यूयॉर्क पुलिस डिपार्टमेंट ने स्पष्ट किया कि मार्वल कॉमिक्स लेजेंड स्टीव डिटको का निधन हो गया है.

2 नवंबर, 1927 को जन्मे स्टीव डिटको ने कार्टूनिस्ट बनने के गुर न्यूयॉर्क सिटी के कार्टूनिस्ट एंड इलस्ट्रेटर्स स्कूल में बैटमैन बनाने वाले लेजेंड जेरी रॉबिन्सन के अंडर में रहकर सीखा था.

उन्होंने 1953 में अपना प्रोफेशनल करियर शुरू किया. उन्होंने जो सिमॉन और जैक कर्बी के स्टूडियो से इंकर के काम से शुरुआत की. यहां वो आर्टिस्ट मॉर्ट मेस्किन के प्रभाव में आए.

इसके बाद उन्होंने शार्ल्टन कॉमिक्स के साथ काम करना शुरू किया. ये साथ काफी लंबा चला. डिटको ने यहां साइंस फिक्शन, हॉरर और मिस्ट्री जॉनर में काम किया. 1960 में यहां उन्होंने सुपरहीरो कैप्टन एटम की रचना में भी को क्रिएटर की भूमिका निभाई.

इसके बाद उन्होंने अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा क्रिएशन किया. उन्होंने लेजेंड स्टैन ली के साथ मिलकर अमेजिंग स्पाइडर मैन का बनाया. स्पाइडर मैन के कॉस्ट्यूम से लेकर उसकी पॉवर्स तक की कल्पना करने और उसे पन्नों पर उतारने की पूरी प्रक्रिया में डिटको स्टैन ली के साथ रहे.

डिटको ने स्पाइडर मैन के अलावा दुनिया को एक और बिल्कुल अलग सा सुपरहीरो दिया- डॉक्टर स्ट्रेंज. जबरदस्त डॉक्टर स्ट्रेंज की अद्भुत शक्तियां डिटको के सोचने के अलग तरीके और कल्पना शक्ति की मिसाल हैं.

उनके निधन पर कई आर्टिस्टों और लेखकों ने उनके जाने के दुख में श्रद्धांजलि अर्पित की है. फिलहाल मार्वल की फिल्मों में स्पाइडरमैन का किरदार निभा रहे टॉम हॉलैंड ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी.

तेज़ रफ्तार कर ने लील ली एक जिंदगी, दूसरा बुरी तरह से घायल

 

करनाल। करनाल में एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया जिसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

जानकारी के अनुसार सेक्टर 6  स्थित ट्रेफिक पार्क के पास हाईवे पर दो बाइक सवार युवकों को एक तेज रफ्तार कार ने अपनी जद में ले लिया। हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दूसरा घायल हो गया। हादसे के बाद घटना स्थल पर जाम लग गया और लोगों की भीड़ जमा हो गई। हादसे के बाद सफारी चालक फरार हो गया है। पुलिस ने अज्ञात सफारी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच में जुट गई है। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद हाईवे पर लगा जाम खुलवाया और यातायात को सूचारू करवाया।

केंद्रीय मंत्री उमा भारती के बड़े भाई स्वामी लोधी का निधन

भारतीय जनता पार्टी की नेता और केंद्रीय मंत्री उमा भारती के भाई स्वामी प्रसाद लोधी का दिल्ली में निधन हो गया। उनके निधन से मंत्री उमा भारती को एक बड़ा झटका लगा है. उनका निधन दिल्ली स्तिथ आवास पर हुआ है। स्वामी प्रसाद लोधी काफी समय से बीमार चल रहे थे। उनका दिल्ली के एम्स में इलाज चल रहा था। रविवार सुबह 11 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। वे एक बार मध्य प्रदेश विधानसभा में विधायक रह चुके हैं। उनका अंतिम संस्कार 9 जुलाई को टीकमगढ़ में किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि बड़े भाई के

निधन की जानकारी खुद उमा भारती ने ट्वीट कर दी। उमा भारती ने ट्वीटर पर लिखा कि अभी मेरे बड़े भाई स्वामी प्रसाद जी लोधी का एम्स

में निधन हो गया है। वह 9 साल से बीमार थे। आज उनकी आयु 72 वर्ष की थी। वह बहुत ही विद्वान व्यक्ति थे तथा विधायक एवं मध्य प्रदेश खाद्य आपूर्ति निगम के अध्य

क्ष भी रहे। मे

री ज़िंदगी में उनकी भूमिका वही थी जो एक माता-पिता की होती है। वह मुझसे 14 वर्ष बड़े थे। मेरी ज़िंदगी की सारी उपलब्धियां उन्हीं की देन है।

कल दिनांक 9/7/18 को टीकमगढ़ में अंतिम संस्कार होगा। कल सुबह 11 बजे टीकमगढ़ में अंतिम संस्कार होगा। उमा भारती ने बताया है कि आज मध्य प्रदेश में जो भाजपा की सरकार है उसमें जो भी मेरी तपस्या है उसके अधिष्ठान में मेरे बड़े भाई ही हैं। उन्होंने मुझे हमेशा बहादुर रहने के प्रेरणा दी, मैं इस बात को आजीवन याद रखूंगी।

मैं अभी तुरंत हिमालय से रवाना हो रही हूं एवं उनके अंतिम संस्कार में आप सब से कल टीकमगढ़ में मुलाकात करूंगी।

एक राष्ट्र एक चुनाव मे दुविधा में कांग्रेस्स


क्षेत्रीय पार्टियों ने आशंका जताई है कि एक साथ चुनाव कराने पर राष्ट्रीय पार्टियां और राष्ट्रीय मुद्दे चुनावी माहौल में ज्यादा हावी हो जाएंगे और इसका नुकसान छोटी पार्टियों को उठाना पड़ेगा


देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने को लेकर गंभीर विचार-विमर्श जारी है. कई पार्टियों ने इसके समर्थन में हामी भरी है तो कांग्रेस और लेफ्ट जैसी पार्टियों ने इसमें दिलचस्पी नहीं दिखाई है.

तेलंगाना के मुख्यमंत्री और तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव ने एकसाथ चुनाव कराए जाने का समर्थन किया है और इस बाबत विधि आयोग को पत्र भी लिखा है.

समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव ने भी अपना समर्थन जाहिर करते हुए कहा कि उनकी पार्टी एक देश-एक चुनाव के पक्ष में है लेकिन यह 2019 से शुरू होना चाहिए. यादव ने मांग की कि कोई जनप्रतिनिधि अगर पार्टी बदलता है या खरीद-फरोख्त में लिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ एक हफ्ते में कार्रवाई का प्रावधान होना चाहिए.

तृणमूल कांग्रेस, सीपीआई ओर डीएमके ने पुरजोर विरोध जताया है

इस बीच, क्षेत्रीय पार्टियों ने आशंका जताई है कि लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ कराने पर राष्ट्रीय पार्टियां और राष्ट्रीय मुद्दे चुनावी माहौल में ज्यादा हावी हो जाएंगे और इसका नुकसान छोटी पार्टियों को उठाना पड़ेगा. तृणमूल कांग्रेस और सीपीआई ने विधि आयोग की बैठक में हिस्सा तो लिया लेकिन दोनों पार्टियों ने एक साथ चुनाव कराने के विचार का जोरदार विरोध किया. दक्षिण की पार्टी डीएमके के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन भी इसके विरोध में हैं. उनके मुताबिक एकसाथ चुनाव कराया जाना संविधान के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है.

उधर, एनडीए की सहयोगी पार्टी शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) ने एक साथ चुनाव कराने का समर्थन करते हुए कहा कि इससे पार्टियों के खर्च में कमी आएगी और विकास कार्यों को रोकने वाली आदर्श आचार संहिता की अवधि कम होगी. एसएडी का प्रतिनिधित्व पार्टी के राज्यसभा सदस्य नरेश गुजराल ने किया. उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनाव साथ कराने के लिए किसी विधानसभा का कार्यकाल बढ़ाए जाने की स्थिति में राज्यसभा चुनावों पर पड़ने वाले प्रभाव का मुद्दा उठाया.

बीजेपी नेता सुब्रह्मणियम स्वामी ने एक साथ चुनाव कराए जाने के प्रस्ताव का समर्थन किया है और कहा है कि यह विपक्षी पार्टियों के ऊपर है कि वे इसका समर्थन करते हैं विरोध.स्वामी ने कहा, यह कांग्रेस और सीपीएम पर निर्भर करता है कि वे इसका समर्थन करते हैं या नहीं. उन्होंने कहा, बार-बार चुनावों पर इतना ज्यादा पैसा खर्च करने का क्या मतलब.

टीएमसी और सीपीआई ने इस प्रस्ताव को ‘अव्यावहारिक और अलोकतांत्रिक’ बताया है

तमिलनाडु में सत्ताधारी एआईएडीएमके ने कहा कि यदि जरूरी ही है तो एक साथ चुनाव 2024 में कराए जाएं और उससे पहले कतई नहीं. सूत्रों ने बताया कि पार्टी का यह भी मानना है कि तमिलनाडु विधानसभा को अपना कार्यकाल पूरा करने की इजाजत दी जानी चाहिए और लोकसभा चुनाव अपने कार्यक्रम के अनुसार कराए जाने चाहिए.

टीएमसी ने एक साथ चुनाव कराने के प्रस्ताव को ‘अव्यावहारिक और अलोकतांत्रिक’ बताया है. सीपीआई, एआईडीयूएफ और गोवा फॉरवर्ड पार्टी ने भी ऐसी ही राय जाहिर की है.

कांग्रेस ने कहा कि वह इस बाबत अपने कदम पर फैसला करने से पहले अन्य विपक्षी पार्टियों से विचार-विमर्श करेगी.

विधि आयोग का क्या है प्रस्ताव?

विधि आयोग के एक प्रस्ताव में लोकसभा और विधानसभा के चुनाव साथ कराने की सिफारिश की गई है लेकिन कहा गया है कि यह चुनाव दो चरणों में कराए जाएं और इसकी शुरुआत 2019 से हो. आयोग के दस्तावेज के मुताबिक, एक साथ चुनाव का दूसरा चरण 2024 में होना चाहिए. इस दस्तावेज में संविधान और जन प्रतिनिधित्व कानून में संशोधन का प्रस्ताव किया गया है ताकि इस कदम को प्रभावी बनाने के लिए विधानसभाओं के कार्यकाल में विस्तार किया जाए या कमी की जाए.

पहले चरण में उन राज्यों को शामिल किया जाएगा जहां 2021 में विधानसभा चुनाव होने हैं. उत्तर प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, दिल्ली और पंजाब जैसे राज्य दूसरे चरण में शामिल होंगे. इन राज्यों में लोकसभा के साथ विधानसभा चुनाव कराने के लिए इनकी विधानसभाओं के कार्यकाल बढ़ाने होंगे.