आदर्श पब्लिक स्मार्ट स्कूल में दिवाली का त्यौहार मनाया गया 

डेमोक्रेटिक फ्रंट संवाददाता चंडीगढ़ :

             आदर्श पब्लिक स्मार्ट स्कूल (APS-20), सेक्टर 20B, चंडीगढ़ ने पर्यावरण के अनुकूल दीपावली उत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया 

            इस अवसर पर कक्षा VI से VIII के बीच रंगोली प्रतियोगिता  का आयोजन किया, जिसमें छात्रों ने बहु-रंगों का उपयोग करके रंगोली के विभिन्न डिजाइनों को बनाया।

            कक्षा पहली से पांचवीं तक दीया, मोमबत्ती और बर्तन सजावट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

             श्रीमती सुनीता ठाकुर ने कहा कि रैली का आयोजन छात्रों और शिक्षकों द्वारा किया गया था जिसे हरे, स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त दिवाली के संदेश का पता लगाने के लिए आसपास के क्षेत्रों से पारित किया गया था।

आम आदमी पार्टी के हिन्दू धर्म विरोधी होना एक टीवी चैनल ने दिखाया

डेमोक्रेटिक फ्रंट, चंडीगढ़/पंचकुला :

केजरीवाल का मंत्री दिल्ली में हिंदुओं को, हिंदू देवी देवताओं को गाली दे रहा है और केजरीवाल गुजरात में जय श्री कृष्णा बोलने का ढोंग कर रहा है – कपिल मिश्रा

मुफ़्त का सामान देकर गरीब हिंदुओं का धर्म परिवर्तन कराने वाली एजेन्सी बन गयी हैं आम आदमी पार्टी – कपिल मिश्रा

आम आदमी पार्टी के नेता/मंत्री ने 10,000( दस हज़ार) लोगों से हिन्दू धर्म और देवी देवताओं के विरोध में शपथ दिलवाई।

पीएफआई और RSS बराबर, इसपर भी लगाओ बैन : कांग्रेस सांसद कोडिकुन्निल

                        उर्दू अखबार ‘इंकलाब’ ने एक जुलाई 2018 को रिपोर्ट छापी थी जिसमें बताया गया था कि राहुल गांधी ने मुस्लिम बुद्धिजीवियों के साथ मुलाकात के दौरान कहा था कि कांग्रेस मुसलमानों की पार्टी है इस रिपोर्ट को पार्टी के कुछ नेताओं द्वारा खारिज करने पर उसी अखबार में कांग्रेस के अल्पसंख्यक मोर्चे के प्रमुख नदीम जावेद का इंटरव्यू छपा है, जिसमें कांग्रेस नेता ने एक तरह से यह पुष्टि की है कि राहुल गांधी ने कांग्रेस को मुसलमानों की पार्टी बताया था। साथ ही कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह भी 2018 में RSS के खिलाफ विवादित बयान दे चुके हैं। झाबुआ में दिग्विजय सिंह ने कहा था कि अभी तक जितने भी हिंदू आतंकी सामने आए हैं, सब RSS से जुड़े रहे हैं। उन्होंने कहा था कि संघ के खिलाफ जांच की जाए और फिर कार्रवाई होनी चाहिए। आज कॉंग्रेस की सनातन धर्मी लोगों के प्रति नफरत फिर सामने आई जब केरल से कांग्रेस सांसद और लोकसभा में मुख्य सचेतक कोडिकुन्निल सुरेश आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है और कहा है कि पीएफआई पर बैन लगाना कोई उपाय नहीं है।  

  • भारत सरकार ने पीएफआई को पांच साल के लिए बैन कर दिया
  • पीएफआई पर बैन को लेकर कांग्रेस सांसद ने उठाया सवाल
  • कांग्रेस सांसद सुरेश ने कहा कि आरएसएस पर भी बैन लगना चाहिए

राजविरेन्द्र वसिष्ठ, डेमोक्रेटिक फ्रंट चंडीगढ़/ नयी दिल्ली

            समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, मल्लपुरम में कांग्रेस सांसद कोडिकुन्निल ने कहा. “हम आरएसएस पर भी प्रतिबंध लगाने की मांग करते हैं।  पीएफआई पर बैन कोई उपाय नहीं है। आरएसएस भी पूरे देश में हिंदू साम्प्रदायिकता फैला रहा है। आरएसएस और पीएफआई दोनों समान हैं, इसलिए सरकार को दोनों पर प्रतिबंध लगाना चाहिए। केवल पीएफआई पर ही बैन क्यों?”

            गौरतलब है कि पीएफआई के अलावा, आतंकवाद रोधी कानून ‘यूएपीए’ के तहत ‘रिहैब इंडिया फाउंडेशन’ (आरआईएफ), ‘कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया’ (सीएफ), ‘ऑल इंडिया इमाम काउंसिल’ (एआईआईसी), ‘नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गेनाइजेशन’ (एनसीएचआरओ), ‘नेशनल विमेंस फ्रंट’, ‘जूनियर फ्रंट’, ‘एम्पावर इंडिया फाउंडेशन’ और ‘रिहैब फाउंडेशन’(केरल) को भी प्रतिबंधित किया गया है।

            कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह भी 2018 में RSS के खिलाफ विवादित बयान दे चुके हैं। झाबुआ में दिग्विजय सिंह ने कहा था कि अभी तक जितने भी हिंदू आतंकी सामने आए हैं, सब RSS से जुड़े रहे हैं। उन्होंने कहा था कि संघ के खिलाफ जांच की जाए और फिर कार्रवाई होनी चाहिए।


            PFI पर बैन लगने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री गिरिराज सिंह ने ट्वीट किया है। सिंह ने अपने ट्वीट में लिखा- बाय बाय PFI। वहीं असम के CM हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा- मैं भारत सरकार की ओर से PFI पर प्रतिबंध लगाने के फैसले का स्वागत करता हूं। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ है कि भारत के खिलाफ विभाजनकारी या विघटनकारी डिजाइन से सख्ती से निपटा जाएगा।

           12 सितंबर को कांग्रेस ने अपने ट्विटर अकाउंट से खाकी की एक निक्कर की तस्वीर शेयर की। इसमें लिखा- देश को नफरत से मुक्त कराने में 145 दिन बाकी हैं। हालांकि, संघ ने भी इसका तुरंत विरोध किया और संगठन के सह सरकार्यवाह मनमोहन वैद्य ने कहा था कि इनके बाप-दादा ने संघ का बहुत तिरस्कार किया, लेकिन संघ रुका नहीं। 

           भारत में आजादी के बाद 3 बार बैन लग चुका है। पहली बार 1948 में गांधी जी की हत्या के बाद बैन लगा था। यह प्रतिबंध करीब 2 सालों तक लगा रहा। संघ पर दूसरा प्रतिबंध 1975 में लागू आंतरिक आपातकाल के समय लगा। आपातकाल खत्म होने के बाद बैन हटा लिया गया।

वहीं तीसरी बार RSS पर 1992 में बाबरी विध्वंस के वक्त बैन लगाया गया। यह बैन करीब 6 महीने के लिए लगाया गया था।

           RSS की स्थापना साल 1925 में केशव बलिराम हेडगेवार ने की थी। संघ में सर संघचालक सबसे प्रमुख होता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक एक करोड़ से ज्यादा प्रशिक्षित सदस्य हैं। संघ परिवार में 80 से ज्यादा समविचारी या आनुषांगिक संगठन हैं। दुनिया के करीब 40 देशों में संघ सक्रिय है।

           मौजूदा समय में संघ की 56 हजार 569 दैनिक शाखाएं लगती हैं. करीब 13 हजार 847 साप्ताहिक मंडली और 9 हजार मासिक शाखाएं भी हैं। संघ में सर कार्यवाह पद के लिए चुनाव होता है। संचालन की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पर होती है।

वहीं PFI के खिलाफ हुई इस कार्रवाई को लेकर SDPI  ने कहा है कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों को गलत तरीके से इस्तेमाल कर रही है और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है।  

एक तरफ जहां पीएफआई के खिलाफ इस कार्रवाई पर संगठन से सहानुभूति रखने वाला पक्ष केंद्र सरकार पर आरोप लगा रहा है तो दूसरी ओर भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों समेत बीजेपी के दिग्गज नेताओं ने इस कदम का स्वागत किया है।  PFI पर बैन को लेकर उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “देश गृह मंत्री अमित शाह के फैसले की सराहना कर रहा है, हम उनका धन्यवाद करते हैं और इस निर्णय का स्वागत करते हैं इसका विरोध करने वालों भारत स्वीकार नहीं करेगा और सख्त जवाब देगा।”

                पीएफआई को लेकर सांप्रदायिक हिंसा के आरोप लगते रहे हैं. ऐसे में संभावनाएं है कि बैन जैसी बड़ी कार्रवाई के बाद पीएफआई के कार्यकर्ता सामाजिक माहौल खराब करने की कोशिश कर सकते हैं जिसके चलते पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद की गई है. दिल्ली से लेकर तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक जैसे राज्यों में सुरक्षा एजेंसियां चप्पे-चप्पे पर तैनात हैं।  

                आपको बता दें कि पिछले कुछ दिनों में केंद्रीय जांच एजेंसियों ने उनके खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए छापेमारी की थी जिसमें संगठन के खिलाफ अहम सबूत मिले थे और विदेशी फंडिंग तक की बातें सामने आईं थीं। इसके चलते मंगलवार देर रात मोदी सरकार ने इस संगठन को बैन करने का ऐलान कर दिया जो कि संगठन के लिए एक बड़ा झटका है।

श्राद्ध श्रद्धा का विषय है, प्रश्न हमारी आस्था पर ही क्यों?

पीयूष पियोधी, डेमोक्रेटिक फ्रंट, अध्यात्मिक डेस्क – 23 सितंबर

सबसे पहले कुछ पुरानी बातें :

सा’ब को भोत बुरा लगता कि सनातनी मरणोपरान्त पितृपक्ष में श्राद्ध करते हैं – पिण्ड-तर्पण अर्पण करते हैं …

अपमानित-तौहीन करने के विचार-ख्याल से विद्वान कर्मकाण्डी को दरबार में बुलवाया और अपनी आपत्ति – एतराज जाहिर किया

पण्डित जी मुस्काये – सा’ब आपके वालिदान-पुरखों को कोई गाली दे तो उनको लगेगी  ?

 सा’ब तमतमा गये, बोले – उनको लगे कि न लगे मुझे तो बहुत बुरा लगेगा और गुस्ताख़ को  सजा मुकर्रर कर दूँगा ..

पण्डित जी बोले – पितरों को किया तर्पण उनको मिले कि न मिले पर हमारी अपनी प्रसन्नता के लिये, कृतज्ञता-ज्ञापन के लिये यदि हम करते हैं – शास्त्र-सम्मत विधि से तो उसमें आपको आपत्ति नहीं होनी चाहिये !

श्राद्ध श्रद्धा का विषय है …

अब अगली बात

अंत्येष्टि का रहस्य

सोलह संस्कारों का यह अन्तिम संस्कार है ।

पर इस“ अंत्येष्टि” शब्द में एक गूढ़ रहस्य छिपा हुआ है , जो संभव है की कुछ लोगों को नहीं पता होगा ।

यह अंत्येष्टि शब्द दो शब्दों अंत्य + इष्टि”  में गुण संधि के द्वारा बना है ।

अब जो पंथ , यज्ञ को संस्कार नहीं मानते पर अंत्येष्टि करते हैं उनके लिए भी जानने की बात है की इष्टि का निरुक्त  “यज्ञ”  होता है ।

अब एक शब्द “अंत्याक्षरी” (यह एक प्राचीन खेल है)  समझ लें जिससे अंत्येष्टि समझने में सहायता मिलेगी ।

अंत्याक्षरी में अंतिम अक्षर , समाप्त करने के लिए नहीं होता बल्कि उसी अन्तिम अक्षर से कविता आरम्भ करने के लिए होता है ।

ठीक वही भावना है अंत्येष्टि में । अंतिम यज्ञ पुनः नव यज्ञ का आरम्भ है । और वह आरम्भ वहीं से होता है जहाँ तक वह जीव पहुँच चुका होता है ।

अपने इसी जीवन को यज्ञ स्वरूप बनाएँ । हृदय में सीता राम धारण करें…

श्राद्ध करते हो अर्थात मानते हो कि देह , आत्मा से भिन्न है । और यह बताने के लिए हर गाँव में हमें स्कूल नही खोलना थाहमें दुकान नही चलानी थी ।

जो लोग भी आज बक बक करते हैं कि सनातन धर्म ने हर गाँव में वेदों को सिखाने का प्रयास क्यो नही किया ।

तो, भैया , हमने हर गाँव में नहीं बल्कि हर मनुष्य के हृदय में ज्ञान देने का प्रयास किया । पर तुम, संसार जो कभी भी पकड़ा नहीं जा सकता उसको पकड़ने के लिए भाग रहे हो , और तुम्हारी आत्मा जो सदैव तुम्हारे साथ है उसके साक्षात्कार की तुम्हें चिंता ही नहीं है ।

सभी संस्कार तुम्हारे अद्वितीय होने की सूचना देते है । तुम्हीं ब्रह्म हो । जगो ।

अब अंतिम पक्ष…..

सनातन धर्म का रहस्य”

01. जब आप , अपने पितामह , पर पितामह या पूर्वजों का श्राद्ध करते हैं तो आपके बच्चे को पता चलता है की आत्मा , देह से अलग है ।सब कुछ पेट ही नहीं है ।

02. इंद्रिय का अर्थ “इंद्र का” अर्थात देवताओं का , जब आप अपनी इंद्रियों को बलशाली बनाते हैं , विभिन्न उपायों के द्वारा , वह देव पूजा है ।

03. जब आपको ज्ञान लेना होता है तब गीता , वेद , पुराण इत्यादि का सहारा लेते है और यह एक प्रकार की ऋषि पूजा है ।

04. जब आप चलकर मंदिरों में जाते हैं और उस मंदिर की मूर्ति को , वहाँ के विधि अनुसार मूर्ति पूजा करते हैं वह इश्वर के सर्वत्र होने का भाव प्रकट करता है ।

05. जब आप इश्वर के विवृति अभिन्न निमित्तोपादान कारण द्वारा अवतार की पूजा करते हैं वह आपके द्वारा इश्वर के वात्सल्य भाव की पूजा है ।

06. और यह सब करते हुए आप अपना अंत: करण शुद्ध करते हुए स्वंयम का स्वरूप जानने का प्रयास करते हैं । यह सब सनातन के अंग हैं । इसमें से किसी एक को न मानने वाला हिन्दु आपका शत्रु नहीं है ।

जीवन में IIT, IIM, IAS, बीस कोठियाँ , बैंक बैलेंस बनाइए पर उपर बताए हुए 6 बिंदुओं पर भी ध्यान रखिए ।

नोट: कुछ लोगों ने अभिन्न निमित्तोंपादान कारण की व्याख्या पूछी है , जो इस प्रकार से है ।

अभिन्न निमित्तोपादान”

पिता ( कार्य ) होता है और पुत्र ( कारण ) , परन्तु वही पुत्र कालांतर में  ( स्वंय कार्य ) बन जाता है और उसका पुत्र , कारण ।

और दूसरे ढंग से देखिए । बीजांकुरण न्याय की दृष्टि से । बीज को आजकल (-30 डिग्री ) पर भी भविष्य के लिए सुरक्षित करके रखा जा रहा है , क्योकि यह बात सर्व सिद्ध है की उस बीज में वृक्ष बनने का संस्कार निहित है अर्थात बीज ( कार्य ) और वृक्ष ( कारण) रूपी गुण प्रकृति में निहित है । और उचित वातावरण , खाद जल प्रकाश तापमान आदि मिलने पर उसमें स्फुरण होगा ।

जब हम “अभिन्न” कहते है तो इसका अर्थ इस कार्य और कारण से भिन्न है अर्थात कार्य कारणातीत है । अर्थात यह विश्व प्रपंच में जो भी कार्य कारण है , परमात्मा उससे कारणातीत है ।

पर अभिन्न , तत्व से भिन्न नहीं है । तत्व के समान नहीं , तत्व से अभिन्न ।

जैसे एक बूँद सागर का जल पूरे के सागर के समान शक्तिशाली नहीं होता पर गुण में एक समान अर्थात अभिन्न होता है ।

निमित्त , एक कुम्हार ही घड़ा बना सकता है अत: कुम्हार , घड़े का निमित्त कारण है ।

और मिट्टी उस घड़े का “ उपादान “ कारण है , क्योकि घड़ा वास्तव में मिट्टी ही है ।

अत: अभिन्न निमित्तोंपादान का अर्थ , जीव भी वही , जगत भी वही और जगदीश्वर भी वही ।

घड़ा भी वही, मिट्टी भी वही, कुम्हार भी वही ।

अब एक और बात (अंतिम नहीं)…….

सवाल हमारी आस्था पर ही क्यों?

अगले माह ईसाइयों का हैलोवीन त्यौहार आने वाला है, जिसमें वे अपने मृत पूर्वजों को याद करते हैं।इस त्यौहार में लोग मृत्यु या मृतकों का संकेत देने वाली वस्तुओं से लोग अपने घरों को सजाते हैं। इनमें कंकाल, चुड़ैल, भूत-प्रेतों वाले मुखौटे, मकड़ियां और कटे हुए हाथ-पैर आदि कई प्रकार की वीभत्स चीजें होती हैं।इन दिनों वहां के लगभग सभी बड़े स्टोर हैलोवीन के सामान से पटे हुए हैं। यूरोप, अमरीका और कनाडा जैसे आधुनिक और विकसित समझे जाने वाले देशों में भी आज तक वहां के लोग अपने त्यौहारों को अपनी परंपराओं के अनुसार पूरे उत्साह व धूमधाम से मना रहे हैं। कोई इसे अंधविश्वास नहीं कहता और न कोई इसका वैज्ञानिक आधार पूछकर किसी की आस्था का मजाक उड़ाता है।

इधर दूसरी ओर भारत में कई नमूने हैं, जो लगभग हर सनातन धर्म (हिन्दू ) त्यौहार के खिलाफ कोई न कोई सवाल उठाते हैं और कभी पर्यावरण के नाम पर, कभी अंधविश्वास मिटाने के नाम पर, तो कभी किसी और बहाने से हमारे त्यौहारों को मिटाने में लगे रहते हैं। इन दिनों पितृ-पक्ष चल रहा है तो उस पर भी सवाल उठाने वाले या पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने वालों को अंधविश्वासी बताने वाले कई लोग आपको भी दिखते होंगे।

मेरा सुझाव है कि ऐसे कुंठित लोगों को उनके हाल पर छोड़ दें। उन्हें किसी बात का वैज्ञानिक आधार बताने या किसी त्यौहार का अर्थ समझाने के फेर में पड़कर अपना समय बर्बाद न करें क्योंकि ऐसे लोग कुछ जानने समझने के लिए सवाल नहीं पूछते हैं, बल्कि केवल आपकी आस्था को ठेस पहुंचाने या आपको अपमानित करके स्वयं प्रसन्न होने के लिए ही ऐसे सवाल पूछते हैं। आप इनकी उपेक्षा कीजिए और अपनी आस्था पर अडिग रहिए।

सैकड़ों वर्षों के अन्याय, अत्याचार और गुलामी के कालखंड में भी हमारे और आपके पूर्वज सारे संकटों का सामना करते हुए भी अपने धर्म, संस्कृति और आस्था पर अडिग रहे, इसीलिए आप और मैं आज भी गर्व से स्वयं को सनातन धर्म (हिन्दू ) कह पा रहे हैं और अपनी आस्था का पालन कर पा रहे हैं। हम सबके पूर्वजों के प्रति हमें कृतज्ञ होना चाहिए। मैं उन सबको प्रणाम करता हूं।

छठ पूजा त्यौहार की तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित

डेमोक्रेटिक फ्रंट संवाददाता, चण्डीगढ़ –  19 सितंबर  : 

            चण्डीगढ़ पूर्वांचल वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक में अगले माह आने वाले छठ पूजा त्यौहार की तैयारियों को लेकर एक बैठक आयोजित हुई जिसमें फ़ैसला लिया गया कि 30 अक्तूबर को सेक्टर 42 स्थित सन लेक पर हर साल की तरह ही महापर्व छठ पूजा त्यौहार को धूमधाम से मनाया जाएगा।

            संस्था के वरिष्ठ सदस्य  सुनील गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि घाट पर पहुचने वाले श्रद्धालुओं व व्रतियों के लिए सभी मूलभूत सुविधाओं के लिए प्रशासन के साथ मिलकर पहले से पुख्ता इंतज़ाम किये जाने बारे में चर्चा हुई।

            बैठक में डीके सिंह, राजिंदर सिंह, डॉ. एसडी पांडे, यूके सिंह, विक्रम यादव, गोविन्द राव व भोला रॉय आदि भी शामिल रहे। 

क्रीड़ा भारती द्वारा मेजर ध्यानचंद के जन्मदिवस पर खेल पखवाड़े का हुआ आयोजन

सुशील पंडित, डेमोक्रेटिक फ्रंट, यमुनानगर हरियाणा :

क्रीड़ा भारती यमुनानगर द्वारा हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में तेजली खेल परिसर में खेल पखवाड़े की शुरुआत की गयी। पखवाड़े का उद्घाटन हॉकी प्रतियोगिता करवा के की गयी जिस में जिले की 4 टीमों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के दौरान मुख्य रूप से क्रीड़ा भारती के जिला महासचिव सुमीत गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष  भारत भूषण जूयाल, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉक्टर उमेश प्रताप वत्स, प्रदेश कोषाध्यक्ष जय प्रकाश सिंह, डी॰एस॰ओ॰ राजेंद्र गुप्ता , क्रीड़ा भारती यमुनानगर के संरक्षक डीके साहनी जी, टेनिस प्रमुख विशाल शर्मा , डॉक्टर शकुन गुप्ता, किरण वधन, बास्केटबॉल प्रमुख गोपाल सिंह मौजूद रहे। हॉकी के बड़े हाई रोमांचकारी मैच रहे।

लड़कियों के मैच में तेजली स्टेडीयम टीम ने एम॰एल॰एन॰ हॉकी क्लब को 4-3 से हराया। लड़कों के मैच में गुरु हॉकी क्लब ने तेजली स्टेडीयम टीम को 2-1 से हराया। क्रीड़ा भारती के जिला महासचिव सुमीत गुप्ता ने बताया कि क्रीड़ा भारती 29 अगस्त से 11 सितम्बर तक पूरे ज़िले में अलग अलग 10 खेलों का आयोजन करेगी जिस में हॉकी, फ़ुट्बॉल, लॉन टेनिस, कराटे, जूडो, कुश्ती, योगा  आदि शामिल हैं।

सुमीत ने बताया कि क्रीड़ा भारती पूरे देश में हर साल मेजर ध्यानचंद के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में खेल पखवाड़ा मनाती है और इस साल भी उसी के अंतर्गत यमुनानगर जिले में खेलों का आयोजन किया जाएगा।

आम आदमी पार्टी का साथ , अब विधायक कुलजीत रंधावा के PA की चौकी इंचार्ज से पैसे मांगने की ऑडियो वायरल

विक्रम धवन का दावा है कि उसके पास इस आरोप से संबंधित अन्य दस्तावेज भी हैं जो वह समय आने पर दिखाएंगे। यह आडियो रिकार्डिग दैनिक जागरण के पास भी है। डेराबस्सी विधायक कुलजीत रंधावा से जब इस बारे बात की गई तो उन्होंने कहा कि विक्रम धवन का दिमागी संतुलन ठीक नहीं है। वह पहले भी सीएम विंडो पर ऐसी बेबुनियाद शिकायतें डालता रहता है। वह हमारी पार्टी का ही कार्यकर्ता है, लेकिन वह ऐसी हरकतें करता रहता है। जहां तक आरोप की बात है यह सरासर झूठ है। किसी ने भी बरमा सिंह से पैसे नहीं मांगे।

नरेश शर्मा भारद्वाज, डेमोक्रेटिक फ्रंट, जालंधर/चंडीगढ़ :

विवादों से आम आदमी पार्टी का चोली दामन का नाता है अब डेराबस्सी से आम आदमी पार्टी के विधायक कुलजीत रंधावा के pa नितिन लूथरा ने बलटाना पुलिस चौकी इंचार्ज से एक लाख रुपए की रिश्वत माँगने की रिकॉर्डिंग खूब वायरल हो गयी है। रुपए न देने पर चौकी इंचार्ज बर्मा सिंह का तबादला कर दिया गया है।इसकी शिकायत आम आदमी पार्टी के ही नेता विक्रम धवन ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की एंटी करप्शन हेल्पलाइन नंबर 95012-00200 पर भेजी है। इस संबंध में विधायक कुलजीत रंधावा ने कहा, ‘मेरे किसी आदमी ने कोई पैसा नहीं मांगा। अगर मेरे वर्कर के पैसे मांगने की बात साबित होती है तो मैं उस पर पर्चा दर्ज करवाकर कार्रवाई कराऊंगा।

विक्रम धवन ने इस संबंध में मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा जारी किए गए एंटी क्रप्शन हेल्पलाइन नंबर (9501200200) पर विधायक रंधावा व उसके पीए नितिन लूथरा के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। विक्रम धवन की यह शिकायत नंबर (2 एमजेएम 29) रजिस्टर्ड कर ली गई है। इससे पहले भी आम आदमी पार्टी के विधायक और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री विजय सिंगला पर भी रिश्वत लेने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था। सिंगला इन दिनों जमानत पर हैं।

शिकायकर्ता विक्रम धवन बलटाना स्थित वार्ड नंबर-4 से आम आदमी पार्टी के इंचार्ज हैं। विक्रम ने कहा कि जब बरमा सिंह बलटाना चौकी इंचार्ज थे तो उनका एक मामला थाने में विचाराधीन था। इस बीच बरमा सिंह को अचानक चौकी इंचार्ज से हटाकर जीरकपुर थाने में लगा दिया गया। इस बाबत विक्रम धवन ने बरमा सिंह को अपने केस का स्टेटस जानने के लिए उनसे फोन पर संपर्क किया। विक्रम के अनुसार संपर्क करने पर चौकी इंचार्ज बरमा सिंह ने उसे कहा कि उससे विधायक कुलजीत रंधावा के पीए नितिन लूथरा ने एक लाख रुपये मांगे थे, जब उसने नहीं दिए तो उसका तबादला करवा दिया गया। इस बातचीत को विक्रम धवन ने रिकार्ड कर लिया। इसके बाद उन्होंने एंटी क्रप्शन नंबर पर शिकायत और यह रिकार्डिंग सुबूत के तौर पर भेज दी।

विक्रम धवन का दावा है कि उसके पास इस आरोप से संबंधित अन्य दस्तावेज भी हैं जो वह समय आने पर दिखाएंगे। यह आडियो रिकार्डिग दैनिक जागरण के पास भी है।

डेराबस्सी विधायक कुलजीत रंधावा से जब इस बारे बात की गई तो उन्होंने कहा कि विक्रम धवन का दिमागी संतुलन ठीक नहीं है। वह पहले भी सीएम विंडो पर ऐसी बेबुनियाद शिकायतें डालता रहता है। वह हमारी पार्टी का ही कार्यकर्ता है, लेकिन वह ऐसी हरकतें करता रहता है। जहां तक आरोप की बात है यह सरासर झूठ है। किसी ने भी बरमा सिंह से पैसे नहीं मांगे।

वहीं विधायक के पीए नितिन लूथरा ने कहा कि विक्रम धवन ने जो शिकायत दी है वह झूठी है। अगर उसने यह शिकायत दी है और उसके पास अगर कोई प्रूफ है तो वह उसे दिखाए। अगर उसने शिकायत की है तो मैं भी हायर अथारिटी में उसके खिलाफ शिकायत करूंगा। आरोप कोई भी किसी पर भी लगा सकता है। अगर उसकी शिकायत होगी तो अपना दिमागी संतुलन ठीक ना होने का बहाना बना देता है।

वहीं पूर्व बलटाना चौकी इंजार्ज बरमा सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मेरी तबियत ठीक नहीं है। मुझे बुखार है। मैं अभी बात नहीं कर पाऊंगा।

4 अगस्त को बीजेपी में शामिल हो सकते हैं कुलदीप बिश्नोई

आदमपुर के विधायक कुलदीप बिश्नोई को राज्यसभा चुनाव में क्रास वोटिंग के बाद कांग्रेस द्वारा सभी पार्टी पदों से हटा दिया गया था। इससे पहले, जब कांग्रेस ने चौधरी उदयभान को प्रदेशाध्यक्ष बनाया तो इससे बिश्नोई नाराज हो गए थे। क्योंकि उनको उम्मीद थी कि कमान उनको सौंपी जाएगी। इसके अलावा, संगठन में कहीं पर भी कुलदीप को जगह नहीं दी गई और न ही राहुल गांधी ने उनको मिलने का समय दिया था। फिलहाल बिश्नोई ने विधायक पद से इस्तीफा नहीं दिया है, अगर वह इस्तीफा देते हैं तो उपचुनाव होना है। उदयभान ने कुलदीप बिश्नोई पर भी कई तरह के कटाक्ष करते हुए कहा कि आदमपुर की जनता के साथ विश्वास घात करने वाले कुलदीप को नैतिकता के आधार पर पद सेे इस्तीफा देना चाहिए। हालांकि उन्होंने चंद्रमोहन बिश्नोई को पार्टी का वरिष्ठ नेता बताते हुए उनसे कोई गिला शिकवा ना होने की बात कही है।

कोरल ‘पुरनूर’, डेमोक्रेटिक फ्रंट, चंडीगढ़/नयी दिल्ली :

कांग्रेस के बागी विधायक कुलदीप बिश्नोई चार अगस्त को भाजपा में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने ट्वीट कर इसके संकेत दिए हैं। उन्होंने ट्वीट किया कि घायल तो यहां हर परिंदा है, मगर जो फिर से उड़ सका वहीं जिंदा है…  बिश्नोई का भाजपा में ज्वाइनिंग का कार्यक्रम तय हो गया है। आज वे आदमपुर के लिए रवाना होंगे। कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। उसके बाद तीन अगस्त को विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देंगे। चार अगस्त को वे मुख्यमंत्री मनोहर लाल की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे।

बता दें कि पिछले कल को चंडीगढ़ में कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई थी। इसमें आदमपुर से कांग्रेस के विधायक कुलदीप बिश्नोई नहीं पहुंचे थे। विधायक दल की बैठक में कुलदीप बिश्नोई की भाजपा के नेताओं से नजदीकियों को लेकर किसी तरह की चर्चा नहीं हुई। हालांकि, पार्टी के एक विधायक ने यह मामला उठाया, लेकिन किसी तरह की चर्चा नहीं हो सकी। गौर रहे कि आदमपुर विधानसभा उपचुनाव में चौ. भजन लाल का परिवार चौथी बार उतरेगा। इससे पहले वर्ष 1998, वर्ष 2008 और वर्ष 2011 में उपचुनाव में भजन लाल परिवार ने यहां से जीत दर्ज की थी। अब यह चौथी बार होगा, जब परिवार का कोई सदस्य यहां से उपचुनाव लड़ेगा। सूत्रों का कहना है कि भव्य बिश्नोई यहां से चुनाव लड़ेंगे।

कुलदीप बिश्नोई की कांग्रेस पार्टी से तल्खी काफी समय से चल रही हैं। राज्यसभा चुनाव के दौरान भी उन पर पार्टी के विरुद्ध गतिविधि करने का आरोप लगा था। कांग्रेस ने तो यहां तक कह दिया था कि कुलदीप बिश्वनोई ने क्रॉस वोट किया है, जिससे पार्टी का उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा(क्या कॉंग्रेस का उम्मीदवार केवल एक वोट से हाराथ?)। अब कुलदीप बिश्नोई ने ईशारों ही ईशारों में यह साफ कर दिया वो को कमल का दामन थाम सकते हैं।

आज उन्होंने ट्वीट किया और कांग्रेस पर तंज भी कसा। ट्वीट में लिखा कि घायल तो यहां हर परिंदा है, मगर जो फिर से उड़ सका वहीं जिंदा है। इस ट्वीट के कई मायने भी निकल कर सामने आ रहे हैं। मसलन जिस तरह से प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस उन्हें और उनके करीबियों को तवज्जो नहीं दे रही है, उससे साफ झलकता है कि वो बीजेपी में जा सकते हैं। आज वह आदमपुर में कार्यकर्ताओं से भी मिलेंगे। यहां कोई बड़ा ऐलान भी कर सकते हैं। हालांकि इस बीच उन्होंने ये साफ कर दिया है वो अब विधायक नहीं रहेंगे। विधायक पद से इस्तीफा देने का मन बना लिया है। उन्होंने कल दोपहर विधानसभा स्पीकर से मिलकर अपना त्यागपत्र भी सौंपने की की बात कही है।

दिल्‍ली सरकार की नई एक्‍साइज पॉलिसी पर बवाल, एलजी ने CBI जांच बैठाई

नई आबकारी नीति के जरिए दिल्‍ली सरकार शराब खरीदने का अनुभव बदलना चाहती थी। नई पॉलिसी में होटलों के बार, क्‍लब्‍स और रेस्‍टोरेंट्स को रात 3 बजे तक ओपन रखने की छूट दी गई है। वे छत समेत किसी भी जगह शराब परोस सकेंगे। इससे पहले तक, खुले में शराब परोसने पर रोक थी। बार में किसी भी तरह के मनोरंजन का इंतजाम क‍िया जा सकता है। इसके अलावा बार काउंटर पर खुल चुकीं बोतलों की शेल्‍फ लाइफ पर कोई पाबंदी नहीं होगी।

  • दिल्‍ली सरकार की आबकारी नीति पर टेढ़ी हुईं एलजी की नजरें
  • एलजी विनय कुमार सक्‍सेना ने सीबीआई जांच के आदेश दिए
  • चीफ सेक्रेटरी की रिपेार्ट में कई नियमों के उल्‍लंघन की बात
  • इसी रिपोर्ट के आधार पर हुई सीबीआई जांच की सिफारिश

सारिका तिवारी, डेमोक्रेटिक फ्रंट, चंडीगढ़/नयी दिल्ली :

दिल्ली में अरविंद केजरीवाल सरकार को उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने एक और बड़ा झटका दिया है। उपराज्यपाल ने दिल्ली सरकार की नई एक्साइज पॉलिसी की सीबीआई जांच की सिफारिश की है। बताया जा रहा है कि मुख्य सचिव की रिपोर्ट के बाद एलजी ने यह कदम उठाया है। सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में कई नियमों की अनदेखी की बात कही गई है। लाइसेंस बांटने में गड़बड़ी का आरोप लगा है।

केजरीवाल सरकार पर नई आबकारी नीति के तहत शराब की दुकानों के टेंडर में गड़बड़ी का आरोप है। आरोप है कि नई आबकारी नीति में नियमों की अनदेखी करते हुए शराब की दुकानों के टेंडर दिए गए। 

एलजी ने दिल्ली के चीफ सेक्रेटरी की रिपोर्ट के बाद सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं। इसी महीने की शुरुआत में तैयार की गई रिपोर्ट के अनुसार केजरीवाल सरकार पर जीएनसीटीडी एक्ट 1991, व्यापार लेनदेन नियम 1993, दिल्ली आबकारी नीति 2009 और दिल्ली आबकारी नियम 2010 के उल्लंघन का आरोप है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस महीने की शुरुआत में दिल्ली के मुख्य सचिव ने अपनी रिपोर्ट जारी की थी, जिसमें दावा किया गया था कि की GNCTD अधिनियम 1991, व्यापार नियमों के लेनदेन (TOBR)-1993, दिल्ली उत्पाद शुल्क अधिनियम-2009 और दिल्ली उत्पाद शुल्क नियम-2010 का प्रथम दृष्टया उल्लंघन किया गया है। इसके अलावा एक्साइज पॉलिसी में नियमों को ताक पर रखकर शराब बेचने वालों को टेंडर बाँटे गए। शुक्रवार (22 जुलाई 2022) को अधिकारियों ने कहा कि इसी रिपोर्ट के आधार पर एलजी ने सीबीआई जाँच की सिफारिश कर दी है।

गौरतलब है कि नई आबकारी नीति 2021-22 को पिछले साल 17 नवंबर से लागू किया गया था, जिसके तहत दिल्ली को 32 जोन में बाँटा गया था। इसके तहत शहर भर में 849 दुकानों के लिए निजी बोलीदाताओं को खुदरा लाइसेंस दिए गए थे। शहर के गैर-पुष्टि क्षेत्रों में स्थित होने के कारण कई शराब की दुकानें नहीं खुल सकीं। उन्होंने बताया कि नगर निगमों ने ऐसे कई ठेकों को सील कर दिया है।

मुश्किल में पड़ सकते हैं मनीष सिसोदिया

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को आबकारी विभाग की भी जिम्मेदारी दी गई है। मुख्य सचिव की रिपोर्ट में उनकी भूमिका पर भी सवाल खड़े किए गए हैं। इसमें इस बात का खुलासा किया गया है कि नई आबकारी नीति के जरिए कोरोना का बहाना बनाकर लाइसेंसिंग फीस को माफ कर दिया गया था। आरोप है कि दिल्ली सरकार ने शराब कारोबारियों को टेंडर प्रक्रिया के जरिए 144.36 करोड़ रुपए का लाभ पहुँचाया है।

तिलमिला गई आम आदमी पार्टी

CBI जाँच की सिफारिश होते ही दिल्ली में आम आदमी पार्टी तिलमिला गई है। आप नेता सौरभ भारद्वाज ने केंद्र सरकार पर राजनीतिक कार्रवाई करने का आरोप लगाया। भारद्वाज ने कहा, “सीएम केजरीवाल की देश भर में बढ़ती प्रतिष्ठा पंचायत चुनाव में भी केंद्र के लिए खतरा बन गई है। हम कह रहे हैं कि पंजाब की जीत के बाद बीजेपी की केंद्र सरकार हमसे डरी हुई है। आने वाले दिनों में पूछताछ शुरू की जाएँगी।”

AAP नेता ने आरोप लगाया, “अब 2016 की स्थिति आने वाली है। हमें रोकने के लिए सीबीआई, आयकर, ईडी द्वारा पूछताछ शुरू की जाएगी। हमारे काम में बाधा डालने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के बाद अब उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को टार्गेट किया जा रहा है।”

दिल्‍ली में शराब के दीवानों के लिए क्‍या बदल चुका है?

  • हर दुकान पर वॉक-इन जैसा अनुभव। इसी मकसद से दुकान की डिजाइनिंग।
  • ग्राहकों को दुकान के बाहर भीड़ लगाने की इजाजत नहीं।
  • हर ग्राहक दुकान के भीतर आएगा, शराब चुनेगा और दुकान के भीतर ही लेन-देन पूरा होना चाहिए।
  • दुकानों में क्‍लोज्‍ड ग्‍लास डोर होना चाहिए, एयर-कंडीशंड और रोशन की पर्याप्‍त व्‍यवस्‍था होनी चाहिए।
  • हर दुकान में और आसपास सुरक्षा के पर्याप्‍त इंतजाम हों।

किन बातों की इजाजत नहीं?

  • दुकान को लेकर आसपास के लोगों की कोई बड़ी शिकायत नहीं आनी चाहिए।
  • दुकान के चलते आसपास रहने वालों को कोई समस्‍या न हो।
  • ग्राहकों को कोई खास ब्रैंड खरीदने के लिए न कहा जाए।
  • दुकान के बाहर किसी तरह की ब्रैंडिंग नहीं होगी।
  • एक वार्ड में शराब की अधिकतम 27 दुकानें

मेधा पाटकर समेत 12 लोगों पर 13.5 करोड़ के गबन का आरोप, धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज

मध्य प्रदेश के बड़वानी में नर्मदा बचाओ अभियान से जुड़ीं मेधा पाटकर समेत 12 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। सभी पर नर्मदा नवनिर्माण अभियान एनजीओ को मिले 13.5 करोड़ रुपए के गबन करने का आरोप है। FIR में शिक्षा और जनजातीय बच्चों के नाम पर जुटाए गए फंड का देश विरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है।

नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर बांध के 30 गेट बंद किए - narmada river sardar  sarovar dam 30 gate closed after madhya pradesh decision - AajTak

नयी दिल्ली(ब्यूरो), डेमोक्रेटिक फ्रंट, नयी दिल्ली/ मध्य प्रदेश :

बड़वानी कोतवाली पुलिस ने नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेत्री मेधा पाटकर तथा 11 अन्य लोगों के विरुद्ध उनके एनजीओ द्वारा आदिवासी बच्चों की शिक्षा तथा अन्य सामाजिक कार्यों के नाम पर 13.5 करोड़ रुपये से अधिक की राशि एकत्र कर कथित तौर राजनीतिक गतिविधियों और विकास परियोजनाओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में दुरुपयोग करने के मामले में प्रकरण दर्ज किया गया है।

बड़वानी के पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला ने बताया कि एक शिकायती आवेदन पर मेधा पाटकर समेत 12 लोगों के विरुद्ध धोखाधड़ी के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर इसकी विवेचना आरंभ कर दी गई है। उन्होंने बताया कि मेधा पाटकर तथा अन्य न्यासियों के विरुद्ध उनकी संस्था नर्मदा नवनिर्माण अभियान के माध्यम से सन 2007 से 2022 के बीच विभिन्ना शैक्षणिक व सामाजिक गतिविधियों के नाम पर एकत्र राशि के दुरुपयोग का आरोप है। उन्होंने बताया कि प्रकरण की विवेचना में धाराएं और आरोपित बढ़ भी सकते हैं।

प्रीतमराज बड़ोले की शिकायत पर कोतवाली थाना पुलिस ने मेधा पाटकर, परवीन रूमी जहांगीर, विजया चौहान, कैलाश अवास्या, मोहन पाटीदार, आशीष मंडलोई, केवलसिंह बसावे, संजय जोशी, श्याम पाटील, सुनीति एसआर, नुरजी पदवी व केसव वासवे पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। प्रीतमराज का कहना कि पाटकर द्वारा चलाए जा रहे एनजीओ में 14 साल में जमा हुए 13.50 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई है।

बड़ोले का आरोप है कि वनवासी बच्चों की पढ़ाई के नाम पर दान की राशि का उपयोग राष्ट्र विरोधी सहित अन्य गतिविधियों में किया गया है। उनका कहना है कि राशि का स्त्रोत और व्यय का स्पष्ट खुलासा नहीं किया है। डेढ़ करोड़ से ज्यादा राशि की बैंक से नकद निकासी की गई। निकासी की ऑडिट व खाता विवरण भी अस्पष्ट है। ट्रस्ट के 10 खातों में से 4 करोड़ से अधिक राशि नियमित व अज्ञात निकासी हुई है। ट्रस्ट ने एकत्रित किए दान का रुपया विकास परियोजनाओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के प्रबंधन के लिए डायवर्ट किया।

बड़ोले ने कहा कि मेरे द्वारा शिकायत कर मेधा पाटकर सहित 12 लोगों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज करवाया गया है। उनके खाते से निकली राशि की जानकारी हमें सूत्रों से प्राप्त हुई है। हम कोर्ट में साक्ष्य प्रस्तुत करेंगे।

इस मामले में मेधा पाटकर का कहना है कि शिकायतकर्ता ने जो शिकायत की है वह गलत है। हमारे द्वारा सभी खातों का ऑडिट किया गया है। पुलिस की ओर से हमें नोटिस नहीं मिला है। हमने पहले भी कई बार इसका जवाब दिया है। शिकायतकर्ता लोगों को भ्रमित कर रहा है। वह बता रहा है कि ग्राउंड पर स्कूल नहीं है, हमारे साथ आएं तो बताएंगे कि कितनी स्कूल हैं। इस मामले में बड़वानी एसपी दीपक कुमार शुक्ला ने बताया कि ट्रस्ट में वित्तीय अनियमितता की शिकायत मिली थी, उस आधार पर एफआईआर हुई है। शिकायत में दी गई जानकारी के आधार पर दस्तावेज उठाकर जांच की जाएगी।