कांग्रेस का ‘न्याय’ अब न्यायालय में, 2 हफ्तों में मांगा जवाब

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कांग्रेस की न्यूनतम आय योजना (न्याय) को लेकर पार्टी को शुक्रवार को नोटिस जारी किया. इस जनहित याचिका में कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र से न्यूनतम आय की गारंटी के वादे को हटाने की मांग की गई है.
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने जिस याचिक को स्वीकार किया है वह याचिका बहुत साल पहले ही स्वत: संगयान से ले ली जानी चाहिए थी। लैपटाप, साइकल, राशन, कर्जा माफी इत्यादि। 72000 हों या मुफ्त राशन पानी, यह सब बंद होना चाहिए। न्यायालय का यह स्वागत योग्य कदम है, बस यह वकीलों की बहस ही में न उलझ कर रह जाये।

प्रयागराज: इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कांग्रेस की न्यूनतम आय योजना (न्याय) को लेकर पार्टी को शुक्रवार को नोटिस जारी किया. इस जनहित याचिका में कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र से न्यूनतम आय की गारंटी के वादे को हटाने की मांग की गई है.

जस्टिस सुधीर अग्रवाल और जस्टिस राजेंद्र कुमार की पीठ ने अधिवक्ता मोहित कुमार और अमित पांडेय द्वारा दायर जनहित याचिका पर यह आदेश पारित किया. अदालत ने कांग्रेस पार्टी और चुनाव आयोग को दो सप्ताह के भीतर अपने जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया. 

अदालत ने पूछा- इस तरह की घोषणा वोटरों को रिश्वत देने की कैटगरी में क्यों नहीं? क्यों न पार्टी के खिलाफ पाबंदी या दूसरी कोई कार्रवाई की जाए, अदालत ने इस मामले में चुनाव आयोग से भी जवाब मांगा, कांग्रेस पार्टी और चुनाव आयोग को जवाब दाखिल करने के लिए दो हफ्ते का वक्त दिया, अदालत ने माना कि इस तरह की घोषणा रिश्वतखोरी व वोटरों को प्रभावित करने की कोशिश है. 

याचिकाकर्ता की दलील थी कि चुनावी घोषणा पत्र में 72,000 रुपये न्यूनतम आय की गारंटी का वादा रिश्वत के समान है और यह जन प्रतिनिधित्व कानून का उल्लंघन है. एक राजनीतिक दल इस तरह का वादा नहीं कर सकता क्योंकि यह कानून और आचार संहिता का उल्लंघन है. इस याचिका में अदालत से चुनाव आयोग को निर्देश जारी कर कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र से न्यूनतम आय की गारंटी का वादा हटवाने का अनुरोध किया गया है. अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 13 मई तय की. 

करकरे पर किरकिरी के बाद पलटी साध्वी प्रज्ञा

भोपाल: भोपाल से बीजेपी उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने मुंबई आतंकी हमले में शहीद हुए पुलिस अधिकारी हेमंत करकरे पर दिए बयान को वापस ले लिया है. उन्होंने कहा कि जो मैंने कहा वो मेरी व्यक्तिगत पीड़ा थी, जो मैंने सुनाई. साध्वी प्रज्ञा ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि मेरे शब्दों से दुश्मनों को बल मिलता है तो मैं अपना बयान वापस लेती हूं और उस सैनिक को जो आतंकवादी से गोली से मरा है मैं उसका सम्मान करती हूं. प्रज्ञा ने अपने बयान में कहा कि मुंबई एटीएस प्रमुख शहीद हेमंत करकरे दुश्मन देश की गोलियों से मारे गए. निश्चित रूप से वह शहीद हैं.”  साध्वी प्रजा ने आतंकी हमले में शहीद हुए मुम्बई एटीएस के तत्कालीन प्रमुख हेमंत करकरे पर यातना देने का आरोप लगाते हुए कहा था, “मैंने उनको सर्वनाश होने का शाप दिया था.” 

बीजेपी ने भी झाड़ लिया था प्रज्ञा के बयान से पल्ला
इससे पहले, बीजेपी ने साध्वी के बयान से किनारा कर लिया था. बीजेपी ने कहा कि यह उनकी निजी राय है जो सालों तक उन्हें मिली शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना की वजह से हो सकती है. बीजेपी ने इसके कारण शुरू हुए विवाद को हल्का करने का प्रयास करते हुए एक बयान में कहा, “बीजेपी का मानना है कि करकरे बहादुरी के साथ आतंकवादियों से लड़ते हुए मारे गए. बीजेपी ने हमेशा उन्हें शहीद माना है.”  
आईपीएस एसोसिएशन ने की थी बयान की निंदा
भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों के संगठन आईपीएस एसोसिएशन ने साध्वी के बयान की निंदा की थी. करकरे के बारे में दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों के संगठन आईपीएस एसोसिएशन ने ट्वीट में कहा, “अशोक चक्र से सम्मानित आईपीएस, दिवंगत श्री हेमंत करकरे, ने आतंकवादियों से लड़ते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान कर दिया. एक उम्मीदवार द्वारा दिए गए अपमानजनक बयान की हम निंदा करते हैं और मांग करते हैं कि हमारे सभी शहीदों के बलिदान का सम्मान किया जाए.” 

कांग्रेस सपा-बसपा की ‘बी’ टीम है: उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा

यूपी के डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा बोले, रायबरेली-अमेठी से साफ हो जाएगा कांग्रेस का सूपड़ा
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने गुरुवार को कहा कि इस लोकसभा चुनाव में रायबरेली और अमेठी से कांग्रेस तथा आजमगढ़ और कन्नौज से सपा का सूपड़ा साफ हो जाएगा. 

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने गुरुवार को कहा कि इस लोकसभा चुनाव में रायबरेली और अमेठी से कांग्रेस तथा आजमगढ़ और कन्नौज से सपा का सूपड़ा साफ हो जाएगा. शर्मा ने कहा, ‘जिस प्रकार का जनसमर्थन भाजपा को मिल रहा है, उससे यह तय हो गया है कि रायबरेली और अमेठी में कांग्रेस को पराजय का स्वाद चखना पड़ेगा.’ कांग्रेस को सपा व बसपा की ‘बी’ टीम बताते हुए उन्होंने कहा कि हाथ के पंजे की देश को अब जरूरत नहीं है. इस पंजे ने देश को लूटा है और बर्बाद किया है.

उन्होंने कहा कि सरकारें आती जाती रहेंगी पर विकास न करने वालों को जनता दंड देना जानती है. इस चुनाव में जाति व धर्म के बंधन टूट गए हैं और विकास का कहर विपक्षियों पर टूट पड़ा है. ‘इस चुनाव में मोदी की लहर नहीं बल्कि विपक्षियों पर मोदी की लोकप्रियता का कहर है.’ 

शर्मा ने कहा कि चुनाव में विपक्ष को अभी से हार नजर आने लगी है इसलिए उस हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ने की तैयारी की जाने लगी है. वे चुनाव हारेंगे जरूर क्योंकि उन्होंने काम नहीं किया. पहले चुनाव बिजली, पानी, सड़क के मुद्दों पर होते थे पर इस चुनाव में वे सभी मुद्दे गायब है क्योंकि मोदी ने उन सभी कामों को पूरा करके दिखाया है. उन्होंने कहा कि सपा, बसपा, तृणमूल कांग्रेस, राजद सभी एक दूसरे के पिछलग्गू बने हुए हैं. इनके पास कोई नीति अथवा सिद्धांत नहीं हैं. इनके पास विकास का कोई एजेन्डा नहीं है तथा ये केवल भाजपा व मोदी को रोकने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं.

उन्होंने कहा कि तृणमूल ने बंग्लादेश के घुसपैठियों को बंगाल में बुलाकर देश की छाती पर मूंग दलने के लिए डाल दिया है. यह हिन्दू व मुसलमान दोनों के लिए परेशानी का सबब है. हिन्दुस्तान के चुनाव में इन घुसपैठियों के बाद अब बांग्लादेश के कलाकारों को बुलाकर तृणमूल तथा कांग्रेस का प्रचार कराया जा रहा है. हिन्दुस्तान के चुनाव में इनकी कोई जरूरत नहीं है.

सीतापुर व कुशीनगर की चुनावी सभाओं में शर्मा ने कहा कि मोदी का परिवार स्वाभिमान के साथ जीवन यापन कर रहा है. कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि एक परिवार वह है जिसके एक सदस्य पर आरोप है कि वह चार लाख रूपये से व्यवसाय आरंभ करके पहले 400 करोड़ रूपये के मालिक बन गए और अब चार हजार करोड़ रूपये की सम्पत्तियों को खरीदने की चर्चा है और ये आरोपी प्रधानमंत्री पर आक्षेप लगाते हैं.

शर्मा ने कहा, ‘… जिसने अपना जीवन जनता के लिए समर्पित कर दिया . इन लोगों ने प्रधानमंत्री पर आरोप लगाते समय देश की गरिमा का भी ख्याल नहीं रखा . इनके आरोपों पर प्रधानमंत्री को भी कहना पड़ा कि एक बुलेटप्रूफ होता है पर मैं गाली प्रूफ हो गया हूं.’ उन्होंने कहा, ‘गली-गली में शोर है, एक बात श्योर है, हमारा पीएम प्योर है.’ 

शर्मा ने कहा कि एयर स्ट्राइक पर सवाल उठाने वालों को जान लेना चाहिए कि आतंकी भारत में घटना करके बिरयानी खाकर वापस चले जाएं, ऐसा अब नहीं होने वाला है. यह मोदी युग है, जिसमें गले लगाएंगे पर गला काटने का प्रयास किया तो घर में घुसकर मारेंगे.

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की तस्वीर बदलने के साथ ही नए भारत का निर्माण हो रहा है . आज हिन्दुस्तान शक्तिशाली राष्ट्रों में जाना जा रहा है . एक समय वह था जब दुनिया के बडे़ देशों में भारत की गरीबी के चित्र दिखाए जाते थे. आज मोदी के कमान संभालने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति अपने देश के नौजवानों से कहते हैं कि भारत से आने वाले होनहार युवा अपने देश के नौजवानों को बेरोजगार कर देंगे. इनसे बचकर रहना होगा. ये बदली परिस्थितियों को बताता है. 

साध्वी के प्रत्याशी घोषित होते ही तंज़ करने उतरी कांग्रेस और बलीवुड की हस्तियाँ

साध्वी प्रज्ञा को भाजपा द्वारा अपना प्रत्याशी की घोषित किया की राजनीति में और मायानगरी मुंबई तक में भूचाल आ गया। अपने तंज़ से सबका मन बहलाने वाले जावेद अख्तर मैदान में कूद पड़े। और साध्वी के स्वागत में तंज़ कस दिया। उधर टुकड़े टुकड़े गैंग की हमदर्द और भीतर बाहर की नग्नता को भली भांति समझने वाली स्वरा भास्कर ने भाजपा के अजेंडे को नग्न बता दिया। क्या साध्वी प्रज्ञा का जमानत पर होने राहुल, सोनिया , कार्ति और पी चिदम्बरम के जमानत पर होने से अलग है?

नई दिल्ली: मालेगांव विस्फोट की आरोपी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को भोपाल लोकसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर कटाक्ष करते हुए कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि बीजेपी से और क्या उम्मीद की जा सकती है.

भोपाल से प्रज्ञा ठाकुर को बीजेपी का टिकट दिए जाने के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने  कहा, ‘आप बीजेपी से और क्या उम्मीद कर सकते हैं.’

दरअसल, मालेगांव धमाका मामले में आरोपी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को बीजेपी ने बुधवार को मध्यप्रदेश की भोपाल संसदीय सीट से टिकट देने का ऐलान किया जहां उनका सीधा मुकाबला कांग्रेस के दिग्गज नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से होगा.

इन दिनों जमानत पर चल रहीं ठाकुर इस ऐलान से चंद घंटे पहले ही बीजेपी में शामिल हुई थीं. उनको टिकट देना इस बात की ओर इशारा करता है कि बीजेपी का यही प्रयास है कि हिंदुत्व को ही केंद्रीय मुद्दा बनाए रखा जाए. यह सीट कई चुनावों से बीजेपी के पास ही है.

क्या बोले दिग्विजय सिंह? 
वहीं साध्वी प्रज्ञा ठाकुर दिग्विजय सिंह ने एक वीडियो संदेश ट्विटर पर पोस्ट किया. दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘ मैं साध्वी प्रज्ञा जी का भोपाल में स्वागत करता हूँ। आशा करता हूँ कि इस रमणीय शहर का शांत, शिक्षित और सभ्य वातावरण आपको पसंद आएगा।’

दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘मैं माँ नर्मदा से साध्वी जी के लिए  प्रार्थना करता हूँ और नर्मदा जी से आशीर्वाद माँगता हूँ कि हम सब सत्य, अहिंसा और धर्म की राह पर चल सकें।’ 

बॉलीवुड की तरफ से भी कसे गए तंज़:

वहीं, इन सबके बीच जाने-माने गीतकार और लेखक जावेद अख्तर ने बीजेपी द्वारा प्रज्ञा ठाकुर को भोपाल सीट से उम्मीदवार बनाए जाने पर तंज कसा है.   जावेद अख्तर ने ट्वीट करते हुए लिखा, ”भोपाल में बीजेपी की उम्मीदवार की पसंद सचमुच दोषरहित है. साध्वी प्रज्ञा, संघ परिवार के विचारों और कार्यों के लिए सही व्यक्तित्व हैं, वाह..वाह..वाह..”    

बुधवार को जब मध्य प्रदेश में बीजेपी ने साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को पार्टी में शामिल किया तो इस पर स्वरा भास्कर की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। 

स्वरा ने अपने ट्विटर हैंडल पर ट्वीट करते हुए लिखा- ‘लोकसभा चुनाव 2019 की एक और दावेदारों की एक और शानदार सूची। संभावित आतंकवादी, मालेगांव ब्लास्ट की आरोपी साध्वी प्रज्ञा। नफरत और विभाजन के एजेंडे में बीजेपी बिल्कुल नग्न।’ 

साध्वि प्रज्ञा होंगी भोपाल में भाजपा का चेहरा

लोकसभा चुनाव 2019 के लिए भोपाल सीट की जंग रोचक हो गई है. साध्वी प्रज्ञा ठाकुर का मुकाबला पूर्व मुख्यमंत्री और भोपाल सीट से कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह से होगा। भोपाल से टिकट मिलने पर बोलीं साध्वी प्रज्ञा, ‘धर्म की जीत होगी, अधर्म का नाश होगा’

भोपाल: लोकसभा चुनाव 2019 के लिए भोपाल सीट की जंग रोचक हो गई है. बीजेपी ने भोपाल लोकसभा सीट से बुधवार को साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया है. प्रज्ञा का मुकाबला पूर्व मुख्यमंत्री और भोपाल सीट से कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह से होगा. बीजेपी ने विदिशा, गुना और सागर सीट के उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. हालांकि इंदौर सीट को लेकर सस्पेंस बरकरार है. भोपाल से टिकट मिलने के बाद प्रतिक्रिया देते हुए प्रज्ञा ने कहा, “हम तैयार हैं. अब इसी कार्य में लग गई हूं.” 

उन्होंने कहा, “चुनाव में भगवा मुद्दा होगा और भोपाल का विकास मुद्दा होगा.” अपने खिलाफ महबूबा मुफ्ती और जावेद अख्तर के ट्वीट पर प्रज्ञा ने कहा कि इसके अलावा वो कर भी क्या सकते है. भोपाल के लोग को संदेश एक अच्छी दिशा में जाने के लिए तैयार रहें, अच्छा भोपाल बनाने के लिए तैयार रहें अच्छा भोपाल बनाएंगे. दिग्विजय के स्वागत करने पर बोली प्रज्ञा करना भी चाहिए, उन्हें मेरे यहां चुनाव लड़ने का स्वागत. पूर्ण मत और बहुमत से जीतूंगी भोपाल लोकसभा का चुनाव. उधर, पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रत्याशी के चयन में कोई देरी नहीं हुई. पार्टी ने सोच समझकर प्रत्याशी का चयन किया है. 

उधर, कांग्रेस उम्मीदवार दिग्विजय सिंह ने भी साध्वी प्रज्ञा को भोपाल से बीजेपी की ओर से प्रत्याशी घोषित किए जाने पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने एक ट्वीट में लिखा, “मैं साध्वी प्रज्ञा जी का भोपाल में स्वागत करता हूं. आशा करता हूं कि इस रमणीय शहर का शांत, शिक्षित और सभ्य वातावरण आपको पसंद आएगा. मैं मां नर्मदा से साध्वी जी के लिए प्रार्थना करता हूं और नर्मदा जी से आशीर्वाद मांगता हूं कि हम सब सत्य, अहिंसा और धर्म की राह पर चल सकें. नर्मदे हर!” दिग्विजय सिंह ने बकायदा इसका वीडियो जारी किया. 

आज ही बीजेपी में शामिल हुईं थी प्रज्ञा
प्रज्ञा आज ही बीजेपी में शामिल हुईं. बुधवार को भाजपा दफ्तर पहुंचीं और उन्होंने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की. इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित पार्टी के कई नेता मौजूद थे. प्रज्ञा ने इस मौके पर भोपाल से चुनाव लड़ने के सवाल पर कहा था, “भोपाल संसदीय क्षेत्र में दिग्विजय सिंह कोई चुनौती नहीं हैं. मेरा जीवन राष्ट्र के लिए समर्पित है, लिहाजा जो जरूरी होगा उसे करूंगी.”

साध्वी प्रज्ञा सितंबर 2008 में हुए मालेगांव विस्फोट मामले में आरोपी हैं. इस विस्फोट में सात लोगों की मौत हो गई थी. प्रज्ञा इस मामले में नौ साल जेल में थीं और फिलहाल वह जमानत पर हैं.

प्रज्ञा ठाकुर : चिदम्बरम के हिन्दू – भगवा आतंकवाद की बली

पी चिदम्बरम द्वारा गधे गए भगवा आतंकवाद की पहली बाली थीं साध्वी प्रज्ञा ठाकुर।कांग्रेस राज में 2008 से आतंकवादी होने का दंश झेल रही साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने जेल में मुक़द्दमे की सुनवाई तक बहुत सी यातनाएं झेलीं। हिन्दू धर्म के प्रति समर्पित यह युवा साध्वी कांग्रेस की आँख की किरकिरी बनी हुई थी। कांग्रेस के निशाने पर रही साध्वी प्रज्ञा के साथ असीमानंद, कर्नल पुरोहित इत्यादि को भी हिन्दू आतंकवादी घोषित किया गया और जेलों में डाल दिया गया। राजनीति से प्रेरित मामले अभी न्यायालय में विचाराधीन हैं।

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) का सियासी पारा गर्मी के साथ ही लगातार बढ़ता जा रहा है. इन सबके बीच मध्य प्रदेश की चर्चित भोपाल लोकसभा सीट पर बीजेपी ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के नाम पर मुहर लगा दी है. कांग्रेस ने इस संसदीय सीट पर एमपी के पूर्व सीएम और पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह को उम्मीदवार घोषित किया है. 

हिंदुत्व का बड़ा चेहरा
हिंदुत्व के चेहरे के रूप में जानी जाने वाली साध्वी प्रज्ञा ठाकुर का जन्म मध्य प्रदेश के कछवाहाघर में हुआ था. साध्वी प्रज्ञा महाराष्ट्र के मालेगांव बम धमाके में आरोपी बनाए जाने पर सुर्खियों में आई थीं. इस मामले में उनके साथ लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित को भी आरोपी बनाया गया था. साध्‍वी प्रज्ञा का नाम आरएसएस नेता सुनील जोशी हत्‍याकांड में भी सामने आया था. हालांकि, इस मामले में उन्हें बरी कर दिया गया था. प्रज्ञा ठाकुर को उनके भड़काऊ भाषणों के लिए भी जाना जाता है.

मालेगांव बम धमाके में हैं आरोपी
29 सितंबर, 2008 में महाराष्ट्र के मालेगांव बम धमाके में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को आरोपी बनाया गया था. इस बम धमाके में 8 लोग मारे गए थे और करीब 90 लोग घायल हुए थे. महाराष्ट्र पुलिस की एटीएस ने प्रारंभिक जांच के बाद प्रज्ञा ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया था. इसके बाद धमाके की जांच एनआईए को सौंप दी गई थी. एनआईए ने जांच में पाया था कि बम धमाके में उपयोग की गई मोटर साइकिल प्रज्ञा ठाकुर के नाम रजिस्टर्ड थी. एनआईए ने जांच में पाया था कि बम धमाके की साजिश भोपाल में ही रची गई थी. प्रज्ञा ठाकुर करीब 9 वर्षों तक जेल में रही थीं. फिलहाल इस मामले में वह जमानत पर बाहर हैं.

आचार्य महामंडलेश्वर की मिली उपाधि
इतिहास में पोस्ट ग्रैजुएट प्रज्ञा ठाकुर अपने शुरुआती समय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़ी रहीं. 2007 में उन्होंने संन्यास ले लिया था. उन्हें भारत भक्ति अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर बनाया गया और उन्हें आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी पूर्णचेतनानंद गिरी के नाम से जाना जाता है. 

कांग्रेस पर लगाए थे ‘हिंदू आतंकवाद’ का जुमला गढ़ने के आरोप
जेल से बाहर आने के बाद प्रज्ञा ठाकुर ने कहा था कि उन्हें 23 दिनों तक यातना दी गई थी. साध्वी प्रज्ञा ने आरोप लगाया था कि तत्कालीन गृहमंत्री पी चिदंबरम ने ‘हिंदू आतंकवाद’ का जुमला गढ़ा था और भगवा आतंकवाद कांग्रेस का षड्यंत्र था. इसे साबित करने के लिए कहानी रची गई और उन्हें झूठे केस में फंसाया गया.

पार्टी के आचरण से प्रियंका चतुर्वेदी आहत

अभी नवरातर में प्रधानमंत्री मोदी को नारी सुरक्षा के मुद्दे पर कटघरे में खादीकरने वाली प्रियंका क्या आज राहुल गांधी पर अपने अपमान के लिए श्कया भी कर पाएँगी या आज फिर कहेंगी की मोदी राज में उनके साथ एसी अभद्रता हुई है। कांग्रेस प्र्वकता बहुत ही जल्दी भूल जातीं हैं की अभी कुछ महीने पहले इनकी बेटी के बारे में अभद्र टिप्पणी की गयी थी। जब दोषी का भाजपा से कोई नाता न मिला तब इनहोने मामले को ठंडे बस्ते में दाल दिया माने कोई सुनवाई या उस पर किसी भी प्रकार की कार्यवाही की कोई खबर नहीं सुनाई पड़ी।

प्रियंका चतुर्वेदी का छलका दर्द, ‘कांग्रेस में मुझे धमकाने वालों को यूं ही छोड़ दिया गया’

कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने आज ट्विटर पर अपनी ही पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने मथुरा में उनके साथ दुर्व्यवहार करनेवालों को फिर से पार्टी में लेने के फैसले पर निराशा जताया। प्रियंका ने ट्वीट कर लिखा कि पार्टी के इस फैसले से उन्हें काफी तकलीफ पहुंची है।


प्रियंका चतुर्वेदी ने बदसलूकी करनेवालों को फिर से पार्टी में लिए जाने के फैसले पर सवाल उठाया

उन्होंने कहा कि कांग्रेस में कुछ बदमाश किस्म के लोगों को तरजीह दी जा रही है प्रियंका के ट्वीट पर जब कपिल सिब्बल से सवाल पूछा गया तो वह इसे टाल गए प्रियंका ने ट्वीट कर पार्टी के फैसले पर अपनी नाराजगी जाहिर की

कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता और बीजेपी सरकार की मुखर आलोचना करनेवालीं प्रियंका चतुर्वेदी ने आज अपनी ही पार्टी से निराशा जाहिर की। प्रियंका ने अफने साथ बदसलूकी करनेवाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पार्टी में फिर से लेने के फैसले की आलोचना ट्विटर पर की। पार्टी के इस फैसले से निराशा जताते हुए कहा कि पार्टी के अंदर होनेवाले इस व्यवहार से उन्हें बहुत तकलीफ पहुंची है। इस मामले पर जब वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल से पूछा गया तो उन्होंने सवाल को टालते हुए कहा कि मैं देख लूंगा।
प्रिंयका ने ट्वीट किया, ‘यह देखना बहुत दुखद है कि कुछ खराब आचरण करनेवाले लोगों को कांग्रेस में अपना खून-पसीना पार्टी को देनेवाले लोगों के स्थान पर तरजीह दी जा रही है। मैंने पहले भी अपनी पार्टी के लिए लोगों की ओर से फेंके पत्थर और अपशब्दों की मार सही हैं, लेकिन पार्टी के अंदर मेरे साथ दुर्व्यवहार करनेवालों को, मुझे धमकानेवालों को बिना किसी कार्रवाई के ऐसे ही छोड़ा जा रहा है, यह देखना दुर्भाग्यपूर्ण है।’

Priyanka Chaturvedi

@priyankac19
Deeply saddened that lumpen goons get prefence in @incindia over those who have given their sweat&blood. Having faced brickbats&abuse across board for the party but yet those who threatened me within the party getting away with not even a rap on their knuckles is unfortunate.

Vijai Laxmi Sharma
@vijailaxmi1
UPCC first suspends some of its leaders for their unruly behaviour with party spokesperson Priyanka Chaturvedi in mathura and then reinstate them after few days.

यह है पूरा मामला
दरअसल प्रियंका ने एक ट्वीट को रीट्वीट करते हुए यह लिखा। मथुरा में राफेल मुद्दे को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया था, जहां उनके साथ पार्टी के ही कुछ सदस्यों ने दुर्व्यवहार किया। हालांकि, उनकी इस शिकायत के बाद उन सदस्यों को पार्टी से निकाल दिया गया था, लेकिन फिर से उन्हें पार्टी में शामिल करने का पत्र जारी किया गया।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस की तरफ से जारी पत्र में कहा गया कि निलंबित सदस्यों ने अपने व्यवहार और आचरण के लिए खेद जताया है। उनके अनुरोध पर फिर से उन्हें पार्टी में शामिल किया जा रहा है।

Kanimozhi house raided IT officials said it was ‘false tip’

CHENNAI: 

Amid allegations of a huge cash-for-votes racket in Tamil Nadu, officials of the Income Tax department visited the house of DMK leader Kanimozhi this evening to “verify allegations of cash being stashed there,” sources said.  Kanimozhi, DMK lawmaker and the sister of party chief MK Stalin, is the candidate for the Tuticorin seat. It was alleged that “lots of cash” was stashed on the first floor of her house in Thoothukudi, sources said. IT sources, however, said later that it was a “false tip” and they drew a blank. No case has been registered.

“Crores and crores of rupees are kept in the house of Tamilisai Soundararajan’s (state BJP chief) residence, why no raids there? Modi is using IT, CBI, judiciary and now Election Commission to interfere in the elections. They are doing this as they fear losing,” DMK chief Stalin said.

Elections for the state’s 39 Lok Sabha seats and 18 assembly seats will be held on Thursday, during the second phase.

In the run-up to the polls, a string of raids have been held in the state, in which around Rs. 500 crore — in illegal cash and gold — has been seized.

Today, in a first, election for the Vellore Lok Sabha seat was cancelled following recovery of huge cash from alleged associates of DMK candidate Kathir Anand, the son of DMK treasurer Durai Murugan.

On March 30, tax officials raided Durai Murugan’s residence and allegedly seized Rs. 10.50 lakh. Two days later, they claimed to have seized Rs. 11.53 crore from a cement godown belonging to an associate of the DMK leader.

Last week, tax department officials conducted searches at 18 locations in the state. The list of sites included state capital Chennai, Namakkal and Tirunelveli. Most of the searches were on properties owned by opposition leaders.

Tax raids on opposition leaders have become one of the key issues in the ongoing elections, with most leaders accusing the BJP of targeting political rivals through government agencies.

DMK spokesperson A Saravanan called it “a murder of democracy and a sick joke”. He added, “This is not an embarrassment for us, but this will backfire and the sympathy this would generate will make the DMK win all seats”.

Though 204 crore unaccounted cash has been recovered in Tamil Nadu ahead of polls, the Income Tax officials have not named any political party or candidates with regard to the remaining 190 crore cash.

A senior officer told newsmen “We are investigating their political affiliation”.

द्रमुक नेता के यहाँ से प्रचुर मात्र में धन मिलने से वेल्लोर के चुनाव रद्द

6 माह पुरानी कमलनाथ सरकार में कमलनाथ के निजी सचिव के यहाँ 16 करोड़ का मिलना फिर पार्टी दफ्तर में 20 करोड़ का मिलना कुल मिला कर 283 करोड़ का दावा करना और अब दक्षिण भारत में द्रमुक नेता से 11.53 करोड़ का मिलना क्या बताता है?

नई दिल्‍ली: तमिलनाडु की वेल्लोर लोकसभा सीट का चुनाव रद्द कर दिया गया है. चुनाव प्रचार के दौरान इस लोकसभा क्षेत्र में भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई थी. तभी से आशंका व्‍यक्‍त की जा रही थी कि इस सीट पर चुनाव रद्द हो सकता है. निर्वाचन आयोग ने इस बारे में एक सिफारिश राष्‍ट्रपति को भेजी थी. जिसे उन्‍होंने स्‍वीकार कर लिया है. इसके बाद इस सीट पर अब चुनाव रद्द हो गया है.

चूंकि लोकसभा चुनाव की अधिसूचना राष्ट्रपति जारी करते हैं, ऐसे में चुनाव रद्द करना भी उन्हीं के अधिकार क्षेत्र में आता है. द्रमुक उम्मीदवार के कार्यालय से कुछ दिन पहले कथित रूप से भारी मात्रा में नकदी बरामद की गई थी. तमिलनाडु की इस सीट पर 18 अप्रैल को वोटिंग होनी थी. तमिलनाडु की 38 और पुड्डुचेरी की 1 सीट पर दूसरे चरण में 18 अप्रैल को वोट‍िंग होगी. इसके लिए चुनाव प्रचार मंगलवार शाम को थम गया. इस चरण में 13 राज्‍यों की 97 सीटों पर वोट डाले जाएंगे.

चुनाव आयोग ने यह निर्णय आरोपी के. आनंद के साथ ही पार्टी के दो पदाधिकारियों के खिलाफ आयकर विभाग की एक रिपोर्ट के आधार पर 10 अप्रैल को जिला पुलिस द्वारा एक शिकायत दर्ज करने के बाद लिया. पुलिस ने बताया कि आनंद पर अपने नामांकन पत्र के साथ दिए गए हलफनामे में ‘गलत सूचना’ देने के लिए जनप्रतिनिधि कानून के तहत आरोप लगाया गया. दो अन्य के खिलाफ रिश्वत के आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया, जिनकी पहचान श्रीनिवासन और दामोदरन के तौर पर हुई है.

सिफारिश विधि मंत्रालय के विधायी विभाग को मंगलवार को भेजी गई थी जिसने अधिसूचना जारी की. सरकार के सूत्रों ने कहा कि तमिलनाडु के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को निर्णय के बारे में सूचित कर दिया गया है। वह अब राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को अधिसूचना के बारे में सूचित करेंगे.

30 मार्च को आयकर अधिकारियों ने आनंद के पिता डी मुरुगन के आवास पर चुनाव प्रचार में बेहिसाब धनराशि इस्तेमाल के संदेह में छापे मारे थे और 10.50 लाख रुपये कथित ‘‘अतिरिक्त’’ नकदी बरामद की थी. दो दिन बाद उन्होंने उसी जिले में द्रमुक नेता के एक सहयोगी के सीमेंट गोदाम से 11.53 करोड़ रुपये जब्त करने का दावा किया था.

मुरुगन ने यद्यपि दावा किया कि उन्होंने कुछ भी छुपाया नहीं है. उन्होंने आयकर विभाग की कार्रवाई के समय पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि छापेमारी कुछ नेताओं का ‘‘षड्यंत्र’’ है जो उनका मुकाबला चुनावी मैदान में नहीं कर सकते.

कभी भी राजनीति में प्रवेश कर सकते हैं रोबर्ट वाड्रा, उन्हे कौन रोकेगा? राज बब्बर

राबर्ट वाड्रा भारतीय राजनीति में कोई नया नाम नहीं है। आप कांग्रेस के प्रथम परिवार के दामाद हैं। पेशे से व्यापारी और कांग्रेस में इतना दम रखते हैं की यह जब चाहें सक्रिय राजनीति में कूद सकते हैं। राज बब्बर ने तो यहाँ तक कह दिया की उन्हे कौन रोक सकता है राजनीति में आने से? यह दीगर बात है की उन पर ईडी की जांच में सहयोग न देने की शिकायत कई बार हो चुकी है और वह 5 लाख के मुचलके पर बाहर हैं।

नई दिल्ली: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा ने राजनीति में आने को लेकर बड़ा बयान दिया है. रॉबर्ट वाड्रा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि फिलहाल अभी मेरी राजनीति में आने की कोई इच्छा नहीं है. अब तक इस बारे में कोई योजना नहीं बनाई है. उन्होंने कहा कि मैं लोगों के बीच जाकर कड़ी मेहनत कर रहा हूं. जब लोगों को लगेगा कि मुझे राजनीति में प्रवेश करना चाहिए तो, मैं पूरी ताकत के साथ राजनीति के मैदान में उतरूंगा. 

वहीं, उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष राज बब्बर ने रविवार को रॉबर्ट वाड्रा के पार्टी में शामिल होने को लेकर कहा था कि अगर वह चाहेंगे तो पार्टी उनके बारे में जरूर सोचेगी. वह परिवार का हिस्सा हैं. उन्हें पार्टी में सम्मलित करने के लिए कौन मना करेगा. गौरतलब है कि कुछ महीने पहले ही प्रियंका गांधी वाड्रा ने सक्रिय राजनीति में आने के बाद कांग्रेस महासचिव के साथ पूर्वी यूपी प्रभारी का पद संभाला था. इसके बाद से ही रॉबर्ट वाड्रा के राजनीति में आने की चर्चाएं लगातार बनी हुई हैं.

बीते सप्ताह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नामांकन से पहले हुए रोड शो में रॉबर्ट वाड्रा अपने दोनों बच्चों और प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ नजर आए थे. कुछ समय पहले रॉबर्ट वाड्रा ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि जैसे ही मेरे ऊपर लगे सभी आरोप निराधार साबित हो जाएंगे उसके बाद में बड़े स्तर पर काम करना चाहूंगा