हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने रानी लक्ष्मीबाई के शहीदी दिवस पर सेक्टर 25 स्थित सामुदायिक केन्द्र का रानी लक्ष्मीबाई के नाम पर किया नामकरण

  • रानी लक्ष्मी बाई देश की महिलाओं के लिए आदर्श-ज्ञानचंद गुप्ता
  • रानी लक्ष्मीबाई के शौर्य से चकित होकर अंग्रेजों ने भी की थी उनकी प्रशंसा-विधानसभा अध्यक्ष

कोरल’पुरनूर’, डेमोक्रेटिक फ्रंट, पंचकूला – 18 जून :

हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने आज रानी लक्ष्मीबाई के शहीदी दिवस पर सेक्टर 25 स्थित सामुदायिक केन्द्र का रानी लक्ष्मीबाई के नाम पर नामकरण किया। इसके उपरांत श्री गुप्ता ने रानी लक्ष्मीबाई के चित्र पर पुष्पांजलि भी अर्पित की।

इस अवसर पर पंचकूला के महापौर कुलभूषण गोयल और पंचकूला नगर निगम के आयुक्त धर्मवीर सिंह भी उपस्थित थे।

‘शहीदों की चिताओं पर लगेगें हर बरस मेले, वतन पर मिटने वालों का यही बाकी निशां होगा’ से अपना संबोधन शुरू करते हुए हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई उन वीरांगनाओं में से हैं जिन्होंने अंग्रेजों के आगे सर नहीं झुकाया और अंग्रेजी सेना के छक्के छुड़ा दिये। उन्होंने कहा कि शहीदों को सच्च्ची श्रद्धांजलि देने और युवाओं को उनके बलिदानों से प्रेरणा देने के लिए पंचकूला के सभी सामुदायिक केन्द्रों का नाम शहीदों के नाम पर रखने का निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा कि जब भी महिलाओं के सशक्तिकरण की बात होती है तो महान वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की चर्चा जरूर होती है। रानी लक्ष्मीबाई  ना सिर्फ एक महान नाम है बल्कि वह सभी महिलाओं के लिए आदर्श हैं। देश के पहले स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली रानी लक्ष्मीबाई के शौर्य से चकित अंग्रेजों ने भी उनकी प्रशंसा की थी और वह आज अपनी वीरता के किस्सों को लेकर किवंदती बन चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि 22 मई, 1857 को क्रांतिकारियों को कालपी छोड़कर ग्वालियर जाना पड़ा। 17 जून को फिर युद्ध हुआ। रानी के भयंकर प्रहारों से अंग्रेजों को पीछे हटना पड़ा। रानीलक्ष्मी बाई ने बड़े अदम्य साहस के साथ विजय प्राप्त की, लेकिन 18 जून को ह्यूरोज स्वयं युद्धभूमि में आ डटा। रानी लक्ष्मीबाई ने दामोदर राव को रामचंद्र देशमुख को सौंप दिया और अपने सैनिकों को लेकर अंग्रजी सेना से युद्ध किया। सोनरेखा नाले को रानी का घोड़ा पार नहीं कर सका। इसी दौरान एक अंग्रेजी सैनिक ने पीछे से रानी पर तलवार से ऐसा जोरदार प्रहार किया कि उनके सिर का दाहिना भाग कट गया और आंख बाहर निकल आई। घायल होते हुए भी उन्होंने उस अंग्रेज सैनिक को तलवार के एक ही वार से ढेर कर दिया और शहीदी प्राप्त की। 18 जून, 1858 को बाबा गंगादास की कुटिया में जहां रानी लक्ष्मीबाई ने प्राणांत किया वहीं चिता बनाकर उनका अंतिम संस्कार किया गया।

उन्होंने कहा कि आज वे उन भारतीय सेना के वीर सैनिकों को भी नमन् करते हैं जो माईनस डिग्री टैंपरेचर और तपती गर्मी में भी देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं और जिनकी बदौलत हम अपने घरों में चैन की नींद सोते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी युवा पीढ़ी कोे भगत सिंह, सुखदेव राजगरू, मदन लाल ढींगरा, करतार सिंह सराभा जैसे शहीद नौजवानों जिन्होंने 18 से 24 वर्ष की आयु में शहादत दी उनकी शहादत के बारे में भी बताना चाहिए कि किस तरह लाखों बलिदानों के बाद हमें आजादी मिली है और आज हम आजादी की खुली हवा में सांस ले रहे हैं।

इस अवसर पर हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ने रानी लक्ष्मीबाई पर आधारित एक कविता-‘बुंदेले हरबोलों के मूंह से हमने सुनी कहानी थी, खूब लड़ी मदाईनी वो तो झांसी वाली रानी थी’ सुनाकर उपस्थित लोगों में देशभक्ति की भावना को जागृत किया।

इस अवसर पर नगर निगम के संयुक्त आयुक्त संयम गर्ग, बीजेपी के जिला उपाध्यक्ष उमेश सूद, मंडल अध्यक्ष राकेश अग्रवाल, मंडल महामंत्री सिद्धार्थ राणा, अरविंद सहगल, पार्षद अक्षयदीप चैधरी, ओमवती पुनिया, संदीप सोही, प्रसिद्ध साहित्यकार एमएम जुनेजा तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

Maharashtra rule athletics with 8 gold

  • ·      Punjab and UP to face off in hockey boys’ finals

Koral ‘Purnoor’, Demokretic Front, Panchkula (Haryana), June 9 : 

Maharashtra reaffirmed their primacy in athletics, clinching three out of four sprint titles here on Thursday to open the race for the Khelo India Youth Games championship.

Their impressive haul of eight gold, three silver and a bronze medal in track and field has narrowed the gap at the top of the table, with their 29 gold just one short of Haryana’s 30 after the day’s morning session.

Sudeshna Shivankar led from start to finish to clock 24.29 seconds to clinch the Girls 200m gold in style, well ahead of state-mate Avantika Narale to complete a hat-trick of sprint titles. She had run away with two gold earlier, first in the Girls 100m and then in the 4x100m relay to underline her supremacy.

Aryan Kadam (21.82 seconds) bagged the Boy’s 200m title while the quartet of Riya Patil, Pranjali Patil, Vaishnavi Kature and Shiveccha Patil sped away to the 4x400m gold. They clocked 4:02.76 and trumped second-placed Punjab by over 50 metres.

Madhya Pradesh’s Arjun Waskale also completed a double, annexing the Boys 3000m title in 8:37.62 after his exploits in the 1500m on the opening day of the competition.

Tamil Nadu’s Pradeep Senthilkumar (1:49.83) improved on N Sreekiran’s previous mark by almost a second to take the 800m gold ahead of Haryana’s Somnath Chauhan (1:51.63).

Supriti Kachhap of Jharkhand also registered a new mark, clocking 9:46.14, in the Girls 3000m version. The previous mark was held by Seema M (9:50.54).

Elsewhere, Punjab set up a summit clash with Uttar Pradesh in the Boy’s hockey final. Punjab hammered Jharkhand 3-0 in the first semifinal while Uttar Pradesh got the better of Odisha 3-2 in a close encounter.

UP captain Sharda Nand Tiwari scored the winner three minutes from time with a drag-flick after Odisha had fought back to level the scores four minutes into the start of the second half. Arun Sahani had scored a brace to put UP ahead by the 17th minute.

RESULTS ALL FINALS (MORNING SESSION):

G: Gold, S: Silver, B: Bronze

Athletics:

BOYS 

3000M: G-Arjun Waskale (Madhya Pradesh) 8:37.62; S-Gagan Singh (Haryana) 8:40.96; B–Sawan (Haryana) 8:44.01 

800M: G-Pradeep Senthilkumar (Tamil Nadu) *NR1:49.83; S-Somnath Chauhan (Haryana) 1:51.63; B-Shyam Milan Bind (Madhya Pradesh) 1:51.68

200M: G-Aryan Kadam (Maharashtra) 21.82; S-Aryan Ekka (Odisha) 22.10; B-Aniket Choudhary (Telangana) 22.27

Long Jump: G: Aryan Choudhary (Delhi) 7.42, S: Chandrashakhar (Uttar Pradesh) 7.38, B: S. Darshan Sakthivel (Tamil Nadu) 7.34

4×400 Relay: G: Tamil Nadu 3:16.58, S: Haryana 3:19.88, B: Delhi 3:22.72

GIRLS 

3000M: G-Supriti Kachhap (Jharkhand) *NR 9:46.14; S-Reena (Uttar Pradesh) 10:07.47; B-Mamata Pal (Uttar Pradesh) 10:07.50

800M: G-Ashakiran Barla (Jharkhand) 2:12.98; S-Urvashi (Haryana) 2:13.42; B- Laxita Sandilea (Gujarat) 2:14.04

200M: G-Sudeshna Shivanka (Maharashtra) 24.29; S-Avantika Narale (Maharashtra) 24.75; S-Mayavathi Nakirekanti (Telangana) 24.94

4×400 Relay: G: Maharashtra 4:02.76, S: Punjab 4:08.21, B: Tamil Nadu 4:10.14

Weightlifting:

Boys

102kg: G: Bhola Singh (Bihar) 282, S: Parwinder Singh (Punjab) 266, B: Priyanshu (Delhi) 261

Girls

+81kg: G: M. Martina Devi (Manipur) 186, S: K. Oviya (Tamil Nadu) 164, B: R. Gayathri (Andhra Pradesh) 160

‘यंग इंडियन’ 5 लाख से शुरू हुई थी आज 800 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति, क्यों सोनिया गांधी का ‘परिवार’ हैं ED के घेरे में?

नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के परिवार की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय ने जो अबतक इस मामले की पड़ताल की है, वह किसी मामूली सी कंपनी की प्रॉपर्टी में कल्पना से भी ज्यादा इजाफा का मामला है और शायद इसी वजह से सोनिया और राहुल गांधी की उलझनें बढ़ गई हैं और उन्हें अब ईडी अधिकारियों के सामने पेश होकर खुद को बेदाग साबित करना होगा। सोनिया को इस मामले में 8 जून को पेश होना है, जबकि राहुल को आज की तारीख दी गई थी, लेकिन विदेश में रहने की वजह से उन्होंने थोड़ी मोहलत मांगी है। लेकिन, जो खटकने वाली बात है वह ये कि गांधी परिवार की स्वामित्व वाली एक कंपनी की संपति सिर्फ एक दशक में 5 लाख रुपये से बढ़कर 800 करोड़ रुपये की कैसे हो गई ?

AJL दिल्ली

सारिका तिवारी, डेमोक्रेटिक फ्रंट, चंडीगढ़/ नयी दिल्ली: 

ED ने नेशनल हेराल्ड अखबार से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल गांधी को पूछताछ के लिए तलब किया है। अधिकारियों के अनुसार, जांच एजेंसी धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की आपराधिक धाराओं के तहत कांग्रेस के दोनों नेताओं के बयान दर्ज करना चाहती है।

 दरअसल बात साल 2008 की है, जब नेशनल हेराल्ड अखबार को छापने वाले एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड के मालिक कांग्रेस पार्टी ने इसकी खराब हालत को देखते हुए इसे बंद करने का फैसला किया था। तब कांग्रेस पार्टी ने दिल्ली, मुंबई, पंचकुला, लखनऊ और पटना में प्राइम लोकेशन पर स्थित AJL की संपत्तियों को किराए पर देकर वाणिज्यिक विकल्प तलाशना शुरू कर दिया। इन शहरों में संपत्तियों का अधिग्रहण उन राज्यों में कांग्रेस सरकारों की मदद से किया गया था। बताया जा रहा कि इन सभी संपत्तियों को अखबारों के मुद्रण और प्रकाशन के विशिष्ट उद्देश्य के लिए मामूली रकम पर प्राप्त की गईं थीं।

इसके बाद सीन में आती है साल 2010 में सोनिया गांधी, ऑस्कर फर्नांडिस और कुछ करीबियों द्वारा बनाई नई कंपनी यंग इंडियन यंग इंडियन जब अस्तित्व में आई तब इसकी शेयर कैपिटल सिर्फ 5 लाख रुपये थी। इसके बाद कथित तौर पर कोलकाता स्थित एक शेल कंपनी से 1 करोड़ रुपये का ऋण प्राप्त किया गया था ताकि वह AJL और उसकी सभी संपत्तियों के अधिग्रहण के लिए कांग्रेस पार्टी के साथ लेनदेन कर सके। आज सोनिया गांधी और उनके दो बच्चे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी यंग इंडियन के बहुसंख्यक शेयरधारक हैं।

AJL पंचकूला की कीमत 65 करोड़ रुपये

प्रवर्तन निदेशालय की प्रारंभिक जांच के अनुसार, गांधी परिवार द्वारा नियंत्रित कंपनी जिसकी शुरुआत महज 5 लाख रुपये से हुई थी, अब पूरे देश में 800 करोड़ रुपये की संपत्ति की मालिक है। वर्तमान में राजधानी नई दिल्ली में स्थित इसकी एक प्रमुख संपत्ति हेराल्ड हाउस में एक पासपोर्ट कार्यालय है। ED द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में AJL को आवंटित पंचकूला की जमीन की अनुमानित कीमत 65 करोड़ रुपये आंकी गई है। AJL और यंग इंडियन की डिटेल्स भी आयकर विभाग द्वारा दिल्ली हाई कोर्ट में यंग इंडियन द्वारा एजेएल के अधिग्रहण को चुनौती देने वाली 2017 की आकलन रिपोर्ट का हिस्सा है। हाई कोर्ट ने इनमक टैक्स विभाग के आरोपों को सही करार देते हुए उसे यंग इंडियन के बहुसंख्यक शेयरधारकों सोनिया और राहुल गांधी के आयकर रिटर्न को फिर से खोलने की अनुमति दी।

दरअसल, यंग इंडियन को सेक्शन 25 के तहत एक चैरिटेबल संस्था बनाई गई थी, जिसे टैक्स से छूट दी गई थी। गाँधी परिवार की कंपनी ने आयकर विभाग में इस छूट के लिए मार्च 2011 को आवेदन दिया था, जब केंद्र में मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली कॉन्ग्रेस की सरकार थी और 9 मई 2011 को बिना किसी दिक्कत के इसे मंजूरी भी दे दी गई।

एक गैर-लाभकारी संस्था के रूप में पंजीकृत होने के बावजूद यंग इंडियन ने पब्लिशिंग हाउस होने की आड़ में संपत्तियों का अधिग्रहण करना शुरू कर दिया। इसे वर्ष 2010-11 में भी टैक्स में छूट प्राप्त हुआ। यंग इंडियन अपनी बेशकीमती संपत्तियों पर नियंत्रण के लिए संघर्ष कर रही है, जिसमें दिल्ली का हेराल्ड हाउस भी शामिल है। इसकी अनुमानित कीमत करोड़ों में है। आवास और शहरी विकास मंत्रालय ने इसकी लीज इस आधार पर रद्द कर दिया था कि अखबार छापने की जगह इसका इस्तेमाल वित्तीय फायदे के लिए किया जा रहा है, जो कि लीज के नियमों का उल्लंघन है। 

AJL मुंबई

गाँधी परिवार ने इस आदेश के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे खारिज किया जा चुका है। पंचकूला की प्रॉपर्टी भी पहले ही ईडी जब्त कर चुकी है। सोनिया और राहुल गाँधी को प्रवर्तन निदेशालय अधिकारियों के सामने कंपनी की इन्हीं के बारे में बताना है। बहादुर शाह जफर मार्ग पर स्थित हेराल्ड हाउस, एजेएल द्वारा अधिग्रहित पहली संपत्तियों में से एक था। इमारत वर्तमान में भारत सरकार को किराए पर दी गई है, जो अपने परिसर में एक पासपोर्ट सेवा केंद्र चलाती है। आवास और शहरी विकास मंत्रालय ने वर्तमान में सैकड़ों करोड़ की कीमत के आवंटन खंड के उल्लंघन का हवाला देते हुए अपनी लीज डीड रद्द कर दी है।

संपत्ति के कब्जे को लेकर गाँधी परिवार पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगने के बाद 2019 में ईडी ने पंचकूला में एजेएल द्वारा अधिग्रहित 65 एकड़ जमीन पर कब्जा कर लिया। गाँधी परिवार के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला एजेएल के स्वामित्व वाली संपत्तियों के अधिग्रहण के बाद यंग इंडियन को ट्रांसफर किए जाने के बाद शुरू हुआ। ईडी ने जमीन की जानकारी का खुलासा करते हुए बताया कि प्लॉट नंबर सी-17, सेक्टर 6, पंचकूला को एजेएल को तत्कालीन हरियाणा के सीएम भूपिंदर सिंह हुड्डा ने 1982 में पहली बार आवंटित किया था।

कंपनी द्वारा वाणिज्यिक हितों के लिए भूमि का उपयोग करते पाए जाने के 10 साल बाद आवंटन रद्द कर दिया गया था। हालाँकि, वही जमीन कंपनी को 2005 में महज 59.39 लाख रुपए में आवंटित की गई थी। इसी तरह मई 2020 में ईडी ने मुंबई के बांद्रा में एजेएल की संपत्ति को कुर्क किया, जिसमें एक 9 मंजिला इमारत भी शामिल है। इसकी कीमत 16.38 करोड़ रुपए है। ईडी द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से संबंधित कुर्की आदेश एजेएल और उसके चेयरमैन-सह-मैनेजिंग डायरेक्टर रहे मोती लाल वोरा के खिलाफ जारी किया गया था।

 

आठ साल 8 छल बीजेपी विफल : कॉंग्रेस

आज ही के दिन आठ साल पहले  26 मई 2014 को  मोदी युग की शुरुआत हुई थी। महंगाई, भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर चुनाव में उतरी बीजेपी के अगुवाई वाले एनडीए को प्रचंड बहुमत मिला और नरेंद्र मोदी पीएम बने। 26 मई 2014 को पीएम नरेंद्र मोदी ने पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। लोकसभा चुनाव में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की महंगाई के दम पर चली ‘मोदी लहर’ में बीजेपी को फिर से सत्ता मिल गई। तब बीजेपी एलपीजी, पेट्रोल, डीजल, प्याज की महंगाई पर मनमोहन सरकार को घेरती थी और आज विपक्ष मोदी सरकार को  इन्हीं मुद्दों पर घेर रही है।

डेमोक्रेटिक फ्रंट, जयपुर/नयी दिल्ली:  

30 मई 2014 से देश की बागडोर बीजेपी के नेतृत्व में बनी एनडीए (NDA) की सरकार के हाथों में चली गई। 30 मई 2022 को नरेंद्र मोदी सरकार के 8 साल पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी भव्य जश्न की तैयारी कर रही है। इस मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी ने 25 मई को आठवी वर्षगांठ मनाने के लिए रूपरेखा तैयार करने के लिए बैठक बुलाई है। मोदी सरकार (BJP) 30 मई को बतौर केंद्र सरकार 8 साल पूरा करेगी। इस आयोजन के देशभर में मनाया जाएगा। भारतीय जनता पार्टी 30 मई से लेकर 14 जून तक ‘सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण’ की थीम पर कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है।

दूसरी ओर कांग्रेस ने मोदी सरकार के 8 साल पूरे होने पर उसे विफल करार देते हुए गुरुवार को 8 साल, 8 छल, बीजेपी विफल बुकलेट जारी की। कांग्रेस महासचिव अजय माकन, रणदीप सुरजेवाला, सचिव प्रणव झा, विनीत पूनिया, संजीव सिंह ने बीजेपी के विफलता का दावा करते हुए बुकलेट का विमोचन किया।

अजय माकन ने कहा, बीजेपी के खाते में 5 हजार करोड़ रुपए आए। लोगों को महंगा पेट्रोल, डीजल बेरोजगारी मिली। कॉरपोरेट टेक्स कम कर दिया। इसकी भरपाई लोगों की जेब पर डाका डाला जा रहा है। माकन ने कहा कि जनता पूछ रही कि किसके अच्छे दिन आये हैं। भाजपा के खाते में 5 हजार करोड़ रुपए आये। इनके अच्छे दिन आए हैं। चुनिंदा लोगों के अच्छे दिन आए।

उन्होंने कहा कि ग्लोबल हंगर इंडेक्स में 55 वें पायदान से गिरकर देश 101 पायदान पर आ गया। प्रेस, लोकतंत्र समेत कई अन्य ग्लोबल इंडेक्स में भारत फिसल रहा है। क्या ऐसे ही भारत को विश्व गुरु बनाएंगे।

उन्होंने कहा कि आम जनता पर टैक्स लगाए जा रहे हैं लेकिन कॉरपोरेट टैक्स पर राहत दी जा रही है। सीएमआई के अनुसार आज देश में 48 करोड़ लोग बेरोजगार है। महिलाओं का रोजगार इंडेक्स दस फीसदी कम हुआ है। हेल्थ स्केटर में 3.50 रोजगार है लेकिन पद खाली पड़े हैं। पूरे देश में कुल 62 लाख पद खाली पड़े हैं। इसके लिए सीधे – सीधे केंद्र सरकार जिम्मेदार है।

सुरजेवाला ने कहा कि देश में दंगों में 34 फीसदी का इजानफा हुआ है लेकिन मोदी सरकार इस पर चर्चा नहीं कराना चाहती है बजाए इस पर ध्यान देने के कांग्रेस पर सवाल उठा रही है।

कांग्रेस ने बताए 8 छल

  1. भाजपा है तो महंगाई है- अपने फायदे के लिए टैक्स बढ़ा कर आप जनता की जेब पर डाका डाल रहे हैं।
  2. देश को बेरोजगारी और अनपढ़ता के अंधकार में झोंका: वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट बताती है कि हम बहुत पीछे छूट गए हैं , देश में इस वक्त 48 करोड़ बेरोजगार है, 42 लाख सरकारी रिक्त पद हैं।
  3. अर्थव्यवस्था बेहाल :GDP बेहाल, रुपए में गिरावट आ रही है। जितना हमने 66 साल में कर्ज नहीं लिया, उतना 8 साल में ले लिया. बैंक घोटाले हो रहे हैं। PSU सेल पे , बिजली उत्पादन सेल पे , 25 एयरपोर्ट सेल पे…सभी सरकारी संस्थानों को बेचा जा रहा है।
  4. बीजेपी ने किसानों की आमदनी को दोगुना करने का ऐलान किया था. लेकिन आमदनी तो दो गुना नहीं हुई, लेकिन दर्द सौ गुना दिया।
  5. कांग्रेस के मुताबिक, बीजेपी ने विकास नहीं किया. न ही इनका विकास से नाता है, इन्हें सिर्फ दंगा फैलाना आता है। कांग्रेस के मुताबिक, 8 साल में 3400 धार्मिक दंगे हुए हैं।
  6. बीजेपी ने पिछड़ो को पीछे छोड़ दिया। सरकार ने sc st,OBC से नाता तोड़ लिया है।
  7. कांग्रेस ने बॉर्डर और चीन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस सरकार में राष्ट्रीय सुरक्षा पर आंच आ गई है।
  8. कांग्रेस ने कहा, बीजेपी शौर्य के नाम पर वोट मांग रही है. लेकिन सेना के हितों पर चोट की जा रही है।

कपिल सिब्बल हाथ छोड़ कर हुए साइकल सवार, अब रजाया सभा जाने की तैयारी

चीनी मीडिया ने भारत का दिया साथ, ‘गेहूं निर्यात पर’ G7 देशों के खिलाफ खोला मोर्चा

चीनी सरकार के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने लिखा कि अब जी-7 के एग्रीकल्चर मिनिस्टर्स भारत से गेहूं एक्सपोर्ट पर प्रतिबंध नहीं लगाने का आग्रह कर रहे हैं, तो जी-7 राष्ट्र अपने एक्सपोर्ट में इजाफा करके फूड मार्केट की सप्लाई को स्थिर करने के लिए खुद कदम क्यों नहीं उठाते। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक है, लेकिन ग्लोबल व्हीट एक्सपोर्ट में उसकी हिस्सेदारी काफी कम है। इसके विपरीत अमेरिका, कनाडा, यूरोपीय संघ और ऑस्ट्रेलिया सहित कुछ विकसित अर्थव्यवस्थाएं गेहूं के प्रमुख निर्यातकों में से हैं।

सारिका तिवारी, डेमोक्रेटिक फ्रंट, चंडीगढ़/नयी दिल्ली:

चीन  ने रविवार को भारत के पक्ष में G7 देशों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। G7 देश गेहूं के निर्यात को सीमित करने के भारत के फैसले की आलोचना कर रहे थे। चीन ने कहा कि भारत जैसे विकासशील देशों पर दोषारोपण से वैश्विक खाद्य संकट (Global Food Crisis) का हल नहीं निकलेगा।  पिछले हफ्ते भारत सरकार ने गेहूं के निर्यात की नीति को संशोधित करते हुए गेहूं के निर्यात को “प्रतिबंधित” श्रेणी में डाल दिया था।  यह आदेश कॉमर्स मंत्रालय की तरफ से जारी हुआ था। इसमें कहा गया था कि सरकार ने गेहूं के निर्यात पर “तुरंत प्रभाव से” प्रतिबंध लगा दिया है।

रुस-यूक्रेन जंग के बीच भारत के गेहूं एक्सपोर्ट पर बैन लगाने से दुनियाभर में हलचल मच गई है। G-7 देशों के ग्रुप ने भारत सरकार के इस फैसले की आलोचना की है। जर्मनी के कृषि मंत्री केम ओजडेमिर ने कहा है कि भारत के इस कदम से दुनियाभर में कमोडिटी की कीमतों का संकट और ज्यादा बढ़ जाएगा। अगले महीने जर्मनी में जी-7 शिखर सम्मेलन में इस मुद्दे को उठाया जाएगा। इस सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी भाग लेंगे।

रूस और यूक्रेन दोनों देश गेहूं के बड़े एक्सपोर्टर है और फरवरी में यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद सप्लाई की चिंताओं से वैश्विक गेहूं की कीमतें बढ़ गई हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में गेहूं के दाम 60% तक बढ़े हैं। भारत गेहूं उत्पादन के मामले में दूनिया में दूसरे नंबर पर है। यहां सालाना लगभग 107.59 मिलियन टन गेहूं का उत्पादन होता है। इसका एक बड़ा हिस्सा घरेलू खपत में जाता है। भारत में प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार और गुजरात हैं।

इस संबंध में 13 मई, शुक्रवार को जारी अधिसूचना के मुताबिक भारत ने घरेलू स्तर पर बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के उपायों के तहत गेहूं के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। भारत ने बताया कि इस फैसले के पीछे गेहूं की कम पैदावार और वैश्विक कीमतें में आई तेजी से उछाल, मुख्य कारण हैं। वहीं युद्ध की वजह से वह अब अपनी”खाद्य सुरक्षा” को लेकर चिंतित था। वैसे, शुक्रवार को जारी निर्देश से पहले की सभी खेप और एक्सपोर्ट डील पर कोई रोक नहीं होगी। मगर भविष्य के सभी शिपमेंट के लिए सरकार की मंजूरी जरूरी है। यानी निर्यात तभी किया जा सकता है, जब किसी देश के अनुरोध पर भारत सरकार इसकी मंजूरी दे दे।

गेहूं की सप्लाई पर पड़े असर को देखते हुए G7 औद्योगिक देशों के मंत्रियों ने दुनिया भर के देशों से कोई प्रतिबंध नहीं लगाने का आग्रह किया था, क्योंकि इससे उपज बाजारों पर और दबाव बढ़ सकता है। लेकिन भारत के फैसले से उन्हें झटका लगा है। हो सकता है इसी तरह कुछ और देश भी निर्यात में कटौती कर दें। इससे दुनिया भर में खाद्यान्न की समस्या पैदा हो जाएगी। कृषि मंत्री ने जून में जर्मनी में होने वाले G7 शिखर सम्मेलन में इस मुद्दे को उठाने की बात कही है। इस सम्मेलन में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के भी शामिल होने की संभावना है।

‘सती अनुसूया’ जयंती

भगवान विष्णु के अवतार दत्तात्रेय के जन्म के बारे में कथा के अनुसार सती अनुसूया की कोख से ब्रह्मा जी के अंश से चंद्रमा, विष्णु जी के अंश से दत्तात्रेय और शिव जी के अंश से दुर्वासा मुनि ने जन्म लिया था।

डेमोक्रेटिक फ्रंट, धर्म डेस्क, चंडीगढ़ – 20 अप्रैल :

सती अनुसुया को पतिव्रता धर्म के लिए जाना जाता है। इस वर्ष इनकी जयंती 20 अप्रैल 2022 को मनाई जाएगी। देवी अनुसुईया की पवित्रता और उनका साध्वी रुप सभी विवाहित महिलाओं के लिए प्रेरणा स्त्रोत रहा है। देवी अनुसुईया जयंती के अवसर पर मंदिरों में विशेष पूजा आरती की जाती है। विवाहित महिलाएं इस दिन के व्रत का पालन कर, सती अनुसुईया के दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लेती है। देवी अनुसुईया प्रसन्न होकर अपने भक्तों के दुख दूर करती हैं और उन्हें अखंड सौभाग्यवती होने का वर देती है। भारत वर्ष के उतराखंड राज्य में देवी अनुसुईया का एक प्रसिद्ध व प्राचीन मंदिर है। पौराणिक कथाओं के अनुसार यह वहीं स्थान है जहां माता देवी की परीक्षा त्रिदेवों ने ली थी। माता अनुसुईया के जन्मदिवस के अवसर पर स्त्रियां अपने वैवाहिक स्त्री धर्म का पालन करते हुए सती अनुसुईयां जयंती का पूजन करती है।

यह माना जाता है कि उत्तराखंड में स्थित माता अनुसुईया के मंदिर में रात्रि में जप और जागरण करने की परंपरा है। इस मंदिर में निसंतान दंपत्ति जप और जागरण कर पूजा अर्चना कर संतान कामना करते है। यह जप-तप, अनुष्ठान शनिवार की रात्रि में करने का प्रावधान है। इस मंदिर को लेकर एक पौराणिक कथा प्रचलित है कि इस मंदिर में त्रिदेव माता की परीक्षा लेने के लिए बालक रुप में आए थे और तीनों देवों ने देवी से भोजन कराने की प्रार्थना की। देवी ने अपने सतीत्व से त्रिदेवों को पहचान लिया, इससे त्रिदेव असली रुप में आ गए। माता अनुसुईया से भगवान शिव दुर्वासा के रुप में मिले थे।

दक्ष प्रजापति की चौबीस कन्याओं में से एक थी अनुसूया जो मन से पवित्र एवं निश्छल प्रेम की परिभाषा थीं इन्हें सती साध्वी रूप में तथा एक आदर्श नारी के रूप में जाना जाता है. अत्यन्त उच्च कुल में जन्म होने पर भी इनके मन में कोई अंह का भाव नहीं था.

इनका संपूर्ण जीवन ही एक आदर्श रहा है. पौराणिक तथ्यों के आधार की यदि बात की जाए तो माता सीता जी भी इनके तेज से बहुत प्रभावित हुई थी तथा उनसे प्राप्त भेंट को सहर्ष स्वीकार करते हुए नमन किया. अनुसूया जी का विवाह ब्रह्मा जी के मानस पुत्र परम तपस्वी महर्षि अत्रि जी के साथ हुआ था. अपने सेवा तथा समर्पित प्रेम से इन्होंने अपने पति धर्म का सदैव पालन किया.

कहा जाता है कि देवी अनसुया बहुत पतिव्रता थी जिस कारण उनकी ख्याती तीनों लोकों में फैल गई थी. उनके इस सती धर्म को देखकर देवी पार्वती, लक्ष्मी जी और देवी सरस्वती जी के मन में द्वेष का भाव जागृत हो गया था. जिस कारण उन्होंने अनसूइया कि सच्चाई एवं पतीव्रता के धर्म की परिक्षा लेने की ठानी तथा अपने पतियों शिव, विष्णु और ब्रह्मा जी को अनसूया के पास परीक्षा लेने के लिए भेजना चाहा.

भगवानों ने देवीयों को समझाने का पूर्ण प्रयास किया किंतु जब देवियां नहीं मानी तो विवश होकर तीनो देवता ऋषि के आश्रम पहुँचे. वहां जाकर देवों ने सधुओं का वेश धारण कर लिया और आश्रम के द्वार पर भोजन की मांग करने लगे. जब देवी अनसूया उन्हें भोजन देने लगी तो उन्होंने देवी के सामने एक शर्त रखी की वह तीनों तभी यह भोजन स्वीकार करेंगे जब देवी निर्वस्त्र होकर उन्हें भोजन परोसेंगी. इस पर देवी चिंता में डूब गई वह ऎसा कैसे कर सकती हैं. अत: देवी ने आंखे मूंद कर पति को याद किया इस पर उन्हें दिव्य दृष्टि प्राप्त हुई तथा साधुओं के वेश में उपस्थित देवों को उन्होंने पहचान लिया. तब देवी अनसूया ने कहा की जो वह साधु चाहते हैं वह ज़रूर पूरा होगा किंतु इसके लिए साधुओं को शिशु रूप लेकर उनके पुत्र बनना होगा.साधुओं का अपमान न हो इस डर से घबराई अनुसूइया ने पति का स्मरण कर कहा कि यदि मेरा पतिव्रत्य धर्म सत्य है तो ये तीनों साधु 6 मास के शिशु हो जाएं। इस बात को सुनकर त्रिदेव शिशु रूप में बदल गए जिसके फलस्वरूप माता अनसूइया ने देवों को अनुसूइया ने माता बनकर त्रिदेवों को स्तनपान  भोजन करवाया. इस तरह तीनों देव माता के पुत्र बन कर रहने लगे.

इस पर अधिक समय बीत जाने के पश्चात भी त्रिदेव देवलोक नहीं पहुँचे तो पार्वती, लक्ष्मी और सरस्वती जी चिंतित एवं दुखी हो गई  तब नारद ने त्रिदेवियों को सारी बात बताई। त्रिदेवियां ने अनुसूइया से क्षमा याचना की। तब अनुसूइया ने त्रिदेव को अपने पूर्व रूप में ला दिया। प्रसन्नचित्त त्रिदेवों ने देवी अनुसूइया को उनके गर्भ से पुत्र रूप में जन्म लेने का वरदान दिया। तब ब्रह्मा अंश से चंद्र, शंकर अंश से दुर्वासा व विष्णु अंश से दत्तात्रेय का जन्म हुआ।

इस पर तीनों देवियों ने सती अनसूइया के समक्ष क्षमा मांगी एवं अपने पतियों को बाल रूप से मूल रूप में लाने की प्रार्थना की ऐस पर माता अनसूया ने त्रिदेवों को उनका रूप प्रदान किया और तभी से वह मां सती अनसूइया के नाम से प्रसिद्ध हुई. स्त्रियां मां सती अनसूया से पतिव्रता होने का आशिर्वाद पाने की कामना करती हैं. प्रति वर्ष सती अनसूइया जी जयंती का आयोजन किया जाता है. इस उत्सव के समय मेलों का भी आयोजन होता है. रामायण में इनके जीवन के विषय में बताया गया है जिसके अनुसार वनवास काल में जब राम, सीता और लक्ष्मण जब महर्षि अत्रि के आश्रम में जाते हैं तो अनुसूया जी ने सीता जी को पतिव्रत धर्म की शिक्षा दी थी

महंगाई की अब चौतरफा मार पड़नी शुरू

सूत्रों ने कहा कि 5 किलो के एलपीजी सिलेंडर की कीमत अब 349 रुपये होगी जबकि 10 किलो के कंपोजिट सिलेंडर की कीमत 669 रुपये होगी। वहीं, 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर की कीमत अब 2003.50 रुपये है। गौरतलब है कि 6 अक्टूबर 2021 के बाद घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में यह पहली बढ़ोतरी है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मंगलवार को 80 पैसे प्रति लीटर, जबकि घरेलू रसोई गैस के दाम में 50 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई। सूत्रों ने यह जानकारी दी. इस तरह, चुनावी गतिविधियों के कारण दरों में संशोधन पर साढ़े चार महीने से जारी रोक खत्म हो गई।

  • पेट्रोल की कीमत में 80 पैसे का इजाफा
  • डीजल की कीमत में 78 पैसे की बढ़ोतरी
  • घरेलू सिलेंडर भी 50 रुपए महंगा

नई दिल्ली

महंगाई की अब चौतरफा मार पड़नी शुरू हो गई। करीब 137 दिनों के बाद पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी की गई है। यही नहीं रसोई गैस के सिलेंडर में भी पचास रुपए का इजाफा किया गया है। इससे पहले दूध के दामों में पहले ही बढ़ोतरी हो चुकी है। मंगलवार को पेट्रोल की कीमतों (Petrol Price) में जहां 80 पैसे प्रति लीटर का इजाफा हुआ है। डीजल भी 78 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया। सरकार ने घरेलू गैस  की कीमतों में भी 50 रुपये का इजाफा कर दिया है। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत जहां 96.21 रुपये प्रति लीटर पर पहंच गई, वहीं डीजल भी 87.47 रुपये पर है। 

एक मार्च से हुई बढ़ोतरी के बाद राजधानी दिल्ली में कामर्शियल सिलेंडर की कीमत 1907 से बढ़कर 2012 रुपये प्रति सिलेंडर हो गई है। वहीं, पांच किलो के छोटे गैस सिलेंडर के दाम 27 रुपये बढ़कर 569.5 रुपये हो गई है। कंपनियों ने घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं है। घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत छह अक्तूबर 2021 के बाद स्थिर हैं। ऐसे में चुनाव के बाद दाम बढ़ सकते हैं। 

तेल कंपनियां मार्च की पहली तारीख को रसोई गैस की कीमतों को लेकर बड़ा फैसला करने जा रही है। 1 मार्च यानी कल तय हो जाएगा कि एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम अगले एक महीने तक क्या रहने वाले हैं। बता दें कि हर महीने के एक तारीख को तेल और रसोई गैस की कीमतों को लेकर एक समीक्षा बैठक की जाती है। इस बैठक के बाद ही तेल और रसोई गैस के दम बढ़ते और घटते हैं। खासकर रसोई गैस की कीमत को लेकर पेट्रोलियम कंपनियां ही फैसला लेती हैं। इस बार इस बैठक में यूक्रेन और रूस की लड़ाई का असर भी दिख सकता है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या इस लड़ाई से भारत के आम लोग भी प्रभावित होंगे? क्योंकि, रूस और यूक्रेन की लड़ाई से अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ रसोई गैस की कीमतों में भी बड़ा इजाफा के अनुमान लगाए जा रहे हैं।

पेट्रोल और डीजल की कीमत भी पिछले कई माह से स्थिर हैं। केंद्र सरकार ने तीन नवंबर 2021 को उत्पाद शुल्क में पेट्रोल पर पांच और डीजल पर दस रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी। इसके बाद कई राज्य सरकारों ने भी अपना टैक्स कम किया था। उस वक्त अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम औसतन 82 डॉलर प्रति बैरल थे। रूस और यूक्रेन की लड़ाई में कच्चे तेल 104 डॉलर के पार पहुंच गया है।

कच्चे तेल की कीमतों में जल्द कमी के आसार नहीं है। इसका कारण यह है कि अमेरिका के आग्रह के बावजूद सबसे बड़े उत्पादक सऊदी अरब ने अपना उत्पादन नहीं बढ़ाया है। ऐसे में कच्चे तेल के दाम में फिल्हाल कमी की संभावना कम है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनी के एक अधिकारी के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से कंपनियां दबाव में हैं। ऐसे में जल्द पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ सकते हैं।

रायसेन में दो समुदायों में टकराव, 1 की मौत, 50 से ज्यादा घायल

जानकारी के मुताबिक मामला रायसेन जिले के खमरिया खुर्द गांव का बताया जा रहा है। यहां शुक्रवार की रात को आदिवासी समाज के दो लड़के एक अन्य समाज की गली से गुजर रहे थे। इसी दौरान दूसरे समुदाय के लोगों से किसी बात को लेकर उनकी कहासुनी हो गई। बात बात में विवाद इतना बढ़ गया कि सामने वाले पक्ष ने दोनों युवकों पर हमला कर दिया।

रायसेन/भोपाल, डेमोरेटिक फ्रंट:

मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में दो पक्षों के बीच हुए मामूली विवाद ने भयानक रूप ले लिया। विवाद इतना बढ़ गया कि यहां जमकर हंगामा देखने को मिला। यहां दोनों पक्षों के लोगों ने जमकर आतंक काटा और 5 बाइक के साथ 3 दुकानें आग के हवाले कर दीं। हालांकि बवाल बढ़ने के बाद पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया है। मौके पर 4 थानों की पुलिस की तैनाती कर दी गई है। साथ ही सीएम शिवराज सिंह समेत पुलिस के आला अधिकारी भी मामले पर पैनी नजर रख रहे हैं और सख्ती से कार्रवाई कर रहे हैं। बता दें कि मामूली बात को लेकर शुरू हुआ यह विवाद इतना बढ़ गया कि उपद्रव में 38 लोगों को गंभीर चोट आई हैं। वहीं एक व्यक्ति की मौत हो गई है।   इनमें से 6 लोगों की हालत नाजुक बताई जा रही है। वहीं करीब 32 घायलों को हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उनका इलाज चल रहा है. सीएम शिवराज सिंह ने भी हमीदिया का दौरा कर घायलों का हाल-चाल जाना है।

जानकारी के मुताबिक मामला रायसेन जिले के खमरिया खुर्द गांव का बताया जा रहा है। यहां शुक्रवार की रात को आदिवासी समाज के दो लड़के एक अन्य समाज की गली से गुजर रहे थे, इसी दौरान दूसरे समुदाय के लोगों से किसी बात को लेकर उनकी कहासुनी हो गई, बात बात में विवाद इतना बढ़ गया कि सामने वाले पक्ष ने दोनों युवकों पर हमला कर दिया। इसके बाद आदिवासी समाज के युवकों ने भी अपने कुछ लोगों को बुलाया और मार-पीट शुरू कर दी। हालांकि मौके पर पहुंचे बुजुर्गों ने मामले को शांत कराया। वहीं थोड़ी देर बाद दोनों ही समुदाय के सैकड़ों लोग मौके पर पहुंच गए। आदिवासी समाज के लोगों ने अन्य समुदाय की दुकानें और 5 बाइक को आग हवाले कर दिया। वहीं आदिवासी समाज की तरफ से कई हवाई फायर किए गए. इस झगड़े में करीब 50 लोग घायल हो गए हैं।

मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया है। संभागायुक्त गुलशन बामरा द्वारा मीडिया को दी गई जानकारी के अनुसार सिलवानी पुलिस थाने में इस घटना को लेकर 16 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शनिवार को दोपहर तक करीब 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं अन्य की तलाश में पुलिस जुट गई है। घटना में प्रयुक्त दो हथियार, 12 बोर की रायफल, 2 ट्रेक्टर, एक बोलेरी पिकअप को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है।

मामले की जानकारी मिलने के बाद सीएम समेत पुलिस के तमाम आला अधिकारी एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। IG दीपिका सूरी, कलेक्टर अरविंद दुबे और SP विकास शाहवाल भी मौके पर गांव में पहुंच गए हैं। वहीं सीएम शिवराज सिंह चौहान खुद मामले का अपडेट ले रहे हैं। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए इंटरनेट सेवा भी टप्प कर दी है। घायलों का हालचाल जानने सीएम शिवराज सिंह खुद हमीदिया पहुंचे और 35 मिनट तक स्पताल में रहकर घायलों से मुलाकात की। साथ ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन भी दिया है। मृतक राजू आदिवासी के परिवार को पांच लाख रुपए की सहायता राशि देने की भी बात कही गई है। वहीं गंभीर रूप से घायल हरि सिंह और रामजी भाई को 02-02 लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की गई है। अन्य घायलों को भी 50-50 हजार रुपए की राशि देने की घोषणा की गई है।

होलिका दहन के दिन ना करें ये गलतियां

धर्म/संस्कृति डेस्क, चंडीगढ़ – डेमोक्रेटिक फ्रंट:

फाल्गुन मास की पूर्णिमा के दिन होलिका दहन का उत्सव मानाया जाता है। होलिका दहन की पूजा शुभ मुहूर्त में करना काफी महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि शुभ मुहूर्त में किया गया काम शुभ फल देता है। धार्मिक मान्यता है होलिका की पूजा से जीवन के सारे कष्टों से छुटाकारा मिलता है। इस साल होलिका दहन गुरुवार 17 मार्च को किया जाएगा. होलिका दहन के दिन कुछ कार्यों को करना बेहद अशुभ माना जाता है। ऐसे में जानते हैं कि होलिका दहन के दिन क्या नहीं करना चाहिए।

होलिका दहन के दिन ना करें ये गलतियां

https://youtu.be/NJw0wHz8CPg
  • होलिका दहन की अग्नि को जलती हुई चिता का प्रतीक माना गया है. इसलिए नए शादीशुदा जोड़ों को होलिका दहन की अग्नि को जलते हुए नहीं देखना चाहिए। दरअसल ऐसा करना अशुभ माना गया है. माना जाता है कि ऐसा करने में जीवन में वैवाहिक जीवन में तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता ह।
  • होलिका दहन के दिन किसी भी व्यक्ति को उधार नहीं देना चाहिए. ऐसा करने से घर में बरकत नहीं होती है. साथ ही आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
  • माता-पिता के इकलौते संतान को कभी भी होलिका में आहुति नहीं देनी चाहिए. दरअसल इसे अशुभ माना जाता है।  अगर दो बच्चे हैं तो होलिका की अग्नि को जला सकते हैं।
  • होलिका की अग्नि में भूलकर भी पीपल, बरगद और आम की लकड़ी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।  ऐसा इसलिए क्योंकि ऐसा करने से जीवन में नकारात्मकता आती है. होलिका दहन के लिए गूलर और एरंड की लकड़ी शुभ मानी जाती है।  
  • होलिका दहन के दिन भूल से भी किसी महिला का अपमान नहीं करना चाहिए।  इस दिन माता-पिता का आशीर्वाद जरूर लेना चाहिए. ऐसा करने से भगवान श्रीकृष्ण की कृपा बनी रहती है।

साभार ज्योतिष विद् पार्मिंदर सिंह