एक नए नेशनल क्रिकेट बोर्ड ‘इंडियन स्कूल्स बोर्ड फॉर क्रिकेट’ की शुरुआत हैदराबाद में हुई

  • पूर्व भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान पद्मश्री दिलीप वेंगसरकर ने स्कूली क्रिकेटरों के लिए बनी,’इंडियन स्कूल्स बोर्ड फॉर क्रिकेट’ की विधिवत घोषणा की है

डेमोक्रेटिक फ्रंट संवाददाता, हैदराबाद :

            एक नए नेशनल क्रिकेट बोर्ड ‘इंडियन स्कूल्स बोर्ड फॉर क्रिकेट’ (ISBC )की शुरुआत की गई।आईएसबीसी एक गैर-लाभकारी संगठन है,जोकि पूरे भारत में युवा क्रिकेट प्रतिभाओं की तलाश और प्रशिक्षित करेगी,खास करके ग्रामीण इलाकों में छुपी और होनहार प्रतिभाओं को नया भविष्य और मौका देगी। जिसकी घोषणा के लिए हैदराबाद के होटल ताज कृष्णा में सोमवार १२ सितंबर २०२२ को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया था। जिसकी घोषणा और बोर्ड की जानकारी भारतीय क्रिकेट के दिग्गज, पूर्व कप्तान,मुख्य चयनकर्ता तथा इस बोर्ड के मुख्य सलाहकार पदमश्री दिलीप वेंगसरकर द्वारा किया गया। इस अवसर पर बोर्ड के फाउंडर व सीईओ सुनील बाबू कोलनपाका,अध्यक्ष अंकेश राठौर, सेक्रेटरी पदम राज पारख तथा बोर्ड के सभी पदाधिकारी व सदस्यों ने उपस्थित रहकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई और कार्यक्रम को सफल बनाया।

             इस अवसर पर बोर्ड के फाउंडर व सीईओ सुनील बाबू कोलनपाका ने कहा,” आईएसबीसी ने स्कूली क्रिकेटरों को तैयार करने में प्रवेश किया है।2011 में तेलंगाना के ग्रामीण क्रिकेटरों के लिए क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ तेलंगाना (CAT) द्वारा ‘तेलंगाना स्कूल प्रीमियर लीग'(TSPL) 5120 स्कूली क्रिकेटरों के साथ एक बड़ी सफलता थी ,जिसके तहत तेलंगाना राज्य के 31 जिलों ने टूर्नामेंट में हिस्सा लिया और 550 मैच हुए। जिसमें ग्रामीण कुछ असाधारण क्रिकेट प्रतिभाओं को देखा और उनको विकसित करने के लिए ‘इंडियन स्कूल्स बोर्ड फॉर क्रिकेट” का आज शुरुवात की है। “

                   पूर्व क्रिकेटर दिलीप वेंगसरकर ने इस अवसर बोर्ड के लोगो का धन्यवाद किया और कहा,” यह एक अच्छी पहल है।इससे हमारे युवा पीढ़ी के बच्चों को एक अच्छा अवसर व प्लेटफार्म मिलेगा। अच्छे व टैलेंट लोगों को सही दिशा मिलेगी,खासकर के जो ग्रामीण इलाकों में छुपी और वंचित प्रतिभाएं है,उनको सुनहरा मौका मिलेगा।”

         अध्यक्ष अंकेश राठौर ने कहा,“भारत को स्कूली क्रिकेटरों को तैयार करने के लिए एक संगठित ढांचे की जरूरत थी,जो कि आईएसबीसी पूरा करेगा।”

         सेक्रेटरी पदम राज पारख ने कहा,” हमें 19 देशों का एक स्कूली समूह बनाकर खुशी हो रही है, जिसके तहत हम 2023 के अंततक में “स्कूल वर्ल्ड कप” आयोजित करने की योजना बना रहे हैं।”

          आईएसबीसी 2023/24 के लिए जुलाई/अगस्त के महीने से क्रिकेट गतिविधियां शुरू करेगा।के बाद दिसंबर 2022 में अनुसूची और भागीदारी की घोषणा की जाएगी। आईएसटीएल (ISTL )के तहत शैक्षिक छात्रवृत्तियां होंगी,भारत और विदेश में आईसीसी स्तर की अकादमियों में विशेषज्ञ क्रिकेट प्रशिक्षण शुरू करेगा।इन सदस्यों को सर्वसम्मति से आईएसबीसी के लिए चुना गया,जोकि 3 साल की अवधि के लिए है।

अध्यक्ष अंकेश राठौर (राजस्थान), उपाध्यक्ष संध्या अग्रवाल (मध्य प्रदेश),वाई सुदर्शन बाबू (आंध्र प्रदेश),संग्राम लोंकर (महाराष्ट्र),सचिव पदम राज पारख (राजस्थान),संयुक्त सचिव मोहम्मद युसूफ (तमिलनाडु),डॉ. एस सेंथिल कुमार (तमिलनाडु),कोषाध्यक्ष डी. श्रीनिवास रेड्डी (आंध्र प्रदेश),कार्यकारी समिति जयेश गांधी (महाराष्ट्र),वर्षा शर्मा (मध्य प्रदेश),टी श्रीनिवास रेड्डी (आंध्र प्रदेश), सीएच विजय कुमार (आंध्र प्रदेश),अमित बोकाडिया (राजस्थान),अध्यक्ष :- अभिषेक आवला (तेलंगाना),,संस्थापक-सीईओ सुनील बाबू कोलनपाका (तेलंगाना), प्रमुख संरक्षक भाजपा राज्यसभा सांसद डॉ के लक्ष्मण, संरक्षक जैतारण से भाजपा विधायक श्री अविनाश जी गेहलोत इत्यादि है।

Sanjay

हर घर तिरंगा आजादी का अमृत महोत्सव के नेतृत्व में एक अभियान

स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में एक राष्ट्र के रूप में ध्वज को सामूहिक रूप से घर लाना न केवल तिरंगे से हमारे व्यक्तिगत संबंध का एक कार्य है बल्कि यह राष्ट्र-निर्माण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक भी बन जाता है। आजादी के अमृत महोत्सव में हर घर तिरंगा अभियान 13 से 15 अगस्त, 2022 तक आयोजित किया जाएगा।

हमारे देश के 75वें स्वतंत्रता दिवस पर हर घर में तिरंगा फहराया जा रहा है। आइए जानते हैं हमारे देश के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के बारे में।

जसविंदर पाल शर्मा, डेमोक्रेटिक फ्रंट, श्री मुक्तसर साहिब पंजाब :

झंडा किसी देश का सबसे महत्वपूर्ण प्रतीक होता है। इसी तरह, भारत का राष्ट्रीय ध्वज भारत के लिए सर्वोच्च महत्व का प्रतीक है। भारत का राष्ट्रीय ध्वज देश के सम्मान, देशभक्ति और स्वतंत्रता का प्रतीक है। यह भाषा, संस्कृति, धर्म, जाति आदि में अंतर के बावजूद भारत के लोगों की एकता को दर्शाता है। सबसे विशेष रूप से, भारतीय ध्वज एक क्षैतिज आयताकार तिरंगा है। इसके अलावा भारत के झंडे में केसरिया, सफेद और हरा रंग होता है।

भारत के राष्ट्रीय ध्वज का इतिहास

15जिसे तिरंगा भी कहते हैं, तीन रंग की क्षैतिज पट्टियों के बीच नीले रंग के एक चक्र द्वारा सुशोभित ध्वज है। इसकी अभिकल्पना पिंगली वैंकैया ने की थी।इसे 15 अगस्त 1947 को अंग्रेजों से भारत की स्वतंत्रता के कुछ ही दिन पूर्व 22 जुलाई, 1947 को आयोजित भारतीय संविधान-सभा की बैठक में अपनाया गया था

1921 में महात्मा गांधी द्वारा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को ध्वज का प्रस्ताव दिया गया था। इसके अतिरिक्त, ध्वज को पिंगली वेंकैया द्वारा डिजाइन किया गया था। झंडे के केंद्र में एक पारंपरिक चरखा था। फिर केंद्र में एक सफेद पट्टी को शामिल करने के लिए डिजाइन में एक संशोधन किया गया। यह संशोधन अन्य धार्मिक समुदायों के लिए भी हुआ और चरखे की पृष्ठभूमि बनाने के लिए भी।

रंग योजना के साथ सांप्रदायिक जुड़ाव से बचने के लिए, विशेषज्ञों ने तीन रंगों को चुना। सबसे खास यह कि ये तीन रंग केसरिया, सफेद और हरा थे। केसरिया रंग साहस और बलिदान का प्रतिनिधित्व करता है। इसके अलावा सफेद रंग शांति और सच्चाई का प्रतिनिधित्व करता है। इसके अलावा, हरा रंग विश्वास और बहादुरी का प्रतीक है।
आजादी से कुछ दिन पहले विशेष रूप से गठित संविधान सभा ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया। निर्णय यह था कि भारतीय ध्वज सभी समुदायों और पार्टियों को स्वीकार्य होना चाहिए। हालांकि, भारतीय ध्वज के रंगों में कोई बदलाव नहीं आया। हालांकि, चरखे को अशोक चक्र से बदल दिया गया था। इसके अलावा, यह अशोक चक्र कानून के शाश्वत चक्र का प्रतिनिधित्व करता है।

भारत के राष्ट्रीय ध्वज का प्रदर्शन

ध्वज का प्रदर्शन सभा मंच पर किया जाता है तो उसे इस प्रकार फहराया जाएगा कि जब वक्ता का मुँह श्रोताओं की ओर हो तो ध्वज उनके दाहिने ओर हो। ध्वज किसी अधिकारी की गाड़ी पर लगाया जाए तो उसे सामने की ओर बीचोंबीच या कार के दाईं ओर लगाया जाए। फटा या मैला ध्वज नहीं फहराया जाता है।

Independence Day: The Demand For The Tricolor Has Doubled After Indias Stellar Performance In The Olympics ANN | Independence Day: Olympics में भारत के शानदार प्रदर्शन के बाद दोगुनी हुई तिरंगे की

नियमों में कहा गया है कि जब दो झंडे किसी पोडियम के पीछे की दीवार पर क्षैतिज रूप से फैले होते हैं, तो उनके झंडे एक दूसरे के सामने होने चाहिए। साथ ही केसर की पट्टियां ऊपर होनी चाहिए। जब फ्लैग डिस्प्ले एक छोटे फ्लैगपोल पर होता है, तो माउंटिंग दीवार के कोण पर होनी चाहिए। साथ ही, कोण ऐसा है कि उसमें से झंडा लिपटा हुआ है। जब एक पार किए गए कर्मचारी पर झंडे दिखाई देते हैं, तो लहराते हुए एक दूसरे की ओर होना चाहिए।

भारत के राष्ट्रीय ध्वज का इस्तेमाल कभी भी टेबल, लेक्चर, पोडियम या इमारतों को ढंकने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। जब ध्वज को घर के अंदर प्रदर्शित किया जाता है, तो यह हमेशा दाहिनी ओर होना चाहिए। इसका कारण प्राधिकरण की स्थिति है। इसके अतिरिक्त, ध्वज हमेशा वक्ता के दाहिने हाथ पर होना चाहिए जब ध्वज वक्ता के सामने प्रदर्शित होता है। सबसे विशेष रूप से, जब भी ध्वज प्रदर्शित किया जाता है, तो इसे पूरी तरह से बढ़ाया जाना चाहिए।
अंत में, भारत का राष्ट्रीय ध्वज हमारे देश का गौरव है। इसके अलावा, भारत का झंडा देश की संप्रभुता का प्रतिनिधित्व करता है। सबसे विशेष रूप से, राष्ट्रीय ध्वज को फहराते हुए देखना हर भारतीय के लिए गर्व और खुशी का क्षण होता है। भारत का राष्ट्रीय ध्वज निश्चित रूप से भारत के प्रत्येक नागरिक से बहुत सम्मान का पात्र है।

राष्ट्रपति चुनाव आज

राष्ट्रपति चुनाव एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का पलड़ा भारी माना जा रहा है। उन्हें बीजद, वाईएसआरसीपी, बसपा, अन्नाद्रमुक, तेदेपा, जद (एस), शिरोमणि अकाली दल, शिवसेना और झामुमो जैसे क्षेत्रीय दलों का समर्थन मिला है। द्रौपदी मुर्मू का वोट शेयर लगभग दो-तिहाई तक पहुंचने की संभावना है।  

पियूशा पयोधि, डेमोक्रेटिक फ्रंट :

देश के 15वें राष्ट्रपति के चुनाव के लिए तैयारियां पूरी हो गई हैं और सोमवार को संसद भवन व राज्यों की विधानसभाओं में इसके लिए वोट डाले जाएंगे। देशभर के करीब 4,800 विधायक और सांसद राष्ट्रपति चुनाव में वोट डालेंगे। वोटों के गणित में पक्ष और विपक्ष के बीच बने बड़े फासले को देखते हुए राजग उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का देश की अगली राष्ट्रपति चुना जाना तय है। वह आदिवासी समुदाय की देश के शीर्ष संवैधानिक पद पर पहुंचने वाली पहली शख्सियत होंगी।

21 जुलाई को परिणाम घोषित होने के बाद 25 जुलाई 2022 को नए राष्ट्रपति का शपथ ग्रहण समारोह होगा। आज होने वाले राष्ट्रपति चुनाव को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। संसद भवन के कमरा नम्बर-63 में 6 बूथ बनाए गए हैं। जिसमें एक दिव्यांग वोटर के लिए है। अलग-अलग राज्यों के कुल 9 विधायक संसद भवन में वोट करेंगे। यूपी से 4, त्रिपुरा से 2, असम से 1, ओडिसा से 1, हरियाणा से 1 जबकि 42 सांसद विधानसभाओं में वोट करेंगे।

राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए की ओर से द्रौपदी मुर्मू उम्मीदवार हैं। द्रौपदी मुर्मू आदिवासी समुदाय से आती हैं। मुर्मू अनुसूचित जनजाति से संबंधित दूसरी व्यक्ति हैं, जिन्हें भारत के राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार के रूप में नामित किया गया है। उन्होंने इससे पहले 2015 से 2021 तक झारखंड के नौवें राज्यपाल के रूप में कार्य किया है। अगर द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति चुनाव में जीतती हैं तो वे राष्ट्रपति बनने वाली पहली आदिवासी महिला होंगी।

महाराष्ट्र में बड़ा सस्पेंस खत्म, वोटिंग से पहले MVA के समर्थन में आई AIMIM

महाराष्ट्र में राज्यसभा चुनाव को लेकर जारी बड़ा सस्पेंस खत्म हो गया है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने महाविकास अघाड़ी सरकार का समर्थन करने का ऐलान किया है। इस बात की जानकारी प्रदेश अध्यक्ष इम्तियाज जलील ने शुक्रवार को दी है। राज्य में AIMIM के दो विधायक हैं। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 6 सीटों पर मतदान होना है। यहां सात उम्मीदार मैदान में हैं। जलील ने मुंबई स्थित ट्राइडेंट होटल में शिवसेना नेताओं एकनाथ शिंदे, अनिल परब, अनिल देसाई, अरविंद सावंत और पार्टी पदाधिकारी मिलिंद नारवेकर से मुलाकात की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राज्यसभा के दो वोट के बदले में शिवसेना मंत्री सभी शर्तें मानने तैयार हो गए हैं।

  • हिन्दू हृदय सम्राट बाल ठाकरे के बेटे उद्धव ठाकरे ने कॉंग्रेस के म्मीदवार को जिताने के लिए असदुद्दीन ओवैसी का हाथ थामा

चार राज्यों की 16 राज्यसभा सीटों के लिए आज मतदान होगा। इस बीच बड़ा अपडेट यह भी है कि महाराष्ट्र में भाजपा को हराने के लिए असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने महाविकास अघाड़ी को समर्थन देने का ऐलान किया है। AIMIM महाराष्ट्र अध्यक्ष इम्तियाज जलील ने कहा कि भाजपा को हराने के लिए हमारी पार्टी AIMIM ने महाराष्ट्र में राज्यसभा चुनाव में महा विकास अघाड़ी (MVA) को वोट देने का फैसला किया है। AIMIM महाराष्ट्र के 2 विधायकों को कांग्रेस उम्मीदवार इमरान प्रतापगढ़ी के समर्थन में वोट

एआईएमआईएम की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष इम्तियाज जलील ने कहा है कि उनकी पार्टी राज्य में महाविकास अघाड़ी (MVA) को वोट देगी। हमारे दो विधायकों को कांग्रेस प्रत्याशी इमरान प्रतापगढ़ी को वोट देने को कहा गया है। 

उन्होंने आगे जानकारी दी कि मदद के बदले सरकार के सामने कुछ शर्तें भी रखी गई हैं। AIMIM सांसद ने कहा, ‘हमने हमारे विधायकों के क्षेत्र धुलिया और मालेगांव में विकास से जुड़ी कुछ शर्तें रखी हैं। साथ ही MPSC में अल्पसंख्यक सदस्य को नियुक्त करने और महाराष्ट्र वक्फ बोर्ड की आय को बढ़ाने की भी मांग की है।’

असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ गुरुवार को दिल्ली में प्राथमिकी दर्ज हुई

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने अपने खिलाफ दर्ज़ FIR पर कहा है कि “मुझे FIR का एक अंश मिला है. यह मेरी देखी हुई पहली प्राथमिकी है, जो यह स्पष्ट नहीं कर रही है कि अपराध क्या है.। हम इससे भयभीत नहीं होंगे। जहां तक मेरे खिलाफ एफआईआर की बात है, हम अपने वकीलों से सलाह लेंगे और जरूरत पड़ने पर इसका समाधान करेंगे। अभद्र भाषा की आलोचना करने और अभद्र भाषा का प्रयोग करने की तुलना नहीं की जा सकती।”

नयी दिल्ली(ब्यूरो), डेमोक्रेटिक फ्रंट – 9 जून :

ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ गुरुवार को दिल्ली में प्राथमिकी दर्ज हुई। भड़काऊ भाषण देने के मामले में दिल्ली पुलिस की आईएफएसओ यूनिट ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। एफआईआर में स्वामी यति नरसिम्हानंद का भी नाम है। ओवैसी पर आरोप है कि उन्होंने बुधवार को भड़काऊ भाषण दिया। स्वामी यति नरसिम्हानंद डासना देवी मंदिर के पुजारी हैं। दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रेटेजिक ऑपरेशन यूनिट स्पेशल सेल के अधीन काम करती है। यह यूनिट साइबर क्राइम के सभी जटिल एवं संवेदनशील मामलों को देखती है। नफरत भरे एवं भड़काऊ भाषण देने के मामले में IFSO ने कई लोगों के खिलाफ के मामले दर्ज किए हैं। 

ओवैसी ने एक अन्य ट्वीट में कहा है कि ऐसा प्रतीत होता है कि दिल्ली पुलिस में यति, नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल के खिलाफ मामलों को आगे बढ़ाने का साहस नहीं है। यही वजह है कि मामले में देरी और कमजोर प्रतिक्रिया जारी है। वास्तव में यति ने मुसलमानों के खिलाफ नरसंहार को बढ़ावा देने और इस्लाम का अपमान करके अपनी जमानत की शर्तों का बार-बार उल्लंघन किया है।

दिल्ली पुलिस पर भड़के ओवैसी

ओवैसी के मुताबिक दिल्ली पुलिस शायद हिंदुत्ववादी कट्टरपंथियों को ठेस पहुंचाए बिना इन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने का तरीका सोचने की कोशिश कर रही थी। दिल्ली पुलिस “दोनों पक्षवाद” या “संतुलन-वाद” सिंड्रोम से पीड़ित है। एक पक्ष ने खुले तौर पर हमारे पैगंबर का अपमान किया है, जबकि दूसरे पक्ष का नाम BJP समर्थकों को समझाने और ऐसा दिखाने के लिए दिया गया है कि दोनों पक्षों में अभद्र भाषा थी. मेरे मामले में एफआईआर यह भी नहीं कह रही है कि आपत्तिजनक क्या था।

हमने नूपुर शर्मा, नवीन कुमार जिंदल और असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ सोशल मीडिया पर उनकी कथित अपमानजनक टिप्पणियों के संबंध में दो प्राथमिकियां दर्ज की हैं। इन्होंने अन्य धर्मों के लोगों की भावनाओं को आहत किया है। इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।

मालूम हो कि बीते दिनों पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी करने के कारण भारतीय जनता पार्टी ने पार्टी प्रवक्ता नुपुर शर्मा को निलंबित कर दिया था। इसके साथ ही दिल्ली मीडिया सेल के प्रमुख नवीन जिंदल को निष्कासित कर दिया था।

इसके इसके बाद नुपुर शर्मा ने मंगलवार को कहा था कि वे पार्टी के निर्णय को स्वीकार करती हैं और उसका सम्मान करती हैं। उन्होंने कहा था कि मैं संगठन में व्यवहारिक रूप से पली-बढ़ी हूं। मैं उनके निर्णय को स्वीकार करती हूं और उसका सम्मान करती हूं।

वहीं, नवीन कुमार जिंदल ने मंगलवार को दावा किया कि उन्हें व उनके परिजनों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। जिंदल ने एक जून को मुहम्मद साहब पर विवादित ट्वीट किया था, जिसके बाद उनपर सोशल मीडिया पर हमला हो रहा है।

गैंगरेप में AIMIM नेता के बेटे के शामिल होने के सबूत देने वाले भाजपा विधायक रघुनंदन राव पर पीड़िता की फोटो और वीडियो शेयर का लगा आरोप, केस दर्ज़

तेलंगाना की हैदराबाद पुलिस ने भारतीय जनता पार्टी के विधायक रघुनंदन राव पर  जुबली हिल्स में सामूहिक दुष्कर्म की 17 वर्षीय पीड़िता की पहचान का खुलासा करने के आरोप में मामला दर्ज किया है।  नाबालिग पीड़िता के वीडियो और तस्वीरें कथित रूप से जारी करने के लिए राव पर भारतीय दंड संहिता की 228 ए (पीड़ित की पहचान का खुलासा) के तहत मामला दर्ज किया गया है। छह जून को दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि चार जून को तेलंगाना राज्य के दुब्बक निर्वाचन क्षेत्र के विधायक माधवनेनी रघुनंदन राव ने भाजपा राज्य कार्यालय, कट्टेलमंडी में एक किशोरी के सामूहिक दुष्कर्म से संबंधित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया।  रघुनंदन राव ने इस दौरान घटना से संबंधित तस्वीरें और वीडियो मीडिया को जारी किए जिसमें नाबालिग पीड़िता की पहचान का खुलासा हुआ, जबकि जांच जारी है।

डेमोक्रेटिक फ्रंट, हैदराबाद/नयी दिल्ली :

हैदराबाद में गैंगरेप की शिकार हुई नाबालिग की फोटो शेयर करने पर बीजेपी के विधायक एम. रघुनंदन राव के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। हैदराबाद में 28 मई को नाबालिग के साथ कार में बलात्कार किया गया था। यह कार तेलंगाना में सरकार चला रही टीआरएस के एक विधायक की थी।  नाबालिग के साथ 5 लोगों ने बलात्कार किया था जिसमें से तीन किशोर हैं। विधायक एम. रघुनंदन राव के खिलाफ पुलिस में दी गई शिकायत में कहा गया है कि उन्होंने नाबालिग की कुछ फोटो और एक वीडियो क्लिप को शेयर कर उसकी पहचान को उजागर कर दिया है। यह कानूनन अपराध है। 

पुलिस अधिकारी ने कहा कि मामला सोमवार देर रात दर्ज किया गया और कानूनी राय लेने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि 4 जून को तेलंगाना के दुब्बक से विधायक रघुनंदन राव ने भाजपा प्रदेश कार्यालय, कट्टेलमंडी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित ​की थी। इस दौरान उन्होंने घटना से संबंधित एक वीडियो क्लिप और तस्वीरें शेयर की थी। आरोप है कि इसमें नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर हुई है।

मामला दर्ज होने के बाद विधायक ने कहा कि वह केवल गैंगरेप मामले में AIMIM नेता के बेटे की संलिप्तता के सबूत सार्वजनिक करना चाहते हैं। पुलिस विधायक के बेटे को क्लीन चिट दे रही है, इसलिए उन्होंने वह वीडियो क्लिप जारी किया। उन्होंने मीडियाकर्मियों से कहा कि वह मामले का सामना करने के लिए तैयार हैं। पेशे से वकील राव ने दावा किया कि वह उचित समय आने पर अपने पास मौजूद सभी सबूतों को अदालत में पेश करेंगे।

गौतलब है कि यह घटना 28 मई 2022 की है। तब 17 साल की पीड़िता पार्टी के बाद अपने घर लौट रही थी। उसी वक्त हैदराबाद के जुबली हिल्स इलाके में उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया। यह मामला तब सामने आया जब पीड़िता के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने 5 लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354 और 323 और पॉक्सो एक्ट की धारा 9 और 10 के तहत मामला दर्ज किया था।

रिपोर्ट की मानें तो आरोपितों ने पहले पीड़िता से उसके घर छोड़ने की बात कही थी। बाद में एक पार्क की हुई कार के अंदर उसके साथ मारपीट की गई और फिर बारी-बारी से सभी ने उसके साथ बलात्कार किया। इस दौरान दूसरे आरोपित कार के बाहर पहरा दे रहे थे। भाजपा प्रवक्ता के कृष्णसागर राव ने हैदराबाद पुलिस पर AIMIM और TRS के राजनीतिक दबाव में जाँच करने का आरोप लगाया था।

कपिल सिब्बल हाथ छोड़ कर हुए साइकल सवार, अब रजाया सभा जाने की तैयारी

‘कोनसीमा’ जिले बदलकर ‘बीआर आंबेडकर कोनासीमा’ जिला वहाँ के लोगों को बर्दाश्त नहीं, दंगे भड़के

आंध्र प्रदेश के आमलापुरम में मंगलवार को हिंसक विरोध प्रदर्शन देखने को मिले। ये विरोध प्रदर्शन कोनसीमा जिले का नाम बदलने को लेकर हुआ। दरअसल, आंध्र प्रदेश के नवगठित जिले कोनासीमा का नाम बदलकर बीआर आंबेडकर कोनासीमा जिला कर दिया गया है। जिले का नाम बदले जाने से गुस्साये लोगों ने भारी विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने लाठीचार्ज के बावजूद भी प्रदर्शनकारियों ने अमलापुरम शहर में आगजनी की घटना हुई। राज्य के परिवहन मंत्री पी विश्वरूप के घर में आग लगा दी। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि कोनसीमा के मूल नाम को न बदला जाए।

आंध्र प्रदेश के अमलापुरम में मंगलवार को हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए। जिसके बाद गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने कोनसीमा जिले का नाम नहीं बदलने की मांग को लेकर पुलिस के साथ झड़प की और परिवहन मंत्री पी विश्वरूप के घर में आग लगा दी। स्थिति नियंत्रण से बाहर होता देख पुलिस ने मंत्री और उनके परिवार के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला।

प्रदर्शंकारी कोनासीमा जिले का नाम डॉ बीआर अंबेडकर कोनासीमा जिला रखने का विरोध कर रहे थे। क्षेत्र में उस समय तनाव बढ़ गया जब कोनासीमा जिला साधना समिति के सदस्य क्लॉक टॉवर सेंटर पर विरोध प्रदर्शन के लिए एकत्र हुए। जल्द ही हालात खराब हो गए और प्रदर्शनकारियों ने पथराव करना शुरू कर दिया और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया। जब पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में करने की कोशिश की तो प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया जिसके जवाब में पुलिस ने लाठीचार्ज किया।

उल्लेखनीय है कि चार अप्रैल को पूर्वी गोदावरी जिले से अलग कर कोनासीमा जिले का गठन किया गया था। पिछले सप्ताह राज्य सरकार ने कोनासीमा जिले का नाम बदलकर बीआर आंबेडकर कोनासीमा जिला करने की प्रारंभिक अधिसूचना जारी कर लोगों से आपत्ति आमंत्रित की थी। इस पृष्ठभूमि में कोनासीमा साधना समिति ने नाम बदलने के प्रस्ताव पर आपत्ति जताई और जिले का नाम यथावत कोनासीमा रहने देने की मांग की।

समिति ने मंगलवार को जिलाधिकारी हिमांशु शुक्ला को जिले का नाम बदलने के खिलाफ ज्ञापन देने का प्रयास करते हुए प्रदर्शन का आयोजन किया था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की जिससे प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और अंतत: शांत रहने वाले अमलापुरम में आगजनी की घटना हुई।

‘Dr B.R. Ambedkar and the Constituent Assembly Elections of 1946’ held by Dr Anirban Bandopadhyay

Chandigarh April 12, 2022

Commemorating Ambedkar Jayanti, Dr B.R. Ambedkar Centre and University School of Open Learning, held a special lecture titled; Dr B.R. Ambedkar and the Constituent Assembly Elections of 1946, by Dr Anirban Bandopadhyay from Kalinga Institute of Social Sciences, Bhubaneshwar on 12.04.2022.  The speaker pointed out that Dr. Ambedkar is remembered for being an unstinted leader of dalits and as a Chairman of the Drafting Committee of Indian Constitution. The complex relationship between the Indian National Congress and Dr. B.R. Ambedkar was examined.

Dr. Anirban also referred to Ambedkar’s special address in the Constituent Assembly in November 1946 calling for unity among all parties after he was elected to the Constituent Assembly in 1946. This talk explored the intersection of caste, constitution making and the partition in South Asia.

नेता से लेकर अभिनेता के बेटे-बेटियां हैदराबाद रेव पार्टी से पकड़े गए

गायक और बिग बॉस तेलुगु रियलिटी शो के तीसरे सीजन के विजेता राहुल सिप्लीगंज भी हिरासत में लिए गए लोगों में शामिल थे। उन्होंने 12 फरवरी को जब हैदराबाद पुलिस ने ड्रग्स के खिलाफ अभियान शुरू किया था, तब उन्होंने थीम सॉन्ग गाया था। पार्टी में अन्य लोगों में आंध्र प्रदेश के एक शीर्ष पुलिसकर्मी की बेटी और राज्य के एक तेलुगु देशम सांसद के बेटे भी शामिल थे। तेलंगाना के कांग्रेस नेता अंजन कुमार यादव ने कहा कि उनका बेटा जन्मदिन की पार्टी में गया था और हर तरह का झूठ फैलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शहर के सभी पब बंद होने चाहिए।

हैदराबाद(ब्यूरो) डेमोक्रेटिक फ्रंट :

 हैदरावाद में पुलिस ने एक बड़ी रेव पार्टी का पर्दाफास किया है। पुलिस के मुताबिक इसमें 142 लोगों को गिरफ्तार किया है जिसमें कई बड़े सेलिब्रिटी शामिल हैं। हैदराबाद स्थित स्टार होटल के पब में पुलिस ने रविवार तड़के छापेमारी की और मौके से मादक पदार्थ जब्त किया।

इस पार्टी से कई वीआईपी, ऐक्टर्स और राजनेताओं के बच्चों सहित करीब 142 लोगों को हिरासत में लिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हैदराबाद पुलिस की फोर्स टीम ने ऐसा किया है। हिरासत में लिए गए लोगों में ऐक्टर नागा बाबू की बेटी निहारिका कोनिडेला भी शामिल हैं, जो मेगास्टार चिरंजीवी की भतीजी हैं। नागाबाबू ने बाद में एक वीडियो जारी किया जिसमें कहा गया कि उनकी बेटी का ड्रग्स से कोई संबंध नहीं है। पार्टी में अन्य लोगों में आंध्र प्रदेश के एक पुलिसकर्मी की बेटी और राज्य के एक तेलुगु देशम सांसद के बेटे भी शामिल थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इनके पास कोकीन और वीड जैसे ड्रग्स पाए गए हैं। इसके साथ ही, गायक और बिग बॉस तेलुगु रियलिटी शो के तीसरे सीजन के विजेता राहुल सिप्लीगंज भी हिरासत में लिए गए लोगों में शामिल हैं।

बिग बॉस तेलुगु रियलिटी शो के तीसरे सीजन के विनर सिंगर राहुल सिपलिगुंज भी हिरासत में लिए जाने वाले लोगों में शामिल हैं। खास बात यहा है कि हैदराबाद पुलिस ने जो 12  फरवरी को नशे के खिलाफ गाना लॉन्च किया था उसे राहुल सिपलिगुंज ने ही गाया था।

हैदराबाद पुलिस ने अदाकारा को हिरासत में लेने की खबरों की पुष्टि करते हुए कहा, ‘टास्क फोर्स ने शनिवार रात शहर के फाइव स्टार होटल के एक पब में देर रात पार्टी करने और ड्रग्स बांटने के आरोपों पर छापेमारी की थी। बीती रात एक पब में करीब 150 लोग पार्टी कर रहे थे। पब को आधी रात के बाद संचालित करने की अनुमति नहीं है। जहां छापेमारी के बाद परिसर में प्रतिबंधित पदार्थ पाए गए जिसके बाद एक गायक राहुल सिप्लीगंज और एक अभिनेत्री को हिरासत में लिया गया था।’ 

टॉलीवुड सुपरस्टार चिरंजीवी और पवन कल्याण की भतीजी उनके भाई नागा बाबू की बेटी हैं। इसी नाते वो टॉलीवुड सुपरस्टार राम चरण, साई धरम तेजा और वरुण तेजा की बहन हैं। निहारिका कोनिडला ने साल 2020 में चैतन्य जोन्नालगड्डा से उदपुर में शाही शादी रचाई थी। निहारिका कोनिडेला साउथ के एक बड़े फिल्मी परिवार से आती हैं। ऐसे में उनके रेव पार्टी के दौरान गिरफ्तार होने की खबर से साउथ सिनेमा इंडस्ट्री में खलबली मच गई है। 

इन लोगों में आंध्र प्रदेश के बड़े पुलिस अधिकारी की बेटी भी शामिल थी। इसके अलावा तेलुगुदेसम पार्टी के सांसद का बेटा भी रेव पार्टी में पहुंचा था। तेलंगाना के कांग्रेस नेता अंजन कुमार यादव ने कहा कि कि उनका बेटा पब में एक बर्थडे पार्टी में शामिल होने गया था। उन्होंने कहा कि उनके बेटे को गलत तरीके से फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शहर में सारे पब ही बंद करवा देना चाहिए।

बंजारा हिल्स के एसएचओ शिवा चंद्र को इस लापरवाही के लिए सस्पेंड कर दिया गया है। उनकी जगह टास्क फोर्स से के नागेश्वर राव को तैनात किया गया है। बता दें कि कुछ दिनों से पुलिस ने नशे के खिलाफ अपना अभियान तेज किया है। हाल ही में ड्रग ओवरडोज की वजह से इंजिनियरिंग के एक स्टूडेंट की मौत हो गई थी।