चौ. भूपेन्द्र सिंह हुड्डा की मौजूदगी में कांग्रेस में हुई बड़ी जॉइनिंग

  • नेता प्रतिपक्ष चौ. भूपेन्द्र सिंह हुड्डा, प्रदेश अध्यक्ष चौ. उदयभान, सांसद दीपेन्द्र हुड्डा की मौजूदगी में कांग्रेस में हुई बड़ी जॉइनिंग
  • BJP, JJP, इनेलो, समाजवादी पार्टी छोड़कर पूर्व विधायक, पार्टी पदाधिकारी और प्रदेश के महत्त्वपूर्ण पदों पर रहे अधिकारियों ने काँग्रेस पार्टी का दामन थामा
  • 2024 में बन रही कांग्रेस सरकार जिसकी झलक पुंडरी, सिरसा, सफीदों में प्रदेश की जनता ने दिखा दी – भूपेन्द्र हुड्डा
  • गठबंधन सरकार अब चंद महीनों की मेहमान है – उदयभान
  • सरकार के विरोध का पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा, नाराजगी की बरसात रुकने का नाम नहीं ले रही – दीपेन्द्र हुड्डा
  • कांग्रेस का संगठन गाँव-गाँव में तेजी से मजबूत होता जा रहा है और सत्ताधारी गठबंधन के पाँव उखड़ते जा रहे – दीपेन्द्र हुड्डा

डेमोक्रेटिक फ्रंट, चण्डीगढ़- 26 दिसम्बर  :

आज दिल्ली में हरियाणा विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष चौ. भूपेन्द्र सिंह हुड्डा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चौ. उदयभान व सांसद दीपेन्द्र हुड्डा की मौजूदगी में कांग्रेस में बड़ी जॉइनिंग हुई। बीजेपी, जेजेपी, इनेलो, समाजवादी पार्टी छोड़कर आये पूर्व विधायक, वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और प्रदेश के महत्त्वपूर्ण बड़े पदों पर रहे रिटायर्ड आईएएस अधिकारियों ने काँग्रेस की नीतियों में भरोसा जताते हुए पार्टी का दामन थामा और प्रदेश में सत्ता परिवर्तन की लड़ाई को मजबूती से लड़ने का संकल्प लिया। इनमें प्रमुख रूप से पूर्व विधायक व JJP हरियाणा लीगल सेल के प्रदेश अध्यक्ष सूरजभान काजल, हरियाणा के पूर्व प्रमुख सचिव (गृह) रिटायर्ड आईएएस विनय सिंह यादव, चौ बलबीर सिंह(प्रदेश अध्यक्ष,समाजवादी पार्टी), पुंडरी व पाई विधान सभा से पूर्व प्रत्याशी रहे सज्जन सिंह ढुल,रिटायर्ड आईएएस वज़ीर सिंह गोयत, रिटायर्ड GM हरियाणा रोडवेज कुलदीप अहलावत, रिटायर्ड तहसीलदार प्यारेलाल, इनेलो रेवाड़ी के पूर्व जिला प्रवक्ता तोताराम, कोसली विधानसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी रहीं श्रीमती विनोद कुमारी चौहान, भूपेन्द्र (प्रदेश उपाध्यक्ष युवा JJP) शामिल रहे। 

इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष चौ. भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कांग्रेस में शामिल होने वालों का स्वागत करते हुए सभी को भरोसा दिया कि पार्टी में शामिल होने वालों को उचित मान-सम्मान दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि वे सभी हरियाणा ही नहीं देश की सेवा करने आये हैं और इसके लिये कांग्रेस को और मजबूत बनाना है। इनके आने से कांग्रेस पार्टी को और अधिक मजबूती मिलेगी। हुड्डा ने कहा कि 2024 में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनने जा रही है। जिसकी झलक पिछले तीन दिनों में ही पुंडरी, सिरसा, सफीदों में प्रदेश की जनता ने दिखा दी है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चौ उदयभान ने कहा कि हरियाणा में हर वर्ग भाजपा की जनविरोधी नीतियों और कार्यप्रणाली से त्रस्त हो चुका है और आशा भरी नज़रों से काँग्रेस की तरफ देख रहा है। गठबंधन सरकार अब चंद महीनों की मेहमान है। सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि सरकार के विरोध का पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा, नाराजगी की बरसात रुकने का नाम नहीं ले रही है। बीजेपी-जेजेपी गठबंधन सरकार अब चंद महीनों की मेहमान है। पिछले करीब 1 वर्ष के दौरान में विभिन्न दलों के 36 से ज्यादा पूर्व विधायक, वरिष्ठ नेता, पार्टी पदाधिकारी, हज़ारों कार्यकर्ता, नेता प्रतिपक्ष चौ. भूपेन्द्र सिंह हुड्डा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चौ.उदयभान के नेतृत्व में कांग्रेस जॉइन कर चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा संख्या सत्ताधारी बीजेपी-जेजेपी और इनकी बी टीम इनेलो छोड़कर आने वालों की है। दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस का संगठन गाँव-गाँव में तेजी से मजबूत होता जा रहा और सत्ताधारी गठबंधन के पाँव उखड़ते जा रहे हैं।

इनके अलावा आज कांग्रेस पार्टी में शामिल होने वालों में प्रो निर्मल,प्रो गुरनाम,प्रो सुभाष, सोनू तोमर गुढ़ाण (हलका सचिव कलानौर JJP), मनोज तोमर (हलका सचिव कलानौर JJP), प्रवीण तोमर (हलका उप-प्रवक्ता JJP), राजीव तोमर (हलका संयोजक कलानौर JJP), अमित शर्मा (युवा कार्यकारिणी JJP), मंजीत गौरव (पूर्व हलका महासचिव), सुंदर फौजी (सचिव, , एक्स-सर्विसमैन सेल कलानौर), सुकर्मपाल ब्लॉक समिति मेंबर,अमन,ब्लॉक समिति मेंबर, अंकित तोमर, बिट्टू तोमर, सोनू पिलान, जगबीर जिंदराण, देवेन्द्र खरकबैसी, सोनू बलम्ब, संतु बनियानी, प्रदीप नौन्द, सुखबीर गढ़ी, श्रीभगवान फौजी गुढ़ाण, रोहित तोमर, अजय तोमर गुढ़ाण, दिनेश सैन (पूर्व जिलाध्यक्ष करनाल, बीजेपी), सुनील रोड (करनाल बीजेपी) आदि मौजूद रहे।   

असदुद्दीन ओवैसी के सरकारी आवास का शीशा टूटा मिला, दिल्ली पुलिस जांच में जुटी

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया के सांसद ओवैसी के घर के दरवाजे के टूटे शीशे के आसपास कोई पत्थर या ऐसी कोई अन्य चीज नहीं मिली। अधिकारी ने कहा इलाके की जांच कर रही है सीसीटीवी फुटेज की भी जांच चल रही है। जल्द ही मामले में आरोपियों की पहचान कर ली जाएगी। इस मामले पर ओवैसी ने आरोप लगाया है राष्ट्रीय राजधानी में उनके आवास पर अज्ञात बदमाशों ने हमला किया। फरवरी में एक घटना को लेकर ओवैसी ने दावा किया कि 14:00 के बाद से इस तरह की यह चौथी घटना है।

Asaduddin Owaisi: लोकसभा में सरकार पर औवेसी का हमला, बोले- कुर्सी है ये  तुम्हारा जनाजा तो नहीं, कुछ कर नहीं...

नई दिल्‍ली ब्युरो, डेमोक्रेटिक फ्रंट – 14 अगस्त :  

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी  ने दिल्ली स्थित अपने सरकारी आवास पर हमले की खबर है। इस बारे में रविवार शाम शिकायत दी गई, जिसमें कहा गया कि ओवैसी के सरकारी आवास के अंदर शीशे टूटे हुए हैं।

केअर टेकर रोहित की तरफ से बताया गया कि कुत्तों के भौंकने के बाद जब उन्होंने देखा तो आवास के पिछले दरवाजे पर लगे दो लैंप को नुकसान हुआ है। इसमें से एक लैंप टूटकर लटका हुआ दिखाई दे रहा है तो वहीं दूसरे लैंप के शीशे टूटे हुए हैं। इसके बाद वो मुख्य दरवाज़े की तरफ गए तो देखा ड्राइंग रूम के दरवाज़े के शीशे टूटे हुए हैं।

असदुद्दीन ओवैसी के सरकारी आवास का शीशा टूटा मिला, हमले की आशंका, जांच में जुटी दिल्ली पुलिस। असदुद्दीन ओवैसी के दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर हमले की आशंका जताई गई है। उनके घर के दरवाजे में लगे दो शीशे टूटे मिले हैं। पुलिस को इसकी सूचना रविवार को दी गई। इस घटना के बाद उनके आवास की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

वीरेश शांडिल्य ने तेलंगाना राज्य में की एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया के अध्यक्ष की घोषणा,मोदी होंगे तेलंगाना के प्रदेश अध्यक्ष

  • हैदराबाद निवासी एव हिन्दू सेवा संघ के अध्यक्ष प्रमोद मोदी तेलंगाना राज्य के एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष एव डेंटल सर्जन डॉ किरण प्रदेश महासचिव नियुक्त
  • नवनियुक्त अध्य्क्ष प्रमोद मोदी को महाराष्ट्र का भी फ्रंट सुप्रीमो शांडिल्य ने प्रभारी नियुक्त किया
  • वीरेश शांडिल्य का नारा,न डरेंगे, न झुकेंगे,तिरँगे की तरफ बुरी नजर से देखने वाले की आंख फोड़ देंगे

डेमोक्रेटिक फ्रन्ट, अम्बाला  – 07  अप्रैल :

एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य ने हैदराबाद के उधोगपति एव हिन्दू सेवा संघ के अध्यक्ष प्रमोद मोदी को तेलंगाना राज्य का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया और वहीं डेंटल सर्जन डॉ किरण को फ्रंट का तेलंगाना राज्य का महासचिव नियुक्त किया। वही शांडिल्य ने तेलंगाना में सनातन धर्म को मजबूत करने वाले एव हिंदुस्तान को आतंकवाद मुक्त सोच रखने वाले तेलंगाना के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद मोदी को महाराष्ट्र का प्रभारी भी नियुक्त किया है और उन्हें तेलंगाना की ग्राम स्तर से शहरी व जिला व राज्य स्तर पर पदाधिकारी बनाने का अधिकार भी दिया है।

वीरेश शांडिल्य ने आज पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि पिछले डेढ़ महीने से एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया की राष्ट्रीय व प्रदेश इकाईयों को भंग किया हुआ था आज फ्रंट की पहली नियुक्ति तेलंगाना राज्य की हुई और प्रमोद मोदी प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किये गए। शांडिल्य ने बताया कि वह अब आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र , कर्नाटक,तमिलनाडू ,ओडिशा में एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया की प्रदेश इकाइयों को गठित करेंगे। उन्होंने कहा कि अगस्त 2023 तक उत्तर भारत व साउथ में फ्रंट को मजबूत किया जाएगा और 25 जून 2023 तक हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ हिमाचल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड , बिहार, राजस्थान,के इकाइयों का गठन कर दिया जाएगा।

एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य ने कहा कि 10 अगस्त तक एक लाख फ्रंट के एक्टिव सदस्यों को जोड़ा जाएगा और एक फ्रंट की ऐसी फोर्स तैयार की जाएगी जो आतंकवाद, खालिस्तानी ताकतों, सहित देश विरोधी लोगो के खिलाफ अभियान शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 2023 के बाद देश की राजधानी दिल्ली में एक राष्ट्रीय स्तर का म्यूजियम बनाने की मांग करेंगे जिन शहीदों की बदौलत आज देश के 132 करोड़ लोग आजादी की हवा में सांस ले रहे हैं। और उनका संगठन सिर्फ उन लोगो को जोड़ेंगे जो अपनी भारत माता व मातृभूमि के लिए सीने पर गोली खाने को तैयार रहें।

साथ ही वीरेश शांडिल्य ने कहा कि उनका अब रास्ट्रीय स्तर पर अभियान शुरू करेंगे कि शहीद-ए-आजम भगत सिंह,राजगुरु व सुखदेव को शहीद का दर्जा दिया जाए इसके लिए देश की संसद के बाहर एक मार्च निकालेंगे क्योंकि आज भी इस देश मे सिमरनजीत सिंह जैसे सांसद सदस्य होते हुए भी भगत सिंह को आतकवादी बताते हैं। शांडिल्य ने कहा कि एन्टी टेरोरिस्ट 15 अगस्त 2023 को खलिस्तान विरोधी रथ यात्रा निकालेंगे क्योंकि खालिस्तानी मुहिम सीधा देश के संविधान, तिरंगे व कानून पर हमला बोल रहे ऐसी मांग करने वाले पाकिस्तानी आतंकवादी है और उनका जिंदा रहना राष्ट्र के लिए बड़ा खतरा है।

एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया प्रमुख शांडिल्य ने कहा अमृतपाल सिंह का जिंदा रहना देश के लिए करोना से ज्यादा खतरनाक है इसलिए सरकार उसे देखते ही गोली मारने के आदेश दें । शांडिल्य ने मोदी ,अमित शाह व भगवंत मान से मांग की है कि आई एस आई के एजेंट अमृतपाल सिंह को जिंदा गिरफ्तार न किया जाए इसे मौत के घाट उतार किया जाए अमृतपाल सिंह हिन्दू सिख भाईचारे के लिए कोरोना से भी खतरनाक है।

आंध्र प्रदेश के पूर्व CM किरण रेड्डी ने थामा कमल, कहा “जनता के मन की बात नहीं समझ रही काॅन्ग्रेस”

                     भाजपा में शामिल होते हुए किरण रेड्डी ने कहा कि कॉन्ग्रेस लीडरशीप के गलत फैसलों की वजह से हर राज्य में पार्टी टूट रही है। उनके लिए एक पुरानी कहावत है कि मेरा राजा बहुत बुद्धिमान है, वह न खुद सोचता है और न ही किसी का सुझाव मानता है। इसी सोच की वजह से मैंने कॉन्ग्रेस छोड़ दी। बता दें कि रेड्डी ने 11 मार्च 2023 को ही कॉन्ग्रेस की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने इस संबंध में कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को खत भेजा था।

Kiran Kumar Reddy: आंध्र प्रदेश में कांग्रेस को बड़ा झटका, पूर्व  मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी हुए भाजपा में शामिल | Kiran Kumar Reddy,  Andhra Pradesh Mein Congress Ko Bada ...
आंध्र के पूर्व CM किरण कुमार रेड्डी BJP में शामिल हो गए
  • आंध्र के पूर्व CM किरण कुमार रेड्डी BJP में शामिल हो गए
  • किरण कुमार रेड्डी ने संयुक्त आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया था
  • रेड्डी 25 नवंबर, 2010 से 01 मार्च, 2014 तक अविभाजित आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे

सारिका तिवारी, डेमोक्रेटिक फ्रन्ट, चंडीगढ़/  – 07 अप्रैल :

                      कांग्रेस के पूर्व नेता एवं अविभाजित आंध्रप्रदेश के अंतिम मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता अनिल बलूनी की मौजूदगी में रेड्डी ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।

                     इसी साल मार्च महीने में रेड्डी ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। सितंबर, 1959 में जन्मे रेड्डी ने 25 नवंबर, 2010 से 01 मार्च, 2014 तक अविभाजित आंध्रप्रदेश के 16वें मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। 2 जून, 2014 को तेलंगाना राज्य के गठन से पहले वह संयुक्त आंध्र प्रदेश के अंतिम मुख्यमंत्री थे।

                     भाजपा से जुड़ने के समय किरण कुमार रेड्डी ने कांग्रेस पर जोरदार हमला किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का वर्तमान नेतृत्व यह नहीं समझ पा रहा है कि किस नेता को किस स्तर पर क्या जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। इसके कारण पार्टी के अनेक नेताओं में गहरा असंतोष है। उन्होंने कहा कि उनका परिवार कई दशकों से कांग्रेस के प्रति समर्पित रहा है, लेकिन उनके जैसे नेताओं की उपेक्षा से पार्टी लगातार कमजोर हो रही है।

                     उन्होंने कहा कि कांग्रेस का भविष्य इसी बात से समझा जाना चाहिए कि एक समय 400 से ज्यादा सीटें हासिल करने के बाद आज वह अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही है, जबकि एक समय केवल दो सीटों पर रहने वाली भाजपा लगातार आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की सेवा में लगातार लोगों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ कोई अपने लोगों को संभाल कर रख पाने में भी असमर्थ हो रहा है।  

                     आंध्र प्रदेश के चार बार विधायक और स्पीकर रहे किरण कुमार रेड्डी ने कहा कि भाजपा का पूरा नेतृत्व राष्ट्र निर्माण की भावना से आगे बढ़ रहा है। पार्टी नेताओं के साथ-साथ भाजपा का सामान्य कार्यकर्ता भी इसी भावना से आगे बढ़ रहा है। यह भावना आसानी से नहीं आती है, इसके लिए लंबे समय से भाजपा के शीर्ष नेताओं ने परिश्रम किया है और कार्यकर्ताओं के लिए दिशा-निर्देश दिए हैं। भाजपा की नीति और दिशा बिल्कुल साफ है। वे गरीबों और युवाओं के लिए समर्पित हैं।

किरण कुमार रेड्डी के शामिल होने के अवसर पर पार्टी नेता प्रह्लाद जोशी ने कहा कि पूर्व क्रिकेटर रहे किरण कुमार रेड्डी अब भाजपा के लिए बैटिंग करेंगे। वे रणजी स्तर तक क्रिकेट खेल चुके हैं। उन्होंने कहा है कि वे प्रधानमंत्री मोदी के भ्रष्टाचार से लड़ाई में अपना योगदान देना चाहते हैं, इसलिए उन्होंने भाजपा से जुड़ने का निर्णय किया है।

                     किरण रेड्डी अपने पिता और आंध्र के पूर्व पीएम राजशेखर रेड्डी की 2009 में मौत के बाद राज्य के सीएम बने थे। अविभाजित आंध्र प्रदेश में 2010 में उस दौरान राजनीतिक घटनाक्रम पैदा हुआ था, जिसके चलते उन्होंने राज्य की कमान अपने हाथों में ली थी।  

                     बता दें कि किरण रेड्डी के राजनीति करियर की शुरुआत 1989 में हुई थी। उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर ही वायलपाडु से जीत दर्ज की थी। इसके बाद 2014 में जब यूपीए सरकार ने आंध्र और तेलंगाना का बंटवारा किया था तो किरण रेड्डी ने नाराजगी जताते हुए कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उन्होंने अपनी नई पार्टी Jai Samaikyandhra Party पार्टी बनाई। हालांकि, 2018 में राहुल गांधी ने उनकी वापसी करवा दी थी।

Anil Antony, Veteran Congress Leader AK Antonys Son, To Join BJP - कांग्रेस  के वरिष्ठ नेता एके एंटनी के बेटे अनिल एंटनी बीजेपी में शामिल हुए | India In  Hindi
अनिल एंटनी बीजेपी में शामिल

                     इससे पहले गुरुवार (6 अप्रैल 2023) को अनिल एंटनी भी बीजेपी में शामिल हुए थे। भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने के बाद अनिल ने भी कॉन्ग्रेस लीडरशीप पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि कई कॉन्ग्रेस नेता एक परिवार की सेवा को अपना धर्म समझते हैं। मैं समझता हूँ कि मेरा धर्म राष्ट्र की सेवा करना है।

हनुमान जन्मोत्सव पर वीरेश शांडिल्य ने किए भगवा झंडे, टी शर्ट व टोपियां लॉंच

  • हनुमान जन्मोत्सव विशाल बाइक रैली शोभा यात्रा में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करेंगे शांडिल्य , तीन दिवसीय तेलंगाना दौरे पर शांडिल्य
  • हैदराबाद पहुंचने पर एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य का जोरदार स्वागत

डेमोक्रेटिक फ्रन्ट, अम्बाला/ हैदराबाद  – 05 अप्रैल :

एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया  के रास्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य का बुधवार को तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद पहुंचने पर राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जोरदार स्वागत किया गया । इस अवसर पर हिन्दू सेवा संघ के अध्यक्ष प्रमोद कुमार मोदी व हिन्दू संघ के सदस्यों ने शांडिल्य का फूलमालाएं पहनाकर व भारत माता की जय के नारों के साथ हार्दिक अभिनंदन किया गया । बता दें शांडिल्य तीन दिवसीय हैदराबाद दौरे पर है और वह इस दौरान हनुमान जन्मोत्सव पर विशाल मोटर साईकल शोभा यात्रा को हरी झंडी दिखाएंगे और हनुमान जन्मोत्सव कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शामिल होंगे ।

शांडिल्य इस दौरान हनुमान जन्मोत्सव पर हैदराबाद में स्तिथ श्री सालासर धाम में भी शीश नवाएँगे और शोभा यात्रा से पहले हैदराबाद में भगवा झंडे , टी-शर्ट समेत अन्य सामग्री लांच की । इस दौरान शांडिल्य हैदराबाद के कई उद्योगपतियों, धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के गणमान्यों से मुलाकात करेंगे और एंटी टेरोरिस्ट कॉउंसिल व एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया की राज्य इकाई का भी गठन करेंगे ।

हिन्दू सेवा संघ के अध्यक्ष प्रमोद कुमार मोदी ने शांडिल्य का हैदराबाद की धरती पर पधारने पर जहां स्वागत किया और शांडिल्य को सनातन की प्रखंड एवं मजबूत आवाज बताया और कहा कि आज सनातन धर्म को शांडिल्य जैसे वीर योद्धाओं की जरूरत है तो आतंकवाद को चुनौती देने के साथ-साथ सनातन धर्म व आदि शंकराचार्य की सोच को जन-जन तक पहुंचा रहे है ।

इस अवसर पर वासु रंजन शाण्डिल्य, विष्णु अग्रवाल, संतोष, पवन जांगिड़, विनोद, संजीव कुमार, गोवर्धन सिंह, जीतू जोशी, रवि बंजारी, उत्तम, अजय, शुशीला, यादम्मा, सुमन,गीता,रीना, प्रिया, गीता एवम अन्य मौजूद रहे ।

एक नए नेशनल क्रिकेट बोर्ड ‘इंडियन स्कूल्स बोर्ड फॉर क्रिकेट’ की शुरुआत हैदराबाद में हुई

  • पूर्व भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान पद्मश्री दिलीप वेंगसरकर ने स्कूली क्रिकेटरों के लिए बनी,’इंडियन स्कूल्स बोर्ड फॉर क्रिकेट’ की विधिवत घोषणा की है

डेमोक्रेटिक फ्रंट संवाददाता, हैदराबाद :

            एक नए नेशनल क्रिकेट बोर्ड ‘इंडियन स्कूल्स बोर्ड फॉर क्रिकेट’ (ISBC )की शुरुआत की गई।आईएसबीसी एक गैर-लाभकारी संगठन है,जोकि पूरे भारत में युवा क्रिकेट प्रतिभाओं की तलाश और प्रशिक्षित करेगी,खास करके ग्रामीण इलाकों में छुपी और होनहार प्रतिभाओं को नया भविष्य और मौका देगी। जिसकी घोषणा के लिए हैदराबाद के होटल ताज कृष्णा में सोमवार १२ सितंबर २०२२ को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया था। जिसकी घोषणा और बोर्ड की जानकारी भारतीय क्रिकेट के दिग्गज, पूर्व कप्तान,मुख्य चयनकर्ता तथा इस बोर्ड के मुख्य सलाहकार पदमश्री दिलीप वेंगसरकर द्वारा किया गया। इस अवसर पर बोर्ड के फाउंडर व सीईओ सुनील बाबू कोलनपाका,अध्यक्ष अंकेश राठौर, सेक्रेटरी पदम राज पारख तथा बोर्ड के सभी पदाधिकारी व सदस्यों ने उपस्थित रहकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई और कार्यक्रम को सफल बनाया।

             इस अवसर पर बोर्ड के फाउंडर व सीईओ सुनील बाबू कोलनपाका ने कहा,” आईएसबीसी ने स्कूली क्रिकेटरों को तैयार करने में प्रवेश किया है।2011 में तेलंगाना के ग्रामीण क्रिकेटरों के लिए क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ तेलंगाना (CAT) द्वारा ‘तेलंगाना स्कूल प्रीमियर लीग'(TSPL) 5120 स्कूली क्रिकेटरों के साथ एक बड़ी सफलता थी ,जिसके तहत तेलंगाना राज्य के 31 जिलों ने टूर्नामेंट में हिस्सा लिया और 550 मैच हुए। जिसमें ग्रामीण कुछ असाधारण क्रिकेट प्रतिभाओं को देखा और उनको विकसित करने के लिए ‘इंडियन स्कूल्स बोर्ड फॉर क्रिकेट” का आज शुरुवात की है। “

                   पूर्व क्रिकेटर दिलीप वेंगसरकर ने इस अवसर बोर्ड के लोगो का धन्यवाद किया और कहा,” यह एक अच्छी पहल है।इससे हमारे युवा पीढ़ी के बच्चों को एक अच्छा अवसर व प्लेटफार्म मिलेगा। अच्छे व टैलेंट लोगों को सही दिशा मिलेगी,खासकर के जो ग्रामीण इलाकों में छुपी और वंचित प्रतिभाएं है,उनको सुनहरा मौका मिलेगा।”

         अध्यक्ष अंकेश राठौर ने कहा,“भारत को स्कूली क्रिकेटरों को तैयार करने के लिए एक संगठित ढांचे की जरूरत थी,जो कि आईएसबीसी पूरा करेगा।”

         सेक्रेटरी पदम राज पारख ने कहा,” हमें 19 देशों का एक स्कूली समूह बनाकर खुशी हो रही है, जिसके तहत हम 2023 के अंततक में “स्कूल वर्ल्ड कप” आयोजित करने की योजना बना रहे हैं।”

          आईएसबीसी 2023/24 के लिए जुलाई/अगस्त के महीने से क्रिकेट गतिविधियां शुरू करेगा।के बाद दिसंबर 2022 में अनुसूची और भागीदारी की घोषणा की जाएगी। आईएसटीएल (ISTL )के तहत शैक्षिक छात्रवृत्तियां होंगी,भारत और विदेश में आईसीसी स्तर की अकादमियों में विशेषज्ञ क्रिकेट प्रशिक्षण शुरू करेगा।इन सदस्यों को सर्वसम्मति से आईएसबीसी के लिए चुना गया,जोकि 3 साल की अवधि के लिए है।

अध्यक्ष अंकेश राठौर (राजस्थान), उपाध्यक्ष संध्या अग्रवाल (मध्य प्रदेश),वाई सुदर्शन बाबू (आंध्र प्रदेश),संग्राम लोंकर (महाराष्ट्र),सचिव पदम राज पारख (राजस्थान),संयुक्त सचिव मोहम्मद युसूफ (तमिलनाडु),डॉ. एस सेंथिल कुमार (तमिलनाडु),कोषाध्यक्ष डी. श्रीनिवास रेड्डी (आंध्र प्रदेश),कार्यकारी समिति जयेश गांधी (महाराष्ट्र),वर्षा शर्मा (मध्य प्रदेश),टी श्रीनिवास रेड्डी (आंध्र प्रदेश), सीएच विजय कुमार (आंध्र प्रदेश),अमित बोकाडिया (राजस्थान),अध्यक्ष :- अभिषेक आवला (तेलंगाना),,संस्थापक-सीईओ सुनील बाबू कोलनपाका (तेलंगाना), प्रमुख संरक्षक भाजपा राज्यसभा सांसद डॉ के लक्ष्मण, संरक्षक जैतारण से भाजपा विधायक श्री अविनाश जी गेहलोत इत्यादि है।

Sanjay

हर घर तिरंगा आजादी का अमृत महोत्सव के नेतृत्व में एक अभियान

स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में एक राष्ट्र के रूप में ध्वज को सामूहिक रूप से घर लाना न केवल तिरंगे से हमारे व्यक्तिगत संबंध का एक कार्य है बल्कि यह राष्ट्र-निर्माण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक भी बन जाता है। आजादी के अमृत महोत्सव में हर घर तिरंगा अभियान 13 से 15 अगस्त, 2022 तक आयोजित किया जाएगा।

हमारे देश के 75वें स्वतंत्रता दिवस पर हर घर में तिरंगा फहराया जा रहा है। आइए जानते हैं हमारे देश के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के बारे में।

जसविंदर पाल शर्मा, डेमोक्रेटिक फ्रंट, श्री मुक्तसर साहिब पंजाब :

झंडा किसी देश का सबसे महत्वपूर्ण प्रतीक होता है। इसी तरह, भारत का राष्ट्रीय ध्वज भारत के लिए सर्वोच्च महत्व का प्रतीक है। भारत का राष्ट्रीय ध्वज देश के सम्मान, देशभक्ति और स्वतंत्रता का प्रतीक है। यह भाषा, संस्कृति, धर्म, जाति आदि में अंतर के बावजूद भारत के लोगों की एकता को दर्शाता है। सबसे विशेष रूप से, भारतीय ध्वज एक क्षैतिज आयताकार तिरंगा है। इसके अलावा भारत के झंडे में केसरिया, सफेद और हरा रंग होता है।

भारत के राष्ट्रीय ध्वज का इतिहास

15जिसे तिरंगा भी कहते हैं, तीन रंग की क्षैतिज पट्टियों के बीच नीले रंग के एक चक्र द्वारा सुशोभित ध्वज है। इसकी अभिकल्पना पिंगली वैंकैया ने की थी।इसे 15 अगस्त 1947 को अंग्रेजों से भारत की स्वतंत्रता के कुछ ही दिन पूर्व 22 जुलाई, 1947 को आयोजित भारतीय संविधान-सभा की बैठक में अपनाया गया था

1921 में महात्मा गांधी द्वारा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को ध्वज का प्रस्ताव दिया गया था। इसके अतिरिक्त, ध्वज को पिंगली वेंकैया द्वारा डिजाइन किया गया था। झंडे के केंद्र में एक पारंपरिक चरखा था। फिर केंद्र में एक सफेद पट्टी को शामिल करने के लिए डिजाइन में एक संशोधन किया गया। यह संशोधन अन्य धार्मिक समुदायों के लिए भी हुआ और चरखे की पृष्ठभूमि बनाने के लिए भी।

रंग योजना के साथ सांप्रदायिक जुड़ाव से बचने के लिए, विशेषज्ञों ने तीन रंगों को चुना। सबसे खास यह कि ये तीन रंग केसरिया, सफेद और हरा थे। केसरिया रंग साहस और बलिदान का प्रतिनिधित्व करता है। इसके अलावा सफेद रंग शांति और सच्चाई का प्रतिनिधित्व करता है। इसके अलावा, हरा रंग विश्वास और बहादुरी का प्रतीक है।
आजादी से कुछ दिन पहले विशेष रूप से गठित संविधान सभा ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया। निर्णय यह था कि भारतीय ध्वज सभी समुदायों और पार्टियों को स्वीकार्य होना चाहिए। हालांकि, भारतीय ध्वज के रंगों में कोई बदलाव नहीं आया। हालांकि, चरखे को अशोक चक्र से बदल दिया गया था। इसके अलावा, यह अशोक चक्र कानून के शाश्वत चक्र का प्रतिनिधित्व करता है।

भारत के राष्ट्रीय ध्वज का प्रदर्शन

ध्वज का प्रदर्शन सभा मंच पर किया जाता है तो उसे इस प्रकार फहराया जाएगा कि जब वक्ता का मुँह श्रोताओं की ओर हो तो ध्वज उनके दाहिने ओर हो। ध्वज किसी अधिकारी की गाड़ी पर लगाया जाए तो उसे सामने की ओर बीचोंबीच या कार के दाईं ओर लगाया जाए। फटा या मैला ध्वज नहीं फहराया जाता है।

Independence Day: The Demand For The Tricolor Has Doubled After Indias  Stellar Performance In The Olympics ANN | Independence Day: Olympics में  भारत के शानदार प्रदर्शन के बाद दोगुनी हुई तिरंगे की

नियमों में कहा गया है कि जब दो झंडे किसी पोडियम के पीछे की दीवार पर क्षैतिज रूप से फैले होते हैं, तो उनके झंडे एक दूसरे के सामने होने चाहिए। साथ ही केसर की पट्टियां ऊपर होनी चाहिए। जब फ्लैग डिस्प्ले एक छोटे फ्लैगपोल पर होता है, तो माउंटिंग दीवार के कोण पर होनी चाहिए। साथ ही, कोण ऐसा है कि उसमें से झंडा लिपटा हुआ है। जब एक पार किए गए कर्मचारी पर झंडे दिखाई देते हैं, तो लहराते हुए एक दूसरे की ओर होना चाहिए।

भारत के राष्ट्रीय ध्वज का इस्तेमाल कभी भी टेबल, लेक्चर, पोडियम या इमारतों को ढंकने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। जब ध्वज को घर के अंदर प्रदर्शित किया जाता है, तो यह हमेशा दाहिनी ओर होना चाहिए। इसका कारण प्राधिकरण की स्थिति है। इसके अतिरिक्त, ध्वज हमेशा वक्ता के दाहिने हाथ पर होना चाहिए जब ध्वज वक्ता के सामने प्रदर्शित होता है। सबसे विशेष रूप से, जब भी ध्वज प्रदर्शित किया जाता है, तो इसे पूरी तरह से बढ़ाया जाना चाहिए।
अंत में, भारत का राष्ट्रीय ध्वज हमारे देश का गौरव है। इसके अलावा, भारत का झंडा देश की संप्रभुता का प्रतिनिधित्व करता है। सबसे विशेष रूप से, राष्ट्रीय ध्वज को फहराते हुए देखना हर भारतीय के लिए गर्व और खुशी का क्षण होता है। भारत का राष्ट्रीय ध्वज निश्चित रूप से भारत के प्रत्येक नागरिक से बहुत सम्मान का पात्र है।

राष्ट्रपति चुनाव आज

राष्ट्रपति चुनाव एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का पलड़ा भारी माना जा रहा है। उन्हें बीजद, वाईएसआरसीपी, बसपा, अन्नाद्रमुक, तेदेपा, जद (एस), शिरोमणि अकाली दल, शिवसेना और झामुमो जैसे क्षेत्रीय दलों का समर्थन मिला है। द्रौपदी मुर्मू का वोट शेयर लगभग दो-तिहाई तक पहुंचने की संभावना है।  

पियूशा पयोधि, डेमोक्रेटिक फ्रंट :

देश के 15वें राष्ट्रपति के चुनाव के लिए तैयारियां पूरी हो गई हैं और सोमवार को संसद भवन व राज्यों की विधानसभाओं में इसके लिए वोट डाले जाएंगे। देशभर के करीब 4,800 विधायक और सांसद राष्ट्रपति चुनाव में वोट डालेंगे। वोटों के गणित में पक्ष और विपक्ष के बीच बने बड़े फासले को देखते हुए राजग उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का देश की अगली राष्ट्रपति चुना जाना तय है। वह आदिवासी समुदाय की देश के शीर्ष संवैधानिक पद पर पहुंचने वाली पहली शख्सियत होंगी।

21 जुलाई को परिणाम घोषित होने के बाद 25 जुलाई 2022 को नए राष्ट्रपति का शपथ ग्रहण समारोह होगा। आज होने वाले राष्ट्रपति चुनाव को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। संसद भवन के कमरा नम्बर-63 में 6 बूथ बनाए गए हैं। जिसमें एक दिव्यांग वोटर के लिए है। अलग-अलग राज्यों के कुल 9 विधायक संसद भवन में वोट करेंगे। यूपी से 4, त्रिपुरा से 2, असम से 1, ओडिसा से 1, हरियाणा से 1 जबकि 42 सांसद विधानसभाओं में वोट करेंगे।

राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए की ओर से द्रौपदी मुर्मू उम्मीदवार हैं। द्रौपदी मुर्मू आदिवासी समुदाय से आती हैं। मुर्मू अनुसूचित जनजाति से संबंधित दूसरी व्यक्ति हैं, जिन्हें भारत के राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार के रूप में नामित किया गया है। उन्होंने इससे पहले 2015 से 2021 तक झारखंड के नौवें राज्यपाल के रूप में कार्य किया है। अगर द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति चुनाव में जीतती हैं तो वे राष्ट्रपति बनने वाली पहली आदिवासी महिला होंगी।

महाराष्ट्र में बड़ा सस्पेंस खत्म, वोटिंग से पहले MVA के समर्थन में आई AIMIM

महाराष्ट्र में राज्यसभा चुनाव को लेकर जारी बड़ा सस्पेंस खत्म हो गया है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने महाविकास अघाड़ी सरकार का समर्थन करने का ऐलान किया है। इस बात की जानकारी प्रदेश अध्यक्ष इम्तियाज जलील ने शुक्रवार को दी है। राज्य में AIMIM के दो विधायक हैं। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 6 सीटों पर मतदान होना है। यहां सात उम्मीदार मैदान में हैं। जलील ने मुंबई स्थित ट्राइडेंट होटल में शिवसेना नेताओं एकनाथ शिंदे, अनिल परब, अनिल देसाई, अरविंद सावंत और पार्टी पदाधिकारी मिलिंद नारवेकर से मुलाकात की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राज्यसभा के दो वोट के बदले में शिवसेना मंत्री सभी शर्तें मानने तैयार हो गए हैं।

  • हिन्दू हृदय सम्राट बाल ठाकरे के बेटे उद्धव ठाकरे ने कॉंग्रेस के म्मीदवार को जिताने के लिए असदुद्दीन ओवैसी का हाथ थामा

चार राज्यों की 16 राज्यसभा सीटों के लिए आज मतदान होगा। इस बीच बड़ा अपडेट यह भी है कि महाराष्ट्र में भाजपा को हराने के लिए असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने महाविकास अघाड़ी को समर्थन देने का ऐलान किया है। AIMIM महाराष्ट्र अध्यक्ष इम्तियाज जलील ने कहा कि भाजपा को हराने के लिए हमारी पार्टी AIMIM ने महाराष्ट्र में राज्यसभा चुनाव में महा विकास अघाड़ी (MVA) को वोट देने का फैसला किया है। AIMIM महाराष्ट्र के 2 विधायकों को कांग्रेस उम्मीदवार इमरान प्रतापगढ़ी के समर्थन में वोट

एआईएमआईएम की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष इम्तियाज जलील ने कहा है कि उनकी पार्टी राज्य में महाविकास अघाड़ी (MVA) को वोट देगी। हमारे दो विधायकों को कांग्रेस प्रत्याशी इमरान प्रतापगढ़ी को वोट देने को कहा गया है। 

उन्होंने आगे जानकारी दी कि मदद के बदले सरकार के सामने कुछ शर्तें भी रखी गई हैं। AIMIM सांसद ने कहा, ‘हमने हमारे विधायकों के क्षेत्र धुलिया और मालेगांव में विकास से जुड़ी कुछ शर्तें रखी हैं। साथ ही MPSC में अल्पसंख्यक सदस्य को नियुक्त करने और महाराष्ट्र वक्फ बोर्ड की आय को बढ़ाने की भी मांग की है।’

असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ गुरुवार को दिल्ली में प्राथमिकी दर्ज हुई

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने अपने खिलाफ दर्ज़ FIR पर कहा है कि “मुझे FIR का एक अंश मिला है. यह मेरी देखी हुई पहली प्राथमिकी है, जो यह स्पष्ट नहीं कर रही है कि अपराध क्या है.। हम इससे भयभीत नहीं होंगे। जहां तक मेरे खिलाफ एफआईआर की बात है, हम अपने वकीलों से सलाह लेंगे और जरूरत पड़ने पर इसका समाधान करेंगे। अभद्र भाषा की आलोचना करने और अभद्र भाषा का प्रयोग करने की तुलना नहीं की जा सकती।”

नयी दिल्ली(ब्यूरो), डेमोक्रेटिक फ्रंट – 9 जून :

ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ गुरुवार को दिल्ली में प्राथमिकी दर्ज हुई। भड़काऊ भाषण देने के मामले में दिल्ली पुलिस की आईएफएसओ यूनिट ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। एफआईआर में स्वामी यति नरसिम्हानंद का भी नाम है। ओवैसी पर आरोप है कि उन्होंने बुधवार को भड़काऊ भाषण दिया। स्वामी यति नरसिम्हानंद डासना देवी मंदिर के पुजारी हैं। दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रेटेजिक ऑपरेशन यूनिट स्पेशल सेल के अधीन काम करती है। यह यूनिट साइबर क्राइम के सभी जटिल एवं संवेदनशील मामलों को देखती है। नफरत भरे एवं भड़काऊ भाषण देने के मामले में IFSO ने कई लोगों के खिलाफ के मामले दर्ज किए हैं। 

ओवैसी ने एक अन्य ट्वीट में कहा है कि ऐसा प्रतीत होता है कि दिल्ली पुलिस में यति, नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल के खिलाफ मामलों को आगे बढ़ाने का साहस नहीं है। यही वजह है कि मामले में देरी और कमजोर प्रतिक्रिया जारी है। वास्तव में यति ने मुसलमानों के खिलाफ नरसंहार को बढ़ावा देने और इस्लाम का अपमान करके अपनी जमानत की शर्तों का बार-बार उल्लंघन किया है।

दिल्ली पुलिस पर भड़के ओवैसी

ओवैसी के मुताबिक दिल्ली पुलिस शायद हिंदुत्ववादी कट्टरपंथियों को ठेस पहुंचाए बिना इन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने का तरीका सोचने की कोशिश कर रही थी। दिल्ली पुलिस “दोनों पक्षवाद” या “संतुलन-वाद” सिंड्रोम से पीड़ित है। एक पक्ष ने खुले तौर पर हमारे पैगंबर का अपमान किया है, जबकि दूसरे पक्ष का नाम BJP समर्थकों को समझाने और ऐसा दिखाने के लिए दिया गया है कि दोनों पक्षों में अभद्र भाषा थी. मेरे मामले में एफआईआर यह भी नहीं कह रही है कि आपत्तिजनक क्या था।

हमने नूपुर शर्मा, नवीन कुमार जिंदल और असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ सोशल मीडिया पर उनकी कथित अपमानजनक टिप्पणियों के संबंध में दो प्राथमिकियां दर्ज की हैं। इन्होंने अन्य धर्मों के लोगों की भावनाओं को आहत किया है। इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।

मालूम हो कि बीते दिनों पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी करने के कारण भारतीय जनता पार्टी ने पार्टी प्रवक्ता नुपुर शर्मा को निलंबित कर दिया था। इसके साथ ही दिल्ली मीडिया सेल के प्रमुख नवीन जिंदल को निष्कासित कर दिया था।

इसके इसके बाद नुपुर शर्मा ने मंगलवार को कहा था कि वे पार्टी के निर्णय को स्वीकार करती हैं और उसका सम्मान करती हैं। उन्होंने कहा था कि मैं संगठन में व्यवहारिक रूप से पली-बढ़ी हूं। मैं उनके निर्णय को स्वीकार करती हूं और उसका सम्मान करती हूं।

वहीं, नवीन कुमार जिंदल ने मंगलवार को दावा किया कि उन्हें व उनके परिजनों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। जिंदल ने एक जून को मुहम्मद साहब पर विवादित ट्वीट किया था, जिसके बाद उनपर सोशल मीडिया पर हमला हो रहा है।