विक्रम लैंडर का पता लगा, संपर्क साधने की कोशिश जारी

  • वैज्ञानिक ऑर्बिटर के जरिए विक्रम लैंडर को संदेश भेजने की कोशिश कर रहे हैं
  • डेटा एनालिसिस के बाद पता चलेगा कि विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर कितना काम करेंगे

इसरो (ISRO) को चांद पर विक्रम लैंडर की स्थिति का पता चल गया है. ऑर्बिटर ने थर्मल इमेज कैमरा से उसकी तस्वीर ली है. हालांकि, उससे अभी कोई संचार स्थापित नहीं हो पाया है. ये भी खबर है कि विक्रम लैंडर लैंडिंग वाली तय जगह से 500 मीटर दूर पड़ा है. चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर में लगे ऑप्टिकल हाई रिजोल्यूशन कैमरा (OHRC) ने विक्रम लैंडर की तस्वीर ली है.

अब इसरो वैज्ञानिक ऑर्बिटर के जरिए विक्रम लैंडर को संदेश भेजने की कोशिश कर रहे हैं ताकि, उसका कम्युनिकेशन सिस्टम ऑन किया जा सके. इसरो के विश्वस्त सूत्रों ने aajtak.in को बताया कि बेंगलुरु स्थित इसरो सेंटर से लगातार विक्रम लैंडर और ऑर्बिटर को संदेश भेजा जा रहा है ताकि कम्युनिकेशन शुरू किया जा सके.

इसरो प्रमुख के सिवन ने बताया कि हमें विक्रम लैंडर के बारे में पता चला है, वह चांद की सतह पर देखा गया है. ऑर्बिटर ने लैंडर की एक थर्मल पिक्चर ली है. लेकिन अभी तक कोई संचार स्थापित नहीं हो पाया है. हम संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं.

भविष्य में विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर कितना काम करेंगे, इसका तो डेटा एनालिसिस के बाद ही पता चलेगा. इसरो वैज्ञानिक अभी यह पता कर रहे हैं कि चांद की सतह से 2.1 किमी ऊंचाई पर विक्रम अपने तय मार्ग से क्यों भटका. इसकी एक वजह ये भी हो सकती है कि विक्रम लैंडर के साइड में लगे छोटे-छोटे 4 स्टीयरिंग इंजनों में से किसी एक ने काम न किया हो. इसकी वजह से विक्रम लैंडर अपने तय मार्ग से डेविएट हो गया. यहीं से सारी समस्या शुरू हुई, इसलिए वैज्ञानिक इसी प्वांइट की स्टडी कर रहे हैं.

इसके अलावा चांद के चारों तरफ चक्कर लगा रहे ऑर्बिटर में लगे ऑप्टिकल हाई रिजोल्यूशन कैमरा (OHRC) से विक्रम लैंडर की तस्वीर ली जाएगी. यह कैमरा चांद की सतह पर 0.3 मीटर यानी 1.08 फीट तक की ऊंचाई वाली किसी भी चीज की स्पष्ट तस्वीर ले सकता है.

चंद्रयान-2 की चंद्रमा पर सफल लैंडिंग को लेकर असमंजस बरकरार

चंद्रयान-2 (Chandrayaan-2) की चंद्रमा पर सफल लैंडिंग को लेकर असमंजस बरकरार है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (ISRO) के प्रमुख के सिवन (K Sivan) की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि चंद्रयान -2 से चांद की सतह से 2.1 किलोमीटर दूर संपर्क टूट गया. इसरो (ISRO) में मौजूद पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने कहा कि देखिए जीवन में उतर चढ़ाव आते रहते हैं. ये कोई छोटा अचीवमेंट नहीं है, देश आप पर गर्व करता है. फिर से कम्युनिकेशन शुरू हुआ तो अब भी उम्मीद बची है

मिशन नाकाम नहीं हुआ है बल्कि हमे आंशिक सफलता मिली है, हम बहुत करीब पहुंचे। ऑर्बिटर लैंडर की तस्वीरें भेजेगा। ऑर्बिटर अभी भी ट्रैक पर है और डेटा भेज रहा है। हिन्दुस्तान से बातचीत में इसरो के वरीय वैज्ञानिक और चंद्रयान 2 मिशन के प्रोजेक्ट डाइरेक्टर अमिताभ ने यह जानकारी दी। इसके अलावा लैंडर के क्रेश होने के सवाल पर इसरो के वैज्ञानिक देवी प्रसाद कार्णिक ने जवाब दिया कि डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है। हमारे पास अभी तक कोई परिणाम नहीं है। इसमें समय लगता है। अभी कुछ भी कहना सही नहीं है। 

चंद्रयान-2 के लैंडर ‘विक्रम का चांद पर उतरते समय जमीनी स्टेशन से संपर्क टूट गया। सपंर्क तब टूटा जब लैंडर चांद की सतह से 2.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर था।लैंडर को रात लगभग एक बजकर 38 मिनट पर चांद की सतह पर लाने की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन चांद पर नीचे की तरफ आते समय 2.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर जमीनी स्टेशन से इसका संपर्क टूट गया। ‘विक्रम ने ‘रफ ब्रेकिंग और ‘फाइन ब्रेकिंग चरणों को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया, लेकिन ‘सॉफ्ट लैंडिंग से पहले इसका संपर्क धरती पर मौजूद स्टेशन से टूट गया। इसके साथ ही वैज्ञानिकों और देश के लोगों के चेहरे पर निराशा की लकीरें छा गईं। इसरो अध्यक्ष के. सिवन इस दौरान कुछ वैज्ञानिकों से गहन चर्चा करते दिखे। उन्होंने घोषणा की कि ‘विक्रम लैंडर को चांद की सतह की तरफ लाने की प्रक्रिया योजना के अनुरूप और सामान्य देखी गई, लेकिन जब यह 2.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर था तो तभी इसका जमीनी स्टेशन से संपर्क टूट गया। डेटा का अध्ययन किया जा रहा है।

भरतपुर से प्रभात और चुरू से गरिमा प्रधान मंत्री के साथ चंद्रयान 2 की सफल landing देखेंगे

देशभर के 70 हजार बच्चों में से इसरो की ओर से आयोजित कि गई ऑनलाइन स्पेश क्विज प्रतियोगिता में राजस्थान से 2 बच्चों का चयन हुआ है.

भरतपुर: राजस्थान के भरतपुर के आर्मी स्कूल का छात्र प्रभात 7 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ बेंगलुरू में चन्द्रयान 2 के चन्द्रमा पर उतरने वाले दृष्य को देखने वाला प्रदेश का दूसरा छात्र होगा. 

देशभर के 70 हजार बच्चों में से इसरो की ओर से आयोजित कि गई ऑनलाइन स्पेश क्विज प्रतियोगिता में भरतपुर जिले से 185 बच्चों में प्रभात का चयन हुआ था. चयन के बाद मीडिया से बातचीत में उसने हर्ष जताया था. भरतपुर के आर्मी स्कूल के शिक्षकों ने इसे गौरव का क्षण बताया है. 

प्रभात के अलावा चूरू के केंद्रीय विद्यालय की छात्रा गरिमा शर्मा 7 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ इसरो में चंद्रयान 2 की लॉन्चिंग देखेंगी. 

बता दें कि इसरो ने 25 अगस्त को एक ऑनलाइन क्विज आयोजित की गई थी. जिसमें प्रत्येक राज्य व केंद्र शासित प्रदेश से 2 छात्रों का चयन करना था. इसमें राजस्थान के दो स्कूली छात्रों का चयन किया गया है. जिनमें एक चूरू की गरिमा शर्मा का नाम भी शामिल है.

चंद्रमा पर चंद्रयान 2 की लैंडिंग को बच्चों के साथ सांझा करने और विज्ञान में बच्चों की रूचि बढ़ाने के लिए केन्द्र सरकार की ओर से यह प्रतियोगिता आयोजित करवाई गई थी. इस क्विज में कक्षा 8 से 10 तक के स्टूडेंट्स ने भाग लिया था. 

10 मिनट में देने थे 20 सवालों के ऑनलाइन जवाब
इस क्विज में 10 मिनट में 20 सवालों के ऑनलाइन जवाब देने थे. गरिमा ने महज 6 मिनट 40 सैकिंड में ही इन सवालों के जवाब दे दिए.

हिन्दू धर्म त्यागने वाले देवस्थान की नौकरी भी छोड़ें: जगन मोहन रेड्डी

आंध्र प्रदेश सरकार ने तिरुमला तिरुपति देवस्थानम् में कार्यरत गैर हिंदू कर्मचारियों के लिए नौकरी छोड़ने का आदेश जारी किया है। इस आदेश के अनुसार, मंदिर ट्रस्ट में कार्यरत गैर हिंदू या जिन्होंने हिंदू धर्म को छोड़कर किसी अन्य धर्म को अपना लिया है उन कर्मचारियों को नौकरी छोड़नी होगी।

तिरुमला तिरुपति देवस्थानम् में वर्तमान समय में 48 गैर हिंदू कर्मचारी काम कर रहे हैं। इसके अलावा अपने आदेश में सरकार ने सभी कर्मचारियों के जांच करने के लिए भी कहा है। राज्य के मुख्य सचिव एलवी सुब्रमण्यम ने कहा कि ट्रस्ट में काम करने वाले कई कर्मचारी ऐसे हैं, जिन्होंने हिंदू धर्म छोड़कर किसी अन्य धर्म को अपना लिया है। हालांकि यह उनका चयन है। उन्हें ऐसा करने से कोई नहीं रोक सकता, लेकिन वे तिरुपति की नौकरी नहीं कर सकते हैं।

आंध्रा सरकार ने यह आदेश कुछ संगठनों द्वारा तिरुमला में बढ़ते धर्मांतरण को लेकर जताई गई चिंता के बाद जारी किया है। कुछ दिन पहले ही राज्य के मुख्य सचिव एलवी सुब्रमण्यम ने मंदिर का दौरा भी किया था।

एक्स स्पीकर के शोरूम से विधान सभा का चोरी हुआ सामान जब्त

पूर्व स्पीकर के बेटे के शोरूम में कम से कम 70 ऐसी चीजें थीं, जिन्हें विधानसभा से चुरा कर लाया गया था।

आंध्र प्रदेश विधानसभा से कुछ क़ीमती फर्नीचर गायब हो गए थे। इस सम्बन्ध में पुलिस ने केस भी दर्ज किया था। अब यही फर्नीचर विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष कोडेला शिवा प्रसाद राव के गुंटूर स्थित निजी दफ़्तर से मिले हैं। ऐसा करने के लिए वह अनधिकृत हैं क्योंकि विधानसभा की संपत्ति को कोई भी नेता अपने व्यक्तिगत प्रयोग के लिए इस्तेमाल नहीं कर सकता।

राजस्व विभाग और विधानसभा के अधिकारियों ने गुंटूर स्थित गौतम हीरो शोरूम से भी कुछ फर्नीचर बरामद किए। ये शोरूम पूर्व विधानसभाध्यक्ष के बेटे शिवराम कृष्णा का है। दोनों पिता-पुत्र के ख़िलाफ़ विधानसभा की संपत्ति को व्यक्तिगत प्रयोग के लिए कहीं और लेकर जाने के सम्बन्ध में मामला दर्ज किया गया। विधानसभा के अधिकारियों ने पहले ही फर्नीचर की पहचान कर ली थी और उसके बाद मामला दर्ज किया गया।

शोरूम में कम से कम 70 ऐसी चीजें थीं, जिन्हें विधानसभा से चुरा कर लाया गया था। हालाँकि, विधानसभा अधिकारियों ने जिन चीजों की सूची दी थी, उनकी संख्या इससे कम ही थी। पूर्व विधानसभाध्यक्ष के ख़िलाफ़ धारा 409 (लोक सेवक या बैंक कर्मचारी, व्यापारी या अभिकर्ता द्वारा विश्वास का आपराधिक हनन) और धारा 411 (चुराई हुई संपत्ति को बेईमानी से प्राप्त करना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

विधानसभा के अधिकारी एम ईश्वर राव की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। ईश्वर राव ने हाईकोर्ट से अनुमति माँगी थी कि पूर्व विधानसभा स्पीकर के दफ्तर और उनके बेटे के शोरूम से विधानसभा की सम्पत्तियाँ वापस ली जाएँ। उन्होंने उच्चाधिकारियों को इस सम्बन्ध में जून में ही पत्र लिखा था लेकिन इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई।

साभार टीवी9 तेलुगू

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राव ने स्वीकार किया था कि विधानसभा के फर्नीचर को हैदराबाद से अमरावती ट्रांसफर करते समय उनमें से कुछ फर्नीचर उनके आवास पर भेजे गए थे। पूर्व स्पीकर का कहना था कि फर्नीचर अस्थायी विधानसभा में ख़राब हो सकते थे, इसीलिए उनकी सुरक्षा और मेंटेनन्स के लिए ऐसा किया गया। टीडीपी नेता राव ने हालिया चुनाव में हार का सामना किया है। विवाद होने के बाद यह फर्नीचर के रुपए देने के लिए भी तैयार हैं।

मल्टीलेवल मार्केटिंग घोटाले क्यूनेट में नामचीन कलाकारों को नोटिस, 70 गिरफ्तार

हैदराबाद: बहुस्तरीय (मल्टीलेवल) मार्केटिंग घोटाले क्यूनेट के संबंध में साइबराबाद पुलिस ने 38 मामले दर्ज करते हुए कुल 70 लोगों को गिरफ्तार किया है. साइबराबाद पुलिस आयुक्त वी.सी. सजनार ने मंगलवार को बताया कि ये मामले ग्रेटर हैदराबाद को कवर करने वाले तीन पुलिस आयुक्तों में से एक साइबराबाद पुलिस कमिश्नरेट में आने वाले अलग-अलग पुलिस थानों में दर्ज किए गए हैं. उन्होंने कहा कि विहान डायरेक्ट सेलिंग प्राइवेट लिमिटेड (क्यूनेट) और इसके प्रमोटरों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में कई मामले दर्ज किए गए थे.

अनिल कपूर, बोमन ईरानी सहित शाहरुख खानसमेत कई एक्टरों को नोटिस

पुलिस ने कंपनी के कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए अभिनेता अनिल कपूर, शाहरुख खान, बोमन ईरानी, जैकी श्रॉफ, विवेक ओबेरॉय, पूजा हेगड़े और अल्लू सिरीश को भी नोटिस दिया है. अनिल कपूर, शाहरुख खान और बोमन ईरानी ने अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से नोटिस का जवाब दिया है. वहीं अन्य बॉलीवुड हस्तियों से जवाब का इंतजार किया जा रहा है. सजनार के कहा कि तीनों बॉलीवुड कलाकारों की प्रतिक्रिया का अध्ययन किया जा रहा है. पुलिस प्रमुख ने कहा, ‘इस योजना के शीर्ष 500 प्रमोटरों को भी नोटिस दिए गए हैं और उनके जवाबों का इंतजार है.’

उन्होंने कहा कि यह भारत के क्यूआई समूह की एक फ्रेंचाइजी विहान की ओर से धोखाधड़ी का मामला है, जो क्यूनेट के नाम से मार्केटिंग करती है. पुलिस के अनुसार, विहान को पहले गोल्ड क्वेस्ट एंड क्वेस्ट नेट के नाम से जाना जाता था. यह क्यूआई समूह के स्वामित्व वाली हांगकांग स्थित एक प्रत्यक्ष बिक्री या बहु-स्तरीय विपणन (मल्टी लेवल मार्केटिंग) कंपनी है. पुलिस के अनुसार, वे सॉफ्टवेयर कर्मचारियों, बेरोजगार युवाओं और गृहणियों को निशाना बना रहे थे.

विहान को बंद करने की प्रक्रिया शुरू

कार्पोरेट मामलों के मंत्रालय (एमसीए) ने कहा कि विहान को बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. वहीं सजनार ने लोगों से अपील की है कि वे क्यूनेट में शामिल न हों और विहान को कोई भुगतान न करें.

उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (आरओसी) बेंगलुरु ने विहान को बंद करने के लिए नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) की बेंगलुरु बेंच में याचिका दायर की थी. उन्होंने कहा कि आरओसी ने कंपनी अधिनियम-2013 के विभिन्न उल्लंघनों के लिए विहान के खिलाफ अभियोग चलाया था. कंपनी से जुड़े 12 लोगों के खिलाफ निदेशक और प्रमोटर के रूप में लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है.

ई-कॉमर्स की आड़ में भारत के बाहर भेजे कए करोड़ों रुपए

फाइनेंशियल फ्रॉड्स विक्टिम्स वेलफेयर एसोसिएशन ने दावा किया कि डायरेक्ट सेलिंग और ई-कॉमर्स की आड़ में कंपनी ने 20 हजार करोड़ रुपये भारत से बाहर भेजे हैं.

इस बीच क्यूनेट ने आरोपों से इनकार किया है. उसने रिपोर्ट को आधारहीन के साथ तथ्यों व व्यापार की समझ के बिना तैयार किया गया बताया. क्यूनेट ने कहा कि उन्होंने न्यायिक फोरम में इस रिपोर्ट को चुनौती दी है.

क्यूनेट एक ई-कॉमर्स आधारित प्रमुख एशियाई डायरेक्ट सेलिंग कंपनी है, जो होम केयर, पर्सनल केयर, स्किन केयर, हेल्थ फूड सप्लीमेंट्स, घड़ियां और हॉलिडे पैकेज की श्रेणियों में उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों की मार्केटिंग करती है. क्यूनेट भारत में अपने सब फ्रेंचाइजी के माध्यम से काम करती है.

यूएपीए बिल राज्यसभा में पास

  • गैर-कानूनी गतिविधि निवारण संशोधन (यूएपीए) विधेयक, 2019 बिल राज्यसभा में भी पास हुआ
  • इसमें गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल व्यक्ति को आतंकी घोषित करने का प्रावधान, विपक्षी दल इसके विरोध में
  • गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- कब तक संगठनों पर प्रतिबंध लगाएंगे, एक के बाद दूसरा सामने आ जाता है
मैं भरोसा दिलाता हूं कि आप कुछ नहीं करोगे तो कुछ नहीं होगा : अमित शाह

नई दिल्ली. आतंकी गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए मोदी सरकार संशोधित यूएपीए बिल लेकर आई है। शुक्रवार को यह विधेयक राज्यसभा में भी पास हो गया। चर्चा के दौरान कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने विधेयक में संशोधन का विरोध किया। दिग्विजय सिंह ने भाजपा पर आतंकवाद से समझौता करने का आरोप लगाया। गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें जवाब देते हुए कहा, ”दिग्विजय सिंह जी कह रहे हैं कि मुझे ही आतंकी घोषित कर दो। आपका गुस्सा जायज है, वे क्योंकि अभी-अभी चुनाव हारे हैं। लेकिन मैं भरोसा दिलाता हूं कि आप कुछ नहीं करोगे तो कुछ नहीं होगा।”

संशोधित बिल में सरकार ने गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल व्यक्ति विशेष को आतंकी घोषित करने का प्रावधान शामिल किया है। दिग्विजय ने कहा कि हमें भाजपा की मंशा पर संदेह है। कांग्रेस ने कभी आतंकवाद से समझौता नहीं किया, इसीलिए यह कानून लेकर आए थे। आतंकवाद से समझौता करने वाले आप लोग हैं। भाजपा सरकार ने ही पहले रुबैया सईद और फिर मसूद अजहर को छोड़ा था।

कानून का दुरुपयोग के आरोप लगाने से पहले अपना इतिहास देखिए

गृह मंत्री ने कहा, ”इमरजेंसी के दौरान क्या हुआ था? मीडिया पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया और विपक्ष के सभी नेताओं को जेल में डाल दिया था। 19 महीने तक देश में लोकतंत्र को खत्म कर दिया गया और अब आप (कांग्रेस) हम पर कानून के दुरुपयोग का आरोप लगा रहे हैं। कृपया अपना इतिहास भी देख लीजिए। जब हम विपक्ष में थे तो 2004, 2008 और 2013 में हमने यूपीए सरकार के यूएपीए बिल को समर्थन दिया था। क्योंकि हमें लगता था कि आतंकवाद से लड़ने के लिए यह जरूरी था।”

हम सिर्फ व्यक्ति को आतंकी घोषित करने के विरोध में: कांग्रेस

कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने कहा, ”अगर विधेयक के संशोधन को देखें तो लगता है कि यह एनआईए को ताकतवर बनाएगा। लेकिन इसमें किसी व्यक्ति का नाम आतंकी की सूची में हटाने और जोड़ने का प्रावधान है। हम इसी का विरोध कर रहे हैं न कि गैर-कानूनी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए बने कानून का। 2008 में जब मैंने गृह मंत्री की जिम्मेदारी संभाली तो आतंकवाद का सामना करने के लिए तीन स्तंभ- एनआईए, नेटग्रिड और एनसीटीसी बनाए थे। आज हमारे पास सिर्फ एक स्तंभ है। आपने एनआईए को छोड़कर बाकी दो के लिए क्या किया?”

कब तक संगठनों पर ही रोक लगाते रहेंगे: गृह मंत्री

अमित शाह ने चिदंबरम को जवाब दिया, ”आपने पूछा कि आतंकी गतिविधियों में लिप्त संगठनों पर प्रतिबंध है तो किसी व्यक्ति को विशेष को आतंकी घोषित करने की क्या जरूरत है। हमने संशोधन में ऐसा प्रावधान रखा है क्योंकि एक संगठन पर रोक लगाई जाती है तो कुछ व्यक्तियों के द्वारा दूसरा खड़ा कर दिया जाता है। कब तक हम संगठनों पर ही रोक लगाते रहेंगे?

एनआईए को पहले से ज्यादा अधिकार, इसलिए विरोध

बिल में नए प्रावधान जोड़े गए हैं। इसमें सबसे बड़ा प्रावधान यह है कि एनआईए अब आतंकी के समर्थकों को भी आतंकी घोषित कर उनकी संपत्ति जब्त कर सकेगी। यही नहीं, अब आतंकी संगठन के साथ-साथ उस व्यक्ति को भी आतंकी घोषित किया जा सकेगा, जो किसी न किसी रूप से आतंक को बढ़ावा दे रहा होगा। उसकी संपत्ति जब्त करने के लिए एनआईए को उससे संबंधित राज्य की मंजूरी की जरूरत नहीं होगी।

किसी व्यक्ति को आतंकी घोषित करने के 4 आधार होंगे

1. जो व्यक्ति आतंकी घटना को अंजाम देगा या इसमें सहयोग देगा।
2. जो व्यक्ति किसी आतंकी घटना की तैयारी कर रहा होगा।
3. जो देश में आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले कृत्य करेगा।
4. जो व्यक्ति किसी भी तरह से आतंकवाद से जुड़ा हुआ पाया जाएगा।

विपक्ष ने लोकसभा में चर्चा के दौरान वॉकआउट किया था

लोकसभा में 24 जुलाई को बिल पर बहस के दौरान विपक्ष ने इसे स्टैंडिंग कमेटी के पास भेजनी की मांग करते हुए वॉकआउट किया था। चर्चा के दौरान गृह मंत्री ने कहा था कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई सरकार लड़ती है। कौन-सी पार्टी सत्ता में हैं और बिल कौन लेकर आया, उससे फर्क नहीं पड़ना चाहिए। आतंकवाद के खात्मे के लिए कड़े कानून की जरूरत है। कांग्रेस सरकार बिल लाती है तो सही, लेकिन हम संशोधन कर रहे हैं तो इसमें गलत क्या है? हम आतंकवाद को खत्म करना चाहते हैं, संशोधित कानून से राज्यों की शक्ति कम नहीं होगी। यह कानून 1967 में कांग्रेस सरकार लेकर आई। इसके बाद आप ही ने इसमें तीन संशोधन किए।

आरिफ मोहम्मद की ओवैसी को नसीहत “यदि समानता दरकार है तो ‘समान नागरिक संहिता’ का भी समर्थन करो”

पूर्व केंद्रीय मंत्री आरिफ मोहम्मद खान ने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि बोर्ड ने तीन तलाक के मुद्दे पर यू-टर्न ले लिया है. खान ने ओवैसी को सलाह देते हुए कहा, “अगर वह समानता की बात करते हैं तो वह सरकार से देश के प्रत्येक नागरिक के लिए पारिवारिक कानूनों को लागू करने के लिए क्यों नहीं कहते. वह कॉमन सिविल कोड का समर्थन करें.” 

ब्यूरो:

 पूर्व केंद्रीय मंत्री आरिफ मोहम्मद खान ने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि बोर्ड ने तीन तलाक के मुद्दे पर यू-टर्न ले लिया है. खान ने यह बयान एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान के जवाब में दिया जिसमें उन्होंने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से उन्हें उम्मीद है कि वह तीन तलाक कानून की वैधानिकता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगा. पूर्व केंद्रीय मंत्री खान ने ओवैसी को भी नसीहत दे डाली. 

दरअसल, ओवैसी ने सवाल उठाया था कि हिंदू व्यक्ति को एक साल की सजा जबकि मुस्लिम व्यक्ति को तीन साल साल की सजा का प्रावधान है. एक देश में दो कानून क्यों हैं? इस पर खान ने ओवैसी को सलाह देते हुए कहा, “अगर वह समानता की बात करते हैं तो वह सरकार से देश के प्रत्येक नागरिक के लिए पारिवारिक कानूनों को लागू करने के लिए क्यों नहीं कहते. वह कॉमन सिविल कोड का समर्थन करें.” 

पूर्व केंद्रीय मत्री ने न्यूज एजेंसी ANI को दिए एक साक्षात्कार में कहा, “पर्सनल लॉ बोर्ड ने सबसे पहले तो तलाक को ‘गुनाह, दमनकारी और अन्यायपूर्ण बताया था.” हालांकि, बाद में उन्होंने अपना रुख बदल दिया.”   
 
खान ने कहा, “हम एक लोकतांत्रिक देश हैं. हर किसी को अपनी राय व्यक्त करने का अधिकार है. आपके पास संसद में पास कानून की वैधता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का अधिकार है लेकिन मुझे समझ में नहीं आ रहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड जिसने सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र देकर वादा किया था कि वह तीन तलाक के खिलाफ कैंपेन चलाएगा, वह अब कोर्ट कैसे जा सकता है.”  

उन्होंने कहा, “वे अब फिर से सुप्रीम कोर्ट वैधानिकता को चुनौती देने जा रहे हैं तो ऐसे में अपने शपथ पत्र की बातों को कैसे स्वीकार करेंगे. मैं अब देखना चाहूंगा कि वे अब क्या कहते हैं. मैं इसका स्वागत करता हूं. उन्हें कोर्ट जाना चाहिए.”  

खान राजीव गांधी सरकार में मंत्री थे लेकिन 1986 में मुस्लिम पर्सनल लॉ बिल और तीन तलाक को लेकर कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था. खान ने कहा कि डिवोर्स एक सिविल मामला है जबकि तीन तलाक ‘आपराधिक कृत्य’ है.  

भाजपा ने ‘राज्यसभा’ में भी ट्रिपल तलाक बिल को दिलाई मंजूरी

ट्रिपल तलाक बिल राज्यसभा में भी पास हो गया है. बिल के पक्ष में 99 जबकि विपक्ष में 84 वोट पड़े.    पीएम मोदी ने कहा, ‘एक प्राचीन और मध्यकालिन प्रथा को आखिरकार इतिहास के कूड़ेदान में डाल दिया गया. संसद ने ट्रिपल तलाक खत्म कर दिया है और मुस्लिम महिलाओं के साथ की गई एक एतिहासिक गलती को सुधार दिया है.  पीएम मोदी ने कहा कि यह जेंडर जस्टिस की जीत है जो कि आगे समाज में समानता लाएगी. आज भारत खुश है.’

नई दिल्‍ली: देश के लिए आज ऐतिहासिक दिन है. मोदी सरकार ने मुस्लिम बहनों को रक्षाबंधन का गिफ्ट दिया है. ट्रिपल तलाक बिल राज्यसभा में भी पास हो गया है. बिल के पक्ष में 99 जबकि विपक्ष में 84 वोट पड़े. अब बिल को राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा. उनके हस्ताक्षर के बाद यह कानून का रूप ले लेगा. एनडीए के 16 सदस्यों ने बिल का बहिष्कार किया और वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया. उधर, विपक्ष की ओर से एनसीपी, बसपा, आम आदमी पार्टी के सदस्यों ने बॉयकट किया. एआईएडीएमके और जेडीयू ने सदन से वॉक आउट किया. बीजेडी ने बिल का समर्थन किया. कांग्रेस के 4 सदस्य किसी वजह से सदन में मौजूद नहीं थे. वहीं बीजेपी के दो सांसद सदन में मौजूद नहीं थे. 

उधर, राज्यसभा में ट्रिपल तलाक पास होने पर कानून मंत्री रविशंकर ने प्रतिक्रिया देते हुए कह, “यह ऐतिहासिक दिन है. दोनों सदनों ने मुस्लिम महिलाओं को न्याय प्रदान किया है. ये बदलते भारत की शुरुआत है.”  

इससे पहले, बिल को सेलेक्ट कमेटी में भेजने का प्रस्ताव गिर गया था. तभी तय हो गया था कि यह बिल राज्यसभा में पास हो जाएगा क्योंकि वोटिंग के दौरान संख्याबल यही रहने के आसार थे. थोड़ी देर बाद, बिल पास हो गया. लोकसभा में पास होने के बाद तीन तलाक बिल मंगलवार को राज्‍यसभा में पेश किया गया था. कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने दोपहर 12 बजे बिल सदन के पटल पर रखा और कहा कि सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले में इस प्रथा को अवैध ठहराया गया लेकिन उसके बाद भी तीन तलाक की प्रथा जारी है. 

अब ट्रिपल तलाक दिया तो क्या होगा? 

1. देश में अब ट्रिपल तलाक अपराध होगा.
2. ट्रिपल तलाक देने पर पति को अधिकतम 3 साल की सजा मिल सकती है. 
3. पीड़िता या रिश्तेदार अब एफआईआर दर्ज करा सकते हैं. 

3 तलाक: राज्य सभा में, भाजपा ने जारी किया व्हिप

तलाक – ए- बिद्दत आज कि मौजूदा सरकार के लिए एक बड़ा सवाल है। लोक सभा के पश्चात जहां भाजपा के सहयोगी दल भी इससे किनारा कर चुके हैं वहीं राज्यसभा में इसे पास करवाना भाजपा के लिए जंजाल बन चुका है। बीजेपी की तरफ से जारी व्हिप में कहा गया है कि, मंगलवार को दोनों सदनों के सदस्य मौजूद रहेंगे और सरकार द्वारा पेश किए गए विधेयकों का समर्थन करेंगे.

नई दिल्ली: मुस्लिम समाज में एक बार में तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) पर रोक लगाने के उद्देश्य से लाये गए ‘मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक’को सरकार मंगलवार को राज्यसभा में पेश करेगी. तीन तलाक बिल को लोकसभा में पहले से मंजूरी मिल गई है. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने बिल को लेकर सभी सांसदों को मंगलवार को सदन में पूरे समय मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं. इसके लिए बीजेपी ने सोमवार को एक 3 लाईन का व्हिप जारी किया है. जारी व्हिप में कहा गया है कि, मंगलवार को दोनों सदनों के सदस्य मौजूद रहेंगे और सरकार द्वारा पेश किए गए विधेयकों का समर्थन करेंगे.

राज्यसभा में बिल रोकना चाहती है सपा

वहीं राज्यसभा में समाजवादी पार्टी इस बिल का विरोध करने के लिए पहले से ही अपने सभी सांसदों को सदन में पूरे समय मौजूद रहने के निर्देश दिए है. इसके लिए सपा ने शुक्रवार को 3 लाईन का व्हिप जारी किया था. राज्यसभा में सपा के चीफ़ व्हिप रवि वर्मा ने सभी सांसदों को कहा था कि, अगले हफ्ते कई महत्वपूर्ण बिल राज्यसभा में आने वाले हैं, इसलिए सभी सांसदों की मौजूदगी अनिवार्य है. इस समय राज्यसभा में सपा के 12 सांसद हैं.

सपा सूत्रों के अनुसार, पार्टी ट्रिपल तलाक बिल को राज्यसभा में रोकना चाहती है. इसीलिए ये व्हिप सपा ने जारी किया है. गुरूवार को लोकसभा में ट्रिपल तलाक बिल पास हो गया है, जिसे कानूनी मान्यता के लिए राज्यसभा से पास होना अनिवार्य है. लेकिन राज्यसभा में एनडीए के पास बहुमत नहीं होने के कारण यह बिल अटक सकता है. हालांकि बीजेपी की कोशिश है कि फ्लोर मैनेजमेंट के माध्यम से इस बार ट्रिपल तलाक बिल राज्यसभा से पास कराया जाए.

कई दल कर चुके हैं वॉकआउट

आपको बता दें कि कांग्रेस, टीएमसी, आरजेडी, सपा और बसपा जैसी प्रमुख पार्टियां ट्रिपल तलाक बिल के ख़िलाफ़ हैं. वहीं बीजेपी की सहयोगी जेडीयू भी ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर लोकसभा से वॉकआउट कर चुका है. ऐसी स्थिति में राज्यसभा में विपक्षी एकता कितनी कारगर साबित होती है, ये तो ट्रिपल तलाक बिल राज्यसभा में पेश होने के बाद ही पता चल पाएगा.

बिल पर पूरे देश की है निगाहें

जब यूएपीए बिल और ट्रिपल तलाक बिल पर पूरे देश की निगाहें हैं. इस दौरान देखने वाली बात यह होगी कि केंद्र सरकार इसे राज्यसभा में पास कराने में सफल हो पाएगी या नहीं.