पंचांग, 23 जनवरी 2024

पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है। माना जाता है कि भगवान श्रीराम भी पंचांग का श्रवण करते थे। शास्त्र कहते हैं कि तिथि के पठन और श्रवण से मां लक्ष्मी की कृपा मिलती है। तिथि का क्या महत्व है और किस तिथि में कौन से कार्य करान चाहिए या नहीं यह जानने से लाभ मिलता ह। पंचांग मुख्यतः पाँच भागों से बना है। ये पांच भाग हैं : तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण। यहां दैनिक पंचांग में आपको शुभ समय, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिंदू माह और पहलू आदि के बारे में जानकारी मिलती है।

डेमोक्रेटिक फ्रंट, आध्यात्मिक डेस्क – पंचांग, 23 जनवरी 2024

नोटः आज भौम प्रदोष व्रत है। एवं ईशान व्रत है। आज सुभाष चंद्र बोस जयंती है।

भौम प्रदोष व्रत

भौम प्रदोष व्रत : मंगलवार को त्रयोदशी तिथि होने से इसको भौम प्रदोष कहा जाता है।  इस दिन शिवजी और हनुमानजी दोनों की पूजा की जाती है।  इस दिन शिव की उपासना करने से हर दोष का नाश होता है।  साथ ही हनुमान की पूजा करने से शत्रु बाधा शांत होती है और कर्ज से छुटकारा मिलता है। 

ईशान व्रत

ईशान व्रत : ईशान व्रत अपने नाम के अनुरुप भगवान शिव से संबंधित है क्योंकि भगवान शिव का एक अन्य नाम ईशान भी है।  इसी के साथ वास्तुशास्त्र में भी ईशान संबंधित दिशा की शुभता सर्वव्यापी है यह दिशा आपके लिए शुभता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह भी बनती है।  इस व्रत में शिवलिंग की पूजा की जाती है और मुख्य रुप से शिवलिंग के बाँयी ओर विष्णु हों और दाँयी ओर सूर्य देव को स्थापित किया जाता है तब पूजन आरंभ होता है। 

सुभाष चंद्र बोस जयंती : भारत के महान क्रांतिकारी, विभिन्न आंदोलनों के अगुआकार नेताजी की उपाधि प्राप्त करने वाले सुभाष चंद्र बोस को सम्मान और उनके पराक्रम को सराहने के लिए प्रतिवर्ष 23 जनवरी को सुभाष चंद्र बोस जयंती के रूप में मनाया जाता है।10 hours ago

विक्रमी संवत्ः 2080, 

शक संवत्ः 1945, 

मासः पौष, 

पक्षः शुक्ल, 

तिथिः त्रयोदशी रात्रिः काल 08.40 तक है, 

वारः मंगलवार। 

नोटः आज उत्तर दिशा की यात्रा न करें। अति आवश्यक होने पर मंगलवार को धनिया खाकर, लाल चंदन,मलयागिरि चंदन का दानकर यात्रा करें।

नक्षत्रः आर्दा अरूणोदय काल 06.27 तक है, 

योगः ऐन्द्र रात्रि काल 08.04 तक, 

करणः कौलव, 

सूर्य राशिः मकर, चन्द्र राशिः मिथुन, 

राहु कालः अपराहन् 3.00 से 4.30 बजे तक, 

सूर्योदयः 07.17, सूर्यास्तः 05.48 बजे।

पालघर पार्ट-2, ममता बनर्जी को भारी न पड़ जाए, पुरुलिया में तीन साधुओं से मारपीट

पुरुलिया में साधुओं को निर्वस्त्र कर पीटने वाले वीडियो पर भाजपा नेता अमित मालवीय ने कहा कि  बंगाल में हिंदू होना अपराध है। ममता बनर्जी के राज में शाहजहां जैसे आरोपियों को राज्य की तरफ से सुरक्षा दी जाती है और साधुओं की पीट-पीट कर हत्या की जा रही है। फिलहाल TMC और बंगाल कि पुलिस ने आरोपों पर मुखदर्शक बनी हुई है।

  • बंगाल में हिंदू होना गुनाह : BJP
  • पिटाई का आरोप ममता बनर्जी के कार्यकर्ताओं पर है
  • बंगाल में तुष्टीकरण का वातावरणः अनुराग ठाकुर
  • बंगाल में अराजकता चरम पर : शिवराज
  • कुछ दिन पहले हि ईडी कर्मचारियो पर भि बंगाल मैं हमला हुआ था

सारिका तिवारी, डेमोक्रेटिक फ्रंट, चंडीगढ़ – 13जनवरी :

बंगाल में पालघर जैसी घटना सामने आने के बाद BJP ने ममता सरकार को घेरा है। गुरुवार शाम को यहां भारी भीड़ ने यूपी के 3 साधुओं को बच्चा चोर समझकर बेरहमी से पीटा है। इस मामले में पुलिस ने 12 लोगों को हिरासत लिया है। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा. “तुष्टीकरण की राजनीति करके ये वातावरण खड़ा कर दिया गया है। हिंदुओं को जश्न भी नहीं मानाने दिया जा रहा। अब हिंदू साधुओं को मारने पीटने और हत्या करने का प्रयास किया जा रहा है।और राज्य सरकार मुखदर्शक बनी हुई है।”

हर कोई उस पल का इंतजार कर रहा है, जब 22 जनवरी को भगवान रामलला अपने भव्य मंदिर में विराजमान होंगे। इस बीच, पश्चिम बंगाल से हिंदू भावनाओं पर चोट करने वाली खबर आई है। पश्चिम बंगाल में पुरुलिया में साधुओं को गाड़ी से खींचकर बुरी तरह पीटा गया है। उन्हें निर्वस्त्र करके लाठी-डंडों से मारा गया है। उसमें भी बड़ी बात ये है कि साधुओं की पिटाई का आरोप ममता बनर्जी के कार्यकर्ताओं पर है। बीजेपी नेता पश्चिम बंगाल में साधुओं की पिटाई को पालघर पार्ट-2 कह रहे हैं और ममता सरकार पर निशाना साध रहे हैंपिटाई का आरोप ममता बनर्जी के कार्यकर्ताओं पर है। ऐसे में अगर हिंदू एकजुट हो गए और ममता बनर्जी के खिलाफ अपना गुस्सा चुनाव में निकाल दिया तो उनके लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।

बीजेपी के आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने 30 सेकेंड के इस वीडियो को अपने एक्स हैंडल पर शेयर किया है। इसके साथ ही उन्होंने बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की नेतृत्व वाली सरकार पर सवाल उठाए हैं। बंगाल बचाने का आह्वान करते हुए मालवीय ने कहा कि पश्चिम बंगाल में हिंदू होना अपराध हो गया है।

उन्होंने लिखा, “पश्चिम बंगाल के पुरुलिया से बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। पालघर की तरह की एक लिंचिंग में मकर संक्रांति के लिए गंगासागर जा रहे साधुओं को सत्तारूढ़ टीएमसी से जुड़े अपराधियों ने निर्वस्त्र कर पीटा। ममता बनर्जी के शासन में शाहजहाँ शेख जैसे आतंकवादी को सरकारी संरक्षण मिलता है और साधुओं की हत्या की जा रही है।”

इस वीडियो को शेयर करते हुए भाजपा के प्रवक्ता शहजाद जयहिंद ने X पर लिखा है, पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में पालघर पार्ट 2 का नजारा देखने को मिला। जिस प्रकार से साधु-संतों को पीटा गया, टीएमसी के गुंडों के द्वारा। जिस प्रकार उद्धव ठाकरे जी के राज में पालघर पार्ट 1 हुआ था, उस प्रकार ममता दीदी के राज में पालघर पार्ट 2 इसलिए हो रहा है कि वहाँ राजनीतिक हिंसा चरम पर पहुँच चुकी है?”

जयहिंद ने आगे कहा, “वहाँ कोई भी सुरक्षित नहीं है। चाहे वो ED के ऑफिसर हों, सेंट्रल एजेंसी के लोग हों, राष्ट्रवादी लोग हों या साधु-संत हों। क्या इतनी नफरत हो चुकी है जय श्रीराम कहने से? क्या इतनी नफरत हो चुकी है नफरत हो चुकी है हिंदू होने से? वहाँ शाहजहाँ जैसे गुंडे को तो पूरा संरक्षण मिल रहा है। यही हकीकत है आज के पश्चिम बंगाल की।”

रिपोर्ट के मुताबिक, पुरुलिया में साधुओं के साथ हुई पिटाई का पुलिस ने स्वत: संज्ञान लिया है। पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है और इस मामले में अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। हालाँकि, साधु पक्ष की ओर से कोई एफआईआर नहीं दर्ज कराई गई है। TV9 की रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ित साधुओं का कहना है कि उन्हें लगता है कि मार खाना उनके भाग्य में ही लिखा है।
बताते चलें कि 16 अप्रैल 2020 को महाराष्ट्र के पालघर में 72 साल के कल्पवृक्ष गिरि और 35 साल के सुशील गिरि नाम के दो साधुओं की लिचिंग कर दी गई थी। वे दोनों अपने गुरु के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए मुंबई से सूरत जा रहे थे। इस दौरान पालघर में 200 लोगों की भीड़ ने उन्हें बच्चा चोरी करने का आरोप लगा रोका और दोनों साधुओं की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी।













अमित शाह ने वीर बाल दिवस के अवसर पर श्री बड़ी संगत साहिब में मत्था टेककर लिया आशीर्वाद 

अमित शाह ने वीर बाल दिवस के अवसर पर पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित गुरुद्वारा श्री बड़ी संगत साहिब में मत्था टेककर लिया आशीर्वाद 

रघुनंदन पराशर, डेमोक्रेटिक फ्रंट, जैतो – 26दिसम्बर  :

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने वीर बाल दिवस के अवसर पर आज पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित गुरुद्वारा श्री बड़ी संगत साहिब में मत्था टेककर आशीर्वाद लिया। इस ऐतिहासिक गुरुद्वारे को गुरु नानक देव जी व गुरु तेग बहादुर जी की संगत का आशीष प्राप्त है। एक्स पर एक पोस्ट में केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि ‘वीर बाल दिवस’ के दिन यहाँ सत्संग सुनना उनके लिए अत्यंत सौभाग्य की बात है।उन्होंने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी के साहिबजादों द्वारा छोटी उम्र में ही धर्म और सत्य की रक्षा के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान युगों-युगों तक हम सभी को प्रेरणा प्रदान करते रहेंगे।

एक्स प्लेटफॉर्म पर एक अन्य पोस्ट में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज वीर बाल दिवस के अवसर पर गुरु गोविन्द सिंह जी के चार साहिबज़ादों और माता गुजरी जी को नमन किया।श्री अमित शाह ने कहा कि चार साहिबज़ादों और माता गुजरी ने मुग़लों के निर्दयी शासन का साहस के साथ सामना किया और धर्म परिवर्तन से इंकार करते हुए शहादत को चुना।

उन्होंने कहा कि उनका अतुलनीय साहस आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने चार साहिबज़ादों के शहीदी दिवस को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने की घोषणा कर उनके त्याग की कहानी को देश और दुनिया के हर कोने में पहुंचाया है।

“अगर राहुल गांधी ने वीडियो नहीं बनाया होता तो…”, ममता बनर्जी

ममता बनर्जी का कहना है कि राहुल अगर कल्याण बनर्जी की अभद्र हरकतों को रिकॉर्ड नहीं करते तो इतना ज्यादा यह मुद्दा नहीं उठता। इस मुद्दे के बारे में किसी को पता ही नहीं चलता। उन्होंने अपनी पार्टी के सांसद कल्याण बनर्जी का भी बचाव किया है। कल्याण बनर्जी ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की नक़ल उतारी। इस दौरान वहाँ मौजूद अन्य सांसद हँसते रहे। राहुल गाँधी इस मौके पर मौजूद थे, उन्होंने अपने फ़ोन इस घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। इसके कुछ ही देर बाद यह कल्याण की इन हरकतों का वीडियो वायरल हो गया।

डेमोक्रेटिक फ्रंट, नई दिल्ली : – 21 दिसम्बर  :

संसद परिसर में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की मिमिक्री करने का मामला अब राजनीतिक मुद्दा बनता दिख रहा है। इस मामले को लेकर अब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इसे लेकर राजनीति हो रही है। दिल्ली में पत्रकारों से ममता बनर्जी ने कहा कि हम सभी का सम्मान करते हैं। इसमें किसी का अपमान करने जैसा कुछ नहीं है। इसे लेकर सिर्फ राजनीति हो रही है। अगर राहुल गांधी ने अपने फोन से वीडियो नहीं बनाया होता तो शायद आप इसके बारे में जानते तक नहीं। 

तृणमूल कॉन्ग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी द्वारा उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की नक़ल उतार कर मजाक उड़ाने के मामले में तृणमूल सुप्रीमो और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पूरी जिम्मेदारी कॉन्ग्रेस नेता और सांसद राहुल गाँधी पर डाल दी है। वहीं राहुल ने अपना बचाव किया है।

ममता बनर्जी का कहना है कि राहुल अगर कल्याण बनर्जी की अभद्र हरकतों को रिकॉर्ड नहीं करते तो इतना ज्यादा यह मुद्दा नहीं उठता। इस मुद्दे के बारे में किसी को पता ही नहीं चलता। उन्होंने अपनी पार्टी के सांसद कल्याण बनर्जी का भी बचाव किया है।

दिल्ली में ममता बनर्जी ने कहा, “हम सबका सम्मान करते हैं। यह (कल्याण बनर्जी का कृत्य) किसी की बेईज्जती करने के बारे में नहीं था। इसे राजनीतिक तौर पर हलके फुल्के तरीके से लिया जाना चाहिए। आपको इस बारे में कभी पता नहीं चलता अगर राहुल जी इसे रिकॉर्ड नहीं करते।”

बता दें कि इस मामले को लेकर पीएम मोदी ने भी दुख जताया था। उन्होंने उप राष्ट्रपति धनखड़ से फोन पर बात भी की थी। अब इस मामले को लेकर TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है। कल्याण बनर्जी ने ही उप राष्ट्रपति धनखड़ की मिमिक्री की थी। कल्याण बनर्जी ने कहा कि मैं उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का बड़ा सम्मान करता हूं, मेरा उनको ठेस पहुंचाने का कोई ईरादा नहीं था। जहां तक बात मिमिक्री की है तो ये तो एक कला है।

टाटा मोटर्स को ₹766 करोड़ मुआवजा देगी बंगाल सरकार

टाटा सिंगूर में नैनो प्लांट लगा रही थी और प्लांट लगाने की अनुमति वामपंथी सरकार ने दी थी। उस वक्त ममता बनर्जी विपक्ष में थीं, उन्होंने इस प्रोजेक्ट का विरोध  किया था। ममता ने वाममोर्चा सरकार पर सिंगूर में टाटा के लिए जबरन जमीन अधिग्रहण का आरोप लगाते हुए आंदोलन का नेतृत्व किया था। जब ममता बनर्जी की सरकार आई तो उन्होंने कानून बनाकर सिंगूर की करीब 1000 एकड़ किसानों को लौटाने का निर्देश दिया। करीब 13 हजार किसानों से उनकी जमीन ली गई थी। 

सारिका तिवारी, डेमोक्रेटिक फ्रंट, चण्डीगढ़ – 31 अक्टूबर :

 टाटा ग्रुप देश के सबसे पुराने कारोबारी घरानों में से एक है। हाल ही में पश्चिम बंगाल में सिंगूर में चल रहे पुराने सिंगूर जमीन के विवाद को टाटा ग्रुप ने जीतकर एक बड़ी सफलता हासिल की है। अब ममता बनर्जी की सरकार को ग्रुप की ऑटोमोबाइल कंपनी, टाटा मोटर्स को 766 करोड़ रुपये का जुर्माना देना होगा। 

रतन टाटा ने साल 2008 में देश के मध्यम वर्ग को ध्यान में रखते हुए अपनी ड्रीम कार टाटा नैनो लॉन्च की थी। ये भारतीय कार इतिहास की अब तक की सबसे सस्ती कारों में से एक है। रतन टाटा ने इसे 1 लाख रुपए की कीमत में लॉन्च किया था। हालांकि लोगों को ये कार ज्यादा पसंद नहीं आई और साल 2020 में इसका प्रोडक्शन बंद करना पड़ा।

  • टाटा ग्रुप के चेयरमैन रतन टाटा ने 18 मई 2006 को पश्चिम बंगाल के तत्कालीन मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य और तत्कालीन वाणिज्य राज्य मंत्री निरुपम सेन के साथ मीटिंग के बाद सिंगूर में नैनो कार बनाने के लिए प्लांट लगाने की घोषणा की थी।
  • प्रोजेक्ट के लिए जरूरी 1 हजार एकड़ जमीन की खरीद की प्रोसेस शुरू हुई। इस मामले में 2006 में 27 मई और 4 जुलाई के बीच हुगली जिला प्रशासन द्वारा तीन बार सर्वदलीय बैठक बुलाई गई। तृणमूल कांग्रेस ने इन बैठकों का बहिष्कार किया।
  • पुलिस के 30 नवंबर 2006 को ममता बनर्जी को सिंगूर जाने से रोकने के बाद पश्चिम बंगाल विधानसभा में बड़ा हंगामा हुआ। तृणमूल कांग्रेस के विधायकों ने विधानसभा में तोड़फोड़ की। इनमें वर्तमान में कई कैबिनेट मंत्री भी हैं।
  • विपक्ष के नेता के रूप में ममता बनर्जी ने 3 दिसंबर 2006 से कोलकाता में सिंगूर प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण के खिलाफ आमरण अनशन शुरू किया।
  • वर्तमान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह उन प्रमुख राष्ट्रीय नेताओं में से थे, जिन्होंने उनके 25-दिवसीय अनशन के दौरान उनसे मुलाकात की और एकजुटता जाहिर की। इस बीच पूरे राज्य में आंदोलन जारी रहा।
  • बुद्धदेव भट्टाचार्य ने ममता बनर्जी को 18 अगस्त और 25 अगस्त 2008 को चर्चा के लिए आमंत्रित भी किया, लेकिन उन्होंने अस्वीकार कर दिया।
  • 24 अगस्त 2008 को ममता बनर्जी ने सिंगूर में नैनो साइट से सटे दुगार्पुर एक्सप्रेस हाईवे पर प्रोजेक्ट के लिए अधिग्रहीत 1,000 एकड़ जमीन में 400 एकड़ की वापसी की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
  • 3 अक्टूबर 2008 को दुर्गा पूजा उत्सव से दो दिन पहले रतन टाटा ने कोलकाता में प्राइम होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई और नैनो प्रोजेक्ट को सिंगूर से बाहर निकालने की घोषणा की।
  • रतन टाटा ने इसके लिए ममता बनर्जी के नेतृत्व में जारी तृणमूल कांग्रेस के आंदोलन को जिम्मेदार ठहराया। इसके बाद नैनो फैक्ट्री को गुजरात के साणंद में शिफ्ट कर दिया गया।

मेनका गाँधी को ₹100 करोड़ की मानहानि का नोटिस

इस्कॉन कोलकाता के उपाध्यक्ष और प्रवक्ता राधारमण दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर कहा कि आज हमने इस्कॉन के खिलाफ पूरी तरह से निराधार आरोप लगाने के लिए मेनका गांधी को 100 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा है। उन्होंने आगे कहा कि इस्कॉन के भक्तों, समर्थकों और शुभचिंतकों का विश्वव्यापी समुदाय इन अपमानजनक, निंदनीय और दुर्भावनापूर्ण आरोपों से बहुत दुखी है।

भगवान कृष्ण गायों के हितैषी और रक्षक हैं
  1. भाजपा सांसद मेनका गांधी को ISKCON ने भेजा 100 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस
  2. मेनका गांधी ने ISKCON पर लगाए थे कई गंभीर आरोप
  3. ISKCON ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को किया खारिज
  4. “सनातन धर्म विरोधी पार्टियों में जल्दी प्रवेश पाने के लिए सनातनी संगठन को निशाना बनाना एक फैशन बन गया है। हम उन्हें इस्कॉन को उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के लिए एक सीढ़ी के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देंगे।” : राधा रमण दास
  5. सूत्र कि माने तो यह दल बद्लने कि एक चाल है

सारिका तिवारी, डेमोक्रेटिक फ्रंट, पंचकुला – 29 सितम्बर :

मेनका गांधी के इस्कॉन के खिलाफ दिए बयान को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री की परेशानी बढ़ सकती है। इस्कॉन कोलकाता के उपाध्यक्ष राधारमण दास ने कहा है कि वह मेनका गांधी के खिलाफ सौ करोड़ रुपये का मानहानि का दावा करेंगे। इस संबंध में मेनका गांधी को नोटिस जारी कर दिया गया है। दास ने कहा कि कोई सांसद बिना किसी तथ्य के ऐसा झूठा आरोप कैसे लगा सकता है? राधारमण दास ने कहा कि ‘मेनका गांधी का बयान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे दुनियाभर में फैले हमारे अनुयायियों को दुख पहुंचा है। हम मेनका गांधी के खिलाफ 100 करोड़ रुपये का मानहानि का केस कर रहे हैं। हमने उन्हें नोटिस भेजा है। कोई सांसद, जो केंद्रीय मंत्री भी रह चुकी हैं, वह बिना किसी तथ्य के इतनी बड़े वर्ग के खिलाफ झूठ कैसे बोल सकता है।’ 

दरअसल, मेनका गाँधी का एक वीडियो सामने आया था जिसमें वह कह रही हैं, “मैं आपको बता देती हूँ, सबसे बड़े धोखेबाज जो हैं वह है इस्कॉन है। मैं उनके अनंतपुर गौशाला गई, जहाँ एक भी सूखी (बिना बच्चे की और दूध नहीं देने वाली) गाय और बछड़े हमें नहीं मिले। मतलब सब सूखी गायें और बछड़े बूचड़खानों को बेचे गए।”

मेनका गाँधी उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से सांसद हैं और पशु अधिकारों के लिए आवाज उठाती रहती हैं। धार्मिक संस्था ISKCON ने उनके इन आरोपों को खारिज किया था और एक बयान जारी करके गायों को लेकर किए जाने वाले प्रयासों के बारे में बताया था।

ISKCON कोलकाता के उपाध्यक्ष राधारमण दास ने इस मामले पर कहा, “मेनका गाँधी द्वारा दिया गया बयान दुर्भाग्यपूर्ण है। विश्व भर में हमारे अनुयायी काफी दुखी हैं। हम 100 करोड़ रुपए की मानहानि का मुकदमा कर रहे हैं। हमने इस विषय में आज नोटिस भेज दिया है। कैसे एक सांसद, जो कभी केन्द्रीय मंत्री थीं, बिना किसी सबूत के एक बड़े संस्थान के विरुद्ध झूठ बोल सकती हैं।”

इससे पहले ISKCON के प्रवक्ता राधा रमण दास ने मेनका गाँधी को चिड़चिड़ी महिला बताया था। उन्होंने मेनका से माफ़ी माँगने को कहा था और माफ़ी ना माँगने की स्थिति में उनके ऊपर मानहानि का मुकदमा दायर करने की बात कही थी। राधा रमण दास ने मेनका गाँधी पर राजनीतिक फायदा लेने के लिए यह बयान देने का आरोप लगाया था।

राधा रमण दास ने लिखा था, “सनातन धर्म विरोधी पार्टियों में जल्दी प्रवेश पाने के लिए सनातनी संगठन को निशाना बनाना एक फैशन बन गया है। हम उन्हें इस्कॉन को उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के लिए एक सीढ़ी के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देंगे। बीजेपी से अनुरोध है कि उनके खिलाफ कार्रवाई करे। मोहम्मद जुबैर जैसे जिहादियों द्वारा उनका समर्थन करना ही पूरी कहानी बयाँ करता है।”

इस्कॉन ने कहा- पिछले 50 सालों में इस्कॉन दुनियाभर में गाय संरक्षण और शाकाहार में अग्रणी रहा है और कई देशों में गौशालाओं का निर्माण और रखरखाव कर रहा है। भारत में इस्कॉन 60 से ज्यादा गौशालाओं का रखरखाव कर रहा है, जहां सभी गायों, बैलों और बछड़ों की प्यार और देखभाल के साथ सेवा की जाती है।

इनमें से कई गौशालाओं में गाय-बैल को घायल या रोगग्रस्त अवस्था में लाया जाता है, इस्कॉन गौशाला में स्वयंसेवकों और कार्यकर्ताओं की टीम उनकी देखभाल भी करती है। गौसेवा की सनातन प्रथा को पुनर्जीवित करने के लिए भारत भर में गाय की देखभाल और संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए इस्कॉन और इसकी पहल की तारीफ की है।

विपक्षी गठबंधन ने UPA से छुड़ाया पीछा, कोंग्रेस ने 26 दलों के गठबंधन को नाम दिया ‘INDIA’

2024 लोकसभा चुनाव में NDA का मुकाबला विपक्षी दलों के गठबंधन INDIA (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव एलायंस) से होगा। बीजेपी को सत्ता से हटाने के लिए कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में विपक्षी दलों की बैठक हुई, जिसमें गठबंधन को ये नाम दिया गया। अब सवाल ये उठ रहा है कि इस नाम का सुझाव किस नेता ने दिया था। जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विपक्षी दलों के गठबंधन को इंडिया नाम रखने का सुझाव दिया था। राहुल गांधी ने कहा कि इंडिया के लोग बीजेपी के खिलाफ हैं और वही लोग बीजेपी से लड़ेंगे. इसलिए इंडिया नाम होना चाहिए।

Opposition Meeting: विपक्ष के नए गठबंधन का नाम होगा INDIA, कांग्रेस अध्यक्ष  मल्लिकार्जुन खरगे का ऐलान - opposition parties brainstorm for 2024 india  may be the name of the alliance-mobile
  • यह NDA और INDIA की लड़ाई है- राहुल गांधी
  • भारत की सारी संपत्ति चंद लोगों के हाथ में हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुना है : राहुल गाँधी
  • अपने 52 वर्षों के करियर में विपक्ष की आवाज इस तरह से दबाए जाते हुए उन्होंने कभी नहीं देखा, मीडिया पर भि पीएम मोदी का कब्ज़ा है : खड़गे
  • कुनबा बढ़ रहा है, यह अच्छी बात है- अरविंद केजरीवाल
  • विचारधारा अलग लेकिन हम देश के लिए एकजुट हुए- उद्धव ठाकरे

सारिका तिवारी, डेमोक्रेटिक फ्रंट, चंडीगढ़/ बेंगलुरु – 18 जुलाई :

 विपक्षी दलों ने बीजेपी के नेतृ्त्व वाली एनडीए से मुकाबला करने के लिए 26 दलों के अपने गठबंधन का नाम इंडिया रखा है। बेंगलुरु में विपक्षी दलों की बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने संवाददाता सम्मेलन में ऐलान किया कि हमारे गठबंधन का नाम ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव एलायंस (INDIA)’ होगा।  हालांकि इस बीच खबर है कि यह नाम जेडीयू सुप्रीमो और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पसंद नहीं आया।

सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार ने विपक्षी दलों की बैठक में तर्क दिया कि इंडिया शब्द एनडीए की तरह ही साउंड करता है, इसलिए कोई दूसरा नाम सोचना चाहिए। हालांकि बाद में जब राहुल गांधी ने उनको इसके पीछे का मतलब समझाया तब सीएम नीतीश ने अनमने ढंग से इस पर हामी भर दी।

खड़गे ने कहा- भाजपा ने लोकतंत्र की सभी एजेंसियों ED, CBI आदि को नष्ट कर दिया है। हमारे बीच राजनीतिक भेद हैं, लेकिन हम देश को बचाने के लिए साथ आए हैं।

इससे पहले हम पटना में मिले थे, जहां 16 पार्टियां मौजूद थीं। आज की बैठक में 26 पार्टियों ने हिस्सा लिया। यह देखकर NDA 36 पार्टियों के साथ बैठक कर रहे हैं। मुझे नहीं पता वो कौन सी पार्टियां हैं। वे रजिस्टर्ड भी हैं या नहीं?

सारी मीडिया पर मोदी का कब्जा। ऐसा पहले कभी नहीं देखा था कि मीडिया हमारे खिलाफ इतनी शत्रुतापूर्ण है।

आज हम यहां अपने हित के लिए नहीं बल्कि देश को बचाने के लिए एकत्र हुए हैं। हमारा लक्ष्य है कि हम सरकार की नाकामियों को उजाकर करेंगे। मैं खुश हूं कि राहुल, ममता सब सहमत हैं। 2024 में साथ लड़ेंगे और ग्रेट रिजल्ट लाएंगे।

गठबंधन को लीड कौन करेगा, फेस कौन होगा। इस सवाल के जवाब में खड़गे बोले- हम कोऑर्डिनेशन कमेटी बना रहे हैं। मुंबई की बैठक में ये 11 नाम तय होंगे। आगे की जानकारी तभी मिलेगी।

वहीं आआपा(आम आदमी पार्टी) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि युवा, किसान, कारोबारी और उद्योगपति – सभी NDA सरकार से परेशान हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले 9 वर्षों में भाजपा की सरकार ने सभी सभी क्षेत्रों को बर्बाद कर दिया है, सब कुछ सबसे ऊँची बोली लगाने वालों को बेच दिया गया है। वहीं राहुल गाँधी ने कहा कि भारत की सारी संपत्ति चंद लोगों के हाथ में हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुना है। खड़गे ने मीडिया पर पीएम मोदी का कब्ज़ा होने का दावा करते हुए कहा कि अपने 52 वर्षों के करियर में विपक्ष की आवाज इस तरह से दबाए जाते हुए उन्होंने कभी नहीं देखा।

हरियाणा में पत्रकरों के कल्याण, सुरक्षा और सुविधाओं की हो रही अनदेखी : दीपेंद्र

कोरल ‘पुरनूर’, डेमोक्रेटिक फ्रन्ट, पंचकूला – 04 जुलाई :

पंचकूला,3 जुलाई। राज्यसभा सांसद दीपेंद्र ङ्क्षसह हुड़ा का कहना है कि मीडिया के क्षेत्र में आज काफी बदलाव आ गया है। प्रिंट मीडिया और इलैक्ट्रॉनिक मीडिया के बाद अब सोशल मीडिया भी काफी प्रभावशाली हो गया है। मगर अब बदलते समय के साथ मीडिया के हालात भी काफी बदल गये हैं। अब बड़े बड़े मीडिया हाउस के पत्रकारों को उपरी दबाब के साथ साथ बड़े बड़े कारपोरेटस हाउसेस से आने वाले दबाब का भी सामना करना पड़ता है, जिसके चलते कई बार सत्तारुढ़ दल व प्रशासन के खिलाफ उठने वाली बात भी दबा दी जाती है। आज ज्यादातर पत्रकार न तो खुलकर लिख सकते हैं और न ही बोल पाते हैं।

सांसद दीपेंद्र सिंह हुड़ा यहां वर्किंग जर्नलिस्ट युनियन ऑफ हरियाणा द्वारा आल इंडिया जर्नलिस्ट युनियन के देश भर से आये प्रतिनिधियों के सम्मान में आयोजित रात्रिभोज में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विदेशी अखबारों के साथ साथ स्वदेशी अखबारों के पाठकों की संख्या में भी काफी गिरावट आई है। जबकि सोशल मीडिया पर खबरें जानने वालों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। विभिन्न राज्यों से आये पत्रकार संगठनों के प्रतिनिधियों तथा इंडिया जर्नलिस्ट युनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष व प्रेस कौंसिल आफ इंडिया के सदस्य विनोद कोहली, महासचिव सवा नायकन तथा प्रेस कौंसिल आफ ंइडिया के सदस्य वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश दुबे का हरियाणा आने पर स्वागत करते हुए श्री हुड़ा ने कहा कि तीन दिनों तक चले युनियन के अधिवेशन में अन्य मुद्दों के आलावा अवश्य इस बात पर भी चर्चा हुई होगी कि पत्रकारों की छिन रही आजादी को कैसे बचाया जाए। उन्होंने कहा कि उनके संज्ञान में यह बात लाई गई है कि हरियाणा में किस तरह से छोटे छोटे अखबारों के पत्रकारों को एक्रीडिटेशन तथा समाचारपत्रों को विज्ञापन के लिए अनदेखा किया जा रहा है। इसके आलावा भी प्रदेश में आज पत्रकारों को अनेकों समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की हुड़ा सरकार ने अपने कार्यकाल में पत्रकारों के लिए अनेकों कल्याणकारी सुविधायें शुरु की थीं,मगर अब अगर पत्रकार परेशान हैं तो हम एक मजबूत विपक्ष के नाते पत्रकारों की इस समस्याओं को विधानसभा में उठायेंगे। और अगर सरकार फिर भी नहीं मानी तो सत्ता में वापिस आते ही इन सभी समस्याओं का हल करेंगे।

उनसे से पहले बोलते हुए इंडियन जर्नलिस्ट युनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद कोहली ने बताया कि यह पत्रकारों की यह युनियन देश में सबसे बड़ा संगठन है और लगभग हर राज्य में इसकी ईकाईयां हैं अथवा वहां के पत्रकार संगठन इससे संबंद्ध हैं। उन्होंने युनियन द्वारा पत्रकारों के लिए वेज वोर्ड की सिफारिशें लागू करवाने की जानकारी भी दी। साथ ही उन्होंने कहा कि आज की स्थिति यह है कि देश में पत्रकार दबाब में पत्रकारिता करने को मजबूर हैं। सच दिखाने व लिखने की हिम्मत बहुत ही कम दिखाई दे रही है। वर्किंग जर्नलिस्ट युनियन ऑफ हरियाणा के अध्यक्ष अशोक कुमार, उपप्रधान गौतम धीर,महासचिव सारिका तिवारी व कोषाध्यक्ष भरत भंडारी व कार्यकारिणी सदस्य एसके जैन व मेनपाल ने मुख्यातिथि व आये हुए वरिष्ठ मेहमानों को बुके व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

पश्चिम बंगाल के से किडनैप हुई लड़की का चाइल्डलाइन ने रेस्क्यू किया : डॉ अंजू 

  • बच्चे अपने जीवन का मूल्य समझे : डॉक्टर अंजू बाजपई

सुशील पंडित, डेमोक्रेटिक फ्रन्ट, यमुनानगर – 29    जून   :

उत्थान संस्थान की ईकाई चाइल्ड लाइन टीम के पास एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग आर्गेनाइजेशन दिल्ली से फोन आया जिसमे उन्होंने बताया गया कि पश्चिम बंगाल की एक लड़की को कोई  लड़का  किडनैप करके यमुनानगर ले आया है।उसके फोन नंबर को ट्रेसिंग पर डाला गया है जिसकी लोकेशन यहां यमुनानगर गांव हरनोली की दिखाई जा रही है।

इस मामले की जानकारी थाना सदर जगाधरी की एसएचओ कुसुम बाला को दी गई जिसके उपरांत एक संयुक्त टीम बनाकर चाइल्डलाइन की डायरेक्टर डॉक्टर अंजू बाजपई की अध्यक्षता मे चाइल्डलाइन टीम बताए पते पर पहुंची। वहां पहुंचकर आस पास के लोगो से पूछताछ की गई मगर कोई भी उनको जानता नही था।सभी ने उन्हें पहचानने से मना कर दिया था।फिर भी कड़ी मसस्कत के बाद हमारी मेहनत रंग लाई और लड़की का पता चल पाया।लड़की वहां पर किराए के मकान में रह रही थी।लड़का वहां मौजूद नही था पूछने पर लड़की ने बताया की वह इस समय काम पर गया हुआ है।लड़की घबराई हुई थी।उसने बताया की हमे यहां आए हुए दो महीने ही गए है।हमने कोर्ट में जाकर शादी की है।लड़का और लड़की के उम्र संबंधित दस्तावेज चैक किए जिसमे लड़की की उम्र साढ़े 17 साल तथा लड़के की उम्र 25 साल पाई गई।

लड़के को सदर जगाधरी एसएचओ कुसुम जी ने अपनी  सुपुर्दगी में लिया और  वहां से तुरंत लड़की को चाइल्डलाइन टीम ने अपनी सुपुर्दगी मे लिया। तुरंत दिल्ली टीम को फोन कर बताया कि लड़की और लड़के  का पता चल गया है उन्होंने बताया की पश्चिम बंगाल की पुलिस टीम एक दो दिन मे वहां पहुंच जाएगी और लड़की और लड़के  को अपने साथ ले जाएगी।लड़की को वहां से रेस्क्यू कर के वन स्टॉप सेंटर भेज दिया गया।आज पश्चिम बंगाल से पुलिस टीम यहां यमुनानगर पहुंची और सदर जगाधरी से लड़के को अपनी सुपुर्दगी मे लिया और चाइल्डलाइन टीम के माध्यम से व सीडब्ल्यूसी की अध्यक्षता मे लड़की को अपनी सुपुर्दगी में लिया।

चाइल्डलाइन की डायरेक्टर डॉक्टर अंजू बाजपई ने बच्चों के भविष्य के प्रति चिंता व्यक्त करते हुए अपील की है कि जिस उम्र में बच्चे खेल कूद कर अपना सुनहरा बचपन जीते हैं वही बच्चे आगे चलकर अपनी एक छोटी सी गलती से अपने भविष्य को बिगाड़ देते है।बच्चो को समझना चाहिए कि यह उम्र उनकी अपने भविष्य बनाने की है। मौके पर चाइल्डलाइन टीम से स्वाति ,सुमित सोनी  हनी मौजूद रहे।

करोड़ों के शारदा घोटाले का कॉन्ग्रेसी – वामपंथी कनेक्शन – पी चिदंबरम की पत्नी समेत कई लोगों की संपत्ति जब्त

                        सारदा चिटफंड मामले में पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री एवं कांग्रेस नेता पी चिदंबरम की पत्नी नलिनी चिदंबरम, माकपा के पूर्व विधायक देबेंद्रनाथ बिस्वास और असम के पूर्व मंत्री दिवंगत अंजन दत्ता के स्वामित्व में रही एक कंपनी जैसे लाभार्थियों की छह करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां कुर्क की हैं। संघीय एजेंसी ने एक बयान में कहा कि धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत 3.30 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और तीन करोड़ रुपये की अचल संपत्ति कुर्क करने का अस्थायी आदेश जारी किया गया है।

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पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री एवं कांग्रेस नेता पी चिदंबरम की पत्नी नलिनी चिदंबरम, माकपा के पूर्व विधायक देबेंद्रनाथ बिस्वास और असम के पूर्व मंत्री दिवंगत अंजन दत्ता के स्वामित्व में रही एक कंपनी जैसे ‘‘लाभार्थियों” की छह करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां कुर्क की हैं। 

सरिका तिवारी, डेमोक्रेटिक फ्रंट, चंडीगढ़/नयी 8दिल्ली – 03 फरवरी :

                        प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को कहा कि उसने सारदा धनशोधन मामले में पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री एवं कांग्रेस नेता पी चिदंबरम की पत्नी नलिनी चिदंबरम, माकपा के पूर्व विधायक देबेंद्रनाथ बिस्वास और असम के पूर्व मंत्री दिवंगत अंजन दत्ता के स्वामित्व में रही एक कंपनी जैसे ‘‘लाभार्थियों” की छह करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां कुर्क की हैं। 

                        संघीय एजेंसी ने एक बयान में कहा कि धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत 3.30 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और तीन करोड़ रुपये की अचल संपत्ति कुर्क करने का अस्थायी आदेश जारी किया गया है। इन संपत्तियों पर सारदा समूह और अन्य लोगों का स्वामित्व था, जो समूह द्वारा सृजित “अपराध की आय” के लाभार्थी थे। इसने कहा कि “लाभार्थियों” में नलिनी चिदंबरम, देवव्रत सरकार (ईस्ट बंगाल क्लब के अधिकारी), देबेंद्रनाथ बिस्वास (पूर्व आईपीएस अधिकारी एवं पूर्व माकपा विधायक) और असम के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दत्ता के स्वामित्व में रही अनुभूति प्रिंटर एंड पब्लिकेशंस शामिल हैं। 

                        ईडी ने अपने बयान में कहा, ”शारदा मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नलिनी चिदंबरम, माकपा के पूर्व विधायक देवेन्द्रनाथ विश्वास और असम के पूर्व मंत्री अंजन दत्ता की कंपनी ‘अनुभूति प्रिंटर और पब्लिकेशन’ जैसे लाभार्थियों के 6 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति जब्त की गई है।”

ईडी ने कहा:

इस समूह की कंपनी ने कुल 2,459 करोड़ रुपए जुटाए थे, जिसमें से ब्याज को छोड़कर 1,983 करोड़ रुपए अब तक जमाकर्ताओं को लौटाए गए हैं।

                        उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल की चिटफंड कंपनी शारदा ग्रुप ने लोगों को ठगने के लिए कई लुभावने अवसर दिए थे। कुछ ही महीनों में रकम दोगुनी करने का सब्ज़बाग दिखाया गया था। करीब 10 लाख लोगों से पैसे लिए गए और जब लौटाने की बारी आई तो कंपनी ताला लगा कर भाग चुकी थी।

                        शारदा ग्रुप ने कई निवेश योजनाओं को बढ़ावा देकर पैसा इकट्ठा करना शुरू किया, जिसमें पर्यटन पैकेज, फॉरवर्ड ट्रैवल, होटल बुकिंग, क्रेडिट ट्रांसफर, रियस एस्टेट, इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस और मोटरसाइकिल निर्माण से जुड़ी कई योजनाएँ शामिल थीं। साल 2009 में बाज़ार नियामक सेबी का ध्यान शारदा ग्रुप पर गया था।