श्री तिरुपति ध्वजा यात्रा 27 नवंबर को श्री तिरुपति धाम पहुंचेगी

हिसार के सेक्टर-14 स्थित बुधला संत मंदिर से प्रात: 7 बजे चलेगी ध्वज यात्रा

पवन सैनी, डेमोक्रेटिक फ्रंट, हिसार :

                        अग्रोहा रोड स्थित श्री तिरुपति बालाजी धाम में 27 नवंबर को सैकड़ों श्रद्धालु श्री तिरुपति ध्वजा यात्रा के माध्यम से श्री तिरुपति बालाजी धाम पहुंचेंगे। श्री प्रभुभक्त संकीर्तन मंडल द्वारा छत्रपति शिवाजी स्मारक समिति के सहयोग से ऐतिहासिक व भव्य श्री तिरुपति ध्वजा यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। हिसार के सेक्टर-14 स्थित बुधला संत मंदिर से प्रात: 7 बजे 27 नवंबर को सैकड़ों श्रद्धालु पीली ध्वजा थामे हुए जय गोविंदा, भगवान श्री वेंकटेश्वर की जय एवं जय तिरुपति बालाजी का जयघोष करते हुए 15 किलोमीटर लंबी पैदल यात्रा करके अग्रोहा रोड पर टोल प्लाजा के पास स्थित श्री तिरुपति धाम पहुंचेंगे। आगामी 27 नवंबर को श्री तिरुपति बालाजी धाम पहुंचकर ध्वजा यात्रा के भक्तगण पूरे विधि-विधान के साथ धाम में भगवान श्री वेंकटेश जी, श्री पद्मावती माता जी, श्री गोदांबा माता जी एवं अन्य देवी-देवताओं की आराधना व पूजा-अर्चना करेंगे।

            इसके उपरांत श्री वेंकटेश भगवान जी, श्री पद्मावती माता जी, श्री गोदांबा माता जी, श्री गरुड़ जी, श्री लक्ष्मी नृसिंह जी, श्री सुदर्शन जी, श्री रामानुज स्वामी जी, श्री शठकोप स्वामी जी एवं श्री हनुमान जी के मंदिर में दर्शन करेंगे। इसके साथ-साथ धाम में स्थापित 42 फुट ऊंचे सोने के श्री गरुड़ स्तंभ, बलिपीठम्, घंटाघर व श्री तिरुपति यज्ञशाला के अवलोकन के उपरांत श्रद्धालुगण धाम की श्रीनिवास गोशाला में गुड़ व चारे से गायों की सेवा करेंगे। इस दौरान श्री तिरुपति धाम के अखिल भारतीय श्री वैकुण्ठनाथ सेवा धर्मार्थ ट्रस्ट द्वारा धाम परिसर में भंडारे का आयोजन किया जाएगा।  उल्लेखनीय है कि श्री तिरुपति बालाजी धाम की हरियाणा में अलग ही पहचान है। यह धाम उत्तर भारतीय व दक्षिण भारतीय संस्कृति में सामंजस्य स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

            धाम में हर शुक्रवार व विशेष दिवसों पर भगवान जी की सवारी निकाली जाती है जिसमें काफी संख्या में श्रद्धालु शिरकत करते हैं।

आम आदमी पार्टी के हिन्दू धर्म विरोधी होना एक टीवी चैनल ने दिखाया

डेमोक्रेटिक फ्रंट, चंडीगढ़/पंचकुला :

केजरीवाल का मंत्री दिल्ली में हिंदुओं को, हिंदू देवी देवताओं को गाली दे रहा है और केजरीवाल गुजरात में जय श्री कृष्णा बोलने का ढोंग कर रहा है – कपिल मिश्रा

मुफ़्त का सामान देकर गरीब हिंदुओं का धर्म परिवर्तन कराने वाली एजेन्सी बन गयी हैं आम आदमी पार्टी – कपिल मिश्रा

आम आदमी पार्टी के नेता/मंत्री ने 10,000( दस हज़ार) लोगों से हिन्दू धर्म और देवी देवताओं के विरोध में शपथ दिलवाई।

‘चाहे मुझे फांसी दे दो, नहीं मांगूंगा माफी’, भाजपा के हंगामे पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी की सफाई

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने राष्ट्रपति पर की गई टिप्पणी को लेकर माफी मांगने से इनकार किया है। अधीर रंजन चौधरी ने कहा है कि माफी मांगने का सवाल ही नहीं है। मेरे मुंह से गलती से राष्ट्रपति के लिए गलत शब्द निकला, मैं राष्ट्रपति का पूरा सम्मान करता हूं। अधीर रंजन चौधरी द्वारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पर दिये गए बयान पर हो रहे हंगामे के बीच कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रतिक्रिया दी है। सोनिया गांधी ने कहा कि वह पहले ही माफी मांग चुके हैं।

डेमोक्रेटिक फ्रंट(ब्यूरो), नई दिल्ली : 

संसद में पिछले करीब दो सप्ताह से सदन का नजारा अलग था। विपक्ष के महंगाई और जीएसटी के मुद्दे पर सरकार जहां बैकफुट थी वहीं, आज दोनों सदनों में नजारा एकदम बदल गया था। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी का राष्ट्रपति को लेकर दिए बयान को बीजेपी ने लपक लिया और लोकसभा और राज्यसभा में कांग्रेस पार्टी को जमकर घेरा। दोनों सदन में अधीर के बयान पर जमकर हंगामा हुआ। आमतौर पर सौम्यता से बात करने वाली बीजेपी नेता स्मृति इरानी का आज अलग ही रूप दिखा। इरानी का चेहरा आज तमतमा रहा था। उन्होंने सीधे कांग्रेस चीफ सोनिया गांधी पर हमला बोला। गुस्से से सुर्ख नजर आ रहीं इरानी ने अपने भाषण में लगातार कांग्रेस पर शब्दों के तीखे बाण चलाए। इरानी ने आज लोकसभा में अधीर रंजन के बयान पर कांग्रेस को जमकर घेरा और अपने एक ही बयान से सारा हिसाब बराबर कर दिया। इरानी ने तो सीधे-सीधे सोनिया गांधी पर निशाना साधा और उन्हें देश से माफी मांगने की मांग की।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु पर दिए बयान पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने सफाई देते हुए कहा कि इस पर माफी मांगने का सवाल ही नहीं है। मेरे मुंह से राष्ट्रपति के लिए गलत शब्द निकला, अब अगर आप मुझे इसके लिए फांसी देना चाहते हैं, तो आप दे सकते हैं। उन्होंने भाजपा पर मामले को तूल देने का भी आरोप लगाया। अधीर रंजन ने आगे कहा कि सत्ताधारी दल मेरे बयान को लेकर जानबूझकर इसे राई का पहाड़ बनाने की कोशिश कर रहा है। मैं राष्ट्रपति का पूरा सम्मान करता हूं।

वहीं, अधीर रंजन चौधरी के बयान पर लोकसभा व राज्यसभा में भी हंगामा देखने को मिला। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने लोकसभा में अधीर रंजन चौधरी से माफी की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश के हर नागरिक का अपमान किया है। कांग्रेस और सोनिया गांधी को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।

इस बीच, लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी ने लोकसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया है कि उन्हें उनके बयान के लिए लगाए गए आरोपों पर सदन के पटल पर बोलने का मौका दिया जाए। उन्होंने इस पर एक पत्र भी दिया है।

बता दें कि लोकसभा व राज्यसभा की कार्यवाही को भारी हंगामे के बाद स्थगित कर दिया गया है। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु पर अपमानजनक टिप्पणी की थी। जिसके बाद भाजपा नेताओं ने अधीर रंजन चौधरी से माफी की मांग की।

द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति का पद किया ग्रहण, CJI एनवी रमण ने दिलाई शपथ

मुर्मू देश की 10वीं राष्ट्रपति होंगी जो 25 जुलाई को शपथ ले रही हैं। भारत के छठे राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी ने 25 जुलाई 1977 को शपथ ली थी। तब से 25 जुलाई को ज्ञानी जैल सिंह, आर. वेंकटरमण, शंकर दयाल शर्मा, के.आर. नारायणन, ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, प्रतिभा पाटिल, प्रणब मुखर्जी और रामनाथ कोविंद ने इसी तारीख को राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी।

  • देश की दूसरी महिला राष्ट्रपति
  • पहली महिला आदिवासी राष्ट्रपति
  • सबसे कम उम्र की राष्ट्रपति
  • स्वतंत्र भारत में पैदा होने वाली पहली राष्ट्रपति 

डेमोक्रेटिक फ्रंट(ब्यूरो), नयी दिल्ली :

द्रौपदी मुर्मू देश की 15वीं राष्ट्रपति बन गई हैं। सोमवार (25 जुलाई, 2022) को उन्हें सीजेआई एनवी रमण ने राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा- मैं प्रेसिडेंट बनी, यह लोकतंत्र की महानता है। भारत में गरीब सपने देख सकता है और उन्हें पूरा भी कर सकता है। युवाओं और महिलाओं को मैं खास विश्वास दिलाती हूं। अनेक बाधाओं के बावजूद मेरा दृढ़ संकल्प मजबूत रहा।

उन्होंने आगे बताया- भारत के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर निर्वाचित करने के लिए मैं सभी सांसदों और सभी विधानसभा सदस्यों का हार्दिक आभार व्यक्त करती हूं। आपका मत देश के करोड़ों नागरिकों के विश्वास की अभिव्यक्ति है। राष्ट्रपति के पद तक पहुंचना, मेरी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, यह भारत के प्रत्येक गरीब की उपलब्धि है।

“मैं जिस जगह से आती हूं, वहां प्रारंभिक शिक्षा भी सपना होता है। गरीब, पिछड़े मुझे अपना प्रतिबिंब दिखाते हैं। मैं भारत के युवाओं और महिलाओं को विश्वास दिलाती हूं कि इस पद पर काम करते हुए उनका हित मेरे लिए सर्वोपरि रहेगा। संसद में मेरी मौजूदगी भारतीयों की आशाओं और अधिकारों का प्रतीक है। मैं सभी के प्रति आभार व्यक्त करती हूं। आपका भरोसा और समर्थन मुझे नई जिम्मेदारी संभालने का बल दे रहा है।”

“मैं पहली ऐसी राष्ट्रपति हूं जो आजाद भारत में जन्मी। हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने भारतीयों से जो उम्मीदें लगाई थीं, उन्हें पूरा करने का मैं पूरा प्रयास करूंगी।

राष्ट्रपति के पद तक पहुंचना मेरी निजी उपलब्धि नहीं है, यह देश के सभी गरीबों की उपलब्धि है। मेरा नॉमिनेशन इस बात का सबूत है कि भारत में गरीब न केवल सपने देख सकता है, बल्कि उन सपनों को पूरा भी कर सकता है।”

उन्होंने आगे बताया- भारत के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर निर्वाचित करने के लिए मैं सभी सांसदों और सभी विधानसभा सदस्यों का हार्दिक आभार व्यक्त करती हूं। आपका मत देश के करोड़ों नागरिकों के विश्वास की अभिव्यक्ति है। राष्ट्रपति के पद तक पहुंचना, मेरी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, यह भारत के प्रत्येक गरीब की उपलब्धि है।

उनके मुताबिक, “मेरे लिए बहुत संतोष की बात है कि जो सदियों से वंचित रहे, जो विकास के लाभ से दूर रहे, वे गरीब, दलित, पिछड़े तथा आदिवासी मुझ में अपना प्रतिबिंब देख रहे हैं। मेरे इस निर्वाचन में देश के गरीब का आशीर्वाद शामिल है, देश की करोड़ों महिलाओं और बेटियों के सपनों और सामर्थ्य की झलक है।”

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का भाषण समाप्त होने के बाद उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने उसका कुछ अंश अंग्रेजी में पढ़ा। इसके बाद राष्ट्रपति मुर्मू की स्वीकृति लेकर राष्ट्रगान के साथ शपथ ग्रहण समारोह का समापन हुआ।

रायसीना हिल्स की रेस जीतीं द्रौपदी मुर्मू, राष्ट्रपति चुनाव में मिली शानदार जीत

भाजपा का कहना है कि राष्ट्रपति चुनाव से ही विपक्षी की फूट सामने आ गई है। वहीं दूसरी तरफ राष्ट्रपति चुनाव में आगे रहने वाली ममता बनर्जी ने यह भी ऐलान कर दिया है कि उनकी पार्टी उपराष्ट्रपति चुनाव में हिस्सा नहीं लेगी। उनका कहना है कि उपराष्ट्रपति उम्मीदवार तय करने से पहले उनसे नहीं पूछा गया था। वहीं आम आदमी पार्टी का भी रुख अभी इस बारे में स्पष्ट नहीं है। विपक्ष जहां 2024 में लामबंद होकर भाजपा का मुकाबला करने का प्लान बना रहा था वहीं राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव में यह बिखराव किसी झटके से कम नहीं है।

डेमोक्रेटिक फ्रंट, नयी दिल्ली :

देश की राष्ट्रपति पद के लिए 18 जुलाई को हुए मतदान के बाद गुरुवार को हुई मतगणना में एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को बड़े अंतर से जीत मिली है। मुर्मू को करीब 500 से ज्यादा सांसदों के वोट हासिल हुए और विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा 200 सांसदों को ही अपने पक्ष में खड़ा कर सके। नतीजों से साफ है कि आदिवासी समाज से आने वाली  द्रौपदी मुर्मू देश की अगली राष्ट्रपति होंगी। उनकी जीत पर बीजेपी कार्यकर्ता जश्न मना रहे हैं साथ ही उनके गृहराज्य ओडिशा में भी खुशी की लहर दौड़ चुकी है।

अधिकारियों के मुताबिक सभी सांसदों के वोटों की गिनती पूरी होने के बाद उसमें से 15 सांसदों के वोट अमान्य पाए गए थे। वहीं राष्ट्रपति चुनाव में आठ सांसदों ने वोट नहीं डाला।  अधिकारियों ने बताया कि इस राष्ट्रपति चुनाव में हर सांसद के वोट का मूल्य 700 है और मुर्मू को मिले कुल मतों का मूल्य 5,23,600 हासिल है। जो कि सांसदों के कुल वैध मतों का 72.19 प्रतिशत है, यह उनके पक्ष में कुछ क्रॉस वोटिंग के संकेत देता है।

मुर्मू को आधिकारिक रूप से समर्थन देने वाले दलों की संख्या बल के अतिरिक्त उन्हें पांच से छह और सांसदों के वोट मिलने का अनुमान है। चुनाव से पहले विभिन्न दलों के 538 सांसदों ने मुर्मू को अपना समर्थन दिया था, लेकिन उनमें से कुछ ने वोट नहीं दिया। दूसरी ओर, सिन्हा के कुल वोटो का मूल्य 1,45,600 था, जो कुल वैध मतों का 27.81 प्रतिशत है। अधिकारियों ने बताया कि मतगणना के दूसरे दौर में विधायकों के मतों की गिनती हुई है।

देश के नए राष्ट्रपति का शपथग्रहण 25 जुलाई को होना है। उससे एक दिन पहले यानी 24 जुलाई को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल खत्म हो रहा है।  

अंतरात्मा की आवाज सुन कई विधायकों ने द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में की ‘क्रॉस वोटिंग’

झारखंड और गुजरात में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक और हरियाणा तथा ओडिशा में कांग्रेस विधायक हैं जिन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी अंतरात्मा की आवाज पर वोट किया। पंजाब में शिरोमणि अकाली दल के विधायक ने राज्य से संबंधित मुद्दों का समाधान न होने का हवाला देते हुए राष्ट्रपति चुनाव का बहिष्कार किया। असम में, ऑल इंडिया यूनाईटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) विधायक करीमुद्दीन बरभुइयां ने दावा किया कि राज्य के करीब 20 कांग्रेस विधायकों ने सोमवार को मुर्मू को वोट दिया।

  • राष्ट्रपति चुनाव में अंतरात्मा की आवाज सुन कई विधायकों ने मुर्मू के पक्ष क्रॉसवोटिंग की है
  • असम में एआईयूडीएफ के विधायक करीमुद्दीन बरभुइयां ने दावा किया कि राज्य के करीब 20 कांग्रेस विधायकों ने राष्ट्रपति चुनाव में मुर्मू को वोट दिया है
उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में ‘क्रॉस वोट’ किया

सारिका तिवारी, डेमोक्रेटिक फ्रंट, चंडीगढ़/ नई दिल्ली :

राष्ट्रपति चुनाव के पहले से ही विपक्ष बिखरा हुआ नजर आ रहा था। अब खबर आ रही है कि अलग-अलग राज्यों के कई विधायकों ने कहा है कि उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में अपनी पार्टी लाइन का पालन नहीं कर एनडीए की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में ‘क्रॉस वोट’ किया है। क्रॉस वोटिंग में झारखंड और गुजरात में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक और हरियाणा तथा ओडिशा के कांग्रेस विधायक शामिल हैं। विधायकों ने कहा है कि उन्होंने अपनी अंतरात्मा की आवाज पर वोट किया है। पंजाब में शिरोमणि अकाली दल के विधायक ने राज्य से संबंधित मुद्दों का समाधान न होने का हवाला देते हुए राष्ट्रपति चुनाव का बहिष्कार किया। असम में, ऑल इंडिया यूनाईटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के विधायक करीमुद्दीन बरभुइयां ने दावा किया कि राज्य के करीब 20 कांग्रेस विधायकों ने राष्ट्रपति चुनाव में मुर्मू को वोट दिया है।

उधर उत्तर प्रदेश में भी समाजवादी पार्टी में फूट की खबर सामने आई है। पार्टी के विधायक शहजिल इस्लाम ने द्रौपदी मुर्मू को वोट दिया। बता दें कि कॉन्ग्रेस और सपा ने आधे-अधूरे विपक्ष की तरफ से यशवंत सिन्हा को राष्ट्रपति का उम्मीदवार बनाया था। बरेली के भोजीपुरा से विधायक शहजिल इस्लाम ने इसके बाद ‘प्रगतिशील समाजवादी पार्टी’ के अध्यक्ष और सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव से भी मुलाकात की।

उत्तर प्रदेश में, शिवपाल सिंह यादव ने भी दावा किया कि वह कभी भी यशवंत सिन्हा का समर्थन नहीं करेंगे, क्योंकि उन्होंने एक बार उनके भाई और समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव पर ‘आईएसआई एजेंट’ होने का आरोप लगाया था। पिछले महीने राज्यसभा चुनाव में हरियाणा में ‘क्रॉस वोटिंग’ करने वाले कांग्रेस विधायक कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में भी अपने विवेक के अनुसार मतदान किया।

राष्ट्रपति चुनाव में मतदान गुप्त मतदान के माध्यम से होता है और पार्टियां अपने सांसदों और विधायकों को व्हिप जारी नहीं कर सकती हैं। ओडिशा में कांग्रेस विधायक मोहम्मद मोकीम ने सोमवार को यह घोषणा कर हलचल पैदा कर दी कि उन्होंने राजग उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया। विधानसभा में अपने मताधिकार का प्रयोग करने के बाद, कटक-बाराबती विधानसभा क्षेत्र के विधायक मोकीम ने कहा कि उन्होंने अपनी ‘‘अंतरात्मा की आवाज’’सुनी।

खुद शिवपाल यादव ने द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में मतदान किया। सपा गठबंधन में शामिल ओमप्रकाश राजभर की ‘सुहलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP)’ ने भी मुर्मू के ही समर्थन का ऐलान किया था। शिवपाल यादव ने पहले ही एक पत्र लिख कर अखिलेश यादव को कहा था कि सपा विधायकों को यशवंत सिन्हा को वोट नहीं देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि यशवंत सिन्हा ने कभी सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव को ‘ISI एजेंट’ कहा था।

वहीं असम में AIUDF के नेता करीमुद्दीन ने कहा कि कॉन्ग्रेस क्रॉस वोटिंग कर रही है और ये आँकड़ा 20 से अधिक भी हो सकता है। वहीं कॉन्ग्रेस के एक अन्य बागी नेता कुलदीप बिश्नोई ‘अंतरात्मा की आवाज़’ सुनते हुए द्रौपदी मुर्मू को वोट करने की बात कही। मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस में भी फूट की खबर सामने आ रही है, लेकिन पार्टी इसे नकार रही है। पश्चिम बंगाल में TMC का दावा है कि 9 भाजपा विधायकों ने यशवंत सिन्हा के लिए वोट डाला।

पंचांग, 01 जुलाई 2022

पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है। माना जाता है कि भगवान श्रीराम भी पंचांग का श्रवण करते थे। शास्त्र कहते हैं कि तिथि के पठन और श्रवण से मां लक्ष्मी की कृपा मिलती है। तिथि का क्या महत्व है और किस तिथि में कौन से कार्य कराना चाहिए या नहीं यह जानने से लाभ मिलता ह। पंचांग मुख्यतः पाँच भागों से बना है। ये पांच भाग हैं: तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण। यहां दैनिक पंचांग में आपको शुभ समय, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिंदू माह और पहलू आदि के बारे में जानकारी मिलती है।

नोटः आज रथयात्रा उत्सव (श्रीजगन्नाथपुरी) भगवान जगन्नाथ की स्मृति में निकाली जाने वाली ‘जगन्नाथ रथ यात्रा’ की दुनिया भर में बेसब्री से प्रतीक्षा रहती है। गौरतलब है कि हिंदू धर्म के चार प्रमुख धामों बद्रीनाथ, रामेश्वरम, द्वारका में से एक है जगन्नाथ पुरी।  उड़ीसा स्थित जगन्नाथ मंदिर वैष्णव सम्प्रदाय का मंदिर है, जो विष्णुदी के अवतार श्रीकृष्ण को समर्पित माना जाता है।  जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की प्रतिमा स्थापित है।  साल भर उनकी पूजा मंदिर के गर्भगृह में होती है।  लेकिन आषाढ़ माह में उन्हें तीन विशाल एवं दिव्य रथों में 3 किमी की यात्रा करवाकर गुंडिचा मंदिर लाया जाता है।  इन्हें भक्तगण स्वयं खींचते हैं।  मान्यता अनुसार भगवान का रथ खींचने वाले भक्त को 100 यज्ञों के समान पुण्य-फल मिलता है।

विक्रमी संवत्ः 2079, 

शक संवत्ः 1944, 

मासः आषाढ़, 

पक्षः शुक्ल, 

तिथिः द्वितीया दोहपर 01.10 तक है, 

वारः शुक्रवार, 

नक्षत्रः पुष्य रात्रि 03.56 तक है, 

योगः व्यातिपात प्रातः 10.46 तक।  

विशेषः आज पश्चिम दिशा की यात्रा न करें। शुक्रवार को अति आवश्यक होने पर सफेद चंदन, शंख, देशी घी का दान देकर यात्रा करें।

करणः कौलव, 

सूर्य राशिः मिथुन, चंद्र राशिः कर्क, 

राहु कालः प्रातः 10.30 बजे से दोपहर 12.00 बजे तक, 

सूर्योदयः 05.31, सूर्यास्तः 07.19 बजे। 

कपिल सिब्बल हाथ छोड़ कर हुए साइकल सवार, अब रजाया सभा जाने की तैयारी

निर्देशक डॉ एस के दास की शार्ट फ़िल्म ‘सनी’ को फिल्म फेस्टिवल में पुरस्कृत

  • “11 वें सीएमसी वटावरन फिल्म फेस्टिवल एंड अवार्ड्स में शार्ट फ़िल्म ‘सनी’ को ‘आजीविका और टिकाऊ प्रौद्योगिकियां’ कैटगरी में सर्वश्रेष्ठ फिल्म पुरस्कार

चंडीगढ़ संवाददाता, डेमोक्रेटिक फ्रंट – 26 अप्रैल :

‘सोशल इमेज प्रोडक्शन‘ के बैनर तले बनी और एस के दास द्वारा निर्देशित की शार्ट फ़िल्म ”सनी दी सन ऑफ़ रिवर महानदी’ को चंडीगढ़ में आयोजित ’11 वें सीएमसी वटावरन फिल्म फेस्टिवल एंड अवार्ड्स’ में ‘आजीविका और टिकाऊ प्रौद्योगिकियां’ कैटगरी में सर्वश्रेष्ठ भारतीय फिल्म पुरस्कार 23 अप्रैल 2022 को मिला। इस वर्ष कुल 21 राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय फिल्मों को 10 श्रेणियों में पुरस्कृत किया गया।इसमें फिल्म मेकर श्याम बैगेगल, डॉ जी बी के राव,फेस्टिवल के डाइरेक्टर्स इत्यादि जैसे कई दिग्गज इसके जज था। एस के दास को 50 हज़ार का पुरस्कार, ट्रॉफी व सर्टिफ़िकेट दिया गया। जिसके लिए उन्होंने फेस्टिवल कमेटी व जूरी के सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।

                   जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली से एमए, एम.फिल और पीएचडी पूरा करने के बाद डॉ श्वेता कुमार दास (एस के दास) ने ओडिशा प्रशासनिक सेवा में अपना कैरियर बनाया। महिला सशक्तिकरण, किसान आत्महत्या, जाति व्यवस्था, आपदा प्रबंधन और मौजूदा सामाजिक अंध विश्वास जैसे सामाजिक मुद्दों पर आधारित फिल्में बनाने के लिए उनकी विशेष रूचि रही है। उनके द्वारा निर्देशित लघु फिल्म ‘मास्क’ ने कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार जीते थे।

            अपनी शार्ट फ़िल्म ‘सनी’ के बारे में निर्देशक डॉ एस के दास कहते है,”लघु फिल्म “सनी” महानदी नदी और ओडिशा में मछुआरों की आजीविका पर आधारित है। यह फिल्म ओड़िआ भाषा में बनी है। महानदी नदी को ओडिशा की मां के रूप में माना जाता है,यह नदी लोगों की आजीविका से निकटता से जुड़ी हुई है। इस फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे मछुआरे समुदाय को दोनों राज्यों के बीच जल विवाद का सामना करना पड़ता है?”

जगन्नाथ मंदिर में अज्ञात लोगों ने 40 चूल्हे क्षतिग्रस्त किए

रिकॉर्ड्स ऑफ राइट्स (आरओआर) के अनुसार 12वीं शताब्दी के इस मंदिर की रसोई में 240 पंजीकृत चूल्हे हैं। इनमें से 40 को नुकसान पहुंचा है। रसोई में प्रवेश की अनुमति केवल सुआराओं (रसोइये) को होती है। शक है कि शनिवार रात हुई इस घटना में कुछ सेवकों का हाथ हो सकता है। इस घटना ने मंदिर की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए हैं। मंदिर में तोड़फोड़ की जानकारी मिलने के बाद जिला कलेक्टर समर्थ वर्मा ने पुलिस अधीक्षक वीके सिंह के साथ घटनास्थल का दौरा किया था। जिला कलेक्टर ने कहा, ‘रोसा घर में लगभग 40 चूल्हों के साथ तोड़फोड़ की गई है। हमने इस संबंध में एक रिपोर्ट मांगी है और इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।’

भुवनेश्वर, डेमोक्रेटिक फ्रंट – 03 अप्रैल :  

ओडिशा के पुरी स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर में मिट्टी के करीब 40 चूल्हों को रविवार को टूटी हुई अवस्था में पाया गया, अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन चूल्हों का इस्तेमाल ‘महाप्रसाद’ बनाने में किया जाता था, जिसका भोग भगवान को ‘रोस घर’ (रसोई घर) में लगाया जाता है। यह दुनिया की सबसे बड़ी रसोई घर है जहां रोजाना करीब 300 क्विंटल चावल पकाया जाता है। 

जिलाधिकारी समर्थ वर्मा ने पुलिस अधीक्षक वीके सिंह के साथ मौके का दौरा करने के बाद कहा, ‘‘रोस घर के करीब 40 चूल्हों में तोड़फोड़ की गई है। हमने इस संबंध में रिपोर्ट तलब की है और इसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।’’ उन्होंने बताया कि आरोपियों की पहचान करने के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। वर्मा ने बताया कि पुलिस और मंदिर के अधिकारियों की संयुक्त जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस घटना से श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण का कार्य प्रभावित होगा लेकिन साथ ही दावा किया कि दो दिनों में स्थिति सामान्य हो जाएगी। 

रिकॉर्ड्स ऑफ राइट्स के अनुसार, ये मंदिर 12 वीं (1161 CE) शताब्दी का है। इसमें 240 चूल्हे हैं। इनमें से 40 को नुकसान पहुँचाया गया है। रसोई में केवल रसोइयों की अनुमति होती है। ऐसे में शक है कि ये घटना शनिवार को कुछ सेवकों द्वारा न की गई हो। घटना के बाद मंदिर की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

बता दें कि मंदिर के महाप्रसाद को बनाने के लिए करीब 400 रसोइए लगते हैं और 200 सहायक प्रत्यक्ष रूप से इस प्रक्रिया में जुटे होते हैं। ये प्रसाद आनंद बाजार में बेचा जाता है। अनुमान है कि संध्या रूप आरती के बाद और राजभोग लगने के बाद इस घटना को अंजाम दिया गया।

जिला कलेक्टर का कहना है कि वो आरोपितों को पकड़ने के लिए अपनी जाँच सीसीटीवी फुटेज के जरिए कर रहे हैं। पुलिस और मंदिर प्रशासन इस मामले पर मिलकर पड़ताल करेंगे। जिन चूल्हों को नुकसान हुआ है उन्हें सामान्य करने में दो दिन का समय लगेगा।

अब इस घटना के बाद मंदिर की परंपरा का क्या फर्क पड़ेगा ये भी जान लीजिए। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस घटना में एक या दो कोठा चूल्हों को नुकसान पहुँचाया गया है बाकी सब सही हालत में है। ऐसे में मंदिर का प्रसाद बनने में कोई कठिनाई नहीं आई। बस सुबह का प्रसाद आधे घंटे लेट हुआ। घटना ने भक्तगणों की आस्था को ठेस पहुँचाया है।