पकस्तान ने नीलम घाटी में भारतीय सेना की कार्यवाई की स्वीकारी

इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में इंडियन आर्मी के ऑपरेशन की बात स्वीकार कर ली है. पाकिस्तान ने यह भी माना है कि भारत के हमले में उनके एक सैनिक की मौत हो गई हैं. हालांकि पाकिस्तान ने इंडियन आर्मी पर बिना उकसावे के सीजफायर उल्लंघन का आरोप भी लगाया है. पाकिस्तान ने इल्जाम लगाया है कि भारत ने जुरा, शाहकोट और नौशेरी सेक्टर में बगैर उकसावे के सीजफायर का उल्लंघन किया. 

पाकिस्तान ने यह भी दावा किया है कि उसने 9 भारतीय सैनिकों को मार गिराया जबकि दो भारतीय बंकरों को भी नष्ट कर दिए गए हैं.  पाकिस्तान ने कहा है कि दोनों ओर से हुई गोलीबारी में हमारा 1 सैनिक और 3 नागरिक मारे गए जबकि 2 सैनिक और 5 नागरिक जख्मी हो गए हैं. इंडियन आर्मी ने रविवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए पीओके की नीलम घाटी स्थित आतंकी ठिकानों को टारगेट बनाया.

भारतीय सेना ने इन ठिकानों पर तोप से हमला किया जिसमें आतंकियों के चार लॉन्चिंग पैड्स नष्ट हो गए. भारतीय सेना की कार्रवाई में पाकिस्तान के 4-5 सैनिक भी मारे गए हैं. इंडियन आर्मी ने यह कार्रवाई पाकिस्तान द्वारा किए लगातार किए जा रहे सीजफायर उल्लंघन और आतंकी घुसपैठ के जवाब में की है.

सेना ने बड़ी कार्यवाही में POK स्थित 4 आतंकी लॉंचपैड तबाह किए 4-5 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने की भी खबर है

पाकिस्तान की तरफ से लगातार हो रही घुसपैठ की कोशिशों के बीच भारतीय सेना ने बड़ी कार्यवाही की है मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सेना ने जवाबी कार्यवाही में पीओके में आतंकियों के कई अड्डे तबाह कर दिए हैं तो उसे गोला बारूद दागे गए हैं जिसमें आतंकी कैंपों को बड़ा नुकसान हुआ है वहीं इस हमले में 4 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत की भी खबर है इसके अलावा नीलम घाटी में 4 आतंकी लांचपैड्स को भी तबाह कर दिया गया है हालांकि अधिकारिक रूप से फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं की गई है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पिछले काफी समय से पाकिस्तानी आर्मी आतंकियों की भारत में घुसपैठ की कोशिशों में मदद कर रही थी इन्हीं सब गतिविधियों को देखते हुए भारतीय सेना ने बड़ी कार्यवाही की और पीओके में स्थित आतंकी कैंपों को तबाह कर दिया पीओके के नीलम घाटी में चल रहे आतंकी ठिकानों पर किए गए हमलों में करीब चार पांच पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने की खबर है इसके साथ ही भारतीय सेना ने 4 लॉन्चिंग पैड भी तोबा कर दिए हैं भारतीय सेना द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट में आतंकी ठिकानों पर की गई भारतीय वायु सेना की एयर स्ट्राइक के बाद यह तीसरा सबसे बड़ी कार्यवाही मानी जा रही है आतंकी कैंपों को निशाना बनाते हुए जोरदार हमले किए गए हैं बताया जा रहा है कि इंडियन आर्मी ने आतंकी शिविर को नष्ट करने के लिए आर्टिलरी गन का इस्तेमाल किया है।

बता दें भारतीय सेना की तरफ से यह कदम ऐसे समय में उठाया गया जब रविवार को ही संग भाड़ में पाकिस्तान आर्मी ने सीजफायर का उल्लंघन किया था इस दौरान ही भारी गोलाबारी में 2 जवान शहीद हो गए और एक आम नागरिक भी मारा गया इसके अलावा इस घटना में कई आम नागरिकों के घायल होने की भी खबर थी इस दौरान स्थानीय लोगों की संपत्ति को भी काफी नुकसान पहुंचा था बताया जा रहा था कि पाकिस्तान आर्मी आतंकवादी कि भारत में घुसन��

2019 में सीजफायर उल्लंघन में हुई बढ़ोतरी

पाकिस्तान की ओर से बीते पांच वर्षो में 2019 में संघर्ष विराम उल्लंघन (Ceasefire Violation) की घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि हुई है. इस वर्ष आज की तारीख में संघर्ष विराम उल्लंघन की 2300 से ज्यादा घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं. जबकि वर्ष 2018 में इसकी संख्या 1629 थी.

भारतीय सेना के अनुसार, संघर्ष विराम उल्लंघन की घटनाओं में बढ़ोतरी आतंकवादियों को जम्मू एवं कश्मीर में घुसपैठ कराने के उद्देश्य से हुई है. खुफिया रिपोर्ट से पता चला है कि पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों को नियंत्रण रेखा के पास रखा गया है, ताकि मौका मिलते ही वे भारतीय सीमा में प्रवेश कर सकें.

PU Faculty awarded

Chandigarh October 18, 2019

Dr. Tanzeer Kaur, Assistant Professor, Department of Biophysics, Panjab University, Chandigarh has been awarded a research grant of Rs. 36 lakhs by Indian Council of Medical Research (ICMR). The project will be co-investigated by Dr. Neelima Dhingra, Assistant Professor, University Institute of Pharmaceutical Sciences(UIPS).

The project will be based on targeting and finding a vital treatment for Parkinson’s Disease (PD) by exploring the potential of novel drug therapies. PD is an old age disorder and is affecting a wider section of population in India. The individuals suffering from PD looses their control over the movement and currently numerous research has been going to treat the disease. The current project will advance the development, design and validation process of novel drugs against PD.

Dr. Tanzeer Kaur was chosen among the faculties of PU and awarded a research sum of Rs. 50,000 under DST-PURSE as a part of incentive grant program in the year 2018. 

मलेशिया के साथ व्यापारिक सम्बन्धों पर विराम: सॉल्वेंट एक्सट्रेक्टर्स एसोसिएशन

कश्मीर मामले पर मलेशिया ने भारत से ली टक्कर, भारतीय व्यापारियों ने बंद कर दी बोलती
कश्मीर मसले पर भारत विरोधी बयान को लेकर देश के तेल कारोबारी मलेशिया से नाराज हैं.

नई दिल्ली। 

कश्मीर मसले को लेकर मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोम्मद द्वारा भारत की आलोचना से नाराज भारतीय कारोबारियों ने मलेशिया से पाम तेल आयात के नए सौदे करना बंद कर दिया है। हालांकि भारत सरकार ने इस दिशा में अभी तक कोई कदम नहीं उठाया है, लेकिन घरेलू खाद्य तेल उद्योग ने मलेशिया को कड़ा जवाब देना शुरू कर दिया है। खाद्य तेल उद्योग संगठन के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि देश पहले आता है और कारोबारी संबंध बाद में। कश्मीर मसले पर भारत विरोधी बयान को लेकर देश के तेल कारोबारी मलेशिया से नाराज हैं, इसलिए उन्होंने अगले महीने के लिए होने वाले पाम तेल आयात के सौदों को रोक दिया है।

सॉल्वेंट एक्सट्रेक्टर्स एसोसिएशन के कार्यकारी निदेशक डॉ. बी.वी मेहता ने कहा कि हमारे देश देश पहले आता है और कारोबारी संबंध बाद में। मलेशिया से पाम तेल आयात करना हमारी मजबूरी भी नहीं है, क्योंकि मलेशिया की जगह इंडोनेशिया से पाम तेल आयात के हमारे विकल्प खुले हुए हैं। मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र महासभा में कश्मीर का मसला उठाते हुए कहा था कि जम्मू-कश्मीर मसले पर संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव लाए जाने के बावजूद भारत ने उस पर आक्रमण कर उसे अपने कब्जे में कर लिया। उन्होंने कहा, भारत की इस कार्रवाई की भले ही कोई वजह रही हो लेकिन यह गलत है।

भारत को पाकिस्तान के साथ मिलकर समस्या का समाधान करना चाहिए। डॉ. मेहता ने कहा कि भारत मलेशिया के पाम तेल का सबसे बड़ा खरीदार है और हम सालाना 30 लाख टन से ज्यादा पाम मलेशिया से आयात करते हैं, लेकिन मलेशिया से आयात रुकने से हमारे ऊपर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है क्योंकि हम इसके बदले इंडोनेशिया से पाम आयात कर सकते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि संभव है कि सरकार भी इस दिशा में कदम उठाए और आयात शुल्क बढ़ाकर या कोटा निार्धारित करके मलेशिया से पाम तेल आयात पर प्रतिबंध लगाए, लेकिन सरकार को यह देखना होगा कि फैसले से विश्व व्यापार संगठन द्वारा तय नियमों का उल्लंघन न हो। खाद्य तेल बाजार विशेषज्ञ मुंबई के सलील जैन ने बताया कि बाजार में इस बात पर पहले से ही चर्चा चल रही है कि सरकार मलेशिया से तेल आयात पर प्रतिबंध लगाने की दिशा में कदम उठा सकती है।

1st Prize to Centre for Nuclear Medicine, PU

Chandigarh October 14, 2019

            Centre for Nuclear Medicine, Panjab University, Chandigarh  receivedthe first prize by the International Medical Olympicus Association during the recently held 5th International Medical Olympiad in Greece. 

The work presented was a part of the CSIR funded project awarded to Dr Vijayta D Chadha as Principal Investigator and Co investigators, Dr D K Dhawan and Dr Neelima D Passi. The research involved radiosynthesis of a novel 5α-reductase inhibitor and evaluation of its cancer targeting potential in experimental model of prostate carcinogenesis. Prostate cancer is the second most frequent malignancy after lung cancer in men and the fifth leading cause of death worldwide. The enzyme 5α-reductase converts testosterone to dihydrotestosterone which is more potent agonist of androgen receptor and its increased levels lead to enlargement of prostate gland. 5α-reductase inhibitors are a class of drugs that contain the metabolic transformation of testosterone thus lowering the manifestation of diseased condition. Considering the 5α-reductase inhibitory activity of the reported oximes and importance of the ester group in increasing the antiandrogenic property, a potent 5α-reductase inhibitor was synthesized for enhanced selectivity towards prostate tissue. The work was carried by Ms Gousia Jan, Research fellow in the project and was presented by Prof D K Dhawan in the said conference.

राफेल की ख़रीदारी से बेचैन हुआ पाकिस्तान

– भारत को मिले राफेल को लेकर पाकिस्तान बेचैन हो गया है
– पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को राफेल पर प्रतिक्रिया दी
– पाकिस्तान बोला- राफेल से हम अपनी रक्षा करना जानता
हैं
– भारत को फ्रांस से मिलने हैं कुल 36 राफेल लड़ाकू विमान

पाकिस्तान मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ. मुहम्मद फैसल ने गुरुवार को साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि ‘किसी के पास राफेल हो या कुछ और, पाकिस्तान जानता है कि उसे अपनी सुरक्षा कैसे करनी है.’

भारतीय वायुसेना को मिले लड़ाकू विमान राफेल को लेकर पाकिस्तान बेचैन हो उठा है। यह बेचैनी गुरुवार को पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भी साफ दिखाई दी। एक सवाल के जवाब में पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने राफेल से नहीं डरने की बात कही। पाकिस्तान मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ. मुहम्मद फैसल ने गुरुवार को साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि ‘किसी के पास राफेल हो या कुछ और, पाकिस्तान जानता है कि उसे अपनी सुरक्षा कैसे करनी है.’

उन्होंने फ्रांस से भारत को मिले राफेल विमान के संदर्भ में हथियारों की रेस का मुद्दा उठाया और विश्व समुदाय से आग्रह किया कि वह दक्षिण एशिया को हथियारों की रेस में मत झोंके. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ऐसी किसी रेस का हिस्सा नहीं बनेगा क्योंकि पाकिस्तान की मौजूदा सरकार का ध्यान मानवीय विकास, सेहत और शिक्षा पर है. उन्होंने कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघन के पाकिस्तान के पुराने आरोपों को एक बार फिर दोहराया और भारत से आग्रह किया कि ‘वह कश्मीर से प्रतिबंधों को’ हटा ले.

करतारपुर साहिब गलियारे से संबंधित एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि गलियारे के उद्घाटन समारोह के लिए भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को औपचारिक तौर से निमंत्रण भेजा गया है. उन्होंने कहा कि गलियारे का काम पूरे जोरशोर से चल रहा है और यह तय समय पर पूरा हो जाएगा. इसका उद्घाटन उसी तारीख को होगा जिसका वादा प्रधानमंत्री इमरान खान ने किया था.

एक अन्य सवाल के जवाब में प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान, इस्लामाबाद में होने वाले दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) के शिखर सम्मेलन की तारीखों पर काम कर रहा है. तारीख तय होने पर इसकी जानकारी साझा की जाएगी.

PU Research Scholar presented paper in Moscow

Korel, Chandigarh October 10, 2019

Rupam Vijay, Research Scholar, Department of Public Administration, Panjab University, Chandigarh presented paper on  ‘Role of Technology in fostering financial inclusion in India’ at 2nd International Conference on Applied Sciences & Engineering (ICASE 2019), held on 5-6 July, 2019 at Moscow, Russia. The Research work was conducted under the supervision of Dr. Purva Mishra, Assistant Professor, Department of Public Administration, University School of Open Learning, Panjab University, Chandigarh and will be published in prestigious Scopus Indexed International Journal of Scientific & Technology Research (IJSTR) for September-October 2019 edition.

भारत के रक्षामंत्र इस बार करेंगे फ्रांस में शस्त्र पूजन, लाएँगे भारत के लिए पहला राफेल

इस बार फ्रांस एक अनोखे और अकल्पनीय दृश्य का साक्षी होगा। फ्रांस के इतिहास में पहली बार वहाँ के आयूध केंद्र जहां से राफेल क पहली खेप भारत के लिए उड़ान भरेगी वहाँ उससे पहले विजय दशमी के दिन हमारे रक्षामंत्री राजनाथ सिंह शस्त्र पूजन करेंगे। संयोग की बात यह है की 8 अक्तूबर को विजय दशमी के साथ साथ ही वायु सेना दिवस भी है, अत: राफेल विमान और उसमें प्रयोग होने वाले आयुधों के लिए यह शस्त्र पूजा रखी गयी है। यूं तो क्षत्रिय होने के नाते राजनाथ सिंह पारंपरिक तौर पर विजय दशमी को शस्त्र पूजा कराते आए हैं परंतु अब जब वह भारत के रक्षामंत्री भी हैं तो इस पूजा का महत्व ओर भी अधिक बढ़ जाता है।

क्यों होती हा शस्त्र पूजा

असत्य पर सत्य की जीत का पर्व दशहरा 8 अक्टूबर 2019 को मनाया जाएगा। अश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर मनाए जाने वाले इस पावन पर्व का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। शास्त्रों के अनुसार इसी दिन मां दुर्गा ने राक्षस महिषासुर का वध किया था और इसी दिन प्रभु श्री राम ने दिग्विजयी रावण पर विजय प्राप्त की थी। उस महान विजय के प्रतीक दशहरा वाले दिन देश भर में अस्त्र-शस्त्र की पूजा का विधान है। मान्यता है कि इस दिन जो भी काम किया जाता है, उसका शुभ लाभ अवश्य प्राप्त होता है।

सनातन परंपरा में शस्त्र और शास्त्र दोनों का बहुत महत्व है। शास्त्र की रक्षा और आत्मरक्षा के लिए धर्मसम्म्त तरीके से शस्त्र का प्रयोग होता रहा है। प्राचीनकाल में क्षत्रिय शत्रुओं पर विजय की कामना लिए इसी दिन का चुनाव युद्ध के लिए किया करते थे। पूर्व की भांति आज भी शस्त्र पूजन की परंपरा कायम है और देश की तमाम रियासतों और शासकीय शस्त्रागारों में आज भी शस्त्र पूजा बड़ी धूमधाम के साथ की जाती है।

अब फ्रांस में भी होग शस्त्र पूजा

सूत्रों के मुताबिक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह फ्रांस में सबसे पहले राफेल फाइटर जेट में उड़ान भरेंगे. खास बात ये है कि जिस दिन राफेल भारत के सुपुर्द किया जाएगा उसी दिन भारतीय वायुसेना दिवस भी है. इसी दिन राजनाथ सिंह बोर्डिओक्स के पास मेरिनैक में राफेल जेट रिसीव करेंगे। बताया जाता है कि नौ अक्टूबर को राजनाथ सिंह, वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ एयर मार्शल एचएस अरोड़ा और अन्य वरिष्ठ वायुसेना अधिकारियों के साथ पेरिस पहुंचेंगे।

शस्त्र पूजन सनातन धर्म की बहुत पुरानी परंपरा है, जिसमें घर में रखे हथियारों की पूजा की जाती है. बता दें कि राजनाथ सिंह गृहमंत्री रहते हुए भी शस्त्र पूजन किया करते थे। गौरतलब है कि भारत ने 2016 में फ्रांस के साथ 58,000 करोड़ रुपये में 36 लड़ाकू विमान खरीदने के लिए करार किया था. यह विमान बड़ी मात्रा में शक्तिशाली हथियार और मिसाइल ले जाने में सक्षम हैं।

वायुसेना को लंबे समय से था इंतजार

देश की वायु सेना को लंबे समय से राफेल विमान का इंतजार था. क्योंकि भारत के पास आने वाला यह सबसे आधुनिक और अधिक मारक क्षमता वाला विमान होगा। इन विमानों को भारत लाने में इसलिए देरी हो रही है क्योंकि राफेल विमानों के परीक्षण और ट्रेनिंग के लिए भारतीय पायलट इन्हें फ्रांस में कम-से-कम 1,500 घंटे उड़ाएंगे। उड़ान के दौरान राफेल विमान SCALP मिसाइल से लैस होंगे, जो 300 किलोमीटर की रेंज में जमीन पर वार कर सकती है। ट्रेनिंग और परीक्षण पूरा होने के बाद राफेल को वायुसेना के अंबाला बेस में लाया जाएगा।

भारत बांग्लादेश ने एक साल में 12 द्विपक्षीय समझौतों पर करार किया : मोदी

भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय रिश्ते नये मुकाम पर पहुंच रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना ने आज नई दिल्ली में मुलाकात की. इस दौरान दोनों देशों के बीच तीन परियोजनाओं पर हस्ताक्षर किए गए.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पीएम शेख हसीना के साथ तीन और परियोजनाओं का उद्धाटन करने से मुझे खुशी है. आज की ये तीन परियोजनाएं तीन अलग-अलग क्षेत्रों में हैं. पीएम मोदी ने बताया कि एलपीजी इंपोर्ट, वोकेशनल ट्रैनिंग और सोशल फैसिलिटी के क्षेत्र में परियोजनाओं की शुरुआत की गई है.

नई दिल्ली:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना से मुलाकात की. पीएम मोदी ने इस मौके पर कहा, “भारत-बांग्लादेश की दोस्ती पूरी दुनिया के लिए बेहतरीन उदाहरण है.” वहीं, शेख हसीना ने कहा कि भविष्य में दोनों देशों के बीच सहयोग और बढ़ेगा. इस अवसर पर ऊर्जा, कौशल और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े तीन प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया गया. पीएम मोदी ने कहा, “आज की ये तीन परियोजनाएं तीन अलग-अलग क्षेत्रों में हैं: एलपीजी आयात, कौशल, और सामाजिक सुविधा. लेकिन इन तीनों का उद्देश्य एक ही है. और वो है – हमारे नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाना. यही भारत-बांग्लादेश संबंधों का मूल-मंत्र भी है.”

दोनों देशों ने सात समझौतों पर हस्ताक्षर किए. भारत बांग्लादेश में तटीय क्षेत्र में सर्विलांस सिस्टम स्थापित करेगा. मालदीव के बाद बांग्लादेश ऐसा दूसरा देश है जहां भारत तटीय निगरानी प्रणाली लगाएगा. भारत लगभग 20 यूनिट लगाएगा. इसका उद्देश्य भारत-बांग्लादेश की साझा तटीय सीमा पर चौकस नजर रखना है. 

ऊर्जा के क्षेत्र में, बांग्लादेश, भारत के उत्तर-पूर्व क्षेत्र में एलपीजी उपलब्ध कराएगा. पीएम मोदी ने कहा, “बांग्लादेश से बल्क एलपीजी की सप्लाई दोनों देशों को फायदा पहुंचाएगी. इससे बांग्लादेश में निर्यात, आय और रोजगार भी बढ़ेगा. ट्रॉन्सपोर्टेशन दूरी पंद्रह सौ किमी कम हो जाने से आर्थिक लाभ भी होगा और पर्यावरण को भी नुकसान कम होगा.”

पिछले एक साल में दोनों देश संयुक्त रूप से 12 प्रोजेक्ट की शुरुआत कर चुके हैं. तीन आज किए गए जबकि 9 पिछले कुछ महीनों में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये किए गए. दोनों देश मनु, मुहुरी, खोवाई, गुमटी और फेनी नदी के पानी का साझा इस्तेमाल करने के लिए समझौते पर विचार कर रहे हैं.

दोनों देशों के बीच कनेक्टिविटी पर फोकस

दोनों देशों के बीच लोगों की आवाजाही बढ़ाने के लिए बांग्लादेश ने अखौरा – अगरतला पोर्ट के जरिये किए जाने वाले व्यापार से प्रतिबंध हटाने का निर्णय लिया है. मैत्री एक्सप्रेस और बंधन एक्सप्रेस के फेरे बढ़ाने की बात भी कही है. पीएम मोदी अगले साल मार्च में बांग्लादेश का दौरा कर सकते हैं. दरअसल, मार्च 2020 में बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर रहमान की 100वीं जयंती है. पीएम मोदी इसमें भाग ले सकते हैं.


नियाजी मियां के इस्लामिक टीवी की इस्राइल ने निकली हवा

जम्मू-कश्मीर मामले पर दुनियाभर में अपना मजाक बनाने वाले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस्लाम से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के लिए एक इस्लामिक अंग्रेजी चैनल खोलने का प्लान बनाया है। इमरान के अनुसार पाकिस्तान, तुर्की और मलेशिया तीनों मिलकर एक इस्लामिक अंग्रेजी चैनल की शुरूआत करेंगे, जिसके जरिए दुनिया में फैले ‘इस्लामोबोफिया’ के खिलाफ लड़ा जा सकेगा। लेकिन इमरान खान के इस प्लान पर इजरायल ने तंज कसा है। साथ ही इजरायल की मीडिया ने तीनों देशों के कानूनों, विरोधियों पर ऐक्शन और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार का जिक्र करते हुए आईना दिखाने की कोशिश की है।

नई दिल्ली:

इस्लाम से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने की बात कह नया टीवी चैनल प्लान कर रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान पर इजरायल ने तंज कसा है. इजरायल की मीडिया ने पाकिस्तान, मलयेशिया और तुर्की के कानूनों, विरोधियों पर ऐक्शन और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार का जिक्र करते हुए आईना दिखाने की कोशिश की है.

आपको बता दें कि हाल में अमेरिका के दौरे पर गए पाक पीएम इमरान खान ने मलयेशिया के पीएम और तुर्की के राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद ‘बीबीसी टाइप’ चैनल शुरू करने की घोषणा की थी. उन्होंने कहा है कि दुनियाभर में इस्लामोफोबिया को दूर करने के लिए नया चैनल शुरू किया जाएगा. हालांकि इमरान भले ही इस्लामोफोबिया की बात कर रहे हों पर उनके इस दांव के पीछे मुसलमानों का मसीहा बनने की कोशिश भी छिपी हुई है. इस तरह वह कश्मीर पर मुस्लिम देशों को भी साधना चाहते हैं.

इस्लामोफोबिया से ग्रस्त पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान को अब ‘टीवी’ की बीमारी लग गई है. इमरान ख़ान अब इस्लामिक चैनल के जरिए जेहाद के ‘प्रसारण’ की तैयारी कर रहे हैं. इस्लामोफोबिया की आड़ में इमरान इस्लामिक चैनल खोलने वाले हैं. इमरान ने तुर्की और मलेशिया के प्रमुख से मलिकर एक इंग्लिश चैलन खोलने का प्लान बनाया है. इमरान ने तर्क दिया है कि इस चैलन के जरिए मुसलमानों मुद्दों और इस्लामोबोफिया के खिलाफ लड़ाई लड़ी जाएगी. बैठक के बाद इमरान ने ट्टीव करके कहा- ‘बैठक में हमने BBC जैसे इंग्लिश टीवी चैनल की शुरुआत करने का फैसला किया है. चैनल मुसलमानों के मुद्दों को उठाने के साथ इस्लामोबोफिया से भी लड़ेगा.’ 

हालांकि इमरान के इस प्लान की इजरायल ने हवा निकाल दी. इजरायल ने इमरान को आईना दिखाते हुए तंज कसा और कहा कि अब कट्टरपंथ को बढ़ावा देने और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार करने वाले इस्लामोफोबिया दूर करेंगे. 

इमरान को लगी ‘टीवी’ की बीमारी?

इस्लामिक चैनल के जरिए वो जेहाद के नाम पर पूरी दुनिया में नफरत और भड़काने का संदेश देंगे. दुनिया भर में दुष्प्रचार के साथ वो दूसरे धर्मों के खिलाफ मुस्लिम देशों को उकसाएंगे और इतना ही नहीं. इमरान खान अपने घर में जिन आतंकियों को पाल रहे हैं. उनकी हिफाजत करेंगे. अभी हाल ही इमरान ने UN में इस्लामोफोबिया का जिक्र करते हुए मुसलमानों से एकजुट होने की अपील की थी. पूरे विश्व में 1.3 बिलियन मुस्लिम रहते हैं. लाखों को मुस्लिम यूएस और यूरोपियन देशों में अल्पसंख्यकों की तरह रहते हैं लेकिन अमेरिका में 9/11 के बाद से इस्लामोफोबिया का जिक्र हुआ और इस्लामोफोबिया के नाम पर बांटा गया’.

इमरान की एक और इंटरनेशनल बेइज्जती!

इंटरनेशनल बेइज्जती कराने में मशहूर इमरान की फजीहत में एक और अध्याय जुड़ गया है. इमरान को अमेरिका में चीन की तारीफ करना महंगा पड़ा है. चीन की तारीफ करने पर अमेरिकी न्यूज़ चैनल के एंकर ने इमरान खान को करारा जवाब दिया है. न्यूज़ एंकर ने इमरान को  वेल्डर कहकर बुलाया है. वहीं लंडन में रह रहे पाकिस्तान की मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट के नेता अल्ताफ हुसैन ने भी इमरान पर तंज कसा है.