88 बोतलें अवैध शराब व बियर बरामद, 6 आरोपी दबोचे

पंचकूला 01 जून :-

मोहित हाण्डा भा॰पु॰से पूलिस उपायुक्त पंचकुला के निर्देशानुसार जिला पंचकुला मे लॉकडाउन के दौरान लगातार पेट्रोलिंग एवं गस्त पेट्रोलिंग कर क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री तथा लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करने वालो पर लगातार नजर रखी जा रही है । इन्ही दिशा निर्देशो के तहत पुलिस थाना मनसा देवी की टीम गस्त के दौरान सिंह द्वार के नजदीक मौजूद थी। तभी गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि चण्डीगढ़ की तरफ से तीन कारों मे अवैध शराब भरकर लाई जा रही है। इसी दौरान थोड़ी-थोड़ी देर बाद चार कारें चंडीगढ़ की तरफ से आती दिखाई दी। चारों कारों को बारी-बारी से शक के आधार पर रूकवाकर चैक किया गया तो तीन कारों मे से 11/11 बोतलें अवैध शराब व एक कार मे से 8 बोतलें अवैध शराब बरामद की गई।

पकड़े गए आरोपियों की पहचान सुनिल कुमार पुत्र योगेन्दर सिंह वासी ढकोली जिरकपुर पंजाब, नवीन कुमार पुत्र मदन लाल वासी जी0एच0-29, सैक्टर-20, पंचकूला, बहादुर सिंह पुत्र बसंत सिंह वासी गांव बलोटी पंचकूला, व अमित गम्भीर पुत्र हरबंस लाल गम्भीर वासी सावित्री एन्कलेव जिरकपुर पंजाब के रूप मे हुई । चारों आरोपियों को काबू कर उनके खिलाफ पुलिस थाना मनसा देवी में आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई ।

 वहीं दूसरी ओर सैक्टर 7/8 पंचकूला की डिवाइडिंग पर एक कार मे शराब लेकर आने की सूचना प्राप्त हुई । शक के आधार पर कार को रूकने का ईशारा किया गया । कार को रूकवार जब कार चालक से नाम पता पूछा गया तो आरोपी ने अपना नाम अमित कुमार पुत्र सुधीर कुमार वासी केशव विहार कुरुक्षेत्र बताया । जब आरोपी की कार को चेक किया गया तो उसमें से एक पेटी अवैध शराब तथा दो पेटी अवैध बियर की बरामद हुई । दूसरी ओर सैक्टर 9 पंचकूला में एक कार मे शराब लेकर आने की सूचना प्राप्त हुई । शक के आधार पर कार को रूकने का ईशारा किया गया। कार को रूकवाकर जब कार चालक से नाम पता पूछा गया तो आरोपी ने अपना नाम सिकंदर पुत्र बीर सिंह वासी गांव नंगल कालका पंचकूला बताया। जब उसकी कार को चैक किया गया तो उसमे से 11 बोतल बोतलें अवैध शराब बरामद की गई । दोनो आरोपियों को काबू कर उनके खिलाफ पुलिस थाना सैक्टर-5, पंचकूला में आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई ।

इसजैक के वर्कर्स वेतन वृद्धि संघर्ष में वर्कर्स को मिली ऐतिहासिक जीत

  सुशील पंडित, हरियाणा – जून 1

इसजैक हेवी इंजीनियरिंग लिमिटेड यमुनानगर व उसके वर्कर्स के मध्य वेतन वृद्धि से संबंधित मांग पत्र पर समझौता हुआ जो कि सितंबर 2018 से लंबित था। जिसमें बहुत से वित्तीय लाभ तथा अन्य सुविधाओं की मांग की गई थी। जिसको लेकर इसजैक के वर्कर लगातार प्रबंधन से मीटिंग कर रहे थे। और इसको लेकर 18 मई को  प्रबंधन व  श्रमिकों के मध्य वेतन वृद्धि का एक आपसी समझौता हुआ। जिसके अंतर्गत श्रमिकों को तकरीबन ₹4000 से लेकर ₹ 5300 तक प्रति माह वेतन वृद्धि हुई।  जिसमें 532 में  से 511 वर्कर्स को फैक्ट्री द्वारा 8 करोड रुपए का लाभ दिया जोकि इनका सितंबर 2018 से लेकर अप्रैल 2020 तक का बनता था।

इसजैक की प्रबंधक कमेटी ने भी लगातार कर्मचारी कल्याण नीति की पालना करते हुए श्रमिकों को काम पर लगा कर उनका मनोबल बनाए रखा। और उन्हें आर्थिक नुकसान ना हो और शांतिपूर्वक कारखाने में भी बिना मनमुटाव के कार्य चलता है इसीलिए प्रबंधन का बार-बार श्रमिक नेताओं के साथ संपर्क रहा और वेतन वृद्धि को समझौता करने का लगातार प्रयास जारी रहा। इसी के दौरान श्रमिकों ने अपने अधिकृत प्रतिनिधि टीम को भी बदल दिए। तथा प्रबंधन के प्रयासों के  चलते यह समझौता हो गया।

कोरोना  महामारी के चलते जहां एक और उद्योग बंद पड़े हैं उसके बावजूद भी जब प्रबंधन कमेटी ने बिना किसी श्रमिक का वेतन काटे उन्हें पूरा वेतन दिया। समझौते में  प्रबंधन की तरफ से रवि जैडका, कर्नल केएस राणा व आरके भारद्वाज और श्रमिकों की तरफ से अधिकृत प्रतिनिधि के रूप में नरेंद्र पाठक, मनप्रीत सिंह, गुरविंदर सिंह, मनोज कुमार,रामपाल, महेंद्र कुमार, गुरमीत सिंह व सुशील कुमार ने हस्ताक्षर किए । समझौते के समय शिवचरण व भरत सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। समझौते कराने में वासुदेव शर्मा बलदेव सिंह शेर सिंह व शिवचरण ने मुख्य भूमिका निभाई।

दीपक शर्मा, ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ऑफिसर फेडरेशन का निर्विरोध प्रधान चुने गये

चंडीगढ़ – 1 जून

दीपक शर्मा, जनरल  सेक्रेटरी, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ऑफिसर एसोसिएशन चंडीगढ़ सर्कल को उनके उल्लेखनीय कार्य को देखते हुए ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ऑफिसर फेडरेशन का निर्विरोध प्रधान चुना गया।

कोविड 19 के प्रकोप के कारण आल  इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ऑफीसर फेडरेशन ने चुनाव की प्रक्रिया वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हुई।

 दीपक शर्मा का जन्म  16 नवंबर , 1964 को शिमला में हुआ। बीएससी मेडिकल करने के उपरांत उन्होंने 19  जून 1985  में उन्होंने भारतीय स्टेट बैंक में ज्वाइन किया। कामरेड दीपक शर्मा प्रखर वक्ता भी हैं। उनकी न्युक्ति से अधिकारी वर्ग में ख़ुशी के लहर आ गई।

सरकार ने आम घरों के बच्चों के डाक्टर बनने पर लगाई पाबंदी – ‘आआपा’

  • 3 जून को करेंगे मंत्री ओ.पी सोनी की कोठी का घेराव – मीत हेयर
  • प्राईवेट मैडीकल कालेजों की फीसों में बढ़ौतरी एक बड़ा घपला – दिनेश चढ्ढा

राकेश शाह, चंडीगड़, 1 जून 2020:

पंजाब सरकार द्वारा सरकारी मैडीकल कालेजों की फीसों में 70 से 80 प्रतिश्त वृद्धि कर असिद्धे तरीके से आम घरों के बच्चों के डाक्टर बनने पर ही पाबंदी लगा दी है, क्योंकि आम घरों के बच्चे इतनी मोटी फीसों अदा नहीं कर सकते।

चण्डीगढ़ में मीडिया को संबोधन करते हुए बरनाला से विधायक मीत हेयर, पंजाब के महा सचिव दिनेश चड्ढा और पंजाब के यूथ प्रधान मनजिन्दर सिंह सिद्धू ने कहा कि बहुत ही हैरानी की बात है कि बाबा फरीद मैडीकल यूनिवर्सिटी के वायस चांसलर यह बयान दे रहे हैं कि जब प्राईवेट स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई के लिए माता-पिता लाखों रुपए खर्च करते हैं तो डाक्टर बनने के लिए भी अदा कर सकते हैं। जिस का मतलब यह है कि अब प्राईवेट स्कूलों में मोटी फीसें अदा करने वालों को ही सरकार डाक्टर बनाऐगी। दूसरी तरफ सरकारी और छोटे स्कूलों में पढऩे वाले गरीब, दलित और मध्य वर्गीय घरों के बच्चों को डाक्टर बनने का मौका भी नहीं दे रही बेशक वह कितने भी होशियार और होनहार क्यों न हों।

उन्होंने कहा कि 2010 में सरकारी कालेजों की एम.बी.बी.एस की फीस 13 हजार रुपए वार्षिक थी जो 10 साल बाद आज 12 गुणा बडा कर 1 लाख 56 हजार रुपए वार्षिक कर दी है। जबकि इन वर्षों में डाक्टरों के वेतन और स्टाईफन में न-मात्र विस्तार किया गया।

‘‘फीसें बढ़ाए बिना कालेज नहीं चल सकते और फीसें बढ़ाने का मकसद मैडीकल कालेजों के डाक्टरों को बढिय़ा सहूलतें देना है।’’, सरकार के इस तर्क को पूर्ण तौर पर खारिज करते हुए मीत हेयर ने कहा कि यदि पड़ोसी राज्य हिमाचल, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के मैडीकल कालेज बहुत ही कम फीसों के साथ मैडीकल कालेज चला सकते हैं तो पंजाब क्यों नहीं। मीत हेयर ने कहा कि सरकार स्कूलों, कालेजों और मैडीकल कालेजों की फीसों बढ़ौतरी करके खजाने नहीं भर सकती। खजाने भरने के लिए सरकार को शराब माफिया, रेत माफिया और ट्रांसपोर्ट माफिया समेत सभी तरह के माफीए को नकेल कसनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के कारण बेशक इक्कट्ठ करने से गुरेज करना चाहिए परंतु कोरोना वायरस की आड़ में सरकार की ओर से लिए जा रहे लोक विरोधी फैसलों को नजरअन्दाज नहीं किया जा सकता। इस लिए आम आदमी पार्टी के यूथ विंग ने पंजाब के आम घरों के होनहार विद्यार्थियों के हक में 3 जून 2020 को अमृतसर में मंत्री ओ.पी सोनी की कोठी का घेराव करने का फैसला लिया है।

प्रैस कान्फ्रेंस के दौरान आरोप लगाते एडवोकेट दिनेश चड्ढा ने कहा कि प्राईवेट मैडीकल कालेजों की फीसों में बढ़ौतरी सीधे तौर पर बड़ा घपला है। चड्ढा ने कागज पेश करते खुलासा किया कि उनकी ओर से दायर की गई जनहित पटीशन माननीय पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने यूनिवर्सिटी ग्रांटस कमीशन को पंजाब के गैर सरकारी कालेजों के वित्तीय खाते जांच करने के लिए कहा था। यू.जी.सी ने अपने 3 सदस्यता समिति से करवाई जांच में पंजाब के गैर सरकारी कालेजों में बड़ी वित्तीय बेनियमियां पाई गई थे। पंजाब के गैर सरकारी कालेज ट्रस्टों के खातों से मर्सिडीज जैसी शाही गाड़ीयां खरीद कर, ट्रस्टों के खातों से सम्पतियां खरीदी गई, अपने परिवारिक सदस्यों को 25-25 लाख का वेतन दिया गया और अपने मन-मर्जी के खर्चे लिखने के बावजूद भी वार्षिक 9 करोड़ रुपए तक सरपलस्स थे। जिस उपरांत यू.जी.सी ने 2014 में पंजाब सरकार को बनती कार्यवाही करने के लिए कहा था, परंतु बार-बार पैरवी करने पर भी न तो पिछली सरकार ने और न ही कांग्रेस ने इस सम्बन्धित कोई कार्यवाही की। बल्कि इस यू.जी.सी की हिदायत को अनदेखा करके प्राईवेट मैडीकल कालेजों को फीसें बढ़ाने की इजाजत दे दी। जो कि सीधे तौर पर पंजाब के लोगों के साथ ठगी है।

मीत हेयर समेत ‘आआपा’ नेताओं ने मांग की है कि पिछली अकाली-भाजपा सरकार से लेकर अब तक सरकारी और प्राईवेट मैडीकल कालेजों की ओर से एम.बी.बी.एस, एम.एस. /एम.डी, डैंटल और नर्सिंग कालेजों की तरफ से वसूली गई फीसों की जांच पड़ताल के लिए हाईकोर्ट की निगरानी में न्यायिक आयोग गठित किया जाए। आदेश यूनिवर्सिटी समेत जितने भी कालेजों की तरफ से माननीय सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों की उल्लंघना करके प्रति विद्यार्थी करोड़ों रुपए की फालतू फीसें वसूला गई हैं, वह ब्याज समेत विद्यार्थियों को वापस करवाई जाएं।

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त्याग एवं जन सेवा की मूर्ति राजमाता अहिल्याबाई होलकर जी की जयंती पर रक्तदान शिविर का आयोजन

मनोज त्यागी, करनाल – 31 मई:

यूथ ब्लड डोनेशन सोसायटी करनाल  द्वारा इस महामारी के समय में भी रक्तदान शिविर का आयोजन कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में करनाल महापौर  रेणु बाला गुप्ता जी, वार्ड नंबर -01 के पार्षद नवीन कुमार, कल्पना चावला ब्लड बैंक के इंचार्ज सचिन गर्ग, शेखपुरा सरपंच हरि सिंह नंबरदार, बलवान सिंह, हरनेक सिंह, गोपी गारू, रवि पाल, रिशिपाल कंवरपाल शेखपुरा, शुलेखपाल सतपाल, उषा देवी, सुषमा देवी, वंदना तथा अन्य महिलाओं ने भी साहस तथा मानवता का परिचय देते हुए बढ़ चढ़कर रक्तदान शिविर में भाग लिया।

यूथ ब्लड डोनेशन सोसायटी के राष्ट्रीय अवार्डी अध्यक्ष विनोद ने बताया कि इस कॉरोना जैसी महामारी के समय में जब हॉस्पिटल में रक्त की कमी तथा लगातार आ रही जरूरत को पूरा करने के लिए आज सोसायटी द्वारा विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से लगभग 11 ब्लड कैंप अलग अलग स्थानों पर लगाए गए हैं जिसमें भारी संख्या में युवाओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिया है और रक्तदान कर जरूरतमंद की जान बचाने का प्रण लिया, तथा इस महामारी के समय में भी मानवता का परिचय देते हुए रक्तवीरों के द्वारा किए गए रक्तदान के लिए करनाल की महापौर श्रीमती रेणु बाला गुप्ता जी ने सभी रक्तदाताओं का तथा इस संस्था का तहे दिल से आभार वयक्त किया तथा महान वीरांगना, त्याग एवं जन सेवा की मूर्ति राजमाता अहिल्याबाई होलकर जी की जयंती पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित करके उन्हें नमन किया।

श्रीमती कमला देवी बंसल को सजल नेत्रों से दी विदाई

लिबर्टी परिवार के संस्थापक राजकुमार बंसल की पत्नी तथा उद्योगपति शम्मी बंसल की माता थी।

  मनोज त्यागी, करनाल – 30 मई:

करनाल के जाने माने उद्योगपति शम्मी बंसल जी की मातु श्री श्रीमती कमला देवी जी बंसल जी को आज करनाल के मुक्ति धाम शिवपुरी जुंडला गेट में सजल नेत्रों से अंतिम विदाई दी।उनका निधन गत देर रात हो गया था। 85 वर्षीय कमला देवी लिबर्टी परिवार की पहली पीढ़ी की सदस्य थी। उन्होंने अपने पति कैलाशवासी राज कुमार बंसल जी के साथ लिबर्टी की स्थापना में महत्त्वपूर्ण सहयोग दिया। उन्होंने समाजसेवा, और धार्मिक संस्कार अपने बच्चों को दिए।उन्होंने अपनी चौथी पीढ़ी को गोद में खिलाया। आज उनको मुखाग्नि उनके पुत्र सुनील बंसल ने दी।

इस अवसर पर लिबर्टी परिवार के शम्मी बंसल, रमन बंसल, संजय गुप्ता,  विवेक बंसल, अनुपम बंसल, आदेश गुप्ता , आदर्श गुप्ता, हरिश गुप्ता, राकेश गुप्ता,  अंकुर गुप्ता अमित गुप्ता, सुमित गुप्ता, अर्पण गुप्ता, अदिश गुप्ता, मनन बंसल, वैबव बंसल, पंकज गोयल, आयुष गुप्ता, रुचर बंसल, कनिश गुप्ता मेयर रेणु बाला गुप्ता बीजेपी जिलाध्यक्ष जगमोहन आनन्द,शमशेर सिंह नैन, कांग्रेस नेता रमेश सैनी, अग्रवाल समाज के दिग्गज नेता, समाजसेवी, पत्रकार साहित्यकार,उद्योगपति उपस्थित थे।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमन्त्री मनोहर लाल, सांसद संजय भाटिया, डीसी निशांत यादव ने श्रीमती कमला देवी के निधन पर शोक व्यक्त किया है।

‘पंचकूला गौशाला ट्रस्ट’ द्वारा लॉकडाउन में लोगों की सेवा करने वालों का सम्मान

पंचकूला:

पंचकूला गौशाला ट्रस्ट की ओर से लॉकडाउन के दौरान पंचकूला में गरीबों की सेवा करने वालों को सम्मानित किया। ट्रस्ट के प्रधान कुलभूषण गोयल, महासचिव डा. नरेश मित्तल, भूपिंद्र गोयल और कुसुम कुमार गुप्ता ने लगभग 15 लोगों को सम्मानित किया। इन लोगों ने आर्थिक तौर पर गरीबों तक खाना पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसके चलते लगभग डेढ़ लाख लोगों तक खाना पहुंचाया जा सका।

कुलभूषण गोयल ने बताया कि 24 मार्च से लेकर 31 मई तक लगातार खाने का वितरण किया गया और यह सेवा आगे भी जारी रहेगी। कुलभूषण गोयल ने विजय अग्रवाल, नीतिन अग्रवाल, एसपी सिंगला, संजीव गोयल, भूपिंद्र गोयल, सुरेंद्र गर्ग, राम अवतार बंसल, अनिल अग्रवाल, सन्नी गर्ग, योगेंद्र गुप्ता, डा. केके गोयल, अभिनव सपरा, पवन जिंदल, तेजपाल गुप्ता, आनंद सिंगला एंड ग्रुप को सम्मानित किया। गोयल ने इन लोगों को शील्ड, पटका, रुद्राक्ष की माला और महाराजा अग्रेसन का स्मृति चिन्ह भेंट किया। गोयल ने कहा कि महाराजा अग्रसेन ने हमेशा हमें दूसरों की मदद करना सिखाया और समाज ने लॉकडाउन में कोई कसर नहीं छोड़ी। डेढ़ लाख लोगों तक खाना पहुंचाने के साथ ही 1400 राशन किट्स, सेनिटरी पैड, मास्क दिये जा चुके हैं।

इस अवसर पर हरगोबिंद गोयल, तेजपाल गुप्ता, सन्नी गर्ग, वीरभान गर्ग, जसवीर गोयत द्वारा सहयोग किया जा रहा है।

कोरोना को लेकर विकट परिस्थितियां हो जाने पर पूरे इंतजाम की है तैयारियां मनोहर लाल मुख्यमंत्री हरियाणा

मनोज त्यागी, करनाल – 27 मई :

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अपने विधानसभा  करनाल आगमन पर लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित बैठक में, सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए जूम एप के माध्यम से जिला के मीडिया कर्मियों से संवाद कर उनके सवालों के जवाब दिए।

   सवालों से पहले मुख्यमंत्री ने बोलते हुए कहा कि कोरोना काल की अब तक की अवधि में जो कुछ हुआ, उनमें बहुत से अच्छे काम है  उन्होंने कहा कि पंजाब और हरियाणा कृषि प्रधान तथा अन्न उत्पादन के दो प्रमुख राज्य है। इस काल में गेंहू खरीद का कार्य एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन उसको बड़े व्यवस्थित तरीके से कामयाब किया। राज्य में गेंहू खरीद केन्द्रों की संख्या 400 से बढ़ाकर 1800 की गई और सरसों के खरीद केन्द्र 100 से 200 किए गए। किसानों को समय पर उनकी फसल की अदायगी की गई। उन्होंने बताया कि 10 मई तक किसानों की सारी पेमेंट चली गई है, अगले दो-तीन दिन में आढ़तियों को शेष पेमेंट मिल जाएगी और 31 मई तक सभी किसानों की अदायगी हो जाएगी। हरियाणा के किसानों का एक-एक दाना खरीदा गया, अब दूसरे राज्यों से आने वाली गेंहू खरीदी जा रही है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कोरोना के अब तक 1200 पोजिटिव केस सामने आए है, जिनमें करीब 400 एक्टिव केस है और उनका ईलाज चल रहा है। करनाल के संदर्भ में उन्होंने कहा कि कोरोना केसों को लेकर यहां की स्थिति भी ठीक रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में राधा स्वामी सत्संग घर, डेरा कार सेवा, निर्मल कुटिया के अतिरिक्त अन्य सामाजिक संस्थाओं ने प्रशासन की मदद की और प्रवासी व जरूरतमंदों को भोजन व सूखा राशन पहुंचाया। धार्मिक नेताओं ने सामाजिक सौहार्द बनाया। जनता को निष्पक्ष और समय पर सूचनाएं पहुंचाकर मीडिया की भूमिका प्रशंसनीय है।  उन्होंने कहा कि कोरोना काल में कुछ नई व्यवस्थाएं भी बनी है, जिनका संबंध रिफार्म यानि सुधार से है, इनमें जनता से ऑनलाईन सम्पर्क, बीपीएल परिवारों को दोगुना राशन, डिस्ट्रैस राशन टोकन से 4 लाख 85 हजार परिवारों को राशन, रिलीफ कैम्प लगाना, दूसरे प्रदेशों के ऐसे लोग जो हरियाणा में रूके रहे, को हर तरह की सुविधा दी गई, 3 लाख प्रवासियों को रेल व बस जैसी सुविधाओं से उनके घर भेजा गया, 50 हजार छोटी-बड़ी औद्योगिक ईकाईयां चालूू करवाई गई, जिनमें 25 से 28 लाख लोग काम से जुड़े, शामिल है। अब नियमित ट्रैफिक की मूवमेंट भी शुरू हो गई है।

उन्होंने कहा कि कोरोना कब खत्म होगा, इस बारे कुछ नहीं कहा जा सकता, लेकिन इससे काफी कुछ सीखा है, अर्थात मुसीबत में कैसे रास्ता खोजना चाहिए। कोरोना से लड़ाई लम्बी हो सकती है, लेकिन हरियाणा के लोग इससे हारने वाले नहीं है। दूसरे प्रदेशों की तुलना में हरियाणा प्रदेश की व्यवस्थाएं काफी बेहतर रही। अब आगे होटल इत्यादि जो होम डिलीवरी कर रहे है, उनको भी मुख्य धारा में लाएंगे।  व्यवस्थाओं का जिक्र करने के बाद मुख्यमंत्री ने पत्रकारों के प्रश्रों के जवाब दिए। एक प्रश्र के उत्तर में मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार की ओर से कुटीर उद्योगों में मालिक 20 हजार रूपये तक का ऋण बिना ब्याज के एक मजदूर के लिए प्रावधान किया गया है ताकि वह मजदूर को आर्थिक सहयोग कर सके। एमएसएमई के माध्यम से अब ऐसी व्यवस्था बनाई गई है कि 25 से 30 लाख लोगों को रोजगार से जोड़ा जा रहा है।

एक अन्य प्रश्र के उत्तर में मुख्यमंत्री ने बताया कि कोरोना काल के चलते भविष्य में यदि परिस्थितियां विकट हो जाती है तो इसके लिए सरकार की ओर से अस्पतालों में पूरी तैयारी की गई है। भूमिगत जल की बचत के लिए उन्होंने कहा कि प्रदेश के 8 ब्लॉक ऐसे है, जहां भूमिगत जल करीब डेढ़ सौ फुट नीचे चला गया है, यदि इसका दोहन इसी प्रकार से जारी रहा तो आने वाली पीढिय़ां कोसेगी।  किसानों से कहा गया है कि वे हैप्पी सीडर जैसी मशीनों से धान की सीधी रोपाई करें। मक्का और दलहन फसलों पर सरकार की ओर से किसानों को 7 हजार प्रति एकड़ की सब्सिडी देने का ऐलान किया गया है।  उन्होंने बताया कि बाढ़ सम्भावित क्षेत्रों में सरकार की ओर से बोरवेल बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है। इससे भूमिगत जल स्तर उपर आ सकेगा।

एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि नीजि स्कूलों को कहा गया है कि वे अभिभावकों से टयूशन फीस लें, सभी स्कूल आर्थिक रूप से सक्षम नहीं है और फीस ही उनका मुख्य स्त्रोत है, इससे उनको अध्यापकों की सैलरी इत्यादि भी देनी पड़ती है।मुख्यमंत्री ने करनाल दौरे में अधिकारियों के साथ स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को लेकर बैठक की गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी दिवस पर निर्मल कुटिया एवं कार डेरा सेवा में गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष शीश नवाया राधा स्वामी सत्संग व्यास से प्रवासी श्रमिकों को हरी झंडी दिखाकर बस द्वारा रवाना किया टोकन सिस्टम से पात्र व्यक्तियों को राशन वितरण व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया साथ ही करनाल के दानी सज्जनों द्वारा हरियाणा कुराना रिलीफ फंड एवं पीएम केयर में दी गई राशि के चेक जिलाअध्यक्ष जगमोहन आनंद द्वारा मुख्यमंत्री को सौपे गए

दादुपुर नहर की घटिया मरम्मत से नाराज़ स्थानीय निवासी

दादुपुर के पास टूटी नहर की मरम्मत पुरानी बिल्डिंग के मलबे से की जा रही है जो की आने वाले बरसात के मौसम में बहुत ही घातक सिद्ध होने वाली है। यदि आने वाले समय में इस नहर को लेकर कोई आपदा आती है तो वह मानव निर्मित होगी, जिसका खामियाजा कई गांवों को जान माल के नुकसान से उठाना पड़ेगा। गाँव वाले इस बात से नाराज़ हैं की मरम्मत इत्यादि में पूरी प्रक्रिया नहीं निभाई जा रही और न ही सरकार की तरफ से कोई ठोस आश्वासन मिल रहा है।

कोशिक खान, छछरौली:

 दादूपुर गांव के पास टूटी नहर की पटरी को पुरानी बिल्डिंग का मलबा डालकर दुरुस्त किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग द्वारा नहर के किनारे मरम्मत करने के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। जिस जगह पर पुरानी बिल्डिंग का मलवा डालकर नहर के किनारे दुरुस्त किए जा रहे है। वहां से दोबारा बरसात में नहर की पटरी टूट पूरा गांव इसकी जद में आ सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि मिट्टी व पुराने बिल्डिंग मटेरियल से बनाए गए नहर के किनारे कितने मजबूत हो सकते हैं। इसका अंदाजा तो सभी लगा सकते हैं।

दादूपुर से बुढ़िया जाने वाली नहर की पटरी दादूपुर गांव के पास से क्षतिग्रस्त हो गई थी। सिंचाई विभाग द्वारा टूटी हुई नहर की पटरी में दादूपुर सिंचाई विभाग कैंप से तोड़ी जा रही पुरानी बिल्डिंग के मटेरियल को वहां पर डालकर नहर के किनारों को दुरुस्त कर दिया गया है। लोगों का कहना है कि क्षतिग्रस्त नहर की पटरी को अच्छी तरह मजबूती व कंक्रीट डालकर रिपेयर किया जाना चाहिए था। ताकि भविष्य में इस जगह से कभी पटरी न टूटती। सिंचाई विभाग मजबूत और टिकाऊ काम करने की बजाय टूटी हुई नहर की पटरी में मिट्टी व पुरानी बिल्डिंग के मटेरियल डालकर खानापूर्ति कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह खानापूर्ति आखिरकर कितनी कामयाब होगी इसका अंदाजा तो आने वाली बरसात मे लग ही जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि जिस जगह से पटरी क्षतिग्रस्त हुई है। अगर वहां से नहर की पटरी टूट गई तो इसका खामियाजा कई गांव को भुगतना पड़ेगा। सिंचाई विभाग रिपेयर के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति करने में लगा हुआ है।

उनका कहना है कि यह पहली बार देखा गया है कि पटरी रिपेयर का कार्य मिट्टी व पुराने बिल्डिंग मटेरियल डालकर किया जा रहा है। उनका कहना है कि विभाग द्वारा की जा रही इस लापरवाही का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ेगा।  ग्रामीणों का कहना है कि सिंचाई विभाग में बाढ़ बचाव राहत कार्य व नहरों के किनारों की रिपेयर आदि के कार्य बाकायदा टेंडर प्रणाली से कराए जाते हैं। जिसमें पत्थर व कंक्रीट द्वारा सभी कार्य किए जाते हैं। जिनकी मजबूती भी होती है। आबादी के बीचो बीच बहने वाली नहर के किनारों पर तो विशेष ध्यान दिया जाता है। उनको पक्की कंक्रीट द्वारा रिपेयर किया जाता है।

ग्रामीणों का कहना है कि मिट्टी व पुराने बिल्डिंग के मटेरियल डालकर किनारों की मरम्मत करना यह किस पॉलिसी के तहत कार्य किया जा रहा है। लोगों की मांग है कि नहर की पटरी को कंकरीट से रिपेयर कराया जाए। ताकि उसकी मजबूती बनी रहे और दर्जनों गांव इसकी चपेट में आने से बच जाएं। सिंचाई विभाग एसडीओ दादूपुर राजेश यादव का कहना है कि लाॅक डाउन की वजह से रिपेयर का टेंडर नहीं हुआ है। नहर की पटरी पर पुरानी टूटी हुई बिल्डिंग का मलवा बिना किसी रिकॉर्ड के ही डलवाया गया है। जब टेंडर होगा तो एस्टीमेट के हिसाब से किनारों की रिपेयर का कार्य मजबूती से कराया जाएगा।

बेहद घटिया हरकत है कैबिनेट में फेरबदल भय दिखा कर मंत्रियों को चुप करवाना -कुलतार सिंह संधवां

  • आआपा’ विधायक बोले देखना होगा मंत्री व विधायक ‘डील’ करते हैं या पंजाब के साथ खड़े होते हैं
  • मुद्दा मुख्य सचिव का नहीं, पंजाब के लुटेरों को लटकाने का है –आआपा

राकेश शाह, चण्डीगढ़ – 26 मई:

      आम आदमी पार्टी (आपा) पंजाब ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह को निशाने पर लेते कहा कि आबकारी घाटे को लेकर पंजाब कैबिनेट में पैदा हुई अंदरूनी लड़ाई को लालच और डंडे के जोर से दबाने की कोशिशें पंजाब और पंजाबियों के लिए बेहद घातक साबित होंगी। मुख्यमंत्री दफ्तर की यह कोशिशें न केवल अनैतिक बल्कि गैर-संवैधानिक भी हैं। कैबिनेट में फेरबदल का भय दिखा कर मंत्रियों की आवाज दबाना निंदनीय है। 

पार्टी हैडक्वाटर से जारी बयान के द्वारा पार्टी के प्रवक्ता और विधायक कुलतार सिंह संधवां, जै कृष्ण सिंह रोड़ी, कुलवंत सिंह पंडोरी और मनजीत सिंह बिलासपुर ने कैबिनेट में फेरबदल का भय दिखा कर मंत्रियों को चुप करवाने की कोशिश को एक भ्रष्ट, कमजोर और तिकड़मबाज शासन की घटिया साजिश करार दिया है। 

      ‘आपा’ नेताओं ने कहा कि पंजाब और पंजाब के लोगों का हित मुख्य सचिव करण अवतार सिंह के पद पर बने रहने या न रहने से नहीं, बल्कि राज्य के खजाने की हो रही लूट के साथ है। अगर आबकारी राजस्व घाटे के लिए मुख्य सचिव जिम्मेदार हैं तो करण अवतार सिंह पर मामला दर्ज होना चाहिए। इसी तरह यदि इस घाटे के लिए कोई दूसरा मंत्री, विधायक या खुद मुख्यमंत्री दफ्तर जिम्मेदार है तो गाज सम्बन्धित जुंडली पर गिरनी चाहिए, परंतु मसला बिल्ली के गले में घंटी बांधने का है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कौन करे? मुख्यमंत्री से अफसरों ने कह दिया है कि कोई घाटा ही नहीं हुआ। हैरानी की बात यह है कि मुख्य मंत्री ने अपने वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल समेत बाकी विधायकों और मंत्रियों की बजाए अफसरशाही पर यकीन करते मुख्य सचिव करण अवतार सिंह को अन-ऐलानी कालीन चिट्ट दे दी है। आम आदमी पार्टी बिना किसी निष्पक्ष और बारीक जांच पड़ताल के दी ऐसी अन-ऐलानी कालीन-चिट्ट को रद्द करती है। 

      कुलतार सिंह संधवां के अनुसार अब देखना यह होगा कि मुख्य सचिव के द्वारा पूरे मुख्यमंत्री दफ्तर को कटघरे में खड़ा करने वाले कांग्रेसी विधायक, संसद और मंत्री अरबों रुपए की लूट करने वाले पंजाब विरोधी रसूखदारों से पाई-पाई वसूलेंगे या उन की नाजायज जायदादें कुर्क करने के लिए स्टैंड लेते हैं या फिर अपनी लड़ाई सेवामुक्ती की कगार पर खड़े मुख्य सचिव करण अवतार सिंह की कैबिनेट बैठकों में हाजिरी या गैर हाजिरी तक ही सीमित कर लेते हैं। 

      ‘आपा’ नेताओं ने कहा कि यदि कांग्रेसी विधायक और मंत्री अपने पदों को बचाने के लिए ‘डील’ करके चुप हो जाएंगे तो पंजाब के लोगों को क्या मुंह दिखाऐंगे?

      ‘आपा’ नेताओं ने ऐलान किया कि यदि पंजाब के लोगों ने 2022 में आम आदमी पार्टी को मौका दिया तो न केवल शराब माफिया बल्कि सभी माफीए हाईकोर्ट की निगरानी वाली निष्पक्ष और समयबद्ध जांच के हवाले किए जाएंगे। जांच रिपोर्ट के अनुसार इना सभी लुटेरों से पंजाब और पंजाब के लोगों की लूटी हुई अरबों रुपए की दौलत ब्याज समेत वसूली जाएगी और इनकी नाजायज कमाई के साथ बनाए महल सरकार के कब्जे में किए जाएंगे।