4 महीने बाद ही जम्मू कश्मीर पीपल्स कॉन्फ्रेंस ने गुपकार गठबंधन से अपना नाता तोड़ा

लोन ने कहा कि उनका मानना है कि।. लोन ने पत्र में कहा, ‘‘ गुपकर गठबंधन के पक्ष और विपक्ष में हुए चुनिंदा मतदान का नतीजा बहुत खराब मत प्रतिशत रहा। यह वह मत प्रतिशत नहीं है जो जम्मू-कश्मीर की जनता पांच अगस्त के बाद हकदार थी।’’

श्रीनगर:

जम्मू कश्मीर में 370 की बहाली को लेकर प्रमुख विपक्षी पार्टियों को लेकर बने गुपकार गठबंधन में 4 महीने के भीतर ही फूट पड़ने लगी है। सिर्फ एक चुनाव मिलकर साथ लड़ने के बाद ही जम्मू कश्मीर पीपल्स कॉन्फ्रेंस ने गुपकार गठबंधन से अपना नाता तोड़ लिया है। पीपल्स कॉन्फ्रेंस के नेता सज्जाद लोन ने गठबंधन के अध्यक्ष फारुख अब्दुल्ला को पत्र लिखकर कहा है कि वह गठबंधन से रिश्ता तोड़ रहे हैं।

पीपल्स अलायंस फॉर गुपकार डिक्लेयरेशन (PAGD), जिसे गुपकार गठबंधन कहा जाता है, का गठन बीते साल अक्टूबर में गुपकार घोषणा के साथ हुआ था। इसके तहत सभी दलों ने 370 की बहाली के लिए एक साथ होने की हुंकार भरी थी। इसके बाद राज्य के जिला विकास परिषद (DDC) के लिए सबने एक साथ मिलकर चुनाव लड़ा।

लोन के इस फैसले के बाद बीजेपी ने गठबंधन पर निशाना साधा है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता राम माधव ने कहा कि गुपकार गठबंधन में टूट शुरू हो चुका है।

नाव में साथ न देने का आरोप

अब यही जिला परिषद का चुनाव गुपकार गठबंधन में फूट की वजह बना है। जम्मू कश्मीर पीपल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद लोन के गठबंधन से अलग होने की पीछे डीडीसी चुनाव में हुआ घटनाक्रम ही प्रमुख है। लोन ने गठबंधन पर चुनाव के दौरान उनकी पार्टी के प्रत्याशियों को मदद न करने का आरोप लगाया है।

PAGD के अध्यक्ष फारुख अब्दुल्ला को लिखे एक पत्र में लोन ने लिखा है कि पिछले दिनों उनकी पार्टी नेताओं के साथ बैठक हुई जिसमें डीडीसी चुनाव के दौरान पीपल्स कॉन्फ्रेंस के उम्मीदवारों को अकेला छोड़ दिए जाने को लेकर चर्चा हुई। उन्होंने लिखा कि अधिकांश जगहों पर जहां उनकी पार्टी के उम्मीदवार खड़े थे वहां गठबंधन में शामिल दूसरी पार्टियों ने उन्हें लड़ने के लिए अकेला छोड़ दिया। इस दौरान दूसरी पार्टियां या तो चुप रहीं या फिर उन्होंने बिना नाम के अपने समर्थन से उम्मीदवार उतार दिए।

उन्होंने आगे लिखा कि डीडीसी चुनाव का वैसे तो बहुत महत्व नहीं है लेकिन ये 5 अगस्त के बाद (370 खत्म किए जाने का दिन) के बाद पहला चुनाव था। इसलिए जरूरी था कि इसमें सभी प्रमुख दलों को अपनी एकजुटता दिखानी थी और इससे एक बड़ा राजनीतिक संदेश देना था।

गठबंधन से अलग हो रहे हैं उद्येश्यों से नहीं

उन्होंने लिखा कि पार्टी में कार्यकर्ता हमारी तरफ देख रहा है कि अगर हम डीडीसी चुनाव में गुपकार गठबंधन पर भरोसा नहीं कर सकते हैं तो आने वाले बड़े मुद्दों पर कैसे हो पाएगा।.. सभी पार्टियों को इसके लिए अपने हितों का बलिदान करना होगा लेकिन कोई करने को तैयार नहीं है।

गठबंधन खत्म करने की बात करते हुए लोन ने लिखा ‘हम इस गठबंधन से रिश्ता तोड़ रहे हैं लेकिन इसके उद्येश्यों से अलग नहीं हो रहे हैं। हम उन उद्येश्यों का पीछा करते रहेंगे जो इस गठबंधन की स्थापना के समय निर्धारित किए गए थे।’

आबकारी एवं कराधान विभाग को नए वित्त वर्ष से पहले एडवांस तकनीक से सुसज्जित किया जाएगा : उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चैटाला

 पंचकूला, 19 जनवरी:

हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चैटाला ने कहा कि प्रदेश के आबकारी एवं कराधान विभाग को नए वित्त वर्ष से पहले एडवांस तकनीक से सुसज्जित किया जाएगा ताकि हरियाणा का यह मॉड्यूल देशभर में अव्वल व अनुकरणीय बन सके। इसके अलावा, उत्कृष्टड्ढ कार्य करने वाले अधिकारियों को जिला स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री पंचकुला के लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह में हरियाणा के आबकारी एवं कराधान विभाग द्वारा ‘जीएसटी के रजिस्ट्रेशन, रिफंड तथा इन्वेस्टिगेशन’ के मुद्दों पर आयोजित सेमीनार में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव  अनुराग रस्तोगी ने की। सेमिनार में प्रदेशभर से आए डी ई टी सी, ई टी ओ, ए ई टी ओ, इंस्पेक्टरों ने भाग लिया और अपने सुझाव रखें। सेमीनार में आबकारी एवं कराधान विभाग के आयुक्त  शेखर विद्यार्थी, सहायक आयुक्त  सिद्घार्थ जैन के अतिरिक्त विभिन्न संयुक्त आयुक्त, जिलों से आए जिला आबकारी एवं कराधान आयुक्त समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

डिप्टी सीएम, जिनके पास आबकारी एवं कराधान विभाग का प्रभार भी है, ने आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारियों द्वारा कोविड-19 के दौरान किए गए कार्य की प्रशंसा की और कहा कि प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद विभाग ने जीएसटी व अन्य मामलों में किए गए संग्रह में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने फील्ड के अधिकारियों द्वारा दिए गए सुझावों व काम में आने वाली बाधाओं को सुनने के बाद कहा कि वर्तमान युग में नित नई तकनीक आ रही हैं जिसके कारण विभाग के कंप्यूटर के हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर समेत अन्य सिस्टम को अपग्रेड करने की आवश्यकता है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे कनिष्ठ अधिकारियों की ड्यूटी का आवंटन यथोचित ढंग से करें ताकि कार्य में निपुणता व गुणवत्ता आ सके।

उपमुख्यमंत्री ने आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे विषय-विशेषज्ञ व अनुभवी अधिकारियों की एक टीम बनाएं जो कि उत्पादों के मूल्य की लिस्ट बनाएं ताकि कोई भी उत्पादक अंडर-बिल बनाकर टैक्स की चोरी न कर पाए। उन्होंने फील्ड अधिकारियों से अधिक से अधिक सुझाव देने का आह्वान किया ताकि सिस्टम को पारदर्शी व मजबूत बनाया जा सके, इससे कार्य में तेजी आएगी तथा डिजिटली फ्रॉड को रोका जा सकेगा।

आबकारी एवं कराधान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव  अनुराग रस्तोगी ने इस सेमीनार को उपमुख्यमंत्री की सोच का हिस्सा बताते हुए कहा कि वैट के बाद जीएसटी शुरू होने पर पिछले 3-4 वर्षों में टैक्स को एकत्रित करने में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, परंतु आज के सेमीनार से विभाग की कार्यप्रणाली में महत्वपूर्ण परिवर्तन होंगे। उन्होंने बताया कि टैक्स चोरी से संबंधित एफआईआर, केस की जांच, कंप्यूटर के हार्डवेयर,आईटी व अधिकारियों व कर्मचारियों को टैक्स के रिफंड आदि के प्रशिक्षण के बारे में आए सुझावों पर विभाग द्वारा जल्द कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने ई कॉमर्स ट्रेनिंग पर भी बाल दिया जाएगा । अन्य राज्यों से भी स्टैंडर्ड शेड्यूल के रेट भी लेने चाहिए ताकि उनकी कीमत के बारे में भी  सही जानकारी मिल सके।

राम मंदिर के निर्माण हेतु चंदा एकत्रित होना शुरू

अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए दान राशि एकत्रित करने के अभियान की शुरुआत शुक्रवार को हुई और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंदिर निर्माण के लिए पांच लाख रुपये से अधिक का योगदान दिया। उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू के परिवार ने मंदिर के निर्माण के लिए पांच लाख रुपये से अधिक का योगदान पहले ही दे दिया है।

नयी दिल्ली/ लखनऊ:

इससे पहले दिन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने राष्ट्रीय राजधानी स्थित वाल्मीकि मंदिर में एक पूजा की। सबसे बड़ा योगदान रायबरेली जिले के बैसवाड़ा के तेजगांव के पूर्व विधायक सुरेंद्र बहादुर सिंह का रहा जिन्होंने विहिप के उपाध्यक्ष एवं श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के महासचिव चंपत राय को 1,11,11,111 रुपये का चेक प्रदान किया। 

राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति ने भी दिए दान
विहिप के कार्यकारी अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा, ”विहिप ने मंदिर निर्माण के वास्ते धन संग्रह के लिए अपना अभियान आज शुरू किया। इसकी शुरुआत देश के प्रथम नागरिक राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उनके परिवार की ओर से 5,00,100 रुपये की राशि प्राप्त करने से हुई। उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू की पत्नी ऊषा नायडू पहले ही मंदिर के निर्माण के लिए पूरे परिवार की ओर से 5,11,116 रुपये का योगदान दे चुकी हैं

राष्ट्रपति से दान प्राप्त करने के लिए मंदिर न्यास के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि, विहिप के आलोक कुमार, ट्रस्ट के ट्रस्टी एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूर्व प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा और आरएसएस के दिल्ली नेता कुलभूषण आहूजा ने राष्ट्रपति भवन में कोविंद से मुलाकात की।

विहिप के एक प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य से भी मुलाकात की और मंदिर के निर्माण के लिए दान के रूप में 1.21 लाख रुपये प्राप्त किए, जबकि राज्य के मुख्यमंत्री ने भी 1.51 लाख रुपये का योगदान दिया। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, गुजरात के उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल और उत्तर प्रदेश और झारखंड के राज्यपालों ने भी विहिप के प्रतिनिधिमंडलों को अपना योगदान दिया।

राम मंदिर निर्माण के लिए योगी आदित्यनाथ ने दो लाख रुपये दान दिए

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण में योगदान के रूप में शुक्रवार को दो लाख रुपये की सहयोग राशि दी। मंदिर के निर्माण के लिए बनाये गये ट्रस्‍ट ने देश व्‍यापी सहयोग अभियान शुरू किया है। राम मंदिर निर्माण के लिए धन संग्रह का अभियान शुक्रवार को शुरू हुआ।

उत्तराखंड: मुख्यमंत्री रावत ने राम मंदिर निर्माण के लिए सहयोग राशि दी

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अयोध्या में राममंदिर निर्माण के लिए शुक्रवार को सहयोग राशि दी। यहां मुख्यमंत्री आवास में उनसे मिलने आए विश्व हिंदू परिषद के प्रदेश पदाधिकारियों को उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिये सहयोग राशि दी। मुख्यमंत्री रावत ने इस संबंध में सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा, ‘अयोध्या में हमारे आराध्य प्रभु श्रीराम के मंदिर निर्माण के लिए ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की ओर से चलाए जा रहे अंशदान अभियान में मुझे भी सहयोग करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि सहयोग जीवन का मूल मंत्र है और किसी कठिन लक्ष्य को सरल बनाने का आसान तरीका भी है । 

महाराष्ट्र के राज्यपाल ने राम मंदिर निर्माण के लिए 1.11 लाख रुपए दिए

महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने अयोध्या में राममंदिर निर्माण के लिए शुक्रवार को एक लाख 11 हजार रुपए दान दिए।कोश्यारी ने राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा इकट्ठा करने के वास्ते शुरू किए गए अभियान में शिरकत की। इसका आयोजन राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यास की विदर्भ शाखा ने किया था। उन्होंने हिंदू धर्म आचार्य सभा के अध्यक्ष स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज और नागपुर के महापौर दयाशंकर तिवारी के साथ पोद्दारेश्वर राम मंदिर में आरती भी की। 

मेरी अंतिम इच्छा जीते जी हो जाये राम मंदिर का निमार्ण: कल्याण सिंह

राम मंदिर आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने कहा कि उनकी अंतिम इच्छा है कि भव्य राम मंदिर का निमार्ण उनकी आंखों के सामने हो जाये ताकि वे अपने आराध्य को जी भर कर निहार सकें। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बुजुर्ग नेता ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले और श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र अध्यक्ष के उत्तराधिकारी कमल नयन दास को अपने आवास पर मंदिर निमार्ण के लिये एक लाख रूपया दान किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा “मेरी अंतिम इच्छा है कि राम मंदिर का निमार्ण पूरा देखकर ही अंतिम सांस लूं। सारा जग जानता है कि मैं भगवान राम के प्रति श्रद्धा रखता हूं। जब मुख्यमंत्री था तब भी श्रद्धा थी और आज जब नही हूं तब भी उतनी ही श्रद्धा रखता हूं। मेरी श्रद्धा में कोई अंतर नहीं आया है।

2024 आम चुनाव से पहले हो जाएगा राम मंदिर निर्माण, विपक्ष परेशान

राम मंदिर निर्माण पूरा होने की तारीख सामने आने से विपक्ष में घबराहट क्यों है? राम मंदिर आंदोलन के शुरू होने के साथ भाजपा-विरोधी एक सुर में भाजपा के नारे का मजाक उड़ाते हुए कहते थे- ‘मंदिर वहीं बनाएँगे, लेकिन तारीख नहीं बताएँगे’। अब जबकि राम मंदिर निर्माण के पूरा होने की तिथि सामने आ गई है तो उन्हीं भाजपा विरोधियों की साँस अटकने लगी है। विपक्षी दल यह मानकर बैठे हैं कि भाजपा मंदिर निर्माण 2024 के ठीक पहले पूरा करवाकर इसे आगामी लोकसभा चुनाव में मुद्दा बनाएगी।

चंडीगढ़ / नयी दिल्ली:

राम मंदिर के लिए देश भर में श्रीराम जन्मभूमि निधि समर्पण अभियान की शुरुआत 15 जनवरी को हो गई है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राम मंदिर के लिए सबसे पहला चंदा दिया। कोविंद ने 5,00,100 रुपए की धनराशि दान दी। इसी के साथ राम मंदिर निर्माण के पूरा होने की तारीख भी नजदीक आ गई है।

राम मंदिर ट्रस्‍ट के महासचिव चंपत राय ने रायबरेली में हुए कार्यक्रम में 39 महीने के अंदर मंदिर बना देने का ऐलान कर दिया है। चंपत राय के अनुसार, लोकसभा चुनाव 2024 से पहले अयोध्‍या में राम मंदिर बन जाएगा। राम मंदिर निर्माण पूरा होने की तारीख सामने आते ही विपक्षी दलों में घबराहट फैल गई है।

2024 आम चुनाव से पहले हो जाएगा राम मंदिर निर्माण 

कई दशकों पुराने अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद से ही राम मंदिर के लिए तैयारियाँ शुरू हो गई थीं। ट्रस्ट बनने के साथ ही राम मंदिर निर्माण को लेकर अन्य चीजें भी तय हो गई। वहीं, अब राम मंदिर निर्माण पूरा होने की तारीख और निधि समर्पण अभियान की शुरुआत ने सियासी हलकों में भूचाल ला दिया है। 

इसके पीछे कई कारण हैं, लेकिन सबसे बड़ा कारण ‘तारीख’ ही है। कॉन्ग्रेस समेत लगभग सभी विपक्षी दलों ने ‘सुप्रीम फैसला’ आने से पहले तक भाजपा के चुनावी घोषणा पत्र में शामिल राम मंदिर निर्माण के मुद्दे को लेकर हमेशा ही सवाल उठाए हैं। 

भाजपा, आरएसएस और अन्य हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं के नारे ‘रामलला हम आएँगे, मंदिर वहीं बनाएँगे’ के आगे भाजपा विरोधी पार्टियों ने ‘तारीख नहीं बताएँगे’ का तुकांत जोड़ दिया था। यही ‘तारीख’ अब विपक्ष के गले की फाँस बनती नजर आ रही है।

चेंजमेकर के रूप में स्थापित हुई भाजपा

2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में लगातार दो बार बहुमत से ज्यादा सीटें पाकर भाजपा नीत एनडीए की सरकार बन चुकी है। भाजपा अपने चुनावी घोषणा पत्र के कई बड़े और तथाकथित विवादित मुद्दों का हल निकाल चुकी है। 

लोग मानें या ना मानें, लेकिन वो चाहे तीन तलाक का मामला हो, कश्मीर से धारा 370 और 35A हटाने का मामला हो या शरणार्थियों को नागरिकता देने के कानून का, भाजपा ने खुद को ‘चेंजमेकर’ के रूप में स्थापित कर लिया है। 

सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक के बाद आतंकवाद को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति को लेकर शायद ही कुछ कहने की जरूरत पड़े। खैर, ये हुई भाजपा के घोषणा पत्र के वादों की बात, अब चलते हैं दूसरी ओर।

बन सकते हैं कई चुनावी समीकरण 

भाजपा ने दक्षिण और पूर्वी भारत के राज्यों में दस्तक देने के साथ अपनी भौगोलिक पहुँच के विस्तार की शुरुआत भी कर दी है। 2021 में तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, असम और पुडुचेरी (केंद्र शासित प्रदेश) में विधानसभा चुनाव होने हैं। 

पश्चिम बंगाल में भाजपा सत्ता में आने के लिए हर सियासी समीकरण बनाने और रणनीतियाँ अपनाने में जुटी हुई है। पश्चिम बंगाल में 2011 के विधानसभा चुनाव में केवल 4 फीसदी वोट हासिल करने वाली भाजपा, 2016 के चुनाव में 10 फीसदी वोटों तक पहुँच गई। 

वहीं, 2019 लोकसभा चुनाव में चमत्कारिक प्रदर्शन करते हुए 40 फीसदी वोटरों का समर्थन हासिल कर लिया। ऐसे में इस साल होने वाली विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रदर्शन पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

असम में भाजपा और सहयोगी दलों के गठबंधन के सामने विपक्षी दलों के सामने अपनी सत्ता बचाने की चुनौती है। फिलहाल, वहाँ भाजपा नीत एनडीए की सरकार मजबूत स्थिति में नजर आ रही है। 

दक्षिण भारत में कर्नाटक को छोड़ दें तो, भाजपा का तमिलनाडु और केरल में कोई खास जनाधार नजर नहीं आता है। लेकिन, स्थानीय चुनावों में भाजपा ने अपनी स्थिति थोड़ी-बहुत मजबूत कर ली है। 

2016 के ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम चुनाव में महज चार सीटें हासिल करने वाली भाजपा ने बीते साल 48 सीटों पर अपना परचम लहराया है। इसे भाजपा की बड़ी उपलब्धि माना जा सकता है। लेकिन, पार्टी को ऐसा प्रदर्शन आगे भी जारी रखना होगा।

राम मंदिर से बदल सकते हैं कई विधानसभा चुनाव के नतीजे

अब आते हैं सबसे खास बात पर, राम मंदिर निर्माण के लिए चलाए जा रहे निधि समर्पण अभियान में 13 करोड़ परिवारों तक पहुँचने का लक्ष्य रखा गया है। निधि समर्पण अभियान 27 फरवरी तक चलाया जाएगा। 

इसके तहत भाजपा, विहिप और आरएसएस के कार्यकर्ता देश भर में घर-घर जाकर चंदा एकत्रित करेंगे। इस अभियान को 2024 लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा की घर-घर में पहुँच बनाने की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। 

खासकर हिंदी भाषी राज्यों में इस अभियान का व्यापक असर देखने को मिल सकता है। साथ ही 2024 के आम चुनाव से पहले हर साल होने वाले राज्यों के विधानसभा चुनावों पर भी इसका असर पड़ेगा। 2022 के फरवरी-मार्च में देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश समेत उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव होंगे। 

इनमें उत्तर प्रदेश के अलावा चार राज्यों में भाजपा और कॉन्ग्रेस के बीच सीधा मुकाबला होना है। वहीं, 2022 के नवंबर-दिसंबर में गुजरात और हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव होंगे। यहाँ भी कॉन्ग्रेस और भाजपा के बीच ही मुकाबला होना है। 2023 में पूर्वोत्तर के तीन राज्यों मेघालय, नगालैंड और त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव होंगे। ऐसे में राम मंदिर निर्माण की तारीख के ऐलान से विपक्ष की बेचैनी बढ़ना लाजिमी है।

साभार : रचना कुमारी

गंभीर आरोपों के चलते भारतीय किसान यूनियन से चढूनी नीलम्बित

चढूनी पर राजनीतिक पार्टियों से मुलाकात और खुद अपनी तरफ़ से आंदोलन संबंधित कार्यक्रम आयोजित करने का आरोप लगा है। गुरुनाम चढूनी पर  कांग्रेस-आम आदमी पार्टी के नेताओं से मुलाकात करने का भी आरोप लगा है। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के प्रधान गुरनाम सिंह चढूनी के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए 4 सदस्य समिति बनाई गई है। समिति के सामने चढूनी को अपना पक्ष रखना होगा। जांच पूरी होने तक संयुक्त किसान मोर्चा की आंतरिक बैठकों और केंद्र सरकार के साथ होने वाली बैठक से चढ़ूनी बाहर भी रहेंगे।

हरियाणा/पंजाब/ नईदिल्ली:

केंद्र सरकार के तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ कई सप्ताह से विरोध प्रदर्शन कर आम लोगों के नाक में दम करने वाले किसान संगठनों के नेता अब आपस में ही सिर-फुटव्वल पर उतर आए हैं। रविवार (जनवरी 17, 2021) को संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में ये फूट तब सतह पर आ गई, जब भारतीय किसान यूनियन (हरियाणा) के अध्यक्ष गुरनाम चढूनी पर आंदोलन के नाम पर एक कॉन्ग्रेस नेता से 10 करोड़ रुपए लेने के आरोप लगे

अन्य संगठनों ने आरोप लगाया कि गुरनाम चढूनी ने ‘किसान आंदोलन’ को राजनीति का अड्डा बना कर रख दिया है और इसमें कॉन्ग्रेस नेताओं को बुला रहे हैं। आरोप लगाया गया कि हरियाणा के कॉन्ग्रेस नेता से उन्होंने रुपए लिए और वो दिल्ली में सक्रिय हैं। आरोप लगा कि वो कॉन्ग्रेस के चुनावी टिकट के एवज में हरियाणा में भाजपा-जजपा की सरकार गिराने के लिए भी डील कर रहे हैं। हालाँकि, चढूनी ने इन आरोपों को ख़ारिज कर दिया है।

एक दैनिक समाचार पत्र की खबर के अनुसार, ‘किसान आंदोलन’ के 54वें दिन सभी किसान संगठनों ने मिल कर ऐलान किया कि उनका कोई भी नेता NIA के समन का पालन नहीं करेगा और किसी भी जाँच एजेंसी के समक्ष पेश नहीं होगा। वहीं ‘ऑल इंडिया किसान सभा’ के नेता और 8 बार के सांसद हन्नान मुला ने खुद को सुप्रीम कोर्ट से की जा रही उस माँग से अलग कर लिया है, जिसमें बातचीत के लिए दोबारा समिति बनाने की बात कही जा रही है।

वहीं गुरनाम चढूनी से सारे किसान नेता चिढ़े हुए और आक्रोशित दिखे। उन्हें आंदोलन से निकाल बाहर किए जाने की माँग की गई। अंततः जाँच के लिए 3 सदस्यीय कमिटी बनाई गई, जिसे बुधवार तक मोर्चे के समक्ष रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। इससे 1 दिन पहले केंद्र सरकार के साथ बैठक भी है, ऐसे में वो उसमें शामिल होंगे या नहीं – ये स्पष्ट नहीं है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर उन्हें मोर्चे में रखने या निकालने का निर्णय लिया जाएगा।

चढूनी पर आरोप है कि एक तो वो मोर्चे से अलग फंडिंग का जुगाड़ लगाते हैं, लेकिन इसका कोई हिसाब-किताब नहीं देते। हरियाणा के बड़े कॉन्ग्रेस नेता से धनराशि लेकर ये बात सबसे छिपाने के आरोप उन पर लगे हैं। साथ ही आंदोलन स्थल पर अपने टेंट में राजनेताओं को लाने के आरोप लगाए गए। कहा गया कि दिल्ली में ‘किसान संसद’ के नाम पर उन्होंने जनवरी में 10, 14 और 17 तारीख को कई राजनेताओं को बुलाया।

भूपिंदर सिंह मान

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की कमिटी से किसान नेता भूपिंदर सिंह मान ने अपना नाम वापस ले लिया था। उन्होंने कहा कि उन्होंने सत्ता पक्ष, विदेशी संस्थाओं या किसी संगठन के दबाव के बिना ही ये फैसला लिया है और उन्हें मिल रही धमकियों की खबरें अफवाह मात्र हैं। उन्होंने पूछा कि जब किसान कमिटी से बात ही नहीं करना चाहते तो वो कैसे सदस्य बने रह सकते हैं? मान ने कहा कि वो कानूनों के पक्ष में नहीं हैं और किसानों की माँगें जायज हैं।

बलदेव सिंह सिरसा

बलदेव सिंह सिरसा भी NIA के समक्ष समन मिलने के बावजूद पेश नहीं हुए। सिरसा ने दावा किया था कि केंद्र सरकार गणतंत्र दिवस के दिन प्रस्तावित किसानों की ट्रैक्टर रैली से डर गई है और इसीलिए वो ‘पंजाब के लोगों को डराने-धमकाने’ के लिए NIA के नोटिस का इस्तेमाल कर रही है। बकौल सिरसा, इस समन का एक ही उद्देश्य है – किसान आंदोलन को पटरी से उतारना। समन की खबर फैलते ही उनके समर्थक भी उग्र हो गए थे और अमृतसर के एक मॉल के बाहर जमा हो कर जम कर हंगामा किया था।

सम्राट अशोक, जरनैल जसा सिंह और जस्टिस आगा हैदर के नाम पर होंगे चौक और सड़क

राहुल भारद्वाज सहारनपुर:

  • भवनों के नाम परिवर्तन में विलंब शुल्क में एक साल की और राहत

सहारनपुर नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने नगर निगम बोर्ड की बैठक में सदन को आशवस्त किया कि निगम कार्यकारणी समिति की सिफारिश पर कार्रवाई करते हुए सोमवार से मैं. रिलायंस जियो के पोल उखाड़ने का काम शुरु कर दिया जायेगा। बोर्ड बैठक में 275 करोड़ रुपये का पुर्नरीक्षित बजट भी पारित किया। नगर निगम कार्यकारणी द्वारा ये बजट पहले ही पारित किया जा चुका है।बोर्ड की बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि मकानों का नाम परिवर्तन कराने पर विलंब शुल्क नहीं लिया जायेगा,यह छूट दिसंबर 2021 तक बढ़ा दी गयी है। बाद में अधिकतम विलंब शुल्क की सीमा भी दस हजार रुपये निर्धारित कर दी गयी। पार्षद आशुतोष सहगल के प्रस्ताव का पार्षद मुकेश गक्खड़ सहित पूरे सदन ने समर्थन किया जिस पर यह प्रस्ताव सर्व सम्मति से पारित कर दिया गया। इसके अलावा इस वर्ष टैक्स के दायरे में नये मकानों पर लगाये गए टैक्स पर ब्याज नहीं लिया जायेगा। नगर निगम बोर्ड ने शनिवार को मेयर संजीव वालिया की अध्यक्षता में हुई बोर्ड की बैठक में अनेक प्रस्तावों के साथ उक्त प्रस्तावों को भी सर्वसम्मति से पारित कर दिया।

बोर्ड की बैठक पूर्व निर्धारित समयानुसार करीब तीन बजे मेयर संजीव वालिया की अध्यक्षता में शुरु हुयी। मेयर संजीव वालिया ने सदस्यों को नव वर्ष की बधाई देते हुए सभी के स्वस्थ रहने की मंगल कामना की। पार्षद मंसूर बदर ने सहारनपुर को लगातार दूसरी बार ओडीएफ प्लस प्लस के लिए मेयर संजीव वालिया व नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह तथा सदन के सभी सदस्यों को बधाई दी। मंसूर बदर ने बजट पर कुछ सवाले उठाये साथ ही कब्रिस्तानों पर हो रहे कब्जों की ओर सदन का ध्यान दिलाते हुए डबनी वाले कब्रिस्तान के पेड़ों की  कंटाई छंटाई व रखरखाव की मांग की। अनेक पार्षदों ने इसका समर्थन किया। मंसूर बदर ने निगम की आय बढ़ाने के लिए अनेक सुझाव देते हुए इसे गंभीरता से लेने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि आज निगम में दो लाख मकान टैक्स के दायरे में होने चाहिए थे। अनेक पार्षदों ने टैक्स वसूलने के दौरान निगम की टीमों द्वारा लोगों के साथ की जा रही अभद्रता का भी आरोप लगाया। पार्षद गुलशेर, शहजाद, इमरान सैफी, शाहिद, फजलुर्रहमान, नूर आलम, सलीम आदि पार्षदों ने टैक्स लगाने में भेदभाव का मामला उठाया। मेयर संजीव वालिया ने आश्वस्त किया कि पार्षदों की भावनाओं का ध्यान रखा जायेगा और लोगों के साथ कोई अभद्रता नहीं होगी।इसके अलावा प्रदीप उपाध्याय ने काशीराम काॅलोनी के जर्जर होते मकानों का मामला, अशोक राजपूत ने सीवर कंपनी का ठेका निरस्त करने का मामला उठाया। शहजाद ने तालाब के पट्टों का आवंटन दस साल के बजाये पांच साल के लिए करने की मांग की। पार्षद मोहर सिंह व अभिषेक अरोड़ा ने गौशाला का विस्तार करने की मांग की। इसके अतिरिक्त नंद किशोर, प्रदीप, मान सिंह जैन, कंचन धवन, भूरासिंह प्रजापति, अंकुर अग्रवाल, नरेश रावत,अमित त्यागी आदि पार्षदों ने भी विभिन्न मुद्दे उठाते हुए चर्चा में हिस्सा लिया। अभिषेक अरोड़ा ने पुरानी चुंगी से नवाबगंज चैक तक कंपनी बाग की दीवार के सहारे वैंडर जोन बनाने की मांग जोरदार ढंगसे उठायी। पार्षद सरिता शर्मा व पिंकी गुप्ता ने विरोध किया। कुछ पार्षदों ने अलाव को लेकर भी सवाल उठाए।

सम्राट अशोक
जरनैल जस्सा सिंह अहलूवालिया

सम्राट अशोक व अहलूवालिया के नाम पर होंगे चैंकनगर निगम सीमा क्षेत्र में मानकमऊ चैक तिराहा नकुड़ रोड का नाम बदलकर ‘सम्राट अशोक महान चौक’ रखा जायेगा तथा कुतुबशेर चोक पर अहलूवालिया मिसल के संत और करीब ढाई सौ साल पहले लाल किले पर कब्जा करने वाले प्रमुख सिख नेता ‘जरनैल जस्सा सिंह अहलूवालिया’ की प्रतिमा लगायी जायेगी। सम्राट अशोक के नामकरण का प्रस्ताव सि़द्धार्थ सैनी तथ अहलूवालिया संबधी प्रस्ताव पार्षद चंद्रजीत सिंह निक्कू द्वारा रखा गया था। इसके अलावा कार्यकारणी में पारित अंबाला रोड पर चार साहबजादों की प्रतिमा लगाने का प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित किया गया।

जस्टिस आगा हैदर

कार्यपालकांओ की नियुक्ति का मामला फरवरी तक टला प्रस्ताव 181 में अस्थायी रुप से कार्यपालक सफाई नायक बनाने का प्रस्ताव शामिल किया गया था। लेकिन पार्षद अभिषेक अरोड़ा टिंकू ने इसका जोरदार विरोध किया और इस नियुक्ति को फरवरी माह तक टालने की मांग की। कुछ अन्य पार्षदों ने भी इस मांग का समर्थन किया अतः कार्यपालकांओ की नियुक्ति का मामला फरवरी तक टाल दिया गया। इस मुद्दे को लेकर नगर स्वास्थय अधिकारी व पार्षद टिंकू अरोड़ा में नोक झोंक भी हुयी।

जस्टिस आगा हैदर के नाम पर सड़क की मांग पार्षद अभिषेक अरोड़ा टिंकू ने क्रांतिकारी सरदार भगत सिंह को फांसी की सजा देने से इंकार करने वाले जस्टिस आगा हैदर के नाम पर पुल खुमरान से मीरकोट की ओर जाने वाले मार्ग का नामकरण करने तथा चुुंगी चैक का नाम प्रमुख समाजसेवी स्व.सेठ गंगा प्रसाद के नाम पर रखने का प्रस्ताव रखते हुए इस प्रस्ताव को आगामी बोर्ड बैठक में पारित करने की मांग की।

आतंकवादियों के पोस्टर से पटी दिल्ली, किसान आंदोलन में खलिस्तान की सेंध

इंटेलिजेंस इनपुट के अनुसार खालिस्तानी आतंकी दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन का फायदा उठाकर गणतंत्र दिवस पर गड़बड़ी कर सकते हैं। कनॉट प्लेस के एसीपी सिद्धार्थ जैन ने बताया, ”हमें इनपुट मिले हैं कि खालिस्तानी संगठन और अलकायदा अवांछित गतिविधि कर सकते हैं। इसको ध्यान में रखकर हमने कई कदम उठाए हैं। वांछित आतंकवादियों के पोस्टर भी चिपकाए गए हैं।”

नई दिल्ली।

देश की राजधानी दिल्ली में गणतंत्र दिवस ( 26 January Republic Day) के अवसर पर सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए हैं। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस (Delhi Police) अलर्ट मोड पर है। इसको लेकर तमाम दिशा निर्देश भी जारी किए गए हैं। गणतंत्र दिवस के मौके पर अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए पुलिस ने दिल्ली में कई स्थानों पर खालिस्तानी आतंकियों के पोस्टर चस्पा किए हैं। इस बार के पोस्टर में खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स  KZF, KCF (खालिस्तान कमांडो फ़ोर्स ) KLF (खालिस्तान लिबरेशन फ़ोर्स ) BKI (बब्बर खालसा इंटरनेशनल ) के आतंकियों की तस्वीरें भी हैं।

पुलिस ने कहा है कि इन आतंकियों की जानकारी देने वालों का नाम और उससे सम्बंधित जानकारियों को गुप्त रखा जाएगा। ये बात भी इस पोस्टर के मार्फ़त बताई गई है. दिल्ली पुलिस के तमाम PCR वैन में भी इस पोस्टर को लगाकर प्रचार किया जा रहा है। जिससे लोग सतर्क हो सकें। दिल्ली के एसीपी सिद्धांत जैन ने न्यूज 18 को बताया कि 26 जनवरी को लेकर खास तैयारी की गई है। जगह-जगह आतंकवादियों के पोस्ट चस्पा किए गए हैं। ताकि आम लोग भी उनको पहचान सकें. ये वो आतंकी हैं, जिनसे देश को खतरा है। इसके साथ ही मार्केट स्टाफ व दूसरे लोगो के साथ मीटिंग की गई है। कोई भी संदिग्ध वस्तु मिले भले वो छोटी सी छोटी ही क्यों न हो तुरन्त पुलिस को सूचना देने कहा गया है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक 26 जनवरी को हर किसी का आईडी कार्ड जांच करने की योजना पुलिस ने बनाई है। इसके तहत घर से बाहर निकलने वाले हर व्यक्ति को अपने साथ आईडी कार्ड रखना जरूरी होगा. क्योंकि पुलिस कहीं पर भी रोककर आईडी कार्ड की जांच व पूछताछ कर सकती है।

25 हजार लोग ही हो सकेंगे शामिल

एसीपी जैन ने बताया कि कोविड महामारी को देखते हुए इस बार 26 जनवरी कार्यक्रम में शामिल होने वालों की तादाद भी मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस ने कम कर दी है। हर साल यह तादाद एक लाख से ज्यादा होती थी, पर इस बार सिर्फ 25 हजार लोग ही शामिल हो पाएंगे। परेड में शामिल होने के लिए कुछ खास एडवाजरी जारी की गई है। जो एंट्री होगी वो पास या टिकट से ही होगी बाकी किसी को अनुमति नही रहेगी। 15 साल से छोटे बच्चे और 65 साल से ऊपर के बुजुर्ग को कार्यक्रम में शामिल होने की इजाजत नहीं है। 26 जनवरी के दिन हर शख्स अपने साथ अपना आईडी प्रूफ फोटो सहित रखने होंगे। कहीं भी चेकिंग हो सकती है. इस दौरान आईडी प्रुफ दिखाना जरूरी रहेगा। जांच के लिए हमारी कई एजेंसी लगी हैं। जगह जगह स्पेशल सेल, स्पेशल ब्रांच क्राइम ब्रांच, हर जगह यह पोस्टर चस्पा करवा रहे हैं।

भारत द्वारा विकसित कोरोना वैक्सीन प्राप्त करने वाले पहले देशों में से एक होगा नेपाल

नई दिल्ली: 

कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में भारत पड़ोसी देशों के लिए बड़ी उम्मीद बनकर उभरा है। इसी बीच कोरोना वैक्सीन को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार ने नेपाल से बड़ा वादा किया है। मोदी सरकार ने नेपाल को आश्वासन दिया है कि वह भारत द्वारा विकसित कोरोना वैक्सीन प्राप्त करने वाले पहले देशों में से एक होगा। वैक्सीन आपूर्ति कार्यक्रम की घोषणा अगले हफ्ते हो सकती है।

नेपाल के विदेश मंत्री की यात्रा प्रभावी

नरेंद्र मोदी सरकार ने नेपाल को यह आश्वासन दिया है कि वह भारत द्वारा विकसित कोरोना वैक्सीन प्राप्त करने वाले पहले देशों में से होगा, जिसकी आपूर्ति कार्यक्रम की घोषणा अगले सप्ताह में की जाएगी। विदेश मंत्री सुब्रमण्यम जयशंकर के साथ संयुक्त आयोग की बैठक के लिए भापत यात्रा के दौरान नेपाली विदेश मंत्री प्रदीप ग्यावली को यह आश्वासन दिया गया।

हालांकि नेपाल के प्रधानमंत्री खड्ग प्रसाद शर्मा ओली के राजनीतिक विरोधियों में शुमार ग्यावाली की यात्रा को कम प्रभावी आंका गया है, हकीकत यह है कि नई दिल्ली में नेपाली विदेश मंत्री के वार्ताकार उनके व्यावसायिकता और संयम से प्रभावित हुए। इसके साथ उन्होंने द्विपक्षीय संबंध का समर्थन किया था।

शीर्ष सरकारी सूत्रों के अनुसार, ग्यावली 16 जनवरी को पीएम मोदी कोरोना टीकों की लॉन्चिंग कार्यक्रम में पूरी तरह से शामिल थे, इसलिए नेपाली विदेश मंत्री से मुलाकात नहीं कर सके। पीएम मोदी की पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, जो कि मोदी सरकार में नंबर-दो की हैसियत रखते हैं, से उनकी मुलाकात हुई।

यह समझा जाता है कि भारत नेपाल के अलावा भूटान, बांग्लादेश, म्यांमार, मालदीव जैसे पड़ोसी देशों में प्रतिबंधित उपयोग के लिए टीकों की आपूर्ति करके अपने दोस्तों की आपातकालीन आवश्यकताओं का ध्यान रखेगा।

सरकारी वार्ताकारों के अनुसार, ग्यावाली ने एस जयशंकर को नेपाल में भारतीय वैक्सीन प्राप्त करने के बारे में नेपाल के नियामक के साथ-साथ अनुमोदन प्राप्त करने के बारे में जानकारी दी। दोनों देश अब चिकित्सा मॉड्यूल के प्रशिक्षण पर चर्चा कर रहे हैं, जो प्रतिबंधित उपयोग की अवधि के दौरान नेपाली फ्रंट लाइन श्रमिकों का टीकाकरण करेगा। नेपाल में कोरोना के कुल 2,67,056 मामले हैं।

ग्यावली की यात्रा के दौरान दोनों पक्ष धीरे-धीरे हवाई और भूमि मार्ग संपर्क खोलने के लिए सहमत हुए, जो महामारी की चपेट में आ गया था। दोनों देश रक्सौल-काठमांडू रेलवे लाइन से संबंधित क्षेत्र स्थान सर्वेक्षण में तेजी लाने के लिए सहमत हुए। भारत-नेपाल ने जहां सैन्य सहयोग के लिए सेना द्वारा रक्षा सहयोग को गहरा करने का फैसला किया, वहीं राजनाथ सिंह ने ओली सरकार को मानवीय सहायता और आपदा राहत प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण प्रदान करने की पेशकश की।

क्या कोरोना वैक्सीन को लेकर कॉंग्रेस भ्रमित है?

कॉंग्रेस दिग्भ्रमित है। कॉंग्रेस के नेताओं को कहीं भी कुछ समझ नहीं आ रहा है। कोरोना महामारी के आरंभ ही से कॉंग्रेस के आला नेताओं के ब्यान आते रहे हैं जिनहे वह(कॉंग्रेस कार्यकर्ता) अपनी पार्टी लाइन या यूं कहें कि वह एक आदेश मान कर उसके प्रचार प्रसार की अंधी दौड़ में कूद पड़ते हैं। भारत में जैसे जैसे कोरोना से लड़ाई तेज़ होती गयी वहीं कॉंग्रेस की जुबानी जंग भी तेज़ हो गयी। कल तक विदेशी दावा निर्माताओं से दवा अथवा टीका न खरीदने का इल्ज़ाम लगाने वाली कॉंग्रेस स्वदेशी दवाई पर हतप्रभ थी। जब भारत में टिककरण आरंभ हो गया तब कॉंग्रेस के इल्ज़ाम बदल गए। और अब ब्राज़ील में दवाई भेजे जाने को लेकर आक्षेप लगाए जा रहे हैं। कांग्रेस ने मुफ्त वैक्सीन के सवाल पर केंद्र सरकार को घेरा है। कांग्रेस ने कहा है कि मोदी सरकार को ये बताना चाहिए कि देश में कितने लोगों को फ्री में टीका दिया जाएगा। इतना ही नहीं कांग्रेस ने बाजार में उपलब्ध होने वाले टीके की कीमत पर भी सवाल उठाए।

चंडीगढ़/नयी दिल्ली:

कांग्रेस ने ब्राजील  (Brazil) को कोरोना की वैक्सीन (Covid-19 Vaccine) बेचे जाने को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा है कि जब देशवासियों को अब तक कोरोना की वैक्सीन नहीं लगी है तो फिर ब्राजील को वैक्सीन निर्यात क्यों किया जा रहा है। बता दें कि सरकार ने ब्राजील को कोरोना की 20 लाख डोज़ भेजने का फैसला किया है। पिछले हफ्ते ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो (Jair Bolsonaro) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) को चिट्ठी लिखकर भारत बायोटेक- एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन की 20 लाख डोज तत्काल देने का अनुरोध किया था।

सुरजेवाला ने कहा, ‘अभी भारत की जनता को ही वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाई है तो इसका निर्यात क्यों किया जा रहा है। सवाल ये है भारत की पूरी जनसंख्या को टीका लगाए जाने से पहले वैक्सीन के निर्यात की अनुमति क्यों दी गई? सरकार को ‘सभी के लिए कोरोना वैक्सीन’ मोदी सरकार की नीति होनी चाहिए।’

मुश्किल में ब्राजील

बता दें कि अमेरिका के बाद ब्राजील में कोरोना के सबसे ज्यादा केस सामने आए हैं। ब्राजील में कोरोना से अबतक 2 लाख से लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि इस बीमारी की चपेट में 80 लाख से लोग आ चुके हैं। राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो ने पत्र लिखकर नरेंद्र मोदी से कहा है कि ब्राजील पर टीकाकरण कार्यक्रम की शुरुआत करने का दबाव बढ़ता जा रहा है।

मुफ्त वैक्सीन पर सवाल

कांग्रेस ने मुफ्त वैक्सीन के सवाल पर केंद्र सरकार को घेरा है। कांग्रेस ने कहा है कि मोदी सरकार को ये बताना चाहिए कि देश में कितने लोगों को फ्री में टीका दिया जाएगा। इतना ही नहीं कांग्रेस ने बाजार में उपलब्ध होने वाले टीके की कीमत पर भी सवाल उठाए। रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘हमने 2011 में देश को पोलियो मुक्त बनाया है। आज से पहले टीकाकरण कभी प्रचार का माध्यम नहीं बना। टीकाकरण आपदा का अवसर नहीं हो सकता है।’

भारत विकास परिषद् 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस के रूप में मनाएंगे

24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस (national girl child day) है। भारत विकास परिषद् की महिला एवं बाल विकास प्रोजेक्ट के कार्यकर्ताओं ने यह तय किया कि इस वर्ष हम लोग इसे National girl child week के रूप में मनाएंगे । हम लोगों ने इसकी एक रूपरेखा बनाई है जिसमें 16 January से 21st January तक पूरे देश के प्रत्येक शाखा में कार्यक्रम होंगे ।

17 जनवरी को 10 से 18 वर्ष तक की बच्चियों का हीमोग्लोबिन का चेक होगा ताकि जो हमारा एक संकल्प है एनीमिया मुक्त भारत उसकी ओर हमारे एक कदम बढ़ेंगे ।

18 तारीख को बच्चियों को लोहे की कढ़ाई, गुड़ ,चना और स्टेशनरी की सामग्री वितरित किया जाएगा। हम सभी जानते हैं कि लोहे की कढ़ाई में बना खाना कितना पौष्टिक होता है।

  • 19 जनवरी को बच्चियों द्वारा नृत्य नाटिका या भाषण का आयोजन होगा। इसका विषय है
  • संस्कारित बेटियां मेहकता घर आंगन।
  • राष्ट्र के उत्थान में बेटी बढ़ाओ,बेटी पढ़ाओ
  • शिक्षित कन्या है वरदान।

20 जनवरी को बच्चियों को ऊनी वस्त्र का वितरण होगा।
21 जनवरी को प्रत्येक शाखा अपने वहां संस्कारशाला आयोजित करेगी। जिसमें बच्चियों को गुड टच बैड टच ,एनीमिया ,कुपोषण menstrual hygiene and sanitation के बारे में जागरूक किया जाएगा।

भारत विकास परिषद् की कोशिश होगी कार्यक्रम मैं जो बच्चे रहेंगे वह हमारे आसपास के मलिन बस्ती या अगर शाखा ने कोई गांव या स्कूल गोद लिया है तो उसकी बच्चियां हमारे कार्यक्रम में रहेंगे तथा हमें भी प्रयास करेंगे कि सभी कार्यक्रमों में बच्चों के साथ उनकी माताएं या माता और पिता दोनों ही शामिल हो ताकि उन्हें भी इन सभी विषयों के बारे में जानकारी प्राप्त हो।