Future for stroke treatment discussed at PU

Chandigarh November 7, 2019

            The fourth day of the International Brain Research Organization (IBRO) -Asia Pacific Regional Committee (APRC) supported seminar on the theme ‘Blood-Brain-Barrier: From Basic Physiology to Neurological Disorders’, focused on treatment strategies to combat neurological disorders, here today.

             Dr. Jiban Jyoti Panda, Institute of Nanoscience and Technology, Mohali informed that blood brain barrier seems to be a bottleneck and restricts drugs to cross through the brain and treat neurological disorders. Yet, the advent of peptide nanostructures which can cross blood brain barrier can be a possible cure for gliomas, informed Dr. Panda. This was followed by a talk related to destruction of blood brain barrier during Alzheimer’s by Dr. Sachin Tiwari, AIIMS, New Delhi.

            Prof. Dheeraj Khurana, Department of Neurology, PGIMER, Chandigarh, highlighted his work on an implant that can promote the stimulation of sphenopalatine ganglion nerve which can lead to increase in the blood flow to the brain of stroke patients. Increased cerebral blood flow can help to prevent further damage to region of the brain affected by stroke.

            Prof. B.R. Mittal, Department of Nuclear medicine, PGIMER, Chandigarh, discussed imaging techniques like Positron Emission Tomography (PET) for diagnosis and follow up for treatment of brain-related disorders.

            The day ended with a heritage walk of the city.  

समय पर इलाज से अंग कटने से बचा जा सकता है: डा. एच.के.बाली

शुगर व ब्लड सर्कूलेशन रूकावट के कारण भारत में हर वर्ष 80000 हाथ-पैर काटे जाते हैं: डा. एच.के.बाली
देश में शुगर के 70 मिलीयन मरीज हैं, जो 2030 तक 98 मिलियन हो जाएंगे: डा. कपिल छत्तरी
पैरीफैरल वेस्कूलर बीमारी हार्ट अटैक से चार गुणा अधिक जानलेवा: डा. एच.के.बाली
शुगर के मरीजों के पैरों के पंजे काले होना सिर्फ गैंगरीन का लक्ष्ण नहीं, यह दिल की बीमारी के कारण भी हो सकते हैं: डा. कपिल छत्तरी

पंचकूला, 4 नवंबर:

पैरीफैरल आर्टरी की बीमारी तथा शुगर के कारण पैर खराब होने की बीमारी के बारे जागरूकता पैदा करने के लिए पारस सुपरस्पेशलिटी अस्पताल  पंचकूला के डाक्टरों की टीम ने मीडिया के साथ बातचीत की। अस्पताल के कार्डियक साइंस के चेयरमैन डा. एच.के.बाली जिनका दिल की बीमारियों के इलाज में 30 वर्ष का अनुभव है तथा 15000 से अधिक कार्डियक इंटरवैशन कर चुके हैं, ने कहा कि पैरीफैरल वेस्कूलर बीमारी रक्त की नाडिय़ोंं से संबंधित बीमारी है। यह दुनिया भर में 15 प्रतिशत से 20 प्रतिशत लोगों को है।

डा. बाली ने बताया कि इस बीमारी में पैरों-हाथों को रक्त की सप्लाई करने वाली नाडिय़ां सिकुड़ जाती हैं तथा रक्त की सप्लाई घट जाती है या बिल्कुल बंद हो जाती है। यह बीमारी आम तौर पर टांगों पर असर डालती है तथा कई बार बाजूओं पर भी असर होता है। कई लोग प्राथमिक लक्षण के समय इस तरफ ज्यादा ध्यान नहीं देते। हाथ-पैर में दर्द या सुनेपन को वह कई बार उम्र का तकाज़ा कहकर नजरअंदाज कर देते हैं। इन लक्षणों को नजरअंदाज करने से गैंगरीन हो सकती है तथा जिस कारण शरीर का अंग कटवाना पड़ता है।

डा. एच.के.बाली ने यह भी बताया कि पैरीफैरल वेस्कूलर बीमारी पहले टांगों के बाहर असर डालती हैं। इससे चलने के समय तकलीफ होती है तथा कई बार लेटने के समय भी दर्द रहता है तथा फिर अलसर (फोड़ा) बन जाता है, आखिर में गैंगरीन हो जाती है। पैरीफैरल वेस्कूलर बीमारी अपने आप में कोई बीमारी नहीं, बल्कि यह दिल की बीमारियों कैरीब्रोवेस्कूलर के लिए संकेतक है, जिस कारण मौत भी हो सकती है। इस बीमारी की आधे मरीजों में दिल की बीमारियों वाले लक्षण ही होते हैं। इसका कारण धूम्रपान, बल्ड प्रैशर, हाईपर कलोस्टे्रल तथा परिवारिक हिस्ट्री हो सकता है। इस बीमारी में खून की नाडिय़ों के अंदर चिकनाई आदि जम जाती है , जिस कारण हाथ-पैरों को रक्त की पूरी सप्लाई नहीं हो पाती तथा नाडिय़ां सिकुड़ जाती हैं। इससे हाथ-पैर को आक्सीजन भी पूरी नहीं मिलती। जागरूकता तथा अनुभवी डाक्टरों की कमी के कारण 80000 भारतीय अपने अंग गवा बैठते हैं। उन्होंने बताया कि इस बीमारी के कारण 90 प्रतिशत केसों में अंग कटवाने से बचा जा सकता है, इसलिए शिक्षा तथा समय पर इलाज की जरूरत है।

पारस अस्पताल के दिल के रोगों के सीनियर कंस्लटैंट डा. कपिल छत्तरी ने अपने अनुभव सांझा करते हुए कहा कि पीवीडी के इलाज के लिए बहुत सारे विकल्प हैं। उन्होंने कहा कि यदि चलने-फिरने के समय बहुत ज्यादा दर्द नहीं है, तो इसका इलाज रक्त पतला करने वाली दवाईयों, शुगर कम करके तथा रक्त सप्लाई में इजाफा करके किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि आराम की अवस्था में भी दर्द होने तथा अलसर हो जाने की सूरत में तुरंत इलाज की जरूरत पड़ती है।
डा. कपिल ने बताया कि एंजीयोग्राफी/एंजीयोप्लास्टी से इलाज करके हाथ-पैर काटे जाने से बच सकते हैं। सर्जरी करके भी अंग काटे जाने से बचा जा सकता है। इसके बाद जान बचाने के लिए अंतिम विकल्प अंग काटना ही रह जाता है।

नादान बच्चों की जिंदगी लीलते खुले पड़े बोर

सारिका तिवारी, चंडीगढ़ – 31 अक्टूबर:

बोरवेल दुर्घटना के कारण तमिलनाडु में दो वर्षीय सुजीत विल्सन और पंजाब के फ़तह सिंह की दुखद मौत एक आंख खोलने वाली घटनाएं हैं। लेकिन सम्बन्धित विभागों और प्राधिकरणों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता जो कि बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।
इस तरह की घटनाएं अभी भी जारी हैं, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने लगभग नौ साल पहले दिशा-निर्देश जारी किए थे।
शीर्ष अदालत द्वारा स्वत संज्ञान लिए गए एक मामले में बोरवेल में गिरने और ट्यूबवेल में गिरने के कारण छोटे बच्चों के साथ होने वाली घातक दुर्घटनाओं की रोकथाम के उपायों पर फिर से विचार किया गया था।

तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एस.एच. कपाड़िया और जस्टिस के.एस. राधाकृष्णन और जस्टिस स्वतंत्र कुमार की पीठ ने विभिन्न राज्यों में कई मामलों पर ध्यान दिया था, जहां बच्चे बोरवेल और ट्यूबवेल या खाली पड़े कुओं में गिर गए थे। उसी के अनुसार , अदालत ने 6 अगस्त 2010 को इस तरह के हादसों को रोकने के लिए तत्काल उपाय करने के लिए निर्देश दिए थे। परन्तु ऐसी दर्दनाक हादसों का सिलसिला रुक नहीं रहा।
बोरवेल दुर्घटनाओं का सिलसिला भले ही सुप्रीम कोर्ट की तरफ से जारी निर्देश को नौ साल बीत चुके हों, लेकिन इस तरह की घातक घटनाएं थमी नहीं हैं। ताजा घटना सुजीत विल्सन की हाल ही में हुई मौत है, जिसके मृत शरीर को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में खुले छोड़ दिए गए बोरवेल से 80 घंटे तक नॉन स्टॉप रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के बाद निकाला गया था। विल्सन अपने परिवार के फॉर्म में खेलते समय एक खुले बोरवेल में गिर गया था और वह 88 फीट की गहराई पर 80 घंटे से अधिक समय तक उसमें फंसा रहा। इस घटना के साथ कई अन्य घटनाओं को भी रोका जा सकता था,अगर संबंधित अधिकारियों ने उन दिशानिर्देशों का पालन किया होता, जो सुप्रीम कोर्ट ने जारी किए थे। विशेष रूप से खुले बोरवेल के संबंध में।

अदालत ने निर्देश दिया था कि

1. इनको नीचे से लेकर जमीनी स्तर तक मिट्टी/रेत/बोल्डर/ कंकड़/ ड्रिल कटिंग आदि द्वारा भरा जाना चाहिए। इसके अलावा, ग्राउंड वाटर /पब्लिक हेल्थ/म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन/ प्राइवेट कॉन्ट्रैक्टर आदि के संबंधित विभाग से उपरोक्त प्रभाव या काम के लिए एक प्रमाण पत्र प्राप्त किया जाना चाहिए।
2. संबंधित एजेंसी /विभाग की कार्यकारिणी इन अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए ऐसे खुले कुओं का समय-समय पर औचक निरीक्षण करें।
3. ऐसे सभी खुले बोरवेलों की जानकारी राज्य के जिला कलेक्टर/ खंड विकास कार्यालय में रखी जाए। बोरवेल के निर्माण और उसके बाद के रखरखाव के संबंध में, अदालत ने निर्देश दिया था कि-

1. एक भूमि मालिक, बोरवेल का निर्माण करने के लिए कोई भी कदम उठाने से कम से कम 15 दिन पहले लिखित में क्षेत्र के संबंधित अधिकारियों ,जिनमें जिला कलेक्टर / जिला मजिस्ट्रेट /ग्राम पंचायत के सरपंच/ किसी अन्य सांविधिक प्राधिकारी या भूजल / सार्वजनिक स्वास्थ्य/नगर निगम के संबंधित अधिकारी, को सूचित करें।
2. निर्माण के समय, कांटेदार तार की बाड़ या किसी अन्य उपयुक्त अवरोध को कुएं या बोरवेल के चारों ओर लगाया जाना चाहिए। इसके अलावा, ड्रिलिंग एजेंसी और कुएं के मालिक के विवरण के साथ कुएं या बोरवेल के पास एक साइनबोर्ड लगाया जाना चाहिए।
3. कुएं या बोरवेल के आवरण के चारों ओर 0.50Û0.50Û0.60 मीटर ( जमीनी स्तर से 0.30 मीटर ऊपर और जमीन के स्तर से 0.30 मीटर नीचे) वाले सीमेंट प्लेटफॉर्म का निर्माण किया जाना चाहिए।
4. कुएं या बोरवेल को अच्छी तरह से ढ़कने के लिए वेल्डिंग स्टील प्लेट का प्रयोग किया जाना चाहिए या बोल्ट और नट्स के साथ आवरण पर पाइप की एक मजबूत कैप लगाई जानी चाहिए।
5. एक विशेष स्थान पर ड्रिलिंग संचालन का काम पूरा होने पर, ड्रिलिंग को शुरु करने से पहले जमीन की जैसी स्थिति थी,उसे बहाल करना चाहिए, मिट्टी के गड्ढों और चैनलों को भरना होगा।
6. पंप की मरम्मत के मामले में, नलकूप या ट्यूबवेल को खुला नहीं छोड़ा जाना चाहिए।

इसके अतिरिक्त, यह निर्देश दिए गए थे कि

1. उपरोक्त दिशानिर्देशों के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए जिला कलेक्टर को सशक्त बनाया जाना चाहिए।
2. जिला प्रशासन/वैधानिक प्राधिकारी के साथ निजी एजेंसियों सहित सभी ड्रिलिंग एजेंसियों का पंजीकरण अनिवार्य होना चाहिए।
3. जिला/ब्लॉक/ ग्रामवार स्तर पर खोदे गए बोरवेल की स्थिति- उपयोग में आने वाले बोरवेल या कुओं की संख्या, खुले बोरवेलों की संख्या जो खुले पाए गए हैं, परित्यक्त बोरवेलों की संख्या जिनको भूमि स्तर तक ठीक से भर दिया गया है और ऐसे बोरवेल जो अभी जमीनी स्तर तक भरे जाने हैं उनकी संख्या, को जिला स्तर पर बनाए रखी जानी चाहिए।…

1st Prize to Centre for Nuclear Medicine, PU

Chandigarh October 14, 2019

            Centre for Nuclear Medicine, Panjab University, Chandigarh  receivedthe first prize by the International Medical Olympicus Association during the recently held 5th International Medical Olympiad in Greece. 

The work presented was a part of the CSIR funded project awarded to Dr Vijayta D Chadha as Principal Investigator and Co investigators, Dr D K Dhawan and Dr Neelima D Passi. The research involved radiosynthesis of a novel 5α-reductase inhibitor and evaluation of its cancer targeting potential in experimental model of prostate carcinogenesis. Prostate cancer is the second most frequent malignancy after lung cancer in men and the fifth leading cause of death worldwide. The enzyme 5α-reductase converts testosterone to dihydrotestosterone which is more potent agonist of androgen receptor and its increased levels lead to enlargement of prostate gland. 5α-reductase inhibitors are a class of drugs that contain the metabolic transformation of testosterone thus lowering the manifestation of diseased condition. Considering the 5α-reductase inhibitory activity of the reported oximes and importance of the ester group in increasing the antiandrogenic property, a potent 5α-reductase inhibitor was synthesized for enhanced selectivity towards prostate tissue. The work was carried by Ms Gousia Jan, Research fellow in the project and was presented by Prof D K Dhawan in the said conference.

Police Files, Chandigarh

Korel, CHANDIGARH – 14.10.2019

One arrested for possessing illegal liquor

          Chandigarh Police arrested Rohit R/o # 2437, Sector-52, Chandigarh Age 27 years while he was illegally possessing 12 boxes (each box contains 48 quarters) of country made liquor near Govt. Tube Well, Park, Sector-52, on 13.10.2019. A case FIR No. 209, U/S 61-1-14 Excise Act has been registered in PS-36, Chandigarh. Investigation of the case is in progress.

Action against Gambling/Satta

Chandigarh Police arrested Satish R/o # 2192, NIC, Manimajra, Chandigarh, Jai Karan R/o # 190, NIC, Manimajra, Chandigarh, Mahesh R/o # 123, NIC, MM, Chandigarh and Vinay R/o # 119, NIC, MM, Chandigarh while they were gambling near Jhuggi’s NIC, Manimajra, Chandigarh, Chandigarh on 13.10.2019. Total cash Rs. 4100/- was recovered from their possession. In this regard, a case FIR No. 222, U/S 13-3-67 Gambling Act has been registered in PS-IT Park, Chandigarh. Later they were released on bail. Investigation of the case is in progress.

One arrested under NDPS Act

Crime Branch of Chandigarh Police arrested Barinder Rai R/o # 1749, Small Flats, Dhanas, Chandigarh Age 45 years, near Small Chowk, Motor Market, Sector-48, Chandigarh and recovered 80 gram heroin from his possession on 13.10.2019. A case FIR No. 130, U/S 21 NDPS Act has been registered in PS-49, Chandigarh. Investigation of the case is in progress.

One arrested under theft

A case FIR No. 363, U/S 379, 411 IPC has been registered in PS-39, Chandigarh on the complaint of Raj Kumar R/o # 1457/A, Sector-41/B, Chandigarh who alleged that Harjot Singh R/o # 6, Tiwana Complex, Sector-41/B, Buterla, Chandigarh had stolen complainant’s bicycle from near his house on night intervening 26/27.09.2019. Complainant caught alleged person with cycle near Public Toilet, Buterla, Sector-41/B, Chandigarh on 13.10.2019. Alleged person Harjot Singh age 18 years has been arrested in this case. Investigation of the case is in progress.

Dowry

A lady resident of Chandigarh alleged that her husband resident of Distt. Yamuna Nagar (HR), harassed complainant to bring more dowry. A case FIR No. 129, U/S 406, 498-A IPC has been registered in PS-Women, Chandigarh. Investigation of case is in progress.

A lady resident of Chandigarh alleged that her husband resident of Zirakpur (PB), harassed complainant to bring more dowry. A case FIR No. 130, U/S 406, 498-A IPC has been registered in PS-Women, Chandigarh. Investigation of case is in progress.

A lady resident of Chandigarh alleged that her husband resident of Sector 40, Chandigarh, harassed complainant to bring more dowry. A case FIR No. 131, U/S 406, 498-A IPC has been registered in PS-Women, Chandigarh. Investigation of case is in progress.

A lady resident of Chandigarh alleged that her husband & others resident of Distt. Kapurthala (PB), harassed complainant to bring more dowry. A case FIR No. 132, U/S 406, 498-A IPC has been registered in PS-Women, Chandigarh. Investigation of case is in progress.

A lady resident of Chandigarh alleged that her husband & others resident of Distt. Ghaziabad (UP), harassed complainant to bring more dowry. A case FIR No. 133, U/S 406, 498-A IPC has been registered in PS-Women, Chandigarh. Investigation of case is in progress.

Accident

A case FIR No. 210, U/S 279, 337 IPC has been registered in PS-11, Chandigarh on the complaint of Parmjeet Kaur R/o # 558, Maloya Colony, Chandigarh against unknown driver of car No. CH02A3461 hit to scooter No. CH03F8946 driven by complainant’s husband Jagdish near Yatri Niwas Chowk, Sector 23/24, Chandigarh on 12.10.2019. Complainant and her husband Jagdish got injured and admitted in GH-16, Chandigarh. Investigation of the case is in progress.

A case FIR No. 180, U/S 279, 337 IPC has been registered in PS-Mauli Jagran, Chandigarh on the complaint of Lalit Kumar R/o # 469, Charan Singh Colony, Mauli Jagran, Chandigarh against unknown driver of car No. HR03C9297 who was sped away after hitting to complainant (Pedestrian) near PS Chowk Mauli Jagran, Chandigarh on 08.10.2019. Complainant got injured and was admitted in PGI, Chandigarh. Investigation of the case is in progress.

A case FIR No. 181, U/S 279, 337 IPC has been registered in PS-Mauli Jagran, Chandigarh on the complaint of Sumit R/o # 107, C-3, Raipur Khurd, Chandigarh against driver of car No. CH01AW6409 namely Satish Kumar R/o # 484, Indira Colony, Sector-16, Panchkula (HR) who hit to complainant’s M/Cycle No. CH01BW0357 near Makhan Majra Bridge, Chandigarh on 12.10.2019. Complainant got injured and admitted in GMCH-32, Chandigarh. Alleged person arrested and later bailed out. Investigation of the case is in progress.

MV Theft

Pawan R/o # 129/A, Aman City, Kharar, Mohali (PB) reported that unknown person stole away complainant’s Activa Scooter No. PB65AL0459 parked near Gate No. 6, Hyatt Hotel, Ph-1, Ind. Area, Chandigarh on 09.10.2019. A case FIR No. 271, U/S 379 IPC has been registered in PS-Ind. Area, Chandigarh. Investigation of case is in progress.

Amul Barman R/o # 609, Milk Colony, Dhanas, Chandigarh reported that unknown person stole away complainant’s Activa Scooter No. CH01AW2612  parked near Raju Meat Shop, DMC, Chandigarh on 08.10.2019. A case FIR No. 166, U/S 379 IPC has been registered in PS-Maloya, Chandigarh. Investigation of case is in progress.