मोक ड्रिल : एनडीआरएफ़ टीम ने बचाए भूकंप में फंसे लोग

पंचकूला 20 अक्तूबर:

उपायुक्त मुकेश कुमार आहूजा ने जिला सचिवालय के सभागार में माॅक ड्रिल के बाद अधिकारियों की बैठक लेकर भूकम्प को लेकर विस्तार से फीड बैक ली और उनके सुझाव आमंत्रित किए।

उपायुक्त नेे कहा कि सभी विभागाध्यक्ष अपने सिस्टम को अलर्ट रखें ताकि भूकम्प आने पर तुरन्त सम्पर्क किया जा सके। उन्होंने कहा कि सिविल डिफेंस कार्यालय में जिला स्तरीय कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए ओर उसका दूरभाष नम्बर भी प्रसारित किया जाए। इसके लिए स्टाफ की रोस्टर अनुसार डयूटी लगाई जाए। होम गार्ड में रैस्क्यू टीम का गठन किया जाए। फायर विभाग में तीन चार लाईने दूरभाष हेतू शामिल की जाए ताकि आसानी से जानकारी हासिल हो सके।
उपायुक्त ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को जिला सचिवालय भवन, अस्पताल आदि का तकनीकी रूप से परीक्षण करने के निर्देश दिए ताकि यह पता चल सके की यह भवन किस लेवल तक के भूकम्प को आसानी से झेल सकता है। इसके अलावा इन भवनों के एमरजेंसी निकासी ओर कोरिडोर बालकाॅनी भी खाली होनी चाहिए।

सैक्टर 1 स्थित जिला सचिवालय में एनडीआरएफ व जिला प्रशासन के सहयोग से भूकम्प को लेकर माॅक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस माॅक ड्रिल में उपायुक्त मुकेश कुमार आहूजा व एनडीआरएफ गाजियाबाद के डिप्टी कमाण्डेंट कुलेश आनन्द ने सभी विभागों के सहयोग से रेसक्यू आपरेशन किया गया। माॅक ड्रिल के दोरान आपातकाल सायरन बजते ही भवन को खाली कर दिया गया और सभी विभागाध्यक्षों ने इंसीडेंट कमाण्डर को अवगत करवाया। अचानक आए भूकम्प में 15 व्यक्ति मलबे में दब गए। उन्हें निकालने के लिए रैस्क्यू किया गया। एनडीआरएफ की टीम ने 8 व्यक्तियों को सकुशल निकाल लिया लेकिन दो व्यक्तियों की कैज्यूलटी हो गई। इसके अलावा सैक्टर 5 स्थित परेड ग्राउंण्ड मेें स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ राहत कैम्प बनाया गया।

बैठक में अवगत करवाया कि आगजनी की घटना होने पर ग्राउण्ड पर लेटकर निकलना चाहिए। क्योंकि धूंआ नीचे से तीन फीट ऊंचाई पर रहता है ओर कोई भी दुर्घटना नहीं होती। इसके लिए विशेषकर महिलाओं  एवं स्वंय सहायता समूहों के प्रतिनिधियों को भी प्रशिक्षण करवाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि माॅक ड्रिल में जनता को शामिल किया जाए ताकि वे भी संवेदनशील हो सके।

एनडीआरएफ के डिप्टी कमाण्डेंट कुलेश आनन्द  ने कहा कि यह हमारी सब की जरूरत है। इसलिए हमें अपनी डयूटी व दायित्वों के प्रति सजग ओर सचेत रहना चाहिए। इसके अलावा जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन एक्शन प्लान बना होना चाहिए जिसमें आवश्यक दिशा निर्देशों के बारे में विस्तार से जानकारी हो ताकि रैस्क्यू के दौरान जान व माल की कम से कम हानि हो।

बैठक में एसडीएम कालका ने माॅक ड्रिल को सार्थक करने पर सभी का आभार जताया ओर हमेशा इस तरह की आपदा से निपटने के लिए तत्पर रहने का आहवान किया। नगराधीश धीरज चहल, जिला राजस्व अधिकारी नरेश कुमार, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी कंवर दमन सिंह, सचिव रैडक्रास, सविता अग्रवाल सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे ओर अपने अपने सुझाव दिये।

फोटो कैप्शन- माॅक ड्रिल के दौरान रोप वे से पीड़ित को निकालते, प्राथमिक उपचार के लिए ले जाते व करते हुए। भूकम्प के दौरान उपयोग किए जाने वाले उपकरणों का अवलोकन करते हुए उपायुक्त मुकेश कुमार आहूजा व डिप्टी कमाण्डेंट कुलेश आनन्द के साथ प्रशासनिक अधिकारी।

माँ कूष्मांडा, माँ भगवती का चौथा स्वरूप सेवा और भक्ति से होती है प्रसन्न

शारदीय नवरात्रि का पर्व चल रहा है। नवरात्रि के चौथे दिन माँ दुर्गा जी के चौथे स्वरुप माँ कूष्मांडा की पूजा होती है। इस दिन साधक  का मन ‘अनाहत’ चक्र में स्थित होता है। अतः इस दिन उसे अत्यंत पवित्र मन से कूष्माण्डा देवी के स्वरुप को ध्यान में रखकर पूजा-उपासना के कार्य में लग्न रहना चाहिए। अपनी मंद, हल्की हंसी द्वारा अण्ड अर्थात ब्रह्माण्ड को उत्पन्न करने के कारण इन्हें कूष्माण्डा देवी के नाम से अभिहित किया गया है। जब सृष्टि का अस्तित्व नहीं था, चारों ओर अन्धकार ही अन्धकार परिव्याप्त था, तब इन्हीं देवी ने अपने ‘ईषत’ हास्य से ब्रह्माण्ड की रचना की थी। अतः यही सृष्टि की आदि-स्वरूपा,आदि शक्ति हैं। धार्मिक विश्वास के अनुसार, इनकी भक्ति से आयु, यश, बल और आरोग्य की वृद्धि होती है। माँ कूष्माण्डा सेवा और भक्ति से प्रसन्न होने वाली माता हैं। इनका वाहन सिंह है।

धर्म/संस्कृति, पंचकुला:

नवरात्र के तीसरे दिन पंचकूला के माता मनसा देवी मंदिर में सुबह से भक्तों का आना लगा रहा। यहां शाम तक करीब 10028 से ज्यादा लोगों ने माता के दर्शन किए। यहां मौजूद एक डाक्टर ने बताया कि सेहत विभाग की टीम द्वारा मंदिर में प्रवेश करने से पहले एक परिवार के एक सदस्य का रैपिड एंटीजन टेस्ट किया जा रहा है। किसी परिवार का कोई व्यक्ति संक्रमित न हो, इसलिए टेस्ट किए जा रहे हैं। माता मनसा देवी मंदिर और काली माता मंदिर कालका में श्रद्धालुओं ने नवरात्र के तीसरे दिन माता के चरणों में 11 लाख 19 हजार 607 रुपये की नकदी श्रद्धालुओं ने चढ़ाई हैै। इसके साथ ही 27 हजार 200 रुपये की राशि ड्राई प्रसाद वितरण में एकत्र हुई है। उपायुक्त एवं मुख्य प्रशासक मुकेश कुमार आहूजा ने बताया कि श्रद्धालुओं ने माता मनसा देवी मंदिर में 71 सिल्वर के नग और काली माता मंदिर में 6 सोने के नग और 4 सिल्वर के नग चढ़ाए हैं। इस प्रकार सोने का वजन 3.93 ग्राम और चांदी का वजन 431.273 ग्राम है

उपायुक्त ने बताया कि माता मनसा देवी पर कुल 9 लाख 4 हजार 168 रुपये और काली माता मंदिर कालका में 2 लाख 15 हजार 439 रुपये की राशि चढ़ाई है। प्रसाद वितरण योजना में माता मनसा देवी मंदिर में 100 ग्राम में 21 हजार 550 रुपये और 200 ग्राम प्रसाद वितरण में 25 हजार 600 रुपये ओर काली माता मंदिर में 100 ग्राम प्रसाद वितरण में 1800 रुपये व 200 ग्राम प्रसाद वितरण में 1600 रुपये की राशि सहित कुल 100 ग्राम प्रसाद वितरण में 23 हजार 500 रुपये और 200 ग्राम वितरण प्रसाद में 27 हजार 200 रुपये की राशि एकत्रित हुई है। तीसरे दिन तक 56 लाख 4 हजार 646 रुपये की राशि चढ़ाई गई।

Panchang

पंचांग, 20 अक्टूबर 2020

आज 20 अक्टूबर को हिंदू पंचांग के अनुसार मंगलवार है. मंगलवार का दिन बजरंगबली को समर्पित होता है. हनुमान जी एक ऐसे देवता हैं जिनकी पूजा में सावधानी बहुत जरूरी है. मंगलवार को अगर सुबह बड़ के पेड़ के एक पत्ते को तोड़कर गंगा जल से धो कर हनुमान जी को अर्पित करें तो धन की आवक बढ़ती है. आर्थिक संकटों से मुक्ति मिलती है. 

विक्रमी संवत्ः 2077, 

शक संवत्ः 1942, 

मासः द्वितीय (शुद्ध) आश्विनी मास, 

पक्षः शुक्ल पक्ष, 

तिथिः चतुर्थी प्रातः 11.19 तक है, 

वारः मंगलवार, 

नक्षत्रः ज्येष्ठा रात्रि 02.12 तक, 

योगः सौभाग्य प्रातः 09.48 तक, 

करणः विष्टि, 

सूर्य राशिः तुला, 

चंद्र राशिः वृश्चिक, 

राहु कालः अपराहन् 3.00 से 4.30 बजे तक, 

सूर्योदयः 06.29, 

सूर्यास्तः 05.42 बजे।

नोटः आज उपांग ललिता व्रत है।

विशेषः आज उत्तर दिशा की यात्रा न करें। अति आवश्यक होने पर मंगलवार को धनिया खाकर, लाल चंदन,मलयागिरि चंदन का दानकर यात्रा करें।

बंगाल में राष्ट्रपति शासन की मांग अनुचित नहीं लेकिन फैसला संविधान अनुसार: अमित शाह

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि राज्यपाल  की रिपोर्ट और संविधान को ध्यान में रखते हुए पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन  लागू करने का फैसला किया जाएगा। अमित शाह ने एक ‘निजी चैनल’ को दिए इंटरव्यू में कहा कि बंगाल में कानून व्यवस्था बिल्कुल चरमराई हुई है और सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही। उन्होंने कहा कि यहां पर विपक्षी नेताओं को मारा जा रहा है और लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। एक सवाल के जवाब में तो उन्होंने यहां तक कह दिया कि बीजेपी नेताओं की राष्ट्रपति शासन की मांग गलत नहीं है।

नयी दिल्ली(ब्यूरो):

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि राज्यपाल जगदीप धनखड़ की रिपोर्ट और संविधान को ध्यान में रखते हुए पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू करने का फैसला किया जाएगा. एक पत्रकार समूह के संपादक के साथ एक खास इंटरव्यू में शाह ने कहा, “मैं स्वीकार करता हूं कि पश्चिम बंगाल में कानून और व्यवस्था की स्थिति खराब है. जहां तक भारत सरकार के राष्ट्रपति शासन लगाने के फैसले लेने का संबंध है, हमें इसके लिए भारतीय संविधान और राज्यपाल ‘साहब’ की रिपोर्ट के माध्यम से इस पर विचार करने की जरूरत है.

शाह की यह टिप्पणी बीजेपी नेताओं कैलाश विजयवर्गीय और बाबुल सुप्रियो की ओर से राज्य में राष्ट्रपति शासन की मांग किये जाने के बाद आई है. शाह ने कहा, “राजनीतिक नेताओं के तौर पर इस मुद्दे पर उनका रुख तार्किक रूप से सही है. बंगाल में कानून और व्यवस्था की स्थिति खराब है.”

“हर जिले में बम बनाने के कारखाने हैं, स्थिति बेहद खराब और हिंसा अभूतपूर्व”

यह पूछे जाने पर कि क्या वे यह कह रहे हैं कि वर्तमान स्थिति राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने के लिए अनुकूल नहीं है, शाह ने कहा, “नहीं, मैंने ऐसा नहीं कहा. मैंने कुल मिलाकर यह कहा कि उनकी मांग में कुछ भी गलत नहीं है.”

बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति, राजनीतिक हत्याओं और विपक्षी नेताओं पर झूठे मामलों में मुकदमे दर्ज करने पर चिंता जताते हुए, शाह ने कहा, “देखिए, पश्चिम बंगाल में कानून और व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है. भ्रष्टाचार अपने चरम पर है. हर जिले में बम बनाने के कारखाने हैं. स्थिति बेहद खराब है और हिंसा अभूतपूर्व है. ऐसी स्थिति किसी अन्य राज्य में नहीं है. पहले ऐसी हिंसा केरल में होती थी, लेकिन वहां भी स्थिति अब नियंत्रण में है. यह स्थिति चिंताजनक है.”

डेरेक ओब्रायन ने बयान पर की तल्ख टिप्पणी

वहीं शाह की इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए, राज्यसभा में टीएमसी संसदीय दल के नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा, ”मौत की गिनती ‘बढ़ाने की अपनी हताशा में, बीजेपी अब’ राजनीतिक हत्या ‘के रूप में टीबी या कैंसर से होने वाली मौत को भी गिनने की कोशिश कर रही है. वह पहले अपनी बंगाल इकाई में अंदर ही अंदर चल रही लड़ाई पर बात क्यों नहीं करते? उन्हें सीपीएम के दौर के बंगाल के इतिहास का अध्ययन करना चाहिए ताकि यह समझ सकें कि राज्य कितना आगे आ गया है. तृणमूल शांति और सद्भाव के लिए प्रतिबद्ध है. हो सकता है कि अमित शाह जी को अपना ध्यान यूपी और गुजरात पर लगाना चाहिए. आखिरकार राजनीतिक हत्याएं’ एक ऐसा विषय है जिसे वे अच्छी तरह से जानते हैं.”

तृतीय नवरात्र माँ चंद्रघंटा – आसुरी शक्तियों से रक्षा करतीं हैं

नवरात्रि की तृतीया को होती है देवी चंद्रघंटा की उपासना। मां चंद्रघंटा का रूप बहुत ही सौम्य है। मां को सुगंधप्रिय है। उनका वाहन सिंह है। उनके दस हाथ हैं। हर हाथ में अलग-अलग शस्त्र हैं। वे आसुरी शक्तियों से रक्षा करती हैं। माँ चंद्रघंटा की आराधना करने वालों का अहंकार नष्ट होता है और उनको सौभाग्य, शांति और वैभव की प्राप्ति होती है।

धर्म/संस्कृति, पंचकूला:

नवरात्र के दूसरे दिन भी माता मनसा देवी मंदिर में सुबह से ही भक्तों का आनाजाना शुरू हो गया। कई श्रद्धालु तो रात से ही लाइन में लग गए और सुबह दर्शन करके गए। अबकी बार मंदिर कमेटी ने यहां घंटी बजाने और ढोल बजाने की इलेक्ट्रानिक व्यवस्था की है। शनिवार और रविवार को 34566 से ज्यादा भक्तों की भीड़ मंदिर में माता के दर्शन करने के लिए पहुंची। माता के मंदिर में जाने वाले परिवारों में से एक का कोरोना टेस्ट किया गया। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने यहां सुविधा प्रदान की है।

नवरात्र के दूसरे दिन पंचकूला के माता मनसा देवी मंदिर में सुबह से भक्तों का आना लगा रहा। यहां शाम तक करीब दस हजार से ज्यादा लोगों ने माता के दर्शन किए। यहां मौजूद एक डॉक्टर ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा मंदिर में प्रवेश करने से पहले एक परिवार के एक सदस्य का रैपिड एंटीजन टेस्ट किया जा रहा है। इसका उद्देश्य है कि पता लगाया जा सके कि किसी परिवार का कोई व्यक्ति संक्रमित तो नहीं।

44 लाख 85 हजार 39 रुपये का आया चढ़ावा

माता मनसा देवी मंदिर और काली माता मंदिर कालका में श्रद्धालुओं ने नवरात्र के दूसरे दिन माता के चरणों में 21 लाख 5 हजार 152 रुपए की नकद चढ़ावा चढ़ाया। इसके अलावा 50 हजार 700 रुपये की राशि प्रसाद वितरण से एकत्रित हुई है। उपायुक्त एवं मुख्य प्रशासक मुकेश कुमार आहूजा ने बताया कि श्रद्धालुओं ने माता मनसा देवी मंदिर में 17 सोने के नग और 85 चांदी के नग और काली माता मंदिर में तीन सोने के नग और 62 चांदी के नग चढ़ाए हैं। सोने का वजन 18.946 ग्राम और चांदी का वजन 898.06 ग्राम है। उन्होंने बताया कि माता मनसा देवी में कुल 17 लाख 59 हजार 657 रुपये और काली माता मंदिर कालका में 3 लाख 45 हजार 495 रुपये की राशि चढ़ाई है। प्रसाद वितरण योजना में माता मनसा देवी मंदिर में 100 ग्राम में 27 हजार 950 रुपये और 200 ग्राम प्रसाद वितरण में 17400 रुपये जबकि काली माता मंदिर में 100 ग्राम प्रसाद वितरण में 2750 रुपये और 200 ग्राम प्रसाद वितरण में 2600 रुपये की राशि के साथ कुल 100 ग्राम प्रसाद वितरण में 30700 रुपये और 200 ग्राम वितरण प्रसाद में 20 हजार रुपये की राशि एकत्र हुई है। इसके साथ ही इंग्लैंड से पांच पौंड भी माता के चरणों में चढ़ाए गए हैं। उन्होंने बताया कि कालका में अब तक लगभग 8 हजार और माता मनसा देवी मंदिर में करीब 34566 श्रद्धालुओं का आगमन हुआ है। दूसरे दिन तक 44 लाख 85 हजार 39 रुपये की राशि चढ़ाई गई है।

साप्ताहिक रशीफ़ल – 19 से 25 अक्टूबर 2020

Aries

19 अक्टूबर 2020 से 25 अक्टूबर 2020: इस सप्ताह चंद्रमा आपके वृश्चिक, धनु, मकर और कुम्भ राशि में गोचर करेंगे और इसके साथ ही इस सप्ताह के मध्य में शुक्र ग्रह का गोचर भी षष्टम भाव में होगा।

सप्ताह की शुरुआत चंद्रमा के अष्टम भाव में गोचर से होगी, इस गोचरीय काल में आप अपनी सेहत को लेकर परेशान हो सकते हैं। इसके अलावा कुछ मानसिक चिंताएं भी आपको रहेंगी, इसीलिए आपको अपने स्वास्थ्य का बेहद ध्यान रखना होगा। योग और आध्यात्म को अपने जीवन में जगह देना इस समय आपके लिए लाभदायक रहेगा, आपकी कई परेशानियां इससे दूर हो सकती हैं। इस गोचर के कारण विदेश से जुड़े कार्यों में रुकावट आ सकती है।

सप्ताह के अगले भाग में चंद्रमा का गोचर आपके नवम भाव में होगा। चंद्रमा के इस भाव में होने से आपकी धार्मिक प्रवृत्ति में इज़ाफा होगा। आपका मन धर्म-कर्म के कार्यों और पूजा-पाठ आदि में लग सकता है। इस दौरान मेष राशि के जातकों को भाग्य का भी पूरा साथ मिलेगा और आपके अधिकतर कार्य बनते चले जाएंगे। पारिवारिक जीवन में भी संतुलन बना रहेगा और घरवालों का साथ हर काम में मिलेगा। सप्ताह के इस भाग में आप मानसिक तौर पर संतुष्ट रहेंगे।

इसके बाद चंद्रमा आपके दशम भाव में प्रवेश कर जाएंगे। इस भाव को कर्म भाव भी कहा जाता है। इस समय आप अपने कार्यक्षेत्र में हर कार्य को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करेंगे और आपकी कार्य करने की गति भी अच्छी रहेगी। सप्ताह के इस भाग में आपको अपने पेशेवर क्षमताओं को दिखाने और अपनी नयी पहचान बनाने का पूरा मौका मिलेगा। इसीलिए जो भी कार्य आप करें उसमें अपना बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करें।

सप्ताह के अंत में जब चंद्र देव आपके एकादश भाव में होंगे तो आपका आर्थिक पक्ष सुधरेगा और आपको धन कमाने के आपको नए स्रोत मिल सकते हैं। साथ ही इस दौरान अपने बड़े भाई-बहनों का भी पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा। आपके द्वारा की मेहनत रंग लाएगी और रुके हुए काम इस दौरान पूरे हो सकते हैं। सामाजिक जीवन में भी आपको अच्छे फलों की प्राप्ति होगी और पुराने दोस्तों से मुलाकात भी हो सकती है।

चंद्रमा के अलावा इस सप्ताह में शुक्र ग्रह भी राशि परिवर्तन करेगा। शुक्र आपके छठे भाव में विराजमान होगा। शुक्र के स्थान परिवर्तन होने के कारण आपके भौतिक सुखों में कमी भी आ सकती है। इसीलिए इस समय धैर्य रखें और मानसिक शांति के लिए अध्यात्म को अपने जीवन से जोड़े। आप इस समय नए कार्यों की योजना भी बनाएँगे।

उपाय – हनुमान चालीसा का नियमित रूप से पाठ करें।

Taurus

19 अक्टूबर 2020 से 25 अक्टूबर 2020: शुक्र की स्वामित्व वाली वृषभ राशि के जातकों के लिये चंद्रमा का गोचर इस सप्ताह सप्तम, अष्टम, नवम और दशम भाव में होगा। वहीं शुक्र देव आपके पंचम भाव में गोचर करेंगे।

सप्तम भाव में चंद्रमा के गोचर से वैवाहिक जीवन और प्रेम जीवन में आपको अच्छे फलों की प्राप्ति होगी। यदि जीवनसाथी के साथ यदि कोई पुराना मतभेद था, तो वो इस दौरान दूर हो सकता है। यह गोचर आपके पार्टनर को उनके कार्यक्षेत्र में उपलब्धि भी दिला सकता है।

इसके बाद चंद्र देव अष्टम भाव में गोचर करेंगे, यह समय आपके लिए चुनौतियों से भरा रहेगा। सप्ताह के पहले दो दिनों मे आपको स्वास्थ्य के साथ-साथ कार्यक्षेत्र में भी थोड़ी बहुत परेशानियां दिखने को मिल सकती है। इस दौरान कोई भी फैसला लेने से पहले आपको घर के बड़े-बुजुर्गों या किसी सीनियर से सलाह अवश्य लेनी चाहिये। साथ ही आपको अपनी सेहत का भी ध्यान रखना होगा।

सप्ताह के अगले भाग में चंद्रमा का गोचर आपके नवम भाव में होगा। इस समय आपका ध्यान अपनी नियमित दिनचर्या की तरफ रहेगा। आपको भाग्य का भी पूरा साथ मिल सकता है। इस दौरान किसी से भी बात करते दौरान मर्यादा रूपी सीमा का उल्लंघन न करें। और साथ ही अपने जिद्दी रवैये पर यदि काबू रखेंगे, तो कई परेशानियां खुद-ब-खुद दूर हो सकती हैं।

सप्ताह का अंत दशम भाव में चंद्र के गोचर से होगा, यह गोचरीय स्थिति आपके लिए अनुकूल रहेगी। आप इस दौरान कुछ नया करने के लिए प्रेरित रहेंगे और अपनी सीमाओं से आगे बढ़कर कुछ नया करने की कोशिश करेंगे। इस समय कार्यक्षेत्र में आपको मान-प्रतिष्ठा प्राप्त हो सकती है। इस राशि के छात्र जितना सोच रहें थे, उससे कहीं ज़्यादा सफलता उन्हें मिलेगी।

शुक्र देव के पंचम भाव में गोचर के कारण इस हफ्ते आपको कार्यक्षेत्र में उन्नति मिलेगी और आप अपने काम को लेकर पहले से ज़्यादा गंभीर रहेंगे। इस दौरान जो लोग विदेशों से व्यापार आदि करते हैं, उन्हें भी बिज़नेस में अच्छी बढ़ोत्तरी दिखने को मिलेगी। कुल मिलाकर यह सप्ताह आपके लिए ठीक रहने वाला है।

उपाय – ग़रीबों की सेवा करें व ज़रूरतमंदों को अनाज दान करें।

Gemini

19 अक्टूबर 2020 से 25 अक्टूबर 2020: चंद्रमा के गोचर के चलते इस सप्ताह आपके षष्टम, सप्तम, अष्टम और नवम भाव सक्रिय अवस्था में रहेंगे, वहीं शुक्र देव आपके चतुर्थ भाव में गोचर करेंगे।

चंद्रमा के गोचर की बात की जाए तो सप्ताह की शुरुआत में चंद्रमा आपके षष्ठम भाव में रहेगा। यह गोचरीय स्थिति आपके लिए परेशानियों भरी रहेगी। आपका गुस्सा आपके नुकसान का कारण बन सकता है, इसीलिए गुस्से पर नियंत्रण रखें और तुरंत प्रतिक्रिया देने से बचें। इस दौरान आपकी सेहत में कमी देखी जाएगी, जिसके चलते आप परेशान रहेंगे। कोई पुरानी समस्या फिर से जागृत हो सकती है।

सप्ताह के अगले भाग में चंद्र देव आपके सप्तम भाव में गोचर करेंगे, तो वैवाहिक जीवन में आपको शुभ फलों की प्राप्ति होगी। इस दौरान आप किसी मांगलिक कार्यक्रम का हिस्सा भी बन सकते हैं और साथ ही आप उन लोगों से मिल सकते या बात कर सकते हैं, जिनसे आपकी लम्बे समय से बातचीत नहीं हुई है। सप्ताह के अंतिम तीन दिनों में आपको व्यापार में काफी बढ़त मिल सकती है। साझेदार आपकी बातों को समझेंगे और आपका समर्थन करेंगे।

इसके बाद चंद्र देव आपके अष्टम भाव में गोचर करेंगे, यह समय आपके लिए चुनौतियों से भरा रहेगा। आपको स्वास्थ्य के साथ-साथ कार्यक्षेत्र में भी किसी न किसी प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान कोई भी फैसला आपको जल्दबाज़ी में नहीं लेना चाहिए।

सप्ताह के अंत में चंद्रमा का गोचर आपके नवम भाव में होगा, इस दौरान बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद आपके बिगड़ते कामों को भी बना सकता है। उनकी सेवा करने से आपको शुभ फलों कि प्राप्ति होगी। इस दौरान प्रेम जीवन भी अच्छा रहेगा और प्रेमी हर कार्य में आपका सहयोग करेगा।

इस सप्ताह शुक्र देव का गोचर आपके चतुर्थ भाव में होगा, यह गोचर आपके लिए कई खुशखबरियां लेकर आ सकता है। आप जो भी कार्य करेंगे उसमें बढ़ोतरी मिलेगी। आपका आत्मबल इस गोचर के चलते शिखर पर रहेगा, जो आपको उपलब्धियाँ दिलाएगा। प्रेम जीवन में सुधार होगा और बिगड़े हुए कार्य भी बनने लगेंगे।

उपाय- शुभ फलों की प्राप्ति के लिए हरी वस्तुओं का दान करें।

Cancer

19 अक्टूबर 2020 से 25 अक्टूबर 2020: इस सप्ताह की शुरुआत में चंद्र देव आपके पंचम भाव में विराजमान रहेंगे और उसके बाद षष्ठम, सप्तम और अष्टम भाव में गोचर करेंगे। शुक्र देव का गोचर इस सप्ताह आपके तृतीय भाव में होगा।

चंद्रमा के गोचर की बात की जाए तो सप्ताह की शुरुआत में चंद्रमा आपके पंचम भाव में रहेगा। यह गोचरीय स्थिति आपके लिए अच्छी रहेगी। आपके प्रेम संबंधों में सुधार हो सकता है। इस दौरान संतान के प्रति आप अधिक भावुक रहेंगे। बच्चों के साथ प्रेम और स्नेह में वृद्धि होगी। आप अपने परिवारवालों के साथ मन की बातें साझा करेंगे। हफ्ते के पहले भाग में आप अपनी आमदनी में बढ़ोतरी के प्रयास करेंगे।

सप्ताह के अगले भाग में चंद्रमा आपके षष्ठम भाव में रहेगा। इस दौरान आपकी माता जी को स्वास्थ्य कष्ट हो सकता है। इसीलिए उनकी सेहत का ध्यान रखें और समय पर चिकित्सक से सलाह लें। पारिवारिक वाद-विवाद होने की आशंका हैं। इस समय आपके विरोधी भी प्रबल होंगे। इन सभी परिस्थितियों की वजह से मानसिक तनाव में वृद्धि होगी।

सप्ताह के मध्य में चंद्र देव आपके सप्तम भाव में गोचर करेंगे, जिससे वैवाहिक जीवन में तनाव की वृद्धि होगी। परिवार में किसी नए कार्य की शुरुआत हो सकती है और आपको बेहद खुशी मिलेगी। हालाँकि आपको किसी अन्य कारण से मानसिक चिंता बनी रहेगी।

सप्ताह के अंत में चंद्र देव आपके अष्टम भाव में होंगे। यह समय आपके लिए अनुकूल नहीं कहा जा सकता है। इस अवधि में आपको अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना होगा और उसके प्रति सचेत रहना आवश्यक होगा, नहीं तो आने वाले समय कष्टकारी हो सकता है। आपकी माता जी को भी कुछ कष्ट हो सकता है, इसीलिए उनका ध्यान रखें। आपकी मुलाकात ससुराल पक्ष के लोगों से भी हो सकती है। इस दौरान आपको हर फैसला बहुत शांति से लेने की जरुरत है।

इस सप्ताह शुक्र देव का गोचर आपके तृतीय भाव में होगा, यह गोचर आपके पराक्रम में बढ़ोत्तरी करेगा, लेकिन मानसिक दबाव रह सकता है। इस दौरान आपको अपने छोटे भाइयों का सहयोग मिलेगा।

उपाय- शिव जी की आराधना करें व सफ़ेद वस्तु दान करें।

Leo

19 अक्टूबर 2020 से 25 अक्टूबर 2020: इस सप्ताह की शुरुआत में चंद्र देव आपके चतुर्थ भाव में विराजमान रहेंगे और उसके बाद पंचम, षष्टम और सप्तम भाव में गोचर करेंगे। शुक्र देव का गोचर इस सप्ताह आपके द्वितीय भाव में होगा।

चंद्रमा इस सप्ताह की शुरुआत में आपके चतुर्थ भाव में रहेगा, चंद्रमा की इस स्थिति के कारण आपकी माता को स्वास्थ्य समस्या हो सकती है, इसीलिए आपको उनकी सेहत को लेकर सावधानी बरतनी की ज़रूरत है। इस दौरान आपके पारिवारिक जीवन में कुछ दिक्कतें आ सकती हैं, जिनका सामना आपको धैर्य से करना होगा। खर्च में अधिकता होगी, जिसकी वजह से मानसिक तनाव में इज़ाफा हो सकता है।

सप्ताह के अगले भाग में चंद्रमा का गोचर आपके पंचम भाव में होगा। इस दौरान सिंह राशि के विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्धि हासिल होगी। आपकी आध्यात्मिक विषयों में रुचि बढ़ेगी और आप धर्म-कर्म के कार्यों में अधिक मन लगाएंगे। इससे मानसिक तौर पर मज़बूती हासिल करने में आपको मदद मिलेगी।

सप्ताह के मध्य में चंद्रमा आपके षष्टम भाव में प्रवेश करेंगे। इस समय आपकी सेहत अच्छी रहेगी और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी। आप शारीरिक और मानसिक तौर पर मज़बूत रहेंगे। आप अपने सभी कार्य ठीक से और समय पर करेंगे, इसके साथ ही शत्रुओं पर भी हावी रहेंगे।

सप्ताह के अंत में चंद्रमा का गोचर आपके सप्तम भाव में होने से दांपत्य जीवन में सकारात्मक बदलाव आएँगे। अपने साथी के साथ समय बिताने का प्लान भी इस दौरान बना सकते हैं। यदि साझेदारी में बिज़नेस करते हैं तो इस समयावधि में आप नुकसान को भी फायदे में बदल सकते हैं। बिज़नेस से जुड़े आप कई समस्याओं का समाधान निकाल सकते हैं और साझेदार आपका फायदा करा सकता है। कुछ लोग नये व्यापार की शुरुआत भी कर सकते हैं।

इस सप्ताह शुक्र देव का गोचर आपकी राशि से द्वितीय भाव में होगा, इससे आपको भौतिक सुखों की प्राप्ति होगी और कुछ नए मित्र भी बन सकते हैं। इस दौरान सोच-समझ कर यात्रा करें और यात्रा के दौरान सभी ज़रूरी दस्तावेज़ अपने साथ रखें। सिंह राशि वाले जातक जो व्यापार करते हैं उन्हें इस गोचर से लाभ की प्राप्ति होगी।

उपाय – सूर्य भगवान को रोज़ाना जल अर्पित करें।

Virgo

19 अक्टूबर 2020 से 25 अक्टूबर 2020: इस सप्ताह की शुरुआत में चंद्र देव आपके तृतीय भाव में विराजमान रहेंगे और उसके बाद चतुर्थ, पंचम और षष्टम भाव में गोचर करेंगे। शुक्र देव का गोचर इस सप्ताह आपके लग्न भाव यानि प्रथम भाव में होगा।

सप्ताह की शुरुआत में चंद्र देव आपके तृतीय भाव में स्थित रहेंगे। चंद्रमा के इस भाव में विराजमान होने से आपको भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा। इस दौरान आपके साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी और हर कार्य पूरी ईमानदारी व मेहनत से समय पर पूरा करेंगे। इस समय आप छोटी दूरी की यात्रा पर भी जा सकते हैं। आपकी कम्युनिकेशन स्किल से आपको लाभ मिलेगा।

इसके बाद चंद्रमा का गोचर आपके चतुर्थ भाव में होगा इससे आपकी माता का स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। आपकी घरेलू कार्यों में व्यस्तता बढ़ेगी और आप घर की साज-सज्जा पर भी कुछ पैसे खर्च कर सकते हैं। इस समय आपके परिवार का वातावरण अच्छा रहेगा। सभी सदस्यों में प्रेम भाव रहेगा। आप सप्ताह के इस भाग में कोई प्रॉपर्टी खरीदने का भी विचार बना सकते हैं।

सप्ताह के मध्य में चंद्रमा आपके पंचम भाव में स्थित रहेगा। यह सप्ताह विद्यार्थियों के लिए बहुत अच्छा साबित होगा। आपके रुके हुए कार्य इस दौरान बनने लगेंगे और नए कामों के लिए बनाई गयी योजनाओं में भी सफलता मिलेगी। आपकी मेहनत और भाग्य आपका साथ देंगे, इसीलिए इस समय को पूरी तरह भुनाने की कोशिश करें।

सप्ताह के अंत में चंद्रमा का गोचर आपके षष्टम भाव में होगा। इस समय आपको अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना होगा। आपको किसी प्रकार की शारीरिक समस्या हो सकती है। इस दौरान किसी भी कार्य या योजना में जल्दबाज़ी ना करें, नहीं तो बनते कार्य भी बिगड़ सकते हैं।

चंद्रमा के अलावा इस सप्ताह शुक्र का गोचर आपके लग्न यानि प्रथम भाव में होगा, इस गोचर काल के दौरान आपको अपने व्यापार में बढ़ोत्तरी दिखने को मिलेगी। विवाहित जीवन में पति/पत्नी के साथ अच्छा मेल-मिलाप रहेगा। शुक्र के इस गोचर से आपको वाहन सुख की प्राप्ति भी हो सकती है।

उपाय – साबुत मूँग का दान करें।

Libra

19 अक्टूबर 2020 से 25 अक्टूबर 2020: चंद्रमा के गोचर से तुला राशि के जातकों के द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ और पंचम भाव इस सप्ताह सक्रिय अवस्था में रहेंगे। वहीं शुक्र ग्रह का गोचर आपके द्वादश भाव में होगा।

सप्ताह की शुरुआत में चंद्रमा आपके दूसरे भाव में विराजमान होगा, इस दौरान आपके पारिवारिक जीवन में प्रेम की अधिकता होगी। सभी लोग प्रेम भाव से मिलजुल कर रहेंगे। इस दौरान आप सभी प्रकार के मानसिक तनाव से मुक्त रहेंगे और आपकी वाणी में मिठास बढ़ेगी। आपको अच्छे-अच्छे व्यंजन खाने का मौका मिलेगा। आपके घर में इस सप्ताह कोई शुभ मांगलिक कार्य भी होने की संभावना है।

सप्ताह के अगले भाग में चंद्रमा का गोचर आपके तृतीय भाव में होगा। भाई-बहनों के द्वारा आपको लाभ और समर्थन मिलने की संभावना है। इस दौरान आपके साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी। आप जो भी कार्य करेंगे, उसमें आपको तरक्की मिलेगी और लाभ होगा। इस अवधि में आप किसी यात्रा पर भी जा सकते हैं।
सप्ताह के मध्य भाग में चंद्र-देव चतुर्थ भाव में प्रवेश करेंगे, जिससे परिवार में ख़ुशियाँ आएँगी। इस समय आप घरेलू चीज़ों पर काफी पैसा ख़र्चा कर सकते हैं। साथ ही आप नई प्रॉपर्टी खरीदने की दिशा में भी काफी प्रयास करेंगे। आपकी माता जी का स्वास्थ्य सामान्य रहेगा और आप दोनों के रिश्तों में और भी मज़बूती आएगी।

हफ्ते के अंत में चंद्रमा आपके पंचम भाव में स्थित होगा। इस गोचर की वजह से संतान पक्ष की ओर से आपको कोई कष्ट मिल सकता है। उनकी किसी आदत या हरकत को देखते हुए आप चिंतित रह सकते हैं। तुला राशि के छात्रों को पढ़ाई में रुकावट का सामना करना पड़ सकता है। आपका अच्छा खासा धन घरेलू कार्यों पर भी खर्च होगा। हालाँकि आपकी आमदनी में इस दौरान बढ़ोतरी देखी जा सकती है।

शुक्र का गोचर आपके द्वादश भाव में होने से आपके नये मित्र बनने के योग दिख रहे हैं। संतान पक्ष की ओर से आ रही परेशानियों में सुधार दिखने को मिलेगा। प्रेम जीवन में भावनात्मक रूप से साथी के और निकट में आने की संभावना है। इस गोचरीय काल के दौरान बाहरी लोगों का भी आपको सहयोग मिलेगा।

उपाय – पूरे विधि-विधान के साथ कुल देवी की पूजा करें।

Scorpio

19 अक्टूबर 2020 से 25 अक्टूबर 2020: चंद्रमा इस सप्ताह की शुरुआत में आपके लगन या प्रथम भाव में रहेगा और उसके बाद द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ भाव में गोचर करेगा। वहीं शुक्र देव का गोचर आपकी राशि से एकादश भाव में होगा।

आपके प्रथम भाव में चंद्रमा के गोचर के दौरान आपके मन में अजीब सी व्याकुलता रहेगी। इस दौरान आप खुद के व्यवहार के कारण अपनों से रिश्तों पर बुरा असर डाल सकते हैं। आप मानसिक रूप से काफ़ी भावुक होंगे, इसीलिए आपको अपनी भावनाओं और व्यवहार को काबू में रखना होगा, नहीं तो आप अपने बनते काम भी बिगाड़ देंगे। आप खुद को भावनात्मक रुप से कमजोर महसूस कर सकते हैं, इसीलिए किसी भी तरह का फैसला लेने से इस दौरान आपको बचना चाहिए।
सप्ताह के अगले भाग में चंद्रमा का गोचर आपके द्वितीय भाव में होगा। इस समय आप धन संचय करने में सफल हो सकते हैं। कुटुंब के साथ आपके रिश्तों में उतार-चढ़ाव की स्थिति उत्पन्न होने की संभावना है। हालाँकि आपके परिवार के लोगों के साथ आपसी तालमेल बेहतर होगा।

सप्ताह के मध्य भाग में चंद्र देव आपके तृतीय भाव में प्रवेश करेंगे। इस दौरान आपको छोटे भाई-बहनों से मदद मिलेगी। आपके द्वारा की जाने वाली छोटी दूरी की यात्राओं से आपको सफलता मिलेगी। इस समय भाग्य का साथ कम मिलेगा, आपका अपने निजी प्रयासों से ही काम बनेगा। प्रेम जीवन में चल रही परेशानियों में सुधार दिखने को मिलेगा।

सप्ताह के अंत में चंद्रमा का चतुर्थ भाव में गोचर होगा। इस दौरान आपकी माता जी के स्वास्थ्य में सुधार देखने को मिलेगा। उनकी पुरानी बीमारियों और शारीरिक समस्याओं में राहत मिलेगी। आप इस गोचरीय काल में वाहन लेने का सोच सकते हैं। आपके निजी कार्यों में भी सुधार होगा।

इस सप्ताह शुक्र का गोचर आपके एकादश भाव में होने से आपको पहले की तुलना में अधिक लाभ मिलने की संभावना है। हालाँकि आप इस दौरान अपने फ़िजूल ख़र्चों पर लगाम नहीं लगाएंगे, जिसकी वजह से आपके काफी पैसे खर्च होंगे। यह समय सट्टेबाज़ी के लिए अच्छा है, लेकिन हम आपको सलाह देंगे कि सट्टा आदि से दूर ही रहें।

उपाय- दिन में तीन बार हनुमानाष्टक का पाठ करें व हनुमान जी को भोग चढ़ाएं।

Sagittarius

19 अक्टूबर 2020 से 25 अक्टूबर 2020: चंद्रमा इस सप्ताह की शुरुआत में आपके द्वादश भाव में रहेगा और उसके बाद प्रथम, द्वितीय और तृतीय भाव में गोचर करेगा। वहीं शुक्र देव का गोचर आपकी राशि से दशम भाव में होगा।

सप्ताह की शुरुआत में चंद्रमा में आपके द्वादश भाव में गोचर करेगा। इस गोचरीय काल में आप सुख-सुविधाओं में लिप्त रहेंगे। आपके ख़र्चों में अप्रत्याशित वृद्धि देखी जाएगी। इस दौरान आप कोर्ट-कचहरी के कामों पर काफ़ी पैसा ख़र्च कर सकते हैं। आपके शत्रु भी इस समय सबल रहेंगे। आपके किसी अनचाही यात्रा पर जाने के भी योग हैं। इस दौरान आपको कहीं भी जाने से पहले अपने सभी दस्तावेज़ संभाल कर रखने चाहिए और क्रोध में आकर कोई भी निर्णय नहीं लेना चाहिए।
अगले भाग में चंद्रमा का गोचर आपके प्रथम भाव में होगा। इस समय आपके जीवन में मानसिक चिंता बनी रहेगी। आपकी सेहत भी आपका साथ नहीं देगी और स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव दिखने को मिलेगा। हालाँकि आपके परिवार वाले इस मुश्किल घड़ी में आपका साथ देंगे और सहारा बनेंगे।

सप्ताह के मध्य में चंद्र देव आपके दूसरे भाव में गोचर करेंगे। कुटुंब के प्रति आपकी स्नेह की भावना में बढ़ोतरी होगी। इस समय आप धन संचय करने में सफल रहेंगे। आपकी वाणी में इस गोचरीय काल के दौरान मिठास रहेगी। आपके जीभ को अच्छे भोजन का सुख मिलेगा। वैवाहिक जीवन में पति-पत्नी या अपने प्रेमी के साथ कही घूमने जा सकते हैं। यह समय आपके प्रेम में बढ़ोतरी करेगा।

हफ्ते के अंतिम भाग में आपको हर कार्य में सफलता मिलेगी। और भी अच्छे परिणाम पाने के लिए आप अपने प्रयासों में वृद्धि करेंगे। इस समय छोटे भाई-बहनों को आप पूरा सहयोग करेंगे और उनकी देखभाल करेंगे। आपको भी उनसे स्नेह सम्मान मिलेगा।

इस सप्ताह शुक्र का गोचर आपके दशम भाव में होगा। इस दौरान आपके व्यापार में वृद्धि देखने को मिलेगी। काम के सिलसिले में लम्बी यात्रा के आसार भी बनेंगे। यह समय रुके हुए कार्य को पूरा करने के लिए बेहतरीन है, इसीलिए आपके जितने भी अधूरे पड़े काम हैं, उनको पूरा कर लें।

उपाय- पीली वस्तुओं का दान करें।

Capricorn

19 अक्टूबर 2020 से 25 अक्टूबर 2020: चंद्रमा इस सप्ताह की शुरुआत में आपके एकादश भाव में रहेगा और उसके बाद द्वादश, प्रथम और द्वितीय भाव में गोचर करेगा। वहीं शुक्र देव का गोचर आपकी राशि से नवम भाव में होगा।

सप्ताह की शुरुआत में चंद्रमा आपके एकादश भाव में रहेगा। एकादश भाव को लाभ भाव भी कहा जाता है और इस भाव में चंद्रमा के गोचर से आपको कई शुभ फलों की प्राप्ति होगी। यह समय नौकरीपेशा लोगों के लिए बेहतरीन है, उनकी मेहनत इस दौरान रंग लाएगी और आपकी प्रगति होगी। आपके बड़े भाई-बहनों का भी इस दौरान आपको पूरा सहयोग मिलेगा। कार्यस्थल पर वरिष्ठ अधिकारियों से बेहतर संबंध बनेंगे और वे आपके काम को सराहेंगे। इस समय आमदनी में बढ़ोतरी होगी और आर्थिक समस्याएं दूर होंगी।

सप्ताह के मध्य में चंद्रमा का गोचर आपकी राशि से द्वादश भाव में होने से आपका स्वास्थ्य कमजोर रह सकता है। सर्दी-जुकाम और बुखार आदि होने की संभावना है। इसीलिए दौरान अपने स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखें। काम के सिलसिले में यात्रा करने का मौका मिलेगा। आपके विरोधी सक्रिय रहेंगे, उनसे सावधान रहें और किसी तरह की चालाकी या गलत कार्य करने से बचें। इस समय आप मानसिक रूप से कमजोर महसूस करेंगे।

सप्ताह के अगले भाग में चंद्र देव लग्न भाव में होंगे, जिसके चलते आपका काम में मन लगेगा और आपको कार्य क्षेत्र में सफलता मिलेगी। अपने काम करने के तरीके से आप आसपास के लोगों को प्रभावित कर सकते हैं। दांपत्य जीवन के लिए भी यह समय शुभ है। पति-पत्नी के बीच प्रेम में वृद्धि होगी और आपका मन प्रसन्न रहेगा।

सप्ताह का अंत चंद्रमा के द्वितीय भाव में गोचर से होगा। आप अपने निजी प्रयासों से सफलता अर्जित करेंगे। इस समय धन से जुड़े मामलों में आपकी सफलता होगी। काम के सिलसिले में अच्छे योग बनेंगे और नौकरी करने वाले जातकों को कार्यक्षेत्र में लाभ मिलेगा। इस दौरान परिवार के साथ मिलकर आप कोई महत्वपूर्ण निर्णय भी ले सकते हैं।

शुक्र का गोचर आपके नवम भाव में होने से बिगड़े हुए कार्य वापस बनने लगेंगे। आपको धन लाभ भी होने की संभावना है, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति सुधरेगी और आप पुराने बिल और कर्जों को आसानी से चुकता कर पाएंगे। सामाजिक कार्यों में भी आपकी सहभागिता रहेगी।

उपाय- जल में तिल डाल कर उसे पीपल के वृक्ष को अर्पित करें।

Aquarius

19 अक्टूबर 2020 से 25 अक्टूबर 2020: चंद्रमा इस सप्ताह की शुरुआत में आपके दशम भाव में रहेगा और उसके बाद एकादश, द्वादश और प्रथम भाव में गोचर करेगा। वहीं शुक्र देव का गोचर आपकी राशि से अष्टम भाव में होगा।

सप्ताह की शुरुआत दशम भाव में चंद्र के गोचर से होगी, इस भाव को कर्म भाव भी कहा जाता है। यह गोचरीय स्थिति आपके कार्यक्षेत्र में उतार-चढ़ाव लेकर आएगी और अपनी सीमाओं को तोड़कर कुछ नया करने की कोशिश करेंगे। यह समय कठिन प्रयासों का है, मेहनत के बल पर ही आप थोड़ी बहुत सफलता पा सकते हैं। इस दौरान मन में किसी बात की उलझन रहेगी और आपको मानसिक तनाव रह सकता है, जिसके चलते काम से कभी-कभी आपका मन भटक सकता है।

इसके बाद चंद्रमा का गोचर आपके एकादश भाव में होगा। आपको इस दौरान गुप्त तरीकों से धन लाभ होगा और पुराने नुक़सान को आप फायदे में बदल सकते हैं। इस गोचरीय स्थिति में आप अपने स्वास्थ्य को लेकर परेशान हो सकते हैं। कुछ मानसिक चिंताएं भी आपको रहेंगी। इस समय योग और आध्यात्म को अपने जीवन में जगह देना आपके लिए लाभदायक रहेगा, आपकी कई परेशानियां इससे दूर हो सकती हैं। ससुराल पक्ष से लाभ या कोई भेंट मिलने की संभावना है। कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारियों से अच्छे संबंध बनाए रखने की कोशिश करें।

सप्ताह के मध्य भाग में चंद्र देव आपके द्वादश भाव में चले जाएंगे। इसके चलते आपको सफलता पाने के लिए अनेक कठिनाईओं का सामना करना पड़ेगा। आप कभी-कभी स्वयं को दुविधा की स्थिति में फंसा पाएंगे और निर्णय लेने में परेशानी आएगी। आपके ख़र्चों में भी इस दौरान बढ़ोतरी होगी और सेहत भी दुरुस्त नहीं रहेगी। आप इस समय ससुराल पक्ष के लोगों के साथ किसी यात्रा पर जा सकते हैं।

सप्ताह के अंत में चंद्रमा प्रथम भाव में प्रवेश करेंगे। इस समय आपका फ़ालतू के कामों पर अधिक मन लगेगा, जिस कारण मानसिक परेशानियां दिखने को मिलेगी। साथ ही आपको अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने की सलाह दी जाती है।

इस हफ्ते शुक्र देव आपके अष्टम भाव में गोचर करेंगे। इस दौरान व्यापारियों को कुछ परेशानियां देखने को मिल सकती हैं। यदि आप कोई नया कार्य शुरू करने वाले थे तो उस कार्य में रुकावट आ सकती है। साथ ही आपका किसी यात्रा पर जाने का प्लान भी कैंसिल हो सकता है। आपको अपने निजी कार्यों में आवश्यकता से अधिक ध्यान रखने की ज़रूरत है।

उपाय- मां दुर्गा की आराधना करें और श्री दुर्गा चालीसा का पाठ करें।

Pisces

19 अक्टूबर 2020 से 25 अक्टूबर 2020: चंद्रमा इस सप्ताह की शुरुआत में आपके नवम भाव में रहेगा और उसके बाद दशम, एकादश और द्वादश भाव में गोचर करेगा। वहीं शुक्र देव का गोचर आपकी राशि से सप्तम भाव में होगा।

सप्ताह की शुरुआत में चंद्रमा आपके नवम भाव में गोचर करेंगे। इस दौरान आपका मन धार्मिक कार्यों में अधिक लग सकता है। भाग्य का पूरा सहयोग मिलेगा और अचानक से धन लाभ होने की भी संभावना है। इस राशि के छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी और वे अपनी मेहनत से नई उचाईयों को छुएंगे। प्रेमी-प्रेमिकाओं का रिश्ता और भी मज़बूत होगा।

सप्ताह के अगले भाग में चंद्र देव दशम भाव में चले जायेंगे। नौकरी की तलाश करने वाले जातकों को नयी नौकरी मिल सकती है। साथ ही यह समय उन लोगों के लिए बेहतर है, जो किसी नए काम की शुरुआत करना चाहते हैं। निजी जीवन हो या पेशेवर, आप इस दौरान हर कार्य को पूरी लग्न और निष्ठा के साथ करेंगे।
सप्ताह के मध्य भाग में चंद्रमा का गोचर आपके एकादश भाव में होगा। इस समय कार्यक्षेत्र पर वरिष्ठ अधिकारियों से सम्बन्ध बिगड़ने की संभावना है। छात्रों को शिक्षा में रुकावटों का सामना करना पड़ सकता है। पारिवारिक जीवन में बड़े भाई बहनों से किसी बात को लेकर झगड़ा हो सकता है। हालाँकि आर्थिक जीवन के लिहाज से यह समय शुभ है। आपको कहीं से धन की प्राप्ति हो सकती है।

सप्ताह के अंत में चंद्रमा का गोचर आपके द्वादश भाव में होगा। इस दौरान आप भौतिक सुख-सुविधाओं में लिप्त रहेंगे। आपके ख़र्चों में इस समय अप्रत्याशित वृद्धि हो सकती है। कोर्ट-कचहरी के मामलों में भी आपका अच्छा-खासा धन खर्च हो सकता है। इस समय आपके शत्रु काफी सक्रिय रहेंगे और आपको क्षति पंहुचाने की कोशिश भी कर सकते हैं।शुक्र देव का गोचर आपके सप्तम भाव में होगा। यह गोचरीय स्थिति दांपत्य जीवन में तनाव में बढ़ोतरी करेगी। इस राशि के व्यापारियों को व्यापार में अल्प लाभ हो सकता है। आप इस समय अपने जीवनसाथी के प्रति पूरी तरह से समर्पित रहेंगे। हालाँकि बीच-बीच में आप दोनों के बीच थोड़ी बहुत नोकझोक हो सकती है। इस दौरान आपके पिता को अपने कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी।

उपाय- भगवान विष्णु की आराधना करें और उन्हें लाल चंदन का तिलक लगाएँ।

Panchang

पंचांग, 19 अक्टूबर 2020

आज 19 अक्टूबर को नवरात्रि का तीसरा दिन है. नवरात्रि के तीसरे दिन देवी के तृतीय स्वरूप माता चंद्रघंटा की पूजा की जाती है. माता के सिर पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र है. इसी वजह से इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है. देवी चंद्रघंटा का वाहन सिंह है. इनकी दस भुजाएं और तीन आंखें हैं. नवरात्रि के नौ दिनों तक माता रानी के 9 अलग-अलग स्वरूपों की पूजा अर्चना होगी.

विक्रमी संवत्ः 2077, 

शक संवत्ः 1942, 

मासः द्वितीय (शुद्ध) आश्विनी मास, 

पक्षः शुक्ल पक्ष, 

तिथिः तृतीया दोपहर 02.08 तक है, 

वारः सोमवार, 

नक्षत्रः अनुराधा रात्रि 03.53 तक, 

योगः आयुष्मान दोपहर 01.18 तक, 

करणः गर, 

सूर्य राशिः तुला, 

चंद्र राशिः वृश्चिक, 

राहु कालः प्रातः 7.30 से प्रातः 9.00 बजे तक, 

सूर्योदयः 06.28, 

सूर्यास्तः 05.47 बजे।

विशेषः आज पूर्व दिशा की यात्रा न करें। अति आवश्यक होने पर सोमवार को दर्पण देखकर, दही, शंख, मोती, चावल, दूध का दान देकर यात्रा करें।

न्यायिक परीक्षा के लिए अधिवक्ता परिषद द्वारा निशुल्क कोचिंग का शुभारंभ

उदयपुर, राजस्थान(ब्यूरो) – 18 अक्तूबर :

आज दिनांक 18.10.2020 को अधिवक्ता परिषद, महिला टोली द्वारा न्यायिक सेवा की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु महारानी अहिल्याबाई होल्कर विधिक अनुशिक्षण कक्षाओ का शुभारंभ किया गया।

उक्त कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उच्च न्यायालय से सेवानिवृत मा.न्यायाधीपति रामचंद्र सिंह झाला रहे, जिन्होने अपने संघर्ष, अनुभव आदि साझा कर विभिन्न प्रकार के संस्मरणो द्वारा मार्गदर्शन किया। वर्तमान मे न्यायिक सेवाओ मे महिलाओ के प्रतिनिधित्व को बताते हुये मेवाड क्षेत्र से भी उत्कृष्ट प्रतिनिधित्व हो,उसके लिए मार्गदर्शन प्रदान किया।

कार्यक्रम की अध्यक्ष पुर्व महापौर एवं प्रांत समन्वयिका श्रीमती रजनी डांगी रही,जिन्होने महारानी अहिल्या बाई के न्याय को बताते हुये उनकी ही प्रतिमुर्ति न्याय व्यवस्था मे स्थापित हो, ऐसी शुभकामनाएँ देते हुये प्रोत्साहन प्रदान किया।

वन्दना उदावत ने महिला टोली के प्रयास को सराहा और अजय चौबीसा ने महिला टोली के पूरे कोविड कल की सक्रियता को बताते हुये कोचिंग की आवश्यकता को बताया। महेंद्र जी ओझा ने भी अपने विचार साझा किये।

इस अवसर पर कोविड काल के दौरान आयोजित सात दिवसीय व्याख्यान माला के प्रतिभागियो को प्रमाण पत्र भी मा.न्यायाधीपति महोदय द्वारा दिये गये।

स्वागत उद्बोधन एवं कार्यक्रम परिचय के माध्यम से महिला प्रमुख एडवोकेट भूमिका चौबीसा ने बताया कि उक्त कोचिंग महिलाओ एवं विधि की छात्राओ के लिए पूर्ण रूप से निशुल्क करायी जा रही है, जिसे पाठ्यक्रम के विषयो के अनुरुप न्यायाधीशो, अधिवक्ताओ, प्रोफेसर आदि के मार्गदर्शन मे संचालित किया जायेगा।

उक्त कोचिंग को संचालित करने सम्बन्धी विशेष सहयोग एडवोकेट बृजेन्द्र जी सेठ द्वारा प्रदान किया जा रहा है,जिनका न्यायाधीपति महोदय द्वारा उपरणा ओढा कर अभिनंदन किया गया। धन्यवाद ज्ञापन महिला सह-प्रमुख भावना नागदा द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन ऐडवोकेट मीनाक्षी माथुर ने किया।

नवरात्रि महत्व

सनातन धर्म के बहुत से ऐसे पर्व हैं जिनमें रात्रि शब्द जुड़ा हुआ है। जैसे शिवरात्रि और नवरात्रि। साल में चार नवरात्रि होती है। चार में दो गुप्त नवरात्रि और दो सामान्य होती है। सामान्य में पहली नवरात्रि चैत्र माह में आती है जबकि दूसरी अश्विन माह में आती है। चैत्र माह की नवरात्रि को बड़ी नवरात्रि और अश्विन माह की नवरात्रि को छोटी या शारदीय नवरात्रि कहते हैं। आषाढ और माघ मास में गुप्त नवरात्रि आती है। गुप्त नवरात्रि तांत्रिक साधनाओं के लिए होती है जबकि सामान्य नवरात्रि शक्ति की साधना के लिए।

धर्म/संस्कृति डेस्क, चंडीगढ़:

1. नवरात्रि में नवरात्र शब्द से ‘नव अहोरात्रों (विशेष रात्रियां) का बोध’ होता है। ‘रात्रि’ शब्द सिद्धि का प्रतीक माना जाता है। भारत के प्राचीन ऋषि-मुनियों ने रात्रि को दिन की अपेक्षा अधिक महत्व दिया है। यही कारण है कि दीपावली, होलिका, शिवरात्रि और नवरात्र आदि उत्सवों को रात में ही मनाने की परंपरा है। यदि, रात्रि का कोई विशेष रहस्य न होता तो ऐसे उत्सवों को रात्रि न कह कर दिन ही कहा जाता। जैसे- नवदिन या शिवदिन, परंतु हम ऐसा नहीं कहते हैं। शैव और शक्ति से जुड़े धर्म में रात्रि का महत्व है तो वैष्णव धर्म में दिन का। इसीलिए इन रात्रियों में सिद्धि और साधना की जाती है। (इन रात्रियों में किए गए शुभ संकल्प सिद्ध होते हैं।)

2. यह नवरात्रियां साधना, ध्यान, व्रत, संयम, नियम, यज्ञ, तंत्र, त्राटक, योग आदि के लिए महत्वपूर्ण होती है। कुछ साधक इन रात्रियों में पूरी रात पद्मासन या सिद्धासन में बैठकर आंतरिक त्राटक या बीज मंत्रों के जाप द्वारा विशेष सिद्धियां प्राप्त करने का प्रयास करते हैं, क्योंकि इस दिनों प्रकृति नई होना प्रारंभ करती है। इसलिए इन रात्रियों में नव अर्थात नया शब्द जुड़ा हुआ है। वर्ष में चार बार प्रकृति अपना स्वरूप बदलकर खुद को नया करती हैं। बदलाव का यह समय महत्वपूर्ण होता है। वैज्ञानिक दृष्‍टिकोण से देखें तो पृथ्वी द्वारा सूर्य की परिक्रमा काल में एक वर्ष की चार संधियां होती हैं जिनमें से मार्च व सितंबर माह में पड़ने वाली संधियों में साल के दो मुख्य नवरात्र पड़ते हैं। इस समय रोगाणु आक्रमण की सर्वाधिक संभावना होती है। ऋतुओं की संधियों में अक्सर शारीरिक बीमारियां बढ़ती हैं। ऐसे में नवरात्रि के नियमों का पालन करके इससे बचा भी जा सकता है।

3. वैसे भी रात्रि में प्रकृति के बहुत सारे अवरोध खत्म हो जाते हैं। जैसे यदि आप ध्यान दें तो रात्रि में हमारी आवाज बहुत दूर तक सुनाई दे सकती है परंतु दिन में नहीं, क्योंकि दिन में कोलाहल ज्यादा होता है। दिन के कोलाहल के अलावा एक तथ्य यह भी है कि दिन में सूर्य की किरणें आवाज की तरंगों और रेडियो तरंगों को आगे बढ़ने से रोक देती हैं।

4. रेडियो इस बात का उदाहरण है कि रात्रि में उनकी फ्रीक्वेंसी क्लियर होती है। ऐसे में ये नवरात्रियां तो और भी महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि इस समय हम ईथर माध्यम से बहुत आसानी से जुड़कर सिद्धियां प्राप्त कर सकते हैं। हमारे ऋषि-मुनि आज से कितने ही हजारों-लाखों वर्ष पूर्व ही प्रकृति के इन वैज्ञानिक रहस्यों को जान चुके थे।

5. रेडियो तरंगों की तरह ही हमारे द्वारा उच्चारित मंत्र ईथर माध्यम में पहुंचकर शक्ति को संचित करते हैं या शक्ति को जगाते हैं। इसी रहस्य को समझते हुए संकल्प और उच्च अवधारणा के साथ अपनी शक्तिशाली विचार तरंगों को वायुमंडल में भेजकर साधन अपनी कार्यसिद्धि अर्थात मनोकामना सिद्धि करने में सफल रहते हैं। गीता में कहा गया है कि यह ब्रह्मांड उल्टे वृक्ष की भांति हैं। अर्थात इसकी जड़े उपर हैं। यदि कुछ मांगना हो तो ऊपर से मांगों। परंतु वहां तक हमारी आवाज को पहुंचेने के लिए दिन में यह संभव नहीं होता है यह रात्रि में ही संभव होता है। माता के अधिकतर मंदिरों के पहाड़ों पर होने का रहस्य भी यही है।

माँ भगवती के जयघोष के साथ शारदीय नवरात्रों का शुभारंभ

सनातन धर्म के बहुत से ऐसे पर्व हैं जिनमें रात्रि शब्द जुड़ा हुआ है। जैसे शिवरात्रि और नवरात्रि। साल में चार नवरात्रि होती है। चार में दो गुप्त नवरात्रि और दो सामान्य होती है। सामान्य में पहली नवरात्रि चैत्र माह में आती है जबकि दूसरी अश्विन माह में आती है। चैत्र माह की नवरात्रि को बड़ी नवरात्रि और अश्विन माह की नवरात्रि को छोटी या शारदीय नवरात्रि कहते हैं। आषाढ और माघ मास में गुप्त नवरात्रि आती है। गुप्त नवरात्रि तांत्रिक साधनाओं के लिए होती है जबकि सामान्य नवरात्रि शक्ति की साधना के लिए। आज शारदीय नवरात्रि का दूसरा दिन है जो मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित है, विश्वास है कि मां ब्रह्मचारिणी की सच्‍चे मन से पूजा करने से भक्‍त को सदाचार, एकाग्रता, धैर्य, संयम और सहनशीलता प्राप्‍त होती है।

धर्म/ संस्कृति डेस्क, पंचकूला:

जय कारा ये शेरांवाली का – बोल साँचे दरबार की जय, जहड़ा माता दा जयकारा न लाये ओह महामाई दा चोर। माता के भावभक्ति में डूबे जयकारों के साथ मनसा देवी मंदिर की सीढ़ियों पर चढ़ने वाले भक्तों का जोश नवरात्र के पहले दिन खूब दिखाई दिया। टोकन लेकर मंदिर में दर्शन करने आए भक्तों ने अनुशासन के साथ मंदिर में प्रवेश किया और माता को शीश नवाया।

माता मनसा देवी मंदिर में सुबह से ही भक्तों का तांता लग गया था। पुलिस द्वारा यहां करीब 15 नाके लगाए गए थे। माता मनसा देवी मंदिर में प्रवेश के लिए टोकन सिस्टम होने के बावजूद यहां पर औसतन 12 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंची हुई थी। यहां पर हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और पंजाब के भक्त भी दर्शन करने पहुंचे थे। एक भक्त विकास गुप्ता ने बताया कि वह सुबह छह बजे ही यहां पहुंचे थे। कोविड के कारण अबकी बार यहां भक्तों की ज्यादा भीड़ नहीं दिखाई दे रही है।

23,79,887 लाख का चढ़ावा चढ़ा

माता मनसा देवी में पहले दिन 18,54,572 जबकि काली माता मंदिर में 5,25,315 रुपये का चढ़ावा चढ़ा। इसके साथ ही माता मनसा देवी मंदिर में 10.572 ग्राम का सोना और 638.397 ग्राम चांदी चढ़ाई गई। काली माता मंदिर में श्रद्धालुओं ने 2.96 ग्राम सोना और 432.67 ग्राम चांदी का चढ़ावा माता को भेंट किया।

कोरोना मुक्ति यज्ञ का किया आयोजन

हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने माता मनसा देवी मंदिर स्थित यज्ञशाला में कोरोना मुक्ति यज्ञ किया। उन्होंने इस महामारी के खात्मे की कामना की। गुप्ता ने कहा कि वे जब भी माता के दरबार में मन्नत मांगने आए, वह हमेशा पूरी हुई है। इस मौके पर उनके साथ उपायुक्त मुकेश कुमार आहूजा, विधानसभा अध्यक्ष की पत्नी बिमला देवी, भाजपा के जिला प्रधान अजय शर्मा, महामंत्री हरेंद्र मलिक, पूर्व प्रधान दीपक शर्मा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी एमएस यादव, सचिव शारदा प्रजापति, वीरेंद्र राणा, कमल अवस्थी, बीबी सिंघल, सौरभ बंसल, सुरेश वर्मा, सुरेंद्र मनचंदा, संदीप यादव, वंदना गुप्ता, रेडक्रास सचिव सविता अग्रवाल, श्यामलाल बंसल, विशाल सेठ, बलकेश वत्स, जय कौशिक के साथ कई पदाधिकारी मौजूद रहे।