“मैं पूर्ण रूप से स्वस्थ्य हूं और मुझे कोई बीमारी नहीं है.” केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज ट्वीट कर एक संदेश दिया, जिसमें उन्होंने अपने स्वास्थ्य को लेकर सोशल मीडिया पर शेयर हो रही अफवाहों को गलत बताया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी ऐसा करने वालों की निंदा की। वहीं, गुजरात पुलिस ने अमित शाह के नाम से किए गए एक फर्जी ट्वीट के संबंध में चार लोगों को हिरासत में लिया है।

अहमदाबाद:

 केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नाम से एक फर्जी ट्विटर अकाउंट बनाकर उनके स्वास्थ्य के बारे में कथित तौर पर अफवाह फैलाने को लेकर अहमदाबाद पुलिस ने शनिवार को चार व्यक्तियों को हिरासत में लिया. शाह ने शनिवार को दिन में एक बयान में जारी कर कहा कि सोशल मीडिया के जरिये मेरे स्वास्थ्य के बारे में अफवाह फैलाई जा रही है. उन्होंने कहा, “मैं पूर्ण रूप से स्वस्थ्य हूं और मुझे कोई बीमारी नहीं है.” 

विशेष पुलिस आयुक्त (अपराध) अजय तोमर ने कहा कि स्थानीय अपराध शाखा ने शाह के स्वास्थ्य के बारे में गलत सूचना फैलाने को लेकर चार लोगों को हिरासत में लिया है. तोमर ने कहा कि शाह की तस्वीर के साथ उनके नाम से एक फर्जी ट्विटर अकाउंट के ‘स्क्रीनशॉट’ में दावा किया गया था कि वह (शाह) एक गंभीर बीमारी से ग्रसित हैं. यह ‘स्क्रीनशॉट’ सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. उन्होंने कहा कि संदिग्धों को अहमदाबाद और भावनगर से गिरफ्तार किया गया तथा उनसे पूछताछ की जा रही है. 

अधिकारी ने कहा कि इस सिलसिले में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 सी(पहचान की चोरी के लिए सजा) और 66 डी (कंप्यूटर का इस्तेमाल कर किसी दूसरे व्यक्ति का वेष धारण कर धोखाधड़ी करना) के तहत एक मामला दर्ज किया गया है.

नड्डा ने की अफवाह फैलाने वालों की निंदा

वहीं, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी इस मामले में ऐसा करने वालों की निंदा की है। नड्डा ने कहा, गृह मंत्री अमित शाह के स्वास्थ्य के बारे में ऐसी असंवेदनशील टिप्पणियां करना निंदनीय है। किसी के स्वास्थ्य के बारे में ऐसी गलत जानकारियां फैलाना इन लोगों की मानसिकता के बारे में बताता है। मैं इसकी कठोर निंदा करता हूं और ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वह ऐसे लोगों को सद्बुद्धि दे। 

IFSC महाराष्ट्र ही में रहने दें: पवार

एक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (IFSC) घरेलू अर्थव्यवस्था के अधिकार क्षेत्र से बाहर के ग्राहकों को पूरा करता है, सीमाओं के पार वित्त, वित्तीय उत्पादों और सेवाओं के प्रवाह से निपटता है। ऐसे केंद्र सीमाओं के पार वित्त, वित्तीय उत्पादों और सेवाओं के प्रवाह से संबंधित हैं। लंदन, न्यूयॉर्क और सिंगापुर को वैश्विक वित्तीय केंद्रों में गिना जा सकता है। दुनिया भर के कई उभरते IFSCs, जैसे कि शंघाई और दुबई, आने वाले वर्षों में एक वैश्विक भूमिका निभाने के इच्छुक हैं। विश्व बैंक के पूर्व अर्थशास्त्री पर्सी मिस्त्री की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ पैनल ने 2007 में मुंबई को एक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र बनाने के बारे में एक रिपोर्ट प्रस्तुत की। हालांकि, 2008 में भारत सहित वैश्विक वित्तीय संकट ने अपने वित्तीय क्षेत्रों को तेजी से खोलने के बारे में सतर्क किया।

पहले उद्धव ठाकरे के चयन को लेकर केन्द्र और राज्य में रार उट्ठी थी, फिर अजित पवार पर ईडी ने फिर से शिकंजा कस दिया और अब IFSC को लेकर तो हद ही हो गयी बड़े पवार को प्रधान मंत्री को चेतना पड़ा। शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर कहा है कि- मुझे माननीय से उम्मीद है कि PMOIndia राज्य की राजनीति को अलग रखते हुए तर्कसंगत, विवेकपूर्ण निर्णय लेने और इसे अत्यधिक राष्ट्रीय महत्व का मुद्दा मानता है. उन्होंने आगे लिखा- मुझे उम्मीद है कि मेरा पत्र एक सही भावना से लिया जाएगा

मुंबई(ब्यूरो):

 इटरनेशनल फायनेंशियल सर्विसेस सेंटर (IFSC) के हेडक्वार्टर को लेकर महाराष्ट्र सरकार और केंद्र सरकार के बीच ठन गई है. IFSC का मुख्यालय मुंबई (Mumbai) की बजाय गुजरात (Gujarat) के गांधीनगर (Gandhinagar) में बनाने के केंद्र सरकार के फैसले पर एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार (Sharad Pawar) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को खत लिखकर नाराजगी जताई है. उन्होंने पीएम से तुरंत फैसले को पलटने की मांग की है.

दरअसल, IFSC सेंटर मुंबई मे बनाने को लेकर महाराष्ट्र के नेताओं ने सालों से केंद्र सरकार पर दबाव बनाया हुआ है. लेकिन केंद्र के इस सेंटर को मुंबई की बजाय गुजरात के गांधीनगर मे शिफ्ट करने के फैसले से अब सियासी तूफान खड़ा हो गया है. 

महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस केंद्र की बीजेपी सरकार पर आक्रामक हो गई हैं. IFSC सेंटर को लेकर सूबे में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है. एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर कहा है कि- मुझे माननीय से उम्मीद है कि PMOIndia राज्य की राजनीति को अलग रखते हुए तर्कसंगत, विवेकपूर्ण निर्णय लेने और इसे अत्यधिक राष्ट्रीय महत्व का मुद्दा मानता है. उन्होंने आगे लिखा- मुझे उम्मीद है कि मेरा पत्र एक सही भावना से लिया जाएगा और IFSC मुख्यालय को भारत की वित्तीय राजधानी में स्थापित करने पर विचार किया जाएगा. 

IFSC क्या सेवाएं दे सकता है?

  • व्यक्तियों, निगमों और सरकारों के लिए -फंड बढ़ाने वाली सेवाएं
  • सेटसेट फंड, बीमा कंपनियों और म्यूचुअल फंड द्वारा शुरू किए गए -सेट मैनेजमेंट और ग्लोबल पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन
  • धन प्रबंधन
  • ग्लोबल टैक्स मैनेजमेंट और क्रॉस-बॉर्डर टैक्स लायबिलिटी ऑप्टिमाइज़ेशन, जो वित्तीय मध्यस्थों, एकाउंटेंट और कानून फर्मों के लिए एक व्यावसायिक अवसर प्रदान करता है।
  • ग्लोबल और रीजनल कॉर्पोरेट ट्रेजरी मैनेजमेंट ऑपरेशन जिसमें फंड जुटाने, लिक्विडिटी इन्वेस्टमेंट और मैनेजमेंट और एसेट-लायबिलिटी मैचिंग शामिल हैं
  • बीमा और पुनर्बीमा जैसे प्रबंधन प्रबंधन संचालन
  • अंतरराष्ट्रीय निगमों के बीच विलय और अधिग्रहण की गतिविधियाँ

उधर, इस फैसले को लेकर महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री बालासाहेब थोरात पहले की केंद्र पर हमला बोल चुके हैं. थोरात ने ट्वीट कर कहा था कि, ‘केंद्र सरकार का  IFSC मुख्यालय को गुजरात में स्थापित करने का फैसला बेहद निराशाजनक है. केंद्र का ये कदम मुंबई के कद को कम करने के लिए उठाया गया है. केंद्र को अपने इस फैसले पर पुनिर्विचार करना चाहिए. उन्होंने कहा कि मुंबई देश की वित्तीय राजधानी है. उन्होंने इस मुद्दे पर महाराष्ट्र बीजेपी नेताओं की खामोशी पर भी सवाल उठाए थे. शिवसेना भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और बीजेपी से खफाहै.

महाराष्ट्र कैबिनेट में मंत्री और शिवसेना नेता अरविंद सावंत ने कहा कि उन्होंने संसद में केंद्र सरकार से IFSC केंद्र गुजरात नहीं ले जाने की अपील की थी. लेकिन सरकार ने शिवसेना की मांग को नजरअंदाज कर दिया. 

इस मुद्दे पर राजनीति तेज होती देख महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण गुजरात के गांधीनगर में स्थापित करने के केंद्र के फैसले का बचाव किया है. फडणवीस ने विपक्षी दलों पर राजनीति का आरोप लगाया है. 

उन्होंने कहा कि कुछ लोगों का काम हर चीज के लिए नरेंद्र मोदी सरकार को दोषी ठहराना है. उन्होंने कहा केंद्र सरकार की एक उच्चस्तरीय समिति ने फरवरी, 2007 में रिपोर्ट सौंपी थी जिसें IFSC के गठन की सिफारिश की गई थी. उन्होंने कहा कि न तो महाराष्ट्र सरकार ने कोई आधिकारिक प्रस्ताव सौंपा है और न ही केंद्र ने इस पर विचार किया है. गांधीनगर में IFSC के मुख्यालय की घोषणा इसलिए की गई क्योंकि यहां पहले से ही IFSC के कामकाज हो रहे हैं.

उन्होंने कहा कि अब जो लोग ये बयान दे रहे हैं वो साल 2007 से 2014 तक सत्ता में थे. लेकिन उन्होंने मुंबई मे  IFSC के लिए कुछ कदम नहीं उठाया. जब पहली बार  IFSC का विचार आया था तो गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी ने इसे अपने राज्य में लाने के लिए काम शुरू किया था. वहीं महाराष्ट्र कांग्रेस की सरकार ने इसके लिए कोई कदम नहीं उठाया था.

‘कोरोना योद्धाओं’ पर भारतीय सेना ने की पुष्पवर्षा

सरहद पर वतन के लिए जान न्यौछावर करने वाले रविवार को एक अलग ही तरह की सेवा पर हैं। आज वे उन योद्धाओं पर फूल बरसा रहे हैं, जो कोरोना की जंग में मैदान में अपनी जान की बाजी लगाकर मैदान में डटे हुए हैं। इन कोरोना योद्धाओं में डाक्टर, सभी स्वास्थ्यकर्मी, सफाईकर्मी और पुलिस कर्मी शामिल हैं।

  • जम्मू-कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक जताया आभार
  • महाराष्ट्र से लेकर बंगाल की खाड़ी तक दी गई सलामी
  • बंगाल की खाड़ी में INS जलशवा ने जताया आभार

डेमोक्रेटिकफ्रंट॰कॉम, चंडीगढ़ :

दिल्ली सहित मुंबई, बेंगलुरु, लखनऊ, चेन्नई, राजस्थान, मध्य प्रदेश में कोरोना योद्धाओं के सम्मान में तीनों सेनाएं विभिन्न आयोजनों के जरिए उनका आभार व्यक्त किया।

चंडीगढ़ में भारतीय वायुसेना के विमान C-130 ने सुखना झील के ऊपर से फ्लाई पास्ट किया। आज तीनों सेनाएं ‘कोरोना योद्धाओं’ को उनकी सेवाओं के लिए आभार प्रकट किया।

जम्मू-कश्मीर: जम्मू के सरकारी मेडिकल कॉलेज(GMC) में भारतीय सेना ने ‘कोरोना योद्धाओं’ के प्रति अपना आभार प्रकट करने के लिए बैंड बजाया

भारतीय वायु सेना (IAF) ने दिल्ली में वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज, सफदरजंग हॉस्पिटल के ऊपर से फ्लाई पास्ट करते हुए फूल बरसा कर कोरोना वॉरियर्स के प्रति आभार व्यक्त किया।

असम: गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल(GMCH) में ‘कोरोना योद्धाओं’ के प्रति आभार जताते हुए भारतीय वायुसेना ने बैंड बजाया और फ्लाईपास्ट किया गया। 

बिहार: भारतीय वायुसेना ने ‘कोरोना योद्धाओं’ का आभार जताते हुए AIIMS पटना पर फूल बरसाए और फ्लाईपास्ट किया।

त्रि-सेवा प्रमुखों के प्रतिनिधि- मेजर जनरल आलोक काकेर, रियर एडमिरल मैकार्थी और एयर वाइस मार्शल पी.के. घोष ने आज राष्ट्रीय पुलिस स्मारक में श्रद्धांजलि अर्पित की: दिल्ली

दिल्ली: नरेला क्वारंटाइन सेंटर में बैंड बजाकर ‘कोरोना योद्धाओं’ का आभार जताई भारतीय सेना।

दिल्ली: LNJP अस्पताल के नोडल ऑफीसर ने कहा कि भारतीय वायुसेना बहुत अच्छा काम कर रही है। हमारा जो सम्मान किया गया है इसके हम आभारी हैं। ऐसा लग रहा है जैसे हम कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई को जीत गए हों। इससे हमारे हौंसले और भी बढ़ेंगे।

दिल्ली: भारतीय वायुसेना बहुत अच्छा काम कर रही है। हमारा जो सम्मान किया गया है इसके हम आभारी हैं। ऐसा लग रहा है जैसे हम कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई को जीत गए हों। ये हमारे हौंसले को बढ़ाएगा: नोडल ऑफीसर, LNJP अस्पताल

दिल्ली: ये हमारे लिए गर्व की बात है क्योंकि राष्ट्र के लिए वो भी लड़ते हैं और राष्ट्र के लिए हम भी लड़ रहे हैं लेकिन वो हमारा सम्मान कर रहे हैं तो हम उन्हें सल्यूट करते हैं: कोरोना वॉरियर 

दिल्ली: भारतीय वायु सेना ने ‘कोरोना योद्धाओं’ को आभार प्रकट करते हुए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) पर फूल बरसाए।

दिल्ली: भारतीय वायुसेना ने ‘कोरोना योद्धाओं’ के प्रति आभार जताते हुए राम मनोहर लोहिया अस्पताल पर फूल बरसाए।

दिल्ली: भारतीय वायुसेना ने पुलिसकर्मियों का आभार प्रकट करने के लिए पुलिस युद्ध स्मारक पर फूलों की वर्षा की।

दिल्ली: भारतीय वायुसेना के चॉपर ने पुलिसकर्मियों का आभार प्रकट करने के लिए पुलिस युद्ध स्मारक पर फूलों की वर्षा की

दिल्ली: गंगा राम अस्पताल में बैंड बजाकर ‘कोरोना योद्धाओं’ के प्रति अपना आभार जताती भारतीय सेना। आज तीनों सेनाएं अलग-अलग तरह से स्वास्थ्यकर्मियों और दूसरे अग्रिम पंक्ति के कर्मियों के प्रति अपना आभार जता रही हैं।

मध्यप्रदेश: भोपाल के चिरायु अस्पताल में ‘कोरोना योद्धाओं’ के प्रति आभार जताते हुए स्वास्थ्यकर्मियों पर फूल बरसाए गए।

लेह: S.N.M. अस्पताल में कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ रहे कोरोना वॉरियर्स पर भारतीय वायु सेना के हेलिकॉप्टर ने फूल बरसा कर हवाई सलामी दी।

राजस्थान: भारतीय वायुसेना ने जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के ऊपर से फ्लाईपास्ट कर ‘कोरोना योद्धाओं’ के प्रति अपना आभार जताया।

त्रिवेंद्रम: भारतीय वायुसेना ने ‘कोरोना योद्धाओं’ के प्रति आभार जताने के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेज पर फूल बरसाए

चेन्नई: भारतीय वायुसेना ने ‘कोरोना योद्धाओं’ के प्रति आभार जताने के लिए राजीव गांधी सरकारी अस्पताल पर फूल बरसाए।

बेंगलुरु: भारतीय वायुसेना ने इस मुश्किल वक़्त में लोगों को अपनी सेवाएं दे रहे ‘कोरोना योद्धाओं’ के प्रति आभार प्रकट करने के लिए विक्टोरिया अस्पताल में स्वास्थ्यकर्मियों पर फूल बरसाए। 

लखनऊ: भारतीय वायुसेना ने किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज (KGMU) के ऊपर से फ्लाईपास्ट किया और ‘कोरोना योद्धाओं’ के प्रति आभार प्रकट करने के लिए फूलों की वर्षा की। 

मुंबई: INHS अश्विनी नौसैनिक अस्पताल में कार्यरत कोरोना वॉरियर्स के कोरोना के खिलाफ लड़ाई में जुटे रहने के हौंसले के प्रति आभार प्रकट करने के लिए हेलिकॉप्टर से फूल बरसाए गए।

मुंबई: मरीन ड्राइव से फ्लाई पास्ट करता भारतीय वायुसेना का विमान। आज तीनों सेनाएं अलग-अलग तरह से ‘कोरोना योद्धाओं’ के प्रति आभार प्रकट कर रही हैं|

भारतीय वायु सेना ने मेडिकल प्रोफेशनल्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स के कोरोना महामारी के खिलाफ सराहनीय काम के प्रति आभार प्रकट करने के लिए राजपथ के ऊपर से फ्लाईपास्ट किया: दिल्ली

गोवा: भारतीय नौसेना ने ‘कोरोना योद्धाओं’ के प्रति आभार जताने के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज के ऊपर से फ्लाई पास्ट किया और स्वास्थ्यकर्मियों पर फूल बरसाए।

हरियाणा: कोरोना वॉरियर्स के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने के लिए पंचकूला सेक्टर-6 के सरकारी अस्पताल के बाहर आर्मी बैंड ने लयबद्ध होकर प्रस्तुति दी।

भारतीय वायुसेना आज सम्पूर्ण भारत में कोरोना वाररिओर्स पर फूल बरसाएगी

नई दिल्ली. 

भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) के अधिकारियों (Officers) ने सूचना दी है कि 9 फाइटर एयरक्राफ्ट (Fighter Aircraft), जिसमें 3 सुखोई-30 MKI (Sukhoi-20 MKI), 3 मिग-29 (MIG-29) और 3 जगुआर (Jaguar) शामिल हैं, 3 C-130J ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट (Transport Aircraft) के साथ मिलकर COVID-19 वॉरियर्स (COVID-19 Warriors) के प्रति सम्मान दिखाने के लिए रविवार को राष्ट्रीय राजधानी के ऊपर उड़ान भरेंगे.

9 फाइटर प्लेन के जरिए श्रीनगर से ...

भारतीय वायुसेना (Indian Airforce) के अधिकारियों (Officers) ने यह भी बताया कि इसके कई सारे हेलिकॉप्टर भी अस्पतालों (Hospitals) के ऊपर फूलों की बारिश करेंगे.

प्लेन मेडिकल सप्लाई लेकर भी जाएंगे, जो एयरबेस पर की जाएंगी डिलीवर
भारतीय वायुसेना (Indian Airforce) के अधिकारियों ने यह भी बताया है, “दो C-130J सुपर हरक्यूलिस स्पेशल ऑपरेटर्स (C-130J Super Hercules Special Operators) ट्रांसपोर्ट रविवार सवेरे श्रीनगर से उड़ान भरेंगे और कोविड-19 वॉरियर्स (Covid-19 Worriers) के प्रति सम्मान का प्रदर्शन करने के लिए केरल में त्रिवेंद्रम (Thiruvananthapuram) तक जाएंगे. यह प्लेन उन आवश्यक मेडिकल सप्लाई (Medical Supply) को भी लेकर जाएंगे, जिन्हें किसी एयरबेस पर डिलीवर किया जाना है.”

CDS बिपिन रावत ने शुक्रवार को इस तरह से कोविड वॉरियर्स के सम्मान की बात कही थी
इससे पहले शुक्रवार को CDS बिपिन रावत ने कहा है कि कोविड-19 वॉरियर्स के सम्मान में श्रीनगर से त्रिवेंद्रम और डिब्रूगढ़ से कच्छ तक के अपने फ्लाईपास्ट के दौरान भारतीय वायुसेना, एयरक्राफ्ट से कुछ जगहों पर फूल बरसाएगी. चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत (General Bipin Rawat) ने तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए यह बात कही थी.

इसे लेकर उन्होंने कहा कि कुछ ऐसी विशेष गतिविधियां हैं, जिनका गवाह राष्ट्र को बनना चाहिए. उन्होंने बताया था कि इस अवसर पर एयर फोर्स श्रीनगर से त्रिवेंद्रम तक का फ्लाईपास्ट करेगी और ऐसा ही एक और फ्लाईपास्ट असम (Assam) के डिब्रूगढ़ से गुजरात (Gujarat) के कच्छ तक होगा. इसमें ट्रांसपोर्ट और फाइटर एयरक्राफ्ट दोनों ही शामिल होंगे. उन्होंने बताया था कि नौसेना की ओर से अपने युद्धपोतों को 3 मई को शाम को तटीय क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा. नौसेना के वॉरशिप पर भी रोशनी की जाएगी और उसके हेलीकॉप्टर्स का इस्तेमाल अस्पतालों पर फूल बरसाने के लिए किया जाएगा.

मोदी के आवाहन पर भारत ने दिखाई एकता, की दीपावली

कोरोना के खिलाफ जंग में पीएम मोदी की अपील के बाद देशवासी आज रात 9 बजे 9 मिनट दीया, कैंडल, मोबाइल फ्लैश और टार्च जलाकर एकजुटता का परिचय देंगे. लोग दीया जलाने की तैयारी कर लिए हैं.

नई दिल्ली: 

कोरोना वायरस के खिलाफ पूरे देश ने एकजुट होकर प्रकाश पर्व मनाया. पीएम मोदी की अपील पर एकजुट होकर देश ने साबित कर दिया कि कोरोना के खिलाफ हिंदुस्तान पूरी ताकत से लड़ेगा. देश के इस संकल्प से हमारी सेवा में 24 घंटे, सातों दिन जुटे कोरोना फाइटर्स का भी हौसला लाखों गुना बढ़ गया. गौरतलब है कि पूरी दुनिया कोरोना महामारी की चपेट में हैं. अमेरिका और ब्रिटेन जैसे विकसित देश कोरोना के आगे बेबस और लाचार नजर आ रहे हैं लेकिन भारत के संकल्प की वजह से देश में कोरोना संक्रमण विकसित देशों के मुकाबले कई गुना कम है.

Live Updates- 

  • कोरोना के खिलाफ एकजुट हुआ भारत, प्रकाश से जगमगाया पूरा देश
  • पीएम मोदी की अपील पर हिंदुस्तान ने किया कोरोना के खिलाफ जंग का ऐलान
  • कोरोना के खिलाफ जापान में जला पहला दीया,
  • कुछ देर बाद 130 करोड़ हिंदुस्तानी लेंगे एकजुटता का संकल्प

अमित शाह ने जलाए दीये

दिल्ली: गृह मंत्री अमित शाह ने अपने आवास पर सभी लाइट बंद करने के बाद मिट्टी के दीपक जलाए. 

योगी आदित्यनाथ ने जलाया दीया

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने दीया जलाकर एकता की पेश की मिसाल. दीए की रोशनी से बनाया ऊं.

अनुपम खेर ने जलायी मोमबत्ती

अनुप खेर ने दीया जलाकर दिया एकता का संदेश

बता दें कि पीएम मोदी ने शुक्रवार को अपील की थी कि पूरे देश के लोग रविवार रात 9 बजे घर की बत्तियां बुझाकर अपने कमरे में या बालकनी में आएं और दीया, कैंडिल, मोबाइल और टॉर्च जलाकर कोरोना के खिलाफ जंग में अपनी एकजुटा प्रदर्शित करें.

एडमिन अपने ग्रुप पर डाली गयी पोस्ट के लिए होंगे जिम्मेदार

कोरोना को लेकर कम्युनल पोस्ट शेयर किए जाने पर चंडीगढ़ में पहली एफआईआर दर्ज
-पहला मामला सारंगपुर थाने में दूसरा सेक्टर 3 थाने में साइबर सेल की जांच के बाद किया गया दर्ज
-चंडीगढ़ पुलिस को ट्विटर अकाउंट पर मिली थी शिकायत
-फेसबुक ग्रुप में कम्युनल पोस्ट को लेकर दी गई थी शिकायत
-पुलिस ने ग्रुप के एडमिन पर दर्ज की एफआईआर

चंडीगढ:


कोरोना को लेकर फैलाई जाने वाली अफवाहों और धर्म विशेष पर की जाने वाली टिप्पणी अब आपको काफी महंगी पड़ सकती हैं। शनिवार देर शाम चंडीगढ़ पुलिस की साइबर सेल ने फेसबुक पर एक धर्म विशेष के खिलाफ की गई टिप्पणी को लेकर आई शिकायतों पर एफआईआर दर्ज की है।

पहली शिकायत सारंगपुर थाने मैं दर्ज की गई।
जिसमें फेसबुक ग्रुप के ही एक सदस्य द्वारा चंडीगढ़ पुलिस के ट्विटर अकाउंट पर की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ग्रुप के एक सदस्य ने धर्म विशेष को लेकर वीडियो पोस्ट करने के साथ ही आपत्तिजनक टिप्पणी की। जिसे समर्थन देते हुए फेसबुक ग्रुप के एडमिन ने भी इसे बकायदा शेयर करते हुए गलत टिप्पणियां की है। वही दूसरा मामला सेक्टर 3 थाने में दर्ज किया गया। यहां भी एक व्यक्ति ने पुलिस को फेसबुक पर धर्म विशेष के खिलाफ गलत टिप्पणी करने की शिकायत दर्ज कराई है। दोनों ही मामलों में साइबर सेल की ओर से की गई प्रारंभिक जांच के बाद संबंधित थाना पुलिस ले केस दर्ज कर लिया है।

जानकारी के अनुसार चंडीगढ़ पुलिस ट्विटर अकाउंट पर एक फेसबुक अकाउंट पर कम्युनल पोस्ट शेयर किए जाने की शिकायत मिली थी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक शिकायतकर्ता ने बताया कि सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर एक ग्रुप बना हुआ है। वह खुद भी उस ग्रुप का मेंबर है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि फेसबुक ग्रुप में कोरोना को एक धर्म विशेष से जोड़ते हुए गलत टिप्पणी की गई है। ग्रुप में वीडियो के साथ फोटो अपलोड हुए हैं और बकायदा पोस्ट के ऊपर धर्म विशेष के बारे में लिखा गया है। आरोपों के मुताबिक पहले मेंबर ने यह हरकत की। जिसके बाद फेसबुक ग्रुप के एडमिन ने भी इसे शेयर करते हुए टिप्पणी की। मामले की गंभीरता को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस की साइबर सेल टीम ने प्रारंभिक जांच के बाद उक्त फेसबुक ग्रुप के एडमिन के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की पड़ताल में जुटी हुई है।

केस- 2
कोरोना को लेकर धर्म विशेष पर फेसबुक अकाउंट पर की गई टिप्पणी को लेकर दूसरा केस सेक्टर 3 थाने में दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपी ने फेसबुक पोस्ट के जरिए एक धर्म विशेष के खिलाफ पोस्ट डाल लोगों को भड़काने का काम किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल की ओर से की गई प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के बाद सेक्टर-3 थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है पुलिस मामले की पड़ताल में जुटी है।

गुजरात विष्वविद्यालय में NSUI की रेकॉर्ड तोड़ जीत और प्रोफेसरों को जान से मारने की धमकी और रिकार्ड तोड़ गालियां

गुजरात यूनिवर्सिटी सीनेट चुनाव जितने के बाद यूँ लग रहा है मानो NSUI (कॉन्ग्रेस का छात्र संगठन) के लोग इस जीत को हज़म नहीं कर पा रहे हैं। बता दें कि हाल ही में गुजरात यूनिवर्सिटी सीनेट में एनएसयूआई की बड़ी जीत हुई थी और मीडिया ने भी इसे बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया था। ये एक ऐसी ख़बर है जिसे स्थानीय मीडिया से लेकर राष्ट्रीय मीडिया में खूब तवज्जो मिली। चुनाव जीतने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कॉन्ग्रेस की वाहवाही भी हुई लेकिन इस खबर का दूसरा हिस्सा हम तक नहीं पहुँचा या पहुँचाया नहीं गया। इसे जानने के बाद आपको इस बात का अंदाज़ा हो जाएगा कि आने वाला समय गुजरात यूनिवर्सिटी के छात्रों, प्रोफ़ेसरों के लिए कितना भयानक है!

कॉल के दौरान NSUI के गुंडे लगातार कह रहे थे कि “रिकॉर्ड कर और जिसको बताना है, बता देना।” उनके ऐसा कहने से समझा जा सकता है कि इन गुंडों की हौसलाबजाई के पीछे एक पूरा सिस्टम काम कर रहा है। और इसी सिस्टम के बूते ये लोग यूनिवर्सिटी कैंपस में वीभत्स भाषा, गाली-गलौच एवं जान से मारने की धमकियाँ दे रहे हैं, खुल्लम-खुल्ला बगैर किसी डर के!

जीत के नशे में मदहोश NSUI के नेता डॉ. इन्द्रविजय सिंह गोहिल, अहर्निश मिश्रा, सिद्धराज सिंह चौहान ने यूनिवर्सिटी के दो प्रोफ़ेसरों डॉ. अतुल ऊनागर एवं डॉ. मुकेश खटीक को कॉल-मेसेज कर करियर ख़त्म करने, चाकू गोदने, हाथ-पैर-जबड़ा तोड़ देने की धमकियों के साथ असंख्य बार माँ-बहन की गालियाँ सुनाई। साथ ही पी.एच.डी की छात्रा के लिए बारंबार र$# जैसे आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करने से भी गुरेज़ नहीं किया। डॉ. अतुल ने अपनी समझ से अहर्निश मिश्रा एवं सिद्धराज सिंह चौहान के कॉल को रिकॉर्ड कर लिया जिसके बाद यह मसला सबके सामने आया है। पूरी रिकॉर्डिंग के दौरान बारंबार ये गुंडे प्रोफ़ेसर लगातार माँ-बहन की गालियाँ देते हुए सुनाई देते हैं।

कॉल के दौरान NSUI के दोनों नेता जब लगातार माँ-बहन की गालियाँ बरसा रहे थे तब डॉ.अतुल कह रहे थे कि “आपको शुभकामनाएँ, खूब काम करो, खूब विकास करो, माँ-सरस्वती आपके मुख पे बिराजमान हो, माँ-सरस्वती आपको खूब-खूब ज्ञान दें!” इस दौरान NSUI नेता अहर्निश मिश्रा बार-बार प्रोफ़ेसर पर यह बोलने का भी दबाव बना रहा था कि “बोल, मैं अतुल, मेरी माँ का भो#$@।” चूँकि डॉ. अतुल गुजरात यूनिवर्सिटी में संस्कृत के प्रोफेसर हैं, इसलिए कॉल के दौरान संस्कृत भाषा का मज़ाक उड़ाते हुए बैकग्राउंड में एक पूरा समूह चटख़ारे ले रहा था- ये साफ़ सुना जा सकता है।

गुजरात में लोकल टीवी चैनलों में इस विडियो का खूब प्रसार हुआ

पोलिटिकल साइंस के प्रोफेसर डॉ. मुकेश खटीक को भी NSUI नेता डॉ. इन्द्रविजय सिंह गोहिल ने व्हाट्सप्प पर माँ-बहन की गालियाँ देकर चाकू गोदकर मारने की धमकियाँ दी। इस वाकये के बाद दोनों प्रोफेसरों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। NSUI की गुंडागर्दी के इस पूरे वाकये के बाद डॉ. अतुल ने कहा:

“अत्यधिक भय का माहौल है। उनके द्वारा मुझे कई तरीकों से शारीरिक एवं मानसिक नुकसान पहुँचाए जाने की आशंका है। मैं बहुतों की आवाज़ हूँ। ईश्वर से मुझे सत्य के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली है लेकिन यदि इस प्रेरणा का परिणाम नहीं मिलता है तो गुंडे-माफ़ियाओं को और ताक़त मिलेगी। मुझे व्यक्तिगत नुकसान होगा तो आगे असत्य के विरोध में आवाज़ उठाने की हिम्मत करने से लोग डरेंगे।”

गुजरात यूनिवर्सिटी सीनेट चुनाव में NSUI की जीत के तुरंत बाद जिस प्रकार से ‘डर का माहौल’ बनाया गया है, इस पर ‘गुजरात यूनिवर्सिटी शैक्षिक संघ’ ने कुलपति को आवेदन देकर कैंपस को भयमुक्त करने की बात कही है। अब देखना ये है कि इस मामले में यूनिवर्सिटी और पुलिस-प्रशासन क्या कार्रवाई करता है क्योंकि यहाँ प्रोफेसरों की जान का सवाल है।

मध्य प्रदेश का सियासी घमासान: कमलनाथ सरकार पर नहीं है कोई संकट, विधान सभा 26 मार्च तक स्थगित

गवर्नर के संक्षिप्त अभिभाषण के पश्चात स्पीकर ने कोरोना वाइरस का हवाला दे कर विधान सभा को 26 मार्च तक किया स्थगित, एक बड़ा संवैधानिक संकट टाला। अब कमल नाथ मुख्यमंत्री बने रहेंगे और राजनैतिक प्रतिशोध का अजेंडा चलाते रहेंगे।

बताया जा रहा है कि बीजेपी सदन में फ्लोर टेस्ट की मांग उठाएगी. इस बीच, देर रात सीएम कमलनाथ राज्यपाल से राजभवन गए. गवर्नर से मुलाकात के बाद उन्होंने बताया, ‘मुझे राज्यपाल लालजी टंडन ने चर्चा के लिए बुलाया था. विधानसभा सत्र को लेकर राज्यपाल चर्चा करना चाहते थे.’ सीएम ने उम्मीद जताई कि सदन की कार्यवाही शांतिपूर्वक चलेगी. सीएम ने कहा, ‘विधानसभा कैसे चलेगी? मतदान कैसे होगा? यह मैं तय नहीं करता हूं. मैंने तो राज्यपाल से कहा था कि फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार हूं.’

विधानसभा के बाहर और अंदर दिलचस्प नज़ारे देखने मिल रहे हैं. कोरोना के खौफ के बीच शिवराज सिंह सहित कई विधायक मास्क लगाकर विधानसभा पहुंचे. वो सदन में सेनेटाइजर लगाते दिखे. कांग्रेस और बीजेपी दोनों तरफ के नेता विक्टरी का साइन दिखाते हुए अंदर दाखिल हुए.

भोपाल.

 भारी उठापटक और पल-पल बदल रहे राजनीतिक घटनाक्रम के बीच मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो गया है. राज्यपाल के अभिभाषण के साथ सदन की कार्यवाही शुरू हुई.राज्यपाल ने एक मिनट में ही अपना भाषण खत्म कर दिया. महामहिम का भाषण खत्म होते ही बीजेपी विधायकों ने टोका-टाकी शुरू कर दी.

भारी गहमा-गहमी के बीच सीएम कमलनाथ, पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान सहित कांग्रेस और बीजेपी के विधायक विधानसभा पहुंचे.भोपाल की एक होटल में ठहराए गए कांग्रेस विधायक कड़ी सुरक्षा में दो बसों में विधान सभा लाए गए. उनके साथ मंत्री जयवर्धन सिंह और सचिन यादव भी बस में मौजूद थे. बीजेपी के देर रात 2 बजे मानेसर से भोपाल लौटे बीजेपी विधायक शहर से दूर होशंगाबाद रोड पर एक होटल में ठहराए गए थे. वो भी बसों में लाए गए. विधानसभा के बाहर और  अंदर दिलचस्प नज़ारे देखने मिल रहे हैं. कोरोना के खौफ के बीच शिवराज सिंह सहित कई विधायक मास्क लगाकर विधानसभा पहुंचे. वो सदन में सेनेटाइजर लगाते दिखे. कांग्रेस और बीजेपी दोनों तरफ के नेता विक्टरी का साइन दिखाते हुए अंदर दाखिल हुए.

मध्य प्रदेश में जारी राजनीतिक उठापटक के बीच सोमवार का दिन बेहद महत्वपूर्ण है. सबकी निगाहें विधानसभा पर टिकी हुई हैं. विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो रहा है. पहला ही दिन हंगामेदार होने का आसार है. कांग्रेस में बगावत के बाद अब बीजेपी फ्लोर टेस्ट की मांग पर अड़ी है, लेकिन विधानसभा की कार्यसूची में इसे शामिल ही नहीं किया गया है. ऐसे में कमलनाथ सरकार के विश्‍वासमत को लेकर अभी भी सस्‍पेंस बरकरार है. उधर, देर रात सीएम कमलनाथ फिर गवर्नर लालजी टंडन से मिलने पहुंचे. दूसरी तरफ आधी रात के बाद करीब 2 बजे बीजेपी विधायक मानेसर (गुरुग्राम) से भोपाल लौट आए.

बजट सत्र के शुरुआत में राज्यपाल लालजी टंडन का अभिभाषण होगा. बताया जा रहा है कि बीजेपी सदन में फ्लोर टेस्ट की मांग उठाएगी. इस बीच, देर रात सीएम कमलनाथ राज्यपाल से राजभवन गए. गवर्नर से मुलाकात के बाद उन्होंने बताया, ‘मुझे राज्यपाल लालजी टंडन ने चर्चा के लिए बुलाया था. विधानसभा सत्र को लेकर राज्यपाल चर्चा करना चाहते थे.’ सीएम ने उम्मीद जताई कि सदन की कार्यवाही शांतिपूर्वक चलेगी. सीएम ने कहा, ‘विधानसभा कैसे चलेगी? मतदान कैसे होगा? यह मैं तय नहीं करता हूं. मैंने तो राज्यपाल से कहा था कि फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार हूं.’

अल्‍पमत में है कमलनाथ सरकार: शिवराज

बीजेपी नेता और पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी भोपाल में देर रात प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने कहा कि सरकार अल्पमत में आ गई है और फ्लोर टेस्ट से भाग रही है. हम फिर से फ्लोर टेस्ट की मांग सदन में रखेंगे. उन्होंने कहा कि भाजपा ने पहले विश्वासमत कराने की बात कही है. राज्यपाल और सीएम की मुलाकात पर शिवराज सिंह ने कहा कि सीएम कमलनाथ का जवाब बहुत मासूम है. उन्होंने इस बात से इंकार किया कि कांग्रेस के किसी विधायक को बीजेपी ने बंधक बना रखा है.

भोपाल पहुंचे बीजेपी विधायक

मध्‍य प्रदेश में जारी सियासी हलचल के बीच रविवार को आधी रात के बाद तकरीबन 2 बजे मानेसर (गुरुग्राम) भेजे गए सभी बीजेपी विधायक वापस भोपाल लौट आए. सोमवार को सभी सदन की कार्यवाही में हिस्‍सा लेंगे. विधायकों की संख्या करीब 104 है. भाजपा के सभी विधायक विशेष विमान से भोपाल पहुंचे. एयरपोर्ट पर नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव औऱ प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा ने पार्टी के विधायकों को रिसीव किया. भार्गव ने बाद में बताया कि विधानसभा की कार्यवाही में शामिल होने के लिए बीजेपी के सभी विधायक भोपाल आ गए हैं. उन्होंने हैरत जताई कि विधानसभा की पहले दिन की कार्यसूची में सिर्फ राज्यपाल के अभिभाषण का जिक्र है, फ्लोर टेस्ट की बात नहीं है. भार्गव ने कहा, ‘अगर फ्लोर टेस्ट नहीं हुआ तो हम फिर से सदन में इस पर चर्चा करेंगे. हम राज्यपाल के आदेश का पालन करेंगे.’

बीजेपी नेता भी राज्यपाल से मिले

भोपाल में बीजेपी नेता रविवार को दोबारा राज्यपाल से मिले. गोपाल भार्गव और नरोत्तम मिश्रा ने राज्यपाल से मुलाकात की और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा. बीजेपी ने कार्यसूची में फ्लोर टेस्ट को शामिल न करने को असंवैधानिक बताया. बीजेपी ने कहा हमने राज्यपाल से ज्ञापन सौंपकर शिकायत की है. राज्यपाल के आदेश का स्पष्ट उल्लंघन हुआ है. इससे पहले इस तरह की स्थिति पैदा नहीं हुई. राज्यपाल के पास सारी संवैधानिक शक्तियां हैं. गोपाल भार्गव ने कहा कि राज्यपाल ने आश्वासन दिया है कि वह शीघ्र कदम उठाएंगे

समाजवादी पार्टी ने जारी किया व्हिप

कमलनाथ सरकार पर छाए संकट के बीच समाजवादी पार्टी ने व्हिप जारी किया है. पार्टी ने अपने विधायक राजेश शुक्ला के लिए यह व्हिप जार किया है. पार्टी कमलनाथ सरकार के पक्ष में वोट करेगी. सपा अभी कमलनाथ सरकार को बाहर से समर्थन दे रही है.

संवैधानिक संकट से गुज़र रहा मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश में आज से बजट सत्र आरंभ होगा, लेकिन अल्पमत की सरकार बजट कैसे पेश करेगी? कमलनाथ फ्लोर टेस्ट से बचने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं, विधानसभा स्पीकर उनके दल के हैं अत: वह भी इसी प्रयास में हैं की किसी भी तरह बजट सत्र आरंभ हो जाये, उसके बाद ही शक्ति परीक्षण हो। परंतु जब पता है की सरकार गिर जाएगी तो बजट कैसा पेश किया जाएगा, आने वाली सरकार के लिए आत्मघाती ही न हो अथवा बजट में अपनों ही को रेवड़ियाँ बाँट दीं गईं हों। असूलन स्पीकर को राज्यपाल का कहना मानना होता है परंतु कॉंग्रेस से इस बात की अपेक्षा कम ही है।

बीजेपी नेता और पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी भोपाल में देर रात प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने कहा सरकार अल्पमत में आ गयी है. लेकिन वो फ्लोर टेस्ट से भाग रही है.हम फिर से फ्लोर टेस्ट की मांग सदन में रखेंगे. उन्होंने कहा-हमने मांग की थी विश्वास मत पहले होना चाहिए.राज्यपाल और सीएम की मुलाकात पर शिवराज सिंह ने कहा कि सीएम कमलनाथ का जवाब बहुत मासूम है. उन्होंने इस बात से इंकार किया कि कांग्रेस के किसी विधायक को बीजेपी ने बंधक बना रखा है.

भोपाल. 

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि राज्य सरकार अपना बहुमत खो चुकी है और इसी कारण से फ्लोर टेस्ट से बचना चाह रही है.

शिवराज बोले, ‘मध्य प्रदेश सरकार बहुमत खो चुकी है. हम सोमवार को विधानसभा में सरकार से बहुमत साबित करने की मांग करेंगे. मुख्यमंत्री यह कह चुके हैं कि वे फ्लोर टेस्ट चाहते हैं, फिर इससे भाग क्यों रहे हैं. हमारी मांग सिर्फ फ्लोर टेस्ट कराने की है.’ बता दें कि बीजेपी के सभी विधायक भी देर रात जयपुर से भोपाल पहुंच गए.

यह हैं प्रावधान:

भारतीय इतिहास में आज तक ऐसा कभी दिखाई नहीं दिया कि बजट किसी भी कारणवश पारित न हुआ हो। क्योंकि बजट संविधान के अनुसार बजट निचले सदन में पेश किया जाता है जिस वजह से इसे पारित ना होने के कोई कारण ही नहीं रहते क्योंकि निचला सदन बहुमत में होता है। परंतु अगर किसी भी कारणवश बजट पारित नहीं होता तो भारतीय संविधान की धारा 116 के अंतर्गत होने वाली वोटिंग मे बजट के विरोध मे वोटिंग अधिक ही तो उस स्थिति में इसे संवैधानिक संकट माना जाता है और नैतिकता के आधार पर मन्त्रीमंडल को। त्यागपत्र दे देना चाहिए क्योंकि तकनीकी रूप से बजट फेल हो गया। इसका अगला पायदान है सदन में सरकार के खिलाफ अविश्वास पेश करना।

सीएम कमलनाथ द्वारा भाजपा पर विधायकों को बंधक बनाने के आरोप पर जवाब देते हुए कमलनाथ ने कहा, ‘किसी भी विधायक को बंधक नहीं बनाया गया है, राज्य सरकार इन्हें सुरक्षा प्रदान क्यों नहीं कर पा रही.’

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है. सत्र में राज्यपाल का अभिभाषण होगा लेकिन फ्लोर टेस्ट होगा या नहीं, इस पर संशय बरकारार है. दरअसल, विधानसभा की कार्यसूची में बहुमत परीक्षण का विषय नहीं है. केवल राज्यपाल के अभिभाषण का जिक्र है. 

इधर, विधायक दल की बैठक में सीएम कमलनाथ (Kamal Nath) ने कहा कि 21 विधायक बंधक बना लिया गया तो फ्लोर टेस्ट का क्या औचित्य? ऐसे में सवाल यह भी है क्या कमलनाथ राज्यपाल के आदेश की अनदेखी करेंगे. उधर, फ्लोर टेस्ट पर विधानसभा स्पीकर एनपी प्रजापति का कहना है कि कल फ्लोर टेस्ट होगा या नहीं, ये काल्पनिक प्रश्न है. राज्यपाल आदेश दे सकते हैं या नहीं, इसकी व्याख्या भी सोमवार को होगी.

कमलनाथ सरकार पर संकट बरकरार

कमलनाथ सरकार पर संकट बरकरार है. बेंगलुरू से बाकी 16 बागियों ने भी स्पीकर को चिट्ठी भेजकर कहा कि भोपाल नहीं लौटेंगे, इस्तीफा मंजूर करें. बीजेपी ने एक व्हिप जारी करके अपने विधायकों को सोमवार को विधानसभा में उपस्थित रहने और बीजेपी के पक्ष में वोट देने के लिए कहा है. भोपाल में राज्यपाल से रविवार को बीजेपी नेता नरोत्तम मिश्रा और गोपाल भार्गव ने मुलाक़ात की. हाथ उठवाकर वोटिंग की मांग की. उन्होंने कहा कि स्पीकर राज्यपाल की बात मानने के लिए बाध्य है.

राज्य सभा चुनाव के ऐन पहले गुजरात के 4 कांग्रेसी विधायकों के इस्तीफे मंजूर

अहमदाबाद: 

राज्यसभा चुनाव से पहले गुजरात कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. कांग्रेस के चार विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है. विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र त्रिवेदी चारों का इस्तीफा स्वीकार भी कर चुके हैं.

कांग्रेस के जिन चार विधायकों ने इस्तीफा दिया है उनमें – मंगल गावित, जेवी काकड़िया, सोमाभाई पटेल, प्रद्युमन जाडेजा  शामिल हैं. 

बता दें बीजेपी द्वारा गुजरात राज्यसभा चुनाव के लिए तीसरा उम्मीदवार मैदान में उतारे जाने के साथ कांग्रेस की धड़कनें बढ़ गई हैं. कांग्रेस को डर है कि कहीं उसके विधायक भाजपा के पाले में न चले जाएं, इसलिए उसने शनिवार को अपने कई विधायकों को राजस्थान भेज दिया है. 

मीडिया से बात करते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि कांग्रेस विधायकों पर काफी दबाव है और भाजपा धन और बाहुबल से राज्यसभा चुनाव को प्रभावित करना चाहती है.

182 सदस्यीय गुजरात विधानसभा में भाजपा के पास 103, जबकि कांग्रेस के पास 73 विधायक हैं. राज्यसभा के उम्मीदवार को जीतने के लिए 37 वोटों की जरूरत होगी. दोनों पार्टियों के पास दो सीटें जीतने के लिए पर्याप्त ताकत है. कांग्रेस को उम्मीद है कि निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी उनके उम्मीदवार के लिए ही वोट करेंगे. राज्यसभा की चार सीटों में से फिलहाल भाजपा के पास तीन और कांग्रेस के पास 1 सीट है.