23 और 24 अगस्त को दो दिन मनाई जाएगी ‘जन्माष्टमी’

भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव यानी जन्माष्टमी में इस बार 23 और 24 अगस्त को दो दिन मनाई जाएगी। जन्माष्टमी का पर्व हिन्दु पंचाग के अनुसार, भाद्रपद मास कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मनाया जाता है। इस बार यह अष्टमी 23 और 24 तारीख दो दिन है। विशेष उपासक 23 को जन्माष्टमी मनाएंगे जबिक आम लोग 24 अगस्त को जन्माष्टमी मना सकते हैं। क्योंकि उदया तिथि अष्टमी की बात करें तो यह 24 अगस्त को है। हालांकि भगवान कृष्ण के जन्म के वक्त आधी रात को अष्टमी तिथि को देखें तो 23 अगस्त को जन्माष्टमी मनाई जाएगी।

भगवान श्री कृष्ण का जन्म रोहिणी नक्षत्र में मध्यरात्रि को हुआ था। भाद्रपद मास में आने वाली कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र का संयोग होना शुभ माना गया है। रोहिणी नक्षत्र, अष्टमी तिथि के साथ सूर्य और चन्द्रमा ग्रह भी उच्च राशि में है। रोहिणी नक्षत्र, अष्टमी के साथ सूर्य और चंद्रमा उच्च भाव में होगा। द्वापर काल के अद्भुत संयोग में इस बार कान्हा जन्म लेंगे। घर-घर उत्सव होगा। लड्डू गोपाल की छठी तक धूम रहेगी। इस योग पर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करने भक्तों के सभी कष्ट दूर हो जाएंगे। पर्व को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। 


अष्टमी तिथि : 
अष्टमी 23 अगस्त 2019 शुक्रवार को सुबह 8:09 बजे लगेगी।

अगस्त 24, 2019 को 08:32 बजे अष्टमी समाप्त होगी। जन्मोत्सव तीसरे दिन तक मनाया जाएगा।

रोहिणी नक्षत्र 23 अगस्त 2019 को दोपहर  12:55 बजे लगेगा। 
रोहिणी नक्षत्र 25 अगस्त 2019 को रात 12:17 बजे तक रहेगा।


श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का महत्व –
मान्यता है कि भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाती है। क्योंकि भगवान कृष्ण को भगवान विष्णु के ही अवतार हैं। इसके अलावा भगवान कृष्ण का ध्यान, व्रत और पूजा  करने से भक्तों को उनकी विशेष कृपा प्राप्ति होती है। भगवान कृष्ण के बड़े भाई बलराम या बलदाऊ जी का पालन पोषण भी नंदबाबा के घर में हुआ। वासुदेव जी की एक पत्नी थीं रोहिणी जिनके पुत्र बलदाऊ जी महाराज थे। कंस ने देवकी को वासुदेव के साथ जेल में डाला तो रोहिणी को नंद बाबा के यहां भेज दिया गया। वैष्णव पंथ को मानने वाले हिन्दु धर्म के उपासक भगवान कृष्ण को अपना आराध्य मानते हैं ऐसे में आराध्य को याद करने लिए भी प्रित वर्ष लोग उनका जन्मोत्सव मनाते हैं।

भोग में चढ़ाएं दूध-धी और मेवा-
त्व देवां वस्तु गोविंद तुभ्यमेव समर्पयेति!! मंत्र के साथ भगवान कृष्ण का भोग लगाना चाहिए। भोग के लिए माखन मिश्री, दूध, घी, दही और मेवा काफी महत्व पूर्ण माना गया है। पूजा में पांच फलों का भी भोग लगा सकते हैं। चूंकि भगवान कृष्ण को दूध-दही बहुत पसंद था ऐसे में उनके भोग में दूध, दही और माखन जरूर सम्मिलित करना चाहिए।

पूजन विधान-
जन्माष्टमी के दिन व्रती सुबह में स्नानादि कर ब्रह्मा आदि पंच देवों को नमस्कार करके पूर्व या उत्तर मुख होकर आसन ग्रहण करें। हाथ में जल, गंध, पुष्प लेकर व्रत का संकल्प इस मंत्र का उच्चारण करते हुए लें- ‘मम अखिल पापप्रशमनपूर्वक सर्वाभीष्ट सिद्धये श्रीकृष्ण जन्माष्टमी व्रत करिष्ये।’ इसके बाद बाल रूप श्रीकृष्ण की पूजा करें। गृहस्थों को श्रीकृष्ण का शृंगार कर विधिवत पूजा करनी चाहिए। बाल गोपाल को झूले में झुलाएं। प्रात: पूजन के बाद दोपहर को राहु, केतु, क्रूर ग्रहों की शांति के लिए काले तिल मिश्रित जल से स्नान करें। इससे उनका कुप्रभाव कम होता है।

इस मंत्र का करें जाप-
सायंकाल भगवान को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए इस मंत्र का उच्चारण करें-
‘धर्माय धर्मपतये धर्मेश्वराय धर्मसम्भवाय श्री गोविन्दाय नमो नम:।’
इसके बाद चंद्रमा के उदय होने पर दूध मिश्रित जल से चंद्रमा को अर्घ्य देते समय इस मंत्र का उच्चारण करें- ‘ज्योत्सनापते नमस्तुभ्यं नमस्ते ज्योतिषामपते:! नमस्ते रोहिणिकांतं अघ्र्यं मे प्रतिग्रह्यताम!’ रात्रि में कृष्ण जन्म से पूर्व कृष्ण स्तोत्र, भजन, मंत्र- ‘ऊं क्रीं कृष्णाय नम:’ का जप आदि कर प्रसन्नतापूर्वक आरती करें। 

भारत को गिरियाने में राहुल से प्रेरणा ले रहा पाकिस्तान

पाकिस्तान ने राहुल गांधी के बयान को लपक लिया है और उसे ही कोट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए ऐसे शब्दों का प्रयोग कर रहा है, जिसे किसी भारतीय के लिए दोहराना भी गवारा नहीं होगा. पाकिस्तान के प्रसिद्ध पत्रकार हामिद मीर ने राहुल गांधी के बयान के वीडियो को शेयर करते हुए पीएम मोदी के लिए बेहद शर्मनाक शब्द प्रयोग किए हैं. ये ऐसे शब्द इतने अभद्र हैं जिसे हम हिन्दी में लिख भी नहीं सकते हैं.
मालूम हो कि भारतीय संसद ने जम्मू कश्मीर धारा 370 और 35ए को निष्क्रिय कर दिया है. इसके साथ ही जम्मू कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा खत्म हो चुका है. अब जम्मू कश्मीर में पूरी तरह से भारतीय कानून का लागू होते हैं. इस बात से पाकिस्तान (Pakistan) बौखला गया है. वह लगातार बेबुनियाद आरोप लगा रहा है.
इस पूरे प्रारण में पाकिस्तान को यदि कहीं से भी नैतिक बल मिल रहा है तो वह कॉंग्रेस आलाकमान और कॉंग्रेस ही के शीर्ष नेताओं से। वह चाहे चिदम्बरम हों, गुलाम नबी सुरजेवाला या फिर संसद में नेता कॉंग्रेस पक्ष, अधीर रंजन चौधरी ही क्यों न हों। सारे मामले में खास बात यह है कि यह वही कॉंग्रेस है जो भारत की अक्षुहनता की शपथ लेती आई है।

नई दिल्ली:

कांग्रेस नेता राहुल गांधी पूरी तरह से पाकिस्तान की भाषा बोलते हैं यह बात एक बार फिर से सही साबित हुई है. भारतीय संसद की ओर से जम्मू कश्मीर में धारा 370 निष्क्रिय करने के फैसले पर जहां संयुक्त राष्ट्र से लेकर चीन-रूस जैसे देश भारत का समर्थन कर रहे हैं, वहीं राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खिलाफत करने में पाकिस्तान की भाषा बोलने लगे हैं. आलम यह है जम्मू कश्मीर को लेकर भारत पर बेबुनियाद आरोप लगाने के लिए पाकिस्तान राहुल गांधी के बयानों को आधार बना रहा है.

जहां भारतीय सेना से लेकर जम्मू कश्मीर पुलिस के आला अफसर लगातार कह रहे हैं कि जम्मू कश्मीर में अमन है. धारा 370 निष्क्रिय होने के बाद एक गोली नहीं चली है. मीडिया में तमाम ऐसे वीडियो दिखाए जा रहे हैं कि जिसमें साफ तौर से दिख रहा है कि जम्मू कश्मीर के लोगों ने बेफिक्र होकर बकरीद का त्योहार सेलिब्रेट किया. लेकिन राहुल गांधी को न जानें कहां से सूचना मिली है कि जम्मू कश्मीर में हिंसा हो रही है.

राहुल गांधी ने कहा है कि जम्मू कश्मीर में हिंसा की खबरें हैं. वहीं उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया है कि पीएम मोदी कश्मीर का सच लोगों को बताएं. उन्होंने कहा कि पीएम बताएं कि कश्मीर में क्या हो रहा है?

पाकिस्तान ने राहुल गांधी के बयान को लपक लिया है और उसे ही कोट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए ऐसे शब्दों का प्रयोग कर रहा है, जिसे किसी भारतीय के लिए दोहराना भी गवारा नहीं होगा. पाकिस्तान के प्रसिद्ध पत्रकार हामिद मीर ने राहुल गांधी के बयान के वीडियो को शेयर करते हुए पीएम मोदी के लिए बेहद शर्मनाक शब्द प्रयोग किए हैं. ये ऐसे शब्द इतने अभद्र हैं जिसे हम हिन्दी में लिख भी नहीं सकते हैं.

इतना ही नहीं पाकिस्तान प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक इंसाफ (पीटीआई) के सांसद मुराद सईद ने भी राहुल गांधी के शर्मनाक बयान के वीडियो को ट्वीट करते हुए लिखा है, ‘इनके अपने लोग जब विरोध कर रहे हैं, फिर भी दुनिया चुप है.’ सईद मुराद और हामिद मीर का यह ट्वीट साफ तौर से बता रहा है कि राहुल गांधी पाकिस्तान के पोस्टर ब्वॉय बन गए हैं.

‘पाकिस्तान सफेद झंडा लहराए और बर्बर BAT के शव ले जाए’ भारतीय सेना

भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सेना को शवों को लेने की पेशकश की है. भारत ने पाकिस्तान सेना को श्वेत ध्वज के साथ संपर्क करने और अंतिम संस्कार के लिए शवों को लेने की पेशकश की है.

श्रीनगर: भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सेना को शवों को लेने की पेशकश की है. भारत ने पाकिस्तान सेना को श्वेत ध्वज के साथ संपर्क करने और अंतिम संस्कार के लिए शवों को लेने की पेशकश की है. हालांकि पाकिस्तान की तरफ से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. मालूम हो कि शनिवार को भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान की BAT फौजी दस्ते के 5-7 सदस्यों को मार गिराया था. BAT फौजियों के शव भारतीय सीमा में हैं. दोनों जारी गोलीबारी के चलते शवों को वहां से हटाया नहीं गया है. ऐसे में भारत ने पाकिस्तान के सामने शवों को ले जाने की पेशकश की है.

BAT पर सेना की बड़ी कार्रवाई
सेना ने LoC पर पाकिस्तानी BAT के 5-7 कमांडो और आतंकी मार गिराये हैं. इस कार्रवाई के साथ ही भारतीय सेना ने साफ संदेश दिया है कि ‘जन्नत’ में घुसोगे तो जहन्नूम भेजे जाओगे’.

आतंकियों के शव LoC पर ही पड़े हैं. सेना ने मारे गए आतंकियों की तस्वीर जारी की है. इससे पहले शोपियां और सोपोर में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली. यहां 2 दिन में 4 आतंकी भी मार गिराये गए. 31 जुलाई की रात को BAT ने घुसपैठ की कोशिश की थी.

ये BAT क्या है?

बैट (BAT) यानी पाकिस्तानी बॉर्डर एक्शन टीम, ऐसी टीम जो क्रूरता की सभी हदों को लांघ जाती है. बैट कमांडो पर कई बार भारतीय सैनिकों के शवों को क्षत-विक्षत करने का आरोप लगता रहा है. शहीद हेमराज का सिर काटने का आरोप भी बैट कमांडो पर लगा था. इस टीम में सेना के कमांडो के साथ आतंकी भी शामिल होते हैं.

बैट भारत-पाकिस्तान सीमा में एक से तीन किलोमीटर तक हमले को अंजाम देती है. बैट जब भी सीमा पर भारतीय सेना (Indian army) को शिकार बनाने निकलती है, PAK रेंजर्स उन्हें कवर फायरिंग देते हैं. पाकिस्तान आर्मी कैंप में बैट कमांडो की ट्रेनिंग होती है. इन्हें बर्फ, पानी, हवा, जंगल और मैदान में मार करने का प्रशिक्षण दिया जाता है. ये अपने साथ हाई एनर्जी फूड लेकर चलते हैं.

सीज़ फायर उलंघन के दौरान भारतीय सीमा में पाकिस्तानी BAT कमांडो ढेर

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले के मद्देनजर जारी की गई एडवायजरी के बाद शनिवार को पाकिस्तान ने एकबार फिर से संघर्षविराम का उल्लंघन किया. पाकिस्तान की ओर से लगातार गोलीबारी की गई. वहीं, सीमा पर पाकिस्‍तानी गोलीबारी का भारतीय सेना मुंहतोड़ जवाब दे रही हैं. शनिवार को कैरन सेक्‍टर में हुई पाकिस्‍तानी गोलीबारी का जवाब भारतीय सेना ने तत्काल रूप से दिया. पाकि‍स्‍तानी की ओर से जारी गोलीबारी की नापाक हरकत पर जवाबी कार्रवाई करते हुए भारतीय सेना ने पाकिस्तान की बैट (बार्डर एक्शन टीम) के 5 से 7 सैनिक ढेर कर दिए हैं. 

बीते 36 घंटों से कैकन सेक्टर में पाकिस्तानी बैट टीम घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया. बताया जा रहा है कि बैट टीम के 5 से 7 ढेर कर दिए गए हैं. उनके 4 शव अभी भी सीमा पर ही पड़े हुए हैं. भारी गोलीबारी के चलते अभी तक शवों को नहीं उठाया गया है.

बताया जा रहा है कि भारतीय सेना की ओर से की गई कार्रवाई में पाकिस्तान के कई चौकियां भी तबाह हो गई हैं. पाकिस्‍तानी सेना फायरिंग की आड़ में लगातार घुसपैठ का प्रयास करती रहती है. गौरतलब है कि पाकिस्तान की ओर से जुलाई महीने के दौरान कुल 272 संघर्षविराम उल्लंघन हो चुके हैं. पाकिस्तान लगातार संघर्षविराम का उल्लंघन करता रहा है. इस साल पाकिस्तान की ओर से कुल 1,593 संघर्ष विराम उल्लंघन हुए हैं. मार्च में तीन, जून में एक और जुलाई में दो सैनिक शहीद हो चुके हैं. इसके अलावा जुलाई महीने के दौरान ही कुल 272 संघर्ष विराम उल्लंघन हुए हैं.

जगाधरी सम्मेलन ओ लेका अग्ग्र्वल समाज पंचकुला की बैठक

आज अखिल भारतीय अग्रवाल समाज, पंचकूला की बैठक जिला प्रधान राजीव गुप्ता की अध्यक्षता में हुई, जिसमें महासचिव सुनीत सिंगला, वित्त सचिव यशपाल गर्ग सहित सुमित  गोयल, बी डी गर्ग, राजेश गोयल, अश्विन गुप्ता, दर्शन बंसल, सतपाल गर्ग, अभिनव अग्रवाल, संजय जिन्दल, अंकित गोयल तथा प्रदीप गुप्ता ने भाग लिया । बैठक में 29 सितम्बर को जगाधरी में होने वाले अग्रवाल वैश्य युवक-युवती वैवाहिक परिचय सम्मेलन के बारे में विचार विमर्श किया गया ।जिला प्रधान राजीव गुप्ता ने कहा कि आज के दौर में अच्छा रिश्ता ढूंढना भी एक चुनौती बन गया है । हमारे समाज के युवक युवतियों को कई बार  30 से 32 साल की आयु तक भी उपयुक्त रिश्ता नहीं मिल पाता है, ऐसे हालात में परिचय सम्मेलन किसी वरदान से कम नहीं होता है । इसमें एक दिन में एक मंच पर सैकड़ों की संख्या में आए हुए प्रत्याशियों में से अपना मनपसंद जीवन साथी ढूंढने का सुनहरा मौका मिलता है और दहेज जैसी कुप्रथा पर भी रोक लगती है । महासचिव सुनीत सिंगला ने बताया कि परिचय सम्मेलन के दिन कई रिश्ते  मौके पर ही तय हो जाते हैं और अभिभावकों को प्रत्याशियों के बारे में ज्यादा छानबीन भी नहीं करनी पड़ती है । उन्होंने अग्रवाल वैश्य समाज के लोगों से अपील की कि वे इस सम्मेलन के बारे में अधिक से अधिक लोगों को जानकारी दें ।

भारत में जल्द ही बिजली से चलने वाले ट्रक मिलेंगे

सड़क परिवहन और भारी उद्योग मंत्रालय इस तरह की एक संयुक्‍त परियोजना में काम कर रहे हैं. जिसके तहत, दिल्‍ली से मुंबई के बीच में निर्माणाधीन ग्रीन एक्‍सप्रेस हाईवे में बिजली से ट्रकों को दौड़ाने का ट्रायल रन शुरू करने की भी योजना है

नई दिल्‍ली: सड़क परिवहन और भारी उद्योग मंत्रालय की योजना सफल रही तो जल्‍द ट्रक का डीजल की जगह बिजली से दौड़ते नजर आएंगे. जी हां, सड़क परिवहन और भारी उद्योग मंत्रालय इस तरह की एक संयुक्‍त परियोजना में काम कर रहे हैं. जिसके तहत, दिल्‍ली से मुंबई के बीच में निर्माणाधीन ग्रीन एक्‍सप्रेस हाईवे में बिजली से ट्रकों को दौड़ाने का ट्रायल रन शुरू करने की भी योजना है. मंत्रालय का यह ट्रायल रन सफल रहा तो दिल्‍ली से मुंबई के बीच निर्माणाधीन इस हाईवे में बिजली से चलने वाले ट्रकों के लिए एक अलग कॉरिडोर बनाया जाएगा.  

80 टन क्षमता वाले ट्रक का बिजली से होगा परिचालन 
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार, दिल्‍ली से मुंबई के बीच निर्माणाधीन ग्रीन एक्‍सप्रेस हाईवे में भारी उद्योग मंत्रालय की मदद से दस किलोमीटर का एक कॉरिडोर बनाया जाएगा. जिसमें बिजली की तारें लगी होंगी. इन तारों की मदद से 80 टन क्षमता वाले इलेक्ट्रिक ट्रक को पैंटोग्राफ से जोड़ा जाएगा. उन्‍होंने बताया कि इस कॉरीडोर पर चलने वाले ट्रकों में बैटरी का विकल्‍प भी होगा. पैंटोग्राफ की मदद से कुछ किलोमीटर ट्रक चलेंगे. इस समयावधि में ट्रक की बैटरी चार्ज हो जाएगी. जिसके बाद बैटरी पर ट्रकों को चलाया जा सकेगा. बैटरी डिस्‍चार्ज होने पर ये ट्रक वापस बिजली से चलेंगे. 

A truck with a pantograph drives on the “eHighay” test track in Gross Doelln, eastern Germany, on November 6, 2015. Since 2011 German engineering giant Siemens runs the test track for the development of electric driven freight traffic.

120 किमी कम हो जाएगी दिल्‍ली से मुंबई की दूरी
उन्‍होंने बताया कि यदि यह योजना सफल रहती है तो एक लीटर डीजल में जितनी दूरी एक ट्रक तय करता है, उसकी दूरी को तय करने में महज 12 रुपए का खर्च आएगा. उन्‍होंने संभावना जाहिर की है कि दिल्‍ली से मुंबई के बीच बनने वाला यह ग्री न एक्‍सप्रेस हाईवे अगले ढाई से तीन साल में बन कर तैयार हो जाएगा. जिसके बाद इलेक्ट्रिक ट्रकों का परीक्षण इस कारिडोर में किया जाएगा. उन्‍होंने बताया कि इस हाईवे के बनने के बाद दिल्‍ली से मुंबई की दूरी करीब 120 किमी कम हो जाएगी और महज 12 घंटे में दिल्‍ली से मुंबई का सफर पूरा किया जा सकेगा. 

इन देशों में सफलतापूर्वक चल रहे हैं इलेक्ट्रिक ट्रक 
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार, बिजली से चलने वाले ट्रक हमारे देश के लिए भले ही नई बात हों, लेकिन दुनिया में कई देश ऐसे हैं, जहां पर बिजली से ट्रकों को चलाया जा रहा है. जिन देशों में बिजली से ट्रक चलाए जा रहे हैं, उनमें अमेरिका, सैनफ्रांसिस्को, जर्मनी और स्‍वीडन शामिल हैं. उन्‍होंने बताया कि हाल में उन्‍होंने स्‍वीडन और जर्मनी में बिजली से चलने वाले ट्रकों की परियोजना को देखा है, जिसे जल्‍द ही भारत में लागू किया जाएगा. इस योजना के लागू होने के बाद सामान को एक शहर से दूसरे शहर ले जाने में आने वाली लागत में खासी कमी आएगी. 

जूनागढ़ निकाय चुनावों में काँग्रेस का सूपड़ा साफ

हर समय लोकतन्त्र को धता बता कर लोकतन्त्र ही की दुहाई देने वाली कॉंग्रेस के लिये आज चहुं ओर से बुरी ख़बरें ही आ रहीं हैं। एक ओर जहां कॉंग्रेस तेलंगाना में अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है वहीं कर्नाटक में अपनी सत्ता गंवा चुकी है ओर गुजरात में तो और भी बुरा हाल है। जहां जूनागढ़ नगरपालिका की 56 सीटों पर लड़े गए चुनावों में कॉंग्रेस मात्र 1 सीट पर सिमट कर रह गयी है।

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव के बाद गुजरात में स्‍थानीय निकाय चुनाव में भी बीजेपी को प्रचंड बहुमत मिला है. जूनागढ़ महानगर पालिका में भाजपा ने 54 जबकि एनसीपी 4 पर तथा कांग्रेस 1 सीट पर जीत दर्ज की है. जिला पंचायतों की पांच सीट के उपचुनाव में भी बीजेपी ने जीत दर्ज की है. जूनागढ़ महानगर पालिका के चुनाव रविवार को हुए थे. मनपा के 15 वार्ड की 59 सीट के लिए रविवार को 56 सीटों पर वोट डाले गए थे. 3 सीटों पर बीजेपी उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके थे. एक सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार ने नामांकन पत्र भरने के बाद बीजेपी के प्रत्याशी को समर्थन दे दिया था.

यह भी पढ़ें: 99 के फेर में काँग्रेस – जेडीएस गयी

इस परिणाम से ऐसा लगता है कि जूनागढ़ नगर निगम से कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया. चुनाव प्रचार के समय, कांग्रेस नेताओं द्वारा यह कहा गया था कि जूनागढ़ के कुछ वार्डों के लोग भाजपा उम्मीदवार को बाहर कर देंगे. लेकिन इस चुनाव का परिणाम बता रहा है के लोगों ने भाजपा की बजाय कांग्रेस को साफ करने का निर्णय लिया है.

खास बात यह है कि जूनागढ़ नगर निगम का मुस्लिम बहुल इलाके में है. यह चुनाव एक बार फिर संकेत दे रहे हैं कि जमीन पर कांग्रेस बिलकुल खत्म होती जा रही है. हार की सबसे बडी वजह यह है की कांग्रेस जूनागढ़ में नेतृत्व संकट से जूझ रही है.

भाजपा अध्‍यक्ष जीतू भाई वाघाणी ने कहा कि यह प्रजा व लोकतंत्र की जीत है, विधानसभा, लोकसभा व स्‍थानीय निकाय हर चुनाव में जनता भाजपा के साथ रही जबकि कांग्रेस ने जाति वर्ग में लोगोंको बांटकर चुनाव जीतने का प्रयास किया. 

“हम विधानसभा सत्र के निर्वाध संचालन के लिए विश्वस्त और तैयार हैं.” कुमारस्वामी

कर्नाटक विधानसभा से सत्तारूढ़ कांग्रेस व जेडीएस के विधायकों द्वारा इस्तीफा देने के बाद सरकार के भविष्य पर बड़ा संकट पैदा हो गया है.

बेंगलुरू: कर्नाटक विधानसभा से सत्तारूढ़ कांग्रेस व जेडीएस के विधायकों द्वारा इस्तीफा देने के बाद सरकार के भविष्य पर बड़ा संकट पैदा हो गया है. पिछले कुछ दिनों में कांग्रेस के 13 जबकि जेडीएस के तीन विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप दिया, जिससे गठबंधन सरकार संकट में पड़ गई है. राज्य में आज यानी शुक्रवार से मानसून सत्र शुरू होने जा रहा है. इसी बीच राज्य के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा है कि उनकी सरकार मजबूत है, हालांकि अस्थिर किए जाने का प्रयास किया जा रहा है. कुमारस्वामी ने कहा, “हम विधानसभा सत्र के निर्वाध संचालन के लिए विश्वस्त और तैयार हैं.” 
   
इससे पहले, कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष केआर रमेश कुमार ने गुरुवार को कहा कि उन्हें सत्ताधारी कांग्रेस और जेडीएस के 13 विधायकों के इस्तीफे नियत फॉर्मेट में मिले थे. कुमार ने यहां संवाददाताओं से कहा, “विधायकों ने अपना इस्तीफा मेरे कार्यालय में नियत फॉर्मेट में लिखे. मैं उन पर विचार करूंगा और उनकी बात निजी तौर पर सुनने के बाद फैसला लूंगा.”

उन्होंने कहा, “मैं शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट को सूचित करूंगा कि मैंने मामले पर कार्रवाई कानून और दिन में पूर्व में जारी अपने आदेश के अनुसार की है.”

अगर 16 विधायकों के इस्तीफे स्वीकार हुए
अगर अध्यक्ष 16 विधायकों के इस्तीफे को स्वीकार कर लेते हैं, तो विधानसभा की प्रभावी ताकत 225 से घटकर 209 हो जाएगी और बहुमत के लिए जादुई आंकड़ा 105 हो जाएगा जबकि सत्तारूढ़ गठबंधन 100 पर सिमटकर अल्पमत में आ जाएगा. 

कर्णाटक स्पीकर ने कहा की सर्वोच्च न्यायालय तय नहीं करेगा की कब और क्या फैसला लेना है

कर्नाटक विधानसभा के स्पीकर रमेश कुमार ने सुप्रीम कोर्ट को अपने उस आदेश पर रोक लगाने की मांग की है, जिसमें गुरुवार सुबह सुप्रीम कोर्ट की ओर से विधायकों के इस्‍तीफे के मामले पर आज ही फैसला लेने को कहा था. 

बेंगलुरू:  कर्नाटक के बागी कांग्रेस और जेडीएस विधायक गुरुवार को विधासभा अध्यक्ष से मिलने पहुंचे. विधायकों से मुलाकात के बाद स्पीकर रमेश कुमार ने कहा कि मेरा काम किसी को बचाना या हटाना नहीं है. सुनवाई में देरी के आरोप से दुखी हूं. स्पीकर ने कहा – 8 विधायकों का इस्तीफा सही प्रारूप में नहीं था. मुझसे किसी विधायक ने मिलने का वक्त नहीं मांगा.’ 

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने बागी विधायकों को विधानसभा अध्यक्ष के सामने पेश होने के लिए कहा था. इससे पहले अब कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष केआर रमेश कुमार ने सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया. अध्यक्ष ने न्यायालय द्वारा उन्हें 10 बागी विधायकों के इस्तीफे पर फैसला लेने के आदेश को रोकने की अपील की है. 

अध्यक्ष ने कहा कि इस तरह का निर्देश सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी नहीं किया जा सकता है. उन्होंने अपने आवेदन पर तत्काल सुनवाई की मांग भी की. अध्यक्ष ने कहा कि उनके संवैधानिक कर्तव्यों और विधानसभा के नियमों ने उन्हें यह सत्यापित करने के लिए बाध्य किया कि विधायकों द्वारा दिए गए इस्तीफे के पीछे मूल कारण क्या हैं. क्या ये स्वैच्छिक हैं या इनके पीछे किसी का दबाव है. उन्होंने तर्क देते हुए कहा कि यह पता लगाने के लिए उस निश्चित समय-सीमा के अंदर जांच पूरी नहीं की जा सकती है जिसे शीर्ष अदालत ने तय किया है.

पीठ का मामले पर तत्काल सुनवाई से इनकार
प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया.  लेकिन, अदालत ने अध्यक्ष के आवेदन को दायर  करने की अनुमति देते हुए यह संकेत दिया कि मामले को 10 बागी विधायकों की याचिका के साथ सुनवाई के लिए लिया जाएगा.

अध्यक्ष की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील ए. एम. सिंघवी और देवदत्त कामत ने अदालत के सामने तर्क दिया कि अध्यक्ष संवैधानिक रूप से अयोग्यता की कार्यवाही  पहले करने के लिए बाध्य हैं. प्रधान न्यायाधीश की अगुवाई वाली पीठ ने जवाब दिया कि उसने पहले ही सुबह आदेश पारित कर दिया था कि यह फैसला अध्यक्ष को करना है कि इस पर क्या कार्रवाई की जानी है. हम आपको कल (शुक्रवार को) सुनेंगे.

गोवा में कॉंग्रेस विलुप्त

काँग्रेस को सिर्फ सत्ता लोलुपता और ऐय्याशियों ने डुबोया है, काँग्रेस सत्ता से दूर शायद रह भी ले परंतु कोंग्रेसी नहीं रह सकते। आज जिस प्रकार से भाजपा में शामिल होने की होड़ मची है सासे यही साबित होता है की येन केन प्रकारेण कोई पद, कोई कुर्सी या महकमा हाथ लग जाये। मोदी के नेतृत्व में भाजपा की प्रचंड जीत और सर्वोपरो अमेठी से राहुल गांधी की शर्मनाक हार का असर कॉंग्रेस पर इतना पड़ा की वह 2024 के लिए भी परेशान हो गए। आज गोवा में कॉंग्रेस विल्प्त हो गयी। गोवा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर माइकल लोबो ने इस मामले पर कहा कि कांग्रेस के 10 विधायक बीजेपी में शामिल हुए हैं. यह उनके कुल विधायकों की संख्या का दो-तिहाई है.

नई दिल्ली: कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस की गठबंधन सरकार पर सियासी संकट गहरा रहा है. वहीं, इन सबके बीच कांग्रेस के लिए गोवा राज्य से भी बुरी खबर सामने आ रही है. गोवा में कांग्रेस के 10 विधायकों ने बीजेपी का दामन थाम लिया है. इन विधायकों में चंद्रकांत कावलेकर भी शामिल हैं, जो विपक्ष के नेता थे. कांग्रेस के 10 विधायकों के बीजेपी में शामिल होने पर गोवा के सीएम प्रमोद सावंत ने कहा कि कांग्रेस के विधायकों के अपने विपक्षी नेता के साथ बीजेपी में शामिल होने से हमारी संख्या 27 हो गई है. सभी विधायक बिना किसी शर्त के बीजेपी में शामिल हुए हैं.

गोवा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर माइकल लोबो ने इस मामले पर कहा कि कांग्रेस के 10 विधायक बीजेपी में शामिल हुए हैं. यह उनके कुल विधायकों की संख्या का दो-तिहाई है. कांग्रेस विधायकों का विलय नियमानुसार हुआ है. वहीं, गोवा विधानसभा के स्पीकर राजेश पाटनेकर ने कहा कि आज कांग्रेस के 10 विधायकों ने मुझे पत्र देकर बीजेपी में शामिल होने की जानकारी दी. दूसरा पत्र मुझे गोवा के सीएम प्रमोद सावंत की ओर से मिला, जिसमें बीजेपी का संख्याबल बढ़ने की बात कही गई थी. मैंने दोनों पत्र स्वीकार कर लिए हैं.  

वहीं, कांग्रेस का साथ छोड़ बीजेपी में शामिल हुए विपक्ष के नेता चंद्रकांत कावलेकर ने कहा कि अगर विधानसभा क्षेत्र में कोई विकास नहीं होगा तो लोग हमें दोबारा कैसे चुनेंगे. कांग्रेस ने जो भी वादें किए थे, उन्हें पूरा नहीं किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास गोवा में सरकार बनाने के कई मौके थे, लेकिन वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं में एकता की कमी के कारण यह नहीं हो पाया. उन्होंने कहा कि यह कभी हो भी नहीं पाएगा इसलिए हमनें बीजेपी में शामिल होने का निर्णय लिया है. 

कावलेकर ने कहा कि गोवा के सीएम प्रमोद सावंत अच्छा काम कर रहे हैं इसलिए हम 10 विधायकों ने बीजेपी में शामिल होने का फैसला किया है. मैं विपक्ष का नेता होने के बावजूद अपने विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्य नहीं करवा पा रहा था. उन्होंने कहा कि राज्य की सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद कुछ लोगों के कारण हम सरकार नहीं बना सके. बीजेपी में शामिल होने वाले नेताओं में बाबू कावलेकर, बाबुश मोनसेराट, उनकी पत्नी जेनिफर मोनसेरेट, टोनी फर्नांडिस, फ्रांसिस सिल्वेरा आदि हैं.