सुशांत सिंह की मौत/ आत्म हत्या/ हत्या के मामले की जांच अब सीबीआई को

सुशांत सिंह राजपूत आत्महत्या मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI)को सौंप दी गई है.केंद्र सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि बिहार सरकार ने CBI जांच की सिफारिश की थी. केंद्र ने स्वीकार किया और जांच को CBI के हवाले कर दिया.

नई दिल्ली (ब्यूरो) – 05 अगस्त:

सुशांत सिंह राजपूत केस में बिहार सरकार ने मंगलवार को सीबीआई जांच की सिफारिश केंद्र को भेजी थी. अब केंद्र ने बिहार सरकार की ये सिफारिश मंजूर कर ली है. सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार के वकील ने बताया कि उन्होंने सुशांत केस की जांच सीबीआई को ट्रांसफर कर दी है. अब इस केस की सीबीआई जांच करेगी. बता दें, लंबे समय से सोशल मीडिया पर इस केस की सीबीआई से जांच कराने की मांग हो रही थी.

सुशांत केस की होगी सीबीआई जांच

केंद्र सरकार के वकील SG तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि मामले की जांच सीबीआई से कराने की बिहार सरकार की सिफारिश मान ली गई है. रिया की तरफ से वकील श्याम दीवान ने कहा है कि एसजी की तरफ से जो कहा गया, यहां वह मामला नहीं है, ऐसे में अदालत रिया की याचिका पर गौर करे. श्याम दीवान (रिया के वकील) ने सभी मामले पर रोक लगाने की मांग की. श्याम दीवान ने कहा कि एफआईआर ज्यूरिसडिक्शन के मुताबिक नहीं है. ऐसे में अदालत पूरे मामले पर रोक लगाए.

बिहार पुलिस मुंबई पहुंची और खुद जाकर पूछताछ करने लगी. जबकि उनके क्षेत्राधिकार में यह नहीं आता, जबकि मुंबई पुलिस पहले से पूरी कार्रवाई कर रही है. रिया के वकील श्याम दीवान ने कहा बिहार में दर्ज FIR को मुम्बई ट्रांसफर किया जाना चाहिए. श्याम दीवान ने दलील देते हुए कहा कि सुशांत की मौत के मामले में मुंबई पुलिस अब तक 59 लोगों की गवाही दर्ज कर चुकी है.

जस्टिस ऋषिकेश राय ने कहा कि सुशांत काफी टैलेंटेड और उभरते हुए कलाकार थे और उनकी रहस्यमयी तरीके से मौत हो जाना चौंकाने वाला है. जस्टिस ऋषिकेश राय ने कहा कि यह जांच का विषय है.

बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत की 14 जून को मौत हो गई. उन्होंने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी थी. सुशांत की मौत के बाद से हर कोई सीबीआई जांच की मांग कर रहा था.

नाग पंचमी 2020

व्रत – उपवास – त्यौहार, चंडीगढ़ – 25 जुलाई:

नाग पंचमी का त्योहार आज 25 जुलाई को मनाया जा रहा है. आज लोग सांपों/नाग देवताओं की पूजा करेंगे और नाग देवता को दूध पिलाएंगे. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, नाग पंचमी के दिन नागदेव की पूजा करने से कुंडली के राहु और केतु से संबंधित दोष दूर होते हैं. जिन जातकों की कुंडली में सांप का भय और सर्पदंश का योग होता है वो नाग पंचमी के दिन कालसर्प योग की पूजा करेंगे. आज कई महिलाएं सांप को भाई मानकर उनकी पूजा करती हैं और भाई से अपने परिवार की रक्षा का आशीर्वाद मांगती हैं. आइए नाग पंचमी के मौके पर पढ़ते हैं नाग पंचमी कथा …

नाग पंचमी कथा:

नाग पंचमी की पौराणिक कथा के अनुसार, बहुत समय पहले की बात है जब प्राचीन नगर में एक सेठजी के सात पुत्र थे. सातों के विवाह हो चुके थे. सबसे छोटे पुत्र की पत्नी श्रेष्ठ चरित्र की विदूषी और सुशील थी, परंतु उसके भाई नहीं था.

एक दिन बड़ी बहू ने घर लीपने को पीली मिट्टी लाने के लिए सभी बहुओं को साथ चलने को कहा तो सभी धलिया और खुरपी लेकर मिट्टी खोदने लगी. तभी वहां एक सर्प निकला, जिसे बड़ी बहू खुरपी से मारने लगी. यह देखकर छोटी बहू ने उसे रोकते हुए कहा- ‘मत मारो इसे? यह बेचारा निरपराध है.’

यह सुनकर बड़ी बहू ने उसे नहीं मारा तब सर्प एक ओर जा बैठा. तब छोटी बहू ने उससे कहा-‘हम अभी लौट कर आती हैं तुम यहां से जाना मत. यह कहकर वह सबके साथ मिट्टी लेकर घर चली गई और वहां कामकाज में फंसकर सर्प से जो वादा किया था उसे भूल गई.

उसे दूसरे दिन वह बात याद आई तो सब को साथ लेकर वहां पहुंची और सर्प को उस स्थान पर बैठा देखकर बोली- सर्प भैया नमस्कार! सर्प ने कहा- ‘तू भैया कह चुकी है, इसलिए तुझे छोड़ देता हूं, नहीं तो झूठी बात कहने के कारण तुझे अभी डस लेता. वह बोली- भैया मुझसे भूल हो गई, उसकी क्षमा मांगती हूँ, तब सर्प बोला- अच्छा, तू आज से मेरी बहन हुई और मैं तेरा भाई हुआ. तुझे जो मांगना हो, मांग ले. वह बोली- भैया! मेरा कोई नहीं है, अच्छा हुआ जो तू मेरा भाई बन गया.

कुछ दिन व्यतीत होने पर वह सर्प मनुष्य का रूप रखकर उसके घर आया और बोला कि ‘मेरी बहन को भेज दो.’ सबने कहा कि ‘इसके तो कोई भाई नहीं था, तो वह बोला- मैं दूर के रिश्ते में इसका भाई हूं, बचपन में ही बाहर चला गया था. उसके विश्वास दिलाने पर घर के लोगों ने छोटी को उसके साथ भेज दिया. उसने मार्ग में बताया कि ‘मैं वहीं सर्प हूं, इसलिए तू डरना नहीं और जहां चलने में कठिनाई हो वहां मेरी पूंछ पकड़ लेना. उसने कहे अनुसार ही किया और इस प्रकार वह उसके घर पहुंच गई. वहां के धन-ऐश्वर्य को देखकर वह चकित हो गई.

एक दिन सर्प की माता ने उससे कहा- ‘देश परंतु सर्प के समझाने पर शांत हो गई. तब सर्प ने कहा कि बहिन को अब उसके घर भेज देना चाहिए. तब सर्प और उसके पिता ने उसे बहुत सा सोना, चांदी, जवाहरात, वस्त्र-भूषण आदि देकर उसके घर पहुंचा दिया.

इतना ढेर सारा धन देखकर बड़ी बहू ने ईर्ष्या से कहा- भाई तो बड़ा धनवान है, तुझे तो उससे और भी धन लाना चाहिए. सर्प ने यह वचन सुना तो सब वस्तुएं सोने की लाकर दे दीं. यह देखकर बड़ी बहू ने कहा- ‘इन्हें झाड़ने की झाड़ू भी सोने की होनी चाहिए’. तब सर्प ने झाडू भी सोने की लाकर रख दी.

सर्प ने छोटी बहू को हीरा-मणियों का एक अद्भुत हार दिया था. उसकी प्रशंसा उस देश की रानी ने भी सुनी और वह राजा से बोली कि- सेठ की छोटी बहू का हार यहां आना चाहिए.’ राजा ने मंत्री को हुक्म दिया कि उससे वह हार लेकर शीघ्र उपस्थित हो मंत्री ने सेठजी से जाकर कहा कि ‘महारानीजी छोटी बहू का हार पहनेंगी, वह उससे लेकर मुझे दे दो’. सेठजी ने डर के कारण छोटी बहू से हार मंगाकर दे दिया.

छोटी बहू को यह बात बहुत बुरी लगी, उसने अपने सर्प भाई को याद किया और आने पर प्रार्थना की- भैया ! रानी ने हार छीन लिया है, तुम कुछ ऐसा करो कि जब वह हार उसके गले में रहे, तब तक के लिए सर्प बन जाए और जब वह मुझे लौटा दे तब हीरों और मणियों का हो जाए. सर्प ने ठीक वैसा ही किया. जैसे ही रानी ने हार पहना, वैसे ही वह सर्प बन गया. यह देखकर रानी चीख पड़ी और रोने लगी.

यह देख कर राजा ने सेठ के पास खबर भेजी कि छोटी बहू को तुरंत भेजो. सेठजी डर गए कि राजा न जाने क्या करेगा? वे स्वयं छोटी बहू को साथ लेकर उपस्थित हुए. राजा ने छोटी बहू से पूछा- तुने क्या जादू किया है, मैं तुझे दंड दूंगा. छोटी बहू बोली- राजन ! धृष्टता क्षमा कीजिए, यह हार ही ऐसा है कि मेरे गले में हीरों और मणियों का रहता है और दूसरे के गले में सर्प बन जाता है. यह सुनकर राजा ने वह सर्प बना हार उसे देकर कहा- अभी पहनकर दिखाओ. छोटी बहू ने जैसे ही उसे पहना वैसे ही हीरों-मणियों का हो गया.

यह देखकर राजा को उसकी बात का विश्वास हो गया और उसने प्रसन्न होकर उसे बहुत सी मुद्राएं भी पुरस्कार में दीं. छोटी वह अपने हार और इन सहित घर लौट आई. उसके धन को देखकर बड़ी बहू ने ईर्ष्या के कारण उसके पति को सिखाया कि छोटी बहू के पास कहीं से धन आया है. यह सुनकर उसके पति ने अपनी पत्नी को बुलाकर कहा- ठीक-ठीक बता कि यह धन तुझे कौन देता है? तब वह सर्प को याद करने लगी.

तब उसी समय सर्प ने प्रकट होकर कहा- यदि मेरी धर्म बहन के आचरण पर संदेह प्रकट करेगा तो मैं उसे खा लूंगा. यह सुनकर छोटी बहू का पति बहुत प्रसन्न हुआ और उसने सर्प देवता का बड़ा सत्कार किया. उसी दिन से नागपंचमी का त्योहार मनाया जाता है और स्त्रियां सर्प को भाई मानकर उसकी पूजा करती हैं. 

कॉंग्रेस का असली चेहरा आया सामने, उदित राज ने जनेयु धारी सूअर से कि ब्राह्मण समाज कि तुलना

वैसे तो कॉंग्रेस और हिन्दू विरोध समानार्थक शब्द हैं फिर भी कभी कभी यह भ्रम होने लगता हा की कॉंग्रेस धर्म निरपेक्ष है। हालांकि यह शब्द इनहि की देन है फिर भी इन्हे तुष्टीकरण खासतौर से मुसलिम तुष्टीकरण के लिए जाना जाता है। आज़ादी के बाद से आज तक कॉंग्रेस की मुस्लिम तुष्टीकरण की ही नीति से सत्ता में काबिज होती आई है। सोनिया गांधी के कॉंग्रेस अध्यक्षा बनने के बाद केंद्र बिन्दु में ईसाई मिशनरी आ गए। धर्मांतरण का खेल खुल ए आम खेला जाने लगा लें हिन्दू विरोध जारी रहा। हिन्द तो मात्र वोट बैंक हैं जिनहे चुनावों के समय जातियों में बाँट कर जातिगत समीकरणों द्वारा वोट झटक लिए जाते हैं। अब मुद्दे की बात पर आते हैं कांग्रेस नेता उदित राज का हिन्द विरोध उस समय खुल कर सामने आया जब उदित ने एक सूअर की त्रिपुंड लगाए और जनेयु धरण किए का चित्र लगा कर खुले तौर पर ब्राह्मणों के खिलाफ प्रचार कर उनकी भावनाओं को आहत करने का काम किया है। उदित राज को आगे रख कर कॉंग्रेस जहाँ एक तरफ ब्राह्मणों की तुलना सूअरों से कर रही है, वहीं दूसरी ओर यह दावा भी कर रही है कि भारतीय न्यायपालिका में केवल ब्राह्मण शामिल हैं। ऐसे में प्रश्न उठता है कि चुनावों के दौरान जनेयु धारण कर फिरोज शाह के पौत्र स्वयं को दत्तात्रेय गोत्र का ब्राह्मण बता रहे थे क्या उदित राज उस चुनावी ब्राह्मण को भी इसी वर्ग में रहते हैं ?

सारिका तिवारी, चंडीगढ़ – 10 जुलाई :

देश के दलितों का प्रतिनिधित्व करने का दावा करने वाली अखिल भारतीय परिसंघ ने शुक्रवार (10 जुलाई, 2020) को एक नया विवाद खड़ा कर दिया। जहाँ परिसंघ ने न केवल ब्राह्मणो के खिलाफ घृणित टिप्पणी की बल्कि उनकी तुलना सूअर से कर डाली। इसके साथ ही उन्होंने अपने ट्वीट में देश की न्यायपालिका के खिलाफ भी अपमानजनक टिप्पणी की।

खुद को दलितों का मसीहा बताने वाले इस संगठन का संचालन कॉन्ग्रेस नेता उदित राज करते है। जो अक्सर ब्राह्मणों को निशाना बनाने के लिए उनके खिलाफ अपमानजनक जातिवादी टिप्पणियाँ करते रहते है। इस बार उन्होंने ब्राह्मणों के प्रति अपना विरोध दर्ज कराने के लिए अपने इस ट्वीट में सूअर की एक तस्वीर पोस्ट की है। जिसमें सुअर को हिन्दू रीती रिवाजों में प्रयोग में लाए जाने वाले चंदन का टीका लगाया गया व जनेऊ भी पहनाया गया है।

कॉन्ग्रेस नेता उदित राज का यह परिसंघ खुले तौर पर ब्राह्मणों के खिलाफ प्रचार कर उनकी भावनाओं को आहत करने का काम कर रही है। जहाँ एक तरफ उनकी तुलना सूअरों से कर रही, वहीं दूसरी ओर यह दावा भी कर रही है कि भारतीय न्यायपालिका में केवल ब्राह्मण शामिल हैं।

देश की न्यायपालिका के प्रति अपना तिरस्‍कार ​​व्यक्त करते हुए, दलित संगठन ने दावा किया कि भारतीय न्यायालयों में ब्राह्मण न्यायाधीश केवल अपने समुदाय के लोगों की सिफारिश करते है। जिन्हें उसके बाद ब्राह्मणों के तीसरे समूह द्वारा न्यायाधीश के रूप में चुन लिया जाता है।

इस परिसंघ की यह टिप्पणी न केवल देश के ब्राह्मणों के अपमान के लिए थी, बल्कि इसने न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर भी हमला किया है। जातिगत राजनीति करने की जल्दबाजी में कॉन्ग्रेस सदस्य उदित राज द्वारा चलाए जा रहे इस दलित संगठन ने ऊँची जाति के लोगों को ‘सूअर’ के रूप में संदर्भित करने के लिए शर्मनाक तरीका अपनाया है।

कॉन्ग्रेसी उदित राज के संगठन की ब्राह्मण विरोधी बयानबाजी कोई नई घटना नहीं है। पिछले महीने, रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी ने पालघर साधु लिंचिंग मामले को लेकर सोनिया गाँधी की चुप्पी पर सवाल किया था। जिसके बाद अखिल भारतीय परिसंघ कॉन्ग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष के समर्थन में उतर आई थी। और अर्नब गोस्वामी के खिलाफ जातिगत टिप्पणी की थी।

आल इंडिया परिसंघ ने ट्विटर के जरिए कहा था कि, “इतना नीचे कोई ब्राह्मण ही गिर सकता है, जितना अर्नब गोस्वामी गिरा हैं।” वहीं जातिवादी बयानों के बाद, कॉन्ग्रेस प्रवक्ता उदित राज के खिलाफ ब्राह्मणों ने मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था।

चाइल्डलाइन टीम ने साइकल पर बिहार जा रहे बच्चे को वापिस मान बाप से मिलवाया

सुुुशील पंडित, यमुनानगर:

कल रात से बराड़ा में अपने माता-पिता के पास से एक बच्चा साइकिल लेकर घर से निकल पडा और यमुनानगर आ पहुंचा यहाँ फ़र्खपुर पुलिस ने बच्चे को देखा और रात 1 बजे उसको चाइल्डलाइन कार्यालय सौंप गए।जानकारी देते हुए चाइल्डलाइन के समन्वयक भानू प्रताप ने बताया कि पहले टीम ने रात को  उसके खाने व रहने की उचित व्यवस्था की और सुबह होते ही टीम उसके माता पिता की तलाश में लग गयी। टीम ने बच्चे की काउंसलिंग की उस दौरान वह बहुत डरा हुआ था वह कुछ भी बताने में असमर्थ था चाइल्ड लाइन टीम ने बच्चे को काउंसलिंग के माध्यम से उसके भय को दूर किया जिस पर उसने अपने माता-पिता का नाम बताया और अपने घर का पता बताया।वह बराडा का रहने वाला था। उसने बताया कि वह अपनी दादी दादा के पास बिहार जाने के लिए निकला है।

चाइल्डलाइन की टीम ने तुरंत बराड़ा पुलिस से संपर्क किया व उनको बच्चे के द्वारा बताई गई सारी जानकारी दी। बराड़ा पुलिस ने तुरंत इस कार्य में चाइल्डलाइन का सहयोग करते हुए माता पिता की तलाश शुरू की। क्योंकि ये एक प्रवासी मजदूरों का परिवार है इसलिए पुलिस को भी बच्चे के परिजनों को ढूंढने में काफी समय लग गया  परंतु दोपहर होते होते बच्चे के परिजनों को तलाश लिया व उसके माता-पिता से सम्पर्क किया गया और सकुशल बच्चे को उसके परिजनों को सौंप दिया गया।बच्चे के माता-पिता से मुलाकात की और बच्चे के घर से भाग जाने का कारण जानने की कोशिश की फिर पिता ने  बताया कि  मम्मी ने इसे डांट दिया था इसलिए ये घर से भाग गया था। इस पर टीम ने बच्चे की फिर से कॉउंसलिंग की ताकि वो भविष्य में ऐसा ना करें। चाइल्डलाइन और पुलिस की तत्परता से एक बच्चा आज फिर सकुशल अपने परिवार में पहुंच गया।

  चाइल्डलाइन, यमुनानगर निरंतर ऐसे बच्चों की 24 घंटे मदद कर रही है और आमजन ने अपील करते हैं कि ऐसे किसी भी बच्चे की सहायता के लिए 1098 पर निशुल्क सूचना दे सकते हैं।

सुशांत ने अत्महत्या नहीं की, यह प्लांन्ड मर्डर है: कंगना रनौट

राजविरेन्द्र वसिष्ठ :

सुशांत सिंह राजपूत नहीं रहे। सोशल मीडिया पर तरह तरह की बातें पढ़ने सुनने को मिल रहीं हैं। कहीं वह एक नायक हैं तो कहीं वह हारे हुए अभिनेता। जीतने पर कोई भी ख़ुदकुशी नहीं करता। फिर सुशांत के हारने के क्या कारण थे? क्या कारण थे की छिछोरे के बाद सुशांत ने ए साथ 7 फिल्में साइन कीं और वह अपने सबसे अच्छे दिनों का आनंद ले रहे थे। यह 7 फिल्में उन्हे उनकी प्रतिभा ए बल पर मिलीं थीं, पर किसी के हाथ से तो यह फिल्में फिसल गईं थीं। इंडस्ट्री में जुम्मा जुम्मा आए आठ दिन नहीं हुए और एक साथ 7 फिल्में! भाई भतीजावाद वाली इस फिल्म इंडस्ट्री में बाहरी को इतना सम्मान यह कैसे हो गया, बिना किसी कारण यह सातों फिल्में स्शांत के हाथ से निकाल गईं या यूं कहें की यह फिल्में उनसे छीन लीं गईं। फिल्में बंद नहीं हुईं बस नायक बदल दिये गए। संजय निरूपम ने सुशांत की मौत को हत्या कहा है। यदि यह हत्या है तो जांच तो होनी ही चाहिए।

कंगना रनौत सुशांत की मौत को लेकर बहुत व्यथित है। कंगना की ही भांति सुशांत भी एक गैर फिल्मी परिवार से आते हैं। कंगना ने फिल्म उद्योग के रिश्तों का दंश झेला है जो सुशांत भी झेल रहे थे। कंगना को सुशांत उनकी कर्मठता, जिम्मेदाराना व्यवहार और अपने परिवार से जुड़े रहें के आरन बहुत ही अधिक पसंद थे। कंगना ने इंडस्ट्री को एक तरफा अथवा यूं कहें की भाई भतीजावाद की अंदरूनी लोब्बीस(lobbies) जिनहे बर्दाश्त नहीं होता की कोई बाहरी आ कर अपने दम खम पर छा जाये। सुशांत के हुनर के आगे कई नामी गिरामी चेहरे फीके पड़ रहे थे। सुशांत का अपना ही एक अंदाज़ था जो युवा मन में उत्साह तो जागता ही था साथ ही एक नयी शुरुआत का जज़्बा हासिल करवा देता है कंगना ने अपनी मेहनत से वह मुकाम हासिल कर लिया है जो यहाँ के दिग्गजों की दूसरी या तीसरी पीढ़ी को भी नसीब नहीं होता। कंगना ने अपने क्षोभ को twitter पर उतारा।

कंगना ने उन सभी लोगों पर करारा प्रहार किया है जो सुशांत की आत्महत्या को कायरता भरा कदम बता रहे हैं. जिन्होंने भी सुशांत की आत्महत्या को नशे आदि से जोड़कर देखा, उन सभी को कंगना ने आड़े हाथों लिया है. कंगना की टीम की ओर से ट्विटर पर डाले गए एक वीडियो में कंगना ने फिल्म इंडस्ट्री के लोगों पर निशाना साधते हुए यहां तक कहा कि ये कोई सुसाइड नहीं बल्कि एक प्लान मर्डर है.

‘गली बॉय’ जैसी वाहियात फिल्म को दिया अवॉर्ड, ‘छिछोरे’ को नहीं
कंगना ने कहा, “सुशांत ‌सिंह राजपूत कई इंटरव्यूज में ये कह चुके थे कि उन्हें इंडस्ट्री अपना नहीं रही है. जबकि वो लगातार अच्छी फिल्में कर रहे थे.” कंगना ने ये भी कहा, “सुशांत की पहली फिल्म (काय पो चे) को फिल्म इंडस्ट्री के लोगों ने इज्जत नहीं दी. इसके बाद ‘एमएस धोनीः द अनटोल्ड स्टोरी’ या ‘छिछोरे’ को भी वैसा सम्मान नहीं दिया गया जैसा उसे मिलना चाहिए. जबकि ‘गली बॉय’ जैसी वाहियात फिल्म को इतने सारे अवॉर्ड दिए गए.”

‘सुशांत के काम को अहमियत नहीं देते थे इंडस्ट्री के लोग’
कंगना का कहना है कि सुशांत को इस इंडस्ट्री के लोगों ने सात सालों के करियर में वो मान्यता नहीं दी जिसके वो हकदार थे. कंगना ने यह आरोप भी लगाया कि सुशांत ने सुसाइड नहीं किया बल्कि उसका एक प्लान मर्डर हुआ है. क्योंकि आज लोग मुझे भी ऐसे मैसेज कर रहे हैं कि बहुत कठिन समय चल रहा है तुम कोई ऐसा वैसा कदम मत उठा लेना. आखिर इस तरह के मैसेज का क्या मतलब है. क्यों मेरे दिमाग में सुसाइड कर लेने जैसी बात डाली जा रही है.”

‘संजय दत्त का एडिक्‍शन इंडस्ट्री के लोगों को क्यूट लगता है’
कंगना ने आरोप लगाया कि बहुत से लोगों को संजय दत्त का एडिक्‍शन क्यूट लगता है जबकि इंडस्ट्री में बाहर से आए लोगों को लेकर कहानियां बनाई जाती हैं. उन्होंने कहा कि आखिर क्यों उनके नाम पर छह केस दर्ज कराए गए ताकि वो परेशान रहें.

सोन चिराइया से

रणवीर शौरी की खीज, झुंझलाहट गुस्सा फूट कर twitter पर निकला है। रणवीर शौरी भी इन दोनों (कंगना और सुशांत) की ही भांति गैर फिल्मी परिवार से आते हैं, प्रतिभा के धनी लेकिन फिल्मी बाड़ेबंदियों से मात खाये हे हैं। उनके काम को भी पूरा श्रेय नहीं दिया जाता। सोन चिराया के अपने सह कलाकार को याद करते हुए शौरी ने बॉलीवुड को अपनी संपत्ति समझने वालों पर निशाना साधा है. उन्होंने सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या को लेकर बॉलीवुड के दिग्गजों को गैर जिम्मेदार चौकीदार करार दिया है.

रणवीर ने बॉलीवुड के बड़े निर्माताओं की ओर इशारा करते हुए लिखा- ‘उसने जो फैसला लिया, वह उसका खुद का था. इसके लिए किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता. वह एक बड़ा दांव खेल रहा था, जहां सब जीतना और हारना था. लेकिन खुद को ‘बॉलीवुड के चौकीदार’ कहने वालों के बारे में जरूर कुछ कहना होगा.’

इतना ही नहीं शौरी ने एक अन्य ट्वीट में अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा- ‘उन्हें इस बारे में जरूर कुछ कहना चाहिए जो वह खेल, खेल रहे हैं और उन्हें अपने दोगलेपन के बारे में भी बताना चाहिए. उन्हें उस ताकत के बारे में भी बात करनी चाहिए जो उन्होंने जुटा रखी है लेकिन फिर भी कोई जिम्मेदारी नहीं है. ताकत का इस्तेमाल वह सिर्फ अपनी विरासत को आगे बढ़ाने में करते हैं और देश का मीडिया उनकी गोद में बैठा हुआ है.’

सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या की खबर बाहर आने के बाद बॉलीवुड के कई सितारों ने बॉलीवुड में नेपोटिज्म के खिलाफ आवाज उठाई है. रणवीर शौरी ने बॉलीवुड में भाई-भतीजावाद की प्रथा को लेकर लिखा- ‘बड़े लोगों की ताकत ही यह फैसला करती है कि यहां कौन स्टार बनेगा और कौन यहां से बाहर जाएगा. जब किसी कैसीनो में जिस मेज पर सबसे बड़े लोग बैठकर दांव लगाते हैं और वहां कोई हारता है तो वहां कोई सवाल नहीं किया जा सकता. क्योंकि, उस समय बाकी सभी लोग अपना खेल खेलने में मस्त होते हैं. सच्चाई सभी जानते हैं कि यह खेल पहले से ही फिक्स है.’ 

शेखर कपूर अपने दुख को अपने गुस्से के साथ ज़ाहिर करते हैं।

शेखर ने ट्वीट कर अफसोस जताया कि आखिरी के 6 महीने वह सुशांत सिंह राजपूत के टच में नहीं थे.

उन्होंने कुछ देर पहले ट्वीट कर सुशांत के जाने का दुख व्यक्त किया. उन्होंने लिखा, ‘मुझे पता था कि आप किस दर्द से गुजर रहे हैं. मुझे लोगों की कहानी पता है, जिन्होंने तुम्हें इतनी बुरी तरह गिराया कि तुमने रोने के लिए मेरे कंधे का साहारा लिया. काश पिछले 6 महीनों में मैं तुम्हारे आस-पास होता. काश, तुम मेरे पास पहुंचे होते. तुम्हारे साथ जो हुआ वह उनका कर्म था. तुम्हारा नहीं.’ शेखर कपूर अपनी फिल्म “पानी” के लिए सुशांत सिंह राजपूत को कास्ट करने वाले थे. फिल्म को लेकर काफी काम भी हो चुका था. सुशांत का नाम फाइनल था, लेकिन कुछ कारणों से यशराज फिल्म्स ने इस प्रोजेक्ट को रोक दिया और ये फिल्म बड़े पर्दे पर रिलीज नहीं हो पाई.

अत्महत्या की अनसुलझी पहेली है डेटेक्टिव ब्योमकेश बक्शी उर्फ सुशांत राजपूत की

मशहूर अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत ने बांद्रा स्थित अपने घर में खुदकुशी कर ली है. खुदकुशी की वजह अभी साफ़ नहीं हो पाई है.

  •  बांद्रा पुलिस स्टेशन में सुशांत सिंह राजपूत के नौकर ने इस बारे में जानकारी दी है.
  • टीवी से अपने करियर की शुरुआत करने वाले सुशांत सिंह राजपूत ने हाल के सालों में बड़े पर्दे पर अपनी उल्लेखनीय मौजूदगी दर्ज की थी.

एक्टर सुशांत सिंह राजपूत ने रविवार को अपने घर पर खुदकुशी कर ली. उन्होंने बांद्रा में अपने घर फांसी लगाकर जान दे दी. खुदकुशी के कारण का अभी तक पता नहीं चल पाया है. मुंबई पुलिस उनके घर पर पहुंच गई है और मामले की जांच कर रही है. सुशांत काफी लंबे समय से डिप्रेशन से गुजर रहे थे. हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी कुछ नहीं गया है. सुशांत ने आखिरी पोस्ट इंस्टाग्राम में 3 जून को मां की फोटो पोस्ट की थी. 

मुंबई(ब्यूरो) – जून 14 :

बॉलीवुड से एक बेहद ही दर्दनाक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है. मशहूर अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत ने मुंबई में सुसाइड कर लिया है. सुशांत ने अपने घर पर फांसी लगाकर जान दी है. सुसाइड की वजह क्या है अभी इस बात की जानकारी नहीं है.

सुशांत सिंह राजपूत ने एम एस धोनी की बायोपिक ‘एम एस धोनी द अनटोल्ड स्टोरी’ में भारतीय क्रिकेट के पूर्व कप्तान क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी का किरदार निभाया था. अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत कई मशहूर फिल्मों में अभिनय किया है. हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘छिछोरे’ में उनकी एक्टिंग को दर्शकों ने काफी सराहा था. स्शंत ने अपना फिल्मी सफर ‘काई पो चे ‘ से शुरू किया था. उनकी बंगला जासूसी किरदार ब्योमकेश बक्शी पर बनी ‘डिटेक्टिव ब्योमकेश बक्शी’ में बहुत असरदार अभिनय किया था।

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत टीवी सीरियल की थी, ‘पवित्र रिश्ता’ की थी में अंकिता लोखंडे के साथ उनकी शानदार केमिस्ट्री वजह से दर्शकों के दिलों में उनके लिए खास जगह बन गई. सुशांत सिंह राजपूत ने टीवी से अपना करियर शुरू करके फिल्म तक का रुख किया और जिस तरह से टीवी जगत में उन्हें प्यार मिला, वैसे ही फिल्म जगत में भी उनकी एक्टिंग को लोगों ने काफी सराहा.

काफी लंबे समय से तनाव में थे राजपूत
सूत्रों के मुताबिक, सुशांत काफी लंबे समय से थे तनाव में थे. बहुत समय से पार्टी और मेन स्ट्रीम में दिखाई नहीं दे रहे थे. कुछ दिनों पहले उनकी एक्स मैंनेजर ने भी खुदकुशी कर ली थी. उन्होंने काई पे चे अपने करियर की शुरुआत की थे. उन्होंने अपने छोटे से करियर में खास छाप छोड़ी थी. फिल्म एमएम धोनी में उनके अभिनय की काफी तारीफ हुई थी. 

सुशांत अपनी मां के काफी करीब थे लेकिन 2002 में उनके निधन के बाद वह काफी हताथ हो गए थे. सुशांत ने दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के एंट्रेस एग्जाम 2003 में ऑल इंडिया में 7वीं रैंकि हासिल की थी. मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र थे पर एक्टिंग के लिए थर्ड ईयर में कॉलेज छोड़ दिया था.

आज सुशांत सिंह राजपूत के असमय निधन की वजह से सारा बॉलीवुड अभिनेता के इस कदम से शॉक में हैं.

बता दें कि कुछ दिन पहले ही सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर रहीं दिशा सालियान ने मुंबई के मालाड के मालवणी इलाके की एक इमारत की 14वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी. दिशा सालियान ने मालवणी के जनकल्याण नगर में जिस इमारत के फ्लैट से कूदकर खुदकुशी की, वो उनके मंगेतर रोहन राय का घर था, जो कि एक एक्टर और मॉडल हैं.

बिहार में दर्ज हुई दूसरी प्राथमिकी से कॉंग्रेस बेहाल

महाभारत में कौरवों ने पांडवों पर छल का प्रयोग कर कई योद्धाओं को मारने की बात कही थी, लेकिन जब भी कौरव यह मिथ्यारोपन करते थे तब वह एक बात भूल जाते थे कि उस समय के सबसे छोटी आयु के योद्धा ‘वीर अभिमन्यु’ को छल से चक्रव्यूह में सभी योद्धाओं ने एक से एक के लड़ने का नियम होने के बावजूद एकट्ठे मिल कर मारा था। तब श्री कृष्ण की शठे शाठ्यम समाचरेत नीति ही काम आई थी। आज कोरोना यद्ध में अपनी साख बचाने के लिए कॉंग्रेस कहीं भी कैसे भी प्रलाप कर रही है और भाजपा कैडर अब उन पर प्राथमिकीयान दर्ज़ करवा रहे हैं। आज यह धर्म नहीं है यह धर्म नहीं है दोनों भुजाएँ उठा कर चिल्ला चिल्ला कर बोलते हुए कोंग्रेसी नज़र आ जाएँगे। छोटे छोटे शहरों के छुटभैये नेता भी प्रेस विज्ञप्तियाँ दे कर अपनी नेत्री पर हुई प्राथमिकियों का विरोध कर रहे हैं। लेकिन वह यह भूल जाते हैं कि मात्र एक सवाल पूछने पर उनकी कार्यकारिणी अध्यक्षा से मात्र एक प्रश्न पूछने पर एक पत्रकार पर 300 प्राथमिकीयान दर्ज करवा दीं गईं थीं।

चंडीगढ़/बिहार – 22 मई

पीएम केयर्स फंड को लेकर विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है, वहीं इस मामले में अब कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी मुश्किलों में फंसती नजर आ रही हैं। केंद्र सरकार द्वारा कोविड-19 के लिए बनाए गए राहत कोष को लेकर किए गए अपने विवादित बयान की वजह से अब सोनिया गांधी पर एक और मामला दर्ज हुआ है। उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के बाद अब बिहार में भी उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है। 

पटना के कंकड़बाग थाने में भाजपा के मीडिया प्रभारी रह चुके पंकज सिंह ने यह केस दर्ज कराया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि पीएम केयर फंड पर सवाल उठाकर सोनिया गांधी लोगों को भड़का रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ आईपीसी की धारा 504, 505 (1) बी, 505 (2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। 

IPC की धारा 504 उस आरोपी पर लगती हैं, जब किसी आरोपी की मनसा किसी दुसरे व्यक्ति को जानबूझकर उकसाने की होती हैं, या फिर किसी दुसरे व्यक्ति को जानबूझकर अपमानित करने की होती हैं, जिससे की आरोपी द्वारा उकसाया व अपमानित किया गया व्यक्ति कोई ऐसा कार्य कर देना चाहता हैं, जो अपराध की श्रेणी में आता हैं अर्थात जिससे लोकशांति भंग हो।

IPC की धारा 505 (1) (b)/(ख), उन मामलों से सम्बंधित है, जहाँ किसी कथन, जनश्रुति या सूचना को, इस आशय से कि, या जिससे यह सम्भाव्य हो कि, सामान्य जन या जनता के किसी भाग को ऐसा भय या संत्रास कारित हो, जिससे कोई व्यक्ति राज्य के विरुद्ध या सार्वजनिक शांति के विरुद्ध अपराध करने के लिए उत्प्रेरित हो

IPC की धारा 505(2) विभिन्न वर्गों में शत्रुता, घॄणा या वैमनस्य पैदा या सम्प्रवर्तित करने वाले कथन – जो भी कोई जनश्रुति या संत्रासकारी समाचार अन्तर्विष्ट करने वाले किसी कथन या सूचना, इस आशय से कि, या जिससे यह संभाव्य हो कि, विभिन्न धार्मिक, मूलवंशीय, भाषायी या प्रादेशिक समूहों या जातियों या समुदायों के बीच शत्रुता, घॄणा या वैमनस्य की भावनाएं, धर्म, मूलवंश, जन्म-स्थान, निवास-स्थान, भाषा, जाति या समुदाय के आधारों पर या अन्य किसी भी आधार पर पैदा या संप्रवर्तित हो, को रचेगा, प्रकाशित करेगा या परिचालित करेगा, तो उसे किसी एक अवधि के लिए कारावास, जिसे तीन वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है, या आर्थिक दण्ड, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा।

पंकज सिंह के अनुसार, पीएम केयर फंड को लेकर कांग्रेस की ओर से लोगों के बीच भ्रम फैलाया जा रहा है। इससे लोगों में गलत संदेश जा रहा है, जबकि पीएम केयर फंड में कोई भी आदमी छाेटी से छोटी राशि काे भी जमा कर सकता है।  

बता दें कि इस पूरे मामले को लेकर सोनिया गांधी के खिलाफ कर्नाटक में भी दो दिन पहले केस दर्ज किया गया था। कर्नाटक के शिवमोगा जिले में सागर कस्बे की पुलिस ने प्रवीण के वी नामक व्यक्ति की शिकायत पर केस दर्ज किया था। कर्नाटक में आईपीसी की धारा 153 और 505 (1) (बी) के तहत मामला दर्ज किया गया था। 

‘कोरोना योद्धाओं’ पर भारतीय सेना ने की पुष्पवर्षा

सरहद पर वतन के लिए जान न्यौछावर करने वाले रविवार को एक अलग ही तरह की सेवा पर हैं। आज वे उन योद्धाओं पर फूल बरसा रहे हैं, जो कोरोना की जंग में मैदान में अपनी जान की बाजी लगाकर मैदान में डटे हुए हैं। इन कोरोना योद्धाओं में डाक्टर, सभी स्वास्थ्यकर्मी, सफाईकर्मी और पुलिस कर्मी शामिल हैं।

  • जम्मू-कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक जताया आभार
  • महाराष्ट्र से लेकर बंगाल की खाड़ी तक दी गई सलामी
  • बंगाल की खाड़ी में INS जलशवा ने जताया आभार

डेमोक्रेटिकफ्रंट॰कॉम, चंडीगढ़ :

दिल्ली सहित मुंबई, बेंगलुरु, लखनऊ, चेन्नई, राजस्थान, मध्य प्रदेश में कोरोना योद्धाओं के सम्मान में तीनों सेनाएं विभिन्न आयोजनों के जरिए उनका आभार व्यक्त किया।

चंडीगढ़ में भारतीय वायुसेना के विमान C-130 ने सुखना झील के ऊपर से फ्लाई पास्ट किया। आज तीनों सेनाएं ‘कोरोना योद्धाओं’ को उनकी सेवाओं के लिए आभार प्रकट किया।

जम्मू-कश्मीर: जम्मू के सरकारी मेडिकल कॉलेज(GMC) में भारतीय सेना ने ‘कोरोना योद्धाओं’ के प्रति अपना आभार प्रकट करने के लिए बैंड बजाया

भारतीय वायु सेना (IAF) ने दिल्ली में वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज, सफदरजंग हॉस्पिटल के ऊपर से फ्लाई पास्ट करते हुए फूल बरसा कर कोरोना वॉरियर्स के प्रति आभार व्यक्त किया।

असम: गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल(GMCH) में ‘कोरोना योद्धाओं’ के प्रति आभार जताते हुए भारतीय वायुसेना ने बैंड बजाया और फ्लाईपास्ट किया गया। 

बिहार: भारतीय वायुसेना ने ‘कोरोना योद्धाओं’ का आभार जताते हुए AIIMS पटना पर फूल बरसाए और फ्लाईपास्ट किया।

त्रि-सेवा प्रमुखों के प्रतिनिधि- मेजर जनरल आलोक काकेर, रियर एडमिरल मैकार्थी और एयर वाइस मार्शल पी.के. घोष ने आज राष्ट्रीय पुलिस स्मारक में श्रद्धांजलि अर्पित की: दिल्ली

दिल्ली: नरेला क्वारंटाइन सेंटर में बैंड बजाकर ‘कोरोना योद्धाओं’ का आभार जताई भारतीय सेना।

दिल्ली: LNJP अस्पताल के नोडल ऑफीसर ने कहा कि भारतीय वायुसेना बहुत अच्छा काम कर रही है। हमारा जो सम्मान किया गया है इसके हम आभारी हैं। ऐसा लग रहा है जैसे हम कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई को जीत गए हों। इससे हमारे हौंसले और भी बढ़ेंगे।

दिल्ली: भारतीय वायुसेना बहुत अच्छा काम कर रही है। हमारा जो सम्मान किया गया है इसके हम आभारी हैं। ऐसा लग रहा है जैसे हम कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई को जीत गए हों। ये हमारे हौंसले को बढ़ाएगा: नोडल ऑफीसर, LNJP अस्पताल

दिल्ली: ये हमारे लिए गर्व की बात है क्योंकि राष्ट्र के लिए वो भी लड़ते हैं और राष्ट्र के लिए हम भी लड़ रहे हैं लेकिन वो हमारा सम्मान कर रहे हैं तो हम उन्हें सल्यूट करते हैं: कोरोना वॉरियर 

दिल्ली: भारतीय वायु सेना ने ‘कोरोना योद्धाओं’ को आभार प्रकट करते हुए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) पर फूल बरसाए।

दिल्ली: भारतीय वायुसेना ने ‘कोरोना योद्धाओं’ के प्रति आभार जताते हुए राम मनोहर लोहिया अस्पताल पर फूल बरसाए।

दिल्ली: भारतीय वायुसेना ने पुलिसकर्मियों का आभार प्रकट करने के लिए पुलिस युद्ध स्मारक पर फूलों की वर्षा की।

दिल्ली: भारतीय वायुसेना के चॉपर ने पुलिसकर्मियों का आभार प्रकट करने के लिए पुलिस युद्ध स्मारक पर फूलों की वर्षा की

दिल्ली: गंगा राम अस्पताल में बैंड बजाकर ‘कोरोना योद्धाओं’ के प्रति अपना आभार जताती भारतीय सेना। आज तीनों सेनाएं अलग-अलग तरह से स्वास्थ्यकर्मियों और दूसरे अग्रिम पंक्ति के कर्मियों के प्रति अपना आभार जता रही हैं।

मध्यप्रदेश: भोपाल के चिरायु अस्पताल में ‘कोरोना योद्धाओं’ के प्रति आभार जताते हुए स्वास्थ्यकर्मियों पर फूल बरसाए गए।

लेह: S.N.M. अस्पताल में कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ रहे कोरोना वॉरियर्स पर भारतीय वायु सेना के हेलिकॉप्टर ने फूल बरसा कर हवाई सलामी दी।

राजस्थान: भारतीय वायुसेना ने जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के ऊपर से फ्लाईपास्ट कर ‘कोरोना योद्धाओं’ के प्रति अपना आभार जताया।

त्रिवेंद्रम: भारतीय वायुसेना ने ‘कोरोना योद्धाओं’ के प्रति आभार जताने के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेज पर फूल बरसाए

चेन्नई: भारतीय वायुसेना ने ‘कोरोना योद्धाओं’ के प्रति आभार जताने के लिए राजीव गांधी सरकारी अस्पताल पर फूल बरसाए।

बेंगलुरु: भारतीय वायुसेना ने इस मुश्किल वक़्त में लोगों को अपनी सेवाएं दे रहे ‘कोरोना योद्धाओं’ के प्रति आभार प्रकट करने के लिए विक्टोरिया अस्पताल में स्वास्थ्यकर्मियों पर फूल बरसाए। 

लखनऊ: भारतीय वायुसेना ने किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज (KGMU) के ऊपर से फ्लाईपास्ट किया और ‘कोरोना योद्धाओं’ के प्रति आभार प्रकट करने के लिए फूलों की वर्षा की। 

मुंबई: INHS अश्विनी नौसैनिक अस्पताल में कार्यरत कोरोना वॉरियर्स के कोरोना के खिलाफ लड़ाई में जुटे रहने के हौंसले के प्रति आभार प्रकट करने के लिए हेलिकॉप्टर से फूल बरसाए गए।

मुंबई: मरीन ड्राइव से फ्लाई पास्ट करता भारतीय वायुसेना का विमान। आज तीनों सेनाएं अलग-अलग तरह से ‘कोरोना योद्धाओं’ के प्रति आभार प्रकट कर रही हैं|

भारतीय वायु सेना ने मेडिकल प्रोफेशनल्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स के कोरोना महामारी के खिलाफ सराहनीय काम के प्रति आभार प्रकट करने के लिए राजपथ के ऊपर से फ्लाईपास्ट किया: दिल्ली

गोवा: भारतीय नौसेना ने ‘कोरोना योद्धाओं’ के प्रति आभार जताने के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज के ऊपर से फ्लाई पास्ट किया और स्वास्थ्यकर्मियों पर फूल बरसाए।

हरियाणा: कोरोना वॉरियर्स के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने के लिए पंचकूला सेक्टर-6 के सरकारी अस्पताल के बाहर आर्मी बैंड ने लयबद्ध होकर प्रस्तुति दी।

नेपाल का ज़ालिम मुखिया भारत में कोरोना फैलाने की फिराक में

भारत में कोरोना का कहर जारी है. इस वायरस के संक्रमण को कम करने के लिए पूरे देश में 21 दिनों का लॉकडाउन है. इसी बीच बिहार से एक ऐसा मामला सामने आया जहां आरोप है कि पड़ोसी देश नेपाल का रहना वाला जालिम मुखिया भारत में कोरोना वायरस फैलाने की योजना बना रहा है. पूरा देश इन दिनों संपूर्ण लॉकडाउन और सीलिंग की वजह से कैद है. बावजूद इसके कोरोना वायरस का कहर रोके नहीं रुक रहा. देश में कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़कर 64 सौ से ज्यादा हो गई है. 199 लोगों की अबतक मौत हो चुकी है. गुरुवार को दिल्ली में कोरोना के 51 नए केस आने के बाद 720 हो गई है, जिनमें 430 मरकज से जुड़े हैं.

जालिम नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) का स्थानीय नेता है

नई दिल्ली (ब्यूरो)10 अप्रैल:

 बिहार से कोरोना वायरस से जुड़ी एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है. बेतिया के डीएम ने एसपी को पत्र लिखकर बिहार-नेपाल बॉर्डर के संबंध में अलर्ट किया है. इसमें कहा गया है कि तस्कर जालिम मुखिया कोरोना संक्रमित भारतीय मुस्लिमों को भेजकर कोरोना फैलाने की साजिश रच रहा है. 

जालिम मुखिया थाना सेमरा नेपाल से है और भारत में कोरोना फैलाने का प्लान बना रहा है. उसका प्लान 40 से 50 कोरोना संदिग्ध भारतीय मुसलमानों को भारत भेजने का है. जालिम मुखिया हथियार तस्करी, ड्रग्स आदि का धंधा करता है. 

जानकारी के मुताबिक जालिम मुखिया को जालिम मियां के नाम से भी जाना जाता है. जालिम मुखिया बिहार नेपाल सीमा पर स्थित नेपाल के पर्सा जिले के जगरनाथपुर गांव पालिका का मेयर है. जालिम नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) का स्थानीय नेता है.

इस मामले में SSB की 47 बटालियन को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है और बगहा, नरकटियागंज, सिकटा मैनताड़, और गौनाहा बॉर्डर पर सतर्कता बढ़ाने का निर्देश दिया गया है. 

SSB के पत्र पर बिहार के अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी का कहना है कि सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है, गृह मंत्रालय को भी जानकारी दी गई है. उन्होंने कहा कि लोग घुसे नहीं हैं बल्कि घुसने की फिराक में हैं. वहां के डीएम और एसपी को निर्देश दिया गया है. 

आमिर सुबहानी ने कहा कि इन लोगों को घुसने नहीं दिया जाएगा. मामला नेपाल में है लेकिन हमने अपने अधिकारियों को अलर्ट कर दिया है. मरकज मामले में  कार्रवाई हो रही है. 

3 अप्रैल को SSB ने जिला प्रशासन से ये इनपुट शेयर किया था. उसके बाद पश्चिम चंपारण DM ने पुलिस को अलर्ट किया. 

इस मामले में बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि जालिम मुखिया मामले में 4 दिन पहले जिले के डीएम, एसपी को अलर्ट के लिए बोला गया है. कोरोनो संक्रमित लोगों की सूचना दी गई थी. लेकिन सूचना अभी तक पुष्ट नहीं हो पाई है.

वहीं क्वारंटाइन के नियमों का उल्लंघन करनेवालों पर अब मुकदमा दर्ज होगा. गोपालगंज जैसे मामलों पर पुलिस गंभीर है.  सिवान में एक ही परिवार के कई लोग चपेट में आए हैं. जिन इलाकों को सील किया गया है वहां कर्फ्यू जैसे हालात हैं.

मोदी के आवाहन पर भारत ने दिखाई एकता, की दीपावली

कोरोना के खिलाफ जंग में पीएम मोदी की अपील के बाद देशवासी आज रात 9 बजे 9 मिनट दीया, कैंडल, मोबाइल फ्लैश और टार्च जलाकर एकजुटता का परिचय देंगे. लोग दीया जलाने की तैयारी कर लिए हैं.

नई दिल्ली: 

कोरोना वायरस के खिलाफ पूरे देश ने एकजुट होकर प्रकाश पर्व मनाया. पीएम मोदी की अपील पर एकजुट होकर देश ने साबित कर दिया कि कोरोना के खिलाफ हिंदुस्तान पूरी ताकत से लड़ेगा. देश के इस संकल्प से हमारी सेवा में 24 घंटे, सातों दिन जुटे कोरोना फाइटर्स का भी हौसला लाखों गुना बढ़ गया. गौरतलब है कि पूरी दुनिया कोरोना महामारी की चपेट में हैं. अमेरिका और ब्रिटेन जैसे विकसित देश कोरोना के आगे बेबस और लाचार नजर आ रहे हैं लेकिन भारत के संकल्प की वजह से देश में कोरोना संक्रमण विकसित देशों के मुकाबले कई गुना कम है.

Live Updates- 

  • कोरोना के खिलाफ एकजुट हुआ भारत, प्रकाश से जगमगाया पूरा देश
  • पीएम मोदी की अपील पर हिंदुस्तान ने किया कोरोना के खिलाफ जंग का ऐलान
  • कोरोना के खिलाफ जापान में जला पहला दीया,
  • कुछ देर बाद 130 करोड़ हिंदुस्तानी लेंगे एकजुटता का संकल्प

अमित शाह ने जलाए दीये

दिल्ली: गृह मंत्री अमित शाह ने अपने आवास पर सभी लाइट बंद करने के बाद मिट्टी के दीपक जलाए. 

योगी आदित्यनाथ ने जलाया दीया

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने दीया जलाकर एकता की पेश की मिसाल. दीए की रोशनी से बनाया ऊं.

अनुपम खेर ने जलायी मोमबत्ती

अनुप खेर ने दीया जलाकर दिया एकता का संदेश

बता दें कि पीएम मोदी ने शुक्रवार को अपील की थी कि पूरे देश के लोग रविवार रात 9 बजे घर की बत्तियां बुझाकर अपने कमरे में या बालकनी में आएं और दीया, कैंडिल, मोबाइल और टॉर्च जलाकर कोरोना के खिलाफ जंग में अपनी एकजुटा प्रदर्शित करें.