कपिल सिब्बल हाथ छोड़ कर हुए साइकल सवार, अब रजाया सभा जाने की तैयारी

चंडीगढ़ के विपुल ओर गरिमा खुंगर को बंगलोर में वॉलीवुड स्टार गोविंदा ने इंडियन स्टार सागा  अवार्ड से किया सम्मानित

कोरल ‘पुरनूर’, डेमोक्रेटिक फ्रंट, चंडीगढ़ :

चंडीगढ़ के समाजसेवी विपुल खुंगर सुप्रसिद्ध फोटोग्राफर और गरिमा खुंगर को बंगलोर में वॉलीवुड स्टार गोविंदा ने इंडियन स्टार सागा  अवार्ड से सम्मानित किया गया इस कार्यक्रम  मशहूर फ़िल्म स्टार गोविंदा मुख्य अतिथि  थे इस अवसर पर विपुल ओर गरिमा ने बताया कि उन्हें समाज में उत्कृष्ट कार्य करने पर इस अवार्ड से सम्मानित किया गया है। इस मौके पर ऑल ओवर इंडिया से जाने माने नेशनल एवं इंटरनेशनल कई जानी मानी हस्तियां भी मौजूद थीं। गरिमा ने बताया उन्हें समाज में अपनी समाजिक सेवाएं देते करीब 6 साल से भी अधिक  सभी सामाजिक कार्यो में भागीदारी कर रहे  जैसे गरीब लड़कियों की शादी करना समय-समय पर वृद्धाश्रम जाना, गरीब बच्चों के साथ त्योहार मनाना,  झुगी झोपड़ी में रहने वालों को सर्दियों में कंबल जुराबे जूते एवं जरूरत का समान देना जरूरतमंद बच्चों को पुस्तकें एवं स्टेशनरी का सामान बांटना आदि जैसे कई कार्य मे सहयोगी रहना इससे पहले इन्हें कई सोसाइटी की तरफ से अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है।

खलिस्तान समर्थकों – शिवसैनिकों के बीच भिड़ंत, पटियाला में कर्फ़्यू

जानकारी के मुताबिक शिव सेना के कार्यकर्ताओं ने ‘खालिस्तान मुर्दाबाद’ मार्च निकाला था, जैसे ही वह मार्च लेकर आर्या चौक से निकले तभी ‘खलिस्तान समर्थक’ तलवारें लेकर सामने आ गये। दोनों पक्षों के बीच खूब पत्थरबाज़ी हुई, जिसके बाद पुलिस ने सामने आकर मामाले को शांत कराया। इसके साथ ही पटियाला में हुई हिंसा के बाद शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया है। ये कर्फ्यू शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक के लिए लगाया गया है। पटियाला पुलिस ने कहा है कि हिंसा के मामले में FIR भी दर्ज होंगी और गिरफ्तारियां भी की जाएंगी। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच पीस कमेटी की मीटिंग करवाने की कोशिश की जा रही है। वहीं हिंसा के बाद सीएम ने एक बैठक भी की थी।

डेमोक्रेटिक फ्रंट, चंडीगढ़ – 29 अप्रैल :

पटियाला में हुई हिंसा के मद्देनजर शहर में आज, 29 अप्रैल शाम 7 बजे से कल, 30 अप्रैल सुबह 6 बजे तक का कर्फ्यू लगाया गया है। इस बीच, सूत्रों के हवाले से ख़बर है कि पटियाला हिंसा मामले को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान बेहद नाराज हैं। मुख्यमंत्री की अगुआई में हुई उच्चस्तरीय बैठक में बताया गया कि पुलिस इंटेलिजेंस ने जिला पुलिस को जुलूस की जानकारी दी थी, लेकिन उन्होंने मामले की संजीदगी को नहीं समझा। सूत्रों ने कहा कि घटना को लेकर लापरवाही बरतने के संबंध में पटियाला के आईजी और अन्य सीनियर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

सीएम भगवंत मान की अफसरों के साथ बैठक के बाद श्री काली देवी मंदिर के पास हुई ‘खलिस्तान मुर्दाबाद‘ का नारा लगाने के बाद हुई हिंसक झड़प के मामले में शिवसेना नेता हरीश सिंगला को गिरफ्तार कर लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने डीजीपी से कहा कि इस मामले को लेकर सख्ती बरतें और पंजाब के अमन कानून के साथ खिलवाड़ करने वाले चाहे जो भी हों उनके साथ सख्ती से निपटा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब विरोधी शक्तियों को शांति किसी भी कीमत पर भंग नहीं करने देंगे।

बता दें, शिव सेना बाल ठाकरे ने पटियाला में खालिस्तान मुर्दाबाद मार्च निकाला। वह खालिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे। इस बीच वहां खलिस्तान समर्थक युवक भी पहुंच गए और मार्च निकाला। उन्होंने शिव सैनिकों का बंदर सेना करार दिया।

इसी दौरान काली माता मंदिर में हिंदू व खलिस्तान समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हो गई। हिंसा में एक हिंदू नेता और थाना त्रिपड़ी के एसएचओ घायल हो गए। उधर, घटना के बाद से श्री काली देवी मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया है। पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

श्री काली देवी मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया है

उधर, आज की घटना को लेकर तमाम विपक्षी पार्टियों ने सरकार को घेरा है। कहा कि पंजाब सरकार और प्रशासन सजग होते तो पटियाला घटना को रोका जा सकता था। कांग्रेस, अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

वहीं, विपक्ष ने इस घटना के लिए पंजाब सरकार और जिला प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। विपक्ष का कहना है कि अगर पंजाब सरकार और प्रशासन सजग होते तो इस घटना को घटने से रोका जा सकता था।

भाजपा के प्रदेश प्रधान अश्वनी शर्मा ने कहा कि पटियाला की दुर्भाग्यपूर्ण घटना से आम आदमी पार्टी का जहां ‘असली चेहरा’ सबके सामने आया है। वही इनका पंजाब के प्रति उद्देश्य भी उजागर हो गया है। शर्मा ने कहा कि यह गंभीर चिंता का विषय है कि इतनी बड़ी घटना को होने दिया गया।

शर्मा ने कहा कि  पिछले कुछ दिनों से तनाव चल रहा था और राज्य सरकार और प्रशासन को किसी भी दुर्घटना को रोकने के लिए सतर्क रहना चाहिए था। प्रदेश प्रधान ने कहा कि आप का झुकाव राष्ट्र विरोधी ताकतों की तरफ है और पन्नू एक खालिस्तानी विचारधारा वाला व्यक्ति है, जो पिछले कुछ दिनों में बहुत मुखर हो रहा है।

शिरोमणि अकाली दल ने आज पटियाला में हुई झड़पों की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए और पंजाबियों से हर कीमत पर शांति और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने की अपील की है। अकाली दल के प्रवक्ता डा. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाहन करते हुए राज्य में कानून व्यवस्था को सुधारना चाहिए, जोकि सबसे निम्न स्तर पर पहुंच गई है।

डा. चीमा ने कहा कि यह कानून और व्यवस्था की स्थिति के पूरी तरह से ध्वस्त होने का उत्कृष्ट उदाहरण है। आप सरकार ने अग्रिम चेतावनी के बावजूद निर्णायक कार्रवाई नहीं की है। अब भी राज्य को व्यवस्थित करने के बजाय इसके प्रवक्ता विपक्ष के साथ दोषारोपण का खेल खेलने में व्यस्त हैं।

कांग्रेस के प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग और कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने पटियाला घटना की निंदा करते हुए कहा कि गुरुओं ने सांझी वार्ता का संदेश दिया है। लोगों को यह नहीं भूलना चाहिए कि हम बार्डर राज्य है। अन्य राज्यों के मुकाबले हमारी जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है, क्योंकि कई दुश्मन ताकतें राज्य का माहौल खराब करने की ताक में जुटी रहती है।

आम आदमी पार्टी (आप) ने पटियाला में दो समूहों के बीच हुई सांप्रदायिक झड़प की निंदा की है। आप के मुख्य प्रवक्ता मालविंदर सिंह कंग ने इस घटना के लिए विपक्षी पार्टियों को जिम्मेदार ठहराया। कहा कि कांग्रेस, शिअद, भाजपा और शिवसेना जैसी रिवायती पार्टियां पंजाब का सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश कर रही हैं, ताकि भगवंत मान सरकार के जन हितैषी फैसले और माफियाओं के खिलाफ हो रही कार्रवाई से लोगों का ध्यान भटकाया जा सके।

कंग ने कहा कि एक तरफ भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार लगातार पंजाब की जनता की सुविधा के लिए फैसले ले रही है, दूसरी तरफ माफियाओं के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई कर रही है। विरोधी पार्टियां, जिन्होंने 75 साल तक पंजाब के लोगों के लिए कुछ नहीं किया, यह पचा नहीं पा रहे हैं कि एक आम परिवार से आने वाला व्यक्ति कैसे पंजाब का मुख्यमंत्री बन गया। 

ईद को देखते हुए पंजाब के गृह विभाग ने एडीजीपी सुरक्षा को ईदगाहों और मस्जिदरों की सुरक्षा के इंतजाम करने के आदेश दिए हैं। ये आदेश राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आरक्षण मोर्चा पंजाब के प्रधान मोहम्मद फिरोज उद्दीन ने पंजाब के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर अलविदा जुमा और ईद उल फितर नमाज़ के दौरान प्रदेश की सभी मस्जिदों और ईदगाहों पर पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था कराने के आग्रह को देखते हुए दिए गए हैं। ईद उल फितर की नमाज 2 या 3 मई 2022 को मस्जिद और ईदगाह में अदा की जाएगी।

बाल ठाकरे के बेटे को ‘हनुमान चालीसा’ लगती है अवैध

शनिवार शाम नवनीत राणा व रवि राणा ने घोषणा की कि चूंकि रविवार को प्रधानमंत्री मुंबई आ रहे हैं। इसलिए कानून-व्यवस्था की स्थिति शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए हमने अपना निर्णय टाल दिया है। राणा की इस घोषणा के कुछ ही देर बाद मुंबई पुलिस की एक टीम ने उनके घर पहुंचकर दोनों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने कहा कि राणा दंपती को दो समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने के आरोप में धारा 153 (ए) और मुंबई पुलिस एक्ट की धारा 135 के तहत गिरफ्तार किया गया है। उल्लेखनीय है राणा दंपती ने कुछ दिन पहले कहा था कि उद्धव को हनुमान जन्मोत्सव पर अपने घर मातोश्री में चालीसा का पाठ करना चाहिए। साथ ही, कहा कि वे यदि पाठ नहीं करेंगे तो हम उनके घर जाकर पाठ करेंगे। शनिवार को दिन भर जो घमासान मचा वह उसी कड़ी में था। बाल ठाकरे के बेटे को ‘हनुमान चालीसा’ लगती है अवैध, बेहूदगी और पाठ उपद्रवी हो सकता है (धारा 153A)

पुणे(ब्यूरो), डेमोक्रेटिक फ्रंट :

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के आवास मातो ‘श्री में हनुमान चालीसा’ पाठ पढ़ने को लेकर मचा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। शिवसेना कार्यकर्ता की शिकायत पर सांसद नवनीत राणा और उनके पति विधायक रवि राणा को मुंबई पुलिस गिरफ्तार कर अपने साथ थाने ले गई है। उधर, नवनीत राणा ने इस मसले पर भाजपा और पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस से मदद मांगी है। दोनों को कल यानि रविवार के दिन बांद्रा कोर्ट में पेश किया जाएगा।

महाराष्ट्र में शिव सेना के परम नेता ‘संजय राउत‘ ने नवनीत राणा और उनके पति को चेतावनी देते हुए कहा

‘‘मैं उनसे शिवसेना और मतोश्री के साथ नहीं खेलने का अनुरोध करता हूं, वरना उन्हें जमीन में 20 फुट नीचे गाड़ दिया जाएगा. शिव सैनिकों के धैर्य की परीक्षा ना लें’’, संजय राउत

भारतीय दंड संहिता यानी आईपीसी की धारा 153 के अनुसार, जो भी कोई शख्स अवैध बातें करके किसी व्यक्ति को द्वेषभाव या बेहूदगी से निशाना बनाता है और ऐसे भाषण या बयान से परिणामस्वरूप उपद्रव हो सकता है. तो वे मामले इसी धारा के तहत आते हैं।

भारतीय दंड संहिता की धारा 34 के अनुसार, जब एक आपराधिक कृत्य सभी व्यक्तियों ने सामान्य इरादे से किया हो, तो प्रत्येक व्यक्ति ऐसे कार्य के लिए जिम्मेदार होता है जैसे कि अपराध उसके अकेले के द्वारा ही किया गया हो।

34 आई.पी.सी. और सेक। 37(1)(3), 135 बॉम्बे पुलिस अधिनियम और धारा। धारा 395 और धारा 395 के तहत दंडनीय अपराधों के लिए निगडी पुलिस स्टेशन, पुणे, 2017 के सीआर संख्या 576 में …/अभियुक्त की फाइल पर शस्त्र अधिनियम के 3 (25) और 4 (25) और उसी के बारे में लंबित मामला। आईपीसी की धारा 397 और धारा। महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 37(1)(3) और 135 के तहत और आर्म्स एक्ट की धारा 3(25), 4(25) के तहत बॉम्बे पुलिस की 37(3) आर/डब्ल्यू 135… 2018 की रिट याचिका संख्या 2460)…

बता दें कि इससे पहले नवनीत राणा ने कहा, “मुझे लगता है कि मेरा उद्देश्य स्पष्ट तरीके से पूरा हो गया। हम मातोश्री तक नहीं पहुँच पाए, लेकिन जो ‘हनुमान चालीसा’ हम करने वाले थे, वो कई भक्त वहाँ मातोश्री के सामने हनुमान चालीसा पढ़ रहे हैं। कहीं ने कहीं ये सिद्ध होता है कि हमारी आवाज वहाँ तक पहुँची है।”

दरअसल, राणा दंपत्ति ने सुबह 9 बजे हनुमान चालीसा पाठ का समय निर्धारित किया था, लेकिन दोपहर तक शिवसेना के कार्यकर्ताओं और पुलिस ने उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने दिया।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के निजी आवास मातोश्री के बाहर ‘हनुमान चालीसा’ का पाठ करने की घोषणा के बाद अमरावती से निर्दलीय सांसद नवनीत राणा (MP Navneet Rana) और उनके विधायक पति रवि राणा के घर पर शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने जमकर उपद्रव किया

नवनीत राणा और उनके पति ने कहा कि इस दौरान शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने उनके घर में घुसने की कोशिश की। इस दौरान शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी पर उनके घर के बाहर हंगामे में शामिल रहीं। उन्होंने धमकी भरे अंदाज में कहा कि अगर वे घर से बाहर आते हैं तो कोल्हापुरी मिर्ची से उनका स्वागत किया जाएगा। वहीं, पुलिस ने राणा दंपत्ति को हनुमान चालीसा के लिए बाहर जाने से रोक दिया। उन्हें घर से बाहर ही नहीं निकलने दिया।

सांसद नवनीत राणा ने कहा कि उन्हें रोकने के लिए सीएम उद्धव ठाकरे ने उनके घर गुंडे भेजे। शिवसेना तो खत्म होने की बात कहते हुए नवनीत राणा ने कहा कि “असली शिव सैनिक तो बाला साहब के साथ चले गए हैं, अब गुंडों की शिवसेना रह गई है। मुख्यमंत्री का सिर्फ यही काम रह गया है कि किस पर क्या कार्रवाई करवानी है, किसे जेल भेजना है और किसे तड़ीपार करना है।” 

आवारा मवेशियों के कारण रोपड़ में बेपटरी हुई माल गाड़ी, 8 रेलगाडियां करनीं पड़ीं रद्द

पंजाब में इस समय 2.5 लाख के करीब आवारा पशु हैं, जिनके प्रबंधन के लिए सरकारें कई सालों से दावे तो कर रही हैं लेकिन इस समस्या का आज तक कोई स्थाई समाधान नहीं निकाला जा सका है। आवारा पशुओं के कारण सड़क हादसों में सैकड़ों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकार ने आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए ई-पोर्टल तैयार करने की योजना बनाई थी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार मवेशियों व जानवरों के भागने की संभावना वाले स्थानों पर लगातार सीटी बजाने के लिए नियमित आधार पर ट्रेन चालक दल को संवेदनशील बनाया गया। मवेशियों द्वारा अतिचार के चिन्हित स्थानों और प्रमुख शहरों के रास्ते पर बाड़ व चारदीवारी का निर्माण किया गया। गावों में सुरक्षा संगोष्ठी व प्रचार के माध्यम से मवेशियों को ट्रैक के नजदीक आने से बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए ग्रामीणों को परामर्श दिया गया। पंजाब में क्या होगा ???

  • रेलवे ट्रैक को मरम्मत के लिए अब अवरुद्ध कर दिया गया है
  • सोमवार शाम तक इसे यातायात के लिए खोले जाने की संभावना है
  • इस रूट की आठ ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं

कोरल ‘पुरनूर’ डेमोक्रेटिक फ्रंट, चंडीगढ़ : 

पंजाब के रूपनगर में आवारा मवेशियों के रेलवे पटरियों पर आ जाने से एक मालगाड़ी बेपटरी हो गई। हाल ही में मिली जानकारी के मुताबिक बीते रविवार रात करीब 12:35 बजे सांडों का एक झूंड अचानक मालगाड़ी के सामने आ गया और इस दौरान चालक ने मवेशियों को बचाने के लिए इमरजेंसी ब्रेक लगाया, जिससे अनियंत्रित होकर मालगाड़ी के 16 डिब्बे ट्रैक से उतर गए। बताया जा रहा है मालगाड़ी के सभी डिब्बे खाली थे, जो थर्मल प्लांट में कोयला छोड़कर वापस लौट रहे थे।

यह घटना गुरुद्वारा पाठा साहिब के पास हुई। रेलवे पटरियों को मरम्मत के लिए अब अवरुद्ध कर दिया गया है। मौके पर रेलवे का बचाव दल मशीनों के साथ पहुंच गया है। और पटरियों की मरम्मत का काम जारी है। पठानकोट-अमृतसर रेल मार्ग की आठ ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं।   रेलवे विभाग ने 18 अप्रैल की शाम 4 बजे तक रेलवे पटरियों को ठीक करने का दावा किया है।

पंजाब में इस समय 2.5 लाख के करीब आवारा पशु हैं, जिनके प्रबंधन के लिए सरकारें कई सालों से दावे तो कर रही हैं लेकिन इस समस्या का आज तक कोई स्थाई समाधान नहीं निकाला जा सका है। आवारा पशुओं के कारण सड़क हादसों में सैकड़ों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकार ने आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए ई-पोर्टल तैयार करने की योजना बनाई थी।

हाल ही में मिली जानकारी के मुताबिक राज्य में आवारा मवेशियों के लिए 77 कैटल पाउंड उपलब्ध हैं। आपको पता हो इससे पहले अप्रैल के पहले हफ्ते में पंजाब के गुरदासपुर रेलवे स्टेशन पर भी मालगाड़ी का एक डिब्बा बेपटरी हो गया था। इस हादसे में कोई घायल या हताहत तो नहीं हुआ था, लेकिन रेल यातायात घंटों तक प्रभावित रहा था। पठानकोट-अमृतसर रेल मार्ग पर चलने वाली कुछ ट्रेनों को रद्द करना पड़ा था। फिर ट्रैक की मरम्मत के बाद इस रूट पर यातायात उसी दिन शुरू हो गया था।

इससे पहले अप्रैल के पहले हफ्ते में पंजाब के गुरदासपुर रेलवे स्टेशन पर भी मालगाड़ी का एक डिब्बा बेपटरी हो गया था।  इस हादसे में कोई घायल या हताहत तो नहीं हुआ था, लेकिन रेल यातायात घंटों तक प्रभावित रहा था।  पठानकोट-अमृतसर रेल मार्ग पर चलने वाली कुछ रेल गाड़ियों को रद्द करना पड़ा था। फिर पटरी की मरम्मत के बाद इस रूट पर यातायात उसी दिन शुरू हो गया था।

बीती 15 अप्रैल की रात दादर-पुडुचेरी एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 11005) के 3 डिब्बे मुंबई के माटुंगा स्टेशन के पास पटरी से उतर गए थे, सीएसएमटी-गडग एक्सप्रेस का इंजन ने दादर-पुडुचेरी एक्सप्रेस को पीछे से टक्कर मार दी, जिसकी वहज से यह घटना हुई. हालांकि इसमें किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

व्यवहारिक अध्यात्मिक जीव विज्ञान” पुस्तक आर एस एस प्रमुख मोहन भागवत को भेंट की गई

नई दिल्ली(ब्यूरो) डेमोक्रेटिक फ्रंट – अप्रैल 16 ,2022 :

हिमाचल प्रदेश   के पहले कैंसर सुपर स्पेशलिस्ट तथा  भारत के सबसे ज्यादा शिक्षित  कैंसर विशेषज्ञ डॉ पुनीत गुप्ता  ने स्वयं लिखित  पुस्तक  “व्यावहारिक अध्यात्मिक जीव विज्ञान” की प्रति नई दिल्ली में आर एस एस प्रमुख मोहन भागवत को भेंट की डॉ पुनीत गुप्ता मंडी शहर  के बोरा गली के निवासी हैं तथा इस समय राजधानी दिल्ली के प्रतिष्ठित मेट्रो अस्पताल के कैंसर विभाग के निदेशक हैं

डॉ पुनीत गुप्ता ने इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला से   एमबीबीएस की परीक्षा पास करने के बाद एमडी, डीएनबी,डीएम,  एमबीए की शिक्षा ग्रहण की तथा  तथा  भारत  एवं  अमेरिका , इंग्लैंड , सहित  दुनिया  के चोटी  के कैंसर संस्थानों  में शिक्षा ग्रहण करने के बाद अनेक अंतरराष्ट्रीय  संस्थाओं द्वारा कैंसर पर आयोजित  सेमिनार में  व्याख्यान के लिए आमंत्रित किये जाते हैं

डॉक्टर पुनीत गुप्ता    द्वारा  इस पुस्तक में   भ्रूण के अंदर कैसे विभिन्न आध्यात्मिक अंग पैदा होते हैं तथा यह अंग आपसी  तालमेल कैसे  बनाते हैं दर्शाया गया है।   वह आपस में एक “चरण व चरण” क्रिया द्वारा ब्रह्म नाद ब्रह्म प्रकाश धारण करने के बाद एकजुट हो जाते हैं तथा ब्रह्म स्वरूप को प्राप्त कर लेते हैं। 

व्यवहारिक अध्यात्मिक जीव विज्ञान” दुनिया भर की वह पहली पुस्तक है जिसमें मनुष्य के शरीर की रचना को अध्यात्म की खोज का एक उत्तम नमूना दर्शाया गया है।इसमें कर्म इंद्रियों व ज्ञान इंद्रियों को चार विभिन्न अंगों में विभाजित किया गया है/ यह 4 इंद्रियों के अंश मिलकर मन की रचना करते हैं और अंतःकरण चतुर्थ का एक हिस्सा बनते हैं । अंतःकरण चतुर्थ के 4 हिस्से (मन अहंकार, बुद्धि, चित्) सभी ब्रह्म नाद व ब्रह्म प्रकाश धारण करने के बाद हृदय में सुषुप्ति, समाधि को प्राप्त करते हैं। निष्काम कर्म करने की शक्ति ब्रह्म स्वरूप से आती है।
इस अध्यात्मिक करिया का क्रिया का विज्ञान बायोलॉजी डॉ गुप्ता ने बखूबी बहुत बारीकी से पहली बार दुनिया के सामने रखा है डॉक्टर पुनीत गुप्ता ने  गीता ज्ञान को आज के जीव विज्ञान के साथ बखूबी जोड़ा गया है। इसमें पहली बार दुनिया में मेडिटेशन ध्यान प्रक्रिया तथा स्टेम सेल बायोलॉजी का तालमेल दर्शाया गया है। यह किताब आध्यात्मिक जगत की एक विशेष उपलब्धि है जो आने वाले समय में मेडिकल रिसर्च से नए कीर्तिमान स्थापित करेगी।फोटो कैप्शन ——- हिमाचल प्रदेश   के पहले कैंसर सुपर स्पेशलिस्ट तथा  भारत के सबसे ज्यादा शिक्षित  कैंसर विशेषज्ञ डॉ पुनीत गुप्ता  ने स्वयं लिखित  पुस्तक  “व्यावहारिक अध्यात्मिक जीव विज्ञान” की प्रति नई दिल्ली में आर एस एस प्रमुख मोहन भागवत को भेंट की

शरद पवार – पीएम मोदी की संसद में 20 मिनट की मुलाकात, लगने लगे कयास

महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के नेताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों द्वारा जांच तेज करने के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। पवार लगभग 20 मिनट तक संसद में प्रधानमंत्री कार्यालय में मोदी के साथ रहे। यह बैठक ऐसे दिन हुई है, जब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को हिरासत में लिया था।

नई दिल्ली(ब्यूरो), डेमोक्रेटिक फ्रंट :  

एनसीपी नेता शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक दोनों नेताओं के बीच करीब 20 मिनट तक प्रधानमंत्री कार्यालय में बातचीत हुई। एक तरफ महाराष्ट्र में शिवसेना नेता संजय राउत समेत कई अन्य नेताओं और उनके रिश्तेदारों पर प्रवर्तन निदेशालय का डंडा चल रहा है तो दूसरी ओर महाराष्ट्र सरकार के प्रमुख स्तंभ शरद पवार पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक एनसीपी नेता ने प्रवर्तन निदेशालय वाले मुद्दे पर भी पीएम मोदी से चर्चा की है।

मीटिंग के बाद शरद पवार  ने कहा, शिवसेना नेता संजय राउत पर ईडी की कार्रवाई के बारे मैंने प्रधानमंत्री से बात की। अगर केंद्रीय एजेंसी इस तरह के कदम उठाती है तो उन्हें इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। वे सरकार के खिलाफ बोलते हैं इसीलिए उनपर कार्रवाई की जा रही है।

बता दें कि कुछ ही दिनों में ईडी ने शिवसेना और एनसीपी के कई नेताओं पर कार्रवाई की है। ईडी ने मंगलवार को शिवसेना नेता संजय राउत की पत्नी और एक  दोस्त की लगभग 11 करोड़ की संपत्ति कुर्क कर दी। वहीं पत्रकारों ने जब शरद पवार के भतीजे अजीत पवार से इस बारे में बात की तो उन्होंने कहा कि मीटिंग में हुई बातचीत के बारे में उन्हें कुछ नहीं पता है। 

अजीत पवार ने कहा, देश के  प्रधानमंत्री और किसी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अगर आपस में बात करते हैं तो यह विकास के मुद्दों पर हो सकती है। कुछ ऐसे मुद्दे होते हैं जिनके बारे में संसद के सत्र के दौरान ही बात होती है। बता दें कि शिवसेना और एनसीपी नेताओं का आरोप है कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का इस्तेमाल उनके खिलाफ कर रही है। 

आज सुबह ही सीबीआई ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को हिरासत में ले लिया। वह शरद पवार की पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। 

मंगलवार को ईडी ने शिवसेना नेता के परिवार और दोस्त की 11 करोड़ की संपत्ति कुर्क कर दी। वहीं दूसरे एनसीपी नेता जयंत पाटिल ने कहा कि हो सकता है कि महाराष्ट्र सरकार की तरफ से विधान परिषद के लिए 12 नामों की पेंडिंग मंजूरी के मामले में उन्होंने चर्चा की हो। अब तक इन लोगों के नॉमिनेशन को राज्यपाल और केंद्र के प्रतिनिधियों ने मंजूरी नहीं दी है। 

एक दिन पहले ही शरद पवार ने अपने आवास पर विधायकों और नेताओं की बैठक रखी थी। इसमें विधायकों के अलावा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी शामिल थे। उन्होंने कहा था कि महाराष्ट्र के विकास को लेकर यह मीटिंग रखी गई थी। हाल ही में शरद पवार को यूपीए का चेयरमैन बनाए जाने को लेकर एक प्रस्ताव भी पारित किया गया था लेकिन पवार ने साफ इनकार करते हुए कहा था कि यूपीए अध्यक्ष बनने में उनकी कोई रुचि नहीं है।

गोवा में कॉंग्रेस को बड़ा झटका, दिगंबर कामत भाजपा  में शामिल हो सकते हैं

गोवा में कांग्रेस 10 साल से सत्ता में नहीं है। जबकि कामत तीन साल तक नेता प्रतिपक्ष रहे हैं। उन्हें गोवा में कांग्रेस का सबसे बड़ा चेहरा माना जाता है। वह पूर्व मुख्यमंत्री प्रताप सिंह राणे की सरकार में ऊर्जा मंत्री थे। 2005 में वे कांग्रेस में शामिल हुए और 2007 में वे सीएम बने। कामत पर भ्रष्टाचार के भी आरोप लगे हैं। 2007 से 2012 के बीच, जब वह सीएम थे, तब जस्टिस एमबी शाह आयोग ने उन पर 35,000 करोड़ रुपये के खनन घोटाले का आरोप लगाया था। 2014 में भी उनसे इस संबंध में पूछताछ की गई थी।

पणजी/नयी दिल्ली(ब्यूरो), डेमोक्रेटिक फ्रंट – 06 अप्रैल :

गोवा  में कांग्रेस  के बड़े नेता दिगंबर कामत भाजपा  ज्वॉइन कर सकते हैं। सूत्रों के हवाले से ये जानकारी मिली है। दिगंबर कामत ने ही साल 2000 की शुरुआत में गोवा में मनोहर पर्रिकर की सरकार को उखाड़ फेंका था और राज्य में कांग्रेस के मुख्यमंत्री बने थे। दिगंबर कामत फिलहाल राज्य में कांग्रेस के विधायक हैं।  दिगंबर कामत, कांग्रेस और भाजपा  दोनों ही पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। विज्ञान में स्नातक दिगंबर कामत गोवा के बेहद कुशल राजनीतिज्ञ माने जाते हैं। वैसे दिंगबर कामत पेशे से बिजनेसमैन और रियल एस्टेट डेवलपर रहे हैं.। उनके परिवार में पत्नी आशा कामत और दो बच्चे हैं।

सात बार के विधायक, कामत 2022 के गोवा विधानसभा चुनावों में सीएम पद के लिए कांग्रेस में सबसे आगे थे। 68 वर्षीय ने अपने गढ़ मडगांव से चुनाव में बड़ी जीत दर्ज की।

2017 में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बाद, कांग्रेस ने इस साल के विधानसभा चुनावों में खराब प्रदर्शन किया। पिछली बार सरकार बनाने के लिए ग्रैंड ओल्ड पार्टी को पछाड़ने वाली भाजपा ने 40 सदस्यीय सदन में 28 सीटों के साथ लगातार तीसरी बार सत्ता सुनिश्चित की।

दिगंबर कामत ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस पार्टी से की थी। 1994 में जब कांग्रेस ने दिगंबर कामत को चुनाव के लिए टिकट नहीं दिया गया, तो वह पार्टी की सदस्यता त्याग बीजेपी से जुड़ गए। एक लंबे समय के बाद 2005 में दिगंबर कामत कांग्रेस में पुन: शामिल हुए और सर्वसम्मति से विधानसभा के नेता चुने गए। 2007 के विधासभा चुनाव में जब कांग्रेस को जीत हासिल हुई, तब तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रताप राणे और राज्य के कांग्रेस मुखिया रवि नाइक के बीच हुए समझौते के बाद दिगंबर कामत को मुख्यमंत्री बनाया गया था। वहीं साल 2019 में जब भाजपा सरकार बनाने में कामयाब रही तो दिगंबर कामत गोवा विधानसभा में विपक्ष के नेता बने।

वर्तमान में, भाजपा के पास 20 विधायक हैं और 21 के बहुमत के लिए सिर्फ एक की जरूरत है। अब तक एमजीपी और तीन निर्दलीय ने समर्थन दिया है।

संजय राउत और केजरीवाल के मंत्री सत्येंद्र जैन के खिलाफ ED की बड़ी कार्रवाई, करोड़ों की संपत्ति कुर्क

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय ने कुल 11 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की गई है। इसमें से 9 करोड़ के मालिक संजय के दोस्त प्रवीण राउत हैं। वहीं, 2 करोड़ की संपत्ति संजय राउत की पत्नी की है। ED ने 1,034 करोड़ रुपये के पात्रा चावल भूमि घोटाला मामले में शिवसेना नेता की पत्नी वर्षा की संपत्ति कुर्क की है। ED ने इसी मामले में महाराष्ट्र के कारोबारी प्रवीण राउत को फरवरी में गिरफ्तार किया था। उनके खिलााफ अदालत में चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है। संजय राउत ने कहा “क्या मैं विजय माल्या, मेहुल चोकसी, नीरव मोदी या अंबानी-अदानी हूं? चाहे हमारी प्रोपर्टी जब्त हो, गोली मारो या जेल भेजो हम नहीं डरेंगे। 2 साल से चुप बैठाने की कोशिश है, चुप बैठा क्या? जिसको फुदकना है, नाचना है नाचने दो। आगे पता चलेगा कि सच क्या है और झूठ क्या है।”

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता सत्येंद्र जैन (Satyendar Jain) और शिवसेना नेता संजय राउत (Sanjay Raut) के परिवार की करोड़ों रुपये की संपत्ति को जब्त कर लिया है। सत्येंद्र जैन के मामले में ED ने भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के तहत उनके सहयोगियों की 4.81 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति जब्त की है।

नयी दिल्ली/ मुंबई(ब्यूरो) :

इस सिलसिले में साल 2017 में सत्येंद्र जैन और उनके सहयोगियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। दोनों मामले अलग-अलग हैं जिनमें ED ने कार्रवाई की है। एक मामला शिवसेना नेता संजय राउत की पत्नी वर्षा से संबंधित है, जबकि दूसरा आम आदमी पार्टी के नेता सत्येंद्र जैन के परिवार से संबंधित है।

खबरों के मुताबिक, ईडी ने 11 करोड़ की प्रॉपर्टी अटैच की है। इसमें से 9 करोड़ की प्रॉपर्टी प्रवीण राउत की और 2 करोड़ की प्रॉपर्टी संजय राउत की पत्नी की है। प्रवर्तन निदेशालय ने राउत की पत्नी की संपत्ति कुर्क की है। इसमें अलीबाग स्थित प्लॉट और दादर स्थित फ्लैट शामिल है।

बता दें कि कुछ समय पहले शिवसेना सांसद संजय राउत ने उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू को एक पत्र लिखा था, जिसमें दावा किया गया था कि 1,034 करोड़ रुपये के पात्रा चॉल भूमि घोटाला मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) उनके और उनके रिश्तेदारों, दोस्तों और परिचितों के खिलाफ अपनी शक्तियों का दुरुपयोग कर रहे हैं। संजय राउत ने आरोप लगाया था कि ईडी और अन्य केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकारों को गिराने के लिए ‘मंशा’ से किया जा रहा है।  

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, 2007 में, HDIL (हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड) की एक सहयोगी कंपनी, गुरुआशीष कंस्ट्रक्शन को MHADA (महाराष्ट्र हाउसिंग एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी) द्वारा पात्रा चॉल के पुनर्विकास के लिए कॉन्ट्रैक्ट मिला था। गुरुआशीष कंस्ट्रक्शन को पात्रा चॉल के 672 किरायेदारों के लिए फ्लैट तैयार करने थे और लगभग 3000 फ्लैट MHADA को सौंपने थे। कुल भूमि 47 एकड़ की थी। MHADA और पात्रा चॉल किरायेदारों को फ्लैट सौंपने के बाद गुरुआशीष कंस्ट्रक्शन को बची हुई भूमि को बिक्री और डेवलपमेंट के लिए अनुमति दी जानी थी।

लेकिन गुरुआशीष कंस्ट्रक्शन ने पात्रा चॉल या MHADA को दिए जाने वाले किसी अन्य फ्लैट को डेवलप नहीं किया। बल्कि उसने 1,034 करोड़ रुपये में लगभग आठ अन्य बिल्डरों को जमीन बेच दी। 

प्रवीण राउत, जिसे अब ईडी ने गिरफ्तार किया है, वह HDIL के सारंग और राकेश वधावन के साथ फर्म में निदेशकों में से एक था, जो पीएमसी बैंक घोटाला मामले में मुख्य आरोपी हैं।

मार्च 2018 में, म्हाडा ने गुरुआशीष कंस्ट्रक्शन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। फरवरी 2020 में प्रवीण राउत को ईओडब्ल्यू ने गिरफ्तार किया था, जबकि सारंग वधावन को उसी साल सितंबर में ईओडब्ल्यू ने गिरफ्तार किया था। बाद में प्रवीण राउत को जमानत पर रिहा कर दिया गया।

ईडी ने मामले में ईसीआईआर दर्ज किया और 1 फरवरी को एजेंसी ने प्रवीण राउत और उनके सहयोगी सुजीत पाटकर के आवास कार्यालयों सहित लगभग सात स्थानों पर तलाशी ली। प्रवीण राउत को 2 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था, जबकि पाटकर का बयान ईडी ने दर्ज किया था।

प्रवीण राउत शिवसेना नेता संजय राउत के दोस्त हैं और पीएमसी बैंक घोटाला मामले में जांच के दौरान उनका नाम भी सामने आया था। यह पता चला था कि प्रवीण राउत की पत्नी माधुरी ने संजय राउत की पत्नी वर्षा को 55 लाख रुपये का ब्याज मुक्त ऋण दिया था, जिसका उपयोग राउत परिवार द्वारा दादर में एक फ्लैट खरीदने के लिए किया गया था। ईडी ने वर्षा और माधुरी राउत का बयान दर्ज किया था।

ईडी के सूत्रों के अनुसार, 2010 में, प्रवीण राउत को इक्विटी और भूमि सौदे की बिक्री की आड़ में उनके बैंक खाते में 95 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जबकि कंपनी प्रोजेक्ट को पूरा करने में सक्षम नहीं थी और कोई आय भी नहीं हुई थी। एक अन्य व्यक्ति, सुजीत पाटकर, जिसके आवास पर ईडी ने मामले के सिलसिले में तलाशी ली थी, वह प्रवीण राउत का सहयोगी है, और संजय राउत के साथ भी जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।

पाटकर पिछले साल से एक वाइन ट्रेडिंग फर्म में संजय राउत की बेटी के साथ पार्टनर हैं। पाटकर की पत्नी और संजय राउत की पत्नी ने इससे पहले अलीबाग में संयुक्त रूप से जमीन खरीदी थी। अलीबाग भूमि सौदा ईडी जांच के दायरे में है क्योंकि ऐसा संदेह है कि जमीन की खरीद के लिए धन का इस्तेमाल किया गया था।

सत्येंद्र जैन की 4.81 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क

वही, दूसरा तरफ दिल्ली सरकार में मंत्री सत्येंद्र जैन के परिवार और रिश्तेदारों से जुड़े 4.81 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हुआ है। कहा जा रहा है कि आम आदमी पार्टी के नेता सत्येंद्र जैन के परिवार के सदस्य किसी ऐसी फर्म से जुड़े थे जो PMLA की जांच के दायरे में है।

कुर्क की गई 4.81 करोड़ रुपये की संपत्तियां अकिंचन डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, इंडो मेटल इंपेक्स प्राइवेट लिमिटेड, प्रयास इंफोसोल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, मंगलायतन प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, जे.जे. आइडियल एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड, वैभव जैन की पत्नी स्वाति जैन, अजीत प्रसाद जैन की पत्नी सुशीला जैन और सुनील जैन की पत्नी इंदु जैन की हैं।

राज ठाकरे के नेताओं ने ‘अजान’ के विरोध में लाउडस्पीकर पर बजाई ‘हनुमान चालीसा’

राज ठाकरे के आह्वान पर एमएनएस के कई कार्यकर्ताओं ने हनुमान चालीसा का पाठ किया जिसके बाद पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया। नासिक में एमएनएस के कार्यकर्ताओं ने हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया। इसके बाद कई जिलों से इसी तरह की बातें सामने आईं. इस पर वालसे पाटिल ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर किसी ने समाज में तनाव पैदा करने की कोशिश की तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। दिलीप वासले पाटिल के इस बयान पर मनसे कार्यकर्ताओं ने कड़ी आपत्ति दर्ज की। एमएनएस प्रवक्ता संदीप देशपांडे ने कहा, कानून की धमकी हमें न दें। पहले मस्जिद से लाउडस्पीकर हटाने के हाई कोर्ट के आदेश को अमल में लाएं। उन्होंने कहा, हमने ऐसी धमकी देने वाले बहुत देखे हैं।

मुंबई(ब्यूरो) डेमोक्रेटिक फ्रंट – 04 अप्रैल:

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने शनिवार को शिवाजी पार्क में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि मस्जिदों से लाउडस्पीकर को हटवाया जाए नहीं तो हम मस्जिदों के सामने स्पीकर लगाकर हनुमान चालीसा बजाएंगे। लेकिन शिवाजी पार्क में आयोजित राज ठाकरे के इस कार्यक्रम पर तीखा हमला बोलते हुए शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि लोगों को लगता है कि यह कार्यक्रम भाजपा का कार्यक्रम था। महाराष्ट्र में कानून का राज चलता है। प्रदेश के गृह मंत्री जो कुछ करेंगे वह कानून के मुताबिक होगा।

संजय राउत ने कहा कि राज ठाकरे मस्जिदों से लाउडस्पीकर को उतारने की मांग कर रहे हैं। पहली बात तो वह देखें कि किन भाजपा शासित राज्यों में अजान को रोक दिया गया है, मस्जिदों पर से लाउडस्पीकर को उतार दिया गया है। यह महाराष्ट्र है, जहां पर कानून का राज चलता है। वहीं जिस तरह से राज ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र की जनता ने शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी को अपना समर्थन नहीं दिया था। उद्धव ठाकरे ने प्रदेश की जनता के साथ गद्दारी की है। आखिर चुनाव के बाद ही उन्हें ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री का वादा क्यों याद आया। उन्होंने चुनावी मंच पर पीएम मोदी और अमित शाह के सामने यह बात क्यों नहीं कही।

दरअसल, वालसे रविवार को पुणे के पास शिरूर में एक सभा को संबोधित कर रहे थे। सभा शुरू होने के कुछ समय बाद मस्जिद से अजान की आवाज आ गई। इसके बाद वालसे ने अपने संबोधन को रोक दिया और अपने कार्यकर्ताओं से कुछ देर शांति रखने की अपील की।

गौरतलब है कि राज ठाकरे के आह्वान पर एमएनएस के कई कार्यकर्ताओं ने हनुमान चालीसा का पाठ किया जिसके बाद पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया। नासिक में एमएनएस के कार्यकर्ताओं ने हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया। इसके बाद कई जिलों से इसी तरह की बातें सामने आईं। इस पर वालसे पाटिल ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर किसी ने समाज में तनाव पैदा करने की कोशिश की तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

दिलीप वासले पाटिल के इस बयान पर मनसे कार्यकर्ताओं ने कड़ी आपत्ति दर्ज की। एमएनएस प्रवक्ता संदीप देशपांडे ने कहा, कानून की धमकी हमें न दें। पहले मस्जिद से लाउडस्पीकर हटाने के हाई कोर्ट के आदेश को अमल में लाएं। उन्होंने कहा, हमने ऐसी धमकी देने वाले बहुत देखे हैं।

गृह मंत्री से सीएम की नराजगी की खबरें
इससे पहले खबर आई थी कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे दिलीप वालसे पाटिल के कामकाज से खुश नहीं हैं। दरअसल, पाटिल ने बीजेपी के कुछ नेताओं के मामले में आपराधिक जांच कराने के आदेश दिए थे। इसके बाद बीजेपी के देवेंद्र फडनवीस ने कहा था कि सरकार बीजेपी नेताओं को झूठे मामलों में फंसाने की साजिश रच रही है। बीजेपी का आरोप था कि पाटिल ने बीजेपी नेता को फंसाने के लिए आईपीएस अधिकारी संजय पांडे को मुंबई पुलिस आयुक्त नियुक्त किया है।

इसके बाद यह मामला तूल पकड़ लिया था। कहा जा रहा था उद्धव ठाकरे भी पाटिल से नाराज हैं। हालांकि इसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा था कि मुख्यमंत्री पाटिल के कामकाज से नाराज नहीं हैं। पाटिल ने भी खुद कहा है कि मुख्यमंत्री उनसे नाराज नहीं है। पाटिल ने बीजेपी के आरोप को भी खारिज कर दिया।