वाजे कि नयी चिट्ठी नए विवाद, अब पवार का भी नाम

  चिट्ठी में सचिन वाजे ने सनसनीखेज आरोप लगाए हैं, वाजे की कथित चिट्ठी में सचिन वाजे ने कहा है कि शरद पवार मुझे वापस नौकरी पर नहीं रखना चाहते थे, लेकिन अनिल देशमुख ने मुझसे कहा कि मैं शरद पवार को मना लूंगा लेकिन मुझे दो करोड़ रुपये देने होंगे। चिट्ठी में वाजे आगे लिखते हैं, “मैंने कहा मैं अभी पैसे नहीं दे सकता है, इस पर अनिल देशमुख ने कहा कोई बात नहीं”

मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह की चिट्ठी के बाद अब एक और चिट्ठी सामने आई है। राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) की हिरासत में बंद मुंबई पुलिस के सस्पेंड हो चुके अधिकारी सचिन वाजे की बुधवार (अप्रैल 7, 2021) को मीडिया में कथित चिट्ठी सामने आई है। इसमें सचिन वाजे ने महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी सरकार के कई नेताओं पर आरोप लगाए हैं।

यह चिट्ठी अपने आप में खास है क्योंकि अब तक पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख का ही नाम इस मामले में आया था लेकिन इस चिट्ठी ने देशमुख के अलावा ताकतवर पवार का भी नाम जोड़ लिया है। इस चिट्ठी में सचिन वाजे ने आरोप लगाया है कि पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख ने उन्हें नौकरी पर वापस रखने के बदले 2 करोड़ रुपए माँगे थे।

इस चिट्ठी में वाज़े ने सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। चिट्ठी में सचिन वाजे ने कहा है कि शरद पवार उन्हें वापस नौकरी पर नहीं रखना चाहते थे, लेकिन अनिल देशमुख ने उनसे कहा कि वो शरद पवार को मना लेंगे लेकिन उसके लिए दो करोड़ रुपए देने होंगे। चिट्ठी में वाजे आगे लिखते हैं, “मैंने कहा मैं अभी पैसे नहीं दे सकता है। जिस पर देशमुख ने उन्हें बाद में भुगतान करने के लिए कहा।”

सचिन वाजे दावा करते हैं कि नवंबर 2020 में, उन्हें एक व्यक्ति (दर्शन घोड़ावत) से मिलवाया गया, जो डिप्टी सीएम अजित पवार के करीबी थे। उन्होंने वाजे को महाराष्ट्र में गुटखा के अवैध व्यापार के बारे में सूचित किया और जोर देकर कहा कि सचिन वाजे को अवैध गुटखा विक्रेताओं से कम से कम 100 करोड़ रुपए वसूल करने होंगे।

1 जनवरी 2021 से, उन्होंने कहा कि उन्होंने गुटखा विक्रेताओं पर छापे मारने शुरू किए। उन्होंने गुटखा के अवैध कारखानों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की। इसके बाद दर्शन घोड़ावत सचिन वाजे से मिलने आया और डिप्टी सीएम अजित पवार के नाखुश होने के बारे में बताया।

चिट्ठी में सचिन वाजे लिखते हैं कि गृह मंत्री ने उन्हें 1650 बार से उगाही के लिए कहा था लेकिन उन्होंने असमर्थता जता दी थी। इसके बाद कथित चिट्ठी में वाजे ने कहा कि गृह मंत्री के पीए ने उन्हें गृह मंत्री के ऑफर पर विचार करने के लिए कहा। 

सचिन वाजे की चिट्ठी में महाराष्ट्र के मंत्री अनिल परब पर भी आरोप लगाए गए हैं। चिट्ठी में वाजे ने लिखा है कि अनिल परब ने उन्हें 50 करोड़ लेकर SBUT की जाँच बंद करने को कहा। वाजे की चिट्ठी में एक और आरोप लगाया गया है। वाजे ने चिट्ठी में लिखा है कि अनिल परब ने उसे बीएमसी के 50 ठेकेदारों से 100 करोड़ रुपए वसूलने को कहा था।

बता दें कि मुंबई पुलिस के निलंबित अधिकारी सचिन वाजे को बुधवार (अप्रैल 7, 2021) को विशेष एनआईए अदालत के सामने पेश किया गया। यहाँ राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने अदालत से सचिन वाजे की हिरासत चार दिन और बढ़ाने की माँग की। अदालत ने वाजे की हिरासत को 9 अप्रैल तक के लिए बढ़ा दिया। 

सेट पर 45 लोगों के कोरोना संक्रमित होने से टला अक्ष्य की फिल्म राम सेतु का छायांकन

मुंबई के मड आइलैंड में सोमवार यानी 5 अप्रैल को 100 लोगों की एक टीम फिल्म ‘राम सेतु’ के सेट पर पहुंचने वाली थी। लेकिन अक्षय कुमार और फिल्म के प्रड्यूसर विक्रम मल्होत्रा ने सभी के कोविड टेस्ट कराने का निर्णय लिया। बताया जा रहा है कि 100 लोगों में से 45 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इस तरह से अक्षय कुमार और विक्रम मल्होत्रा की सावधानी ने कई लोगों को कोरोना वायरस से बचाया है।

  • राम सेतु के लिए काम कर रहे 45 जूनियर आर्टिस्ट के कोरोना की चपेट में 
  • सभी कोरोना संक्रमितों को तुरंत क्वारंटीन कर दिया गया
  • 5 अप्रैल को 100 लोग राम सेतु के सेट पर अपना काम शुरू करने वाले थे

फिल्म ‘राम सेतु’ की शूटिंग के लिए कुछ ही दिनों पहले उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और फिर अयोध्या पहुँचे अभिनेता अक्षय कुमार कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं। मुंबई के मढ द्वीप पर इस फिल्म की शूटिंग होनी थी। अभिनेत्री नुसरत भरूचा और जैकलीन फर्नांडिस भी इस फिल्म की शूटिंग कर रही थीं। अब इस फिल्म से जुड़े 45 जूनियर आर्टिस्ट कोरोना वायरस संक्रमण से पीड़ित हो गए हैं।

सोमवार (अप्रैल 5, 2021) को 100 जूनियर कलाकारों की एक टीम शूटिंग में शामिल होने वाली थी। फिल्म के मुख्य अभिनेता अक्षय कुमार और निर्माता विक्रम मल्होत्रा ने फिल्म की शूटिंग में शामिल होने वाली सभी कलाकारों का कोरोना टेस्ट अनिवार्य कर रखा है। एक दैनिक की खबर के अनुसार, 100 की टीम में से 45 का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव निकला। ‘फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्पलॉईज (FWICE)’ ने इस खबर की पुष्टि की है।

संगठन के महासचिव अशोक दुबे ने कहा कि ‘राम सेतु’ की शूटिंग के दौरान पूरी सावधानी बरती जा रही है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि सभी 45 कोरोना पॉजिटिव कलाकारों को क्वारंटाइन कर दिया गया है। अब शूटिंग को भी रोक दिया गया है। अगले 15 दिनों में इस फिल्म की शूटिंग फिर से शायद ही शुरू हो पाए। हर दो दिन पर सावधानी के लिए सेट पर सबका कोरोना टेस्ट किया जाता है।

बताया गया है कि पॉजिटिव आने वालों को आइसोलेट करने के साथ ही उनका खर्च भी ‘राम सेतु’ की टीम ही वहन करती है। अगर किसी को कुछ तकलीफ महसूस होती है तो उसे तुरंत आइसोलेट किया जाता है। अक्षय कुमार ने खुद कई बार टेस्ट कराया है। महाराष्ट्र में पहले से ही कोरोना के रोज 50,000 से अधिक मामले सामने आ रहे हैं। पिछले 1 दिन में देश में 1 लाख मामले सामने आए, जो अब तक का सर्वाधिक है।

अक्षय कुमार ने सोशल मीडिया पर लिखा, “आप सभी की शुभकामनाओं और प्रार्थनाओं के लिए आभार। ऐसा लग रहा है जैसे उनका असर हो रहा है। मैं ठीक हूँ, लेकिन सावधानी के तौर पर मेडिकल सलाहों को मान कर मैं अस्पताल में हूँ। मैं जल्द ही घर वापस लौटूँगा।” इससे पहले अक्षय कुमार होम क्वारंटाइन में थे। उन्होंने पिछले कुछ दिनों में अपने संपर्क में आए सभी लोगों को कोरोना टेस्ट कराने की सलाह दी थी।

हाल ही में नुसरत ने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कुछ तस्वीरें शेयर की थीं, जिसमें वह ‘राम सेतु’ की स्क्रिाप्ट पढ़ते हुए नजर आ रही थीं। उन्होंने लिखा था, “Let’s do this!!”। इसी के साथ उन्होंने अक्षय कुमार, जैकलीन फर्नांडीज और फिल्म के डायरेक्टर अभिषेक शर्मा को भी टैग किया था। उन्होंने इस फिल्म में मौका मिलने के लिए खुद को ‘सौभाग्यशाली’ करार दिया था। अक्षय, नुसरत और जैकलीन यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ से भी मिले थे।

बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद देशमुख का इस्तीफा, दिलीप वलसे पाटिल के नए गृह मंत्री होने कयास तेज़

मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह की तरफ से दायर पीआईएल पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए अनिल देशमुख के खिलाफ सोमवार को सीबीआई जांच के आदेश दिए। बॉम्बे हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद देशमुख ने महाराष्ट्र के गृह मंत्री पद से अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को सौंप दिया। सूत्रों के मुताबिक, अब राज्य का अगला गृहमंत्री पद का चार्ज एनसीपी ही के दिलीप वलसे पाटिल को सौंपा गया। इसके साथ ही, दिलीप वलसे पाटिल के पास जो एक्साइज मिनिस्ट्री थी वह अजित पवार को दी जाएगी।

मुंबई:

महाराष्ट्र में मची राजनीतिक उथल-पुथल के बीच प्रदेश के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले के बाद यह इस्तीफा दिया है। हालांकि अभी तक सीएम उद्धव ठाकरे ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है। देशमुख ने बॉम्बे हाई कोर्ट की तरफ से सीबीआई जांच के आदेश के बाद यह कदम उठाया है।

आज (5 अप्रैल 2021) ही बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख पर निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे के जरिए मुंबई के प्रतिष्ठानों से प्रति महीने 100 करोड़ रुपए की वसूली के आरोप मामले में CBI को प्रारंभिक जाँच करने को कहा है।

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गृह मंत्री अनिल देशमुख के इस्तीफे को लेकर ट्विटर पर अपनी बात रखी थी। उनका कहना था कि बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले के बाद अनिल देशमुख को स्वयं ही इस्तीफा दे देना चाहिए या फिर खुद मुख्यमंत्री ठाकरे को उनसे ऐसा करने को कहना चाहिए।

बॉम्बे हाई कोर्ट का फैसला

बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा कि 15 दिनों के भीतर CBI अपनी प्रारंभिक जाँच ख़त्म कर सकती है। प्रारंभिक जाँच के बाद ये CBI के निदेशक के ऊपर होगा कि वो इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करना चाहते हैं। कोर्ट ने कहा:

“हम जानते हैं कि अनिल देशमुख राज्य के गृह मंत्री हैं, जो पुलिस के ऊपर होते हैं। एक स्वतंत्र जाँच होनी चाहिए। जाँच कानून के हिसाब से होनी चाहिए।”

रॉबर्ट वाड्रा कोरोना संक्रमित, महाराष्ट्र आघाडी सरकार द्वारा लॉक डाउन की कवायद तेज़

देश के जाने माने बिजनेसमैन और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया है। प्रियंका गांधी ने एक वीडियो शेयर करके इस बात की जानकारी दी है। हालांकि प्रियंका गांधी की कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव पाई गई है। प्रियंका गांधी ने कहा है कि रॉबर्ट के पॉजिटिव पाए जाने के बाद मैंने अपना असम का दौरा रद्द कर दिया हैमैं अब आइसोलेशन में रहूंगी।

दिल्ली/पुणे:

देश में कोरोना वायरस का संक्रमण फिर से बढ़ता जा रहा है। पिछले 24 घंटों में देश में 81,000 नए मामले आए हैं। राज्यों की बात करें तो सबसे खराब स्थिति में महाराष्ट्र है, जहाँ शुक्रवार (02, अप्रैल) को लगभग 47,000 नए संक्रमित मिले हैं और 202 मरीजों की मृत्यु हुई है। महाराष्ट्र में अब पुनः लॉकडाउन की स्थिति निर्मित हो रही है।

महाराष्ट्र में बढ़ते संक्रमण के बीच मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का बयान भी सामने आया है। ठाकरे ने कहा है कि यदि महाराष्ट्र में संक्रमण की ऐसी ही स्थिति बनी रही तो वे लॉकडाउन की स्थिति इनकार नहीं करेंगे। इसका मतलब हुआ कि यदि महाराष्ट्र में आने वाले कुछ दिनों में संक्रमण की रफ्तार कम नहीं हुई तो एक बार फिर लॉकडाउन लग सकता है। महाराष्ट्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी से संबंधित खबरों पर उद्धव ने कहा कि यदि संक्रमण की स्थिति ऐसी ही बनी रही तो अगले 15-20 दिनों में स्वास्थ्य सुविधाओं में कमी आ जाएगी। मुंबई शहर में भी आठ हजार से अधिक नए संक्रमित मिले हैं और 20 मरीजों की मौत हुई है।

महाराष्ट्र के पुणे शहर में कल (3 अप्रैल) से मिनी लॉकडाउन प्रारंभ हो रहा है। अगले सात दिनों तक पुणे में रेस्टोरेंट, सिनेमाघर, मॉल और धार्मिक स्थल पूरी तरह से बंद रहेंगे। साथ ही अगले सात दिनों के लिए पुणे में शाम को 6 बजे से सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू लगा रहेगा। पिछले दो दिनों से पुणे में लगभग 8000 नए मरीज सामने आए हैं।

इस बीच कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा भी कोविड-19 से संक्रमित हो गए हैं। प्रियंका ने एक वीडियो संदेश जारी करते हुए बताया कि कोरोना संक्रमण के संपर्क में आने के कारण उन्हें अपना असम का चुनावी दौरा रद्द करना पड़ा। हालाँकि प्रियंका की रिपोर्ट निगेटिव आई है किन्तु उन्हें आइसोलेशन में रहने की सलाह दी गई है। इससे पहले रॉबर्ट वाड्रा ने ट्वीट करके अपने संक्रमित होने की जानकारी दी थी।

कोवीड ग्रस्त महाराष्ट्र में होला मोहल्ला की अनुमति न मिलने पर सिख युवाओं ने मचाया दंगा

एसपी नांदेड़ के मुताबिक, “लेकिन शाम चार बजे के करीब निशान साहिब को गुरुद्वारे के गेट पर लाया गया और उन्होंने बहस करनी शुरू कर दी। 300-400 युवकों ने गेट तोड़ दिया और बाहर निकल कर मार्च करने लगे। ” पुलिस अधिकारी ने बताया कि 4 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, वाहनों को भी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच जारी है।

महाराष्ट्र के नांदेड़ में भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया. भीड़ के हमले में 4 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि नांदेड़ में कुछ सिख युवको ने पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। जिसमें चार पुलिस वाले घायल हो गए। इतना ही नहीं हिंसक सिख युवकों ने गुरुद्वारे के गेट को भी तोड़ दिया। इसके साथ ही गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की।  जानकारी के मुताबिक, कोरोना की वजह से की इमोहल्ला कार्यक्रम की इजाजत नहीं दी गई थी, जिससे हिंसक भीड़ भड़की हुई थी।

एसपी नांदेड़ ने बताया, ‘कोविड-19 के चलते होला मोहल्ला के लिए अनुमति नहीं दी गई थी। गुरुद्वारा कमेटी को इस बारे में बता दिया गया था और उनका कहना था कि वो इसे गुरुद्वारे के अंदर करेंगे।’

एसपी नांदेड़ के मुताबिक, ‘ शाम चार बजे के करीब निशान साहिब को गुरुद्वारे के गेट पर लाया गया और उन्होंने बहस करनी शुरू कर दी. 300-400 युवकों ने गेट तोड़ दिया और बाहर निकल कर मार्च करने लगे।’  पुलिस अधिकारी ने बताया कि 4 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, वाहनों को भी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच जारी है।

संजय राऊत का शिष्टाचार रात्रि भोज क्या सीबीआई की लटकती तलवार से बचा पाएगा

कोरोना संक्रामण काल में आज रात संजय राऊत के घर रात्रि भोज का ऊत्सव है। महाराष्ट्र में चल रही उठापटक में यह आयोजन क्या संयोग मात्र है? जिस प्रकार भाजपा और शिवसेना में खड्ग खींचे हुए हैं सत्ता का ऊंट किसी करवट भी बैठ सकता है, ऐसे में इस उत्सव का औचित्य क्या है? सनद रहे की जब जब शिवसेना सीबीआई के भ्रमर से घबराई है तब तब महाराज द्श्यंत बन भाजपा ने पीर हरी है। सुशांत अत्म/हत्या के मामले में जब जांच की आंच शिवसेना के किसी खास तक पहंचने वाली थी या फिर पहुँच गयी थी तो आनन फ़्नन संजय राऊत पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फाड़नवीस से शिष्टाचार वश मिलने चले गए थे, यह बात दीगर है की उस प्रकरण में उन्होने शिष्टाचार की सारी मर्यादाएं भुला दीं थीं । आज जब खुद देवेंद्र फाड़नवीस शिवसेना और आघाडी सरकार के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं तब संजय राऊत जो पुन: वाक द्वंद्व में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं वह फिर से शिष्टाचार निभाते नज़र आएंगे। आज की रात वह महाराष्ट्र से कुछ भाजपा सांसदों को आमंत्रित करेंगे और शायद कल महाराष्ट्र की अघड़ी सरकार पर छाए संकट के बादल छंट जाएँ। जनता का क्या है वह तो सुशांत सिंह राजपूत हो या फिर उनई मैनेजर दिशा की आत्म/हत्या का मामला हो या फिर अब मुकेश अंबानी फिरौती का मामला, वह मूक दर्शक है।

सारिका तिवारी, नयी दिल्ली:

एक तरफ जहाँ महाराष्ट्र कोविड-19 की दूसरी लहर, जबरन घोटाला और ट्रांसफर रैकेट से जूझ रहा है तो वहीं दूसरी तरफ शिवसेना नेता संजय राउत आज (मार्च 24, 2021) रात अपने दिल्ली आवास पर डिनर पार्टी की मेजबानी करने के लिए तैयार हैं। लोकमत की एक रिपोर्ट के अनुसार, गेस्ट लिस्ट में महाराष्ट्र के कई भाजपा सांसद हैं।

बताया जा रहा है कि ‘वसूली’ की खबर सामने आने से पहले ही शिवसेना के सांसद संजय राउत ने इस पार्टी की योजना बनाई थी। यह निमंत्रण महाराष्ट्र के सभी सांसदों को दिया गया था, जिसमें भाजपा भी शामिल थी। भाजपा के आमंत्रित सांसद रात्रिभोज में हिस्सा लेंगे या नहीं यह देखना होगा।

मुंबई के पूर्व पुलिस प्रमुख परमबीर सिंह द्वारा लिखे गए पत्र में अनिल देशमुख का नाम लेने के बाद भाजपा नेता भ्रष्टाचार में उनकी कथित संलिप्तता को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। महाराष्ट्र के विपक्षी नेता, देवेंद्र फडणवीस, अनिल देशमुख को महाराष्ट्र के गृह मंत्री के रूप में निलंबित करने और जबरन वसूली में उनकी कथित संलिप्तता पर उनके खिलाफ जाँच शुरू करने के लिए महा विकास अघाड़ी सरकार पर लगातार दबाव बना रहे हैं।

इस बीच, संजय राउत ने सभी दावों को खारिज कर दिया और आरोप लगाया कि ट्रांसफर रैकेट मामले के बारे में कुछ भी गंभीर नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह भाजपा की मजबूत महागठबंधन सरकार को अलग करने का प्रयास है। संजय राउत ने एक प्रेस बातचीत में दावा किया, “सरकार इससे खतरे में नहीं आएगी।”

मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह के पत्र के बाद महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख के इस्तीफे और राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की माँग पर शिवसेना सांसद संजय राउत ने चेताया था।

संजय राउत ने कहा था कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर महाराष्ट्र राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की कोशिश की जा रही है। जो लोग ऐसा काम कर रहे हैं, उनके लिए ये ठीक नहीं होगा। संजय राउत ने आगे कहा कि अगर ऐसा सोचा तो मैं उन्हें चेतावनी देता हूँ कि ये आग उन्हें भी जला देगी। 

संसद से वाक आउट करते समय शिवसेना के संसद ने दी धमकी

लोकसभा में अपने वक्त्वय में नवनीत कौर राणा ने कहा था, जब भाजपा की सरकार थी तब उद्धव साहब ने खुद देवेंद्र फडणवीस साहब को फोन किया था कि सचिन वाजे को दोबारा ज्वाइन कराना चाहिए। तब उन्होंने वाजे की पूरी हिस्ट्री देखते हुए स्पष्ट रूप से इसे नकार दिया था। जिस दिन उद्धव ठाकरे की सरकार आई, उसी वक्त उन्होंने परमबीर सिंह को फोन करके पहला काम सचिन वाजे को ज्वॉइन करवाकर कराया।  उन्होंने आगे कहा, मुझे बताइए कि आप सचिन वाजे के कारण परमबीर सिंह का ट्रांसफर करते हैं। इसमें राज्य के गृह मंत्री का नाम आ रहा है। अगर इस तरह से देश में वसूली का चक्कर शुरू हुआ तो पूरे देश में इसे फॉलो किया जाएगा।  

  • लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर लगाए गंभीर आरोप
  • सचिन वाजे का मामला उठाने के बाद मिली धमकी
  • तू महाराष्ट्र में कैसे घूमती है मैं देखता हूं और तेरे को भी जेल में डालूंगा जैसी धमकी का आरोप

नयी दिल्ली:

महाराष्ट्र के अमरावती से निर्दलीय सांसद नवनीत कौर राणा ने शिवसेना सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद सावंत पर धमकी देने का आरोप लगाया है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को भेजे गए पत्र में सावंत पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राणा ने एंटीलिया बम प्रकरण में निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे का वाला मामला संसद में उठाया था। आरोप है कि इसी पर सावंत भड़क गए।

बता दें कि मुकेश अंबानी की मुंबई स्थित 27 मंजिला इमारत एंटीलिया के बाहर बम लदी स्कॉर्पियो मिली थी। बाद में पता चला कि सचिन वाजे ने ही इसकी पूरी साजिश रची थी। वो गिरफ्तार भी किया जा चुका है। जाँच एजेंसियों को शक है कि भेद खुलने के डर से वाजे ने ही स्कॉर्पियो के मालिक मनसुख हिरेन की हत्या कर दी। इसके बाद मुंबई के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह ने राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख पर कई आरोप लगाए।

संसद में भी ये मामला उठा और मनसुख हिरेन की हत्या, सचिन वाजे के शिवसेना कनेक्शन और परमबीर सिंह के पत्र को लेकर कई सांसदों ने महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार पर प्रश्न खड़े किए। नवनीत राणा ने लिखा है कि उन्होंने एक महिला सांसद होने के नाते महाराष्ट्र में बिगड़ती कानून-व्यवस्था का मामला सदन में उठाया और उद्धव ठाकरे सरकार का विरोध किया, जिसके बाद अरविंद सावंत ने लोकसभा की लॉबी में उन्हें धमकाया।

बकौल नवनीत राणा, सावंत ने उनसे कहा, “तू महाराष्ट्र में कैसे घूमती है, मैं देखता हूँ। तेरे को भी जेल में डालेंगे।” नवनीत राणा ने आरोप लगाया कि इससे पूर्व भी शिवसेना के लेटर हेड और फोन कॉल के माध्यम से उनके चेहरे पर तेजाब फेंकने की धमकी दी जा चुकी है। उन्होंने सावंत के बयान को न सिर्फ अपना, बल्कि पूरे देश की महिलाओं का अपमान करार दिया। साथ ही शिवसेना सांसद पर कड़ी से कड़ी पुलिसिया कार्रवाई की माँग की।

नवनीत राणा ने कहा कि गरीब पहले से ही परेशान है क्योंकि कोरोना और लॉकडाउन की मार तो उस पर पड़ी ही है, साथ ही उसके पेट पर भी मार पड़ी है। उन्होंने कहा कि वहीं दूसरी तरफ महाराष्ट्र में 100 करोड़ रुपए की वसूली की आग लगी है, जबकि लोगों की जेब में 100 रुपए भी नहीं हैं। इस पूरे प्रकरण पर उन्होंने कहा कि सचिन वाजे 17 वर्षों से उद्धव ठाकरे के लिए काम कर रहा था और पूरे मुंबई की वसूली को देख रहा था।

उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री बनते सचिन वाजे को उद्धव ने क्राइम यूनिट में भेजा। इस पर मैंने सदन में जनता और संविधान द्वारा दिए गए अधिकार के तहत बात की तो अरविंद सावंत को मिर्ची लग गई। मुझे कोई पुरुष बताएगा कि मेरी बॉडी लैंग्वेज कैसी होगी? मेरे तरफ से गुजरते हुए उन्होंने मुझे जेल भेजने की धमकी दी। मैंने बगल में बैठे एक साथी सांसद ने भी उनकी धमकी को सुना। मुझे पहले भी कहा जाता रहा है कि चेहरे पर इतना घमंड है, इस पर तेजाब फेंक देंगे। कहीं घूमने के लायक नहीं रहोगी।”

नवनीत राणा ने कहा कि वो महाराष्ट्र के महिलाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं और जब सदन में उन्हें धमकाया जाता है तो महाराष्ट्र की स्थिति समझ लीजिए। उन्होंने शिवसेना को ‘गुंडे विचारधारा वाली पार्टी’ बताते हुए कहा कि महिलाओं को डराने की साजिश कामयाब नहीं होगी और वो लोगों के लिए बोलती रहेंगी। उन्होंने कहा कि उनमें हिम्मत है तो आज ही उन्हें जेल में डाल दिया जाए। उन्होंने संसदीय कार्यमंत्री को भी इस घटना से अवगत कराया।

वहीं अरविंद सावंत ने इसे सरासर झूठ करार देते हुए कहा कि एक तो वो महिला हैं और उन्हें भैया कह कर पुकारती हैं, ऐसे में कोई शिवसैनिक महिलाओं को धमकाने का काम नहीं सकता। उन्होंने नवनीत राणा के बात करने के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके हर बयान की वीडियो क्लिपिंग में उनकी बॉडी लैंग्वेज और सीएम ठाकरे के लिए उनके शब्दों को सुना जा सकता है। सावंत ने कहा कि मैं उन्हें क्यों धमकाऊँगा?

उन्होंने कहा कि नवनीत राणा अच्छी तरह से बात नहीं कर रही हैं और ये ठीक नहीं है। उन्होंने राणा पर सीएम ठाकरे के अपमान का आरोप लगाया। भाजपा सांसद रमा देवी ने नवनीत राणा का समर्थन करते हुए कहा, “इस मामले में नवनीत राणा ने मुझसे बात की है। एक सांसद होने के नाते अरविंद सावंत को इस तरह की बात नहीं कहनी चाहिए थी। मैं लोकसभा स्पीकर से कहूँगी कि वे इस मामले को गंभीरता से लें।”

नवनीत राणा तेलुगु की कई फिल्मों में काम कर चुकी हैं। हालाँकि, 2010 के बाद उनकी कोई फिल्म रिलीज नहीं हुई है। कन्नड़ फिल्म ‘दर्शन’ उनकी डेब्यू मूवी थी, जो 2004 में रिलीज हुई थी। उन्होंने तेलुगु अभिनेताओं जूनियर NTR और बालाकृष्णा की फिल्मों में काम किया है। हालाँकि, उन फिल्मों में उनका किरदार बड़ा नहीं रहा। 2008 में आई मलयालम फिल्म ‘लव इन सिंगापुर’ में उन्हें दिग्गज अभिनेता ममूटी के साथ काम करने का मौका मिला था।

उधर पता चला है कि परमबीर सिंह के पत्र लिखने से दो महीने पहले ही वाजे रेस्ट्रॉं और बार मालिकों से पैसा इकट्ठा कर चुका था। होटल मालिकों में से एक ने बताया कि वाजे क्रॉफोर्ड मार्केट में पुलिस आयुक्त कार्यालय के परिसर के अंदर CIU कार्यालय में होटल व्यवसायियों से पैसे निकालने की अपनी दुकान चला रहा था। वाजे उद्यमियों को बुलाता था और उन्हें इस बात के लिए आश्वस्त करता था कि SSB के अधिकारी उनके प्रतिष्ठानों पर छापेमारी नहीं करेंगे, मगर इसके बदले में वे उन्हें हर महीने पैसे देंगे।

एनआईए को मनसुख हिरेन का केस सौंपते ही शिव सेना के पूर्व मंत्री रहे शिवतारे के दामाद और एटीएस के अधिकारी शिवदीप लाँडे ने सारी गुत्थी सुलझा ली

एनआईए को मनसुख हिरेन का केस सौंपते ही शिव सेना के पूर्व मंत्री रहे शिवतारे के दामाद और एटीएस के अधिकारी शिवदीप लाँडे ने सारी गुत्थी सुलझा ली। मनसुख हिरेन की मौत के मामले में एटीएस ने महाराष्ट्र पुलिस के कांस्टेबल विनायक शिंदे और नरेश धारे समेत एक बुकी को गिरफ्तार किया है। हिरेन की मौत के मामले में दो आरोपियों को रविवार को अदालत में पेश भी किया गया। अदालत ने इन दोनों को ही 30 मार्च तक एटीएस की कस्टडी में भेज दिया है। गौरतलब है कि ठाणे के व्यवसायी मनसुख हिरेन की मौत की जांच बीते शनिवार को एनआईए को सौंप दी गई थी। मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबनी के घर के बाहर विस्फोटकों से भरा वाहन पाए जाने के कुछ दिनों बाद हिरेन का शव नदी किनारे पाया गया था. विस्फोटकों से भरी स्कॉर्पियो की बरामदगी से जुड़े मामले की जांच एनआईए कर रही है।

मुंबई/नयी दिल्ली:

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी को केस सौंपे जाने के ठीक एक दिन बाद महाराष्ट्र आतंकरोधी दस्ते (ATS) के डीआईजी शिवदीप लांडे ने मनसुख हिरेन के मौत की गुत्थी सुलझा लेने का दावा किया। एक टीवी चैनल की रिपोर्ट के अनुसार लांडे शिवसेना नेता विजय शिवतारे की बेटी ममता शिवतारे के पति हैंशिवतारे महाराष्ट्र सरकार में जल संसाधन एवं जल संरक्षण राज्य मंत्री रह चुके हैं। 2019 के विधानसभा चुनावों में वे कॉन्ग्रेस के संजय जगताप से पराजित हो गए थे।

एटीएस के डीआईजी शिवदीप वामनाव लांड ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि अति संवेदनशील मनसुख हिरेन मर्डर केस की गुत्थी सुलझा ली गई है। मामला किस तरह सुलझा, इसके बारे में पोस्ट में पर्याप्त जानकारी नहीं है। लांडे ने एटीएस के अपने उन सहकर्मियों की पीठ भी थपथपाई जिनकी कई दिनों की दिन-रात की मेहनत के कारण इस केस की गुत्थी सुलझी। पोस्ट में यह भी बताया गया है कि यह मामला उनके पुलिस करियर के सबसे जटिल मामलों में से एक है।

कौन हैं शिवदीप लांडे?

महाराष्ट्र के अकोला में पैदा हुए लांडे के पिता किसान थे। उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। आईपीएस चुने जाने के बाद उन्हें बिहार कैडर मिला। उनकी पहली पोस्टिंग बिहार के मुंगेर जिले में हुई। वे नक्सल प्रभावित जमालपुर क्षेत्र में भी तैनात रहे। पटना में तैनाती के दौरान उनकी खूब चर्चा हुई और ‘रॉबिनहुड’ का नाम भी मिला।  

लांडे 2015 में एक पुलिसकर्मी को रंगे हाथ रिश्वत लेते पकड़कर चर्चा में आए। बेहद फिल्मी तरीके से लाल दुपट्टा में उन्होंने इस कार्रवाई को अंलाम दिया। बिहार में लांडे ‘सिंघम’ और ‘दबंग’ जैसे नाम से भी जाने जाते हैं। उन्होंने कॉलेज में पढ़ने वाली लड़कियों को अपना निजी मोबाइल नंबर भी दिया था, जिससे किसी भी आपात स्थिति में वे सीधे उनसे संपर्क कर सकें। लड़कियों की मदद के लिए वे सड़क पर उतरकर खुद मनचलों को सबक सिखाया करते थे। और अब एनआईए के को केस सौंपे जाने के कुछ घंटों के भीतर ही लांडे ने मनसुख हिरेन की मौत की गुत्थी“सुलझा’ ली। इसका ऐलान सोशल मीडिया पोस्ट की जरिए किया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, मनसुख हिरेन की मौत के मामले में गिरफ्तार क्रिकेट सट्टेबाज नरेश धारे ने सचिन वाजे और मुंबई पुलिस के बर्खास्त कांस्टेबल विनायक शिंदे को पाँच फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराए थे। टाइम्स नाउ की एक अन्य रिपोर्ट में यह बताया गया है कि मनसुख हिरेन फर्जी सिम के माध्यम से आरोपी नरेश के साथ संपर्क में थे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मनसुख को 4 मार्च (जिस दिन मनसुख लापता हुए) को एक व्हाट्सएप कॉल आया, जिसकी लोकेशन अहमदाबाद थी जो कि नरेश की लोकेशन भी थी। रिपोर्ट के अनुसार मनसुख हिरेन के ठिकाने की लोकेशन को ट्रैक करने के बाद यह पता चला कि मनसुख की लोकेशन के सबसे निकट शिंदे था। महाराष्ट्र एटीएस ने 11 संदिग्धों को चिह्नित किया है, जिनमें कुछ सट्टेबाज और बर्खास्त पुलिस कर्मचारी भी हैं जो सचिन वाजे के करीबी थे।

भले ही महाराष्ट्र एटीएस ने केस को सुलझा हुआ बात दिया हो किन्तु हमें इंतजार करना होगा कि एनआईए की छानबीन प्रारंभ होने के पश्चात केस कौन सा नया मोड़ लेता है।

मनसुख हिरेन केस एनआईए को

NIA को केस सौंपे जाने के बावजूद ATS ने मनसुख हिरेन की मौत के मामले में दो गिरफ्तारियाँ आज की है। केन्द्रीय गृह मंत्रालय द्वारा केस एनआईए को ट्रांसफर किए जाने का आदेश जारी होने के बावजूद यह स्पष्ट नहीं है कि एटीएस कब उसके हवाले करेगी।

मनसुख हिरेन 5 मार्च को मृत मिले थे। 25 फरवरी मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित घर एंटीलिया के बाहर से जो विस्फोटक लदी स्कॉर्पियो मिली थी वह हिरेन की ही थी। पहले तो मुंबई पुलिस ने हिरेन की मौत को आत्महत्या बताने की कोशिश की, लेकिन लगातार हुए खुलासों के बाद एटीएस के हवाले यह केस कर दिया गया।

लाउड स्पीकर से अज़ान की शिकायत पर रार

दारुल उलूम फरंगी महल के प्रवक्ता मौलाना सुफियान निजामी ने कहा कि हमारा देश में तमाम मजहब के मानने वाले मिलजुल कर रहते आ रहे हैं। यहां पर होली का त्योहार का मौका हो या फिर कावंड़ यात्रा का मौका हो, बड़े बड़े लाउडस्पीकर लगाकर बजाये जाते हैं। इसके अलावा रामायण आदि का पाठ भी लाउडस्पीकर से किया जाता है।

भारत में लगभग 50 साल तक लाउड स्पीकर पर अज़ान देना हराम था. फिर ये हलाल हो गया। और इतना कि इसकी कोई सीमा न रही. लेकिन ये खत्म होना चाहिए। अज़ान ठीक है, लेकिन लाउड स्पीकर से दूसरे लोगों को परेशानी होती है। मुझे उम्मीद है कि इस बार वो खुद से ये कर लेंगे। – जावेद अख्तर

लखनऊ:

उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी की कुलपति द्वारा अजान को लेकर उठाए गए सवालों पर अब राजनीतिक बवाल शुरू हो गया है। कुलपति प्रोफेसर संगीता श्रीवास्तव ने प्रयागराज के डीएम को चिट्ठी लिख कहा है कि मस्जिद की अजान से उनकी नींद में खलल पड़ता है, ऐसे में एक्शन लिया जाए। अब इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएँआ रही हैं। समाजवादी पार्टी ने कहा है कि भाजपा सिर्फ धर्म-जाति के मसले पर राजनीति करना चाहती है। 

राजनीतिक बयानबाजी हुई तेज़

समाजवादी पार्टी के अनुराग भदौरिया ने बयान दिया कि जब से भाजपा की सरकार बनी है, सिर्फ जाति-धर्म की बात हो रही है रोज़गार पर जोर नहीं दिया जा रहा है। किसी शिक्षा संस्थान को इस तरह के मसले पर जोर नहीं देना चाहिए।

वहीं, भाजपा के प्रवक्ता नवीन श्रीवास्तव का कहना है कि नमाज़ करना अधिकार है, लेकिन कोर्ट पहले ही कह चुका है कि लाउडस्पीकर लगाना निजता का हनन है। बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि लाउडस्पीकर का प्रयोग करना संवैधानिक रूप से उचित नहीं है।

मौलाना ने भी की शिकायत की निंदा

इसी मसले पर मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना सैफ अब्बास का भी बयान आया है, उन्होंने कहा कि अज़ान तो सिर्फ 2-3 मिनट के लिए ही होती है। शिकायत करने वालों को ये भी कहना चाहिए था कि जो सुबह आरती होती है, इससे भी उनकी नींद खराब होती है। मुस्लिम धर्मगुरु ने कहा कि सिर्फ अजान के लिए ऐसी शिकायत करना बिल्कुल गलत है, ऐसे में मैं मानता हूँ कि उन्हें इस शिकायत को वापस लेनी चाहिए।

मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना सूफियान निजामी ने इस विवाद पर कहा कि हमारे मुल्क में हर मजहब के लोग रहते हैं, कहीं मस्जिद की अजान होती है तो कहीं मंदिर में भजन-कीर्तन होते हैं। अगर कोई कहता है कि सिर्फ अजान के कारण ही नींद में खलल होता है, तो ये ठीक नहीं है। 

मौलाना सूफियान निजामी बोले कि इलाहाबाद में कुंभ के दौरान, होली के दौरान या किसी अन्य त्योहार में भी लाउडस्पीकर का इस्तेमाल होता है लेकिन किसी ने कोई चिट्ठी नहीं लिखी। ऐसे में ये सिर्फ एक साजिश का हिस्सा है कि अजान को बंद करवाया जाए।

क्या है न्यायालय के दिशा निर्देश:

  इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मस्जिद से अजान मामले में अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि लाउडस्पीकर से अजान देना इस्लाम का धार्मिक भाग नहीं है। यह जरूर है कि अजान देना इस्लाम का धार्मिक भाग है। इसलिए मस्जिदों से मोइज्जिन बिना लाउडस्पीकर अजान दे सकते हैं। कोर्ट ने कहा कि ध्वनि प्रदूषण मुक्त नींद का अधिकार व्यक्ति के जीवन के मूल अधिकारों का हिस्सा है। किसी को भी अपने मूल अधिकारों के लिए दूसरे के मूल अधिकारों का उल्लंघन करने का अधिकार नहीं है। कोर्ट ने मुख्य सचिव को आदेश दिया है कि जिलाधिकारियों से इसका अनुपालन कराएं। 

आपको बता दें कि प्रयागराज की इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी की कुलपति संगीता श्रीवास्तव ने 3 मार्च को डीएम को चिट्ठी लिखी थी। जिसमें उन्होंने कहा कि अजान के कारण उनकी नींद टूटती है और इसके बाद उनके काम में खलल पड़ता है। इसी को लेकर पूरा विवाद हो रहा है। कुलपति की चिट्ठी पर डीएम का कहना है कि उचित कार्रवाई की जाएगी।  

कॉंग्रेस ने आरजेडी और एनसीपी से बंगाल में चुनाव प्रचार के लिए न आने की लगाई गुहार

NCP सुप्रीमो पवार को लिखे पत्र में भट्टाचार्य ने कहा, ‘मेरी जानकारी में आया है कि आपने सत्तारुढ़ दल तृणमूल कांग्रेस का प्रचार करने के लिए बतौर स्टार प्रचारक पश्चिम बंगाल आने के लिए हामी भरी है, ताकि सूबे में होने वाले विधानसभा चुनावों में उसकी जीत सुनिश्चित की जा सके। पश्चिम बंगाल में कांग्रेस पार्टी तृणमूल से एक राजनीतिक लड़ाई लड़ रही है, ऐसे में स्टार कैंपेनर के रूप में आपकी उपस्थिति पश्चिम बंगाल के आम मतदाताओं में भ्रम की स्थिति पैदा कर सकती है। इसे देखते हुए यदि आप पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के लिए प्रचार करने से बचते हैं तो मैं आपका बेहद आभारी रहूंगा।’

सरिया तिवारी, कोल्कत्ता/चंडीगढ़:

पश्चिम बंगाल कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी के नेता शरद पवार से सूबे में चुनाव प्रचार न करने की गुजारिश की है। उन्होंने ऐसी ही गुजारिश बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव से भी की है।

दरअसल, पवार और तेजस्वी ‘स्टार कैंपेनर’ के रूप में पश्चिम बंगाल की सत्तारुढ़ तृणमूल कॉन्ग्रेस के लिए चुनाव प्रचार करने वाले हैं, जबकि कॉन्ग्रेस राज्य में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी के खिलाफ चुनाव मैदान में है। ऐसे में प्रदीप ने दोनों से गुजारिश की है कि यदि संभव हो तो दोनों नेता तृणमूल के लिए प्रचार करने से बचें।

‘प्रचार नहीं करेंगे तो आपका आभारी रहूँगा’

NCP सुप्रीमो पवार को लिखे पत्र में भट्टाचार्य ने कहा, “मेरी जानकारी में आया है कि आपने सत्तारुढ़ दल तृणमूल कॉन्ग्रेस का प्रचार करने के लिए बतौर स्टार प्रचारक पश्चिम बंगाल आने के लिए हामी भरी है, ताकि सूबे में होने वाले विधानसभा चुनावों में उसकी जीत सुनिश्चित की जा सके। पश्चिम बंगाल में कॉन्ग्रेस पार्टी तृणमूल से एक राजनीतिक लड़ाई लड़ रही है, ऐसे में स्टार कैंपेनर के रूप में आपकी उपस्थिति पश्चिम बंगाल के आम मतदाताओं में भ्रम की स्थिति पैदा कर सकती है। इसे देखते हुए यदि आप पश्चिम बंगाल में तृणमूल कॉन्ग्रेस के लिए प्रचार करने से बचते हैं तो मैं आपका बेहद आभारी रहूँगा।”

‘सूबे में TMC से हमारी राजनीतिक लड़ाई’

वहीं, भट्टाचार्य ने तेजस्वी को लिखे पत्र में कहा है, “मुझे पता चला है कि आपने सत्तारुढ़ दल तृणमूल कॉन्ग्रेस का प्रचार करने के लिए बतौर स्टार प्रचारक पश्चिम बंगाल आने के लिए हामी भरी है, ताकि सूबे में होने वाले विधानसभा चुनावों में उसकी जीत सुनिश्चित की जा सके। हालाँकि पश्चिम बंगाल में कॉन्ग्रेस पार्टी तृणमूल से एक राजनीतिक लड़ाई लड़ रही है, ऐसे में एक स्टार कैंपेनर के रूप में आपकी उपस्थिति पश्चिम बंगाल के आम मतदाताओं में भ्रम की स्थिति पैदा कर सकती है। इसे देखते हुए यदि आप तृणमूल कॉन्ग्रेस के लिए प्रचार न करने का फैसला लेते हैं तो मैं आपका बेहद आभारी रहूँगा।”

बता दें कि शरद पवार और तेजस्वी यादव दोनों ने ही पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी को नैतिक समर्थन देते हुए उनके पक्ष में चुनाव प्रचार करने की बात कही है, जबकि क्रमशः महाराष्ट्र और बिहार में इन नेताओं का कॉन्ग्रेस के साथ गठबंधन है। बिहार में आरजेडी के साथ कॉन्ग्रेस और वाम का गठबंधन है तथा महाराष्ट्र में एनसीपी, शिवसेना और कॉन्ग्रेस एकजुट होकर सरकार चला रही है।