पीएफआई और RSS बराबर, इसपर भी लगाओ बैन : कांग्रेस सांसद कोडिकुन्निल

                        उर्दू अखबार ‘इंकलाब’ ने एक जुलाई 2018 को रिपोर्ट छापी थी जिसमें बताया गया था कि राहुल गांधी ने मुस्लिम बुद्धिजीवियों के साथ मुलाकात के दौरान कहा था कि कांग्रेस मुसलमानों की पार्टी है इस रिपोर्ट को पार्टी के कुछ नेताओं द्वारा खारिज करने पर उसी अखबार में कांग्रेस के अल्पसंख्यक मोर्चे के प्रमुख नदीम जावेद का इंटरव्यू छपा है, जिसमें कांग्रेस नेता ने एक तरह से यह पुष्टि की है कि राहुल गांधी ने कांग्रेस को मुसलमानों की पार्टी बताया था। साथ ही कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह भी 2018 में RSS के खिलाफ विवादित बयान दे चुके हैं। झाबुआ में दिग्विजय सिंह ने कहा था कि अभी तक जितने भी हिंदू आतंकी सामने आए हैं, सब RSS से जुड़े रहे हैं। उन्होंने कहा था कि संघ के खिलाफ जांच की जाए और फिर कार्रवाई होनी चाहिए। आज कॉंग्रेस की सनातन धर्मी लोगों के प्रति नफरत फिर सामने आई जब केरल से कांग्रेस सांसद और लोकसभा में मुख्य सचेतक कोडिकुन्निल सुरेश आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है और कहा है कि पीएफआई पर बैन लगाना कोई उपाय नहीं है।  

  • भारत सरकार ने पीएफआई को पांच साल के लिए बैन कर दिया
  • पीएफआई पर बैन को लेकर कांग्रेस सांसद ने उठाया सवाल
  • कांग्रेस सांसद सुरेश ने कहा कि आरएसएस पर भी बैन लगना चाहिए

राजविरेन्द्र वसिष्ठ, डेमोक्रेटिक फ्रंट चंडीगढ़/ नयी दिल्ली

            समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, मल्लपुरम में कांग्रेस सांसद कोडिकुन्निल ने कहा. “हम आरएसएस पर भी प्रतिबंध लगाने की मांग करते हैं।  पीएफआई पर बैन कोई उपाय नहीं है। आरएसएस भी पूरे देश में हिंदू साम्प्रदायिकता फैला रहा है। आरएसएस और पीएफआई दोनों समान हैं, इसलिए सरकार को दोनों पर प्रतिबंध लगाना चाहिए। केवल पीएफआई पर ही बैन क्यों?”

            गौरतलब है कि पीएफआई के अलावा, आतंकवाद रोधी कानून ‘यूएपीए’ के तहत ‘रिहैब इंडिया फाउंडेशन’ (आरआईएफ), ‘कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया’ (सीएफ), ‘ऑल इंडिया इमाम काउंसिल’ (एआईआईसी), ‘नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गेनाइजेशन’ (एनसीएचआरओ), ‘नेशनल विमेंस फ्रंट’, ‘जूनियर फ्रंट’, ‘एम्पावर इंडिया फाउंडेशन’ और ‘रिहैब फाउंडेशन’(केरल) को भी प्रतिबंधित किया गया है।

            कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह भी 2018 में RSS के खिलाफ विवादित बयान दे चुके हैं। झाबुआ में दिग्विजय सिंह ने कहा था कि अभी तक जितने भी हिंदू आतंकी सामने आए हैं, सब RSS से जुड़े रहे हैं। उन्होंने कहा था कि संघ के खिलाफ जांच की जाए और फिर कार्रवाई होनी चाहिए।


            PFI पर बैन लगने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री गिरिराज सिंह ने ट्वीट किया है। सिंह ने अपने ट्वीट में लिखा- बाय बाय PFI। वहीं असम के CM हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा- मैं भारत सरकार की ओर से PFI पर प्रतिबंध लगाने के फैसले का स्वागत करता हूं। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ है कि भारत के खिलाफ विभाजनकारी या विघटनकारी डिजाइन से सख्ती से निपटा जाएगा।

           12 सितंबर को कांग्रेस ने अपने ट्विटर अकाउंट से खाकी की एक निक्कर की तस्वीर शेयर की। इसमें लिखा- देश को नफरत से मुक्त कराने में 145 दिन बाकी हैं। हालांकि, संघ ने भी इसका तुरंत विरोध किया और संगठन के सह सरकार्यवाह मनमोहन वैद्य ने कहा था कि इनके बाप-दादा ने संघ का बहुत तिरस्कार किया, लेकिन संघ रुका नहीं। 

           भारत में आजादी के बाद 3 बार बैन लग चुका है। पहली बार 1948 में गांधी जी की हत्या के बाद बैन लगा था। यह प्रतिबंध करीब 2 सालों तक लगा रहा। संघ पर दूसरा प्रतिबंध 1975 में लागू आंतरिक आपातकाल के समय लगा। आपातकाल खत्म होने के बाद बैन हटा लिया गया।

वहीं तीसरी बार RSS पर 1992 में बाबरी विध्वंस के वक्त बैन लगाया गया। यह बैन करीब 6 महीने के लिए लगाया गया था।

           RSS की स्थापना साल 1925 में केशव बलिराम हेडगेवार ने की थी। संघ में सर संघचालक सबसे प्रमुख होता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक एक करोड़ से ज्यादा प्रशिक्षित सदस्य हैं। संघ परिवार में 80 से ज्यादा समविचारी या आनुषांगिक संगठन हैं। दुनिया के करीब 40 देशों में संघ सक्रिय है।

           मौजूदा समय में संघ की 56 हजार 569 दैनिक शाखाएं लगती हैं. करीब 13 हजार 847 साप्ताहिक मंडली और 9 हजार मासिक शाखाएं भी हैं। संघ में सर कार्यवाह पद के लिए चुनाव होता है। संचालन की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पर होती है।

वहीं PFI के खिलाफ हुई इस कार्रवाई को लेकर SDPI  ने कहा है कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों को गलत तरीके से इस्तेमाल कर रही है और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है।  

एक तरफ जहां पीएफआई के खिलाफ इस कार्रवाई पर संगठन से सहानुभूति रखने वाला पक्ष केंद्र सरकार पर आरोप लगा रहा है तो दूसरी ओर भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों समेत बीजेपी के दिग्गज नेताओं ने इस कदम का स्वागत किया है।  PFI पर बैन को लेकर उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “देश गृह मंत्री अमित शाह के फैसले की सराहना कर रहा है, हम उनका धन्यवाद करते हैं और इस निर्णय का स्वागत करते हैं इसका विरोध करने वालों भारत स्वीकार नहीं करेगा और सख्त जवाब देगा।”

                पीएफआई को लेकर सांप्रदायिक हिंसा के आरोप लगते रहे हैं. ऐसे में संभावनाएं है कि बैन जैसी बड़ी कार्रवाई के बाद पीएफआई के कार्यकर्ता सामाजिक माहौल खराब करने की कोशिश कर सकते हैं जिसके चलते पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद की गई है. दिल्ली से लेकर तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक जैसे राज्यों में सुरक्षा एजेंसियां चप्पे-चप्पे पर तैनात हैं।  

                आपको बता दें कि पिछले कुछ दिनों में केंद्रीय जांच एजेंसियों ने उनके खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए छापेमारी की थी जिसमें संगठन के खिलाफ अहम सबूत मिले थे और विदेशी फंडिंग तक की बातें सामने आईं थीं। इसके चलते मंगलवार देर रात मोदी सरकार ने इस संगठन को बैन करने का ऐलान कर दिया जो कि संगठन के लिए एक बड़ा झटका है।

आशा पारेख को दादा साहब फाल्के पुरस्कार, 2020 से सम्मानित किया जाएगा: अनुराग ठाकुर

  •  68वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार 30 सितंबर को होंगे
  • राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू पुरस्कार समारोह की अध्यक्षता करेंगी

रघुनंदन पराशर, डेमोक्रेटिक फ्रंट, जैतो – 27 सितंबर :

            सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने मंगलवार को घोषणा की है कि वर्ष 2020 के लिए दादा साहब फाल्के पुरस्कार महान अभिनेत्री आशा पारेख को प्रदान किया जाएगा। यह पुरस्कार नई दिल्ली में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में प्रदान किया जाएगा।

            निर्णय की घोषणा करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री अनुराग ठाकुर ने कहा, “मुझे यह घोषणा करते हुए सम्मानित महसूस हो रहा है कि दादासाहेब फाल्के चयन जूरी ने आशा पारेख जी को भारतीय सिनेमा में उनके अनुकरणीय जीवन भर के योगदान के लिए मान्यता और पुरस्कार देने का निर्णय लिया है।”  मंत्री ने यह भी घोषणा की कि 68वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार 30 सितंबर, 2022 को आयोजित किए जाएंगे और इसकी अध्यक्षता भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू करेंगी।

             सुश्री आशा पारेख एक प्रसिद्ध फिल्म अभिनेत्री, निर्देशक और निर्माता और एक कुशल भारतीय शास्त्रीय नृत्यांगना हैं।  एक बाल कलाकार के रूप में अपना करियर शुरू करते हुए उन्होंने दिल देके देखो में मुख्य नायिका के रूप में अपनी शुरुआत की और 95 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया। उन्होंने कटी पतंग, तीसरी मंजिल, लव इन टोक्यो, आया सावन झूम के, आन मिलो सजना, मेरा गांव मेरा देश जैसी मशहूर फिल्मों में अभिनय किया है।

            सुश्री पारेख 1992 में उन्हें पद्म श्री से सम्मानित की विजेता हैं।उन्होंने 1998-2001 तक केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के प्रमुख के रूप में भी काम किया है।श्री अनुराग ठाकुर ने यह भी घोषणा की कि सुश्री पारेख को पुरस्कार प्रदान करने का निर्णय 5 सदस्यों की जूरी द्वारा लिया गया था। 52वें दादासाहेब फाल्के पुरस्कार के चयन के लिए जूरी में फिल्म उद्योग के पांच सदस्य शामिल थे,सुश्री आशा भोसले,सुश्री हेमा मालिनी, सुश्री पूनम ढिल्लों,श्री टी. एस. नागभरण व

श्राद्ध श्रद्धा का विषय है, प्रश्न हमारी आस्था पर ही क्यों?

पीयूष पियोधी, डेमोक्रेटिक फ्रंट, अध्यात्मिक डेस्क – 23 सितंबर

सबसे पहले कुछ पुरानी बातें :

सा’ब को भोत बुरा लगता कि सनातनी मरणोपरान्त पितृपक्ष में श्राद्ध करते हैं – पिण्ड-तर्पण अर्पण करते हैं …

अपमानित-तौहीन करने के विचार-ख्याल से विद्वान कर्मकाण्डी को दरबार में बुलवाया और अपनी आपत्ति – एतराज जाहिर किया

पण्डित जी मुस्काये – सा’ब आपके वालिदान-पुरखों को कोई गाली दे तो उनको लगेगी  ?

 सा’ब तमतमा गये, बोले – उनको लगे कि न लगे मुझे तो बहुत बुरा लगेगा और गुस्ताख़ को  सजा मुकर्रर कर दूँगा ..

पण्डित जी बोले – पितरों को किया तर्पण उनको मिले कि न मिले पर हमारी अपनी प्रसन्नता के लिये, कृतज्ञता-ज्ञापन के लिये यदि हम करते हैं – शास्त्र-सम्मत विधि से तो उसमें आपको आपत्ति नहीं होनी चाहिये !

श्राद्ध श्रद्धा का विषय है …

अब अगली बात

अंत्येष्टि का रहस्य

सोलह संस्कारों का यह अन्तिम संस्कार है ।

पर इस“ अंत्येष्टि” शब्द में एक गूढ़ रहस्य छिपा हुआ है , जो संभव है की कुछ लोगों को नहीं पता होगा ।

यह अंत्येष्टि शब्द दो शब्दों अंत्य + इष्टि”  में गुण संधि के द्वारा बना है ।

अब जो पंथ , यज्ञ को संस्कार नहीं मानते पर अंत्येष्टि करते हैं उनके लिए भी जानने की बात है की इष्टि का निरुक्त  “यज्ञ”  होता है ।

अब एक शब्द “अंत्याक्षरी” (यह एक प्राचीन खेल है)  समझ लें जिससे अंत्येष्टि समझने में सहायता मिलेगी ।

अंत्याक्षरी में अंतिम अक्षर , समाप्त करने के लिए नहीं होता बल्कि उसी अन्तिम अक्षर से कविता आरम्भ करने के लिए होता है ।

ठीक वही भावना है अंत्येष्टि में । अंतिम यज्ञ पुनः नव यज्ञ का आरम्भ है । और वह आरम्भ वहीं से होता है जहाँ तक वह जीव पहुँच चुका होता है ।

अपने इसी जीवन को यज्ञ स्वरूप बनाएँ । हृदय में सीता राम धारण करें…

श्राद्ध करते हो अर्थात मानते हो कि देह , आत्मा से भिन्न है । और यह बताने के लिए हर गाँव में हमें स्कूल नही खोलना थाहमें दुकान नही चलानी थी ।

जो लोग भी आज बक बक करते हैं कि सनातन धर्म ने हर गाँव में वेदों को सिखाने का प्रयास क्यो नही किया ।

तो, भैया , हमने हर गाँव में नहीं बल्कि हर मनुष्य के हृदय में ज्ञान देने का प्रयास किया । पर तुम, संसार जो कभी भी पकड़ा नहीं जा सकता उसको पकड़ने के लिए भाग रहे हो , और तुम्हारी आत्मा जो सदैव तुम्हारे साथ है उसके साक्षात्कार की तुम्हें चिंता ही नहीं है ।

सभी संस्कार तुम्हारे अद्वितीय होने की सूचना देते है । तुम्हीं ब्रह्म हो । जगो ।

अब अंतिम पक्ष…..

सनातन धर्म का रहस्य”

01. जब आप , अपने पितामह , पर पितामह या पूर्वजों का श्राद्ध करते हैं तो आपके बच्चे को पता चलता है की आत्मा , देह से अलग है ।सब कुछ पेट ही नहीं है ।

02. इंद्रिय का अर्थ “इंद्र का” अर्थात देवताओं का , जब आप अपनी इंद्रियों को बलशाली बनाते हैं , विभिन्न उपायों के द्वारा , वह देव पूजा है ।

03. जब आपको ज्ञान लेना होता है तब गीता , वेद , पुराण इत्यादि का सहारा लेते है और यह एक प्रकार की ऋषि पूजा है ।

04. जब आप चलकर मंदिरों में जाते हैं और उस मंदिर की मूर्ति को , वहाँ के विधि अनुसार मूर्ति पूजा करते हैं वह इश्वर के सर्वत्र होने का भाव प्रकट करता है ।

05. जब आप इश्वर के विवृति अभिन्न निमित्तोपादान कारण द्वारा अवतार की पूजा करते हैं वह आपके द्वारा इश्वर के वात्सल्य भाव की पूजा है ।

06. और यह सब करते हुए आप अपना अंत: करण शुद्ध करते हुए स्वंयम का स्वरूप जानने का प्रयास करते हैं । यह सब सनातन के अंग हैं । इसमें से किसी एक को न मानने वाला हिन्दु आपका शत्रु नहीं है ।

जीवन में IIT, IIM, IAS, बीस कोठियाँ , बैंक बैलेंस बनाइए पर उपर बताए हुए 6 बिंदुओं पर भी ध्यान रखिए ।

नोट: कुछ लोगों ने अभिन्न निमित्तोंपादान कारण की व्याख्या पूछी है , जो इस प्रकार से है ।

अभिन्न निमित्तोपादान”

पिता ( कार्य ) होता है और पुत्र ( कारण ) , परन्तु वही पुत्र कालांतर में  ( स्वंय कार्य ) बन जाता है और उसका पुत्र , कारण ।

और दूसरे ढंग से देखिए । बीजांकुरण न्याय की दृष्टि से । बीज को आजकल (-30 डिग्री ) पर भी भविष्य के लिए सुरक्षित करके रखा जा रहा है , क्योकि यह बात सर्व सिद्ध है की उस बीज में वृक्ष बनने का संस्कार निहित है अर्थात बीज ( कार्य ) और वृक्ष ( कारण) रूपी गुण प्रकृति में निहित है । और उचित वातावरण , खाद जल प्रकाश तापमान आदि मिलने पर उसमें स्फुरण होगा ।

जब हम “अभिन्न” कहते है तो इसका अर्थ इस कार्य और कारण से भिन्न है अर्थात कार्य कारणातीत है । अर्थात यह विश्व प्रपंच में जो भी कार्य कारण है , परमात्मा उससे कारणातीत है ।

पर अभिन्न , तत्व से भिन्न नहीं है । तत्व के समान नहीं , तत्व से अभिन्न ।

जैसे एक बूँद सागर का जल पूरे के सागर के समान शक्तिशाली नहीं होता पर गुण में एक समान अर्थात अभिन्न होता है ।

निमित्त , एक कुम्हार ही घड़ा बना सकता है अत: कुम्हार , घड़े का निमित्त कारण है ।

और मिट्टी उस घड़े का “ उपादान “ कारण है , क्योकि घड़ा वास्तव में मिट्टी ही है ।

अत: अभिन्न निमित्तोंपादान का अर्थ , जीव भी वही , जगत भी वही और जगदीश्वर भी वही ।

घड़ा भी वही, मिट्टी भी वही, कुम्हार भी वही ।

अब एक और बात (अंतिम नहीं)…….

सवाल हमारी आस्था पर ही क्यों?

अगले माह ईसाइयों का हैलोवीन त्यौहार आने वाला है, जिसमें वे अपने मृत पूर्वजों को याद करते हैं।इस त्यौहार में लोग मृत्यु या मृतकों का संकेत देने वाली वस्तुओं से लोग अपने घरों को सजाते हैं। इनमें कंकाल, चुड़ैल, भूत-प्रेतों वाले मुखौटे, मकड़ियां और कटे हुए हाथ-पैर आदि कई प्रकार की वीभत्स चीजें होती हैं।इन दिनों वहां के लगभग सभी बड़े स्टोर हैलोवीन के सामान से पटे हुए हैं। यूरोप, अमरीका और कनाडा जैसे आधुनिक और विकसित समझे जाने वाले देशों में भी आज तक वहां के लोग अपने त्यौहारों को अपनी परंपराओं के अनुसार पूरे उत्साह व धूमधाम से मना रहे हैं। कोई इसे अंधविश्वास नहीं कहता और न कोई इसका वैज्ञानिक आधार पूछकर किसी की आस्था का मजाक उड़ाता है।

इधर दूसरी ओर भारत में कई नमूने हैं, जो लगभग हर सनातन धर्म (हिन्दू ) त्यौहार के खिलाफ कोई न कोई सवाल उठाते हैं और कभी पर्यावरण के नाम पर, कभी अंधविश्वास मिटाने के नाम पर, तो कभी किसी और बहाने से हमारे त्यौहारों को मिटाने में लगे रहते हैं। इन दिनों पितृ-पक्ष चल रहा है तो उस पर भी सवाल उठाने वाले या पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने वालों को अंधविश्वासी बताने वाले कई लोग आपको भी दिखते होंगे।

मेरा सुझाव है कि ऐसे कुंठित लोगों को उनके हाल पर छोड़ दें। उन्हें किसी बात का वैज्ञानिक आधार बताने या किसी त्यौहार का अर्थ समझाने के फेर में पड़कर अपना समय बर्बाद न करें क्योंकि ऐसे लोग कुछ जानने समझने के लिए सवाल नहीं पूछते हैं, बल्कि केवल आपकी आस्था को ठेस पहुंचाने या आपको अपमानित करके स्वयं प्रसन्न होने के लिए ही ऐसे सवाल पूछते हैं। आप इनकी उपेक्षा कीजिए और अपनी आस्था पर अडिग रहिए।

सैकड़ों वर्षों के अन्याय, अत्याचार और गुलामी के कालखंड में भी हमारे और आपके पूर्वज सारे संकटों का सामना करते हुए भी अपने धर्म, संस्कृति और आस्था पर अडिग रहे, इसीलिए आप और मैं आज भी गर्व से स्वयं को सनातन धर्म (हिन्दू ) कह पा रहे हैं और अपनी आस्था का पालन कर पा रहे हैं। हम सबके पूर्वजों के प्रति हमें कृतज्ञ होना चाहिए। मैं उन सबको प्रणाम करता हूं।

मशहूर कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव का दिल्ली AIIMS में निधन

 

            राजू श्रीवास्तव दिल्ली के एक होटल में रुके थे और वहीं के जिम में वह वर्कआउट कर रहे थे। वर्कआउट के दौरान राजू की तबीयत बिगड़ गई थी और ट्रेडमिल पर गिर पड़े थे। राजू को फिर तुरंत एम्स में भर्ती कराया गया, जहां कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट में उनका इलाज चल रहा था। राजू के करीबियों ने जानकारी दी थी कि उनको ब्रेन इंजरी हो गई थी। हार्ट अटैक के बाद गिरने से काफी देर तक दिमाग में ऑक्सीजन नहीं पहुंची थी। डॉक्टर्स ने बताया था कि उनको होश में आने में वक्त लग सकता है। इलाज के बीच उनकी बॉडी में कुछ मूवमेंट की रिपोर्ट्स भी थीं।

  • कॉलेज में महसूस हो चुका था कि वह अच्छे कॉमेडियन बन सकते हैं
  • अमिताभ बच्चन उनके पहले आदर्श थे और उनकी खूब मिमिक्री भी की
  • लालू यादव के सामने जब उनकी नकल उतारी तो वह भी खूब हंसेराजू श्रीवास्तव ने मुंबई में कुछ समय के लिए ऑटो भी चलाया
  • तेजाब, मैंने प्यार किया, बाजीगर, आमदानी अठन्नी खर्चा रुपैया जैसी फिल्मों में उनके रोल थे
  • 80 के दशक में कॉमेडियन बनने मुंबई पहुंचे राजू श्रीवास्तव के हुनर को बहुत देर से पहचान मिली

कोरल ‘पुरनूर’, डेमोक्रेटिक फ्रंट, चंडीगढ़/नयी दिल्ली  –  21 सितंबर :

            श्रीवास्तव की बीमारी और अस्पताल में भर्ती होने की खबरें बनते-बनाते आखिरी खबर आ गई। बुधवार सुबह 10 बजे के करीब दिल्ली एम्स में उनका निधन हो गया। उमर 58 साल थी। दिल्ली में ही 10 अगस्त को एक्सरसाइज करते उन्हें हार्ट अटैक आया था। उसके बाद से ही एम्स में भर्ती थे। इलाज में पता चला था कि दिल के एक हिस्से में 100% ब्लॉकेज है।

                        पत्रकार विकास भदौरिया ने भी ट्वीट कर इस खबर की पुष्टि की है। उन्होंने लिखा, “एम्स से बुरी खबर आ रही है, राजू श्रीवास्तव का निधन हो गया है। प्रभु उन्हें श्रीचरणों में स्थान दे। ॐ शांति शांति शांति।”

            बता दें कि 10 अगस्त 2022 की सुबह एक्सरसाइज करते वक्त राजू श्रीवास्तव बेहोश होकर गिर गए थे। इसके बाद उन्हें एम्स लाया गया था। वहाँ डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें हार्ट अटैक आया था। इसके कारण उनका ब्रेन डैमेज हो गया और उन्हें एंजियोप्लास्टी करनी पड़ी।

            पिछले 10 साल में उनकी 3 बार एंजियोप्लास्टी हो चुकी थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर उनके निधन के खबरें वायरल हुई थीं। इसको देखते हुए उनके परिजन और बॉलीवुड के पूर्व अभिनेता एवं महाभारत में भीष्म पितामह का किरदार निभाने वाले मुकेश खन्ना ने तब इसका खंडन किया था। इतने दिनों तक मौत से लड़ने के बाद आज वो हार गए। सबको हँसाने वाले आज बहुतों को रुला गए।

 

पंजाब कैबिनेट द्वारा 22 सितम्बर को विधान सभा का विशेष सैशन बुलाने की मंजूरी

  • राज्य सरकार के हक में पेश किया जायेगा विश्वास प्रस्ताव

राकेश शाह, डेमोक्रेटिक फ्रंट, चंडीगढ़ 20 सितंबर : 

            पंजाब कैबिनेट ने राज्य सरकार के हक में विश्वास प्रस्ताव लाने के लिए 16वीं पंजाब विधान सभा का तीसरा विशेष सैशन 22 सितम्बर, 2022 (गुरूवार) को बुलाने की मंजूरी दे दी है। 

            इस सम्बन्धी फ़ैसला मुख्यमंत्री के नेतृत्व अधीन पंजाब सिवल सचिवालय में मुख्यमंत्री कार्यालय में मंत्री समूह की मीटिंग के दौरान लिया गया। 

            मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि कैबिनेट ने भारत के संविधान की धारा 174 (1) अधीन सदन का विशेष सैशन बुलाने के लिए पंजाब के राज्यपाल को सिफ़ारिश करने की मंजूरी दे दी। प्रवक्ता ने आगे कहा कि सैशन प्रातः काल 11 बजे दिवंगत शख़्सियतों को श्रद्धाँजलि भेंट करने के साथ शुरू होगा, जिसके बाद राज्य सरकार के पक्ष में विश्वास पेश किया जायेगा।

CU MMS Case : लड़की को ब्लैकमेल कर बनवाए वीडियो, मुंबई, गुजरात से आए थे फोन काल्स

            चंडीगढ़ युनिवेर्सिटी मोहाली MMS मामले में आरोपियों के वकील के मुताबिक, वीडियो बनाने वाली लड़की को ब्लैकमेल किया जा रहा था।   एक वीडियो आरोपी लड़की की है और दूसरी वीडियो कोई और लड़की की है।  यही नहीं, उसने एक नहीं बल्कि दो-दो वीडियो बनाए गए थे।  पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में एक चौथा शख्स भी है जो युवती को ब्लैकमेल कर रहा था।  उसका गिरफ्तार होना बाकी है।  फिलहाल खरड़ कोर्ट ने तीनों आरोपियों को 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।  आरोपियों के वकील संदीप शर्मा ने कहा, पुलिस ने 10 दिन की रिमांड मांगी थी लेकिन 1 हफ्ते की रिमांड मिली है।

  • मोहाली पुलिस ने एमएमएस कांड पर बड़ा खुलासा किया है
  • पुलिस ने बताया कि लड़की को आरोपी लड़के ब्लैकमेल कर रहे थे
  • पुलिस ने बताया कि आरोपी ने लड़की को ब्लैकमेल कर अन्य लड़कियों को वीडियो मांगे थे

नरेश शर्मा भारद्वाज, डेमोक्रेटिक फ्रंट, चंडीगढ़ – 20 सितंबर : 

            पंजाब की चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के गर्ल्स हॉस्टल में वीडियो बनाने और लीक करने के मामले में गिरफ्तार लड़की सहित उसके दो सहयोगी लड़कों से पूछताछ के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है।  पुलिस सूत्रों का कहना है कि दोनों आरोपी लड़के वीडियो बनाने वाली लड़की को ब्लैकमेल कर रहे थे।  हॉस्टल में रहने वाली लड़की ने दोनों आरोपियों को अपना वीडियो बनाकर भेजा था, जिसे वायरल करने की धमकी देकर वे अन्य लड़कियों के वीडियो बनाने की मांग कर रहे थे।  सूत्रों का कहना है कि आरोपियों के पास से एक और वीडियो भी बरामद किया गया है, लेकिन इस वीडियों में दूसरी लड़की की शक्ल नहीं दिख रही है।

            मोहाली पुलिस ने आरोपी लड़की और उसके 2 साथियों, 31 साल के रंकज वर्मा और 23 वर्षीय सन्नी मेहता, को शिमला से गिरफ्तार किया है।  जब इन आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया तो पुलिस ने दावा किया कि इनके तार इंटरनेशनल गैंग से जुड़ रहे हैं।  पुलिस ने कोर्ट में यह भी दावा किया था कि सीयू के छात्राओं के कुछ और भी वीडियो बने हैं।  पुलिस ने कहा था कि आरोपी सन्नी एक खास गैजेट में वीडियो सेव करके रखता है और उसे शिमला से बरामद किया जाना है।  इसके बाद ही लड़की सहित तीनों आरोपियों को कोर्ट ने 7 दिन का पुलिस रिमांड दिया है।

            पुलिस सूत्रों के अनुसार छात्रा को धमकी दी गई कि उसका वीडियो वायरल कर दिया जाएगा। वीडियो वायरल न करने के बदले लड़की पर हास्टल की दूसरी छात्राओं का अश्लील वीडियो भेजने का दबाव बनाया गया। इसके बाद लड़की अन्य छात्राओं के वीडियो भी भेजने लगी। पुलिस सूत्रों के अनुसार यह भी आशंका जताई जा रही है कि इन वीडियो को आगे कहीं बेचा जाता होगा। फिलहाल पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है। मामले के तार गुजरात और मुंबई से भी जुड़ रहे हैं।

            इसी बीच सोमवार को पुलिस ने आरोपित लड़की, उसके ब्वायफ्रेंड सनी और रंकज वर्मा को खरड़ अदालत में पेश किया। पुलिस ने तीनों आरोपितों का दस दिन का रिमांड मांगा। हालांकि अदालत ने तीनों को सात दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है।

            पुलिस ने अदालत को बताया कि तीनों आरोपितों के मोबाइल फोन पर गुजरात और मुंबई से भी कई काल्स आई हैं। उनका इनसे क्या कनेक्शन है इस संबंध में तीनों से पूछताछ की जाएगी। पुलिस ने बताया कि इस मामले में एक अन्य शख्स भी शामिल है। उसे गिरफ्तार किया जाना बाकी है। उसकी तलाश की जा रही है।

            पुलिस के अनुसार जांच में पता चला है कि युवती अपने ब्वायफ्रैंड सनी को जो वीडियो भेजती थी, उसे वह किसी अन्य डिवाइस में स्टोर करता था। सनी से वह डिवाइस बरामद की जानी है।

            अब तक प्रशासन और पुलिस यह कहती आई कि आरोपित लड़की ने एक ही वीडियो बनाया था, जोकि उसका खुद का था। लेकिन अदालत में बताया गया कि लड़की ने दो वीडियो बनाए थे। दूसरा वीडियो किसी और छात्रा का था। एडवोकेट संदीप शर्मा ने कहा कि दूसरी वीडियो में किसी का चेहरा नजर नहीं आ रहा और वह वायरल भी नहीं हुआ है। वकील ने यह भी कहा कि रंकज का इस मामले में कोई लेना देना नहीं है। जिस चौथे शख्स ने लड़की को ब्लैकमेल कर यह वीडियो बनवाए हैं उसने अपने आइपी अड्रेस पर रंजत की फोटो लगाई थी और वह रंकज बनकर ही युवती से चैटिंग कर रहा था।

            युवती सहित तीनों आरोपितों के मोबाइल फोन जांच के लिए फारेंसिक लैब भेजे गए हैं। जांच में पता चला है कि तीनों ने अपने मोबाइल से कई वीडियो डिलीट किए हैं। पूरा डाटा रिकवर करने के लिए आइटी एक्सपर्ट टीम काम कर रही है। तीनों आरोपितों के खिलाफ आइपीसी की धारा 354 सी (किसी को छिपकर देखना) व 66ई (किसी आपत्तिजनक चीज को इंटरनेट पर फैलाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इन धाराओं के तहत एक से तीन साल तक की जेल का प्रावधान है। अगर दोबारा से इन्हीं धाराओं के तहत मामला दर्ज होगा तो सात साल की कैद का प्रविधान है।

            इस मामले में पुलिस बार-बार बयान बदल रही है। एफआइआर में पुलिस ने छह छात्राओं के अश्लील वीडियो बनने की बात लिखी है। रविवार को मोहाली के एसएसपी विवेक सिंह सोनी ने एक वीडियो की बात कही थी, जोकि पकड़ी गई लड़की का ही था। वहीं, सोमवार को अदालत में पुलिस ने बयान दिया कि दो अश्लील वीडियो बनाए गए हैं।


सूरत व बड़ोदरा में नवरात्रि के ‘गरबा’ में रंग जमायेगी अभिनेत्री श्रद्धा रानी शर्मा

डेमोक्रेटिक फ्रंट संवाददाता, गुजरात – 17 सितंबर  : 

       फ़िल्म सेलेब्रिटी श्रद्धा रानी शर्मा को आजकल नवरात्रि में गरबा के कार्यकमों में बतौर गेस्ट काफी ऑफर आ रहे है,जिसमें से गुजरात के सूरत और बड़ोदरा के कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए हामी भर दी है और कुछ जगह बात चल रही है। जिसके चक्कर में नवरात्रि में उनका काफी व्यस्त शिड्यूल रहनेवाला है।  इसके बारे में वे श्रद्धा शर्मा कहती है,” देवी माता की कृपा है कि नवरात्रि में मुझे काफी कार्यक्रमों में बतौर गेस्ट बुलाया जाता है। अभी दो जगह का फाइनल हो गया है और कई जगह जल्द ही फाइनल हो जायेगा।”

            नवरात्रि के त्यौहार के बारे में श्रद्धा कहती है,”नवरात्रि में नौ दिन सभी देवियों की पूजा होती है। इसके जरिये नारीशक्ति के बारे में पूरे विश्व मे बताया जाता है। हमारे देश की संस्कृति व सभ्यता को इस त्योहार के जरिए दर्शाता जाता है कि नारी शक्ति भी है और हमेशा विश्व के विनाश का कारण भी नारी बन जाती है। इसलिए उनकी इज़्जत और सम्मान करना चाहिए। सभी को नवरात्रि की शुभकामनाएं। जय माता दी।”

महाराष्ट्र के सांगली में 4 साधुओं की निरममतापूर्ण पिटाई

            महाराष्ट्र के सांगली के जाट तहसील के लवंगा गांव से यह वारदात सामने आई है।  यह तब हुआ जब उत्तर प्रदेश के रहने वाले चार साधु एक कार में कर्नाटक के बीजापुर से पंढरपुर शहर की ओर जा रहे थे।  महाराष्ट्र पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि ये साधु सोमवार को गांव के एक मंदिर में रुके थे और मंगलवार को फिर यात्रा शुरू करने वाले थे। पुलिस के मुताबिक ये साधु उस बच्चे से पता पूछ रहे थे लेकिन लोगों ने उन सभी को बच्चा चोर समझ लिया था।  ऐसे में इन साधुओं और स्थानीय लोगों के बीच पहले कहासुनी हुई और फिर वहां मौजूद भीड़ साधुओं पर टूट पड़ी। वहीं इस मामले पुलिस अधिकारी के मुताबिक दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते बढ़ गई और स्थानीय लोगों ने साधुओं को कथित तौर पर लाठियों से पीट दिया।

Video: महाराष्ट्र के सांगली में दिखी भीड़ की बर्बरता, बच्चा चोरी के शक में साधुओं की बेरहमी से पिटाई
  • महाराष्ट्र के सांगली में गांववालों ने चार साधुओं को पीटा
  • बच्चा चोर होने के शक में साधुओं पर हुआ हमला
  • पालघर में दो साधुओं की पीट-पीटकर हो चुकी है हत्या

डेमोक्रेटिक फ्रंट(ब्यूरो) मुंबई  -14 सितंबर  : 

            महाराष्ट्र के सांगली में बच्चा चोर होने के शक में 4 साधुओं पर हमले की खबर है।  सांगली में ग्रामीणों ने बच्चा चोर होने के संदेह में 4 साधुओं को बुरी तरह पीटा है।  हालांकि, इस हमले में साधुओं को चोटें आई हैं और सभी खतरे से बाहर हैं।  संतों पर हमला किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।  हालांकि, इस मामले में अब तक पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।  बता दें कि महाराष्ट्र में इससे पहले भी साधुओं पर हमले की खबर आ चुकी है।

            दरअसल, यह घटना जाट तहसील के लवंगा गांव में उस समय हुई, जब उत्तर प्रदेश के रहने वाले चार साधु एक कार में कर्नाटक के बीजापुर से पंढरपुर शहर की ओर जा रहे थे।  पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि ये लोग सोमवार को गांव के एक मंदिर में रुके थे और मंगलवार को यात्रा शुरू करते समय उन्होंने एक लड़के से रास्ता पूछा, जिससे कुछ स्थानीय लोगों को संदेह हुआ कि वे बच्चों का अपहरण करने वाले आपराधिक गिरोह का हिस्सा हैं।

शिवसेना प्रवक्ता ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी सिर्फ हिंदूवादी होने का ढोंग कर रही है। वास्तव में बीजेपी को मतलब सिर्फ सत्ता से है, चाहे यह छल से मिले, बल से या भ्रष्टाचार से, पार्टी किसी भी कीमत पर सत्ता में काबिज होने चाहती है।

            खबरों के मुताबिक, घटना जाट तहसील के लवंगा गांव में उस समय हुई, जब उत्तर प्रदेश के रहने वाले चार लोग एक कार में कर्नाटक के बीजापुर से पंढरपुर शहर की ओर जा रहे थे। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि ये लोग सोमवार को गांव के एक मंदिर में रुके थे और मंगलवार को यात्रा शुरू करते समय उन्होंने एक लड़के से रास्ता पूछा, जिससे कुछ स्थानीय लोगों को संदेह हुआ कि वे बच्चों का अपहरण करने वाले आपराधिक गिरोह का हिस्सा हैं। अधिकारी के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते बढ़ गई और स्थानीय लोगों ने साधुओं को कथित तौर पर लाठियों से पीट दिया। अधिकारी ने कहा कि पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और पाया कि साधु उत्तर प्रदेश के एक अखाड़े के सदस्य हैं।

“सरकार को चाहिए कि खासकर के ड्रग के खिलाफ कड़े एक्शन ले”-अभिनेत्री श्रद्धा रानी शर्मा

  • बिग बॉस कंटेस्टेंट सोनाली फोगाट की मौत से आहत हुई अभिनेत्री श्रद्धा रानी शर्मा

शिव शर्मा, डेमोक्रेटिक फ्रंट, मुंबई – 03 सितंबर :

      गोवा में बिग बॉस कंटेस्टेंट सोनाली फोगाट के हुए मर्डर कांड से अभिनेत्री श्रद्धा रानी बहुत आहत हुई है। इसपर अपनी प्रतिक्रिया जाहि करते हुए श्रद्धा ने कहा,”सोनाली के साथ जो हुआवह बहुत बुरा हुआ। ड्रग और शराब जो है,देश  फ़िल्म इंडस्ट्री को दिन प्रतिदिन खोखला करती जा रही है।क्राईम पर क्राईम होता जा रहा है।सोनाली का मर्डर हो गया।लड़कियों को सावधानी बरतनी चाहिएकिसी पार्टी या कहीं भी जाय तो किसी का दिया हुआकुछ खाना पीना नहीं चाहिए।मैं तो कहूंगी कि आजकल लड़कियों को केवल काम से काम रखना चाहिए। अच्छा रिश्ता बनाने के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए।आज घोर कलयुग चल रहा है। बाकी जो लिखा है,वह जरूर होता है,लेकिन भगवान ने दिमाग दिया हैउसको ठीक से इस्तेमाल करना चाहिए।पिछले कुछ वर्षों में इंडस्ट्री के बहुत सारे हादसे हुए है।इनसे हमें सबक लेना चाहिए।मैं तो सबको सलाह दूंगी कि ड्रग और शराब से दूर रहें और अपना जीवन व्यर्थ में बर्बाद होने से बचाये।

       आगे श्रद्धा शर्मा कहती है,”सरकार को चाहिए कि खासकर के ड्रग के खिलाफ कड़े एक्शन ले और इसके लिए उम्रकैद या फांसी की सज़ा का कानून पास करें और फास्टट्रैक पर केस चलाकर 15 दिन या महीने भर में सज़ा का प्रावधान बनाये।वर्ना हमारी युवा पीढ़ी बर्बाद हो जाएगी।

        वैसे ग्लैमरस, सेक्सी व बहुमुखी प्रतिभाशाली अभिनेत्री श्रद्धा शर्मा ने धारावाहिक सुनो हर दिल कुछ कहता हैं, सारथी‘  ‘हर शाख पे उल्लू बैठा है‘,’कॉमेडी क्लासेस‘,’नीली छत्रीवाले‘,”बिग बॉस सीजन 5,’इमोशनल अत्याचार इत्यादि जैसे कई हिट धारावाहिकों में मुख्य भूमिका निभाया और अपनी एक अलग पहचान बनाई,इसके अलावा तीन कन्नड़ फिल्में ‘जीवा’,’जय हो’ और ‘अन्वेषी’ तथा एक तमिल फिल्म मैयूम कुंटे में भी अभिनय किया है।

सामाजिक संस्था,”गांधी विचार मंच” द्वारा ‘महात्मा गांधीजी’ पर निबंध प्रतियोगिता

डेमोक्रेटिक फ्रंट संवाददाता, मुंबई – 30 अगस्त :

 सामाजिक संस्था,“गांधी विचार मंच”के संस्थापक व सामाजिक कार्यकर्ता स्वर्गीय श्री मनमोहन गुप्ता की स्मृति में इस बार ‘गांधी विचार मंच’द्वारा महात्मा गांधी जी पर किसी भी विषय पर एक निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है।

जिसमें कोई भी भारतीय उन पर हिंदी में निबंध लिखकर 25 सितंबर 2022 तक निबंध लिखकर कुरियर या पोस्ट से गांधी विचार मंच,श्रीराम ट्रेड सेंटर,6 वां फ्लोर, एचडीएफसी बैंक के ऊपर,चामुंडा सर्कल, बोरीवली(वेस्ट) , मुंबई-92 इस पते पर भेज सकता है। और अधिक जानकारी के लिए gvm7848@gmail.com पर संपर्क कर सकता है।

जिसके लिए प्रथम पुरस्कार 11,000 रुपये,द्वतीय पुरस्कार 5001 रुपये, तृतीय पुरस्कार 2501 रुपये तथा 1000 रुपये का 10 सांत्वना पुरस्कार, ट्रॉफी व सर्टिफिकेट रक्खा गया है।

 ईनाम की घोषणा 2अक्टूबर 2022 को ‘गांधी जयंती’के अवसर पर किया जाएगा। निबंध मौलिक व अप्रकाशित होने के साथ साथ न्यूनतम 700 शब्दों का तथा अधिकतम 3000 शब्दों का होना चाहिए। जिसमें कोई भी विद्यार्थी,कोई भी महिला या पुरूष, बच्चे, युवा, साहित्यकार,पत्रकार, कहानीकार,उपन्यासकार इत्यादि सभी देशवासी हिस्सा ले सकते हैं। संस्था का निर्णय ही अंतिम निर्णय होगा।