उत्तराखंड ने रचा इतिहास, विधानसभा में सर्वसम्मति से पास हुआ समान नागरिक संहिता बिल

लोकसभा चुनाव से पहले उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता को मूर्त रूप देकर धामी सरकार ने इतिहास रच दिया। बुधवार को उत्तराखंड विधानसभा में समान नागरिक संहिता बिल पास हो गया। मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सदन में इस विधेयक को पेश किया था। इसमें 392 धाराएं हैं जिनमें से केवल उत्तराधिकार से संबंधित धाराओं की संख्या 328 है।

  • पुष्कर धामी सरकार ने विधानसभा में पेश किया था UCC का प्रस्ताव
  • उत्तराखंड विधानसभा में पारित हुआ समान नागरिक संहिता बिल
  • उत्तराखंड UCC लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है

सारिका तिवारी, डेमोक्रेटिक फ्रंट, चंडीगढ़/देहरादून – 07फरवरी :

उत्तराखंड विधानसभा में लंबी चर्चा के बाद बुधवार को यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) बिल को बहुमत से पारित कर दिया गया। मंगलवार को सीएम पुष्कर सिंह धामी ने यूसीसी बिल को पेश किया था और फिर इसपर चर्चा शुरू हुई। यूसीसी बिल पर दो दिन चर्चा होने के बाद आज इसे पारित कर दिया गया है। विधानसभा से पास होने के बाद यूसीसी बिल अब कानून बन गया है। बता दें कि यूसीसी लागू करने वाला उत्तराखंड पहला राज्य बना है।

धामी ने कानून से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं को सदन के सामने रखा। उन्होंने कगा कि इस कानून का उद्देश्य तुष्टीकरण नहीं बल्कि समाज में समानता लाना है। धामी ने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले हमने उत्तराखंड की जनता के सामने प्रस्ताव रखा था कि हम यूसीसी कानून बनाएंगे और उसके लिए एक ड्राफ्ट कमेटी बनाएंगे। उत्तराखंड में रहने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए एक समान कानून होना चाहिए।

समान नागरिक संहिता के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर बोलते हुए धामी ने कहा कि नए कानून के लागू होने के बाद पति या पत्नी के जीवित होने पर दूसरा विवाह करना पूर्णतः प्रतिबंधित होगा। जन्म और मृत्यु के पंजीकरण की तरह विवाह और विवाह विच्छेद का पंजीकरण कराया जा सकेगा। ये पंजीकरण वेब पोर्टल के माध्यम से किया जा सकेगा। कोई पहला विवाह छिपाकर दूसरा विवाह करेगा तो पंजीकरण के जरिए इसका पता लग जाएगा। इससे माताओं और बहनों में सुरक्षा का भाव आएगा।

उत्तराखंड भ्रातृ संगठन ने लगाई नेकी की दीवार

संस्था 21 को निकलेगी श्रीराम की भव्य शोभायात्रा

डेमोक्रेटिक फ्रंट, चंडीगढ़, 15 जनवरी

रेलवे स्टेशन के सामने उत्तराखंड भ्रातृ संगठन दरिया, चण्डीगढ़ ने गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को कंबल गर्म कपड़े वितरित करने के लिए नेकी की दीवार का आयोजन किया। संगठन के महासचिव संजीव ठाकुर ने बताया कि विगत 8 वर्षों से सर्दी के मौसम में गरीब एवं जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए संगठन द्वारा नेकी की दीवार का निरंतर आयोजन करता आ रहा है।

नेकी की दीवार का उद्घाटन पूर्व सरपंच गुरप्रीत सिंह हैप्पी ने गरीब लोगों को कंबल बांटकर किया। संगठन द्वारा नववर्ष का कैलेंडर का भी विमोचन किया गया। इस दौरान भारी संख्या में लाभार्थियों को उनकी जरूरत का सामान जैसे गर्म कपड़े, कंबल आदि बांटे। उसके पश्चात पूरे दिन खिचडी का लंगर किया गया ।  

इस दौरान विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे जिनमें भाजपा नेता अनिल कुमार दुबे, पूर्व सरपंच गुरप्रीत सिंह हैप्पी, गढ़वाल सभा चण्डीगढ़ के प्रधान विक्रम बिष्ट, चण्डीगढ़ भाजपा महिला महिला अध्यक्ष हीरा नेगी, मनोनीत पार्षद धर्मेंद्र सिंह सैनी, डॉ. अनिरुद्ध उनियाल फिजीयोथेरेपीसट, पीजीआई, चण्डीगढ़ की उतराखण्ड की सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों ने नेकी की दीवार में हिस्सा लिया ।

इस अवसर पर संगठन के प्रेस सचिव कुलदीप धस्माना ने बताया कि अयोध्या में 22 जनवरी को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में उत्तराखंड भातृ संगठन, दरिया द्वारा 21 जनवरी को श्रीराम की भव्य शोभायात्रा बडे ही धूमधाम से निकालने का फैसला लिया गया है।

संगठन के प्रधान सुनील पंत ने बताया कि आगामी 21 जनवरी 2024 को सुबह 10 बजे से गढ़वाल कालोनी होते हुए पूरे दरिया गांव में शोभायात्रा निकाली जाएगी। उन्होंने सभी दरियावासियों से अपील की वह इस भगवान श्री राम की शोभायात्रा बढ़चढ़ कर भाग लें ।

डेराबस्सी में भोजपुरी गायकों ने महामाई के भजन गाकर बाँधा समा , उमड़ा जनसैलाब

  • पूर्वांचल जनहित महासंघ द्वारा पिछले 23 वर्षों से धूम धाम से मनाया जा रहा
  • कई भोजपुरी गायकों ने अपनी प्रस्तुति दी
  • मुख्य अतिथि पूर्व एमएलए एनके शर्मा व हर्जिंदर रंगी एवं टोनी राणा रहे

संदीप सैंडी, डेमोक्रेटिक फ्रंट, चंडीगढ़–24 अक्टूबर :

नवरात्र की अष्टमी पर ट्रायसिटी में विभिन्न जगहों पर विशाल जागरण और दुर्गा पूजा का भव्य आयोजन किया गया | इस मौके पर जीरकपुर डेराबस्सी के पूर्व एमएलए एनके शर्मा, हरजिंदर सिंह रंगी,टोनी राणा मुख्य अतिथि रहे |

सोमवार शाम डेराबस्सी में पूर्वांचल जनहित महासंघ द्वारा डेराबस्सी के फोकल प्वाइंट में दुर्गा पूजा धूम धाम से मनाई | आपको बता दे संस्था द्वारा पिछले 23 वर्ष से दुर्गा पूजा बड़े ही धूम धाम से मनाया जा रहा है | दुर्गा पूजन में बिहार से प्रसिद्ध भोजपुरी गायक धनंजय शर्मा , ऋतु राय, विनय मिश्रा आदि ने अपनी प्रस्तुति दी और माँ के भेंट गाकर कार्यक्रम में समा बाँधा | हजारों की संख्या में दुर्गा पूजन और भोजपुरी गायकों को सुनने के लिए उमड़ा जनसैलाब सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम देखने को मिले चप्पे – चप्पे पर तैनात रही डेराबस्सी पुलिस | कई पूर्वांचल संस्थाओं के संस्थापक और ट्रायसिटी के चर्चित नेतागणों ने माँ के चरणों में हाजरी लगाई |

पूर्वांचल जनहित महासंघ के प्रधान एवं अकाली नेता जितेंद्र सिंह ने कहा की हर वर्ष व दुर्गा पूजन बड़ी ही धूमधाम से मनाते हैं | संस्था द्वारा पिछले 23 वर्ष से इसका भव्य आयोजन करते आ रहे हैं | पूजा में पहले तो भक्तजनों ने माँ का अर्शीवाद लिया और उसके बाद भोजपुरी गायकों के भजनों का आनंद लिया | जितेंदर सिंह ने बताया की हर वर्ष उन्हें दुर्गा पूजा में लोगो का भरपूर प्यार मिलता हैं इसी के साथ विजय दशमी की शहरवासियों को विजय दशमी की बधाई दी |

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि मृणाल यादव ,प्रकाश मिश्रा , रमेश राणा , भाजपा नेता शशि शंकर तिवारी,चंद्रमा मिश्रा, चंडीगढ़ से मनोनीत पार्षद धर्मेंद्र सैनी , विनोद झा, भाजपा पार्षद मनु सोनकर,अरविंद सिंह, राजेश मौर्य, मुकेश राय , संजय चौबे , रविन्द्र त्यागी, बिहार परिषद से उमाशंकर पाण्डेय , अमिताभ दृवेदी ,अमित राधे राधे , जय राम पांडेय,ऐसके झा , बंगाली सिंह आदि रहे | 

अंतरराष्ट्रीय समरसता मंच द्वारा मनोज जयरामपुर को सम्मानित किया गया

सुशील पंडित, डेमोक्रेटिक फ्रन्ट,  यमुनानगर  08     मई  :

अंतरराष्ट्रीय समरसता मंच द्वारा राष्ट्रव्यापी सामाजिक सेवाओं एवं वैदिक सभ्यता एवं संस्कृति के प्रति निष्ठा और लगन के लिए सामाजिक सेवाओं में तत्पर रहने वाले जिला परिषद के पूर्व वाइस चेयरमैन चौधरी मनोज जयरामपुर को इंडो नेपाल कर्म रतन अवार्ड से सम्मानित किया गया

 नेपाल अंतरराष्ट्रीय समरसता मंच द्वारा रविवार को नई दिल्ली में कृष्णा मेनन भवन में प्रतिष्ठित सामाजिक लोगों के कार्यक्रम के बीच नेपाल के प्रथम उपराष्ट्रपति न्यायमूर्ति परमानंद झा द्वारा द्वारा यह सम्मान दिया गया। इस मौके पर बोलते हुए उपराष्ट्रपति न्यायमूर्ति परमानंद झा ने कहा कि जीवन में सबसे महत्वपूर्ण कार्य सामाजिक सेवाओं में निस्वार्थ लगन के साथ जरूरतमंद की सहायता ही ईश्वर की पूजा के सामान है दुनिया का इतिहास इस बात का गवाह है संसार के किसी भी भाग में सामाजिक सेवाओं के साथ व्यक्ति ने लगन से कार्य किया है आज संसार में उन लोगों को हर धर्म जाति और क्षेत्र के लोग प्रधान एवं सम्मान से याद करते हैं

 हमें सामाजिक सेवाओं में अग्रणी भूमिका में रहने वाले लोगों को ही अपना आदर्श माना चाहिए। इस मौके पर जापान के पूर्व राजदूत डॉ विष्णु हरि नेपाल ने कहा कि सामाजिक सेवाओं मैं कार्य करने का सौभाग्य केवल भगवान की कृपा से मिलता है कार्यक्रम के संयोजक श्री महावीर प्रसाद टोरडी ने कहा कि मुझे व्यक्तिगत रूप से ऐसे कार्यक्रम मैं संयोजक बन कर अपने आप को सौभाग्यशाली समझता हूं और सदैव जीवन में सामाजिक सेवा को गीता के ज्ञान कर्म के साथ जोड़कर अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहता हूं।

प्रतिष्ठित कार्यक्रम में युगांडा मलेशिया सिंगापुर  अल्जीरिया सहित आधा दर्जन राष्ट्रों के राजदूत भी उपस्थित रहे कार्यक्रम में भारत के पूर्व न्यायाधीश जी कृष्णमूर्ति उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे कार्यक्रम में 31 प्रतिष्ठित सामाजिक सेवाओं में कार्य करने वाले व्यक्तियों को अवार्ड दिया गया जिसमें हरियाणा से केवल 2 व्यक्तियों का चयन हुआ प्रशस्ति पत्र के साथ के रूप में राष्ट्र की टोपी झंडा  शॉल और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। 

हाटेश्वरी हाटकोटी मंदिर

                               मां हाटेश्वरी में हिमाचल और उत्तराखंड के लाखों लोगों की आस्था जुड़ी है। हाटकोटी में पब्बर नदी के किनारे स्थित इस प्राचीन मंदिर में कई ऐसे चमत्कार होते हैं, जिन्हें सुनकर हर कोई दंग रह जाता है। शिमला के हाटकोटी में महिषासुर मर्दनी हाटेश्वरी माता का सदियों पुराना पाषाण शैली में बना मंदिर है।

हाटेश्वरी हाटकोटी मंदिर

अजय सिंगला, डेमोकर्तिक फ्रन्ट, 28 मार्च :

                               हाटकोटी शिमला के पूर्व में 105 किलोमीटर की दूरी परहाट गांव के निकट स्थित एक आकर्षक घाटी है। यह घाटी अपने कई पत्थर के मंदिरों, वस्तुकला और अपने धार्मिक महत्व के लिए पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित करती है। हाटकोटी घाटी जुब्बल तहसील में स्थित है और कई शानदार दृश्य प्रदान करती है। हाटकोटी घाटी के लिए मुख्य रूप से शिमला पर्यटक एक दिन की यात्रा के लिए आते हैं। यह घाटी एक लोकप्रिय तीर्थ स्थान है और प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

                               हाटकोटी के पास पब्बर नदी से दो सहायक नदियाँ बिशकुल्टी और रान्वती मिलती हैं। यह तीन नदियों के संगम स्थान और पत्थर के मंदिरों के एक साथ होने की वजह से यहां कई पर्यटक यात्रा के लिए आते हैं।

                               हाटेश्वरी हाटकोटी मंदिर हाटकोटी की घाटी का एक मुख्य मंदिर है जो ऐसी बिंदु पर स्थित है जहां से आस-पास के क्षेत्र के साथ-साथ अन्य मंदिरों को भी शानदार दृश्य दिखाई देता है। हाटेश्वरी मंदिर देवी दुर्गा को समर्पित है जबकि इसके ठीक बगल में स्थित एक छोटे मंदिर में भगवान शिव की पूजा की जाती है। धार्मिक कारणों और अनोखी वास्तुकला के कारण से कई लोग इस मंदिर की यात्रा करते हैं। जो गुप्त काल (6 ठी और 9 वीं शताब्दी ईस्वी) का है। इस मंदिर में महिषासुरमर्दिनी की मूर्ति स्वयं 1.2 मीटर की ऊंचाई पर खड़ी है और आठ धातुओं से मिलकर बनी है। इस मूर्ति कांस्य की चमक दिखाई देती है। इस मंदिर की सबसे अजीब बात यह है कि इसके के अंदर रखी गई शिवलिंग चमत्कारी रूप से चौखट से बड़ी लगती है।

                               मंदिर के द्वार को कलात्मक पत्थरों से सुसज्जित किया गया है। मंदिर के गर्भगृह में मां लक्ष्मी, विष्णु भगवान, दुर्गा माता और भगवान गणेश की प्रतिमाएं हैं। इसके अतिरिक्त मंदिर के प्रांगण में अन्य देवताओं की छोटी-छोटी मूर्तियां भी स्थापित हैं। मान्यता है कि इस मंदिर का निर्माण पहले पांडवों ने किया था। बाद में लोगों की आस्था व श्रद्धा के साथ यह विकसित होता रहा।

माता के प्रांगण में एक बड़ा घड़ा।

                               मंदिर प्रांगण में बंधा घड़ा, नदी में उफान आने पर बजाता है सीटी हाटेश्वरी माता मंदिर के प्रांगण में एक बड़ा धातु का घड़ा लोहे की जंजीरों के साथ बंधा है। इसे भीम का घड़ा कहा जाता है। कहा जाता है कि यह प्राचीन घड़ा बरसों पहले पब्बर नदी से ही प्रकट हुआ था। पब्बर नदी से दो घड़े मिले थे, जिनमें से एक घड़े में खजाना था और एक खाली था। एक घड़े को वहां के लोगों ने पकड़ लिया था, लेकिन खजाने वाला घड़ा किसी के हाथ न लग सका।

ऐसे में इस खाली घड़े को माता के मंदिर में रख लिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि पब्बर नदी में जब-जब उफान आता है तो यह घड़ा चेतावनी के तौर पर सीटी बजाता है।

                               हाटेश्वरी माता के गुर ओम प्रकाश शर्मा कहते हैं कि हमारी माता के प्रति सच्ची श्रद्धा है। कई वर्ष पहले यहां पर एक व्यक्ति ने चोरी करने का प्रयास किया था। वह जब मंदिर में मूर्ति चुराने लगा तो अंधा हो गया। माता की महिमा थी कि जब वह मंदिर से बाहर निकला तो उसकी आंखें ठीक हो गईं। मंदिर पुजारी के अनुसार यहां पर जो भी चोरी का प्रयास करता है, उसके साथ ऐसा ही होता है।

                               ऐसे पहुंचें हाटेश्वरी माता के दरबार हाटेश्वरी माता के दरबार में हाजिरी लगाने के लिए सड़क-रेल व हवाई मार्ग की सुविधा है। दिल्ली व चंडीगढ़ से शिमला के लिए आसानी से फ्लाइट मिल जाती है। कालका से शिमला के लिए नेरोगेज रेलवे भी है। हिमाचल की राजधानी शिमला से हाटकोटी लगभग 90 किलोमीटर दूर है। शिमला से बस, टैक्सी अथवा निजी वाहन द्वारा आसानी से मंदिर तक पहुंचा जा सकता है। यह मंदिर ​​​​​​पब्बर नदी के दाहिने किनारे पर खेतों के बीच माता हाटेश्वरी के प्रसिद्ध प्राचीन मंदिर के लिए जाना जाता है।

परिवार मिलन समारोह के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों का हुआ आयोजन

  • परिवार के सबसे बुजुर्ग का हुआ सम्मान         

सुशील पंडित, डेमोक्रेटिक फ्रन्ट, यमुनानगर – 09 मार्च :                

होली के शुभ मौके पर गांव गोविंदपुरी में त्यागी परिवार मिलन समारोह का आयोजन भगवान परशुराम समुदायिक केंद्र में किया गया।

इस मौके पर त्यागी परिवार के सदस्य उत्साह के साथ कार्यक्रम में पहुंचे क्योंकि इस प्रकार का यह पहला कार्यक्रम था। गौरतलब है कि गोविंदपुरी में रह रहे त्यागी परिवार के बुजुर्ग एक ही थे। 1849 के राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार मोतीराम जी की यह संतान है जो इस समय गांव गोविंदपुरी में रह रहे हैं जिनकी संख्या लगभग 900 है। हालांकि इससे पूर्व की भी जानकारी बुजुर्गों के अनुसार उपलब्ध करवाई गई और बताया गया कि लगभग 1 हजार 500 साल पहले त्यागी परिवार के बुजुर्ग राजस्थान से गोविंदपुरी पहुंचे थे। अब गांव गोविंदपुरी तथा उत्तराखंड के गांव नन्हेड़ा में जो परिवार रह रहे हैं वह एक ही है। एक भाई की संतान नन्हेड़ा में है तो दूसरों की गोविंदपुरी में। इस मौके पर जहां सभी ने एक दूसरे को होली के पुत्र पर्व की बधाई दी वहीं कुछ प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम एवं मनोरंजन कार्यक्रम भी किए गए जिनमें हर आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में उत्तराखंड नन्हेड़ा से भी शिवपाल त्यागी एवं संजय त्यागी उपस्थित रहे और उन्होंने भी विस्तार से पूर्वजों की जानकारी साझा की। कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए आयोजकों ने बताया कि यह एक परिवारिक कार्यक्रम था जिसमें केवल त्यागी परिवार के सदस्य ही भाग ले रहे थे। उनका कहना था कि इस प्रकार के आयोजनों से आपसी भाईचारा व प्यार बढ़ता है तथा इतने बड़े परिवार में वर्तमान पीढ़ी को एक दूसरे से मिलने का मौका मिलता है। कार्यक्रम के दौरान त्यागी परिवार के सबसे बुजुर्ग रवि चंद त्यागी जी को परिवार के सभी सदस्यों ने सम्मानित करते हुए उनका आशीर्वाद लिया।

मनीष सिसोदिया को सुप्रीम कोर्ट की फटकार, कहा – केस में हम हस्तक्षेप नहीं करेंगे, सीधे नहीं सुन सकते आपकी याचिका, पहले HC जाइए

अभ‍िषेक मनु स‍िंघवी ने सीजेआई की बेंच से कहा कि अरनब गोस्वामी और विनोद दुआ को सुप्रीम कोर्ट ने सीधे राहत दी थी। बेंच ने कहा कि अरनब गोस्वामी का केस पहले हाईकोर्ट गया था। उसके बाद वो सुप्रीम कोर्ट में आया था। जबकि विनोद दुआ का मामला कुछ आलोचनात्मक खबरों को लेकर था। सिंघवी का कहना था कि मनीष सिसौदिया ने सीबीआई के सारे समन का जवाब दिया। वो जांच में शामिल भी हुए। लिहाजा उनको रिमांड पर लेना गलत है। सिंघवी का कहना था कि एजेंसी की दलील है कि सिसौदिया जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे। लेकिन ये आरोप सरासर गलत है। सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने सिंघवी से दो टूक कहा कि ये सारी चीजें दिल्ली हाईकोर्ट को क्यों नहीं बताते। उनकी अर्जी पर विचार करने से मना कर दिया गया। सिसौदिया 4 मार्च तक सीबीआई की कस्टडी में हैं। उन्होंने भारतीय संविधान के आर्टिकल 32 के तहत सुप्रीम कोर्ट से अपने मामले में दखल देने की अपील की थी।

  • मनीष सिसोदिया को सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट जाने को कहा
  • गिरफ्तार होने के बाद सीधे सुप्रीम कोर्ट में की थी अपील
  • कोर्ट ने कहा- हाईकोर्ट समान रूप से ऐसे मामले में सुनवाई को सक्षम

अजय सिंगला, डेमोक्रेटिक फ्रन्ट, चंडीगढ़/नई दिल्ली :

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका मिला है। मनीष सिसोदिया की याचिका पर सुनवाई करने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अभी इस स्टेज पर दखल नहीं दे सकते, साथ ही कोर्ट ने सिसोदिया हाई कोर्ट में याचिका दाखिल करने की सलाह दी है। मनीष सिसोदिया मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत ना मिलने पर आम आदमी पार्टी (आआपा) का बयान भी सामने आया है। पार्टी ने कहा है कि हम कोर्ट का सम्मान करते हैं, हम हाई कोर्ट जाएंगे।

मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने सिसोदिया के वकील एएम सिंघवी से कहा, “आपने याचिका में अर्णब गोस्वामी और विनोद दुआ के केस का हवाला दिया। दोनों केस बिलकुल अलग हैं। आपको निचली अदालत से बेल लेनी चाहिए। एफआईआर रद्द करवाने के लिए हाईकोर्ट जाना चाहिए।” उन्होंने कहा, “हम इस मामले में हस्तक्षेप नहीं कर सकते। ये मामला दिल्ली में हुआ इसका अर्थ ये नहीं इसे सीधे सुप्रीम कोर्ट ले आया जाए।”

बता दें कि मनीष सिसोदिया ने सुप्रीम कोर्ट में गिरफ्तारी को चुनौती दी थी जिसपर सीजीआई की बेंच ने सुनवाई की और मनीष सिसोदिया के वकील अभिषेक मनु सिंघवी को फटकार लगाई।

कॉन्ग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दिल्ली के डिप्टी सीएम की गिरफ्तारी और सीबीआई की कार्रवाई को चैलेंज किया था। सिंघवी ने सर्वोच्च न्यायालय से इस पर शीघ्र सुनवाई की अपील की थी। सीजेआई ने याचिका स्वीकार करते हुए मंगलवार की शाम सुनवाई की। सुनवाई के दौरान CJI जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने मनीष सिसोदिया के वकील अभिषेक मनु सिंघवी से कहा कि आपको पहले हाईकोर्ट जाना चाहिए था। आप सीधे सुप्रीम कोर्ट से जमानत क्यों माँग रहे हैं।

कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा कि सीधे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की परंपरा अच्छी नहीं है। कोर्ट के फैसले पर आम आदमी पार्टी ने कहा है कि हम इसका सम्मान करते हैं और जमानत लेने के लिए हाईकोर्ट में याचिका डाली जाएगी।

इसके पहले दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को सीबीआई (CBI) ने सोमवार (27 फरवरी, 2023) दोपहर को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया था। इस दौरान जाँच एजेंसी ने CBI के स्पेशल जज एमके नागपाल से सिसोदिया की 5 दिन की कस्टडी माँगी थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने सिसोदिया को 4 मार्च तक की रिमांड पर भेज दिया था। सीबीआई ने मनीष सिसोदिया को IPC की धारा 120-B (आपराधिक साजिश रचने के आरोप में) तथा 477-A (धोखाधड़ी करने की कोशिश करने के आरोप में) व भ्रष्टाचार अधिनियम निवारण की धारा-7 के तहत गिरफ्तार किया है।

चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि विशविद्यालय में कार्यक्रम ‘भेट-घाट’ 2023 का आयोजन

डेमोक्रेटिक फ्रन्ट, हिसार – 24 फरवरी :

                           उत्तराखंड समाज, हिसार (हरियाणा प्रदेश) की ओर से श्री बद्री-केदार रामलीला समिति (रजि.), गढ़वाल सभा (रजि.) एवं कुमाऊं सभा (रजि.) हिसार में सांस्कृतिक एवं सामाजिक महोत्सव ‘भेट-घाट’ 2023 का आयोजन दिनांक 26 फरवरी 2023 (रविवार) को इंदिरा गांधी सभागार में प्रातः 11:00 बजे से 6:00 बजे किया जाएगा।

                            यह पहला अवसर है जिसमे उत्तराखंड समाज, हिसार कि और से तीनों रजि. सभा एवं समिति के कार्यकारणी सदस्यगण मिलजुल कर यह कार्यक्रम का आयोजन कर रहे है इस सुअवसर पर कैबिनेट मंत्री, डा. कमल गुप्ता (शहरी स्थानीय एवं आवास विभाग) हरियाणा सरकार, डिप्टी स्पीकर, रणबीर गंगवा जी हरियाणा सरकार, श्री अजय टम्टा जी, पूर्व कपड़ा राज्य मंत्री, भारत सरकार एवं वर्तमान सांसद उत्तराखंड, प्रो. बी. आर. काम्बोज कुलपति, चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि विशविद्यालय एवं गुरु जम्बेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी हिसार कैप्टन भूपेंद्र सिंह, वीर-चक्र जिलाध्यक्ष, BJP हिसार, श्री गौत्तम सरदाना, प्रथम प्रत्यक्ष निर्वाचित महापौर, नगर निगम हिसार, श्री अमरजीत सिंह संयुक्त सचिव, हरियाणा राजभवन चण्डीगढ़, अध्यक्ष श्री ओम प्रकाश भट्ट प्रदेश संयोजक उत्तराखंड प्रकोष्ट BJP हरियाणा, मुख्य वक्ता: श्री भारत भूषण जुयाल, सह-प्रवक्ता हरियाणा प्रदेश एवं उत्तराखण्ड समाज प्रतिनिधि सभा, हरियाणा एवं इसकी सम्बन्धित इकाई सभाओं के समस्त सम्मानित सदस्यगण विशेष रूप से सादर आमन्त्रित होगें और हिसार से अन्य गणमान्य अतिथिगण भी इस अवसर पर उपस्थित होंगे ।

                          उत्तराखंडी सांस्कृतिक महोत्सव ‘भेट-घाट’-2023 में उत्तराखंड कि सुप्रसिद्ध गायिका मीना राणा एवं संजय कुमौला संगीतकार, हेमा ध्यानी, प्रीति गुसांई, कृष्णा रावत, गायक दिलीप रावत, मनोज आर्य (युवा लोकगायक), प्रकाश आर्य एवं टीम (ढोल-दमाऊ, मश्कबाजा) आपका मनमोह लेगें। जिसका निर्देशन श्री नरेन्द्र अजनबी (संगीतकार) एवं संजय बिष्ट (उप-निर्देशक), संगीतकार गौरव नेगी, गौरव पंत, सतीश जी, अरुण तिवारी एवं ओजस्वी मंच संचालक सरू रावत के सानिध्य में होगा । उत्तराखंडी सांस्कृतिक कार्यक्रम कर्मभूमि हरियाणा में अपनी मातृभूमि उत्तराखंड की पहचान कराना है अपनी युवा पीढ़ी को उत्तराखंड की लोक संस्कृति, लोक साहित्य, लोक नृत्य, खान-पान, पहनावा, बोली भाषा आदि से रूबरू भी कराना है।  उत्तराखंड समाज, हिसार की ओर से श्री बद्री-केदार रामलीला समिति (रजि.), गढ़वाल सभा (रजि.) एवं कुमाऊं सभा (रजि.) हिसार में सांस्कृतिक कार्यक्रम में आप सभी परिवार सहित सादर आमंत्रित है ।

चंडीगढ़ आम आदमी पार्टी का संगठन हुआ भंग

राकेश शाह, डेमोक्रेटिक फ्रंट, चंडीगढ़ :

                        नगर निगम चुनाव में पहली बार सबसे ज्यादा 14 पार्षद जीतकर इतिहास रचने वाली आम आदमी पार्टी (आ.आ.पा.)  की चंडीगढ़ इकाई के पूरे ढांचे को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है। निगम चुनाव के बाद से लगातार दो बार मेयर पद के चुनाव हारने वाली आप में पिछले डेढ़ से दो वर्षो के भीतर गुटबाजी चरम पर पहुंच गई थी। इससे पहले कि पार्टी और उसके पार्षद टूटने की कगार पर पहुंचते आला कमान ने चंडीगढ़ यूनिट को भंग करने में जरा भी देर नहीं लगाई। ट्वीट के जरिए पार्टी के पंजाब-चंडीगढ़ मामलों के प्रभारी जरनैल सिंह ने बकाया चंडीगढ़ इकाई को भंग किए जाने का मैसेज चला दिया। मैसेज जारी होते ही शहर की सियासत  गरमा गई। पार्टी के पार्षद-कार्यकर्ता स्थानीय नेताओं के खेमों में विभाजित बताए गए हैं। प्रभारी ने ट्वीट किया कि चंडीगढ़ इकाई को तुरंत प्रभाव से भंग कर दिया है, नई इकाई की घोषणा जल्द की जाएगी।

हालिया मेयर चुनाव में पार्षदों ने दिखाई थी एकजुटता, वर्तमान विवाद से हुई किरकिरी, अब विपक्षी दल लाभ लेने की रहेंगे फिराक में   


                        वहीं, हालिया मेयर चुनाव में आप के सभी 14 पार्षद एकजुट रहे। पार्टी भले ही चुनाव हार गई थी, इस एकजुटता का संदेश और प्रभाव काफी था।  विपक्षी दलों के बीच भी एक छाप पड़ी थी। ताजा घटनाक्रम से पार्टी की खासी किरकिरी हो गई है अब विपक्षी दल भाजपा से लेकर कांग्रेस तक इसका लाभ लेने की फिराक में रहेंगे।


                        विपक्षी इस कोशिश में रहेगा कि कैसे आप पार्षदों को तोड़कर निगम सदन में अपनी संख्या बढ़ाई जाएं। इसमें बीजेपी की भूमिका अधिक रह सकती है। जिसे मेयर चुनाव में 14-14 की बराबरी की लड़ाई में सांसद की महज एक वोट का लाभ मिल जाता है। हालांकि इतना कम अंतर किसी एक वोट के इधर-उधर होने की स्थिति में मेयर चुनाव में हार का कारण भी बन सकता है। बीजेपी इस स्थिति से निकलने की पूरी कोशिश में है।


नेता प्रतिपक्ष-पार्षद के चयन से बिगड़ी बात, बैठक में हुई बहस-बाजी 


                        वहीं, कहा जाता है कि इस वर्ष नेता प्रतिपक्ष पार्षद के चयन से बात ज्यादा बिगड़ गई। कहा जाता है कि इससे नाराज आठ पार्षदों ने दिल्ली और पंजाब के मुख्यमंत्री सहित प्रभारी तक पत्र लिखकर आपत्ति जताई थी। कहा जाता है कि मामलों को सुलझाने के लिए शनिवार को पार्षदों और नेताओं की बंद कमरे में आपस में बैठक भी हुई। एक पार्षदों का दल अपने पंसदीदा पार्षद को नेता प्रतिपक्ष बनने पर अड़ा हुआ था तो शेष आठ अन्य पार्षद अपने उम्मीदवार की पैरवी कर रहे थे। कहा जाता है कि इसे लेकर बहस भी हुई। स्थिति पर नजर रखते हुए हाईकमान ने मामला और बिगड़ने से पहले ही सम्भवतः डेमेज कंट्रोल का रास्ता निकालते हुए चंडीगढ़ यूनिट को भंग करना ही बेहतर समझा।


                        नेता प्रतिपक्ष को लेकर एक पार्षद का मैसेज सोशल साइट पर भी चल गया था, इसे लेकर भी पार्षदों में नाराजगी बढ़ गई थी। जिनका पत्र में कहना था कि सभी 14 पार्षदों को बिना विश्वास में लिए निर्णय लिया गया।


पिछले वर्ष मेयर चुनाव में सीनियर डिप्टी मेयर के पद पर हुई थी एक वोट क्रास 


                        आ.आ.पा. में गुटबाजी की पहली फूट तक दिखाई पड़ी थी जब पिछले वर्ष निगम में मेयर चुनाव के बाद सीनियर डिप्टी मेयर पद के चुनाव में एक वोट क्रास हुई थी। इसके बाद कई मौकों पर आप पार्षद ही एकजुट नहीं दिखे। सदन में शहर के दक्षिण सैक्टरों की सफाई का ठेका को लेकर प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कुछ आप पार्षद भाजपा पार्षदों का ही हाथ उठकर समर्थन करते दिखे। इस पर तब पार्टी की भंग हो चुकी इकाई के संयोजक ने उन सभी पार्षदों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया था। हालांकि बाद में इसे पार्षदों ने गलती करार दिया था। जिसके बाद यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया था।


सदन में किस माइंडसेट से जाएंगे आप पार्षद ? 


                        सबसे बड़ा सवाल यह है कि निगम सदन में अब आ.आ.पा.पार्षद किस माइंड सेट के साथ जाएंगे। ताजा घटनाक्रम अगले वर्ष 2024 लोक सभा चुनाव की तैयारी की दिशा में शुभ संकेत नहीं माना जा सकता है। जनता के बीच विश्वास बनाकर ही आप पहली बार निगम सदन में पहुंची थी। अब वहीं दल टूट की कगार पर है। देखने वाली बात यह होगी कि नई इकाई का गठन कब तक होता है। स्थानीय स्तर के बड़े नेता कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं है।


मेयर चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस – भाजपा के पार्षद हाथ से फिसल गए


                        मेयर चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस और भाजपा के एक-एक पार्षद आते आते हाथ से फिसल गए। इस रणनीतिक और सियासी चूक को लेकर भी असंतोष फैला हुआ है। दावा यह भी किया जा रहा है कि यह चूक नहीं होती तो निगम इतिहास में पहली बार आप का मेयर बनता। पिछले वर्ष मेयर चुनाव में भी पार्टी एक अयोग्य वोट से चूक गई थी। पार्टी अदालत की कानूनी लड़ाई भी हार गई।


चंडीगढ़ यूनिट भंग होने के बाद भी नेताओं के पद पर बने रहने के दावे 


                        वहीं, चंडीगढ़ यूनिट भंग होने के साथ दावा किया जा रहा है कि आप चंडीगढ़ इकाई के नए ढांचे की घोषणा होने तक स्थानीय स्तर के नेता  पहले की तरह अपने पद पर बने रहेंगे। हालांकि इसे लेकर अस्पष्ट स्थिति है।  वहीं, दावा किया गया कि पार्टी के सांगठनिक ढांचे को बूथ से लेकर शीर्ष स्तर तक मजबूत और कारगर बनाने की से यह फैसला लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही नई संरचना की घोषणा भी की जाएगी। इसमें सक्षम और मेहनती कार्यकतार्ओं और नेताओं की जिम्मेदारियों को बढ़ाया जाएगा और उनकी जिम्मेदारियों को भी आपस में बांटा जाएगा ताकि आम आदमी पार्टी एक मजबूत और संगठित टीम के रूप में उभार सके।

उत्तराखंड प्रकोष्ठ ने गरीब तबके के परिवारजनों को बांटा राशन व कंबल

डेमोक्रेक फ्रंट संवाददाता, चंडीगढ़ – 2 जनवरी :

            भाजपा चंडीगढ़ के उत्तराखंड प्रकोष्ठ ने प्रकोष्ठ के चेयरमैन भूपेंद्र शर्मा के नेतृत्व में नए वर्ष पर शहर के विभिन्न हिस्सों में सेक्टर 45 व दड़वा में गरीब तबके के लोगों व मजदूरों को राशन व कम्बल बांटे और भगवान से उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। इतना ही नही नव वर्ष पर वे जय माँ धारी देवी  संकीर्तन मंडली  द्वारा आयोजित कीर्तन दरबार में मुख्यातिथि के रुप में शामिल हुए और जहां उन्होंने संकीर्तन मंडलियों को धार्मिक गतिविधियों को बनाये रखने के साथ साथ सामाजिक गतिविधियों में भी उत्साहपूर्वक हिस्सा लेने की अपील की, ताकि दोनों गतिविधियों का निर्वाह हो सके। 

            वही दूसरी ओर भूपेंद्र शर्मा को नव वर्ष पर दड़वा में उत्तराखंड मातृ संगठन- जो सामाजिक संगठन है, ने उनके सामाजिक व कल्याणकारी छवि के चलते सम्मानित किया। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों के साथ मिलकर उन्होंने विशाल भंडारे का आयोजन किया और गरीब व जरूरतमंद लोगों को ऊनी कपड़े व राशन वितरीत किया।

            इस अवसर पर भूपेंद्र शर्मा ने कहा कि वे सामाजिक कार्यों को करने के प्रतिबद्ध हैं और समय समय पर लोगों की परेशानियों को हल करने का प्रयास भी करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी जरूरतमंद व गरीब या मजदूर उनसे किसी भी प्रकार की सहायता ले सकता है और इसके लिए वे सदैव तत्परता से काम करेंगे।

            भूपेंद्र शर्मा के साथ इस दौरान वीरपाल सिंह नेगी, बुद्धि चंद डोंडियल, प्रकाश चंद  शर्मा शशि पांडे महावीर प्रसाद भंडारी उपस्थित थे।