तुम अख़बार हो तो बेखबर मैं भी नहीं

‘पुरनूर’ कोरल, चंडीगढ़ :

मीडिया में बाज़ार का दखल प्रत्यक्ष रूप में बढ़ता जा रहा है हालांकि कुछ अखबारें हमेशा से ही स्वयं को उपभोग वस्तु की श्रेणी में शामिल करती रही है जैसे कि लिख देना अ प्रोडक्ट ऑफ ….। लेकिन खबरों से ज़्यादा विज्ञापनों को स्थान देने के लिए अखबार के पन्नों में इज़ाफ़ा कर दिया गया।

अब अखबार मिशन नहीं व्यवसाय बन गया है । आजकल मिशन रखने वाले पत्रकारों को पागल कहते हैं अखबार रंगदार हो गए। धन और ताकत का स्रोत बन गए हैं । असल मे वर्ष 1995 में तत्कालीन वित्तमंत्री मनमोहन सिंह ने उदारीकरण के नाम पर अर्थव्यवस्था खोल दी थी यह उसी का नतीजा है।

अमर्यादित तरीके से विज्ञापन हथियाने के लिए राजनेताओं और व्यवसायियों की चाटूकारिता करना , जहाँ ये न चले वहाँ ब्लैकमेलिंग के हथियार खुलकर इस्तेमाल किये जाते हैं।

बहुत बदल गया है मीडिया

आज माँ से बात कर रही थी तो उन्होंने बताया कि पहले सम्पादक स्वयं एक संस्था होते थे जो अब कमज़ोर हो गई पहले सम्पादक अपने संवादाताओं से अक्सर कहते थे इन विज्ञापन वालों से दूर रहना । बहुत चिढ़ते थे अखबार की मार्केटिंग टीम से लेकिन अब सब बदल गया। अखबारों के प्रबंधन किसी सम्पादक की नियुक्ति के समय टारगेट बाँध देते है और इसी तरह सम्पादक भी अपने अधीनस्थ पत्रकारों के टारगेट फिक्स कर देते हैं। जनरल मैनेजर (मार्केटिंग) सम्पादक का पर्याय बन गया है।

मीडिया में बाज़ारवाद का प्रभाव इस कद्र बढ़ गया है कि दौलत का अंबार ठिकाने लगाने के लिए इन संस्थाओं द्वारा अलग नामों से नित्य नए अखबार और चैनल चलाये जा रहे हैं।

एक और चीज़ ” मीडिया ट्रायल”

बहुत ही भयानक साबित होता है कई बार। हालांकि कई मामलों में यह कारगार भी साबित हुआ लेकिन ज़्यादातर सेल्फ स्टाइल्ड जासूसी पत्रकार जल्दबाजी में कानूनी प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं।

समाचारों और विचारों में बाज़ार इस कदर हावी है कि ख़बर और विज्ञापन में अन्तर कर पाना मुश्किल लगता है। यहाँ तक कि कुछ अख़बार तो श्राद्ध पक्ष के दौरान भी पुष्य नक्षत्र के आगमन के प्रायोजित समाचार छापकर पाठकों को बेवकूफ़ बनाने से बाज नहीं आते. तमाम अख़बार ख़रीदारी के लिए तरह-तरह के मेले लगाने को अपना परम कर्त्तव्य मान बैठे हैं. यह पाठकों के खिलाफ़ एक गहरी मीडियाई साजिश है।

रौनकें कहाँ दिखायी देती हैं अब पहले जैसी,
अख़बारों के इश्तेहार बताते हैं, कोई त्यौहार आया है!

राजस्थान काँग्रेस में आज निकलेगा रास्ता , विधायक दल की बैठक

गेहलोत मंत्री मण्डल मे फेर बदल पर होगा मंथन

अजय माकन ओर के सी वेणुगोपाल भी रहेंगे मोजूद

एंकाउंटर का खोफ या कार्यवाई कि दहशत, योगिराज में हाथ उठा पैदल चल कर ठाणे मीन आत्मसमरपर्ण कर रहे गैंगस्टर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ता संभालने के बाद ही अपराधियों को ललकारते हुए कहा था कि, अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा या तो अपराधी जेल में होंगे या या फिर अपराधी उत्तर प्रदेश से पलायन कर जाएं। अब हालात यह हैं कि पुलिस के लगातार दबाव एवं अन्य कानूनी कार्रवाई के डर से शुक्रवार को वांछित गैंगस्टर के तीन आरोपी मोमीन, इंतजार व मंगता निवासी गांव रामड़ा थाना कैराना पहुंचे और पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।

यूपी(ब्यूरो):

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार बढ़ते अपराधों पर नकेल कसने के लिए ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है। प्रदेश की पुलिस कुख्यात अपराधियों और उनके गिरोह के अन्य सहयोगियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। यही कारण है कि योगी सरकार के डर से राज्य के अधिकतर थानों से फरार अपराधी खुद ही पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर रहे हैं। ताजा मामला यूपी के शामली जिले का है।

शनिवार (24 जुलाई 2021) को शामली के तीन गैंगस्टर्स मोमीन पुत्र समसुदीन, इन्तजार पुत्र बशीर और मंगता पुत्र नूरहसन निवासी ग्राम रामडा पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी के डर से हाथ उठाकर थाने पहुँचे और आत्मसमर्पण कर दिया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सभी गैंगस्टर्स ने कहा कि वो अपराध से तौबा कर भविष्य में अपराध न करने की कसम खाते हैं। पुलिस अधीक्षक शामली सुकीर्ति माधव ने बताया कि आरोपितों के खिलाफ थाना कैराना पर बलवा, हत्या का प्रयास के केस पहले से ही पंजीकृत हैं, जिन पर अंकुश लगाने के लिए आरोपितों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की गई है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने कैराना कोतवाली में गैंगस्टर एक्ट में वांछित चल रहे तीनों गैंगस्टरों को गिरफ्तार कर चालान कर दिया है।

आपराधिक इतिहास मोमीन
1. मु0अ0सं0 606/17 धारा 147/148/149/307/336/353 भादवि व 7 सीएलए एक्ट थाना कैराना।
2. मु0अ0सं0 66/21 धारा 2/3 गैगस्टर एक्ट थाना कैराना जनपद शामली।
आपराधिक इतिहास इन्तजार
1. मु0अ0सं0 606/17 धारा 147/148/149/307/336/353 भादवि व 7 सीएलए एक्ट थाना कैराना।
2. मु0अ0सं0 66/21 धारा 2/3 गैगस्टर एक्ट थाना कैराना जनपद शामली।
आपराधिक इतिहास मंगता
1. मु0अ0सं0 606/17 धारा- 147/148/149/307/336/353 भादवि व 7 सीएलए एक्ट थाना कैराना जनपद शामली।
2. मु0अ0सं0 531/16 धारा 354ख/323/504/506 भादवि थाना कैराना जनपद शामली।
3. मु0अ0स0 66/21 धारा 2/3 गैगस्टर एक्ट थाना कैराना जनपद शामली।

गौरतलब है कि योगी सरकार के कार्यकाल में गैंगस्टर अधिनियम के तहत कुल 15 अरब 74 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध संपत्ति को जब्त किया गया है। इसमें सर्वाधिक कार्रवाई जनवरी 2020 से अब तक की गई है। इस दौरान रिकॉर्ड कुल 13 अरब, 22 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध संपत्ति गैगेंस्टर अधिनियम के तहत जब्त की है।

पूर्व मुख्य मंत्री चंद्रमोहन ने पंचकुला में वायु शुद्धि यंत्र लगवाने की मांग की

पंचकूला 24 जुलाई:

हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्रमोहन ने ,हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर  लाल खट्टर, जिनके पास पर्यावरण विभाग भी है, से मांग की है कि चंडीगढ़ की तर्ज पर पंचकूला में भी वायुशुद्धि करण यंत्रो की स्थापना की जाए, ताकि दूषित पर्यावरण के कारण लोगों में हो रही सांस की बीमारी को फैलने से रोका जा सके। उल्लेखनीय है कि चंडीगढ़ में ट्रिब्यून चौक और ट्रान्सपोरट चौंक पर वायुशुद्धिकरण संयंत्रो यानि एयर पुरिफाई संयंत्रो की स्थापना की जा रही है।

                              ‌                चन्द्र मोहन ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि वह पर्यावरण प्रदुषण की समस्या के निदान के लिए पंचकूला में सबसे पहले  वायुशुद्धिकरण  संयंत्र  स्थापित करने के लिए पर्यावरण विभाग को आदेश दे, क्योंकि पंचकूला ट्राईसिटी का एक उभरता हुआ शहर है तथा यह तीनों शहर एक दूसरे के पूरक भी हैं।

                                    ‌    उन्होंने मांग की है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए पर्यावरण विभाग को निर्देश दिए जाएं कि इस की शुरूआत पंचकूला से की जाए। इसके साथ ही प्रदेश के जो बड़े- बड़े शहर है ,वहां पर भी स्वच्छ  पर्यावरण की  गम्भीर समस्या रुप धारण करती जा रही है,विशेष कर गुरुग्राम और फरीदाबाद में जहां पर उधोगों की बढ़ती हुई  संख्या ने स्वच्छ पर्यावरण  के अस्तित्व पर ही सवाल खड़े कर दिए गए हैं।

              ‌                            चन्द्र मोहन ने कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा करने के लिए ही  पर्यावरण प्रेमी, तत्कालीन केन्द्रीय मंत्री चौधरी भजनलाल के आग्रह पर प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने एक अलग पर्यावरण मंत्रालय का गठन किया था और देश का पहला केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री चौधरी भजनलाल को बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ और चौधरी भजनलाल ने इसे सिद्ध करके भी दिखलाया, सबसे पहले  उन्होंने  दिल्ली में बैटरी – चालित बसों की शुरुआत करवाई थी, उसका असर यह हुआ कि  आज ई- रिक्शा और बैटरी और सीएनजी कारों का प्रचलन दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है।

   ‌      ‌                        उन्होंने कहा कि डीजल और पेट्रोल की गाड़ियों के कारण भी पर्यावरण दूषित हो रहा है। इसके अतिरिक्त बड़े- बड़े उधोग भी पर्यावरण दूषित करने में अहम योगदान दे रहे हैं। अगर यही हालात रहे तो दूषित पर्यावरण के कारण भविष्य में सांस लेना भी दुभर  हो जाएगा। इस लिए हमारा सबका यह नैतिक दायित्व है कि पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित करें ।

                    चंद्रमोहन ने कहा कि पर्यावरण  की रक्षा करने के लिए सरकार को ही नहीं अपितु  सभी  लोगों को एक जूट होकर इसकी रक्षा करने का संकल्प लेना चाहिए ताकि भविष्य में आने वाली पीढ़ियों को इस भयावह स्थिति से बचाया जा सके।        

गज़ब संजोग के बाद अब OBC का प्रमाण पत्र भी जाली : गोवर्धन

अपनों को मलाई बांटने में जिस बिंदास तरीके से कॉंग्रेस आगे राहत है उससे तो बड़े से बड़े धृतराष्ट्र भी शर्मा जाएँ। हालिया मामला राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RPSC) 2016 और 2018 के इंटरव्यू में तीन अभ्यर्थियों के सामान नंबर आने के बाद सोशल मीडिया पर बवाल मचा हुआ है। इस मामले में पीसीसी चीफ और प्रदेश के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा विवादों से घिर गए हैं. दरअसल, गोविंद सिंह डोटासरा की बहू प्रतिभा को आरएएस 2016 में 80 नंबर मिले थे। वहीं, आरएएस 2018 में प्रतिभा के भाई गौरव और बहन प्रभा को इंटरव्यू में 80-80 नंबर मिले हैं। गजबा संजोग है। इससे संबंधित सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल होने के बाद बीजेपी ने शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा पर पद के दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है।जबकि लिखित परीक्षा में इन “प्रतिभावान” प्रतियोगियों को क्रमश: 50.25%, और 47.44% – 45.81% अन प्राप्त हुए बताए जाते हैं।

राजस्थान कॉन्ग्रेस अध्यक्ष और अशोक गहलोत सरकार में शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा के रिश्तेदारों को राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) के इंटरव्यू में एक समान नंबर मिलने का मामला अभी शांत नहीं हुआ था कि उन पर एक नया आरोप लगाया जा रहा है। जयपुर निवासी वकील गोवर्धन सिंह एवं अन्य ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के चेयरमैन को पत्र लिखकर कहा है कि डोटासरा के रिश्तेदारों ने RAS में चयनित होने के लिए OBC के फर्जी प्रमाण-पत्र का उपयोग किया है।

गोवर्धन एवं अन्य ने RPSC के चेयरमैन डॉ. भूपेन्द्र यादव एवं 7 अन्य सदस्यों को पत्र लिखा है। इसमें बताया गया है कि डोटासरा के समधी चुरू के जिला शिक्षा अधिकारी रमेश चंद्र पूनिया को सेवा में 32 वर्ष 3 माह की अवधि पूरी होने के बाद प्रधानाध्यापक पद पर प्रमोशन मिल गया था। ऐसे में उनकी संतान OBC क्रीमीलेयर में आएगी और उन्हें OBC आरक्षण का लाभ नहीं मिल सकता। गोवर्धन समेत अन्य ने आरोप लगाया है कि फिर भी रमेश चंद्र ने अपनी तीनों संतानों प्रतिभा, गौरव और प्रभा का OBC का प्रमाण-पत्र बनवा लिया। प्रतिभा डोटासरा की बहू हैं। वह RAS 2016 में ही चयनित हो गई थीं। उनके भाई गौरव और बहन प्रभा RAS 2018 में चयनित हुए हैं।

गोवर्धन एवं अन्य ने RPSC चेयरमैन डॉ. भूपेन्द्र यादव एवं 7 अन्य सदस्यों को भेजे गए पत्र में कहा है कि RPSC प्रशासन फर्जी प्रमा- पत्र मामले में सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज कराए अन्यथा RPSC चेयरमैन एवं अन्य सदस्यों एवं डोटासरा के रिश्तेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। सूचना-पत्र में बताया गया है कि फर्जी प्रमाण पत्र के मामले में आईपीसी की धारा 420, 409, 406, 467, 468, 471, 166, 167 और 120-B के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।

हालाँकि डोटासरा के समधी रमेश चंद्र पूनिया ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों का पूरी तरह से खंडन किया है। उन्होंने कहा कि बच्चों का OBC प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए उन्होंने वेतन संबंधी एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रशासन को उपलब्ध कराए जिसके बाद तय योग्यता के आधार पर ही उनके बच्चों का प्रमाण-पत्र जारी किया गया है।

ज्ञात हो कि पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब RAS 2018 के इंटरव्यू में डोटासरा की बहू के भाई-बहन को RAS इंटरव्यू में 80-80 नंबर मिले, जबकि दोनों ही लिखित परीक्षा में 50 फीसदी अंक भी प्राप्त नहीं कर सके। इसके अलावा RAS 2016 में चयनित डोटासरा की बहू प्रतिभा को भी इंटरव्यू में 80 नंबर ही मिले थे। वहीं डोटासरा के बेटे अविनाश को उस साल इंटरव्यू में 85 नंबर मिले थी। हालाँकि दोनों ही परीक्षाओं के टॉपर्स की बात करें तो RAS 2016 के टॉपर भवानी सिंह को इंटरव्यू में मात्र 70 नंबर, जबकि RAS 2018 की टॉपर मुक्ता राव को 77 नंबर मिले। RAS 2016 लिखित परीक्षा में अविनाश 50 फीसदी हासिल करने में नाकाम रहे थे तो प्रतिभा को 800 की लिखित परीक्षा में 402 नंबर मिले थे।

मीडिया खबरों के मुताबिक RAS के परिणाम सामने आने के बाद शिक्षा मंत्री डोटासरा पर पद के दुरुपयोग का आरोप भारतीय जनता पार्टी लगा रही है। भाजपा का कहना है कि शिक्षा मंत्री ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए रिश्तेदारों को अफसर बनवाने का काम किया है। लेकिन डोटासरा रिश्तेदारों को ‘प्रतिभावान’ बता इन सवालों को खारिज कर चुके हैं।

गौरतलब है कि डोटासरा के रिश्तेदारों को RAS के इंटरव्यू में एक समान नंबर मिलने के मामले के अलावा भी इंटरव्यू प्रक्रिया पहले से ही सवालों के घेरे में है। साक्षात्कार के दौरान ही 23 लाख रु. घूस लेकर अच्छे नंबर दिलाने के मामले में कनिष्ठ लेखाकार को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसमें राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की सदस्य राजकुमारी गुर्जर के पति का भी नाम सामने आया है।

अपनेपन का एहसास वारप्पा फॉउंडेशन

इन दिनों हम कई ऐसी गैरसरकारी संस्थाओं के बारे में सुन रहें हैं जिन्होंने कोरोना माहमारी में समाज सेवा को सर्वोपरि रखा और हर प्रकार से समाज के उत्थान हेतु कार्य किये।
लेकिन हम यह बात नही भूल सकते कि समाजवादी होने का कोई सीमित समय नही है जैसे कि यह माहमारी का समय समाज के किसी भी तथ्य को कभी भी कहीं भी और कैसी भी सेवा की ज़रूरत पड़ सकती है इसलिए, कुछ संस्थायें ऐसी भी है जो किसी माहमारी या disaster का इंतज़ार नही करती इन्ही संस्थाओं में एक नाम है वारप्पारा फाउंडेशन का

यह फॉउंडेशन दिल्ली में कार्यरत है और इसके अध्यक्ष राजेंद्र द्वारा संचालित संस्था के द्वारा दिल्ली की झुग्गी झोपड़ी और वृद्धाश्रम में जाकर उनकी सेवा करना तथा उनके दुःख सुख में शामिल होकर उनको अपनेपन का एहसास दिलाया जाता है। दिल्ली की झुग्गी झोपड़ी तथा अस्पतालों के बाहर जाकर भोजन वितरित करना और उनके रहने का मुकमल इंतजाम करना। इस संस्था की कोशिश रहती हैं कि दिल्ली में कोई भूखा न रहे एवं बुजुर्ग लोगो की सेवा हो।

कोरोना महामारी में Warapara Foundation दिल्ली की गरीब जनता के लिए मसीहा साबित हुई।

गुरू पूर्णिमा व्यास पूजा पर्व

भारतीय संस्‍कृति में गुरु का बहुत महत्‍व है और आषाढ़ महीने की पूर्णिमा को गुरु के लिए ही समर्पित किया गया है। इस पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा कहते हैं। इस दिन गुरुओं की पूजा-सम्‍मान किया जाता है और उनका आशीर्वाद लिया जाता है। दुनिया में मां के बाद गुरु को ही सबसे ऊंचा स्‍थान दिया गया है। इस बार 23 जुलाई को गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा। महाभारत के रचयिता महर्षि व्‍यास का जन्‍म भी आषाढ़ महीने की पूर्णिमा के दिन ही हुआ था इसलिए इसे व्‍यास पूर्णिमा भी कहते हैं। महर्षि वेद व्‍यास ने ही मानव जाति को वेदों का ज्ञान दिया है और उन्‍हें आदिगुरु माना जाता है। 

धर्म/संस्कृति डेस्क, चंडीगढ़:

हिन्दू धर्म में गुरु पूर्णिमा का विशेष दिन माना जाता है। देश भर में 24 जुलाई 2021 दिन शनिवार को आषाढ़-गुरु पूर्णिमा मनाई जाएगी। इस दिन अगर आप गंगा स्नान के बाद दान पूण्य का कार्य करते हैं तो यह आपके जीवन में शुभ फलदायी माना जाता है। इस तिथि को लेकर ऐसा माना जाता है कि इसी दिन आषाढ़ पूर्णिमा पर ही वेदों के रचयिता महर्षि वेदव्यास जी का जन्म हुआ था। इन के जन्म दिन के उपलक्ष्य पर ही सदियों से गुरु पूर्णिमा के दिन गुरु पूजन की परंपरा चली आ रही है। इस वजह से इस दिन को व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है।

Guru Purnima 2021: हिन्दू धर्म में गुरु पूर्णिमा का विशेष दिन माना जाता है। देश भर में 24 जुलाई 2021 दिन शनिवार को आषाढ़-गुरु पूर्णिमा मनाई जाएगी। इस दिन अगर आप गंगा स्नान के बाद दान पूण्य का कार्य करते हैं तो यह आपके जीवन में शुभ फलदायी माना जाता है। इस तिथि को लेकर ऐसा माना जाता है कि इसी दिन आषाढ़ पूर्णिमा पर ही वेदों के रचयिता महर्षि वेदव्यास जी का जन्म हुआ था। इन के जन्म दिन के उपलक्ष्य पर ही सदियों से गुरु पूर्णिमा के दिन गुरु पूजन की परंपरा चली आ रही है। इस वजह से इस दिन को व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है।

हिन्दू धर्म में कुल पुराणों की संख्या 18 है और इन सभी पुराणों के रचियता महर्षि वेदव्यास को ही माना जाता है। गुरु पूर्णिमा के दिन जो भी व्यक्ति विधि विधान के साथ पूजा-अर्चना करता है तो उसे शुभ फल की प्राप्ति होती है। इस खास दिन प्रीति और आयुष्मान योग में किए गए कार्यों में सफलता हासिल होती है। चलिए जानते हैं 24 जुलाई को गुरु पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त और उस दिन पड़ने वाले योग के बारे में.

पूर्णिमा तिथि 23 जुलाई 2021 दिन शुक्रवार की सुबह 10ः43 बजे से प्रारंभ होकर 24 जुलाई 2021 दिन शनिवार की सुबह 08ः06 बजे तक रहेगी। इस तिथि पर अगर बनने वाले योग के बारे में बात करें तो इस साल गुरु पूर्णिमा पर विष्कुंभ योग बन रहा है, जो सुबह 06ः12 बजे तक रहेगा। इसके बाद 25 जुलाई की सुबह 03ः16 बजे तक प्रीति योग रहेगा और तत्पश्चात आयुष्मान योग लगेगा। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार इस बार प्रीति योग और आयुष्मान योग का एक साथ बनना शुभ माना जा रहा है। प्रीति और आयुष्मान योग में किए गए कार्य सफल होते हैं। विष्कुंभ योग को वैदिक ज्योतिष में शुभ योगों में नहीं गिना जाता है। इसलिए यह अशुभ होता है।

गुरु पूर्णिमा पर ऐसे करें पूजा

Guru Purnima 2021: गुरु पूर्णिमा के दिन बन रहे ये खास योग, जानें शुभ मुहूर्त और तारीख
Guru Purnima 2021 सनातन धर्म में पूर्णिमा तिथि के दिन गंगा स्नान व दान बेहद शुभ फलकारी माना जाता है।

अगर आप गूरू पूर्णिमा पर विधि विधान के साथ पूजा कर लाभ अर्जित करना चाहते हैं तो इसके लिए आपके पास पान के पत्ते, पानी वाले नारियल, मोदक, कर्पूर, लौंग, इलायची होना चाहिए इनके साथ पूजन करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। ऐसी पूजा करने से सौ वाजस्नीय यज्ञ के समान फल मिलता है।

हिन्दू धर्म में पूर्णिमा का विशेष दिन माना जाता है ऐसा कहा जाता है कि अगर आप इस दिन गंगा में स्नान करते हैं तो इससे आप स्वस्थ्य और आयुवर्द्धक होते हैं। त्वचा रोग और दमा में बहुत लाभ मिलता है। इसलिए ऐसे मौके का लाभ उठाएं। इसके अलावा अगर कोविड-19 का संक्रमण देखें तो आप इसका लाभ घर में भी उठा सकते हैं। इसके लिए आप अपने नहाने युक्त जल में थोड़ा सा गंगा जल मिला लें। यह भी उतना ही फलदायी है जितना की गंगा जी में स्नान करना।

याज्ञवल्य ऋषि के वरदान से वृक्षराज को जीवनदान मिला था। इसलिए गुरु पूर्णिमा पर बरगद की भी पूजा की जाती है। इसके अलावा अगर आप गुरु पूर्णिमा की रात खीर बनाकर दान करते हैं तो इससे मानसिक शांति मिलती है। चंद्र ग्रह का प्रभाव भी दूर होकर लाभप्रद होता है।

आपदा में खुशियाँ बांटती मोक्ष फाउंडेशन

‘पुरनूर’ कोरल, चंडीगढ़:

जैसा कि हम सब जानते हैं कि कोरोना माहमारी के दौरान दुनिया भर ने खुद को न सिर्फ कोरोना की बीमारी से बचाने के लिए सब बन्द किया बल्कि सब बन्द होने के बाद का नतीजा भी देखा जब सारे काम बन्द होने के बाद गरीबों को और भी ग़रीबी का सामना करना पड़ा। हालात इस प्रकार हो गए थे कि 1 वक़्त के खाने का भी कोई बन्दोबस्त न था। इस दौरान लेकिन इस महामारी के चलते कई गैरसरकारी संगठनों ने समाज हित में पूर्ण रूप से कार्यरत रहीं, जिसमे उन्होंने गरीबो को राशन, दवाइयां, मास्क, सैनिटाइजर व अन्य आवश्यक चीज़ें मुहैया कराई और उनके इस कार्य को पूर्ण रूप से सराहा गया है।

इन्ही में शामिल है एक ऐसा संगठन मोक्ष फॉउंडेशन जो हर प्रकार से समाज में सेवा करने के लिए ततपर रही और इसकी अध्यक्षा एवं चाईल्ड और वीमेन कॉउन्सिल की चैयरपर्सन पूनम कपूर जो कि समाज सेवा में हर प्रकार से अहम भूमिका निभाती हैं। चाहे फिर वह ऊनी टीम के साथ झुग्गी झोपड़ी में जाकर महिला एवं बाल विकास को ध्यान में रखते हुए उनके लिए काम करना हो, या फिर महामारी में गरीब लोगों को खाने पीने एवं बाकी की आवश्यक चीज़ें पर्याप्त रूप से प्रदान करना।

वह हर परिस्तिथि में अडिग होकर एक समाज सेवी होने का कर्तव्य निभाती रहीं।

उत्तराखंड कॉंग्रेस में फेरबदल, रावत होंगे मुख्यमंत्री का चेहरा

पंजाब के बाद उत्तराखंड में भी कांग्रेस ने अंदरूनी कलह को दूर करते हुए सियासी संकट का समाधान निकाल लिया। इसके तहत हरीश रावत को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाने की बात तय हो गई। वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का पद गणेश गोदयाल सौंपा गया। वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह को विधायक दल का नेता चुना गया है।

उत्तराखंड (ब्यूरो):

उत्तराखंड से बड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड कांग्रेस ने गणेश गोदियाल को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाया है तो वहीं प्रीतम सिंह को नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। हरीश रावत कैम्पेन कमेटी के अध्यक्ष बनाए गए हैं और भुवन कापड़ी कार्यकरी अध्यक्ष बनाए गए हैं। उत्तराखंड में इंदिरा हृदयेश के निधन के बाद कांग्रेस में खाली हुई नेता प्रतिपक्ष की सीट पर फैसला नहीं हो पा रहा था।  कांग्रेस के तय कार्यक्रमों को देखकर ऐसा लग रहा है कि नेता प्रतिपक्ष और संगठनात्मक बदलाव पर अभी कुछ समय लग सकता है लेकिन, कांग्रेस ने अपने पत्ते खोल दिए हैं। 

कांग्रेस अध्यक्ष ने उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कार्यकारी अध्यक्ष नेता विधायक दल अध्यक्ष अध्यक्ष संयोजक चुनाव अभियान कमेटी एवं कोषाध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से नियुक्त किया है। इसके अतिरिक्त कांग्रेस स्नेह कोर कमेटी समन्वय कमेटी मेनिफेस्टो कमेटी चुनाव प्रबंधन कमेटी पब्लिक आउटरीच कमेटी कार्यक्रम कमेटी पी॰ई॰सी कमेटी एवं मीडिया कमेटी के गठन के प्रस्ताव को भी तुरंत प्रभाव से मंजूरी दी है।

पार्टी ने 72 वर्षीय हरीश रावत को चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाने के साथ ही उनके करीबी माने जाने वाले गोदियाल को प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कमान सौंपी है। कांग्रेस ने गोदियाल को अध्यक्ष बनाने के साथ ही जीत राम, भुवन कापड़ी, तिलक राज बेहड और रंजीत रावत को उत्तराखंड इकाई का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। आर्येंद्र शर्मा को उत्तराखंड कांग्रेस का कोषाध्यक्ष बनाया गया है।  प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रदीप टम्टा को चुनाव प्रचार समिति का उपाध्यक्ष और दिनेश अग्रवाल को इसका संयोजक बनाया गया है।

कांग्रेस के उत्तराखंड प्रभारी देवेंद्र यादव की अगुवाई में कोर कमेटी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के नेतृत्व में समन्वय समिति, पूर्व मंत्री नवप्रभात की अगुवाई में घोषणापत्र समिति, प्रकाश जोशी की अध्यक्षता में चुनाव प्रबंधन समिति, सुमित हृद्येश की अध्यक्षता में प्रचार समिति और कुछ अन्य समितियां गठित की गई हैं।

राष्ट्रहित के लिए फोन टेपिंग उचित : मनमोहन सिंह

तमाम तरह की मोबाइल फोन सेवा कंपनियों के 10 लाख से ज्यादा कनेक्शन पूरे साल केंद्रीय एजेंसियों की निगरानी में रहते हैं। सरकार अधिकारिक रूप से सिर्फ नई दिल्ली के 6000 फोनों को ही गुप्त रूप से सुनने की बात स्वीकार करेगी। सूची में 468 सैन्य अधिकारी शामिल है 44 के नाम भ्रष्टाचार में लिप्तता के संदेह में नजर रखी जा रही है। कॉर्पोरेट जगत की 200 बड़ी हस्तियां ज्यादा सीट पत्रकार इतनी ही संख्या में बिचौलिए हत्या सुरजनसर सौदागर दो दर्जन एनजीओ और लगभग 100 से ज्यादा हाई सोसाइटी के दलाल नशे के सौदागर और हवाला कॉरपोरेट्स ऑपरेटर शामिल हैं उनके समर्थक और कुख्यात अपराधी भी। सूची में सबसे छोटा नाम हथियारों के दलालों का है। छोटा किन्तु प्रभावी। कहीं यह सारा मामला किसी विशेष परिवार और हथियारों के दलालों से जड़ा हुआ तो नहीं?

‘पुरनूर’ कोरल, चंडीगढ़/ नयी दिल्ली :

आज जब मानसून सेशन चल रहा है, तो अचानक सेशन शुरू होने से ठीक एक दिन पहले पेगासस सपाईवेयर का डाटा लीक होता है और उसमें से भारत से संबन्धित गुप्त फोन टेपिंग के मामले उजागर हुए। विदेशी समाचार पत्र ने प्रधानमंत्री मोदी को एक बड़ा खलनायक बना कर प्रकाशित किया साथ ही भारत विरोधी विदेशी मीडिया ने इस खबर को हाथों हाथ लिया और खूब मिर्च मसाला ले कर छापा। भारत में यही काम उस मीडिया ने किया जिसे प्रधानमंत्री मोदी से और उनके राष्ट्रहित के कामों में कमियाँ दिखाई देते हैं।

मीडिया की खबरों को हाथों हाथ उठाने वाले विपक्ष ने मानसून सत्र को बाधित किया और इनहि दलों की विशेषकर कॉंग्रेस की क्षेत्रीय इकाइयां सड़कों पर उतार पड़ीं। जगह जगह प्रदर्शन, जगह जगह पत्रकार वार्ता मानों विदेशी मीडिया की देशी संस्कारण ने विपक्ष को संजीवनी चटा दी हो। विपक्ष चौगुने जोश से मोदी – शाह पर आक्रामक है।

जहां कॉंग्रेस पार्टी अपने आक्रामक रवैये और सदन को बार बार बाधित करने से केएचएसएच है वहीं पूर्व प्रधानमंत्री की एक वीडियो वाइरल हो रही है जिसमें वह अपने शासन काल में हु फोन टेपिंग ओ सही ठहरा रहे हैं। इस सब से कॉंग्रेस का दोगला पैन जागर होता है। की जो कुकर्म कॉंग्रेस के समय राष्ट्रहित में थे वही मोदी राज में देश द्रोह हैं।

पेगासस के खुलासे के फोन टैपिंग का मामला फिर गर्म हो गया है। पेगासस प्रोजेक्ट के खुलासों की पहली कड़ी में दावा किया गया है कि भारत सरकार पत्रकारों की जासूसी करा रही है। जासूसी इजराइली कंपनी NSO के स्पाईवेयर पेगासस के जरिए की जा रही है। आने वाले दिनों में और नामों के खुलासे होंगे जिनकी जासूसी हो रही है. माना जा रहा है इसमें पत्रकार, कानूनविद और नेता शामिल हैं। सरकार ने आरोपों से इंकार किया है। फोन टैपिंग के इस ताजा मामलों ने उन मामलों की याद दिला दी है, जिनके कारण कभी भारतीय राजनीति में भूचाल आया था।

इससे पहले भी पेगासस पर लगे थे आरोप

2019 में भी इजराइल द्वारा तैयार किया गया स्पाईवेयर पेगासस सुर्खियों में था. तब व्हाट्सएप की ओर से कहा गया था कि वह इजराइल की इस कंपनी के खिलाफ केस कर रहा है, क्योंकि इसी के जरिए लगभग 1400 लोगों के व्हाट्सएप की जानकारी उनके फोन से हैक की गई थी।

इसमे कई भारतीयों के नाम भी शामिल होने का आरोप था। रिपोर्ट के अनुसार पेगासस ने भारत के तकरीबन दो दर्जन बुद्धिजीवियों, वकीलों, दलित एक्टिविस्ट, पत्रकारों के अकाउंट की जानकारी को हैक किया था।

भारत में फोन टैपिंग के प्रमुख मामले

एक निजी चैनल की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में फोन टैपिंग की शुरूआत पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के जमाने में ही हो गई थी। उस समय यह आरोप खुद संचार मंत्री रफी अहमद किदवई ने लगाए थे। उन्होंने यह आरोप तत्कालीन गृहमंत्री सरदार पटेल पर लगाया था, जिसे उन्होंने तूल नहीं दिया।

  • सेना प्रमुख जनरल केएस थिमाया ने 1959 में अपने और आर्मी ऑफिस के फोन टैप होने का आरोप लगाया था।
  • नेहरू सरकार के ही एक और मंत्री टीटी कृष्णामाचारी ने 1962 में फोन टैप होने का आरोप लगाया था।
  • 1988 में कर्नाटक के मुख्यमंत्री पर आरोप
  • 1988 में कर्नाटक के तत्कालीन मुख्यमंत्री रामकृष्ण हेगड़े के कार्यकाल में भी फोन टैपिंग का बड़ा मामला सामने आया था. विपक्ष का आरोप था कि हेगड़े ने विपक्षी नेताओं के फोन टेप के आदेश देकर उनकी निजता में सेंध लगाई है।
  • एक निजी चैनल की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि जून 2004 से मार्च 2006 के बीच सरकार की एजेंसियों ने 40 हजार से ज्यादा फोन टैप किए थे।
  • 2006 में अमर सिंह ने यूपीए सरकार पर आरोप लगाया :
  • राज्यसभा सांसद अमर सिंह ने 2006 में दावा किया था कि इंटेलीजेंस ब्यूरो (IB) उनका फोन टैप कर रही है। अमर सिंह ने केंद्र की यूपीए सरकार और सोनिया गांधी पर फोन टैपिंग का आरोप लगाया था. यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबे समय तक चला।
  • 2011 में अमर सिंह ने केंद्र सरकार पर लगाए आरोपों को वापस ले लिया है. बाद में सुप्रीम कोर्ट ने अमर सिंह के फोन टेप को मीडिया में दिखाने या छापने पर लगी रोक भी हटा ली।
  • अक्टूबर 2007 में सरकार ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के फोन भी टेप करवाए. नीतीश कुमार तब अपने एक सहयोगी से बात कर रहे थे कि कैसे बिहार के लिए केंद्र से ज्यादा पैसा मांगा जाए।

नीरा राडिया मामले से आया था राजनीतिक भूचाल

देश के बड़े उद्योगपतियों रतन टाटा और मुकेश अंबानी की कंपनियों के लिए पीआर का काम कर चुकी नीरा राडिया के फोन टैप का मामला सामने आने के बाद देश में राजनीतिक भूचाल आ गया था। नीरा राडिया की विभिन्न उद्योगपतियों, राजनीतिज्ञों, अधिकारियों और पत्रकारों से फोन पर हुई बातचीत के ब्यौरे मीडिया में प्रकाशित हुए थे। ‘आउटलुक’ मैग्जीन ने अपनी वेबसाइट पर प्रमुखता से प्रकाशित एक खबर में कहा था कि उसे नीरा राडिया की बातचीत के 800 नए टेप मिले हैं। इस बातचीत के बाद से ही 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में नीरा राडिया की भूमिका पर सवाल उठने लगे थे।

मनमोहन सरकार पर कई नेताओं के फोन टैप करवाने का आरोप

एक साप्ताहिक पत्रिका ने अप्रैल 2010 में दावा किया था कि तत्कालीन यूपीए सरकार ने देश के कुछ शीर्ष नेताओं के फोन टैप करवाए हैं। इनमें तत्कालीन कृषि मंत्री शरद पवार, कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और सीपीएम के पूर्व महासचिव प्रकाश करात का नाम सामने आया था।

इस मसले में संयुक्त संसदीय समिति बनाने की मांग की गई, जिसे यूपीए सरकार ने खारिज कर दिया था।

अरुण जेटली का मामला

फरवरी 2013 में अरुण जेटली राज्यसभा में विपक्ष के नेता थे. उस समय उनके फोन टैपिंग मामले में करीब दस लोगों को गिरफ्तार किया गया था। यह मामला जनवरी में उस समय सामने आया था, जब विपक्ष ने सरकार पर जेटली का फोन टैप कराने का आरोप लगाया था।

जेटली की जासूसी के आरोप में दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने सहायक उपनिरीक्षक गोपाल, हेड कांस्टेबल हरीश, जासूस आलोक गुप्ता, सैफी और पुनीत के अलावा एक अन्य कांस्टेबल को गिरफ्तार किया गया था।

फोन टैपिंग के आरोप में इनकी कुर्सी गई

  • अपने राजनीतिक विरोधियों के फोन टेप करवाने के आरोप में कर्नाटक के मुख्यमंत्री रामकृष्ण हेगड़े को 1988 में कुर्सी छोड़ना पड़ी थी।
  • 1991 में तत्कालीन प्रधानमंत्री चंद्रशेखर पर फोन टैप कराने का आरोप लगा था, जिसके बाद उन्हें अपनी कुर्सी से हाथ धोना पड़ा था।

और भी मामले हैं…

  • हाल ही में कर्नाटक सांसद सुमलता अंबरीश ने दावा किया कि 2018-19 में राज्य में कांग्रेस-जेडीएस (JDS) सरकार के कार्यकाल के दौरान उनका टेलीफोन टैप किया गया था।
  • महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने कुछ ही दिन पहले विधानसभा में आरोप लगाया था कि साल 2016-17 में जब वो बीजेपी के सांसद थे तब उनका फोन टैप किया जा रहा था।
  • राजस्थान में पिछले महीने फोन टैप का मामला गरमाया था. यहां आरोप है कि गहलोत सरकार विधायकों के फोन टैप करवा रही है।