88 बोतलें अवैध शराब व बियर बरामद, 6 आरोपी दबोचे

पंचकूला 01 जून :-

मोहित हाण्डा भा॰पु॰से पूलिस उपायुक्त पंचकुला के निर्देशानुसार जिला पंचकुला मे लॉकडाउन के दौरान लगातार पेट्रोलिंग एवं गस्त पेट्रोलिंग कर क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री तथा लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करने वालो पर लगातार नजर रखी जा रही है । इन्ही दिशा निर्देशो के तहत पुलिस थाना मनसा देवी की टीम गस्त के दौरान सिंह द्वार के नजदीक मौजूद थी। तभी गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि चण्डीगढ़ की तरफ से तीन कारों मे अवैध शराब भरकर लाई जा रही है। इसी दौरान थोड़ी-थोड़ी देर बाद चार कारें चंडीगढ़ की तरफ से आती दिखाई दी। चारों कारों को बारी-बारी से शक के आधार पर रूकवाकर चैक किया गया तो तीन कारों मे से 11/11 बोतलें अवैध शराब व एक कार मे से 8 बोतलें अवैध शराब बरामद की गई।

पकड़े गए आरोपियों की पहचान सुनिल कुमार पुत्र योगेन्दर सिंह वासी ढकोली जिरकपुर पंजाब, नवीन कुमार पुत्र मदन लाल वासी जी0एच0-29, सैक्टर-20, पंचकूला, बहादुर सिंह पुत्र बसंत सिंह वासी गांव बलोटी पंचकूला, व अमित गम्भीर पुत्र हरबंस लाल गम्भीर वासी सावित्री एन्कलेव जिरकपुर पंजाब के रूप मे हुई । चारों आरोपियों को काबू कर उनके खिलाफ पुलिस थाना मनसा देवी में आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई ।

 वहीं दूसरी ओर सैक्टर 7/8 पंचकूला की डिवाइडिंग पर एक कार मे शराब लेकर आने की सूचना प्राप्त हुई । शक के आधार पर कार को रूकने का ईशारा किया गया । कार को रूकवार जब कार चालक से नाम पता पूछा गया तो आरोपी ने अपना नाम अमित कुमार पुत्र सुधीर कुमार वासी केशव विहार कुरुक्षेत्र बताया । जब आरोपी की कार को चेक किया गया तो उसमें से एक पेटी अवैध शराब तथा दो पेटी अवैध बियर की बरामद हुई । दूसरी ओर सैक्टर 9 पंचकूला में एक कार मे शराब लेकर आने की सूचना प्राप्त हुई । शक के आधार पर कार को रूकने का ईशारा किया गया। कार को रूकवाकर जब कार चालक से नाम पता पूछा गया तो आरोपी ने अपना नाम सिकंदर पुत्र बीर सिंह वासी गांव नंगल कालका पंचकूला बताया। जब उसकी कार को चैक किया गया तो उसमे से 11 बोतल बोतलें अवैध शराब बरामद की गई । दोनो आरोपियों को काबू कर उनके खिलाफ पुलिस थाना सैक्टर-5, पंचकूला में आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई ।

इसजैक के वर्कर्स वेतन वृद्धि संघर्ष में वर्कर्स को मिली ऐतिहासिक जीत

  सुशील पंडित, हरियाणा – जून 1

इसजैक हेवी इंजीनियरिंग लिमिटेड यमुनानगर व उसके वर्कर्स के मध्य वेतन वृद्धि से संबंधित मांग पत्र पर समझौता हुआ जो कि सितंबर 2018 से लंबित था। जिसमें बहुत से वित्तीय लाभ तथा अन्य सुविधाओं की मांग की गई थी। जिसको लेकर इसजैक के वर्कर लगातार प्रबंधन से मीटिंग कर रहे थे। और इसको लेकर 18 मई को  प्रबंधन व  श्रमिकों के मध्य वेतन वृद्धि का एक आपसी समझौता हुआ। जिसके अंतर्गत श्रमिकों को तकरीबन ₹4000 से लेकर ₹ 5300 तक प्रति माह वेतन वृद्धि हुई।  जिसमें 532 में  से 511 वर्कर्स को फैक्ट्री द्वारा 8 करोड रुपए का लाभ दिया जोकि इनका सितंबर 2018 से लेकर अप्रैल 2020 तक का बनता था।

इसजैक की प्रबंधक कमेटी ने भी लगातार कर्मचारी कल्याण नीति की पालना करते हुए श्रमिकों को काम पर लगा कर उनका मनोबल बनाए रखा। और उन्हें आर्थिक नुकसान ना हो और शांतिपूर्वक कारखाने में भी बिना मनमुटाव के कार्य चलता है इसीलिए प्रबंधन का बार-बार श्रमिक नेताओं के साथ संपर्क रहा और वेतन वृद्धि को समझौता करने का लगातार प्रयास जारी रहा। इसी के दौरान श्रमिकों ने अपने अधिकृत प्रतिनिधि टीम को भी बदल दिए। तथा प्रबंधन के प्रयासों के  चलते यह समझौता हो गया।

कोरोना  महामारी के चलते जहां एक और उद्योग बंद पड़े हैं उसके बावजूद भी जब प्रबंधन कमेटी ने बिना किसी श्रमिक का वेतन काटे उन्हें पूरा वेतन दिया। समझौते में  प्रबंधन की तरफ से रवि जैडका, कर्नल केएस राणा व आरके भारद्वाज और श्रमिकों की तरफ से अधिकृत प्रतिनिधि के रूप में नरेंद्र पाठक, मनप्रीत सिंह, गुरविंदर सिंह, मनोज कुमार,रामपाल, महेंद्र कुमार, गुरमीत सिंह व सुशील कुमार ने हस्ताक्षर किए । समझौते के समय शिवचरण व भरत सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। समझौते कराने में वासुदेव शर्मा बलदेव सिंह शेर सिंह व शिवचरण ने मुख्य भूमिका निभाई।

दीपक शर्मा, ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ऑफिसर फेडरेशन का निर्विरोध प्रधान चुने गये

चंडीगढ़ – 1 जून

दीपक शर्मा, जनरल  सेक्रेटरी, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ऑफिसर एसोसिएशन चंडीगढ़ सर्कल को उनके उल्लेखनीय कार्य को देखते हुए ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ऑफिसर फेडरेशन का निर्विरोध प्रधान चुना गया।

कोविड 19 के प्रकोप के कारण आल  इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ऑफीसर फेडरेशन ने चुनाव की प्रक्रिया वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हुई।

 दीपक शर्मा का जन्म  16 नवंबर , 1964 को शिमला में हुआ। बीएससी मेडिकल करने के उपरांत उन्होंने 19  जून 1985  में उन्होंने भारतीय स्टेट बैंक में ज्वाइन किया। कामरेड दीपक शर्मा प्रखर वक्ता भी हैं। उनकी न्युक्ति से अधिकारी वर्ग में ख़ुशी के लहर आ गई।

श्रीमती कमला देवी बंसल को सजल नेत्रों से दी विदाई

लिबर्टी परिवार के संस्थापक राजकुमार बंसल की पत्नी तथा उद्योगपति शम्मी बंसल की माता थी।

  मनोज त्यागी, करनाल – 30 मई:

करनाल के जाने माने उद्योगपति शम्मी बंसल जी की मातु श्री श्रीमती कमला देवी जी बंसल जी को आज करनाल के मुक्ति धाम शिवपुरी जुंडला गेट में सजल नेत्रों से अंतिम विदाई दी।उनका निधन गत देर रात हो गया था। 85 वर्षीय कमला देवी लिबर्टी परिवार की पहली पीढ़ी की सदस्य थी। उन्होंने अपने पति कैलाशवासी राज कुमार बंसल जी के साथ लिबर्टी की स्थापना में महत्त्वपूर्ण सहयोग दिया। उन्होंने समाजसेवा, और धार्मिक संस्कार अपने बच्चों को दिए।उन्होंने अपनी चौथी पीढ़ी को गोद में खिलाया। आज उनको मुखाग्नि उनके पुत्र सुनील बंसल ने दी।

इस अवसर पर लिबर्टी परिवार के शम्मी बंसल, रमन बंसल, संजय गुप्ता,  विवेक बंसल, अनुपम बंसल, आदेश गुप्ता , आदर्श गुप्ता, हरिश गुप्ता, राकेश गुप्ता,  अंकुर गुप्ता अमित गुप्ता, सुमित गुप्ता, अर्पण गुप्ता, अदिश गुप्ता, मनन बंसल, वैबव बंसल, पंकज गोयल, आयुष गुप्ता, रुचर बंसल, कनिश गुप्ता मेयर रेणु बाला गुप्ता बीजेपी जिलाध्यक्ष जगमोहन आनन्द,शमशेर सिंह नैन, कांग्रेस नेता रमेश सैनी, अग्रवाल समाज के दिग्गज नेता, समाजसेवी, पत्रकार साहित्यकार,उद्योगपति उपस्थित थे।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमन्त्री मनोहर लाल, सांसद संजय भाटिया, डीसी निशांत यादव ने श्रीमती कमला देवी के निधन पर शोक व्यक्त किया है।

दादुपुर नहर की घटिया मरम्मत से नाराज़ स्थानीय निवासी

दादुपुर के पास टूटी नहर की मरम्मत पुरानी बिल्डिंग के मलबे से की जा रही है जो की आने वाले बरसात के मौसम में बहुत ही घातक सिद्ध होने वाली है। यदि आने वाले समय में इस नहर को लेकर कोई आपदा आती है तो वह मानव निर्मित होगी, जिसका खामियाजा कई गांवों को जान माल के नुकसान से उठाना पड़ेगा। गाँव वाले इस बात से नाराज़ हैं की मरम्मत इत्यादि में पूरी प्रक्रिया नहीं निभाई जा रही और न ही सरकार की तरफ से कोई ठोस आश्वासन मिल रहा है।

कोशिक खान, छछरौली:

 दादूपुर गांव के पास टूटी नहर की पटरी को पुरानी बिल्डिंग का मलबा डालकर दुरुस्त किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग द्वारा नहर के किनारे मरम्मत करने के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। जिस जगह पर पुरानी बिल्डिंग का मलवा डालकर नहर के किनारे दुरुस्त किए जा रहे है। वहां से दोबारा बरसात में नहर की पटरी टूट पूरा गांव इसकी जद में आ सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि मिट्टी व पुराने बिल्डिंग मटेरियल से बनाए गए नहर के किनारे कितने मजबूत हो सकते हैं। इसका अंदाजा तो सभी लगा सकते हैं।

दादूपुर से बुढ़िया जाने वाली नहर की पटरी दादूपुर गांव के पास से क्षतिग्रस्त हो गई थी। सिंचाई विभाग द्वारा टूटी हुई नहर की पटरी में दादूपुर सिंचाई विभाग कैंप से तोड़ी जा रही पुरानी बिल्डिंग के मटेरियल को वहां पर डालकर नहर के किनारों को दुरुस्त कर दिया गया है। लोगों का कहना है कि क्षतिग्रस्त नहर की पटरी को अच्छी तरह मजबूती व कंक्रीट डालकर रिपेयर किया जाना चाहिए था। ताकि भविष्य में इस जगह से कभी पटरी न टूटती। सिंचाई विभाग मजबूत और टिकाऊ काम करने की बजाय टूटी हुई नहर की पटरी में मिट्टी व पुरानी बिल्डिंग के मटेरियल डालकर खानापूर्ति कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह खानापूर्ति आखिरकर कितनी कामयाब होगी इसका अंदाजा तो आने वाली बरसात मे लग ही जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि जिस जगह से पटरी क्षतिग्रस्त हुई है। अगर वहां से नहर की पटरी टूट गई तो इसका खामियाजा कई गांव को भुगतना पड़ेगा। सिंचाई विभाग रिपेयर के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति करने में लगा हुआ है।

उनका कहना है कि यह पहली बार देखा गया है कि पटरी रिपेयर का कार्य मिट्टी व पुराने बिल्डिंग मटेरियल डालकर किया जा रहा है। उनका कहना है कि विभाग द्वारा की जा रही इस लापरवाही का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ेगा।  ग्रामीणों का कहना है कि सिंचाई विभाग में बाढ़ बचाव राहत कार्य व नहरों के किनारों की रिपेयर आदि के कार्य बाकायदा टेंडर प्रणाली से कराए जाते हैं। जिसमें पत्थर व कंक्रीट द्वारा सभी कार्य किए जाते हैं। जिनकी मजबूती भी होती है। आबादी के बीचो बीच बहने वाली नहर के किनारों पर तो विशेष ध्यान दिया जाता है। उनको पक्की कंक्रीट द्वारा रिपेयर किया जाता है।

ग्रामीणों का कहना है कि मिट्टी व पुराने बिल्डिंग के मटेरियल डालकर किनारों की मरम्मत करना यह किस पॉलिसी के तहत कार्य किया जा रहा है। लोगों की मांग है कि नहर की पटरी को कंकरीट से रिपेयर कराया जाए। ताकि उसकी मजबूती बनी रहे और दर्जनों गांव इसकी चपेट में आने से बच जाएं। सिंचाई विभाग एसडीओ दादूपुर राजेश यादव का कहना है कि लाॅक डाउन की वजह से रिपेयर का टेंडर नहीं हुआ है। नहर की पटरी पर पुरानी टूटी हुई बिल्डिंग का मलवा बिना किसी रिकॉर्ड के ही डलवाया गया है। जब टेंडर होगा तो एस्टीमेट के हिसाब से किनारों की रिपेयर का कार्य मजबूती से कराया जाएगा।

अब 2 दिन भी साथ रहना सहमति संबंध माना जाता है : हाईकोर्ट

  •  लड़के पर लगाया  एक लाख जुर्माना भी डिवीजन बेच ने  किया माफ 

मनोज त्यागी, चंडीगढ़ – 26 :

लंबे समय तक संबंध बनाते हुए साथ रहना भी सहमति संबंध नहीं है यदि 2 दिन भी इस प्रकार साथ रहते हैं तो उसे भी सहमति  संबंध माना जाता है यह टिप्पणी पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई के दौरान दी सिंगल फेज के समक्ष याचिका दाखिल करते हुए हिसार के रहने वाले याची ने कहा था कि उसकी प्रेमिका उसके साथ सहमति संबंध में रह रही थी इस दौरान उसके परिजन उसे बलपूर्वक ले गए थे। ऐसे में लड़की के परिजनों ने उसकी कस्टडी लेकर लड़के को सौंपने के आदेश जारी करने की अपील की गई थी इस पर सिंगल बेंच ने कहा था कि ऐसा कोई सुबूत मौजूद नहीं है जिससे यह साबित किया जा सके कि लड़की लड़के के साथ सहमति संबंध में थी यह सब लड़की को बदनाम करने की साजिश है। इस टिप्पणी के साथ ही हाईकोर्ट ने लड़के पर ₹100000 का जुर्माना लगाते हुए लड़की को यह राशि अदा करने के आदेश दिए थे, सिंगल बेच के इस फैसले के खिलाफ डिवीजन बेंच में अपील की गई सुनवाई में बताया गया है कि लड़की के साथ थोड़े समय ही रही थी इसलिए उसे सहमति  संबंध नहीं माना जा सकता। हाई कोर्ट इस तर्क से सहमत नहीं हुआ उसने कहा कि यदि 2 दिन भी संबंध बनाते हुए साथ रह जाए तो वह सहमति से संबंध माना जाएगा।

लड़के की कस्टडी को लेकर की गई अपील पर हाईकोर्ट ने कहा क्योंकि लड़का 21 साल का नहीं है इसलिए वह विवाह नहीं कर सकता है और ना ही लड़की को उसकी कस्टडी दी जा सकती है, वहीं केस की परिस्थितियों को देखते हुए हाईकोर्ट ने लड़के पर लगा ₹100000 का जुर्माना माफ कर दिया

नवां शहर के राणेवाल कत्ल कांड की ‘आआपा’ ने की जोरदार निंदा

  • पाले हुए गुंडों से राजनैतिक विरोधियों के कत्ल करवा रहे हैं सत्ताधारी कांग्रेसी-हरपाल सिंह चीमा
  • पहले भी झूठे केस में फंसाया गया था मृतक ‘आआपा’ नेता को – जै कृष्ण सिंह रोड़ी

राकेश शाह, चण्डीगढ़ –  26 मई:

      आम आदमी पार्टी (आपा) के सीनियर व नेता प्रतिपक्ष हरपाल सिंह चीमा और गढ़शंकर से विधायक जै कृष्ण सिंह रोड़ी ने नवां शहर हलके के गांव राणेवाल में आम आदमी पार्टी के नेता और बूथ इंचार्ज परमजीत पम्मा की हुई हत्या की सख्त निंदा करते हुए इस को केवल राजनैतिक कत्ल करार दिया। 

      पार्टी हैडक्वाटर से जारी बयान के द्वारा हरपाल सिंह चीमा और जै कृष्ण सिंह रोड़ी ने परमजीत पम्मा के परिवार के साथ दुख व्यक्त करते हुए परिवार को इंसाफ और जालिम हत्यारों को सख्त सजा दिलवाने की बात कही। 

      हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि परमजीत पम्मा कत्ल केस में सत्ताधारी कांग्रेस के स्थानीय नेता और उनके कुछ संरक्षण वाले पुलिस कर्मी सीधे तौर पर शामिल हैं। इस लिए इस मामले की समयबद्ध न्यायिक जांच करवाई जाए। चीमा ने कहा कि एक हफ्ते के अंदर-अंदर नवां शहर जिले में एक ही तरह का यह दूसरा कत्ल है। राहों के पत्रकार मनप्रीत मांगट की हत्या भी इसी तरह राजनीतिज्ञों और माफिया की जुगलबन्दी का नतीजा था, क्योंकि बतौर पत्रकार मांगट रेत माफिया के विरुद्ध आवाज बुलंद रखता था। इसी तरह परमजीत पम्मा भी आम आदमी पार्टी का निडर नेता और अच्छा प्रवक्ता होने के साथ-साथ पार्टी को संगठनात्मक स्तर पर मजबूत करने में जुटा हुआ था। परमजीत पम्मा की बुलंद आवाज और राजनैतिक गतिविधियां नवां शहर के सत्ताधारी नेताओं को लगातार चुभती आ रही थी। 

      जै कृष्ण सिंह रोड़ी ने कहा कि परमजीत पम्मा को स्थानीय कांग्रेसी नेता ने पहले भी एक झूठे केस में फंसाया था।

      आपा नेताओं ने कहा कि जितनी दरिन्दगी के साथ जीप के नीचे परमजीत पम्मा को बार-बार कुचला गया, यह पेशावर कातिलों का काम है जो स्थानीय कांग्रेसी नेता ने पाले हुए हैं।

      चीमा और रोड़ी ने कहा कि ऐसे घिनौने अपराध राज्य में कानून व्यवस्था की बजाए जंगलराज के कारण लगातार घट रही हैं, परंतु मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह (जिनके पास गृह विभाग भी है) को कोई परवाह नहीं है। वह अपने सिसवा फार्महाउस पर बैठ कर अपनी डगमगा रही कुर्सी को लंच-डिनर डिप्लोमेसी के साथ बचाने में व्यस्त हैं, परंतु जर्जर कानून व्यवस्था ने पंजाब के आम लोगों का जीना कठिन कर दिया है।

चमन गार्डन कपड़ा व्यापारी पर कोरोना के लक्षण छुपाकर महामारी फैलाने के अपराध में किया मुकदमा दर्ज ,

 पुलिस अधीक्षक सुरेंदर सिंह भोरिया की अपील:

  •  कोरोना के लक्षण मिलने पर तुरंत कराए जांच 
  • करनाल के  कपड़ा व्यापारी द्वारा दिल्ली से आने बारे सूचना छुपाने व महामारी के लिए सरकार के आदेशों की अवहेलना करने पर कई धाराओं के तहत किया गया मुकदमा दर्ज 

 मनोज त्यागी, करनाल – 25 मई:

  जिला करनाल में चमन गार्डन इलाके में पिछले दो दिनों में एक ही परिवार के सात सदस्य कोरोना संक्रमित पाये गये है। जिस कारण चमन गार्डन करनाल को सील कर दिया गया है। आपको बता दें कि कुछ दिन पहले सुशील कुमार गर्ग पुत्र रामकुमार वासी म.न0.12ए/2बी चमन गार्डन करनाल व दो अन्य व्यक्ति किसी काम के सिलसिले से दिल्ली गये थे। वह दिल्ली से दिनांक 05 मई को करनाल वापिस लौटे। सुशील कुमार गर्ग उपरोक्त की करनाल में कपडे़ की दुकान है। दिल्ली से आने के बाद वह अपनी दुकान पर काम करने लगा। जैसे ही सुशील गर्ग के पडोसियों को उसकी ट्रैवल हिस्ट्री का पता चला तब सुशील कुमार गर्ग पर कोरोना टेस्ट कराने का दवाब बनाया गया। सुशील गर्ग द्वारा कोरोना टेस्ट कराने के बाद सुशील गर्ग व उसके परिवार के 06 अन्य सदस्यों की कोरोना रिर्पाेट  पोजिटिव आई। पूछताछ में सुशील कुमार ने अपनी ट्रैवल हिस्ट्री की बात स्वीकार की। जैसा कि आप सभी को विदित है कि इस समय कोरोना महामारी अपने चरम पर है। जिसके कारण सरकार द्वारा धारा 144 लागू की हुई है। सुशील कुमार उपरोक्त ने अपनी ट्रैवल हिस्ट्री छुपा कर महामारी में सरकार द्वारा दिये आदेशो की अवहेलना की है। व कोरोना फैलाने का काम किया है। इस संबंध में उसके खिलाफ धारा 188,269,270 भा.द.स. और 51 डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत थाना सिटी करनाल में मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही अमल में लाई गई।

        पुलिस अधीक्षक करनाल श्री सुरेंद्र सिंह भौरिया ने करनाल वासीयों से अपील करते हुये कहा कि कोई भी व्यक्ति अपने आप में कोरोना के लक्षण मिलने पर लक्षण छुपाये नही। अगर किसी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण पाये जाते हैं तो तुरंत अपना कोरोना टेस्ट करवाये। और अपने आप को क्वारंटाईन करे। ऐसा करके वह एक जिम्मेवार नागरिक बने। लक्षण छुपाने पर उस व्यक्ति के खिलाफ लॉकडाउन के नियमों की उल्लंघना करने व महामारी फैलाने के अपराध में मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही की जायेगी

राधा स्वामी सत्संग भवन के शेल्टर होम में प्रवासी मजदूर की बेटी ने उपायुक्त की मौजूदगी में केक काटकर मनाया जन्मदिन

  • प्रवासी मजदूर हमारे अतिथि, जिले से अब तक 200 बसों व 3 रेलगाडिय़ों के माध्यम से करीब 10 हजार प्रवासी मजदूरों को भेजा जा चुका है उनके गृह क्षेत्र:- डीसी निशांत कुमार यादव।
  • उपायुक्त ने बिहार के लिए प्रवासी मजदूरों को बसों में बिठाकर किया रवाना, फूल देकर किया सम्मान।
  • 1400 प्रवासी मजदूर भेजे अम्बाला रेलवे स्टेशन पर, रेलगाड़ी से बिहार के लिए रवाना।

मनोज त्यागी, करनाल 25 मई:

 प्रवासी मजदूरों को उनके गृह क्षेत्र में भेजने का सिलसिला लगातार जारी है, करनाल में रूके सैंकड़ों प्रवासी मजदूरों को हर संभव सहयोग दिया जा रहा है। प्रवासी मजदूर भी जिला प्रशासन व शहर के समाज सेवियों के साथ अब अपना सा व्यवहार करने लग गए है। सोमवार को उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने जीटी रोड़ स्थित राधा स्वामी शेल्टर होम मेें जाकर प्रवासी मजदूरों को बसों में बिठाया और उनके सम्मान में फूल भेंट किए। इतना ही नहीं प्रवासी मजदूर की लडक़ी काजल का जन्मदिन भी शेल्टर होम में केक काटकर उपायुक्त की उपस्थिति में मनाया गया। जिला प्रशासन की इस पहल से सभी प्रवासी काफी खुश दिखाई दिए और जोर-जोर से भारत माता का जयकारा लगाने लगे।

उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि प्रवासी मजदूर हमारे अतिथि है, इनका सम्मान करना हमारी प्राथमिकता है। इन मजदूरों ने प्रशासन का सहयोग किया और खुशी के साथ इन्हें इनके गृह क्षेत्र में भेजा जा रहा है। सभी प्रवासी मजदूर अपने गृह क्षेत्र में जाने के लिए काफी खुश दिखाई दिए और हाथ जोडक़र करनाल के लोगों द्वारा की गई सेवा के लिए उनका आभार व्यक्त कर रहे थे। उपायुक्त ने बताया कि आज करीब 1400 प्रवासी मजदूरों को बसों के माध्यमk से अम्बाला छावनी रेलवे स्टेशन पर भेजा गया। यहां से सभी मजदूर रेलगाड़ी के माध्यम से बिहार अपने गृह क्षेत्र में जाएंगे। इन सभी मजदूरों को जरूरी खाने की सामग्री, पानी, मास्क व सेनेटाईजर भी दिया गया और सभी से अनुरोध किया गया कि वह    सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने बताया कि करीब 200 बसें व 3 तीन रेलगाडिय़ों के माध्यम से अब तक करीब 10 हजार मजदूर जिले से भेजे जा चुके है।

अतिरिक्त उपायुक्त अनीश यादव ने बताया कि जिले से प्रवासी मजदूरों का उनके गृह क्षेत्र में भेजने का सिलसिला लगातार जारी है। जिले से अभी तक करीब 10 हजार प्रवासी मजदूरों को बसों, व रेलगाड़ी के माध्यम से उनके घरों तक निशुल्क भेजा जा रहा है। प्रवासी मजदूर हरियाणा सरकार की इस नीति पर काफी खुश दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्हीं प्रवासी मजदूरों को निशुल्क भेजा जा रहा है, जिन्होंने अपने घर जाने के लिए जिला प्रशासन के पास अपना नाम रजिस्ट्रड किया है। जब प्रवासी मजदूरों को उनके घर भेजने के लिए बसों में बिठाते है तो उनमें से कुछ इतने भावुक हो जाते हैं कि वह अधिकारियों से हाथ जोडक़र क्षमा मांगते हैं कि इंस दौर में उनसे कोई गलती हो गई हो तो वह क्षमा करना। उन्होंने बताया कि किसी भी मजदूर से एक भी पैसा वसूल नहीं किया जाता। उन्हें रास्ते के लिए खाना, पीने के पानी की बोतल, मास्क व सैनिटाईजर उपलब्ध करवाया जाता है तथा इसके साथ ही साथ उन्हें निशुल्क टिकट भी दी जाती है। इस मौके पर एसडीएम करनाल नरेन्द्र पाल मलिक, जिला राजस्व अधिकारी श्यामलाल व प्रोजेक्ट ऑफिसर प्रवीन मोर भी मौजूद रहे।

बलबीर सिंह सीनियर की उपलब्धियां हमारे लिए हमेशा मार्गदर्शन प्रकाश का स्रोत बनी रहेंगीः राणा सोढी

  • बलबीर सिंह सीनियर के निधन पर गहरा दुख किया प्रकट
  • उनके लिए भारत रत्न कि की मांग

राकेश शाह, चंडीगढ़ –  25 मईः

पंजाब के खेल मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी ने बलबीर सिंह सीनियर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है जिन्होंने सोमवार सुबह मोहाली में अपनी अंतिम सांस ली। तीन बार के ओलंपिक चैंपियन और विश्व कप विजेता टीम के प्रबंधक 8 मई 2020 से अपने जीवन की जंग लड़ रहे थे।

युवाओं के लिए मार्गदर्शक प्रकाश के रूप में उनकी उपलब्धियों को याद करते हुए राणा सोढ़ी ने कहा कि 1948, 1952 और 1956 के ग्रीष्मकालीन खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले बलबीर सिंह सीनियर भारतीय खेल इतिहास में सबसे अधिक अलंकृत ओलंपियन थे। वह राष्ट्रीय टीम के कोच बने जिसने 1971 के विश्व कप में कांस्य पदक जीता। फिर उन्होंने 1975 के विश्व कप में टीम का मार्गदर्शन करते हुए भारत को विश्व विजेता बनने में सहायता की। उन्होंने 1952 के हेलसिंकी ओलंपिक के स्वर्ण पदक मैच में नीदरलैंड पर भारत की 6-1 की जीत में पांच गोल दागे थे। उनकी कप्तानी में, भारत ने 38 गोल किए और 1956 के मेलबर्न ओलंपिक में बिनी किसी हार के स्वर्ण पदक हासिल किया।

खेल मंत्री ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘आज, हमने न केवल अपने सबसे बड़े प्रतिष्ठित खिलाड़ी को खो दिया है, बल्कि हमने ‘हमारे मार्गदर्शक प्रकाश’’ को भी खो दिया है। वह खेल के सबसे बड़े प्रशंसक थे और जब कभी भी हमें उनके मार्गदर्शन की जरूरत पड़ी तो वह हमेशा मौजूद रहे। हॉकी ने अपने चमकते सितारे को खो दिया है और साथ ही यह बुरा समाचार सुनकर खेल से जुड़ा हर व्यक्ति दुखी है।

उन्होंने आगे कहा, ‘‘बलबीर सिंह सीनियर की अनुकरणीय उपलब्धियां और खेल के प्रति उनका उत्साह आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा एक उदाहरण बना रहेगा। पंजाब खेल विभाग की ओर से मैं उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।’’

बलबीर सिंह सीनियर के लिए भारत रत्न की मांग करते हुए राणा सोढ़ी ने बताया कि उन्हें 1957 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था और 2014 में मेजर ध्यानचंद लाइफ टाईम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। देश के सर्वकालिक महान ऐथ्लीटों में से एक बलबीर सिंह सीनियर आधुनिक ओलंपिक इतिहास में अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति द्वारा चुने गए 16 दिग्गजों में केवल अकेले भारतीय थे। ओलंपिक के पुरुष हॉकी फाईनल में एक व्यक्ति द्वारा दागे गए अधिकतम गोलों का उनका विश्व रिकॉर्ड आज भी कायम है।