चीन से उधार ले कर सऊदी का कर्ज़ चुका रहा पाकिस्तान सऊदी को ही गरिया रहा

  • चीन से कर्ज लेकर सऊदी का लोन चुका रहा पाकिस्तान, कश्मीर को लेकर दोनों देशों में खराब हैं संबंध।
  • पाकिस्तान ने हाल में ही सऊदी अरब को सुनाई थी खरी खोटी, जबाव में सऊदी ने पाक से वापस लिया वित्तीय समर्थन।
  • केवल 12 अरब डॉलर हैै पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार, जीडीपी का 90 फीसदी हो सकता है कर्ज।

कंगाली के दहलीज पर खड़ा पाकिस्तान अब कर्ज को चुकाने के लिए भी कर्ज ले रहा है। पाकिस्तान ने सऊदी अरब को 3 बिलियन डॉलर कर्ज के बदले 1 बिलियन डॉलर की राशि वापस की है। इस कर्ज की अदायगी के लिए पाकिस्तान को 1 बिलियन डॉलर की राशि उसके सदाबहार दोस्त चीन ने दी थी। वहीं, कश्मीर पर साथ न देने से चिढ़े पाकिस्तान ने सऊदी को धमकी भी दी है।

इस्लामाबाद: 

पाकिस्तान की ऊल जलूल हरकतों से तंग आकर आखिरकार सऊदी अरब ने बड़ा कदम उठा लिया है. इसके तहत सऊदी अरब ने हाल ही में पाकिस्तान से एक बिलियन अमेरिकी डॉलर की वसूली की है, जो उसने डेढ़ साल पहले पाकिस्तान को बतौर कर्ज दिया था. पाकिस्तान के ऊपर सऊदी अरब का करीब तीन बिलियन डॉलर का कर्ज था, जिसे अब वो पाकिस्तान से वसूल रहा है.

सऊदी अरब की ओर से उठाया कदम इस बात की तरफ इशारा करता है कि पाकिस्तान बेहद तेजी से मुस्लिम देशों का विश्वास खोता जा रहा है. इसी वजह से सऊदी अरब ने अपने लोन की रकम की वसूली शुरू कर दी है, जो उसने पाकिस्तान को दिए थे. सऊदी अरब ने पाकिस्तान को ये रकम उस समय दी थी, जब पाकिस्तान को विदेशी कर्ज भरने के लिए धन की बेहद सख्त जरूरत थी. 

पाकिस्तान के अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने इस बारे में खबर छापी और लिखा है कि अब सऊदी अरब पाकिस्तान की मदद से अपने हाथ पीछे खींच रहा है. सऊदी अरब की तरफ से ये कदम ऐसे समय पर उठाया गया है, जब पाकिस्तान इस्लामिक देशों के समूह ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कॉपरेशन (Organization Of Islamic Cooperation) में भारत के खिलाफ लामबंदी में जुटा है. पाकिस्तान पिछले एक साल से ओआईसी में भारत के खिलाफ जम्मू कश्मीर राज्य से आर्टिकल 370 हटाने के खिलाफ समर्थन मांग रहा है, लेकिन उसे यहां जोरदार झटका लगा और कोई भी देश पाकिस्तान की मदद के लिए खड़ा नहीं हुआ.

पाकिस्तानी अखबार डॉन में पाकिस्तान के राजनयिक सूत्र के हवाले से छपे लेख में लिखा है कि सऊदी अरब ने पाकिस्तान के उस अनुरोध को नकार दिया, जिसमें कश्मीर मुद्दे को आईओसी में उठाने का आग्रह किया गया था. पाकिस्तान को आईओसी में सपोर्ट न मिलने के बाद 22 मई को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने कहा था कि इस्लामिक देशों में एकजुटता नहीं है. यहां तक कि हम आईओसी में कश्मीर मुद्दे तक को नहीं उठा सके.

एक तरफ पाकिस्तान जहां मुस्लिम देशों का भरोसा खोता जा रहा है, तो वहीं चीन उसकी मदद के नाम पर पूरा फायदा उठा रहा है और पाकिस्तान को आर्थिक मदद देने के नाम पर अपना आर्थिक उपनिवेश बना रहा है. सऊदी अरब के हाथ खींच लेने के बाद चीन ने पाकिस्तान को एक बिलियन डॉलर की न सिर्फ लोन के तौर पर मदद दी, बल्कि सीपीईसी (China-Pak Economic Corridor) के तहत 6.5 बिलियन डॉलर का अतिरिक्त निवेश भी किया है. 

टिक टॉक और वी चैट अमेरिका में बैन, बौखलाया चीन

अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर इस आदेश पर मुहर लगा दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरूवार के दिन टिकटॉक और वी चैट पर पाबंदी लगाने के आदेश पर हस्ताक्षर किए। आदेश में यह बेहद साफ़ तौर लिखा है कि दोनों ही एप्लीकेशन को अमेरिका में 45 दिन के भीतर बंद कर दिया जाए। मैसेजिंग एप वी चैट (WeChat) और वीडियो शेयिरिंग एप (TikTok) के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर बीजिंग परेशान है. 

चंडीगढ़ (tech desk):

अमेरिका और चीन के बीच जारी खींचतान में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा कदम उठाया है। ट्रंप ने चीन की एप्लीकेशन टिक टॉक और वी चैट के मालिकों से किसी भी तरह का लेन-देन करने पर पाबंदी लगा दी है। कुछ ही दिन पहले ख़बर आ रही थी कि अमेरिकी टेक कंपनी टिक टॉक को खरीद सकती हैं। लेकिन अब ऐसा न होने की सूरत में अमेरिका ने टिक टॉक पर प्रतिबंध लगाने के लिए 15 सितंबर की सीमा तक तय कर दी है।    

अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर इस आदेश पर मुहर लगा दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरूवार के दिन टिकटॉक और वी चैट पर पाबंदी लगाने के आदेश पर हस्ताक्षर किए। आदेश में यह बेहद साफ़ तौर लिखा है कि दोनों ही एप्लीकेशन को अमेरिका में 45 दिन के भीतर बंद कर दिया जाए। हाल ही में अमेरिकी सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए आदेश जारी किया था।  जिसके मुताबिक़ वह इस एप्लीकेशन का उपयोग नहीं कर सकते थे।   

एप्लीकेशन के आदेश पर आधिकारिक रूप से मुहर लगाने के बाद ट्रंप ने कहा कि यह पाबंदी बेहद ज़रूरी थी। टिकटॉक जैसे एप्लीकेशंस का भरोसा नहीं किया जा सकता है। यह एप्लीकेशन जिस तरह देश का डाटा (जानकारी) चुराते हैं उससे देश की आंतरिक सुरक्षा पर प्रभाव पड़ता है। ट्रंप ने इस विषय पर बयान जारी करते हुए कई अहम बातें कहीं। ट्रंप ने कहा, “चीन के यह एप्लीकेशन अमेरिकी लोगों से संबंधित दो तरह की जानकारी चुराते हैं पहली निजी और दूसरी स्वामित्व से जुड़ी। इसके अलावा यह जानकारी चीन की कम्युनिष्ट पार्टी तक पहुँचाई जाती है।” 

इसके बाद ट्रंप ने कहा, “इसकी वजह से चीन की सरकार को अमेरिका के संघीय कर्मचारियों और संगठित – असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों की जानकारी मिल जाती है। वह इस तरह की जानकारियों को ट्रैक कर सकते हैं। चीन की सत्ताधारी पार्टी इस तरह की निजी जानकारियों के आधार पर ब्लैकमेल करने का दस्तावेज़ तैयार कर सकती है। ऐसी जानकारियों का इस्तेमाल कॉर्पोरेट स्तर पर जासूसी के लिए भी किया जा सकता है।” 

हालाँकि, इस कार्रवाई पर फिलहाल टिकटॉक और वी चैट की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। इसके ठीक पहले अमेरिकी व‍िदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने बुधवार को कहा था कि वह अमेरिकी कार्रवाई को चीनी तकनीकी से निजी ऐप तक बढ़ा रहे हैं। उन्‍होंने इस मामले में टिकटॉक और वी चैट का ज़िक्र किया था। भारत में पहले ही सभी तरह के संदिग्‍ध ऐप पर प्रतिबंधित लगाया जा चुका है। 

हाल ही ऐसी ख़बरें आई थीं जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के साथ बढ़ते तनाव और जासूसी के आरोपों के बीच इसके संकेत दिए थे। इधर बाइटडांस (ByteDance) और माइक्रोसॉफ्ट के बीच सौदे को लेकर बातचीत चलने की बात हो रही थी। बाइटडांस टिकटॉक की पेरेंट कंपनी है।

क्या राहुल – सोनिया चीन से हुए कॉंग्रेस का सच सामने रखेंगे??? संबित पात्रा

अपने लंबे शासनकाल में वह चीन भारत की सीमाएं भी नहीं तय नहीं कर पाए। पर आज वह चीन के पक्ष में खड़े दिखाई दे रहे हैं। यह कोई पहला मौका नहीं है, जब कांग्रेस ने ऐसा किया है। भारत-चीन के बीच डोकलाम विवाद के समय भी जब दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने खड़ी हुई थीं, तब भी राहुल गांधी गुपचुप चीनी राजदूत से मिलने पहुंच गए थे। उरी और बालाकोट एयर स्ट्राइक पर भी सवाल उठाकर कांग्रेस देश को शर्मसार कर चुकी है।

दरअसल, चीन के साथ विवाद के बाद कांग्रेस पार्टी और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के बीच हुए समझौते की बात सामने आई थी. जिसके बाद ये मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई पर चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने कहा कि कोई राजनीतिक दल किसी सरकार के साथ किस तरह समझौता कर सकता है? सीजेआई ने कहा कि कुछ चीजें कानून में बिल्कुल अलग हैं. एक राजनीतिक दल कैसे चीन के साथ समझौते में शामिल हो सकता है? कभी नहीं सुना कि किसी सरकार और दूसरे देश की राजनीतिक पार्टी में कोई समझौता हो रहा हो. हालांकि इस मामले में वकील ने कहा कि ये समझौता दो पार्टियों के बीच है. सनद रहे चीन में एक ही पार्टी है और उसी की सरकार है जबकि भारत में बहू दलीय प्रणाली है। अभी तक कॉंग्रेस और सीपीसी के करार का मज़मून साफ नहीं हुआ है.

नई दिल्ली:

 आज सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की टिप्पणी पर भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा (Sambit Patra) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस रखी. संवाददाता सम्मेलन में संबित पात्रा ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि क्या कोई पॉलिटिकल पार्टी किसी दूसरे देश से करार कर सकती है, ये गंभीर मुद्दा है. भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा जी के ट्वीट्स ने कांग्रेस पार्टी को बुरी तरह से एक्सपोज किया था कि किस तरह 2008 में बीजिंग जाकर सोनिया जी और राहुल जी ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी से करार किया. क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर आपस में बातचीत और सलाह-मशविरा किया. इन सबसे देश और सुप्रीम कोर्ट अचंभे में है. लेकिन इन सब पर कांग्रेस पार्टी ने जवाब नहीं दिया है.’

संबित पात्रा ने कहा, ‘कांग्रेस पार्टी ने एमओयू साइन किया था शी जिनपिंग के साथ. नड्डा जी ने देश के सामने सच्चाई को रखा. नड्डा जी ने पूछा था आखिरकार सच्चाई क्या है बताया जाए. उन्होंने इसे लेकर कई ट्वीट किए. कांग्रेस और सीपीसी (CPC) के बीच करार साइन हुआ था. सरकार और पार्टी वहां एक है. कांग्रेस पार्टी ने करारनामा साइन किया चीन के साथ और कहा कि क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सभी विषयों पर आदान-प्रदान करेंगे. ये हैरान करने वाला है, आश्चर्यजनक है. आज सुप्रीम कोर्ट ने भी यही कहा है. चीफ ​जस्टिस ने कहा है कि एक पार्टी और एक देश के बीच ये करार हैरान करने वाला है.’

संबित पात्रा ने कहा, ‘गांधी परिवार के साथ चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के एक खास संबंध बने इसलिए ये करार हुआ. बीजिंग में ओलंपिक्स का आयोजन हुआ तो सोनिया जी खास मेहमान बन कर गईं. डोकलाम स्टैंड ऑफ के दौरान राहुल गांधी रंगे हाथों पकड़े गए चीनी डिप्लोमैट के घर में. राजीव गांधी फाउंडेशन को चीनी डोनेशन मिला. नड्डा जी ने आज चैलेंज किया है कि क्या मां-बेटा बाहर आकर सवाल का जवाब देंगे.’

बता दें​ कि सुप्रीम कोर्ट में इसे लेकर एक याचिका दी गई थी जिस पर सुनवाई से कोर्ट ने इनकार कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट जाने को कहा.

कांग्रेस और चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के बीच हुए समझौते की जांच की मांग वाली जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि 2008 में आपसी सहयोग और जानकारियों के लेन-देन के लिए हुआ समझौता संदिग्ध है जिसकी NIA से जांच होनी चाहिए. याचिका में सोनिया और राहुल गांधी को भी पक्ष बनाया गया है. एक वकील ने ये याचिका दायर की है.

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि हमने अबतक यह नहीं सुना कि एक देश की सरकार दूसरे देश की राजनीतिक पार्टी के साथ कोई समझौता करती हो.

रामजन्म भूमि पूजन के समय 50 परिवारों ने अपनाया ‘सनातन धर्म’

अयोध्या जी में राम मंदिर के भूमि पूजन के बाद हर तरफ उत्साह का माहौल है। पाकिस्तान सीमा से सटे राजस्थान के बाड़मेर जिले में बुधवार से ही लोगों ने जश्न मनाना शुरू किया जो गुरुवार को भी जारी रहा। राम मंदिर के भूमि पूजन के मौके पर बाड़मेर जिले के पायला कल्ला पंचायत समिति के मोतीसरा गांव में रहने वाले 50 मुस्लिम परिवारों ने हिंदू धर्म अपनाया है। इन परिवारों के करीब 250 लोगों ने बुधवार को हवन-पूजन किया और पुरुषों ने जनेऊ धारण कर हिंदू धर्म अपनाया।

जयपुर (ब्यूरो) 6 अगस्त:

5 अगस्त 2020 यानी बुधवार को जब अयोध्या में राम मंदिर का भूमि पूजन हो रहा था तो राजस्थान के करीब 50 मुस्लिम परिवारों ने हिंदू धर्म में वापसी की। मामला बाड़मेर जिले पायला कल्ला पंचायत के मोतीसारा गाँव की है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इन परिवारों के करीब 250 लोगों ने बुधवार को हवन-पूजन किया। पुरुषों ने जनेऊ धारण कर हिंदू धर्म अपनाया। इन लोगों ने कहा है कि ऐसा करने के लिए उन पर किसी ने दबाव नहीं बनाया था।

हिंदू धर्म अपनाने वाले मुस्लिम परिवार के बुजुर्गों का कहना है कि उनके पूर्वज हिंदू थे। उन्हें जैसे ही इतिहास का ज्ञान हुआ इसके बाद उन्होंने यह फैसला लिया। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि यह निर्णय स्वेच्छा से लिया गया है।

हिंदू धर्म स्वीकार करने वाले सुभनराम ने मीडिया वालों से बात करते हुए इस बारे में जानकारी दी। सुभनराम ने कहा मुग़ल शासन में मुस्लिमों ने हमारे पूर्वजों (हिंदुओं) को डरा धमका कर उनका धर्म परिवर्तन करा लिया था। 

इसके बाद उन लोगों के घर पर हवन हुआ और परिवार के लगभग 250 सदस्यों ने हिंदू धर्म अपना लिया। हरजीराम ने बताया कि ये परिवार कंचन ढाढ़ी जाति से संबंध रखते हैं। इन परिवारों के सदस्य पिछले कई सालों से हिंदू धर्म के रीति-रिवाज़ों का पालन कर रहे थे।

विंजाराम के मुताबिक़ परिवार का कोई भी व्यक्ति मुस्लिम रीति रिवाज़ों का पालन कभी नहीं करता था। राम मंदिर के शिलान्यास समारोह में भी हम सभी ने पूजा-पाठ का आयोजन कराया था और हमने पूरी स्वेच्छा से हिंदू धर्म स्वीकार कर लिया।  

गाँव में लगभग 50 परिवार ढाढ़ी जाति के हैं जिसमें से लगभग एक दर्जन घरों के आस-पास मंदिर बने हुए हैं। इतना ही नहीं परिवारों में ज़्यादातर लोगों के नाम भी हिंदू धर्म से ही प्रेरित हैं। परिवार के बुजुर्गों का दावा है कि औरंगज़ेब के दौर में उनके पूर्वज हिंदू थे। उन्होंने मुग़ल शासक के डर से हिंदू धर्म अपनाया। लेकिन अब उनके परिवार के शिक्षित लोगों को इस बात का ज्ञान हुआ, जिसके बाद उन्होंने वापस हिंदू धर्म अपनाने का निर्णय लिया। 

बस को ले भागे तीन नशेड़ी युवक, पुलिस ने किया गिरफ्तार

सिरसा – 6 अगस्त:

 बस अड्डा से आज सवारियों से भरी रानियां-बणी रूट पर चलने वाली रोडवेज की बस को तीन लोग अगवा कर ले गए। बस में करीब दो दर्जन सवारियां थीं। बस को गलत तरीके से चलाते हुए बस अड्डा से प्रवेश द्वार से निकाला और बाजार से तेज रफ्तार से निकालकर रानियां चुंगी तक ले गए। जब अज्ञात युवक बस को लेकर जा रहे थे। इसके बाद भी किसी ने बस के बारे में कोई जानकारी नहीं जुटाई।

हरियाणा रोडवेज की बस को अगवा करने वाले युवकों का पुलिस ने गिरफ्तार किया

गनीमत यह रही कि बस में ड्यूटी ऑफ होने के बाद घर लौट रहा एक परिचालक मौजूद था। ड्राइवर से गलत तरीके से बस चलाने पर उसे संदेह हो गया और उसे बस को अड्डा से चार किलोमीटर दूर पहुंचने पर रुकवाया। इस दौरान बस में सवार सवारियां भी डर के साये में ही रही। इसके बाद परिचालक ने बस अड्डा प्रशासन व पुलिस को सूचित किया। फिलहाल बस को अगवा करने वाले तीनों युवकों को अब अड्डा चौकी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और पूछताछ की जा रही है।

लापरवाही से बस चलाने पर हुआ शक

बताया गया है कि तीनों युवक नशे की हालत में थे और बस को चलाकर ले गए। विभाग के परिचालक रणजीत सिंह ने बताया कि वह ड्यूटी ऑफ करने के बाद घर लौट रहा था। चालक ने लापरवाही से बस चलाई। पुराना बस अड्डा पर भी बस नहीं रोकी। बस में सवारियां निर्धारित संख्या 30 से कम थी इसलिए बस को रोककर सवारियां उठानी चाहिएं थी। इस पर उसे संदेह हो गया। उसने चालक से पूछा लेकिन उसने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।

शक होने पर परिचालक ने दी पुलिस को सूचना

परिचालक रणजीत सिंह ने बताया कि चालक बस को भीड़ भरे बाजार से निकलने के बाद जब आईटीआई कालेज के आगे से निकली तो उसने जबरदस्ती चालक को पकड़कर बस रूकवाई। परिचालक ने बताया कि दो युवक खुद को महेन्द्रगढ़ का रहने वाला तो एक युवक गांव बणी का निवासी बता रहा है। इसके बाद पुलिस व रोडवेज प्रशासन को सूचित किया गया। तीनों युवकों को बस अड्डा चौकी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और पूछताछ की जा रही है।

बस के अगवा होने पर बस अड्डा मची अफरा तफरी

बस के अगवा होने की जानकारी मिलने के बाद बस अड्डा परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सवारियों में भी भय का माहौल पैदा हो गया। बस के अगवा होने से बस अड्डा प्रशासन की पोल खुलकर सामने आ गई है। चालक-परिचालक सहित बस अड्डा में मौजूद स्टाफ की लापरवाही का ही नतीजा है कि सवारियों से भरी बस अगवा हो जाती है और कर्मचारियों व अधिकारियों को कुछ पता नहीं चलता। फिलहाल पुलिस ने इन तीनों खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।

उपायुक्त ने कोरोना वायरस से बचाव को लेकर की जा रही व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए की चर्चा

कोरोना वायरस संक्रमण की जांच के लिए कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के अलावा स्वास्थ्य विभाग की सभी सीएचसी में भी सैम्पल लेने की करें व्यवस्था उपायुक्त निशांत कुमार यादव

मनोज त्यागी करनाल 5 अगस्त:

   उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने कोरोना वायरस से बचाव को लेकर जिला प्रशासन की ओर से की जा रही व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के निदेशक डा. जगदीश दुरेजा व सिविल सर्जन डा. योगेश शर्मा के साथ विस्तार से चर्चा की और निर्देश दिए कि कोरोना संक्रमण से संदिग्ध व्यक्तियों के सैम्पल बढ़ाए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि कोविड केयर सैंटर में रह रहे व्यक्तियों की अगर हालत बिगड़ती है तो उसे कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में ही रैफर करें, किसी अन्य स्थान के लिए नहीं।

 उपायुक्त बुधवार को लघु सचिवालय के सभागार में कोविड-19 से जुड़े अधिकारी व कर्मचारियों की बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के लक्षणों की जांच के लिए कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के अलावा स्वास्थ्य विभाग की सभी सीएचसी में भी सैम्पल लेने की व्यवस्था करवाएं ताकि अधिक से अधिक लोगों का कोरोना टैस्ट हो सके। इस पर सीएमओ ने बताया कि असंध, निसिंग, इंद्री व नीलोखेड़ी तथा घरौंडा की सीएचसी में कोरोना के सैम्पल लेने शुरू कर दिए गए हैं तथा बल्ला व तरावड़ी में मोबाईल टीम के द्वारा सैम्पल लेने की व्यवस्था की गई है। उपायुक्त ने कहा कि कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में अन्य बीमारियों से ग्रस्त मरीजों तथा डिलीवरी के लिए आने वाली महिलाओं का कोविड टैस्ट अवश्य करवाया जाए।

बैठक में उपस्थित कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के निदेशक डा. जगदीश दुरेजा ने बताया कि प्लाजमा ब्लड बैंक स्थापित करने की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इस ब्लड बैंक में कोविड के जो मरीज ठीक हो जाते हैं, उनका 4 से 6 सप्ताह के बाद ब्लड सैम्पल लिया जाता है, एक व्यक्ति के रक्तदान करने से दो मरीज ठीक हो जाते हैं। उन्होंने अपील की कि कोविड से जो व्यक्ति ठीक हो चुके हैं वे रक्तदान के लिए स्वेच्छा से कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज  में अपना नाम दर्ज करवाएं ताकि जरूरत पडऩे पर उनका प्लाजमा या ब्लड कोविड मरीज की जान बचाने के काम आ सके। बैठक में उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने कोरोना वायरस के बढ़ते केसों को मद्देनजर रखते हुए नए कोविड केयर सैंटर की पहचान के लिए एसडीएम करनाल को निर्देश दिए। उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि जो लोग सुबह-शाम सैर करते हैं वे मास्क का प्रयोग अवश्य करें तथा सोशल डिस्टैंसिंग का पालन करें। 

इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त अशोक कुमार बंसल, एसडीएम नरेन्द्र पाल मलिक, नगरनिगम के संयुक्त आयुक्त गगनदीप सिंह, सीटीएम विजया मलिक, डीआरओ श्याम लाल, पीएमओ अश्वनी आहूजा उपस्थित रहे।

राम जन्मभूमि शिलान्यास का काम पूरा, ओवैसी का राग बाबरी जारी

अयोध्या जी में राम मंदिर भूमि पूजन का कार्यक्रम प्रधानमंत्री मोदी के हाथों संपन्न हो गया है. अयोध्या जी में राम मंदिर शिलान्यास कार्यक्रम के बाद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री मोदी के इस कार्यक्रम में शामिल होने पर सवाल खड़ा किया है.

नयी दिल्ली(ब्यूरो) – 5 अगस्त :

अयोध्या जी में राम मंदिर भूमि पूजन का कार्यक्रम प्रधानमंत्री मोदी के हाथों संपन्न हो गया है. अयोध्या जी में राम मंदिर शिलान्यास कार्यक्रम के बाद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री मोदी के इस कार्यक्रम में शामिल होने पर सवाल खड़ा किया है. ओवैसी ने कहा, ‘मैं शुरू से ही यह कहता रहा हूं कि पीएम को भूमि पूजन में शामिल नहीं होना चाहिए था. क्योंकि वह किसी समुदाय के पीएम नहीं है, भारत का एक ही धर्म है. उन्होंने कहा कि ये लोकतंत्र की हार है.

ओवैसी ने आगे कहा, ‘पीएम का इस कार्यक्रम में शामिल होना देश की धर्मनिरपेक्ष नीतियों का उल्लंघन है. आज हिंदुत्व और धर्मनिरपेक्षता के लिए एक सफल दिन है क्योंकि मोदी (एक पीएम के रूप में) इस कार्यक्रम में शामिल हुए. पीएम ने कहा कि आज का कार्यक्रम भारत का प्रतीक है. लेकिन, वह एक देश के पीएम हैं और उन्हें समझने की जरूरत है कि देश का प्रतीक मंदिर या मस्जिद नहीं हो सकता.’

क्या है नया भारत?

ओवैसी ने आगे बोलते हुए कहा, ‘मैं कह रहा हूं कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रमुख उपस्थिति के कारण हिंदुत्व की सफलता का दिन है. वह वहां क्यों है? भागवत ने कहा कि यह नया भारत बनाता है. क्या है नया भारत? नया भारत जहां मुस्लिमों के साथ भेदभाव किया जाएगा.’

संघ परिवार ने किया बाबरी मस्जिद को ध्वस्तः ओवैसी

उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि वह आज भावुक थे. मैं भी उतना ही भावुक था क्योंकि मैं नागरिकों की सहभागिता और समानता में यकीन रखता हूं. मिस्टर प्राइम मिनिस्टर, मैं इस वजह से भावुक हूं क्योंकि वहां 450 वर्षों तक मस्जिद खड़ी थी.’ उन्होंने कहा, ‘मैं भी भावुक हूं क्योंकि आपकी पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट में झूठ बोला है. बीजेपी और संघ परिवार ने मिलकर बाबरी मस्जिद को ध्वस्त कर दिया था.’

भूमि पूजन से पहले ट्वीट

ओवैसी ने राम मंदिर भूमि पूजन कार्यक्रम के शुरू होने से पहले ट्वीट कर कहा था कि बाबरी जिंदा है. इस ट्वीट में ओवैसी ने इसमें बाबरी जिंदा है हैशटैग का इस्तेमाल किया था. असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट में लिखा, ‘बाबरी मस्जिद थी, है और रहेगी इंशाअल्लाह.’ ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) नेता ने हैशटैग बाबरी जिंदा है के साथ इस ट्वीट को शेयर किया. बताते चलें कि ओवैसी ने पीएम मोदी के भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल होने पर सवाल उठाते हुए कहा था कि यह संविधान सम्मत नहीं होगा.

इसके पहले हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने प्रियंका गांधी के बयान पर तंज कसा था. प्रियंका के बयान पर ओवैसी ने कहा था, ‘खुशी है कि वो अब नाटक नहीं कर रहे हैं. कट्टर हिंदुत्व की विचारधारा को गले लगाना चाहते हैं तो ठीक है, लेकिन भाईचारे के मुद्दे पर पर वो खोखली बातें क्यों करती हैं.’

दरअसल, प्रियंका गांधी ने भूमि पूजन कार्यक्रम का समर्थन करते हुए कहा था कि राम सबमें हैं, राम सबके साथ हैं. सरलता, साहस, संयम, त्याग, वचनवद्धता, दीनबंधु. राम नाम का सार है. प्रियंका गांधी ने आगे कहा है कि रामलला के मंदिर के भूमिपूजन का कार्यक्रम राष्ट्रीय एकता, बंधुत्व और सांस्कृतिक समागम का अवसर है.

राम मंदिर की आधारशिला प्रधान मंत्री द्वारा समय पर और निर्विघ्न रखी गयी

ॐ जय श्री राम ॐ

आज 528 वर्षों के पश्चात अयोध्या जी में सनातन समाज का एक संकल्प पूरा हुआ। इसी संकल्प के साथ अयोध्या जी में राम जन्मभूमि स्थल का शिलान्यास विधिवत पूर्ण हुआ।

अयोध्या जी (ब्यूरो) – 5 अगस्त:

अयोध्या जी में राम मंदिर निर्माण बनने का बरसों का इंतजार आज खत्म गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विधिवत भूमि पूजा के बाद राम मंदिर की आधारशिला रखी. राम मंदिर के शिलान्यास समारोह का शुभ मुहूर्त 32 सेंकेड का था. 12 बजकर 44 मिनट 8 सेकेंड से लेकर 12 बजकर 44 मिनट 40 सेकेंड तक रहा. ठीक समय पर पीएम मोदी ने मंदिर के लिए पहली ईंट रखीं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा अयोध्या जी में भूमि पूजन के साथ ही राम मंदिर निर्माण का कार्य तेजी से शुरू हो जाएगा. इसके बावजूद सबके मन में सवाल यही है कि भव्य राम मंदिर कब तक बनकर तैयार हो जाएगा और श्रद्धालुओं को रामलला के दर्शन करने का मौका कब मिलेगा. ऐसे में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट ने राम मंदिर की सीमा तय कर रखी है और 2024 के पहले अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट ने अयोध्या जी में मंदिर निर्माण का साढ़े तीन साल में हर हाल में बनाने का टारगेट रखा है. ट्रस्ट ने मंदिर निर्माण के लिए लार्सन एंड टूब्रो कंपनी को काम सौंपा है. हालांकि, ट्रस्ट ने मंदिर निर्माण के लिए 32 महीने के अंदर का वक्त दे रखा है ताकि अगर कुछ थोड़ा बहुत काम रह जाए तो उसे बाकी समय में पूर कर लिया जाए.

आज अयोध्या जी में पहुंचते ही श्री रामलला के दर्शन करने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हनुमान गढ़ी गए. ऐसे में हर एक के मन में ये उत्सुकता है कि आखिर श्री रामलला से पहले हनुमान गढ़ी के दर्शन प्रधानमंत्री ने क्यों किए? आखिर इसका इतिहास या धार्मिक महत्व क्या है? दरअसल वाराणसी में जिस तरह से काल भैरव को काशी का कोतवाल कहा जाता है और वहां जाना जरूरी होता है, ये उसी तरह की मान्यता है कि माना जाता है कि लंका विजय के बाद हनुमान जी सरयू नदी के दाहिनी तट पर एक ऊंचे टीले पर गुफा में रहने लगे थे और यहीं से वो अयोध्या जी की रक्षा करते थे. इसी जगह को बाद में हनुमान गढ़ी या रामकोट कहा जाने लगा. कालांतर में यहां एक विशाल मंदिर बना दिया गया और जिस तरह से गुफा होती है, उसी तरह से इस मंदिर में नीचे जाने के लिए 76 सीढ़ियां हैं. वीर आंजनेय हनमान अयोध्या जी के नगर कोतवाल हैं। नगर में कुछ भी शुभ करना हो तो नगर कोतवाल की अनुमति लेना आवश्यक होता है पर आज तो प्रधान मंत्री मोदी ने नगर कोतवाल पवनपुत्र हनुमान को प्रार्थना अरते हे आग्रह किया है की आज जो राम काज आरंभ हो रहा है अब वह उसकी भी निगरानी करें।

इस दौरान उन्होंने राम मंदिर के प्रांगण में पारिजात का पौधा लगाया. कहा जाता है कि पारिजात वृक्ष को देवराज इंद्र ने स्वर्ग में लगाया था. इसके फूल सफेद रंग के और छोटे होते हैं. ये फूल रात में खिलते हैं और सुबह पेड़ से स्वत: ही झड़ जाते हैं. यह फूल पश्चिम बंगाल का राजकीय पुष्प है. 

इस वृक्ष को लेकर कई हिन्दू मान्यताएं हैं. कहा जाता है कि धन की देवी लक्ष्मी को पारिजात के फूल अत्यंत प्रिय हैं. पूजा-पाठ के दौरान मां लक्ष्मी को ये फूल चढ़ाने से वो प्रसन्न होती हैं. खास बात ये है कि पूजा-पाठ में पारिजात के वे ही फूल इस्तेमाल किए जाते हैं जो वृक्ष से टूटकर गिर जाते हैं. इस वृक्ष को स्वयं भगवान श्रीकृष्ण स्वर्ग से धरति पर लाये थे।

सुशांत सिंह की मौत/ आत्म हत्या/ हत्या के मामले की जांच अब सीबीआई को

सुशांत सिंह राजपूत आत्महत्या मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI)को सौंप दी गई है.केंद्र सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि बिहार सरकार ने CBI जांच की सिफारिश की थी. केंद्र ने स्वीकार किया और जांच को CBI के हवाले कर दिया.

नई दिल्ली (ब्यूरो) – 05 अगस्त:

सुशांत सिंह राजपूत केस में बिहार सरकार ने मंगलवार को सीबीआई जांच की सिफारिश केंद्र को भेजी थी. अब केंद्र ने बिहार सरकार की ये सिफारिश मंजूर कर ली है. सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार के वकील ने बताया कि उन्होंने सुशांत केस की जांच सीबीआई को ट्रांसफर कर दी है. अब इस केस की सीबीआई जांच करेगी. बता दें, लंबे समय से सोशल मीडिया पर इस केस की सीबीआई से जांच कराने की मांग हो रही थी.

सुशांत केस की होगी सीबीआई जांच

केंद्र सरकार के वकील SG तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि मामले की जांच सीबीआई से कराने की बिहार सरकार की सिफारिश मान ली गई है. रिया की तरफ से वकील श्याम दीवान ने कहा है कि एसजी की तरफ से जो कहा गया, यहां वह मामला नहीं है, ऐसे में अदालत रिया की याचिका पर गौर करे. श्याम दीवान (रिया के वकील) ने सभी मामले पर रोक लगाने की मांग की. श्याम दीवान ने कहा कि एफआईआर ज्यूरिसडिक्शन के मुताबिक नहीं है. ऐसे में अदालत पूरे मामले पर रोक लगाए.

बिहार पुलिस मुंबई पहुंची और खुद जाकर पूछताछ करने लगी. जबकि उनके क्षेत्राधिकार में यह नहीं आता, जबकि मुंबई पुलिस पहले से पूरी कार्रवाई कर रही है. रिया के वकील श्याम दीवान ने कहा बिहार में दर्ज FIR को मुम्बई ट्रांसफर किया जाना चाहिए. श्याम दीवान ने दलील देते हुए कहा कि सुशांत की मौत के मामले में मुंबई पुलिस अब तक 59 लोगों की गवाही दर्ज कर चुकी है.

जस्टिस ऋषिकेश राय ने कहा कि सुशांत काफी टैलेंटेड और उभरते हुए कलाकार थे और उनकी रहस्यमयी तरीके से मौत हो जाना चौंकाने वाला है. जस्टिस ऋषिकेश राय ने कहा कि यह जांच का विषय है.

बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत की 14 जून को मौत हो गई. उन्होंने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी थी. सुशांत की मौत के बाद से हर कोई सीबीआई जांच की मांग कर रहा था.

कंगना ने पूछे ठाकरे से कुछ सवाल

शिवसेना सुप्रीमो और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे और राज्य के पर्यावरण मंत्री ने मराठी भाषा में एक बयान जारी किया. इस दौरान मराठी भाषा में आई सफाई में उन्होंने ये भी कहा कि सोशल मीडिया पर चौबीसों घंटे जो कुछ उड़ाया जा रहा है वो सब बेबुनियाद हैं. उन्होंने ये भी कहा कि इस केस को लेकर दौरान वायरल हो रहीं तमाम थ्योरी पूरी तरह गलत और बकवास है, जिस पर विपक्ष उनके परिवार पर कीचड़ उछालने के साथ घटिया राजनीति कर रहा है. उन्होंने कहा कि एक भी आरोप या साजिश की थ्योरी का कोई आधार नहीं है और ये उनका करियर प्रभावित करने की साजिश हो सकती है। सनद रहे आदित्य ठाकरे वही हैं जिनहे baby penguin कहने पर व्यक्ति को हरसत में ले लिया जाता है और उस पर बाकायदा उस पर मानहानि का मुक़द्दमा दर्ज़ आर दिया जाता है। बाल ठाकरे राजनैतिक कार्टूनिस्ट का परिवार राजनैतिक व्यंग्य की समझ नहीं रखता। लेकिन उसी परिवार को अपने विरुद्ध राजनैतिक षड्यंत्र की बू आ जाती है।

यह भी बताते चलें कि बिहार सरकार ने सीबीआई जांच कि अनुशंसा की है।

चंडीगढ़(ब्यूरो) – 5 अगस्त:

सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड केस में लगातार आरोप-प्रत्यारोपों का दौर जारी है. हाल ही में महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री आदित्य ठाकरे ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि इस केस में सड़क छाप पॉलिटिक्स हो रही है लेकिन वो धैर्य के साथ काम ले रहे हैं. उन्होंने ये भी कहा था कि इस केस के जरिए उनके और उनके परिवार पर कीचड़ उछाला जा रहा है. अब इस मामले में कंगना रनौत ने आदित्य ठाकरे पर निशाना साधा है.

कंगना की डिजिटल टीम ने अपने पहले ट्वीट में लिखा- हाहा, देखिए डर्टी पॉलिटिक्स की बात कौन कर रहा है. आपके पिता को मुख्यमंत्री की सीट कैसे मिली, ये भी डर्टी पॉलिटिक्स पर केस स्टडी है सर. ये सब छोड़िए, अपने पिता से सुशांत सिंह राजपूत की मौत के सिलसिले में बस ये कुछ सवाल पूछ लीजिए. पहला सवाल- आखिर रिया चक्रवर्ती कहां है?

उन्होंने अपने दूसरे ट्वीट में लिखा- आखिर मुंबई पुलिस ने सुशांत की मौत को लेकर एफआईआर रजिस्टर क्यों नहीं की थी? तीसरा सवाल, जब सुशांत की जिंदगी के खतरे में होने को लेकर फरवरी के महीने में एक शिकायत दर्ज कराई गई थी तो मुंबई पुलिस इसे एक ही दिन में सुसाइड घोषित करने पर क्यों तुली हुई थी?

कंगना डिजिटल टीम ने अपने तीसरे ट्वीट में लिखा- चौथा सवाल- आखिर हमारे पास फोरेंसिक एक्सपर्ट्स या फिर सुशांत का फोन डाटा क्यों नहीं है जिससे पता लग सके कि उनकी मौत के एक हफ्ते पहले तक उन्होंने किन-किन से फोन पर बात की थी? पांचवा सवाल – बिहार के आईपीएस विनय तिवारी को क्वरानटीन के नाम पर लॉक कर के क्यों रखा हुआ है? छठा सवाल – आखिर आप सीबीआई जांच से इतना डर क्यों रहे हैं ? सातवां सवाल- रिया और उसके परिवार वालों ने सुशांत के पैसे क्यों लूटे?

बीजेपी नेता ने भी लगाए थे सुशांत केस में पुलिस और सरकार पर गंभीर आरोप

कंगना की डिजिटल टीम ने अपने आखिरी ट्वीट में लिखा- इन सवालों का पॉलिटिक्स के साथ कुछ लेना-देना नहीं है. प्लीज इन सवालों का जवाब दें. बता दें कि इससे पहले बीजेपी नेता नारायण राणे ने भी अपने बयान में कहा था कि सुशांत सिंह राजपूत ने सुसाइड नहीं किया है बल्कि उनका मर्डर हुआ है. उन्होंने ये भी कहा था कि दिशा सालियान का सुसाइड नहीं हुआ है बल्कि उनका रेप करने के बाद मर्डर किया गया है. राणे ने कहा था कि मुंबई पुलिस इस मामले में रसूखदार लोगों को बचाने की कोशिश कर रही है.