महाराष्ट्र में 6 महीने के लिए राष्ट्रपति शासन

राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी की अनुशंसा पर महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लग गया है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राज्यपाल की अनुशंसा पत्र पर मुहर लगा दी है. साल 1980 के बाद महाराष्ट्र में पहली बार राष्ट्रपति शासन लगा है. महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने मंगलवार को राजनीतिक पार्टियों को चौंकाते हुए, राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की अनुशंसा वाली एक रिपोर्ट राष्ट्रपति को भेजी थी. 

दिल्ली:

राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी की अनुशंसा पर महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लग गया है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राज्यपाल की अनुशंसा पत्र पर मुहर लगा दी है. साल 1980 के बाद महाराष्ट्र में पहली बार राष्ट्रपति शासन लगा है. महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने मंगलवार को राजनीतिक पार्टियों को चौंकाते हुए, राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की अनुशंसा वाली एक रिपोर्ट राष्ट्रपति को भेजी थी.

राजभवन की ओर से घोषणा के अनुसार, ‘महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी इस बात से संतुष्ट हैं कि चूंकि राज्य सरकार को संविधान के अनुसार नहीं चलाया जा सकता. उन्होंने इस बाबत संविधान के अनुच्छेद 356 के प्रावधानों पर विचार करने के बाद आज एक रिपोर्ट दाखिल की है.’

इससे पहले राजभवन के सूत्रों ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने के कयास को खारिज कर दिया था, इसके महज एक घंटे बाद ही यह अनुशंसा की गई है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता नवाब मलिक ने अपने मीडिया ब्रीफिंग में बताया था कि राजभवन ने इस तरह की अफवाहों को हवा दी थी.

राज्यपाल का यह निर्णय ऐसे समय आया है, जब राकांपा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया गया था और मंगलवार रात 8.30 बजे तक इस बाबत रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया था.

मालूम हो कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बीजेपी+शिवसेना गठबंधन को बहुमत मिला था, लेकिन मुख्यमंत्री के पद को लेकर दोनों के बीच हुई लड़ाई के चलते सरकार नहीं बन पाई. इसके बाद राज्यपाल कोश्यारी ने नंबर एक पार्टी बीजेपी को सरकार बनाने का न्योता दिया, लेकिन उन्होंने मना कर दिया. इसके बाद राज्यपाल ने बारी-बारी से नंबर दो शिवसेना और नंबर तीन राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) को सरकार बनाने का मौका दिया, लेकिन ये दोनों भी बहुमत का आंकड़ा जुटाने में असफल रहे हैं. इसके बाद राज्यपाल ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की अनुशंसा कर दी थी. विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 105, शिवसेना को 56, एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली हैं.

आज का राशिफल

Aries

12 नवंबर 2019: आप घर पर आगंतुकों की उम्मीद कर रहे होंगे. भले ही आप लोगों का मनोरंजन करना पसंद करते हों, लेकिन इन मेहमानों की वजह से आप जितना काम करने जा रहे हैं, उससे उब सकते हैं. यह ठीक है, चिंता मत करो – बस किसी को आपकी मदद करने के लिए मिलता है और चीजें आसानी से चलेंगी.

Taurus

12 नवंबर 2019: आपकी ऊर्जा का स्तर उच्च स्तर पर है. यह आपको सामान्य से अधिक कठिन काम करने जा रहा है. आप अपने आप को पिछले कुछ दिनों में किए गए कामों की सफाई, मरम्मत, और मरम्मत जैसे कामों में तल्लीन पाएंगे. यह बहुत ही उत्पादक दिन होने वाला है, इसलिए सुनिश्चित करें कि आप इसका अधिक से अधिक लाभ उठाएं.

Gemini

12 नवंबर 2019: आप आज अपने आप को अपने होमस्पेस में बहुत अधिक जिम्मेदारी प्राप्त कर पाएंगे. आपके पास करने के लिए बहुत सी चीजें होंगी, और इसलिए नहीं कि लोग आपको काम करना चाहते हैं, बल्कि इसलिए कि वे आपको सही काम करने के लिए भरोसा करते हैं. इसलिए, सुनिश्चित करें कि आप सभी कार्य पूरा कर चुके हैं, और यदि आप नहीं तो इसे अपने आसपास के लोगों को सौंपने का प्रयास कर सकते हैं.

Cancer

12 नवंबर 2019: आज कोई बड़ी खबर सुनने की उम्मीद है. किसी दोस्त या परिवार के सदस्य का फोन कल / टेक्स्ट आपके लिए चीजें बदलने वाला है. बुरा अच्छा में बदल रहा है और आप एक दिन खुशियों और मस्ती से भरे रहने वाले हैं. तो, अपने दिन का आनंद लें कैंसर.

Leo

12 नवंबर 2019: आपके मन में जिज्ञासा है और आप हमेशा आगे बढ़ने और चीजों को सीखने के लिए तैयार रहते हैं. आज आपको एक शानदार अवसर प्रदान करेगा, जहां आप खुद को बहुत सी नई चीजें सीखने में सक्षम पाएंगे. आपके लिए स्कोर किए गए कार्ड शिक्षा के हैं, इसलिए सुनिश्चित करें कि आप इस सीखने की लकीर का सबसे अधिक उपयोग करते हैं.

Virgo

12 नवंबर 2019: आप पुरानी यादों के दौर से गुज़र सकते हैं, जहां आप अपने आप को पुराने दोस्तों और परिवार के बारे में याद दिलाते हैं. अगर कोई ऐसा व्यक्ति है जिसे आप याद नहीं कर रहे हैं, तो सबसे अच्छी बात यह है कि आप अपना फोन उठाएँ और उन्हें कल करें. आप कभी नहीं जानते, वे भी आपको याद कर रहे होंगे.

Libra

12 नवंबर 2019: व्यावसायिक कार्ड आज आपके पक्ष में हैं. आप अपने आप को काम पर एक उच्च पद के लिए परीक्षण किया जा रहा है, और आप और आपके कौशल को जानने के बाद, आप आसानी से अपने वरिष्ठ को साबित करने में सक्षम हो जाएगा. इसलिए, अपने अंत में एक पदोन्नति और अधिक सम्मान की उम्मीद करें.

Scorpio

12 नवंबर 2019: सुनिश्चित करें कि आप आज खुद को ओवरवर्क नहीं करते हैं. आपके पास बहुत सारे कार्य हैं और आपको उन्हें पूरा करने की आवश्यकता है, लेकिन अपने आप को उस बिंदु पर धकेलने का कोई मतलब नहीं है जहां आप अपने स्वास्थ्य को खतरे में डालेंगे. तो, आज के लिए सबसे अच्छी बात यह है कि आप केवल इतना कर सकते हैं और अपने आप को ओवरस्ट्रेस नहीं कर सकते.

Sagittarius

12 नवंबर 2019: जीवन इन दिनों आपके लिए बहुत सुचारु रूप से चल रहा है. हालांकि, आज, आप सड़क पर टकरा सकते हैं. दिन कठिन हो सकता है क्योंकि आपको किसी करीबी के संबंध में कोई बुरी खबर मिलने की संभावना है. हालाँकि, यह उतना बुरा नहीं है जितना आप सोचते हैं. तो बस आराम करें और बिना घबराए चीजों को संभालें.

Capricorn

12 नवंबर 2019: आपके नेतृत्व कौशल का आज परीक्षण होने जा रहा है. आपको एक ऐसी जगह पर रखा जाएगा जहां आपको एक पूरी टीम को संभालना होगा जो आपकी वर्तमान टीम से ऊपर है. आपके लिए यह समय है कि आप अपने वरिष्ठ के लिए खुद को सही साबित करें और उन्हें दिखाएं कि आपको क्या मिला है.

Aquarius

12 नवंबर 2019: यदि आप सौदों में हैं या एक ऐसा क्षेत्र है जो आपको कई व्यक्तियों के संपर्क में रखता है, तो आप असामान्य उपलब्धि का अनुमान लगा सकते हैं. व्यक्ति आपके साथ इंटरनेट करने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे और नकदी के किसी भी उपाय का भुगतान करेंगे. यह आपके अपने जीवन पर भी लागू होता है.

Pisces

12 नवंबर 2019: आपके पास हर चीज को संप्रेषित करने के लिए एक नाजुक तरीका है, जिसे अपने पोषित को बताना होगा. यह आपकी शैली को शानदार बनाने या शानदार बंदोबस्त खरीदने के लिए नहीं है. आप एक-दूसरे को जानना, बात करना और तस्करी करना पसंद करते हैं. आज आप मन की भावुक स्थिति में हो सकते हैं और अपनी भावनाओं की अप्रचुरता को स्वीकार कर सकते हैं. यह काफी हाल ही में प्रभाव आप पर भरोसा होगा.

आज का पंचांग

पंचांग 12 नवंबर 2019   

विक्रमी संवत्ः 2076, 

शक संवत्ः 1941, 

मासः कार्तिक़, 

पक्षः शुक्ल पक्ष, 

तिथिः पूर्णिमा सांयः 07.05 तक, 

वारः मंगलवार, 

नक्षत्रः भरणी रात्रि 08.51 तक है, 

योगः व्यातिपात प्रातः 10.36 तक, 

करणः बव, 

सूर्य राशिः तुला, 

चंद्र राशिः मेष, 

राहु कालः अपराहन् 3.00 से 4.30 बजे तक, 

सूर्योदयः 06.45, 

सूर्यास्तः 05.26 बजे।

नोटः आज कार्तिक पूर्णिमा, कार्तिक स्नान सम्पन्न, श्री सत्यनारायण व्रत कथा व श्रीगुरूनानक जयंती तथा भीष्मपंचक समाप्त।

विशेषः आज उत्तर दिशा की यात्रा न करें। अति आवश्यक होने पर मंगलवार को धनिया खाकर, लाल चंदन,मलयागिरि चंदन का दानकर यात्रा करें।

संजय निरूपम की राह पर संजय राऊत

संजय राउत का बड़बोलापन महाराष्ट्र में गठबंधन के रिश्तों के लिए खतरा बनता जा रहा है. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे तक इस मसले में कुछ नहीं बोल रहे, लेकिन राउत बार हैं कि मानते ही नहीं. आखिर वह ये सब किसी के इशारे पर तो नहीं कर रहे है. हाल ही में उन्होंने शरद पवर से मुलाकात की थी उसके बाद से वह हस्पताल में दाखिल हैं।

नई दिल्ली: 

जैसे-जैसे दिन बीतता जा रहा है महाराष्ट्र की सियासत और भी दिलचस्प होती जा रही है. प्रदेश में किसकी सरकार बनेगी, और मुख्यमंत्री की कुर्सी पर कौन विराजमान होगा? इस सवाल का हर कोई बड़ी ही बेसब्री से इंतजार कर रहा है. जोड़-तोड़ और आंकड़ों को अपने पक्ष में करने का खेल चल रहा है. बहुमत से दूर भाजपा ने माननीय राज्यपाल के
सरकार बनाने के न्योते को विनम्रता से माना कर दिया है, तो वहीं शिवसेना ने बहुमत का जादुई आंकड़ा अपने पक्ष में होने का दावा कर दिया है. जो भी हो, संजय राउत दिन कुछ ऐसी बातें कर रहे हैं, जो शिवसेना-भाजपा के रिश्तों में खटास पैदा करने का काम कर रहे हैं.

संजय राउत कैसे दोनों पार्टियों के बीच के रिश्तों में दरार डालने की कोशिश कर रहे हैं इसक 5 अहम सबूत आपको बताते हैं.

सबूत नंबर 1

ये दावा कितना सच्चा?

महाराष्ट्र में शिवसेना-भाजपा गठबंधन की मुश्किलें बढ़ाते दिख रहे राउत ने एक बार फिर अजीबो-गरीब दावा कर दिया. शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि हमारे पास बहुमत का आंकड़ा है. अभी हमारे पास 170 विधायकों का समर्थन है, जो 175 तक पहुंच सकता है. उन्होंने बड़े ही आत्मविश्वास के साथ ये बोला कि ‘मैं आपको बता रहा हूं और मैं दावे के साथ कहता हूं. जल्द ही आपको पता चल जाएगा.’

मुलाकात हुई, क्या बात हुई?

संजय राउत जिस भरोसे के साथ बहुमत का दावा कर रहे है. उससे ऐसे संकेत जा रहे हैं कि पार्टी की ओर से कोई ना कोई खिचड़ी तो पक रही है. गुरुवार को संजय राउत एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार से मिले थे. आज भी उन्होंने शरद पवार की जमकर तारीफ की है. जिसके बाद आज एनसीपी ने भी शिवसेना को समर्थन के संकेत दिए हैं. राउत ने कहा कि ‘शरद पवार साहब महाराष्ट्र के लिए देश के लिए हमेशा एक बड़े अनुभवी नेता रहे हैं. हमने उसको देखा है, बाला साहेब के बाद या बालासाहेब थे तब भी उनका हमेशा आदर किया है. आज भी उनके जैसा बड़ा अनुभवी कद वाला नेता नहीं है. हम जब भी चाहें उनका मार्गदर्शन भी लेते हैं.’ राऊत यहीं नहीं रुके उन्होंने इसके साथ ही प्रदेश के हालात का जिक्र करते हुए ये तक कह दिया कि ‘महाराष्ट्र में आज की जो स्थिति है परिस्थिति है जो चक्रव्यूह बना है ऐसा आपको लगता है. जो पेंच पड़ा है. उसके लिए अगर हम पवार साहब का मार्गदर्शन लेते हैं तो उसमें कुछ गलत नहीं है.’ और तब ही से वह अस्पताल में हैं और उनकी अंजिओप्लास्टी होने की भी खबर है।

सबूत नंबर 3

सामना के जरिए हमला

शिवसेना प्रवक्ता और सामना के एडिटर जितना मीडिया के माध्यम से भाजपा पर हमलावर हो रहे हैं. उतना ही उनके संपादन में छप रही पत्रिका में भाजपा के खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है. शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में बीजेपी पर बड़े आरोप लगाए. शिवसेना ने साफ कर दिया है कि वो पिछली बार की तरह जल्दबाजी नहीं दिखाएगी और बीजेपी के सामने घुटने नहीं टेकेगी.

इसबार सामना में क्या लिखा?

शिवसेना ने सामना में लिखा है कि ‘कलियुग ही झूठा है. सपने में दिया गया वचन पूरा करने के लिए राजा हरिश्चंद्र ने राजपाट छोड़ दिया. पिता द्वारा सौतेली मां को दिए गए वचन के कारण श्रीराम ने राज छोड़कर वनवास स्वीकार कर लिया. उसी हिंदुस्तान में दिए गए वचन से विमुख होने का ‘कार्य’ भारतीय जनता पार्टी ने पूरा कर दिया. ये सब एक मुख्यमंत्री पद के कारण हो रहा है और राज्य में सरकार बनाने की प्रक्रिया अधर में लटकी है.’

शिवसेना ना सिर्फ भाजपा पर झूठ बोलने का आरोप लगा रही है बल्कि अनैतिक तरीके से सरकार बनाने की कोशिश करने की तोहमत भी मढ़ रही है. सामना में ये भी लिखा है कि चुनाव से पहले ‘युति’ करते समय क्या करार हुआ था, वो महत्वपूर्ण है. श्री फडणवीस पहले निर्धारित शर्तों के अनुरूप शिवसेना को ढाई साल मुख्यमंत्री पद देने को तैयार नहीं हैं. पदों का समान बंटवारा ऐसा रिकॉर्ड पर बोले जाने का सबूत होने के बावजूद बीजेपी के देवेंद्र फडणवीस पलटी मारते हैं और पुलिस, सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग की मदद से सरकार बनाने के लिए हाथ की सफाई दिखा रहे हैं. ये लोकतंत्र का कौन-सा उदाहरण है?

सबूत नंबर 4

कहीं इतिहास तो नहीं दोहरा रहा?

संजय राउत के ये तेवर इतिहास के एक पन्ने को याद दिलाने का काम कर रहा है. कई साल पहले की बात है, साल 1993 में संजय निरुपम शिवसेना के मुखपत्र सामना के संपादक बनाए गए थे. कुछ बीतने के बाद उन्होंने पार्टी लाइन से हटकर बागी तेवर अपना लिए. हालात ये हो गए थे कि हर कोई समझ ही नहीं पा रहा था, कि सामना में पार्टीलाइन के अलग बातें क्यों छप रही हैं. अप ऐसे में उस वक्त निरुपम को शिवसेना ने निकाल दिया था. संजय राउत के अलावा पार्टी का कोई बड़ा नेता आजकल इतनी बड़ी बातें नहीं बोल रहा है. लेकिन राउत हैं कि कभी अजीबो-गरीब पोस्टर साझा करते हैं. जिसमें शिवसेना पार्टी का निशान हाथ में कमल लिए गले में एनसीपी के निशान का माला पहना हुआ है. सिर्फ भाजपा पर ही नहीं, बल्कि पार्टी अध्यक्ष शाह को लेकर भी राउत ने सवाल खड़ा कर दिया. तो क्या राउत के तेवर इतिहास दोहराने का काम कर रहा है.

सबूत नंबर 5

ऐसा कहने वाले राउत कौन होते हैं?

संजय राउत भाजपा पर वादाखिलाफी का आरोप लगा रहे हैं. जिनती शिवसेना नहीं भड़क रही है, उद्धव और अन्य नेता नहीं बोल रहे हैं, उससे कहीं ज्यादा राउत का पारा चढ़ा हुआ है. राउत ने अब किसी भी फॉर्मूले पर बातचीत करने से इंकार कर दिया है. उनका कहना है कि अब बात होगी तो सिर्फ मुख्यमंत्री पद पर होगी वरना शिवसेना अपने दम पर बहुमत हासिल कर मुख्यमंत्री बनाएगी. संजय राउत ने कहा कि ‘क्या शिवसेना बाजार में बैठी है? हमने बात की है मुख्यमंत्री पद की और मुख्यमंत्री पद पर ही चर्चा होगी. अगर नहीं होती है तो शिवसेना अपनी ताकत पर अपना मुख्यमंत्री बनाकर दिखाएगी.’

राउत ने ऐसा तो बोल दिया कि शिवसेना अपनी ताकत पर अपना मुख्यमंत्री बनाकर दिखाएगी, और चर्चा नहीं होगी. लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि जब पार्टी हाईकमान ने इसपर चुप्पी साध रखी है. हर कोई इस बात का इंतजार कर रहा है कि उद्धव ठाकरे और अमित शाह के बीच बात होगी तो उसमें क्या निकलकर आएगा. तो ये सब बोलने वाले संजय राउत कौन होते हैं?

एनसीपी को मिला सरकार बनाने का न्योता

महाराष्ट्र में बीजेपी के बाद शिवसेना भी सरकार बनाने में नाकाम रही है. इसके बाद राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने तीसरे नंबर की पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) को सरकार बनाने का न्योता भेजा है. एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार के भतीजे अजित पवार ने पत्रकारों से कहा कि उन्हें राज्यपाल का न्योता मिला है.

चंडीगढ़:

महाराष्ट्र में बीजेपी के बाद शिवसेना भी सरकार बनाने में नाकाम रही है. इसके बाद राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने तीसरे नंबर की पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) को सरकार बनाने का न्योता भेजा है. एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार के भतीजे अजित पवार ने पत्रकारों से कहा कि उन्हें राज्यपाल का न्योता मिला है. वे शाम आठ बजे तक राज्यपाल से भेंट कर बताएंगे कि वे सरकार बनाने में सक्षम हैं या नहीं. मालूम हो कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बीजेपी को सबसे ज्यादा 105 सीटें आई हैं. वहीं शिवसेना को 56 और एनसीपी के 54 विधायक हैं. कांग्रेस के 44 विधायक हैं.

एनसीपी प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि सरकार बनाने के लिए हमें राज्यपाल का न्योता पत्र मिला है. हम कांग्रेस से बातचीत के बाद सरकार बनाने के किसी नतीजे पर पहुंचेंगे. शिवसेना को यह मौका मिला था, लेकिन वे राज्यपाल को बहुमत के आंकड़े को लेकर संतुष्ट नहीं कर पाए. कांग्रेस नेताओं की शरद पवार से मुलाकात के बाद ही कोई कदम उठाया जाएगा.

शिवसेना को राज्यपाल ने नहीं दिया वक्त

शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात के बाद कहा, ‘हमसे कहा गया था कि 24 घंटे भीतर बताइए कि आप सरकार बनाएंगे या नहीं. हालांकि हमने 48 घंटे का वक्त मांगा था. हमने राज्यपाल से मिलकर उन्हें कह दिया है कि शिवसेना (Shiv Sena) सरकार बनाने को तैयार है. हमने राज्यपाल महोदय से कहा है कि हम सरकार तो बनाएंगे, लेकिन स्थाई सरकार के लिए हम सहयोगियों से अभी भी बातचीत कर रहे हैं.’

गवर्नर ने भाजपा और शिव सेना को 24 – 24 घंटे का समय दिया था जो कि अब राष्ट्रवादी कॉंग्रेस पार्टी के पाले में गया है। काँग्रेस और एनसीपी अपने बड़े द्श्मन भाजपा के बदले छोटे दुश्मन शिवसेना का साथ देने को तयार थे। कयास यह भी लगाए जा रहे थे कि अजित पवार माननीय राज्यपाल से मिल कर शिवसेना को समर्थन कि बात कहेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब कॉंग्रेस एनसीपी का मानना है कि किसी भी तरह दोबारा चुनाव नहीं होने चाहिए, सबसे बड़ा कारण राम मंदिर पर आया फैसला और मोदी के पक्ष में लहर है। यदि दोबारा चुनाव होते हैं तो तो शायद भाजपा इसका पूरा पूरा फायदा उठा ले जिससे कॉंग्रेस एक बार फिर सत्ता से दूर हो जाये।

राज्यपाल से मिलकर लौटे आदित्य ठाकरे ने कहा कि उनको समर्थन करने वाली पार्टियों की अपनी प्रक्रिया होने के कारण उन्हें अभी तक समर्थन का पत्र नहीं मिला है. आदित्य ने कहा राज्यपाल ने उन्हें और समय देने से मना कर दिया है, लेकिन उनके सरकार बनाने के दावे को खारिज नहीं किया है. आदित्य ने कहा कि उनकी पार्टी सरकार बनाने की कोशिश जारी रखेंगे.

उधर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अभी डील फाइनल नहीं हुई है. बातचीत का दौर जारी है. इसके अलावा कांग्रेस ने लिखित बयान जारी कर भी यही बात कही है. 


राम मंदिर पर आए सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर काँग्रेस पार्टी के नेशनल हेराल्ड को शर्म आती है: संबित पात्रा

‘कांग्रेस पार्टी के माउथ पीस नेशनल हेराल्ड को अयोध्या फैसले से सुप्रीम कोर्ट ऑफ पाकिस्तान की याद आती है. यह शर्मनाक है. क्या यह भारत के सुप्रीम कोर्ट को छोटा दिखाने का प्रयास नहीं है!’ नेशनल हेराल्ड ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने वही फैसला दिया जो विश्व हिंदू परिषद और बीजेपी शुरूसे चाहती थी. पात्रा ने कहा कि भारत की न्याय प्रक्रिया पारदर्शी है और इसका विश्व में कोई मुकाबला नहीं है.

नई दिल्ली: अयोध्या केस में सुप्रीम कोर्ट से आए फैसले के बाद छपे लेख को लेकर कांग्रेस के मुख्यपत्र नेशनल हेराल्ड ने माफी मांगी है. साथ ही कहा है कि अखबार में छपे लेख में कही गई बातें लेखकर निजी राय है. इससे पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने रविवार को करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन के मौके पर नवजोत सिंह सिद्धू के पाकिस्तान जाने और राम मंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर नेशनल हेराल्ड में की गई टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा है. पार्टी मुख्यालय में बीजेपी नेता संबित पात्रा ने कहा कि सोनिया गांधी को इन दोनों ही बातों को लेकर देश से माफी मांगनी चाहिए.

बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पात्रा ने यहां पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि करतारपुर कॉरिडोर और राम जन्मभूमि मामले में कांग्रेस का दोहरा चरित्र उजागर हुआ है.

उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी दोनों के चहेते विधायक और पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू भारतीय जत्थे के साथ पाकिस्तान जाने के बजाय पाकिस्तान के निमंत्रण पर अलग से वहां गए और इमरान खान की तारीफों के पुल बांधे.’ पात्रा ने कहा कि सिद्धू ने वहां जाकर सिख समुदाय के 14 करोड़ लोगों की ओर से इमरान की तारीफ की.

उन्होंने सवाल उठाया, ‘सिद्धू पहले यह बताएं कि उन्हें सिख समुदाय के 14 करोड़ लोगों का नुमाइंदा किसने बनाया. भारतीय सिख समुदाय का प्रतिनिधित्व करने का अधिकार उन्हें किसने दिया?’

सिद्धू ने शनिवार को पाकिस्तान में अपने शायराना अंदाज में इमरान खान की तारीफ की थी. इस बात को लेकर संबित पात्रा ने कांग्रेस पार्टी और सिद्धू पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सिद्धू ने इमरान को सिकंदर से भी बड़ा बताते हुए उन्हें बब्बर शेर तक कहा. वह अपने आप ही सिखों के नुमाइंदे बन जाते हैं.

बीजेपी प्रवक्ता ने सिद्धू के हवाले से कहा कि उन्होंने वहां कहा था, ‘क्या मिलेगा किसी को मारकर जान से/मारना हो तो मार डालो एहसान से/दुश्मन मर नहीं सकता कभी नुकसान से/और सर उठाकर चल नहीं सकता मरा हुआ एहसान से.’

उन्होंने कहा, ‘सिद्धू क्या इस बात से यह कहना चाहते हैं कि इमरान खान ने सिखों पर बहुत बड़ा एहसान किया है और हिंदुस्तान इस एहसान के बोझ से छोटा हो गया है. सिद्धू ने वहां पाकिस्तान को बड़ा दिखाने की कोशिश की और मारने वाली बात से क्या वह यह कहना चाहते हैं कि हिंदुस्तान किसी को मारता है. जान से मारने का काम केवल इमरान और पाकिस्तान करता है. पुलवामा के लिए जिम्मेदार पाकिस्तान को बचाने वाला बताना कांग्रेस और सिद्धू की मनोस्थिति को बताता है.’

बीजेपी प्रवक्ता ने इसके बाद नेशनल हेराल्ड पर बात करते हुए गांधी परिवार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि यह उनकी धरोहर है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर की गई टिप्पणी निंदनीय है.

उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस पार्टी के माउथ पीस नेशनल हेराल्ड को अयोध्या फैसले से सुप्रीम कोर्ट ऑफ पाकिस्तान की याद आती है. यह शर्मनाक है. क्या यह भारत के सुप्रीम कोर्ट को छोटा दिखाने का प्रयास नहीं है!’ नेशनल हेराल्ड ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने वही फैसला दिया जो विश्व हिंदू परिषद और बीजेपी शुरूसे चाहती थी. पात्रा ने कहा कि भारत की न्याय प्रक्रिया पारदर्शी है और इसका विश्व में कोई मुकाबला नहीं है.

वामपंथियों के इतिहास पर भरी पड़ा राम लल्ला का अस्तित्व

इसमे विचारणीय प्रश्न यह है कि इस सर्वेक्षण को रोमिला थापर और इरफान हबीब जैसे वामपंथि झुठला रहे थे और इसका मजाक बना रहे थे तो इनके लिखे साहित्य कितने विश्वसनीय है ?
अब जब विवाद का निस्तारण हो चुका है सभी पक्ष संतुष्ट है पूरे देश के नागरिक सम्मान कर रहे है केन्द्र सरकार का दायित्व है कि शीघ्र ही इस फैसले का ट्रस्ट बनाकर क्रियान्वयन करे

दिनेश पाठक अधिवक्ता, राजस्थान उच्च न्यायालय, जयपुर। विधि प्रमुख विश्व हिन्दु परिषद

आखिर देश का बहुप्रतिक्षित निर्णय एक ऐतिहासिक निर्णय के रुप मे सामने आ ही गया ! देश की सरकारों और अदालतों ढुलमुल रवैये से परिचित देश की जनता के सामने मुख्यन्यायधीश रंजन गोगोई ने न्यायपालिका की समृद्ध ,बृहद एवं सम्मानजनक छवि पेश की राम जन्मभूमि के निर्णय से देश के आमजन मे न्यायपालिका के प्रति आस्था मे अकल्पनीय वृद्धि हुई है !

1949 से लम्बित प्रकरण रामजन्म भूमी बाबरी मस्जिद का सत्तर साल बाद उस समय निपटारा हो गया जब देश की सर्वोच्च अदालत ने शनिवार 9 नवम्बर को ऐतिहासिक फैसला सुनाया ।

माननीय मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ के अन्य सदस्य माननीय न्यायाधीश गण जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस एस ए बोबडे, जस्टिस चन्द्रचूड, जस्टिस ए नजीर ने चालीस दिन लगातार चली सुनवाई को निर्णय तक पहुंचा कर ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुये रामलला को अयोध्या मे विरजमान कर दिया। देश के लिये सबसे अच्छी खबर इस निर्णय मे यह रही कि निर्णय बहुमत से नही सर्वमत से आया पीठ के किसी भी सदस्य ने किसी भी मुद्दे पर अपने सहयोगी न्यायाधीश से असहमति नही जताई सबने पूरा निर्णय एकमत होकर दिया जो इस निर्णय को ऐतिहासिक बनाता है जो न्यायपालिका के लिये एक लैणडमार्क निर्णय होगा ।

अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला बिल्कुल अन्तिम है और देश के हर नागरिक को इसका सम्मान करना चाहिये हालांकि कोई भी पक्ष इसका रिव्यू कर सकता है जिसे सिर्फ सुप्रीम कोर्ट ही सुन सकता है ।

इस ऐतिहासिक फैसले सबसे बडी बात यह रही कि न्यायालय ने इसका फैसला आस्था पर न करके मामले के तथ्य और सबूतो के आधार किया जिस कारण फैसला सर्वानुमति से आया ! इस फैसले मे तथ्यो का गहराई से विश्लेषण किया सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बाबरी मस्जिद खाली स्थान पर नही बनी इसके नीचे कोई ढांचा था लेकिन वो ढाचा इस्लामिक नही था इसके लिये सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के तथ्यो को सही माना जिसने अपने सर्वेक्षण मे बाबरी मस्जिद ने नीचे धर्मिक ढांचा माना और इस सर्वेक्षण को सुप्रीम कोर्ट नकार नही सका। इसमे विचारणीय प्रश्न यह है कि इस सर्वेक्षण को रोमिला थापर और इरफान हबीब जैसे वामपंथि झुठला रहे थे और इसका मजाक बना रहे थे तो इनके लिखे साहित्य कितने विश्वसनीय है ?

सुप्रीम कोर्ट ने तथ्यो को देखते हुये यह भी स्पष्ट किया कि मुस्लिम पक्ष जमीन पर अपना निर्बाद अधिकार को साबित नही कर पाया इस बात के भी सबूत नही मिले कि ब्रिटिश काल मे 18 वीं सदी तक नमाज वहां पढ़ी जाती थी लेकिन हिन्दुओ ने पूजा करना नही छोडा। इस तरह न्यायलय ने तथ्यो का गहराई से विश्लेषण कर 1885 मे संत रघुवरदास द्वारा फैजाबाद की जिला अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले तक 134 वर्ष पुराने विवाद का अंत मुख्य न्यायाधीश ने अपनी सेवानिवृत की तारीख से आठ दिन पहले एक निश्चित समय सीमा मे रहते सब कुछ छोडकर कर दिया। इसके लिये सभी पांचो न्यायाधीश श्रद्धा और नमन के पात्र है जिनकी दृढ इच्छा शक्ति के चलते सैकडो बर्षो से चले आ रहे तनाव के माहौल को शांत कर दिया। इस कार्य मे जितना श्रेय न्याये को है उतना ही विवाद से समबन्धित पक्षकारों का उनके वकीलों का और उत्तर प्रदेश और केन्द्र सरकार को भी जाता है जिन्होंने इस विवाद के निपटारे को अंजाम तक पहुचाने मे न्यायालय का सहयोग किया ! विशेषकर केन्द्र की भाजपा सरकार का। क्योकि विवाद बहुत पुराना था बहुत सरकारे बनी क ई प्रधानमंत्री आसीन हुये लेकिन किसी सरकार ने कभी ऐसी इच्छा शक्ति नही दिखाई कि इस विवाद का निपटारा हो क्योकि नेहरू से लेकर मनमोहन सिंह तक सारे प्रधानमंत्री को एक डर था कि यदि इसका फैसला आता है तो उसके बाद एक समुदाय उनसे नाराज हो जायेगा साथ ही यह भी डर था कि फैसले के बाद देश मे क्या हालात होंगे जिसके चलते कोई सरकार नही चाहती थी कि इसका फैसला हो।

लेकिन पहली बार देश मे ऐसी सरकार आई जिसका नेतृत्व नरेन्द्र मोदी कर रहे है और सुप्रीम कोर्ट को केन्द्र सरकार ने पूरा सहयोग तो किया ही दोनो को एक दूसरे पर यकीन था केन्द्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट पर कि वो इसका फैसला कर सकती है एवं सुप्रीम कोर्ट को केन्द्र सरकार पर कि वो फैसले के बाद स्थिति को संभाल लेगी जैसे कि कश्मीर मे संभाला।

अब जब विवाद का निस्तारण हो चुका है सभी पक्ष संतुष्ट है पूरे देश के नागरिक सम्मान कर रहे है केन्द्र सरकार का दायित्व है कि शीघ्र ही इस फैसले का ट्रस्ट बनाकर क्रियान्वयन करे

आज का राशिफल

Aries

10 नवंबर 2019: एक सांस लेने का समय है अब तक का महीना आपके लिए व्यस्त रहा है, लेकिन आज आप मन की शांति पा सकेंगे. आप स्वयं को ध्यान और आराम के लिए इच्छुक पाएंगे. यह एक अच्छी बात है. अपने दोस्तों और परिवार के लिए भी कुछ समय बनाने की कोशिश करें.

Taurus

10 नवंबर 2019: आज व्यस्त रहने की उम्मीद है. आपके पास करने के लिए बहुत सारी चीज़ें हैं, और आप इसे प्रबंधित करने में सक्षम नहीं हो सकते हैं. अपने सभी कार्यों से निपटने का सबसे आसान तरीका एक टू-डू सूची बनाकर और पहले जो आपको आवश्यक है उसे प्राथमिकता देना है. इस तरह, आपके पास पूरे दिन का पालन करने के लिए एक संरचना होगी और चीजें गड़बड़ नहीं होंगी.

Gemini

10 नवंबर 2019: आप अपने आप को किसी ऐसे व्यक्ति को याद कर सकते हैं जिसके साथ आप दोस्ती करते थे. आपके लिए मिथुन राशि की सबसे अच्छी बात, अतीत को भूलकर आगे बढ़ना होगा. उस व्यक्ति को अपने जीवन में वापस आमंत्रित करें और अपने जीवन को बीन होने दें. किसी ऐसे दोस्त को तम खोइए जिसे आपका दिल जाने नहीं दे.

Cancer

10 नवंबर 2019: आज आप जिन कार्यक्रमों में शामिल होने जा रहे हैं, वे आपके भविष्य के लिए फायदेमंद माने जा रहे हैं. अभी, आप नहीं सोच सकते कि वे महत्वपूर्ण हैं, लेकिन आपके द्वारा बनाए गए कनेक्शन आपकी ज़रूरत के समय में आपकी मदद करने जा रहे हैं. आज किसी भी सामाजिक सभा से बचने की कोशिश न करें.

Leo

10 नवंबर 2019: यदि आप जो चाहते हैं उसके बारे में बहुत अधिक दबंग हैं, तो लोग आपकी मदद करने में थोड़ा सशंकित हो सकते हैं. आदेशों को इधर-उधर फेंकने के बजाय, अन्य लोगों के सुझाव मांगें और फिर अपनी राय उनके सामने रखें. एक टीम के रूप में चीजें करें, न कि बॉस के रूप में.

Virgo

10 नवंबर 2019: आपका क्षति नियंत्रण कौशल आज सबसे बड़ा साबित होने जा रहा है. लोगों को उनकी ज़रूरत के समय में आपके पास आने वाला है, जैसा कि आपको हमेशा सबसे अच्छी सलाह लगती है. हालांकि, अपनी खुद की सलाह का पालन करना न भूलें – और अपने जीवन को वापस ट्रैक पर लाएं.

Libra

10 नवंबर 2019: आप आज बहुत रचनात्मक रूप से प्रेरित होने जा रहे हैं. यदि कोई कला, या पुस्तक, या संगीत है, जिस पर आप काम कर रहे हैं – आज का दिन इसे प्राप्त करने का सबसे अच्छा दिन है. आपके सिर के अंदर और बाहर विचार बहने वाले हैं, इसलिए उन्हें बर्बाद न करें

Scorpio

10 नवंबर 2019: हो सकता है कि चीजें आपके अनुसार नहीं चल रही हों, लेकिन यह ठीक है. एक बदलाव के लिए, ब्रह्मांड को अपने जीवन के नियंत्रण में रहने दें. कभी-कभी नियंत्रण छोड़ना सबसे अच्छी बात है जो आप अपनी उत्पादकता और मानसिक पवित्रता दोनों के लिए कर सकते हैं.

Sagittarius

10 नवंबर 2019: आपकी राय आज दूसरों के लिए बहुत मायने रखने वाली है. लोग आपको देखेंगे और जवाब के लिए आपके पास आएंगे. आप बुतों के लिए गुरु की तरह माने जाएंगे. अपने नेतृत्व कौशल को ब्रज करना सुनिश्चित करें ताकि आप उन सभी प्रश्नों के लिए तैयार हों जो लोग आपके ऊपर फेंकने जा रहे हैं.

Capricorn

10 नवंबर 2019: आज आप विशेष रूप से मंडी महसूस कर सकते हैं. यह सब कुछ आपके आसपास होने के कारण हो सकता है. आपको वह अधिकार नहीं मिल रहा है जो आप चाहते हैं और हकदार हैं. लेकिन याद रखना, धैर्य एक गुण है. तो बस इस बात पर पकड़ बनाए रखें कि आप क्या चाहते हैं जो आपको मिल रहा है, लेकिन यह बस थोड़ी देर लेने वाला है.

Aquarius

10 नवंबर 2019: आज आपके चारों तरफ सकारात्मक ऊर्जा रहने वाली है. आप ऊर्जावान और शांत महसूस करेंगे. इस दिन को एक शक्ति दिवस के रूप में उपयोग करें ताकि आप उन सभी कार्यों को पूरा कर सकें जो आप अगले दिन के लिए छोड़ रहे हैं. जब आपके पास ऊर्जा हो और शिथिलता न हो तो बेहतर है.

Pisces

10 नवंबर 2019: एक नया खेल शुरू करने और उसे अपनाने के लिए एक अच्छा दिन है. आप हमेशा सोफे पर बैठकर टीवी नहीं देख सकते. आपको थोड़ी ताजी हवा और थोड़ा व्यायाम करने की आवश्यकता है. यदि आप एक पूर्ण खेल के लिए जाने का मन नहीं करते हैं, तो बस एक सैर के लिए जाएं. इससे आपका सिर साफ हो जाएगा

आज का पंचांग

पंचांग 10 नवंबर 2019   

विक्रमी संवत्ः 2076, 

शक संवत्ः 1941, 

मासः कार्तिक़, 

पक्षः शुक्ल पक्ष, 

तिथिः त्रयोदशी सांय 04.33 तक, 

वारः रविवार, 

नक्षत्रः रेवती सांय 05.19 तक है, 

योगः वज्र प्रातः 10.41 तक, 

करणः तैतिल, 

सूर्य राशिः तुला, 

चंद्र राशिः मीन,

राहु कालः सायं 4.30 से सायं 6.00 बजे तक, 

सूर्योदयः 06.43, 

सूर्यास्तः 05.28 बजे।

नोटः आज सांय 05.19 से पंचक समाप्त हो रहे हैं। और वैकुण्ड चतुर्दशी व्रत है।

विशेषः आज पश्चिम दिशा की यात्रा न करें। अति आवश्यक होने पर रविवार को पान खाकर लाल चंदन, गुड़ और लड्डू का दान देकर यात्रा करें।

ओवैसी पर बरसे उद्धव ठाकरे

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आज का दिन स्वर्ण अक्षरों से लिखने वाला दिन है न्याय देवता को प्रणाम. इतने दिनों से राम की कहानियां सुन रहे थे, आज विवाद खत्म हुआ है. सभी समाज का धन्यवाद. आज सभी को बालासाहेब की याद आ रही होगी. उन्होंने पहले कहा था कि गर्व से कहो हम हिन्दू है. मैं आडवाणी से मिलूंगा

चंडीगढ़:

अयोध्या विवाद मामले में 70 सालों तक चली कानूनी लड़ाई और सुप्रीम कोर्ट में 40 दिनों तक लगातार चली सुनवाई के बाद शनिवार को ऐतिहासिक फैसला आ गया. फैसला विवादित जमीन पर रामलला के हक में सुनाया गया. फैसले में कहा गया कि राम मंदिर विवादित स्थल पर बनेगा और मस्जिद निर्माण के लिए अयोध्या में पांच एकड़ जमीन अलग से दी जाएगी. अदालत ने कहा कि विवादित 02.77 एकड़ जमीन केंद्र सरकार के अधीन रहेगी. केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को मंदिर बनाने के लिए तीन महीने में एक ट्रस्ट बनाने का निर्देश दिया गया है.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आज का दिन स्वर्ण अक्षरों से लिखने वाला दिन है. न्याय देवता को प्रणाम. इतने दिनों से राम की कहानियां सुन रहे थे, आज विवाद खत्म हुआ है. सभी समाज का धन्यवाद. आज सभी को बालासाहेब की याद आ रही होगी. उन्होंने पहले कहा था कि गर्व से कहो हम हिन्दू है. मैं आडवाणी से मिलूंगा.”

ठाकरे ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी को करारा जवाब देते हुए कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट नहीं है. दरअसल, ओवैसी ने फैसले पर नाखुशी जाहिर की है. उन्होंने फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट सर्वोच्च है, लेकिन अचूक नहीं है. उन्होंने अयोध्या भूमि विवाद मामले में फैसले को तथ्यों के ऊपर आस्था की एक जीत बताया. वहीं, सुन्नी वक्फ बोर्ड अयोध्या पर पुनर्विचार याचिका नहीं दाखिल करेगा. मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी फैसले पर संतुष्ट हैं.

ठाकरे ने यह भी कहा कि वह 24 नवंबर को अयोध्या जाएंगे. उन्होंने आगे कहा, “आनंद है, सभी को होना चाहिए, इससे किसी को तकलीफ नहीं होना चहिए. शिवनेरी जहां शिवाजी का जन्म हुआ है, वहां की मिट्टी लेकर गया था. एक साल के भीतर काम हुआ, अभी शिवनेरी जाकर नमन करूंगा. जिन लोगों की उस वक्त जान गई, उन लोगों को नमन करता हूं.”