क्या यह एक नयी जिहाद की तैयारी है?

जिहाद किसी भी प्रकार की हो सकती है। आप उसे खड्ग से लड़ने वाली अथवा लव जिहाद का नाम दे सकते हैं। अब जिहाद का एक नया स्वरूप सामने आ रहा है, वह है बीमारी फैलाने वाला वुहान वाइरसमक्का से आए कुछ लोग जिनहोने अपने quarantine stamps मिटा दिये थे या वह भी इसी का हिस्सा नहीं हैं? ऐसे लोगों पर क्या राष्ट्र द्रोह का मामला नहीं चलना चाहिए? वुहान वायरस से लड़ने के लिए पीएम मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और अधिकांश राज्य सरकारों ने कमर कस ली है। पर कुछ लोग ऐसे भी हैं जो जानबूझकर इस काम में भी बाधा डाल रहे हैं। अभी पुलिस की कार्रवाई में कुछ ऐसे विदेशी प्रचारक पकड़े गए हैं, जो इस्लामिक प्रचार के नाम पर अपने कर्मों से वुहान वायरस फैलाने पर तुले हुए हैं। सूत्रों की मानें तो बंगाल में जहां रोहङियाओं को सरकारी पराश्रय मिलता है वहाँ इन लोगों की तादाद चिंताजनक ढंग से अधिक हो सकती है।

अभी हाल ही में बिहार में एक मस्जिद से एक दर्जन से भी ज़्यादा मुसलमान पकड़े गए हैं, जिन पर वुहान वायरस से संक्रमित होने का खतरा बताया जा रहा था। इसके पश्चात तो ऐसे संदिग्धों को पकड़ने के लिए देशभर में छापेमारी की जाने लगी।

रांची में भी 11 मौलवियों को धरा गया

इसी तरह रांची में भी इस्लामिक प्रचारकों की वजह से लोगों को कोरोना के खौफ का सामना करना पड़ा। दरअसल, कोरोना वायरस से सर्वाधिक प्रभावित देश चीन, कजाकिस्तान और किर्गिस्तान के 11 नागरिकों के रांची के तमाड़ के रडग़ांव स्थित एक मस्जिद में ठहरे होने की सूचना पर इलाके में हड़कंप मच गया। इसकी सूचना पुलिस प्रशासन को दी गई। पुलिस-प्रशासन मेडिकल टीम के साथ वहां पहुंची और सभी मौलवियों की स्वास्थ्य जांच की। सभी को रेस्क्यू करते हुए क्वारंटाइन के लिए मुसाबनी स्थित कांस्टेबल ट्रेनिंग स्कूल भेज दिया गया।

परन्तु प्रशासन को ऐसा क्यों करना पड़ा? ऐसी क्या आवश्यकता आ पड़ी? चलिए हम आपको बताते हैं… ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि इस्लामिक प्रचारक मजहब के नाम पर विशाल भीड़ इकट्ठा कर लोगों में वुहान वायरस से संक्रमण का खतरा बढ़ा रहे हैं, जिसका प्रतिकूल असर दक्षिण पूर्व एशिया के कुछ इस्लाम बहुल देशों में भी देखने को मिला है।

इस कारण से तमिलनाडु में भी कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। शुक्रवार को राज्य सरकार के स्वास्थ्य मंत्री ने जानकारी दी कि राज्य में अब तक कुल 6 मामले आ चुके हैं। जिनमें से तीन विदेशी नागरिकों को पकड़ा गया है। एक थाई नागरिक है जबकि दूसरा इटली का रहने वाला बताया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, थाईलैंड के दोनों ही नागरिक तबलीगी जमात के इस्लामिक धर्मगुरु हैं।

जब इन तीनों विदेशी नागरिकों का मेडिकल टेस्ट हुआ तो कोरोना पॉजिटिव आया। अधिकारियों के अनुसार ये दोनों इस्लामिक धर्मगुरु 6 मार्च को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर उतरे इसके बाद ये दोनों किसी होटल में ठहरे। फिर 10 मार्च को मिलेनियम एक्सप्रेस से इरोड के लिए यात्रा की थी। अब इससे समझा जा सकता है कि इन दोनों ही इस्लामिक धर्मगुरुओं ने कितने लोगों की जान खतरे में डाली होगी।

अब बता दें कि दोनों थाई प्रचारक जिस तब्लीगी जमात से आते हैं, ये संगठन दुनिया के 213 मुल्कों में फैली हुई है। जमात से दुनियाभर के 15 करोड़ लोग जुड़े हुए हैं। जमात कोई सरकारी मदद नहीं लेती है। जमात की कोई बेवसाइट, अखबार या चैनल नहीं है। भारत में जमात का हेड ऑफिस दिल्ली में हज़रत निजामुउद्दीन दरगाह के पास है। जमात की एक खास बात ये है कि ये अपना एक अमीर (अध्यक्ष) चुनते हैं और उसी की बात मानते हैं।

अब बात करते हैं कोरोना वायरस फैलाने में मुस्लिम प्रचारकों के सहभागिता की। इस महामारी को फैलाने में विशेषकर तब्लीगी जमात ने मिडल ईस्ट में कई सभाएं की। इनमें से एक कुआलालंपुर में पेटलिंग मस्जिद में चार दिवसीय मुस्लिम जनसभा का आयोजन किया गया, जिसमें 1500 विदेशियों सहित 16 हजार स्थानीय लोग शामिल हुए थे। इस खबर के लिखे जाने तक मलेशिया में 1500 से ज़्यादा वुहान वायरस के केस कंफर्म हो चुके हैं।

बताया जाता है कि लगभग दो तिहाई मामलों को इस जनसभा के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था, जो 27 फरवरी से 1 मार्च के बीच आयोजित की गई थी। यही वजह था कि दक्षिण पूर्व एशिया में कोरोना का प्रकोप एकाएक बढ़ा।

परन्तु यह खतरा केवल तमिलनाडु या तेलंगाना तक ही सीमित नहीं है। इस खतरे की चपेट में दिल्ली जैसे राज्य भी हैं। धर्म के नाम पर जिस तरह इन लोगों ने शाहीन बाग में उपद्रव मचा रखा था, वह प्रदर्शन स्थल के उखाड़ कर फेंके जाने के बाद भी नहीं बदला है। ऐसे में धर्म के नाम पर जिस तरह से वुहान वायरस के कैरियर बनने में इस्लामिक प्रचारकों ने सहभागिता निभाई है, वह भारत सहित कई देशों के लिए काफी घातक सिद्ध हो सकता है।

वारिस पठान के 15 करोड़ मुस्लिम वाले बयान पर राजनीति गर्माई

वारिस पठान ने जो आग सुलगाई है उसकी आंच पूरे भारतीय समाज को लील सकती है। तेलंगाना के गोशामहल से बीजेपी विधायक टाइगर राजा सिंह ने कहा कि अगर कोई पाकिस्तान जिंदाबाद बोलेगा उनके खिलाफ एफआईआर नहीं बल्कि पाकिस्तान छोड़कर आना चाहिए। वारिस पठान कहता है कि 15 करोड़ मुस्लिम 100 करोड़ पर भारी पड़ेंगे। ये किस भाषा का उपयोग कर रहे हो। क्या तुम लोग हम पर भारी पड़ोगे? क्या एक बार ट्रायल देख लेंगे है इतना दम आप में। उन्होंने कहा है कि वो वारिस है या लावारिस है। कहता है कि इनकी शेरनियां सड़कों पर बैठी है तो हमें पसीने आ गए। इनकी शेरनियां 500 रुपये देकर रोड पर बैठती है। इनकी शेरनियां अगर रोड पर आ गई तो शेर क्या जंगल में झक मारने गए है और क्या इनके शेर नपुंसक हैं। अगर हमारे हिंदुस्तानी शेर घर से निकल गए तो किन-किन शेरनियों का शिकार करेंगे। खुला चैलेंज देता हूं कि आ जा। 

चंडीगढ़:

ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान के 100 करोड़ पर भारी पड़ेंगे 15 करोड़ वाले बयान पर राजनीति गरमा गई है। वारिस पठान ने अपने बयान पर माफी मांगने से इनकार कर दिया है और कहा है कि मेरे बयान को गलत और तोड़मोड़ कर पेश किया गया है। वहीं इस बयान पर तेलंगाना से बीजेपी विधायक ने खुला चैलेंज दिया है कि एक बार ट्रायल करके देख लो। बीजेपी सांसद ने तो पठान को उत्तर प्रदेश आने का न्योता भी दे दिया है। आरजेडी नेता तेजस्वी ने उनकी गिरफ्तारी की मांग की है। 

इनकी शेरनियां 500 रुपये देकर रोड पर बैठती है: बीजेपी विधायक राजा सिंह

तेलंगाना के गोशामहल से बीजेपी विधायक टाइगर राजा सिंह ने कहा कि अगर कोई पाकिस्तान जिंदाबाद बोलेगा उनके खिलाफ एफआईआर नहीं बल्कि पाकिस्तान छोड़कर आना चाहिए। वारिस पठान कहता है कि 15 करोड़ मुस्लिम 100 करोड़ पर भारी पड़ेंगे। ये किस भाषा का उपयोग कर रहे हो। क्या तुम लोग हम पर भारी पड़ोगे? क्या एक बार ट्रायल देख लेंगे है इतना दम आप में। उन्होंने कहा है कि वो वारिस है या लावारिस है। कहता है कि इनकी शेरनियां सड़कों पर बैठी है तो हमें पसीने आ गए। इनकी शेरनियां 500 रुपये देकर रोड पर बैठती है। इनकी शेरनियां अगर रोड पर आ गई तो शेर क्या जंगल में झक मारने गए है और क्या इनके शेर नपुंसक हैं। अगर हमारे हिंदुस्तानी शेर घर से निकल गए तो किन-किन शेरनियों का शिकार करेंगे। खुला चैलेंज देता हूं कि आ जा। 

ऐसे नेताओं को गिरफ्तार किया जाना चाहिए: तेजस्वी
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा ‘ये बयान शर्मनाक है और उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए। एआईएमआईएम भाजपा की बी-टीम के रूप में काम कर रही है। उसी तरह अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा जैसे नेताओं को भी गिरफ्तार किया जाना चाहिए। जो कोई भी उत्तेजक बयान दे उसके खिलाफ कार्रवाई होनी ही चाहिए।

भाजपा और AIMIM एक दूसरे के पूरक हैं: दिग्विजय सिंह

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि इसी प्रकार के बयान असाउद्दीन ओवेसी सांसद के भाई अकबरउद्दीन ओवेसी विधायक ने दिए थे। वारिस पठान के खिलाफ सख़्त कार्रवाई होना चाहिए। कांग्रेस सदैव कट्टरपंथी विचारधारा के खिलाफ लड़ी है। भाजपा और AIMIM एक दूसरे के पूरक हैं। दोनों धार्मिक भावना फैला कर नफ़रत पैदा करते हैं।

कौन सी आजादी चाहिए, किससे आजादी चाहिए: संबित पात्रा

बीजेपी के नेता संबित पात्रा ने कहा है कि ओवैसी की पार्टी के कद्दावर नेता वारिस पठान कहते हैं कि हम छीन कर लेंगे आजादी। मैं इन तथाकथित लिबरल से पूछना चाहता हूं कि कौन सी आजादी चाहिए, किससे आजादी चाहिए? ओवैसी की पार्टी ने कहा है कि 15 करोड़, 100 करोड़ पर भारी पड़ेंगे। अगर भाजपा के नेता ने ऐसा कोई बयान दे दिया होता तो आज सारे तथाकथित लिबरल सड़क पर उतर जाते, पूरे देश में कोहराम मचा देते। लेकिन आज एक भी सामने नहीं आ रहा है, एक भी सवाल नहीं पूछ रहा है। ये सारे लोग हमारे मुस्लिम भाइयों को बरगला रहे हैं, भ्रमित कर रहे हैं। इन सभी लोगों के हाथ में संविधान और दिल में वारिस पठान है, ये साबित कर दिया है। आज ये स्पष्ट हो गया है कि इनके हाथ में संविधान और मन में वारिस पठान है।

आओ कभी उत्तर प्रदेश में: बीजेपी संसाद

उत्तर प्रदेश के कानपुर से बीजेपी सांसद सत्यदेव पचौरी ने वारिस पठान के बयान का विडियो पोस्ट करते हुए लिखा है, ‘आओ कभी उत्तर प्रदेश में।’ 

क्या ये हिंदुस्तान को पाकिस्तान बनाना चाहते हैं?
केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता गिरिराज सिंह ने वारिस पठान के बयान पर ट्वीट कर कहा, ‘ओवैसी का भाई-15 मिनट के लिए पुलिस हटा लो, 100 करोड़ हिंदुओं को बता देंगे। वारिस पठान -15 करोड़, 100 करोड़ पर भारी पड़ेंगे। ओवैसी के मंच से ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’। ‘कांग्रेस, राजद और टुकड़े-टुकड़े गैंग से पूछना चाहते हैं क्या ये हिंदुस्तान को पाकिस्तान बनाना चाहते हैं?

ऐसे बयान देश को तोड़ने का काम करते हैं: संजय सिंह

आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने कहा है कि वारिस पठान का बयान काफी निदंनीय और शर्मनाक है। ऐसे लोग समाज और देश को तोड़ने का काम करते है। ऐसे बयान से देश जुड़ता नहीं और एकता भाईचारा नहीं बनता है। सभ्य समाज में इसे स्वीकारा नहीं जा सकता। देश में दंगल कराएंगे, झगड़ा करना चाहते हैं। 

क्या कहा था वरिस पठान ने

वारिस पठान ने बिना किसी धर्म का नाम लिये कहा था कि देश में मुसलमानों की संख्या भले ही 15 करोड़ से कम हो लेकिन जरूरत पड़ने पर वे 100 करोड़ लोगों पर भारी पड़ेंगे। उन्होंने कहा था कि अभी तो केवल मुस्लिम महिलाएं बाहर निकली हैं तो पूरा देश परेशान हो गया। जब पूरा समुदाय एकजुट होकर बाहर निकलेगा, तब बहुत बड़ा असर पड़ेगा। मुंबई के भायखला से पूर्व विधायक ने विवादित बयान देते हुए कहा था कि ईंट का जवाब पत्थर से देना हमने सीख लिया है। मगर इकट्ठा होकर चलना होगा। अगर आजादी दी नहीं जाती तो हमें छीनना पड़ेगा। वे कहते हैं कि हमने औरतों को आगे रखा है, अभी तो केवल शेरनियां बाहर निकली हैं तो तुम्हारे पसीने छूट गए। तुम समझ सकते हो कि अगर हम सब एक साथ आ गए तो क्या होगा। पन्द्रह करोड़ हैं लेकिन 100 के ऊपर भारी हैं। ये याद रख लेना। उन्होंने जब यह बयान दिया तो वहां हैदराबाद से सांसद एवं एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी भी मौजूद थे।

पहले 15 करोड़ अब ‘पाकिस्तान ज़िंदाबाद’ AIMIM हर कदम बे-नकाब होती हुई

राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा कहाँ हैं? वास्तविक रूप में इनके हाथ में संविधान है, दिल में वारिस पठान है, आज ये स्पष्ट हो गया है, क्योंकि इनमें से एक भी व्यक्ति निकलकर कोई वारिस पठान पर सफाई नहीं मांग रहा है. संबित पात्रा ने कहा, “जब मंच के पीछे पाकिस्तान को ऑक्सीजन देने की बात होती है, और मंच के आगे संविधान और तिरंगा पकड़ने का नाटक किया जाता है, तो कभी-कभी हकीकत मुंह से निकल जाती है.”

चंडीगढ़ :

 नागरिकता संशोधन के खिलाफ लड़ाई ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ तक पहुंच गई है. जो लड़ाई जिन्ना वाली आजादी से शुरू हुई थी वो चिकन नेक काटने से होते हुए छीन कर लेंगे आजादी के बाद अब पाकिस्तान जिंदाबाद तक पहुंच गई है. मंच भी वही था जहां से 15 करोड़ वाली धमकी दी गई थी, जहां से हिंदुओं को हिलाने की धमकी दी गई थी. जहां से 15 करोड़ को 100 करोड़ वाला दंगा प्लान बताया गया था उसी मंच के पाकिस्तान जिंदाबाद का वायरस मुल्क में फैलाने की कोशिश की गई. सवाल ये है कि ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ वाला वायरस हिदुस्तान में कब तक बर्दाश्त करेगा. 

हालांकि, ओवैसी ने तुरंत मंच पर ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ कहने वाली लड़की को रोका लेकिन सवाल अभी भी वहीं बना हुआ है. देशद्रोह के लिए जिस मंच से उकसाया और भड़काया जाएगा, उस मंच से ऐसी ही चीजें निकलकर आना स्वाभाविक है. बीजेपी ने आरोप लगाया है कि मंच के पीछे पाकिस्तान को ऑक्सीजन दी जाती है, इसलिए तिरंगे और देशभक्ति वाली एक्टिंग ज्यादा समय तक नहीं चल पाई और सच्चाई सामने आ गई. 

बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “कहां हैं राहुल गांधी? कहां हैं प्रियंका जी? वास्तविक रूप में इनके हाथ में संविधान है, दिल में वारिस पठान है, आज ये स्पष्ट हो गया है, क्योंकि इनमें से एक भी व्यक्ति निकलकर कोई वारिस पठान पर सफाई नहीं मांग रहा है. पात्रा ने कहा, “जब मंच के पीछे पाकिस्तान को ऑक्सीजन देने की बात होती है, और मंच के आगे संविधान और तिरंगा पकड़ने का नाटक किया जाता है, तो कभी-कभी हकीकत मुंह से निकल जाती है.” 

उधर, कांग्रेस नेता हुसैन दलवई का कहना है कि जिन्ना इस तरह से ही बातें करते थे और उनको इस बात को ध्यान में रखना चाहिए कि इस देश में जिन्ना अभी पैदा नहीं होगा. ना जिन्ना को हिंदू मानेगा ना मुसलमान मानेगा. केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “जो लोग देशद्रोही नारे लगा रहे हैं, क्योंकि उनको कुछ राजनीतिक पार्टियों का समर्थन मिल रहा है.” शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत का कहना है कि आपके मंच पर ऐसी व्यक्ति आती है और नारे देती है उसका मतलब आपने इस देश में ज़हर घोल दिया है.

भाजपा ने 3 प्रदेश प्रमुखों को बदला

बीजेपी की तरफ से जारी बयान के अनुसार, मध्य प्रदेश बीजेपी के नए अध्यक्ष खजुराहो के सांसद विष्णु दत्त शर्मा को बनाया गया है, जबकि केरल बीजेपी का अध्यक्ष के. सुरेन्द्रन को बनाया गया है. वहीं सिक्किम में दल बहादुर चौहान को फिर से प्रदेश बीजेपी का नया अध्यक्ष बनाया गया है.

नई दिल्ली: बीजेपी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा के पदभार ग्रहण करने के साथ ही तेजी से राज्यों में भी प्रदेश अध्यक्षों के चयन का काम शुरू हो गया है. इसी कड़ी में नड्डा ने शनिवार को तीन प्रदेशों में अध्यक्षों की नियुक्ति कर दी.

बीजेपी की तरफ से जारी बयान के अनुसार, मध्य प्रदेश बीजेपी के नए अध्यक्ष खजुराहो के सांसद विष्णु दत्त शर्मा को बनाया गया है, जबकि केरल बीजेपी का अध्यक्ष के. सुरेन्द्रन को बनाया गया है. वहीं सिक्किम में दल बहादुर चौहान को फिर से प्रदेश बीजेपी का नया अध्यक्ष बनाया गया है.

सबसे चौंकाने वाला फैसला मध्यप्रदेश को लेकर किया गया है, जहां राकेश सिंह की जगह पर खजुराहो के सांसद विष्णुदत्त शर्मा को बीजेपी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. शर्मा मूलत: मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के निवासी हैं. उन्हें वी.डी. शर्मा के नाम से भी जाना जाता है. वह 32 वर्षों से लगातार सक्रिय राजनीति में है.

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से राजनीति शुरू करने के बाद विष्णुदत्त शर्मा को संगठन में अनेक पद मिले. मौजूदा समय में वह पार्टी के प्रदेश महामंत्री हैं. प्रदेश की राजनीति में उन्हें बड़ा चेहरा माना जाता है. संघ से भी उनका जुड़ाव रहा है.

विष्णुदत्त शर्मा के बारे में बताया जाता है कि वह संघ और बीजेपी संगठन से जुड़े जमीनी नेता हैं. विष्णुदत्त शर्मा 1987 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में शामिल हुए. 1995 से उन्होंने पूर्ण रूप से राजनीति में कदम रखा. इससे पहले 1993 से 1994 तक वह मध्यप्रदेश में सचिव रहे.

विष्णुदत्त शर्मा 2001 से 2007 तक मध्यप्रदेश एबीवीपी राज्य संगठन सचिव रहे. इस दौरान विष्णुदत्त शर्मा एबीवीपी के राष्ट्रीय सचिव भी रहे. वह 2007 से 2017 तक मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के क्षेत्रीय संगठन सचिव रहे. 2007 से 2009 तक विष्णुदत्त शर्मा एबीवीपी के राष्ट्रीय महासचिव भी रहे.

दल बहादुर

सिक्किम में एक बार फिर दल बहादुर चौहान को बीजेपी अध्यक्ष बनाया गया है. दल बहादुर को सिक्किम बीजेपी में सबसे बड़ा नाम माना जाता है. वहीं केंद्र में मुरलीधरन के मंत्री बनने के बाद बीजेपी केरल में एक ऐसे नेता की तलाश में थी, जिनकी राज्य में पहचान हो. के. सुरेन्द्रन संघ से जुड़े रहे हैं और उनकी पहचान एक फायरब्रांड नेता की रही है.

अरबी भाषा को पढ़ाना और धार्मिक पुस्तकें बांटना सरकार का काम नहीं है: हिमंत बिस्व सरमा

एक ओर जहां केजरिवाल, ममता बनर्जी, जगन रेड्डी, केरल सरकार और तो और ठाकरे मुस्लिम तुष्टीकरण से, मौलवियों इत्यादियों को मोटी तनख़्वाहें बाँट – बाँट कर, मदरसों को मुफ्त किताबें कापियाँ दे कर अपनी सरकरें बना/बचा रहे हैं और स्वयं को सेकुलर कह रहे हैं वहीं असम के शिक्षा मंत्री हेमंत बीस्व सरमा ने सही मायने में धर्मनिरपेक्षता की मिसाल दी है। उन्होने सरकारी सहायता से चलने वाले मदरसों और संस्कृत विद्यालयों को बंद कर वहाँ नियमित विद्यालयों को आरंभ करने की बात कही है।

नयी दिल्ली(ब्यूरो):

असम के शिक्षा मंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने एक बड़ा फैसला लेते हुए राज्य के सरकारी सहायता से चलने वाले सभी मदरसों को बंद करने का फैसला लिया है। असम सरकार ने साफ तौर पर कहा है कि उसने ऐसा धर्मनिरपेक्षता को बढ़ावा देने के लिए किया है। इसी के साथ असम सरकार के शिक्षा मंत्री ने कहा है कि राज्य में अरबी भाषा पढ़ाना और धार्मिक पुस्तकें बांटना सरकार का काम नहीं है।

असम के शिक्षा मंत्री सरमा ने इसपर कहा,

“हम राज्य के सभी सरकारी मदरसों को बंद कर रहे हैं, क्योंकि हमें लगता है कि अरबी भाषा को पढ़ाना और धार्मिक पुस्तकें बांटना सरकार का काम नहीं है। अगर किसी को ऐसा करना है तो वह अपने पैसे से कर सकता है, इसके लिए सरकार कोई फंड जारी नहीं करेगी”।

सरकार ने मदरसों के साथ-साथ सरकारी पैसे पर चलने वाले कुछ संस्कृत स्कूलों को भी बंद कर दिया है और इन सब को नियमित स्कूलों में बदल दिया जाएगा।

हिमंत बिस्व सरमा ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा “राज्य में अभी 1200 मदरसा और लगभग 200 ऐसे संस्कृत स्कूल हैं जो बिना किसी बोर्ड के चल रहे हैं। समस्या यह है कि इन मदरसों में पढ़ने वालों छात्रों को भी अन्य नियमित स्कूलों के छात्रों की तरह ही समान डिग्री दी जाती है। इसीलिए अब सरकार ने इन सब मदरसों और संस्कृत स्कूलों को नियमित करने का फैसला लिया है”।

यह फैसला न सिर्फ राज्य सरकार के हित में है बल्कि इससे छात्रों का भविष्य भी सुरक्षित हो सकेगा, क्योंकि एक स्वतंत्र बोर्ड के तहत आने के कारण अब छात्रों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा मिल सकेगी और साथ ही ऐसे स्कूलों की जवाबदेही भी तय हो सकेगी। इसके अलावा राज्य सरकार ने ऐसा करके अपने यहां धर्मनिरपेक्षता को भी बढ़ावा दिया है। सालों तक देश में सेक्यूलरिज़्म के नाम पर मुस्लिमों का तुष्टीकरण करने की राजनीति की जाती रही है जिसे अब राज्य की भाजपा सरकार ने नकार दिया है।

सरकार एक सेक्युलर बॉडी होती है, जिसके लिए सभी धर्म एक समान होते हैं। ऐसे में सरकार किसी एक धर्म के प्रचार के लिए पैसे नहीं खर्च कर सकती। इसीलिए सरकार ने अपने पैसों पर चलने वाले मदरसों को लेकर यह फैसला लिया है। जिसे अपने धर्म का प्रचार अपने पैसे से करना है, उसका स्वागत है लेकिन सरकार की ओर से उन्हें एक भी रुपया नहीं दिया जाएगा।

सरकार का यह फैसला स्वागत योग्य है और असम सरकार ने देश की उन सरकारों के लिए एक उदाहरण पेश किया है जो सिर्फ अपनी राजनीति को चमकाने के लिए मुस्लिमों का तुष्टीकरण करती हैं। असम सरकार ने सही मायनों में एक सेक्युलर सरकार होने का प्रमाण दिया है।

क्या बंगाल बिहार में भी होगा शाहीन बाग वाला प्रयोग?

चुनाव परिणाम आते ही दिल्ली में शाहीन बाग की राजनीति का पटाक्षेप हो गया। धरना उठा लिया गया। शाहीन बाग भाजपा के विपक्षी दलों द्वारा प्रायोजित था। अब चूंकि यह प्रयोग सफल रहा विपक्षी दल इसे अपने अपने क्षेत्र में चुनावों के दौरान आजमाएंगे। और ध्रुवीकरण में सफल भी होंगे। अब भाजपा को इस नए अस्त्र की काट तालाशनी होगी, जो फिलवक्त भाजपा के चाणक्यों के पास नहीं है। अब इसी अस्त्र का किस प्रकार और कहाँ प्रयोग होगा यह तो समय ही बताएगा परंतु यह तय है की इसका प्रयोग होगा ज़रूर।

इस समय राष्ट्रीय राजनीति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कोई विकल्प नहीं है और उनके खिलाफ मुकाबले के लिए विपक्ष के पास कोई बड़ा चेहरा भी नहीं है. विपक्ष में एक तरफ शरद पवार, ममता बनर्जी, एम के स्टालिन और चंद्रबाबू नायडू जैसे नेता हैं तो दूसरी ओर राहुल गांधी और सोनिया गांधी जिनका महत्व लगातार कम हो रहा है. ऐसी स्थिति में अरविंद केजरीवाल विपक्ष के पोस्टर ब्वॉय बनने का दावा कर सकते हैं. अरविंद केजरीवाल ये कह सकते हैं कि देश की राजनीति में मोदी का विजय रथ रोकने की क्षमता उन्हीं में है. उन्होंने दिल्ली की लड़ाई में मोदी को लगातार दो बार हराया है.

Ravirendra-Vashisht
राजविरेन्द्र वशिष्ठ, संपादक
demoraticfront.com

देश में फिर से ‘मोदी बनाम ऑल’ की जंग शुरू हो गई है. विपक्ष आम आदमी पार्टी (AAP) की जीत में अपनी जीत देख रहा है. विपक्ष को मोदी का विकल्प केजरीवाल में दिख रहा है. दिल्ली में AAP की जीत पर शिवसेना बीजेपी पर निशाना साधा है. सामना में लिखा है कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह की हवाबाज नीति नाकाम हो गई. दिल्ली-मुंबई में AAP-शिवसेना का सीएम होना बीजेपी के लिए कलेजा चीरने वाला है. वहीं कांग्रेस के नेता कुछ इस अंदाज में बधाई दे रहे है जैसे कि आम आदमी पार्टी नहीं कांग्रेस जीती हो. मोदी के खिलाफ विपक्ष  ‘हसीन सपने’ देख रहा है. 

एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने कहा, “दिल्ली में पूरा देश बसा है. अब उनको परिवर्तन के लिए एक नया कोई रास्ता चाहिए ये बात देश के सामने उन्होंने दिखाया है. ये जो नतीजे हैं इससे देश में आगे जब चुनाव आएगा, तब क्या होगा इसकी एक झलक इससे साफ हो रही है.” नेता कांग्रेस पीएल पुनिया ने कहा, “बीजेपी और उनकी राजनीति को हराया जा सकता है. अच्छी तरह से ये एक संकेत है.” 

इस समय राष्ट्रीय राजनीति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कोई विकल्प नहीं है और उनके खिलाफ मुकाबले के लिए विपक्ष के पास कोई बड़ा चेहरा भी नहीं है. विपक्ष में एक तरफ शरद पवार, ममता बनर्जी, एम के स्टालिन और चंद्रबाबू नायडू जैसे नेता हैं तो दूसरी ओर राहुल गांधी और सोनिया गांधी जिनका महत्व लगातार कम हो रहा है. ऐसी स्थिति में अरविंद केजरीवाल विपक्ष के पोस्टर ब्वॉय बनने का दावा कर सकते हैं. अरविंद केजरीवाल ये कह सकते हैं कि देश की राजनीति में बीजेपी का विजय रथ रोकने की क्षमता उन्हीं में है. उन्होंने दिल्ली की लड़ाई में बीजेपी को दो बार हराया है. आने वाले समय में हो सकता है कि अरविंद केजरीवाल खुद को एक राष्ट्रीय नेता और आम आदमी पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी बताकर दूसरे राज्यों में भी प्रचार करें. अरविंद केजरीवाल जानते हैं कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विकल्प बनना है तो उन्हें राष्ट्रवाद और हिंदुत्व अपनाना ही होगा. 

अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के चुनाव में सॉफ्ट हिंदुत्व का भी सहारा लिया. चुनाव-प्रचार के दौरान उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ किया था तो आज जीत के बाद उन्होंने मंदिर जाकर हनुमान जी के दर्शन किए. इसके जरिए उन्होंने ये जताने की कोशिश की है कि वो सॉफ्ट हिंदुत्व का एक मजबूत चेहरा भी बन सकते हैं. यानी अरविंद केजरीवाल अपनी ऐसी छवि बनाने की कोशिश में हैं जिसमें विकास, राष्ट्रवाद और सॉफ्ट हिंदुत्व तीनों हो.

आआपा की जीत के साथ भाजपा ने खोया एक और राज्य

हार हार होती है, हार को स्वीकार करना आपकी मजबूरी है आपकी रणनीति का आपकी क्षमताओं की विफलता का लौह स्तंभ है उसे आप कैसे भी शब्दों का मुल्ल्म्मा चढ़ा लें दिल्ली से भाजपा आने वाले 5 सालों के लिए बाहर है। जिस मक़ाम के लिए भाजपा पिछले 22 सालों से प्रयासरत है उसे आम आदमी पार्टी लगातार तीसरी बार जीती, अरविंद केरिवल तीसरी बार लगातार मुख्यमन्त्री बने लगातार तीसरी बार आम आदमी पार्टी की रणनीति वही थी देश के बांटने वालों का, टुकड़े – टुकड़े गैंग का रक्षण और शाहीन बाग का प्रायोजित कार्यक्रम। जिसे दिल्ली का उप मुख्यमंत्री खुद कहता है की वह शाहीन बाग में बैठे लोगों का समर्थन करता है।

दिल्ली में आम आदमी पार्टी की जीत के कारणों का विश्लेषण हो रहा है मीडिया का 1 वर्ग दावा कर रहा है कि केजरीवाल को उसके कामों की कारण सफलता मिली है लेकिन सच्चाई यह है कि केजरीवाल की सांप्रदायिक राजनीति की जीत है। ऐसा कहने के पीछे कुछ ठोस कारण भी हैं। दरअसल पिछले 5 साल में केजरीवाल ने जो राजनीति की उसमें हिंदुओं को मुफ्त बिजली और मुफ्त पानी मिला लेकिन दूसरी तरफ मुसलमानों को वह मिला जो वह चाहते रहे यही कारण है कि एक बार इस बार मुस्लिम इलाकों में आम आदमी पार्टी को लगभग 100 फ़ीसदी वोट मिले हैं। यह तो साफ था के बीजेपी को मुस्लिम वोट नहीं मिलने वाले लेकिन उन्होंने कांग्रेस को भी झटका दे दिया और लगभग सारे वोट आम आदमी पार्टी के खाते में गए इसका कारण समझने के लिए पिछले 5 साल के केजरीवाल के कामों पर नजर डालनी होगी।

मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति

अरविंद केजरीवाल की यह नीति पहली बार तब खुलकर सामने आई थी जब मार्च 2016 में दिल्ली के विकासपुरी इलाके में डेंटिस्ट डॉक्टर पंकज नारंग कि उनके घर में घुसकर परिवार के सामने हत्या कर दी गई हत्या रे पड़ोस की झुग्गी बस्ती में रहने वाले बंगलादेशी मुसलमान थे। लिहाजा अरविंद केजरीवाल ने उनके परिवार से मिलना तो दूर इस हत्याकांड के विरोध में एक औपचारिक बयान देना तक जरूरी नहीं समझा ऐसा करके उसने दिल्ली में जगह-जगह पहले बंगलादेशी मुसलमानों और उनकी सरपरस्ती कर रहे कट्टरपंथियों को एक संदेश दे दिया इसके बाद ऐसे मुद्दों पर उनका यह रवैया लगभग हर समय बना रहा केजरीवाल ने मुस्लिम तुष्टीकरण के लिए जो दूसरा सबसे बड़ा दांव खेला था मस्जिद को उठाना हर महीने की सैलरी इमाम ही नहीं मस्जिद के अन्य कर्मचारी के वेतन का भी ऐलान किया गया। इसके अलावा नोटबंदी और सर्जिकल स्ट्राइक पर भी केजरीवाल कहीं ना कहीं मुस्लिम समुदाय और पाकिस्तान परस्ती वाला रहा दूसरी और हिंदू समुदाय इसी बात से खुश होता रहा क बिजली का बिल आधा हो गया और पानी मुफ्त।

हिंदू मुफ्त खोरी के चक्कर में भ्रमित रहा

केजरीवाल ने वोटिंग से ठीक पहले हनुमान मंदिर जाकर दर्शन किए उसे पता था कि हिंदुओं को भ्रमित करने के लिए उसका यह दाव काफी था इतने भर से कई लोगों को यकीन हो गया कि वह हिंदू विरोधी एजेंडे पर काम नहीं करेगा और इसीलिए शाहीन बाग और बाकी गलत काम भुला दिया गए। इसके अलावा केजरीवाल ने दिल्ली में अपना इकोसिस्टम बनाने में भी जोरदार कामयाबी हासिल की जानते हैं। ऐसे कुछ और कारण:

  • केजरीवाल ने दिल्ली में सबसे कम समय में अपना इकोसिस्टम बनाया
  • अपने लोगों को हर जगह बिठाया
  • सरकारी सिस्टम से लेकर मीडिया तक में हर चैनल और अखबार में
  • एलपी कवर करने वाले उनका कार्य करता ही है।
  • एलपी कवर करने वाले रिपोर्टरों को मालामाल किया गाड़ी फ्लाइट सब कुछ दिया
  • एपीके लोग दिल्ली में कॉलेजों स्कूलों अस्पतालों में की कमेटी में बिठाए गए
  • फुल पेज विज्ञापनों से पूरे 5 साल मीडिया का मुँह बंद किया।
  • इसमें वह भी शामिल हैं जिन्हें हम राष्ट्रवादी चैनल या अखबार समझते हैं।
  • जिन रिपोर्टरों ने एपी के खिलाफ कुछ किया उन्हें नौकरी से निकलवा या
  • गंदे पानी का मामला सामने आया तो चैनलों ने केजरीवाल को क्लीन चिट भी
  • एलजी और केंद्र के झगड़ों में भी केजरीवाल को पीड़ित के तौर पर दिखाया गया
  • विपक्षी होने के बावजूद मीडिया ने बीजेपी के खिलाफ दुष्प्रचार किया।
  • कल चल एकेडमी और इवेंट के नाम पर कलाकारों की ब्रिगेड तैयार की गई
  • ट्रैफिक और डीटीसी मार्शल जैसे काम देकर कार्यकर्ताओं को उपकृत किया गया
  • जनता को मुफ्त बिजली पानी और इलाज के नाम पर खरीद लिया गया।
  • व्यापारियों से 200000 का चंदा लेकर टैक्स चोरी की खुली छूट प्रदान की गई
  • आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों को भी अलग-अलग तरीके से उपकृत किया गया।

चीनी नागरिकों को मिलने वाली ई-वीज़ा सुविधा निरस्त: एमईए

भारतीय विदेश मंत्रालय ने कोराना वायरस से प्रभावित चीन के शहर वुहान से भारतीयों को सुरक्षित निकालने के अभियान में चीन सरकार की तरफ से मिले सहयोग के लिए उसकी तारीफ की है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने जानकारी दी कि भारत ने दो उडा़नों के जरिये चीन से 640 भारतीयों और मालदीव के 7 नागरिकों को सुरक्षित निकाला है. एक सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह भी कहा कि अगर कुछ ऐसी स्थितियां बनती हैं तो भारत सरकार चीन में फंसे पाकिस्तानी छात्रों की भी मदद पर विचार कर सकती है.

नई दिल्ली: 

कोरोना वायरस (Coronavirus) के प्रकोप की वजह से भारत ने चीन के नागरिकों को दी जाने वाली ई-वीजा की सुविधा निरस्त कर दी है. साथ ही मौजूदा ई-वीजा भी अमान्य कर दिए गए हैं. इसके अलावा वुहान में फंसे पाकिस्तानी लोगों की मदद करने का संकेत दिया है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि सामान्य वीजा जो जारी किए गए हैं, वे भी अधिक वैध नहीं हैं. हालांकि, जो लोग बहुत मजबूरी के चलते भारत आना चाहते हैं, वे वीजा जारी करने के लिए हमारे दूतावास या नजदीकी वाणिज्य दूतावास से संपर्क कर सकते हैं.

राजनयिकों के लिए ई-वीजा उपलब्ध
रवीश कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कुछ श्रेणियों के लिए भारत का ई-वीजा उपलब्ध है. राजनयिक उस श्रेणी में नहीं आते हैं, क्योंकि उनका वीजा दूतावास के जरिए एक लगाया जाता है. इसलिए, यह फैसला राजनयिक प्रक्रिया को प्रभावित नहीं कर सकता है.

पाकिस्तानी छात्रों की मदद पर विचार
विदेश मंत्रालय कहा कि चीन में पाकिस्तानी छात्रों के वीडियो पर भारत से मदद मांगी है. हमें पाकिस्तान सरकार से इसके बारे में कोई अनुरोध नहीं मिला है. लेकिन, अगर ऐसी स्थिति पैदा होती है और हमारे पास संसाधन हैं तो हम इस पर विचार करेंगे.

उड़ानों पर पाबंदी नहीं
वहीं, भारत-चीन के बीच उड़ानों की रोक को लेकर रवीश ने कहा, ”मुझे किसी भी कमर्शियल उड़ान के संचालन पर भारत सरकार की तरफ से लगाए गए किसी प्रतिबंध की जानकारी नहीं है. एयरलाइंस अपने स्वयं के आकलन के आधार पर निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं.

आज का राशिफल

Aries

03 फरवरी 2020:  दोस्तों और भाइयों से सहयोग मिलेगा. नए काम शुरू होंगे और सोचे हुए काम भी पूरे होंगे. काम भी पूरे हो सकते हैं. संपत्ति के कामकाज पर ध्यान देंगे. आपका पराक्रम बढ़ सकता है. सौदेबाजी में बहुत अच्छी सफलता भी मिलने के योग हैं. आपका दिन परिवार, निजी जीवन और पैसों के मामले में ही बीत सकता है. जरूरी कामों की योजना बन सकती है. अपनी जिम्मेदारियों पर पूरा ध्यान दें. पार्टनर के लिए समय निकालें. सेहत के मामले में सावधानी जरूर रखें.

Taurus

03 फरवरी 2020:  किसी नकारात्मक मामले में फंसे तो आप कोई महत्वपूर्ण मौका भी गंवा सकते हैं. आज आप न कोई फैसला लें, न ही कोई निष्कर्ष निकालें. स्वभाव में तेजी या थोड़ा उलझने का अंदाज रहेगा. दिन आपके लिए थोड़ी सावधानी भरा रहेगा. आप सोच-समझकर बोलें. आज आपदूसरे की बात भी सुनने का ध्यान रखें. पार्टनर के साथ वाहन चलाते समय सावधानी रखें. सेहत ठीक-ठाक ही रहेगी. अच्छा भोजन भी मिलेगा.

Gemini

03 फरवरी 2020:  नए काम और नई बिजनेस डील सामने आ सकती है.परेशानियों से निपटने के लिए दिन अच्छा रहेगा. कोई नया ऑफर भी मिल सकता है. सोचे हुए काम शुरू कर दें, आपके काम जल्दी ही पूरे हो जाएंगे.रोजमर्रा के काम पूरे होने में कोई रुकावट नहीं आएगी. आप आगे भीबढ़ेंगे. महत्वपूर्ण मीटिंग और काम करने के लिए दिन शुभ है. समस्याएं भी जल्दी ही खत्म हो जाएंगी.

Cancer

03 फरवरी 2020:  लव लाइफ में गलतफहमियां हो सकती हैं. किसी मामले में लापरवाही न करें. जॉब और बिजनेस में लापरवाही या जल्दबाजी न करें. सोचे हुए काम पूरे होने में थोड़ा समय लग सकता है. आज किसी भी काम में आपको मेहनत ज्यादा करनी पड़ सकती है. कर्क राशि वाले लोगआज सेहत के मामले में लापरवाह न रहें.

Leo

03 फरवरी 2020:  आज आपके सोचे हुए कुछ काम पूरे नहीं हो पाएंगे. कई तरह के विचारों में आज आप उलझ सकते हैं. आप पैसे संभाल कर रखें. लेन-देन और निवेश के मामले में सोच-समझकर रहें. मन में कोई समस्या या परेशानी रहेगी. कड़वी बातें न करें. आज कोई प्लान न बनाएं, पुरानेकाम निपटा लें. संभलकर रहें. काम में मन नहीं लगने से परेशानी बढ़ सकती है. सेहत के मामले में दिन अच्छा है.

Virgo

03 फरवरी 2020:  बिजनेस में कुछ नई योजनाओं पर काम शुरू हो सकता है. पार्टनर से सहयोग और सुख मिलेगा. लव लाइफ के लिए दिन अच्छा रहेगा. आज सोचे हुए कुछ काम पूरे हो जाएंगे. आपकी मुलाकात महत्वपूर्ण लोगों से हो सकती है. अचानक कोई तरीका आपके दिमाग में आसकता है. आज अपने काम पर ध्यान दें. अधूरे काम समय पर निपट सकते हैं. धैर्य रखें. आपकी सेहत अच्छी रहेगी. मन भी प्रसन्न रहेगा.

Libra

03 फरवरी 2020:  दिन आपके लिए अच्छा है. आप परिस्थितियों का फायदा उठाकर अपने काम पूरे कर सकते हैं. कामकाज में भी आपका मन लगेगा.आज आपको अचानक कुछ अच्छे अवसर मिल सकते हैं. आप उनका फायदा उठाने के लिए तैयार रहें. अचानक मन में बदलाव आ सकते हैंजो कि आपके लिए फायदेमंद रहेंगे. जीवनसाथी से संबंधों में अनुकूलता रहेगी. दिन आपके लिए अच्छा है. पार्टनर से सरप्राइज मिलने के योग हैं. आपकी सेहत अच्छी रहेगी.

Scorpio

03 फरवरी 2020:  नौकरी और बिजनेस में अचानक फैसले लेने पड़ेंगे. नुकसान भी हो सकता है. कन्फ्यूजन बढ़ सकता है. किसी अनचाहे नुकसान के लिए तैयार रहें. फालतू खर्चा भी होने के योग हैं. कार्यक्षेत्र में परेशानी और असुविधा हो सकती है. कोई परेशानी भरी स्थिति है, तो आप उससेबहुत सावधानी से ही निपटें. परेशान करने वाले लोग आज आपके आसपास ही रहेंगे. न चाहते हुए भी दो तरफा बातें करनी पड़ सकती है. सेहत में उतार-चढ़ाव आ सकता है.

Sagittarius

03 फरवरी 2020:  आर्थिक मामले सुलझ जाएंगे. दाम्पत्य जीवन सुखद हो सकता है. आप समझौते और विनम्रता से उलझे हुए मामले निपटा सकते हैं. रूटीन कामों से धन लाभ हो सकता है. कर्जा लेने का मन बना सकते हैं. आपकी बड़ी परेशानियां भी खत्म हो सकती है. संतान से सहयोग मिलसकता है. नए लोगों से मुलाकात हो सकती है. नौकरी- धंधे की रुकावटें खत्म हो जाएंगी. सेहत के मामले में आपको सावधान रहना होगा.

Capricorn

03 फरवरी 2020:  आज आपको दिनभर सावधान रहना होगा. कुछ लोग अपने स्वार्थ के कारण आपके ही लिए परेशानी खड़ी करने की कोशिश करेंगे, सावधान रहें. आपके मन में उथल-पुथल हो सकती है. पुरानी बातों में आज आप उलझे हुए रहेंगे. किसी समस्या का समाधान हाथों-हाथ नहीं होगा. कुछ खास काम आज अधूरे रह सकते हैं. काम में आपका मन नहीं लगेगा. बिजनेस में नए एग्रीमेंट अभी न करें तो ही अच्छा है. सेहत के मामले में दिन ठीक-ठाक रहेगा.

Aquarius

03 फरवरी 2020:  ऑफिस में खुद को नियंत्रण में रखें. पद लाभ का योग बन रहा है. कार्यक्षेत्र की परेशानियां खत्म हो सकती हैं. आज आपकी योजनाएं सफल हो सकती हैं. आगे के कामों की योजनाएं बनाना आज आपके लिए बहुत आसान रहेगा. रुके हुए काम पूरे करने के लिए दिन अच्छा है.आपको योग्यता और अनुभव से काम करना होगा. आपकी समस्याएं निपट सकती हैं. सेहत के मामले में संभलकर रहें. रक्त विकार होने के योग हैं.

Pisces

03 फरवरी 2020:  बिजनेस में कुछ नया करने के चक्कर में आपकी परेशानी बढ़ सकती है. मन में जो उठापटक चल रही है उस वजह से आज काम में कहीं मन नहीं लगेगा. आज आप नौकरी और बिजनेस में जल्दबाजी न करें. जोखिम लेने से भी बचें. किसी बात को लेकर प्रोफेशनल लाइफ मेंआपकी टेंशन बढ़ सकती है. किए गए काम का कोई रिजल्ट न मिलें तो परेशान न हों. सेहत के मामले में दिन ज्यादा अच्छा नहीं है. भोजन समय पर कर लें.

युवा आक्रोश रैली में राहुल गांधी गरजे

28 जनवरी, जयपुर (ब्यूरो) : 

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को जयपुर में ‘युवा आक्रोश रैली’ को संबोधित किया। राहुल के भाषण का पूरा फोकस युवाओं और देश में बढ़ती बेरोजगारी पर रहा। करीब 24 मिनट की स्पीच में राहुल ने 29 बार युवा शब्द का इस्तेमाल किया। वहीं, 18 बार नरेंद्र मोदी, 6 बार बेरोजगारी, 3 बार जीडीपी और जीएसटी शब्द का जिक्र किया। सीएए, एनआरसी और एनपीआर पर सिर्फ एक बार बोले।

नेशनल रजिस्टर ऑफ अनइंप्लॉयमेंट लॉन्च किया

संबोधन से पहले राहुल गांधी ने एनआरयू यानी नेशनल रजिस्टर ऑफ अनइंप्लॉयमेंट लॉन्च किया। उन्होंने कहा कि एक ऐसा रजिस्टर बनना चाहिए, जिसमें तमाम बेरोजगारों का नाम दर्ज हो। इसे हम पीएम के पास लेकर जाएं और बताएं कि आपने युवाओं से वादा किया था और अब तक कितने बेरोजगार घूम रहे हैं। उन्होंने युवाओं को आगे बढ़ने का विजन भी दिया।

‘मेइ इन चाइना की जगह हर जगह नजर आएगा मेड इन इंडिया’

राहुल ने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री मोदी पर भी युवाओं का जिक्र करते हुए हमला किया। उन्होंने कहा, ‘मैं चेलेंज देता हूं पीएम मोदी किसी भी यूनिवर्सिटी में चले जाएं। और युवाओं से सवाल पूछवाकर देख लें। और मोदी जवाब दें। वे नहीं दे सकते हैं। राहुल के भाषण में युवाओं से जुड़ी प्रमुख बातें-

  • ‘अमेरिका के पास बड़े-बड़ हथियार हैं, एयरफोर्स है, सऊदी के पास तेल है। हमारे पास सबसे अच्छे युवा हैं। जो पूरी दुनिया को बदल सकते हैं।’
  • ‘आज हर जगह मेड इन चाइना दिखता है। अगर देश के युवा अपनी शक्ति पहचाने तो हर जगह मेड इन इंडिया दिखाई देगा।’
  • ‘आज हमारे युवा पीएम से सवाल करते हैं कि आप बताएं देश की इमेज क्यों खराब की? आपने युवाओं के लिए क्या किया तो युवाओं पर ही गोली चलाई जाती है।’
  • ‘नरेंद्र मोदी ने गरीबों और युवाओं का पैसा छीनकर 15 सबसे अमीर लोगों को दे दिया।’
  • ‘आज हिंदुस्तान का युवा कॉलेज-स्कूल में जाकर पढ़ता है। पढ़ाई के बाद आपको हिंदुस्तान में रोजगार नहीं मिल सकता। पिछले साल हिंदुस्तान में 1 करोड़ युवाओं ने रोजगार खोया है।’
  • ‘एनआरसी, सीएए और एनपीआर की बात होती है। लेकिन जो सबसे बड़ी समस्या है। युवाओं को दुख होता है हमारे पीएम रोजगार पर एक शब्द नहीं बोलते हैं।’

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