अनियमितताओं के चलते पेटीएम पर 1 करोड़ और वेस्टर्न यूनियन पर 27.78 लाख का जुर्माना

भारतीय रिजर्व बैंक ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (पीपीबीएल) पर 1 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। … इसके अलावा आरबीआई ने वेस्टर्न यूनियन फाइनेंशियल सर्विसेज पर 27.78 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मनी ट्रांसफर सर्विस स्कीम (एमटीएसएस) के निर्देशों का पालन न करने पर ये जुर्माना लगाया गया है।

दिल्ली/चंडीगढ़ :

देश के अग्रणी पेंमेंट्स बैंकों में से एक पेटीआयी एम पेमेंट्स बैंक को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई ने नियमों के उल्लंघन के लिए पेटीएम पेमेंट्स बैंक लि. यानी पीपीबीएल पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।  पेमेंट एंड सेटलमेंट की धारा 6(2) के उल्लंघन के चलते यह जुर्माना लगाया गया है.

इसके अलावा आरबीआई ने वेस्टर्न यूनियन फाइनेंशियल सर्विसेज पर 27.78 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मनी ट्रांसफर सर्विस स्कीम (एमटीएसएस) के निर्देशों का पालन न करने पर ये जुर्माना लगाया गया है।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने एक बयान में कहा कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक के ऑथराइजेशन के फाइनल सर्टिफिकेट जारी करने के आवेदन की जांच करने पर, आरबीआई ने पाया कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक ने ऐसी जानकारी दी थी, जो तथ्यात्मक स्थिति को नहीं दर्शाती थी। केंद्रीय बैंक ने कहा, “क्योंकि यह पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम एक्ट की धारा 26 (2) का उल्लंघन था, पेटीएम पेमेंट्स बैंक को एक नोटिस जारी किया गया था।”

व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान मिले लिखित जवाबों और मौखिक जानकारियों की समीक्षा करने के बाद,समीक्षा के बाद आरबीआई ने आरोपों को सही पाया। इसी के बाद पीपीबीएल पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई की गई।

हिन्दू विवाह की तरह संस्कार नहीं एक कांट्रैक्ट है निकाह कर्नाटक – उच्च न्यायालय

हाई कोर्ट ने कहा कि मुसलमानों में एक अनुबंध के साथ निकाह होता है और यह अंतत: वह स्थिति प्राप्त कर लेता है जो आमतौर पर अन्य समुदायों में होती है। यही स्थिति कुछ न्यायोचित दायित्वों को जन्म देती है। वे अनुबंध से पैदा हुए दायित्व हैं। अदालत ने कहा कि कानून के तहत नए दायित्व भी उत्पन्न हो सकते हैं।

  • कर्नाटक HC ने कहा- मुस्लिम निकाह एक कांट्रैक्‍ट है, इसके कई मायने
  • फैमिली कोर्ट का आदेश रद्द कराने हाई कोर्ट पहुंचा था मुस्लिम शख्‍स
  • कोर्ट ने याचिका रद्द कर दी, साथ ही 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया

कर्णाटक/नयी दिल्ली:

उच्च न्यायालय ने कहा है कि मुस्लिम निकाह एक अनुबंध या कॉन्ट्रैक्ट है, जिसके कई अर्थ हैं, यह हिंदू विवाह की तरह कोई संस्कार नहीं और इसके टूट जाने से बने कुछ अधिकारों एवं दायित्वों से पीछे नहीं हटा जा सकता। यह मामला बेंगलुरु के भुवनेश्वरी नगर में 52 साल के  एजाजुर रहमान की एक याचिका से संबंधित है, जिसमें 12 अगस्त, 2011 को बेंगलुरु में एक पारिवारिक अदालत के प्रथम अतिरिक्त प्रिंसिपल न्यायाधीश का आदेश रद्द करने का अनुरोध किया गया था।

रहमान ने अपनी पत्नी सायरा बानो को पांच हजार रुपये के ‘मेहर’ के साथ विवाह करने के कुछ महीने बाद ही ‘तलाक’ शब्द कहकर 25 नवंबर, 1991 को तलाक दे दिया था। इस तलाक के बाद रहमान ने दूसरी शादी की, जिससे वह एक बच्चे का पिता बन गया। बानो ने इसके बाद गुजारा भत्ता लेने के लिए 24 अगस्त, 2002 में एक दीवानी मुकदमा दाखिल किया था. पारिवारिक अदालत ने आदेश दिया था कि वादी वाद की तारीख से अपनी मृत्यु तक या अपना पुनर्विवाह होने तक या प्रतिवादी की मृत्यु तक 3,000 रुपये की दर से मासिक गुजारा भत्ते की हकदार है।

न्यायमूर्ति कृष्णा एस दीक्षित ने 25,000 रुपये के जुर्माने के साथ याचिका खारिज करते हुए सात अक्टूबर को अपने आदेश में कहा, ‘निकाह एक अनुबंध है जिसके कई अर्थ हैं, यह हिंदू विवाह की तरह एक संस्कार नहीं है। यह बात सत्य है।’ न्यायमूर्ति दीक्षित ने विस्तार से कहा कि मुस्लिम निकाह कोई संस्कार नहीं है और यह इसके समाप्त होने के बाद पैदा हुए कुछ दायित्वों और अधिकारों से भाग नहीं सकता। पीठ ने कहा, ‘तलाक के जरिये विवाह बंधन टूट जाने के बाद भी दरअसल पक्षकारों के सभी दायित्वों और कर्तव्य पूरी तरह समाप्त नहीं होते हैं।’ उसने कहा कि मुसलमानों में एक अनुबंध के साथ निकाह होता है और यह अंतत: वह स्थिति प्राप्त कर लेता है, जो आमतौर पर अन्य समुदायों में होती है। अदालत ने कहा, ‘यही स्थिति कुछ न्यायोचित दायित्वों को जन्म देती है। वे अनुबंध से पैदा हुए दायित्व हैं।’

अदालत ने कहा कि कानून के तहत नए दायित्व भी उत्पन्न हो सकते हैं। उनमें से एक दायित्व व्यक्ति का अपनी पूर्व पत्नी को गुजारा भत्ता देने का परिस्थितिजन्य कर्तव्य है जो तलाक के कारण अपना भरण-पोषण करने में अक्षम हो गई है। न्यायमूर्ति दीक्षित ने कुरान में सूरह अल बकराह की आयतों का हवाला देते हुए कहा कि अपनी बेसहारा पूर्व पत्नी को गुजारा-भत्ता देना एक सच्चे मुसलमान का नैतिक और धार्मिक कर्तव्य है। अदालत ने कहा कि एक मुस्लिम पूर्व पत्नी को कुछ शर्तें पूरी करने की स्थिति में गुजारा भत्ता लेने का अधिकार है और यह निर्विवाद है। न्यायमूर्ति दीक्षित ने कहा कि मेहर अपर्याप्त रूप से तय किया गया है और वधु पक्ष के पास सौदेबाजी की समान शक्ति नहीं होती।

त्यौहारों के मद्देनजर पंचकूला के खाद्य सुरक्षा अधिकारी डा0 गौरव शर्मा व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने शहर की विभिन्न मिठाई की दुकानों, दूध की डेयरियों, आदि का किया गया औचक निरीक्षण

  • खाद्य पदार्थो के नमूने लेकर विश्लेषण के लिए करनाल स्थित खाद्य प्रयोगशाला में भेजे-खाद्य सुरक्षा अधिकारी
  • दूषित व मिलावटी खाद्य पदार्थध्मिठाई बेचता पाया जाने पर संबंध्तिा दुकानदार के खिलाफ की जायेगी सख्त कार्यवाही-गौरव शर्मा  

पंचकूला, 19 अक्तूबर:

 त्यौहारों के मद्देनजर पंचकूला के खाद्य सुरक्षा अधिकारी डा0 गौरव शर्मा व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने शहर की विभिन्न मिठाई की दुकानों, दूध की डेयरियों, किरयाणे की दुकानों व अन्य स्थानों जैसे कोल्ड स्टोर, खाद्य पदार्थध्मिठाई बनाने की फैक्ट्रीयों आदि का औचक निरीक्षण किया और और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत खाद्य पदार्थो के नमूने लेकर विश्लेषण के लिए भेजे गए।

इस मौके पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने न खाने योग्य पदार्थों को नष्ट करवाया तथा सभी मिठाई विक्रेताओं एवं निर्माताओं व अन्य खाद्य पदार्थ बेचने वाले दुकानदारों को ताजा व शुद्ध खाद्य पदार्थ बेचने की हिदायत की। इसके साथ-साथ सभी दुकानदारों को दूषित व बासी मिठाई न बेचने की चेतावनी दी गई ताकि यदि कोई भी दुकानदार दूषित व मिलावटी खाद्य पदार्थध्मिठाई बेचता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी।

पंचकूला की पांच दुकानों से खाद्य पदार्थोंध्मिठाइयों के लिए सेंपल

उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान माजरी चैंक स्थित गुप्ता स्वीटस से खोया के नमूने लिए गए। इसी प्रकार अनुपम स्वीटस सेक्टर 11से प्लेन बर्फी, अनुपम ईटिंग हाउस, ओद्यौगिक क्षेत्र फेज-1 से गुलाब जामुन, श्री मिष्ठान ओद्यौगिक क्षेत्र फेज-1 से बेसन के लड्डू तथा बीकानेर मिष्ठान भंडार पिंजौर से खोया के नमूने लेकर विश्लेषण के लिए भेजे गए हैं। 

City loses Father of Indian Arbitration

Dr. P.C. Markanda passes away

Dr P.C. Markanda, Senior Advocate and a renowned authority on Arbitration Laws, passed away here in the wee hours of the morning after a short illness. He was 84.

One of the leading arbitration lawyers of the Supreme Court of India, architect and structural engineer, author, and academician, Dr. P.C. Markanda spoke very recently at a national level webinar on the 9th of October along with the Union Law Minsiter, Mr Kiren Rijju.

Popularly known as father of Indian Arbitration, he had been a multifaceted personality who excelled in the field of architecture as well as law.  Author of numerous papers, and books on law and architecture,

He was a Civil Engineering graduate who ventured into law and did his doctorate and acquired specialization in the fields of construction and infrastructure investment and joint venture, international and domestic supply contracts, service contracts, oil and gas company contracts, railways etc.

Dr Markanda served on various national and international artbitration law bodies, ,  . He has also served on various Boards and Advisory Committees and continues to provide advise to the voluntary sector.

As a civil engineer for 27 years he left indelible mark having constructed and designed many multi storeyed RCC structures, including Gymnasium in Punjab University having 100 feet clear span, the largest in any University in Asia, and was consultant to the Engineering Consortium in 1982 in Baghdad (Iraq).

Possessed of a strategic mind and ability to formulate bespoke solutions to clients requirements he has for many years acted for parties involved in contractual disputes. For his deep knowledge of arbitration and related fields he is on many arbitral tribunals with known High Court and Supreme Court judges.

Dr Markanda had been visiting professor and on board of studies of various universities for architecture too. 

सेवादार रणजीत सिंह हत्या मामले में डेरमुखी को उम्रक़ैद की सज़ा

पंचकूला की विशेष अदालत में रंजीत सिंह हत्‍याकांड में डेरा सच्‍चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सहित पांच दा‍ेषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। जज ने शाम करीब साढ़े चार बजे सजा का एलान किया। अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद वकीलों ने मीडिया को इसके बारे में जानकारी दी। रंजीत सिंह के पुत्र जगसीर सिंह ने फैसले को सराहनीय बताया। सीबीआइ ने गुरमीत राम रहीम को फांसी की सजा देने के मांग की थी, लेकिन अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। 

‘पुरनूर’ कोरल, पंचकूला:

सीबीआई की विशेष अदालत ने रणजीत सिंह हत्याकांड मामले में सोमवार को अपना फैसला सुना दिया है| डेरामुखी गुरमीत राम रहीम सिंह समेत पांच आरोपियों को लेकर अदालत ने अपना फैसला सुनाया है| रंजीत हत्याकांड में राम रहीम सहित पांचों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है| इसके साथ ही अदालत ने राम रहीम पर 31 लाख रुपये और बाकी आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है|

इससे पहले जज कोर्ट रूम में पहुंचे और दोषियों को भी कोर्ट रूम में बुला लिया गया। इससे पहले सजा को लेकर कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई। सीबीआइ के वकील ने गुरमीत राम रहीम को फांसी की सजा सुनाने  की मांग की। कोर्ट रूम के बाहर सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई और भारी संख्‍या में पुलिसकर्मी व अर्द्ध सुरक्षा बलों के जवान तैनात कर दिए गए।

दूसरी ओर, बचाव पक्ष ने इसका विरोध किया और कहा कि यह रेयर आफ रेयरेस्‍ट मामला नहीं है। पंचकूला स्थित हरियाणा की विशेष सीबीआइ अदालत ने डेरा सच्चा सौदा सिरसा के पूर्व मैनेजर रंजीत सिंह की हत्या के दोषी डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को उम्रकैद कैद की सजा सुनाई है। साथ ही कृष्ण लाल, अवतार, जसबीर और सबदिल भी उम्रकैद की सजा सुनाई। एक आरोपित इंद्रसेन की ट्रायल के दौरान 8 अक्टूबर 2020 को मौत हो गई थी।

राम रहीम को दो मामलों में पहले से सजा काट रहे हैं

वहीं, इससे पहले गुरमीत राम रहीम को साध्वियों से यौन शोषण के मामले में 20 साल और पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है| गुरमीत राम रहीम रोहतक की सुनारिया जेल में बंद हैं|

सनद रहे कि, हाल ही में अदालत ने इस मामले में सुनवाई करते हुए डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सहित कुल पांच लोगों को को दोषी करार दिया था| जिसके बाद अदालत में सजा के फैसले को लेकर सुनवाई की गई थी लेकिन अदालत ने सजा पर फैसला सुनाने की तारीख 18 अक्टूबर मुकर्रर की|

रंजीत सिंह हत्याकांड मामले में सुनाई जा रही हा सज़ा।

बता दें कि कुरुक्षेत्र निवासी रंजीत सिंह की 10 जुलाई 2002 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी|

मानसिक रोगों के उपचार में होम्योपैथिक दवाइयां पूरी तरह कारगर : डॉ शिल्पा चावला

चकूला – 17 अक्टूबर

देश में मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति बहुत चिन्ता जनक है। मानसिक रोगों के उपचार में होम्योपैथिक दवाइयां पूरी तरह कारगर हैं सबसे बड़ी विशेषता यह है यह रोगी को लत नहीं बनाती हैं तथा शरीर पर किसी प्रकार का दुष्प्रभाव भी नही उत्पन्न करती है।

यह जानकारी विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक, पंचकूला डॉ शिल्पा चावला ने दी। उन्होंने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा दुनिया में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के लिए प्रतिवर्ष अक्टूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य माह का आयोजन किया जाता है। उन्होंने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य संवेक्षण 2015-16 में यह तथ्य उजागर हुआ है कि देश के 15 करोड़ लोगों के मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति अच्छी नहीं है और उन्हें देखभाल की जरूरत है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में भाग दौड़ आपा-धापी की जिन्दगी, बदलती हुयी अर्थव्यवस्था के कारण जिन्दगी में तनाव, भुलक्‍कड़पन, अवसाद, चिन्दा, अनिद्रा, फोबिया, गुस्सा, हिस्टीरिया, सिजोफ्रेनिया, चिड़चिड़ापन आदि से देश की ज्यादातर आबादी ग्रसित है। उन्होंने बताया कि मानसिक बीमारी की स्थिति यह है कि दुनिया में हर 40 सेकेण्ड में एक व्यक्ति आत्महत्या कर लेता है और भारत में प्रति 1 लाख लोगों में से 15 लोग आत्महत्या कर लेते हैं। उन्होंने बताया कि देश में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के अभाव के कारण लोग उपचार नहीं कराते है और लोग झाड़-फूंक और ओझाओं के चक्कर में पड़े रहते हैं जबकि उपचार से मानसिक रोग पूरी तरह से ठीक हो सकते हैं।

उन्होंने बताया कि मानसिक रोग मस्तिक में आये किसी कारण से हुये बदलाव या रासायनिक असंतुलन, लम्बे समय तक चिन्ता ग्रस्त रहने, किसी प्रिय की मृत्यु अथवा अपमान के कारण, आनुवांशिक समस्यायें जैसे मिर्गी, मंदबुद्धि विकार, उन्माद, अवसाद, पर्सनालिटी डिस्‍ऑर्डर, मस्तिक में चोट, संक्रमण या कोई और विकार, हिंस्सा, बलात्कार, आर्थिक एवं सामाजिक परेशानियां मानसिक रोगों का कारण हैं। उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति ज्यादा आत्म केन्द्रित रहता है कि जरा सी बात में भयभीत हो जाता है तो उसे हर तरफ दुःख ही दुःख दिखायी पड़ता है, स्मरण शक्ति घटना, अलग-थलग रहने की आदत, नींद व भूख में अस्वाभाविक परिवर्तन, एकाग्रता में कमी, दूसरे के प्रति शक्कीपन के लक्षण हो तो वह मानसिक बीमारी से ग्रसित हो सकता है। उन्होंने बताया कि होम्योपैथिक में रोगी का उपचार मानसिक लक्षणों के आधार पर किया जाता है इसलिए होम्योपैथिक दवाइयां मानसिक स्वास्थ्य की देख-भाल में पूरी तरह कारगर हैं। उन्होंने बताया कि मानसिक रोगों से बचने के लिए पौष्टिक आहार, पूरी नींद, योग एवं प्राणायाम, सात्विक जीवन, सकरात्मक सोच रखनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि परिवारिक सदस्यों को यदि किसी व्यक्ति का मानसिक स्वास्थ्य खराब है तो उसका पूरा ध्यान रखना चाहिए तथा उसकी उपेक्षा के बजाय उपचार कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को सही रखना सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है क्योंकि शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य ठीक होनl अति आवश्यक है l

डॉ शिल्पा चावला तीन दिन ( मंगलवार , बृहस्पतिवार , शनिवार) अपनी सेवाएं माता मनसा देवी की डिस्पेंसरी और तीन दिन अपनी सेवाएं रायपुररानी के अस्पताल में देती हैं l बहुत से मानसिक रोगों से ग्रसित रोगी इनकी दवा और काउंसलिंग का लाभ ले कर ठीक हुए हैं l

मिसेज ट्राइसिटी ,मिसेज चंडीगढ़ शालू गुप्ता ने किया स्पॉटलाइट एंटरटेनमेंट का उद्घाटन

चंडीगढ़, 15 अक्तूबर:

‘पुरनूर’ कोरल, पंचकुला :

शहर में युवाओं, बच्चों महिलाओं को उनकी प्रतिभा निखारने का अवसर प्रदान करने के लिए स्पॉटलाईट इंटरटेनमेंट एवं प्रोडक्शन खुल गया है। सेक्टर 46 में खुले इस संस्थान का उदघाटन बल्ले-बल्ले टीवी चैनल के प्रबंधक निदेशक तपन दिवान ने किया। शहर के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े कलाकारों ने इसमें हिस्सा लिया।

इस अवसर पर प्रोडक्शन की निदेशक सोनिका शर्मा ने बताया कि हमारा यह प्रयास रहेगा कि हम युवाओं,बच्चों और महिलाओं के साथ साथ उन उम्र दराज लोगों को भी अवसर प्रदान करें जिनमें प्रतिभा तो है,मगर उन्हें आज तक अवसर नहीं मिल पाया है।  उन्होंने बताया कि हम समय समय पर बच्चों युवाओं के फैशन शो करवानेे, पंजाबी वीडियो का निर्माण करने के साथ साथ शॉर्ट फिल्म बनाने की दिशा में भी काम करेंगे। प्रोडक्शन के प्रबंधक निदेशक योगेश्वर शर्मा ने बताया कि हमने मॉडल व एक्टर आर्य सिंह को अपना ब्रांड अबैंसडर बनाया है। उन्होंने यह भी बताया कि हमारी योजना है कि समय समय पर पंजाबी सिनेमा से जुड़े कलाकारों, गायकों को भी यहां लाकर प्रशिक्षुओं से मिलवाया जाए ताकि वे उनके अनुभव का लाभ उठा सकें।

नगर निगम पंचकुला ने खोजा आपदा में अवसर

कोरोना बीमारी के दौरान हुई कोताहियाँ और घोटाले अब निकल निकल कर सामने आने लगे हैं। पंचकूला में पिछले 2 साल में हुई मौतों पर श्मशान घाट , नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े मेल ही नहीं खा रहे । नगर निगम के अनुसार कोरोना की वजह से हुई मृत्यु की संख्या 980 से ऊपर है (जिन मृतकों का संस्कार पंचकूला के श्मशान घाट में हुआ) जबकि श्मशान घाट के रिकॉर्ड के अनुसार यह संख्या साढ़े पाँच सौ और छः सौ के बीच है । स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार 2 साल में कोरोना के चलते 11 अक्टूबर 2021 तक करीब 378 व्यक्तियों की मृत्यु हुई, अब सवाल उठता है यहां किस का रिकॉर्ड सही है?

सूरज तिवारी, पंचकुला :

पंचकूला विकास मंच के देवराज शर्मा ने बताया के नगर निगम 98 लाख से अधिक की पेमेंट करने जा रहा है जोकि सही नहीं है। देवराज शर्मा ने बताया संबंधित विभाग से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार कोरोना से पीड़ित मृतकों का अंतिम संस्कार करने वाले कर्मचारियों को प्रति ₹2000 दिए जाएंगे । श्मशान घाट का रिकॉर्ड देखा जाए तो आज तक कोरोना से 550 से 600 के बीच संस्कार हुए हैं नगर निगम यह आंकड़ा 980 से ऊपर का बताता है और उसी के अनुसार पैसा भी दे रहा है शर्मा ने नगर निगम कमिश्नर आयुक्त को शिकायत में लिखा है विचार व्यक्ति मदनलाल , अजय सूद और परवेश को कोई भी पैसा देना नहीं बनता। क्योंकि रिकॉर्ड में कहीं भी इन चार व्यक्तियों का नाम नहीं लिखा गया। संस्कार करने वालों का ही नाम लिखा गया है। उन्होंने यह सवाल भी किया कि बताया जाए इन व्यक्तियों जिनमें से एक सी एसआई दो ए एस आई और एक सुपरवाइजर है, को किस प्रावधान के तहत पैसे दिए गए हैं।

कोरोना काल में हुई मौतों पर हो रहा खिलवाड़ पैसे की होरी धांधली कमीशन का हो रहा खेल पंचकूला विकास मंच ने जानकारी देते हुए बताया की मौत का आंकड़ा एमसी के माध्यम से कुछ और बता कर इंसेंटिव का पैसा गबन करने की कोशिश की जा रही है जहां पर हरियाणा सरकार के निर्देशानुसार और यूएलबी की गाइडलाइंस के मुताबिक ₹2000 ग्राउंड स्टाफ को इंसेंटिव देना है पर एमसी के द्वारा सी एस आई एस आई को भी पेमेंट दी जा रही है सवाल यह उठता है कि अधिकारियों को अगर पेमेंट दी जा रही है तो सभी अधिकारियों को मिले नहीं तो निर्देश के अनुसार सिर्फ ग्राउंड स्टाफ को पेमेंट बननी चाहिए जहां पर मौत का आंकड़ा भी उपर नीचे हो रहा है सरकारी आंकड़ों की बात करें तो पंचकूला के अंदर 378 लोगों की मौत हुई है जोकि पंचकूला के रहने वाले हैं यह बात राजीव निरवाल द्वारा बताई गई है परंतु उनका यह भी कहना है कि जो एमसी द्वारा क्रीमेशन ग्राउंड में कोरोनावायरस से हुई मौत पर बॉडी जलाई गई है वह आंकड़ा एमसी द्वारा अभी जारी करना है यह बात साफ जाहिर होती है की एमसी अपने ही आंकड़े देगा परंतु ओरिजिनल वालों का यह भी कहना है की ग्राउंड स्टाफ यानी कि 5 की टीम बनाकर जो लोग लाशों को दफनाने या जलाने का काम कर रहे थे उनको पैसे मिलने चाहिए परंतु अधिकारियों को भी पैसे बांटे जा रहे हैं

कमिश्नर द्वारा बताया गया था कि हम इसकी जांच करेंगे और अधिकारियों को पेमेंट नहीं करेंगे लगभग 40 लाख की पेमेंट हो चुकी है 60 लाख की पेमेंट बकाया है
सवाल यह उठता है कि अगर विरोध ना किया जाता तो सबकी जेबे भर जाती, परंतु विरोध करने के बाद जांच किया जा रहा है इसका मतलब क्या एमसी के पास क्रॉस एडिट की कोई तरकीब नहीं है

हो सकता है निगम के अधिकारी इन अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कोई तोड़ निकाल ले लेकिन मृतकों की संख्या में इतने अंतर को किस तरह न्याय संगत ठहराएंगे।
स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी सिविल सर्जन राजीव नरवाल की रिपोर्ट के अनुसार 11 अक्टूबर 2021 तक पंचकूला करो ना से पीड़ित इसको की संख्या 378 है उन्होंने बताया यह संख्या केवल पंचकूला की है आसपास के क्षेत्रों के निकायों से संबंधित क्षेत्र के आंकड़े मंगवाए गए हैं । उन्होंने भी माना की पैसा केवल संस्कार करने वाले कर्मियों को ही दिया जाना चाहिए अन्य किसी कर्मचारी या अधिकारी को अगर यह राशि दी जाती है तो यह सही नहीं

पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्रमोहन ने काली माता मन्दिर में नवाया शीश,पूर्व चेयरमैन विजय बंसल समेत दर्जनों कांग्रेसी रहे मौजूद

  • राम नवमी के अवसर पर इलाकावासियों के सुख समृद्धि व स्वस्थ जीवन के लिए मनोकामना की 
  • बालाजी मंदिर में भी शीश नवाने पहुंचे चन्द्रमोहन,पिंजोर में कांग्रेसी कार्यकर्ता का जाना हाल
  • कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने चन्द्रमोहन का कालका पहुंचने पर गर्मजोशी से किया स्वागत

कालका न्यूज(14 अक्टूबर 2021):

मां दुर्गा के सिद्धी एवं मोक्ष देने वाला स्वरूप माँ सिद्धीदात्री के अराधना व उपासना दिवस महानवमी के पावन पर्व एवं नौवे नवरात्रे पर हरियाणा सरकार के उपमुख्यमंत्री व कालका से लगातार 4 बार विधायक रहे श्री चन्द्रमोहन ने महामाई काली माता के दरबार मे पूर्व चेयरमैन विजय बंसल एडवोकेट व अन्य कांग्रेस नेताओं के साथ शीश नवाया।चन्द्रमोहन ने काली माता के दर्शन करते हुए इलाकावासियों के सुख समृद्धि व स्वस्थ जीवन के लिए मनोकामना की तो वही पूजा अर्चना करते हुए सभी के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रार्थना की। इसके साथ ही यह भी प्रार्थना की है कि माता रानी का आशीर्वाद सभी पर बना रहे।कालका बाजार में चन्द्रमोहन के प्रति लोगो मे काफी जोश व उत्साह देखने को मिला।चन्द्रमोहन ने मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं व ऑन ड्यूटी कर्मियों से भी मुलाकात कर कुशलक्षेम जाना और कर्मियों द्वारा नवरात्रों के 9 दिन की गई सेवा के लिए भी आभार प्रकट किया। 

चन्द्रमोहन ने कहा कि कालका उनका घर है जहां के लोगो ने 4 बार उन्हें विधानसभा भेजा और प्रदेश का उपमुख्यमंत्री बनाया।कालका में आकर उन्हें बहुत खुशी महसूस होती है।उन्होंने कहा कि आज बड़े दुख की बात है कि जिस कालका को हमने विकास के पथ पर चलाया था उसे अब भाजपा ने जनविरोधी नीतियों से उतार दिया है।अब तो कालका पिंजोर के प्रमुख सड़क की हालत दयनीय है जोकि बेहद चिंता का विषय है।उन्होंने कहा कि वह इस बारे में आला अधिकारियों से बात करेंगे।विजय बंसल ने चन्द्रमोहन से आग्रह किया है कि कालका मंदिर के लिए स्थाई पार्किंग व अलग से श्राइन बोर्ड बनाने की मांग को पूरा करवाया जाए।चन्द्रमोहन ने इसके लिए सभी को कहा है कि वह इस मांग को पूरा करवाने के लिए पूरे प्रयास करेंगे। 

चन्द्रमोहन के साथ पूर्व चेयरमैन विजय बंसल एडवोकेट,सोहन लाल,दीपांशु बंसल,बहादुर राणा,ओम शुक्ला,बलविंदर मुरादनगर,राजू अभयपुर आदि पहुंचे तो वही कालका मंदिर में पहुंचने पर कालका बार एसोसिएशन प्रधान हरभजन राणा,पूर्व पार्षद आरके वैद,संजीव राजू पूर्व पार्षद,पूर्व पार्षद हरभजन,भूपेंद्र गौतम पूर्व ब्लाक कालका कांग्रेस प्रधान,सुरेंद्र चौहान,सागर सोनकर अध्यक्ष कालका एनएसयूआई,सितार चंद वाल्मीकि,सूरजभान दहिया सदरू खान आदि ने स्वागत किया।नगर पालिका कालका के पूर्व प्रधान प्रेम गुप्ता ने भी चन्द्रमोहन का कालका पहुंचने पर स्वागत किया। 

कालका काली माता मंदिर भंडारा कमेटी के प्रधान संजय बंसल पूर्व पार्षद,राजेश गुप्ता एडवोकेट व अन्य ने भी चन्द्रमोहन का भंडारा कमेटी की ओर से स्वागत किया और माता रानी के चरणों मे चन्द्रमोहन के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रार्थना की। 

चन्द्रमोहन ने काली माता मंदिर में माथा टेकने के बाद ऐतिहासिक बालाजी मंदिर टिपरा कालका में शीश नवाया।इसके ततपश्चात पिंजोर में कांग्रेस के बहुत पुराने कार्यकर्ता गुरूप्यारा के घर पहुंचकर उनके दामाद के आकस्मिक निधन पर खेद प्रकट किया तो वही उन्हें गुरूप्यरा का कुशलक्षेम जाना। 
फोटो केप्शन : श्री काली माता मंदिर कालका में शीश नवाते हुए पूर्व डिप्टी सीएम चन्द्रमोहन,विजय बंसल व अन्य।

पंचांग 12 अक्टूबर 2021

ॐ देवी कात्यायन्यै नमः॥
या देवी सर्वभू‍तेषु माँ कात्यायनी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

नवरात्रि के छठे दिन आदिशक्ति श्री दुर्गा के छठे रूप कात्यायनी की पूजा-अर्चना का विधान है। महर्षि कात्यायन की तपस्या से प्रसन्न होकर आदिशक्ति ने उनके यहां पुत्री के रूप में जन्म लिया था। इसलिए वे कात्यायनी कहलाती हैं। माता कात्यायनी की उपासना से आज्ञा चक्र जाग्रति की सिद्धियां साधक को  स्वयंमेव प्राप्त हो जाती हैं। वह इस लोक में स्थित रहकर भी अलौकिक तेज और प्रभाव से युक्त हो जाता है तथा उसके रोग, शोक, संताप, भय आदि सर्वथा विनष्ट हो जाते हैं।

नोटः आज सरस्वती पूजन तथा भद्रकाली अवतार है।

विक्रमी संवत्ः 2078, 

शक संवत्ः 1943, 

मासः आश्विनी़, 

पक्षः शुक्ल पक्ष, 

तिथिः सप्तमी रात्रिः 09.48 तक है।

विशेषः आज उत्तर दिशा की यात्रा न करें। अति आवश्यक होने पर मंगलवार को धनिया खाकर, लाल चंदन,मलयागिरि चंदन का दानकर यात्रा करें।

 वारः मंगलवार, 

नक्षत्रः मूल प्रातः कालः 11.26 तक हैं, 

योगः शोभन प्रातः काल 08.50 तक, 

करणः गर, 

सूर्य राशिः कन्या, चंद्र राशिः धनु, 

राहु कालः अपराहन् 3.00 से 4.30 बजे तक, 

सूर्योदयः06.24, सूर्यास्तः05.51 बजे।