छतीसगढ़ की तरह बिहार में भी महागठबंधन में पीछे छूटते वामदल

  • लोकसभा चुनाव में वामदलों को सीट देने में लालू यादव की कोई रुचि नहीं है.
  • कमलाकांत मिश्र ‘मधुकर’ की बेटी ने भी मोतिहारी सीट को लेकर भेंट करने की कोशिश की थी लालू नहीं मिले
  • कन्हैया कुमार का राजनाइटिक भविष्य तो यहीं तय हो गया की बेगूसराय सीट पर उन्हे अपने दम पर ही लड़ना होगा क्योंकि राज्य परिषद की उनकी उम्मीदवारी पर भी ग्रहण लगता दीख पड़ता है।
  • बिहार की भूमि पर राजनीतिक रूप से सक्रिय तीनों वाम दल क्रमशः सीपीआई, सीपीएम और सीपीआई (एमएल) लिबरेशन अगले महाभारत में अकेले(अपने दम खम पर) चुनाव लड़ेंगे

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार की लोकप्रियता के सहारे बिहार में खुद को पुर्नजीवित करने की वामदलों, खासकर सीपीआई और सीपीएम, की रणनीति दम तोड़ती नजर आ रही है. भरोसेमंद सूत्र का कहना है कि आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि महाभारत 2019 में सीपीआई और सीपीएम की भागीदारी की उन्हें कोई जरूरत नहीं है.

सीपीआई के एक कद्दावर नेता ने भी नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया, ‘लोकसभा चुनाव में हमलोगों को सीट देने में लालू यादव की कोई रुचि नहीं है. वो नहीं चाहते हैं कि वामदल फिर से बिहार में जिंदा होकर अपने पैरों पर चल सकें.’

पिछले दो सप्ताह से बिहार के वामदलों के कई शीर्ष नेता लालू यादव से मिलने का अथक प्रयास कर रहे हैं. यहां तक कि सीपीआई के मूर्धन्य नेता रहे कमलाकांत मिश्र ‘मधुकर’ की बेटी ने भी मोतिहारी सीट को लेकर भेंट करने की कोशिश की थी. लेकिन आरजेडी सुप्रीमो ने उन सभी से मिलने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है.

सीपीआई के राज्य सचिव सत्य नारायण सिंह ने बातचीत में स्वीकार किया, ‘लालू यादव से मिलने के लिए बीते दो शनिवार को हमलोगों ने अर्जी लगाई थी लेकिन सफलता नहीं मिली’.

इसी बीच सीपीआई की बेगूसराय जिला कार्यकारिणी ने 16 फरवरी को सर्वसम्मति से कन्हैया कुमार का नाम चुनाव लड़ने के लिए फाइनल करके राज्य परिषद को भेज दिया है. समझा जाता है कि इस सप्ताह कन्हैया कुमार के अलावा और 4 सीटों के लिए उम्मीदवारों का नाम राज्य परिषद अनुमोदन करके नेशनल एक्जिक्यूटिव कमेटी को अंतिम मुहर लगाने के लिए भेज देगी.

स्टेट सेक्रेटरी सत्यनारायण सिंह तथा सीपीआई राष्ट्रीय परिषद के सदस्य राम नरेश पांडेय ने बतौर पर्ववेक्षक बेगूसराय जिला परिषद की बैठक में शिरकत की थी. सत्यनाराण सिंह का कहना है कि किसी सूरत में बेगूसराय लोकसभा सीट से सीपीआई लड़ेगी. कन्हैया कुमार ही उम्मीदवार होंगे. वैसे कुछ दिन पहले बयान जारी कर जेएनयू के पूर्व अध्यक्ष ने कहा है कि वो चुनाव नहीं लड़ेंगे.

कन्हैया कुमार को बेगूसराय सीट से उम्मीदवार बनाए जाने और वामदलों को महागठबंधन में उचित स्थान देने के सवाल पर सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी तथा सीपीआई नेता डी राजा भी क्रमशः जनवरी 12 और 19 को रांची जेल में लालू यादव से मुलाकात कर चुके हैं. सूत्र बताते हैं कि डी राजा ने आरजेडी सुप्रीमो से रिक्वेस्ट की कि बेगूसराय को जोड़कर कम से कम तीन सीट सीपीआई के लिए छोड़ दें. उसी तरह सीताराम येचुरी ने बिहार के राजनीतिक क्षितिज पर आईसीयू में सांस ले रही अपनी पार्टी के लिए दो लोकसभा सीटों की मांग की है.

महागंठबधन से जुड़े एक नेता का कहना है, ‘हमारे कुनबे में चुनावी जंग में भागीदारी के लिए उसी पार्टी और नेता को तरजीह दी जाती है जिसके घर में या तो ‘लक्ष्मी’ का वास हो या फिर पॉकेट में वोट का जखीरा हो. जगजाहिर है कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थिति में बिहार में वाम दलों के पास इन दोनों संसाधनों में से कोई पर्याप्त मात्रा में मौजूद नहीं है.

हां, सीपीआई (एमएल) लिबरेशन यानी माले के पीछे अच्छा खासा जन समर्थन है. इसीलिए हमारे नेता लालू यादव के दिल में इनके प्रति स्नेह का भाव है. हो सकता है कि आरा की लोकसभा सीट माले के खाते में चली जाए. 1989 चुनाव में माले के रामेश्वर प्रसाद ने इस सीट का प्रतिनिधित्व किया था. माले का अपना मजबूत आधार वोट है.’

चारा घोटाले में सजा काट रहे लालू यादव प्रत्येक शनिवार को तीन लोगों से मुलाकात करते हैं. 16 फरवरी को आरजेडी चीफ अपने छोटे बेटे और बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव से मिले. काफी देर तक बातचीत हुई. लेकिन अर्जी लगने के बाद भी वामदलों के नेताओं से मिलने से मना कर दिया.

tejaswi yadav

कयास लग रहा है कि आरजेडी सुप्रीमो ने तेजस्वी यादव को आरजेडी कोटे से किस सीट पर कौन व्यक्ति चुनाव लड़ेगा इसकी सूची दे दी है. यह भी चर्चा में है कि जेल में बंद पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने उत्तराधिकारी पुत्र को यह भी बता दिया है कि महागठबंधन में शामिल कांग्रेस, रालोसपा, वीआईपी, बीएसपी और हम सेकुलर पार्टियों को कौन सीटें दी जाएंगी.

बहरहाल, महागठबंधन के घटक दलों के बीच सीटों की बटवारे की घोषणा इस महीने के अंतिम सप्ताह में की जानी की पूरी संभावना है. वैसे आरजेडी के एक नेता ने बताया कि एनडीए की सूची आने तक हमलोगों द्वारा इंतजार किया जा सकता है. जो भी हो, लेकिन एक बात तो लगभग क्लियर हो गई है कि वामदलों के लिए महागठबंधन में कोई जगह नहीं है.

ऐसी परिस्थति में बिहार की भूमि पर राजनीतिक रूप से सक्रिय तीनों वाम दल क्रमशः सीपीआई, सीपीएम और सीपीआई (एमएल) लिबरेशन अगले महाभारत में एकला तलवार भाजेंगे. कुछ सीटों पर आपसी तालमेल कर सकते हैं. वैसे जानकारी के लिए पड़ोसी राज्य झारखंड में भी महागठबंधन ने वामदलों को लोकसभा की कुल 14 सीटों में से एक सीट भी नहीं दी है, जिसे लेकर वामदलों में नाराजगी है.

वामदल की नाराजगी को दूर करने के लिए झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार ने 16 फरवरी को कहा, ‘विधानसभा चुनाव में हमलोग लेफ्ट पार्टियों को उचित जगह और सम्मान देंगे.’

मोदी ने कांग्रेस और टीएमसी को जम कर कोसा

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में पीएम मोदी ने अपनी चुनावी रैली में कांग्रेस पर जोरदार हमले किए और कहा कि कांग्रेस सीबीआई जांच से डर क्यों रही है? उन्होंने कहा कि मोदी को गाली देने वाले लोग महागठबंधन के नाम पर महामिलावट में शामिल हैं. वहीं उन्होंने किसानों की कर्जमाफी को धोखा बताया. पढ़िए उनके भाषण की दस बड़ी बातें :

1.चौकीदार की सख्त कार्रवाई से कांग्रेस बौखला गई है.देश के अलग अलग हिस्सों से ऐसे लोगों की मिलावट हो रही है.

2.जो कभी कांग्रेस को ही कोसते हुए कांग्रेस से बाहर निकल निकल गए थे आज उन लोगों में मोदी को ज्यादा से ज्यादा गाली देकर नंबर बढ़ाने की होड़ मची हुई है.

3.मिलावटी लोगों ने मोदी को मुद्दा बना रखा है.सुबह शाम मोदी-मोदी करते हैं ये मिलावटी लोग. ये कितनी भी मिलावट कर लें चौकीदार चुप बैठने वाला नहीं है.

4.छत्तीसगढ़ के किसानों से कर्जमाफी का वादा कर कितने लोगों का कर्जमाफ किया गया? दस दिनों में कर्ज माफ करने के लिए कहा था लेकिन वोट बटोर लिए और खेल खतम.

5.सिर्फ उन किसानों का थोड़ा बहुत कर्ज माफ किया गया है जिन्होंने ग्रामीण और सहकारिता बैंकों से लोन लिया था.किसानों के साथ कांग्रेस ने धोखाधड़ी की.

6.भ्रष्टाचार के मामले में पीएम मोदी का कांग्रेस पर सीधा हमला

मोदी ने रायगढ़ में कहा कि छत्तीसगढ़ में जो पहला दो फैसला लिया है उसके बारे में आपको सोचना चाहिए. उन्होंने सबसे पहले तो छत्तीसगढ़ को ‘मोदीकेयर’ से हटा दिया. फिर राज्य में सीबीआई के प्रवेश पर रोक लगा दी. क्यों आपको किस बात का डर है?

7.आयुष्मान योजना को लेकर पीएम मोदी का कांग्रेस पर बड़ा हमला

आयुष्मान योजना में वैज्ञानिक तरीके से लाभार्थियों का चयन होता था. पैसे सीधे अस्पताल के अकाउंट में जाता है. गरीब मरीज को एक भी पैसा अस्पताल को नहीं देना पड़ता है. बिचौलियों की इस योजना में कोई भूमिका नहीं होती है. कांग्रेस को बिचौलियों के बिना की योजनाएं पसंद नहीं है. वो ऐसी योजना लाएंगे जिसमें तुम भी खाओ – मैं भी खाऊं की व्यवस्था हो.

8.यहां की सरकार ने वीवीआईपी जांच में भी अड़ंगा लगाने का फैसला किया. अगर किसी ने कुछ किया नहीं है तो वो क्या किसी जांच से डरेगा?

9.छत्तीसगढ़ के गरीबों को किस बात की सजा दे रहे हैं. देश का गरीब मोदी के साथ खड़ा है. कांग्रेस को लगता है कि 55 साल गरीबों के नाम की माला जपकर गरीबों पर एकाधिकार बनाया लेकिन मोदी को गरीबों ने अपना लिया.

10. कांग्रेस ये समझ ले कि आपने 55 साल गरीबों के नाम पर देश को गुमराह किया और गरीबों को बर्बाद किया और हमने 55 महीनों के भीतर गरीबों के भीतर नया जोश भरा है और नये सपने जगाए हैं.

अविवादित ज़मीन ‘न्यास’को लौटाई जाये ताकि निर्माण आरंभ हो: केंद्र सरकार

केंद्र का कहना है कि राम जन्मभूमि न्यास से 1993 में जो 42 एकड़ जमीन अधिग्रहित की थी सरकार उसे मूल मालिकों को वापस करना चाहती है.

नई दिल्‍ली : अयोध्‍या विवाद पर केंद्र की मोदी सरकार ने मंगलवार को बड़ा कदम उठाते हुए  सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की है. इसमें मोदी सरकार ने कहा है कि 67 एकड़ जमीन सरकार ने अधिग्रहण की थी. इसपर सुप्रीम कोर्ट ने यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया है. सरकार का कहना है कि जमीन का विवाद सिर्फ 2.77 एकड़ का है, बल्कि बाकी जमीन पर कोई विवाद नहीं है. इसलिए उस पर यथास्थित बरकरार रखने की जरूरत नहीं है. सरकार चाहती है जमीन का कुछ हिस्सा राम जन्भूमि न्यास को दिया जाए और सुप्रीम कोर्ट से इसकी इजाजत मांगी है.

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि वह अपने 31 मार्च, 2003 के यथास्थिति बनाए रखने के आदेश में संशोधन करे या उसे वापस ले. केंद्र सरकार ने SC में अर्जी दाखिल कर अयोध्या की विवादित जमीन को मूल मालिकों को वापस देने की अनुमति देने की अनुमति मांगी है. इसमें 67 एकड़ एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया था, जिसमें लगभग 2.77 एकड़ विवादित राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि का अधिग्रहण किया था.

केंद्र का कहना है कि राम जन्मभूमि न्यास से 1993 में जो 42 एकड़ जमीन अधिग्रहित की थी सरकार उसे मूल मालिकों को वापस करना चाहती है. केंद्र ने कहा है कि अयोध्या जमीन अधिग्रहण कानून 1993 के खिलाफ मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जिसमें उन्‍होंने सिर्फ 0.313 एकड़ जमीन पर ही अपना हक जताया था, बाकि जमीन पर मुस्लिम पक्ष ने कभी भी दावा नहीं किया है.

अर्जी में कहा गया है कि इस्माइल फारुकी नाम के केस के फैसले में सुप्रीमकोर्ट ने कहा था कि सरकार सिविल सूट पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद विवादित भूमि के आसपास की 67 एकड़ जमीन अधिग्रहित करने पर विचार कर सकती है. केंद्र का कहना है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला दिया है और इसके खिलाफ अपील सुप्रीम कोर्ट के सामने लंबित है, गैर-उद्देश्यपूर्ण उद्देश्य को केंद्र द्वारा अतिरिक्त भूमि को अपने नियंत्रण में रखा जाएगा और मूल मालिकों को अतिरिक्त जमीन वापस करने के लिए बेहतर होगा.

बता दें कि अयोध्‍या मामले पर सुप्रीम कोर्ट में 29 जनवरी को सुनवाई होनी थी, लेकिन इसके लिए बनाई गई जजों की बेंच में शामिल जस्‍ट‍िस बोबड़े के मौजूद न होने पर अब ये सुनवाई आगे के लिए टल गई है. अभी इस मामले में सुनवाई के लिए तारीख भी तय नहीं हुई है. इससे पहले पीठ के गठन और जस्‍ट‍िस यूयू ललित के हटने के कारण भी सुनवाई में देरी हुई थी.

इससे पहले 25 जनवरी को अयोध्या मामले की सुनवाई के लिए चीफ जस्‍ट‍िस रंजन गोगोई ने नई बेंच का गठन कर दि‍या था. इस बैंच में CJI रंजन गोगोई के अलावा एसए बोबडे, जस्टिस चंद्रचूड़, अशोक भूषण और अब्दुल नज़ीर शामि‍ल हैं. पिछली बैंच में कि‍सी मुस्‍ल‍िम जस्‍ट‍िस के न होने से कई पक्षों ने सवाल भी उठाए थे.

इससे पहले बनी पांच जजों की पीठ में जस्‍ट‍िस यूयू ललित शामि‍ल थे, लेकिन उन पर मुस्‍लि‍म पक्ष के वकील राजीव धवन ने  सवाल उठाए थे. इसके बाद वह उस पीठ से अलग हो गए थे. इसके बाद चीफ जस्‍ट‍िस ने नई पीठ गे गठन का फैसला किया था. वहीं अयोध्‍या में राम मंदिर निर्माण की मांग कर रहे साधु-संतों की ओर से प्रयागराज में चल रहे कुंभ में परम धर्म संसद का आगाज सोमवार को हो चुका है. स्‍वामी स्‍वरूपानंद सरस्‍वती के नेतृत्‍व में 30 जनवरी तक प्रयागराज में चल रहे कुंभ मेले में परम धर्म संसद का आयोजन होगा.

वहीं साधु और संतों ने इस संबंध में बड़ा ऐलान भी किया हुआ है. उनका कहना है कि राम मंदिर सविनय अवज्ञा आंदोलन के जरिये बनाया जाएगा. प्रयागराज में चल रहे कुंभ मेले में इस समय साधु और संतों का जमावड़ा लगा हुआ है. यहां विश्‍व हिंदू परिषद (विहिप) की धर्म संसद से पहले शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती परम धर्म संसद का आयोजन कर रहे हैं. यह परम धर्म संसद कुंभ में 28, 29 और 30 जनवरी तक चलेगी. इसमें राम मंदिर निर्माण के लिए चर्चा और रणनीति बनेगी. बता दें कि विश्‍व हिंदू परिषद 31 जनवरी को राम मंदिर मुद्दे पर धर्म संसद का आयोजन कर रही है.

क्षेत्रीय राजनीतिक मजबूरियों की बिसात है ममता की महारैली

लोकसभा चुनाव 2019 से पहले विपक्षी एकता का इसे प्रदर्शन माना जा रहा है. “क्षेत्रीय राजनीतिक मजबूरियों को इस प्रस्तावित रैली से जुड़े बड़े राजनीतिक उद्देश्यों में नहीं मिलाना चाहिए.” : टीएमसी
भाजपा से पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी गेगोंग अपांग और शत्रुघ्न सिन्हा भी शिरकत करेंगे

कोलकाता: उत्तर प्रदेश में बीजेपी के खिलाफ बने समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के गठबंधन के बाद कोलकाता में शनिवार को तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी की विपक्षी दलों की महारैली होने जा रही है. लोकसभा चुनाव 2019 से पहले विपक्षी एकता का इसे प्रदर्शन माना जा रहा है. यह रैली यहां ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड मैदान में होगी. हालांकि, विपक्ष के कई नेता इस रैली में नजर नहीं आएंगे.  

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव रैली में भाग लेंगे जबकि बसपा की ओर से पार्टी के वरिष्ठ नेता सतीश चंद्र मिश्रा के शिरकत करने की संभावना है. हालांकि बसपा सुप्रीमो मायावती खुद इस रैली में हिस्सा नहीं लेंगी. आरएलडी के अजीत सिंह और जयंत चौधरी भी मौजूद रहेंगे. वहीं, रैली में कांग्रेस का प्रतिनिधित्व पार्टी के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे करेंगे. 

उत्तर प्रदेश में नया चुनावी समीकरण बनाने वाली सपा और बसपा सहित सभी बड़ी विपक्षी पार्टियों की इस रैली में मौजूदगी काफी मायने रखती है. वहीं, कांग्रेस को भी यह लगता है कि विपक्ष की महारैली से उत्तर प्रदेश में राजनीतिक समीकरण के बारे में गलतफहमी नहीं होनी चाहिए. रैली का आयोजन कर रही तृणमूल कांग्रेस ने कहा, “क्षेत्रीय राजनीतिक मजबूरियों को इस प्रस्तावित रैली से जुड़े बड़े राजनीतिक उद्देश्यों में नहीं मिलाना चाहिए.”

इस रैली में जिन अन्य नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है, उनमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, कर्नाटक के मुख्यमंत्री एवं जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं तेदेपा प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू शामिल हैं. इनके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला के भी शामिल होने की उम्मीद है. कांग्रेस से खड़गे और पार्टी के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी रैली में भाग लेंगे. 

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख एवं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ – साथ एनसीपी प्रमुख शरद पवार, पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी, पाटीदार नेता हार्दिक पटेल, दलित नेता जिग्नेश मेवाणी और झारखंड विकास मोर्चा के बाबूलाल मरांडी भी मंच पर नजर आएंगे. मंगलवार को भाजपा छोड़ने वाले अरूणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री गेगोंग अपांग भी रैली में शामिल होंगे. 

WJI ने दिल्ली में अपना मांग पत्र PMO को सौंपा

महाधरना के बाद WJI ने‌  देश की मीडियाकर्मियों की 28 मांगों का ज्ञापन PMO को सौंपा

WJI ने अपने सदस्यों को 3 लाख का दुर्घटना बीमा  देने की घोषणा की

नई दिल्ली /  वर्किंग जर्नलिस्ट ऑफ इंडिया ने 16 जनवरी अपने स्थापना दिवस के अवसर पर  मीडिया महा धरना का आयोजन किया।

पिछले कुछ समय से पत्रकारों की मांगो को लेकर वर्किंग जर्नलिस्ट आफ इंडिया सम्बद्ध भारतीय मजदूर संघ काफी सक्रिय रहा है।

देश में पत्रकारों का शीर्ष संगठन है। यह  संगठन पत्रकारों के कल्याणार्थ समय समय पर रचनात्मक और प्ररेणादायक कार्यक्रम और आंदोलन चलाता रहा है।इसको देश के विभिन्न राज्यों से आये पत्रकार संगठन समर्थन दे रहे है।

वर्किंग जर्नलिस्टस ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनूप चौधरी और राष्ट्रीय महासचिव नरेंद्र भंडारी ने

आज के महाधरना में पत्रकार एकजुटता का दृश्य देखने को मिला।देश के 12 राज्यों के पत्रकार और कई पत्रकार संगठन धरना में आकर सरकारों के प्रति आक्रोश व्यक्ति किया।पत्रकारों का खाना था केंद्र सरकार तो नया मीडिया आयोग बना रही है और न ही ऑनलाइन मीडिया को मंदिर का दे रही है जबकि पूरे देश में मीडिया कर्मी देश को मजबूत बनाने का काम करते हैं। महा धरना के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष अनूप चौधरी के नेतृत्व में WJI  प्रतिनिधिमंडल pmo पहुंचा और वहां पर पत्रकारों की 28 मांगो का ज्ञापन सौंपा गया।

आज  WJI ने अपने स्थापना दिवस पर अपने सदस्य पत्रकारों के हित में 3 लाख दुर्घटना बीमा की घोषणा की।

माहौल उस समय बहुत ही उत्साहवर्धक हो गया जब भारतीय मजदूर संघ के क्षेत्रीय संगठन मंत्री पवन कुमार,  संगठन महामंत्री अनीश मिश्रा और संगठन मंत्री ब्रजेश कुमार धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने पत्रकारों की मांगों का समर्थन दिया।

वर्किंग जर्नलिस्ट आफ India  WJI प्रवक्ता उदय मन्ना ने बताया कि पत्रकारों में जो आक्रोश भरा वो कोई भी दिशा ले सकता है। मीडियाकर्मी RJS स्टार सुरेंद्र आनंद के गीत ने माहौल में जोश भर दिया।

 वर्किंग जर्नलिस्टस ऑफ इंडिया के पदाधिकारियों द्वारा तैयार मांग पत्र जिसमे सरकार से मांग हैः-

वर्तमान समय की मांगों पर ध्यान में रखते हुए वर्किंग जर्नलिस्ट एक्ट में संशोधन किया जाये।

कार्यकारी पत्रकार अधिनियम में इलेक्ट्रानिक मीडिया, वेब मीडिया, ई-मीडिया और अन्य सभी मीड़िया को

अपने अधिकार क्षेत्र में लाया जाये।

भारत की प्रेस काउंसिल के स्थान पर मीडिया काउंसिल बनाई जाये। जिससे पीसीआई के दायरे और

क्षेत्राधिकार को बढ़ाया जाये।

भारत के सभी पत्रकारों को भारत सरकार के साथ पंजीकृत किया जाये और वास्तविक मीड़िया

पहचान पत्र जारी किया जायें।

जिन अखबारों ने वेज कार्ड की सिफारिशों को लागू नहीं किया उन पर सरकारी विज्ञापन देने पर

कोई अनुशासत्मक प्रतिबंध हो।

केन्द्र सरकार लघु व मध्यम समाचार पत्रों को ज्यादा से ज्यादा विज्ञापन जारी करने के अपने

नियमों को जल्द से जल्द परिवर्तित करे।

देश में पत्रकार सुरक्षा कानून तैयार किया जाये।

तहसील और जिला स्तर के संवाददाताओं एवं मीडिया व्यक्तियों के लिए 24 घंटे की हेल्पलाईन

सेवायें उपलब्ध कराई जायें।

भारत में सभी मीड़िया संस्थानों को वेज बोर्ड की सिफारिशों को सख्ती से लागू करवाने के नियम बनाये जाये।

ड्यूटी के दौरान अथवा किसी मिशन पर काम करते हुये पत्रकार एवं मीडियाकर्मी की मृत्यु होने पर उसके परिजन को 15 लाख का मुआवजा और परिजनों को नौकरी दी जाये।

सभी पत्रकारों को रिटायरमेंट के बाद पेंशन की सुविधा ओर सेवानिवृति की उम्र 64 वर्ष की जाये।

सभी पत्रकारों को राज्य एवं केन्द्र सरकारों की तरफ से चिकित्सा सुविधा और बीमा सुविधा दी जाये।

पत्रकारिता नौकरियों में अनुबंध प्रणाली का उन्मूलन किया जाये।

कैमरामैन समेत सभी पत्रकारों को सरकारी कार्यक्रमों को कवर करने के लिए कोई पांबदी नहीं होनी चाहिए।

बेहतर पारस्परिक सहयोग के लिए जिला स्तर पुलिस-पत्रकार समितियां गठित की जाये।

 शुरूआती चरणों में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी द्वारा पत्रकारों से संबंधित सभी मामलों की समीक्षा की जाये

और पत्रकारों से जुड़े मामलों को जल्द से जल्द निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाई जाये।

मीड़िया व्यक्तियों को देश भर में उनकी संस्थान के पहचान पत्र के आधार पर सड़क टोल पर भुगतान

करने से मुक्त किया जाये।

पत्रकारों को बस और रेल किराये में कुछ रियायत प्रदान की जाये।

केन्द्रों और राज्य सरकारें PIB-DIP पत्रकारों की मान्यता प्राप्त करने की प्रक्रिया को एकरूपता व सरल बनायें।

समाचार पत्रों से GST खत्म की जाए।

विदेशी मीडिया के लिए भारतीय मीडिया संस्थानों में विनिवेश की अनुमति ना दी जाये।

आनलाईन मीडिया को मान्यता दी जाये उन्हें सरकारी विज्ञापन दिये जायें व उनका सरकारी एक्रीडेशन किया जाये।

केन्द्र सरकार अविलम्ब नये मीडिया आयोग का गठन करें।

संविधान में मीडिया को चौथे स्तम्भ के रूप में संवैधानिक दर्जा दिया जाये।

महिला पत्रकारों के लिए होस्टल बनाये जायें।

पत्रकारों की रिहायश के लिए सस्ती दरों पर भूखंड आबंटित किये जायें। अलग-अलग राज्यों से पत्रकार और WJI पदाधिकारी भी उपस्थित रहे और संबोधन दिया।

हरियाणा

भूपिंदर सिंह

धर्मेंद्र यादव

अमित चौधरी

राजिंदर सिंह

मोहन सिंह

राज कुमार भाटिया

उत्तर खंड

सुनील गुप्ता  महा सचिव उत्तरखंड  व कार्यकारिणी सदस्य

लखनऊ

पवन श्रीवास्तव अध्यक्ष उत्तर प्रदेश व कार्यकारिणी

विशेष

Mr अशोक मालिक – राष्ट्रीय अध्यक्ष

नेशनल यूनियन ऑफ जॉर्नलिस्ट

मनोहर सिंह अध्यक्ष

दिल्ली पत्रकार संघ

संजय राठी अध्यक्ष

हरियाणा यूनियन ऑफ जॉर्नलिस्ट

चंडीगढ़ से नेशनल मीडिया कन्फेडरेशन के उपाध्यक्ष सुरेंद्र वर्मा,

राष्ट्रीय मीडिया फाउंडेशन मध्यप्रदेश के अध्यक्ष आशीष पाण्डेय,

दिल्ली एनसीआर की टीम आरजेएस मीडिया

इसके अलावा WJI की‌ राष्ट्रीय कार्यकारिणी के उपाध्यक्ष संजय उपाध्याय,संजय सक्सेना

कोषाध्यक्ष अंजलि भाटिया,

सचिव अर्जुन जैन,विपिन चौहान आदि ने महाधरना को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

आशा है पत्रकारों के संगठनों की एकजुटता का प्रयास सरकार का ध्यान आकर्षित करेगा।

भाजपा के 100 विधायक दिल्ली में ओर कांग्रेस्स के 5 विधायक गायब

कर्नाटक की राजनीतिक उथल-पुथल में एक नया मोड़ आया है. बेंगलुरू का राजनीतिक ड्रामा अब राजधानी दिल्ली तक पहुंच चुका है. दरअसल बीजेपी ने पहले तो अपने 100 विधायकों को दिल्ली बुलाया. फिर दिल्ली के पास गुड़गांव में एक रिसॉर्ट में भेज दिया.

बीजेपी का आरोप है कि राज्य के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं. बीजेपी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कहा, ‘जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) बीजेपी विधायकों को तोड़ना चाहता है. हम एकजुट हैं. हम एक-दो दिन दिल्ली में रहेंगे.’

दोनों पार्टियां एक दूसरे पर लगा रही हैं खरीद-फरोख्त का आरोप

कांग्रेस पार्टी भी लगातार आरोप लगा रही है कि बीजेपी कर्नाटक में विधायकों की खरीद फरोख्त कर के वैकल्पिक सरकार बनाने की कोशिश में जुटी है. इस पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा, ‘हम एक वैकल्पिक सरकार बनाने की कोशिश नहीं कर रहे हैं.’

कांग्रेस ने कहा है कि लापता विधायकों का एक समूह इस बात का सबूत है कि बीजेपी ने ‘ऑपरेशन लोटस’ लॉन्च किया है. यह शब्द पहली बार 2008 में इस्तेमाल किया गया था, जब बीजेपी पर कई विपक्षी विधायकों को उकसाने का आरोप लगाया गया था. ताकि येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली अपनी सरकार की स्थिरता सुनिश्चित की जा सके.

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक 224 सदस्यीय कर्नाटक विधानसभा में, जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन में 118 विधायक हैं, जो बहुमत के 113 के आंकड़े से अधिक है. बीजेपी के पास 104 विधायक हैं और यह आवश्यक संख्या से बहुत कम है.

कांग्रेस के पांच विधायक भी गायब हैं लेकिन येदियुरप्पा के संपर्क में हैं

लेकिन कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी कोशिश कर रही है, यही कारण है कि उसके पांच विधायक गायब हो गए हैं. कुमारस्वामी का दावा है कि वे मुंबई के एक होटल में हैं और उनके संपर्क में हैं. मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा, ‘वे सभी (कांग्रेस विधायक) मुझसे लगातार संपर्क में हैं. वे मुझे सूचित करने के बाद मुंबई चले गए. मेरी सरकार किसी भी खतरे में नहीं है.’

कुमारस्वामी ने कहा ‘मुझे पता है कि बीजेपी किससे संपर्क करने की कोशिश कर रही है और वे क्या पेशकश कर रहे हैं. मैं इसे संभाल सकता हूं.’ कांग्रेस पार्टी के नेता और राज्य के डिप्टी गवर्नर जी परमेस्वर ने कहा, ‘हमारे कुछ विधायक चले गए हैं, वे मंदिर, छुट्टी, परिवार के कार्यक्रमों के लिए जा सकते हैं, हम नहीं जानते. हमारे सभी विधायक बरकरार हैं.’

माता मनसा देवी परिसर में आयोजित होगा 11वाँ आदिवासी युवा आदान प्रदान कार्यक्रम

पंचकूला, 14 जनवरी:

अतिरिक्त उपायुक्त जगदीप ढांडा की अध्यक्षता में अगामी 23 से 29 फरवरी तक चलने वाले माता मनसा देवी परिसर में 11 वें आदिवासी युवा आदान प्रदान कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिये बैठक आयोजित की गई।

बैठक में एसडीएम पंकज सेतिया, नेहरु युवा केंद्र के संयोजक डाॅ जीएस बाजवा, उपसिविल सर्जन सरोज अग्रवाल, श्रीमाता मनसा देवी पूजा स्थल बोर्ड की सचिव शारदा प्रजापति सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।

अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि यह कार्यक्रम नेहरु युवा केंद्र पंचकूला, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार एवं जिला प्रशासन पंचकूला द्वारा किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों के आदिवासी क्षेत्रों के लगभग 200 युवक, युवतियां व सिक्योरिटी आॅफिसर भाग लेंगें। उन्होंने श्री माता मनसा देवी पूजा स्थल बोर्ड की सचिव को निर्देश दिये कि वे मंदिर परिसर लक्ष्मी भवन धर्मशाला में इनके ठहरने व खाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने एमडीएम पंचकूला से कहा कि वे जिला की विभिन्न जगहों पर इन्हें भ्रमण करवाने के लिये ट्रांसपोरेशन की व्यवस्था करवाना सुनिश्चित करें ताकि ये युवा यहां की संस्कृति को नजदीक से देख सके। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निदेश दिये कि वे इस कार्यक्रम में प्रत्येक दिन किसी चिकित्सक की ड्यूटि लगाये। उन्होंने सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस विभाग के अधिकारी को निर्देश दिये कि वे सातों दिन एक पीसीआर व जवानों को लक्ष्मी भवन में तैनात रखें।

  उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आदिवासी युवाओं को विभिन्न स्थानों की भाषा, लोकाचार एवं जीवनशैली को समझकर शिक्षित रास्ते पर रोजगार के अवसर तलाशना और ऐतिहासिक व सांस्कृतिक स्मारकों को देखना है। इससे सदभावना, शांति, सांस्कृतिक आदान प्रदान एवं समग्र विकास होगा। उन्होंने नेहरु युवा केंद्र पंचकूला के संयोजक डाॅ जीएस बाजवा से कहा कि वे इन युवाओं को यादविंद्रा गार्डन, सीआरपीएफ कैंप पिंजौर तथा राजभवन का भी भ्रमण करवाना सुनिश्चित करें ताकि इन युवाओं को यहां की संस्कृति का बोध हो। इसके साथ साथ कालका व सेक्टर-1 पंचकूला के काॅलेज में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन करवाये।

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बने शिवराज, रमन सिंह और वसुंधरा राजे

बीजेपी ने तीन राज्यों के पूर्व मुख्यमंत्रियों को संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी है

बीजेपी में संगठन स्तर पर बड़ा बदलाव सामने आया है. 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले इस बदलाव को बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है. बीजेपी ने तीन राज्यों के पूर्व मुख्यमंत्रियों को संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी है.

मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान, छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह और राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे को बीजेपी ने पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया है.

तीन राज्यों की बागडोर संभालने वाले इन तीनों नेताओं को संगठन में इतनी बड़ी जिम्मेदारी देना बीजेपी की चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है क्योंकि तीनों ही नेता बहुत अनुभवी हैं और राज्य में सरकार चलाने के हर दांव पेंच से वाकिफ हैं.

शिवराज सिंह चौहान हालही में हुए एमपी चुनावों से पहले तीन बार लगातार सीएम रह चुके हैं, वहीं छत्तीसगढ़ के सीएम रमन सिंह भी लगातार तीन बार से राज्य के सीएम थे. वसुंधरा राजे भी राजस्थान की दो बार सीएम रही हैं.

बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने भी इन नियुक्तियों पर खुशी जताई है और तीनों ही नेताओं को बधाई दी है.

गौरतलब है कि आगामी लोकसभा चुनावों के लिए बीजेपी ने अपनी तैयारियों को जोर देना शुरू कर दिया है.

पीएम नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा था कि बीजेपी गठबंधन करने के लिए तैयार है और वह अपने पुराने मित्रों के साथ दोस्ती निभाते हुए चलती है. इसी के साथ उन्होंने इस बात के संकेत दे दिए कि बीजेपी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर तमिलनाडु में एनडीए को मजबूत करना चाहती है.


165/172 स्वर्ण कोटा बिल पास

File Photo

इससे पहले सदन ने विपक्ष द्वारा लाए गए संशोधनों को मत विभाजन के बाद नामंजूर कर दिया. लोकसभा ने इस विधेयक को कल ही मंजूरी दी थी जहां मतदान में तीन सदस्यों ने इसके विरोध में मत दिया था.

नई दिल्ली : सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को शिक्षा एवं रोजगार में 10 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रावधान वाले ऐतिहासिक संविधान संशोधन विधेयक को बुधवार को संसद की मंजूरी मिल गई. राज्यसभा ने करीब 10 घंटे तक चली बैठक के बाद संविधान (124 वां संशोधन), 2019 विधेयक को सात के मुकाबले 165 मतों से मंजूरी दे दी. इससे पहले सदन ने विपक्ष द्वारा लाए गए संशोधनों को मत विभाजन के बाद नामंजूर कर दिया. लोकसभा ने इस विधेयक को कल ही मंजूरी दी थी जहां मतदान में तीन सदस्यों ने इसके विरोध में मत दिया था.

उच्च सदन में विपक्ष सहित लगभग सभी दलों ने इस विधेयक का समर्थन किया. कुछ विपक्षी दलों ने इस विधेयक को लोकसभा चुनाव से कुछ पहले लाये जाने को लेकर सरकार की मंशा तथा इस विधेयक के न्यायिक समीक्षा में टिक पाने को लेकर आशंका जतायी। हालांकि सरकार ने दावा किया कि कानून बनने के बाद यह न्यायिक समीक्षा की अग्निपरीक्षा में भी खरा उतरेगा क्योंकि इसे संविधान संशोधन के जरिये लाया गया है.

केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए इसे सरकार का एक ऐतिहासिक कदम बताया. उन्होंने कांग्रेस सहित विपक्षी दलों से यह पूछा कि जब उन्होंने सामान्य वर्ग को आर्थिक आधार पर आरक्षण दिये जाने का अपने घोषणापत्र में वादा किया था तो वह वादा किस आधार पर किया गया था. क्या उन्हें यह नहीं मालूम था कि ऐसे किसी कदम को अदालत में चुनौती दी जा सकती है.

उन्होंने कहा कि यह हमारी संस्कृति की विशेषता है कि जहां प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने एससी और एसटी को आरक्षण दिया वहीं पिछड़े वर्ग से आने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सामान्य वर्ग को आरक्षण देने की यह पहल की है. उन्होंने एसटी, एससी एवं ओबीसी आरक्षण को लेकर कई दलों के सदस्यों की आशंकाओं को निराधार और असत्य बताते हुए कहा कि उनके 49.5 प्रतिशत से कोई छेड़छाड़ नहीं की जा रही है. वह बरकरार रहेगा. विधेयक को प्रवर समिति में भेजने के द्रमुक सदस्य कनिमोई सहित कुछ विपक्षी दलों के प्रस्ताव को सदन ने 18 के मुकाबले 155 मतों से खारिज कर दिया.

आर्थि‍क आरक्षण बि‍ल पर रविशंकर प्रसाद ने कहा, ये पहला छक्‍का नहीं है ऐसे बहुत से छक्‍के आएंगे

इससे पहले विधेयक पर हुई चर्चा में कांग्रेस सहित विभिन्न विपक्षी दलों द्वारा इस विधेयक का समर्थन करने के बावजूद न्यायिक समीक्षा में इसके टिक पाने की आशंका जतायी गयी और पूर्व में पी वी नरसिंह राव सरकार द्वारा इस संबंध में लाये गये कदम की मिसाल दी गयी. कई विपक्षी दलों का आरोप था कि सरकार इस विधेयक को लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखकर लायी है. अन्नाद्रमुक सदस्यों ने इस विधेयक को ‘‘असंवैधानिक’’ बताते हुये सदन से बहिर्गमन किया.

विधेयक पर हुयी चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस के उपनेता आनंद शर्मा ने सवाल किया कि ऐसी क्या बात हुयी कि यह विधेयक अभी लाना पड़ा? उन्होंने कहा कि पिछले दिनों तीन राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में हार के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है.  उन्होंने कहा कि इन विधानसभा चुनावों में हार के बाद संदेश मिला कि वे ठीक काम नहीं कर रहे हैं.

चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आर्थिक आधार पर सामान्य वर्ग को आरक्षण देने के मोदी सरकार के फैसले को मैच जिताने वाला छक्का बताते हुये कहा कि अभी इस मैच में विकास से जुड़े और भी छक्के देखने को मिलेंगे। प्रसाद ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताते हुये कहा कि सरकार ने यह साहसिक फैसला समाज के सभी वर्गों को विकास की मुख्य धारा में समान रूप से शामिल करने के लिये किया है. उन्होंने इस विधेयक के न्यायिक समीक्षा में नहीं टिक पाने की विपक्ष की आशंकाओं को निर्मूल बताते हुए कहा कि आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा संविधान में नहीं लगायी गयी है. उच्चतम न्यायालय ने यह सीमा सिर्फ पिछड़े वर्ग और अनुसूचित जाति एवं जनजाति समूहों के लिये तय की है.

And the Constitutional Amendment 124th Bill, 2019, is passed with 323 votes in favour and three against. India celebrates

Lok Sabha discusses Bill to provide reservation to economically backward people

The Lok Sabha takes up discussion on the Constitutional Amendment to provide reservation to the economically backward.

On the last day of the Winter Session of the Parliament,  the Lok Sabha passed the DNA Technology (Use and Application) Regulation Bill, 2018; and Citizenship Act (Amendment) Bill, 2016.

The  Rajya Sabha was adjourned without taking up any business. The Upper House to work tomorrow.

Here are the latest updates:

LOK SABHA | 10:00 P.M.

Speaker Sumitra Mahajan makes concluding remarks. She lists out the Bills passed by the lower House.

LOK SABHA | 10:00 P.M.

And the Constitutional Amendment 124th Bill, 2019,  is passed with 323 votes in favour and three against.

LOK SABHA | 9:55 P.M.

Clause 2 and 3 stand part of the quota Bill.  

Voting for Clause 2 and 3. They are voted in favour. It stays part of the Bill.

Clause 1 as amended stays part of the Bill.

The enacting formula and long titles are part of the Bill.

The Bill goes to voting.

LOK SABHA | 9:44 P.M.

Mr. Thambi Durai seeks clarification. He seeks to know when the government will give constitutional status for 69 per cent reservation being followed in Tamill Nadu. He reiterates that his party opposes the Bill and walks out.

The Bill goes for voting. The voting will be held by division. Since it is a constitutional amendment, the Bill must be passed with two-third majority.

Most members of the AIADMK have been suspended and they won’t be able to participate in the voting. As many as 323 members are present in the House.

The voting system in Lok Sabha.  

LOK SABHA | 9:28 P.M.

Minister of Social Justice Thawar Chand Gehlot responds. He says the Prime Minister said his government was for the poor and today, we are fulfilling our promise.

The Bill proposes to amend Article 15 with a subsection Article 15 (6) to include the economically backward under the ambit of reservation. This Bill will stand the test of Supreme Court because we are amending the Constitution to provide reservation, he says.

There was a delay in bringing this Bill. We have brought it with good intent. He also says he discussed with the stakeholders before bringing the Bill.

He says the Bill will bridge the gap between the rich and the poor. On the definition of poor, Mr. Gehlot says it will be reviewed periodically and changed.

Mr. Gehlot says the Pradhan Mantri Mudra Yojana has generated over four crore employment.

LOK SABHA | 9:22 P.M.

Shashi Tharoor raises a Point of Order. He asks if the government can bring any Bill at any point of time?

Minister of Social Justice Thawar Chand Gehlot responds. His speech is paused to allow Ballari member Ugrappa to make his maiden speech.

Mr. Ugrappa says the government was sleeping like a Kumbakarna and has brought this Bill in the last minute. He points out there is no provision for economically backward in the Constitution. He also points out that the existing laws doesn’t mention about unaided institution. There is no adequate representation for women, he adds.

LOK SABHA | 9:15 P.M.

Hukmdev Narayan Yadav (BJP) says his long-pending dream will be fulfilled. A veteran socialist, Mr. Yadav recalls his interaction with socialist leaders who belonged to the Forward Classes but fought for the rights of the backward. He says these leaders would say, one day you must take care of the poor people in the savarnas.

Mr. Yadav targets Congress, says the party was against the backwards and downtrodden. Congress members object to it.

LOK SABHA | 9:05 P.M.

Kaushaendra Kumar (JD-U) says his party supports the Bill.

Prem Das Rai (SDF) say his party supports the Bill. He says social justice has been meted out to all people in Sikkim and that is why Pawan Kumar Chamling was won five constitutive times. He takes the opportunity to remind the government that Sikkim can become a tribal State and the right enjoyed by it prior to 1965 must be restored.

Rajesh Ranjan, the rebel RJD member, wonders what is the definition of poverty line. The beneficiary of this proposed Bill is anyone who earns less than Rs. eight lakh.

LOK SABHA | 9:00 P.M.

Asaduddin Owaisi (AIMIM) opposes the Bill for eight reasons: This is a fraud on Constitution and insult to Babasaheb Amedkar. Our Constitution doesn’t recognise economically-backward.

Have the savarnas ever faced untouchability, he asks. There is no empirical data to show the savarna people are backward. This is a burden to the States, he adds.

What will happen to the recently passed reservation in Telangana and Maharashtra, he asks.

This will be struck down by the court, he asserts.

LOK SABHA | 8:50 P.M.

Anupriya Patel wants to know if the there is a cap on the reservation, so that the law is not misused. Ms. Patel, a minister in the Narendra Modi government, speaks about rising unemployment.

Dushyant Chautala (INLD) says reservations are a lollipop, when the youth are searching for jobs. He asks the government to make the caste census data public.

Ramdas Athawale recites a poetry praising the Bill and Narendra Modi.

LOK SABHA | 8:40 P.M.

N.K. Premachandran (RSP) says he supports the Bill. He however claims the Bill is brought for electoral purposes. Why the House is not taken into confidence before bringing in such an historic Bill, he asks. He points out that every Constitutional Amendment Bill was passed after thorough scrutiny.

After the neo-liberal economic policy, the job opportunities has been coming down. What is the point of reservation when there is no jobs, he asks.

LOK SABHA | 8:35 P.M.

E.T. Mohammad Basheer (IUML) says the real objective of the Bill to fish in the troubled waters. The purpose of reservation is to bridge the gap between upper and lower castes. Poverty alleviation is the work of the government. You are reducing the merit quota with this Bill. He seeks the Ministry to withdraw the Bill.

LOK SABHA | 8:29 P.M.

Nand Kumar Singh Chauhan (BJP) says the children of poor parents would ask their parents if it was their mistake for being born in a savarna caste. In response to Mr. Hooda, Mr. Chauhan says you may have the idea but didn’t have the intent to help the poor.

LOK SABHA | 8:20 P.M.

Deepender Hooda (Congress) questions the way the Bill was brought in the House. He doubts if there will be any beneficiary of the scheme as there will be little time in implement it. He says the Congress government in Haryana brought a similar Bill in the state in 2013. It was BJP who opposed it, he claims.

Imitation is the sincerest form of flattery, Mr. Hooda says and adds BJP has only copied their idea.

LOK SABHA | 8:10 P.M.

Upendra Kushwaha (RLSP) says it is his maiden speech. Mr. Kushwaha was a former Minister of State. He quit the NDA recently and gave up his ministership. He says the poor farm labourers would blame me for supporting reservation. He says now those poor farmers wouldn’t blame him now. He also adds now the unemployed will blame the government for not providing jobs.

He also seeks an all India Judicial Services and reservation in judiciary too. He suggests the Winter Session be extended for two more days, so that amendments can be moved in the Bill.

LOK SABHA | 8 P.M.

Bhagwant Mann of the AAP says that if the BJP is serious about the poor, they would have brought this Bill in the first day of the first session, and not in the last day of the last session. He also says that the Prime Minister will, in a rally very soon, say that he got the Bill passed.

Mr. Mann warns the Bill will dilute the existing reservation norms.

LOK SABHA | 7.35 P.M.

Dharmendra Yadav of the SP says that there existing vacancies which need to be filled, and urges the government to fill those first. He also wants the reservation to extend to 100%.

Mahendra Nath Pandey of the BJP supports the Bill. Jay Prakash Narayan Yadav of the RJD also raises the issues of people under already reserved categories not getting jobs.

Slogans become louder in the House as Nishikant Dubey of the BJP rises to speak. He says our culture is above caste.

LOK SABHA | 7.25 P.M.

Supriya Sule (NCP) says she welcomes the Bill, but asks why it has been hurried through the House. She says the Bill supports the poor. She expresses surprise at Ram Vilas Paswan’s remark.

She also seeks clarification from Mr. Jaitley too. He had said that approval of States are not needed for Articles related to fundamental rights.

She says she hopes this is not a political gimmick to bring the Prime Minister back to power. She asks about the existing reservation present in States. She also asks where jobs will be created.

LOK SABHA | 7.15 P.M.

Jitendra Choudhury (CPI-M) says the Left is in-principle not opposing the Bill, but opposes the way the Bill was introduced in the last minute.

In the past, if these kind of Bills are taken up, the party in power discusses with all stakeholders. But this has been done hastily, he says.

Mr. Choudhury poses some questions. Where are the jobs? He cites the demographics of Tripura, stating that OBCs could not get reservation because of the 50% cap as given by the Supreme Court. He says the Bill needs to be made more comprehensive. He says it needs to be deferred to the JPC.

LOK SABHA | 7.00 P.M.

BJD supports the Bill

Bhartruhari Mahtab (BJD) says this House is bereft of moving any amendments to the Bill, by the manner in which the Bill was introduced today. He says this shouldn’t be the practice. Here is something to be done in posterity. Similar efforts were being considered since the seventies, he says.

Reservation is not new in this country. Since 1932, four main instances of having affirmative action happened. The Poona Pact was the first of it. He points out that the Brahmin members constituted 45 per cent in the Constituent Assembly, while the SC were only four per cent. Mr Mahtab takes the House through the various steps taken for reservation.

Mr. Mahtab says the Bill must be supported in full measure. The poor people are in need of education, services and employment, irrespective of their caste. He recalls how the Congress tried to introduce such a reservation, but couldn’t pass the test of law.

The economic criteria will not be the same as it is today. A family may progress or come down in the economic strata. How will you identify the person, the Bill doesn’t mention these. Does the poor have a caste, Mr. Mahtab says quoting Biju Patnaik’s famous retort.

LOK SABHA | 6.40 P.M.

Union Minister Ram Vilas Paswan (LJP) welcomes the Bill. He lauds the government for bringing amendments to the SC/ST Act to safeguard the rights of the community. He lists out the initiatives of the government on social justice, and claims the opposition is unnecessarily terming the government is anti-Dalit.

Mr. Paswan says the Bill will help the “upper caste” people who are economically backward. He says the country is more important than caste. V.P. Singh was a Rajput, but he brought social justice by implementing the Mandal Commission report. Similarly everyone must support the economically downtrodden, he adds.

He says it is possible that people who were rich during the British Rule are poor now and they must not be left behind in development.

People who were opposing reservation are now part of this 10 per cent reservation. So now, they won’t oppose reservation, he adds. Sabka Saath, Sabka Vikas is complete now, he declares.

He also suggests the reservation must be brought under Ninth Schedule. He also suggests there must be reservation in private sector and Indian Judicial Services too. He says he is confident that when Narendra Modi becomes PM again, his demands will be fulfilled.

LOK SABHA | 6.30 P.M.

TRS member Jithender Reddy says his party supports the Bill. This Bill proves that caste-based and economic exploitations are different and not linked. He blames the present and erstwhile governments for the economic backwardness. He says the Congress and BJP were only thinking about settling scores between them and not about the people.

Taking the example of Telangana, whose demography changed after bifurcation, Mr. Reddy says the TRS government wanted to bring reservation for economically backward Muslims. The union government is opposing it, he says. Rights of reservation must be be given to the State, he adds.

He suggests some amendments.

LOK SABHA | 6.20 P.M.

Anandrao Adsul (Shiv Sena) says his party supports the Bill. He says a large number of people (excluding the SC, ST and OBC) are backward educationally, socially and economically. This Bill is just a beginning. Many caste groups are demanding reservation. The rationale behind these demands was that reservation will bring development to their community.

Mr. Adsul wonders why the Bill was brought at the fag end of the term. Better late than never, he adds. He lauds Mr. Jaitley’s response on the Bill. He also agrees with K.V. Thomas on demonetisation. He says many people lost their jobs due to demonetisation. Those who were employed also lost employment due to government’s policies, he adds.

LOK SABHA | 6.10 P.M.

How will you bring reservation when there are no jobs, asks Sudip Bandyopadhyay

Sudip Bandyopadhyay (TMC) says the Bill was not discussed during the Business Advisory Committee meet.

Will the Bill actually solve the problem of unemployment or this is just a political gimmick, he wonders. There over 85,000 vacancies in the Railways. Over 25 millions have applied for these jobs, Mr. Bandyopadhyay says to highlight the unemployment scenario.

He also wonders why the Women’s Reservation Bill was not taken up in the same priority. He demands a White Paper on unemployment. We are hesitantly supporting the Bill with an expectation that the government will take care of the unemployed youth, he says ending his speech.

LOK SABHA | 6.00 P.M.

Reservation can be only based on caste and not on economy, says Thambi Durai in Lok Sabha

Thambi Durai, Deputy Speaker, speaks. He says he is the lone person to speak on behalf of AIADMK. (Most AIADMK members have been suspended for unruly behaviour)

“Why do we need reservation? Our party believes in social justice. I am a Shudra. As a Shudra, we suffered a lot and this is why the Dravidian movement fought for reservation.”

The economically weaker section are already getting the benefits of several programmes. He lists out several schemes available for the economically deprived. Why do need a separate reservation? Does this mean your existing programmes are not properly implemented, he says.

He takes the example of B.R. Ambedkar. Ambedkar was highly-educated. Still he was still humiliated based on his caste. That is why the forefathers of our Constitution took social justice as a criteria and not economy as a criteria, he says.

You enhance reservation to 70 per cent, if you want. He cites the Tamil Nadu example where 69 per cent reservation is being implemented.

Untouchability is still practiced here. Two-tumbler policy is still practiced in villages. Reservation should continue till castiesm exists.

The PM promised Rs. 15 lakh in each account. Had he implemented it, there would be no need for this Bill, Mr. Thambi Durai says.

A person who is poor today, may earn money and become rich. How will you implement this. This is only going to increase corruption. People may pay bribe and get a certificate that he/she is poor, he says.

LOK SABHA | 5.35 P.M.

Finance Minister Arun Jaitley says most political parties in their election manifesto mentioned about giving reservation to unreserved poor. But they are hiding behind the law, he says.

Mr. Jaitley says the approval of States are not needed for Articles related to fundamental rights. He also says the phraseology is the same as caste-based reservation. He says we must think above politics in this issue.

“Just as equals cannot be treated unequally, unequals cannot be treated equally,” Mr. Jaitley says. The reservation or affirmative action was brought in to uplift those who were denied equality on the basis of birth, Mr. Jaitley says. He also points out the same way people who are economically deprived are also lagging behind and the government wants to uplift them.

Quoting the Supreme Court judgment, Mr. Jaitley says caste is the best determinant of backwardness. Similarly the 50 per cent cap on reservation was also based on Article 16(4). We want to amend Articles 15 and 16 so that the legal hurdles in providing economic-based reservation is taken care of.

“If you are supporting the Bill, don’t be grudging about it,” he says. He reads the election manifesto of Congress promising reservation for the poor. Some members object to it.

LOK SABHA | 5.20 P.M.

K.V. Thomas (Congress) says the Cabinet approved the Bill only yesterday and today, the Bill is being discussed. It is an important decision and I think the government is hasty in bringing the Bill. Quoting media reports, Mr. Thomas says this appears to be a pre-poll jumla. It shouldn’t be a tamasha, he says.

In 1991, when the Narasimha Rao government tried to bring a similar legislation, it was legally curtailed by the Supreme Court. Mr. Thomas points out the parliamentary process to pass a Constitutional Amendment and says it cannot be passed in a hurry.

The government is making one mistakes after another, he says pointing out the demonetisation and GST amendments.

When the social reservations are limited to aided institution, this one includes unaided ones too. The Bill comes at a time when the unemployment rate is at 27-month high, he says.

Do you call those earning Rs. 63,000 per month as poor? he asks. The food security Bill has a different criteria to define the poor, he points out.

You are butchering Indian democracy, he says and adds there is no time even to read the Bill in full. I am not against the Bill, but the way you are doing it, your sincerity is being questioned, he says and suggests the Bill must be sent to JPC.

LOK SABHA | 5.10 P.M.

The House takes up The Constitution (One Hundred and Twenty-Fourth Amendment) Bill, 2019 for discussion. This amendment is to bring in 10% reservation for economically weaker sections of people in educational institutions and jobs.

Minister Thaawarchand Gehlot says the move is historic. Elaborating the need for this Bill, the minister points out that Private Members’ Bills were brought 21 times seeking such a reservation. He says former Prime Minister P.V. Narasimha Rao also was in favour of such a reservation.

While the Ministry tries to help the economically deprived through several schemes and scholarship, they are not adequate. He says Brahmins, Thakurs, Baniyas, Patels… and others  who donot come under the benefits of existing reservation will be benifitted. Members mention other castes, the Minister says, “Yes, all are included.”

Some members object to the introduction of the Bill, since it was not part of the Business Advisory Council meet. Speaker says she gave the permission to include it.

LOK SABHA | 5 P.M.

Rajnath Singh also quotes Dr. Manmohan Singh, who in his speech as Prime Minister in the Rajya Sabha on the persecution of religious minorities in the subcontinent, said that India should be more liberal in granting citizenship to those that seek refuge in India.

He ensures the people of Assam that the country will share in the State’s burden in the citizenship process. He says the Centre is open to talks with the State. He reiterates that Assam’s culture and liguistic identity will be protected.

He asks that the Bill be taken into consideration and passed.

The motion for consideration of the Bill is adopted. Clause-by-clause consideration is up now.

The Citizenship (Amendment) Bill, 2016, is passed by the Lok Sabha.

LOK SABHA | 4.40 P.M.

Meenakshi Lekhi of the BJP says the demographics of eastern India is changing because of illegal immigrants.

Sunil Kumar Singh, a Jharkhand BJP MP, asks what Communist origins are in India. He mentions the Nehru-Liaquat pact and asks the Opposition if they do not wish to protect it. He says India should protect religious minorities in Pakistan, Afghanistan and Bangladesh.

Home Minister Rajnath Singh rises to reply to Members’ comments. He appeals to the people of Assam and says that the customs, traditions, linguistics and culture will be protected by the Centre. He says that the burden of the Citizenship Bill will not fall only on Assam, but the entire country. The politicians of any country do not want religious persecution, he says. He also cites the Nehru-Liaquat pact, and the agreement between Indira Gandhi and Sheikh Mujibur Rehman.

Mr. Singh answers Saugata Roy’s question about majorities who have fled to India from persecution. He says India grants long-term visas to those belonging to religious majorities. He quotes Nehru: “We think also of our brothers and sisters who have been cut off from us by political boundaries and who unhappily cannot share at present in the freedom that has come. They are of us and will remain of us whatever may happen, and we shall be sharers in their good and ill fortune alike.”

He then answers Bhatruhari Mahtab’s question about why Bangladesh is included in this Bill. Mr. Singh says religious minorities are percuted in Bangladesh too. He says those who get citizenship can live and work anywhere in India, not just Assam.

He also answers Badruddin Ajmal, who said that this bill discriminates based on religion. Mr. Singh replies that this is in keeping with the fundamental right to practise religion as given in the Constitution. Mr. Singh says that Christians living in Afghanistan, Pakistan and Bangladesh will also be granted citizenship.

LOK SABHA | 4.25 PM

Jay Prakash Narayan Yadav (RJD) opposes the Bill, saying people cannot be discriminated in the name of religion. On one hand you claim those not mentioned in the NRC are migrants and want them to leave the country, but now you are granting them citizenship, he says. He uses the opportunity to insist on an JPC probe into the Rafale deal.

Asaduddin Owaisi (AIMIM) says that the govt’s ideology and dog whistle politics has led them to bring the Bill. “You are giving citizenship on the basis of the religion. You can’t run India like Israel. This Govt is making a mistake and will have to pay for it.”

Pappu Yadav (RJD) says the Bill sends very dangerous signals. “Are Muslims citizens of India?”

LOK SABHA | 4.15 PM

Bijoya Chakravarty (BJP) says Assam witnessed large scale migration. Even today, we are not able to find out who these illegal migrants are. Ms. Bijoya claims the indigenous people are worst affected due to migration and infiltration. She claims the demography of Assam has changed over the years due to infiltration. She claims the immigrants have money and are able to buy land, but poor indigenous  population is losing out. At this rate it will be difficult to find Assamese in Assam, she says.

She also claims the population control is dwindling the Hindu population in Assam. But the illegal migrants bear many children, she adds. When a member objects to it, she says she can even take names.

This Bill is a must for Assamese people. Congress never did anything in 34 years to implement the Assam Accord, she says. She accuses the Congress of indulging in vote bank politics.

LOK SABHA | 4.10 PM

P.K. Kunhalikutty (IUML) says while the Home Ministry is saying people are persecuted in neighbouring countries in the name of religion, the Ministry is doing the same in India through this Bill. Any opportunity to divide the people, you are bringing it, Mr. Kunhalikutty accuses the government.

He also take potshots over the recently introduced Bill to give reservation to economically-backward people.

The Bill will not pass legal scrutiny, he opines. The Assam Accord mentions that people of undivided India, won’t be granted citizenship after Partition. This is clearly a violation, he says.

Your jumlas won’t work, he tells BJP.

LOK SABHA | 4.00 PM

Badruddin Ajmal (AIDUF) says he rejects the Bill. He demands the government to withdraw the Bill. The AIDUF is an Assam-based political party. The Bill has evoked strong protests in Assam. The AGP, another Assam party is also opposing the Bill.

He says the Bill is unconstitutional since we don’t discriminate on the basis of religion.

You should feel the pain of the Assamese People. Assam is in turmoil. Both Assamese and Bengalis are my brothers. Their sentiments have to be respected, Mr. Ajmal says.

You may have the majority to pass the Bill. Have you delivered the basic facilities to all Indians that you want to grant citizenship to foreign nationals, Mr. Ajmal asks.

The NRC exercise was the Supreme Court’s decision, not the BJP. The NRC has in fact, made it clear that claims of Bangladeshi Muslim infiltration were all false. We are grateful to the Supreme Court for the NRC, Mr. Ajmal says.

This Bill is against the Constitution and the Assam accord, and hence we are opposing it, he says.

LOK SABHA | 3.55 PM

Mulayam Singh Yadav (SP) is the next Speaker. He says we should learn how to develop the nation from the United States. He talks about how to develop the nation and rein in unemployment.

LOK SABHA | 3.45 PM

CPI member Mohammed Salim speaks about the contribution of Bengal community in India’s freedom struggle, how Bengalis are living in several parts of the country and not just in West Bengal. He comes down heavily on comments that Bengalis in Assam could be Bangladeshis. He claims the RSS and the BJP were not part of the freedom struggle. Treasury Bench oppose to it.

Mr. Salim continues to speak in Bengali. He says the BJP’s manifesto doesn’t speak about other minorities in the neighbouring countries, but is concerned only on Hindus. He says if the country is being divided on the basis of language and religion, it will only tear the country apart.

He claims the government is continuing the RSS’ unfinished agenda of Partition. You want to victimise the Bengali Muslim, says Mr. Salim.

Don’t create another Israel, warns Mr. Salim.

LOK SABHA | 3.10 PM

Bhartruhari Mahtab, BJD, Cuttack, speaks, “According to our law, citizenship is got by birth, by application. I am of the opinion that minorities of other countries. Where would they go other than India? There are no options for minorities.” 

LOK SABHA | 2:10 PM

Rajnath Singh discusses Citizenship Amendment Bill, 2019, as reported  by the Joint Committee, says, “A lot of misconception is being created regarding the Bill in Assam and in other parts of north-east region. We all know about the problems Assam has been facing due to illegal migrants and the Bill addresses that.” He ensures that no one will face discrimination under the Bill.

LOK SABHA | 2:05 PM

The Lok Sabha passes The DNA Technology (Use and Application) Regulations Bill, 2018 as amended.

The Speaker congratulates everyone for letting the House function without disruption.

RAJYA SABHA | 2:00 PM

Rajya Sabha resumes ,however uproar continues;. House is adjourned till 2:21 pm.

LOK SABHA | 1:50 PM

Harsh Vardhan clarifies his stands on the privacy issue raised by the Opposition regarding the Bill.

He says: “For 10 years your government was in power and various ministers in charge, no one ever thought of addressing these issues. It’s the not the responsibility of the Bill to set up laboratory. The money mentioned in the Bill is meant for isn’t for infrastructure.

“We ensure to take care of the issues even missed in the Bill, he adds. I thank all members who paid attention and discussed the Bill but I assure you the government’s attention is pure and the idea is to regulate the procedure as anyway DNA has been tested.”

The Bill is being considered.

LOK SABHA | 1:15 PM

Kalyan Banerjee of AITC speaks:

For a long time unsecured system has been in function to collect DNA. People have been insecure and this Bill should have been introduced long ago.

LOK SABHA | 12:50 PM

Dr. Shashi Tharoor discusses the DNA Bill, raises 13 objections.

“In the name of helping people, the devil lies in details. I have 13 objections. It’s against right to privacy. We need a robust Data Protection Law to begin with, so that we have a foundation. This government is going on passing one bill after another with the basic and main law in place.

“There are serious concern, the government has not thought it through. They have already pushed people to connect Aadhhar to phone and private banks, until Supreme Court stops them. Now they have created another Bill of the similar kind which will invoke surveillance. The Bill fails to provide effective consent; the consent is not even defined in the Bill. It doesn’t provide details on how can DNA sample be stored in the bank for lifetime.

There is no regulation of how DNA laboratory will collect and store the data. The money allotted is irresponsible, needs revision. The Minister should reconsider the objections raised by us and should send it to a standing committee. Now you are in power tomorrow someone else will be, who might misuse the data stored.”

LOK SABHA | 12:35 PM

Harsh Vardhan, Science and Technology Minister, speaks about the DNA Technology Regulation Bill :

This has been long awaited Bill. The inception of it took place in 2003, during the time of Murli Manohar Joshi. Even when the Opposition was in power, this has been discussed and importance of it has been recognised by everyone.

“For many agencies and departments this Bill will ensure easy and smooth work. We have ensured data privacy and security because it deals with DNA and data bank. The information stored in the bank will not reveal any facial feature, racial data.”

The minister mentions different other countries who already have a law in process mentions how even Bangladesh has a law in place. Concludes saying, “let’s discuss if you want to. It’s been 15 years and country awaits it.”

LOK SABHA | 12:25 PM

Shashi Tharoor, opposes the Bill says it’s “undemocratic act”.

“Member of Parliament should be given a Bill way ahead but with this (Bill) it has been surreptitiously introduced here, as pointed out by other members. Where is the two-day notice and where is the special reason for such act? 10 Central Union Trade Unions have written to the ministry , can we please send the Bill to standing committee.” 

The Minister inroduces the Bill and says “six unions are in favour of the Bill and the on-going strike mentioned by the Opposition I believe has no affect.”

LOK SABHA | 12:15 PM

The Trade Union (Amendment) Bill is being introduced.

Premachandran of RSP opposes the Bill, asks the government how can the trade union be recognised. The criteria and rules are mentioned in the Parliament. He further mentions how the trade unions has called for the on-going strike.

A Sampath of CPI-M says “you are killing the public sector. The government has introduced the Bill only on the last day of session. What is your responsibility towards the working class?”  N.B. Rajesh of CPI-M also opposes the Bill.

Thawarchand Gehlot introduces the 124th Constitution Amendment to provide 10 per cent reservation for economically weaker sections.

LOK SABHA | 12: 05 PM

“There have been complaints against members of DDA and there have been chargesheet against people associated with such complaints,” says Hardeep Singh of Housing and Urban Affairs. “The DDA needs digitisation to know the number of acres of land under control.”

The question hour gets over. Now members to lay down papers.

LOK SABHA | 11:55 AM

BJP’s Kiron Anupam Kher raises the issue of deployment of excess armed forces in the area.

MoS Kiren Rijiju replies: “The deployment is done according to the demand sought by the State government.”

What is the number of suicide taken place in armed force becuase of lack of leave?, asks Farooq Abdullah.

“There are number of cases have different reasons. However teh basic needs have been taken care of by the government. I would like to point out that the satisfaction level of the jawans have increased over the years,” Mr. Rijiju replies.

LOK SABHA | 11:45 AM

“Food precessing sector needs further development,” says Harsimrat Kaur Badal. Mention open ended scheme created by the government which helps farmers to set up storage also.

“Special 500 crore has been allocated for processing to vegetables that includes – tomatto, onion and potato. We want to focus the farmers to concentrate on further processing rotten begetablesto enusre minimal wastage,: she adds.

How many of these (40) food processing units are functioning right now? Asks a member.

15 units are operational and three more going to operational in a month, she replies. These parks will create 5 lakh jobs and lakh of

We are having problem with West Bengal. The Jangipur unit is pretty much dead because there is no support of teh government. Please do help your farmers avail the benefits, she asks the State government.

LOK SABHA | 11:15 AM

Five national sports centre have been created for handicapped children.

Aparupa Poddar of AITC asks the sports minister if the government has plan to create better facilities for handicaped sports enthusiasts in Bengal.

The minister of Social Justice and Empowerment says “we have been doing many important things, you should praise us, given nothing has been done for them before.”

Lok Sabha begins with question hours.