PU Enactus team Launches Cloth-based Sanitary Napkins

Chandigarh September 21, 2021

Enactus team, Dr. S. S. Bhatnagar University Institute of Chemical Engineering & Technology (SSBUICET),  Panjab University in collaboration with Developing Indigenous Resources-India (DIR) and Versatile Group, Ludhiana launched reusable, cost-effective and eco-friendly cloth-based sanitary napkins under its Project Uday, at an event held today at Janata Colony, Nayagaon.

A team of more than  50 student members, dedicated towards a common goal of bringing “the best suitable business model” in order to shape a better society has come forward to raise concerns surrounding the challenges that affect the health and wellbeing of women and girls due to the lack of hygienic menstrual products. Upon in-depth research, the team found that menstrual hygiene practices were unsatisfactory among the rural women, often pushing them to the edge of being the most vulnerable to infections and health problems, averred Prof. Seema Kapoor, Faculty Advisor of Enactus team.

Thus, the team started working on reusable cloth-based sanitary napkins that could be an affordable and eco-friendly alternative to generic plastic based sanitary napkins available in the market.

The guest of honor for the event was Ms. Geetanjali Bakshi, Coordinator of CSR project Amodini of Versatile Group, who was instrumental in getting the sponsorship for 2 Usha automatic sewing machines and accessories worth Rs.55000/ for the community. Also the special fabric for sanitary napkins is being sponsored by Versatile group under its CSR project. 

The event saw participation from underprivileged ladies working under project Uday, Enactus students and DIR staff. 

In the presence of dignitaries, Ms. Bakshi distributed Sanitary Napkin kits, each comprising of 4 napkins in 1 potli to over 30 ladies of the  slums of Janta Colony, ensuring accessibility of safe and quality assured menstrual products. If compared with the standard cloth based sanitary napkins available in the global market, the product is approximately 70-80% cheaper than the ones conventionally available and is tested upon various paramete by NABL accredited labs. 

Dr. Asha Katoch, CEO of DIR, a non-profit charitable trust has been working relentlessly for the upliftment of slum dwellers for the past 17 years, with the objectives of promoting health, providing education and facilitating income generation in the slum community. She has been at the front in keeping up with the cause of building awareness among the rural population on menstruation. In addition to this, Dr. Asha has extended her trust and support through the provision of skill development and training for the community of ladies. 

Prof. Kapoor highlighted how pandemic has made things worse with restricted availability of hygienic sanitary products, increased poverty and disruption of essential services. She advocated for building community awareness and supporting female hygiene. Ms. Bakshi emphasized the importance of getting over the period stereotypes and ensure easy access to related supplies.

Accentuating the need of promoting reusable sanitary napkins, Akshit Kalra, President of Enactus team, Meesha, Vice president of Enactus team and other team members namely Yash, Nandini, Dea, Ravnoor, Sanya, Leeza and Abhinav participated and vocalized the cause of adopting menstrual hygiene practices. 

ਸਤਿੰਦਰ ਸਰਤਾਜ ਦੇ ਵੈਨਕੂਵਰ ਸ਼ੋ ਦੀਆਂ 1 ਕਰੋੜ 10 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਦੀਆਂ ਟਿੱਕਟਾਂਆਨ ਲਾਈਨ ਵਿਕੀਆਂ (ਕੁੱਲ ਇੱਕ ਸ਼ੋ ਵਿੱਚੋਂ 1 ਕਰੋੜ 38 ਲੱਖ ਦੀ ਸੇਲ

ਚੰਡਿਗੜ:

ਵੀ ਟਿਕਸ ਦੇ ਬੁਲਾਰੇ ਕੈਵਿਨ ਸ਼ੈਲੀ ਨੇ ਸਤਿੰਦਰ ਸਰਤਾਜ ਦੇ ਵੈਨਕੂਵਰ 7 ਨੰਵਬਰ ਨੂੰ ਹੋਣ ਵਾਲੇ ਵੈਨਕੋਵਰ ਸ਼ੋ ਬਾਰੇ ਹਾਊਸਫੁੱਲ ਦਾ ਫੱਟਾ ਲਾ ਦਿੱਤਾ ਹੈ। ਉਸ ਵੱਲੋਂ ਦਿੱਤੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਮੁਤਾਬਕ ਸਰਤਾਜ ਸ਼ੋ ਦੀਆਂ 1 ਲੱਖ 91 ਹਜ਼ਾਰ ਡਾਲਰ ਦੀਆਂ 2714 ਟਿੱਕਟਾਂਵਿਕ ਚੁੱਕੀਆਂ ਹਨ ਅਤੇ ਹੁਣ ਕੋਈ ਸੀਟ ਬਾਕੀ ਨਹੀਂ ਰਹੀ।

ਇਸਤੋਂ ਬਿਨਾਂ ਸਪਾਂਸਰਾਂ ਵੱਲੋਂ ਇਸ ਸ਼ੋ ਵਿੱਚ ਆਪਣੀ ਮਸ਼ਹੂਰੀ ਲਈਤਕਰੀਬਨ 50,000 ਕਨੇਡੀਅਨ ਡਾਲਰ ਲਾਏ ਗਏ ਹਨ।

ਇਸਸ਼ੋਦੀਆਂਟਿਕਟਾਂ50 ਦਿਨਪਹਿਲਾਂਹੀਵਿਕਗਈਆਂਹਨਜਿਹੜੀਕਿਪੰਜਾਬੀਸ਼ੋਅਬਾਰੇਅਜੀਬਜਿਹੀਗੱਲਹੈਅਤੇਇਸਨਾਲਵਿਦੇਸ਼ਾਂਵਿੱਚਪੰਜਾਬੀਗਾਈਕੀਦਾਚੰਗਾਰੁਝਾਨਵੱਧਰਿਹਾਹੈ।   ਇਸ ਗੱਲ ਦੀ ਪੁਸ਼ਟੀ ਕੈਨੇਡਾ ਦੀ ਫਿਰਦੌਸ ਪ੍ਰੋਡਕਸ਼ਨ ਕੰਪਨੀ ਨੇ ਵੀ ਕੀਤੀ ਹੈ। ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਗੱਲ-ਬਾਤ ਕਰਦੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਸ਼ੋ ਦੀ ਸਾਰੀਮਾਰਕਟਿੰਗ ਸ਼ੋਸ਼ਲ ਮੀਡੀਏ ਰਾਹੀਂ ਹੋਈ ਹੈ ਜਿਸਦੀ ਦੇਖ-ਰੇਖ ਅਮਰੀਕਨ ਕੰਪਨੀ ਨੇ ਕੀਤੀ ਹੈ। ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਇੱਕ ਵੀ ਟਿੱਕਟਮੁਫ਼ਤ ਵਿੱਚ ਨਹੀਂ ਦਿੱਤੀ ਗਈ।

 ਯਾਦ ਰਹੇ, ਡਾਕਟਰ ਸਤਿੰਦਰ ਸਰਤਾਜ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਉਹ ਗਾਇਕ ਹਨ ਜਿਹੜੇ ਸਾਫ਼ ਸੁਥਰੀ ਤੇ ਸਾਰਥਿਕ ਗਾਇਕੀ ਲਈ ਜਾਣੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ।ਪਿੱਛਲੇ 2-3 ਸਾਲਾਂ ਵਿੱਚ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਆਪਣੀ ਕਾਰਜ-ਸ਼ੈਲੀ ਵਿੱਚ ਤਬਦੀਲੀ ਲਿਆਂਦੀ ਜਿਸ ਕਰਕੇ ਇਸ ਸਾਲ ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਸ਼ੋਅ ਨੂੰ ਭਾਰੀਹੁੰਗਾਰਾ ਮਿਲ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਪਿੱਛਲੇ ਸਮੇਂ ਵਿੱਚ ਗੀਤਾਂ ਦੀ ਪੇਸ਼ਕਾਰੀ ਅਤੇ ਗਿਣਤੀ ਨੂੰ ਵਧਾਇਆ ਹੈ। ਹੁਣ ਉਹ ਹਰ ਮਹੀਨੇ ਹੀ ਇੱਕਗੀਤ ਰਲੀਜ਼ ਕਰਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਲੋਕਾਂ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਤੇ ਚੈਰਿਟੀ ਦੇ ਕੰਮਾਂ ਨੂੰ ਵੀ ਵਧਾਇਆ ਹੈ।

 ਦਾ ਬਲੈਕ ਪ੍ਰਿੰਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਆਮ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਵਿੱਚ ਆ ਰਹੀਆਂ ਮੁਸ਼ਕਲਾਂ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਦੂਜੀ ਫ਼ਿਲਮ ਇੱਕੋ-ਮਿੱਕੇ ਲਿਆਂਦੀ ਜਿਸਨੂੰਚੰਗਾ ਹੁਲਾਰਾ ਮਿਲਿਆ।

ਉਹ ਪਿੱਛਲੇ ਮਾਰਚ ਵਿੱਚ ਰਲੀਜ ਹੋਈ ਸੀ ਪਰ ਕਰੋਨਾ ਮਾਹਮਾਰੀ ਕਰਕੇ ਦੋ ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਹੀ ਲਾਹੁਣੀ ਪਈ।ਹੁਣ ਉਹ 26 ਨਵੰਬਰ ਨੂੰ ਦੁਬਾਰਾ ਰਲੀਜ਼ ਹੋ ਰਹੀ ਹੈ, ਚੰਗਾ ਹੁੰਗਾਰਾ ਮਿਲਣ ਦੀ ਆਸ ਹੈ। 

Chandigarh sweeps PRCI awards in Goa, won seven awards

Chandigarh:

The Chandigarh Chapter of the Public Relations Council of India (PRCI) has made a convincing sweep by bagging a total of seven awards at the 15th Global Communication Conclave being organized by the Public Relations Council of India on September 17-18,2021 at Goa.  The conclave was well attended by over 250 representatives from Public Relations, Media, Corporate Communications and Advertising fraternity from all over India.

Chandigarh won the ‘Best Chapter of the Year’, ‘Special Jury Award in Best Feedback from the audience’, ‘Best Media Coverage’ and ‘Highest Number of Webinars during pandemic’. 

Chapter Chairman, Vivek Atrey won the Special Jury Award in the Inter Chapter Talent Hunt Competition while senior journalist Vipin Pubby bagged the third prize in the moderator category. Meanwhile, Purvi Bhushan from Shoolini also won the second prize in the Young Communicator category.

These awards were honoured by PS Sreedharan Pillai, His Excellency, the Governor of Goa and Dr. Govind Goude, Minister for Art & Culture, Goa  Industry Minister, Govt of Goa during the two day long conclave 
C J Singh, Sr Vice President National Executive extended his congratulations to the entire team of Chandigarh  chapter for this tremendous achievement.
Chandigarh Chapter was represented by Vivek Atrey, Chapter Chairman, Renuka Salwan, Chairperson, North Zone, PRCI and DPR, PU and Saryu D. Madra, PRO, PGI, Chandigarh.

Rashifal

राशिफल, 21 सितंबर

Aries

21 सितंबर, 2021:  शराब से दूर रहें, क्योंकि इससे आपकी नींद में खलल पड़ेगा और आप गहरे आराम से महरूम रह सकते हैं। आपके माता पिता आपकी फिजूलखर्ची को देखकर आज चिंतित हो सकते हैं और इसलिए आपको उनके गुस्से का शिकार भी होना पड़ सकता है। कुछ दिनों से आपका व्यक्तिगत जीवन ही आपके ध्यान का केंद्र रहा है। लेकिन आज आप सामाजिक कार्यों पर ज़्यादा ध्यान देंगे और ज़रूरतमंदों की मदद करने की कोशिश करेंगे। आज आप अपने किसी वादे को पूरा नहीं कर पाएंगे जिसकी वजह से आपका प्रेमी आपसे नाराज हो जाएगा। नए संपर्क बनाने और व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए की गयी यात्रा फलदायी साबित होगी। आज आप सब कामों को छोड़कर उन कामों को करना पसंद करेंगे जिन्हें आप बचपन के दिनों में करना पसंद करते थे। मुमकिन है कि महरी या काम वाली बाई की तरफ़ से कोई परेशानी खड़ी हो, जिससे आपके व आपके जीवनसाथी को तनाव संभव है। व्यक्तिगत समस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष : 8194959327

Taurus

21 सितंबर, 2021:  आपका विनम्र स्वभाव सराहा जाएगा। कई लोग आपकी ख़ासी तारीफ़ कर सकते हैं। अपने धन का संचय कैसे करना है यह हुनर आज आप सीख सकते हैं और इस हुनर को सीख कर आप अपना धन बचा सकते हैं। दिन के उत्तरार्ध में अचानक आई कोई अच्छी ख़बर पूरे परिवार को ख़ुशी देगी। आपके प्रिय का अस्थिर बर्ताव आज रोमांस को बिगाड़ सकता है। व्यवसाय में किसी धोखेबाज़ी से बकने के लिए अपने आँख-कान खुले रखें। अगर आपके पास हालात से उबरने के लिए दृढ़ इच्छा-शक्ति है, तो कुछ भी असंभव नहीं है। आप अपने जीवनसाथी को समझने में आपसे ग़लती हो सकती है, जिसकी वजह से सारा दिन उदासी में गुज़रेगा।  व्यक्तिगत समस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष : 8194959327

Gemini

21 सितंबर, 2021:   प्रभावशाली लोगों का सहयोग आपके उत्साह को दोगुना कर देगा। इस राशि के कारोबारियों को आज अपने घर के उन सदस्यों से दूर रहना चाहिए जो आपसे पैसा मांगते हैं और फिर लौटाते नहीं हैं। सही समय पर आपकी सहायता किसी को बड़ी परेशानी से बचा सकती है। ज़िन्दगी की भाग-दौड़ में आप ख़ुद को ख़ुशनसीब पाएंगे, क्योंकि आपका हमदम वाक़ई सबसे बेहतरीन है। दफ़्तर में आपको कुछ ऐसा काम मिल सकता है, जिसे आप हमेशा से करना चाहते थे। अगर आप अपने घर से बाहर रहकर अध्ययन या नौकरी करते हैं तो आज के दिन आप खाली समय में अपने घर वालों से बात कर सकते हैं। घर की किसी खबर को सुनकर आप भावुक भी हो सकते हैं। कई लोग साथ तो रहते हैं, लेकिन उनके जीवन में रोमांस नहीं होता। लेकिन यह दिन आपके लिए बेहद रोमानी होने वाला है।  व्यक्तिगत समस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष : 8194959327

Cancer

21 सितंबर,, 2021:  यह हँसी की चमक से उजला दिन है, जब ज़्यादातर चीज़ें आपके मन के मुताबिक़ होंगी। जो लोग शादीशुदा हैं उन्हें आज अपने बच्चों की पढ़ाई पर अच्छा खासा धन खर्च करना पड़ सकता है। अपनी जीवन में एक संगीत पैदा करें, समर्पण का मूल्य समझें और हृदय में प्रेम व कृतज्ञता के फूल खिलने दें। आप अनुभव करेंगे कि आपका जीवन अधिक अर्थपूर्ण हो रहा है। अपनी दीवानगी को क़ाबू में रखें, नहीं तो यह आपके प्रेम-संबंध को मुश्किल में डाल सकती है। कार्यक्षेत्र में बेहतर काम करने के लिए अपनी क्षमताओं को मांजने की कोशिश करें। अगर आप किसी विवाद में उलझ जाएँ तो तल्ख़ टिप्पणी करने से बचिए। पड़ोसियों का दख़ल शादीशुदा ज़िन्दगी में दिक़्क़त पैदा करने की कोशिश कर सकता है, लेकिन आप व आपके जीवनसाथी के बीच का बंधन बहुत मज़बूत है और इसे तोड़ना आसान नहीं है।व्यक्तिगत समस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष : 8194959327

Leo
Leo

21 सितंबर, 2021:  आपकी शाम कई जज़्बातों से घिरी रहेगी और इसलिए तनाव भी दे सकती है। लेकिन ज़्यादा चिंता करने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि आपकी ख़ुशी आपकी निराशाओं के मुक़ाबले आपको ज़्यादा आनंद देगी। परिवार के किसी सदस्य के बीमार पड़ने की वजह से आपको आर्थिक परेशानी आ सकती है, हालांकि इस वक्त आपको धन से ज्यादा उनकी सेहत की चिंता करनी चाहिए। घर में तालमेल बनाए रखने के लिए साथ में मिलकर काम करें। हालाँकि प्यार में निराशा हाथ लग सकती है लेकिन हिम्मत मत हारिए क्योंकि आखिर में जीत सच्चे प्यार की ही होती है। किसी भी तरह की साझीदारी करने से पहले उसके बारे में अपनी अंदरूनी भावना की बात ज़रूर सुनें। आज आपको ढेरों दिलचस्प निमंत्रण मिलेंगे- साथ ही आपको एक आकस्मिक उपहार भी मिल सकता है। जीवनसाथी के साथ एक आरामदायक दिन बीतेगा।  व्यक्तिगत समस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष : 8194959327

Virgo

21 सितंबर, 2021:  अपनी बीमारी के बारे में चर्चा करने से बचें। ख़राब तबियत से ध्यान हटाने के लिए कोई और दिलचस्प काम करें। क्योंकि इस बारे में आप जितनी ज़्यादा बातें करेंगे, उतनी ही ज़्यादा तकलीफ़ आपको होगी। आपके द्वारा धन को बचाने के प्रयास आज असफल हो सकते हैं हालांकि आपको इससे घबराने की जरुरत नहीं है स्थिति जल्द ही सुधरेगी। अपने जीवन-साथी के साथ बेहतर समझ ज़िन्दगी में ख़ुशी, सुकून और समृद्धि लाएगी। दोस्ती में प्रगाढ़ता के चलते रोमांस का फूल खिल सकता है। आज कार्यक्षेत्र में अचानक आपके काम की छानबीन हो सकती है। ऐसे में अगर आपने कोई गलती की होगी तो आपको इसका भुगतान करना पड़ सकता है। इस राशि के कारोबारी आज अपने कारोबार को नई दिशा देने के बारे में विचार कर सकते हैं। खाली समय का सदुपयोग होना चाहिए लेकिन आप आज आप इस समय का दुरुपयोग करेंगे और इस वजह से आपका मूड भी खराब होगा। जीवन साथी की किसी बात को गंभीरता से न लेने की स्थिति में विवाद हो सकता है।  व्यक्तिगत समस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष : 8194959327

Libra
Libra

21 सितंबर, 2021:  आपको अपना अतिरिक्त समय अपने शौक़ पूरे करने या उन कामों को करने में लगाना चाहिए, जिन्हें करने में आपको सबसे ज़्यादा मज़ा आता है। आज आप अपना धन धार्मिक कार्यों में लगा सकते हैं जिससे आपको मानसिक शांति मिलने की पूरी संभावना है। पारिवारिक सदस्यों से मतभेद ख़त्म कर आप अपने उद्देश्यों की पूर्ति आसानी से कर सकते हैं। अगर आप अपने प्रिय को पर्याप्त समय न दें, तो वह नाराज़ हो सकता/सकती है। आप क़ामयाबी ज़रूर हासिल करेंगे – बस एक-एक करके महत्वपूर्ण क़दम उठाने की ज़रूरत है। आपके पास समय तो होगा लेकिन बावजूद इसके भी आप कुछ ऐसा नहीं कर पाएंगे जो आपको संतुष्टि दे। कोई रिश्तेदार अचानक आपके घर आ सकता है, जिसके चलते आपकी योजनाएँ गड़बड़ा सकती हैं।व्यक्तिगत समस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष : 8194959327

Scorpio

21 सितंबर, 2021: शाम के समय थोड़ा आराम कीजिए। कोई बड़ी योजनाओं और विचारों के ज़रिए आपका ध्यान आकर्षित कर सकता है। किसी भी तरह का निवेश करने से पहले उस व्यक्ति के बारे में भली-भांति जाँच-पड़ताल कर लें। पारिवारिक मोर्चे पर समस्याएँ मुँह बाए खड़ी हैं। पारिवारिक ज़िम्मेदारियों की अनदेखी आपको सबकी नाराज़गी की केंद्र बना सकती है। आज किसी ऐसे इंसान से मिलने की संभावना है जो आपके दिल को गहराई से छूएगा। जो कला और रंगमंच आदि से जुड़े हैं, उन्हें आज अपना कौशल दिखाने के लिए कई नए मौक़े मिलेंगे। बिना किसी को बताए आज आप अकेले वक्त बिताने घर से बाहर जा सकते हैं। लेकिन आप अकेले तो होंगे लेकिन शांत नहीं आपके दिल में आज के दिन कई चिंताएं हैं होंगी। यह दिन आपके सामान्य वैवाहिक जीवन से कुछ हटकर होने वाला है। आपको अपने जीवनसाथी की ओर से कुछ ख़ास देखने को मिल सकता है।   व्यक्तिगत समस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष : 8194959327

Sagittarius

21 सितंबर, 2021:  किसी पुराने दोस्त से मुलाक़ात आपका मन ख़ुश कर देगी। नौकरी पेशा से जुड़े लोगों को आज धन की बहुत आवश्यकता पड़ेगी लेकिन बीते दिनों में किये गये फिजुलखर्च के कारण उनके पास पर्याप्त धन नहीं होगा। अपने परिवार के सदस्यों की ज़रूरतों पर ध्यान देना आज आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए। आपके प्रेम की राह एक ख़ूबसूरत मोड़ ले सकती है। आज आपको पता चलेगा कि फ़िजा़ओं में जब प्यार घुलता है तो कैसा महसूस होता है। आज फ़ायदा हो सकता है, बशर्ते आप अपनी बात भली-भांति रखें और काम में लगन व उत्साह दिखाएँ। इस राशि के लोग बड़े ही दिलचस्प होते हैं। ये कभी लोगों के बीच रहकर खुश रहते हैं तो कभी अकेले में हालांकि अकेले वक्त गुजारना इतना आसान नहीं है फिर भी आज दिन में कुछ समय आप अपने लिए जरुर निकाल पाएंगे। अपने जीवनसाथी के साथ आप आज एक शानदार शाम गुज़ार सकते हैं।   व्यक्तिगत स मस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष : 8194959327

Capricorn

21 सितंबर, 2021:  आज आप उम्मीदों की जादुई दुनिया में हैं। आपके द्वारा धन को बचाने के प्रयास आज असफल हो सकते हैं हालांकि आपको इससे घबराने की जरुरत नहीं है स्थिति जल्द ही सुधरेगी। परिवार के सदस्य सहयोगी होंगे, लेकिन उनकी काफ़ी सारी मांगें होंगी। आप जहाँ हैं वहीं रहेंगे, बावजूद इसके प्यार आपको एक नए और अनोखे लोक में ले जाएगा। साथ ही आज आप रोमानी सफ़र पर भी जा सकते हैं। आज आपकी कलात्मक और रचनात्मक क्षमता को काफ़ी सराहना मिलेगी और इसके चलते अचानक लाभ मिलने की संभावना भी है। आज खाली वक्त्त किसी बेकार के काम में खराब हो सकता है। ज़िन्दगी बहुत ख़ूबसूरत नज़र आएगी, क्योंकि आपके जीवनसाथी ने आपके लिए कुछ ख़ास योजना बनाई है।  व्यक्तिगत स मस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष : 8194959327

Aquarius

21 सितंबर, 2021:  आउटडोर खेल आपको आकर्षित करेंगे- ध्यान और योग आपको फ़ायदा पहुँचाएंगे। नौकरी पेशा से जुड़े लोगों को आज धन की बहुत आवश्यकता पड़ेगी लेकिन बीते दिनों में किये गये फिजुलखर्च के कारण उनके पास पर्याप्त धन नहीं होगा। किसी दूर के रिश्तेदार के यहाँ से मिली आकस्मिक अच्छी ख़बर आपके पूरे परिवार के लिए ख़ुशी के लम्हे लाएगी। प्यार एक ऐसा जज़्बा है जिसे न सिर्फ़ महसूस किया जाना चाहिए, बल्कि अपने प्रिय के साथ बांटना भी चाहिए। आपके बॉस किसी भी बहाने में दिलचस्पी नहीं ज़ाहिर करेंगे- इसलिए निगाहों में बने रहने के लिए अपना काम अच्छी तरह से करें। गप्पबाज़ी और अफ़वाहो से दूर रहें। आपको महसूस होगा कि आपका जीवनसाथी इससे बेहतर पहले कभी नहीं हुआ। व्यक्तिगत समस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष : 8194959327

Pisces

21 सितंबर, 2021:  धार्मिक और आध्यात्मिक रुचि के काम करने के लिए अच्छा दिन है। लम्बे अरसे को मद्देनज़र रखते हुए निवेश करें। आपको चिंतामुक्त होकर अपने क़रीबी दोस्तों और परिवार के बीच ख़ुशी के लम्हे तलाशने की ज़रूरत है। प्यार का भरपूर लुत्फ़ मिल सकता है। जो कला और रंगमंच आदि से जुड़े हैं, उन्हें आज अपना कौशल दिखाने के लिए कई नए मौक़े मिलेंगे। वक्त की नाजाकत को समझते हुए आज आप सब लोगों से दूरी बनाकर एकांत में वक्त बिताना पसंद करेंगे। ऐसा करना आपके लिए हितकर भी होगा। आज से पहले शादीशुदा ज़िन्दगी इतनी अच्छी कभी नहीं रही।  व्यक्तिगत समस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष : 819495932

Panchang

पंचांग 21 सितंबर 2021

नोटः आज से आश्विनी कृष्ण पक्ष प्रारम्भ हो रहा है। तथा पितृ पक्ष (श्राद्ध) प्रारम्भ तथा प्रतिपदा तिथि का क्षय है। आज ही प्रतिपदा का श्राद्ध होगा।

विक्रमी संवत्ः 2078, 

शक संवत्ः 1943, 

मासः आश्विनी़, 

पक्षः कृष्ण पक्ष, तिथिः 

प्रतिपदा अरूणोदय कालः 5.52 तक है। 

विशेषः आज उत्तर दिशा की यात्रा न करें। अति आवश्यक होने पर मंगलवार को धनिया खाकर, लाल चंदन,मलयागिरि चंदन का दानकर यात्रा करें।

वारः मंगलवार, 

नक्षत्रः नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद अरूणोदय काल 05.06 तक हैं, 

योगः अतिगण्ड दोपहर काल 02.25 तक, 

करणः बालव, 

सूर्य राशिः कन्या चंद्र राशिः मीन, 

राहु कालः अपराहन् 3.00 से 4.30 बजे तक, 

सूर्योदयः 06.13, सूर्यास्तः 06.15 बजे।

राजस्थान में दो सालों में दो दलित युवकों की मुस्लिम भीड़ द्वारा हत्या आरोपी बेखौफ आज़ाद

दो साल पहले 15 अगस्त, 2019 को राजस्थान के हरीश जाटव मॉब लिचिंग मामले में हरीश के पिता रत्तीराम जाटव ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। परिजनों का आरोप थ कि मामले में न्याय नहीं मिलने के कारण रत्तीराम जाटव ने ये कदम उठाया।  दरअसल राजस्थान के अलवर के भिवाड़ी के झिवाना गांव निवासी हरीश जाटव की मॉब लीचिंग में मौत हो गई थी।   घटना 17 जुलाई की थी।   परिजनों का आरोप है कि इस घटना के बाद भी पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया और आरोपी लगातार हरीश जाटव के परिवार को धमकी देते रहे।   हरीश जाटव के अंधे गरीब दलित पिता लगातार न्याय की गुहार लगाते रहे लेकिन पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की।   उधर आरोपी भी लगातार बेखौफ होकर घूम रहे थे जिससे परेशान होकर पिता ने आत्महत्या कर ली।  

हरीश जाटव

भरतपुर/नईदिल्ली :

राजस्थान में गहलोत सरकार में दलितों की मोब लिंधींग कोई नयी बात नहीं है। आज जब राजस्थान के अलवर में योगेश जाटव नाम के दलित युवक की मॉब लिंचिंग की खबर सुर्ख़ियों में है, मुस्लिम भीड़ द्वारा 2 साल पहले हरीश जाटव की हत्या को भी याद कीजिए। ताज़ा घटना 15 सितंबर, 2021 की है। पिछली घटना 16 जुलाई, 2019 की। राज्य में तब भी अशोक गहलोत के नेतृत्व में कॉन्ग्रेस की ही सरकार थी।

राजस्थान में गहलोत सरकार में दलितों की मोब लिंधींग कोई नयी बात नहीं है। आज जब राजस्थान के अलवर में योगेश जाटव नाम के दलित युवक की मॉब लिंचिंग की खबर सुर्ख़ियों में है, मुस्लिम भीड़ द्वारा 2 साल पहले हरीश जाटव की हत्या को भी याद कीजिए। ताज़ा घटना 15 सितंबर, 2021 की है। पिछली घटना 16 जुलाई, 2019 की। राज्य में तब भी अशोक गहलोत के नेतृत्व में कॉन्ग्रेस की ही सरकार थी।

राजस्थान में कॉन्ग्रेस की सरकार है और अशोक गहलोत वामपंथी मीडिया के भी दुलारे हैं (जब तक वो गाँधी परिवार के इशारे पर नाचते रहें, वरना जिस दिन उनका हश्र कैप्टेन अमरिंदर सिंह वाला हुआ, उस दिन से मीडिया का ये गिरोह विशेष उन्हें भी नकार देगा)। दूसरा कारण ये है कि हत्यारे मुस्लिम समुदाय से आते हैं। कॉन्ग्रेस का राज और हत्यारों का मुस्लिम होना – ये दो कारण काफी हैं मीडिया को चुप कराने के लिए।

योगेश जाटव

आइए, सबसे पहले घटना पर एक नज़र डाल लेते हैं कि आखिर हुआ क्या था। घटनाक्रम कुछ यूँ था कि बड़ौदामेव के मीना का बास इलाके में बुधवार (15 सितम्बर, 2021) को भटपुरा निवासी योगेश जाटव बाइक से गाँव की तरफ जा रहे थे। रास्ते में एक गड्ढा था, ऐसे में दुर्घटना हो गई और उनकी बाइक एक महिला से टकरा गई। इसके बाद शुरू हुआ मुस्लिम भीड़ का आतंक। दलित युवक की इतनी पिटाई की गई कि वो कोमा में चला गया।

3 दिन इलाज चला, जिसके बाद जयपुर में शनिवार को योगेश की मौत हो गई। अगले ही दिन आक्रोशित ग्रामीणों ने बडौदामेव में अलवर-भरतपुर रोड पर दोपहर करीब 3 बजे से शाम 6 बजे तक शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रशासन के साथ किसी तरह समझौता हुआ, जिसके बाद शव का अंतिम संस्कार करने को परिजन राजी हुए। आरोपितों को तुरंत गिरफ्तार कर के जेल भेजे जाने की माँग के साथ-साथ ग्रामीणों ने पीड़ित परिजनों को 50 लाख रुपए की सहायता देने के लिए सरकार से माँग की है।

इस घटना के अगले ही दिन परिजनों ने FIR दर्ज करवा दी थी, जिसमें 6 लोगों को आरोपित बनाया गया था। रसीद पुत्र नामालूम, साजेत पठान, मुबीना पत्नी नामालूम तथा अन्य चार लोगों के नाम FIR में शामिल थे। ग्रामीणों के आक्रोश के कारण अलवर-भरतपुर मार्ग घंटों जाम रहा। योगेश जाटव की उम्र मात्र 17 वर्ष ही बताई जा रही है। चार बहनों का वो इकलौता भाई था, ऐसे में परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है।

पुलिस-प्रशासन की निष्क्रियता के कारण ही ग्रामीणों को विरोध प्रदर्शन करना पड़ा। 5 घंटे तक हुए प्रदर्शन से पहले पुलिस ने IPC (भारतीय दंड संहिता) की धारा-336 (उतावलेपन या उपेक्षापूर्वक ऐसा कोई कार्य, जिससे मानव जीवन या किसी की व्यक्तिगत सुरक्षा को ख़तरा हो), 143 (भीड़ द्वारा गैर-कानूनी कार्य), 323 (किसी को चोट पहुँचाना), 379 (छीना-झपटी कर घायल करना) और 341 (किसी को गलत तरीके से रोकना) के तहत मामला दर्ज किया था।

पुलिस ने उलटा विरोध प्रदर्शन में शामिल एक व्यक्ति को ही गिरफ्तार कर लिया और उस पर भड़काऊ भाषण देने के आरोप लगाए गए। वो परिजनों की तरफ से बोल रहा था। हालाँकि, बाद में उसे छोड़ दिया गया। SC/ST एक्ट के अलावा अब हत्या की धारा भी लगा दी गई है। प्रशासन दोषियों के विरोध कड़ी कार्रवाई का आश्वासन देते हुए सरकार तक पीड़ित परिजनों की बात पहुँचाने का वादा भी कर रहा है।

हजारों लोगों के सड़क पर उतरने के बावजूद इन पीड़ितों की आवाज़ अब तक मीडिया के कान में नहीं पहुँची है, क्योंकि मृतक का नाम ‘योगेश जाटव’ है, ‘पहलू खान’ नहीं। किसी चोर को रंगे हाथों पकड़े जाने और उसकी पिटाई के बाद मौत होने पर उसके यहाँ ‘राजनीतिक टूर’ करने वाले नेता इस बार संवेदना तक नहीं जताएँगे, क्योंकि इससे उनसे सेक्युलर होने का तमगा छिन जाएगा। मुस्लिम वोटों के तुष्टिकरण के लिए ऐसी घटनाओं पर उन्हें आँख मूँदे रहने की आदत है।

आपको कॉन्ग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए काल याद है, जब संसद में ‘सांप्रदायिक हिंसा बिल’ लाया गया था? इसमें प्रस्ताव था कि दोष किसी का भी हो, हत्या की घटनाओं के लिए बहुसंख्यकों को ही जिम्मेदार माना जाएगा। हिंसा की स्थिति में सीधे केंद्र के दखल की बात कह कर संघीय ढाँचे पर भी प्रहार किया गया था। तब गुजरात के मुख्यमंत्री रहे नरेंद्र मोदी ने इसके खिलाफ आवाज़ बुलंद करते हुए कहा था कि ये बिल धार्मिक और भाषाई आधार पर समाज को बाँटने वाला है।

उनका कहना था कि इससे धार्मिक और भाषाई पहचान हमारे समाज में मजबूत हो चलेगी और आसानी से हिंसा के साधारण घटना को भी सांप्रदायिक रंग दिया जा सकेगा। उन्होंने बताया था कि कैसे यह कानून धार्मिक और भाषाई पहचान वाले नागरिकों के लिए आपराधिक कानूनों को अलग-अलग ढंग से अप्लाई करने का मौका दे सकता है। इससे अधिकारी तक डरे हुए रहते, क्योंकि मुस्लिमों की शिकायत पर उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होती।

इस मामले में पुलिस ने मॉब लिंचिंग वाली धारा भी नहीं लगाई थी। ऐसे में सवाल उठता है कि बहुसंख्यकों को बिना गलती हत्यारा मानने वाले कॉन्ग्रेस के बिल से कितना नुकसान होता? अक्सर देखा गया है कि मुस्लिम भीड़ ने संगठित होकर दंगे किए हैं। हाल की घटनाओं में देखें तो दिल्ली और बेंगलुरु में हुए दंगे इसके उदाहरण हैं। या ऐसी स्थिति में भी हिन्दुओं को ही जेल होती? आरोपित मुस्लिम हैं, इसीलिए कोई नेता/पत्रकार उन्हें जेल भेजने की माँग नहीं करेगा।

राजस्थान भाजपा के पूर्व प्रवक्ता लक्ष्मीकांत भारद्वाज ने इस घटना पर टिप्पणी करते हुए कहा, “राजस्थान के अलवर में शांतिदूतों की भीड़ ने मासूम युवक योगेश को पीट पीट कर मार डाला। सेक्यूलर बिछुओं के कानों तक आवाज़ नहीं पहुँचेगी। क्योंकि मरने वाला योगेश और मारने वाले रशिद, साजित पठान, मूबिना और उसके साथी हैं।’ उनकी बात बिलकुल सही है। आजकल हंगामा मृतकों और आरोपितों का मजहब देख कर होता है।

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि का संदिग्ध परिस्थितियों में निधन हो गया

प्रयागराज:

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि का सोमवार को संदिग्ध परिस्थितियों में निधन हो गया। महंत नरेन्द्र ‍गिरि का यहां बाघंबरी अखाड़े में निधन हुआ। हालांकि मौत के कारणों का अभी खुलासा नहीं हुआ है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक महंत नरेन्द्र गिरि की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। पुलिस घटनास्‍थल पर पहुंच गई है। पूर्व सांसद रामविलास वेदांती ने कहा कि नरेन्द्र गिरि की मौत के पीछे साजिश हो सकती है। इस बीच, यूपी के डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।

प्रयागराज से बड़ी खबर आ रही है। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी का निधन हो गया है। यहां के बाघंबरी मठ में ही उनकी मौत हो गई है। फिलहाल मृत्यु के कारणों पर कोई कुछ नहीं बोल रहा है। अधिकारी संदिग्ध मौत बता रहे हैं। मठ पर आवाजाही रोक दी गई है। आला अधिकारी मठ पहुंच रहे हैं। अपुष्ट सूत्रों का कहना है कि उन्होंने आत्महत्या की है। संदिग्ध परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन पोस्टमार्टम के बारे में विचार कर रहा है। मठ पर फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को भी बुलाया गया है। 

नरेंद्र गिरी अपने बयानों को लेकर लगातार चर्चा में रहे हैं। कल सुबह ही डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने उनसे मुलाकात की थी। बताया जा रहा है कि वह लगातार तनाव में रह रहे थे। अपने शिष्य आनंद गिरी से उनका पुराना विवाद भी चल रहा था। पिछले दिनों उन्होंने आनंद गिरी को मठ से अलग कर दिया था। हालांकि बाद में सुलह हो गई थी।

नरेंद्र गिरी के निधन की खबर आते ही संत समाज के साथ ही राजनीतिक दलों में भी शोक की लहर दौड़ गई है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने शोक जताते हुए लिखा कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पूज्य संत महंत नरेंद्र गिरी जी महाराज के देवलोकगमन की दुःखद सूचना मिली। सनातन धर्म के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले पूज्य स्वामीजी द्वारा समाज के कल्याण में दिए योगदान को सदैव याद किया जाएगा। ईश्वर उनकी आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।

शिष्य आनंद गिरि से विवादों के कारण भी यह चर्चा में रहे
इससे पहले भी यह विवादों में रहे हैं। इनके शिष्य आनंद गिरि से विवादों के कारण भी यह चर्चा में रहे थे। यह विवाद संपत्ति को लेकर था जिस बाद में एक आला अधिकारी के माध्यम से सुलझा लिया गया था। पुलिस के आला अधिकारी हर तरह से मामले की जांच करने का आश्वासन दे रहे हैं।

फर्जी अकाउंट से कई विवादित ट्विट किए गए थे
अभी कुछ हफ्ते पहले ही अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के नाम से बने फर्जी अकाउंट से कई विवादित ट्विट किए गए थे। इसे लेकर नरेंद्र गिरी ने काफी आश्चर्य जताया था और उन्होंने दारागंज थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया था। 

International World Bamboo Day Celebration 2021

Chandigarh September 20, 2021

DST-Centre for Policy Research (CPR) at Punjab University, Chandigarh in collaboration with World Bamboo Organization, USA successfully organized a virtual webinar for the celebration of International World Bamboo Day 2021 on September 18 (Saturday). The theme of the webinar was Scope of Skill Development and Entrepreneurship in Bamboo Sector.

Eminent speakers from various national and international organizations shared their thoughts and approach towards proliferating bamboo for sustainable development and consumption in India. Susanne Lucas, the Executive Director, World Bamboo Organization (WBO), USA shared a special message on the bamboo and role of WBO to promote it worldwide.

The prominent experts and speakers for the event were Mr. Sanjeev Karpe, Founder, Director, Konkan, Bamboo and Cane Development Centre, Maharashtra, Dr. Merdelyn, Vice Chancellor, Research and Extension, University of Philippines, Dr. Ajit SIngh Naosekpam, Consultant, South East Asia, Bamcore, Chandigarh; Dr. Santosh Oinam, Scientific Officer, DST-CPR at PU; Dr. Natasha Saini, Assistant Professor, Abhilashi Group of Institutions, Mandi, H.P.; Dr. Harjit Kaur Bajwa, Assistant Professor, Chandigarh University, Mohali. The speakers showcased various technologies, applications and utility of Bamboo. They also deliberated upon the issues on policy perspective in India and emphasized that India can be a leader in the global market. They also deliberated that in coming future, if farmers in India will focus on growing bamboo and commercializing it worldwide, they can contribute to address the economic challenges being faced by Indian farmers. According to Prof. Nirmala Chongtham, the World Bamboo Ambassador from India and Coordinator of DST-CPR at PU, Chandigarh, an agreement has been signed between the WBO and Vietnam government on 18th September to hold the 4th World Bamboo Workshop in Vietnam in 2022.

कल से पितृ पक्ष होगा आरंभ जानें कौन-सी तिथि को किसका श्राद्ध करने का महत्व है

पूर्णिमा श्राद्ध को श्राद्धि पूर्णिमा तथा प्रोष्ठपदी पूर्णिमा श्राद्ध के नाम से भी जाना जाता है। इस बार श्राद्ध पूर्णिमा सोमवार 20 सितंबर को है। 21 सितंबर को श्राद्ध के दिन शुरू होंगे। पूर्णिमा श्राद्ध भाद्रपद माह की पूर्णिमा तिथि को किया जाता है। यह ध्यान देना आवश्यक है कि पूर्णिमा तिथि पर मृत्यु प्राप्त करने वालों के लिए महालय श्राद्ध भी अमावस्या श्राद्ध तिथि पर किया जाता है। भाद्रपद पूर्णिमा श्राद्ध पितृ पक्ष से एक दिन पहले पड़ता है, यह पितृ पक्ष का भाग नहीं है। सामान्यत: पितृ पक्ष, भाद्रपद पूर्णिमा श्राद्ध के अगले दिन से आरंभ होता है। भाद्रपद पूर्णिमा श्राद्ध, जैसे कि पितृ पक्ष श्राद्ध, पार्वण श्राद्ध होते हैं। इन श्राद्धों को सम्पन्न करने के लिए कुतुप, रोहिण आदि मुहूर्त शुभ मुहूर्त माने गए हैं। अपराह्न काल समाप्त होने तक श्राद्ध संबंधी अनुष्ठान सम्पन्न कर लेने चाहिए। श्राद्ध के अंत में तर्पण किया जाता है।

धर्म/संस्कृति डेस्क, चंडीगढ़ :

आइए जानते हैं कौन-सी तिथि को किसका श्राद्ध करने का महत्व है। 

आश्विन मास की कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से लेकर अमावस्या तक पूरे 16 दिनों तक पूर्वजों का तर्पण किया जाता है। ऐसी मान्यता है कि पितृ पक्ष में पूर्वज किसी न किसी रूप में परिजनों के आसपास विचरणकरते रहते हैं। अत: इन तिथियों पर उनका श्राद्ध कर्म करना आवश्यक हो जाता है।

पूर्णिमा श्राद्धपूर्णिमा को मृत्यु प्राप्त जातकों का श्राद्ध केवल भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा अथवा आश्विन कृष्ण अमावस्या को किया जाता है। इसे प्रोष्ठपदी पूर्णिमा भी कहा जाता हैं। 

पहला श्राद्धजिस भी व्यक्ति की मृत्यु प्रतिपदा तिथि (शुक्ल पक्ष/ कृष्ण पक्ष) के दिन होती है उनका श्राद्ध इसी दिन किया जाता है। प्रतिपदा श्राद्ध पर नाना-नानी के परिवार में कोई श्राद्ध करने वाला नहीं हो और मृत्यु की तिथि ज्ञात न हो तो उनका श्राद्ध प्रतिपदा को किया जाता है।

दूसरा श्राद्ध द्वि‍तीया श्राद्ध में जिस भी व्यक्ति की मृत्यु द्वितीय तिथि (शुक्ल/कृष्ण पक्ष) के दिन होती है, उनका श्राद्ध इस दिन किया जाता है।

तीसरा श्राद्ध जिस भी व्यक्ति की मृत्यु तृतीया तिथि के दिन होती है उनका श्राद्ध तृतीया के किया जाता है। इसे महाभरणी भी कहते हैं।

चौथा श्राद्ध शुक्ल/कृष्ण पक्ष दोनों में से किसी भी चतुर्थी तिथि को जिस भी व्यक्ति की मृत्यु होती है, उनका श्राद्ध चतुर्थ तिथि के दिन किया जाता है।

पांचवां श्राद्ध जिनकी मृत्यु अविवाहित स्थिति में हुई है उनके लिए पंचमी तिथि का श्राद्ध किया जाता है। यह कुंवारों को समर्पित श्राद्ध है।

छठा श्राद्ध षष्ठी तिथि पर जिस भी व्यक्ति की मृत्यु इस दिन होती है उनका श्राद्ध इसी दिन किया जाता है। इसे छठ श्राद्ध भी कहते हैं।

सातवां श्राद्धशुक्ल या कृष्ण किसी भी पक्ष की सप्तमी तिथि को जिस भी व्यक्ति की मृत्यु होती है, उनका श्राद्ध इस दिन किया जाता है।

आठवां श्राद्धयदि निधन पूर्णिमा तिथि को हुई हो तो उनका श्राद्ध अष्टमी, द्वादशी या पितृमोक्ष अमावस्या को किया जा सकता है।

नवमी श्राद्धयदि माता की मृत्यु हो गई हो तो उनका श्राद्ध मृत्यु तिथि को न कर नवमी तिथि को करना चाहिए। नवमी के दिन श्राद्ध करने से जातक के सभी कष्ट दूर होते हैं। जिन महिलाओं की मृत्यु की तिथि मालूम न हो, उनका भी श्राद्ध नवमी को किया जाता है।

दशमी श्राद्धदशमी तिथि को जिस भी व्यक्ति की मृत्यु हुई हो, उनका श्राद्ध महालय की दसवीं तिथि के इसी दिन किया जाता है।

एकादशी श्राद्धएकादशी तिथि को संन्यास लेने वाले व्य‍‍‍क्तियों का श्राद्ध करने की परंपरा है।

द्वादशी श्राद्धजिनके पिता संन्यासी हो गए हो उनका श्राद्ध द्वादशी तिथि को किया जाना चाहिए। यही कारण है कि इस तिथि को ‘संन्यासी श्राद्ध’ के नाम से भी जाना जाता है।
त्रयोदशी श्राद्धश्राद्ध महालय के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को बच्चों का श्राद्ध किया जाता है।

चतुर्दशी श्राद्धजिनकी मृत्यु अकाल हुई हो या जल में डूबने, शस्त्रों के आघात या विषपान करने से हुई हो, उनका चतुर्दशी की तिथि में श्राद्ध किया जाना चाहिए।

अमावस्या श्राद्धसर्वपितृ अमावस्या पर ज्ञात-अज्ञात सभी पितरों का श्राद्ध करने की परंपरा है। इसे पितृविसर्जनी अमावस्या, महालय समापन आदि नामों से जाना जाता है।

कैप्टन हुए पूर्व ‘ ‘, अब आगे…..

कैप्टन ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा। पंजाब में बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिल रही है। अटकलें हैं कि कैप्टन अमरिंदर सिंह आज मुख्यमंत्री और कांग्रेस पार्टी दोनों से इस्तीफा देने जा रहे हैं। सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक अमरिंदर ने इसकी घोषणा अपने समर्थक विधायकों के साथ बैठक में की है। कांग्रेस आलाकमान के आदेश पर आज शाम 5 बजे विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में विधायक अपना नया नेता चुन सकते हैं। 

सारिका तिवारी, चंडीगढ़ :

राजनीति में विकल्प कभी भी विलुप्त नहीं होते। भविष्य में क्या करना है यह सब आपके हाथ में है। मैंने अपने विकल्प खुले रखे हैं। मेरी अगली रणनीति मैं अपने पुराने साथियों एवं समर्थकों के साथ मिल कर तय करूंगा”। राज्यपाल को इस्तीफा सौंपने के बाद पत्रकारों के समूह के सामने कैप्टन ने अपने विचार रखे।

40 असंतुष्ट विधायकों के कॉंग्रेस आलाकमान को लिखे पत्र के पश्चात कल पंजाब के प्रभारी हरीश रावत ने अचानक ही विधायक दल की बैठक बुला ली थी। इससे आहत कैप्टन ने जब कॉंग्रेस अलाकमान सोनिया गांधी से शिकायत की तो आलाकमान द्वारा ऊना इस्तीफा मांग लिया गया। अमरेन्द्र सिंह ने विधायक दल की बैठक का बहिष्कार करते हुए राज्यपाल को अपना त्यागपत्र सौंप दिया। राजभवन से बाहर आते हुए कैप्टन आहत तो थे परंतु निराश बिलकुल नहीं। उनके मन में अपने राजनैतिक भविष्य को लेकर कुछ तो चल रहा था जिसका उन्होने अपने सम्बोधन में भी ज़िक्र किया

आज की इस घटना की नींव बहुत साल पहले ही रखी जा चुकी थी। कैप्टन ने प्रदेश की बागडोर तब संभाली जब कॉंग्रेस की ज़मीन हर तरफ ऊखड़ चुकी थी। देश भर में मोदी लहर थी और भाजपा एक के बाद एक राज्य जीतती जा रही थी। ऐसे में कैप्टन ने 2017 में प्रदेश कॉंग्रेस में एक नयी जान फूंकी। यह वह समय था जब कैप्टन की तूती बोलने लगी थी। पंजाब में कैप्टन ही कॉंग्रेस का पर्याय बन चुके थे। सूत्रों की मानें तो कॉंग्रेस के प्रथम परिवार को कैप्टन से डर लगने लगा था। पार्टी की बन्दिशों से मुक्त कप्तान अपनी मर्ज़ी के मालिक थे। ऐसे में कॉंग्रेस के प्रथम परिवार को नवजोत सिंह सिद्धू में आशा की किरण दिखाई पड़ी।

पंजाब में अपने आकाओं द्वारा हासिल कवच – कुंडल के कारण सिद्धू कैप्टन को उनही की ज़ुबान में जवाब देने लगे, बल्कि अधिक कठोरता से। सिद्धू ने मानो कैप्टन के खिलाफ एक जंग ही छेड़ दी थी। कई मौकों पर सिद्धू की उच्छृंखल ब्यानबाजी से आहत कैप्टन ने शीर्ष परिवार को गुहार भी लगाई। परंतु सिद्ध को तो इस शीर्ष परिवार ही ने प्रेषित किया था। सिद्धू की बढ़ती मनमानियाँ और आहात होते कैप्टन में ज़बान जंग तेज़ हो गयी जिसमें कैप्टन ने अपनी उम्र ओहदे और अपने संस्कारों का परिचय दिया।

पिछले कुछ महीनों में सिद्धू और कैप्टन से असंतुष्ट विधायकों ने खेमेबंदी कर ली थी। बार बार किए जा रहे आघातों से कैप्टन कई बार तो बच निकले पर उन्होने अपनी कमियों को दूर नहीं किया। आज की बैठक कैप्टन के लापरवाह रवैये का ही नतीजा थी।

अब बात करते हैं कैप्टन अमरिंदर सिंह के अगले सियासी कदम क्या होगा?

आम आदमी पार्टी :

कैप्टन के राजनैतिक सलहकार रहे प्रशांत किशोर कुछ राजनैतिक कारणों से कॉंग्रेस को छोड़ गए थे। प्रशांत किशोर ने कॉंग्रेस के लिए अपनी सेवाएँ देनी बंद कर दीं थी लेकिन उनकी कैप्टन के साथ दोस्ती जस की तस है। अभी हाल ही में पता लगा है की प्रशांत किशोर आने वाले पंजाब चुनावों में आआपा के लिए राजनैतिक सलाहकार का काम संभालेंगे। तो क्या यह समझा जाये की कैप्टन अपना रुतबा रसूख पंजाब में आआपा को स्थापित करने में लगा देंगे? अभी यह कयास भर है। दूसरी ओर एक आलाकमान से आहत क्या कैप्टन दूसरे आलाकमान के लिए काम करेंगे? कहाँ कैप्टन का 52 साल का एक शानदार राजनैतिक जीवन और कहाँ आआपा की कॉंग्रेस जैसी ही अपरिपक्व राजनीति। आसार कम ही हैं।

भाजपा :

कैप्टन के लिए भाजपा एक बड़ा और शानदार विकल्प है। प्रधान मंत्री मोदी के साथ कैप्टन का समंजस्य बहुत बढ़िया है। केंद्र की सभी जनहित योजनाओं को कैप्टन ने पंजाब में यथावत लागू किया था। सीएए पर भी कैप्टन का केन्द्र के साथ पार्टी लाइन से हट कर दृढ़ता से खड़े होना भी दर्शाता है कि कैप्टन ने एक परिपक्व राजनेता और प्रशासक होने का परिचय दिया। कई मामलों में कैप्टन ने केंद्र से सामंजस्य बना कर भी कॉंग्रेस के शीर्ष परिवार की दुश्मनी मोल ली है। लेकिन विपक्ष भाजपा का किसान विरोधी चेहरा बनाने में सफल रही है। हालांकि आम जन इस विचार के हैं कि किसान आंदोलन को कॉंग्रेस और आम आदमी पार्टी का समर्थन खुले तौर पर प्राप्त है। लेकिन किसान विरोधी ठप्पे के कारण कैप्टन चाह कर भी भाजपा के साथ नहीं जा सकते।

अब आखिरी विकल्प कैप्टन अपनी पार्टी खड़ी करें। क्या वाई 6 महीनों में यह संभव है???