तुम अख़बार हो तो बेखबर मैं भी नहीं

‘पुरनूर’ कोरल, चंडीगढ़ :

मीडिया में बाज़ार का दखल प्रत्यक्ष रूप में बढ़ता जा रहा है हालांकि कुछ अखबारें हमेशा से ही स्वयं को उपभोग वस्तु की श्रेणी में शामिल करती रही है जैसे कि लिख देना अ प्रोडक्ट ऑफ ….। लेकिन खबरों से ज़्यादा विज्ञापनों को स्थान देने के लिए अखबार के पन्नों में इज़ाफ़ा कर दिया गया।

अब अखबार मिशन नहीं व्यवसाय बन गया है । आजकल मिशन रखने वाले पत्रकारों को पागल कहते हैं अखबार रंगदार हो गए। धन और ताकत का स्रोत बन गए हैं । असल मे वर्ष 1995 में तत्कालीन वित्तमंत्री मनमोहन सिंह ने उदारीकरण के नाम पर अर्थव्यवस्था खोल दी थी यह उसी का नतीजा है।

अमर्यादित तरीके से विज्ञापन हथियाने के लिए राजनेताओं और व्यवसायियों की चाटूकारिता करना , जहाँ ये न चले वहाँ ब्लैकमेलिंग के हथियार खुलकर इस्तेमाल किये जाते हैं।

बहुत बदल गया है मीडिया

आज माँ से बात कर रही थी तो उन्होंने बताया कि पहले सम्पादक स्वयं एक संस्था होते थे जो अब कमज़ोर हो गई पहले सम्पादक अपने संवादाताओं से अक्सर कहते थे इन विज्ञापन वालों से दूर रहना । बहुत चिढ़ते थे अखबार की मार्केटिंग टीम से लेकिन अब सब बदल गया। अखबारों के प्रबंधन किसी सम्पादक की नियुक्ति के समय टारगेट बाँध देते है और इसी तरह सम्पादक भी अपने अधीनस्थ पत्रकारों के टारगेट फिक्स कर देते हैं। जनरल मैनेजर (मार्केटिंग) सम्पादक का पर्याय बन गया है।

मीडिया में बाज़ारवाद का प्रभाव इस कद्र बढ़ गया है कि दौलत का अंबार ठिकाने लगाने के लिए इन संस्थाओं द्वारा अलग नामों से नित्य नए अखबार और चैनल चलाये जा रहे हैं।

एक और चीज़ ” मीडिया ट्रायल”

बहुत ही भयानक साबित होता है कई बार। हालांकि कई मामलों में यह कारगार भी साबित हुआ लेकिन ज़्यादातर सेल्फ स्टाइल्ड जासूसी पत्रकार जल्दबाजी में कानूनी प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं।

समाचारों और विचारों में बाज़ार इस कदर हावी है कि ख़बर और विज्ञापन में अन्तर कर पाना मुश्किल लगता है। यहाँ तक कि कुछ अख़बार तो श्राद्ध पक्ष के दौरान भी पुष्य नक्षत्र के आगमन के प्रायोजित समाचार छापकर पाठकों को बेवकूफ़ बनाने से बाज नहीं आते. तमाम अख़बार ख़रीदारी के लिए तरह-तरह के मेले लगाने को अपना परम कर्त्तव्य मान बैठे हैं. यह पाठकों के खिलाफ़ एक गहरी मीडियाई साजिश है।

रौनकें कहाँ दिखायी देती हैं अब पहले जैसी,
अख़बारों के इश्तेहार बताते हैं, कोई त्यौहार आया है!

राशिफल, 30 जून

Aries

30 जून, 2021: आज के मनोरंजन में बाहर की गतिविधियों और खेल-कूद को शामिल किया जाना चाहिए। आपके मन में जल्दी पैसे कमाने की तीव्र इच्छा पैसा होगी। आपका ज्ञान और हास-परिहास आपके चारों ओर लोगों को प्रभावित करेगा। रोमांटिक मुलाक़ात बहुत रोमांचक रहेगी, लेकिन ज़्यादा देर के लिए नहीं होगी। ऐसा लगता है कि कुछ समय के लिए आप नितांत एकाकी है। सहकर्मी/सहयोगी मदद के लिए हाथ बढ़ा सकते हैं, लेकिन वे ज़्यादा सहायता नहीं कर पाएंगे। अगर आप अपने घर से बाहर रहकर अध्ययन या नौकरी करते हैं तो आज के दिन आप खाली समय में अपने घर वालों से बात कर सकते हैं। घर की किसी खबर को सुनकर आप भावुक भी हो सकते हैं। आपको अपने जीवनसाथी का सख़्त और रुखा पहलू देखने को मिल सकता है, जिसके चलते आप असहज महसूस करेंगे।   व्यक्तिगत समस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष : 8194959327

Taurus

30 जून, 2021:  आप अपने सकारात्मक रवैये और आत्मविश्वास की वजह से आस-पास के लोगों को प्रभावित करेंगे। आज के दिन आपको धन लाभ होने की पूरी संभावना है लेकिन इसके साथ ही आपको दान-पुण्य भी करना चाहिए क्योंकि इससे आपको मानसिक शांति मिलेगी। कुछ लोगों के लिए- परिवार में किसी नए का आना जश्न और उल्लास के पल लेकर आएगा। गर्लफ़्रेंड/बॉयफ़्रेंड के साथ अभद्र व्यवहार न करें। कुछ लोगों को व्यापारिक और शैक्षिक लाभ मिलेगा। अपनी बातचीत में मौलिकता रखें, क्योंकि किसी भी तरह का बनावटीपन आपको फ़ायदा नहीं पहुँचाएगा। जीवनसाथी के ख़राब व्यवहार का नकारात्मक असर आपके ऊपर पड़ सकता है।   व्यक्तिगत समस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष : 8194959327

Gemini

30 जून, 2021:   अवसाद के ख़िलाफ़ आपकी मुस्कान परेशानी से उबारने वाली रहेगी। ख़र्चों में हुई अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी आपके मन की शांति को भंग करेगी। दोस्तों और परिवार के साथ मज़ेदार समय बीतेगा। आपके प्रिय के कड़वे शब्दों के कारण आपका मूड ख़राब हो सकता है। निर्णय लेते समय अपने अहम को बीच में न आने दें, अपने कनिष्ठ सहकर्मियों की बात पर ग़ौर फ़रमाएँ। आज अपने प्रेमी के साथ वक्त बिता पाएंगे और उनके सामने अपने जज्बातों को रख पाएंगे। आपको अपने जीवनसाथी का सख़्त और रुखा पहलू देखने को मिल सकता है, जिसके चलते आप असहज महसूस करेंगे।   व्यक्तिगत समस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष : 8194959327

Cancer

30 जून, 2021:  ज़्यादा यात्रा करना झुंझलाहट पैदा कर सकता है। दूसरों को प्रभावित करने के लिए ज़रूरत से ज़्यादा ख़र्चा न करें। काम-काज में ज़रूरत से ज़्यादा तनाव के चलते परिवार की ज़रूरतों और इच्छाओं को दरकिनार न करें। किसी तीसरे इंसान का दखल आपके और आपके प्रिय के बीच गतिरोध पैदा करेगा। आपमें बहुत-कुछ हासिल करने की क्षमता है- इसलिए अपने रास्ते में आने वाले सभी मौक़ों को झट-से दबोच लें। आपने बीते दिनों कार्यक्षेत्र में कई काम अधूरे छोड़े हैं जिसका भुगतान आज आपको करना पड़ सकता है। आज आपका खाली वक्त भी ऑफिस के काम को पूरा करने में ही लगेगा। जीवनसाथी यह जता सकता है कि आपके साथ रहने का क्या-क्या ख़ामियाज़ा उसे भुगतना पड़ रहा है।   व्यक्तिगत समस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष : 8194959327

Leo
Leo

30 जून, 2021:  नियमित व्यायाम के माध्यम से वज़न को नियन्त्रित रखें। पैसे की अहमियत को आप अच्छे से जानते हैं इसलिए आज के दिन आपके द्वारा बचाया गया धन आपके बहुत काम आ सकता है और आप किसी बड़ी मुश्किल से निकल सकते हैं। एक बेहतरीन शाम के लिए रिश्तेदार/दोस्त घर आ सकते हैं। आज आपको अपने प्रिय का एक अलग ही अन्दाज़ देखने को मिल सकता है। आपमें बहुत-कुछ हासिल करने की क्षमता है- इसलिए अपने रास्ते में आने वाले सभी मौक़ों को झट-से दबोच लें। इस राशि के लोग बड़े ही दिलचस्प होते हैं। ये कभी लोगों के बीच रहकर खुश रहते हैं तो कभी अकेले में हालांकि अकेले वक्त गुजारना इतना आसान नहीं है फिर भी आज दिन में कुछ समय आप अपने लिए जरुर निकाल पाएंगे। वैवाहिक जीवन में कई उतार-चढ़ाव के बाद एक-दूसरे के प्यार को सराहने का यह सही दिन है।  व्यक्तिगत समस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष : 8194959327

Virgo

30 जून, 2021:  अपने शरीर की थकान मिटाने और ऊर्जा-स्तर को बढ़ाने के लिए आपको पूरे आराम की ज़रूरत है, नहीं तो शरीर की थकावट आपके मन में निराशावादिता को जन्म दे सकती है। पैसे की अहमियत को आप अच्छे से जानते हैं इसलिए आज के दिन आपके द्वारा बचाया गया धन आपके बहुत काम आ सकता है और आप किसी बड़ी मुश्किल से निकल सकते हैं। घर के माहौल की वजह से आप उदास हो सकते हैं। आज अपने प्रिय से दूर होने का दुःख आपको टीस देता रहेगा। बड़े उद्योगपतियों के साथ साझीदारी का व्यवसाय फ़ायदेमंद रहेगा। व्यस्त दिनचर्या के बावजूद भी आज आप अपने लिए समय निकालपाने में सक्षम होंगे। खाली वक्त में आज कुछ रचनात्मक कर सकते हैं। आपके जीवनसाथी की ओर से मिला कोई ख़ास तोहफ़ा आपके खिन्न मन को ख़ुश करने में काफ़ी मददगार साबित होगा।  व्यक्तिगत समस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष : 8194959327

Libra
Libra

30 जून, 2021:  आपका तेज़ काम आपको प्रेरित करेगा। सफलता हासिल करने के लिए समय के साथ अपने विचारों में बदलाव लाएँ। इससे आपका दृष्टिकोण व्यापक होगा, समझ का दायरा बढ़ेगा, व्यक्तित्व में निखार आएगा और दिमाग़ विकसित होगा। बिना बताये आज कोई देनदार आपके अकाउंट में पैसे डाल सकता है जिसके बारे में जानकर आपको अचंभा भी होगा और खुशी भी। कोई आपको नुक़सान पहुँचाने की कोशिश कर सकता है। कई मज़बूत ताक़तें आपके ख़िलाफ़ काम कर रही हैं। आपको ऐसे क़दम उठाने से बचना चाहिए, जिसके चलते उनका और आपका आमना-सामना हो। अगर आप हिसाब बराबर करना चाहें, तो ऐसा सलीके से ही किया जाना चाहिए। याद रखिए कि आँखें कभी झूठ नहीं बोलतीं। आज आपके प्रिय की आँखें आपको वाक़ई कुछ ख़ास बताएंगी। इससे पहले कि वरिष्ठ को पता लगे, लंबित काम जल्दी ही निबटा लें। अगर आप जल्दबाज़ी में निष्कर्ष निकालेंगे और ग़ैर-ज़रूरी काम करेंगे, तो आज का दिन काफ़ी निराशाजनक हो सकता है। वैवाहिक जीवन में कई उतार-चढ़ाव के बाद एक-दूसरे के प्यार को सराहने का यह सही दिन है।  व्यक्तिगत समस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष : 8194959327

Scorpio

30 जून, 2021:   किसी संत पुरुष का आशीर्वाद मानसिक शान्ति प्रदान करेगा। आपकी माता पक्ष से आज आपको धन लाभ होने की पूरी संभावना है। हो सकता है कि आपके मामा या नाना आपकी आर्थिक मदद करें। लोगों और उनके इरादों के बारे में जल्दबाज़ी में फ़ैसला न लें। हो सकता है कि वे दबाव में हों और उन्हें आपकी सहानुभूति व विश्वास की ज़रूरत हो। रोमांस रोमांचक होगा- इसलिए उससे संपर्क करें जिससे आप प्रेम करते हैं और दिन का भरपूर लुत्फ़ लें। कुछ लोगों को कार्यक्षेत्र में तरक़्क़ी मिलेगी। ऐसे बदलाव लाएँ जो आपके रूप-रंग में निखार ला सके और संभावित साथियों को आपकी ओर आकर्षित करे। अगर आप कोशिश करें तो आप अपने जीवनसाथी के साथ अपने जीवन का सबसे अच्छा दिन आज गुज़ार सकते हैं।  व्यक्तिगत समस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष :

Sagittarius

30 जून, 2021:   अगर आप पिछले कुछ वक़्त से झुंझलाहट महसस कर रहें हैं तो आपको याद रखना चाहिए कि सही कर्म और विचार आज आपके लिए बहुप्रतीक्षित राहत लेकर आएंगे। आज आप अपना धन धार्मिक कार्यों में लगा सकते हैं जिससे आपको मानसिक शांति मिलने की पूरी संभावना है। घर से जुड़ी योजनाओं पर विचार करने की ज़रूरत है। आपके जीवन में प्रेम की बहार आ सकती है; आपको ज़रूरत है तो बस अपने आँख-कान खुले रखने की। आपकी ईमानदारी और उम्दा तरीक़े से काम पूरा करने की क्षमता आपको शोहरत दिलाएगी। इस राशि के लोग बड़े ही दिलचस्प होते हैं। ये कभी लोगों के बीच रहकर खुश रहते हैं तो कभी अकेले में हालांकि अकेले वक्त गुजारना इतना आसान नहीं है फिर भी आज दिन में कुछ समय आप अपने लिए जरुर निकाल पाएंगे। आपका जीवनसाथी आपको प्यार का एहसास देना चाहता है, उसकी मदद करें।  व्यक्तिगत स मस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष : 8194959327

Capricorn

30 जून, 2021:  तनाव से बचने के लिए अपना क़ीमती वक़्त बच्चों के साथ गुज़ारें। आप बच्चों की उपचार करने की शक्ति महसूस करेंगे। वे आध्यात्मिक तौर पर धरती पर सबसे ज़्यादा ताक़तवर और भावनात्मक लोग हैं। उनके साथ आप ख़ुद को ऊर्जा से लबरेज़ पाएंगे। आज के दिन आप धन से जुड़ी समस्या के कारण परेशान रह सकते हैं। इसके लिए आपको अपने किसी विश्वास पात्र से सलाह लेनी चाहिए। नवयुवकों को स्कूल प्रोजेक्ट की बाबत कुछ राय लेने की ज़रूरत हो सकती है। भावनात्मक उथल-पुथल आपको परेशान कर सकती है। आपको अपनी प्रतिभा दिखाने का अच्छा मौक़ा मिलेगा। कारोबारी आज करोबार से ज्यादा अपने परिवार के लोगों के बीच समय बिताना पसंद करेंगे। इससे आपके परिवार में सामंजस्य बनेगा। आप अपने जीवनसाथी को समझने में आपसे ग़लती हो सकती है, जिसकी वजह से सारा दिन उदासी में गुज़रेगा।  व्यक्तिगत समस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष : 8194959327

Aquarius

30 जून, 2021:  आज का दिन आपके लिए ऊर्जा से भरा दिन नहीं है और आप छोटी-छोटी बातों पर झुंझलाएंगे। ज़रूरत से ज़्यादा ख़र्च करने और चालाकी-भरी आर्थिक योजनाओं से बचें। आपका लापरवाह रवैया आपके माता-पिता को दुःखी कर सकता है। कोई भी नयी परियोजना शुरू करने से पहले उनकी राय भी जान लें। आज के दिन अपने प्रिय की भावनाओं को समझें। कुछ लोगों को व्यापारिक और शैक्षिक लाभ मिलेगा। आज आप ऑफिस से घर वापस आकर अपना पसंदीदा काम कर सकते हैं। इससे आपके मन को शांति मिलेगी। आपका जीवनसाथी आपकी बहुत तारीफ़ करेगा और आप पर बहुत स्नेह उढ़ेलेगा।   व्यक्तिगत समस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष : 8194959327

Pisces

30 जून, 2021:  आपकी सेहत ठीक रहेगी, लेकिन यात्रा आपके लिए थकाऊ और तनावपूर्ण साबित हो सकती है। आज घर से बाहर बड़ों का आशीर्वाद लेकर निकलें इससे आपको धन लाभ हो सकता है। जितना आपने सोचा था, आपका भाई उससे ज़्यादा मददगार साबित होगा। आज आपके दिल की धड़कनें अपने प्रिय के साथ ताल-से-ताल मिलाती मालूम होंगी। जी हाँ, यह प्यार का ही ख़ुमार है। दूसरे आपसे काफ़ी ज़्यादा समय की मांग कर सकते हैं। उनसे किसी भी तरह का वादा करने से पहले यह देख लें कि आपका काम उससे प्रभावित न हो और साथ ही वे आपकी उदारता और सुहृदयता का ग़लत फ़ायदा न उठाएँ। जो लोग अब तक किसी काम में व्यस्त थे आज उन्हें अपने लिए समय मिल सकता है लेकिन घर में किसी काम के आ जाने से आप फिर से व्यस्त हो सकते हैं। ज़िन्दगी बहुत ख़ूबसूरत नज़र आएगी, क्योंकि आपके जीवनसाथी ने आपके लिए कुछ ख़ास योजना बनाई है।  व्यक्तिगत समस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष : 819495932

ज्येष्ठ अमावस्या, 2021

ज्येष्ठ अमावस्या यह हिन्दी कैलेंडर का ज्येष्ठ महीना चल रहा है। इस महीने में पड़ने वाले अमावस्या तिथि को ज्येष्ठ अमावस्या कहते हैं। शास्त्रों में ज्येष्ठ अमावस्या का बड़ा महत्व है। दरअसल ज्येष्ठ अमावस्या के दिन ही शनि जयंती और वट सावित्री व्रत का पर्व मनाया जाता है।

ज्येष्ठ माह में आने वाली 15वीं तिथि ज्येष्ठ अमावस्या कहलाती है। हिंदू धर्म में ज्येष्ठ अमावस्या का खास महत्व होता है. इस साल ज्येष्ठ अमावस्या10 जून को मनाई जाएगी।ज्येष्ठ अमावस्या के मौके पर भगवान शिव-पार्वती, विष्णुजी और वट वृक्ष की पूजा की परंपरा है। अमावस्या के दिन स्नान और दान का काफी महत्व होता है।

धर्म/संस्कृति डेस्क, डेमोक्रेटिकफ्रंट॰कॉम :

हिन्दी पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि का प्रारंभ 9 जून 2021 दिन बुधवार को दोपहर 01 बजकर 57 मिनट से हो रहा है, जिसका समापन 10 जून 2021 दिन गुरुवार को शाम 04 बजकर 20 मिनट पर हो रहा है। स्नान दान के लिए उदया तिथि आज 10 जून को प्राप्त हो रही है। ऐसे में ज्येष्ठ अमावस्या 10 जून को है। इस दिन ही धार्मिक कार्य किए जाएंगे।

ज्येष्ठ अमावस्या के दौरान स्नान करने को महत्वपूर्ण बताया गया है। प्राचीन काल से यह परंपरा चली आ रही है. तीर्थ स्नान के बाद सूर्य को अर्घ्य देकर पितरों की शांति के लिए तर्पण किया जाता है। इसके बाद ब्राह्मण भोजन और जल दान का संकल्प लेना चाहिए। इस दिन अन्न और जल दान करने से पितर संतुष्ट होते हैं, जिससे परिवार में समृद्धि आती है। इस दिन स्नान करने से नकारात्मक तत्व दूर होते हैं और मानसिक बल मिलता है. ज्येष्ठ अमावस्या के मौके पर आइए जानते हैं कौन सी चीजें नहीं करनी चाहिए।

ज्येष्ठ अमावस्या की पूजा

अमावस्या के दिन प्रात: पवित्र नदी, जलाशय अथवा कुंड आदि में स्नान करना चाहिए। हालांकि इस समय महामारी का समय है, तो आप घर पर ही स्नान कर लें, यह उत्तम रहेगा। चाहें तो बाल्टी के पानी में गंगा जल डालकर स्नान कर सकते हैं। इस दिन सूर्य देव को अर्घ्य देने के बाद पितरों का तर्पण करना चाहिए। तांबे के पात्र में जल, लाल चंदन और लाल रंग के पुष्प डालकर सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए। पितरों की आत्मा की शांति के लिए उपवास करें। अमावस्या के दिन किसी गरीब व्यक्ति को दान-दक्षिणा दें।

ज्येष्ठ अमावस्या क्यों है खास

हिन्दू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ अमावस्या के दिन शनि जयंती और वट सावित्री व्रत रखा जाता है। इस बार ज्येष्ठ अमावस्या खास है क्योंकि इसी दिन सूर्य ग्रहण भी लग रहा है। यह इस साल का पहला सूर्य ग्रहण होगा। ग्रहण दोपहर 01:42 बजे से शुरू होगा, जो शाम 06:41 बजे समाप्त होगा।

  • ज्येष्ठ अमावस्या के दिन अगर आपके घर में कई गरीब मांगने वाला आता है तो उसे कभी भी मना नहीं करना चाहिए या खाली हाथ लौटाना नहीं चाहिए. उसे घर में बैठाएं और भोजन कराएं.
  • ज्येष्ठ अमावस्या को शनि जयंती के नाम से भी जाना जाता है इसलिए शनिदेव का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए इस दिन तन और मन से शुद्धता बनाए रखनी चाहिए. इस दिन भूलकर भी मांस-मदिरा के सेवन करने से बचना चाहिए. वरना शनिदेव नाराज हो सकते हैं.
  • ज्येष्ठ अमावस्या के दिन महिलाओं को बाल खोलकर नहीं रहना चाहिए. ऐसा अशुभ माना जाता है. अमावस्या की तिथि पर महिलाओं को हमेशा अपना बाल बांधकर रखने चाहिए.
  • ज्येष्ठ अमावस्या के दिन लोहा, कांच या सरसों का तेल आदि शनि से संबंधित किसी भी चीज की खरीदारी नहीं करनी चाहिए, ऐसा करना अशुभ बताया गया है. इन चीजों पर शनि व राहु-केतु का संबंध माना गया है.

यूपी भाजपा में घमासान क्या योगी के बिना संभव है मिशन 2024 ?

अरविंद शर्मा वाराणसी मॉडल तैयार कर सकते हैं या लखनऊ में बैठकर सूबे के बाकी जिलों पर भी नजर रख सकते हैं, लेकिन बीजेपी को लेकर जनता में योगी आदित्यनाथ जैसी खलबली नहीं मचा सकते – न ही वैसा जोश भर सकते हैं जिसकी बीजेपी को यूपी में अभी ही नहीं अगले आम चुनाव तक जरूरत पड़ेगी। कयास तो योगी आदित्यनाथ की कुर्सी पर खतरे के भी लगाये जा रहे थे, लेकिन लगता है पर ये संभावना कम है. वैसे भी लाख दिक्कतों के बावजूद बीजेपी अभी इस स्थिति में तो बिलकुल नहीं है कि उत्तराखंड की तरह यूपी में मुख्यमंत्री बदलने के बारे में सोच सके।

सारिका तिवारी:

यूपी विधानसभा चुनाव में अब महज नौ महीने ही बचे हैं और बीजेपी के लिए यूपी विधानसभा चुनाव जीतने का मकसद सिर्फ सत्ता में वापसी भर नहीं है, बल्कि अगले आम चुनाव के लिए भी मजबूत दावेदारी सुनिश्चित करना भी है। ये बात बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा हाल ही में यूपी के बीजेपी सांसदों के साथ वर्चुअल मुलाकात में भी कह चुके हैं। देश के बाकी सांसदों की ही तरह जेपी नड्डा यूपी मे सांसदों को भी बाहर निकल कर लोगों के बीच जाने और उनकी समस्याएं सुनने और आश्वस्त करने की सलाह दे चुके हैं।

अब योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट में वैसे ही पूर्व नौकरशाह अरविंद शर्मा के शामिल होने और बड़ी जिम्मेदारी दिये जाने की चर्चा जोरों पर है। ध्यान देने वाली बात ये है कि योगी कैबिनेट में भी अगर ऐसा ही बदलाव होता है तो वो भी मोदी की ही मर्जी से होगी, न कि योगी की पसंद से। भाजपा ऐसी पार्टी है जो सूत्रों पर आधारित जिसके नाम की भी खबरें चलने लगती हैं पार्टी उसे मंत्रीमंडल में शामिल करने का इरादा कर भी रही होती है तो उसका नाम इस अवसर से कट जाता है। ऐसा कई बार हो चुका है आडवाणी और मनोज सिन्हा को कौन भूल सकता है हालांकि ऐसे दांव-पेंच में एके शर्मा जैसी शख्सियत की संभावित जिम्मेदारियों का रास्ता रोकने का कोई साहस नहीं कर सकता। क्योंकि ये बात तो सोलह  आने सही है कि वो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के करीबी, पसंदीदा और विश्वसनीय हैं।

 सियासी गलियारों में ये कहावत बहुत प्रसिद्ध है कि दिल्ली का रास्ता उत्तरप्रदेश से होकर जाता है। जवाहर लाल नेहरू से लेकर अटल बिहारी वाजपेयी तक सभी का संबंध उत्तरप्रदेश से रहा है। यहां तक कि जब प्रधानमंत्री बनने की बात आई तो लंबे समय तक गुजरात के मुख्यमंत्री रह चुके नरेंद्र मोदी को भी उत्तरप्रदेश का ही रुख करना पड़ा। 90 के दशक में जब राष्ट्रीय राजनीति में कांग्रेस पार्टी की स्थिति डगमगाई तब क्षेत्रीय दलों ने मिलकर दिल्ली की राजनीति में महत्ता हासिल कर ली। ऐसे मे भी उनकी राजनीति में भी प्रधानमंत्री पद के लिए प्रमुखता से उत्तरप्रदेश से ही कई नाम रहे। एक बार फिर बीजेपी के अंदरखाने सियासी गलियारों में घमासान मचा है, जिससे अटकलों का दौर चल पड़ा है।

लेकिन क्या ये सियासी घमासान 2022 को टारगेट करके हो रहा है या फिर 2024 की केंद्रीय राजनीति का प्लॉट तैयार हो रहा है। राजनीति में राजनेता दूर की सोचकर निर्णय लेते हैं. शह-मात का खेल चलता रहता है और अचानक से कोई विजयी की भूमिका में सामने आ जाता है। सियासी चर्चाओं के बीच उत्तर प्रदेश में चुनावी वर्ष की शुरुआत हो चुकी है। जीत कैसे मिले इस पर काम चल रहा है। रणनीतिक तैयारियों के तहत बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष और यूपी प्रभारी राधामोहन सिंह की रिपोर्ट केंद्रीय नेतृत्व के पास पहुंच चुकी है। रिपोर्ट मिलने के बाद राधामोहन सिंह दोबारा लखनऊ का दौरा करते हैं।

राजभवन में मुलाकात के पीछे गहरे मायने

राजभवन पहुंचकर राज्यपाल से मिलते हैं फिर बाहर आकर बताते हैं कि शिष्टाचार मुलाकात थी। उसी दिन वे विधानसभा अध्यक्ष से भी मिलते हैं और उसे पुराने संबंधों के आधार पर की गई मुलाकात बताते हैं। विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित कहते हैं कि दोनों नेताओं में राष्ट्रवाद और प्राचीन इतिहास पर बात हुई है। एक दिन में दो संवैधानिक पदों पर बैठे हुए व्यक्तियों से मुलाकात के गहरे मायने हो सकते हैं। क्या पार्टी सदन में किसी विषम परिस्थिति में आने वाली है। प्रदेश मे अंदरखाने पक रही खिचड़ी के सवाल पर वरिष्ठ पत्रकार के विक्रम राव 1982 का दौर याद करते हैं और कहते हैं कि 1982 में विश्वनाथ प्रताप सिंह उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री हुआ करते थे और श्रीपति मिश्र विधानसभा अध्यक्ष हुआ करते थे।

सियासत दांव पेंच का खेल

वे उन दिनों को याद करते हुए बताते हैं कि बेहमई कांड हो चुका था। कानून-व्यवस्था पर सवाल उठने शुरू हुए थे. डकैतों पर कार्रवाई चल रही थी, इसी बीच वीपी सिंह के भाई की डकैतों ने हत्या कर दी और वीपी सिंह ने मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र दे दिया था और तब एकदम से विधानसभा अध्यक्ष श्रीपति मिश्र मुख्यमंत्री बना दिए गए थे और बाद मे वीपी सिंह को केंद्रीय राजनीति मे लेकर मंत्री बना दिया गया. वे कहते हैं कि सियासत दांव पेंच के साथ ही संयोगों का खेल भी है जिससे कोई भी नई स्थिति उभरकर सामने आ सकती है जिसके बारे मे आमतौर पर सोचा भी नहीं जा सकता।

राशिफल, 07 जून

Aries

07 जून, 2021:  सेहत से जुड़े कार्यक्रमों को फिर से शुरू करने के लिए अच्छा दिन है। अपने अतिरिक्त धन को सुरक्षित जगह पर रखिए, जो आने वाले वक़्त में आप फिर पा सकें। भावनात्मक तौर पर ख़तरा उठाना आपके पक्ष में जाएगा। आप रोमांटिक ख़यालों और सपनों की दुनिया में खोए रहेंगे। अगर आप अपने काम पर ध्यान एकाग्र करें, तो आप अपनी उत्पादकता दोगुनी कर सकते हैं। आज ऐसे बर्ताव करें जैसे कि आप ‘सुपर-स्टार’ हैं, लेकिन सिर्फ़ उन चीज़ों की ही प्रशंसा करें जो उसके क़ाबिल हैं। अगर आप अपने जीवनसाथी से स्नेह की आशा रखते हैं, तो यह दिन आपकी आशाओं को पूरा कर सकता है।   व्यक्तिगत समस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष : 8194959327

Taurus

07 जून, 2021:  ध्यान से सुकून मिलेगा। इस राशि के कुछ लोगों को आज जमीन से जुड़े किसी मुद्दे को लेकर धन खर्च करना पड़ सकता है। ऐसे विवादास्पद मुद्दों पर बहस करने से बचें, जो आपके और प्रियजनों के बीच गतिरोध पैदा कर सकते हैं। आपकी आकर्षक छवि मनचाहा परिणाम देगी। खुदरा और थोक व्यापारियों के लिए अच्छा दिन है। ऐसे बदलाव लाएँ जो आपके रूप-रंग में निखार ला सके और संभावित साथियों को आपकी ओर आकर्षित करे। आपका जीवनसाथी वाक़ई आपके लिए फ़रिश्तों की तरह है और आपको आज यह एहसास होगा।  व्यक्तिगत समस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष : 8194959327

Gemini

07 जून, 2021: धैर्य बनाए रखें, क्योंकि आपकी समझदारी और प्रयास आपको सफलता ज़रूर दिलाएंगे। आपके पिता की कोई सलाह आज कार्यक्षेत्र में आपको धन लाभ करा सकती है. आज का दिन ख़ुशियों से भरा रहेगा, क्योंकि आपका जीवन-साथी आपको ख़ुशी देने का हर प्रयास करेगा। अगर आप अपने प्रिय को पर्याप्त समय न दें, तो वह नाराज़ हो सकता/सकती है। लंबित परियोजनाएँ पूरी होने की दिशा में बढ़ेंगी। यात्रा करना फ़ायदेमंद लेकिन महंगा साबित होगा। जीवनसाथी के साथ कुछ तनातनी मुमकिन है, लेकिन शाम के खाने के साथ चीज़ें भी सुलझ जाएंगी।   व्यक्तिगत समस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष : 8194959327

Cancer

07 जून, 2021:  आपका व्यक्तित्व आज इत्र की तरह महकेगा और सबको आकर्षित करेगा। व्यापार को मजबूती देने के लिए आज आप कोई अहम कदम उठा सकते हैं जिसके लिए आपका कोई करीबी आपकी आर्थिक मदद कर सकता है। पढ़ाई-लिखाई में कम रुचि के चलते बच्चे आपको थोड़ा निराश कर सकते हैं। हर बात पर प्यार का दिखावा करना ठीक नहीं है इससे आपका रिश्ता सुधरने की जगह बिगड़ सकता है। आपके काम की गुणवत्ता देखकर आपके वरिष्ठ आपसे प्रभावित होंगे। काम को समय पर निपटाकर जल्दी घर जाना आज आपके लिए अच्छा रहेगा इससे आपके परिवार वालों को भी खुशी मिलेगी और आप भी तरोताजा महसूस करेेंगे। शादिशुदा ज़िन्दगी के तमाम मुश्किल दिनों के बाद आप और आपका हमदम फिर प्यार की गर्माहट महसूस कर सकते हैं।   व्यक्तिगत समस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष : 8194959327

Leo
Leo

07 जून, 2021:  जब सेहत से जुड़ा मामला हो तो ख़ुद को अनदेखा नहीं करना चाहिए और सावधानी बरतनी चाहिए। आर्थिक तौर पर सिर्फ़ और सिर्फ़ एक स्रोत से ही लाभ मिलेगा। बुज़ुर्ग रिश्तेदार अपनी बेजा मांगों से आपको परेशान कर सकते हैं। आज आपको अपने प्रिय की याद सताएगी। बिना गहराई से समझे-बूझे किसी व्यावसायिक/क़ानूनी दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर न करें। आज इस राशि के कुछ छात्र लेपटॉप या टीवी पर कोई मूवी देखकर अपना कीमती समय जाया कर सकते हैं। आपके लिए यह ख़ूबसूरत रोमानी दिन रहेगा, लेकिन सेहत को लेकर थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।  व्यक्तिगत समस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष : 8194959327

Virgo

07 जून, 2021: कुछ ऐसी घटनाएँ आपकी परेशानी का कारण बन सकती हैं, जिन्हें टालना मुमकिन न हो। लेकिन आप ख़ुद को शांत बनाए रखें और हालात से निपटने के लिए तुरंत प्रतिक्रिया न करें। जो लोग दुग्ध उद्योग से जुड़े हैं उन्हें आज आर्थिक लाभ होने की प्रबल संभावना है। आपके आकर्षण और व्यक्तित्व के ज़रिए आपको कुछ नए दोस्त मिलेंगे। आज के दिन रोमांस के नज़रिए से कोई ख़ास आशा नहीं की जा सकती है। योजनाओं को अमली जामा पहनाने और नयी परियोजनाओं को शुरू करने के लिए अच्छा दिन है। यात्रा और शिक्षा से जुड़े काम आपकी जागरुकता में वृद्धि करेंगे। जीवनसाथी का स्वास्थ्य कुछ गड़बड़ हो सकता है। व्यक्तिगत समस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष : 8194959327

Libra
Libra

07 जून, 2021:  दोस्तों के साथ शाम अच्छी रहेगी लेकिन ज़्यादा खाने से बचें क्योंकि यह आपकी अगली सुबह ख़राब कर सकती है। आपकी लगन और मेहनत पर लोग ग़ौर करेंगे और आज इसके चलते आपको कुछ वित्तीय लाभ मिल सकता है। अपने परिवार की भलाई के लिए मेहनत करें। आपके कामों के पीछे प्यार और दूरदृष्टि की भावना होनी चाहिए, न कि लालच का ज़हर। मुमकिन है कि आपके आँसुओं को पोंछने के लिए कोई ख़ास दोस्त आगे आए। कार्यक्षेत्र में आपके कामकाज की सराहना होगी। आपका कम्यूनिकेशन और काम करने की क्षमता असरदार सिद्ध होंगे। यह दिन आपके सामान्य वैवाहिक जीवन से कुछ हटकर होने वाला है। आपको अपने जीवनसाथी की ओर से कुछ ख़ास देखने को मिल सकता है।  व्यक्तिगत समस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष : 8194959327

Scorpio

07 जून, 2021:   ज़िंदगी का भरपूर लुत्फ़ उठाने के लिए अपनी महत्वाकांक्षाओं को क़ाबू में रखें। योग का सहारा लें, जो आध्यात्मिक, मानसिक और शारीरिक तौर पर स्वस्थ रखकर दिल और दिमाग़ को बेहतर बनाता है। आज बिना किसी की मदद के ही आप धन कमा पाने में सक्षम होंगे। अटके घरेलू कामों को अपने जीवनसाथी के साथ मिलकर पूरा करने की व्यवस्था करें। प्यार-मोहब्बत के मामले में दबाव बनाने की कोशिश न करें। दूसरे आपसे काफ़ी ज़्यादा समय की मांग कर सकते हैं। उनसे किसी भी तरह का वादा करने से पहले यह देख लें कि आपका काम उससे प्रभावित न हो और साथ ही वे आपकी उदारता और सुहृदयता का ग़लत फ़ायदा न उठाएँ। दिल के करीबी लोगों के साथ आपका वक्त बिताने का मन करेगा लेकिन आप ऐसा कर पाने में सक्षम नहीं हो पाएंगे। जीवनसाथी की ओर से मिले तनाव के चलते सेहत पर बुरा असर पड़ना मुमकिन है।  व्यक्तिगत समस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष :

Sagittarius

07 जून, 2021:   शारीरिक लाभ के लिए, विशेषकर मानसिक तौर पर मज़बूती हासिल करने के लिए ध्यान और योग का आश्रय लें। आज आपकी कोई चल संपत्ति चोरी हो सकती है इसलिए जितना हो सके इनका ध्यान रखें। घरेलू मोर्चे पर समस्या खड़ी हो सकती है, इसलिए तोल-मोल कर ही बोलें। आप आज प्यार की मनोदशा में होंगे- और आपके लिए काफ़ी मौक़े भी होंगे। लोग आपको अपने बढ़िया काम के लिए कार्यक्षेत्र में पहचानेंगे। आज आप सब कामों को छोड़कर उन कामों को करना पसंद करेंगे जिन्हें आप बचपन के दिनों में करना पसंद करते थे। आपको महसूस होगा कि आपका वैवाहिक जीवन बहुत ख़ूबसूरत है।  व्यक्तिगत स मस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष : 8194959327

Capricorn

07 जून, 2021:  दूसरों के साथ ख़ुशी बांटने से सेहत और खिलेगी। रात के समय आप आज आपको धन लाभ होने की पूरी संभावना है क्योंकि आपके द्वारा दिया गया धन आज आपको वापस मिल सकता है। घर का कुछ समय से टलता आ रहा काम-काज आपका थोड़ा वक़्त ले सकता है। आपको आज ही अपने प्रिय को दिल की बात बताने की ज़रूरत है, क्योंकि कल बहुत देर हो जाएगी। किसी लघु या मध्यावधि पाठ्यक्रम में दाखिला लेकर अपनी तकनीकी क्षमताओं में निखार लाएँ। यह ऐसा दिन है जब आप खुद को समय देने की कोशिश करते रहेंगे लेकिन आपको अपने लिए समय नहीं मिल पाएगा। पारिवारिक विवादों के कारण आज आपका वैवाहिक जीवन प्रभावित रह सकता है।  व्यक्तिगत समस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष : 8194959327

Aquarius

07 जून, 2021:  ध्यान और योग न केवल आध्यात्मिक तौर पर, बल्कि शारीरिक तौर पर भी आपके लिए फ़ायदेमन्द साबित होंगे। अपनेे लिए पैसा बचाने का आपका ख्याल आज पूरा हो सकता है। आज आप उचित बचत कर पाने में सक्षम होंगे। अपने परिवार के सदस्यों की भावनाओं को आहत करने से बचने के लिए अपने ग़ुस्से पर क़ाबू रखिए। जो लोग प्रेम के संगीत में डूबे हुए हैं, वही इसकी स्वर-लहरियों का आनन्द ले सकते हैं। आज के दिन आप भी उस संगीत को सुन सकेंगे, जो दुनिया के बाक़ी सभी गीतों को भुलवा देगा। आज आपकी कड़ी मेहनत कार्यक्षेत्र में ज़रूर रंग दिखाएगी। आज आप ऑफिस से घर वापस आकर अपना पसंदीदा काम कर सकते हैं। इससे आपके मन को शांति मिलेगी। वैवाहिक जीवन में गर्मजोशी और गर्म खाने की बहुत एहमियत है; आप आज दोनों का ही लुत्फ़ उठा सकते हैं।   व्यक्तिगत समस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष : 8194959327

Pisces

07 जून, 2021:  आज आपके पास ख़ुद के लिए पर्याप्त समय होगा, तो मौक़े का फ़ायदा उठाएँ और अच्छी सेहत के लिए पैदल सैर पर जाएँ। आज आपको अपनी संतान की वजह से आर्थिक लाभ होने की संभावना नजर आ रही है। इससे आपको काफी खुशी होगी। अपने क़रीबी लोगों के सामने ऐसी बातें उठाने से बचें, जो उन्हें उदास कर सकती हैं। अपने प्रिय की ग़ैर-ज़रूरी भावनात्मक मांगों के सामने घुटने न टेकें। अपनी बौद्धिक क्षमताओं का इस्तेमाल अपने हित में करें। इसकी मदद से आप पेशेवर योजनाओं और नए विचारों को पूरा कर सकते हैं। वह काम जो आज आप दूसरों के लिए स्वेच्छा से करेंगे, न सिर्फ़ औरों के लिए मददगार साबित होगा बल्कि आपके दिल में ख़ुद की छवि भी सकारात्मक होगी। अगर आपके जीवनसाथी का मन खिन्न है और चाहते हैं की दिन अच्छा गुज़रे, तो चुप्पी साधे रहें।  व्यक्तिगत समस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष : 819495932

राजस्थान के व्यापारियों दुकानदारों जागो और सारे बाजार खुलने का ज्ञापन अभी दो

करणीदानसिंह राजपूत

राजस्थान में लॉकडाउन 8 जून सुबह तक बढाए जाने की गाइड लाइन में लिखा है कि जहां स्थिति सुधार पर होगी वहां 1 जून से छूट दी जाएगी। राजस्थान में किराना व्यापारियों की दुकानें पहले 5 दिन खुलती थी अब 4 दिन की अनुमति दी गई है लेकिन बाकी दुकानें बंद है और उन में पड़ा हुआ माल रेत गर्द में खराब हो रहा है।

कोरोना के विस्तार को रोकने के लिए हमेशा ही बाजार बंद का फैसला पहले नंबर पर रखा जाता रहा। व्यापारी संगठन अपनी आवाज नहीं उठा पाए। इस कमजोरी के कारण ही प्रशासन और शासन का पहला काम बाजार बंद करवाना रहा। बाजार में कुछ संख्या आती है जबकि सैकड़ों गुना संख्या शहर में होती है। शहर में मोहल्लों में गलियों में घूमने पर कानून कायदे तोड़ने पर कोई नियंत्रण नहीं है। कोई देख रेख नहीं है। बस!प्रशासन का आदेश व्यापारियों पर लागू हो जाता है। 

अब 8 जून तक के लॉक डाउन की गाइड लाइन में 1 जून से सुविधाएं शुरू होंगी जहां पर प्रशासन मानेगा की सब कुछ ठीक-ठाक है। अगर व्यापारी संगठन चुप रहे अपने आवाज को बुलंद नहीं कर पाए तो किराना के अलावा अन्य बहुत सी दुकानें बंद ही रहेंगी। सच तो यह है कि जो दुकाने अब बंद पड़ी हैं उनके बिना भी व्यक्ति का काम नहीं चल सकता। उनका खोला जाना भी अति आवश्यक है। 

व्यापारी कमजोर इसलिए पड़ रहा है कि उसने कभी भी यह नहीं कहा कि दुकानों से कोरोना नहीं फैला। दुकानदारों ने कोरोना नहीं फैलाया। यह दुकानदारों की बहुत बड़ी कमजोरी रही है। अब भी दुकानदारों और  व्यापारिक संगठनों का जागना बहुत जरूरी है।

श्री गंगानगर में संयुक्त व्यापार संगठन की ओर से जिला कलेक्टर को समस्त बाजार खोलने की मांग रखी गई है। यह कदम बहुत ही अच्छा और पहल करने वाला है। जिला कलेक्टर व उपखंड अधिकारी ही तय करेंगे कि 1 जून को बाजार कहां कहां खोला जा सकता है। 

राजस्थान के अन्य स्थानों के जिला मुख्यालय के संगठनों को अपने अपने जिला कलेक्टरों को आजकल में ही सारा बाजार खोलने का ज्ञापन दे देना चाहिए।  जहां उपखंड है वहां व्यापारिक संगठनों को उपखंड अधिकारी और जिला कलेक्टर दोनों को ही ज्ञापन 1 जून से छूट और पूरा बाजार खुलने की अनुमति प्रदान करने का आज ही दे दिया जाना चाहिए।

* व्यापारिक संगठन यह कोशिश रखें कि बाजार में मास्क और सोशल डिस्टेंस की शत प्रतिशत पालना हो सके और कोई चालान नहीं हो। चालान हों तो बहुत कम हो। तब प्रशासन के सामने बाजार खोलने से इनकार करने का कोई बिंदु नहीं रहेगा। 

रिपोर्ट यह आनी चाहिए कि फलां जगह बाजारों में दुकानदारों ने नागरिकों ने मास्क लगाने और सोशल डिस्टेंस 2 गज की दूरी का पूरा पूरा पालन किया है।  यह एक बहुत बड़ा प्रमाण होगा और 1 जून को किराना व्यापार के अलावा भी अन्य बहुत से व्यापार शुरू हो सकेंगे।

बाजार बंद रहने से सभी के धंधे चौपट हो रहे हैं और अपने घर की पूंजी को ही लोग खा कर के खत्म कर रहे हैं। सभी बर्बादी के कगार पर हैं इसलिए आजकल में ही अपने क्षेत्र के उपखंड अधिकारी जिला कलेक्टर आदि को 1 जून से बाजार खोलने का ज्ञापन जरूर दें।अपने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों विधायकों, सांसद आदि को भी ज्ञापन जरूर दें और अपने साथ खड़ा रखें।

बाजार खोले जाने का समय सुबह 6 से 11 के बजाय उपयुक्त समय 9 बजे से शाम 7 बजे तक तो अवश्य हो।

Narsimha Jayanti 2021: श्री नृसिंह जयंती

  श्री नृसिंह जयंती 25 मई को मनाई जाएगी, इस तरह से पूजा कर करें भगवान नृसिंह को प्रसन्न इसी दिन भगवान श्री नृसिंह जी ने खंभे को चीरकर भक्त प्रह्लाद की रक्षार्थ अवतार लिया था। भगवान श्री नृसिंह जयंती 25 मई मंगलवार को मनाई जाएगी। भगवान श्री नृसिंह श्री हरि के चौथे अवतार माने जाते हैं।

धर्म/संस्कृति डेस्क, डेमोक्रेटिकफ्रंट॰कॉम :

नृसिंह अवतार भगवान विष्णु के प्रमुख अवतारों में से एक है। नरसिंह अवतार में भगवान विष्णु ने आधा मनुष्य व आधा शेर का शरीर धारण करके दैत्यों के राजा हिरण्यकशिपु का वध किया था। धर्म ग्रंथों में भगवान विष्णु के इस अवतरण की कथा इस प्रकार है- प्राचीन काल में कश्यप नामक ऋषि हुए थे, उनकी पत्नी का नाम दिति था। उनके दो पुत्र हुए, जिनमें से एक का नाम ‘हरिण्याक्ष’ तथा दूसरे का ‘हिरण्यकशिपु’ था। हिरण्याक्ष को भगवान विष्णु ने पृथ्वी की रक्षा हेतु वराह रूप धरकर मार दिया था। अपने भाई कि मृत्यु से दुखी और क्रोधित हिरण्यकशिपु ने भाई की मृत्यु का प्रतिशोध लेने के लिए अजेय होने का संकल्प किया। सहस्त्रों वर्षों तक उसने कठोर तप किया। उसकी तपस्या से प्रसन्न होकर ब्रह्माजी ने उसे अजेय होने का वरदान दिया। वरदान प्राप्त करके उसने स्वर्ग पर अधिकार कर लिया। लोकपालों को मारकर भगा दिया और स्वत: सम्पूर्ण लोकों का अधिपति हो गया। देवता निरूपाय हो गए थे। वह असुर हिरण्यकशिपु को किसी प्रकार से पराजित नहीं कर सकते थे।

भक्त प्रह्लाद का जन्म अहंकार से युक्त हिरण्यकशिपु प्रजा पर अत्याचार करने लगा। इसी दौरान हिरण्यकशिपु कि पत्नी कयाधु ने एक पुत्र को जन्म दिया, जिसका नाम ‘प्रह्लाद’ रखा गया। एक राक्षस कुल में जन्म लेने के बाद भी प्रह्लाद में राक्षसों जैसे कोई भी दुर्गुण मौजूद नहीं थे तथा वह भगवान नारायण का भक्त था। वह अपने पिता हिरण्यकशिपु के अत्याचारों का विरोध करता था। हिरण्यकशिपु का वध भगवान-भक्ति से प्रह्लाद का मन हटाने और उसमें अपने जैसे दुर्गुण भरने के लिए हिरण्यकशिपु ने बहुत प्रयास किए। नीति-अनीति सभी का प्रयोग किया, किंतु प्रह्लाद अपने मार्ग से विचलित न हुआ। तब उसने प्रह्लाद को मारने के लिए षड्यंत्र रचे, किंतु वह सभी में असफल रहा। भगवान विष्णु की कृपा से प्रह्लाद हर संकट से उबर आता और बच जाता था।

अपने सभी प्रयासों में असफल होने पर क्षुब्ध हिरण्यकशिपु ने प्रह्लाद को अपनी बहन होलिका की गोद में बैठाकर जिन्दा ही जलाने का प्रयास किया। होलिका को यह वरदान प्राप्त था कि अग्नि उसे नहीं जला सकती, परंतु जब प्रह्लाद को होलिका की गोद में बिठा कर अग्नि में डाला गया तो उसमें होलिका तो जलकर राख हो गई, किंतु प्रह्लाद का बाल भी बाँका नहीं हुआ। इस घटना को देखकर हिरण्यकशिपु क्रोध से भर गया।

उसकी प्रजा भी अब भगवान विष्णु की पूजा करने लगी थी। तब एक दिन हिरण्यकशिपु ने प्रह्लाद से पूछा कि बता- “तेरा भगवान कहाँ है?” इस पर प्रह्लाद ने विनम्र भाव से कहा कि “प्रभु तो सर्वत्र हैं, हर जगह व्याप्त हैं।” क्रोधित हिरण्यकशिपु ने कहा कि “क्या तेरा भगवान इस स्तम्भ (खंभे) में भी है?” प्रह्लाद ने हाँ में उत्तर दिया। यह सुनकर क्रोधांध हिरण्यकशिपु ने खंभे पर प्रहार कर दिया। तभी खंभे को चीरकर श्रीनृसिंह भगवान प्रकट हो गए और हिरण्यकशिपु को पकड़कर अपनी जाँघों पर रखकर उसकी छाती को नखों से फाड़ डाला और उसका वध कर दिया।

श्रीनृसिंह ने प्रह्लाद की भक्ति से प्रसन्न होकर उसे वरदान दिया कि आज के दिन जो भी मेरा व्रत करेगा, वह समस्त सुखों का भागी होगा एवं पापों से मुक्त होकर परमधाम को प्राप्त होगा। अत: इस कारण से इस दिन को “नृसिंह जयंती-उत्सव” के रूप में मनाया जाता है।

पूजन विधि एवं मंत्र-

* इस दिन प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में सोकर उठें।
* संपूर्ण घर की साफ-सफाई करें।
* इसके बाद गंगा जल या गौमूत्र का छिड़काव कर पूरा घर पवित्र करें।
तत्पश्चात निम्न मंत्र बोले-
भगवान नृसिंह के पूजन का मंत्र –

नृसिंह देवदेवेश तव जन्मदिने शुभे।उपवासं करिष्यामि सर्वभोगविवर्जितः॥

इस मंत्र के साथ दोपहर के समय क्रमशः तिल, गोमूत्र, मृत्तिका और आंवला मल कर पृथक-पृथक चार बार स्नान करें। इसके बाद शुद्ध जल से स्नान करना चाहिए।
पूजा के स्थान को गोबर से लीपकर तथा कलश में तांबा इत्यादि डालकर उसमें अष्टदल कमल बनाना चाहिए।अष्टदल कमल पर सिंह, भगवान नृसिंह तथा लक्ष्मीजी की मूर्ति स्थापित करना चाहिए। तत्पश्चात वेदमंत्रों से इनकी प्राण-प्रतिष्ठा कर षोडशोपचार से पूजन करना चाहिए।

ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण में नरेन्द्र मोदी एवं अमितशाह को तो आमंत्रित करना चाहिए था

करणीदानसिंह राजपूत, सूरतगढ़:

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने हैट्रिक जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया। ममता ने महत्वपूर्ण इतिहास रचा है और भाजपा के बड़बोले नेताओं को ऐसी पटखनी दी है कि वे पांच साल तक अपनी चोटों से कराहते रहेंगे।

यह जीत इसलिए मायने रखती है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी,गृहमंत्री अमितशाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी.नड्डा ने ममता को हराने के लिए सब कुछ किया। ममता हारी नहीं और जे.पी.नड्डा जैसे दिग्गज धरना लगाने वाले स्तर पर पहुंच गए।

टीएमसी की मुखिया ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के तौर पर आज यानि बुधवार को राजभवन में शपथ ग्रहण करेंगी। कोविड-19 महामारी के चलते शपथ ग्रहण समारोह बेहद सादगी भरा होगा। 

बताया जा रहा है कि शपथ ग्रहण समारोह के लिए पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य, निवर्तमान सदन के नेता प्रतिपक्ष अब्दुल मन्नान और माकपा के वरिष्ठ नेता बिमान बोस को कार्यक्रम का निमंत्रण भेजा गया है। 

ममता का मुख्यमंत्री पद की शपथ का समारोह चाहे कितना साधारण रखा गया हो उसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को तो जरूर बुलाना था। जो कहते थे कि 2 म ई को दीदी गई,उन्हें दिखलाना था कि दीदी नहीं गई। 

इधर, बंगाल में हिंसा की खबरों के बीच भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और दिलीप घोष धरना भी देंगे। 

 देश में कोविड-19 महामारी की वर्तमान परिस्थितियों के मद्देनजर अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों और अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं को समारोह में आमंत्रित नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, ‘कोविड-19 महामारी को देखते हुए ममता बनर्जी के शपथ ग्रहण समारोह को बेहद साधारण रखने का निर्णय लिया गया है। 

बुधवार को केवल ममता बनर्जी अकेले शपथ लेंगी। यह बेहद संक्षिप्त कार्यक्रम होगा।’ 

तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों ने कहा कि राजभवन में पांच मई को सुबह 10:45 बजे होने वाले शपथग्रहण समारोह में पार्टी सांसद अभिषेक बनर्जी, चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर और पार्टी के वरिष्ठ नेता फिरहाद हाकिम के भी शामिल होने की उम्मीद है। 

सूत्रों ने कहा कि शपथ ग्रहण करने के तुरंत बाद ममता बनर्जी राज्य सचिवालय जाएंगी, जहां उन्हें कोलकाता पुलिस सलामी देगी। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी 292 में से 213 सीटें जीतकर लगातार तीसरी बार सत्ता में आई है। बीजेपी को 77 सीटों पर जीत हासिल हुई है। वहीं, दो सीटों पर अन्य ने जीत दर्ज की है।

इधर चुनावी नतीजों के बाद से बंगाल में जारी हिंसा की खबरों के बीच भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा कोलकाता पहुंचे हैं। बंगाल में हिंसा के खिलाफ भाजपा आज यानी बुधवार को पूरे देशभर में धरना देगी। कोलकाता में जेपी नड्डा और दिलीप घोष खुद धरने पर बैठेंगे। इससे पहले भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने मंगलवार को कहा गया कि पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हुई व्यापक हिंसा ने उन अत्याचारों की याद दिला दी है जिसका सामना लोगों को देश के विभाजन के दौरान करना पड़ा था। नड्डा ने राज्य में पार्टी कार्यकर्ताओं को ”क्रूरता के विरूद्ध लोकतांत्रिक तरीके से लड़ने के लिए प्रेरित किया।

कौन हैं ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी के शानदार प्रदर्शन के बाद ममता बनर्जी की छवि एक ऐसे सैनिक और कमांडर के रूप में बनी है जिसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व वाली भाजपा की चुनावी युद्ध मशीन को भी हरा दिया। तीसरी बार की यह जीत न सिर्फ राज्य में बनर्जी की स्थिति को और मजबूत करेगी, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के खिलाफ विपक्ष को एकजुट करने में भी मदद करेगी।

2019 से पहले बिना चुनौती के दीदी ने किया शासन

ममता बनर्जी ने एक दशक से अधिक पहले सिंगूर और नंदीग्राम में सड़कों पर हजारों किसानों का नेतृत्व करने से लेकर आठ साल तक राज्य में बिना किसी चुनौती के शासन किया। आठ साल के बाद उनके शासन को 2019 में तब चुनौती मिली जब भाजपा ने पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव में 18 सीटों पर अपना परचम फहरा दिया। ममता बनर्जी (66) ने अपनी राजनीतिक यात्रा को तब तीव्र धार प्रदान की जब उन्होंने 2007-08 में नंदीग्राम और सिंगूर में नाराज लोगों का नेतृत्व करते हुए वाम मोर्चा सरकार के खिलाफ राजनीतिक युद्ध का शंखनाद कर दिया। इसके बाद वह सत्ता के शक्ति केंद्र ‘नबन्ना तक पहुंच गई।

यूपीए और एनडीए में भी बनीं मंत्री

पढ़ाई के दिनों में बनर्जी ने कांग्रेस स्वयंसेवक के रूप में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी। यह उनके करिश्मे का ही कमाल था कि वह संप्रग और राजग सरकारों में मंत्री बन गईं। राज्य में औद्योगीकरण के लिए किसानों से ‘जबरन भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर वह नंदीग्राम और सिंगूर में कम्युनिस्ट सरकार के खिलाफ दीवार बनकर खड़ी हो गईं और आंदोलनों का नेतृत्व किया। ये आंदोलन उनकी किस्मत बदलने वाले रहे और तृणमूल कांग्रेस एक मजबूत पार्टी के रूप में उभरकर सामने आई। बनर्जी ने कांग्रेस से अलग होने के बाद जनवरी 1998 में तृणमूल कांग्रेस की स्थापना की और राज्य में कम्युनिस्ट शासन के खिलाफ संघर्ष करते हुए उनकी पार्टी आगे बढ़ती चली गई।

2011 में लेफ्ट की सरकार को उखाड़ फेंका था

पार्टी के गठन के बाद राज्य में 2001 में जब विधानसभा चुनाव हुआ तो तृणमूल कांग्रेस 294 सदस्यीय विधानसभा में 60 सीट जीतने में सफल रही और वाम मोर्चे को 192 सीट मिलीं। वहीं, 2006 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की ताकत आधी रह गई और यह केवल 30 सीट ही जीत पाई, जबकि वाम मोर्चे को 219 सीटों पर जीत मिली। वर्ष 2011 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की पार्टी ने ऐतिहासिक रूप से शानदार जीत दर्ज करते हुए राज्य में 34 साल से सत्ता पर काबिज वाम मोर्चा सरकार को उखाड़ फेंका। उनकी पार्टी को 184 सीट मिलीं, जबकि कम्युनिस्ट 60 सीटों पर ही सिमट गए। उस समय वाम मोर्चा सरकार विश्व में सर्वाधिक लंबे समय तक सत्ता में रहने वाली निर्वाचित सरकार थी।

पांच बार लोकसभा सांसद भी रह चुकी हैं दीदी

ममता बनर्जी अपनी पार्टी को 2016 में भी शानदार जीत दिलाने में सफल रहीं और तृणमूल कांग्रेस की झोली में 211 सीट आईं। इस बार के विधानसभा चुनाव में बनर्जी को तब झटके का सामना करना पड़ा जब उनके विश्वासपात्र रहे शुभेन्दु अधिकारी और पार्टी के कई नेता भाजपा में शामिल हो गए। बंगाली ब्राह्मण परिवार में जन्मीं बनर्जी पार्टी के कई नेताओं की बगावत के बावजूद अंतत: अपनी पार्टी को तीसरी बार भी शानदार जीत दिलाने में कामयाब रहीं। इस चुनाव में भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से बेदखल करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी, लेकिन बनर्जी एक ऐसी सैनिक और कमांडर निकलीं जिन्होंने भगवा दल की चुनावी युद्ध मशीन को पराजित कर दिया। वह 1996, 1998, 1999, 2004 और 2009 में कोलकाता दक्षिण सीट से लोकसभा सदस्य भी रह चुकी हैं।

Panchang

पंचांग 28 अप्रैल 2021

आज 28 अप्रैल है। आज बुधवार भी है.आज वैशाख माह कृष्ण पक्ष की द्वितीया है। इस अवसर पर व्रत व कई वैष्णव पूजाएं की जाती हैं।आज विशाखा नक्षत्र है।आज भगवान विष्णु की उपासना करें।आज दान पुण्य करें। आज अन्न दान का बहुत महत्व है।आज घर के मंदिर में ही विष्णु जी की चार परिक्रमा करें व विष्णुसहस्रनाम का पाठ करें। आज चन्द्रमा तुला राशि में है।आज बजरंगबाण के पाठ करने का अनन्त पुण्य है।आज बुधवार है। प्रातःकाल पञ्चाङ्ग का दर्शन ,अध्ययन व मनन आवश्यक है।शुभ व अशुभ समय का ज्ञान भी इसी से होता है। अभिजीत मुहूर्त का समय सबसे बेहतर होता है। इस शुभ समय में कोई भी कार्य प्रारंभ कर सकते हैं।विजय व गोधुली मुहूर्त भी बहुत ही सुंदर होता है।राहुकाल में कोई भी कार्य या यात्रा आरम्भ नहीं करना चाहिए।

विक्रमी संवत्ः 2078, 

शक संवत्ः 1943, 

मासः वैशाख, 

पक्षः कृष्ण पक्ष, 

तिथिः द्वितीया रात्रि 01.35 तक है, 

वारः बुधवार, 

नक्षत्रः विशाखा सांयः 05.13 तक हैं, 

योगः व्यातिपात अपराहन् 03.50 तक, 

करणः तैतिल, 

सूर्य राशिः मेष, 

चंद्र राशिः तुला, 

राहु कालः दोपहर 12.00 बजे से 1.30 बजे तक, 

सूर्योदयः 05.47, 

सूर्यास्तः 06.51 बजे।

विशेषः आज उत्तर दिशा की यात्रा न करें। अति आवश्यक होने पर बुधवार को राई का दान, लाल सरसों का दान देकर यात्रा करें।

कहीं माध्यम वर्ग को समाप्त करने कि साज़िश तो नहीं कोरोना?

कोरोना के बढ़ते हुए मामलों को देख कर राजनैतिक कार्यक्रमों में जहां भीड़ होती है उनकी विवेचना और उन पर रोक की कार्रवाई न करके केवल बाजार बंद लॉकडाउन कर्फ्यू पर निर्णय हो जाता है।

 सोशल साइट पर और ग्रुपों में संचालक समाजसेवा करने वालों द्वारा ऐसा माहौल बनाया जाता है कि लॉकडाउन हो जाए। बड़ी तत्परता से ऐसे समाचार प्रसारित किए जाते हैं कि लॉक डाउन होने का हव्वा खड़ा हो जाए।

 सबसे बड़ा प्रश्न है कि:

  • क्या बाजार में दुकानदार व्यवसायी कोरोना रोग फैलाने में है? 
  • क्या उनके बाजार खोलने से कोरोना फैल रहा है? आखिर यह समीक्षा क्यों नहीं हो रही?

 प्रशासनिक अधिकारी जब बैठक करता है तब व्यापारियों के अगुआ नेता हां में हां मिलाते हुए बाजार बंद का निर्णय,कम समय तक खोलने का निर्णय कर बैठते हैं। ये प्रतिनिधि उपखंड में बैठक में 5- 7 ही होते हैं। 15:20 मिनट की बैठक में यह निर्णय हो जाता है। 

व्यापारियों ने दुकानदारों ने आपस में बैठकर कभी चर्चा की?कोरोना रोगी जिस किसी शहर में मिले हैं तो उनकी हिस्ट्री देखी गई? क्या उस हिस्ट्री में दुकान से या बाजार से कोरोनावायरस फैलना सामने आया?

व्यापारी प्रतिनिधि हां में हां मिलाते हुए बंद का,लोक डाउन कर्फ्यू निर्णय कर लेते हैं। व्यापारियों ने कभी भी उपखंड अधिकारी को लिखित में यह क्यों नहीं दिया कि केवल व्यापार पर अंकुश लगाया जाता है। राजनीतिक रैलियों चाहे वह किसी भी पार्टी की हो उन पर रोक क्यों नहीं है? उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई क्यों नहीं है? यह समीक्षा क्यों नहीं हो रही कि दुकानदार व्यापारी कोरोना फैलाते हैं या नहीं फैलाते? इसकी समीक्षा होनी चाहिए। रेलें,बसें चल रही है जिनमें भीड़ होती है। वहां कोरोना फैलने का खतरा अधिक है। यहां तक कि चिकित्सालयों में रजिस्ट्रेशन के लिए कतारों में,प्रचार रैलियों को झंडी दिखाने में,कोरोनावारियों को सम्मानित करने के फोटोशूट,मंत्रियोंअधिकारियों को भेंट ज्ञापन में कोई सोशल डिस्टेंस नहीं होता।

हिंदुस्तान में पिछले 1 साल से व्यापार बहुत बुरी हालत के अंदर है। दुकानदार व्यापारी जिनसे लाखों करोड़ों लोग परिवार पलते हैं। उनके कर्मचारी पलते हैं। वे सभी लोकडाउन और बंद से बेहाल हो जाते हैं। बाजार खुलते हैं तो अनेक प्रकार के कार्य भी मजदूरी और रोजगार साथ साथ चलते हैं। बाजार बंद होने से मजदूरी करने वाले रेहड़ी,थड़ी,खोमचे  लगाने वाले भी प्रभावित होते हैं। 

 हिंदुस्तान में अधिकतर बल्कि कहना चाहिए कि 90% व्यापारी दुकानदार मध्यम वर्गीय और कम आय वाले परिवारों से जुड़े हुए हैं। बंद से उनकी रोजी रोटी पर संकट आता है तो मध्यमवर्गीय परिवारों के हर प्रकार के कार्य रुक जाते हैं। अच्छा खासा परिवार जमीन पर आ पड़ता है। 

उसे घर चलाने के लिए और दुर्भाग्य से कोई बीमारी हो जाए तो कर्जा भी लेना पड़ जाता है।

 यहां स्पष्ट रूप से कहा जाना चाहिए कि शासन और प्रशासन दुकानदारों पर अंकुश लगाने के लिए आगे रहने की प्रवृति और सोच बंद करे। 

राजनीतिक रैलियों पर राजनेताओं के कार्यक्रमों की भीड़ पर किसी प्रकार की रोक नहीं लगाता।

 बाजार में जो लोग मास्क के बिना घेरे में आते हैं उन पर तो जुर्माना लग जाता है लेकिन रैलियों की भीड़ पर किसी प्रकार का कोई जुर्माना नहीं लगता। आज तक शासन प्रशासन ने रैलियां निकालने वाले नेताओं के विरुद्ध कोई मुकदमे दर्ज नहीं किए और किसी को गिरफ्तार नहीं किया। 

ये सारे सवाल व्यापारी नेताओं को लिखित में शासन प्रशासन को देना चाहिए। 

आखिर अकेले व्यापारी और दुकानदार ही क्यों बंद और जुर्माने के शिकार किए जाते रहें जब उनकी कोई गलती नहीं है। 

उनकी कोई भूल भी नहीं है तो हमेशा सरकार का कड़ा निर्णय व्यापारियों पर ही लागू क्यों होता है? 

व्यापारी संगठनों को सोशल मीडिया चलाने वाले स्थानीय ग्रुप वालों से भी सीधा सवाल करना चाहिए और मिलना चाहिए कि वह ग्रुपों में केवल व्यापारियों के पीछे ही हाथ धो करके क्यों पड़े रहते हैं? व्यापार बंद कराने से दुकानें बंद कराने से सोशल मीडिया वालों को क्या लाभ है? यह कौनसी समाजसेवा है? 

स्थानीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के विरुद्ध ग्रुपों में क्यों नहीं लिखते? व्यापारी ही उनको कमजोर नजर आते हैं इसलिए जब चाहे व्यापारियों के विरुद्ध माहौल बनाना शुरू कर दिया जाता है? 

व्यापारी नेताओं को शासन प्रशासन के सामने सीधा एक ही सवाल करना चाहिए कि देश में कानून सबके लिए बराबर है।  उनके अनुसार ही कार्रवाई हो। राजनीतिक रैलियों की राजनेताओं द्वारा भीड़ इकट्ठी करने की छूट है तो व्यापारी तो केवल अपनी दुकान करता है जिसके अंदर भीड़ नहीं होती। शासन प्रशासन से बात करने के लिए लिखित में देने के लिए वे प्रतिनिधि भेजे जाने चाहिए जो मुंह के ताला लगाए और हाथ बांधे हों। सरकार धार्मिक आयोजनों पर रोक लगाने से भी कतराती है यह साबित हो रहा है। 

सरकार के पास नौकरियां जरूरत के अनुसार है नहीं और होती भी नहीं है। लोग निजी क्षेत्रों में रोजी रोटी पाते हैं। 

कोरोना से बचाव के लिए तय गाइड लाईन का सख्ती से पालन हो और उस पर शासन प्रशासन को जोर लगाना चाहिए।

साभार : करणीदानसिंह राजपूत