लंदन में तिरंगे के अपमान का मामला ; NIA की 5 सदस्यीय टीम पहुंची ब्रिटेन

19 मार्च, 2023 को लंदन में भारतीय उच्चायोग पर हुए हमले के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने एक प्राथमिकी दर्ज की थी। लेकिन 23 मार्च, 2023 को इस मामले को एनआईए ने अपने हाथ में ले लिया। एनआईए की टीम अपने दौरे के दौरान भारतीय उच्चायोग पहुंचेगी। वहां 19 मार्च को हुई घटना का ब्यौरा, सीसीटीवी फुटेज आदि जैसी जानकारी जुटाई जाएगी। इसके अलावा घटनास्थल का दौरा भी किया जाएगा और उच्चायोग के कर्मचारियों के अलावा घायल हुए दो कर्मचारियों के बयान भी लिए जाएंगे।

NIA Reaches London To Investigate Attack During Protest At Indian Embassy  In London | लंदन पहुंची NIA ! प्रदर्शन के दौरान भारतीय दूतावास पर खालिस्तान  सर्मथकों के हमले की करेगी जांच
  • 19 मार्च को खालिस्‍तानियों ने लंदन में भारतीय उच्‍चायोग में दाखिल होने की कोशिशें कीं
  • बताया जा रहा है कि इस पूरी घटना के पीछे अवतार सिंह खांडा का हाथ है
  • जो खबरें आ रही हैं उसके मुताबिक लंदन की पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है

डेमोक्रेटिक फ्रन्ट, सारिका तिवारी, चंडीगढ़/नई दिल्ली :

लंदन में भारतीय उच्चायोग में राष्ट्रीय ध्वज को खालिस्तान समर्थक कार्यकर्ताओं द्वारा एक विरोध प्रदर्शन के दौरान नीचे खींचे जाने के लगभग एक महीने बाद, राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ले ली।

यह मामला कुछ दिन पहले गृह मंत्रालय के काउंटर टेररिज्म एंड काउंटर रेडिकलाइजेशन (सीटीसीआर) डिवीजन द्वारा एनआईए को सौंपा गया था। सूत्रों ने इसकी जानकारी दी है।

सूत्रों की मानें तो खांडा ही अमृतपाल का हैंडलर है और उसने ही अमृतपाल को ‘मिशन खालिस्‍तान’ के लिए ट्रेनिंग दी है। रविवार का जो वीडियो आया है, वह काफी डराने वाला है। इसमें साफ नजर आ रहा है कि कैसे ‘खालिस्‍तान जिंदाबाद’ के नारे लगाते हुए कुछ लोग उच्‍चायोग की पहली मंज‍िल पर पहुंच जाते हैं। इनमें से ही एक शख्‍स तिरंगे को उतारकर नीचे फेंक देता है।

दिल्ली पुलिस की FIR में अवतार सिंह खांडा, गुरचरण सिंह और जसवीर सिंह को प्रमुख संदिग्धों के रूप में नामांकित किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस मामले को NIA को सौंप दिया है। NIA व विभिन्न एजेंसियों द्वारा की गई जांच में सामने आया है कि खांडा ही अमृतपाल के पीछे का दिमाग व हैंडलर है। विभिन्न देशों में सक्रिय खालिस्तान समर्थक संगठनों के साथ उसके संबंध हैं।

खांडा कथित तौर पर ब्रिटेन में शरण मांगने वाला है और वर्षों से उसने खालिस्तानी आतंकवादियों जगतार सिंह तारा और बब्बर खालसा इंटरनेशनल के परमजीत सिंह पम्मा के साथ संबंध बनाए हैं। वह मानवाधिकारों के उल्लंघन के मुद्दों को उठाने की आड़ ले रहा है, लेकिन वह युवाओं को कट्टरपंथी बनाने, प्रशिक्षण प्रदान करने और उन्हें अमृतपाल की तरह आगे बढ़ाने में सहायक रहा है।

वरिष्ठ अधिकारियों की सुने तो UK में घटनाएं एक अलग घटना नहीं हैं, बल्कि अमृतपाल सिंह के समर्थन में खालिस्तान समर्थक नेटवर्क के सक्रिय होने का परिणाम है, जिसे वर्तमान में नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के तहत हिरासत में लिया गया है। उसके राष्ट्र-विरोधी होने के बारे में पूछताछ की जा रही है और पंजाब में अशांति फैलाने की साजिश।

UK में कट्टरपंथियों द्वारा की गई बर्बरता और हिंसा देश के भीतर अमृतपाल जैसे खालिस्तान समर्थकों पर पुलिस की कार्रवाई के कारण हुई। ट्रांस-नेशनल लिंक बहुत गहरे हैं और आगे की जांच से उन नेटवर्कों का पता चलेगा जो पाकिस्तान ISI के गुप्त समर्थन से पंजाब से UK तक संचालित हो रहे हैं। NIA अमृतपाल सिंह के खिलाफ कार्रवाई और UK की घटना को सीधे तौर पर तो नहीं जोड़ रहे, लेकिन इनके संबंधों से इनकार भी नहीं कर रहे।

NIA की जांच जिस तरफ आगे बढ़ रही है, उससे आने वाले समय में अमृतपाल सिंह के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। अमृतपाल सिंह UK पहुंच आतंकी खांडा की आतंकी संगठनों के साथ जांच भी करेगी। अगर उसमें कहीं भी अमृतपाल सिंह के संबंध साफ हो जाते हैं तो अमृतपाल सिंह पर लगा NSA कभी भी अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेंशन एक्ट (UAPA) में बदल सकता है।

ऑस्ट्रेलिया सरकार पंजाब हरियाणा के बच्चों को वीजा देने में कर रही आनाकानी – गुरतेज संधू

सिर्फ सही, लीगल व सच्चे डॉक्यूमेंट के आधार पर ही करें अप्लाई

डेमोक्रेटिक फ्रन्ट, चंडीगढ़  – 17   मई  :

विदेश में बसने का सपना लेकर लाखों पंजाब हरियाणा के युवक स्टडी वीजा के लिए ऑस्ट्रेलिया और कनाडा अप्लाई करते हैं लेकिन कई बार गलत एजेंटों के झांसे में आकर गलत व फैब्रिकेटेड डाक्यूमेंट्स लगा देते हैं, जिसका खामियाजा उन्हें रिफ्यूशल में भुगतना पड़ता है, इसका कारण है कि बहुत सारी यूनिवर्सिटीज ने खासकर पंजाब हरियाणा के बच्चों को ऑस्ट्रेलिया पहुंचते ही अपनी यूनिवर्सिटी बदल कर पढ़ाई छोड़कर और दूसरे रोजगार कमाने में लग जाते हैं इस  कारण से ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटीज ने पंजाब और हरियाणा के स्टूडेंट की अपनी यूनिवर्सिटीज में एडमिशन देना ही बंद कर दिया है। 

यह जानकारी पिछले 15 सालों सेक्टर 17 के  इमीग्रेशन एक्सपर्ट गुरतेज संधू ने दीपंजाब हरियाणा के बच्चे यदि ऑस्ट्रेलिया जाना चाहते हैं तो सिर्फ और सिर्फ  सच्चे व सही डाक्यूमेंट्स ही लगाएं , ताकि उनके भी साथ में रिफ्यूशल ना आए और वह आसानी से अपना सपना पूरा कर पाए।

राजस्थान में मिला ‘सफेद सोना’, चीन की उड़ेगी नींद, भारत एक झटके में खत्म कर सकता है उसकी बादशाहत

आप जिस मोबाइल या लैपटॉप का इस्तेमाल करते हैं उसमें लगी बैटरी बनाने में लिथियम का उपयोग किया जाता है। वास्तव में, लिथियम दुनिया की सबसे मुलायम और सबसे हल्की धातु है। इसे चाकू से काटा जा सकता है और यह आसानी से पानी में तैरती भी है। लेकिन इसका महत्व इसके मुलायम होने या पानी में तैरने से नहीं, बल्कि बैटरी में उपयोग होने के चलते बहुत अधिक बढ़ गया है। लिथियम रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदल देता है।

लिथियम को सफेद सोना भी कहा जाता है
  • जम्मू-कश्मीर के बाद राजस्थान में मिला लिथियम का बड़ा भंडार
  • राजस्थान के नागौर में जम्मू-कश्मीर से भी बड़ा लिथियम का भंडार
  • लिथियम के मामले में चीन का एकाधिकार हो सकता है खत्म

डेमोक्रेटिक फ्रन्ट, सारिका तिवारी, चंडीगढ़ – 08 मई :

जम्मू-कश्मीर के बाद अब राजस्थान में लिथियम का भंडार मिला है। इस खबर से ईवी इंडस्ट्री काफी खुश नजर आ रही है। क्योंकि लिथियम को विदेशों से इंपोर्ट किया जाता है, जिसके चलते इसकी कीमतें महंगी होती है। लिथियम का इस्तेमाल ईवी में लगने वाली बैटरी में होता है। वर्तमान में अधिकतर ईवी लिथियम आयन बैटरी का इस्तेमाल किया जाता है। आइये जानते हैं राजस्थान में मिलने वाला लिथियम भंडार कितना बड़ा है और इससे क्या फायदा होने वाला है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लिथियम का यह विशाल भंडार राजस्थान के नागौर जिले के डेगाना में मिला है। इसकी खोज जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (GSI) ने की है। जीएसआई के अधिकारियों का कहना है कि लिथियम का यह भंडार जम्मू-कश्मीर में मिले भंडार से कहीं अधिक बड़ा है। इसी साल फरवरी में जम्मू-कश्मीर में लिथियम के 59 लाख टन भंडार का पता चला था।

मौजूदा समय में दुनिया का सबसे बड़ा लिथियम भंडार 210 लाख टन का है, जो कि बोलीविया में है। इसके बाद अर्जेंटीना, चिली और अमेरिका में भी बड़े भंडार हैं। इसके बावजूद 51 लाख टन लिथियम के भंडार वाले देश चीन का लिथियम के बाजार में एकाधिकार है। भारत अपने कुल लिथियम आयात का 53.76 प्रतिशत हिस्सा चीन से खरीदता है। साल 2020-21 में भारत ने 6000 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य का लिथियम आयात किया था। इसमें से 3500 करोड़ रुपए से अधिक का लिथियम चीन से खरीदा गया था।

लिथियम के लिए भारत अब तक चीन, ऑस्ट्रेलिया और चिली जैसे देशों पर निर्भर है। इस विशाल भंडार के मिलने के बाद चीन का एकाधिकार खत्म होने की बात कही जा रही है। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि खाड़ी देशों की ही तरह राजस्थान के साथ-साथ पूरे देश की भी किस्मत चमकने वाली है।

दिलचस्प बात यह है कि जियोलॉजिक सर्वे ऑफ इंडिया की टीम लिथियम की खोज नहीं, बल्कि टंगस्टन की खोज के लिए डेगाना गई थी। लेकिन वहाँ उन्होंने लिथियम का भंडार खोज निकाला। अंग्रेजी शासन के समय इस क्षेत्र में टंगस्टन का बड़ा भंडार था।

क्या है लिथियम :

भारत को इतने बड़े मात्रा में लिथियम के आयात के लिए काफी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च करना पड़ता है। इस विशाल भंडार से भारत ना केवल अपने इस बड़े खर्च को बचा सकता है, बल्कि अपनी जरूरतों को भी पूरा कर सकता है। साथ ही भारत दूसरे देशों में यह निर्यात कर सकता है। अभी तक भारत लिथियम का आयात चीन और हांगकांग से करता आ रहा है।

आप जिस मोबाइल या लैपटॉप का इस्तेमाल करते हैं उसमें लगी बैटरी बनाने में लिथियम का उपयोग किया जाता है। वास्तव में, लिथियम दुनिया की सबसे मुलायम और सबसे हल्की धातु है। इसे चाकू से काटा जा सकता है और यह आसानी से पानी में तैरती भी है। लेकिन इसका महत्व इसके मुलायम होने या पानी में तैरने से नहीं, बल्कि बैटरी में उपयोग होने के चलते बहुत अधिक बढ़ गया है। लिथियम रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदल देता है।

आज घर के सभी चार्जेबल इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और बैटरी से चलने वाले हर गैजेट में लगी बैटरी में लिथियम का उपयोग होता है। दुनिया अब ग्रीन एनर्जी की तरफ बढ़ रही है। ऐसे में इलेक्ट्रिक वाहनों से लेकर अन्य सभी उपकरणों में लगने वाली बैटरी की माँग लगातार बढ़ती जा रही है। पूरी दुनिया में हो रही माँग में वृद्धि के चलते ही इसे ‘व्हाइट गोल्ड’ भी कहा जाता है। एक टन लिथियम की कीमत करीब 57.36 लाख रुपए है।

कजाखिस्तान की टीम ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का किया दौरा

प्लांट के टेक्निकल सिस्टम की ली जानकारी

डेमोक्रेटिक फ्रन्ट, चंडीगढ़  –  02    मई  :

कजाखिस्तान की इंजीनियरिंग कंपनी “असताना अवतोस्ट्रॉय” की 07 सदस्यीय टीम ने आज धनास स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का दौरा किया और इसके टेक्निकल सिस्टम के बारे में विस्तार से नॉलेज और जानकारी हासिल की। नगर निगम कमिश्नर आनंदिता मित्रा के मार्गदर्शन में निगम अधिकारियों ने डेलिगेट्स का अभिनंदन किया। इस दौरान नगर निगम पार्षद जसबीर सिंह बंटी, राहत विर्क और नगर निगम के इंजीनियरिंग विभाग के एस डी ओ गुरचरण सिंह मौजूद रहे।

जसबीर सिंह बंटी ने बताया कि कजाखिस्तान की इंजीनियरिंग कंपनी “असताना अवतोस्ट्रॉय” के डेलिगेट्स से मिलकर अच्छा लगा। यह और भी अच्छा लगा कि उन्हें चंडीगढ़ नगर निगम द्वारा शहर के विकास के लिए किए जा रहे कार्य पसंद आए। डेलिगेट्स ने इस दौरान विशेष तौर पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पर विजिट किया और इसकी कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी हासिल की। बंटी ने कहा कि शहर के लिए यह सौभाग्य की बात है कि विदेशी कंपनियां भी चंडीगढ़ नगर निगम द्वारा शहर की साफ सफाई व्यवस्था, गार्बेज प्रोसेसिंग सहित सीवेज ट्रीटमेंट कार्यप्रणाली की जानकारी हासिल कर रहे हैं।

तारिक फतेह नहीं रहे वह 73 वर्ष के थे

तारिक फतेह हमेशा अपनी बात मुखरता के साथ रखने के लिए जाने जाते थे। आतंकवाद और पाकिस्तान को लेकर दिए गए अपने बयानों को लेकर वे अक्सर चर्चा में रहते थे। धार्मिक कट्टरता के खिलाफ रहे तारिक फतेह खुद को हिन्दुस्तान का बेटा मांगते थे। उनके निधन पर यह बात उनकी बेटी नताशा ने ट्ववीट में लिखा भी है। 

Pakistani origin writer Tariq Fateh passed away Tarek Fateh Death: पाकिस्तानी मूल के लेखक तारिक फतेह का निधन, खुद को बताते थे भारत का बेटा

सरीका तिवारी, डेमोक्रेटिक फ्रन्ट, नई दिल्ली/चंडीगढ़ :

पाकिस्तानी मूल के कनाडाई लेखक और जाने-माने पाकिस्तानी स्तंभकार तारिक फतेह का कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद सोमवार ’24 अप्रैल’ को निधन हो गया। उनकी बेटी नताशा फतेह ने उनके निधन की पुष्टि की है. वह 73 वर्ष के थे। कनाडा में रहने वाले लेखक इस्लाम और आतंकवाद पर अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते थे। फतेह ने कई बार पाकिस्तान की आलोचना करते हुए केंद्र में बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार को अपना समर्थन व्यक्त किया था।

तारिक फतेह की बेटी नताशा फतेह ने एक ट्विटर पोस्ट ने अपने पिता के निधन की पुष्टि की. उन्होंने लिखा- ”पंजाब का शेर. हिंदुस्तान का बेटा. कनाडा का प्रेमी. सच का वक्ता. न्याय के लिए लड़ने वाला. दलितों और शोषितों की आवाज तारिक फतेह ने जिंदगी का सफर पूरा कर लिया है. उनकी क्रांति उन सभी के साथ जारी रहेगी, जो उन्हें जानते और प्यार करते थे. क्या आप हमारे साथ शामिल होंगे?”

बता दें कि तारिक फतेह का परिवार मुंबई का रहने वाला था। 1947 में जब भारत और पाकिस्तान का विभाजन हुआ तो  उनका परिवार पाकिस्तान के कराची में जाकर बस गया। जहां 20 नवंबर साल 1949 को कराची में तारिक फतेह का जन्म हुआ। मशहूर लेखक तारिक फतेह ने कराची यूनिवर्सिटी से बायोकेमिस्ट्री की पढ़ाई की थी, लेकिन बाद में उन्होंने पत्रकारिता को अपना पेशा बनाया। 

उन्होंने एक पाकिस्तानी टीवी चैनल में काम किया। उससे पहले 1970 में वे कराची सन नाम के अखबार में रिपोर्टिंग करते थे। खोजी पत्रकारिता के कारण वे कई बार जेल भी गए। हालांकि बाद में तारिक पाकिस्तान छोड़ कर सऊदी अरब चले गए। जहां से 1987 में वे कनाडा में बस गए। 

तारिक फतेह की पहचान पाकिस्तानी मूल के कनाडाई लेखक प्रसारक और सेक्युलर उदारवादी कार्यकर्ता के रूप में थी। वे इस्लामी अतिवाद के खिलाफ मुखर होकर बोलते और लिखते रहे।  चेजिंग अ मिराज : द ट्रैजिक इल्लुझ़न ऑफ़ ऐन इस्लामिक स्टेट (Chasing a Mirage: The Tragic Illusion of an Islamic State) उनकी प्रसिद्ध कृति है। वे समलैंगिक व्यक्तियों के सामान अधिकारों और हितों के भी पक्षधर थे। इसके साथ ही बलूचिस्तान में मानवाधिकार के हनन पर भी उन्होंने खूब लिखा और बोला। वे आजाद बलूचिस्तान के पक्षधर के रूप में भी जाने जाते थे। 

भाजपा बहुत तेजी से डिजिटलाइजेशन की तरफ बढ़ रही है : राजेश सपरा 

सुशील पंडित, डेमोक्रेटिक फ्रन्ट,  यमुनानगर  10 अप्रैल :

भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश सपरा ने जानकारी देते हुए बताया कि भाजपा जिला यमुनानगर की ऑनलाइन वर्चुअल बैठक का आयोजन किया गया जिसमें भाजपा के जिला पदाधिकारी,जिला कार्यकारिणी सदस्य ,विभिन्न मोर्चा के जिला अध्यक्ष व जिला महामंत्री, भाजपा के सभी 13 मंडल अध्यक्ष व मंडल महामंत्री सहित शक्ति केंद्र प्रमुखो ने हिस्सा लिया।

भाजपा जिला यमुनानगर की वर्चुअल बैठक में कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन  करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश सपरा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात का 100 वा कार्यक्रम  आगामी 30 अप्रैल को सुना जाएगा ,भारतीय जनता पार्टी ने मन की बात के 100 वे एपिसोड के लिए विशेष रूप से तैयारियां की है, यमुनानगर जिलेकी हर विधानसभा क्षेत्र में 100 कार्यक्रम निश्चित किए गए हैं, प्रत्येक कार्यक्रम में 100 व्यक्तियों की उपस्थिति रहेंगी,मन की बात कार्यक्रम के लिए भाजपा का जिले का पदाधिकारी व प्रदेश पदाधिकारी कार्यक्रम की अध्यक्षता करेगा।

 प्रत्येक शक्ति केंद्र प्रमुख अभी से ही मन की बात कार्यक्रम की तैयारियों में लग जाए,भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश सपरा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी बहुत तेजी से डिजिटलाइजेशन की तरफ बढ़ रही है ,भाजपा सरकार द्वारा लगातार सभी सेवाओं को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से जनता को समर्पित किया जा रहा है ,यह भाजपा सरकार की विशेषता है कि जनता को अपने कार्यों के लिए सरकारी कार्यालयों में बार-बार ना जाना पड़े वह घर बैठे ऑनलाइन कार्य कर सकें।

भाजपा जिला प्रभारी सरस्वती हेरिटेज बोर्ड डिप्टी चेयरमैन धूमन सिंह किरमिच ने भाजपा कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि सभी भाजपा कार्यकर्ता अपने जो भी वह कार्य पार्टी के कार्य कर रहे हैं उसकी सभी गतिविधियां नमो ऐप व सरल एप पर लगातार अपलोड करें ,प्रत्येक भाजपा कार्यकर्ता भाजपा पार्टी संगठन व भाजपा सरकार की सूचनाएं फेसबुक ,व्हाट्सएप, टि्वटर के माध्यम से लगातार सोशल मीडिया पर डालें।

पन्ना प्रमुख के सम्मेलन जिला यमुना नगर विधानसभा क्षेत्र के संपूर्ण हो चुके हैं इसके लिए वह सभी भाजपा कार्यकर्ताओं को बधाई देते हैं उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के सहयोग से भारतीय जनता पार्टी जिला यमुनानगर का संगठन जल्दी ही पूरे हरियाणा में नम्बर एक पर होगा।

नेशनल लेवल के बांग्लादेशी फुटबॉलर का फोर्टिस मोहाली में घुटने की चोट का हुआ सफल इलाज

  • डॉ मनित अरोड़ा ने की रिवीजन एसीएल सर्जरी

डेमोक्रेटिक फ्रन्ट, मोहाली 03 अप्रैल :

बांग्लादेश की नेशनल फुटबॉल टीम के मेंबर 34 वर्षीय मो. शामोल मियां ने हाल ही में मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में रिवीजन एसीएल सर्जरी कराई। अभ्यास के दौरान चोटिल होने के कारण उसकी पहले सर्जरी हुई थी। लेकिन जब उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो उन्होंने फोर्टिस मोहाली में आर्थोपेडिक्स एंड स्पोर्ट्स मेडिसिन के कंसल्टेंट डॉ. मनित अरोड़ा से संपर्क किया और बाद में एक रिवीजन एसीएल सर्जरी की।

मो. शामोल बांग्लादेश नेशनल फुटबॉल टीम का मेंबर  हैं और पिछले 15 से अधिक वर्षों से फुटबॉल का खिलाड़ी हैं। वह एक डिफेंडर है और बांग्लादेश के ढाका के धानमंडी क्षेत्र में स्थित एक मल्टी-स्पोर्ट्स क्लब, शेख जमाल धानमंडी क्लब से भी जुड़े हुए हैं।  

मो. शामोल ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2020 में  खेल अभ्यास के दौरान, उनके बाएं घुटने में चोट लगी थी जिससे उन्हें अत्यधिक दर्द और और घुटने में सूजन आई। इससे मेरी फुटबॉल परफॉर्मेंस पर असर पड़ा और मेरी दिनचर्या की गतिविधियों में भी बाधा आई। उन्होंने आगे बताया कि मैंने कोलकाता के एक अस्पताल का दौरा किया और एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट (एसीएल) सर्जरी के लिए ऑपरेशन किया गया। हालांकि, मेरा घुटना अस्थिर रहा क्योंकि सर्जरी से कोई परिणाम नहीं मिला।

बात को जारी रखते हुए उन्होंने आगे बताया कि “मुझे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर डॉ मनित अरोड़ा की कई सफलता की कहानियां मिलीं कि कैसे उन्होंने उत्कृष्ट सर्जरी परिणामों के साथ घुटने की जटिल सर्जरी की। मैं डॉ मनित अरोड़ा से पहली बार फोर्टिस मोहाली में मिला, जहां बाद में मेडिकल जांच के बाद 30 मार्च को मेरी रिवीजन एसीएल सर्जरी हुई। मुझे इस बात की खुशी है कि मैं डॉ मनित अरोड़ा से मिला और जिन्होंने मेरा सफलतापूर्वक इलाज किया। अब मैं जल्द ही अपना फुटबॉल अभ्यास फिर से शुरू करूंगा।”

इस मामले पर चर्चा करते हुए, डॉ मनित अरोड़ा ने कहा, “रिवीजन एसीएल एक जटिल प्रक्रिया है, जो ज्यादातर तब की जाती है, जब एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट (एसीएल) विफल हो जाता है। एसीएल एक ऊतक है जो घुटने पर जांघ की हड्डी (फीमर) को शिनबोन (टिबिया) से जोड़ता है। चोट आमतौर पर एसीएल के अधिक खिंचाव या फटने के कारण होती है। एक संशोधन एसीएल सर्जरी मुख्य रूप से विफल एसीएल के मामलों में की जाने वाली एक जटिल प्रक्रिया है। कई नई तकनीकें हैं जिनके लिए एक अनुभवी सर्जन की आवश्यकता होती है। उपचार में खिलाड़ी को ताकत और स्थिरता हासिल करने में मदद करने के लिए आराम और पुनर्वास अभ्यास शामिल हैं। यह संबंधित खेल में खिलाड़ी की वापसी में तेजी लाने में मदद करता है।

इस बीच, डॉ मनित अरोड़ा ने बांग्लादेशी स्टेट लेवल फुटबॉल खिलाड़ी मो. शिपन का भी इलाज किया और 30 मार्च, 2023 को उनके बाएं घुटने पर लाइट थेरेपी के साथ प्राइमरी एसीएल सर्जरी की। यह मांसपेशियों, हड्डी को मजबूत करने और सूजन को कम करने में मदद करता है। लाइट थेरेपी भी एसीएल को मजबूत बनाती है और फिर से सर्जरी की संभावना कम कर देती है।

वीरेश शांडिल्य ने विश्व स्तर पर किया एंटी टेरोरिस्ट काउंसिल का गठन

शांडिल्य ने बताया कि एंटी टेरोरिस्ट काउंसिल के माध्यम से विश्व स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ छेड़ेंगे मुहिम, जल्द दिल्ली में विभिन्न देशों के राजदूतों के साथ होगी बैठक

डेमोक्रेटिक फ्रन्ट, अंबाला :

एंटी टेरोरिस्ट काउंसिल का गठन हो गया है और यह संगठन विश्व स्तर पर काम करेगा क्योंकि आतंकवाद हिंदुस्तान की नही बल्कि विश्व की समस्या बन चुका है। उपरोक्त शब्द एंटी टेरोरिस्ट काउंसिल के चेयरमैन वीरेश शांडिल्य ने अपने सेक्टर 1 निवास में पत्रकारो से बातचीत करते हुए कहे। शांडिल्य ने कहा कि वैसे तो वो एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया के माध्यम से 22 साल से  पाक आतंकवाद, खालिस्तानी मुहिम, जरनैल सिंह भिंडरावाला सहित ब  बब्बर खालसा के खिलाफ भारत में मुहिम छेड़े हुए हैं लेकिन अब एंटी टेरोरिस्ट काउंसिल विश्व स्तर पर आतंकवाद के खात्मे के लिए काम करेगी ।

वीरेश शांडिल्य ने बताया कि एंटी टेरोरिस्ट काउंसिल को पहले भारत में ग्राम स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर मजबूत करते हुए आतंकवाद के खिलाफ , खालिस्तान के खिलाफ मुहिम छेड़ी जाएगी ओर भारत से निकले देशों से जोड़ा जाएगा जिनमे ईरान,कंबोडिया,वियतनाम, मलेशिया, इंडोनेशिया, फिलिपींस, अफ़गनिस्तान, नेपाल,भूटान, श्रीलंका, थाईलैंड,म्याँनमार,पाकिस्तान,बांग्लादेश, तिब्बत में एंटी टेरोरिस्ट कॉउंसिल की इकाइयों का गठन करेंगे।

एंटी टेरोरिस्ट कॉउंसिल के चेयरमैन वीरेश शांडिल्य ने बताया कि इस संगठन में उन्हीं लोगों को जोड़ा जाएगा जो राष्ट्र के लिए भगत सिंह, राजगुरु, उधम सिंह, अशफाक उल्ला खान, खुदी राम बोस हो या मदन लाल ढींगरा आजाद हिंद फौज बनाने वाले सुभाष चंद्र बोस व चंद्रसेखर आजाद व लाला लाजपत राय की तरह राष्ट्र के लिए फांसी पर चढ़ने व सर्वोच कुर्बानी को तैयार रहें। उन्होंने कहा कि जल्द ही एंटी टेरोरिस्ट कॉउंसिल की विश्व स्तर पर सदस्यता शुरू होगी और इस काउंसिल के माध्यम से पूरे राष्ट्र को खालिस्तानी मुहिम के खिलाफ खड़ा किया जाएगा।

एंटी टेरोरिस्ट काउंसिल में रिटायर्ड आईपीएस,आईएएस सहित सेना के जरनलो को भी जोड़ा जाएगा ।

एंटी टेरोरिस्ट काउंसिल का उद्देश्य भारत व विश्व मे उन ताकतों के खिलाफ लड़ना होगा जो आतंकवाद को सरक्षण देते हैं ।और जिन देशों में आतकवादी पनाह लिए हुए हैं उन देशों को बेनकाब करेंगे। एंटी टेरोरिस्ट कॉउंसिल का सरकार द्वारा पंजीकरण हो चुका है और इसके पहचान पत्र, गाड़ी स्टीकर फ्लैग, स्टीकर सरकार से अनुमति लेकर कॉउंसिल के पदाधिकारियों को दिए जाएंगे और बाकयदा कॉउंसिल के प्रोग्रामो व प्रदर्शनों में ड्रेस कोड भी निर्धारित करेंगे और जल्द ही दिल्ली में कई देशों के राजदूतों से भी चेयरमैन वीरेश शांडिल्य की बैठक होगी जिसमें एंटी टेरोरिस्ट काउंसिल की मुहिम बारे अवगत करवाया जाएगा ।

भूकंप के तेज झटके, काफी देर तक दिखा असर

डेमोक्रेटिक फ्रन्ट चंडीगढ़ – 21 मार्च :

उत्तर भारत में अचानक भूकंप आया। इसका epic center अफगानिस्तान में है इसकी असर 7.7 बताया जा रहा है।

जारी है

पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान के घर पहुंची पुलिस, तोशखाना मामले में हो सकते है गिरफ्तार

इमरान खान ने अपने ट्वीट में कहा कि “अब यह साफ हो गया है कि मेरे सभी मामलों में जमानत मिलने के बावजूद, पीडीएम सरकार मुझे गिरफ्तार करना चाहती है। उनके दुर्भावनापूर्ण इरादों को जानने के बावजूद, मैं इस्लामाबाद और अदालत जा रहा हूं क्योंकि मैं कानून के शासन में भरोसा करता हूं। लेकिन बदमाशों के इस गिरोह की मंशा सबके सामने साफ होनी चाहिए। खान ने कहा कि अब यह भी साफ हो गया है कि लाहौर की पूरी घेराबन्दी यह सुनिश्चित करने के लिए नहीं थी कि मैं एक मामले में अदालत के सामने पेश होऊं, बल्कि इसका उद्देश्य मुझे जेल ले जाना था ताकि मैं हमारे चुनाव अभियान का नेतृत्व न कर सकूं।”

पाकिस्तान की सड़कों पर बवाल! अब तक गिरफ्तार नहीं हुए इमरान, वीडियो संदेश  में पूर्व पीएम ने लिया 'लंदन प्लान' का नाम
  • खान पर अब तक कुल 80 केस दर्ज हो चुके हैं। खान पर तोशाखाना में जमा गिफ्ट्स को सस्ते में खरीदने और ज्यादा दामों में बेचने का आरोप है। इसे लेकर पाकिस्‍तान के चुनाव आयोग ने उन्हें 5 साल के लिए अयोग्‍य घोषित किया है। उनकी संसद सदस्यता भी रद्द कर दी गई है।
  • इस फैसले के खिलाफ इमरान समर्थकों ने चुनाव आयोग (EC) के ऑफिस के बाहर हिंसक प्रदर्शन किया था, जिसमें कुछ लोग घायल भी हुए थे। इस घटना के बाद खान के खिलाफ एंटी टेररिज्म एक्ट के तहत वारंट जारी हुआ था।
  • पिछले साल 20 अगस्त को इस्लामाबाद में एक रैली के दौरान इमरान ने महिला जज और पुलिस अधिकारियों को खुलेआम धमकी दी थी। इसी बीच इमरान की पार्टी PTI की लीगल टीम ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट में खान की गिरफ्तारी से पहले जमानत याचिका दायर कर दी थी। ये खारिज हो गई।

अजय सिंगला, डेमोक्रेटिक फ्रन्ट, चंडीगढ़ – 18 मार्च :

पाक मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामाबाद पुलिस पूर्व पीएम इमरान खान को लाहौर के जमान पार्क स्थित आवास पर तोशखाना मामले में गिरफ्तार करने के लिए पहुंची है। जियो न्यूज के अनुसार, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जफर इकबाल ने पहले 28 फरवरी को पीटीआई प्रमुख इमरान खान के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। जियो न्यूज ने सूत्रों के हवाले से कहा कि इस्लामाबाद पुलिस पीटीआई प्रमुख को गिरफ्तार करने के लिए लाहौर में है।

इस दौरान पुलिस की PTI कार्यकर्ताओं से भी झड़प हुई। पुलिस ने PTI वर्कर्स पर लाठीचार्ज किया है। इमरान ने ट्वीट कर कहा- पुलिस मेरे पीछे से घर पहुंची है। मेरी बीवी वहां अकेली है। ये कार्रवाई किस कानून के तहत हो रही है। ये सब नवाज शरीफ के प्लान का हिस्सा है।

पंजाब पुलिस ने जमान पार्क में PTI कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज भी किया।
पंजाब पुलिस ने जमान पार्क में PTI कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज भी किया।

इस्लामाबाद जाने के रास्ते में इमरान के काफिले की 3 गाड़ियां कल्लर कहार के पास आपस में टकरा गईं। बताया जा रहा है कि हादसा तेज रफ्तार की वजह से हुआ। यह जगह राजधानी से करीब 135 किमी दूर है। हादसे में कई लोगों के घायल होने की खबर है।

इमरान के काफिले की गाड़ियां कल्लर कहार के पास टकराईं। यह जगह इस्लामाबाद से करीब 135 किमी दूर है।
इमरान के काफिले की गाड़ियां कल्लर कहार के पास टकराईं। यह जगह इस्लामाबाद से करीब 135 किमी दूर है।

हादसे के बाद पूर्व पीएम ने कहा- मुझे रोकने की कोशिश की जा रही है। वे मुझे गिरफ्तार करना चाहते हैं। ये सब लंदन प्लान का हिस्सा है। नवाज शरीफ की डिमांड है कि इमरान को जेल में डाला जाए। वे नहीं चाहते कि मैं किसी भी चुनाव में हिस्सा लूं। मैं कानून पर विश्वास रखता हूं इसलिए कोर्ट में पेश होने जा रहा हूं।

इमरान ने हादसे वाली जगह पर मीडिया से बात की।
इमरान ने हादसे वाली जगह पर मीडिया से बात की

इस्लामाबाद में सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं। पुलिस ने शहर में धारा 144 लगा दी है। पाकिस्तान के दूसरे शहरों से करीब एक हजार पुलिसकर्मियों को सुरक्षा व्यवस्था के लिए इस्लामाबाद बुलाया गया है। जुडीशियल कॉम्प्लेक्स के पास मौजूद किसी गार्ड को भी कोई हथियार रखने की इजाजत नहीं है। वहां से गुजरने वाले सभी लोगों का ID कार्ड भी चेक किया जा रहा है। इसके अलावा पुलिस ने इलाके में कंटेनर्स भी रखे हैं।

इससे पहले शुक्रवार को शाम करीब साढ़े 6 बजे इमरान खान लाहौर हाईकोर्ट पहुंचे थे। यहां कोर्ट ने उन्हें 9 केस में प्रोटेक्टिव बेल दे दी है। इस्लामाबाद में चल रहे 5 केस के लिए कोर्ट ने खान को 24 मार्च तक जमानत दी है। वहीं लाहौर में चल रहे 3 केस के लिए उन्हें 27 मार्च तक जमानत दी गई है। 14-15 मार्च को इमरान की गिरफ्तारी को लेकर जमान पार्क के बाहर PTI कार्यकर्ता और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। इसकी तहकीकात के लिए कोर्ट ने पुलिस को जमान पार्क जाने की इजाजत दी है।

14 मार्च को पुलिस और रेंजर्स की टीम इमरान खान को गिरफ्तार करने उनके लाहौर वाले बंगले पर पहुंची थी। उन्हें तोशाखाना मामले में अरेस्ट किया जाना था। लेकिन इमरान की पार्टी पाकिस्तान-तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर पत्थर और लाठियों से हमला कर दिया था। इससे पुलिस इमरान को गिरफ्तार नहीं कर सकी।

‘जियो न्यूज’ के मुताबिक, पुलिस और रेंजर्स की टीम 22 घंटे बाद खान के लाहौर वाले बंगले (जमान पार्क) से लौट गई थी। एक पुलिस अफसर ने कहा था- लाहौर में 15 से 19 मार्च तक पाकिस्तान सुपर लीग- सीजन आठ (PSL-8) के मैच कज्जाफी स्टेडियम में खेले जाने हैं। शहर में अफरातफरी और हिंसा का माहौल ना बने इसलिए हम गिरफ्तारी टाल रहे हैं।