क्या यह एक नयी जिहाद की तैयारी है?

जिहाद किसी भी प्रकार की हो सकती है। आप उसे खड्ग से लड़ने वाली अथवा लव जिहाद का नाम दे सकते हैं। अब जिहाद का एक नया स्वरूप सामने आ रहा है, वह है बीमारी फैलाने वाला वुहान वाइरसमक्का से आए कुछ लोग जिनहोने अपने quarantine stamps मिटा दिये थे या वह भी इसी का हिस्सा नहीं हैं? ऐसे लोगों पर क्या राष्ट्र द्रोह का मामला नहीं चलना चाहिए? वुहान वायरस से लड़ने के लिए पीएम मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और अधिकांश राज्य सरकारों ने कमर कस ली है। पर कुछ लोग ऐसे भी हैं जो जानबूझकर इस काम में भी बाधा डाल रहे हैं। अभी पुलिस की कार्रवाई में कुछ ऐसे विदेशी प्रचारक पकड़े गए हैं, जो इस्लामिक प्रचार के नाम पर अपने कर्मों से वुहान वायरस फैलाने पर तुले हुए हैं। सूत्रों की मानें तो बंगाल में जहां रोहङियाओं को सरकारी पराश्रय मिलता है वहाँ इन लोगों की तादाद चिंताजनक ढंग से अधिक हो सकती है।

अभी हाल ही में बिहार में एक मस्जिद से एक दर्जन से भी ज़्यादा मुसलमान पकड़े गए हैं, जिन पर वुहान वायरस से संक्रमित होने का खतरा बताया जा रहा था। इसके पश्चात तो ऐसे संदिग्धों को पकड़ने के लिए देशभर में छापेमारी की जाने लगी।

रांची में भी 11 मौलवियों को धरा गया

इसी तरह रांची में भी इस्लामिक प्रचारकों की वजह से लोगों को कोरोना के खौफ का सामना करना पड़ा। दरअसल, कोरोना वायरस से सर्वाधिक प्रभावित देश चीन, कजाकिस्तान और किर्गिस्तान के 11 नागरिकों के रांची के तमाड़ के रडग़ांव स्थित एक मस्जिद में ठहरे होने की सूचना पर इलाके में हड़कंप मच गया। इसकी सूचना पुलिस प्रशासन को दी गई। पुलिस-प्रशासन मेडिकल टीम के साथ वहां पहुंची और सभी मौलवियों की स्वास्थ्य जांच की। सभी को रेस्क्यू करते हुए क्वारंटाइन के लिए मुसाबनी स्थित कांस्टेबल ट्रेनिंग स्कूल भेज दिया गया।

परन्तु प्रशासन को ऐसा क्यों करना पड़ा? ऐसी क्या आवश्यकता आ पड़ी? चलिए हम आपको बताते हैं… ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि इस्लामिक प्रचारक मजहब के नाम पर विशाल भीड़ इकट्ठा कर लोगों में वुहान वायरस से संक्रमण का खतरा बढ़ा रहे हैं, जिसका प्रतिकूल असर दक्षिण पूर्व एशिया के कुछ इस्लाम बहुल देशों में भी देखने को मिला है।

इस कारण से तमिलनाडु में भी कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। शुक्रवार को राज्य सरकार के स्वास्थ्य मंत्री ने जानकारी दी कि राज्य में अब तक कुल 6 मामले आ चुके हैं। जिनमें से तीन विदेशी नागरिकों को पकड़ा गया है। एक थाई नागरिक है जबकि दूसरा इटली का रहने वाला बताया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, थाईलैंड के दोनों ही नागरिक तबलीगी जमात के इस्लामिक धर्मगुरु हैं।

जब इन तीनों विदेशी नागरिकों का मेडिकल टेस्ट हुआ तो कोरोना पॉजिटिव आया। अधिकारियों के अनुसार ये दोनों इस्लामिक धर्मगुरु 6 मार्च को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर उतरे इसके बाद ये दोनों किसी होटल में ठहरे। फिर 10 मार्च को मिलेनियम एक्सप्रेस से इरोड के लिए यात्रा की थी। अब इससे समझा जा सकता है कि इन दोनों ही इस्लामिक धर्मगुरुओं ने कितने लोगों की जान खतरे में डाली होगी।

अब बता दें कि दोनों थाई प्रचारक जिस तब्लीगी जमात से आते हैं, ये संगठन दुनिया के 213 मुल्कों में फैली हुई है। जमात से दुनियाभर के 15 करोड़ लोग जुड़े हुए हैं। जमात कोई सरकारी मदद नहीं लेती है। जमात की कोई बेवसाइट, अखबार या चैनल नहीं है। भारत में जमात का हेड ऑफिस दिल्ली में हज़रत निजामुउद्दीन दरगाह के पास है। जमात की एक खास बात ये है कि ये अपना एक अमीर (अध्यक्ष) चुनते हैं और उसी की बात मानते हैं।

अब बात करते हैं कोरोना वायरस फैलाने में मुस्लिम प्रचारकों के सहभागिता की। इस महामारी को फैलाने में विशेषकर तब्लीगी जमात ने मिडल ईस्ट में कई सभाएं की। इनमें से एक कुआलालंपुर में पेटलिंग मस्जिद में चार दिवसीय मुस्लिम जनसभा का आयोजन किया गया, जिसमें 1500 विदेशियों सहित 16 हजार स्थानीय लोग शामिल हुए थे। इस खबर के लिखे जाने तक मलेशिया में 1500 से ज़्यादा वुहान वायरस के केस कंफर्म हो चुके हैं।

बताया जाता है कि लगभग दो तिहाई मामलों को इस जनसभा के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था, जो 27 फरवरी से 1 मार्च के बीच आयोजित की गई थी। यही वजह था कि दक्षिण पूर्व एशिया में कोरोना का प्रकोप एकाएक बढ़ा।

परन्तु यह खतरा केवल तमिलनाडु या तेलंगाना तक ही सीमित नहीं है। इस खतरे की चपेट में दिल्ली जैसे राज्य भी हैं। धर्म के नाम पर जिस तरह इन लोगों ने शाहीन बाग में उपद्रव मचा रखा था, वह प्रदर्शन स्थल के उखाड़ कर फेंके जाने के बाद भी नहीं बदला है। ऐसे में धर्म के नाम पर जिस तरह से वुहान वायरस के कैरियर बनने में इस्लामिक प्रचारकों ने सहभागिता निभाई है, वह भारत सहित कई देशों के लिए काफी घातक सिद्ध हो सकता है।

वारिस पठान के 15 करोड़ मुस्लिम वाले बयान पर राजनीति गर्माई

वारिस पठान ने जो आग सुलगाई है उसकी आंच पूरे भारतीय समाज को लील सकती है। तेलंगाना के गोशामहल से बीजेपी विधायक टाइगर राजा सिंह ने कहा कि अगर कोई पाकिस्तान जिंदाबाद बोलेगा उनके खिलाफ एफआईआर नहीं बल्कि पाकिस्तान छोड़कर आना चाहिए। वारिस पठान कहता है कि 15 करोड़ मुस्लिम 100 करोड़ पर भारी पड़ेंगे। ये किस भाषा का उपयोग कर रहे हो। क्या तुम लोग हम पर भारी पड़ोगे? क्या एक बार ट्रायल देख लेंगे है इतना दम आप में। उन्होंने कहा है कि वो वारिस है या लावारिस है। कहता है कि इनकी शेरनियां सड़कों पर बैठी है तो हमें पसीने आ गए। इनकी शेरनियां 500 रुपये देकर रोड पर बैठती है। इनकी शेरनियां अगर रोड पर आ गई तो शेर क्या जंगल में झक मारने गए है और क्या इनके शेर नपुंसक हैं। अगर हमारे हिंदुस्तानी शेर घर से निकल गए तो किन-किन शेरनियों का शिकार करेंगे। खुला चैलेंज देता हूं कि आ जा। 

चंडीगढ़:

ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान के 100 करोड़ पर भारी पड़ेंगे 15 करोड़ वाले बयान पर राजनीति गरमा गई है। वारिस पठान ने अपने बयान पर माफी मांगने से इनकार कर दिया है और कहा है कि मेरे बयान को गलत और तोड़मोड़ कर पेश किया गया है। वहीं इस बयान पर तेलंगाना से बीजेपी विधायक ने खुला चैलेंज दिया है कि एक बार ट्रायल करके देख लो। बीजेपी सांसद ने तो पठान को उत्तर प्रदेश आने का न्योता भी दे दिया है। आरजेडी नेता तेजस्वी ने उनकी गिरफ्तारी की मांग की है। 

इनकी शेरनियां 500 रुपये देकर रोड पर बैठती है: बीजेपी विधायक राजा सिंह

तेलंगाना के गोशामहल से बीजेपी विधायक टाइगर राजा सिंह ने कहा कि अगर कोई पाकिस्तान जिंदाबाद बोलेगा उनके खिलाफ एफआईआर नहीं बल्कि पाकिस्तान छोड़कर आना चाहिए। वारिस पठान कहता है कि 15 करोड़ मुस्लिम 100 करोड़ पर भारी पड़ेंगे। ये किस भाषा का उपयोग कर रहे हो। क्या तुम लोग हम पर भारी पड़ोगे? क्या एक बार ट्रायल देख लेंगे है इतना दम आप में। उन्होंने कहा है कि वो वारिस है या लावारिस है। कहता है कि इनकी शेरनियां सड़कों पर बैठी है तो हमें पसीने आ गए। इनकी शेरनियां 500 रुपये देकर रोड पर बैठती है। इनकी शेरनियां अगर रोड पर आ गई तो शेर क्या जंगल में झक मारने गए है और क्या इनके शेर नपुंसक हैं। अगर हमारे हिंदुस्तानी शेर घर से निकल गए तो किन-किन शेरनियों का शिकार करेंगे। खुला चैलेंज देता हूं कि आ जा। 

ऐसे नेताओं को गिरफ्तार किया जाना चाहिए: तेजस्वी
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा ‘ये बयान शर्मनाक है और उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए। एआईएमआईएम भाजपा की बी-टीम के रूप में काम कर रही है। उसी तरह अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा जैसे नेताओं को भी गिरफ्तार किया जाना चाहिए। जो कोई भी उत्तेजक बयान दे उसके खिलाफ कार्रवाई होनी ही चाहिए।

भाजपा और AIMIM एक दूसरे के पूरक हैं: दिग्विजय सिंह

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि इसी प्रकार के बयान असाउद्दीन ओवेसी सांसद के भाई अकबरउद्दीन ओवेसी विधायक ने दिए थे। वारिस पठान के खिलाफ सख़्त कार्रवाई होना चाहिए। कांग्रेस सदैव कट्टरपंथी विचारधारा के खिलाफ लड़ी है। भाजपा और AIMIM एक दूसरे के पूरक हैं। दोनों धार्मिक भावना फैला कर नफ़रत पैदा करते हैं।

कौन सी आजादी चाहिए, किससे आजादी चाहिए: संबित पात्रा

बीजेपी के नेता संबित पात्रा ने कहा है कि ओवैसी की पार्टी के कद्दावर नेता वारिस पठान कहते हैं कि हम छीन कर लेंगे आजादी। मैं इन तथाकथित लिबरल से पूछना चाहता हूं कि कौन सी आजादी चाहिए, किससे आजादी चाहिए? ओवैसी की पार्टी ने कहा है कि 15 करोड़, 100 करोड़ पर भारी पड़ेंगे। अगर भाजपा के नेता ने ऐसा कोई बयान दे दिया होता तो आज सारे तथाकथित लिबरल सड़क पर उतर जाते, पूरे देश में कोहराम मचा देते। लेकिन आज एक भी सामने नहीं आ रहा है, एक भी सवाल नहीं पूछ रहा है। ये सारे लोग हमारे मुस्लिम भाइयों को बरगला रहे हैं, भ्रमित कर रहे हैं। इन सभी लोगों के हाथ में संविधान और दिल में वारिस पठान है, ये साबित कर दिया है। आज ये स्पष्ट हो गया है कि इनके हाथ में संविधान और मन में वारिस पठान है।

आओ कभी उत्तर प्रदेश में: बीजेपी संसाद

उत्तर प्रदेश के कानपुर से बीजेपी सांसद सत्यदेव पचौरी ने वारिस पठान के बयान का विडियो पोस्ट करते हुए लिखा है, ‘आओ कभी उत्तर प्रदेश में।’ 

क्या ये हिंदुस्तान को पाकिस्तान बनाना चाहते हैं?
केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता गिरिराज सिंह ने वारिस पठान के बयान पर ट्वीट कर कहा, ‘ओवैसी का भाई-15 मिनट के लिए पुलिस हटा लो, 100 करोड़ हिंदुओं को बता देंगे। वारिस पठान -15 करोड़, 100 करोड़ पर भारी पड़ेंगे। ओवैसी के मंच से ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’। ‘कांग्रेस, राजद और टुकड़े-टुकड़े गैंग से पूछना चाहते हैं क्या ये हिंदुस्तान को पाकिस्तान बनाना चाहते हैं?

ऐसे बयान देश को तोड़ने का काम करते हैं: संजय सिंह

आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने कहा है कि वारिस पठान का बयान काफी निदंनीय और शर्मनाक है। ऐसे लोग समाज और देश को तोड़ने का काम करते है। ऐसे बयान से देश जुड़ता नहीं और एकता भाईचारा नहीं बनता है। सभ्य समाज में इसे स्वीकारा नहीं जा सकता। देश में दंगल कराएंगे, झगड़ा करना चाहते हैं। 

क्या कहा था वरिस पठान ने

वारिस पठान ने बिना किसी धर्म का नाम लिये कहा था कि देश में मुसलमानों की संख्या भले ही 15 करोड़ से कम हो लेकिन जरूरत पड़ने पर वे 100 करोड़ लोगों पर भारी पड़ेंगे। उन्होंने कहा था कि अभी तो केवल मुस्लिम महिलाएं बाहर निकली हैं तो पूरा देश परेशान हो गया। जब पूरा समुदाय एकजुट होकर बाहर निकलेगा, तब बहुत बड़ा असर पड़ेगा। मुंबई के भायखला से पूर्व विधायक ने विवादित बयान देते हुए कहा था कि ईंट का जवाब पत्थर से देना हमने सीख लिया है। मगर इकट्ठा होकर चलना होगा। अगर आजादी दी नहीं जाती तो हमें छीनना पड़ेगा। वे कहते हैं कि हमने औरतों को आगे रखा है, अभी तो केवल शेरनियां बाहर निकली हैं तो तुम्हारे पसीने छूट गए। तुम समझ सकते हो कि अगर हम सब एक साथ आ गए तो क्या होगा। पन्द्रह करोड़ हैं लेकिन 100 के ऊपर भारी हैं। ये याद रख लेना। उन्होंने जब यह बयान दिया तो वहां हैदराबाद से सांसद एवं एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी भी मौजूद थे।

पहले 15 करोड़ अब ‘पाकिस्तान ज़िंदाबाद’ AIMIM हर कदम बे-नकाब होती हुई

राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा कहाँ हैं? वास्तविक रूप में इनके हाथ में संविधान है, दिल में वारिस पठान है, आज ये स्पष्ट हो गया है, क्योंकि इनमें से एक भी व्यक्ति निकलकर कोई वारिस पठान पर सफाई नहीं मांग रहा है. संबित पात्रा ने कहा, “जब मंच के पीछे पाकिस्तान को ऑक्सीजन देने की बात होती है, और मंच के आगे संविधान और तिरंगा पकड़ने का नाटक किया जाता है, तो कभी-कभी हकीकत मुंह से निकल जाती है.”

चंडीगढ़ :

 नागरिकता संशोधन के खिलाफ लड़ाई ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ तक पहुंच गई है. जो लड़ाई जिन्ना वाली आजादी से शुरू हुई थी वो चिकन नेक काटने से होते हुए छीन कर लेंगे आजादी के बाद अब पाकिस्तान जिंदाबाद तक पहुंच गई है. मंच भी वही था जहां से 15 करोड़ वाली धमकी दी गई थी, जहां से हिंदुओं को हिलाने की धमकी दी गई थी. जहां से 15 करोड़ को 100 करोड़ वाला दंगा प्लान बताया गया था उसी मंच के पाकिस्तान जिंदाबाद का वायरस मुल्क में फैलाने की कोशिश की गई. सवाल ये है कि ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ वाला वायरस हिदुस्तान में कब तक बर्दाश्त करेगा. 

हालांकि, ओवैसी ने तुरंत मंच पर ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ कहने वाली लड़की को रोका लेकिन सवाल अभी भी वहीं बना हुआ है. देशद्रोह के लिए जिस मंच से उकसाया और भड़काया जाएगा, उस मंच से ऐसी ही चीजें निकलकर आना स्वाभाविक है. बीजेपी ने आरोप लगाया है कि मंच के पीछे पाकिस्तान को ऑक्सीजन दी जाती है, इसलिए तिरंगे और देशभक्ति वाली एक्टिंग ज्यादा समय तक नहीं चल पाई और सच्चाई सामने आ गई. 

बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “कहां हैं राहुल गांधी? कहां हैं प्रियंका जी? वास्तविक रूप में इनके हाथ में संविधान है, दिल में वारिस पठान है, आज ये स्पष्ट हो गया है, क्योंकि इनमें से एक भी व्यक्ति निकलकर कोई वारिस पठान पर सफाई नहीं मांग रहा है. पात्रा ने कहा, “जब मंच के पीछे पाकिस्तान को ऑक्सीजन देने की बात होती है, और मंच के आगे संविधान और तिरंगा पकड़ने का नाटक किया जाता है, तो कभी-कभी हकीकत मुंह से निकल जाती है.” 

उधर, कांग्रेस नेता हुसैन दलवई का कहना है कि जिन्ना इस तरह से ही बातें करते थे और उनको इस बात को ध्यान में रखना चाहिए कि इस देश में जिन्ना अभी पैदा नहीं होगा. ना जिन्ना को हिंदू मानेगा ना मुसलमान मानेगा. केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “जो लोग देशद्रोही नारे लगा रहे हैं, क्योंकि उनको कुछ राजनीतिक पार्टियों का समर्थन मिल रहा है.” शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत का कहना है कि आपके मंच पर ऐसी व्यक्ति आती है और नारे देती है उसका मतलब आपने इस देश में ज़हर घोल दिया है.

विजय माल्या ने बैंकों से कहा कि वह अपने पूरे पैसे वापिस ले लें

कांग्रेस के शासनकाल में राज्यसभा के सदस्य के रूप में चुने गए निरदलिय सांसद , शराब कारोबारी और आज के भगौड़े 64 वर्षीय विजय माल्‍या पर भारत में धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप है, जिसकी जांच ईडी और सीबीआई कर रही है. विजय माल्‍या आज अपने मामले में भारतीय बैंकों सीबीआई और ED को कसूरवार ठहरा रहे थे. आज वह बैंकों का मूल लौटाने को भी तैयार हैं लेकिन वह अपनी गलती दोनों जांच एजेंसियों पर थोपना चाहते हैं.

नयी दिल्ली(ब्यूरो):

 भगोड़े शाराब कारोबारी विजय माल्या ने गुरुवार को ब्रिटिश हाईकोर्ट में पेशी के दौरान हाथ जोड़कर कहा कि भारतीय बैंक तुरंत अपने पूरे पैसे वापस ले लें. रॉयल कोर्ट ऑफ जस्टिस के बाहर माल्‍या ने बयान देते हुए कहा कि मूलधन का 100 प्रतिशत भारतीय बैंक को वापस देने के लिए तैयार हूं. उन्‍होंने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उनके साथ अच्‍छा व्‍यवहार नहीं किया. 

दरअसल, किंगफिशर एयरलाइंस के पूर्व मालिक 64 वर्षीय विजय माल्‍या पर भारत में धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं, जिसकी जांच ईडी और सीबीआई कर रही है. कथित रूप से माल्‍या पर 9,000 करोड़ रुपये का बैंक लोन है.

माल्‍या ने कहा कि PMLA (मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक कानून) के तहत उन्‍होंने कोई अपराध नहीं किया है, लेकिन बैंकों की इस शिकायत पर कि “मैं भुगतान नहीं कर रहा हूं”, ईडी ने मेरी संपत्ति कुर्क कर ली.

माल्‍या ने ईडी पर इल्‍जाम लगाते हुए कहा कि ईडी पैसा लेने से मना कर रहा है जबकि वो पूरा पैसा देने के लिए तैयार है. माल्‍या ने कहा कि हमारे पास इन संपत्तियों पर दावा है. इसलिए एक तरफ ईडी और दूसरी तरफ बैंक एक ही संपत्ति पर लड़ रहे हैं. माल्या ने कहा कि, पिछले चार साल से वे मेरे साथ जो कर रहे हैं, वह पूरी तरह अनुचित है.

वहीं प्रॉसिक्यूशन ने कहा कि माल्या के खिलाफ 32 हजार पेज के सबूत पेश किए गए हैं. आपको बता दें कि विजय माल्या प्रत्यर्पण वारंट को लेकर जमानत पर है. उसके लिए यह जरूरी नहीं है कि वह सुनवाई में हिस्सा ले, लेकिन वह अदालत आ रहा है. भारत वापस जाने के बारे में पूछे जाने पर माल्‍या ने कहा कि मुझे वह जगह चाहिए जहां मेरा परिवार है.

CAA के खिलाफ नाटक करने पर बीदर में स्कूल प्रमुख के प्रबंधन पर मामला दर्ज़

कर्नाटक (Karnataka) के शहर बीदर (Bidar) में रविवार को नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और एनआरसी (NRC) के खिलाफ एक स्कूल में स्टूडेंट्स ने नाटक का आयोजन किया. इसके बाद राज्य पुलिस ने स्कूल प्रशासन के खिलाफ राजद्रोह (Sedition) का केस दर्ज किया गया है.

बेंगलुरु. कर्नाटक (Karnataka) के शहर बीदर (Bidar) में रविवार को नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और एनआरसी (NRC) के खिलाफ एक स्कूल में स्टूडेंट्स ने नाटक का आयोजन किया. इसके बाद राज्य पुलिस ने स्कूल प्रशासन के खिलाफ राजद्रोह (Sedition) का केस दर्ज किया गया है. शाहीन एजुकेशन इंस्टीट्यूट के खिलाफ आईपीसी की धारा 124(ए) (राजद्रोह), 504 (शांति व्यवस्था के खिलाफ भड़काना), 505 (2) (शत्रुता को बढ़ावा देने वाले बयान), 153ए (सांप्रदायिक नफरत को बढ़ावा देना) और 34 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है. एफआईआर में आरोपियों के तौर पर स्कूल के प्रमुख और मैनेजमेंट का नाम शामिल है.

इसके अलावा मोहम्मद युसुफ रहीम पर इस नाटक का वीडियो सोशल मीडिया (Social Media) पर शेयर करने के लिए केस दर्ज किया गया है. स्कूल में हुए इस नाटक के बारे में एक सोशल वर्कर नीलेश रक्षयाल ने पुलिस में शिकायत की. उन्होंने अपनी शिकायत में कहा, इस नाटक को जिस तरह किया गया और बाद में इसे जैसे सोशल मीडिया पर शेयर किया गया, उस कारण समाज की शांति व्यवस्था भंग हो सकती है.

ये दिखाया गया नाटक में 
शिकायत में कहा गया कि संस्थान के छोटे बच्चों को नाटक मंचित करने के लिए इस्तेमाल किया गया था, इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इमेज को गलत तरीके से पेश किया गया. इस नाटक ने यह भी संदेश दिया कि यदि सीएए और एनआरसी को लागू किया गया तो एक समुदाय के लोगों को देश छोड़ना होगा.

शिकायतकर्ता ने स्कूल प्रशासन और रहीम के खिलाफ सख्त कार्रवाई की की मांग की है. ये स्कूल उत्तरी कर्नाटक के बीदर में गुरुनानक कॉलोनी में मोजूद है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ये खबर सामने आने के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने स्कूल के खिलाफ प्रदर्शन किया और राज्य के गृहमंत्री को इसके विरोध में ज्ञापन सौंपा है.

युवा भारत एक खानदान की पांचवी पीढ़ी को नहीं चाहता: रामचन्द्र गुहा

इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने इसके साथ ही कहा कि राहुल गांधी के पास भारतीय राजनीति में ‘कठोर परिश्रमी और खुद मुकाम बनाने वाले’ नरेंद्र मोदी के सामने कोई मौका नहीं है.

नयी दिल्ली(ब्यूरो). 

इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने शुक्रवार को कहा कि केरल के लोगों ने ‘खानदान की पांचवी पीढ़ी’ के राहुल गांधी को संसद के लिए चुनकर विनाशकारी काम किया है. गुहा ने इसके साथ ही कहा कि कांग्रेस नेता के पास भारतीय राजनीति में ‘कठोर परिश्रमी और खुद मुकाम बनाने वाले’ नरेंद्र मोदी के सामने कोई मौका नहीं है. गुहा ने कहा कि कांग्रेस का स्वतंत्रता संग्राम के समय ‘महान पार्टी’ से आज ‘दयनीय पारिवारिक कंपनी’ बनने के पीछे एक वजह भारत में हिंदुत्व और अंधराष्ट्रीयता का बढ़ना है.

केरल साहित्य महोत्सव के दूसरे दिन ‘राष्ट्र भक्ति बनाम अंधराष्ट्रीयता’ विषय पर आयोजित सत्र में गुहा ने कहा, ‘मैं निजी तौर पर राहुल गांधी के खिलाफ नहीं हूं. वह सौम्य और सुसभ्य व्यक्ति हैं, लेकिन युवा भारत एक खानदान की पांचवी पीढ़ी को नहीं चाहता. अगर आप मलयाली 2024 में दोबारा राहुल गांधी को चुनने की गलती करेंगे तो शायद नरेंद्र मोदी को ही बढ़त देंगे.’ सत्र में मौजूद केरलावासियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा केरल ने भारत के लिए कई बेहतरीन काम किए हैं, लेकिन आपने संसद के लिए राहुल गांधी को चुनकर एक विनाशकारी कार्य किया है.

राहुल गांधी को 2019 के लोकसभा चुनाव में गांधी परिवार के गढ़ उत्तर प्रदेश के अमेठी में हार मिली थी जबकि केरल के वायनाड से उन्हें जीत मिली थी. उन्होंने कहा, ‘नरेंद्र मोदी की असली बढ़त यह है कि वह राहुल गांधी नहीं हैं. उन्होंने खुद यह मुकाम हासिल किया है. उन्होंने 15 साल तक राज्य को चलाया है और उनमें प्रशासनिक अनुभव है. वह उल्लेखनीय रूप से कठिन परिश्रम करते हैं और कभी यूरोप जाने के लिए छुट्टी नहीं लेते. मेरा विश्वास कीजिए, मैं यह सब गंभीरता से कह रहा हूं.’ उन्होंने कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी पर भी निशाना साधा और ‘मुगल वंश के आखिरी’ दौर से उनकी स्थिति की तुलना की

Nellai Kannan a veteran Congressman wants Shah and Modi killed by Muslims

Kannan, besides making derogatory remarks against the Prime Minister and the Home Minister while addressing a meeting held against the Citizenship Amendment Act at Muslim-dominated Melapalayam on Sunday (29 December) had incited the people to ‘murder the leaders’: A Dhayasankar

2nd January 2020:

Nellai Kannan, a veteran Congress leader known for his rabble rousing speeches, waded in to yet another controversy as a video of a speech delivered by him at a gathering of Muslims saying, “Why Muslims have not yet killed Prime Minister Narendra Modi and Home Minister Amit Shah,” went viral .

Kannan made these remarks while addressing an anti-Citizenship Amendment Act (CAA) rally organised by radical Islamist outfit Social Democratic Party of India (SDPI) in Tirunelveli. His remark was lustily cheered by the hundreds of Muslims who had gathered for the protest.

Kannan also went on to say “If his (Amit Shah’s) story is finished then the story of the PM would also be over. I was expecting something to happen, but no Muslim is doing it.”

Kannan has been associated with Congress party for several decades. He contested twice as Congress candidate in assembly polls but lost. In 1989, the Congress fielded him as a candidate from Tirunelveli constituency but he lost to veteran DMK leader A L Subramanian. Kannan was fielded again in 1996 as ADMK-Congress candidate in Chepauk seat in Chennai city against DMK chief M Karunanidhi but he suffered a crushing defeat. Kannan briefly supported and campaigned for ADMK in 2006 assembly election as he was denied a seat.

This incendiary remark made at the SDPI rally drew widespread condemnation. Tamil Nadu Bharatiya Janata Party General Secretary K S Narendran filed a complaint against  Nellai Kannan who attempted to incite violence with his indirect call to ‘murder Amit Shah’.

Professor Srinivasan, Official Spokesperson, State Secretary – Tamil Nadu BJP told Times Now, that strong action should be taken against Kannan. “Nellai Kannan who is seen as Congressperson in public perception instigates violence against our Honourable Home minister. People of Tamil Nadu are shocked. TN police should take strong action against Nellai Kannan,” he said in a tweet.

In the petition submitted to Tirunelveli Commissioner of Police Deepak M Damor, BJP’s district president A Dhayasankar said Kannan, besides making derogatory remarks against the Prime Minister and the Home Minister while addressing a meeting held against the Citizenship Amendment Act at Muslim-dominated Melapalayam on Sunday (29 December) had incited the people to ‘murder the leaders’.

दिल्ली के मुस्लिम बहुल इलाकों में हिंसक प्रदर्शनों से जीवन अस्तव्यस्त

  • सीलमपुर और जाफराबाद इलाके में नागरिकता कानून के विरोध में हिंसक प्रदर्शन, जमकर तोड़फोड़
  • प्रदर्शनकारियों ने जाफराबाद में तीन बसों पर किया हमला, पुलिस पर भी पथराव
  • स्थिति बिगड़ते देखकर पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे, आसपास के थानों से बुलाई पुलिस
  • वेलकम, जाफराबाद और मौजपुर-बाबरपुर, गोकुलपुर, शिवविहार और जौहरी एन्क्लेव मेट्रो के एंट्री और एक्जिट गेट भी बंद कर दिया गया:

दिल्ली के जाफराबाद इलाके में नागरिकता कानून के विरोध में प्रदर्शन हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों ने जाफराबाद इलाके में 3 बसों पर पथराव किया और पुलिस की बाइक भी जला दी।

नई दिल्ली(ब्यूरो):

दिल्ली के जामिया के बाद अब सीलमपुर इलाके में नागरिकता कानून के विरोध में हिंसक प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने डीटीसी की तीन बसों में जमकर तोड़फोड़ की। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने पुलिस पर जमकर पथराव किया। इसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। प्रदर्शन के कारण सात मेट्रो स्टेशन के एंट्री और एग्जिट गेट बंद कर दिए गए। हालांकि शाम करीब पौने 5 बजे सीलमपुर मेट्रो स्टेशन को खोल दिया गया। इसके बाद शाम करीब 6 बजे सभी मेट्रो स्टेशनों के गेट खोल दिए गए।

दिल्ली पुलिस ने कहा, हालात काबू में

दिल्ली पुलिस के पीआरओ एमएस रंधावा ने बताया है कि सीलमपुर में हालात नियंत्रण में हैं। हम लगातार निगरानी रख रहे हैं। जिस जगह घटना घटी, उस इलाके की सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली जा रही है। साथ-साथ विडियो रिकॉर्डिंग जारी है। हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उधर, सीलमपुर की घटना पर दिल्ली पुलिस के जॉइंट कमिश्नर आलोक कुमार ने कहा है कि कोई भी गोली नहीं चली है, पुलिस ने केवल आंसू गैस का इस्तेमाल किया है। हिंसा में कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। 2 बसों, 1 रैपिड ऐक्शन फोर्स की बस और कई बाइकों को नुकसान पहुंचा है।

सीलमपुर में क्या हुआ, समझें पूरी घटना

प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। कम से कम दो मोहल्लों से धुएं का गुबार उठता दिखा। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने यातायात पुलिसकर्मियों की दो बाइकों को जला दिया। साथ ही इलाके में एक पुलिस बूथ को भी नुकसान पहुंचाया गया। हिंसा के बाद से भारी संख्या में पुलिसकर्मियों को वहां तैनात किया गया। इस संबंध में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सीलमपुर टी प्वाइंट पर लोग इकट्ठा हुए थे और दोपहर करीब 12 बजे विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ।

दर्शनकारी सीलमपुर से जाफराबाद की ओर बढ़ रहे थे। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक प्रदर्शन दोपहर 12 बजे के करीब शुरू हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए), राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) और सरकार के विरोध में नारे लगाए। सीलमपुर चौक पर सुरक्षाकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की तब उनके बीच संघर्ष हुआ।

प्रदर्शन में शामिल मोहम्मद सादिक ने समाचार एजेंसी भाषा को बताया कि उनका यह विरोध जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई तथा देश में एनआरसी लागू करने के लिए तैयार की जा रही पृष्ठभूमि के खिलाफ है। कासिम नामक एक अन्य व्यक्ति ने कहा, ‘देश में एनआरसी लागू नहीं होना चाहिए। हमारा विरोध इसी बात को लेकर है। पृष्ठभूमि तैयार की जा रही है ताकि एनआरसी को देशभर में लागू किया जाए।’

बंद करने पड़े 7 मेट्रो स्टेशन

इससे पहले सीलमपुर में नागरिकता कानून पर हिंसक प्रदर्शन के कारण वेलकम, जाफराबाद, मौजपुर-बाबरपुर, सीलमपुर और गोकुलपुर, शिवविहार और जौहरी एन्क्लेव मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए। सीलमपुर से प्रदर्शनकारियों का मार्च शुरू हुआ था जो जाफराबाद इलाके में पहुंचकर हिंसक हो गया। शाम करीब 6 बजे सभी मेट्रो स्टेशनों के गेट खोल दिए गए।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने जारी की अडवाइजरी

इससे पहले इलाके में प्रदर्शन के बाद दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने अडवाइजरी जारी की। सीलमपुर से जाफराबाद जानेवाली 66 फीट रोड पर आवागमन को पूरी तरह से बंद कर दिया गया। स्थिति बिगड़ती देखकर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले भी दागे।

जामिया बवाल का विडियो, पुलिस कर रही पत्थरबाजी रोकने की अपील

बता दें कि रविवार को जामिया में भी नागरिकता कानून के विरोध में प्रदर्शन हिंसक हो गया था। इसके बाद पुलिस को भी बल प्रयोग करना पड़ा। दिल्ली पुलिस का आज एक विडियो भी जारी किया गया है जिसमें पुलिस पत्थरबाजी नहीं करने की अपील जामिया प्रदर्शन के दौरान कर रही है। जामिया में नागरिकता कानून के विरोध में हिंसक प्रदर्शन के दिन का एक नया विडियो सामने आया है। विडियो में दिल्ली पुलिस के जॉइंट सीपी प्रदर्शनकारियों से पत्थर नहीं चलाने के लिए लगातार अपील करते दिख रहे हैं।

अमित शाह की दो टूक: भारतीय जनता पार्टी की सरकार सभी शरणार्थियों को भारत की नागरिकता देकर रहेगी

गृहमंत्री शाह ने स्पष्ट कहा, नागरिकता संशोधन एक्ट जरा भी वापस नहीं होगा, कोई संभावना नहीं.दिल्ली में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मैं छात्रों से कहना चाहता हूं कि साइट पर पूरा एक्ट पड़ा हुआ है जिसे वे पढ़ सकते हैं यदि इसमें कोई प्रावधान के अंदर किसी को अन्याय होने वाला दिखाई दे तो हमें बताएं.

नई दिल्ली: 

नागरिकता (संशोधन) कानून के खिलाफ हो रहे हिंसक विरोध के बावजूद गृहमंत्री अमित शाह ने दो टूक कह दिया है कि चाहे कितना भी राजनीतिक विरोध होता रहे, लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार सभी शरणार्थियों को भारत की नागरिकता देकर रहेगी.  

शाह ने कहा, ”शरणार्थियों को नागरिकता मिलेगी. वह भारत के नागरिक बनेंगे और सम्मान के साथ रहेंगे. मैं कहना चाहता हूं कि आपको जो राजनीतिक विरोध करना है वो करो, भारतीय जनता पार्टी की मोदी सरकार इसके लिए दृढ़ संकल्पित है.”

गृहमंत्री ने स्पष्ट किया कि नागरिकता संशोधन बिल में कहीं पर भी किसी की नागरिकाता वापस लेने का प्रावधान है ही नहीं, इसमें नागरिकता देने का प्रावधान है. पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक प्रताड़ना का शिकार होकर यहां पर आए अल्पसंख्यकों को नागरिकता मिलेगी.

मैं इसका विश्वास दिलाता हूं
शाह ने कहा, ”जो इस देश का नागरिक है, उसे डरने की जरूरत नहीं है, इस देश के नागरिक एक भी मुसलमान के साथ अन्याय नहीं होगा, मैं इसका विश्वास दिलाता हूं.” 

इसका विरोध न करें
अमित शाह ने कहा, ”मेरा सभी विरोध करने वालों को चैलेंज है कि आप देश की जनता के सामने कहिए कि आप पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश के जो मुसलमान भारत आना चाहते हैं उसे भारत को स्वीकार कर लेना चाहिए. अगर नहीं कह सकते तो इसका विरोध न करें.”

किसी छात्र पर कार्रवाई नहीं की गई
एक सवाल के जवाब में शाह ने कहा कि देश में 400 से ज्यादा विश्वविद्यालय है, उनमें से 5 में प्रोटेस्ट हो रहा है जिनमे जामिया मिलिया, JNU , लखनऊ  और AMU शामिल है. बाकी सब में अपप्रचार चल पड़ा कि बच्चों के खिलाफ कार्रवाई की गयी, किसी छात्र पर कार्रवाई नहीं की गई. उन्होंने यह भी बताया कि पूर्वोत्तर में धीरे धीरे शांति हो रही है, तीन दिन से वहां कोई हिंसा नहीं हुई है.

कर्नाटक में भाजपा के पास पूर्ण बहुमत हासिल कीं 117 सीटें

उपचुनाव में BJP की जीत पर येदियुरप्पा ने कहा, ‘मुझे खुशी है जनता ने बहुत अच्छा फैसला दिया है. अब बिना किसी परेशानी के हम एक स्थायी और जनहित में काम करने वाली सरकार दे सकेंगे.’ 

नयी दिल्ली(ब्यूरो): 

कर्नाटक उपचुनाव में बीजेपी (BJP ) के मिली शानदार कामयाबी पर मुख्यमंत्री येदियुरप्पा (BS Yediyurappa) ने कहा है कि अब हम एक स्थायी सरकार बिना किसी परेशानी के दे सकेंगे. बता दें सोमवार को आए नतीजों में बीजेपी 15 विधानसभा सीटों में 12 पर जीत हासिल की है. 

उपचुनाव में BJP की जीत पर येदियुरप्पा ने कहा, ‘मुझे खुशी है जनता ने बहुत अच्छा फैसला दिया है. अब बिना किसी परेशानी के हम एक स्थायी और जनहित में काम करने वाली सरकार दे सकेंगे.’ 

उपचुनाव से पहले विधानसभा अध्यक्ष को छोड़कर बीजेपी के पास 104 सदस्य थे और उन्हें एक निर्दलीय विधायक का समर्थन प्राप्त था। इस तरह सत्तारूढ़ पार्टी के पास कुल 105 सदस्यों का समर्थन था। इसमें मतदान के अधिकारों के साथ एंग्लो-इंडियन समुदाय से नामित एक सदस्य भी शामिल है। लेकिन अब बीजेपी की सीटें 117 हो गई हैं. बता दें 223 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 112 सीटें चाहिए. 

बता दें येदियुरप्पा के सत्ता में आने से पहले कांग्रेस-जेडीएस की सरकार कांग्रेस के 14 व जेडीएस के तीन विधायकों के इस्तीफे से गिर गई थी. सभी बागी विधायकों को पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने अयोग्य करार दे दिया. अब 15 सीटों पर उपचुनाव कराए गए हैं. दो सीटों के लिए हाईकोर्ट में मुकदमा चल रहा है