Friday, July 10

पंचचकूला में नदी किनारे जाने पर पूर्ण प्रतिबंध, धारा 163 लागू…

उल्लंघन पर होगी कानूनी कार्रवाई…

हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश और पंचकूला में पिछले 48 घंटे से जारी वर्षा के कारण घग्गर नदी समेत जिले की सभी प्रमुख नदियां और बरसाती नाले उफान पर हैं।

घग्गर नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से उसने रौद्र रूप धारण कर लिया है…

संभावित बाढ़ और हादसों के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।

मानसून के दौरान मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 लागू कर दी है।

यह आदेश 28 अगस्त 2026 तक पूरे पंचकूला जिले में प्रभावी रहेगा।

आदेश का उद्देश्य अचानक आने वाली बाढ़, तेज बहाव और जल भंवरों से लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

जारी आदेशों के अनुसार अब घग्गर, कौशल्या और टांगरी नदियों सहित जिले की सभी प्राकृतिक और मानव निर्मित नदी, नालों, सहायक नदियों और बांधों के किनारे किसी भी व्यक्ति के जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

नदी किनारे रील बनाना, घूमना, सैर करना, नजारा देखने जाना, नदी में उतरना, नहाना, कपड़े धोना या किसी भी प्रकार के सामाजिक, धार्मिक अथवा राजनीतिक आयोजन करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

केवल बाढ़ राहत एवं प्रशासनिक ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारियों को ही इस आदेश से छूट दी गई है।

पुलिस प्रशासन ने जिले के 13 सबसे संवेदनशील और बाढ़ संभावित स्थानों की पहचान की है।

इनमें सेक्टर-21 घग्गर पुल (शनि मंदिर के पास), माजरी चौक घग्गर पुल, बुर्ज कोटिया, दीवानवाला, चंडी, थापली, बालू थापली, बरुण, चामला गांव के पास घग्गर नदी, बरवाला पुल के पास टांगरी नदी, खेतपराली गांव, रायपुर रानी (मोरनी टी-पॉइंट) के पास टांगरी नदी तथा मल्लाह पुल के दोनों ओर कौशल्या नदी का क्षेत्र शामिल है।

इन सभी स्थानों पर संबंधित एसीपी और थाना प्रभारियों को नियमित गश्त और कड़ी निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

पुलिस और जिला प्रशासन लगातार नदी और नालों के आसपास गश्त कर लोगों को वहां जाने से रोक रहे हैं।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी व्यक्ति आदेशों का उल्लंघन करता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि हर वर्ष बरसात के दौरान घग्गर नदी और बरसाती नालों में तेज बहाव के कारण कई लोग लापरवाहीवश हादसों का शिकार हो जाते हैं।

ऐसे में प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान घरों में ही रहें, नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से पूरी तरह दूर रहें तथा प्रशासन द्वारा जारी सभी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।