Wednesday, August 19

करणीदानसिंह राजपूत, डेमोक्रेटिक फ्रन्ट,सूरतगढ़ – 24 अप्रैल : सूरतगढ़ सदर थाना क्षेत्र 4 केएसआर में बाबा भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा चुराने वाले…

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पहले सरकारी नौकरी ‘दूर का सपना था परन्तु हमने एक वर्ष में इसको साकार कियाविभिन्न विभागों में नव-नियुक्त 409 एसडीओज़, क्लर्कों, जूनियर…

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राज्यों के खेल मंत्रियों की राष्ट्रीय कान्फ़्रेंस में मीत हेयर ने खेल मैदानों के लिए गैप फडिंग में सहयोग की माँग कीखिलाड़ियों…

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राष्ट्रपति ने की चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के 25 वें दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता, विद्यार्थियों को प्रदान की डिग्रियांडिग्री प्राप्त…

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नशे की रोकथाम हेतु, चलाया सर्च अभियान कोरल ‘पुरनूर’, डेमोक्रेटिक फ्रन्ट, पचंकूला – 24 अप्रैल : पुलिस प्रवक्ता नें जानकारी देते हुए बताया…

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डेमोक्रेटिक फ्रन्ट, पंचकुला – 24   अप्रैल : चण्डीगढ़ फुटबॉल एसोसिएशन द्वारा ऑल इंडिया 6-ए साइड फुटबॉल टूर्नामेंट के दूसरे संस्करण का आयोजन…

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रक्तदान से रक्त संबंध – निरंकारी  सतगुरु  माता सुदीक्षा जी महाराज   डेमोक्रेटिक फ्रन्ट, पंचकुला – 24   अप्रैल : ’रक्तदान सामाजिक कारक न होकर मानवीयता का एक ऐसा दिव्य गुण है जो योगदान की भावना को दर्शाता है।’ उक्त् उद्गार निरंकारी सतगुरू माता सुदीक्षा जी द्वारा आज ग्राउंड नं0 2 निरंकारी चौक, दिल्ली में आयोजित हुए ‘मानव एकता दिवस’ के अवसर पर विशाल जनसमूह को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किये गये। संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के सचिव आदरणीय जोगिन्दर सुखीजा जी ने जानकारी देते हुए बताया कि मानव एकता दिवस के अवसर पर दिल्ली एवं एन. सी. आर में लगभग 1,200 युनिट रक्त संग्रहित हुए। इसके अतिरिक्त संपूर्ण भारतवर्ष में भी 50,000 से अधिक युनिट रक्त संग्रहित किया गया। सतगुरू माता जी ने मानव परिवार को सम्बोधित करते हुए फरमाया कि रक्तदान निष्काम सेवा का एक ऐसा सुंदर भाव होता है जिसमें केवल सर्वत्र के भले की कामना ही मन में होती है। फिर हृदय में यह भावना उत्पन्न नहीं होती कि केवल हमारे सगे संबंधी या हमारा परिवार ही महत्वपूर्ण है अपितु समस्त संसार ही हमारा परिवार बन जाता है। जैसा कि सर्वविदित ही है कि निरंकारी जगत में ‘मानव एकता दिवस’ का दिन युगप्रवर्तक बाबा गुरबचन सिंह जी की प्रेरणादायी सिखलाईयों को समर्पित है। इसके साथ ही सेवा के पुंज, पूर्ण समर्पित गुरु भक्त चाचा प्रताप सिंह एवं अन्य महान बलिदानी संतों को भी इस दिन स्मरण किया जाता है।  ‘मानव एकता दिवस’ के अवसर पर समूचे देश के विभिन्न स्थानों पर सत्संग कार्यक्रमों के साथ विशाल रूप में रक्तदान शिविरों की श्रृंखलाओं का आरम्भ हो जाता है जो वर्ष भर चलता है। रक्तदान के महत्व को बताते हुए सतगुरू माता जी ने फरमाया कि ‘रक्त नाड़ियों में बहे, न कि नालियों में’ कि रक्त देते हुए हम यह विचार नहीं करते कि हमारा रक्त किसके शरीर में जा रहा है यह तो एक सामाजिक कार्य है जो मानवीय मूल्यों को दर्शाता है जिसका एक जीवन्त उदाहरण निरंकारी राजपिता जी ने स्वयं रक्तदान करके दिया। इसी श्रृंखला के अंतर्गत यह महाअभियान समूचे भारतवर्ष में स्थापित संत निरंकारी मिशन की लगभग सभी ब्रांचों सहित भारत की राजधानी दिल्ली में भी बड़े स्तर पर  सतगुरू माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता जी के पावन सान्निध्य में आयोजित किया गया जिसमें सभी भक्तों ने इस सत्संग समारोह का भरपूर आनंद लिया और सभी रक्तदाताओं ने स्वैच्छापूर्वक सम्मिलित होकर पूरे जोश एवं उत्साह से रक्तदान किया।  रक्त संग्रहित करने वाले अस्पतालों के डॉक्टरों एवं आंगतुको ने मिशन की निःस्वार्थ भाव से की जा रही सभी सेवाओ हेतु भूरी भूरी प्रंशसा की। लोक कल्याण की भावना से युक्त इस महाअभियान में रक्त संग्रहित करने हेतु इंडियन रेड क्राॅस सोसायटी के अतिरिक्त एम्स, एम्स सी.एन.सी., डॉक्टर राम मनोहर लोहिया, गुरू तेग बहादुर, लोक नायक जय प्रकाश नारायरण, हिन्दू राव, जी.बी.पंत, सफदरजंग, दीन दयाल उपाध्याय, सुचेता कृपलाणी (लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज) एवं डॉक्टर हेडगेवार इत्यादि अस्पतालो से योग्य डॉक्टर एवं उनकी प्रशिक्षित टीम ने वहां पहुंचकर सभी रक्तदाताओं की जाँच की और उसके उपरांत ही रक्त संग्रहित किया।

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