दंगा आरोपी ताहिर हुसैन को कहीं दिल्ली पुलिस ही तो नहीं बचा रही ?

नई दिल्ली: 

दिल्ली की हिंसा में बेमौत मारे गए खुफिया एजेंसी के सुरक्षा सहायक अंकित शर्मा के कत्ल के आरोप में जिस ताहिर हुसैन की तलाश में दिल्ली पुलिस अपराध शाखा खाक छान रही है, उसे कत्ल होने से भी दिल्ली पुलिस ने ही बचाया था. यह बात मंगलवार को खुद दिल्ली पुलिस अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त डॉ. अजित कुमार सिंगला ने मीडिया से कही. पुलिस ने फरार ताहिर हुसैन की अब तक जो कुंडली बनाई है, वो भी कम चौंकाने वाली नहीं है. विशेष पड़ताल में ताहिर की निजी और व्यावसायिक जिंदगी से जुड़ी तमाम सनसनीखेज जानकारियां निकलकर सामने आ रही हैं.

पता चला है कि ताहिर हुसैन मूलत: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के गांव पौरारा का रहने वाला है. पौरारा गांव थाना आदमपुर की पुलिस चौकी रैरा के इलाके में स्थित है. मंगलवार रात को आईएएनएस ने आदमपुर थाने के प्रभारी से बात की. आईएएनएस जानना चाहती थी कि आखिर ताहिर की तलाश की दिल्ली पुलिस अपराध शाखा के अफसर जो बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, आखिर उनमें सत्यता कितनी है? आदमपुर थाना प्रभारी ने फोन पर बताया, “दिल्ली पुलिस ने अभी तक हमसे ताहिर के बारे में कोई संपर्क नहीं साधा है. मेरे संज्ञान में दिल्ली पुलिस की टीम अभी तक हमारे इलाके में पहुंची भी नहीं है, क्योंकि अगर दिल्ली पुलिस की टीम ताहिर के पैतृक गांव पौरारा जाती, तो कानूनी रुप से वो स्थानीय थाने (आदमपुर) में आमद (लिखित इंट्री) और फिर गांव की रवानगी जरूर कराती.”

थाना आदमपुर प्रभारी से बातचीत के बाद यह साबित हो गया है कि ताहिर हुसैन की तलाश में दिल्ली पुलिस अपराध शाखा की एसआईटी ने अभी तक उसके गांव को नहीं छुआ है. इसके पीछे वजह तमाम हो सकती है. संभव है कि ताहिर हुसैन प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से दिल्ली पुलिस के लगातार संपर्क में हो. घर के आसपास के विपरीत हालात के चलते उसने खुद की जिंदगी महफूज रखने के लिए अपने गायब होने की अफवाह फैला दी हो, ताकि कहीं एक संप्रदाय विशेष उसके खिलाफ कोई खतरनाक कदम न उठा बैठे.

हालांकि दिल्ली पुलिस अपराध शाखा के अधिकारी मंगलवार को भी ताहिर हुसैन तक न पहुंच पाने के ही दावे हवा में फेंकते नजर आए. आईएएनएस की पड़ताल के मुताबिक, “ताहिर हुसैन का बचपन बेहद गरीबी में गुजरा. बदकिस्मती से बाकी बची-खुची दुश्वारियां सौतेली मां के अत्याचारों ने पूरी कर दी. लिहाजा, ताहिर के पास पैतृक गांव से भागने के सिवाय कुछ नहीं बचा था. कक्षा 8 तक पढ़ा ताहिर करीब 20 साल पहले गांव छोड़कर दिल्ली भाग आया. दिल्ली में सिर छिपाने के लिए उसने वो सब कुछ जलालत झेली जो किसी भी इंसान को शर्मसार करने के लिए काफी है.”

दिल्ली में पांव रखने की जगह मिली तो उसने मौके देखकर फर्नीचर बनाने का हुनर सीख लिया. पांव रखने की जगह बनी तो छत भी बना ली. वक्त और मेहनत रंग लाई तो उसकी अपनी फर्नीचर फैक्टरी भी दिल्ली में लग गई. चूंकि खुद का बचपन बेहद दुश्वारियों में गुजरा था, इसलिए उसे गांव के कम पढ़े-लिखों का दर्द पता था. लिहाजा, उसने कसम खाई कि वो अपनी फर्नीचर फैक्टरी में सिर्फ-और-सिर्फ अपने गांव या फिर अन्य गांवों के गरीब और अशिक्षित या फिर कम शिक्षित युवाओं को ही रोजी-रोटी देगा.

जो चांद बाग 24-25 फरवरी को हिंसा की आग में तबाह हुआ, उसी का इलाके में ताहिर का चार मंजिला मकान है. रुपया जेब में आया तो रुतबे की ललक भी जेहन में आनी लाजिमी थी. सो साल 2017 में वह दिल्ली में हुए निगम पार्षद का चुनाव लड़ा आम आदमी पार्टी से. किस्मत चूंकि संग थी सो चुनाव जीत गया.

चुनाव से पूर्व आवेदन करते समय 20 साल पहले गांव से दिल्ली नंगे पांव पहुंचे ताहिर हुसैन ने अपनी दौलत कानूनी रूप से कागजों में दर्ज करवाई 17 करोड़. जमाने वालों की नजरों में वो पहला दिन रहा होगा, जब उन्हें पता चला कि गांव से दुश्वारियों में भूखे-फटे हाल 20 साल पहले दिल्ली पहुंचा ताहिर हुसैन तो करोड़पति है.

एडवोकेट दिनेश पाठक को अंतर्राष्ट्रीय सम्मान

www.demokraticfront.com के कानूनी सलाहकार, विश्व हिन्दु परिषद के जयपुर प्रान्त के विधि प्रकोष्ठ प्रमुख और राजस्थान उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता एडवोकेट को सामाजिक उत्थान के कार्यों में उनके योगदान, के लिए 14 मार्च 2020 को ट्री ग्रुप संस्थान द्वारा अंतरराष्ट्रीय पुस्कार से सम्मानित किया जाएगा।

उनकी इस सफलता के लिए www.demokraticfront.com टीम की और से हार्दिक शुभकामनाएं।

दंगों की साजिश काँग्रेस ने रची: आर॰ के॰ सिन्हा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साढ़े पांच साल का कार्यकाल पूरी तरह दंगा मुक्त रहा और एक भी सांप्रदायिक दंगे नहीं हुआ यही बात कांग्रेस को पच नहीं रहा थी तो, इन लोगों ने सुनियोजित ढंग से दंगे की साजिश रची.

दिल्ली/ पटना: 

संसद में विपक्ष ने दिल्ली में हुई हिंसा को लेकर जोरदार हंगामा किया. इस दौरान विपक्षी दलों के सांसदों ने गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) के इस्तीफे की भी मांग की. इस दौरान लोकसभा में हंगामा बढ़ते देख स्पीकर ओम बिड़ला भी थोड़ा नाराज दिखे. वहीं, विपक्ष के हंगामे पर बीजेपी (BJP) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा ने जमकर निशाना साधा है.

उन्होंने कहा कि विपक्ष पर दो कहावत चरितार्थ होती है. पहली खिसियानी बिल्ली खम्भा नोचे और उल्टा चोर कोतवाल को डाटें. बीजेपी सासंद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के साढ़े पांच साल का कार्यकाल पूरी तरह दंगा मुक्त रहा और एक भी सांप्रदायिक दंगे नहीं हुए. ये बात कांग्रेस को पच नहीं रहा था तो, इन लोगों ने सुनियोजित ढंग से दंगे की साजिश रची.

आरके सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस की अंतिरम अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi), पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने जनता को भड़काया और झूठी अफवाहें फैलाई है. राज्यसभा सांसद ने कहा कि सोनिया गांधी ने कहा कि घर के बाहर निकलना पड़ेगा, आर-पार की लड़ाई लड़नी पड़ेगी।

अब जिला में समूह की महिलाएं बनाएगी एलईडी बल्ब एलईडी बल्ब बनाने एवं रिपेयर करने की ट्रेनिंग

पंचकूला, 3 मार्च:

हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन पिंजौर द्वारा स्र्टाट अप विलेज इंटरप्रिन्युर्शिप प्रोग्राम के तहत समूह के सदस्यों एवं उनके परिवार के सदस्यों को विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण लगातार करवाए जा रहे है ताकि महिलाएं इनसें प्रशिक्षण को लेकर समूह के माध्यम से विभिन्न प्रकार के उत्पाद तैयार कर सके। इसके अलावा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मिशन कार्य कर रहा है।

 उपायुक्त मुकेश कुमार आहूजा  के मार्गदर्शन में ग्रामीण आजीविका मिशन बेहतर कार्य कर रहा है और निरंतर महिलाओं को समूहों से जोड़कर स्वावलम्बी बनाने के लिए प्रयासरत है। इसी कड़ी में एक कदम बढ़ाते हुए ब्लॉक पिंजौर आजीविका मिशन कार्यालय में एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया । इस प्रशिक्षण में आस-पास के समूहों की 25 प्रतिभागियों ने भाग लिया। सभी प्रतिभागी यह प्रशिक्षण लेकर स्वयं को गोरवान्वित महसूस कर रहे थे। क्योकिं उन्हें इस प्रशिक्षण में कड़ी मेहनत से एलईडी बल्ब बनाने और मरम्मत करने में माहरत हांसिल की है।

    सभी सदस्यों ने बताया कि हम अब खुद एलईडी बल्ब की असेंबलिंग एवं रिपेयरिंग आसानी से कर सकते हैं।

राजीव गुप्ता अग्रवाल वैश्य समाज के प्रदेश संयुक्त सचिव नियुक्त

अग्रवाल वैश्य समाज के प्रदेश अध्यक्ष  अशोक बुवानीवाला ने पंचकूला के राजीव गुप्ता को प्रदेश संयुक्त सचिव नियुक्त किया है । उनकी समाज के प्रति निष्ठा, सेवा भाव और साफ सुथरी छवि को देखते हुए उन्हें यह कार्यभार सौंपा गया है ।

राजीव गुप्ता पिछले 20 वर्षों से समाज की सेवा करते हुए कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर रहे हैं । वे अखिल भारतीय अग्रवाल समाज जिला पंचकूला के प्रधान हैं और अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन के  प्रदेश सचिव के साथ साथ कई सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं से जुड़े हैं ।

राजीव गुप्ता ने प्रदेशाध्यक्ष अशोक बुवानीवाला का धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्हें जो कार्यभार सौंपा गया है, उसको पूरी निष्ठा, ईमानदारी व लगन से निभायेंगे ।

शाहीन बाग का झूठ क्या है?

शिव प्रकाश मिश्र :

सबसे बड़ा झूठ

शाहीन बाग का का सबसे बड़ा झूठ है कि यह धरना, प्रदर्शन, आंदोलन संशोधित नागरिक कानून और एनआरसी के विरुद्ध है और यह मुस्लिम महिलाओं द्वारा स्वत: स्फूर्त संचालित है. इसका जेएनयू जामिया और एएमयू से कोई लेना देना नहीं है.आम आदमी पार्टी और कांग्रेस का इससे दूर दूर का कोई रिश्ता नही।

शाहीन बाग का केवल झूठ जानने से स्थित स्पष्ट नहीं होती इसलिए ये भी जानिए कि इसका सच क्या है ?

शाहीन बाग का सच

शाहीन बाग का सच यह है कि इसका एकमात्र उदेश्य आम आदमी पार्टी को चुनाव में जीत सुनिश्चित करना था और इसकी पूरी योजना का खाका अरिन्द केजरीवाल को रणनीतिक सलाह देने वाले प्रशान्त किशोर ने बनाया था और इसका सञ्चालन फिरोजशाह कोटला रोड पर आप के वॉर रूम से किया जा रहा था . कांग्रेस भी मुश्लिम वोट मिलने की खुशफहमी का शिकार हुयी जबकि इसका उद्देश्य उसका वोट बैंक भी लूट कर आम आदमी पार्टी को देना था. सब कुछ बहुत योजना वद्ध तरीके से हुआ. शायद इतिहास में पहलीवार हिन्दुओं का ध्रुवीकरण रोकते हुए ,जमकर मुश्लिम धुर्वीकरण किया गया। वास्तव में ये एक नायाब प्रयोग था। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का ये कहना कि ये संयोग नही प्रयोग है अक्षरसः सत्य है। आप के सभी मुस्लिम उम्मीदवार रिकार्ड मतो से जीते। उन्हें प्राप्त मतों का प्रतिशत 76% तक गया । ये अपने आप मे एक रिकॉर्ड है ।जो भी हो इस नए प्रयोग से आम आदमी पार्टी की चुनाव में शानदार जीत हुई और शाहीन बाग़ आन्दोलन की “हैप्पी इंडिंग” भी . भ्रष्टाचार के विरुद्ध जनआंदोलन से उपजी एक पार्टी ने मुफ्त खोरी या/और रिश्वत खोरी का बहुत ही ईमानदारी से उपयोग किया और संविधान और लोकतंत्र की कमजोर कड़ियों को जोड़ कर , सामाजिक ताने बाने को तोड़कर , हिंदुस्तान की आत्मा को रौंदते हुए , देश की बिषम परस्थितयों को अपने फायदे के लिए निचोड़ लिया । ये अभिनव प्रयोग है ऐसा तो कभी कांग्रेस भी नही कर सकी जिसने अमेरिका की एक एजेंसी को चुनाव सलाहकार के रूप में लगा रखा था।

(आम आदमी पार्टी की जीत के बाद शाहींन बाग़ उजड़ गया)

शाहींन बाग की प्रष्ठभूमि

राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर पहले भारतीय जनता पार्टी के लिए काम करते थे । 2014 में लोकसभा चुनाव में भाजपा की विजय के बाद और मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद प्रशांत किशोर की सीधे-सीधे राजनीति में आकर कौशल दिखाने की लालसा जागृत हो गई । सूत्रों के अनुसार उन्होंने अपनी इस इच्छा को अमित शाह के सामने प्रकट किया और अनुरोध किया कि उन्हें भाजपा में पार्टी संगठन में कोई बड़ा पद दिया जाए । भारतीय जनता पार्टी कैडर वाली पार्टी है और प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति ,मुख्यमंत्री ,राज्यपाल समेत कई बड़े नेता, कार्यकर्ता से यहां तक पहुंचे हैं .पार्टी में वैसे चाहे जितनी कमियां हो लेकिन एक बहुत अच्छी चीज है कि बाहर से आए हुए नेताओं को संगठन में किसी बड़े पद पर नहीं बैठाया जाता है ।पार्टी बाहर से आए नेताओं को विधानसभा, लोकसभा का टिकट तो दे सकती है उन्हें विधान परिषद और राज्यसभा भेज सकती है लेकिन संगठन में महत्वपूर्ण पद पर नहीं बैठा सकती . कहा जाता है कि श्री प्रशांत किशोर की मांग पूरी नहीं हो सकी लेकिन अमित शाह के कहने पर उन्हें जेडीयू में न केवल शामिल किया गया बल्कि उपाध्यक्ष भी बना दिया गया । प्रशांत किशोर को इससे बहुत कुछ हासिल नहीं हुआ और उनकी फर्म विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के लिए कार्य करती रही । इस बीच भारतीय जनता पार्टी से उनके रिश्ते बिगड़ते रहे ।हाल ही में इसकी पराकाष्ठा तब हो गई जब उन्होंने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस को लोक सभा और विधानसभा चुनाव के लिए अपनी फर्म का रणनीतिक सलाह हेतु अनुबंध कर लिया । लोकसभा चुनाव में प्रशांत किशोर के अथक प्रयासों के बावजूद भी भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस को सीधी टक्कर देकर 42 में से 18 सीटें जीतने में भी सफल रही । इसबीच अरविंद केजरीवाल ने भी प्रशांत किशोर को दिल्ली विधान सभा चुनाव हेतु अनुबंधित कर लिया। प्रशांत किशोर ने पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी और दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के लिए संशोधित नागरिकता कानून और एनआरसी को जीत का थीम बना कर योजना बनाई. इस बीच CAA और NRC को लेकर प्रशान्त किशोर के सम्बन्ध भाजपा से इतने ख़राब हो गये कि अमित शाह की सिफारिस पर जेडीयू में लिए गए प्रशांत किशोर को अमित शाह की नाराजगी के बाद ही बाहर का रास्ता दिखाया गया .

(जीत की खुशी- प्रशांत किशोर और केजरीवाल )

जहां पश्चिम बंगाल में स्वयं ममता बनर्जी संशोधित नागरिकता कानून के विरोध में सड़कों पर है, वही दिल्ली में केजरीवाल को इस मुहिम से दूर रखते हुए शाहीन बाग को बहुत सोच समझ कर आन्दोलन का केंन्द्र बनाया गया । लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सभी सातों सीटों पर जीतने वाली भाजपा को हर विधानसभा क्षेत्र में मुस्लिम महिलाओं ने जमकर वोट किए थे । जिसके पीछे तीन तलाक और हलाला खत्म करने की खुशी थी। इसलिए जानबूझकर शाहीन बाग में महिलाओं को आगे किया गया ताकि इन मुस्लिम महिलाओं को भाजपा को वोट देने से रोका जा सके और इस तरह मुस्लिमों को एकजुट करके एकमुश्त वोट आप को दिलवाया जा सके । परोक्ष रूप से आम आदमी पार्टी ने खासतौर से उसके मुस्लिम नेताओं और कुछ मुस्लिम संगठनों ने शाहीन बाग को वित्त पोषित किया । प्रदर्शनकारियों के लिए बहुत ही अच्छे खाने-पीने के इंतजाम किए गए ताकि उनको लंबे समय तक रोका जा सके । प्रदर्शनकारियों में बड़ी संख्या में दिहाड़ी मजदूर और अल्प आय वर्ग के लोग थे । कहा तो यह भी जाता है कि उन्हें प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान किया जा रहा है . इसका नतीजा यह हुआ कि शाहीन बाग में आगे महिलाएं और पीछे एक बहुत बड़ा तंत्र या षड्यंत्र था ।आम आदमी पार्टी की जीत पर शाहीन बाग में जमकर उल्लास मनाया गया लोग एक दूसरे से गले मिले और बिरयानी बांटी गई । धीरे-धीरे कम प्रदर्शन कारी और भी कम होने लगे हैं और वित्त पोषक भी दूर हो रहे हैं . अब शाहीन बाग का आंदोलन अपने आप खत्म हो रहा है क्योंकि उद्देश्य पूरा हो चुका है। जे एन यू, जामिया, और ए एम यू भी अब शांत हो जाएंगे । पूरे घटना क्रम में कांग्रेस एक “आत्मघाती दल” के रूप में उभरा है। उन्हें भाजपा के न जीत पाने या कांग्रेस द्वारा भाजपा को रोक देने की बेहद खुशी है। राहुल, प्रियंका और सोनिया सब बेहद खुश हैं । उन्हें इस बात का जरा भी गुमान नही कि उन्होंने स्वयं कांग्रेस में आत्मघाती टाइम बंम लगा दिया है । अगर स्थिति यही रही तो कांग्रेस स्वयं कांग्रेस मुक्त भारत का सपना साकार कर देगी। कांग्रेस वहीं जीत सकती है जहां वह भाजपा के मुख्य मुकाबले में है जैसा मप्र , छत्तीसगढ़ और राजस्थान में हुआ। जहाँ कहीं भी कांग्रेस ने किसी तीसरे दल को भाजपा के सामने खड़ा कर दिया वहां कांग्रेस फिर कभी खड़ी नही हो पाई। यदि दिल्ली में कांग्रेस और आप के संयुक्त वोट प्रतिशत का औसत निकालें तो भाजपा से 8% से भी ज्यादा कम हैं । इसका मतलब ये है कि कांग्रेस अगर ठीक से चुनाव लड़ती तो भाजपा जीत जाती। ये भी निष्चित है कि कभी आप हारेगी तो जीतने वाली भाजपा होगी। कांग्रेस तो दिल्ली से सदा सर्वदा के लिए विदा हो गई।

कह सकते हैं कि शाहीन बाग आंदोलन का मुख्य मकसद मुस्लिम पुरुष और महिला वोटों को एकजुट करके आम आदमी पार्टी के खाते में डालना था ताकि अरविंद केजरीवाल की जीत सुनिश्चित की जा सके . इसमें कांग्रेस ने भी बहुत सहयोग किया । एक तरफ मणिशंकर अय्यर, शशि थरूर, दिग्विजय सिंह और सलमान खुर्शीद जैसे फायर ब्रांड नेताओं ने जहरीला माहौल बनाया और उन्हें भारतीय जनता पार्टी के विरुद्ध खड़ा किया दूसरी तरफ कांग्रेस की युवा बिग्रेड राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश से पूर्वी उत्तर प्रदेश तक और शाहीन बाग से इंडिया गेट व जंतर मंतर तक कानून व्यवस्था को तार-तार करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी । जेएनयू, जामिया और एएमयू भी रह रह कर रंग बदलते रहे और केंद्र सरकार को उलझाने का काम करते रहे . इतनी बड़ी पटकथा के लेखक को नमन करना चाहिये , हम लोगों को नही , कम से कम राजनीतिक लोगों को

दिल्ली दंगों में गोलियां चलाने वाला शाहरुख शामली से गिरफ्तार

दिल्ली हिंसा के दौरान हेड कांस्टेबल दीपक दाहिया पर पिस्टल तानने वाले और दंगे के दौरान फायरिंग करने वाले शाहरुख को क्राइम ब्रांच ने शामली से गिरफ्तार कर लिया है. जाफराबाद में शाहरुख की एक तस्वीर जिसमें वह पुलिसकर्मी पर पिस्टल ताने हुए सामने आई थी.  इसके बाद उसकी तलाश की जा रही थी. बताया जाता है कि शाहरुख को जिम जाने का शौक है. उसका कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं है. लेकिन शाहरुख के पिता पर ड्रग पैडलर होने का केस चल रहा है. उन पर कई केस दर्ज हैं. हाल ही में वो ज़मानत पर बाहर आये हैं. शाहरुख की उम्र 27 साल है और वह सीलमपुर के चौहान बांगड़ का रहने वाला है. गौरतलब है कि दिल्ली के उत्तर-पूर्व इलाके में हुई हिंसा में दंगों में स्थानीय अपराधियों की बड़ी भूमिका रही है. ऐसे कई लोगों की पहचान भी की जा चुकी है और कई गिरफ्तार भी किये गए हैं. अपराधियों के यहां से अवैध हथियार और कारतूस भी बरामद हो रहे हैं जिनका जमकर इस्तेमाल हुआ. अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 80 से ज्यादा लोग गोली लगने से घायल हुए हैं. हिंसा करने वाले ज्यादातर लोग उत्तरी पूर्वी दिल्ली के ही रहने वाले हैं.  अभी इन्हें पकड़ने के लिए छापेमारी चल रही है. 

नई दिल्‍ली: 

दिल्‍ली हिंसा (Delhi Violence) के दौरान जाफराबाद में आठ राउंड गोलियां चलाने वाले आरोपी शाहरुख गिरफ्तार हो गया है. यूपी के शामली से उसको गिरफ्तार किया गया है. हिंसा के दौरान उसने पुलिस कांस्‍टेबल पर भी पिस्‍तौल तान दी थी. दिल्‍ली पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम ने उसको गिरफ्तार किया. इस संबंध में दिल्‍ली पुलिस आज दोपहर साढ़े तीन बजे प्रेस कांफ्रेंस भी करेगी. 24 फरवरी को दिल्‍ली के जाफराबाद में जब हिंसा भड़की थी तो उस दौरान शाहरुख अपने दंगाईयों के साथ पिस्‍तौल लहराते हुए सड़कों पर उतर आया था. उस दौरान उसने गोलियां चलाने के साथ कांस्‍टेबल दीपक दहिया पर पिस्‍तौल तान दी. दीपक दहिया ने इस ZEE NEWS से बातचीत करते हुए कहा कि उस दौरान जब उन्‍होंने शाहरुख को गोलियां चलाते देखा तो उसने रोकने की कोशिश की. जिसके चलते उसने पिस्‍तौल तान दी लेकिन इसका असर ये भी हुआ कि वह बाद में वहां से भाग गया.

ऐसे की थी शाहरुख ने फायरिंग

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 24 फरवरी को दोपहर 3:30 बजे जाफराबाद की तरफ घोंडा चौक की ओर भीड़ पथराव करते हुए बढ़ रही थी. उसी दौरान लाल टीशर्ट पहने शाहरुख हाथ में पिस्‍तौल लिए जाफराबाद की सड़कों पर भागता हुआ देखा गया था. इससे पीछे की तरफ कई गाड़ियों को फूंक दिया गया था. पुलिसवाले भीड़ को रोकने के लिए आगे बढ़े तो शाहरुख पिस्टल लहराता हुआ आगे आने लगा. एक पुलिसकर्मी ने हिम्मत कर उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन वह लगातार फायरिंग करता चला गया.

कौन है शाहरुख?

शाहरुख दिल्ली के थाना उस्मानपुर के अरविंद नगर की गली नंबर-5 में यू-108 में रहता है. जानकारी के मुताबिक उसके साथ परिवार में एक बड़ा भाई और मां-बाप हैं, लेकिन फिलहाल पूरा परिवार ही लापता है. बताया जा रहा है कि शाहरुख का परिवार साल 1985 से वहां रहता है. यह भी सामने आया है कि शाहरुख के पिता का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है. उसके पिता का नाम शावर पठान है और बताया जा रहा है कि ड्रग्स बेचने के मामले में शावर पठान दो बार जेल भी जा चुका है. हाल ही में वह जेल से छूटा था.

Police Files, Chandigarh

Korel, CHANDIGARH – 03.03.2020

One arrested for consuming liquor at public place

          A case U/S 68-1(B) Punjab Police Act 2007 & 510 IPC has been registered in PS-19, Chandigarh against a person who was arrested while consuming liquor at public places on 02.03.2020. Later he was released on bail.

MV Theft

Partyaksh Beniwal R/o # 3296, Sector-15/D, Chandigarh reported that unknown person stole away complainant’s Splendor M/Cycle No. HR-20AG-5548 parked in front of his house on the night intervening 24/25-02-2020. A case FIR No. 34, U/S 379 IPC has been registered in PS-11, Chandigarh. Investigation of the case is in progress.

Rakesh Kumar R/o # 272/C, Mouli Jagran, Part-2, Chandigarh reported that unknown person stole away complainant’s E-Rickshaw No. CH-01TE-3790 parked near Sadar Market, Sector-19, Chandigarh on 18.02.2020. A case FIR No. 19, U/S 379 IPC has been registered in PS-19, Chandigarh. Investigation of the case is in progress.

Burglary

Manish Kumar R/o # 554, New Police Line, Sector-26, Chandigarh reported that unknown person stole away cash Rs 2.5 Lakh and 40 tola gold jewelry from his house on night intervening 01/02-03-2020. A case FIR No. 43, U/S 380, 457 IPC has been registered in PS-26, Chandigarh. Investigation of case is in progress.

Theft

Amit Rampal R/o # 2356, Sector-38C, Chandigarh reported that unknown person stole away two LPG cylinders from backyard of his house on night intervening 01/02-03-2020. A case FIR No. 78, U/S 379 IPC has been registered in PS-39, Chandigarh. Investigation of case is in progress.

Attempt to Theft

T.K Kansal R/o # 1410, Sector-40, Chandigarh reported that unknown person broken door & grill of house and tried/attempted to theft at his house on 02.03.2020. A case FIR No. 79, U/S 457, 511 IPC has been registered in PS-39, Chandigarh. Investigation of case is in progress.

Snatching

Rahul R/o # 1175, Sector-52, Chandigarh reported that two unknown persons occupant of Activa Scooter snatched away complainant’ mobile phone near dividing road, Sector-61/52, near slip road, Chandigarh on 01-03-2020.  A case FIR No. 47, U/S 379-A, 34 IPC has been registered in PS-36, Chandigarh. Investigation of case is in progress.

आज का पंचांग

विक्रमी संवत्ः 2076, 

शक संवत्ः 1941, 

मासः फाल्गुऩ, 

पक्षः शुक्ल पक्ष, 

तिथिः अष्टमी दोपहरः 01.51 तक है, 

वारः मंगलवार, 

नक्षत्रः रोहिणी प्रातः 10.32 तक, 

योगः विष्कुम्भक दोपहर 12.22 तक, 

करणः बव, 

सूर्य राशिः कुम्भ, 

चंद्र राशिः वृष, 

राहु कालः अपराहन् 3.00 से 4.30 बजे तक, 

सूर्योदयः 06.48, 

सूर्यास्तः 06.18 बजे।

नोटः आज से होलाष्टक प्रारम्भ हो रहे हैं। एवं अन्नापूर्णा अष्टमी व्रत है। तथा आज ही श्री लक्ष्मी-सीताष्टमी का भी व्रत आज ही हैं।

विशेषः आज उत्तर दिशा की यात्रा न करें। अति आवश्यक होने पर मंगलवार को धनिया खाकर, लाल चंदन, मलयागिरि चंदन का दानकर यात्रा करें।