कोरोना को लेकर विकट परिस्थितियां हो जाने पर पूरे इंतजाम की है तैयारियां मनोहर लाल मुख्यमंत्री हरियाणा

मनोज त्यागी, करनाल – 27 मई :

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अपने विधानसभा  करनाल आगमन पर लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित बैठक में, सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए जूम एप के माध्यम से जिला के मीडिया कर्मियों से संवाद कर उनके सवालों के जवाब दिए।

   सवालों से पहले मुख्यमंत्री ने बोलते हुए कहा कि कोरोना काल की अब तक की अवधि में जो कुछ हुआ, उनमें बहुत से अच्छे काम है  उन्होंने कहा कि पंजाब और हरियाणा कृषि प्रधान तथा अन्न उत्पादन के दो प्रमुख राज्य है। इस काल में गेंहू खरीद का कार्य एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन उसको बड़े व्यवस्थित तरीके से कामयाब किया। राज्य में गेंहू खरीद केन्द्रों की संख्या 400 से बढ़ाकर 1800 की गई और सरसों के खरीद केन्द्र 100 से 200 किए गए। किसानों को समय पर उनकी फसल की अदायगी की गई। उन्होंने बताया कि 10 मई तक किसानों की सारी पेमेंट चली गई है, अगले दो-तीन दिन में आढ़तियों को शेष पेमेंट मिल जाएगी और 31 मई तक सभी किसानों की अदायगी हो जाएगी। हरियाणा के किसानों का एक-एक दाना खरीदा गया, अब दूसरे राज्यों से आने वाली गेंहू खरीदी जा रही है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कोरोना के अब तक 1200 पोजिटिव केस सामने आए है, जिनमें करीब 400 एक्टिव केस है और उनका ईलाज चल रहा है। करनाल के संदर्भ में उन्होंने कहा कि कोरोना केसों को लेकर यहां की स्थिति भी ठीक रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में राधा स्वामी सत्संग घर, डेरा कार सेवा, निर्मल कुटिया के अतिरिक्त अन्य सामाजिक संस्थाओं ने प्रशासन की मदद की और प्रवासी व जरूरतमंदों को भोजन व सूखा राशन पहुंचाया। धार्मिक नेताओं ने सामाजिक सौहार्द बनाया। जनता को निष्पक्ष और समय पर सूचनाएं पहुंचाकर मीडिया की भूमिका प्रशंसनीय है।  उन्होंने कहा कि कोरोना काल में कुछ नई व्यवस्थाएं भी बनी है, जिनका संबंध रिफार्म यानि सुधार से है, इनमें जनता से ऑनलाईन सम्पर्क, बीपीएल परिवारों को दोगुना राशन, डिस्ट्रैस राशन टोकन से 4 लाख 85 हजार परिवारों को राशन, रिलीफ कैम्प लगाना, दूसरे प्रदेशों के ऐसे लोग जो हरियाणा में रूके रहे, को हर तरह की सुविधा दी गई, 3 लाख प्रवासियों को रेल व बस जैसी सुविधाओं से उनके घर भेजा गया, 50 हजार छोटी-बड़ी औद्योगिक ईकाईयां चालूू करवाई गई, जिनमें 25 से 28 लाख लोग काम से जुड़े, शामिल है। अब नियमित ट्रैफिक की मूवमेंट भी शुरू हो गई है।

उन्होंने कहा कि कोरोना कब खत्म होगा, इस बारे कुछ नहीं कहा जा सकता, लेकिन इससे काफी कुछ सीखा है, अर्थात मुसीबत में कैसे रास्ता खोजना चाहिए। कोरोना से लड़ाई लम्बी हो सकती है, लेकिन हरियाणा के लोग इससे हारने वाले नहीं है। दूसरे प्रदेशों की तुलना में हरियाणा प्रदेश की व्यवस्थाएं काफी बेहतर रही। अब आगे होटल इत्यादि जो होम डिलीवरी कर रहे है, उनको भी मुख्य धारा में लाएंगे।  व्यवस्थाओं का जिक्र करने के बाद मुख्यमंत्री ने पत्रकारों के प्रश्रों के जवाब दिए। एक प्रश्र के उत्तर में मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार की ओर से कुटीर उद्योगों में मालिक 20 हजार रूपये तक का ऋण बिना ब्याज के एक मजदूर के लिए प्रावधान किया गया है ताकि वह मजदूर को आर्थिक सहयोग कर सके। एमएसएमई के माध्यम से अब ऐसी व्यवस्था बनाई गई है कि 25 से 30 लाख लोगों को रोजगार से जोड़ा जा रहा है।

एक अन्य प्रश्र के उत्तर में मुख्यमंत्री ने बताया कि कोरोना काल के चलते भविष्य में यदि परिस्थितियां विकट हो जाती है तो इसके लिए सरकार की ओर से अस्पतालों में पूरी तैयारी की गई है। भूमिगत जल की बचत के लिए उन्होंने कहा कि प्रदेश के 8 ब्लॉक ऐसे है, जहां भूमिगत जल करीब डेढ़ सौ फुट नीचे चला गया है, यदि इसका दोहन इसी प्रकार से जारी रहा तो आने वाली पीढिय़ां कोसेगी।  किसानों से कहा गया है कि वे हैप्पी सीडर जैसी मशीनों से धान की सीधी रोपाई करें। मक्का और दलहन फसलों पर सरकार की ओर से किसानों को 7 हजार प्रति एकड़ की सब्सिडी देने का ऐलान किया गया है।  उन्होंने बताया कि बाढ़ सम्भावित क्षेत्रों में सरकार की ओर से बोरवेल बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है। इससे भूमिगत जल स्तर उपर आ सकेगा।

एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि नीजि स्कूलों को कहा गया है कि वे अभिभावकों से टयूशन फीस लें, सभी स्कूल आर्थिक रूप से सक्षम नहीं है और फीस ही उनका मुख्य स्त्रोत है, इससे उनको अध्यापकों की सैलरी इत्यादि भी देनी पड़ती है।मुख्यमंत्री ने करनाल दौरे में अधिकारियों के साथ स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को लेकर बैठक की गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी दिवस पर निर्मल कुटिया एवं कार डेरा सेवा में गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष शीश नवाया राधा स्वामी सत्संग व्यास से प्रवासी श्रमिकों को हरी झंडी दिखाकर बस द्वारा रवाना किया टोकन सिस्टम से पात्र व्यक्तियों को राशन वितरण व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया साथ ही करनाल के दानी सज्जनों द्वारा हरियाणा कुराना रिलीफ फंड एवं पीएम केयर में दी गई राशि के चेक जिलाअध्यक्ष जगमोहन आनंद द्वारा मुख्यमंत्री को सौपे गए

“कोरोना से डर नहीं लगता साहब…भूख से लगता है”……

समाज की वास्तविक स्थिति देखी तो यह प्रतीत हुआ कि किस लोकतंत्र की छाया में बैठ कर हमारा सम्पूर्ण समाज सविधान की चादर ओढ़े, सामाजिक समरसता के गीत गुनगुना रहा था। मैं किसी राजनैतिक पार्टी या धर्म विशेष की बात नहीं करना चाहता क्योंकि इनके बारे में बात करना इन प्रतिकूल परिस्थितियों में अंधे से रास्ता पूछने जैसा होगा।

सुशील पंडित, यमुनानगर

कोविड19 के प्रकोप ने सम्पूर्ण मानव जाति का परिदृश्य ही बदल कर रख दिया है। यह जो भी विकट समस्या महामारी के रूप में हमारे सामने मुँह खोले खड़ी है इसकी तो शायद हम में से किसी ने भी कल्पना भी नहीं की होगी।

सुशील पंडित

 जो भी वर्तमान में चल रहा है इससे यह तो बिल्कुल स्पष्ट हो चुका है कि हम सभी अभी तक एक ऐसा भ्रम से सराबोर  जीवन व्यतीत कर रहे थे जो वास्तविकता से कोसों दूर है। आज जब समाज की वास्तविक स्थिति देखी तो यह प्रतीत हुआ कि किस लोकतंत्र की छाया में बैठ कर हमारा सम्पूर्ण समाज सविधान की चादर ओढ़े, सामाजिक समरसता के गीत गुनगुना रहा था। मैं किसी राजनैतिक पार्टी या धर्म विशेष की बात नहीं करना चाहता क्योंकि इनके बारे में बात करना इन प्रतिकूल परिस्थितियों में अंधे से रास्ता पूछने जैसा होगा। आज जब मैं अपनी रिपोटिंग के दौरान फील्ड में कार्य कर रहा था तो मैने देखा बहुत अधिक संख्या में लोग पैदल अपनी मंजिल की तलाश में चले जा रहे थे। जब मैंने उन्हें ध्यान से देखा तो प्रतीत हुआ वो तो सभी हिंदुस्तानी ही थे और शायद हमारे लोकतंत्र में भी बराबर के भागीदार, कुछ के थके-मांदे चहरो से तो सविधान भी पसीना बन कर टपक रहा था। और हाँ कुछ बच्चे भी थे, शायद हमारे देश के भविष्य में बनने वाले डॉक्टर, इंजीनियर, अधिवक्ता, व उच्च अधिकारी आदि पर अफ़सोस भूखे, थके और सहमे हुए थे। मातृशक्ति भी इस अंजान, परिणामरहित संघर्ष में कंधे से कंधा मिलाकर चल रही थीं। सभी के मन में एक ही प्रश्न था कि ये सब क्या हो रहा है? और क्यों हो रहा है?

मैं एक पत्रकार होने से पहले आम इंसान हूँ इसलिए उनमें से एक को पूछ बैठा, आप कहा से हो? उस गरीब के जवाब ने मुझे भी झकझोर कर रख दिया कहने लगा साहब भारत से ही हूँ क्या आप भी फ़ोटो लेने आए हो? और मैं स्तब्ध रह कर उस व्यक्ति(मजदूर) को देखता रहा क्योंकि उसकी बात का जवाब शायद मेरे पास नही था। इससे पहले मैं कुछ और बात करता उस हैरान परेशान श्रमिक ने मार्मिक शब्दों में कहा “साहब कोरोना से डर नहीं लगता, भूख से लगता है” जाहिर सी बात है यह बात उसने किसी बड़ी वजह से ही कही होगी। एक ओर शासन प्रशासन प्रवासी मजदूरों की जरूरतें पूरी करने की क़वायद में लगी है चाहें वो बड़े बड़े बजट के माध्यम से या फिर राजनीतिज्ञों के मुखारबिंद से डिबेट्स में सीना चौड़ा करके कहे गये आम आदमी के कानों में रस घोलने वाले शब्दों के माध्यम से। परन्तु अफ़सोस धरातल पर अब शून्य ही नजर आ रहा है। सभी श्रमिकों में मौजूदा हालात को लेकर असमंजस की स्तिथि बनी हुई है। इन प्रतिकूल परिस्थितियों की आंच में विपक्षी दलों के द्वारा भी ओछी राजनीति की रोटियां खूब सेकी जा रही है। बहरहाल जो भी हो मेरा यानि हर उस आम आदमी का यही प्रश्न है कि क्या कमी है और कहा कमी है अगर है तो उसे सुधारने का मौका सभी गलती करने वालों के पास शायद है अभी। हमारे देश में कोरोना जैसी महामारी ने अभी दस्तक दी है और मैं परमपिता परमात्मा से यह प्रार्थना भी करता हूँ कि अब बस और नही क्योंकि यहाँ शासन अभी पूरी तरह से परिपूर्ण नही हैंं जो रोते हुए लोगों के आँसू पोंछ सके। और न ही यह सतयुग है कि जो दो चार सच्चे नेताओं की देशभक्ति से सभी पीड़ाओ को पल भर में समाप्त कर दे।

किसी भी राष्ट्र की अर्थव्यवस्था ही वहाँ के सामाजिक जीवन की व्यवस्था को सुनिश्चित करती है। वर्तमान परिवेश में जो भी चल रहा है उसका निदान करना किसी भी विशेष राजनैतिक दल या विशेष समाज के हाथ में नही है लेकिन आपसी सामंजस्य स्थापित करके ही इस महामारी से लड़ने में हम सक्षम हो सकते हैं। हमें सभी की भावनाओं का आदर करना होगा वो चाहे इस देश का गरीब मजदूर हो या फिर राष्ट की अर्थव्यवस्था मजबूत करने वाला व्यपारी क्योंकि अगर लोकतंत्र है तो हम है और स्वस्थ लोकतंत्र में सामजिक समानता का अधिकार सभी को है। भविष्य के गर्भ में क्या है ये शायद किसी को नही पता। बहरहाल जो भी चल रहा है उसका सामना तो हम करेंगें और दूसरों को भी करने के लिए प्रेरित करने का सकारात्मक प्रयास करेंगे। अब बहुत हुआ किसी धर्म जाति पर कटाक्ष करने के यह खेल जो सिर्फ और सिर्फ इस दोगली राजनीति की उपज है।बुजुर्ग अक्सर कहते “शत्रु तब पहचानिए जब सुख हो निकट, मित्र तब जानिए जब परिस्थिति हो विकट ” भूतकाल तो चला गया जो हुआ नहीं पता परन्तु वर्तमान व भविष्य में अपने विवेक का प्रयोग करके स्वंम का और स्वस्थ, सुदृढ़,और सच्चे राष्ट्र का निर्माण करने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।

पालघर हत्याकांड में संतों के पक्ष में पैरवी करने वाले वकील दिग्विजय त्रिवेदी की एक्सीडेंट में मौत हो गई है

दिग्विजय त्रिवेदी राजनैतिक पार्टी बहुजन विकास अघाड़ी का लीगल सेल संभालते थे। इनकी मृत्यु के बाद ट्विटर पर पालघर मामले को लेकर सवाल उठाया जा रहा है और महाराष्ट्र सीएम, पालघर पुलिस, महाराष्ट्र डीजीपी को टैग करके पूछा जा रहा है कि बड़े पैमाने पर होने वाली लिंचिंग में किस-किस का हाथ है? क्या ये सब योजनाबद्ध है?

मुंबई (ब्यूरो):

पिछले महीनें महाराष्ट्र के पालघर में उन्मादी भीड़ ने पुलिस के सामने दो संतों की पीट-पीटकर ह्त्या कर दी थी। इस मामलें में अब एक और हैरान करने वाला वाकिया सामने आया है। पालघर हत्याकांड में संतों के पक्ष में पैरवी करने वाले वकील दिग्विजय त्रिवेदी की एक्सीडेंट में मौत हो गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर सूरत जाते हुए मनोर के मेंडवान ब्रिज के पास बुधवार को हुए सड़क हादसे में वकील दिग्विजय त्रिवेदी की दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है की जिस समय यह हादसा हुआ, उस समय त्रिवेदी ही गाड़ी चला रहे थे और इसी दौरान कर अनियंत्रित होकर गाड़ी पलट गई, जिस कारण त्रिवेदी की मौके पर ही मौत हो गई। यह भी कहा जा रहा है की इसी केस के सिलसिले में कोर्ट जाते वक्त ये हादसा हुआ।

वकील दिग्विजय त्रिवेदी की मृत्यु के बाद ट्विटर पर पालघर मामले को लेकर सवाल उठाया जा रहा है इस एक्सीडेंट को साजिश करार दिया जा रहा है। लोगों का कहना है की इस एक्सीडेंट की सीबीआई जंच हो ताकि दूध का दूध, पानी का पानी हो जाये। दिग्विजय त्रिवेदी साधुओं को न्याय दिलाने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन अब वो भी इस दुनिया से चले गए।

“हताश, असहिष्णु, असुरक्षित और अवसरवादी काँग्रेस” : गजेंद्र सिंह शेखावत

कॉंग्रेस का विवादों से हमेशा नाता रहा है। घोटाला आर्थिक हो या सामाजिक, व्यपार से संबन्धित हो या मानवीय भावनाओं से कॉंग्रेस निर्दयत और बेशर्मी से उनमें लिप्त पायी जाती है। अभी हाल ही में प्रवासी श्रमिकों को लेकर कॉंग्रेस नीत सरकारों ने पहले तो उनसे पैसे उगाहे फिर सोनिया गांधी ने बयान दिया की वह और काँग्रेस पार्टी प्रवासी श्रमिकों के घर जाने का खर्च उठाएगी जबकि 85 प्रतिशत खर्च रेलवे उठा रही है और मात्र 15 प्रतिशत राज्य सरकारों को उठाना था। विवाद उठने पर भी कॉंग्रेस बेशर्म बनी रही। अब जब पंजाब से श्रमिकों की घर वापिसी की जा रही है तब कॉंग्रेस के स्थानीय विधायक अमरिंदर सिंह राजा श्रमिक प्रवासियों पर्चे बाँट रहे हैं और बता रहे हैं की उनके आवागमन का खर्च कॉंग्रेस पार्टी की कार्यकारी अध्यक्षा सोनिया गांधी उठा रहीं हैं।

भटिंडा, (पंजाब ब्यूरो) :

पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह के राजनीतिक सलाहकार कांग्रेस विधायक अमरिंदर सिंह राजा का सोमवार को भटिंडा स्टेशन से उनका वीडियो सामने आने के बाद विवादों में घिर गए। पत्रकारों द्वारा एक्सेस किए गए वीडियो में दिखाया गया है कि राजा कथित तौर पर मुजफ्फरपुर के लिए भटिंडा से जा रहे प्रवासी कामगारों को पर्चे बांटते हैं। पंजाब के विधायक अन्य नेताओं के साथ कार्यकर्ताओं को यह कहते सुना जाता है कि कांग्रेस पार्टी, सोनिया गांधी और अमरिंदर सिंह ने उनके टिकटों का भुगतान किया। रेलवे स्टेशन पर इस संबंध में एक घोषणा भी की गई थी। इस वीडियो पर टिप्पणी करते हुए, जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि कांग्रेस पार्टी “हताश, असहिष्णु, असुरक्षित और अवसरवादी” थी।

पंजाब के विधायक अमरिंदर सिंह राजा ने कथित तौर पर प्रवासी श्रमिकों से कहा, “आपका टिकट किराया कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा भुगतान किया गया है। कांग्रेस पार्टी, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, (राज्य कांग्रेस प्रमुख) सुनील जाखड़ आपको भेज रहे हैं। इस पर्चे में सब कुछ लिखा है। , आप इसे अपनी यात्रा पर आराम से पढ़ सकते हैं। “

प्रवासी श्रमिकों का टिकट किराया का भुगतान

रेल मंत्रालय द्वारा ट्रेनों में फंसे प्रवासी श्रमिकों के अंतर-राज्य आंदोलन की अनुमति देने के बाद, किराया के भुगतान से संबंधित स्पष्टता की कमी थी। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रदेश कांग्रेस कमेटियों को जरूरतमंद प्रवासी श्रमिकों के ट्रेन टिकट के लिए भुगतान करने के लिए कहा। इसके बाद, पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह ने घोषणा की कि उनकी सरकार कांग्रेस अध्यक्ष के सुझाव को देखते हुए उनकी यात्रा के लिए भुगतान करेगी। हालांकि, रेल मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि प्रवासी श्रमिकों को केंद्र और राज्य सरकारों के साथ क्रमशः 85% और ट्रेन टिकट की लागत का 15% का भुगतान करने के लिए पैसा नहीं दिया गया।

पंजाब सीएम ने किया तालाबंदी का विस्तार
वर्तमान में, पंजाब में सीओवीआईडी -19 मामलों की 1,823 पुष्टि की गई है, जिसमें से 166 मरीज बरामद हुए हैं जबकि 31 लोग हताहत हुए हैं। पीएम मोदी के साथ 5 वीं आभासी बैठक में, पंजाब के सीएम ने लोगों की आजीविका को सुरक्षित करने की रणनीति के साथ देशव्यापी तालाबंदी का विस्तार किया। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन से बाहर निकलने की रणनीति को राज्यों के “राजकोषीय और आर्थिक सशक्तीकरण” पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, उन्होंने राज्य सरकारों से माइक्रो-प्लानिंग में अधिक से अधिक लचीलापन देने का आग्रह किया।

न्यायाधीश एस के यादव के कार्यकाल को 31 अगस्त तक बढ़ा दिया गया है

सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद ट्रायल कोर्ट के न्यायाधीश एस के यादव के कार्यकाल को 31 अगस्त तक बढ़ा दिया है। उन्हें सीबीआई द्वारा बाबरी मस्जिद के विध्वंस के संबंध में दायर एक मामले में समय से निर्णय देने का निर्देश भी दिया गया है। जिसमें उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह आरोपी हैं।

शीर्ष अदालत ने कहा कि लखनऊ स्थित सीबीआई की विशेष अदालत अगस्त अंत तक मुकदमे की सुनवाई को पूरा करे और अपना फैसला सुनाए। शीर्ष अदालत ने कहा कि सीबीआई अदालत को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई करनी चाहिए। मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह और उमा भारती समेत कई अन्‍य आरोपी हैं। तीन अन्य आरोपियों गिरिराज किशोर (Giriraj Kishore), विश्‍व हिंदू परिषद के नेता अशोक सिंघल (Ashok Singhal) और विष्णु हरि डालमिया (Vishnu Hari Dalmia) की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है। 

विशेष जज एसके यादव ने शीर्ष अदालत को चिट्ठी लिखकर और समय बढ़ाने की मांग की थी। 20 अप्रैल को ही विशेष जज एसके यादव की नौ महीने की तय सीमा पूरी हो गई थी। शीर्ष अदालत का मानना है कि विशेष सीबीआई जज एसके यादव मामले की सुनवाई पूरी करके फैसला सुनाएं क्‍योंकि वे इस पूरे केस से बखूबी वाकिफ हैं। रिपोर्टों में कहा गया है कि पहले तय मियाद के मुताबिक, अप्रैल में लखनऊ की निचली अदालत को फैसला दे देना था लेकिन किन्‍हीं कारणों की वजह से यह टल गया है। यह साल 1992 में छह दिसंबर को अयोध्‍या में कारसेवकों द्वारा ढांचे को गिराने का मामला है। 

प्रवासी नवप्रसूता और उसके परिवार को किया उनके गांव में रवाना

सुशील पंडित, यमुनानगर:

 कोविड-19 के तहत लॉक डाउन के चलते पंजाब के राजपुरा से  उत्तर प्रदेश के जिला शाहजहां पुर के गांव लक्षमनपुर जा रहे परिवार को 1 अप्रैल 2020 को छछरौली के राधा स्वामी सतसंग भवन में बनाए गए शैल्टर होम में क्वंारटाईन किया गया था। परिवार में शान्ति नामक महिला 8 माह की गर्भवती थी तथा काफी कमजोर थी। महिला के स्वास्थ्य की  देखभाल की गई तथा दवाईयां दी गई। इस दौरान महिला का वजन 3 से 4 किलो तक बढ गया। लॉक डाउन के दौरान ही महिला ने छछरौली सिविल अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया।

उपमंडलाधीश नवीन कुमार आहुजा ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पंचायत विभाग ने महिला और उसके परिवार की पूरी देखभाल की।  महिला ने 25 अप्रैल को एक हृष्ट -पुष्ट बच्चे को जन्म दिया। जिसके बाद आज उसे और उसके परिवार को प्रशासन द्वारा शाहजहांपुर उत्तर प्रदेश उनके घर रवाना किया गया। उपमंडलाधीश ने महिला को फलों की टोकरी और अन्य जरूरी सामान देकर शुभकामनाओं सहित तथा उपस्थित अधिकारियां, कर्मचारियों, डाक्टरों व नर्सो ने तालियां बजाकर खुशियों से रवाना किया।

उन्होने बताया कि जिलाधीश मुकुल कुमार भी अस्पताल स्टाफ के साथ निरंतर सम्पर्क बनाए हुए थे और स्थिति पर नजर रखे हुए थे और उन्हीं के आदेशानुसार महिला व उसके परिवार को उसके गांव तक पहुंचाने तक वाहन का प्रबंध भी किया गया।

क्या रानी नागर का इस्तीफा नामंज़ूर करने से महिला अधिकारी से होगा न्याय??

सारिका तिवारी, चंडीगढ़:

हरियाणा काडर की चर्चित आईएएस अधिकारी रानी नागर द्वारा दिए गए इस्तीफे को हरियाणा सरकार द्वारा नामंजूर कर दिया गया है। रानी ने गत दिवस इस्तीफा देने औऱ घर की अनुमति मिल जाने के बाद अपनी बहन के साथ गाजियाबाद चलींं गई थी। वहीं उनके त्‍यागपत्र से हरियाणा की सियासत गर्मा गई थी।

भरोसेमंद उच्चपदस्थ सूत्रों ने बताया है कि राज्य सरकार की मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा ने रानी नागर के इस्तीफे का पूरा मामला प्रदेश के मुख्यमंत्री व बाकी अफसरों के साथ में विचार-विमर्श किया। मामले में मुख्यमंत्री और सीएमओ के अफसरों ने फिलहाल इस्तीफा नामंजूर कर दिया गया है। दूसरा बताया जा रहा है कि पूरे मामले में सरकार फूंक फूंककर कदम रखेगी साथ ही इस महिला अधिकारी द्वारा अगर किसी अन्य राज्य में सर्विस करने का विकल्प दिया जाता है, तो उस पर भी सरकार विचार करेगी। इतना ही नहीं रानी की सहमति बनती है, तो उसको दूसरे काडर में भेजने की सिफारिश भी राज्य की ओर से कर दी जाएगी।

रानी नागर के सनसनीखेज आरोप

हरियाणा (Haryana) की महिला आईएएस अफसर रानी नागर (IAS Rani Nagar) ने अपना इस्तीफा देने के बाद गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने गुरुवार को ट्वीट कर यूटी गेस्ट हाउस (Guest House) पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं. अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा कि यूटी गेस्‍ट हाउस में उन्‍हें खराब खाना दिया जाता है. खाने में लोहे के पिन मिलाकर दिया जाता था. रानी नागर के आरोप से हड़कंप मच गया है. बता दें कि आईएएस अधिकारी रानी नागर ने चार मई को अपना इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद वो अपनी बहन के साथ उत्‍तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित अपने घर चली गई थीं. उनके त्‍यागपत्र देने से हरियाणा की सियासत गर्मा गई है.

रानी नागर ने अपने एक अन्य ट्वीट में लिखा कि हमें यूटी गेस्ट हाऊस में ही रखा गया. कर्फ्यू और लॉकडाउन में हमें खाना भी नहीं मिला. मैं और मेरी बहन रीमा नागर ने कर्फ्यू और लॉकडाउन में बड़ी मुश्किल से तरल पदार्थ आदि से अपना गुजारा चलाया. यदि आप मेरा इस्तीफा रोकने के बारे में आग्रह और आंदोलन ना करें तो आप सभी की हम पर बड़ी दया होगी.

उनके समर्थन में आए लोगों से की अपील

उन्होंने उनके समर्थन में आए लोगों से भी ट्वीट में अपील करते हुए कहा, आप सभी से हाथ जोड़कर सादर यह विनती करती हूं कि आप मेरा इस्तीफा स्वीकार ना किए जाने के लिए आग्रह और आंदोलन ना करें. मुझे माननीय न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है. मैं अपने केस में माननीय न्यायपालिका में जाती रहूंगी. मेरे पास अभी अपनी रोटी खाने के लिए भी बहुत सीमित साधन है.

हाथ जोड़कर की विनती

मेरी आप सभी से हाथ जोड़कर विनती है कि जितनी जल्दी मेरा इस्तीफा स्वीकार होगा उतनी ही जल्दी मेरे तनख्वाह में से कटा हुआ एनपीएस फंड मुझे प्राप्त होगा जिससे मैं अपना रोटी का का खर्च चला पाऊंगी. मेरे इस्तीफा स्वीकार ना होने से मेरा और अधिक शोषण होगा. आगे सरकारी नौकरी कर पाना मेरे लिए संभव नहीं होगा.

मुलायम सिंह यादव की ​तबीयत फिर खराब हो गई

इससे पहले भी मुलायम सिंह बीते साल दिसंबर माह में नाक से खून आने के कारण लखनऊ के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। नवंबर में उन्हें यूरिनरी रिटेंशन की शिकायत बताई गई थी। बाद में उन्हें इलाज के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया था। इसके पहले वह लखनऊ के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भी भर्ती हो इलाज करा चुके है।

लखनऊ(ब्यूरो):

समाजवादी पार्टी के संरक्षक और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की ​तबीयत फिर खराब हो गई है। मुलायम सिंह को गुरुवार को दिन में लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इमरजेंसी में भर्ती होते ही उनका इलाज शुरू हो गया और अब उनको प्राइवेट वॉर्ड में शिफ्ट किया गया है। बजाया जा रहा है कि मुलायम सिंह को पेट में गड़बड़ी की शिकायत है। उनके साथ काफी देर तक उनके छोटे भाई और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव तथा पूर्व सांसद डिंपल यादव भी अस्पताल पहुंचे थे।

सूत्रों के अनुसार मेदांता अस्पताल के डायरेक्टर डॉक्टर राकेश कपूर ने बताया कि मुलायम सिंह यादव को तकरीबन पांच दिनों से कब्ज की दिक्कत थी। इस वजह से उन्हेंं बुधवार को मेदांता में भर्ती कराया गया था। एंडोस्कोपी के जरिए उनका उपचार किया गया, जिसके बाद अब उनकी स्थिति सामान्य है। शुक्रवार को उन्हेंं अस्पताल से डिस्चार्ज किया जा सकता है।

उधर, समाजवादी पार्टी की ओर से भी बयान जारी कर मुलायम सिंह यादव के स्वस्थ होने की बात कही गई। सपा ने ट्वीट किया, ”आदरणीय ‘नेता जी’ श्री मुलायम सिंह यादव जी एवं वरिष्ठ समाजवादी नेता श्री पारसनाथ यादव जी ईश्वर की अनुकम्पा से स्वस्थ हैं और अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं।” बता दें, मुलायम सिंह यादव बढ़ती उम्र की वजह से आने वाली बीमारियों से पीड़ित हैं। इसके साथ ही उन्हेंं पेट की दिक्कतों के चलते कई बार अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका है।

दिसंबर माह में नाक से खून आने पर सिविल में कराए गये थे भर्ती

इससे पहले भी मुलायम सिंह बीते साल दिसंबर माह में नाक से खून आने के कारण लखनऊ के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

जहां उनकी सर्जरी हुई थी और बीपी व शुगर की दवाएं भी दी गई थी। इसके बाद इसी दिसंबर माह मे पेट में तकलीफ की शिकायत  पर मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

इससे पहले मुलायम सिंह को नवम्बर माह में पेट दर्द की शिकायत  पर लखनऊ के एसजीपीजीआई में भर्ती कराया गया था। इसके पूर्व वर्ष 2019 के जून महीने में भी उनकी तबीयत बिगड़ गई थी और उन्हें गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

अजान नही होने दे रहा योगी, CM को गोली मार दो: तनवीर खान ने दी धमकी

पूरी दुनिया कोरोना वायरस का प्रकोप झेल रही है! इसी के चलते भारत में भी लॉकडाउन लगा हुआ है! लेकिन इसी लॉकडाउन के बीच मुसलमानों का पवित्र महीना रमजान का जो महीना होता है वह आ गया है! जिसके चलते विभिन्न राज्यों की सरकार मुस्लिम समाज से आग्रह कर रही है कि वह घर पर रहकर ही नवाज पढे और सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर रखें! इसी बात को लेकर नमाज और अजान को अपने घर में कीजिए तनवीर खान नाम के एक व्यक्ति ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सोशल मीडिया पर गोली मारने की बात कही है!

कानपुर, 1 मई:

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गोली मारने की बात सोशल मीडिया में लिखने वाले तनवीर खान को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही है। तनवीर खान को लेकर मामला इस कारण भी जोर पकड़ रहा है, क्योंकि वह खुद उत्तर प्रदेश पुलिस में कार्यरत है।

बृहस्पतिवार (अप्रैल 30, 2020) को तनवीर खान का एक पोस्ट सोशल मीडिया पर सामने आया था। इसमें उसने लिखा था कि रमजान में अजान नहीं हो रही है, इसलिए योगी को गोली मार देनी चाहिए। सोशल मीडिया पर विवेक भारद्वाज ने ऐसी मानसिकता के लोगों का पुलिस विभाग में होना दुर्भाग्य बताते हुए लिखा है, “इंदिरा गाँधी के साथ क्या हुआ था, यह जानने के बावजूद इस प्रकार की मानसिकता के लोगों का पुलिस और भारतीय सेना में होना आश्चर्यजनक है। ऐसे लोग सलाखों के भीतर होने चाहिए, ना कि वर्दी में।”

कई अन्य लोगों ने भी पूछा है कि इस प्रकार की कुत्सित विचारधारा के लोग उत्तर प्रदेश पुलिस में कैसे रह सकते हैं?

इस ट्वीट के जवाब में गाजीपुर पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के लिए साइबर सेल को सूचना दी जाने की बात कही है।

तनवीर खान ने लिखा- अजान नहीं हो रही, योगी को गोली मार दो

कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए देशभर में जारी लॉकडाउन के बीच मुसलमानों का पवित्र रमजान का महीना शुरू हो चुका है। विभिन्न राज्यों की सरकारें नमाजियों से घर पर ही नमाज पढ़ने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की अपील कर रही हैं। नमाज और अजान पर निर्देशों से गुस्साए तनवीर खान नाम के एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गोली मारने की बात कही।

तनवीर खान ने अपने फेसबुक एकाउंट से पोस्ट किया, “दिलदार नगर और पूरे कामसरोवर (कामसर) में अजान नहीं हो रही है। योगी को गोली मार दो*** को।” पोस्ट वायरल होते ही तनवीर खान ने अपना एकाउंट डिएक्टिवेट कर लिया है। लेकिन कुछ लोगों ने ट्विटर पर उसके पोस्ट के स्क्रीनशॉट लेते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस से इस पर संज्ञान लेने की अपील की।

‘औरों को नसीहत खुद मियां फजीहत’ चिरतार्थ करते उद्धव ठाकरे

देश कोरोना से लड़ रहा है और महाराष्ट्र में अपनी कुर्सी बचाने की जुगत में लगे हिन्दू हृदयसमराट बाला साहेब ठाकरे के नौनिहाल उद्धव ठाकरे योगी से भिड़ रहे हैं। खुद मियां फजीहत औरों को नसीहत वाली कहावत पर सटीक बैठते हैं उद्धव ठाकरे। पालघर में संतों की पुलिस की मौजूदगी में हुई निर्मम हत्या के मामले में ढुलमुल रवैया अपनाने और अरनब गोस्वामी पर 12 – 12 घंटे पूछताछ करने पर सुर्खियों में आए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ठाकरे अपने घटक दलों के आकाओं को दोहरी खुशी देने की चाहत में अब बुलंद शहर में हुई 2 साधुओं की निर्मम हत्या पर योगी आदित्यनाथ को ज्ञान बाँट रहे हैं।

नई दिल्ली: 

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के सीएम कार्यालय ने शिवसेना पर आरोप लगाया है कि यूपी में हुई साधुओं की हत्या पर शिवसेना आरोप लगा रही है. 

सीएम योगी के दफ्तर के ट्विटर हैंडल से शिवसेना सांसद संजय राउत को आड़े हाथों लिया गया है. योगी आदित्यनाथ के ऑफिस ने एक के बाद एक ट्वीट कर शिवसेना को खरी-खरी सुनाई है. 

सीएम योगी के ऑफिस की तरफ से संजय राउत पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया गया, ‘पालघर (Palghar) में हुई संतों की वीभत्स हत्या पर चिंता व्यक्त करने को राजनीति कहने वाली आपकी वैचारिक कुदृष्टि को क्या कहा जाए? कुसंस्कारों में ‘रक्त स्नान’ करती आपकी टिप्पणी,आपके बदले हुए राजनीतिक संस्कारों की परिचायक है. निसंदेह यही तुष्टीकरण का प्रवेश द्वार है.’

सीएम योगी के ऑफिस ने ट्वीट किया, ‘संतों की बर्बर हत्या पर चिंता करना राजनीति लगती है? यूपी के मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को फोन किया क्योंकि पालघर के साधू निर्मोही अखाड़ा से संबंधित थे. सोचिए, राजनीति कौन कर रहा है?’

सीएम योगी के ऑफिस ने ट्वीट किया, ‘सीएम योगी के नेतृत्व में यूपी में काननू का राज है. यहां कानून तोड़ने वालों से सख्ती से निपटा जाता है. बुलन्दशहर की घटना में त्वरित कार्रवाई हुई और चंद घंटों के भीतर ही आरोपी को गिरफ्तार किया गया. महाराष्ट्र संभालें,यूपी की चिंता न करें.’

बता दें कि शिवसेना सांसद संजय राउत ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा था, ‘उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में मंदिर में दो साधुओं की हत्या हुई है, ऐसे में सभी से अनुरोध है कि इस मामले में कोई भी पालघर की तरह राजनीति नहीं करे. देश कोरोना से लड़ रहा है, शांति रखें , योगी आदित्यनाथ आरोपियों पर कठोर कार्रवाई करेंगें.’