मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति ने घर मे घुसकर महिला से की मारपीट

राहुल भारद्वाज सहारनपुर:

सहारनपुर थाना जनकपुरी का पूरा मामला एक मानसिक रूप से बीमार युवक मोहित को लेकर था जिसने एक महिला के साथ घर में घुसकर मार पिटाई की थी महिला की शिकायत के बाद थाना जनकपुरी प्रभारी ने पुलिस टीम को भेज मानसिक रूप से रोगी युवक मोहित को थाने लेकर आ गई थी लेकिन मानसिक रूप से बीमार युवक की हालत को बिगड़ता देख पुलिस ने उसे सख्त हिदायत देकर छोड़ दिया था,इसी को लेकर महिला ने थाने पहुंचकर हंगामा किया और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को भी बुला लिया, जबकि युवक की मां से जब मीडिया ने बात की तो उसका भी यही कहना था कि मेरा बेटा मोहित मानसिक रूप से बीमार है और उसका इलाज चल रहा है जबकि पीड़ित महिला का यह कहना था अगर यह मानसिक रूप से बीमार है तो इसे अस्पताल भेजना चाहिए जिससे यह दूसरी घटना ना कर सके जिसके बाद पुलिस ने दोबारा से उस मानसिक रूप से बीमार युवक को हिरासत में ले लिया है,और उसके बाद महिला और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं सीओ 2 के समझाने पर अपना धरना समाप्त किया।

सड़क हादसे में युवक की हुई दर्दनाक मौत डम्पर ने रौंदा

राहुल भारद्वाज, सहारनपुर:

जनपद सहारनपुर मे ट्रांसपोर्ट नगर गेट के सामने एक दर्दनाक हादसा हो गया। जहां अवैध खनन से भरे ट्रक ने बाइक सवार दामोडरपुरी निवासी उत्कर्ष को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में उसकी मौत भी हो गई। वहीं हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने इस सड़क पर जाम लगा दिया और परिजनों में कोहराम मच गया। जिसके बाद सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने ट्रक को हिरासत में लिया साथ ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जानकारी के मुताबिक मामला थाना जनकपुरी क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट नगर का है। जहाँ अवैध खनन से भरे एक ट्रक ने एक बाइक को जोरदार टक्कर मारी। जिसमें बाइक सवार एक बालक की मौके पर ही मौत हो गई।  हालांकि अभी तक पुलिस द्वारा मामले की पुष्टि नहीं की गई।

नवरात्रि महत्व

सनातन धर्म के बहुत से ऐसे पर्व हैं जिनमें रात्रि शब्द जुड़ा हुआ है। जैसे शिवरात्रि और नवरात्रि। साल में चार नवरात्रि होती है। चार में दो गुप्त नवरात्रि और दो सामान्य होती है। सामान्य में पहली नवरात्रि चैत्र माह में आती है जबकि दूसरी अश्विन माह में आती है। चैत्र माह की नवरात्रि को बड़ी नवरात्रि और अश्विन माह की नवरात्रि को छोटी या शारदीय नवरात्रि कहते हैं। आषाढ और माघ मास में गुप्त नवरात्रि आती है। गुप्त नवरात्रि तांत्रिक साधनाओं के लिए होती है जबकि सामान्य नवरात्रि शक्ति की साधना के लिए।

धर्म/संस्कृति डेस्क, चंडीगढ़:

1. नवरात्रि में नवरात्र शब्द से ‘नव अहोरात्रों (विशेष रात्रियां) का बोध’ होता है। ‘रात्रि’ शब्द सिद्धि का प्रतीक माना जाता है। भारत के प्राचीन ऋषि-मुनियों ने रात्रि को दिन की अपेक्षा अधिक महत्व दिया है। यही कारण है कि दीपावली, होलिका, शिवरात्रि और नवरात्र आदि उत्सवों को रात में ही मनाने की परंपरा है। यदि, रात्रि का कोई विशेष रहस्य न होता तो ऐसे उत्सवों को रात्रि न कह कर दिन ही कहा जाता। जैसे- नवदिन या शिवदिन, परंतु हम ऐसा नहीं कहते हैं। शैव और शक्ति से जुड़े धर्म में रात्रि का महत्व है तो वैष्णव धर्म में दिन का। इसीलिए इन रात्रियों में सिद्धि और साधना की जाती है। (इन रात्रियों में किए गए शुभ संकल्प सिद्ध होते हैं।)

2. यह नवरात्रियां साधना, ध्यान, व्रत, संयम, नियम, यज्ञ, तंत्र, त्राटक, योग आदि के लिए महत्वपूर्ण होती है। कुछ साधक इन रात्रियों में पूरी रात पद्मासन या सिद्धासन में बैठकर आंतरिक त्राटक या बीज मंत्रों के जाप द्वारा विशेष सिद्धियां प्राप्त करने का प्रयास करते हैं, क्योंकि इस दिनों प्रकृति नई होना प्रारंभ करती है। इसलिए इन रात्रियों में नव अर्थात नया शब्द जुड़ा हुआ है। वर्ष में चार बार प्रकृति अपना स्वरूप बदलकर खुद को नया करती हैं। बदलाव का यह समय महत्वपूर्ण होता है। वैज्ञानिक दृष्‍टिकोण से देखें तो पृथ्वी द्वारा सूर्य की परिक्रमा काल में एक वर्ष की चार संधियां होती हैं जिनमें से मार्च व सितंबर माह में पड़ने वाली संधियों में साल के दो मुख्य नवरात्र पड़ते हैं। इस समय रोगाणु आक्रमण की सर्वाधिक संभावना होती है। ऋतुओं की संधियों में अक्सर शारीरिक बीमारियां बढ़ती हैं। ऐसे में नवरात्रि के नियमों का पालन करके इससे बचा भी जा सकता है।

3. वैसे भी रात्रि में प्रकृति के बहुत सारे अवरोध खत्म हो जाते हैं। जैसे यदि आप ध्यान दें तो रात्रि में हमारी आवाज बहुत दूर तक सुनाई दे सकती है परंतु दिन में नहीं, क्योंकि दिन में कोलाहल ज्यादा होता है। दिन के कोलाहल के अलावा एक तथ्य यह भी है कि दिन में सूर्य की किरणें आवाज की तरंगों और रेडियो तरंगों को आगे बढ़ने से रोक देती हैं।

4. रेडियो इस बात का उदाहरण है कि रात्रि में उनकी फ्रीक्वेंसी क्लियर होती है। ऐसे में ये नवरात्रियां तो और भी महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि इस समय हम ईथर माध्यम से बहुत आसानी से जुड़कर सिद्धियां प्राप्त कर सकते हैं। हमारे ऋषि-मुनि आज से कितने ही हजारों-लाखों वर्ष पूर्व ही प्रकृति के इन वैज्ञानिक रहस्यों को जान चुके थे।

5. रेडियो तरंगों की तरह ही हमारे द्वारा उच्चारित मंत्र ईथर माध्यम में पहुंचकर शक्ति को संचित करते हैं या शक्ति को जगाते हैं। इसी रहस्य को समझते हुए संकल्प और उच्च अवधारणा के साथ अपनी शक्तिशाली विचार तरंगों को वायुमंडल में भेजकर साधन अपनी कार्यसिद्धि अर्थात मनोकामना सिद्धि करने में सफल रहते हैं। गीता में कहा गया है कि यह ब्रह्मांड उल्टे वृक्ष की भांति हैं। अर्थात इसकी जड़े उपर हैं। यदि कुछ मांगना हो तो ऊपर से मांगों। परंतु वहां तक हमारी आवाज को पहुंचेने के लिए दिन में यह संभव नहीं होता है यह रात्रि में ही संभव होता है। माता के अधिकतर मंदिरों के पहाड़ों पर होने का रहस्य भी यही है।

माँ भगवती के जयघोष के साथ शारदीय नवरात्रों का शुभारंभ

सनातन धर्म के बहुत से ऐसे पर्व हैं जिनमें रात्रि शब्द जुड़ा हुआ है। जैसे शिवरात्रि और नवरात्रि। साल में चार नवरात्रि होती है। चार में दो गुप्त नवरात्रि और दो सामान्य होती है। सामान्य में पहली नवरात्रि चैत्र माह में आती है जबकि दूसरी अश्विन माह में आती है। चैत्र माह की नवरात्रि को बड़ी नवरात्रि और अश्विन माह की नवरात्रि को छोटी या शारदीय नवरात्रि कहते हैं। आषाढ और माघ मास में गुप्त नवरात्रि आती है। गुप्त नवरात्रि तांत्रिक साधनाओं के लिए होती है जबकि सामान्य नवरात्रि शक्ति की साधना के लिए। आज शारदीय नवरात्रि का दूसरा दिन है जो मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित है, विश्वास है कि मां ब्रह्मचारिणी की सच्‍चे मन से पूजा करने से भक्‍त को सदाचार, एकाग्रता, धैर्य, संयम और सहनशीलता प्राप्‍त होती है।

धर्म/ संस्कृति डेस्क, पंचकूला:

जय कारा ये शेरांवाली का – बोल साँचे दरबार की जय, जहड़ा माता दा जयकारा न लाये ओह महामाई दा चोर। माता के भावभक्ति में डूबे जयकारों के साथ मनसा देवी मंदिर की सीढ़ियों पर चढ़ने वाले भक्तों का जोश नवरात्र के पहले दिन खूब दिखाई दिया। टोकन लेकर मंदिर में दर्शन करने आए भक्तों ने अनुशासन के साथ मंदिर में प्रवेश किया और माता को शीश नवाया।

माता मनसा देवी मंदिर में सुबह से ही भक्तों का तांता लग गया था। पुलिस द्वारा यहां करीब 15 नाके लगाए गए थे। माता मनसा देवी मंदिर में प्रवेश के लिए टोकन सिस्टम होने के बावजूद यहां पर औसतन 12 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंची हुई थी। यहां पर हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और पंजाब के भक्त भी दर्शन करने पहुंचे थे। एक भक्त विकास गुप्ता ने बताया कि वह सुबह छह बजे ही यहां पहुंचे थे। कोविड के कारण अबकी बार यहां भक्तों की ज्यादा भीड़ नहीं दिखाई दे रही है।

23,79,887 लाख का चढ़ावा चढ़ा

माता मनसा देवी में पहले दिन 18,54,572 जबकि काली माता मंदिर में 5,25,315 रुपये का चढ़ावा चढ़ा। इसके साथ ही माता मनसा देवी मंदिर में 10.572 ग्राम का सोना और 638.397 ग्राम चांदी चढ़ाई गई। काली माता मंदिर में श्रद्धालुओं ने 2.96 ग्राम सोना और 432.67 ग्राम चांदी का चढ़ावा माता को भेंट किया।

कोरोना मुक्ति यज्ञ का किया आयोजन

हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने माता मनसा देवी मंदिर स्थित यज्ञशाला में कोरोना मुक्ति यज्ञ किया। उन्होंने इस महामारी के खात्मे की कामना की। गुप्ता ने कहा कि वे जब भी माता के दरबार में मन्नत मांगने आए, वह हमेशा पूरी हुई है। इस मौके पर उनके साथ उपायुक्त मुकेश कुमार आहूजा, विधानसभा अध्यक्ष की पत्नी बिमला देवी, भाजपा के जिला प्रधान अजय शर्मा, महामंत्री हरेंद्र मलिक, पूर्व प्रधान दीपक शर्मा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी एमएस यादव, सचिव शारदा प्रजापति, वीरेंद्र राणा, कमल अवस्थी, बीबी सिंघल, सौरभ बंसल, सुरेश वर्मा, सुरेंद्र मनचंदा, संदीप यादव, वंदना गुप्ता, रेडक्रास सचिव सविता अग्रवाल, श्यामलाल बंसल, विशाल सेठ, बलकेश वत्स, जय कौशिक के साथ कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

सब इंस्पेक्टर के धमकी से व्यक्ति को पड़ा दिल का दौरा

राहुल भारद्वाज सहारनपुर:

परिवार का है आरोप है सब इंस्पेक्टर के धमकाने से पड़ा दिल का दौरा दिल के दौरे पढ़ने से व्यक्ति की इलाज के दौरान हुई मौत।

सहारनपुर थाना सदरबाजार के अंतर्गत हिम्मत नगर में एक मकान मालकिन ने घर खाली कराने का मामला

सूचना के मुताबिक अनिल उपाध्याय अपने परिवार के साथ हिम्मत नगर में केला देवी के मकान में किराये पर रह रहे थे। मकान मालकिन ने  पहले भी घर खाली करने को बोला था उस समय मृतक व्यति का नाम अनिल उपाध्याय है जिन्होंने सर्दियों तक का समय माँगा था। बबिता अपने पति अनिल उपाध्याय के साथ कलेक्ट्रेट कोर्ट सहारनपुर में किसी काम से गई हुई थी तो मकान मालकिन अचानक से एक सब इंस्पेक्टर जिसका नाम नीरज बताया जा रहा हैं, आरोप है कि मृतक व्यक्ति व परिवार के लोगो के साथ  सब इंस्पेक्टर ने अभद्रता की और मकान खाली कराने के लिए व्यक्ति के ऊपर दबाव बनाया इतना जिसकी वजह से व्यक्ति की ह्रदय गति रुक गई वही परिवार के लोगो ने हालत गंभीर देख व्यक्ति को आनन फानन अस्पताल में भर्ती कराया जहाँ इलाज के दौरान व्यक्ति की मौत हो गई वही पीड़ित परिवार ने थाना सदर बाजार में तहरीर दे दी  है और कार्रवाई की मांग की है वहीं क्षेत्रीय पार्षद प्रदीप उपाध्याय ने कहा अनिल उपाध्याय एक समाज सेवी थे जो जनपद सहारनपुर में सुर्खियों में थे पार्षद ने कहा उनको इंसाफ मिलना चाहिए दरोगा और मकान मालिक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए।

बलात्कार के आरोपी को टीकेट देने की शिकायत करने पर कोंग्रेसियों ने की अपनी ही नेत्री की पिटाई

यूपी के देवरिया जिले में कांग्रेस की महिला नेता के साथ साथ कार्यकर्ताओं की हाथापाई का मामला सामने आया है. हाथापाई तब शुरू हुई जब उत्तर प्रदेश की खाली विधानसभा सीटों पर उप-चुनाव के लिए टिकटों पर मंथन चल रहा था. इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता तारा यादव ने ‘बलात्कार के आरोपी’ को उम्मीदवार बनाए जाने के खिलाफ विरोध जताया और प्रदर्शन किया. इसके बाद हंगामा मच गया और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महिला नेता को जमकर पीटा. 

देवरिया, उप्र(ब्यूरो):  

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में अगले माह होने जा रहे उपचुनाव को लेकर शनिवार को कांग्रेस नेताओं की एक बैठक के दौरान तब हंगामा हो गया जब पार्टी प्रत्याशी के नाम की घोषणा से नाराज एक महिला नेत्री ने राष्‍ट्रीय सचिव और प्रदेश प्रभारी सचिन नाइक पर हमला बोल दिया. इस पूरे मामले पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्‍यक्ष अजय कुमार लल्‍लू ने कड़ी कार्रवाई करते हुए अनुशासनहीनता करने वाले दो नेताओं को तत्‍काल प्रभाव से पार्टी से निष्‍कासित कर दिया है.

कांग्रेस की ओर से जारी एक बयान में अजय कुमार लल्‍लू ने इस घटना को कांग्रेस पार्टी को बदनाम करने की साजिश बताया है. अजय कुमार के निर्देश पर इस घटना की जांच के लिए तीन सदस्‍यीय जांच समिति का गठन किया गया है. देवरिया के प्रभारी और कांग्रेस के प्रदेश सचिव कौशल कुमार त्रिपाठी ने बताया कि तीन सदस्‍यीय जांच दल में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की सदस्‍य तलत अजीज, प्रदेश महिला अध्‍यक्ष पूर्वी जोन शहला अहरारी, प्रदेश उपाध्‍यक्ष पूर्वी महिला कांग्रेस चंद्रकला पुष्‍कर को शामिल किया गया है. यह समिति तीन दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट प्रदेश अध्‍यक्ष को सौंपेगी.

वायरल हुआ वीडियो

कौशल त्रिपाठी ने बताया कि अनुशासनहीनता करने वाले दीनदयाल यादव और अजय कुमार सैंथवार को तत्‍काल प्रभाव से पार्टी से निष्‍कासित किया गया है. उपचुनाव के लिये पार्टी द्वारा मुकुंद भास्कर मणि को प्रत्याशी बनाए जाने से यादव नाखुश थीं. कांग्रेस सचिव सचिन नाइक की मौजदूगी में बैठक में हुई हाथापाई और विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. टिकट न मिलने से आक्रोशित तारा यादव बैठक में सचिन नाइक से हाथापाई करने लगीं. कुछ प्रत्‍यक्षदर्शियों ने बताया कि इस दौरान नाइक पर तारा यादव ने गुलदस्ता भी फेंका. कांग्रेस पार्टी की नेता तारा यादव देवरिया सीट से मुकुंद भास्कर मणि को टिकट दिए जाने से काफी नाराज थीं.

जमकर हुई हाथापाई

यादव का आरोप है कि मुकुंद बलात्कार के एक मामले में आरोपित रहें हैं, इसलिए उनको टिकट नहीं दिया जाना चाहिए।.जबकि मुकुंद भास्कर मणि का कहना है कि आरोप लगा था लेकिन मामला बहुत पहले ही समाप्त हो चुका है. बताया जाता है कि खुद टिकट की दावेदार रहीं तारा यादव गुलदस्ता लेकर कार्यालय के अंदर पहुंचीं. आरोप है कि तारा यादव ने गुलदस्ता देने के बहाने पार्टी के राष्ट्रीय सचिव सचिन नाइक के साथ हाथापाई की.

जिलाध्यक्ष समेत चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज

सचिन नाइक से हो रही हाथापाई को देखकर पार्टी कार्यकर्ता भड़क गए. नाराज कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर तारा यादव को पीटा और उनको धक्‍का देकर बैठक से बाहर निकाल दिया. बाद में कांग्रेस की इस महिला नेता ने पार्टी के जिलाध्यक्ष समेत चार नामजद और अन्य के खिलाफ मारपीट व छेड़खानी करने का आरोप लगाते हुए कोतवाली में तहरीर दी है. इस संबंध में पूछे जाने पर कोतवाल चंद्रभान सिंह ने बताया की तहरीर के आधारा पर केस दर्ज कर लिया गया है. जांच की जा रही है.

‘फेक भाभी’ के नक्सली / कांग्रेसी कनेक्शन : एक रिपोर्ट

हाथरस कांड में एक ताजा जानकारी सामने आने से ट्विटर पर हलचल बढ़ गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़‍िता के घर में एक महिला फर्जी रिश्‍तेदार बनकर रह रही थी। खुद को पीड़‍िता की ‘भाभी’ बताने वाली इस महिला का नक्‍सल कनेक्‍शन मिला है जिसकी जांच पुलिस कर रही है। इतना पता चलते ही ट्विटर पर इस भाभी की चर्चा तेज हो गई। कुछ ही देर में ‘फेक नक्‍सल भाभी’ हैशटैग टॉप ट्रेंड्स में शामिल हो गया। लोग इस नई जानकारी के बाद सवाल उठा रहे हैं कि क्‍या साजिश की जो बात कही जा रही है, वह सही है। कई यूजर्स ने कांग्रेस महासचिव प्र‍ियंका गांधी पर भी निशाना साधा है। कुछ पत्रकार भी निशाने पर हैं।

  • हाथरस कांड में नए खुलासे से आया मोड़, पीड़‍िता के घर में थी ‘फर्जी’ रिश्‍तेदार
  • पीड़‍िता की भाभी बनकर रह रही थी महिला, नक्‍सल कनेक्‍शन के बाद अब कॉंग्रेस कनैक्शन भी सामने आया
  • पुलिस कर रही जांच, आरोप है क‍ि इस महिला ने पीड़‍ित परिवार को बरगलाया
  • 16 सितंबर से ही सक्रिय हो गई थी महिला, SIT को है उसकी जोरों से तलाश

हाथरस / नयी दिल्ली :

हाथरस मामले में कथित ‘फेक भाभी’ के कथित नक्सल और मार्क्सवादी कनेक्शन के बाद सोशल मीडिया पर अब इसके कॉन्ग्रेसी सम्बन्ध चर्चा का विषय हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में इस महिला के बारे में दावा किया जा रहा था कि वह पीड़ित परिवारवालों के घर में मृतका की फेक भाभी बन कर रह रही थी।

यह भी माना जा रहा है कि यह महिला मीडिया और पीड़ित परिवार से मिलने आ रहे राजनीतिक दलों से क्या और कैसे कहना है, इस बारे में परिजनों को सीखाने का काम करती थी। हाथरस में पीड़िता के घर में ‘नकली भाभी’ बनकर रहने की आरोपित डॉ राजकुमारी बंसल अब लगातार अपने बयान भी बदल रही हैं और पीड़िता की भाभी या बहन होने से भी इंकार कर रही हैं। वहीं ट्विटर यूज़र्स ने कथित नक्सली महिला का कनेक्शन कॉन्ग्रेस से भी होने का दावा किया है।

दक्षिणपंथी लेखिका शेफाली वैद्य ने अपने ट्विटर एकाउंट से मध्यप्रदेश जबलपुर की रहने वाली कथित नक्सली महिला के नाम से एक ट्विटर एकाउंट खोज निकाला है। उन्होंने दावा किया है कि यह एकाउंट हाथरस पीड़ित परिजनों के साथ पीड़िता के मरने के बाद रह रही कथित नक्सली महिला का ही है।

शेफाली वैद्य ने डॉ. राजकुमारी बंसल नाम से एक ट्विटर एकाउंट का स्क्रीनशॉट शेयर किया है। बता दें कि पीड़िता की भाभी ने भी अपने एक बयान में उनके घर में 2 सप्ताह से रह रही कथित नक्सली महिला का नाम भी राजकुमारी ही बताया है।

पोस्ट किए गए स्क्रीनशॉट में शेफाली ने कई खुलासे भी किए है। इस महिला का नाम डॉक्टर राजकुमारी बंसल बताया जा रहा है जो कि जबलपुर, मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं। उन्होंने ट्विटर पर एक ट्वीट भी किया है जिसमें लिखा है – #कास्ट मैटर्स

अपने पोस्ट में शेफाली ने कॉन्ग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए हाथरस घटना के पीछे राहुल गाँधी और प्रियंका द्वारा रची गई साजिश की ओर इशारा किया है। शेयर किए गए स्क्रीनशॉट में ट्विटर यूजर ने बताया कि राजकुमारी बंसल कॉन्ग्रेस समर्थक है, जो कि उनके ट्विटर अकाउंट से भी पता चलता है। राजकुमारी कॉन्ग्रेस के आधिकारिक ट्विटर एकाउंट को फॉलो करती है, इतना ही नहीं उन्होंने राहुल गाँधी के ट्वीट्स को भी रिट्वीट किया है।

वहीं, एक अन्य ट्विटर यूजर अंकुर सिंह ने भी यही दावा किया है। अंकुर ने एक ट्वीट करते हुए लिखा, “हाथरस में रह रही नकली भाभी मध्यप्रदेश जबलपुर की रहने वाली डॉ. राजकुमारी बंसल है। आपको क्या लगता है कि किसी को एमपी से हाथरस क्यों भेजा गया? क्या उसे पीड़ित परिवार को यह सीखने के लिए भेजा गया था कि उन्हें क्या बोलना है या किसी भी सबूत को कैसे पेश करना है? फेक भाभी राहुल गाँधी और कॉन्ग्रेस को ट्विटर पर फॉलो करती हैं।” वहीं अंकुर ने एक फेसबुक एकाउंट भी शेयर किया है जिसे उन्होंने कथित नक्सली महिला राजकुमारी का होने का दावा किया है।

राजकुमारी बंसल फॉरेंसिक एक्सपर्ट की हैसियत से गई थी हाथरस

कॉन्ग्रेस समर्थक होने का खुलासा होने के बाद राजकुमारी बंसल का एक और वीडियो सामने आया है। राजकुमारी बंसल नाम की इस महिला ने स्वीकार किया है कि वह हाथरस पीड़ित परिवार के बीच गई थी। उन्हें इस वीडियो में यह कहते हुए सुना जा सकता है कि वह फॉरेंसिक एक्सपर्ट हैं और इस सम्बन्ध में ही ‘कुछ मदद’ करने के लिए ही वो हाथरस गई थी।

पहले कहा था ‘बहन हूँ’, अब बदले बयान

राजुकमारी बंसल अब लगातार बयान भी बदल रही हैं। हाथरस में पीड़ित परिवार के साथ बैठकर एक टीवी चैनल के साथ बातचीत में राजकुमारी बंसल ने कुछ ही दिन पहले कहा था कि वह उनकी बहन हैं जबकि अब नए बयान में उन्होंने कहा है कि उन्होंने कभी भी खुद को परिवार का सदस्य नहीं बताया।

गौरतलब है कि एक टीवी चैनल  ने अपने एक रिपोर्ट में खुलासा किया था कि एक महिला पीड़ित परिवार में मृतका की ‘भाभी’ बन कर रह रही थी और परिवार की तरफ से बयान भी दे रही थी। इसके बाद से हाथरस मामले का नक्सली कनेक्शन सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि उक्त ‘भाभी’ सितम्बर 16 से 22 तारीख तक परिवार के साथ रही और इस दौरान अपने नक्सली आकाओं से भी संपर्क में थी।

हालाँकि, अन्य सूत्रों का कहना है कि वो काफी समय से पीड़ित परिवार के साथ रह रही थी। कहा जा रहा है कि वो घटना के दो दिन बाद ही पीड़ित परिवार के साथ रहने आ गई थी।

वहीं अब पीड़िता की असली भाभी की एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने दावा किया है कि सवालों के घेरे में आई महिला कोई फर्जी नहीं बल्कि उनकी दूर की रिश्तेदार थी। घूँघट में अपना चेहरा ढके और हाथ में एक बच्चा लिए पीड़िता की असली भाभी ने कहा, “उनका (संदिग्ध नक्सली) नाम राजकुमारी है। उनका एक 10 साल का बेटा है। उनका पति और एक परिवार है। ऐसा कुछ नहीं है (जो मीडिया में बताया जा रहा है)।”

हाथरस में दंगे होंगे, फिर इस मुद्दे को भुनाने के लिए राहुल गांधी हाथरस आएंगे : श्योराज वाल्मीकि

“दंगा तो कोई भी रोक नहीं पाएगा, जो स्थिति बनती जा रही है। वाल्मीकि समाज मार्शल कौम है। हमलोगों को आप गाँव में मार सकते हैं। बहुत काट दिए जाएँगे, बहुत मार दिए जाएँगे। शहर में हमलोग अच्छी-खासी तादाद में हैं। तैयारी पूरी है। इसके लिए हम पूरे तरीके से लगे हुए हैं।” स्टिंग ऑपरेशन में रिपोर्टर के पूछने पर श्योराज वाल्मीकि ने कहा कि पीड़ित दलित परिवार पर दबाव बनाया जा रहा था और जाति के नाम पर माहौल बिगाड़ने की तैयारी हो रही थी. कथित स्टिंग ऑपरेशन में उन्होंने कहा कि हाथरस में दंगे होंगे. गोलियां चलेंगी. दो लोग इधर से मरेंगे और दो लोग उधर से मरेंगे. फिर इस मुद्दे को भुनाने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी हाथरस आएंगे. आंदोलन लंबा चलेगा.

उप्र(ब्यूरो):

एक राष्ट्रिय चैनल के एक स्टिंग ऑपरेशन में हाथरस मामले को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। मामले का राजनीतिकरण कर के हाथरस को लेकर पूरे उत्तर प्रदेश में दंगे भड़काने की साजिश थी, ऐसा पता चला है। चैनल के इस स्टिंग में कॉन्ग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री श्योराज जीवन दंगे की साजिश रचते हुए दिखाई पड़ रहे हैं। इससे हाथरस केस में नया एंगल आने की सम्भावना है।

इस वीडियो में कॉन्ग्रेस नेता श्योराज जीवन वाल्मीकि कहते दिख रहे हैं, दंगा तो कोई भी रोक नहीं पाएगा, जो स्थिति बनती जा रही है। वाल्मीकि समाज मार्शल कौम है। हमलोगों को आप गाँव में मार सकते हैं। बहुत काट दिए जाएँगे, बहुत मार दिए जाएँगे। शहर में हमलोग अच्छी-खासी तादाद में हैं। तैयारी पूरी है। इसके लिए हम पूरे तरीके से लगे हुए हैं। बताया जा रहा है कि उक्त नेता कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी का करीबी है।

चैनल के अनुसार, श्योराज जीवन ने ये भी खुलासा किया कि हाथरस में जाति के नाम पर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है और पीड़ित परिवार पर दबाव बनाया जा रहा है। चैनल का कहना है कि ये वीडियो इस बात का पक्का सबूत है और ये इस केस का सबसे बड़ा कबूलनामा है। वीडियो में कॉन्ग्रेस नेता कहते हैं, ये केस नहीं दबेगा। मैं इस मामले में 4 दिन बाद पड़ा था। परिवार हताश हो गया था।

कॉन्ग्रेस नेता ने बताया कि जब उन्हें पता चला तो वो पीड़ित परिवार से मिलने के लिए गए। उन्होंने कहा, “बच्ची को देख कर कोई बर्दाश्त नहीं कर सकता था। फिर मैंने उग्र रूप ले लिया।” चैनल का दावा है कि हाथरस में तनाव बढ़ाने के कॉन्ग्रेस नेता श्योराज जीवन खुद मैदान में उतर गए। राहुल गाँधी भी हाथरस पहुँचे तो उनसे उन्होंने मुलाकात की, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। श्योराज जीवन को उत्तर प्रदेश में कॉन्ग्रेस के दलित चेहरों में से एक माना जाता है। स्टिंग वाले वीडियो में वो कहते हैं,

जाँच एजेंसियों की पड़ताल में यह बात भी सामने आई कि विरोध-प्रदर्शन की आड़ में रातों रात ‘जस्टिस फॉर हाथरस (Justice for hathras)’ नाम की वेबसाइट बनाई गई। इस वेबसाइट का इकलौता उद्देश्य था, उत्तर प्रदेश को दंगों की आग में झोंक देना। इस वेबसाइट को इस्लामी देशों द्वारा समर्थित कट्टरपंथी संगठन, एमनेस्टी इंटरनेशनल से फंडिंग मिलती थी। यह वेबसाइट बहुसंख्यक समुदाय में असंतोष पैदा करने, योगी और मोदी सरकार को कमज़ोर करने का प्रयास कर रही थी।

सहारनपुर पुलिस की बड़ी कार्येवाई सट्टा खेलते हुए 5 अभियुक्तों को किया गिरफ्तार

राहुल भारद्वाज, सहारनपुर:

सहारनपुर थाना कुतुबशेर (प्रभारी) विनोद कुमार सिह, ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए चन्दो बाई कालोनी स्थित मिन्टू कालडा के मकान पर छापेमारी करते हुए पांच लोगों को जुआ खेलते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया पुलिस की इस कार्रवाई की लोगों द्वारा जमकर प्रशंसा की जा रही है आपको बता दे, कि वरिष्ठ पुलिस (अधीक्षक), डॉo एसo चनप्पा, द्वारा अपराधियो के विरुद्व चलाये जा रहे धरपकड़ अभियान के अन्तर्गत, अपर पुलिस (अधीक्षक), नगर एवं सहायक पुलिस (अधीक्षक) क्षेत्राधिकारी नगर-प्रथम के कुशल नेतृत्व में आज  (05:30) बजे थाना कुतुबशेर पुलिस द्वारा एक बड़ी कार्रवाई करते हुए,चन्दोबाई कालोनी थाना क्षेत्र कुतुबशेर में मिंटू कालरा के मकान से (5) अभियुक्त क्रमश (1)=विक्की उर्फ विपिन लखेडा पुत्र रामचन्द लखेडा निवासी नवीननगर थाना सदर बाजार, सहारनपुर (2)=अमित बजाज पुत्र अरुण बजाज निवासी हकीकतनगर थाना सदर बाजार, सहारनपुर (3)=आशू आनन्द पुत्र सुदेश कुमार निवासी हकीकतनगर थाना सदर बाजार, सहारनपुर (4)=राजकुमार पुत्र खैरातचन्द निवासी पंजाबी बाग थाना सदर बाजार, सहारनपुर (5)=वरुण शर्मा पुत्र राजेन्द्र कुमार शर्मा निवासी शारदानगर थाना कुतुबशेर, सहारनपुर को आपस में रुपयो की हारजीत की बाजी लगाकर ताश के पत्तो द्वारा जुआ खेलते समय करीब (60,000) रुपये नगद व (52) अदद ताश के पत्ते, (2) मोटर साइकिल व (2) स्कूटी सहित गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है जबकि अभियुक्त मिंटू कालरा मौके से भागने में सफल रहा हैं जिसकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी है गिरफ्तारी व बरामदगी के सम्बन्ध में थाना कुतुबशेर पर मु.अ.सं. 381/2020 धारा 3/3 जुआ अधि. पंजीकृत कर अग्रिम कार्यवाही की गयी है।

हाथरस इंसाफ की आड़ में यूपी में दंगे भड़काने की साजिश

हाथरस कांड की आड़ में उत्तर प्रदेश की योगी और केंद्र की मोदी सरकार को दुनिया भर में बदनाम करने की साजिश का पर्दाफाश हुआ है. यूपी में जातीय दंगे कराने के लिए हाथरस पीड़िता की मौत वाली रात ही एक ‘वेबसाइट’ बनाई गई. दंगे की इस वेबसाइट के तार एमनेस्टी इंटरनेशनल जुड़ रहे हैं. इस वेबसाइट को इस्लामिक देशों से जमकर फंडिंग भी मिली. इस मामले में जांच एजेंसियों के हाथ अहम और चौंकाने वाले सुराग लगे हैं.”जस्टिस फॉर हाथरस” नाम से दंगे की वेबसाइट तैयार हुई. ”जस्टिस फॉर हाथरस” नाम से तैयार हुई वेबसाइट में फर्जी आईडी से हजारों लोगों को जोड़ा गया था. बेवसाइट पर विरोध प्रदर्शन की आड़ में देश और प्रदेश में दंगे कराने और दंगों के बाद बचने का तरीका बताया गया. मदद के बहाने दंगों के लिए फंडिंग की जा रही थी. फंडिंग की बदौलत अफवाहें फैलाने के लिए मीडिया और सोशल मीडिया के दुरूपयोग के सुराग भी जांच एजेंसियों को मिले हैं.

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उप्र(ब्यूरो):

जाँच एजेंसियों ने हैरान कर देने वाला खुलासा किया है। खुलासे के मुताबिक़ देश के अलग अलग क्षेत्रों में दंगा कराने का षड्यंत्र रचा जा रहा था। इसमें उत्तर प्रदेश मुख्य रूप से निशाने पर था जहाँ हाल ही में हाथरस घटना हुई है। षड्यंत्र का एक ही उद्देश्य था प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छवि को नुकसान पहुँचाना।

जाँच एजेंसियों की पड़ताल में यह बात भी सामने आई कि विरोध-प्रदर्शन की आड़ में रातों रात ‘जस्टिस फॉर हाथरस (Justice for hathras)’ नाम की वेबसाइट बनाई गई। इस वेबसाइट का इकलौता उद्देश्य था, उत्तर प्रदेश को दंगों की आग में झोंक देना। 

रातों रात बन गई ‘जस्टिस फॉर हाथरस’ वेबसाइट

पीड़िता की मृत्यु के ठीक एक दिन बाद यह वेबसाइट तैयार हुई और हज़ारों लोग इस वेबसाइट से जुड़ गए। हैरानी की बात यह थी कि जुड़ने वाले लगभग सभी लोग फेक आईडी से जुड़े थे। जाँच में सामने आए नतीजों के मुताबिक़ इस वेबसाइट को इस्लामी देशों द्वारा समर्थित कट्टरपंथी संगठन, एमनेस्टी इंटरनेशनल से फंडिंग मिलती थी। यह वेबसाइट बहुसंख्यक समुदाय में असंतोष पैदा करने, योगी और मोदी सरकार को कमज़ोर करने का प्रयास कर रही थी। इस वेबसाइट पर इस तरह की सामग्री पाई गई, जिसमें सांप्रदायिक दंगा भड़काने की बात हो रही थी। 

वेबसाइट सरकार की जानकारी में उस वक्त आई जब इसके जरिए भ्रामक, भड़काऊ और आपत्तिजनक विषय-वस्तु का प्रचार किया जा रहा था। रविवार (4 अक्टूबर 2020) की रात छापेमारी के दौरान वेबसाइट पर कार्रवाई हुई थी। जाँच एजेंसियों को पड़ताल के दौरान यह भी पता चला कि इस वेबसाइट को बनाने में एसडीपीआई और पीएफआई जैसे संगठनों ने भी सहयोग किया था। इस वेबसाइट पर एडिट किए गए वीडियो और फोटोशॉप की गई तस्वीरें साझा की गई थीं, जिससे देश और प्रदेश में अस्थिरता और जातीय दंगों जैसे हालात बनें।

वेबसाइट पर बहुसंख्यक समुदाय को भड़काने वाली कंटेंट

वेबसाइट पर जिस तरह की विषय-वस्तु साझा की गई थी उसमें विस्तार से उल्लेख था कि दंगों के दौरान प्रदर्शन करने वालों को क्या करना है (Do’s) और क्या नहीं करना है (Don’ts)। इसके बाद वेबसाइट में इस प्रक्रिया का भी उल्लेख था कि कैसे दंगा भड़काना है और उसके आरोपों से बच कर निकलना है। इतना ही नहीं वेबसाइट में खुद की सुरक्षा के लिहाज़ से ऐसे दिशा-निर्देशों की जानकारी दी हुई थी कि प्रदर्शन करने वालों को क्या पहनना है, क्या लेकर आना है, किस तरह आँसू गैस से बचना है। साथ ही पुलिस द्वारा होने वाली कार्रवाई से किस तरह खुद का बचाव करना है।  

वेबसाइट में दंगा भड़काने के साथ साथ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निशाना बनाने की बात का भी ज़िक्र था। मास्क के इस्तेमाल का निर्देश भी दिया गया था और ऐसा कोरोना वायरस से बचाव के लिए नहीं, बल्कि पहचान में आने से बचने के लिए करना था। इसके अलावा वेबसाइट में प्रदर्शन के दौरान भड़काऊ भाषण को बढ़ावा देने की बात कही गई थी, जिससे दंगा ज़्यादा से ज़्यादा भड़के। 

प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों को एन 95 मास्क पहनने का निर्देश दिया गया था, जिससे आँसू गैस का असर कम से कम हो। इसके बाद आँसू गैस के प्रभाव से बचने के तरीकों के बारे में भी जानकारी दी गई थी। 

दंगाइयों को ख़ास तौर पर वैसलीन, मिनरल आयल या सनस्क्रीन नहीं लगाने का निर्देश दिया गया था, जिससे किसी तरह के रासायनिक पदार्थ नज़र नहीं आएँ। महँगे और ब्रांडेड कपड़े नहीं पहनने की बात भी कही गई थी, क्योंकि इन कपड़ों में उनकी पहचान करने में आसानी होती। इसके स्थान पर ढीले और काले कपड़े पहनने की बात कही गई थी, जिससे पुलिस के लिए उनकी पहचान करना मुश्किल हो। 

अमेरिका में हुए दंगों की तर्ज पर अव्यवस्था फैलाने का प्रयास

खुफ़िया एजेंसी की जाँच रिपोर्ट के मुताबिक़ सीएए और एनआरसी का विरोध करने वाले दंगाइयों ने ही यह वेबसाइट बनाई थी। इसका एक ही उद्देश्य था, जिस तरह अमेरिका में जॉर्ज फ्लॉयड की मृत्यु के बाद दंगे भड़काए गए थे, उसकी तर्ज पर उत्तर प्रदेश में दंगों को अंजाम दिया जाए। जो दंगाई सीएए और एनआरसी के विरोध-प्रदर्शन में शामिल थे, उन्होंने इस वेबसाइट में बनाने में मदद कि क्योंकि वह योगी आदित्यनाथ की कार्रवाई का बदला लेना चाहते थे।   

दंगाई लॉबी मोदी सरकार को बदनाम करने के लिए देश के अलग-अलग क्षेत्रों  में बड़े पैमाने पर दंगा भड़काना चाहती थी। नफरत फैलाने के लिए दंगे का षड्यंत्र रचने वालों ने सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके भड़काऊ भाषणों का जम कर प्रचार-प्रसार किया। जिससे लोगों आक्रोशित होकर प्रतिक्रिया दें और हालात बदतर हों। 

दंगा भड़काने के आरोप में मामला दर्ज 

जैसे ही यह ख़बर प्रकाश में आई कि हाथरस विरोध-प्रदर्शन की आड़ में दंगा भड़काने की वैश्विक स्तर पर साजिश रही जा रही है, वैसे ही उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज किया। हाथरस पुलिस ने इस मामले में कई आरोपों के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इसमें जातीय और सांप्रदायिक आधार पर दंगा भड़काना, अराजकता फैलाना, दंगों का आरोप लगा कर सरकार की छवि को नुकसान पहुँचाना, अफवाहों को बढ़ावा देना, पीड़िता के परिवार को सरकार के विरुद्ध भड़काना, फर्जी अफवाहें, तस्वीरें और जानकारी मुख्य हैं। 

पूरे घटनाक्रम में पुलिस ने कई प्रकार की धाराएँ लगाई हैं, जिसमें शामिल हैं- 109, 120(B), 124-A, 153-A, 153-A(1), 153-A(1)(a), 153-A(1)(b), 153-A(1)(c), 153-B, 195, 195-A, 465, 468, 469, 501, 505(1), 505(1)(b), 505(1)(c), 505(2) और 67 

‘जस्टिस फॉर हाथरस’ विक्टिम कार्ड 

जाँच शुरू होने के कुछ घंटों बाद ही वेबसाइट बंद हो गई। यह कार्ड (Carrd) वेबसाइट थी। यह प्लेटफॉर्म इस साल की शुरुआत में अमेरिका में हुए ‘ब्लैक लाइव्स मैटर’ विरोध-प्रदर्शन के दौरान चर्चा में आई थी। अधिकृत डोमेन नहीं होने के कारण इसे ट्रैक करना मुश्किल होता है।