Thursday, May 14

तृणमूल कांग्रेस की सांसद डोला सेन ने सरकार के कदम का विरोध करते हुए एनडीटीवी से कहा, “देखिए बुरा मत मानिए. मोदी…

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सत संगत प्यार से बोलिए धन निरंकार । साथ संगत । आदरणीय महात्मा जी ने नाम एनाउंस किया कि शौक जी बोलेंगे और इसके बाद फिर हम हजूर सच्चे बादशाह से विचार परवान करेगें । दास को ऐसा लगा जैसे किसी ने कह दिया हो कि अब हम ये मोमबत्ती जला रहे हैं और इसके बाद सूर्य उदय होगा जहां सतगुरु बाबा जी का आशीर्वाद हमें मिलना हैं वहां कौन विवेक शौक और कौन वक्ता । हम तो दरअसल सभी श्रोता हैं साध संगत । वक्ता केवल एक ही होता है बाकी थोड़ा बहुत अगर ये कह लें कि जब तक ये नमस्कार चल रही है, जब तक इन्तजाम हो रहे हैं, जब तक इन भक्तों ने भगवान के दर्शन करने हैं उस समय तक सिर्फ समय को निकालने के लिए हम बाबाजी का संदेश पहुंचाते हैं या आपस में अपने कुछ तजुर्बे बयान करते हैं ये तो अलग बात है कि वक्ता तो हम नहीं हैं । दास कई बार कहा करता है कि ये माइक्रोफोन अगर मेरे सामने पड़ा है तो ये माइक्रोफोन अपने आपको वक्ता नहीं समझ सकता । बोलने वाला बोल रहा है ये माइक्रोफोन आगे स्पीकर के जरिए, एम्प्लीफायर के जरिए सिर्फ उस आवाज को एम्प्लीफाइ करके पहुँचाता है । इसी तरह से अगर बाबाजी की बात किसी ने भी हम तक पहुँचा दी तो वह वक्ता नहीं वो सिर्फ संदेशवाहक है सिर्फ उस बात को कहने के लिए एक जरिया बन गया लेकिन उसमें भी तालियां बज जाती हैं । उसमें भी वाह वाह हो जाती है, बख्शीश करो साध संगत । ये बात हमें याद रहे । इन्हीं की कृपा से सजे हम हैं नहीं तो मुंह कई करोड़ पड़े हैं । ये रहमत कर दें, ये बख्शीश कर दें ये किसी को वो ज्ञान वाली नज़र दे दें तो वह हवा हो जाती है और जिस दिन इंसान ये समझ ले साध संगत कि मैं अपने कर्म से कुछ कर लूँगा उसी दिन मुंह की खानी पड़ती है । इन्होंने तो अपना कर्म कर दिया । इन्होंने तो जो हमें सच्चाई के साथ जोड़ना था वो जोड़ दिया । अब उसके बाद आगे मैं क्या करता हूं । वो देखना पड़ेगा । आज मॉडर्न जमाना है । लोग धार्मिक बातें पसंद नहीं करते । हमारी यंगर जनरेशन का जमाना है । जो कहते है हमें तो आज की बात बताइये । हमें नहीं मालूम इतिहास में क्या हुआ हमें नहीं मालूम कि कैसे द्रोपदी की लाज रखी । हमें नहीं मालूम कि भीलनी के झूठे बेर कैसे खाए । आज जमाना है आज के दौर का । आज के दौर की ही बात समझ में आती है इसलिए वही बात करता हूं । और उसमें हर्ज भी नहीं, क्योंकि साध संगत जब प्रभु पिता परमात्मा हर जगह है तो हर जगह से लिया जा सकता है हर जगह देखा जा सकता है । आज मैकडोनल्ड्स जमाना है आज सबवे का जमाना है । आपने भी देखा होगा दास ने एक नजारा देखा वो आपके चरणों में रहना चाहता हूं । एक सबवे में सैंडविच बनवाने के लिए खड़ा हुआ । आपने भी बहुत बार देखा होगा दास ने भी देखा । आजकल हाइजीन का इतना ख्याल रखा जाता है कि वो पॉलिथीन के दस्ताने पहन के आपके लिए सैंडविच बनाते हैं ताकि हाथ की मैल या कोई किसी किस्म का कोई बैक्टीरिया जो है वो आपके सैंडविच में न चला जाए शुद्ध रहे । वो पॉलिथीन का ग्लब्स पहन के जो सैंडविच बनाया जाता उसको बहुत साफ माना जाता है । दास भी खड़ा हुआ है पंक्ति में। सब से उनका ऑर्डर लेकर उनका सेंडविच बनाया जा रहा है । उनमें से एक…

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सोमवार को पार्टी कार्यकर्ता से मुलाकात के बाद अखिलेश से जब ने पीएम मोदी के वाराणसी में कार्यक्रम को लेकर प्रतिक्रिया मांगी…

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार की सुबह काशी विश्वनाथ धाम का लोकार्पण किया। पीएम मोदी क्रूज से विश्वनाथ धाम पहुंचे और गंगा…

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श्रीमदभगवद् गीता पर आधारित संगोष्ठी का किया गया आयोजनसंगोष्ठी में वक्ताओं ने श्रीमदभगवद् गीता तथा भगवान श्री कृष्ण की शिक्षाओं के बारे…

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दुर्भाग्यवश हमारे देश में तथाकथित, ‘ स्वयंभुव ‘ बुद्धिजीवी लोगों का एक ऐसा वर्ग है जिन्होनें अपने को ‘ सेक्युलर ‘ साबित…

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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अब 6 महीने से भी कम वक्त बचा था, लेकिन कांग्रेस पार्टी अंदरूनी गुटबाजी से ही परेशान…

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