ज्योतिष शास्त्र के अनुसार किसी भी व्यक्ति के बारे में जानने के लिए उसकी राशि ही काफी होती है। राशि से उस या…
पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है। माना जाता है कि भगवान श्रीराम भी पंचांग का श्रवण करते थे। शास्त्र कहते हैं कि तिथि के…
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार किसी भी व्यक्ति के बारे में जानने के लिए उसकी राशि ही काफी होती है। राशि से उस या…
अलग-अलग विभागों में भर्ती प्रक्रिया जारी, और नौजवानों को मिलेंगी सरकारी नौकरियाँ पंजाब राज्य बिजली निगम के 603 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र…
सार्वजनिक स्थान पर जुआ खेलनें वालें 5 व्यकित गिरफ्तार कोरल ‘ पुरनूर’, डेमोक्रेटिक फ्रंट, पंचकूला – 26 नवम्बर :- पुलिस प्रवक्ता नें जानकारी देते…
डेमोक्रेटिक फ्रंट, सुशील पंडित, यमुनानगर – 26 नवंबर भाजपा यमुनानगर विधायक घनश्यामदास अरोड़ा ने जानकारी देते हुए बताया कि उनके पास अनुरोध के…
डेमोक्रेटिक फ्रंट, सुशील पंडित, यमुनानगर – 26 नवंबर आम आदमी पार्टी के जिला यमुनानगर के कार्यकारी सचिव एडवोकेट कर्मवीर सिंह बुटर व उनके…
डेमोक्रेटिक फ्रंट, सुशील पंडित, यमुनानगर – 26 नवंबर भोपाल में भारत सरकार द्वारा आयोजित खेलो इंडिया शूटिंग सेंटर में राष्ट्रीय स्तर की पिस्टल…
डेमोक्रेटिक फ्रंट, सुशील पंडित, यमुनानगर – 26 नवंबर हर वर्ष 26 नवंबर का दिन देश में संविधान दिवस के तौर पर मनाया जाता…
प्रति वर्ष 26 नवंबर को आता है एन्टी-ओबेसिटी डे डेमोक्रेटिक फ्रंट संवाददाता, चंडीगढ़ – 26 नवंबर मोटापा एक वैश्विक समस्या है और इसे आमतौर पर साइलेंट किलर कहा जाता है। यह रोग शरीर की अतिरिक्त चर्बी से जुड़ा है और हृदय रोगों, टाइप -2 डायबिटीज, स्लीप एपनिया, डिस्लिपिडेमिया, डिप्रेशन, नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर,एथेरोस्क्लेरोसिस, रिप्रोडक्टिव डिजीज, क्रोनिक किडनी डिजीज, कम जीवन प्रत्याशा और कैंसर जैसी कई बीमारियों का कारण बनता है। यह बात एक विशेष सत्र के दौरान फोर्टिस हॉस्पिटल मोहाली के बैरिएट्रिक और एडवांस्ड लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ अमित गर्ग, ने बताई। मोटापे और इससे संबंधित स्थितियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए, हर साल 26 नवंबर को मोटापा विरोधी दिवस मनाया जाता है, इस वर्ष की थीम ‘एवरीबडी नीड्स टू एक्ट’ है। डॉ अमित गर्ग, एक सत्र में मोटापे के कारणों, लक्षणों और उन्नत उपचार विकल्पों के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि यदि किसी का भोजन अत्यधिक होता है और शारीरिक गतिविधि नही होती है, तो अतिरिक्त भोजन शरीर में जमा हो जाता है, जिससे वजन बढ़ता है। 2007 के राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार, मोटापा भारत में महामारी के अनुपात में पहुंच गया है, जिसमें मॉर्बिड मोटापा 5% आबादी को प्रभावित करता है। डॉ गर्ग ने कहा, ” मॉर्बिड ओबेसिटी के रूप में जानी जाने वाली स्थिति तब होती है जब किसी भारतीय का बीएमआई 37.5 किग्रा / मी 2 होता है या मधुमेह वाले भारतीय का बीएमआई 32.5 किग्रा / मी 2 होता है। ऐसे परिदृश्य में, रिस्ट्रिक्टेड डाइट लंबे समय तक अधिक परिणाम नहीं देता है और मधुमेह संतोषजनक ढंग से हल नहीं होता है। यदि अन्य सभी उपाय विफल हो गए हैं तो बैरिएट्रिक सर्जरी ही एकमात्र विकल्प बचा है।” यह बताते हुए कि आजकल मोटापे के लिए बेरिएट्रिक सर्जरी सबसे प्रभावी सर्जिकल उपचार है, डॉ गर्ग ने कहा कि सर्जरी लंबे समय तक अतिरिक्त वजन घटाने,को मोरबीडीटीज़ में सहायक गुणवत्ता में वृद्धि में मदद करती है। लोगों को अपना वजन कम करने और उनके इष्टतम शरीर के वजन के करीब पहुंचने में मदद करने के अलावा, बेरिएट्रिक सर्जरी टाइप -2 मधुमेह, उच्च रक्तचाप, डिस्लिपिडेमिया, स्लीप एपनिया और पीसीओएस जैसी विभिन्न बीमारियों को भी ठीक करती है।
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