सपने पूरे करने के लिए स्वयं पर भरोसा आवश्यक

पंचकुला:

कुछ बड़ा करना चाहते हैं तो सपने देखने होंगे और सपनों को साकार करने के लिए स्वयं पर भरोसा करना होगा मानना है मेरुश्री का जोकि अपने करियर के साथ साथ अभिरुचि को भी तरजीह देती हैं।

@ लंदन ब्रिज

अपने जीवन की आपाधापी में करियर को आकार देने में अक्सर इतने व्यस्त हो जाते हैं कि रुचि को पूरी तरह से नजरअंदाज करके खुद को जीविका कमाने में झोंक देते हैं; फिर एक दिन एहसास होता है कि कुछ पीछे छूट से गया परन्तु तब तक समय की खाई इतनी चौड़ी हो गई जान पड़ती है उसको लांघ पाना भले ही नामुमकिन नहीं लेकिन मुश्किल जरूर दिखाई देता है।

मेरुश्री के साथ भी ऐसे ही कुछ हो सकता था, लेकिन टाइमलाइन सबकी अपनी अपनी होती है , मेरुश्री जो कि यूके में पढ़तीं हैं परीक्षा के बाद घर पंचकूला आई तो लॉक डाउन की वजह से कई महीने यही रुकना पड़ा तो समय काटने के लिए बेकिंग की रूचि की ओर ध्यान दिया तो पता चला कि वह इस काम में दक्ष हैं। पहले मित्रों रिश्तेदारों के जन्मदिन के लिए बेकिंग की , फिर शौक़ शौक़ में अस्सोर्टेड केक्स डिजाइनर केक थीम बेकिंग करनी शुरू की। बाकी यंगस्टर्स की तरह इन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी क्रिएटिविटी अपलोड की जिसे लोगों ने बहुत पसंद किया और बहुत से ऑनलाइन बेकिंग क्लासेस के लिए मेरु श्री को संपर्क किया।
हालांकि मेरुश्री ने अभी व्यवसाय शुरू नहीं किया है लेकिन अपनी लोकप्रियता के चलते अपने फैंस की खुशी के लिए बेकिंग करने और उनको सिखाने में उनका दिन कैसे बीता है उन्हें पता ही नहीं चलता।

उन्नीस वर्षीय मेरुश्री बताती हैं कि उनके पिता संजीव बबूता जो कि रियल स्टेट व्यवसाई है और मां मोनिका बबूता, उनके कार्य की सराहना करते हैं। मम्मा मोनिका तो बेकिंग के दौरान पास रहती है ताकि जरूरत पड़ने पर मदद कर सकें। मेरु बतातीं हैं कि उनका छोटा भाई माहिर एक ‘फूड क्रिटिक'(Food Critic) कि तरह उनके काम में कमी पेशी निकालता रहता है। वह उनके द्वारा बनाए गए केक पेस्ट्रिज आदि चख आर उनमें कमी – पेशी के बारे में अवगत करवाता रहता है।

अपने करियर के बारे में जहां पूर्णतया सजग हैं मेरुश्री वही अपनी रुचि को भी साथ लेकर चलना चाहती है।

‘Mahashivir’ : An online opportunity to experience the 800 years old divine Himalayan Meditation, free of cost!

Guru Tattva is a global platform steered by Shree Shivkrupanand Swami Foundation, working towards the overall development of human beings in all spheres of their lives. Led by H. H. Shree Shivkrupanand Swami ji himself, Guru Tattva organizes ‘Mahashivir’ in the divine proximity of Swamiji to accelerate the spiritual journey of people through Himalayan Meditation Sanskaar.

Jammu/ Chandigarh :

Guru Tattva has organized thelive broadcast of Mahashivir from 23rd to 30th December, 6:00 AM to 8:00 AM with repeat telecast from 6:00 PM to 8:00 PM on Youtube.com/Gurutattva and www.gurutattva.org. All the updates regarding Mahashivir will be posted regularly on Facebook and Instagram @gurutattvameditation. 

2020 is about to end but the battle with the pandemic is still on. In challenging times like these, one of the best ways to be joyful andat peace is practisingmeditation regularly. Himalayan Meditation is an 800 years oldSanskaar which is simple and can be easily practised by all. Unlike the other techniques of meditation, it doesn’t involve any complex breathing techniques or yoga. Since its inception, Guru Tattvahas been sharing this divine wisdom and experience with the world for free.

‘Mahashivir’ is a pricelessopportunity of self-realization in the divine proximity of living Sadguru.In Mahashivir, H. H. Shree Shivkrupanand Swami ji will share the complex Himalayan wisdom of meditation with the Shivir attendees in simple language. He will present his 60 years of divine experiences and knowledge in just 8 days.The eventwill have discourses of Swamiji in which, he will explain the science of 800 years old Himalayan Meditation in a simple language and conduct online collective meditation sessions. It is said that meditating alone for a million day and meditating for one day with a million people are one and the same!

Guru Tattva is a global platform steered by Shree Shivkrupanand Swami Foundation, working towards the overall development of human beings in all spheres of their lives. Led by H. H. Shree Shivkrupanand Swami ji himself, Guru Tattva organizes ‘Mahashivir’ in the divine proximity of Swamiji to accelerate the spiritual journey of people through Himalayan Meditation Sanskaar.

H.H. Shree Shivkrupanand Swami is an enlightened yogi. Since childhood, he was in search of the ultimate truth.As time passed, he spent 16 years of his life in the Himalayas, practising meditation and absorbing the wisdom from different revere Himalayan Gurus. Since the inception of SamarpanDhyanyog in 1994, he has been sharing this 800-year-old divine wisdom with the world, free of cost.

Inviting all of you to this once-in-a-lifetime online event of self-realization and inner-joy. For more information, Like and Follow @gurutattvameditation on Facebook and Instagram. To get a reminder for the event, subscribe to youtube.com/gurutattvaandpress the bell icon.

“You are most welcome to embark on a divine journey to blissfulness”

गरुड़ प्रकाशन ने की ‘दिल्ली दंगा 2020: द अनटोल्ड स्टोरी’ प्रकाशित करने की आधिकारिक घोषणा

दिल्ली दंगों पर आधारित किताब को छापने से ब्लूम्सबरी पब्लिशिंग इंडिया (Bloomsbury Publishing India) के इनकार के बाद गरुड प्रकाशन ने इसे छापने का जिम्मा लिया है। दिल्ली रायट्स 2020: द अनटोल्ड स्टोरी (Delhi Riots 2020: The Untold Story) नाम से ब्लूम्सबरी इंडिया किताब छापने जा रहा था, प्रकाशन से पहले सोशल मीडिया पर मचे हंगामें और विरोध के बाद ब्लूम्सबरी ने किताब छापने से इनकार कर दिया। इसके एक दिन बाद गरुड प्रकाशन ने इस किताब को छापने का ऐलान किया है। 

राजविरेन्द्र वसिष्ठ, चंडीगढ़ – 24 अगस्त:

इस पूरे प्रारण में एक बार फिर से पत्रकारिता और प्रकाशन के बीच के द्वंद्व को पाया गया। लेखक/पत्रकार ने अपना काम बाखूबी किया लेकिन प्रकाशक ने अपने निजी स्वार्थ देखे। ब्लूम्सबेरी का इतिहास रहा है क वह सत्ता और सांप्रदायिक ताकतों के आगे न केवल घुटने टेक देता है अपितु दंडवत हो जाता है। कुछ साल पहले भी प्रफुल्ल पटेल के दबाव में एयर इंडिया पर लिखी एक पुस्तक की आधिकारिक घोषणा के बाद छापने से इंकार कर बैठा था। मुझे आज स्वराज में छपा एक विज्ञापन याद आ रहा है ” ‘‘चाहिए स्वराज्य के लिए एक संपादक। वेतन-दो सूखी रोटियां, एक गिलास ठंडा पानी और प्रत्येक संपादकीय के लिए दस साल जेल और विशेष अवसर पे अपना सिर कटाने के लिये तैयार, योग्य कलमकार’’। आज के दौर में भी ऐसे कलमकारों की आवश्यकता तो है ही अपितु अधिक आवश्यकता है निर्भीक प्रकाशकों की।

गरुण प्रकाश ने कहा है कि अगले 15 दिनों में किताब मार्केट में उपलब्ध होगी। गरुड़ प्रकाश के अधिकारी संक्रांत सानू ने कहा है कि अन्य पब्लिकेशन हाउस किताब की विषय वस्तु के स्थान पर अन्य बातों से प्रभावित होकर किताब छापने से इनकार कर रहे हैं। गरुड़ प्रकाशन दिल्ली दंगों पर आधारित किताब लिखने वाले लेखकों के प्रयास का समर्थन करता है। 

ब्लूम्सबरी (Bloomsbury) प्रकाशन समूह दिल्ली दंगों पर आधारित किताब Delhi Riots 2020: The Untold Story प्रकाशित करने वाला था। लेकिन इस्लामी और वामपंथियों के दबाव में आकर उसने किताब का प्रकाशन रोक दिया। अब इस किताब को गरुड़ प्रकाशन समूह प्रकाशित करेगा। इस किताब की लेखिका मोनिका अरोड़ा, सोनाली चितालकर और प्रेरणा मल्होत्रा हैं।

बीते दिन (22 अगस्त 2020) इस किताब के वर्चुअल विमोचन के दौरान ब्लूम्सबरी यूके मुख्यालय से दबाव बनाया गया। जिसके बाद प्रकाशन समूह ने अचानक ही किताब प्रकाशित करने से मना कर दिया था।  

किताब की लेखिका मोनिका अरोड़ा ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लोगों को भावना देखते हुए उन्होंने फैसला किया है कि गरुड़ प्रकाशन समूह के साथ जाएँगे। यह फ़िलहाल स्टार्टअप की तरह चल रहा है। लेखिका ने ब्लूम्सबरी प्रकाशन समूह को इस संबंध में मेल भी किया था। लेकिन वहाँ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने के बाद उन्होंने यह फैसला किया। मेल में उन्होंने साफ़ तौर पर पूछा कि क्या वह इस किताब का प्रकाशन रोक रहे हैं? वह इस बात को लिखित में दें लेकिन ब्लूम्सबरी ने फोन पर ही इस बात की जानकारी दी। यानी समझौता ख़त्म करने के लिए कोई लिखित कार्रवाई नहीं की गई।

किताब की लेखिका मोनिका अरोड़ा ने भी इस मुद्दे पर ट्वीट कर भी जानकारी दी। ट्वीट में उन्होंने लिखा “निवेदन के बाद हमसे से लिखित तौर पर कोई संवाद नहीं किया गया। हम अपनी किताब की हत्या नहीं कर सकते हैं, लोग इस किताब को खरीदना चाहते हैं। हमारे पास दूसरे प्रकाशन समूह को स्वीकार करने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचता है।”  

इस बात की पुष्टि करते हुए गरुड़ प्रकाश ने भी ट्वीट किया। साथ ही उन्होंने किताब की लेखिका मोनिका अरोड़ा का आभार भी जताया। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, “दोस्तों! आप सभी के सहयोग के लिए धन्यवाद। आइए इस किताब को घर-घर तक पहुँचाते हैं।” इसके बाद प्रकाशन समूह ने ट्वीट करके यह जानकारी भी दी कि किताब हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषा में विमोचित की जाएगी। जल्द ही यह किताब उपलब्ध कराई जाएगी।  

उल्लेखनीय बात यह रही कि जैसे ही ब्लूम्सबरी ने किताब छापने से मना कर किया गरुड़ प्रकाशन समूह ने इसे प्रकाशित करने का प्रस्ताव दिया था।  

पूरी किताब The book of ‘Delhi Riots 2020: The Untold Story इसकी लेखिकाओं द्वारा की गई जाँच – पड़ताल और साक्षात्कार पर आधारित है। अगले महीने यह किताब प्रकाशित होनी थी। किताब की 100 प्रतियाँ लेखिका को उपलब्ध भी कराई जा चुकी थी। इसके अलावा किताब अमेज़न पर प्री ऑर्डर के लिए उपलब्ध भी थी। लेकिन जैसे ही लेखिकाओं ने भाजपा नेता कपिल मिश्रा की मौजूदगी में वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिए किताब विमोचन की बात कही, वैसे ही कॉन्ग्रेस समेत तमाम वामपंथी नेताओं ने इसके विरोध में अभियान चलना शुरू कर दिया।  

विलियम डेलरीमैपल जैसे वामपंथी इतिहासकारों की टीका टिप्पणी और आक्षेप के बाद ब्लूम्सबरी ने किताब प्रकाशित करने से मना कर दिया। ऐसा करने से पहले उन्होंने किताब की लेखिका को सूचित करना भी ज़रूरी नहीं समझा। गरुड़ प्रकाशन एक भारतीय प्रकाशन समूह है। इसकी शुरुआत संक्रांत सानू ने की थी और इसमें उनके साथ थे अंकुर पाठक। हाल ही में इस प्रकाशन समूह ने विवेक अग्निहोत्री की अर्बन नक्सल का प्रकाशन किया था।  

PM at Lal Quila, addresing the Nation

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 74वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से सातवीं बार राष्ट्र को संबोधित कर तिरंगा फहराएंगे. प्रधानमंत्री को सलामी देने वाले गॉर्ड ऑफ ऑनर दस्ते में थल सेना, नौसेना, वायुसेना और दिल्ली पुलिस से एक-एक अधिकारी और 24 जवान शामिल होंगे. यहां पढ़ें Independence Day पर पीएम नरेंद्र मोदी के संबोधन से जुड़े Live Updates:

9:00 am (IST) प्रधानमंत्री ने कहाकि आज भारत ने असाधारण समय में असंभव को संभव किया है. इसी इच्छाशक्ति के साथ प्रत्येक भारतीय को आगे बढ़ना है. वर्ष 2022, हमारी आजादी के 75 वर्ष का पर्व, अब बस आ ही गया है.

8:59 am (IST) पीएम ने कहा कि हमारी Policies, हमारे Process, हमारे Products, सब कुछ Best होना चाहिए, सर्वश्रेष्ठ होना चाहिए. तभी हम एक भारत-श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को साकार कर पाएंगे. 21वीं सदी के इस दशक में अब भारत को नई नीति और नई रीति के साथ ही आगे बढ़ना होगा. अब साधारण से काम नहीं चलेगा

8:57 am (IST) प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते वर्ष मैंने यहीं लाल किले से कहा था कि पिछले पाँच साल देश की अपेक्षाओं के लिए थे, और आने वाले पाँच साल देश की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए होंगे. बीते एक साल में ही देश ने ऐसे अनेकों महत्वपूर्ण फैसले लिए, अनेकों महत्वपूर्ण पड़ाव पार किए. अब NCC का विस्तार देश के 173 border और coastal districts तक सुनिश्चित किया जाएगा. इस अभियान के तहत करीब 1 लाख नए NCC Cadets को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी. इसमें भी करीब एक तिहाई बेटियों को ये स्पेशल ट्रेनिंग दी जाएगी. अगले 1000 दिन में, लक्षद्वीप को भी सबमरीन ऑप्टिकल फाइबर केबल से जोड़ दिया जाएगा.

8:54 am (IST) हमारे देश में 1300 से ज्यादा Islands हैं. इनमें से कुछ चुनिंदा Islands को, उनकी भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए, देश के विकास में उनके महत्व को ध्यान में रखते हुए, नई विकास योजनाएं शुरू करने पर काम चल रहा है. देश की सुरक्षा में हमारे बॉर्डर और कोस्टल इंफ्रास्ट्रक्चर की भी बहुत बड़ी भूमिका है. हिमालय की चोटियां हों या हिंद महासागर के द्वीप, आज देश में रोड और इंटरनेट कनेक्टिविटी का अभूतपूर्व विस्तार हो रहा है, तेज़ गति से विस्तार हो रहा है. भारत के जितने प्रयास शांति और सौहार्द के लिए हैं, उतनी ही प्रतिबद्धता अपनी सुरक्षा के लिए, अपनी सेना को मजबूत करने की है. भारत अब रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए भी पूरी क्षमता से जुट गया है: PM 

8:51 am (IST) इसी प्रकार हमारे पूर्व के ASEAN देश, जो हमारे maritime पड़ोसी भी हैं, वो भी हमारे लिए बहुत विशेष महत्व रखते हैं. इनके साथ भारत का हज़ारों वर्ष पुराना धार्मिक और सांस्कृतिक संबंध है. बौद्ध धर्म की परम्पराएं भी हमें उनसे जोड़ती हैं: PM 

8:50 am (IST) इनसे से कई देशों में बहुत बड़ी संख्या में भारतीय काम करते हैं. जिस प्रकार इन देशों ने कोरोना संकट के  समय भारतीयों की मदद की, भारत सरकार के अनुरोध का सम्मान किया, उसके लिए भारत उनका आभारी है- PM

8:49 am (IST) प्रधानमंत्री ने कहा कि दक्षिण एशिया में दुनिया की एक चौथाई जनसंख्या रहती है. हम सहयोग और सहभागिता से इतनी बड़ी जनसंख्या के विकास और समृद्धि की अनगिनत संभावनाएं पैदा कर सकते हैं. इस क्षेत्र के देशों के सभी नेताओं की इस विशाल जन समूह के विकास और प्रगति की ओर एक अहम जिम्मेदारी है. आज पड़ोसी सिर्फ वो ही नहीं हैं जिनसे हमारी भौगोलिक सीमाएं मिलती हैं बल्कि वे भी हैं जिनसे हमारे दिल मिलते हैं. जहां रिश्तों में समरसता होती है, मेल जोल रहता है.

8:45 am (IST) प्रधानमंत्री ने कहा कि लेकिन LOC से लेकर LAC तक, देश की संप्रभुता पर जिस किसी ने आँख उठाई है, देश ने, देश की ना ने उसका उसी भाषा में जवाब दिया है 

8:41 am (IST) देश के 100 चुने हुये शहरों में प्रदूषण कम करने के लिए एक holistic approach के साथ एक विशेष अभियान पर भी काम हो रहा है: PM

8:39 am (IST) प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र की सच्ची ताकत स्थानीय इकाइयों में है. हम सभी के लिए गर्व की बात है कि जम्मू-कश्मीर में स्थानीय इकाइयों के जनप्रतिनिधि सक्रियता और संवेदनशीलता के साथ विकास के नए युग को आगे बढ़ा रहे हैं.

8:39 am (IST) प्रधानमंत्री ने कहा कि  बीते वर्ष लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाकर, वहां के लोगों की बरसों पुरानी मांग को पूरा किया गया है. हिमालय की ऊंचाइयों में बसा लद्दाख आज विकास की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए आगे बढ़ रहा है.

8:39 am (IST) प्रधानमंत्री ने कहा कि  जिस प्रकार से सिक्कम ने ऑर्गैनिक स्टेट के रूप में अपनी पहचान बनाई है, वैसे ही आने वाले दिनों में लद्दाख, अपनी पहचान एक कार्बन neutral क्षेत्र के तौर पर बनाए, इस दिशा में भी तेजी से काम हो रहा है.

8:37 am (IST) प्रधानमंत्री ने कहा कि   ये एक साल जम्मू कश्मीर की एक नई विकास यात्रा का साल है. ये एक साल जम्मू कश्मीर में महिलाओं, दलितों को मिले अधिकारों का साल है! ये जम्मू कश्मीर में शरणार्थियों के गरिमापूर्ण जीवन का भी एक साल है.

8:37 am (IST) प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे देश में अलग-अलग जगहों पर विकास की तस्वीर अलग-अलग दिखती है. छ क्षेत्र बहुत आगे हैं, कुछ क्षेत्र बहुत पीछे. कुछ जिले बहुत आगे हैं, कुछ जिले बहुत पीछे. ये असंतुलित विकास आत्मनिर्भर भारत के सामने बहुत बड़ी चुनौती है.

8:34 am (IST) आज भारत में कोराना की एक नहीं, दो नहीं, तीन-तीन वैक्सीन्स इस समय टेस्टिंग के चरण में हैं. जैसे ही वैज्ञानिकों से हरी झंडी मिलेगी, देश की तैयारी उन वैक्सीन्स की बड़े पैमाने पर Production की भी तैयारी है: PM

8:33 am (IST) आज से देश में एक और बहुत बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है. ये है नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन. नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन, भारत के हेल्थ सेक्टर में नई क्रांति लेकर आएगा:. आपके हर टेस्ट, हर बीमारी, आपको किस डॉक्टर ने कौन सी दवा दी, कब दी, आपकी रिपोर्ट्स क्या थीं, ये सारी जानकारी इसी एक Health ID में समाहित होगी-PM

8:29 am (IST) जब कोरोना शुरू हुआ था तब हमारे देश में कोरोना टेस्टिंग के लिए सिर्फ एक Lab थी। आज देश में 1,400 से ज्यादा Labs हैं: PM

8:29 am (IST) पीएम ने कहा कि आज भारत में महिलाएं अंडरग्राउंड कोयला खदानों में काम कर रही हैं तो लड़ाकू विमानों से आसमान की बुलंदियों को भी छू रही हैं: PM देश के जो 40 करोड़ जनधन खाते खुले हैं, उसमें से लगभग 22 करोड़ खाते महिलाओं के ही हैं.कोरोना के समय में अप्रैल-मई-जून, इन तीन महीनों में महिलाओं के खातों में करीब-करीब 30 हजार करोड़ रुपए सीधे ट्रांसफर किए गए हैं.

8:27 am (IST) पीएम ने कहा कि मेरे प्रिय देशवासियों, हमारा अनुभव कहता है कि भारत में महिलाशक्ति को जब-जब भी अवसर मिले, उन्होंने देश का नाम रोशन किया, देश को मजबूती दी है.

8:26 am (IST) प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत इस संदर्भ में सचेत है, सतर्क है और इन खतरों का सामना करने के लिए फैसले ले रहा है और नई-नई व्यवस्थाएं भी लगातार विकसित कर रहा है. देश में नई राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा रणनीति का मसौदा तैयार कर लिया गया है.

8:24 am (IST) साल 2014 से पहले देश की सिर्फ 5 दर्जन पंचायतें ऑप्टिल फाइबर से जुड़ी थीं. बीते पांच साल में देश में डेढ़ लाख ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ा गया है. आने वाले एक हजार दिन में इस लक्ष्य को पूरा किया जाएगा.आने वाले 1000 दिन में देश के हर गांव को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ा जाएगा: PM

8:23 am (IST) आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में, आधुनिक भारत के निर्माण में, नए भारत के निर्माण में, समृद्ध और खुशहाल भारत के निर्माण में, देश की शिक्षा का बहुत बड़ा महत्व है. इसी सोच के साथ देश को एक नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति मिली है. PM

8:23 am (IST) कोरोना के समय में हमने देख लिया है कि डिजिटल भारत अभियान की क्या भूमिका रही है. अभी पिछले महीने ही करीब-करीब 3 लाख करोड़ रुपए का ट्रांजेक्शन अकेले BHIM UPI से हुआ है-PM

8:20 am (IST) प्रधानमंत्री ने कहा कि एक आम भारतीय की शक्ति, उसकी ऊर्जा, आत्मनिर्भर भारत अभियान का बहुत बड़ा आधार है.इस ताकत को बनाए रखने के लिए हर स्तर पर, निरंतर काम हो रहा है

8:17 am (IST) मध्यम वर्ग से निकले प्रोफेशनल्स भारत ही नहीं पूरी दुनिया में अपनी धाक जमाते हैं. मध्यम वर्ग को अवसर चाहिए, मध्यम वर्ग को सरकारी दखलअंदाजी से मुक्ति चाहिए: PM

8:17 am (IST) मध्यम वर्ग से निकले प्रोफेशनल्स भारत ही नहीं पूरी दुनिया में अपनी धाक जमाते हैं. मध्यम वर्ग को अवसर चाहिए, मध्यम वर्ग को सरकारी दखलअंदाजी से मुक्ति चाहिए: PM

8:17 am (IST) इसी लाल किले से पिछले वर्ष मैंने जल जीवन मिशन का ऐलान किया था. आज इस मिशन के तहत अब हर रोज एक लाख से ज्यादा घरों को पानी के कनेक्शन से जोड़ने में सफलता मिल रही है: PM

8:14 am (IST) देश के किसानों को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर देने के लिए कुछ दिन पहले ही एक लाख करोड़ रुपए का ‘एग्रीकल्चर इनफ्रास्ट्रक्चर फंड’ बनाया गया है: PM 

8:14 am (IST) प्रधानमंत्री ने कहा  कि विकास के मामले में देश के कई क्षेत्र भी पीछे रह गए हैं. ऐसे 110 से ज्यादा आकांक्षी जिलों को चुनकर, वहां पर विशेष प्रयास किए जा रहे हैं ताकि वहां के लोगों को बेहतर शिक्षा मिले, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें, रोजगार के बेहतर अवसर मिलें. मेरे प्यारे देशवासियों, आत्मनिर्भर भारत की एक अहम प्राथमिकता है – आत्मनिर्भर कृषि और आत्मनिर्भर किसान.

8:12 am (IST) वोकल फॉर लोकल, Re-Skill और Up-Skill का अभियान, गरीबी की रेखा के नीचे रहने वालों के जीवनस्तर में आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था का संचार करेगा: PM

8:09 am (IST) 7 करोड़ गरीब परिवारों को मुफ्त गैस सिलेंडर दिए गए, राशनकार्ड हो या न हो, 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को मुफ्त अन्न की व्यवस्था की गई, बैंक खातों में करीब-करीब 90 हजार करोड़ रुपए सीधे ट्रांसफर किए गए. कुछ वर्ष पहले तक ये सब कल्पना भी नहीं की जा सकती थी कि इतना सारा काम, बिना किसी लीकेज के हो जाएगा, गरीब के हाथ में सीधे पैसा पहुंच जाएगा. अपने इन साथियों को अपने गाँव में ही रोजगार देने के लिए गरीब कल्याण रोजगार अभियान भी शुरू किया गया है: PM

8:08 am (IST)  हमारे देश का सामान्य नागरिक, चाहे शहर में रह रहा हो या गांव में, उसकी मेहनत, उसके परिश्रम का कोई मुकाबला नहीं है: PM

8:07 am (IST)   मेरे प्यारे देशवासियों. हमारे यहां कहा गया है- सामर्थ्य्मूलं स्वातन्त्र्यं, श्रममूलं च वैभवम्.. किसी समाज, किसी भी राष्ट्र की आज़ादी का स्रोत उसका सामर्थ्य होता है, और उसके वैभव का, उन्नति प्रगति का स्रोत उसकी श्रम शक्ति होती है: PM 

8:07 am (IST) अब Infrastructure में Silos को खत्म करने का युग आ गया है. इसके लिए पूरे देश को Multi-Modal Connectivity Infrastructure से जोड़ने की एक बहुत बड़ी योजना तैयार की गई है: PM 

8:05 am (IST)  भारत को आधुनिकता की तरफ, तेज गति से ले जाने के लिए, देश के Overall Infrastructure Development को एक नई दिशा देने की जरूरत है. ये जरूरत पूरी होगी National Infrastructure Pipeline Project से. आज दुनिया की बहुत बड़ी-बड़ी कंपनियां भारत का रुख कर रही हैं. हमें Make in India के साथ-साथ Make for World के मंत्र के साथ आगे बढ़ना है PM

8:05 am (IST) इस पर देश 100 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. अलग-अलग सेक्टर्स के लगभग 7 हजार प्रोजेक्ट्स को identify भी किया जा चुका है. ये एक तरह से इंफ्रास्ट्रक्चर में एक नई क्रांति की तरह होगा: PM

8:03 am (IST) वन नेशन- वन टैक्स Insolvency और Bankruptcy Code बैंकों का Merger, आज देश की सच्चाई है कौन सोच सकता था कि कभी देश में गरीबों के जनधन खातों में हजारों-लाखों करोड़ रुपए सीधे ट्रांसफर हो पाएंगे?,कौन सोच सकता था कि किसानों की भलाई के लिए APMC एक्ट में इतने बड़े बदलाव हो जाएंगे सिर्फ कुछ महीना पहले तक N-95 मास्क, PPE किट, वेंटिलेटर ये सब हम विदेशों से मंगाते थे. आज इन सभी में भारत, न सिर्फ अपनी जरूरतें खुद पूरी कर रहा है, बल्कि दूसरे देशों की मदद के लिए भी आगे आया है: PM

8:03 am (IST) इस शक्ति को, इन रिफॉर्म्स और उससे निकले परिणामों को देख रही है. बीते वर्ष, भारत में FDI ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. भारत में FDI में 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. ये विश्वास ऐसे ही नहीं आता है – PM

8:01 am (IST) कोरोना महामारी के बीच 130 करोड़ देशवासियों ने आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया. आत्मनिर्भर भारत देशवासियों के मन-मस्तिष्क में छाया है. ये आज सिर्फ शब्द नहीं रहा, बल्कि 130 करोड़ देशवासियों के लिए मंत्र बन गया है- PM

8:00am(IST) मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का मतलब सिर्फ आयात कम करना ही नहीं, हमारी क्षमता, हमारी Creativity हमारी skills को बढ़ाना भी है.

7:58 am (IST) प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे विश्वास है कि SPACE सेक्टर को खोलने जैसे उपाय हमारे युवाओं के लिए रोजगार के कई नए अवसर पैदा करेंगे और उनके कौशल और क्षमता को बढ़ाने के लिए और अधिक अवसर प्रदान करेंगे.

7:55 am (IST) पीएम ने कहा कि एक समय था, जब हमारी कृषि व्यवस्था बहुत पिछड़ी हुई थी. तब सबसे बड़ी चिंता थी कि देशवासियों का पेट कैसे भरे. आज जब हम सिर्फ भारत ही नहीं, दुनिया के कई देशों का पेट भर सकते हैं.

7:54 am (IST)  आखिर कब तक हमारे ही देश से गया कच्चा माल, finished product बनकर भारत में लौटता रहेगा: PM

7:51 am (IST) प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि भारत इस सपने को साकार करेगा. मुझे अपने साथी भारतीयों की क्षमताओं, आत्मविश्वास और क्षमता पर भरोसा है. एक बार जब हम कुछ करने की ठान लेते हैं, तब तक हम आराम नहीं करते, जब तक हम उस लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर लेते.

7:50 am (IST) आजादी का पर्व हमारे लिए आजादी के वीरों को याद करके नए संकल्पों की ऊर्जा का एक अवसर होता है. ये हमारे लिए नई उमंग, उत्साह और प्रेरणा लेकर आता है. अगला आजादी का पर्व जब हम मनाएंगे, तो आजादी के 75 वें वर्ष में प्रवेश करेंगे. तो ये हमारे लिए बहुत बड़ा अवसर है.- PM

7:49 am (IST)  पीएम ने कहा कि कोरोना महामारी के बीच, 130 करोड़ भारतीयों ने एक आत्म निर्भय भारत बनाने का संकल्प लिया है

7:47 am (IST)  पीएम ने कहा कि विस्तारवाद की सोच ने सिर्फ कुछ देशों को गुलाम बनाकर ही नहीं छोड़ा, बात वही पर खत्म नहीं हुई. भीषण युद्धों और भयानकता के बीच भी भारत ने आजादी की जंग में कमी और नमी नहीं आने दी

7:45 am (IST) प्रधानमंत्री ने कहा कि आज जो हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं, उसके पीछे मां भारती के लाखों बेटे-बेटियों का त्याग, बलिदान और मां भारती को आजाद कराने के लिए समर्पण है. आज ऐसे सभी स्वतंत्रता सेनानियों को, वीर शहीदों को नमन करने का ये पर्व है.

7:44 am (IST) पीएम ने कहा  कि गुलामी का कोई कालखंड ऐसा नहीं था जब हिंदुस्तान में किसी कोने में आजादी के लिए प्रयास नहीं हुआ हो, प्राण-अर्पण नहीं हुआ हो.

7:42 am (IST) पीएम ने कहा कि अगले वर्ष हम अपनी आजादी के 75वें वर्ष में प्रवेश कर जाएंगे. एक बहुत बड़ा पर्व हमारे सामने है

7:42 am (IST) PM  नरेंद्र मोदी ने प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर रहे देश के कुछ हिस्सों के प्रति संवेदना जाहिर की और कहा कि जरूरत के इस समय में वह नागरिकों के साथ हैं.

7:36 am (IST) प्रधानमंत्री का संबोधन शुरु. प्रधानमंत्री ने कहा- मेरे प्यारे देशवासियों,इस पावन पर्व पर, आप सभी को बधाई और बहुत-बहुत शुभकामनाएं

7:31 am (IST) प्रधानमंत्री ने ध्वजारोहण किया और इसके बाद सेना के बैंड ने राष्ट्रगान की

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को शुभकामनाएं दी. उन्होंने लिखा #स्वतंत्रतादिवस के पावन अवसर पर सभी देशवासियों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं।  जय हिंद! Happy Independence Day to all fellow Indians. Jai Hind!

पंचांग 04 अगस्त 2020

आज 4 अगस्त को हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद माह शुरू हो गया है. इसे आम भाषा में भादों का महीना भी कहा जाता है. आज भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है. भाद्रपद माह भगवान कृष्ण और गणेश भगवान को समर्पित माना जाता है.

विक्रमी संवत्ः 2077, 

शक संवत्ः 1942, 

मासः भाद्रपद़़, 

पक्षः कृष्ण पक्ष, 

तिथिः प्रतिपदा रात्रि 09.55 तक है, 

वारः मंगलवार, 

नक्षत्रः श्रवण प्रातः 08.11 तक, 

योगः सौभाग्य प्रातः 05.15 तक, 

करणः बालव, 

सूर्य राशिः कर्क, 

चंद्र राशिः मकर, 

राहु कालः अपराहन् 3.00 से 4.30 बजे तक, 

सूर्योदयः 05.48, 

सूर्यास्तः 07.06 बजे।

नोटः आज रात्रि 8.47 से पंचक प्रारम्भ हो रहे हैं, पंचक काल में तृण, काष्ठ, धातु का संचय व भवन निर्माण और नवीन कार्य तथा यात्रा आदि कर्म वर्जित होते हैं।पंचक काल में शव दाह का भी निषेध होता है।चूंकि शव को इतनी लंबी अवधि हेतु रोकना देश काल परिस्थिति के अनुसार मुश्किल हैं, अतः योग्य वैदिक ब्रह्मण की सलाह लेकर पंच पुतलों का दाह और पंचक नक्षत्रों की शांति विधि पूर्वक करानी चाहिए। क्योंकि ऐसा कहा जाता है कि मृतक व्यक्ति के परिवार व संबंधियों में से ही पाॅच व्यक्तियों के अकालमृत्यु होने की आशंका बनी रहती है।

नोटः आज ऋग्वेदियों के उपाकर्म है।

विशेषः आज उत्तर दिशा की यात्रा न करें। अति आवश्यक होने पर मंगलवार को धनिया खाकर, लाल चंदन, मलयागिरि चंदन का दानकर यात्रा करें।

पंचांग 28 जुलाई 2020

आज 28 जुलाई को हिंदू पंचांग के अनुसार श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि है. आज मंगलवार है. आज का दिन राम-सिया के परम भक्त बजरंगबली को समर्पित माना जाता है. आज के दिन भक्त हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं. बजरंगबली को सभी कष्टों को हरने वाला बताया गया है.

विक्रमी संवत्ः 2077, 

शक संवत्ः 1942, 

मासः श्रावण़़, 

पक्षः शुक्ल पक्ष, 

तिथिः नवमी रात्रि 03.00 तक है, 

वारः मंगलवार, 

नक्षत्रः स्वाती प्रातः 09.42 तक, 

योगः शुभ सांय 06.06 तक, 

करणः बालव, 

सूर्य राशिः कर्क, 

चंद्र राशिः तुला, 

राहु कालः अपराहन् 3.00 से 4.30 बजे तक, 

सूर्योदयः 05.44, 

सूर्यास्तः 07.11 बजे।

विशेषः आज उत्तर दिशा की यात्रा न करें। अति आवश्यक होने पर मंगलवार को धनिया खाकर, लाल चंदन,मलयागिरि चंदन का दानकर यात्रा करें।

26 जुलाई : विजय दिवस पर मन की बात

  • करगिल युद्ध भारत कभी नहीं भूल सकता है-PM मोदी
  • ‘पाक ने पीठ में छुरा घोंपने की कोशिश की थी’
  • करगिल युद्ध के दौरान अटल जी संदेश को याद करें

नई दिल्ली: 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुबह 11 बजे ‘मन की बात‘ कार्यक्रम के जरिए देश को संबोधित किया. पीएम मोदी ने मन की बात में कहा कि आज का दिन बहुत खास है. आज कारगिल विजय दिवस है. 21 साल पहले आज के दिन करगिल में हमारी सेना ने भारत की जीत का झंडा लहराया था. कारगिल का युद्ध किन परिस्थितियों में हुआ था, वह भारत कभी नहीं भूल सकता. पीएम मोदी ने अमर शहीदों के साथ वीर माताओं को भी नमन किया. 

पीएम मोदी ने कहा, “पाकिस्तान में बड़े-बड़े मंसूबे पालकर भारत की भूमि हथियाने और अपने यहां चल रहे आंतरिक कलह से ध्यान भटकाने को लेकर दुस्साहस किया था. भारत और पाकिस्तान से अच्छे संबंधों के लिए प्रयासरत था. दुष्ट का स्वभाव भी होता है, हर किसी से बिना वजह दुश्मनी करना ऐसे स्वभाव के लोग जो हित करता है, उसका भी नुकसान ही सोचते हैं. इसलिए भारत की मित्रता के जवाब में पाकिस्तान के द्वारा पीठ में छुरा भोंकने की कोशिश हुई थी लेकिन इसके बाद जो भारत की वीर सेना ने जो पराक्रम दिखाया उसे पूरी दुनिया ने देखा.” 

पीएम मोदी ने आगे कहा, “जीत पहाड़ों की ऊंचाई कि नहीं भारत के वीरो के ऊंचे हौसले की हुई. वीर माताओं के प्यार के बारे में एक दूसरे को बताए शहीदों की वीरता के बारे में एक दूसरे को बताएं. मैं देश के लोगों से अपील करता हूं. कारगिल युद्ध के समय अटल जी ने यहां दिल्ली से जो कहा था वह आज भी हमारे लिए प्रासंगिक है. महात्मा गांधी का मंत्र था कि किसी को कोई दुविधा हो तो उसे क्या करना क्या ना करना, उसे भारत के सबसे गरीब और असहाय व्यक्ति के बारे में सोचना चाहिए. जो वह करने जा रहा है. उससे उस व्यक्ति की भलाई होगी या नहीं होगी. गांधी जी के इस विचार से आगे बढ़कर अटल जी ने कहा था कि करगिल युद्ध ने हमें एक दूसरा मंत्र दिया है. यह मंत्र था कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले हम यह सोचे कि क्या हमारा यह कदम उस सैनिक के सम्मान के अनुरूप है जिसने उन दुर्गम पहाड़ियों में अपने प्राणों की आहुति दी थी.” 

कोरोना का खतरा टला नहीं

पीएम मोदी ने कोरोना के खतरे के प्रति आगाह किया. उन्होंने कहा, “आज हमारे देश में कोरोना का रिकवरी एक अन्य देशों के मुकाबले बेहतर साथ ही हमारे देश में मृत्यु दर भी विदेशों से कम. हमें कारोना से बहुत ही ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है. चेहरे पर मास्क लगाना या गमछे का प्रयोग करना दो गज़ की दूरी हाथ धोना कहीं पर थूकना नहीं साफ सफाई का पूरा ध्यान यही हमारे हथियार हैं. जब भी मास्क हटाने का मन करे, तब उन डॉक्टर का कोरोना वायरस का स्मरण करिए वह घंटों तक मास्क पहनकर जुटे रहते हैं.” 

आपदा को अवसर में बदलने का वक्त

पीएम मोदी ने एक बार फिर दोहराया को कोरोना संकट की आपदा को अवसर में बदलने का यही सही वक्त है. उन्होंने लोकल उत्पादों को बढ़ावा देने की बात कही. पीएम मोदी ने कहा, “उत्तर पूर्व में कारीगरों ने बांस से बनी इको फ्रेंडली बोतलें और बर्तन बनाए हैं. यह हम सबके लिए उदाहरण है. झारखंड में लेमन ग्रास की खेती कर कारोबार बढ़ाया जा रहा है. लद्दाख और लेह में चूली फल या खुमानी की पैदावार को बढ़ावा देने के लिए सोलर पैनल का इस्तेमाल किया जा रहा है. इससे खुमानी को सुखाकर दूसरे हिस्सों में भेजा जा रहा है.” 

शिवराज सिंह चौहान कोरोना पॉजिटिव, उमा भारती ने स्वास्थ्यलाभ की कामना की

मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान कोरोना पॉजिटिव (Shivraj Singh Chouhan Corona Positive) हो गए हैं। शनिवार सुबह यह जानकारी आने के बाद से बोपाल से लेकर लखनऊ तक हड़कंप मचा हुआ है। सीएम भोपाल स्थित मंत्रालय में नियमित बैठकें करने के अलावा पूर्व राज्यपाल लालजी टंडन के अंतिम संस्कार में शामिल होने लखनऊ भी गए थे।

भोपाल – 25 जुलाई :

एमपी के सीएम शिवराज सिंह चौहान कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं। शनिवार सुबह उन्होंने ट्वीट कर खुद इसकी पुष्टि की और अपने संपर्क में आए लोगों को टेस्ट कराने की सलाह दी। इसके बाद से राजधानी भोपाल से लेकर यूपी के लखनऊ तक में हड़कंप मचा हुआ है। चौहान पिछले सप्ताह पूर्व राज्यपाल लालजी टंडन के अंतिम संस्कार में शामिल होने लखनऊ भी गए थे। शिवराज सिंह के कोरोना संक्रमित होने पर उमा भारती ने कहा कि शिवराज जी और अनिल भदौरिया, लालजी की अंत्योष्टि में शामिल हुए थे. उसके कुछ दिन बाद ही भदौरिया पजिटिव आए थे, इसके बाद से हम सब उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित थे. उन्होंने कहा मैं भगवान से प्रार्थना करती हूं जल्द ही वह ठीक हो और सिर्फ वह ही नहीं इस धरती पर जो भी इस वायरस की चपेट में आए वो जल्द से जल्द ठीक हो. उमा भारती ने कहा कि इस वायरस ने हमारे खिलाफ जैविक युद्ध छेड़ दिया है. 

पिछले दिनों किनसे मिले सीएम

  1. शुक्रवार शाम मंत्रालय में आत्मनिर्भर भारत कार्यक्रम को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इसे कई विभागों के शीर्ष अधिकारी शामिल थे।
  2. बुधवार को चौहान ने प्रदेश कैबिनेट की बैठक ली थी। वे दो दिनों तक मंत्रियों से अलग-्अलग भी मिले।
  3. इससे पहले वे लखनऊ में लालजी टंडन के अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे। इसमें उनके साथ गए एक मंत्री पहले ही कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं।
  4. चौहान गुरुवार शाम को भोपाल स्थिक प्रदेश बीजेपी मुख्यालय गए थे। यहां उनकी मौजूदगी में कांग्रेस के पूर्व विधायक नारायण पटेल ने कांग्रेस की सदस्यता ली थी।
  5. सीएम रोजाना शाम को कोरोना की समीक्षा बैठक करते हैं। इसमें जिलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से शामिल होते हैं, लेकिन मंत्रालय के कुछ वरिष्ठ अफसर उनके साथ होते हैं।

कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ‘मैं कोरोना गाइडलाइन का पूरा पालन कर रहा हूं. डॉक्टर की सलाह के अनुसार स्वयं को क्वारंटाइन करूंगा और इलाज कराऊंगा. मेरी प्रदेश की जनता से अपील है कि सावधानी रखें, जरा सी असावधानी कोरोना को निमंत्रण देती है. मैंने कोरोना से सावधान रहने के हर संभव प्रयास किए लेकिन समस्याओं को लेकर के लोग मिलते ही थे. मेरी उन सब को सलाह है कि जो मुझसे मिले, वह अपना टेस्ट करवा लें.’ 

नाग पंचमी 2020

व्रत – उपवास – त्यौहार, चंडीगढ़ – 25 जुलाई:

नाग पंचमी का त्योहार आज 25 जुलाई को मनाया जा रहा है. आज लोग सांपों/नाग देवताओं की पूजा करेंगे और नाग देवता को दूध पिलाएंगे. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, नाग पंचमी के दिन नागदेव की पूजा करने से कुंडली के राहु और केतु से संबंधित दोष दूर होते हैं. जिन जातकों की कुंडली में सांप का भय और सर्पदंश का योग होता है वो नाग पंचमी के दिन कालसर्प योग की पूजा करेंगे. आज कई महिलाएं सांप को भाई मानकर उनकी पूजा करती हैं और भाई से अपने परिवार की रक्षा का आशीर्वाद मांगती हैं. आइए नाग पंचमी के मौके पर पढ़ते हैं नाग पंचमी कथा …

नाग पंचमी कथा:

नाग पंचमी की पौराणिक कथा के अनुसार, बहुत समय पहले की बात है जब प्राचीन नगर में एक सेठजी के सात पुत्र थे. सातों के विवाह हो चुके थे. सबसे छोटे पुत्र की पत्नी श्रेष्ठ चरित्र की विदूषी और सुशील थी, परंतु उसके भाई नहीं था.

एक दिन बड़ी बहू ने घर लीपने को पीली मिट्टी लाने के लिए सभी बहुओं को साथ चलने को कहा तो सभी धलिया और खुरपी लेकर मिट्टी खोदने लगी. तभी वहां एक सर्प निकला, जिसे बड़ी बहू खुरपी से मारने लगी. यह देखकर छोटी बहू ने उसे रोकते हुए कहा- ‘मत मारो इसे? यह बेचारा निरपराध है.’

यह सुनकर बड़ी बहू ने उसे नहीं मारा तब सर्प एक ओर जा बैठा. तब छोटी बहू ने उससे कहा-‘हम अभी लौट कर आती हैं तुम यहां से जाना मत. यह कहकर वह सबके साथ मिट्टी लेकर घर चली गई और वहां कामकाज में फंसकर सर्प से जो वादा किया था उसे भूल गई.

उसे दूसरे दिन वह बात याद आई तो सब को साथ लेकर वहां पहुंची और सर्प को उस स्थान पर बैठा देखकर बोली- सर्प भैया नमस्कार! सर्प ने कहा- ‘तू भैया कह चुकी है, इसलिए तुझे छोड़ देता हूं, नहीं तो झूठी बात कहने के कारण तुझे अभी डस लेता. वह बोली- भैया मुझसे भूल हो गई, उसकी क्षमा मांगती हूँ, तब सर्प बोला- अच्छा, तू आज से मेरी बहन हुई और मैं तेरा भाई हुआ. तुझे जो मांगना हो, मांग ले. वह बोली- भैया! मेरा कोई नहीं है, अच्छा हुआ जो तू मेरा भाई बन गया.

कुछ दिन व्यतीत होने पर वह सर्प मनुष्य का रूप रखकर उसके घर आया और बोला कि ‘मेरी बहन को भेज दो.’ सबने कहा कि ‘इसके तो कोई भाई नहीं था, तो वह बोला- मैं दूर के रिश्ते में इसका भाई हूं, बचपन में ही बाहर चला गया था. उसके विश्वास दिलाने पर घर के लोगों ने छोटी को उसके साथ भेज दिया. उसने मार्ग में बताया कि ‘मैं वहीं सर्प हूं, इसलिए तू डरना नहीं और जहां चलने में कठिनाई हो वहां मेरी पूंछ पकड़ लेना. उसने कहे अनुसार ही किया और इस प्रकार वह उसके घर पहुंच गई. वहां के धन-ऐश्वर्य को देखकर वह चकित हो गई.

एक दिन सर्प की माता ने उससे कहा- ‘देश परंतु सर्प के समझाने पर शांत हो गई. तब सर्प ने कहा कि बहिन को अब उसके घर भेज देना चाहिए. तब सर्प और उसके पिता ने उसे बहुत सा सोना, चांदी, जवाहरात, वस्त्र-भूषण आदि देकर उसके घर पहुंचा दिया.

इतना ढेर सारा धन देखकर बड़ी बहू ने ईर्ष्या से कहा- भाई तो बड़ा धनवान है, तुझे तो उससे और भी धन लाना चाहिए. सर्प ने यह वचन सुना तो सब वस्तुएं सोने की लाकर दे दीं. यह देखकर बड़ी बहू ने कहा- ‘इन्हें झाड़ने की झाड़ू भी सोने की होनी चाहिए’. तब सर्प ने झाडू भी सोने की लाकर रख दी.

सर्प ने छोटी बहू को हीरा-मणियों का एक अद्भुत हार दिया था. उसकी प्रशंसा उस देश की रानी ने भी सुनी और वह राजा से बोली कि- सेठ की छोटी बहू का हार यहां आना चाहिए.’ राजा ने मंत्री को हुक्म दिया कि उससे वह हार लेकर शीघ्र उपस्थित हो मंत्री ने सेठजी से जाकर कहा कि ‘महारानीजी छोटी बहू का हार पहनेंगी, वह उससे लेकर मुझे दे दो’. सेठजी ने डर के कारण छोटी बहू से हार मंगाकर दे दिया.

छोटी बहू को यह बात बहुत बुरी लगी, उसने अपने सर्प भाई को याद किया और आने पर प्रार्थना की- भैया ! रानी ने हार छीन लिया है, तुम कुछ ऐसा करो कि जब वह हार उसके गले में रहे, तब तक के लिए सर्प बन जाए और जब वह मुझे लौटा दे तब हीरों और मणियों का हो जाए. सर्प ने ठीक वैसा ही किया. जैसे ही रानी ने हार पहना, वैसे ही वह सर्प बन गया. यह देखकर रानी चीख पड़ी और रोने लगी.

यह देख कर राजा ने सेठ के पास खबर भेजी कि छोटी बहू को तुरंत भेजो. सेठजी डर गए कि राजा न जाने क्या करेगा? वे स्वयं छोटी बहू को साथ लेकर उपस्थित हुए. राजा ने छोटी बहू से पूछा- तुने क्या जादू किया है, मैं तुझे दंड दूंगा. छोटी बहू बोली- राजन ! धृष्टता क्षमा कीजिए, यह हार ही ऐसा है कि मेरे गले में हीरों और मणियों का रहता है और दूसरे के गले में सर्प बन जाता है. यह सुनकर राजा ने वह सर्प बना हार उसे देकर कहा- अभी पहनकर दिखाओ. छोटी बहू ने जैसे ही उसे पहना वैसे ही हीरों-मणियों का हो गया.

यह देखकर राजा को उसकी बात का विश्वास हो गया और उसने प्रसन्न होकर उसे बहुत सी मुद्राएं भी पुरस्कार में दीं. छोटी वह अपने हार और इन सहित घर लौट आई. उसके धन को देखकर बड़ी बहू ने ईर्ष्या के कारण उसके पति को सिखाया कि छोटी बहू के पास कहीं से धन आया है. यह सुनकर उसके पति ने अपनी पत्नी को बुलाकर कहा- ठीक-ठीक बता कि यह धन तुझे कौन देता है? तब वह सर्प को याद करने लगी.

तब उसी समय सर्प ने प्रकट होकर कहा- यदि मेरी धर्म बहन के आचरण पर संदेह प्रकट करेगा तो मैं उसे खा लूंगा. यह सुनकर छोटी बहू का पति बहुत प्रसन्न हुआ और उसने सर्प देवता का बड़ा सत्कार किया. उसी दिन से नागपंचमी का त्योहार मनाया जाता है और स्त्रियां सर्प को भाई मानकर उसकी पूजा करती हैं. 

आज लोक गीत मान कर गाये जाते हैं शिव कुमार बटालावी के गीत

कोरल ‘पुरनूर’ चंडीगढ़ – 23 जुलाई:

जन्मदिवस पर विशेष: पंजाबी के विद्यापति ‘शिव कुमार बटालवि’

शिव बटालवि

अमृता के ‘बिरह के सुल्तान’ लोक संस्कृति के पुरोधा भी हैं

शिव के गीत भारत पाकिस्तान में घर घर गली गली महफिल महफिल इस क़दर मशहूर हैं सभी आम – ओ – खास उनको लोक गीत ही समझकर गाते सुनते हैं लट्ठे दी चादर , ईक मेरी अख कासनी, जुगनी, म्धानियाँ हाय ओह … आदि  जैसे गीत हमारी संस्कृति का हिस्सा  ही नहीं बल्कि पंजाबी को द्निया में अहम स्थान दिलाने के श्रेय के भी अधिकारी है शिव पंजाब का विद्यापति है।

‘इक कुड़ी जिहदा नाम मोहब्बत गुम है’ उनकी शाहकार रचना  में भावनाओं का उभार, करुणा, जुदाई और प्रेमी के दर्द का बखूबी चित्रण है।

शिव कुमार बटालवी के गीतों में ‘बिरह की पीड़ा’ इस कदर थी कि उस दौर की प्रसिद्ध कवयित्री अमृता प्रीतम ने उन्हें ‘बिरह का सुल्तान’ नाम दे दिया। शिव कुमार बटालवी यानी पंजाब का वह शायर जिसके गीत हिंदी में न आकर भी वह बहुत लोकप्रिय हो गया। उसने जो गीत अपनी गुम हुई महबूबा के लिए बतौर इश्तहार लिखा था वो जब फ़िल्मों तक पहुंचा तो मानो हर कोई उसकी महबूबा को ढूंढ़ते हुए गा रहा था

वे 1967 में वे साहित्य अकादमी पुरस्कार पाने वाले सबसे कम उम्र के साहित्यकार बन गये। साहित्य अकादमी (भारत की साहित्य अकादमी) ने यह सम्मान पूरण भगत की प्राचीन कथा पर आधारित उनके महाकाव्य नाटिका ‘लूणा’ (1965) के लिए दिया, जिसे आधुनिक पंजाबी साहित्य की एक महान कृति माना जाता है और जिसने आधुनिक पंजाबी किस्सा गोई की एक नई शैली की स्थापना की।

        शिव कुमार का जन्म 23 जुलाई 1936 को गांव बड़ा पिंड लोहटिया, शकरगढ़ तहसील (अब पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में) राजस्व विभाग के ग्राम तहसीलदार पंडित कृष्ण गोपाल और गृहिणी शांति देवी के घर में हुआ। भारत के विभाजन के बाद उनका परिवार गुरदासपुर जिले के बटाला चला आया, जहां उनके पिता ने पटवारी के रूप में अपना काम जारी रखा और बाल शिव ने प्राथमिक शिक्षा पाई। लाहौर में पंजाबी भाषा की क़िताबें छापने वाले प्रकाशक ‘सुचेत क़िताब घर’ ने 1992 में शिव कुमार बटालवी की चुनिंदा शायरी की एक क़िताब ‘सरींह दे फूल’ छापी.

5 फ़रवरी 1967 को उनका विवाह गुरदासपुर जिले के किरी मांग्याल की ब्राह्मण कन्या अरुणा से हुआ  और बाद में दंपती को दो बच्चे मेहरबां (1968) और पूजा (1969) हुए। 1968 में चंडीगढ़ चले गये, जहां वे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में जन संपर्क अधिकरी बने, वहीं अरुणा बटालवी पुंजाबी विश्वविद्यालय पटियाला के पुस्तकालयमें कार्यरत रहीं। आज शिव कुमार बटालवी का परिवार केनेडा में रहता है।

ग्रामीण क्षेत्रों मे रहने वाले किसानों ओर बाकी लोगों के संपर्क में आए ओर उन्हीं की बातें अपने लेखन में ढाली उनको जानने वाले लोग उनकी जीवन शैली और दिनचर्या के बारे में बताते हैं के वो राँझे की सी जिंदगी जीते थे वह ऐसे कवि थे जो कि अपनी रचना को स्वयं लयबद्ध करते थे।

        बटालवी की नज्मों को सबसे पहले नुसरत फतेह अली खान ने अपनी आवाज दी. नुसरत ने उनकी कविता ‘मायें नी मायें मेरे गीतां दे नैणां विच’ को गाया था. इसके बाद तो जगजीत सिंह – चित्रा सिंह, रबी शेरगिल, हंस राज हंस, दीदार सिंह परदेसी और सुरिंदर कौर जैसे कई गायकों ने बटालवी की कविताएं गाईं. उस शायर के लिखे हुए गीत – अज्ज दिन चढ्या, इक कुड़ी जिद्दा नां मुहब्बत, मधानियां, लट्ठे दी चादर, अक्ख काशनी आदि आज भी न केवल लोगों की जुबां पर हैं बल्कि बॉलीवुड भी इन्हें समय समय पर अपनी फिल्मों को हिट करने के लिए यूज़ करता आ रहा है. नुसरत फतेह अली, महेंद्र कपूर, जगजीत सिंह, नेहा भसीन, गुरुदास मान, आबिदा, हंस राज हंस….

     “असां ते जोबन रुत्ते मरना…” यानी “मुझे यौवन में मरना है, क्यूंकि जो यौवन में मरता है वो फूल या तारा बनता है, यौवन में तो कोई किस्मत वाला ही मरता है” कहने वाले शायर की ख़्वाहिश ऊपर वाले ने पूरी भी कर दी. मात्र छत्तीस वर्ष की उम्र में शराब, सिगरेट और टूटे हुए दिल के चलते 7 मई 1973 को वो चल बसे. लेकिन, जाने से पहले शिव ‘लूणा’ जैसा महाकाव्य लिख गये, जिसके लिए उन्हें सबसे कम उम्र में साहित्य अकादमी का पुरूस्कार दिया गया. मात्र इकतीस वर्ष की उम्र में. ‘लूणा’ को पंजाबी साहित्य में ‘मास्टरपीस’ का दर्ज़ा प्राप्त है और जगह जगह इसका नाट्य-मंचन होता आया है.

शिव को राजनीतिक चुनोतियों का भी सामना करना पड़ा  उन्होने पंजाबी ओर हिन्दी को हिन्दू – सिक्ख में बँटते भी देखा ओर इस बात का पुरजोर विरोध भी किया, अपनी मातृभाषा को इस तरह बँटते देखना असहनीय था।  लोगों के दोहरे व्यवहार और नकलीपन की वजह से उन्होंने कवि सम्मेलनों में जाना बंद कर दिया था. एक मित्र के बार-बार आग्रह करने पर वे 1970 में बम्बई के एक कवि सम्मलेन में शामिल हुए थे. मंच पर पहुँचने के बाद जब उन्होंने बोला तो पूरे हॉल में सन्नाटा छा गया. उन्होंने बोला कि आज हर व्यक्ति खुद को कवि समझने लगा है, गली में बैठा कोई भी आदमी कवितायें लिख रहा है. इतना बोलने के बाद उन्होंने अपनी सबसे प्रसिद्ध रचना ‘इक कुड़ी जिदा नाम मोहब्बत है, गुम है’ सुनाई. इस पूरे पाठ के दौरान हॉल में सन्नाटा बना रहा. सच कहा जाए तो शिव कुमार कभी दुःख से बाहर निकल ही नहीं पाए. उन्हें हर समय कुछ न कुछ काटता ही रहा.

एक साक्षात्कार के दौरान शिव ने कहा आदमी, जो है, वो एक धीमी मौत मर रहा है. और ऐसा हर इंटेलेक्चुअल के साथ हो रहा है, होगा.”