अब जाकर पूरी हुई बॉबी बाजवा की मन्नत -बाबी बाजवा ने लाकडाउन का किया सदुपयोग

  पंचकूला 5 अगस्त :

एक ओर लाकडाउन में पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री का काफी नुकसान हुआ तो वहीं दूसरी ओर पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई क्रिएटिव कलाकारों ने इसका लाभ उठाकर नया प्रोजेक्ट तैयार कर लिया। एेसे ही क्रिएटिव लोगों में नाम शुमार है पंजाबी फिल्मों के डायरेक्टर और सिंगर बाबी बाजवा का। जिन्होंने लाकडाउन में अपनी टीम के साथ काफी काम किया। बाबी बाजवा पंचकूला  स्थित आन स्पा में अपने नए ट्रैक मन्नत का पोस्टर रिलीज करने के लिए पहुंचे थे।बाबी बाजवा ने कहा कि उनका नया ट्रैक मन्नत एक रोमांटिक ट्रैक है। इस गीत के बोल तो शानदार हैं ही साथ ही इस ट्रैक को खूबसूरत वादियों में शूट किया गया है। यह ट्रैक यू ट्यूब चैनल सतरंग इंटरटेनमेंट में लांच कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि उनको उम्मीद है कि यह शानदार ट्रैक कई रिकार्ड बनाएगा। यह यूथ के साथ अन्य वर्गों को भी काफी पसंद आ रहा है।बंबी, ब्रांडेड और लव जैसे ट्रैक से प्रसिद्ध हो चुके बाबी बाजवा ने कहा कि वह एक हिंदी फिल्म का निर्देशन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मिट्टी दा बावा नाटक से उनके कैरियर की शुरुआत हुई थी। जिसके बाद उनकी जान पहचान फिल्म इंडस्ट्री में हुई।उन्होंने कहा कि बेशक कई नामी गायक पंजाबी फिल्मों में नायक बन गए हैं पर उनका ज्यादा ध्यान अपनी गायकी और निर्देशन पर है। उन्होेंने कहा कि गायकी के लिए वह रोजाना रियाज करते हैं। उनके साथ पोस्टर रिलीज के लिए फैशन डिजाइनर और एस्ट्रो न्यूमेरोलाजिस्ट गुनीत कौर और रेकी ग्रैंडमास्टर और टेरोकार्ड रीडर सतिंदर कौर भी पहुंची थीं। इस मौके पर बाबी बाजवा ने कहा कि आन स्पा एक शानदार स्पा है। उन्होंने कहा कि दौड़भाग की जिंदगी के बीच स्पा का महत्व बढ़ चुका है। उन्होंने बताया कि आन स्पा का माहौल एकदम शानदार है।

EDM Label Music High Court launches 32Stitches’ massive new song & music video, “Top of the World”

Chandigarh, July 15
One of India’s fastest growing EDM artist, 32Stitches, launched his new song and music video “Top of the World” last week, releasing the track on his record label, Music High Court, which is now India’s largest Independent electronic music record label & tastemaker.
Founded by Arpit Gawri and Shrey Dua in 2015, Music High Court has now worked with over 50 international artists from around the world, including 2 Grammy Nominated producers. Their extensive background across music production and marketing, as well as artist management and programming has led to the formation of one of the strongest and prominently-branded independent record labels on this side of the continent. 
The new release, “Top of the World”, launched on Friday, 9th July with a music video starring 32Stitches, shot across beautiful and exquisite locations across India, including Leh Ladakh and some of the highest motorable points in the world. 
While briefing media persons at Chandigarh Press Club, Sector 27, said that they are the First Indian record label to host their own International showcase at Amsterdam Dance Festival. 
“We are planning an expansion for our live vertical, MHC Throwdown into more international markets in the coming months, including shows across USA, along with a US-based branch of Music High Court” said 32Stitches aka Arpit, who has previously released music with Universal, Sony, Trap Nation, NoCopyrightSounds etc with over 30 million plays. He also won an IMA Award for Song of the Year in 2020.
“Our aim is to provide a full 360 degree push to upcoming artists, from releasing their music on our label, to hosting shows with them, and soon also designing and helping them sell their own merchandise” says Shrey Dua, who has previously worked with Sony Music India, heading marketing for releases by Badshah, Diljit Dosanjh, Harrdy Sandhu, Aastha Gill etc.
Prior to pandemic, they have given many international artists their Debut shows in India, along with giving many Indian artists their debut international shows as well.

अपने 101 गानों में से एक *सोलो ट्रैक केहड़े राह* का पोस्टर रिलीज करने पहुंची मोहाली लिरिसिस्ट ,कम्पोजर शीनम सिंह

8 जून :

मिलखा सिंह से बेस्ट एथलीट अवार्ड विनर सिंगर ,लिरिसिस्ट ,कम्पोजर  शीनम सिंह अपने बचपन के सपने को पूरा करने के लिए अपने 101 गानों में से एक  *सोलो ट्रैक  केहड़े राह* का पोस्टर रिलीज।

केहड़े राह को लिरिक्स , कंपोज व गायन शीनम ने ही दिया है ,जबकि म्यूजिक सुखजिंद ने दिया है, डायरेक्टर इट्स हैरी ने दी है व मनवीर कलसी प्रोजेक्ट क्यूरेटर हैं । खूबसूरत लोकेशन के साथ शीनम का ये गीत आप सब के दिलों को छू जायेग।

 शीनम  अपनी कालेज के दिनों की इच्छा को पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते टाल रहीं थीं लेकिन महामारी के दौरान उन्हें महसूस हुआ कि जिंदगी अनिश्चितताओं से भरी है इसलिए बिना वक्त गवाएं अब वह अपने सपनों को जी लेना चाहती है । शीनम पंजाब की म्यूजिक इंडस्ट्री में अपने गानों के लिए एक लिव फ्री एंटरटेनमेंट नामक प्लेटफार्म भी लांच कर रही हैं ताकि युवाओं को कम  स्ट्रगल करना पड़े ।

शीनम दो प्यारी बच्चीयों की माँ हैं व बचपन से म्यूजिक की दीवानी है व कालेज के दिनों से गीत लिख रही हैं, लेकिन परिवार को प्राथमिकता देते हुए वह म्यूजिक से दूर रहीं लेकिन करोना काल से बनी अनिश्चितता ने उन्हें बिना वक्त गवाएं ,अपने पति व परिवार की मदद से पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री में मुकाम हासिल करने निकल पड़ी हैं

मंडी गोबिंदगढ़ की पली बढ़ी शीनम ,पंजाब यूनिवर्सिटी से एम काम में गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी है । शीनम का मानना है कि हमें अपना पैशन फॉलो करना चाहिए व फिर  हार्ड वर्क व डेडिकेशन से अपने काम में लग जाना चाहिए तो बेशक सफलता आपके कदम जरूर चूमेगी ।

 अपनी म्यूजिक कम्पनी लिव  फ्री एंटरटेनमेंट के बारे में बातचीत करते हुए शीनम ने कहा कि पंजाब में युवा टैलेंट की कमी नहीं है लेकिन उन्हें तराश कर सही दिशा दिखाने वाले प्लेटफार्म की कमी है इसीलिए शीनम ने ये प्लेटफार्म लांच किया है , कोई भी युवा टैलेंटेड कलाकार उनसे सम्पर्क करके लाभान्वित हो सकता है। 

ਕੋਵਿਡ -19 ਦੇ ਪ੍ਰੋਟੋਕਾਲ ਦੀ ਉਲੰਗਣਾ: ਜਿੱਮੀ ਸ਼ੇਰਗਿੱਲ ਗ੍ਰਿਫਤਾਰ

ਕਲਾਕਾਰ ਜਿੰਮੀ ਸ਼ੇਰਗਿੱਲ ਨੂੰ ਬੁੱਧਵਾਰ ਨੂੰ ਪੰਜਾਬ, ਲੁਧਿਆਣਾ ਵਿੱਚ ਕੋਰੋਨਾ ਗਾਈਡਲਾਈਨ ਦੀ ਉਲੰਘਣਾ ਦੇ ਦੋਸ਼ ਵਿੱਚ ਗ੍ਰਿਫ਼ਤਾਰ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਸੀ। ਇਸ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਮੰਗਲਵਾਰ ਨੂੰ ਉਸ ਨੂੰ ਫਿਲਮ ਦੀ ਸ਼ੂਟਿੰਗ ਲਈ ਚਲਾਨ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਸੀ। ਇਹ ਇਲਜਾਮ ਲਗਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਕਿ ਅਦਾਕਾਰ ਜਿੰਮੀ ਸ਼ੇਰਗਿੱਲ ਦੀ ਸ਼ੂਟਿੰਗ ਦੌਰਾਨ ਸਮਾਜਕ ਦੂਰੀਆਂ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਹੋਰ ਨਿਯਮਾਂ ਨੂੰ ਵੀ ਜ਼ੋਰਾਂ-ਸ਼ੋਰਾਂ ਨਾਲ ਹਟਾਇਆ ਗਿਆ।

ਨਰੇਸ਼ ਸ਼ਰਮਾ ਭਾਰਦਵਾਜ, ਜਲੰਧਰ:

ਕੋਵਿਡ -19 ਦੇ ਪ੍ਰੋਟੋਕਾਲ ਦੀ ਉਲੰਗਣਾ ਕਰਨ ਦੇ ਦੋਸ਼ਾਂ ਹੇਤ ਪੰਜਾਬੀ ਫਿਲਮੀ ਹੀਰੋ ਜਿੱਮੀ ਸ਼ੇਰਗਿੱਲ ਨੂੰ ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਗ੍ਰਿਫਤਾਰ ਕੀਤਾ ਹੈ। ਜਿੱਮੀ ਲੁਧਿਅਨਾ ਚ ਨਾਈਟ ਕਰਫਿਊ ਦੌਰਾਨ ਇਕ ਵੈਬ ਸੀਰੀਜ਼ ਦੀ ਸ਼ੂਟਿੰਗ ਕਰ ਰਹੇ ਸਨ.ਜਿਮੀ ਸ਼ੇਰਗਿੱਲ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਲੁਧਿਆਂ ਪੋਲਿਸ ਨੇ ਅਕਾਸ਼ ਦੀਪ ,ਮਨਦੀਪ ਤੇ ਈਸ਼ਵਰ ਖਿਲਾਫ ਵੀ ਮਹਾਮਾਰੀ ਐਕਟ ਹੇਠ ਪਰਚਾ ਦਰਜ਼ ਕੀਤਾ ਹੈ। ਦੱਸ ਦੇਈਏ ਕਿ ਜਿੰਮੀ ਸ਼ੇਰਗਿੱਲ ਆਪਣੀ ਵੈੱਬ ਸੀਰੀਜ਼ ‘ਯੂਅਰ ਆਨਰ 2’ ਦੀ ਲੁਧਿਆਣਾ ਦੇ ਆਰੀਆ ਸਕੂਲ ਵਿਚ ਸ਼ੂਟਿੰਗ ਕਰ ਰਹੇ ਸਨ।

ਕਈ ਚਾਰ ਪਹੀਆ ਵਾਹਨ ਚਾਲਕਾਂ ਨੇ ਇੱਕ ਇੱਕ ਕਰਕੇ ਲੁਧਿਆਣਾ ਦੇ ਆਰੀਆ ਸਕੂਲ ਵਿੱਚ ਦਾਖਲ ਹੋਏ। ਜਦੋਂ ਅੰਦਰ ਵੇਖਿਆ ਗਿਆ ਤਾਂ ਪਤਾ ਲੱਗਿਆ ਕਿ ਇੱਕ ਪੰਜਾਬੀ ਫਿਲਮ ਦੀ ਸ਼ੂਟਿੰਗ ਚੱਲ ਰਹੀ ਹੈ। ਅਦਾਕਾਰ ਜਿੰਮੀ ਸ਼ੇਰਗਿੱਲ ਇਕ ਪੰਜਾਬੀ ਫਿਲਮ ਦੀ ਸ਼ੂਟਿੰਗ ਕਰਨ ਵਾਲੀ ਸੀ। ਆਰੀਆ ਸਕੂਲ ਨੂੰ ਸੈਸ਼ਨ ਕੋਰਟ ਲੁਧਿਆਣਾ ਦਾ ਰੂਪ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਹੈ। ਜਦੋਂ ਪੁਲਿਸ ਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪਤਾ ਲੱਗਿਆ ਤਾਂ ਏਸੀਪੀ ਵਰਿਆਮ ਸਿੰਘ ਪੁਲਿਸ ਪਾਰਟੀ ਨਾਲ ਉਥੇ ਪਹੁੰਚ ਗਏ। ਉਸਨੇ ਸ਼ੂਟਿੰਗ ਬੰਦ ਕਰ ਦਿੱਤੀ। ਫਿਲਮ ਦੇ ਨਿਰਦੇਸ਼ਕ ਨੇ ਉਸਨੂੰ ਮਨਜ਼ੂਰੀ ਦੇ ਕਾਗਜ਼ਾਤ ਦਿਖਾਏ। ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ, ਉਸਨੇ ਦੋ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਦੋ ਹਜ਼ਾਰ ਰੁਪਏ ਦੇ ਚਲਾਨ ਕੀਤੇ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਡਾਇਰੈਕਟਰ ਵੀ ਸ਼ਾਮਲ ਹੈ, ਜਿਥੇ ਸਮਾਜਕ ਦੂਰੀਆਂ ਦੀ ਪਾਲਣਾ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ ਗਈ।

ਏਸੀਪੀ ਵਰਿਆਮ ਸਿੰਘ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਉਸਨੂੰ ਗੋਲੀ ਮਾਰਨ ਦੀ ਇਜਾਜ਼ਤ ਸੀ। ਸਮਾਜਿਕ ਦੂਰੀਆਂ ਦੀ ਉਲੰਘਣਾ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਦੋ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਦਾ ਚਲਾਨ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ. ਆਰੀਆ ਸਕੂਲ ਵਿਚ ਕਾਫ਼ੀ ਕਮਰੇ ਹਨ, ਹਰ ਕਮਰੇ ਵਿਚ ਪੰਜ ਤੋਂ ਛੇ ਲੋਕ ਸਨ. ਸ਼ੂਟਿੰਗ ਸਮੇਂ ਸਿਰ ਖਤਮ ਹੋ ਗਈ ਸੀ।

ਦੱਸਣਯੋਗ ਹੈ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵਲੋਂ ਸੂਬੇ ’ਚ ਵੱਧ ਰਹੇ ਕੋਰੋਨਾ ਕੇਸਾਂ ਨੂੰ ਦੇਖਦਿਆਂ ਲਾਕਡਾਊਨ ਲਗਾਇਆ ਗਿਆ ਹੈ। ਇਥੋਂ ਤਕ ਕਿ ਵਿਆਹ ਤੇ ਅੰਤਿਮ ਸੰਸਕਾਰ ’ਚ 20 ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਇਕੱਠੇ ਹੋਣ ਦੀ ਛੋਟ ਦਿੱਤੀ ਗਈ ਹੈ ਪਰ ਇਥੇ 100 ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਮੌਜੂਦਗੀ ਸਵਾਲੀਆ ਨਿਸ਼ਾਨ ਖੜ੍ਹੇ ਕਰਦੀ ਹੈ।

एक बेटी अपने पिता की गोद से बाहर जरूर निकल सकती है, लेकिन वो कभी पिता के दिल से बाहर नहीं निकल सकती

सतरंगी राजस्थान’, ‘बन्नी सा’ के बाद अब ‘विदाई’ गीत मचाएगा धूम
हरिप्रेम फिल्म ने की ‘विदाई’ गीत की ऑनलाईन लांचिंग
 
सतीश बंसल बांसवाड़ा-उदयपुर,/ सिरसा:

वागड़ गंगा माही के कारण प्राकृतिक दृष्टि से समृद्ध और कला-संस्कृति के धनी बांसवाड़ा को पर्यटन दृष्टि से देश-दुनिया तक पहुंचाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की श्रृंखला में गत दिनों 80 लाख बार देखे गए ‘सतरंगी राजस्थान’ शीर्षक से विडियो गीत की अपार सफलता के बाद हरिप्रेम फिल्म्स द्वारा तैयार किए ‘विदाई’ शीर्षक गीत की ऑनलाईन लांचिंग रविवार को की गई।
अप्रत्याशित सफलता पाने वाले बांसवाड़ा में फिल्माएं और तैयार किए गए ‘सतरंगी राजस्थान’ और बन्नी सा के युवा फिल्म निर्देशक नितीन समाधिया के तीसरे ड्रीम प्रोजेक्ट ‘विदाई’ विडियो गीत की शूटिंग गत माह में ही संपन्न हुई है। उन्होंने बताया कि सिर्फ बांसवाड़ा की समृद्ध विरासत से देश-दुनिया को रूबरू करवाने के लिए इस राजस्थानी गीत का निर्माण किया गया है और यह भी सतरंगी राजस्थान की भांति राजस्थान की धड़कन बनेगा।
 हरिप्रेम फिल्म्स के विदाई गीत की पटकथा  पिता और पुत्री के प्यार के रिश्ते को दर्शाती है। ‘विदाई’ गीत का गायन स्वरुप खान ने किया है और म्यूजिक, लिरिक्स स्वरुप खान द्वारा निर्मित है। इसके साथ ही स्वरुप खान ने इस गीत में अपने अभिनय की प्रस्तुति दी है। गीत में राजस्थानी लोकवाद्यों का बखूबी इस्तेमाल किया है।  निर्देशक हरिप्रेम फिल्म के सीईओ नितिन समाधिया है। सहनिर्देशक अंकित चटर्जी, डीओपी अंकित चौहान व एडिटिंग अमन  ने की है। प्रोडक्शन टीम में महेंद्र समाधिया, रानी समाधिया, प्रसून कंसारा व आस्था भट्ट द्वारा सहयोग प्रदान किया गया। विदाई गीत की पटकथा  पिता और पुत्री के प्यार के रिश्ते को दर्शाती है जो की दिल को छू जाने वाली प्रस्तुति है। गीत के वीडियो में कलाकारों द्वारा की गई खूबसूरत प्रस्तुति गाने को और मनोहर बनाती है। अभिनेत्री आराध्या राव, अभिनेता कुनाल आचार्य व अभिनेता अनिल भागवत द्वारा मन मोहक प्रस्तुति दी गई है।  

ऐसा है विदाई गीत:

ऐसे तो पिता-पुत्री के रिश्ते को शब्दों में बयां कर पाना मुश्किल है,एक बेटी अपने पिता की गोद से बाहर जरूर निकल सकती है, लेकिन वो कभी पिता के दिल से बाहर नहीं निकल सकती है। यह तय है कि पिता के लिए बेटी का प्यार शब्दों से परे होता है। ऐसे ही पिता और पुत्री के प्यार भरे रिश्ते को राजस्थानी लोकगीत ‘विदाई’ में प्रस्तुत किया है। हर घर में बेटियां पिता की लाडली होती हैं। वैसे भी अक्सर यही कहा जाता है कि बेटे मां के करीब होते हैं तो बेटियां अपने पापा के ज्यादा करीब होती हैं। पापा की परी और घर में सबसे प्यारी, बड़ा गहरा चाव और लगाव होता है बाप-बेटी का, तभी तो उम्र के हर पड़ाव पर पापा उनके लिए खास भूमिका निभा रहे होते हैं। हरिप्रेम फिल्म ने अपने विदाई सॉन्ग में पिता पुत्री के इस  रिश्ते को अच्छे से दर्शाया है।

EMBRACE HUMAN VALUES TO BE TRUE HUMANS : SATGURU MATA SUDIKSHA JI MAHARAJ

            Chandigarh , March 01, 2021:

“Need of the hour is to lead our lives as true human beings which can be achieved by embracing human valuesonly” was the clarion call given by Satguru Mata Sudiksha Ji Maharaj at the concluding session of 54th Annual Nirankari Sant Samagam of Maharashtra.   This information given by Smt. Raj Kumari Ji Member Incharge Press & Publicity Sant Nirankari Mandal.

            To stay firm on this path ,we need to introspect frequently and avoid negativity to set in; Her Holiness further guided and urged to cultivate the spirit of love, humility and magnanimity, to ignore the demerits instead accept the merit and to empathize with one another.

            Satguru Mata Ji further generalized, while all humans consider themselves religious and reserve the teachings of the Prophets, Seers and Gurus, who have taught the world that humanity is the true religionthat can make life meaningful by connecting themselves to God. God Realization leads to Self Realization and this can be achieved at any age. God Knowledge can be attained in a fraction of a moment from the True Master.

            The three day Samagam was webcasted on Mission’s website and telecasted on Sanskar TV channel. Nirankari devotees across the globe and God loving people enjoyed this blissful event.

            On the first day of Samagam, Satguru Mata Ji said in Her Holy discourse that God is Formless, Omnipresent and can be addressed by any name. Every soul is a part of the Divine Super soul and for this realisation; God Realisation is a must. By connecting with the Eternal God, one can attain stability, peace and contentment. Once we realize that God is the doer of everything then acceptance leads to contentment in all upheavals of life. When we take support of the Formless God then acceptance makes life blissful.

            Mata Ji further explained that though we use our senses in daily lives for proper operation of our body and in evaluating the different situations it is imperative to be in control of our senses to derive beneficial and balanced exposition of our activities.

SEWADAL RALLY

            The second day commenced with the Sewadal Rally wherein Sewadal volunteers, both men and women hailing from various parts of Maharashtra showcased their talents and feats by performing fitness drills such as Mallakhamba and aerial acts.

            There were various skits which showcased the teachings and the ideologies of the Mission. The first step to selfless service is to surrender to the Almighty, as Service to Mankind is Service to God and to attain this one should abandon the ego of the mind and maintain modesty and discipline.

            Addressing the second day evening session, Her Holiness said that to establish stability in our lives; right choices, awareness and wisdom is essential. Negative emotions reside only when we give them place in our hearts. On the other hand, when we give place to God in our hearts, our mind becomes pure. Life is short; to err is human hence, we need to ensure that we do not repeat our mistakes. In this way we can contribute positively in everyone’s life and make our life happy here and hereafter.

            The modern generation does not give credence to the past and future births and are just concerned about the present Satguru Mata Ji exhorted to better our present by invoking God as He is the only source to provide stability.

            Mata Ji referred to the saints from the past, who have left a message for the world that seeing God through open eyes is possible and after receiving God Knowledge when we realize ourselves in the form of a soul and not a body. Saints from the past have all along maintained that life can be meaningful by connecting with God and treading the path of devotion so that our soul can be released from the bondages and attain salvation.

A Multi-Lingual Poetic Symposium (KaviDarbar)

            The main attraction of the third day of the Samagam was a Multilingual Poetic Symposium. The topic of this symposium was “Sthir se Naata Jodke Man ka Jeevan ko Hum Sehaj Banaye”.On this various poets presented their poems in Marathi, Hindi, Sindhi, Gujarati, Punjabi and Bhojpuri languages.

            Saints from all over Maharashtra, adjoining states and from across the globe participated and expressed their thoughts on all three days of the Samagam. Meaningful messages based on the philosophy of the Mission were given through recitation of the holy verses from Sampuran Avtar Bani, Sampuran Hardev Bani, sayings of saints and sages of bygone eras and devotional songs penned by the devotees of the Mission.

OTT और सोशल मीडिया के लिए बेहद सख्त हुए नियम, नई गाइडलाइंस जारी

केंद्र सरकार ने OTT, न्यूज पोर्टल और सोशल मीडिया के लिए गाइडलाइंस का ऐलान कर दिया है. केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद और प्रकाश जावडेकर ने इन गाइडलाइंस के बारे में जानकारी दी। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि भारत में व्यापार करने के लिए सोशल मीडिया का स्वागत है, लेकिन सोशल मीडिया में ऐसे ऐसे प्रेजेंटेशन आ रहे हैं, जो किसी भी तरह से सभ्य नहीं कहे जा सकते हैं, ऐसी शिकायतें हमारे पास बहुत आई थीं। रविशंकर ने कहा कि सोशल मीडिया यूजर्स की समस्या के लिए फोरम होना चाहिए। सोशल मीडिया का इस्तेमाल नफरत फैलाने के लिए किया जा रहा है। सोशल मीडिया का इस्तेमाल आतंकी भी कर रहे हैं। सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल की कई सालों से शिकायतें आ रही हैं, फेक न्यूज की ये हालत है कि कई न्यूज चैनल को फैक्ट चेक सेल बनाना होगा। 

  • सोशल मीडिया इंटरमीटिय‍रीज और ओटीटी प्‍लेटफॉर्म्‍स के लिए गाइडलाइंस जारी
  • यूजर्स को मिलेगी और ताकत, कंपनियों को बनाना पड़ेगा प्रॉपर मैकेनिज्‍म
  • सोशल मीडिया कंपनियों को यूजर्स वेरिफिकेशन का सिस्‍टम बनाना होगा
  • OTT प्‍लेटफॉर्म्‍स को सेल्फ रेगुलेशन पर देना होगा ध्‍यान, सख्‍ती नहीं

नई दिल्ली(ब्यूरो):

  सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट को लेकर नई गाइडलाइंस जारी कर दी हैं. नए नियमों के मुताबिक अब सोशल मीडिया कंपनियों को किसी ट्वीट या मैसेज के ओरिजिनेटर के बारे में जानकारी देनी होगी। वॉट्सऐप जैसी कंपनियां जो इंड-टू-इंड एनक्रिप्शन देती हैं उनके लिए ये नियम मुश्किल पैदा करने वाले हो सकते हैं।

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद (Ravi Shankar Prasad) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, ‘हमने कोई नया कानून नहीं बनाया है। हमने ये नियम वर्तमान आईटी एक्ट के दायरे में रहते हुए बनाए हैं। हम प्लेटफॉर्म्स पर भरोसा करते हैं कि वो नियमों का पू

सोशल मीडिया के लिए नई पॉलिसी

प्रसाद ने कहा, “सोशल मीडिया कंपनीज का भारत में कारोबार करने के लिए स्‍वागत है। इसकी हम तारीफ करते हैं। व्‍यापार करें और पैसे कमांए।” उन्‍होंने कहा कि सरकार असहमति के अधिकार का सम्‍मान करती है लेकिन यह बेहद जरूरी है कि यूजर्स को सोशल मीडिया के दुरुपयोग को लेकर सवाल उठाने के लिए फोरम दिया जाए। प्रसाद ने कहा कि हमारे पास कई शिकायतें आईं कि सोशल मीडिया पर मार्फ्ड तस्‍वीरें शेयर की जा रही हैं। आतंकी गतिविधियों के लिए इनका इस्‍तेमाल हो रहा है। प्रसाद ने कहा कि सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म्‍स के दुरुपयोग का मसला सिविल सोसायटी से लेकर संसद और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है।

सोशल मीडिया पॉलिसी में क्‍या है?

  1. दो तरह की कैटिगरी हैं: सोशल मीडिया इंटरमीडियरी और सिग्निफिकेंट सोशल मीडिया इंटरमीडियरी।
  2. सबको ग्रीवांस रीड्रेसल मैकेनिज्‍म बनाना पड़ेगा। 24 घंटे में शिकायत दर्ज होगी और 14 दिन में निपटाना होगा।
  3. अगर यूजर्स खासकर महिलाओं के सम्‍मान से खिलवाड़ की शिकायत हुई तो 24 घंटें में कंटेंट हटाना होगा।
  4. सिग्निफिकेंड सोशल मीडिया को चीफ कम्‍प्‍लायंस ऑफिसर रखना होगा जो भारत का निवासी होगा।
  5. एक नोडल कॉन्‍टैक्‍ट पर्सन रखना होगा जो कानूनी एजेंसियों के चौबीसों घंटे संपर्क में रहेगा।
  6. मंथली कम्‍प्‍लायंस रिपोर्ट जारी करनी होगी।
  7. सोशल मीडिया पर कोई खुराफात सबसे पहले किसने की, इसके बारे में सोशल मीडिया कंपनी को बताना पड़ेगा।
  8. हर सोशल मीडिया कंपनी का भारत में एक पता होना चाहिए।
  9. हर सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म के पास यूजर्स वेरिफिकेशन की व्‍यवस्‍था होनी चाहिए।
  10. सोशल मीडिया के लिए नियम आज से ही लागू हो जाएंगे। सिग्निफिकेंड सोशल मीडिया इंटरमीडियरी को तीन महीने का वक्‍त मिलेगा।

लाल किले पर हिंसा का किया जिक्र

सभी सोशल मीडिया का स्‍वागत है लेकिन बड़े आदर से कहूंगा कि डबल स्‍टैंडर्ड्स नहीं होने चाहिए। अगर कैपिटल हिल में कांग्रेस पर हमला होता है तो सोशल मीडिया पुलिस कार्यवाही का समर्थन करता है लेकिन लाल किले पर आक्रामक हमला होता है तो आप डबल स्‍टैंडर्ड दिखाते हैं, ये किसी लिहाज से स्‍वीकार्य नहीं है।

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि ‘सरकार ने समझा कि मीडिया प्‍लेटफॉर्म्‍स के लिए एक लेवल-प्‍लेइंग फील्‍ड होना चाहिए इसलिए कुछ नियमों का पालन करना पड़ेगा। लोगों की मांग भी बहुत थी।’

ओटीटी प्‍लेटफॉर्म्‍स के लिए क्‍या हैं गाइडलाइंस?

  • OTT और डिजिटल न्‍यूज मीडिया को अपने बारे में विस्‍तृत जानकारी देनी होगी। रजिस्‍ट्रेशन अनिवार्य नहीं है।
  • दोनों को ग्रीवांस रीड्रेसल सिस्‍टम लागू करना होगा। अगर गलती पाई गई तो खुद से रेगुलेट करना होगा।
  • OTT प्‍लेटफॉर्म्‍स को सेल्‍फ रेगुलेशन बॉडी बनानी होगी जिसे सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज या कोई नामी हस्‍ती हेड करेगी।
  • सेंसर बोर्ड की तरह OTT पर भी उम्र के हिसाब से सर्टिफिकेशन की व्‍यवस्‍था हो। एथिक्‍स कोड टीवी, सिनेमा जैसा ही रहेगा।
  • डिजिटल मीडिया पोर्टल्‍स को अफवाह और झूठ फैलाने का कोई अधिकार नहीं है।

दूसरी तरफ, इंटरनेट ऐंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IAMAI) ने केंद्र सरकार से ओटीटी प्‍लेटफॉर्म्‍स को रेगुलेट करने से पहले स्‍टेकहोल्‍डर्स से बातचीत करने की अपील की है। पूरी दुनिया में नेटफ्लिक्स, प्राइम और हॉटस्टार (डिज्नी प्लस) सहित कम से कम 40 ओटीटी प्लेटफॉर्म हैं।

SC तक जा चुका है मामला

केंद्र सरकार ने पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि वह ओटीटी प्‍लेटफॉर्म्‍स को रेगुलेट करने के क्‍या कदम उठाने पर विचार कर रही है। पिछले साल अक्टूबर में, सुप्रीम कोर्ट ने विभिन्न ओटीटी/स्ट्रीमिंग और डिजिटल मीडिया प्लेटफार्मों पर कंटेंट की निगरानी और प्रबंधन के लिए एक उचित संस्थान की स्थापना के लिए जनहित याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा था।

संसद में भी गूंज चुका है मुद्दा

बीजेपी के कई सांसदों ने 12 फरवरी को लोकसभा में वेब सीरीज को सेंसरशिप के दायरे में लाने की मांग की थी। बीजेपी सांसदो का कहना था कि मोबाइल पर वेब सीरीज के माध्यम से हिंसा, गालियां परोसी जा रही हैं। धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई जा रही है। इसके लिए सेंसरशिप की व्यवस्था की जाए।

नयी उम्मीदें जगा कर दतिया फ़िल्म महोत्सव सम्पन्न

माँ पीताम्बरा की विश्व प्रसिद्ध नगरी दतिया, मध्य प्रदेश  में 31 जनवरी से 1 फ़रवरी 2021 तक चलने वाले दतिया फ़िल्म महोत्सव का शुभारंभ  मध्य प्रदेश के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। महोत्सव में फिल्म जगत से जुड़ी कई महत्तवपूर्ण हस्तियों ने शिरकत की। दतिया नगर वासियों के लिए ये गर्व का विषय है कि नगर के लोकप्रिय विधायक एवं मध्यप्रदेश के  गृह मंत्री के अथक प्रयासों से नगर का नाम हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।

शमीम शेख, DF – दतिया :

गृह मंत्री जी के आदेश से डॉ. बालकृष्ण कुशवाहा द्वारा गहोई वाटिका में फिल्म महोत्सव का आयोजन कर बुंदेलखंड क्षेत्र के हर ज़िले से फ़िल्म कलाकारों को आमंत्रित कर गृहमंत्री जी द्वारा उनका सम्मान किया गया। साथ ही साथ  गृहमंत्री जी ने  बॉलीवुड के कलाकारों  और फिल्म महोत्सव के आयोजकों को ये भरोसादिलाया कि दतिया में वह सारी व्यवस्थाएं की जाएंगी जिससे दतिया के ऐतिहासिक जीवन को फिल्मी पर्दे पर बख़ूबी दर्शाया जा सके और स्थानीय कलाकारों के लिए इस तरह के आयोजन लगातार किए जाएंगे जिससे उन्हें अपनी कला का प्रदर्शन करने के अधिक अवसर प्राप्त हों। 

मुंबई से आए हुए कलाकारों में मुकेश बच्चन ( दूरदर्शन निदेशक, मुंबई)  आरिफ़ शहडोली ( सब टीवी चिड़िया घर फेम) , अज़ीम शेख़( सोनी टीवी क्राइम पेट्रोल- सी आई डी फेम)  , देवदत्त बुधौलिया (फिल्म धड़कोला, भू माफिया फेम), अभिनेत्री शालू गोस्वामी , गीतकार दुष्यंत कुमार, आदित्य एन शर्मा, टीवी शो सब झोल झाल है के  निर्देशक परेश मसीह,अभिनेता नीतेश सिंघल ,शरद सिंह, आलोक त्रिपाठी, राजेंद्र सिंह पटेल आदि ने नव कलाकारों का मार्गदर्शन किया। मुकेश बच्चन ने जहां एक ओर स्टानिस्लावस्की और मेइस्नर के अभिनय सिद्धांतों की व्याख्या की, वहीं दूसरी ओर क्राइम पेट्रोल अभिनेता अज़ीम शेख़ ने अपनी दमदार संवाद द्वारा  सहज अभिनय के महत्त्व पर ज़ोर दिया। रंगकर्मी अभिनेता आरिफ़ शहडोली और देवदत्त बुधौलिया ने फिल्म और नाटक की अभिनय विधा के महत्त्वपूर्ण अंतर पर प्रकाश डाला । महोत्सव में आरीफ शहडोली द्वारा संकलित बुन्देलखण्ड फ़िल्म उद्योग निर्देशिका का विमोचन भी हुआ जिसकी सहायता से बुन्देलखण्ड के कलाकारों को भविष्य में आवश्यकता होने पर संपर्क किया जा सकेगा ।


महोत्सव का मुख्य आकर्षण रही निर्देशक – लेखक अवि संधू निर्देशित एवं अज़ीम शेख़, सिराज आलम, नईम शेख़ अभिनीत लघु फ़िल्म ‘ शिकार ‘।गृहमंत्री जी द्वारा फ़िल्म शिकार के पोस्टर लॉच के बाद आयोजकों द्वारा फिल्म शिकार का प्रदर्शन किया गया।  जिसके लिए निर्देशक अवि संधू को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक के पुरस्कार से सम्मनित किया गया।

गृहमंत्री जी ने सभी कलाकारों को उनके आने वाले प्रोजेक्ट के लिए शुभकामनाएं दी।

सपने पूरे करने के लिए स्वयं पर भरोसा आवश्यक

पंचकुला:

कुछ बड़ा करना चाहते हैं तो सपने देखने होंगे और सपनों को साकार करने के लिए स्वयं पर भरोसा करना होगा मानना है मेरुश्री का जोकि अपने करियर के साथ साथ अभिरुचि को भी तरजीह देती हैं।

@ लंदन ब्रिज

अपने जीवन की आपाधापी में करियर को आकार देने में अक्सर इतने व्यस्त हो जाते हैं कि रुचि को पूरी तरह से नजरअंदाज करके खुद को जीविका कमाने में झोंक देते हैं; फिर एक दिन एहसास होता है कि कुछ पीछे छूट से गया परन्तु तब तक समय की खाई इतनी चौड़ी हो गई जान पड़ती है उसको लांघ पाना भले ही नामुमकिन नहीं लेकिन मुश्किल जरूर दिखाई देता है।

मेरुश्री के साथ भी ऐसे ही कुछ हो सकता था, लेकिन टाइमलाइन सबकी अपनी अपनी होती है , मेरुश्री जो कि यूके में पढ़तीं हैं परीक्षा के बाद घर पंचकूला आई तो लॉक डाउन की वजह से कई महीने यही रुकना पड़ा तो समय काटने के लिए बेकिंग की रूचि की ओर ध्यान दिया तो पता चला कि वह इस काम में दक्ष हैं। पहले मित्रों रिश्तेदारों के जन्मदिन के लिए बेकिंग की , फिर शौक़ शौक़ में अस्सोर्टेड केक्स डिजाइनर केक थीम बेकिंग करनी शुरू की। बाकी यंगस्टर्स की तरह इन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी क्रिएटिविटी अपलोड की जिसे लोगों ने बहुत पसंद किया और बहुत से ऑनलाइन बेकिंग क्लासेस के लिए मेरु श्री को संपर्क किया।
हालांकि मेरुश्री ने अभी व्यवसाय शुरू नहीं किया है लेकिन अपनी लोकप्रियता के चलते अपने फैंस की खुशी के लिए बेकिंग करने और उनको सिखाने में उनका दिन कैसे बीता है उन्हें पता ही नहीं चलता।

उन्नीस वर्षीय मेरुश्री बताती हैं कि उनके पिता संजीव बबूता जो कि रियल स्टेट व्यवसाई है और मां मोनिका बबूता, उनके कार्य की सराहना करते हैं। मम्मा मोनिका तो बेकिंग के दौरान पास रहती है ताकि जरूरत पड़ने पर मदद कर सकें। मेरु बतातीं हैं कि उनका छोटा भाई माहिर एक ‘फूड क्रिटिक'(Food Critic) कि तरह उनके काम में कमी पेशी निकालता रहता है। वह उनके द्वारा बनाए गए केक पेस्ट्रिज आदि चख आर उनमें कमी – पेशी के बारे में अवगत करवाता रहता है।

अपने करियर के बारे में जहां पूर्णतया सजग हैं मेरुश्री वही अपनी रुचि को भी साथ लेकर चलना चाहती है।

‘Mahashivir’ : An online opportunity to experience the 800 years old divine Himalayan Meditation, free of cost!

Guru Tattva is a global platform steered by Shree Shivkrupanand Swami Foundation, working towards the overall development of human beings in all spheres of their lives. Led by H. H. Shree Shivkrupanand Swami ji himself, Guru Tattva organizes ‘Mahashivir’ in the divine proximity of Swamiji to accelerate the spiritual journey of people through Himalayan Meditation Sanskaar.

Jammu/ Chandigarh :

Guru Tattva has organized thelive broadcast of Mahashivir from 23rd to 30th December, 6:00 AM to 8:00 AM with repeat telecast from 6:00 PM to 8:00 PM on Youtube.com/Gurutattva and www.gurutattva.org. All the updates regarding Mahashivir will be posted regularly on Facebook and Instagram @gurutattvameditation. 

2020 is about to end but the battle with the pandemic is still on. In challenging times like these, one of the best ways to be joyful andat peace is practisingmeditation regularly. Himalayan Meditation is an 800 years oldSanskaar which is simple and can be easily practised by all. Unlike the other techniques of meditation, it doesn’t involve any complex breathing techniques or yoga. Since its inception, Guru Tattvahas been sharing this divine wisdom and experience with the world for free.

‘Mahashivir’ is a pricelessopportunity of self-realization in the divine proximity of living Sadguru.In Mahashivir, H. H. Shree Shivkrupanand Swami ji will share the complex Himalayan wisdom of meditation with the Shivir attendees in simple language. He will present his 60 years of divine experiences and knowledge in just 8 days.The eventwill have discourses of Swamiji in which, he will explain the science of 800 years old Himalayan Meditation in a simple language and conduct online collective meditation sessions. It is said that meditating alone for a million day and meditating for one day with a million people are one and the same!

Guru Tattva is a global platform steered by Shree Shivkrupanand Swami Foundation, working towards the overall development of human beings in all spheres of their lives. Led by H. H. Shree Shivkrupanand Swami ji himself, Guru Tattva organizes ‘Mahashivir’ in the divine proximity of Swamiji to accelerate the spiritual journey of people through Himalayan Meditation Sanskaar.

H.H. Shree Shivkrupanand Swami is an enlightened yogi. Since childhood, he was in search of the ultimate truth.As time passed, he spent 16 years of his life in the Himalayas, practising meditation and absorbing the wisdom from different revere Himalayan Gurus. Since the inception of SamarpanDhyanyog in 1994, he has been sharing this 800-year-old divine wisdom with the world, free of cost.

Inviting all of you to this once-in-a-lifetime online event of self-realization and inner-joy. For more information, Like and Follow @gurutattvameditation on Facebook and Instagram. To get a reminder for the event, subscribe to youtube.com/gurutattvaandpress the bell icon.

“You are most welcome to embark on a divine journey to blissfulness”