‘‘देश के किसी अन्य हिस्से में पिछले पांच वर्ष में कोई बम विस्फोट नहीं हुआ. हम आतंकवाद को जम्मू-कश्मीर के केवल ढाई जिलों तक सीमित करने में सफल रहे हैं.’’ मोदी

साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के नामांकन के पश्चात देश में सियासी तूफान उबल पड़ा है। जिनके आलाकमान जमानत पर बाहर घूम रहे हैं और जो दो- दो जगहों से चुनाव लड़ रहे हैं वह भी साध्वी के चुनाव लड़ने पर तंज़ कस रहे हैं। कहीं प्रवक्ताओं पर जूता फेंका जा रहा है तो कहीं प्रवक्ताओं को डराया धमकाया जा रहा है। ऐसे में अच्छी खबर है की एक – दो घटना के अलावा चुनाव का दूसरा दौर भी शांति से सम्पन्न हुआ। ऐसे में प्रधान मंत्री मोदी अमरौली में अपनी चुनावी सभा को धन्यवाद सभा कह दें तो क्या अचरज है?

अमरेली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी सरकार आतंकवाद को जम्मू-कश्मीर के केवल ‘‘ढाई’’ जिलों तक सीमित करने में कामयाब रही है और देश के किसी अन्य हिस्से में पिछले पांच साल में कोई बम विस्फोट नहीं हुआ. पीएम मोदी ने गुजरात के अमरेली में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने गुजरात में जो कुछ सीखा, उससे उन्हें 2017 में चीन के साथ डोकलाम गतिरोध के दौरान मदद मिली.

उन्होंने देश में पहले हुए बम विस्फोट के विभिन्न मामलों का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘देश के किसी अन्य हिस्से में पिछले पांच वर्ष में कोई बम विस्फोट नहीं हुआ. हम आतंकवाद को जम्मू-कश्मीर के केवल ढाई जिलों तक सीमित करने में सफल रहे हैं.’’

बालाकोट हवाई हमला
बालाकोट हवाई हमले के बाद भारत से संपर्क साधने की कोशिश संबंधी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के बयान पर मोदी ने कहा कि नेता को ‘‘फोन उठाने के लिए हमसे सार्वजनिक रूप से अनुरोध करना पड़ा.’’

उन्होंने देश में कांग्रेस नीत पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि सरदार सरोवर परियोजना 40 वर्ष पहले पूरी हो गई होती तो गुजरात बहुत बेहतर जगह होती. मोदी ने कहा कि कांग्रेस को 2014 में आजादी के बाद सबसे कम सीटों पर जीत मिली और 2019 में वह सबसे कम लोकसभा सीटों के लिए लड़ रही है, लेकिन तब भी वह सत्तारूढ़ पार्टी बनने का ‘‘सपना देख’’ रही है.

उन्होंने यह भी कहा कि गुजरात में बनी सरदार पटेल की सबसे ऊंची प्रतिमा का मकसद दिवंगत प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का अनादर करना नहीं है. उन्होंने कहा, ‘‘मेरे लिए यह कोई चुनावी रैली नहीं है, बल्कि यह मेरे लिए गुजरात के लोगों को धन्यवाद देने की रैली है क्योंकि मैं यहीं निखरा.’’

LOC के जरिये POK के साथ व्यापार अगले आदेश तक बंद

एनआईए द्वारा कुछ मामलों की चल रही जांच के दौरान, यह सामने आया है कि एलओसी व्यापार में महत्वपूर्ण व्यापारिक चिंताएं आतंकवाद या अलगाववाद को बढ़ावा देने वाले प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों से जुड़े व्यक्तियों द्वारा संचालित की जा रही हैं। जांच में पता चला है कि कुछ व्यक्ति, जो पाकिस्तान के पार हो गए हैं, और आतंकवादी संगठनों में शामिल हो गए हैं, ने पाकिस्तान में व्यापारिक फर्में खोली हैं। ये ट्रेडिंग फर्म कथित रूप से आतंकवादी संगठनों के नियंत्रण में हैं और एलओसी व्यापार में लगे हुए हैं।

नई दिल्ली: भारत ने पाकिस्तान के साथ नियंत्रण रेखा (एलओसी) के जरिए व्यापार को स्थगित कर दिया है. गुरुवार को एक सरकारी आदेश में कहा गया है कि जांच एजेंसियों को पता चला था कि पड़ोसी देश के तत्वों द्वारा अवैध हथियार, मादक पदार्थों और नकली मुद्रा की तस्करी के लिए इस मार्ग का दुरुपयोग किया जा रहा है. इसके बाद यह कदम उठाया गया.

बयान में कहा गया है कि एक सख्त विनियामक और प्रवर्तन तंत्र तैयार किया जा रहा है और उसके लागू होने के बाद व्यापार मार्गों को फिर से खोलने के मुद्दे पर विचार किया जाएगा.

क्या कहा गृह मंत्रालय ने?
केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश में कहा गया है कि भारत सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर के चकन-दा-बाग और सलामाबाद में एलओसी व्यापार को स्थगित करने का निर्णय लिया गया है.

इसमें कहा गया है कि यह कार्रवाई उन रिपोर्टों के आधार पर की गई है कि पाकिस्तान स्थित तत्वों द्वारा अवैध हथियारों, नशीले पदार्थों और नकली नोटों को फैलाने के लिए व्यापार मार्गों का दुरुपयोग किया जा रहा है. 

सप्ताह में चार दिन होता है व्यापार 
एलओसी व्यापार अभी बारामूला जिले के उरी के सलामाबाद में और पुंछ जिले के चकन-दा-बाग में दो व्यापार केंद्रों से संचालित होता है. यह व्यापार सप्ताह में चार दिन होता है और यह वस्तु विनिमय प्रणाली और शुल्क मुक्त पर आधारित होता है.

सरकार ने बयान में कहा कि एक सख्त विनियामक और प्रवर्तन तंत्र पर काम किया जा रहा है और इसे विभिन्न एजेंसियों के परामर्श से लागू किया जाएगा. 

‘मुझे खुशी है कि उमर अब्दुल्ला ने उन लोगों से हाथ नहीं मिलाया जिनके हाथ मुसलिमों के खून से रंगे थे’ फारूक

मुसलमान मुसलमान मुसलमान, चुनाव जीतने का आसान तरीका है मुसलमान मुसलमान चिल्लाओ। बार बार पूछो की क्या मुसलमान हिंदुस्तान का हिस्सा नहीं। सबको यह बताओ की मोदी के हाथ मुसलमानों के ख़ून से रंगे हैं। फिर क्षेत्रवाद पर आ जाओ, सबको बताओ की काश्मीरी कभी भी हिंदुस्तानी मोदी पर भरोसा नहीं करेंगे। फिर मैं पर आओ, यदि मैं चाहता तो हिंदुस्तान का वजूद ही नहीं होता। क्या यह सब जो हम बार बार सुनते हैं तिरंगे को कांधा देने वाल कोई नहीं मिलेगा, कांधा किसे दिया जाता है?? क्या इलैक्शन कमीशन को यह सब नहीं सुनता?? क्या इनको दफा 370 के तहत कोई विशेषाधिकार मिले हुए हैं??

श्रीनगर: अब्दुल्ला और मुफ्ती परिवार पर देश को तोड़ने की कोशिश करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आरोपों के एक दिन बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारुख अब्‍दुल्‍ला ने सोमवार को पलटवार करते हुए कहा कि अगर उनका परिवार भारत को तोड़ना चाहता तो ‘कोई हिंदुस्तान होता ही नहीं.’ कठुआ जिले में रविवार को जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने अब्दुल्ला और मुफ्ती पर निशाना साधते हुए कहा था कि दोनों परिवारों ने जम्मू कश्मीर की तीन पीढ़ियों को बर्बाद कर दिया और वह उन्हें भारत को बांटने नहीं देंगे. अब्दुल्ला ने जवाब में कहा कि पीएम मोदी ही देश को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वह कामयाब नहीं होंगे.

हमारी पार्टी करती है सभी लोगों की भलाई के लिए काम
फारुख अब्‍दुल्‍ला ने कहा, ‘‘हमारी पार्टी सभी लोगों के कल्याण के लिए लड़ती है चाहे मुस्लिम हों, हिंदू हों, सिख हों, ईसाई हों या बौद्ध हों. हम लड़ते रहेंगे. पीएम मोदी पूरी ताकत लगा दें तो भी भारत को नहीं तोड़ पाएंगे. मैं आपको आज यहां से बताना चाहता हूं कि आप तोड़ने की कोशिश करेंगे, लेकिन भारत टूटेगा नहीं. आप अब्दुल्ला परिवार पर भारत को विभाजित करने की कोशिश का आरोप लगाते हैं, अगर हमें भारत को तोड़ना चाहते तो कोई भारत नहीं होता.’’ 

मुश्किल वक्त में हमने लड़ा था चुनाव
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी को याद रखना चाहिए कि जब 1996 में राज्य में कोई चुनाव नहीं लड़ना चाहता था तो उन्हीं ने देश का झंडा उठाया था. उन्होंने कहा, ‘‘मोदी को याद करना चाहिए कि 1996 में जब कोई चुनाव के लिए तैयार नहीं था, तो मैं था जो आगे बढ़ा जबकि मेरे सहयोगियों ने कहा कि हमें चुनाव नहीं लड़ना चाहिए. लेकिन मैं चाहता था कि जनता कठिनाइयों से उबरे. मैंने यह बीड़ा उठाया और मुश्किल वक्त में आगे बढ़ा. आपको (मोदी) यह बात कभी नहीं भूलनी चाहिए. तब यहां कोई नहीं था, लेकिन अब आप चिल्ला रहे हैं.’’ 

बीजेपी नहीं जीत पाएगी कश्मीरियों का दिल
केंद्र द्वारा मजबूत राजद्रोह कानून बनाने संबंधी केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के बयान का जिक्र करते हुए अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘आप क्या करते हैं, हम देखेंगे. लेकिन मोदी और भाजपा कश्मीरियों का दिल नहीं जीत सकते.’’ उन्होंने कहा, ‘‘आप कहते हैं कि हम वफादार नहीं हैं, अगर हम वफादार नहीं, तो तुम भी तो दिलदार नहीं. आप कहते हैं कि हम आपके अटूट अंग हैं. हम कैसे आपके अटूट अंग हैं? कहां हैं? यह झूठ है. अगर हम आपके अटूट अंग हैं तो हमारे साथ न्याय कीजिए.’’

कश्मीर में रैली क्यों नहीं करती बीजेपी
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह देश को बर्बाद कर रहे हैं और वे कश्मीर में चुनावी रैली करके दिखाएं. उन्होंने कहा, ‘‘मोदी कहां रैली करते हैं? कठुआ में, अखनूर में. वह कश्मीर में मुसलमानों को संबोधित नहीं करते क्योंकि जानते हैं कि उन्होंने उनके साथ विश्वासघात किया है. आपने जब आवाज नहीं उठाई जब पाकिस्तान जाने से इनकार करने वाले और भारत को कबूल करने वाले भारतीय मुस्लिमों पर आपके लोगों ने हमला किया. क्या वे भारतीय नहीं थे? क्या उन्होंने भारत के लिए अपना खून नहीं बहाया?’’ 

देश को बांट रही है बीजेपी
अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘जब जलियांवाला बाग में जनरल डायर ने लोगों को मारा तो कौन नेता लड़ा था? उनका नाम सैफुद्दीन किचलू था. वह बारामूला के रहने वाले कश्मीरी थे. और मारे गये सैकड़ों लोग कश्मीर से थे. क्या आपको उनकी याद भी है या क्या आपने कभी किचलू का नाम लिया? आप केवल उन्हें याद रखते हैं जिन्होंने महात्मा गांधी की हत्या की. भारत में गोडसे का मंदिर बनाया जाता है और आप कुछ नहीं कहते. क्या मुसलमान भारत का हिस्सा नहीं हैं? हम देश को नहीं बांट रहे, लेकिन आप बांट रहे हैं, वो भी धार्मिक आधार पर. आप और अमित शाह भारत को बर्बाद कर रहे हैं. इसलिए हम पर आरोप मत लगाइए.’’ 

हमने नहीं किया था गठबंधन
अब्दुल्ला ने 2014 के विधानसभा चुनाव के बाद के हालात का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा के कुछ लोग उन्हें देखने अस्पताल आये थे जहां उनका इलाज चल रहा था और वे चाहते थे कि नेशनल कॉन्फ्रेंस का भाजपा के साथ गठबंधन हो जाए. उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन मैंने उनसे कहा कि मैं अस्पताल में हूं और इस चीज से मेरा कोई लेनादेना नहीं है. मुझे खुशी है कि उमर अब्दुल्ला ने उन लोगों से हाथ नहीं मिलाया जिनके हाथ मुसलिमों के खून से रंगे थे.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं मोदी को बताना चाहता हूं कि फारूक अब्दुल्ला अपने जीते जी आपको समर्थन नहीं देगा. आप जो चाहें कर लें लेकिन आप हमारा विश्वास हासिल नहीं कर सकते.’’ 

बीजेपी से सतर्क रहे जनता
नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि भाजपा उन्हें धन प्रलोभन देने की कोशिश करेगी. उन्होंने कहा, ‘‘वे आपके पास पैसे लेकर आएंगे. उनके पास राफेल सौदे का करीब 30 हजार करोड़ रुपये है.’’ रैली को संबोधित करते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू कश्मीर के लोगों को राज्य के सामने आ रहीं चुनौतियों और षड्यंत्रों को समझना होगा.

लोकतन्त्र के 4थे स्तम्भ के आत्मीयों की निर्मम हत्याएँ पीड़ादायक तो हैं ही साथ ही घोर दुर्भाग्यपूर्ण हैं: सारिका तिवारी

www.demokraticfront.com ग्रुप सरकार के दोगले रवैये और इस घटना की कड़े शब्दों में निन्दा करता है। और इंसाफ के लिए बिहार सरकार से मांग करता है।

कमल कलसी, बोधगया, (बिहार):

अखिल भारतीय पत्रकार समिति संघ के दिनेश पंडित अजय कुमार पांडे, संतोष कुमार ,राजेश कुमार द्विवेदी, शुभम कुमार विश्वनाथ आनंद, अविनाश कुमार, सहित सैकड़ों पत्रकारों ने बैठक कर नालंदा के शेखपुरा से हिंदुस्तान अखबार के ब्यूरो चीफ आशुतोष कुमार आर्य के पुत्र को निर्मम हत्या किए जाने को लेकर शोक सभा का आयोजन किया गया।

उपस्थित पत्रकारों ने 2 मिनट का मौन रखकर उसकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की एवं इस दुख की घड़ी में ईश्वर शक्ति प्रदान करें और साथ में एकजुटता का परिचय देते हुए हत्यारा की गिरफ्तारी करने की अपील जिला प्रशासन पुलिस प्रशासन एवं सरकार से की है l बैठक में पत्रकारों ने निंदा प्रस्ताव पारित करते हुए कहा है कि एक तरफ सरकार पत्रकारों की परिजनों की सुरक्षा करने की बात करती है वहीं दूसरी तरफ लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहे जाने वाले पत्रकारों पर एवं पत्रकार के परिजनों पर जिस प्रकार से हत्यारा ओं द्वारा निर्मम हत्या की जा रही है हमला किया जा रहा है जो देश लोकतंत्र के लिए खतरा है ।

ज्ञातव्य शेखपुरा हिंदुस्तान अखबार के ब्यूरो चीफ आशुतोष आर्य के पुत्र को रविवार की शाम जब घर पर नहीं लौटा वह लोगों में घबराहट होने लगी खोजबीन किया गया, बाद में पता चला कि गांव के कुछ दूर पर ही हत्या कर फेका हुआ है। इस प्रकार से लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के परिजनों के साथ जिस प्रकार से हत्या हमला किया जा रहा है जो दुर्भाग्यपूर्ण है सरकार को चाहिए कि ऐसे लोगों को कठोर से कठोर कार्रवाई कर दंडित करें। पत्रकारों ने इसका पुरजोर विरोध किया है एवं जल्द से जल्द हत्यारों की गिरफ्तार करने की मांग की है।

पत्रकारों ने कहा है कि परिजनों की हत्या करने से कलम की लेखनी कम नहीं पड़ सकता। पत्रकारों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि हत्यारों को 2 दिन के अंदर गिरफ्तारी नहीं किया जाता है को चरणबद्ध आंदोलन पूरे देश में चलाई जाएगी पहले प्रखंड मुख्यालय जिला मुख्यालय में किया जाएगा।

यदि चुनाव हार जाते हैं तो कश्मीर को भारत से अलग कर देंगे अब्दुल्लाह

आज कल अब्दुल्लाह पर फिर से काश्मीरियत का बुखार चढ़ा है।गरमियाँ लंदन सर्दियाँ दिल्ली में बिताने के बाद चुनावी मौसम में जब आज कल उनके पास कोई सरकारी रुतबा नहीं है। कोई मंत्रिपद नहीं है। उनके कांग्रेस प्रेम के चलते मौज़ूदा सरकार में उनकी पैठ नहीं बन पाई तो उन्होने अलगाव की राह पकड़ी। घाटी के पत्थर बाज़ उन्हे स्वतन्त्रता सेनानी दिखाई पड़ने लगे, अलगाव वादियों के साथ भारत सरकार को बातचीत करनी चाहिए। पाकिस्तान के साथ उन्हे टेबल के आर पार बैठ कर सौहार्दपूर्ण माहौल में बात करनी चाहिए। पुलवामा हमले के बाद बालाकोट हमले के सबूत भी चाहिए। फिर धारा 370 सरकार इसिलिए हटाना चाहती है क्योंकि वह घाटी में मुसलमानों को संख्या बल में हराना चाहते हैं। तो इसका मतलब जब धारा 370 लगाई गयी थी तो वह घाटी के हिंदुओं को संख्या में कम करने के लिए लगवाई गयी थी। और उसी का असर हमें घाटी से काश्मीरी पंडितों के पालायन में दिखता है। अब्दुल्लाह साहब कुछ तो बताएँगे। आज एस क्यों लगने लग पड़ा है घाटी को सिर्फ मुस्लिम स्टेट बनाने की ही मुहिम चल रही है? अब्दुल्लाह भूलते हैं की न तो केंद्र में नेहरू हैं और न ही काश्मीर में शेख अब्दुल्लाह।

श्रीनगर : नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने शनिवार को कहा कि यह लोकसभा चुनाव तय करेंगे कि जम्मू-कश्मीर “गरिमा के साथ संघ का हिस्सा रह पाएगा या नहीं.” 

श्रीनगर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे फारूक ने गांदरबल में चुनावी सभाओं को संबोधित करते हुए कहा कि लोगों को देश की धर्मनिरपेक्षता, अखंडता और एकता को बनाए रखने के लिए मतदान करना है. उन्होंने कहा, “यह चुनाव तय करेंगे कि क्या जम्मू-कश्मीर राज्य गौरव के साथ संघ का हिस्सा बना रह सकता है. राज्य के लोग अपनी पहचान की सुरक्षा के लिए बैलट के माध्यम से भाजपा और यहां के उसके साथियों से सीधे लड़ रहे हैं.” 

इस बीच, नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला शनिवार को दावा किया कि जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा खतरे में है. उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि 2020 तक राज्य के संवैधानिक सुरक्षा उपायों को खत्म करने के उसके “स्पष्ट और बलशाली वचनों” से उसके “दुर्भावनापूर्ण एजेंडे” का पता चलता है. अनंतनाग के डाक बंगला इलाके में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए, नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता ने आरोप लगाया कि पिछली पीडीपी-भाजपा सरकार ने राज्य को अराजकता में डाल दिया है.

Panjab University, Chandigarh is organizing 55th PU Colloquium

Purnoor, Chandigarh April 12, 2019

Invitation

55th Colloquium

            Panjab University, Chandigarh is organizing 55th PU
Colloquium as per details below:-

Topic:              21 Century Economics

Speaker:          Sh. Sanjeev Sanyal, Principal Economics Advisor,
Ministry of Finance, GoI.

Venue:             UICET(Chemical Engineering Auditorium), PU

Date:               15.4.2019

Time:               3.00 pm

‘हमसाये माँ जाये’ दोनों मुल्कों के आम लोगों की दास्तान

भारत और पाकिस्तान के तल्ख होते रिश्तों को कम करने के लिए वक्त वक्त पर शायर कलाकार लेखक और आम जन भी कुछ न कुछ करते रहते हैं कभी उनकी नेक कोशिशें कुछ रंग लातीं हैं तो कभी उम्मीद ही जगतीं हैं। इसी कड़ी में नीलम अहमद बशीर ने एक नज़्म को लिखा जिसे उसकी बहिनों ने पर्दे पर उकेरा, दो आम घरेलू औरतें किस प्रकार अपने मुल्क और आपसी भाई चारे का उल्लास मानतीं हैं और अंत एन अपनी चुनरी बंटा लेतीं हैं का बहुत ही प्रभाव शाली दृश्य स्थापित किया है। इस वीडियो में आसमा अब्बास और बुशरा अंसारी ने परफॉर्म किया है

नई दिल्ली: पुलवामा हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्ते और ज्यादा कड़वे हो गए हैं. स्थिति युद्ध तक की आ गई थी. भारत ने बदला लेने के लिए एयर स्ट्राइक किया तो पाकिस्तान ने भी जवाबी कार्रवाई में F-16 को भेजा जिसे एयरफोर्स ने मार गिराया. माहौल चुनावी है तो यह मुद्दा गरमाया हुआ है. राजनेता पाकिस्तान के खिलाफ आग उगल रहे हैं. ऐसे माहौल में जब हर कोई पाकिस्तान को नेस्त नाबूत करने की बात कर रहा है, एक रैप   बहुत तेजी से वायरल हो रहा है. इस रैप के पाकिस्तानी कलाकारों ने तैयार किया है. रैप के जरिए पाकिस्तानी कलाकारों ने दोनों मुल्क के लोगों से शांति की अपील की है.

इस रैप को बुशरा अंसारी जो एक पाकिस्तानी एक्ट्रेस और सिंगर ने अपने आधिकारिक यूट्यूब अकाउंट पर पोस्ट किया है. इस वीडियो को 3 अप्रैल को पोस्ट किया गया है, जिसे अब तक करीब 13 लाख लोग देख चुके हैं. इस रैप का टाइटल है,  “Humsaye maa jaye”. पाकिस्तानी मीडिया ‘Dawn’ के मुताबिक इस वीडियो में आसमा अब्बास और बुशरा अंसारी ने परफॉर्म किया है. नीलम अहमद बशीर ने रैप लिखा है.

वीडियो में आप देख सकते हैं कि बुशरा अंसारी ने भारतीय और आसमा ने पाकिस्तानी का रोल प्ले किया है. रैप के जरिए वे बताते हैं कि भारत और पाकिस्तान में कुछ भी अलग नहीं है. सबकुछ तो एक जैसा ही है, इसके बावजूद टेंशन क्यों है.

बुशरा अंसारी ने भारतीय और आसमा ने पाकिस्तानी किरदार में

वीडियो के जरिए संदेश दिया गया है कि कोई भी आम हिंदुस्तानी और पाकिस्तानी जंग नहीं चाहता है. वे शांति चाहते हैं. जो कुछ हो रहा है वह राजनीति से प्रेरित है. पाकिस्तानी मीडिया के हवाले से बुशरा अंसारी ने कहा कि इस वीडियो को सरहद के इस पार और उस पार, दोनों तरफ पसंद किया जा रहा है. मेरा इनबॉक्स शुभकामनाओं और संदेश से भरा हुआ है. 

RSS नेता चंद्रकांत शर्मा आतंकी हमले में मारे गए

हर समय काश्मीरी अस्मिता और भटके हुए बच्चों का रोना रोते रहने वाली महबूबा और काश्मीर पर बिना काश्मीरी पंडितों के खुद को काश्मीर का सबसे बड़ा मसीहा मनाने वाले फारूक बस यह बता दें की उनके भटके हुए लड़कों के निशाने पर RSS – भाजपा अथवा राष्ट्रवादी लोग ही क्यों आते हैं?

जम्मू: जम्मू कश्मीर में किश्तवाड़ के स्वास्थ्य केन्द्र में एक आतंकवादी ने मंगलवार को गोलियां चला कर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के एक नेता और उनके निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) की हत्या कर दी. प्रशासन ने क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुये कर्फ्यू लगा दिया और कानून व्यवस्था में मदद के लिए सेना को बुला लिया.

अधिकारियों ने बताया कि यह घटना दोपहर साढ़े बारह बजे तब हुई जब एक आतंकी स्वास्थ्य केन्द्र में घुस आया और आरएसएस नेता चंद्रकांत शर्मा पर गोलीबारी शुरू कर दी.  शर्मा और उनके पीएसओ राजिंदर किश्तवाड़ के स्वास्थ्य केन्द्र में आए हुए थे.

किश्तवाड़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शक्ति पाठक ने बताया,‘आतंकी उनकी आवाजाही पर नजर बनाए हुए था और उसने गोलियां चला दी. जिसमें पीएसओ की मौत हो गई और नेता घायल हो गए.’ अधिकारी ने कहा कि शर्मा को इलाज के लिए हवाई विमान से जम्मू ले आया गया लेकिन उनकी अस्पताल में मौत हो गई. 

इंटरनेट सेवाओं को किया गया बंद 
जम्मू क्षेत्र के किश्तवाड़ और भद्रवाह में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सेना को बुला लिया गया, साथ ही इन इलाकों में कर्फ्यू लगाकर इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया गया है. 

जम्मू क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक मनीष सिंह ने बताया कि ऐहतियाती कदम के तौर पर कर्फ्यू लगाया गया है. हमले के बाद आतंकी राजिंदर का हथियार लेकर वहां से भाग गया.

प्रदर्शन का सिलसिला शुरू 
हमले के बाद किश्तवाड़ में सरकार और पुलिस के खिलाफ प्रदर्शनों का सिलसिला शुरू हो गया. इससे पहले एक नवम्बर में भाजपा की राज्य इकाई के सचिव अनिल परिहार और उनके भाई अजित की किश्तवाड़ में आतंकवादियों ने दुकान से लौटते समय हत्या कर दी थी.

चन्द्रकान्त कीश्वर पर आतंकी हमला

अभी कल ही महबूबा मुफ़्ती ने कहा था की यदि काश्मीर में धारा 370 या आर्टिकल 35-a को छेड़ा भी गया तो काश्मीर जो की बारूद के ढेर पर बैठा है जो आँख के इशारे पर सुलग उठेगा। हम लोगों को इससे सबक लेना होगा की आतंकी हमले केवल राशट्रवादी लोगों पर ही क्यों होते हैं, किसको इनसे खतरा है??

श्रीनगर: जम्मू कश्मीर में राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ (RSS) के नेता चंद्रकांत पर आतंकी हमला हुआ है. इस आतंकी हमले में चंद्रकांत के गार्ड की जान चली गई है. हमला भागने में कामयाब रहे. पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त कर दी गई है.

बताया जा रहा है कि चंद्रकांत किश्तवाड़ा के अस्पताल में इलाज करा रहे थे, इसी दौरान आतंकी वहां पहुंचे और उनपर फायरिंग शुरू कर दी. चंद्रकांत के गार्ड ने जवाबी फायरिंग शुरू कर दी. इस दौरान एक गोली गार्ड को लग गई, जिससे उसकी मौत हो गई.

गोली की आवाज सुनकर पूरे अस्पताल में हड़कंप मच गया. वहां मौजूद मरीज और उनके परिजनों के बीच अफरा-तफरी मच गई. इसी का फायदा उठाकर आतंकी वहां से भागने में सफल रहे.

सूचना के बाद मौके पर पहुंचे सुरक्षा बलों ने पूरे अस्पताल की घेराबंदी कर दी. साथ ही तलाशी अभियान भी चलाया जा रहा है. हमलावरों की तलाश में प्रत्यक्षदर्शियों से भी पूछताछ की जा रही है. अधिकारियों ने बताया कि संदिग्ध आतंकवादियों ने एक अस्पताल में पहुंचे आरएसएस नेता चंद्रकांत को मिले एक पीएसओ से उसका हथियार छीन लिया. उन लोगों ने आरएसएस नेता पर गोलियां चलाईं. इस घटना में पीएसओ की मौत हो गई जबकि चंद्रकांत को मामूली चोटें आईं. उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ नेता घटनास्थल के लिए रवाना हो गये हैं.

जल्द ही सेना के पास होगी भारत में निर्मित AK-203

आब से पहले सेनाऔर पुलिस के जवानों को हथियारों के लिए लंबा इंतज़ार करना पड़ता था, लेकिन आतंकियों और समगलरों के पास अत्याधुनिक हथियार पाये जाते थे। हमारे जवान हमेश दोयम दर्जे के हथियारों और वाहनों का प्रयोग करते थे ओर पुलिस के आधुनिकीकरण का हाल तो फिल्मों में भी खूब चर्चित रहा। लेकिन अब विगत कुछ वर्षों से सेना और पुलिस दोनों की हालत सुधरी है। अब भारत में बनी AK-203 जल्द ही सेना के हाथों में होगी। इसके साथ ही अटकलें लग रहीं हैं के AK-204 के निर्माण और निर्यात की भी जल्द ही भारत से होने लगेगा।

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नई दिल्लीः जम्मू कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में जुटे सेना के जवानों को अब एके-203 राइफल के मॉर्डन वर्जन से लैस किया जाएगा. इन एके 203 राइफलों को यूपी के अमेठी में ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड और रूस के साझा प्रयास के तहत निर्मित किया जाएगा. फास्ट ट्रैक प्रोसेस के तहत इन 93000 कारबाइन के लिए अलग से निविदा जारी की जाएगी. 

समाचार एजेंसी एनएनआई ने सेना के उच्च सूत्रों के हवाले से जानकारी दी है कि, ‘हम अपने जवानों को अब एके 203 राइफलों से लैस करने जा रहे है. अब हम आतंकवाद रोधी अभियानों के दौरान इस राइफल की बट को आसानी से हटा सकते हैं जिससे इसे कपड़ों के बीच में छिपा सकते हैं. सेना में इस राइफल के इस्तेमाल के लिए इसमें कई और बदलाव किए जाएंगे.’

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ता दें कि सेना और सुरक्षाबलों के आधिकारिक सूत्रों ने बताया था कि ‘एके-203 राइफल’ उस इंसास राइफल की जगह लेगी, जिसका इस्तेमाल थल सेना और अन्य बल कर रहे हैं. इस इकाई में 7,00,000 एके-203 राइफलें तैयार करने का शुरुआती लक्ष्य है. एके-203 राइफल एके-47 राइफलों का सबसे मॉडर्न वर्जन है. नई असॉल्ट राइफल भी एके-47 की तरह ऑटोमैटिक और सेमी ऑटोमैटिक दोनों सिस्टमों से लैस होगी.

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही प्रधानमंत्री मोदी ने एके-203 असॉल्ट राइफल के लिए अमेठी में एक विनिर्माण इकाई की आधारशिला रखी थी. इस दौरान रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने रूसी राष्ट्रपति का का संदेश भी पढ़ा था.  रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने एक संदेश में कहा है कि ‘क्लाशनिकोव असॉल्ट राइफल-203’ तैयार करने वाला भारत और रूस का नया संयुक्त उद्यम छोटे हथियारों की भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की जरूरत को पूरा करेगा. 

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पुतिन ने अपने संदेश में कहा, ‘‘नया संयुक्त उद्यम नवीनत सीरिज की विश्व प्रसिद्ध क्लाशनिकोव असॉल्ट राइफलें तैयार करेगा.’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह, भारतीय रक्षा उद्योग क्षेत्र के पास राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों की इस श्रेणी के छोटे हथियारों की जरूरत पूरी करने का अवसर होगा जो अत्याधुनिक रूसी प्रौद्योगिकी पर आधारित होगा.’’ 

उन्होंने कहा कि रूस और भारत के बीच सैन्य एवं तकनीकी सहयोग परंपरागत रूप से विशेष रणनीतिक साझेदारी का एक अहम क्षेत्र रहा है. उन्होंने कहा, ‘‘सात दशक से भी अधिक समय से हम विश्वसनीय और उच्च गुणवत्ता के शस्त्र एवं उपकरण भारतीय मित्रों को आपूर्ति कर रहे हैं हमारे देश के सहयोग से भारत में 170 सैन्य एवं उद्योग इकाइयों की स्थापना की गई है.’’ गौरतलब है कि पिछले साल अक्टूबर में पुतिन की भारत की आधिकारिक यात्रा के दौरान भारत में कालाशनिकोव तैयार करने के लिए मोदी के साथ उनकी सहमति बनी थी. 

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रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि अंतर सरकारी समझौता तैयार हुआ था और इस पर यथासंभव सबसे कम समय में हस्ताक्षर किया गया था. पुतिन ने कहा कि वह इस बात से सहमत हैं कि नये उद्यम के शुरू होने से भारत की मजबूत रक्षा संभावनाओं में योगदान मिलेगा यह रोजगार के नये अवसरों का सृजन करने में महत्वपूर्ण होगा. उन्होंने कहा कि यह संयंत्र दोनों देशों के बीच दोस्ती और रचनात्मक सहयोग का खुद में एक और प्रतीक बनेगा.