पुलवामा शहीदों के श्रद्धांजलि समारोह में कांग्रेसियों ने लगाए ठुमके और वीरेंदर रावत पर बरसाए नोट

अभी हाल ही में ज़ी न्यूज़ ने दिखाया की 14 फरवरी को सैनिकों पर हमला होने की खबर के प्रसारण के ठीक डेढ़ घने के पश्चात राहुल गांधी ठुमके लगा रहे थे। 3:14 पर कांग्रेस प्रवक्ताओं को हमले की जानकारी मिल चुकी थी, परंतु 4:40 पर राहुल गांधी के नाच की विडियो कांग्रेस के ही टिवीटर हैंडल पर पोस्ट की गयी थी(जो अब हटा दी गयी है)। यह माना जाना मुश्किल है की कांग्रेस अध्यक्ष को इस जाधन्य हमले की जानकारी नहीं थी। तो जब कांग्रेस अध्यक्ष ही हत्याकांड वाले दिन नाच गा रहे थे तो श्रद्धांजलि समारोह पर कांग्रेसी ठुमके क्यों न लगाएंगे और नोट क्यों न बरसाएँ।\

नई दिल्ली/रुड़की:पुलवामा हमले में शहीद हुए 40 जवानों को एक साथ खो देना का दुख देश के हर नागरिक है. देशभर में अलग-अलग तरह से लोग शहीदों को श्रद्धांजलि दे रहे हैं. देश में कई जगह शहीदों को श्रद्धांजलि देने के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में हरिद्वार के रुड़की में कांग्रेसियों द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में शहीदों को श्रद्धांजलि का मखौल बना दिया गया. 

दरउसल, उत्तराखंड के रुड़की में शहीदों के लिए एक कार्यक्रम में गाने के दौरान जमकर नोट उड़ाए गए. कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के बेटे वीरेंद्र रावत भी शामिल हुए थे. सीआरपीएफ जवानों को श्रद्धांजलि देने के कार्यक्रम में शरीक होने आए वीरेंद्र रावत पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर नोट उड़ाए. इस बेहद ही शर्मनाक हरकत का एक वीडियो सामने आया है.

साभार ANI

इतना ही कांग्रेस नेताओं से देशभक्ति से इतर दूसरे गाने भी गाने की फरमाइश की, जिसपर मदस्त होकर होकर कांग्रेसी भी झूमते नजर आए और ठुमके लगाए. इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र वीरेंद्र रावत व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुशील राठी भी शामिल हुए थे. 

हैरानी की बात ये है कि अपने कार्यकर्ताओं को रोकने के बजाय वीरेंद्र रावत हंसते हुए नजर आए. कार्यक्रम का आयोजन शुक्रवार 22 फरवरी को किया गया था. इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में वीरेंद्र रावत ने कहा कि यह पुलवामा आतंकवादी हमले में जान गंवाने वाले सीआरपीएफ सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम था. यह 56 इंच की छाती वाले शेर को जगाने की एक कोशिश थी. उन्होंने कहा कि दुश्मन को चुप कराने के लिए पीएम मोदी को कार्रवाई करनी चाहिए. 

PS Note
ठुमके लगाना और वीरेंद्र रावत पर नोट बरसाना मात्र प्रधानमंत्री को झकझोरने के लिए था

पुलवामा हमले के डेढ़ घंटे बाद राहुल ने लगाए ठुमके, सुरजेवाला ने प्रधान मंत्री पर बोला तीखा हमला

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि जिस वक्त देश शहीदों के शव के टुकड़े चुन रहा था. उस वक्त पीएम मोदी अपने नाम के नारे लगवा रहे थे.( जिस वक्त देश शहीदों के शव के टुकड़े चुन रहा था. उसके ठीक डेढ़ घंटे बाद राहुल गांधी ठुमके लगा रहे थे, पुलवामा हत्याकांड के शहीदों की पीड़ा उनके चेहरे पर साफ झलकती है। कांग्रेस के पास इस आचरण के लिए कोई शब्द नहीं बचा है) इस विडियो का ब्योरा आपको ताल ठोक के के इस अंक में देखें

कांग्रेस की सिर्फ एक ही चाहत है ‘सत्ता’, इसके लिए कुछ भी? क्या झूठ फैलाना ठीक है,? क्या सत्ता के लिए किसी भी निम्न स्तर पर गिर जाना यही कांग्रेस की नीति है?

संबित पात्र ने बताया की एक प्र्वकता का कर्तव्य है जब उसे कोई अति महत्वपूर्ण घटना का पता चले तो वह तुरंत अपने पार्टी अध्यक्ष को सूचित करे। सुरजेवाला स्वयं यह मान रहे हैं की उनको पुलवामा हमले का 3: 14 दोपहर को पता चल गया था, फिर उन्होने क्या इस बात को राहुल गांधी के साथ सांझा नहीं किया? यदि नहीं तो वह कैसे प्रवक्ता हैं, और यदि किया तो फिर डेढ़ घंटे बाद राहुल को नाचने की क्या सूझी?

संबित जानते हैं की उनके इन प्रश्नों का उत्तर उन्हे कभी नहीं मिलेगा, परंतु सत्ता पक्ष भी विपक्ष से प्रश्न पूछ सकता है।

सुरजेवाला ने क्या कहा वह तो इस विडियो के बाद आप सब पढ़ ही लेंगे परंतु वह क्या छुपा रहे थे वह इस एपिसोड में आपको ज़रूर जानना चाहिए।

साभार ज़ी न्यूज़

अब आगे

पुलवामा अटैक पर कांग्रेस ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके भारतीय जनता पार्टी पर पुलवामा हमले को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया है. कांग्रेस ने कहा कि ‘पीएम मोदी और अमित शाह बस इसका राजनीतिक फायदा उठा रहे हैं. उन्होंने राष्ट्रीय शोक की घोषणा भी नहीं की.’

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि जिस वक्त देश शहीदों के शव के टुकड़े चुन रहा था. उस वक्त पीएम मोदी अपने नाम के नारे लगवा रहे थे और अमित शाह रैली में कांग्रेस पर हमला कर रहे थे.

सुरजेवाला ने कहा, ‘जब देश दोपहर में हुए पुलवामा अटैक पर शहीदों की जान जाने पर रो रहा था, तब पीएम मोदी शाम तक जिम कॉर्बेट पार्क में शाम तक फोटो शूट कराते रहे. पूरी दुनिया में कोई ऐसा पीएम है क्या? मेरे पास इस आचरण के लिए कोई शब्द नहीं बचे हैं.’

सुरजेवाला ने कहा कि हमले के बाद मोदी और शाह ने राष्ट्रीय शोक की भी घोषणा नहीं की, ताकि उनकी रैलियां और राजनीतिक कार्यक्रम रुक न जाएं.

कांग्रेस ने पीएम मोदी के दक्षिण कोरिया के दौरे पर भी सवाल उठाए. साथ ही सुरजेवाला ने ये भी कहा कि पीएम मोदी शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए उनके परिवार वालों को इंतजार करवा रहे थे.

सुरजेवाला ने कश्मीर में बढ़ी अस्थिरता पर तो सवाल उठाया ही, पुलवामा अटैक पर सरकार के सामने सवाल रखे. उन्होंने कहा कि आतंकियों को इतनी बड़ी मात्रा में आरडीएक्स और रॉकेट लॉन्चर कैसे मिले? उन्होंने सवाल किया कि जब सीआरपीएफ जवानों की तैनाती में देरी हुई थी, तो उन्हें एयरलिफ्ट क्यों नहीं किया गया? जैश-ए-मुहम्मद की ओर से चलाए गए धमकी भरे वीडियो को नजरअंदाज क्यों किया गया?

PS Note: सुरजेवाला क्या प्रश्न ही पूछेंगे या फिर उपरोक्त प्रश्नों यानि राहुल के नाचने का कारण भी समझा पाएंगे

देवबंद से जैश ए मोहम्मद के 2 आतंकी गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश एटीएस ने जैश ए मोहम्मद के दो आतंकी पकड़े हैं. डीजीपी ओपी सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि रात में यूपी एटीएस को संदिग्ध आतंकियों की जानकारी मिली थी. कुछ कश्मीरी देवबंद में बगैर एडमिशन के रह रहे हैं. रात में यूपी एटीएस के आईजी ने देवबंद में ऑपरेशन चलाया. एटीएस ने शाहनवाज़ और आकिब अहमद मलिक को गिरफ्तार किया. दोनों को रिमांड पर लेकर विस्तृत पूछताछ की जाएगी.

डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि गिरफ्तार किया गया जैश का आतंकी शाहनवाज कुलगाम और आकिब पुलवामा का रहने वाला है. शाहनवाज़ जैश ए मोहम्मद का सक्रिय आतंकी है. दोनों लोग जैश ए मोहम्मद के लिए भर्ती का काम करते हैं. ओपी सिंह ने बताया कि आरोपियों के पास से 32 बोर की 2 पिस्टल और 30 जिंदा कारतूस मिले हैं. दोनों के मोबाइल से जेहादी चैट्स मिले हैं. शाहनवाज़ ग्रेनेड्स का एक्सपर्ट है.

इससे पहले यूपी एटीएस ने एक दुकानदार सहित लगभग 10 से 12 छात्रों को हिरासत में लिया था. जिनमें 2 कश्मीर के छात्र, 5 ओडिशा और अन्य अलग-अलग जगह थे. यह छापेमारी देर रात करीब 2 बजे की गई थी.

बता दें कि पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद खुफिया एजेंसियों की ओर से आतंकी हमले की संभावना जताई गई थी. हाल ही में कानपुर ट्रेन धमाका भी हुआ. साथ ही महाराष्‍ट्र के रायगढ़ में भी बस में आईईडी बम मिलने से हड़कंप मच गया. हालांकि आशंकाओं को लेकर सक्रिय हुई एजेंसियां संदिग्‍धों पर कड़ी नजर रख रही हैं. वहीं पुलिस भी सतर्कता बरत रही है.

भाजपा के नेताओं का अगर गला भी खराब हो जाता है तो वे नेहरू को जिम्मेदार ठहराने लगते हैं: मनीष

मनीष ने यह भी आरोप लगाया कि कश्मीर की मौजूदा हालात के लिए बीजेपी जिम्मेदार है

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के जरिए पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को कश्मीर समस्या का जनक कहे जाने पर कांग्रेस ने पलटवार किया है. साथ ही दावा किया कि सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं का अगर गला भी खराब हो जाता है तो वे नेहरू को जिम्मेदार ठहराने लगते हैं.

पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि कश्मीर की मौजूदा हालात के लिए बीजेपी जिम्मेदार है. जिसने पीडीपी के साथ अवसरवादी गठबंधन किया था. कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, ‘अगर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं का गला खराब हो जाता है या गले में खराश भी शुरू होती है तो उसके लिए पंडित नेहरू जिम्मेदार हो जाते हैं.’ उन्होंने दावा किया, ‘अगर कश्मीर की परिस्थिति खराब हुई है तो उसके लिए बीजेपी पूरी तरह से जिम्मेदार है. जो अवसरवाद का गठबंधन इन्होंने पीडीपी के साथ बनाया था, उसने जम्मू-कश्मीर को इस मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है.’

तिवारी ने कहा, ‘जब 2015 में चुनाव हुए थे तब 64 प्रतिशत लोगों ने वोट डाले थे. जब श्रीनगर में लोकसभा का उपचुनाव हुआ तब सात प्रतिशत लोगों ने वोट डाले. ये जो बड़े तुर्रम खान बनते हैं, जो सरकार में बैठे हैं, वो अनंतनाग की लोकसभा सीट का उपचुनाव आज तक नहीं करवा पाए हैं. ऐसे में अगर जम्मू-कश्मीर के हालात बिगड़े हैं तो उसके लिए सीधा-सीधा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी, उनकी सरकार और पीडीपी के साथ अवसरवादी गठबंधन जिम्मेदार है.’’ दरअसल, अमित शाह ने पुलवामा आतंकी हमले की पृष्ठभूमि में बृहस्पतिवार को एक जनसभा में दावा किया था कि पाकिस्तान जिस कश्मीर के कारण आतंकवादी घटनाएं करवा रहा है उस समस्या के जनक जवाहर लाल नेहरू हैं. अगर उस समय सरदार पटेल देश के प्रधानमंत्री होते तो आज ये समस्या ही नहीं होती.

PS note:
मनीष तिवारी की मानें तो 2014 से पहले घाटी के हालात बहुत ही सर्वांगीण विकास की ओर जा रहे थे, और कभी घाटी में कोई बड़ी वारदात नहीं हुई। मनीष को तो यह भी याद नहीं होगा कि काशमीर कि इकलौती पहचान काश्मीरी पंडित हैं, जो अब घाटी में नहीं, बल्कि अपने ही देश में रेफूजी हैं। और मनीष कि मानें तो यह सब 2014 के बाद हुआ है।

मनीष भूलते हैं कि विभाजन के समय पर ही कश्मीर मुद्दे का समाधान कर पाने में नेहरू की असफलता की देश भारी कीमत चुका रहा है और नेहरू की इस भूल की उपेक्षा नहीं की जा सकती। गौर करने वाली बात यह है कि गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल सभी दूसरी राजशाही वाली सियासतों का भारत संघ में एकीकरण करने में सफल रहे। जब उनमें से किसी ने दुविधा दिखाई या पाकिस्तान में शामिल होने की इच्छा जाहिर की, तो पटेल ने उन्हें उनकी जगह दिखा दी। उदाहरण के लिए, हैदराबाद के निजाम के सशस्त्र विद्रोह को कुचल दिया गया।

 जम्मू-कश्मीर राजशाही वाला एकमात्र ऐसा राज्य था, जिसे भारत से जोड़े जाने की प्रक्रिया सीधे प्रधानमंत्री नेहरू की देखरेख में हो रही थी। कश्मीर को पाने के लिए भारत के खिलाफ पाकिस्तान की 1947 की पहली जंग ने भी नेहरू सरकार को इस बात का बेहतरीन मौका दिया था कि वह न केवल हमला करने वालों को खदेड़ देती, बल्कि पाकिस्तान के साथ हमेशा के लिए कश्मीर मुद्दे को सुलझा देती।

‘ये दुख की बात है, संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि तमाम देश आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़े है, वहीं यहां कुछ दल देश के साथ नहीं हैं.’ संबित

नई दिल्ली: पुलवामा आतंकी हमले के मुद्दे पर कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए बीजेपी ने शुक्रवार को कहा कि कुछ दल देश के साथ नहीं हैं और उनके ट्वीट पाकिस्तानी चैनल में दिखाए जा रहे हैं.

बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने से कहा कि कल ट्वीट करके हमारी सरकार की तरफ से ये जानकारी दी गई कि भारत का पानी पाकिस्तान में नहीं जाएगा, वो पानी भारत में डाइवर्ट होगा. उन्होंने कहा कि जो कभी नहीं हुआ, उसे कल स्पष्ट किया गया . इस कदम के बाद भारत की वाहवाही हो रही है. लेकिन सरकार की इस कार्रवाई से कुछ लोग परेशान हैं.

बीजेपी ने साधा कांग्रेस पर निशाना 
बीजेपी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि उसके बाद मनीष तिवारी और शशि थरूर ने ट्वीट करके हिन्दुस्तान के विरोध में बात की है. उनके बयान पाकिस्तान के चैनल में दिख रहे हैं.

उन्होंने दावा किया कि पुलवामा हमले के बाद एक कांग्रेस प्रायोजित लेख छपता है जो हमारे जवानों की जाति विवेचना करता है. उन्होंने सवाल किया कि क्या सेना की कोई जाति होती है? 

पात्रा ने कहा, ‘ये दुख की बात है. संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि तमाम देश आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़े है. वहीं यहां कुछ दल देश के साथ नहीं हैं . ’ उन्होंने जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिप्लोमेसी के कारण ही आज विश्व के कई देश भारत के साथ खड़े हैं. कांग्रेस पर निशाना साधते हुए बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि आपने अगर 70 सालों में विश्व को गले लगा लिया होता तो आज ऐसी नौबत नहीं आती .

पात्रा ने कहा कि अभी कुछ देर पहले पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भारत में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले ये हमला कैसे हुआ? वो तो दुश्मन देश है, लेकिन हमारे ही देश में ममता बनर्जी सहित कुछ नेताओं ने भी इस तरह की बातें कही हैं जो वाकई दुःखद है .

‘देश के कुछ दुश्मन देश के अंदर हैं’ 
उन्होंने कहा कि हम पाकिस्तान से पहले भी लड़े हैं, उसे नाकों चने चबाये हैं. मगर देश के कुछ दुश्मन देश के अंदर हैं, जिनके दिए साक्ष्यों को पाकिस्तान इस्तेमाल कर रहा है .

पुलवामा आतंकी हमले के बाद सरकार की कार्रवाई का जिक्र करते हुए संबित पात्रा ने कहा कि जो कायराना हमला पाकिस्तान ने करवाया था, उसके बाद भारत सरकार ने सभी अलगाववादी नेताओं के सुरक्षा चक्र को खत्म किया. 

उन्होंने जोर दिया कि जो बहुत सालों में नहीं हुआ था, वो हमने एक झटके में किया. इससे देश में कई सारे लोग परेशान हैं . कुछ लोगों को ये बात हजम नहीं हो रही है .बीजेपी प्रवक्ता ने जोर दिया कि जब संयुक्त राष्ट्र समेत तमाम देश आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़े है, वहीं इस मुद्दे पर देश में एक स्वर निकलना चाहिए .

द्देश आपके झूठे प्रचार से आजिज़ आ चुका है राहुल जी: बीजेपी

नई दिल्लीः पुलवामा आतंकी हमले वाले दिन प्रधानमंत्री पर फिल्म की शूटिंग में व्यस्त रहने के राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार करते हुए बीजेपी ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष उस दिन सुबह के समय का फोटो जारी करके देश को गुमराह करना बंद करें, देश आपके फेक न्यूज से तंग आ चुका है.  राहुल गांधी के ट्वीट के बाद बीजेपी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर कहा, ‘‘ राहुल जी, भारत आपके फेक न्यूज से तंग आ चुका है . उस दिन सुबह के समय की फोटो निर्लज्जता से जारी करके देश को गुमराह करना बंद करें .’’ 

कांग्रेस अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए बीजेपी के ट्विटर हैंडल पर कहा गया है कि ऐसा लगता है कि आपको पहले पता चल गया होगा, लेकिन भारत के लोगों को शाम में ही जानकारी मिली. बीजेपी ने कहा कि अगली बार इससे बेहतर स्टंट करें जहां जवानों की शहादत नहीं जुड़ी हुई हो.

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पुलवामा आतंकी हमले वाले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक चैनल के लिए फिल्म की शूटिंग करने संबंधी खबरों को लेकर शुक्रवार को उन पर हमला बोला और आरोप लगाया कि जब शहीदों के घर ‘दर्द का दरिया’ उमड़ा था तो ‘प्राइम टाइम मिनिस्टर’ हंसते हुए दरिया में शूटिंग कर रहे थे. 

शहीदों के घर ‘दर्द का दरिया’ उमड़ा था और ‘प्राइम टाइम मिनिस्टर’ दरिया में शूटिंग कर रहे थे: राहुल
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पुलवामा आतंकी हमले वाले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक चैनल के लिए फिल्म की शूटिंग करने संबंधी खबरों को लेकर शुक्रवार को उन पर हमला बोला और आरोप लगाया कि जब शहीदों के घर ‘दर्द का दरिया’ उमड़ा था तो ‘प्राइम टाइम मिनिस्टर’ हंसते हुए दरिया में शूटिंग कर रहे थे.

गांधी ने प्रधानमंत्री की शूटिंग से जुड़ी तस्वीर ट्विटर पर शेयर करते हुए कहा, ‘‘पुलवामा में 40 जवानों की शहादत की खबर के तीन घंटे बाद भी ‘प्राइम टाइम मिनिस्टर’ फिल्म शूटिंग करते रहे. देश के दिल व शहीदों के घरों में दर्द का दरिया उमड़ा था और वे हंसते हुए दरिया में फोटोशूट पर थे.’’ 

इससे पहले बृहस्पतिवार को कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि जब देश इस जघन्य हमले के कारण सदमे में था तो उस वक्त मोदी कार्बेट पार्क में एक चैनल के लिए फिल्म की शूटिंग और नौकायन कर रहे थे. उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री अपनी सत्ता बचाने के लिए जवानों की शहादत और ‘राजधर्म’ भूल गए. सुरजेवाला ने कहा, ‘‘हमला 14 फरवरी दिन में करीब तीन बजे हुए और प्रधानमंत्री करीब सात बजे तक शूटिंग और चाय नाश्ते में व्यस्त थे. प्रधानमंत्री के इस आचरण को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं.’’ 

उधर, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की सुरक्षा पर प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को लेकर आरोप लगाने का देश की जनता पर कोई असर नहीं होने वाला है. गौरतलब है कि गत 14 फरवरी को हुए पुलवामा आत्मघाती आतंकी हमले में सीआरपीएफ के कम से कम 40 जवान शहीद हो गए थे.

Panel discussion on “Human Rights and National Security Concerns in India at PU

Chandigarh February 22, 2019

        Keeping in view the recent heartbreaking Pulwama Attacks in the state of Jammu & Kashmir, Centre for Human Rights and Duties in collaboration with Department of Defence and National Security Studiesorganised a panel discussion on the topic – “Human Rights and National Security Concerns in India: Emerging Challenges.” The panel consisted of Hon’ble Justice Jasbir Singh as the Chief Guest along with Prof. SurinderShukla, Col. Jaibans Singh, Sh. C. S. Talwar and Mr. VipulAttri as the student representative.

        Panelists were welcomed by Prof. Jaskaran Singh Waraich, Chairperson, Department of Defence and National Security Studies and were handed over planters. A one minute silence was then observed in the memory of the victims of Pulwama Attack.


        Justice Jasbir Singh, President, State Consumer Disputes Redressal Commission, UT Chandigarh talked about the uselessness of the marches and talks, selfies and worded to showcase our concerns for our army-men. He emphasised on the idea that we shall have to start from ourselves when we talk about change.


        Col. JaibansSingh, stated that various International Human Rights organisations while condemning the Pulwama Attacks also mentioned the few instances of violence against Kashmiris in various other parts of India. While they completely ignored the facts that a lot of citizens came to the rescue of these Kashmiris as well. Some of these organisations are deliberately engaging perception management with the intent to undermine the image of India in the international community. Calls for protest and Bandhs by separatists is also an act of Human rights’ abuse against common citizens whose normal lives are disrupted as well as that of the functioning of educational and healthcare institutions.

Col. Jaibans, Prof. SurinderShukla, Department of Political Science started with Pulwama Attacks and quoted that such attacks do not only result in loss of lives but a loss of trust. She also shared that she feels that the kind of protection which is needed by our soldiers isn’t being clearly given and this should be Indian citizens’ common concern. She pointed out that collaborationbetween military and various think tanks can result as a significant solution to the chaos.


        Sh. C. S. Talwar, IAS, said that in the current scenario, various pseudo human rights activists who have been working deliberatively to undermine national security is a serious threat. While talking about the ethos of the Indian Army, he mentioned the Chief of Army Staff’s commandments for operating in a Counter Insurgency/ Counter Terrorist environment and stated the Indian Armies a highly disciplined force which has always worked towards upholding Human Rights.

        Mr. VipulAttri, Joint Secretary, PUCSC emphasised with Dr. Ambedkar’s ‘Rights can’t be absolute’ and deliberated to why restrictions are necessary. He then talked about the initiation of Social Contract and then ended with Mahatma Gandhi’s ideology.
        Dr. Namita Gupta, Chairperson, Centre for Human Rights and Duties delivered a vote of thanks. This panel discussion was also attended by various faculty members, serving military officers, research scholars, and students of the University.

Prof. R.K. Singla assumes charge of Dean Research, PU

Chandigarh February 22, 2019

        Prof. R.K. Singla, Chairperson, Department of Computer Science and Application, Panjab University, Chandigarh has been appointed as Dean Research, here today. He is Doctorate from Panjab University and has experience of more than 14 years in teaching, research and administration. He is a resource person for Refresher Courses in Computer Science and Information Technology of UGC. He is also member of Editorial Board of various Journals and has to his credit 263 citations. He has contributed various articles in magazines and newspapers. He also has presented various papers in conferences.

                He has been instrumental in development of integrated software system for function areas of PU and preparing specifications, purchasing equipments, installing and implementing Campus Wide Network. He has successfully guided many research scholars for Ph.D in Computer Science and Applications.

करे जैश भरे जेयूडी(जमात-उद-दावा)

पुलवामा हमले की जैश की स्वीकरोकती के पश्चात पकिस्तान ने जेयूडी(जमात-उद-दावा) को बैन करने का निशच्य लिया है यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (एनएससी) की बैठक में लिया गया जिसकी अध्यक्षता पीएम इमरान खान ने की

नई दिल्ली: पुलवामा हमले के बाद भारत के सख्ती ने रंग दिखा दिया है. पाकिस्तान ने 2008 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के संगठन जमात-उद-दावा और उसके चैरिटी विंग फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन पर प्रतिबंध लगा दिया है. जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में हुए आतंकवादी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवानों के शहीद होने के बाद पाकिस्तान पर कार्रवाई करने को लेकर लगातार अंतरराष्ट्रीय दबाव बन रहा था. 

पीटीआई के मुताबिक गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री इमरान खान की अध्यक्षता में उनके कार्यालय में गुरुवार को हुई राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक में इन संगठनों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया गया.

प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘गैरकानूनी करार दिए गए संगठनों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने का फैसला बैठक में लिया गया.’ उन्होंने कहा, ‘यह तय किया गया कि गृह मंत्रालय द्वारा जमात-उद-दावा और फलह-ए-इंसानियत फाउंडेशन को गैरकानूनी घोषित किया जाए.’  इससे पहले गृह मंत्रालय ने दोनों संगठनों को निगरानी सूची में रखा था.

अधिकारियों के अनुसार, जेयूडी के नेटवर्क में 300 मदरसे औरस्कूल, अस्पताल, एक प्रकाशन और एम्बुलेंस सेवा शामिल हैं. दोनों समूहों के पास करीब 50,000 स्वयंसेवक और सैकड़ों की संख्या में वेतनभोगी कर्मचारी हैं.

एनएससी बैठक से पहले इमरान और बाजवा ने की एक बैठक
‘भाषा’ के मुताबिक जियो टीवी ने सूत्रों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में बताया कि एनएससी की बैठक से पहले प्रधानमंत्री खान और सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने बैठक की जिसमें उन्होंने क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर विचार-विमर्श किया.

सूत्रों के हवाले से चैनल ने बताया कि इसके बाद एनएससी बैठक के दौरान पुलवामा हमले और इसके बाद उपजी स्थिति पर चर्चा की गई. इस बैठक में सेना प्रमुख जनरल बाजवा, सेवाओं के प्रमुख, खुफिया एजेंसियों के प्रमुखों, सुरक्षा अधिकारियों और वित्त, रक्षा, विदेश मामलों तथा गृह विभाग के लिए संघीय तथा राज्य मंत्रियों ने भाग लिया.

कांग्रेस आतंकवादियों का मनोबल बनाए रखना चाहती है: रविशंकर प्रसाद

 रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘‘मैं कांग्रेस से कहना चाहूंगा कि कृपया सेना का मनोबल तोड़ने का काम न करें. 

राहुल की रहस्यमयी छुट्टियाँ और उनके पर्यटन स्थल को आज तक न खोज पाने वाली कांग्रेस ने पुलवामा हमले के बाद की प्रधानमंत्री की अय्याशीयों का ब्योरा देते हुए सुरजेवाला ने प्रधानमंत्री को केएचपीपीबी कोसा

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कांग्रेस के आरोप पर भाजपा ने गुरुवार को पलटवार करते हुए कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत मांगने वाली, सेना प्रमुख पर घटिया आरोप लगाने वाली कांग्रेस पार्टी से और क्या उम्मीद की जा सकती है. पार्टी ने जोर दिया कि देश नरेंद्र मोदी के साहस पर, उनके निर्णय क्षमता पर और उनके नेतृत्व पर विश्वास करता है, देश उनके हाथों में सुरक्षित है और रहेगा. केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने संवाददाताओं से कहा कि पुलवामा हमले के बाद जब पूरी दुनिया भारत के साथ खड़ी है, सभी देशवासी एक है, उस समय कांग्रेस देशवासियों और सेना का मनोबल तोड़ने का काम कर रही है.

उन्होंने कहा कि हर परिस्थिति में देश चलना चाहिए, आतंकियों तक ये संदेश नहीं जाना चाहिए कि उनके आगे देश झुक गया या रुक गया. लेकिन कांग्रेस चाहती है कि आतंकियों तक ये संदेश जाए कि देश रुक गया है . प्रसाद ने कहा, ‘‘मैं कांग्रेस से कहना चाहूंगा कि कृपया सेना का मनोबल तोड़ने का काम न करें.

कांग्रेस की सोच और हमारी सोच में बुनियादी अंतर है.’’ गौरतलब है कि कांग्रेस ने पुलवामा आतंकी हमले को लेकर गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि जब देश इस जघन्य हमले के कारण सदमे में था तो उस वक्त मोदी कार्बेट पार्क में एक चैनल के लिए फिल्म की शूटिंग कर रहे थे.