‘तेजस’ मेक इन इंडिया, 83 विमान होंगे वायुसेना में शामिल

सुरक्षा मामलों पर मंत्रिमंडल समिति (CCS) ने आज करीब 48,000 करोड़ रुपये की लागत से तेजस विमान खरीदने को मंजूरी दी है। रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली CCS ने आज भारतीय वायुसेना के बेड़े के स्वदेशी फाइटर जेट ‘LCA-Tejas’ को मजबूत करने के लिए लगभग 48,000 करोड़ रुपये के सबसे बड़े स्वदेशी रक्षा खरीद सौदे को मंजूरी दी है। यह सौदा भारतीय रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता के लिए एक गेम-चेंजर होगा।

नयी दिल्ली(ब्यूरो):

भारतीय सेना की ताकत में और इजाफा होने जा रहा है। भारतीय वायुसेना के बेड़े में जल्द 83 तेजस विमान शामिल होंगे। लंबे इंतजार के बाद, सरकार ने आज भारतीय वायु सेना के लिए स्वदेशी रूप से विकसित तेजस लड़ाकू विमान के Mk1A वर्जन की खरीद को मंजूरी दे दी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमिटी ऑफ सिक्योरिटी ने एलसीए तेजस Mk1A विमान के लिए 48,000 करोड़ रुपए की रक्षा सौदों की इस खरीद को मंजूरी दे दी है। निर्णय के अनुसार, 83 विमानों को हिंदुस्तान एरोनोटिक्स लिमिटेड से अब तक के सबसे बड़े स्वदेशी रक्षा सौदे के तहत खरीदा जाएगा।

वहीं इस फैसले पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्विटर पर कहा, “भारतीय रक्षा विनिर्माण सेक्टर को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ये डील रक्षा क्षेत्र में गेमचेंजर साबित होगी।” उन्होंने कहा कि एलसीए-तेजस आने वाले वर्षों में भारतीय वायुसेना के लड़ाकू बेड़े की रीढ़ बनने जा रहा है। मंत्री ने कहा कि एलसीए-तेजस में बड़ी संख्या में नई प्रौद्योगिकियाँ शामिल हैं, जिनमें से कई का प्रयास भारत में कभी नहीं किया गया। वर्तमान में, यह 50 फीसद की स्वदेशी सामग्री के साथ लड़ाकू विमान की पहली खरीद (भारतीय स्वदेशी रूप से डिजाइन, विकसित और निर्मित) श्रेणी है, जो कार्यक्रम के अंत तक उत्तरोत्तर 60 प्रतिशत तक पहुँच जाएगी।

रक्षा मंत्री ने कहा कि एयरक्राफ्ट बनाने वाली कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने पहले से अपने नासिक और बेंगलुरू डिवीजन में सेकेंड लाइन मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं को स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि बढ़े हुए इंफ्रास्ट्रक्चर से युक्त HAL LCA-Mk1A के उत्पादन को बढ़ाएगा जिससे भारतीय वायुसेना को समय पर डिलीवरी हो सके।

रक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार, मंत्रिमंडल ने हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) से भारतीय वायु सेना के लिए 83 तेजस विमान खरीदने को मंजूरी प्रदान कर दी। इसके तहत 73 हल्के लड़ाकू विमान तेजस एमके-1ए और 10 तेजस एमके-1 प्रशिक्षण विमान शामिल हैं। एचएएल उन्हें 2026 तक डिलीवर कर देगा।

तेजस एमके1 ए, तेजस एमके 1 (फाइनल ऑपरेशनल क्लीयरेंस) का एक एडवांस वर्जन है, जिसके पहले ही 16 विमानों को भारतीय वायुसेना में शामिल किया जा चुका है। इन Mk1 (FOC) को उनके पिछले वर्जन Mk1 (IOC) से अपग्रेड किया गया है।

हल्‍के लड़ाकू एयरक्राफ्ट Mk-1A का वैरिएंट एक स्वदेशी रूप से डिजाइन, विकसित और निर्मित किया गया अत्याधुनिक लड़ाकू विमान है। यह विमान, जो सक्रिय इलेक्ट्रॉनिक रूप से स्कैन किए गए व्‍यूह रचना वाला (एईएसए) रडार, बियॉन्ड विजुअल रेंज (बीवीआर) मिसाइल, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर (ईडब्ल्यू) सुइट और एयर टू एयर रिफ्यूलिंग (एएआर) की महत्वपूर्ण परिचालन क्षमताओं से लैस है। जेट के मार्क ए 1 वर्जन में शुरुआती संस्करण में कुल 43 सुधार होंगे। यह भारतीय वायु सेना की ऑपरेशन की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक शक्तिशाली प्लेटफार्म होगा।

तेजस एमके1 ए विमान वर्तमान में भारतीय वायु सेना द्वारा संचालित विमानों की जगह लेगा, जिसमें मिग -21 और जगुआर विमान शामिल हैं।

बीसीआई के एक वर्षीय एलएलएम कोर्स को खत्म करने की अधिसूचना को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती

याचिका में यह भी कहा गया है कि उक्त नियम अधिवक्ता अधिनियम, 1961 के प्रावधानों का उल्लंघन है। याचिकाकर्ता के अनुसार, नियमों में किए गए संशोधन भारत के संविधान के तहत पेशे की प्रैक्टिस के अधिकार का उल्लंघन करते हैं और बीसीआई की ओर से एक साल के एलएलएम पाठ्यक्रम को समाप्त करने का कोई उचित औचित्य नहीं है।

नयी दिल्ली(ब्यूरो):

भारत में एक साल के एलएलएम कोर्स को खत्म करने की बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) की हालिया अधिसूचना को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक याचिका दायर की गई है।

याचिकाकर्ता एक लॉ स्टूडेंट तमन्ना चंदन ने अपनी याचिका में शिक्षा के अपने मौलिक अधिकार का उल्लंघन होने का हवाला देते हुए बार काउंसिल ऑफ इंडिया लीगल एजुकेशन (पोस्ट ग्रेजुएट, डॉक्टोरल, एग्जीक्यूटिव, वोकेशनल, क्लिनिकल एंड अदर कंटीन्यूइंग एजुकेशन) रूल्स, 2020 को चुनौती दी है।

यह भी पढ़ें – शैक्षणिक सत्र 2021-22 में नर्सरी कक्षाओं में प्रवेश नहीं देने के लिए शिक्षा विभाग को उचित दिशानिर्देश जारी करने की जनहित याचिका दायर

अधिवक्ता राहुल भंडारी के माध्यम से दायर याचिका में यह भी कहा गया है कि उक्त नियम अधिवक्ता अधिनियम, 1961 के प्रावधानों का उल्लंघन है। याचिकाकर्ता के अनुसार, नियमों में किए गए संशोधन भारत के संविधान के तहत पेशे की प्रैक्टिस के अधिकार का उल्लंघन करते हैं और बीसीआई की ओर से एक साल के एलएलएम पाठ्यक्रम को समाप्त करने का कोई उचित औचित्य नहीं है।

याचिका में एक और तर्क दिया गया है कि यूजीसी, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अधिकार क्षेत्र में भारत में उच्च कानूनी शिक्षा के नियमों को विनियमित करने की बीसीआई को शक्ति प्राप्त नहीं है।

बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया लीगल एजुकेशन (पोस्ट ग्रेजुएट, डॉक्टोरल, एग्जीक्यूटिव, वोकेशनल, क्लीनिकल एंड अदर कंटीन्यूइंग एजुकेशन) रूल्स, 2020 को अधिसूचित किया है, जिसमें लॉ (एलएलएम) में एक साल की मास्टर डिग्री को खत्म करने का प्रयास किया गया है।

नए नियमानुसार,

नए नियम में कहा गया कि पोस्ट ग्रेजुएट (स्नातकोत्तर डिग्री) लॉ में मास्टर डिग्री एलएलएम चार सेमेस्टर में दो साल की अवधि का होगा। इसके अलावा, एलएलएम पाठ्यक्रम केवल कानून स्नातक तक ही सीमित है।

भारतीय सीमा में घुस आए चीनी सैनिक से भारतीय सेना कर रही पूछ ताछ

भारत और चीन के बीच बीते साल जून से ही तनाव जारी है। दोनों देशों ने लद्दाख में अपनी-अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। इस विवाद को खत्म करने के मकसद से दोनों देशों की सेना के बीच कई बार बात हुई, लेकिन हर बार चर्चा बेनतीजा ही रही। जून में दोनों सेनाओं के बीच लद्दाख की गलवान घाटी में झड़प हुई थी। इस घटना के बाद से ही दोनों देशों के रिश्ते सीमा पर तल्ख हो गए थे। इसी बीच सेना ने लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास पैंगॉन्ग इलाके में एक चीनी सैनिक को पकड़ा है। यह चीनी सैनिक भारतीय इलाके में पकड़ा गया है। चीनी सैनिक से पूरे नियम और प्रक्रिया के साथ ही पूछताछ की जा रही है। वहीं, इसकी जाँच भी की जा रही कि चीनी सैनिक किन हालातों में भारतीय इलाके में पहुँचा था। चीनी सैनिक को पैंगोंग झील के दक्षिणी छोर से पकड़ा गया है।

लद्दाख़/जम्मू:

पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीन उकसावे वाली हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। भारत और चीन के बीच जारी सैन्य तनाव के बीच शुक्रवार (जनवरी 08, 2021) को चीन का एक सैनिक भारतीय सीमा में घुस गया। वो पैंगोंग झील के दक्षिणी किनारे वाले इलाके में घुसा जिसे भारतीय सैनिकों ने हिरासत में ले लिया। 

बताया जा रहा है की चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) का एक सैनिक एलएसी को लाँघकर भारतीय सीमा में पहुँच गया, लेकिन वहाँ तैनात भारतीय सैन्य टुकड़ी ने उसे दबोच लिया। एक अधिकारी ने बताया, “पीएलए सैनिक एलएसी के इस तरफ सीमा पार कर आ गया था। इसके बाद इलाके में तैनात भारतीय सेना ने उसे कस्टडी में ले लिया था।” उन्होंने यह भी बताया कि सैनिक से पूरे नियम और प्रक्रिया के साथ ही पूछताछ की जा रही है। वहीं, इसकी जाँच भी की जा रही कि चीनी सैनिक किन हालातों में भारतीय इलाके में पहुँचा था। चीनी सैनिक को पैंगोंग झील के दक्षिणी छोर से पकड़ा गया है।

गौरतलब है कि इससे पहले अक्टूबर में एक चीनी सैनिक LAC पर भटकता हुआ पहुँच गया था, जिसे भारतीय सेना ने पकड़ लिया था। PLA सैनिक को पूर्वी लद्दाख के चुमार-डेमचोक इलाके में पकड़ा गया था। हालाँकि, पूछताछ करके भारतीय सौनिकों ने उस चीनी सैनिक को चीन को वापस कर दिया। इस दौरान भारतीय सेना ने चीनी सैनिक को ठंडे मौसम से बचाने के लिए मेडिकल मदद के साथ साथ खाना-पीना और गर्म कपड़े भी दिए थे।

बता दें कि एलएसी के दोनों तरफ भारी संख्या में सैनिकों की तैनाती लंबे समय से बरकरार है। अप्रैल महीने में ही कुछ चीनी सैनिकों ने भारतीय सीमा में अतिक्रमण करने की कोशिश की थी जिसका भारत की तरफ से करारा जवाब दिया गया। बाद में 15 जून को गलवान घाटी में चीनी सैनिकों ने धोखे से भारतीय सैनिकों पर गैर-परंपरागत हथियारों से हमला कर दिया जिसमें 20 भारतीय सैनिक वीरगति को प्राप्त हो गए थे जबकि करीब दोगुने तादाद में चीनी सैनिक भी मारे गए।

सीमा पर जारी संघर्ष को खत्म करने के लिए भारत और चीन के बीच सैन्य कमांडर लेवल की कई दौर की बातचीत हो चुकी है। चीन चाहता है कि पहले भारत रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण उन चोटियों से पीछे हट जाए जिन पर दिसंबर महीने में उसका कब्जा हुआ था। वहीं, भारत ने चीन को इसकी पहल करने को कही है।

PU declares last dates for submission of forms for LLB & LLM 2020 – 21 courses

Chandigarh January 1, 2021

Panjab University, Chandigarh has approved the last dates for submission of examination forms (with and without late fees) of LL.B. & LL.M. Examination for session 2020-2021 (Semester System) as under:-

 Without late feeWith late fee of Rs.2075/-With late fee of Rs.6075/-With late fee of Rs.11,075/-With late fee of Rs.22,075/-  
LL.B. and LL.M11.01.202118.01.202125.01.202101.02.202108.02.2021

आंध्र में हिन्दू मंदिरों पर हमले जारी, या यह सरकारी तुष्टीकरण की अगली सीढ़ी है ?

पिछले कुछ समय से आंध्र प्रदेश में लगातार हिंदू मंदिरों पर हमले की घटनाएँ सामने आ रही हैं। कहीं मूर्तियों को तोड़ा जा रहा है, तो कहीं रथों को आग में जलाकर राख किया जा रहा है। 27 सितंबर को चित्तूर जिले में एक शिव मंदिर पर हमला किया गया और मंदिर में स्थित नंदी की प्रतिमा को खंडित कर दिया गया। रिपोर्टों के अनुसार, मंदिर में नंदी की मूर्ति को 26 और 27 सितंबर की रात कुछ बदमाशों ने तोड़ा। मूर्ति के टुकड़े पास रखी कुर्सी पर बिखरे हुए पाए गए थे।“जिस समय अयोध्या में राम जन्मभूमि पर राम मंदिर का निर्माण चल रहा है, हमारे राज्य में भगवान राम की मूर्ति को नष्ट कर दिया गया है। मूर्ति के सिर को अलग करना एक पागल व्यक्ति का कार्य नहीं हो सकता है। यह धार्मिक उन्मादियों का कृत्य है।”

विशाखापत्तनम/नयी दिल्ली :

एक तरफ आंध प्रदेश की सरकार पर मुस्लिमों और ईसाइयों के तुष्टिकरण के आरोप लग रहे हैं, दूसरी तरफ हिंदू मंदिरों पर हमले रुक नहीं रहे। ताजा घटना में प्रदेश के विजयनगरम जिले के नेल्लीमरला मंडल में एक पहाड़ी पर स्थित मंदिर में अज्ञात उपद्रवियों ने भगवान राम की मूर्ति को क्षतिग्रस्त कर दिया।

मूर्ति रामतीर्थम गाँव के पास पहाड़ी की चोटी पर स्थित बोडिकोंडा कोदंडाराम मंदिर में विराजमान थी। कथित तौर पर उपद्रवी ताला तोड़ मंदिर के गर्भगृह में घुसे और और स्वामी कोदंडारामुडु का सिर काटकर अलग कर दिया।

बताया जाता है कि यह मूर्ति 400 साल पुरानी थी। इसके साथ ही मंदिर में माता सीता और लक्ष्मण की भी मूर्तियाँ विराजमान हैं। मुख्य मंदिर पहाड़ी की तलहटी में है। जिस मंदिर में मूर्ति क्षतिग्रस्त की गई वह पहाड़ी की चोटी पर है। एक ही पुजारी दोनों मंदिरों में नियमित अनुष्ठान करते हैं। यह घटना तब सामने आई जब पुजारी मंगलवार (दिसंबर 29, 2020) सुबह मंदिर में नियमित अनुष्ठान करने के लिए पहुँचे।

मंगलवार की सुबह, पुजारियों को रामतीर्थम में बोडिकोंडा पहाड़ी पर प्राचीन सीता लक्ष्मण कोदंडाराम मंदिर के दरवाजे खुले मिले और गर्भगृह में भगवान राम की मूर्ति का सिर धड़ से अलग दिखा। मंदिर के कर्मचारियों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। बुधवार को क्षतिग्रस्त किए गए हिस्से को पास के तालाब में प्रवाहित कर दिया गया।

जनसेना पार्टी के प्रमुख पवन कल्याण ने बुधवार (दिसंबर 30, 2020) को एक बयान में कहा, “जिस समय अयोध्या में राम जन्मभूमि पर राम मंदिर का निर्माण चल रहा है, हमारे राज्य में भगवान राम की मूर्ति को नष्ट कर दिया गया है। मूर्ति के सिर को अलग करना एक पागल व्यक्ति का कार्य नहीं हो सकता है। यह धार्मिक उन्मादियों का कृत्य है।”

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ऐसी घटनाओं को लेकर लापरवाह है। इसकी वजह से ही यह घटना हुई है। उन्होंने पूछा कि मंदिर पर लगातार हो रहे हमले पर मुख्यमंत्री जवाब क्यों नहीं दे रहे हैं? वे चुप क्यों हैं?

पुलिस की टीमों ने मौके पर पहुँचकर सबूत इकट्ठे किए और अपराधियों को पकड़ने के लिए विशेष टीमें बनाई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जाँच सभी संभावित एंगल से की जा रही है।

TNM से बात करते हुए, जिला पुलिस अधीक्षक (SP) राजा कुमारी ने कहा, “घटना सोमवार को मंदिर के बंद होने के बाद हो सकती है। यह कल (मंगलवार) हमारे संज्ञान में आई। अज्ञात बदमाशों ने भगवान राम की मूर्ति का सिर अलग कर दिया। अभी तक आरोपित का पता नहीं चला है। टीमें मामले पर काम कर रही हैं।”

मूर्ति के क्षतिग्रस्त होने के पीछे के मकसद के बारे में पूछे जाने पर एसपी ने कहा, “यह घटना दुर्घटना की तरह नहीं दिख रही है, बल्कि इरादन किया गया कृत्य जान पड़ता है। हालाँकि, फिलहाल हम इस बारे में निष्कर्ष नहीं निकाल सकते हैं कि इसके पीछे क्या इरादे थे।”

घटना की जानकारी मिलने के बाद टीडीपी के स्थानीय नेता एस.रविशेखर और अन्य लोगों ने मंदिर में जाकर पहाड़ी पर धरना दिया। उन्होंने सरकार से उपद्रवियों पर कार्रवाई करने और मंदिरों को सुरक्षा प्रदान करने की माँग की। वहीं भाजपा जिला अध्यक्ष आर.पावनी और अन्य लोगों ने भी मंदिर का दौरा किया और धरना दिया। उन्होंने भी घटना की निंदा की और सरकार से अपराधियों का पता लगाने और मंदिर की सुरक्षा करने की माँग की।

दूसरी तरफ, नेल्लीमारला के विधायक बी.पला नायडू ने मंदिर का दौरा किया और स्थिति की समीक्षा की। रामतीर्थम परिक्षेत्र परिषद के अध्यक्ष श्रीनिवासानंद स्वामी ने भी मंदिर का दौरा किया और कहा कि इसकी अपमानजनक घटना से भक्तों की भावनाएँ आहत हुई है। सरकार को इस मुद्दे पर तेजी से काम करना चाहिए और जनता में विश्वास पैदा करना चाहिए। राज्य के सभी मंदिरों को सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए।

गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से आंध्र प्रदेश में लगातार हिंदू मंदिरों पर हमले की घटनाएँ सामने आ रही हैं। कहीं मूर्तियों को तोड़ा जा रहा है, तो कहीं रथों को आग में जलाकर राख किया जा रहा है। 27 सितंबर को चित्तूर जिले में एक शिव मंदिर पर हमला किया गया और मंदिर में स्थित नंदी की प्रतिमा को खंडित कर दिया गया। रिपोर्टों के अनुसार, मंदिर में नंदी की मूर्ति को 26 और 27 सितंबर की रात कुछ बदमाशों ने तोड़ा। मूर्ति के टुकड़े पास रखी कुर्सी पर बिखरे हुए पाए गए थे।

शूभेन्दु अधिकारी ने थामा कमल

कोलकत्ता/चंडीगढ़:

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल के दो दिन के दौरे पर कोलकाता पहुंच गए हैं. बंगाल में सियासी उठापटक के बीच अमित शाह का यह दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इस दौरे से अमित शाह जहां जनता से संवाद करेंगे वहीं टीएमसी के असंतुष्ट कई नेताओं के बीजेपी में शामिल होने की भी खबर है. इनमें पूर्व मंत्री व विधायक शुभेंदु अधिकारी का नाम भी शामिल है.

अमित शाह की मिदनापुर रैली में मंच पर कैलाश विजयवर्गीय, तपन घोष जैसे बड़े अधिकारियों के बीच अमित शाह के दायीं ओर बैठे दिखे शुभेन्दु अधिकारी। अमित शाह ने उन्हे भाजपा का झण्डा थमाया वहीं शुभेन्द अधिकारी ने शाह का आशीर्वाद लेते हुए भाजपा के कमल को थाम भाजपा की सदस्यत ग्रहण की।

किसान सनातन सिंह के घर भोजन करने के बाद अमित शाह ने आजतक से एक्सक्लूसिव बात की. अमित शाह ने कहा कि ममता बनर्जी ने सोनार बंगला का सपना तो दिखा दिया, लेकिन इसे पूरा नहीं किया. उन्होंने कहा कि बीजेपी इस सपने को पूरा करेगी. अमित शाह ने कहा कि बीजेपी इस बार 200 सीटें जीतेगी और ममता बनर्जी को पश्चिम बंगाल का बीजेपी का कार्यकर्ता ही उनके खिलाफ चुनाव लड़ेगा और उन्हें हराएगा. अमित शाह ने कहा कि ऐसा कहीं  नहीं हुआ कि 18 महीने में किसी पार्टी के 300 कार्यकर्ता मारे गए. लेकिन पश्चिम बंगाल में ऐसा हुआ है. फिर भी हम डटे रहे, डरे नहीं. अमित शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल में ममता सरकार से लोग नाराज और नाखुश है इसलिए वो बीजेपी में आ रहे हैं.  

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल में पीएम आवास तो बने दिख रहे हैं, लेकिन पीएम के द्वारा किसानों को भेजा गया पैसा नहीं मिल रहा है. गृह मंत्री ने कहा कि अगर किसी पार्टी के अध्यक्ष पर हमला होता है तो केंद्र को कार्रवाई पड़नी पड़ती है. अमित शाह ने संघीय ढांचे के उल्लंघन के आरोपों को इनकार किया. अमित शाह ने कहा कि अगर किसी दूसरे राज्य में किसी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर हमला हुआ होता तो क्या किया जाता. उन्होंने कहा कि केंद्र अपने दायरे में रहकर ही काम कर रहा है.

शुभेंदु अधिकारी के भाई भी बीजेपी में शामिल होंगे

मिदनापुर में न सिर्फ टीएमसी सांसद शुभेंदु अधिकारी बीजेपी में शामिल होंगे, बल्कि कोंटाई निगम के चेयरमैन और शुभेंदु अधिकारी के छोटे भाई सुमेंदु अधिकारी भी बीजेपी में शामिल होंगे.  

इनके अलावा 10 और विधायक बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं. दक्षिण कोंटाई के विधायक बनसारी मैती भी बीजेपी में शामिल होने जा रही हैं. 

अगर सीपीएम की बात करें तो हल्दिया से CPM विधायक तापसी मंडल और ताल्मुक के CPI विधायक अशोक डिंडा भी बीजेपी में शामिल हो रहे हैं.  हल्दिया नगर निगम के कुछ पार्षद भी बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं. यही नहीं कई ग्राम पंतायत के सदस्य और ग्राम प्रधान भी बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं.  

आज मिदनापुर में टीएमसी, सीपीएम, कांग्रेस के ये नेता बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. 

1.    Sunil Mondal / MP / TMC 
2.    Banasree Maity / MLA / TMC
3.    Biswajit Kundu / MLA / TMC
4.    Saikat Panja / MLA / TMC
5.    Shilbhadra Datta / MLA / TMC
6.    Sukra Munda / MLA / TMC
7.    Sudip Mukherjee / MLA / INC
8.    Tapasi Mondal / MLA / CPIM
9.    Ashok Dinda / MLA / CPI
10.    Dipali Biswas / MLA / won as CPIM, joined TMC later

मिदनापुर में न सिर्फ टीएमसी सांसद शुभेंदु अधिकारी बीजेपी में शामिल होंगे, बल्कि कोंटाई निगम के चेयरमैन और शुभेंदु अधिकारी के छोटे भाई सुमेंदु अधिकारी भी बीजेपी में शामिल होंगे.  

इनके अलावा 10 और विधायक बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं. दक्षिण कोंटाई के विधायक बनसारी मैती भी बीजेपी में शामिल होने जा रही हैं. 

अगर सीपीएम की बात करें तो हल्दिया से CPM विधायक तापसी मंडल और ताल्मुक के CPI विधायक अशोक डिंडा भी बीजेपी में शामिल हो रहे हैं.  हल्दिया नगर निगम के कुछ पार्षद भी बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं. यही नहीं कई ग्राम पंतायत के सदस्य और ग्राम प्रधान भी बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं.  कांग्रेस के पुरुलिया से विधायक सुदीप मुखर्जी के भी बीजेपी में शामिल होने की संभावना है. बैरकपुर से टीएमसी विधायक शीलभद्र दत्ता के भी बीजेपी में शामिल होने की संभावना है. 

बर्दवान पूर्व से टीएमसी सांसद सुनील मंडल के भी बीजेपी में शामिल होने की संभावना 

स्वतंत्रता सेनानी खुदीराम बोस को नमन

गृह मंत्री अमित शाह मिदनापुर में स्वतंत्रता सेनानी खुदीराम बोस के घर पहुंचे और उनके परिवार वालों से मुलाकात की.इससे पहले अमित शाह ने खुदीराम बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. अमित शाह ने कहा कि उन्हें शहीद खुदीराम बोस के जन्मस्थान की मिट्टी को कपाल पर लगाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ. 

अमित शाह ने कहा कि  बंगाल के अंदर जो ओछी राजनीति करते हैं उन्हें मैं बताना चाहता हूं कि खुदीराम बोस जितने बंगाल के थे वे उतने ही पूरे भारत के थे. इसके अलावा उन्होंने कहा कि पंडित राम प्रसाद बिस्मिल जितने यूपी के थे उतने ही वे बंगाल के लिए थे. अमित शाह ने कहा कि आज पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां को अंग्रेजी ने फांसी दी थी. आज के दिन उन्हें कम से कम देश के शहीदों के नाम पर राजनीति नहीं करनी चाहिए. 

Admission Schedule of M.Phil/Ph.D (2020-21)

Chandigarh December 18, 2020

The Department of Public Administration, Panjab University, Chandigarh invites applications for admission to M.Phil/Ph.D Programme for the session 2020-21 as per the following schedule:

Last Date for the submission of Application :                         31.12.2020 (Thursday)

Date of Interview (Online Mode)                               :           11.01.2021 (Monday) 2:00 PM onwards Display of Final Merit List                                                           :           12.01.2021

The candidates can submit their applications through email at publicadmn_pu@pu.ac.in on plain paper along with following scanned documents:

  1. Qualifying Examination- UGC- NET/JRF/PU M.Phil/Ph.D Entrance Test (held in the past with three-year validity)
  2. Latest Photograph
  3. DMC of 10th Class
  4. DMC of 10+2 Class
  5. All Graduation DMCs
  6. All Post-Graduation DMCs
  7. Caste Certificate, if any
  8. Aadhar Card
  9. Research Proposal*
  • The Research Proposal should cover tentative title/research area, its rationale, theoretical frame work, objectives, research questions, and proposed research methodology. This will have to be presented before the Interview Committee of the Department at the time of interview. All the applicants must prepare 8 to 10 minutes PPT as per their research proposal. The research aptitude of the applicant will be assessed on the basis of interview/presentation. However, the topic of research will be finalized in consultation with the supervisor after admission. The Research proposal for the presentation for the admission should include reference to 3 or 4 reference books and 4 or 5 journal articles.

Important Instructions:

The candidates who have cleared any of the following national tests can apply for M.Phil/Ph.D Admission for the session 2020-21:

  • UGC-CSIR NET including JRF, SLET, GATE or any other prestigious test for national level scholarship/fellowship conducted at all India level on behalf of national institutions for example GPAT and JEST.
    • Direct awardees of fellowship for pursuing Ph.D.
    • Working permanent teachers of Panjab University and affiliated colleges
    • Ph.D Entrance Test of Panjab University for admission to Ph.D/M.Phil shall be walid for 3 years.

The GATE qualifying score be considered as the basic. GATE/GPAT of any other national level test meant for admission to Ph.D/M.Phil shall be valied forever.

‘Mahashivir’ : An online opportunity to experience the 800 years old divine Himalayan Meditation, free of cost!

Guru Tattva is a global platform steered by Shree Shivkrupanand Swami Foundation, working towards the overall development of human beings in all spheres of their lives. Led by H. H. Shree Shivkrupanand Swami ji himself, Guru Tattva organizes ‘Mahashivir’ in the divine proximity of Swamiji to accelerate the spiritual journey of people through Himalayan Meditation Sanskaar.

Jammu/ Chandigarh :

Guru Tattva has organized thelive broadcast of Mahashivir from 23rd to 30th December, 6:00 AM to 8:00 AM with repeat telecast from 6:00 PM to 8:00 PM on Youtube.com/Gurutattva and www.gurutattva.org. All the updates regarding Mahashivir will be posted regularly on Facebook and Instagram @gurutattvameditation. 

2020 is about to end but the battle with the pandemic is still on. In challenging times like these, one of the best ways to be joyful andat peace is practisingmeditation regularly. Himalayan Meditation is an 800 years oldSanskaar which is simple and can be easily practised by all. Unlike the other techniques of meditation, it doesn’t involve any complex breathing techniques or yoga. Since its inception, Guru Tattvahas been sharing this divine wisdom and experience with the world for free.

‘Mahashivir’ is a pricelessopportunity of self-realization in the divine proximity of living Sadguru.In Mahashivir, H. H. Shree Shivkrupanand Swami ji will share the complex Himalayan wisdom of meditation with the Shivir attendees in simple language. He will present his 60 years of divine experiences and knowledge in just 8 days.The eventwill have discourses of Swamiji in which, he will explain the science of 800 years old Himalayan Meditation in a simple language and conduct online collective meditation sessions. It is said that meditating alone for a million day and meditating for one day with a million people are one and the same!

Guru Tattva is a global platform steered by Shree Shivkrupanand Swami Foundation, working towards the overall development of human beings in all spheres of their lives. Led by H. H. Shree Shivkrupanand Swami ji himself, Guru Tattva organizes ‘Mahashivir’ in the divine proximity of Swamiji to accelerate the spiritual journey of people through Himalayan Meditation Sanskaar.

H.H. Shree Shivkrupanand Swami is an enlightened yogi. Since childhood, he was in search of the ultimate truth.As time passed, he spent 16 years of his life in the Himalayas, practising meditation and absorbing the wisdom from different revere Himalayan Gurus. Since the inception of SamarpanDhyanyog in 1994, he has been sharing this 800-year-old divine wisdom with the world, free of cost.

Inviting all of you to this once-in-a-lifetime online event of self-realization and inner-joy. For more information, Like and Follow @gurutattvameditation on Facebook and Instagram. To get a reminder for the event, subscribe to youtube.com/gurutattvaandpress the bell icon.

“You are most welcome to embark on a divine journey to blissfulness”

नेहरू से राहुल तक कॉंग्रेस काश्मीर और लदाख चीन को सौंपने को उतावली

कॉंग्रेस का चीन प्रेम नेहरू के समय ही से जग जाहिर है। चीन के भारत पर आक्रमण के पश्चात भी नेहरू ने चीन को शत्रु देश नहीं माना था और अपनी नीतियाँ चीन के पक्ष ही में रखीं। अब जब डोकलम पर चीन ने फिर से अपनी विसतारवादी नीति का प्रदर्शन कर भारतीय सेना के साथ गुत्थम गूत्था हुई तब भी राहुल चीन के राजदूत के साथ रात्रिभोज करते पाये गए, और तो और यूपीए के शासन काल में चीन की सत्ताधारी पार्टी के साथ कॉंग्रेस ने एक करार किया था जिसके एवज में कॉंग्रेस ने RGF के नाम पर करोड़ों रुपयों का अनुदान लिया। आज जब फिर से चीन की विसतारवादी सोच के कारण जब चीन और भारत यद्ध की स्थिति में पहुँच चुके हैं तो कॉंग्रेस चीन के समर्थन में भारत के जिस नक्शे को प्रदर्शित करती है उसमें काश्मीर और लदाख को चीन का हिस्सा दिखाया गया है। हालांकि अब उस पोस्ट को डिलीट कर दिया गया है।

असम/नयी दिल्ली:

कॉन्ग्रेस पार्टी किसानों के समर्थन की बातें कर रही है। मंगलवार (दिसंबर 8, 2020) को आयोजित ‘भारत बंद’ में भी किसान तो नहीं दिखे, लेकिन कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता जरूर देश भर में उपद्रव करते नजर आए। इसी बीच कॉन्ग्रेस पार्टी ने ट्विटर पर ‘भारत किसानों के साथ है, मोदी अंबानी के साथ हैं’ टैगलाइन के साथ देश का गलत नक्शा शेयर किया और कश्मीर-लदाख को पाकिस्तान-चीन को दे दिया। असम कॉन्ग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ‘स्टैंड विद फार्मर्स’ का टैग लगाते हुए ऐसा किया।

‘असम कॉन्ग्रेस’ ने जो भारत का नक्शा शेयर किया है, उसमें जम्मू कश्मीर और लद्दाख के हिस्सों को भारत का हिस्सा न बता कर चीन और पाकिस्तान को दे दिया गया है। कॉन्ग्रेस ने जो भारत का नक्शा शेयर किया, पाकिस्तान का भी यही रुख है। पाकिस्तान भी दावा करता रहा है कि जम्मू कश्मीर और लद्दाख उसके मुल्क में पड़ते हैं, भारत का हिस्सा नहीं है। उसने कश्मीर के एक हिस्से पर कब्ज़ा भी कर रखा है।

तिरुवनंतपुरम से कॉन्ग्रेस के सांसद शशि थरूर को ‘लिबरल-सेक्युलर’ मीडिया का एक बड़ा वर्ग अपना पोस्टर बॉय भी मानता है। उन्होंने भी दिसंबर 2019 में कुछ ऐसा ही कारनामा किया था। उन्होंने भारत का जो नक्शा शेयर करते हुए CAA विरोधी आंदोलन का समर्थन जताया था, उसमें जम्मू कश्मीर और लद्दाख को भारत का हिस्सा नहीं बताया गया था। तब कॉन्ग्रेस ने ‘भारत बचाओ आंदोलन’ के नाम पर ऐसा किया था।

ट्विटर पर लोगों ने गलत नक़्शे के लिए असम कॉन्ग्रेस को जम कर लताड़ लगाई। लोगों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बदनाम करने के लिए कॉन्ग्रेस यहाँ तक गिर चुकी है कि वो देश के नक़्शे के साथ भी खिलवाड़ कर रही है। एक व्यक्ति ने खबर का स्क्रीनशॉट ट्वीट करते हुए बताया कि भारत का गलत नक्शा दिखाने पर जेल और जुर्माने का भी प्रावधान है। कुछ ने पूछा कि क्या कॉन्ग्रेस ने POK को पाकिस्तान का हिस्सा मान लिया है?

उल्लेखनीय है की विवादों में आने के बाद असम कॉन्ग्रेस ने यह ट्वीट अब डिलीट कर दिया है। हालाँकि, पार्टी की ओर से इसे लेकर किसी भी तरह का कोई स्पष्टीकरण अभी तक नहीं दिया गया है।

विजय माल्या की बढ़ीं मुश्किलें, फ्रांस में 14.34 करोड़ की संपत्ति ज़ब्त

केंद्र सरकार विजय माल्या को प्रत्यर्पित कराने की कोशिश में भी जुटी हुई है. विजय माल्या का प्रत्यर्पण अनुरोध काफी पहले ब्रिटेन भेजा गया था. यूके की वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट (Westminster Magistrates’ Court) ने 10 दिसंबर, 2018 को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी विजय माल्या के प्रत्यर्पण का आदेश दिया था. फैसले में कोर्ट ने लिखा था कि आरोपी माल्या के खिलाफ दर्ज मामलों में उसके शामिल होने के पुख्ता सबूत हैं. इसके बाद उसने ब्रिटेन के हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक का रुख किया लेकिन उसे वहां से भी राहत नहीं मिली.

नयी दिल्ली:

किंगफिशर एयरलाइंस लिमिटेड के मालिक और भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या पर प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई की है. शुक्रवार को ईडी ने फ्रांस में विजय माल्या की 1.6 मिलियन यूरो की प्रॉपर्टी को जब्त किया है. विजय माल्या पर कार्रवाई करने के बाद ईडी ने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया, ‘ईडी के आग्रह पर विजय माल्‍या की 32 अवेन्‍यू फोच (FOCH), फ्रांस की संपत्ति को फ्रेंच अथॉरिटी ने जब्‍त किया है.’

फ्रांस में जब्‍त की गई प्रापर्टी की कीमत 1.6 मिलियन यूरो (करीब 14.34 करोड़ रुपये) आंकी गई है. जांच में यह बात सामने आई है कि किंगफिशर एयरलाइंस लिमिटेड के बैंक खाते से विदेश में बड़ी रकम निकाली गई.

उल्लेखनीय है कि भारतीय कारोबारी विजय माल्या नौ हजार करोड़ रुपये से अधिक के बैंक कर्ज धोखाधड़ी मामले में आरोपी है. इस वक्त वो ब्रिटेन में रह रहा है. माल्या के प्रत्यर्पण के लिए भारत ने कुछ माह पहले यूनाइटेड किंगडम (UK) सरकार से आग्रह किया था. भारत सरकार ने कहा था कि वह विजय माल्या के जल्द प्रत्यर्पण को लेकर ब्रिटिश सरकार के संपर्क में है.

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार ने मांगी थी रिपोर्ट
बीते मई महीने में माल्या ब्रिटेन के सुप्रीम कोर्ट में मनी लांड्रिंग एवं हजारों करोड़ की धांधली के मामले में भारत में प्रत्यर्पण के खिलाफ अपनी अपील हार गया था. उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) ने केंद्र से कहा था कि वह ब्रिटेन में भगोड़ा कारोबारी विजय माल्या को भारत को प्रत्यर्पित किए जाने सबंधी कार्रवाई पर छह सप्ताह के भीतर स्थिति रिपोर्ट दायर करे. न्यायमूर्ति यूयू ललित की अध्यक्षता वाली उच्चतम न्यायालय की पीठ ने कहा था कि भगोड़े कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण के बाद मामले की सुनवाई यूनाइटेड किंगडम में उसके खिलाफ “गुप्त कार्यवाही” के कारण नहीं हो रही थी. 31 अगस्त को पुनर्विचार याचिका खारिज होने और सजा की पुष्टि होने के बाद माल्या अपने खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की अवमानना मामले में सुप्रीम कोर्ट में पेश होने वाला था.