भास्कर बहाना है, मीडिया निशाना है

केंद्र में किसान आंदोलन का कोई उचित समाधान ना दे पाने से इस मोर्चे पर मुंह की खाये केंद्र सरकार, बंगाल से भी मुंह की खा कर लौटी मोदी – शाह की जोड़ी उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ पर पिल पड़ी और वहाँ भी कुछ हाथ नहीं लगा तो तिलमिलाई सरकार अपनी साख बचाने का प्रयास कर ही रही थी कि मानसून सत्र के एन पहले फोन टेपिंग का मामला सुर्खियों में आ गया। अब मोदी शाह आकंठ गुस्से मेन डूब गए और फिर जो लावा फूटा तो वह सबसे आसान शिकार मीडिया पर।

  • दैनिक भास्कर समूहों के सभी ऑफिसों पर पड़ रहे हैं आयकर विभाग के छापे
  • भोपाल स्थित ऑफिस पर सुबह से ही जारी है छापेमारी
  • अखबार मालिक के घर पर भी की जा रही है छापेमारी
  • न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक कर चोरी के मामले में जारी है छापेमारी

चंडीगढ़/नयी दिल्ली:

कुछ बोल के लब आज़ाद हैं तेरे

अभी अभी भारत समाचार चैनल लखनऊ में रेड।

आयकर विभाग ने कर चोरी के आरोपों में मीडिया समूह दैनिक भास्कर और भारत समाचार के विभिन्न शहरों में स्थित परिसरों पर गुरुवार को छापे मारे। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि छापेमारी भास्कर समूह के  भोपाल, जयपुर, अहमदाबाद और कुछ अन्य स्थानों पर की गयी है। वहीं भारत समाचार के प्रमोटर्स और एडिटर-इन-चीफ के ठिकानों पर भी आयकर विभाग की तरफ से कार्रवाई की गयी है।

हालांकि अभी तक विभाग या उसके नीति निर्माण निकाय से किसी तरह की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है लेकिन आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई विभिन्न राज्यों में संचालित हिंदी मीडिया समूह के प्रमुखों के खिलाफ चल रही है। कांग्रेस नेता एवं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने ट्विटर पर कहा कि आयकर विभाग के अधिकारी समूह के करीब छह परिसरों पर “मौजूद हैं”। इनमें राज्य की राजधानी भोपाल में प्रेस कॉम्प्लेक्स में उसका कार्यालय भी शामिल है। बताते चलें कि कोरोना संकट के दौरान दैनिक भास्कर की तरफ से कई ग्राउंड रिपोर्ट किए गए थे।

बताते चलें कि आयकर विभाग की तरफ से यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब संसद का मॉनसून सत्र चल रहा है। विपक्षी दल पेगासस जासूसी मामले को लेकर सरकार पर लगातार हमलावर रहे हैं। मंगलवार को कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी पार्टियों ने संसद के दोनों सदनों में यह मुद्दा उठाते हुए कार्यवाही बाधित कर दिया था। विपक्षी सदस्यों ने पत्रकारों, नेताओं, मंत्रियों, न्यायाधीशों और अन्य लोगों की इजराइली पेगासस स्पाईवेयर से जासूसी कराए जाने के आरोपों पर दोनों सदनों में जमकर विरोध जताया था।

बकरीद पर कश्मीर में गोवंश और दूसरे जानवरों की कुर्बानी पर प्रशासनिक रोक

बकरीद से पहले कश्मीर में प्रशासन का बड़ा फैसला, इन पशुओं की कुर्बानी पर लगी रोक जम्मू कश्मीर में प्रशासन ने बकरीद के मौके पर गोवंश समेत कई जानवारों की कुर्बानी देने पर रोक लगा दी है। यदि कोई ऐसा करता है तो फिर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जम्मू/कश्मीर/चंडीगढ़:

जम्मू कश्मीर में प्रशासन ने बकरीद के मौके पर गोवंश समेत कई जानवारों की कुर्बानी देने पर रोक लगा दी है। यदि कोई ऐसा करता है तो फिर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गुरुवार को प्रशासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है, ‘गोवंश, ऊंटों या अन्य जानवरों की अवैध हत्या या कुर्बानी को रोका जाना चाहिए।’ पशुओं के कल्याण के लिए बने कानूनों का हवाला देते हुए प्रशासन ने यह रोक लगाई है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि प्रशासन की ओर से जानवरों की कुर्बानी पर पूरी तरह से बैन लगाया गया है या फिर गोवंश और कुछ अन्य पशुओं को लेकर ही यह आदेश दिया गया है।

इस संबंध में निदेशक योजना, जम्मू-कश्मीर पशु और भेड़ पालन और मत्स्य पालन विभाग ने कश्मीर और जम्मू दोनों क्षेत्रों के संभागीय आयुक्तों और आईजीपी को एक पत्र लिखकर इन जानवरों के वध पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है. 

भारत के पशु कल्याण बोर्ड, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय, भारत सरकार से प्राप्त एक आधिकारिक पत्र संख्या: 9-2/2019-20/पीसीए दिनांक 25.06.2021 का जिक्र करते हुए, संचार पढ़ता है:

“इस संबंध में 21-23 जुलाई, 2021 से निर्धारित बकरा ईद त्योहार के दौरान जम्मू-कश्मीर के केंद्रशासित प्रदेश में बड़ी संख्या में बलि देने वाले जानवरों की हत्या की संभावना है और पशु कल्याण बोर्ड ऑफ इंडिया ने पशु कल्याण के मद्देनजर सभी के कार्यान्वयन के लिए अनुरोध किया है. पशु कल्याण कानूनों को सख्ती से लागू करने के लिए एहतियाती उपाय. पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960; पशु कल्याण नियम, 1978 का परिवहन; पशुओं का परिवहन (संशोधन) नियम, 2001; स्लॉटर हाउस नियम, 2001; म्युनिसिपल लॉ एंड फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने त्योहार के दौरान जानवरों (जिसके तहत ऊंटों का वध नहीं किया जा सकता) के वध के निर्देश दिए हैं. 

अखिलेश के बाद मायावती ने आतंकियों की गिरफ्तारी पर राजनीति चमकाई

अखिलेश यादव ने अलकायदा आतंकियों की गिरफ़्तारी पर उन्होंने कहा कि वो न तो यूपी पुलिस और न ही भाजपा की सरकार पर भरोसा कर सकते हैं। बता दें कि मैंगो बेल्ट काकोरी के एक मकान से ATS ने मसरुद्दीन और मिनहाज अहमद नामक दो आतंकियों को दबोचा। ये आतंकी देश के कई हिस्सों में बम ब्लास्ट की योजना बना रहे थे, जिसमें मानव-बम से हमले भी शामिल थे। जहाँ अहमद दुबग्गा का निवासी है, मसरुद्दीन मड़ियाँव में रहता था।

  • यूपी एटीएस और पुलिस ने अलकायदा के दो संदिग्ध आतंकियों को किया गिरफ्तार
  • अखिलेश यादव ने उठाए सवाल की यूपी पुलिस पर नहीं है भरोसा
  • अब मायावती ने भी खड़े किए सवाल, बोलीं- अब तक बेखबर क्यों रही पुलिस
  • मायावती ने कहा कि आतंकी पकड़े जाने की आड़ में राजनीति नहीं होनी चाहिए

लखनऊ/दिल्ली:

बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी पर कहा कि इसकी आड़ में राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर दावा सही है तो यह गंभीर मामला है और कार्रवाई जरूर होनी चाहिए।

‘..आड़ में न हो राजनीति’
मायावती ने ट्वीट किया, ‘यूपी पुलिस का लखनऊ में आतंकी साजिश का भंडाफोड़ करने व इस मामले में गिरफ्तार दो लोगों के तार अलकायदा से जुड़े होने का दावा अगर सही है तो यह गंभीर मामला है। इस पर उचित कार्रवाई होनी चाहिए वरना इसकी आड़ में कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए जिसकी आशंका व्यक्त की जा रही है।’

भारत से की जा रही थीं भर्तियां

ADG प्रशांत कुमार ने इस ऑपरेशन के बारे में जानकारी देते हुए कहा, उम्र-अल-मंदी द्वारा अलकायदा  में इंडिया से भर्ती की जा रही थीं। यहां कुछ जिहादी लोगों को चिन्हित किया गया था. लखनऊ में मॉडल खड़ा करने की तैयारी में ये लोग लगे हुए थे। मॉडल के प्रमुख सदस्य मसरुद्दीन और शकील बड़ी साजिश रच रहे थे। एडीजी के मुताबिक 15 अगस्त से पहले उत्तर प्रदेश में विस्फोट (Blast) करने की साजिश रची जा रही थी।

कैसे हत्थे चढ़े आतंकी

यूपी एटीएस की टीम ठाकुरगंज इलाके के फरीदीपुर में पहुंची. वहां पर दो घरों मे सर्च ऑपरेशन किया गया. यूपी एटीएस के साथ लोकल पुलिस भी रेड में शामिल रही. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आसपास के इलाकों में भी पुलिस तैनात की गई थी।  सूत्रों के मुताबिक छोटे ब्लास्ट की वजह से UP-ATS को इन आतंकियों के बारे में सुराग मिला। आशंका है कि इलाके में कुछ और आतंकी भी छिपे हो सकते हैं। आतंकियों की गिरफ्तारी की सूचना मिलने पर जम्मू-कश्मीर के पुलिस अफसरों ने भी यूपी पुलिस से संपर्क साधा है। इधर यूपी ATS का सर्च ऑपरेशन जारी है।

अखिलेश यादव ने अलकायदा आतंकियों की गिरफ़्तारी पर उन्होंने कहा कि वो न तो यूपी पुलिस और न ही भाजपा की सरकार पर भरोसा कर सकते हैं। बता दें कि मैंगो बेल्ट काकोरी के एक मकान से ATS ने मसरुद्दीन और मिनहाज अहमद नामक दो आतंकियों को दबोचा। ये आतंकी देश के कई हिस्सों में बम ब्लास्ट की योजना बना रहे थे, जिसमें मानव-बम से हमले भी शामिल थे। जहाँ अहमद दुबग्गा का निवासी है, मसरुद्दीन मड़ियाँव में रहता था।

इससे पहले राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने पश्चिम बंगाल और केरल में अलकायदा के मॉड्यूल का खुलासा किया था। केरल के एर्नाकुलम और पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद से इन आतंकियों की गिरफ़्तारी हुई थी। ये लोग कोच्चि नौसेना बेस और शिपयार्ड्स को निशाना बनाने वाले थे। बिहार पुलिस भी लखनऊ में अलकायदा आतंकियों की गिरफ़्तारी के बाद अलर्ट पर है। देश के कई हिस्सों में अलकायदा के स्लीपर सेल मौजूद हैं, इनकी फंडिंग पर रोक लगा कर उनके नेटवर्क को ध्वस्त करना मुख्य चुनौती है।

एक भाजपा सांसद के अलावा कई अन्य भाजपा नेता इन आतंकियों के निशाने पर थे। आसपास के घरों में इन आतंकियों के साथियों के ठिकाने हो सकते हैं, इसीलिए उनकी भी तलाशी हो रही है। सीरियल ब्लास्ट की साजिश पाकिस्तान में रची गई थी और अफगानिस्तान में इस पर ‘रिसर्च’ हुआ था। आसपास के 500 मीटर के दायरे में सारे घरों को खाली करा लिया गया। जल्द ही कई और खुलासे होने की संभावना है।

कश्मीर से उत्तराखंड तक बारिश का कहर

हिमाचल प्रदेश में मानसून का इंतजार कर रहे लोगों के लिए रविवार का दिन शानदार खबर लेकर आया है जहां कई जगहों पर खूब बारिश हुई। लेकिन कई जगहों पर इस कदर तेज बारिश हुई कि तबाही जैसे हालात पैदा हो गए। राज्य के प्रसिद्ध पर्यटन भागसू में रविवार को बादल फट गया जिसके बाद हालात बेकाबू हो गए हैं और सड़क पर खड़ी गाड़ियां ऐसे बहने लगी मानों ताश के पत्ते बह रहे हों। इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि भारी बारिश के बाद सड़कों पर बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं और लोग घरों के अंदर नजर आए।

  • राजस्थान में आकाशीय बिजली गिरने से हुई मौतों पर पीएम मोदी ने दुख जताया।
  • राजस्थान के अलावा आकाशीय बिजली ने यूपी में भी तांडव मचाया है। अलग-अलग जिलों में हुई घटनाओं में करीब 40 लोगों की मौत हो गई।
  • जयपुर में आमेर किले के पास वॉच टावर पर सेल्फी ले रहे लोगों पर गिरी बिजली, 11 की मौत
  • राजस्थान पर टूटा आकाशीय बिजली का कहर, 7 बच्चों सहित 20 से ज्यादा लोगों की मौत, 21 घायल
  • खराब मौसम के बीच बिजली गिरने से उत्तर प्रदेश में कई लोगों की मौत

चण्डीगढ़/जम्मू/हिमाचल/मोहिंदर सिंह द्वारा इनपुट से:

मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 13 जुलाई को और 14 से 16 जुलाई तक भारी बारिश हो सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत कांगड़ा जिले में सभी विभागों के जिले के अधिकारियों को अलर्ट पर रहने का आदेश दिया गया है।

करीब एक महीने तक शांत रहा मानसून दोबारा एक्टिव हो गया है। राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के कई जिलों में एक-दो दिन से रुक-रुककर बारिश जारी है तो मध्य प्रदेश में 17 जुलाई से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बिहार के 14 जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां 7.5 से 15 मिमी तक बारिश हो सकती है।

हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में और जम्मू-कश्मीर में बादल फटने की घटना सामने आई है। शिमला सहित कई जिलों में रविवार रात से भारी बारिश हो रही है। इस कारण नदी-नाले उफान पर हैं। कई जगह बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। कुल्लू की सरवरी नदी भी उफान पर है। इससे किनारे पर बसी झुग्गी बस्तियों पर खतरा पैदा हो गया है।

नदी का पानी झुग्गी बस्ती के बीच में बह रहा है। लोगों ने अपनी झुग्गियां खाली करनी शुरू कर दी हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। शिमला में भारी बारिश के बाद झाकरी और रामपुर से गुजरने वाला नेशनल हाईवे ब्लॉक हो गया है।

उधर, सेंट्रल कश्मीर के गांदरबल में रविवार देर रात बादल फटने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। घरों में पानी घुस गया है। कई दुकानें और सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। घटना के बाद J&K प्रशासन ने रात में ही राहत और बचाव का काम शुरू कर दिया। प्रशासन का कहना है कि हालात फिलहाल काबू में हैं।

PM मोदी द्वारा मुश्किल के इस क्षण में हिमाचल प्रदेश को प्रदान किए जा रहे सहयोग के लिए समस्त प्रदेशवासियों की ओर से आभार। हिमाचल में भारी बारिश के कारण पेश आई प्राकृतिक आपदा में प्रधानमंत्री जी का सहारा मिलना सभी प्रदेशवासियों के लिए राहत का विषय है:हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री

महाराष्ट्र में ‘पैगंबर मुहम्मद बिल’ के लिए बनाया जा रहा राजनैतिक दबाव

विचारणीय है कि ईश निंदा कानून की मांग वह समुदाय कर रहा है जिसे किसी के भी खिलाफ ‘फतवा’ पढ़ने की छूट है। ईशनिंदा कानून नहीं होने के बावजूद कट्टर मुस्लिमों को पैगंबर के कथित ‘अपमान’ के बदले के तौर पर हत्या और आगजनी करने से रोका नहीं गया। कई साल पहले पैगम्बर मुहम्मद को लेकर दिए गए बयान के बदले के तौर वर्ष 2019 में हिंदू महासभा के पूर्व नेता कमलेश तिवारी के घर में घुसकर कट्टरपंथी मुस्लिमों ने उनकी बेरहमी से हत्या कर दी थी। और दूसरी ओर कड़े कानून के अभाव में या फिर कहें की मौजूदा कानून में लचीले पन के कारण अकबरुद्दीन ओवैसी जैसे जहरीले बोल बोलने वाले, संसद – प्रधान मंत्री के साथ साथ हिन्दू देवी देवताओं पर अति अभद्र टिप्पणियाँ करने वाले लोग कानूनी कार्यवाही के ढुलमुल रवैये के कारण खुले में घूम रहे हैं। अब दूसरी बात यहाँ यह भी उठती है की इशनिन्दा कानून की मांग ‘महाराष्ट्र ही में क्यों उठी?

सरीका तिवारी, चंडीगढ़/ पुणे:

महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार पहले भी मुस्लिम तुष्टीकरण की कई हदें पार कर चुकी है। अब इस पैगंबर कानून को ला कर कहीं महाराष्ट्र में शरिया लागू करने की ओर एक कदम तो नहीं?

महाराष्ट्र में रज़ा अकादमी और तहफ़ुज़ नमूस-ए-रिसालत बोर्ड व प्रकाश अंबेडकर के नेतृत्व वाले वंचित बहुजन अघाड़ी (VBA) ने महाराष्ट्र सरकार पर ‘पैगंबर मुहम्मद बिल’ लाने के लिए दवाब बनाने की कोशिश की है। ताकि पैगंबर मुहम्मद समेत दूसरे धर्मों के प्रतीकों के खिलाफ ईशनिंदा कानून लाया जा सके।

एक राष्ट्रिय दैनिक में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस बिल के ड्राफ्ट को तैयार कर लिया गया है। इस बिल को ‘पैगंबर मुहम्मद बिल’ के रूप प्रमोट किया जा रहा है। इसका टाइटल ‘पैगंबर मुहम्मद और अन्य धार्मिक प्रमुखों की निंदा अधिनियम, 2021’ या ‘अभद्र भाषा (रोकथाम) अधिनियम, 2021’ रखा गया है।

महाराष्ट्र में अपना दबदबा रखने वाले मुस्लिम संगठन रज़ा अकादमी ने एक तरह से चेतावनी दी है कि ‘तहफ़ुज़ ए नमूस ए रिसालत’ विधेयक विधानसभा में पारित किया जाए। अन्यथा वो देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करेंगे।

वहीं ऑल इंडिया सुन्नी जमीयतुल उलेमा के अध्यक्ष मौलाना मोइन अशरफ कादरी (मोइन मियाँ) ने कहा, “यह हमारा सुझाव है, लेकिन सरकार इस बिल को जो नाम देना चाहे दे सकती है। हमारी माँग है कि हमारे पवित्र पैगंबर और सभी देवी-देवताओं और धर्मगुरुओं की निंदा, उपहास और अपमान को रोकने के लिए कड़ा कानून होना चाहिए। साम्प्रदायिक लड़ाइयाँ इसलिए हो रही हैं क्योंकि हमारा मौजूदा कानून उपद्रवियों को रोक पाने में असफल है।”

संविधान की धारा 295 (A) और ‘रंगीला रसूल’ का केस

भारत में ईशनिंदा से जुड़ा कोई कानून नहीं है। लेकिन, भारतीय दंड संहिता में एक कानून ऐसा है जो जानबूझकर किसी की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वालों के खिलाफ जेल और जुर्माने का प्रावधान करता है। आईपीसी की धारा 295 (A) के तहत अगर आरोपित ने ‘जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण इरादे से’ किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाई है तो उसे जुर्माने के साथ 3 साल तक की सजा हो सकती है।

इंडियन पीनल कोड की धारा 295 (A) का मामला बहुत ही दिलचस्प रहा है। इसकी शुरुआत वर्ष 1923 में गुलाम भारत में हुई थी। उस दौरान कट्टरपंथी मुस्लिमों ने भगवान श्री कृष्ण समेत दूसरे देवी देवताओं को लेकर अपमानजनक और अश्लील भाषा का इस्तेमाल करते हुए ‘कृष्ण तेरी गीता जलानी पड़ेगी’ और ‘यूनिसेवी सादी का महर्षि’ नाम की दो अत्यधिक विवादित पुस्तकें प्रकाशित की। पहले में भगवान श्री कृष्ण तो दूसरे में आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती को लेकर बहुत ही अपमानजनक टिप्पणी की गई थी। खास बात ये है कि इस पुस्तक को एक अहमदी मुस्लिम ने लिखा था। उस समय तक धारा 295(A) अस्तित्व में नहीं था।

मुस्लिमों की इस हरकत के जवाब में महाशय राजपाल के करीबी दोस्त पंडित चामुपति लाल ने इस्लामिक पैगंबर मोहम्मद की एक छोटी सी जीवनी लिखी। ‘रंगीला रसूल’ के शीर्षक वाला यह छोटा पैम्फलेट पैगंबर मोहम्मद के जीवन पर एक व्यंग्यपूर्ण कहानी थी। इसकी संवेदनशीलता को देखते हुए पंडित चामुपति ने महाशय राजपाल से वादा लिया कि वह कभी भी इसके लेखक के नाम को उजागर नहीं करेंगे।

यह पैम्फलेट ऐतिहासिक रूप से हदीसों के इतिहास पर आधारित था और पूरी तरह से सटीक था। लेकिन इससे लाहौर के मुस्लिम पूरी तरह से आक्रोशित हो उठे। यह ऐसा मामला था कि लोगों ने इसे हाथों-हाथ लिया और इसका पहला संस्करण बहुत ही जल्द बिक गया। इसके प्रकाशित होने के करीब एक महीने के बाद जून 1924 में महात्मा गाँधी ने अपने साप्ताहिक ‘यंग इंडिया’ जर्नल में इसकी कड़ी निंदा करते हुए कहा था कि यह राष्ट्रीय मुद्दा बन गया है।

इस मामले में लाहौर उच्च न्यायालय ने एक फैसले में कहा था कि यह लेख मुस्लिम समुदाय को ‘आक्रोशित’ करने वाला था। कानूनी तौर पर इसका अभियोजन इसलिए संभव नहीं है, क्योंकि धारा 153 (A) के तहत लेखन विभिन्न धार्मिक समुदायों के बीच दुश्मनी या नफरत का कारण नहीं बन सकता। कोर्ट के फैसले के बाद मुस्लिमों के आक्रोश ने तत्कालीन शाषकों को कानून बदलने और धारा 295 (A) लागू करने के लिए मजबूर कर दिया था।

घटना के बाद 6 सितंबर, 1929 को इल्म उद दीन नाम के एक 19 वर्षीय मुस्लिम बढ़ई ने अपनी दुकान के बाहरी बरामदे में बैठे हुए महाशय राजपाल की छाती पर आठ बार हमला किया। चोट लगने से महाशय राजपाल की मौत हो गई।

सबसे खास बात यह थी कि इल्म उद दीन खुद अनपढ़ था और उसने अपने जीवन में रंगीला रसूल या कोई दूसरी किताब नहीं पढ़ी थी। बावजूद इसके मुस्लिम संगठनों और मौलानाओं ने उसके अंदर इतनी नफरत भर दिया था कि उसने महाशय राजपाल की हत्या कर दी। उसे लगा कि राजपाल ने ‘ईशनिंदा’ की है।

जब इल्म उद दीन को हत्या का दोषी ठहराया गया था तो उर्दू कवि इकबाल और जिन्ना ने हत्या जैसे जघन्य अपराध को एक शानदार धार्मिक कार्य बताते हुए उसकी सराहना की थी।

हत्यारे इल्म उद दीन को धार्मिक नायक बताते हुए ‘गाजी’ के रूप में उसका महिमामंडन किया गया। पाकिस्तान में उसकी एक मजार भी है। मजार में वार्षिक उर्स आयोजित किया जाता है। वहाँ पर मुस्लिम ‘गाजी इल्म उद दीन’ को श्रद्धाँजलि देते हैं।

ध्यान देने वाली बात यह है कि ईशनिंदा कानून नहीं होने के बावजूद कट्टर मुस्लिमों को पैगंबर के कथित ‘अपमान’ के बदले के तौर पर हत्या और आगजनी करने से रोका नहीं गया। कई साल पहले पैगम्बर मुहम्मद को लेकर दिए गए बयान के बदले के तौर वर्ष 2019 में हिंदू महासभा के पूर्व नेता कमलेश तिवारी के घर में घुसकर कट्टरपंथी मुस्लिमों ने उनकी बेरहमी से हत्या कर दी थी।

वर्ष 2020 में एक विधायक के रिश्तेदार ने कथित तौर पर मोहम्मद पैगंबर पर फेसबुक में टिप्पणी कर दी थी, जिसके बाद हिंसक भीड़ ने दो पुलिस स्टेशनों को आग लगा दी। इसी तरह से 2015 में फ्रेंच मैगजीन शार्ली हेब्दो के ऑफिस में घुसकर 12 लोगों की हत्या कर दी गई थी।

माधोक के विद्यार्थी परिषद ने किया 73वें वर्ष में प्रवेश

‘पुरनूर’ कोरल, चंडीगढ़ :

आज से ठीक 72 वर्ष पहले यानि 9 जुलाई 1949 को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कार्यकर्ता प्रो बलराज मधोक ने स्थापना की।
संघ परिवार के सदस्यों मे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को अग्रज की संज्ञा दी जाए तो गलत न होगा। इसके बाद ही शिक्षा परिषद , जनसंघ और अन्य संस्थान अस्तित्व में आये । भारतीय जनता पार्टी का सृजन तो आपातकाल के बाद किया गया।

दृढ़ निश्चयी , अनुशासित, राष्ट्रवाद के पुरोधा, विचारक आदि नाना प्रकार के गुणों से प्रोत मधोक को भले ही उतना महत्व न दिया जाता हो लेकिन तथा कथित राष्टवादी और हिन्दूवादी संगठनों द्वारा उठाये जा रहे मुद्दे असल मे उन्हीं की देन हैं।

भारत पर गौहत्या पर प्रतिबंध लगाने की माँग करने वाले बलराज मधोक पहले शख़्स थे. उन्होंने पूरे भारत में घूम कर गौ हत्या विरोध का माहौल बनाने की कोशिश की थी। वो पहले नेता थे जिन्होंने 1968 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद हिंदुओं के हवाले करने की माँग उठाई थी, उसके बदले में उन्होंने हिंदुओं द्वारा मुसलमानों के लिए उसके बदले एक भव्य मस्जिद बनाने की पेशकश की ।

“मुसलमानों को भारत की मुख्यधारा में लाने की ज़रूरत है.

उदारवादी बलराज मधोक ने कहा था, “मुसलमानों को भारत की मुख्यधारा में लाने की ज़रूरत है. उसके लिए दो क़दम ज़रूरी है. पहला क़दम ये है कि उनके दिमाग से निकालो कि मुसलमान बनने के कारण तुम्हारी संस्कृति बदल गई. संस्कृति तुम्हारी वही है जो भारत की है. भाषा तुम्हारी वही है जो तुम्हारे माँ बाप की थी। उर्दू हिंदी का एक स्टाइल है, मैं भी उसे पसंद करता हूँ, क्योंकि मेरी शिक्षा भी उर्दू मे हुई है. लेकिन उर्दू मेरी भाषा नहीं है, मेरी भाषा पंजाबी है”।

भारत विभाजन के विरोधी मधोक ने 1947 में हुए भारत विभाजन को कभी स्वीकार नहीं किया और जीवनभर हर मंच पर उसका विरोध करते रहे और अखंड भारत का सपना देखते रहे।

सांझा संस्कृति की बात भारत विभाजन के साथ ही समाप्त हो गयी थी।

मधोक का कहना था, “दुर्भाग्य ये हुआ कि उस समय हमने विभाजन तो स्वीकार कर लिया लेकिन उससे निकलने वाले परिणामों को अनदेखा कर दिया. विभाजन ने दो बातें साफ़ कर दीं, ये जो साझा संस्कृति को जो बात थी वो ख़त्म हो गई। हर मुल्क की साझा संस्कृति होती है लेकिन कोई इसे साझा नहीं कहता। “गंगा के अंदर अनेक नदियाँ मिलती हैं , लेकिन मिलने के बाद गंगा जल हो जाता है. ये गंगा – जमुनी की बात ग़लत है। जब जमुना गंगा मे मिल जाती है तो कोई गंगा के पानी को गंगा -जमुनी पानी नहीं कहता, वह गंगाजल कहलाता है।”

भले ही अपनी बेबाकी की वजह से संघ के राजनीतिक पटल पर अड़ियल कार्यकर्ता के रूप में दिखे और छद्दम संघियों की राजनीति का शिकार हुए लेकिन प्रो बलराज मधोक के योगदान अविस्मरणीय हैं।

ट्विट्टर ने रोका आईटी मंत्री का अकाउंट, ‘Koo’ उपलब्ध है, क्या पीएम का Make In India जुमला भर है?

  नाइजीरिया सरकार ने माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर (Twitter) को अनिश्चित काल के लिए बैन कर दिया है। वहीं, कू (KOO) ने शनिवार को कहा कि अब भारतीय माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म नाइजीरिया में भी उपलब्ध है। इसके साथ ही कू ने कहा कि वह नाइजीरिया में यूजर्स के लिए नई स्थानीय भाषाएं जोड़ने की इच्छुक है। और यहाँ भारत में ट्विट्टर अपनी मनमानियों से बाज नहीं आ रहा। अब ट्विट्टर ने भारत के केन्द्रीय आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद का अकांउट एक घंटे के लिए ब्लॉक कर दिया। भारत में केंद्र की भाजपा सरकार किंकर्त्व्यविमूढ़ बनी बैठी है की कब एक घंटे का अवरोध समाप्त हो और वह कुछ काम कर सकें। व्देशी माल के प्रति मोह भारत की आम जनता ही में नहीं अपितु मेक इन इंडिया का नारा देने वाली भाजपा सरकार में भी यह पराकाष्ठा की हद तक है। पहले ‘Telegram’ अब ‘Koo’ ‘मोदी का जुमला भर है ‘Make In India’

सोशल मीडिया कंपनी ट्विटर ने आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद का अकांउट एक घंटे के लिए ब्लॉक कर दिया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक ट्विटर ने अमेरिकी कानून का हवाला देते हुए केंद्रीय मंत्री का ट्विटर अकाउंट ब्लाक किया था। हालाँकि चेतावनी देने के बाद फिर से अकाउंट को बहाल कर दिया गया है।

साफ ज़ाहिर है की प्रधानमंत्री के लिए भी ‘Make In India’ मात्र जुमला ही है। ट्विट्टर ने भारतीय घरों में प्रवेश से पहले यह अनुमति नहीं मांगी थी की भारत की केन्द्रीय सरकार के मंत्री ट्विट्टर पर ही अपनी बात कहने के लिए बाध्य होंगे। खास कर तब जब हमारे पास ट्विट्टर का देसी विकल्प ‘Koo’ मौजूद है तब प्रधानमंत्री या बाकी सब भी ‘KOO’ को क्यों नहीं अपनाते? जब तक प्रधानमंत्री और उनका मंत्रिमंडल इस भारतीय एप को नहीं अपनाएगा तब तक आम जन की तो क्या ही कहिए।

रविशंकर प्रसाद ने खुद ट्वीट करके खुद इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया, “ट्विटर ने कथित आधार पर लगभग एक घंटे तक के लिए मेरा अकाउंट बंद कर दिया। इसके पीछे उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका के डिजिटल मिलेनियम कॉपीराइट एक्ट के उल्लंघन का मामला बताया। हालाँकि बाद में अकाउंट को खोल दिया गया।”

आईटी मंत्री ने बताया कि ट्विटर की कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशा-निर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के नियम 4 (8) का घोर उल्लंघन था। ट्विटर उनका अकाउंट ब्लॉक करने से पूर्व इसकी सूचना देने में असफल रहा।  

धार्मिक ही नहीं सामाजिक महत्व भी रखता है माता खीर भवानी का मेला

कश्मीर में आतंक का साया होने के बाद भी हर साल हज़ारों की संख्या में देश और दुनिया में बसे कश्मीरी पंडित मेले में शामिल होने के लिए आते हैं। इस यात्रा के लिए सरकार की तरफ से भी यात्रियों की सुविधा के लिए पर्याप्त इंतज़ाम किए जाते हैं और उन्हें हरसंभव सहायता दी जाती है। लेकिन दुर्भाग्य से लोग इस साल मेले का आनंद नहीं ले पाएंगे। क्षीर भवानी माता के लिए लोगों की आस्था के कारण आज क्षीर भवानी मेले में न सिर्फ कश्मीरी पंडित बल्कि अन्य राज्य के लोग भी भाग लेते है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि माता क्षीर भवानी कौन थी और आखिर मंदिर में मौजूद कुंड कैसे अपना रंग बदल लेता है? अगर नहीं जानते तो आज इस लेख में आपको क्षीर भवानी के विषय में पूरी जानकारी दी जाएगी। उम्मीद करते हैं कि इस लेख में चमत्कारी क्षीर भवानी मंदिर और मेले के बारे में बताई गयी बातों को पढ़ने के बाद मेले के आयोजित न होने की निराशा में थोड़ी कमी आएगी

धर्म/संस्कृति डेस्क, डेमोक्रेटिकफ्रंट॰कॉम – चंडीगढ़ :

कौन हैं माता क्षीरभवानी? 

श्रीनगर से 24 किलोमीटर दूर कश्मीर घाटी में स्थित खीर भवानी मंदिर हिंदू देवी रगन्या को समर्पित है। क्षीरभवानी माता, को शामा नाम से भी जाना जाता था। दंतकथाओं के अनुसार माता रगन्या पहले श्रीलंका में विराजमान थीं, लेकिन रावण के शासनकाल के दौरान वे श्रीलंका से कश्मीर आ गईं। ऐसा कहा जाता है कि वैष्णवी प्रवृत्ति होने के चलते माता रगन्या राक्षसों के तौर-तरीकों और उनकी गलत कर्मों से नाराज़ हो गईं। रावण के पाप का घड़ा जब भर गया तो भगवान श्रीराम का आगमन वहां हुआ और उन्होंने रावण का वध कर दिया। 

रावण की मृत्यु के बाद श्रीराम ने हनुमानजी को आदेश दिया कि वे मां को उनके मनचाहे स्थान पर छोड़ आएं। माता क्षीर भवानी ने सतीसर (कश्मीर भूमि) जाने की इच्छा ज़ाहिर की। तब देवी रगन्या की आज्ञा का पालन करते हुए हनुमानजी उन्हें 360 नागों के साथ श्रीनगर ले आए। कश्मीर में गंदरबल जिले के तुलमुला क्षेत्र में माता क्षीरभवानी का प्रमुख मंदिर स्थापित है, जिसकी स्थापना महाराजा प्रताप सिंह ने की थी। इस मंदिर में पानी का एक कुंड भी है, जिसे चमत्कारिक माना जाता है। 

हज़ारों दीये और विशेष खीर से होती है माँ की पूजा 

क्षीरभवानी मेले के समय क्षीर भवानी मंदिर में माहौल भक्तिमय बना रहता है। माता के मंदिर में सुबह और शाम दो समय आरती का आयोजन होता है, जिसमें एक साथ हजारों दीये जलाये जाते हैं। एक साथ इतने सारे दीयों को जलना लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र रहता है। सूरज की पहली किरण के साथ ही मंदिर में भक्तों का पहुँचना शुरू हो जाता है। 

पूजा के दौरान मां का श्रृंगार कर विभिन्न किस्म का भोग लगाया जाता है। प्रसाद के रूप में ड्राई फ्रूट, कंड(शूगर कैंडी से बना)दूध और विशेष रूप से खीर चढ़ाई जाती है। मंदिरों में फूलों से विशेष सजावट की जाती है। मेले के दौरान सड़क से लेकर मंदिर परिसर तक दर्जनों स्टाल लगाए जाते हैं। ये स्टाल वहां के स्थानीय लोग लगाते हैं। क्षीर भवानी मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा भजन कीर्तन भी किया जाता है। इस साल मेला नहीं लगने से वहां के कई स्थानीय लोग, जो मेले के आसपास दुकानें लगाते थे और जिनकी कमाई में इससे बढ़ोतरी होती थी, वो लोग मुश्किल मे आ जाएंगे।

भविष्‍यवाणी करता है क्षीरभवानी मंदिर का कुंड 

श्रीनगर से 24 किलोमीटर की दूरी पर स्थित माता क्षीरभवानी मंदिर में एक रहस्य्मयी पानी का कुंड भी है। इस कुंड के विषय में यह कहा जाता है कि दुनिया में जब भी कोई आपदा आने  वाली होती है, तो इस कुंड के पानी का रंग बदल जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार माता आज भी इस जलकुंड में वास करती हैं। कश्मीरी पंडित लोगों का कहना है कि 90 के दशक में जब कश्मीर में हालात खराब हो गए थे, तो उस समय इस जल कुंड का रंग एकदम काला हो गया था, जो कि बुरे समय का प्रतीक है। हर साल ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की अष्टमी में होने वाले पूजा से पहले इस कुंड में वहाँ के पुरोहित दूध और खीर डालते हैं। इस खीर से कुंड का पानी रंग बदल जाता है। इस कुंड और मंदिर के दर्शन करने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं।  

 मां क्षीर भवानी का मेला सिर्फ मेला न होकर मिलन स्थली है, अपनी जड़ों से जुड़ने, अपनी साझा विरासत को फिर से मजबूत बनाने का जरिया है। कई लोगों के लिए यह मेला उनके घर में चूल्हा जलाने का जरिया है। कोरोना के संक्रमण के खतरे को देखते हुए इस बार यह मेला रद्द कर दिया गया है। इससे कश्मीर के कई लोग मायूस भी हैं क्योंकि इस बार उन्हें अपने पुराने दोस्तों, पड़ोसियों से मिलने का मौका नहीं मिलेगा। इस साल यह मेला 18 जून को है।

ज्येष्ठ अष्टमी के दिन माता क्षीर भवानी की वार्षिक पूजा होती है। आतंकवाद के कारण जब कश्मीरी पंडितों को वादी में सामूहिक पलायन करना पड़ा तो करीब तीन वर्ष तक मेले में लोगों की संख्या नाममात्र रही, लेकिन बाद में यह मेला फिर परवान चढ़ने लगा। बीते 30 सालों में यह मेला सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं रह गया बल्कि यह एक मिलन स्थली बन चुका है। देश-विदेश में बसे कश्मीरी पंडित ही नहीं, वादी के कई मुस्लिम परिवार भी तुलमुला गांदरबल में इस मेले का इंतजार करते हैं।

कश्मीरी हिन्दू वेलफेयर सोसाइटी के सचिव चुन्नी लाल ने कहा कि परिस्थितियां ही कुछ ऐसी हैं कि मेला स्थगित हुआ है। वर्ष 1991-92 के दौरान भी यहां मेला नहीं लगा था। हमारे कई रिश्तेदार जो यहां से चले गए हैं, वह इसी मेले में भाग लेने के लिए आते हैं। मेले के दौरान ही हमारा मिलना-जुलना होता है।

लॉकडाउन खुलते ही कश्मीर बुलाया

जम्मू में रहने वाले दीपक जी कौल ने कहा कि माता क्षीर भवानी का मेला हमारे लिए अपनी जड़ों से जुड़ने का मौका देता है। वर्ष 1996 के बाद से अपने पूरे परिवार के साथ तुलमुला जाता हूं। हमारे बच्चों को हमारी सभ्यता और संस्कृति का पता होना चाहिए, इसलिए उन्हें भी लेकर जाता हूं। नटीपोरा में हमारे एक पड़ोसी सुभान साहब अपने बेटे के साथ मेले में हमारा इंतजार करते हैं। इस बार नहीं जा रहे हैं। गत रविवार को ही उनसे फोन पर बात की है। उन्होंने मुझसे वादा लिया है कि लॉकडाउन खुलते ही मैं कश्मीर में पहुंच जाऊं।

स्थानीय लोगों को रोजगार भी देता है मेला

माता क्षीर भवानी का मेला स्थानीय अर्थव्यवस्था में भी सहयोग करता है। माता राघेन्या की पूजा के लिए श्रद्धालु जो थाली लेकर जाते हैं, उसमें दीया और दूध स्थानीय मुस्लिम समुदाय द्वारा उपलब्ध कराया जाता है। मेले के दौरान मंदिर में ही पूजा के लिए लगभग आठ हजार लीटर दूध चढ़ाया जाता है। करीब सवा लाख दीये आरती में इस्तेमाल होते हैं। यह सभी दीये स्थानीय कुम्हारों द्वारा बनाए जाते हैं। प्रत्येक दीये की कीमत उसके आकार के मुताबिक पांच रुपये से 50 रुपये तक होती है। खाने-पीने की सामग्री के स्टॉल भी खूब सजते हैं।

श्रीनगर के करालयार इलाके के रहने वाले सज्जाद अहमद ने कहा कि मेले में अगर 25 हजार श्रद्धालु आते हैं और औसतन एक श्रद्धालु पांच दीये खरीदे तो यह संख्या सवा लाख होगी। कई श्रद्धालु एक तो कई श्रद्धालु 11 दिए भी लेते हैं। इस बार अगर मेला नहीं होगा तो कई कुम्हार मुश्किल मे आ जाएंगे और उनमें एक मैं भी हूं।

rashifal

राशिफल, 17 जून

Aries

17 जून, 2021: स्वतः ही अपनी चिकित्सा करना घातक सिद्धा होगा। कोई भी औषधि लेने से पहले चिकित्सक की सलाह लें, नहीं तो लेने के देने पड़ सकते हैं। आर्थिक रुप से आज आप काफी मजबूत नजर आएंगे, ग्रह नक्षत्रों की चाल से आज आपके लिए धन कमाने के कई मौके बनेंगे. आपका जीवनसाथी आपकी सहायता करेगा और मददगार साबित होगा। जो भी बोलें, सोच-समझकर बोलें। क्योंकि कड़वे शब्द शांति को नष्ट करके आपके और आपके प्रिय के बीच दरार पैदा कर सकते हैं। यह वह दिन है जब आपको अपनी अहम योजनाओं पर रोशनी डालने के लिए ख़ास और बड़े लोगों से मिलना चाहिए। आपके घर वाले आज आपसे कई परेशानियां शेयर करेंगे लेकिन आप अपनी ही धुन में मस्त रहेंगे और खाली समय में कुछ ऐसा करेंगे जो करना आपको पसंद है। जीवनसाथी द्वारा परिवार और मित्रों के बीच नकारात्मक तरीक़े से आपके वैवाहिक जीवन की निजी बातें उजागर हो सकती हैं।   व्यक्तिगत समस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष : 8194959327

Taurus

17 जून, 2021: आपका ऊर्जा-स्तर ऊँचा रहेगा। आज आपका धन कई चीजों पर खर्च हो सकता है, आपको आज अच्छा बजट प्लान करने की आवश्यकता है इससे आपकी कई परेशानियां दूर हो सकती हैं। आपकी ज्ञान की प्यास आपको नए दोस्त बनाने में मददगार साबित होगी। थोड़े बहुत टकराव के बावजूद भी आज आपका प्रेम जीवन अच्छा रहेगा और आप अपने संगी को खुश रखने में कामयाब होंगे। कुछ लोगों को व्यापारिक और शैक्षिक लाभ मिलेगा। किसी वजह से आज आपके ऑफिस में जल्दी छुट्टी हो सकती है इसका आप फायदा उठाएंगे और अपने परिवार के लोगों के साथ कहीं घूमने जाएंगे। वैवाहिक जीवन में सब कुछ अच्छा महसूस होगा।   व्यक्तिगत समस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष : 8194959327

Gemini

17 जून, 2021:  सेहत अच्छी रहेगी। धन का आगमन आज आपको कई आर्थिक परेशानियों से दूर कर सकता है। आपका जीवनसाथी आपकी सहायता करेगा और मददगार साबित होगा। यह दिन प्रसन्नता और ज़िन्दादिली के साथ किसी ख़ास संदेश को भी देगा । बड़े उद्योगपतियों के साथ साझीदारी का व्यवसाय फ़ायदेमंद रहेगा। आपके घर का कोई सदस्य आज आपके साथ वक्त बिताने की जिद्द कर सकता है जिसके कारण आपका कुछ समय खराब हो जाएगा। आपका जीवनसाथी आपको इतना बेहतरीन पहले कभी महसूस नहीं हुआ। आपको उनसे कोई बढ़िया सरप्राइज़ मिल सकता है।  व्यक्तिगत समस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष : 8194959327

Cancer

17 जून, 2021: धैर्य बनाए रखें, क्योंकि आपकी समझदारी और प्रयास आपको सफलता ज़रूर दिलाएंगे। अपने जीवनसाथी के साथ मिलकर आज आप भविष्य के लिए कोई आर्थिक योजना बना सकते हैं और उम्मीद है कि यह योजना सफल भी होगी। बच्चे को अपनी उम्मीदों के मुताबिक़ प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित करें। हालाँकि किसी चमत्कार की उम्मीद न करें। आपका प्रोत्साहन निश्चित तौर पर बच्चे का आत्मविश्वास बढ़ाएगा। कुछ लोगों के लिए नया रोमांस ताज़गी लाएगा और आपको ख़ुशमिज़ाज रखेगा। काम पर लोगों के साथ मेलजोल में समझ और धैर्य से सावधानी बरतें। इस राशि के उम्रदराज जातक आज के दिन अपने पूराने मित्रों से खाली समय में मिलने जा सकते हैं। आज आपका वैवाहिक जीवन हँसी-ख़ुशी, प्यार और उल्लास का केन्द्र बन सकता है।   व्यक्तिगत समस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष : 8194959327

Leo
Leo

17 जून, 2021:   आपका उदार स्वभाव आज आपके लिए कई ख़ुशनुमा पल लेकर आएगा। आपके पास आज पैसा भी पर्याप्त मात्रा में होगा और इसके साथ ही मन में शांति भी होगी। ऐसे कामों में सहभागिता करने के लिए अच्छा समय है, जिसमें युवा लोग जुड़े हों। अपने प्रेम-प्रसंग के बारे में इधर-उधर ज़्यादा बातें न करें। कार्यक्षेत्र में आज आप अपने काम में प्रगति देखेंगे। आज जीवनसाथी के साथ समय बिताने के लिए आपके पास पर्याप्त समय होगा। आपके प्रेम को देखकर आज आपका प्रेमी गदगद हो जाएगा। पड़ोसियों का दख़ल शादीशुदा ज़िन्दगी में दिक़्क़त पैदा करने की कोशिश कर सकता है, लेकिन आप व आपके जीवनसाथी के बीच का बंधन बहुत मज़बूत है और इसे तोड़ना आसान नहीं है। व्यक्तिगत समस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष : 8194959327

Virgo

17 जून, 2021:  नर्वस ब्रेकडाउन आपकी सोचने की ताक़त और शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र को कमज़ोर बना सकता है। सकारात्मक सोच के ज़रिए इस समस्या से निजात पाएँ। बिन बुलाया कोई मेहमान आज घर में आ सकता है लेकिन इस मेहमान की किस्मत की वजह से आज आपको आर्थिक लाभ हो सकता है। अपने जीवन-साथी के साथ बेहतर समझ ज़िन्दगी में ख़ुशी, सुकून और समृद्धि लाएगी। रोमांस के लिए अच्छा दिन है। आपका रचनात्मक काम आस-पास के लोगों को अचरज में डाल देगा और आपको काफ़ी सराहना मिलेगी। जो लोग बीते कुछ दिनों से काफी व्यस्त थे उन्हें आज अपने लिए फुर्सत के पल मिल सकते हैं। आपके वैवाहिक जीवन में शारीरिक सुख के नज़रिए से कुछ ख़ूबसूरत परिवर्तन हो सकता है।  व्यक्तिगत समस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष : 8194959327

Libra
Libra

17 जून, 2021: आज के दिन आपके चेहरे पर मुस्कान बिखरी रहेगी और अजनबी भी जाने-पहचाने से महसूस होंगे। कोई बेहतरीन नया विचार आपको आर्थिक तौर पर फ़ायदा दिलायेगा। घरेलू मामलों और काफ़ी समय से लंबित घर के काम-काज के हिसाब से अच्छा दिन है। ख़याली परेशानियों को छोड़ें और अपने साथी के साथ रोमांटिक समय बिताएँ। आज के दिन आप सबके ध्यान का केंद्र होंगे और सफलता आपकी पहुँच में होगी। आपको अपने घर के छोटे सदस्यों के साथ वक्त बिताना सीखना चाहिए। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो आप घर में सद्भाभ बना पाने में कामयाब नहीं हो पाएंगे. आपका जीवनसाथी आपकी बहुत तारीफ़ करेगा और आप पर बहुत स्नेह उढ़ेलेगा।  व्यक्तिगत समस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष : 8194959327

Scorpio

17 जून, 2021:  धैर्य बनाए रखें, क्योंकि आपकी समझदारी और प्रयास आपको सफलता ज़रूर दिलाएंगे। आप अच्छा पैसा बना सकते हैं, बशर्ते आप पारंपरिक तौर पर निवेश करें। आज आपमें धैर्य की कमी रहेगी। इसलिए संयम बरतें, क्योंकि आपकी तल्ख़ी आस-पास के लोगों को दुःखी कर सकती है। आपका प्रेमी या प्रेमिका आज बहुत गुस्से में नजर आ सकते हैं इसकी वजह उनके घर की स्थिति होगी। अगर वो गुस्से में हैं तो उन्हें शांत करने की कोशिश करें। आप महसूस करेंगे कि आपकी रचनात्मकता कहीं खो गयी है और फ़ैसले करने में आपको ख़ासी दिक़्क़त का सामना करना पड़ेगा। आज आप फुर्सत के क्षणों में कोई नया काम करने का सोचेंगे लेकिन इस काम में आप इतना उलझ सकते हैं कि आपके जरुरी काम भी छूट जाएंगे । जीवनसाथी से बहुत ज़्यादा उम्मीदें रखना आपको वैवाहिक जीवन में उदासी की तरफ़ ले जा सकता है।  व्यक्तिगत समस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष :

Sagittarius

17 जून, 2021:  अपनी नकारात्मक भावनाओं और वृत्तियों पर लगाम लगाकर रखें। आपकी रुढ़िवादी सोच/ पुराने ख़याल आपकी प्रगति में रोड़ा बन सकते हैं, उसकी दिशा बदल सकते हैं और आपकी राह में आगे कई बाधाएँ खड़ी कर सकते हैं। कोई पुराना मित्र आज आपसे आर्थिक मदद मांग सकता है और यदि आप उसकी आर्थिक मदद करते हैं तो आपके आर्थिक हालात थोड़े तंग हो सकते हैं। दिन के उत्तरार्ध में अचानक आई कोई अच्छी ख़बर पूरे परिवार को ख़ुशी देगी। अपने दोस्त से बहुत लम्बे समय बाद मिलने का ख़याल आपके दिल की धड़कन को बढ़ा सकता है। हाल में विकसित किए गए व्यावसायिक संबंध आगे चलकर बहुत फ़ायदा देंगे। इस राशि के जातक आज के दिन अपने भाई-बहनों के साथ घर पर कोई मूवी या मैच देख सकते हैं। ऐसा करके आप लोगों के बीच प्यार में इजाफा होगा। आपको महसूस होगा कि आपका जीवनसाथी इससे बेहतर पहले कभी नहीं हुआ।  व्यक्तिगत स मस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष : 8194959327

Capricorn

17 जून, 2021:  अगर आप बहुत ज़्यादा तनाव महसूस कर रहे हैं, तो बच्चों के साथ अधिक समय बिताएँ। उनके प्यार भरे आलिंगन और मासूम मुस्कुराहट आपकी सभी परेशानियों को ख़त्म कर देंगे। कोई बेहतरीन नया विचार आपको आर्थिक तौर पर फ़ायदा दिलायेगा। परिवार के सदस्यों का आपके जीवन में विशेष महत्व होगा। आज के दिन अपने प्रिय की भावनाओं को समझें। मशहूर लोगों से मेलजोल आपको नई योजनाएँ और आइडिया सुझाएगा। दिल के करीबी लोगों के साथ आपका वक्त बिताने का मन करेगा लेकिन आप ऐसा कर पाने में सक्षम नहीं हो पाएंगे। आपको ख़ुश करने के लिए आपका जीवनसाथी काफ़ी कोशिशें कर सकता है।  व्यक्तिगत समस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष : 8194959327

Aquarius

17 जून, 2021:  लंबे समय से चली आ रही अपनी बीमारी का इलाज अपनी मुस्कान से करें, क्योंकि यह सभी परेशानियों की सबसे कारगर दवा है। आज इस राशि के कुछ बेरोजगार लोगों को नौकरी मिल सकती है जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुधरेगी। आपके आकर्षण और व्यक्तित्व के ज़रिए आपको कुछ नए दोस्त मिलेंगे। ज़ाहिर तौर पर रोमांस के लिए पर्याप्त मौक़े हैं- लेकिन ऐसा बहुत कम समय के लिए है। दफ़्तर में आपके दुश्मन भी आज आपके दोस्त बन जाएंगे – आपके सिर्फ़ एक छोटे-से अच्छे काम की बदौलत। आपका खाली वक्त आज किसी गैरजरुरी काम में खराब हो सकता है। यह दिन आपके जीवनसाथी का बेहतरीन पहलू आपको दिखाने वाला है।   व्यक्तिगत समस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष : 8194959327

Pisces

17 जून, 2021: आप अपने सकारात्मक रवैये और आत्मविश्वास की वजह से आस-पास के लोगों को प्रभावित करेंगे। सट्टेबाज़ी से फ़ायदा हो सकता है। आपकी ज्ञान की प्यास आपको नए दोस्त बनाने में मददगार साबित होगी। आपके प्रिय/जीवनसाथी का फ़ोन आपका दिन बना देगा। आप किसी बड़े व्यावसायिक लेन-देन को अंजाम दे सकते हैं और मनोरंजन से जुड़ी किसी परियोजना में कई लोगों का संयोजन कर सकते हैं। आज आप फुर्सत के क्षणों में कोई नया काम करने का सोचेंगे लेकिन इस काम में आप इतना उलझ सकते हैं कि आपके जरुरी काम भी छूट जाएंगे । आपका जीवनसाथी बिना जाने कुछ ऐसा ख़ास काम कर सकता है, जिसे आप कभी भुला नहीं पाएंगे।  व्यक्तिगत समस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्य से संपर्क करे, दूरभाष : 819495932

पासपोर्ट रेनेयु न होने पर बौखलाई महबूबा मुफ़्ती

महबूबा मुफ्ती पर मनी लाँन्ड्रिंग का केस चल रहा है। इसी केस में बीते गुरुवार को ईडी की टीम ने उनसे 5 घंटे तक पूछताछ भी की थी। प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने मुफ्ती के श्रीनगर स्थित घर से 23 दिसंबर 2020 को एक डायरी बरामद की थी, जिसमें कई प्रकार के वित्तीय लेनदेन का जिक्र था।

जम्मू/श्रीनगर: 

जम्मू और कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती का पासपोर्ट विदेश मंत्रालय ने रिन्यू करने से मना कर दिया है, क्योंकि स्थानीय पुलिस ने उन्हें खतरा बताया. जिसके बाद विदेश मंत्रालय ने उनके पासपोर्ट रिन्यूवल के फॉर्म को रिजेक्ट कर दिया. विदेश मंत्रालय के श्रीनगर क्षेत्रीय कार्यालय ने इस बाबत महबूबा मुफ्ती को पत्र लिखकर जानकारी दी है कि आखिर उनका पासपोर्ट क्यों नहीं रिन्यू किया गया. 

बौखलाई महबूबा मुफ्ती

विदेश मंत्रालय का पत्र मिलने के बाद महबूबा मुफ्ती ने सरकार पर जोरदार हमला बोला. उन्होंने लिखा, ‘पासपोर्ट ऑफिस ने मुझे पासपोर्ट इश्यू करने से मना कर दिया, क्योंकि सीआईडी की रिपोर्ट में मुझे हिंदुस्तान की सुरक्षा के लिए खतरा बताया गया. ये है कश्मीर में सामान्य हालात की असलियत. उन्होंने कहा कि कश्मीर में अगस्त 2019 के बाद से सबकुछ सामान्य बताया जा रहा है, जिसमें अब एक पूर्व मुख्यमंत्री का पासपोर्ट रखना इतने ताकतवर देश की सुरक्षा के लिए खतरा बन गया है.’ 

क्या है पत्र में?

महबूबा मुफ्ती ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर उस पत्र को भी पोस्ट किया. ये पत्र श्रीनगर स्थित विदेश मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय से भेजा गया है. जिसमें महबूबा मुफ्ती के पासपोर्ट को रिन्यू न करने की वजह बताई गई है. हालांकि पत्र में ये भी लिखा गया है कि अगर आप इसके विरोध में अपील करना चाहती हैं, तो आप कर सकती हैं. बता दें कि अगर किसी को पासपोर्ट रिन्यू कराना होता है, तो स्थानीय पुलिस की एलआईयू की रिपोर्ट लगती है. जम्मू और कश्मीर में ये काम स्थानीय सीआईडी करती है. 

पत्र पढ़ें:

उमर अब्दुल्ला ने भी बोला हमला

जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री रह चुके उमर अब्दुल्ला ने भी इस मुद्दे पर सरकार को निशाने पर लिया. उन्होंने जम्मू-कश्मीर पुलिस को भी लताड़ लगाई. उमर अब्दुल्ला ने लिखा, ‘ये J&K पुलिस क्या कर रही है. यही महबूबा मुफ्ती जब बीजेपी के साथ सरकार चला रही थी, तब खतरा नहीं थी? उनकी पार्टी का बीजेपी के साथ गठबंधन था. वो मुख्यमंत्री रहते हुए राज्य के गृह मंत्रालय और सुरक्षा मामलों के कमांड की मुखिया थी. और अब वो खतरा बन गई हैं!’

महबूबा ने भारत-पाक वार्ता का किया था समर्थन

महबूबा मुफ्ती ने कुछ समय पहले बयान दिया था कि भारत और पाकिस्तान को बातचीत करनी चाहिए, खासकर जम्मू और कश्मीर को लेकर. बता दें कि महबूबा मुफ्ती हाल ही में नजरबंदी से रिहा हुई हैं, लेकिन वो आरोप लगाती रहती हैं कि उनपर सरकार नजर रख रही है.