“कार्यकर्ताओं ने नेतृत्व, दूरदृष्टि, अच्छे प्रदर्शन के अभाव में कांग्रेस का हाथ छोड़ दिया” आबिद रसूल

यदि काँग्रेस की बात करें तो एक बात साफ होती जा रही है, ‘बिखराव जारी है’, “कार्यकर्ताओं ने नेतृत्व, दूरदृष्टि, अच्छे प्रदर्शन के अभाव में कांग्रेस का हाथ छोड़ दिया” आबिद रसूल। वहीं कुछ अन्य का तर्क है कि विपक्ष संख्याबल में कम हो सकता है लेकिन उसकी ताकत पहले की तरह मजबूत है.

हैदराबाद: तेलंगाना में कुछ लोगों का मानना है कि कांग्रेस के दो तिहाई विधायकों के सत्तारूढ़ टीआरएस में शामिल होने से एक तरह से विपक्ष मुक्त विधानसभा की स्थिति बन गई है. कुछ अन्य का तर्क है कि विपक्ष संख्याबल में कम हो सकता है लेकिन उसकी ताकत पहले की तरह मजबूत है.

टीआरएस ने गत दिसंबर में हुए चुनाव में 119 सदस्यीय विधानसभा में 88 सीटें जीती थी जबकि कांग्रेस ने 19 और एआईएमआईएम ने सात, टीडीपी ने दो और बीजेपी ने एक सीट जीती थी. एक निर्दलीय विधायक, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के टिकट पर विजयी एक उम्मीदवार और तेदेपा सांसद टीआरएस में शामिल हो गए थे.

12 कांग्रेस विधायकों ने छोड़ी पार्टी 

इसके बाद मार्च की शुरुआत में कांग्रेस छोड़ने का सिलसिला शुरू हुआ और गत सप्ताह उसके 12वें विधायक ने पार्टी छोड़ दी. अध्यक्ष ने 12 विधायकों के टीआरएस में शामिल होने के अनुरोध को मंजूर कर लिया.

इसके साथ ही सदन में टीआरएस सदस्य की संख्या 103 हो गई. सदन में सदस्यों की संख्या भी 118 रह गई क्योंकि प्रदेश कांग्रेस प्रमुख एन उत्तम कुमार रेड्डी ने लोकसभा चुनाव में जीत के बाद अपनी सीट से इस्तीफा दे दिया.

विपक्ष के नेता पद के लिए दावा पेश करेंगे:एआईएमआईएम

कांग्रेस के विधायकों की संख्या छह तक सिमटने के बाद एआईएमआईएम ने कहा कि वह विपक्ष के नेता पद के लिए दावा पेश करेगी क्योंकि उसके पास सात विधायक हैं.लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि क्या एआईएमआईएम सही मायने में विपक्षी दल है?  टीआरएस और एमआईएमआईएम अपने आप को मित्र बताती हैं और उन्होंने विधानसभा तथा लोकसभा दोनों में आपसी सहमति से चुनाव लड़ा था.

टीआरएस (तेलंगाना राष्ट्र समिति) के प्रवक्ता आबिद रसूल खान ने कहा,‘हम शुरुआत से कह रहे हैं कि हम किसी विपक्ष मुक्त विधानसभा के लिए काम नहीं कर रहे हैं.’ उन्होंने दावा किया कि इन विधायकों ने ‘‘नेतृत्व, दूरदृष्टि, अच्छे प्रदर्शन के अभाव’’ में कांग्रेस का हाथ छोड़ दिया. उन्होंने कहा, ‘‘हम लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ कुछ भी नहीं कर रहे हैं. अगर वे (कांग्रेस) खुद अलग हो रहे है तो हम पार्टी को खड़ा नहीं कर सकते.’’ 

कांग्रेस के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने वाली तेलंगाना जन समिति (टीजेएस) के प्रमुख प्रो. एम कोडंडरम ने इससे असहमति जताई. उन्होंने दावा किया, ‘‘इस दल-बदल का परिणाम निरंकुशता और एक पार्टी का प्रभुत्व होगा जो लोगों के हितों के खिलाफ है. लोग नाखुश हैं. दल-बदल के खिलाफ काफी नाराजगी है.’’ 

अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के तेलंगाना के प्रभारी आर सी खुंटिया ने कहा कि जब सत्तारूढ़ पार्टी के पास आसान बहुमत है तो उसे दूसरी पार्टियों से विधायक ‘‘खरीदने’’ की जरुरत नहीं है.

Theatre workshop by Sanskar Bharti held

Theatre workshop by Sanskar Bharti, Panchkula in association with Art Fitoor Film & Theater Academy started Theater Workshop from 27th may to 2nd of June 2019 at Bharat Vikas Parishad Bhavan, Sector 12 A. PANCHKULA. Each day new topics and new LEARNING were taught. And last day was Parents Session, in which not only a presentation was shown to them but theater exercises were done with them to decrease the invisible Gap between parents and children which has developed in this mordern era. Basic motive of this workshop was not only to inculcate in student the Theater as an Art Form but also to use Theater as a tool to work on them. As a Theater-in-Education practitioner Process was more important for me than product.

Twenty boys & girls from various tricity school attended this workshop. Workshop was conducted by Malvika Bhaskar, Navpreet Moti (both NSD Alumni) and Mrs. Arpana Gupta (Bhavan Vidyalaya). Mr Satish Awasthi, Secretary & Mr Bal Krishan Kansal, Deputy Secretary of Sanskar Bharti. Panchkula were also present.

प्रोफेसर मुसलगांवकर ने मोदी सरकार पर एक और बड़ा दावा

लोकसभा चुनाव के दौरान मध्यप्रदेश के विक्रम विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ने फेसबुक पर एक भविष्यवाणी की थी। उन्होने लिखा था की इस बार भाजपा को 300 से आधी सीटें मिलेंगी। उसे बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हे निलंबित आर दिया था। निलंबन का दंश झेल रहे प्रोफेसर मुसलगांवकर ने मोदी सरकार पर एक ओर बड़ा दावा किया

उज्जैनः लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजो से पहले बीजेपी को 300 से अधिक सीट की भविष्यवाणी करने वाले प्रोफेसर डॉ. राजू मुसलगांवकर ने निलम्बन के बाद भी की एक और भविष्यवाणी की है. डॉ राजू मुसलगांवकर के मुताबिक आने वाले पांच सालों में मोदी सरकार नए कीर्तिमान स्थापित करेगी. आने वाले पांच सालों में देश में असुरक्षा का भाव दूर होगा और शांति और सुरक्षा का माहौल रहेगा. ज्योतिर्विज्ञान के प्रोफेसर डॉ मुसलगांकर की मानें तो 2019 के चुनाव में जीत हासिल करने के बाद भाजपा सरकार देश की सबसे विश्वसनीय सरकार में से एक होगी.

बता दें कि चुनाव परिणाम के पूर्व डॉ.मुलसगांवकर ने फेसबुक पर भाजपा सरकार 300 के पास और एनडीए 300 के पार की पोस्ट डाली थी. जिसके चलते विश्वविद्यालय ने उन्हें निलंबित कर दिया था. उज्जैन 17वीं लोकसभा चुनाव के नतीजे बेहद रोचक और चौकानें वाले रहे. 23 मई को चुनाव नतीजे आने के पहले ज्योतिष विज्ञान का केंद्र और बाबा महाकाल की नगरी के ज्योतिषाचार्यों ने चुनाव परिणामों की भविष्यवाणी की थी. जो सटीक रही. इनमें से एक विक्रम विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. राजू मुलसगांवकर ने फेसबुक पर चुनाव परिणाम की भविष्यवाणी पोस्ट की थी.

जिसके चलते उन्हें निलंबित कर दिया गया था, लेकिन निलंबित प्रोफेसर द्वारा की गई भविष्यवाणी एकदम सटिक रही. प्रोफेसर ने फेसबुक पर “भाजपा 300 के पास और एनडीए 300 के पार” की  भविष्यवाणी पोस्ट की थी. इस पोस्ट की कांग्रेस ने चुनाव आयोग को शिकायत की थी जिसके चलते चुनाव आयोग ने प्रोफेसर डॉ. मुसलगांवकर को निलंबित कर दिया था. मुसलगांवकर के अनुसार केंद्र में मोदी सरकार 5 सालों में नए किर्तीमान स्थापित करेगी. इस सरकार के काल में अब देश शांति बनी रहेगी और यह सरकार अब तक सबसे विश्वसनीय सरकार साबित होगी.

बता दें उज्जैन स्थित विक्रम विश्वविद्यालय में ज्योतिर्विज्ञान अध्ययनशाला के प्रमुख को लोकसभा चुनावों की आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में निलंबित कर दिया गया था. ज्योतिष शास्त्र के इस प्राध्यापक ने चुनावी बेला में अपनी फेसबुक पोस्ट के जरिये कथित तौर पर भविष्यवाणी की थी कि भारतीय जनता पार्टी लोकसभा की तकरीबन 300 सीटें अपने दम पर जीतेगी, जबकि समूचे एनडीए गठबंधन के खाते में 300 से ज्यादा सीटें आयेंगी.

‘बुढ़ापे में अक्सर लोग सठिया जाते हैं’: पायल रोहतगी

बिग बॉस एक्स कंटेस्टेंट और एक्ट्रेस पायल रोहतगी का विवादों में रहना कोई नई बात नहीं है। वह अक्सर अपने ट्वीट्स को लेकर खबरों में रहती हैं। कभी गौहर खान से कहासुनी कभी उर्मिला मातोंडकर के धर्म पर सवाल तो कभी सोनी राजदान को देश छोड़ने के लिए कहना। अब स्वरा भास्कर के बाद पायल रोहतगी के निशाने पर आये हैं कमल हस्सन। कमल हासन के पहला आतंकवादी ‘हिंदू’ था वाले बयान पर उन्हें जमकर ट्रोल किया जा रहा है. इसी कड़ी में पायल रोहतगी ने भी कमल हासन को बुड्ढा बताते हुए कहा है कि साठ साल के बाद इंसान का दिमाग काम करना बंद कर देता है. 

नई दिल्ली : पायल रोहतगी का बॉलीवुड करियर तो ज्यादा चला नहीं लेकिन सोशल मीडिया पर पायल इन दिनों काफी एक्टिव हैं. पिछले दिनों से पायल अपनी बयानबाजी को लेकर खबरों में बनी हुई हैं. मक्कल नीधि मैयम (एमएनएम) के संस्थापक कमल हासन(Kamal Haasan) के पहला आतंकवादी ‘हिंदू’ था वाले बयान पर उन्हें जमकर ट्रोल किया जा रहा है. इसी कड़ी में पायल रोहतगी ने भी कमल हासन को बुड्ढा बताते हुए कहा है कि साठ साल के बाद इंसान का दिमाग काम करना बंद कर देता है. 

पायल रोहतगी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा कि एक हिंदू ने दूसरे हिंदू को मारा. इसे आप क़त्ल कह सकते हैं, आतंकवाद कैसे? आतंकवादी वो होते हैं जो अपने से अलग धर्म के लोगों को मारते हैं क्योंकि उनको वो दूसरे धर्म से नफ़रत होती है. बुढ़ापे में अक्सर लोग सठिया जाते हैं. कमल हासन अपना राजनीति करियर शुरू करने के लिए नाथूराम गोडसे को को भारत का पहला आतंकवादी कहते हैं. 

बता दें कि कमल हासन के अलावा पायल कई बॉलीवुड सेलेब्स को भी अपने निशाने पर लिए हुए हैं. पायल ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, ‘स्वरा आंटी खुद को फेमिनिज्म की समर्थक कहती हैं. साथ ही कांग्रेस, AAP और CPI उम्मीदवार कन्हैया कुमार को सपोर्ट कर रही हैं. गजब का समर्थन है. पायल ट्विटर पर खुलकर बीजेपी को सपोर्ट करती हैं और कांग्रेस पर हमले करने से पीछे भी नहीं हटती हैं. 

हिंदू विरोध से जीत के दिवास्वप्न दखने वाले एक और नेता कमल हस्सन

कई राष्ट्रिय पुरसकारों से सम्मानित एक दिग्गज अभिनेता कमाल हस्सन ने एक मंच से अपने सालों से अर्जित ज्ञान को बघारा। विस्मय है कि इतने सूझवान नेता को हत्या और आतंक में भेद करने लायक सामर्थ्य नहीं है। यह उनकी राजनैतिक विवशता थी क्योंकि वह मुस्लिम बहुल इलाके में चुनावी रेल कर रहे थे ओर सामने गांधी कि प्रतिमा भी थी। बाद में उन्होने इसी बात का बहुत भोथरा स्पष्टीकरण देने का भी प्रयास किया जिससे उनकी मनो:स्थिति का पता चलता है। मक्कल नीधि मैयम (एमएनएम) के संस्थापक कमल हासन ने यह कहकर नया विवाद खड़ा कर दिया है कि आजाद भारत का पहला ‘‘आतंकवादी हिन्दू’’ था. वह महात्मा गांधी की हत्या करने वाले, नाथूराम गोडसे के संदर्भ में बात कर रहे थे. हस्सन मोदी विरोध कि राजनीति करने मैदान में उतरे हैं और उन्हे लगता है मोदि विरोध ही उनकी चुनावी वैतरणी पार लगायेगा।

सनद रहे नाथुराम गोडसे ने महात्मा गांधी कि हत्या कि थी, नाथुराम को इतिहास एक हत्यारे के रूप में जानता है न कि एक आतंकी के रूप में आज कमल हस्सन स्वयं को इतिहास आरों ओर अदालतों से अधिक श्रेष्ठ जताने कि चेष्टा कर रहे हैं। वह यह बताते दिख रहे हैं कि उस समय के लोगों को हत्या ओर आतंक के बीच ठीक उसी तरह फर्क नहीं पता था जैसे आज काँग्रेस को हत्या ओर शहादत के बीच फर्क नहीं मालूम

अरवाकुरिचि (तमिलनाडु): मक्कल नीधि मैयम (एमएनएम) के संस्थापक कमल हासन ने यह कहकर नया विवाद खड़ा कर दिया है कि आजाद भारत का पहला ‘‘आतंकवादी हिन्दू’’ था. वह महात्मा गांधी की हत्या करने वाले, नाथूराम गोडसे के संदर्भ में बात कर रहे थे. रविवार की रात एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए हासन ने कहा कि वह एक ऐसे स्वाभिमानी भारतीय हैं जो समानता वाला भारत चाहते हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘मैं ऐसा इसलिए नहीं बोल रहा हूं कि यह मुसलमान बहुल इलाका है, बल्कि मैं यह बात गांधी की प्रतिमा के सामने बोल रहा हूं. आजाद भारत का पहला आतंकवादी हिन्दू था और उसका नाम नाथूराम गोडसे है. वहीं से इसकी (आतंकवाद) शुरुआत हुई.’’ महात्मा गांधी की 1948 में हुई हत्या का हवाला देते हुए हासन ने कहा कि वह उस हत्या का जवाब खोजने आये हैं.

Kamal Haasan during campaigning in Aravakurichi assembly constituency, Tamil Nadu, yesterday: “I am not saying this because many Muslims are here. I’m saying this in front of Mahatma Gandhi’s statue. First terrorist in independent India is a Hindu, his name is Nathuram Godse.” pic.twitter.com/LSDaNfOVK01,70210:13 AM – May 13, 2019Twitter Ads info and privacy1,697 people are talking about this

कमल हासन इससे पहले भी दक्षिणपंथी चरमपंथ पर निशाना साध चुके हैं. करीब डेढ़ साल पहले इस संबंध में उन्‍होंने एक विवादित लेख भी इस विषय पर लिखा था. उसमें उन्‍होंने लिखा था कि दक्षिणपंथी समूहों ने हिंसा का दामन इसलिये थामा क्योंकि उनकी पुरानी ”रणनीति” ने काम करना बंद कर दिया है. हसन ने तमिल पत्रिका ‘आनंद विकटन’ के अंक में अपने स्तंभ में आरोप लगाया था कि दक्षिणपंथी संगठनों ने अपने रुख में बदलाव किया है, हालांकि उन्होंने इसमें किसी का नाम नहीं लिया है.

कमाल हसन के इस वक्तव्य का विवेक ओबेरॉय ने खुल कर विरोध जताया है।

Indian Theater coming up with ‘Heer Raanjha’ by Dr. Navdeep Kaur

Department of Indian Theatre, Panjab University will stage their annual
production Heer Ranjha designed and directed by Dr.Navdeep Kaur on May 9- 12 at 7:30 pm at the Open Air Theatre. A press conference was held at the
department on Tuesday. Chairperson,Dr. Navdeep Kaur shared that the play
has been written by Ekam Manuke and the reason to choose this play was to revive the folk trations and culture of Punjab. The students of MA first and second year will be performing in the two hour play. The music has been produced by Tejinder Gill, assistant director, department of youth welfare. The lighting has been designed by Souti Chakraborty from National School of Drama.
The production took two months to prepare and students from different states will be performing in Punjabi.

Dr. Navdeep Kaur – DIRECTOR
Dr. Navdeep Kaur, presently the Chairperson of Department of Indian Theatre is Doctorate in Theatre from Punjabi University Patiala. A gold
medallist in Post Graduation (Theatre & Television Department) has been awarded with University Fellowship for P. hd. She has been teaching Theatre/Dramatic Arts (P.G classes and Ph.D scholars) in the Department of Indian Theatre, Panjab University Chandigarh, since last 12 years. She has been awarded for contribution in Performing Arts (2016-17). An administrator, teacher and performer Dr Navdeep Kaur has been acted in various plays, Tv serials, Telefilms, Feature films and directed many play. She has published various research papers and a book on theatre.

प्रधानमंत्री की अक्षय वार्ता

प्रधानमंत्री आवास 7 लोक कल्याण मार्ग पर हुई इस बातचीत में अक्षय कुमार ने पीएम मोदी की जिंदगी से जुड़े कई पहलुओं पर चर्चा की.

  • अक्षय कुमार ने पूछा सर्दी-जुकाम का इलाज, PM मोदी ने बताया रामबाण नुस्खा
  • अक्षय कुमार ही नहीं बराक ओबामा भी पूछ चुके हैं पीएम मोदी से यह सवाल
  • अक्षय कुमार ने पीएम से पूछा उनका बैंक बैलेंस, मिला यह चौंकाने वाला जवाब…
  • PM मोदी की चाह थी संन्यासी बनूं या सोल्जर और कैसे भटकते-भटकते प्रधानमंत्री बन गए
  • पीएम मोदी ने बताया बॉलीवुड के कौन से नगमें आज भी उन्हें अच्छे लगते हैं
  • ट्विंकल खन्ना के ट्वीट्स पढ़ते हैं पीएम मोदी! अक्षय से बोले- ‘आपका झगड़ा नहीं होता होगा’

नई दिल्लीः अभिनेता अक्षय कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बुधवार को ‘‘निष्पक्ष और पूरी तरह से गैर राजनीतिक’’ बातचीत की. प्रधानमंत्री आवास 7 लोक कल्याण मार्ग पर हुई इस बातचीत में अक्षय कुमार ने पीएम मोदी की जिंदगी से जुड़े कई पहलुओं पर चर्चा की. पीएम मोदी ने इस बातचीत में अपने परिवार, खान-पान और हंसी-मजाक से जुड़े किस्से साझा किए.  

अक्षयः इंटरव्यू की शुरुआत में अक्षय ने अपने ड्राइवर की बेटी का सवाल पीएम मोदी से पूछा, क्या आप आम खाते हैं

पीएमः पीएम मोदी ने कहा कि मैं आम खाता हूं, जब छोटा था तब मैं खेत में जाकर आम खाने चला जाता था. मुझे आम के पेड़ पर पके हुए आम खाना ज्यादा पसंद था. जैसे जैसे समय आगे बढ़ा आम रस खाने की आदत लगी. लेकिन अभी कंट्रोल करना पड़ता है. 

अक्षयः कभी आपने सोचा था कि आप प्रधानमंत्री बनेंगे?

पीएमः कभी ऐसा विचार नहीं आया कि मैं कभी पीएम बनूंगा. अगर मेरी कहीं नौकरी लग जाती तो मेरी मां पूरे गांव में गुड़ बांट देती.

अक्षयः क्या आप संन्यासी बनना चाहते थे, आप सेना में भर्ती होना चाहते थे

पीएमः 1962 की लड़ाई के दौरान मेहसाणा स्टेशन पर जब जवान जाते थे तो मैं भी चला जाता था. मन को खुशी होती थी. गुजरात में सैनिक स्कूल के बारे में जानना और उसमें भर्ती होने की मेरी इच्छा थी. हमारे मोहल्ले में एक प्रिंसिपल रहते थे. मैं उनके पास चला गया. मैं कभी भी बड़े आदमी से मिलने से पहरेज नहीं करता था. मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं पीएम बनूंगा.

अक्षयःआपको कभी गुस्सा आता है, किस पर और कैसे निकालते हो?

पीएमः कभी कोई कहेगा कि मुझे गुस्सा नहीं आता है तो बहुत लोगों को हैरानी होगी. आप अच्छी चीजों पर जोर दें जिससे नकारात्मक चीजें अपने आप रुक जाएंगी. चपरासी से लेकर प्रिंसिपल सचिव तक पर मुझे गुस्सा व्यक्त करने का अवसर नहीं आया. मैं किसी को नीचा दिखाकर काम नहीं करता हूं. मैं हैल्पिंग हैंड की तरह काम करता हूं. मेरे अंदर गुस्सा होता होगा, लेकिन मैं उसे व्यक्त करने से रोक लेता हूं.

अक्षयः आपका मन करता है कि आप अपनी मां और परिवार के साथ रहें?

पीएमः मैंने बहुत छोटी आयु में घर छोड़ दिया था. कोई मोह माया नहीं रही, अब मेरी जिंदगी ऐसी ही बन गई है. मेरी मां मुझसे कहती है कि तुम मेरे पीछे क्यों समय खराब करते हो. जब वो दिल्ली आतीं हैं तो मैं भी उनको मां को समय नहीं दे पाता हूं. यहां मां रहीं थीं लेकिन मैं फील्ड में ही लगा रहता था. मैं रात को 12 बजे आता था, तो मां को दुख होता था. यहां मां का मन नहीं लगता, वो गांव के लोगों के साथ रहती है तो अच्छा लगाता है.

अक्षयः आपकी छवि बहुत कठोर प्रशासक की है?

पीएमः ये छवि सही नहीं है. काम का अनुशासन मैं अपने जीवन में खुद लेकर आया. मैं सख्त हूं, अनुशासित हूं लेकिन कभी किसी को नीचा दिखाने का काम नहीं करता. अक्सर कोशिश करता हूं कि किसी काम को कहा तो उसमें खुद इन्वॉल्व हो जाऊं. सीखता हूं और सिखाता भी हूं और टीम बनाता चला जाता हूं. मैंने पीएम वाली छवि नहीं बनाई. दोस्ताना व्यवहार रखता हूं. कई बार अफसर झिझकते हैं तो मैं चुटकले भी सुनाता हूं.

अक्षयः विपक्षी पार्टियों में आपके दोस्त हैं?

पीएमः गुलामनबी आजाद मेरे अच्छे दोस्त हैं. जब भी मिलते हैं बहुत अच्छे से मिलते हैं. ममता बनर्जी मेरे लिए खुद कुर्ते भेजतीं है. ममता दीदी साल में एक-दो कुर्ते मुझे भेज देतीं हैं. बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना मेरे लिए बंगाली मिठाई भेज देतीं हैं.

अक्षयः आपने अपने पैसे दे दिए, प्लॉट दे दियाक्या आप सच में गुजराती हैं

पीएमः पीएम मोदी ने चुटकला सुनाया, ट्रेन में स्टेशन आने पर ऊपर की सीट पर बैठे एक शख्स ने नीचे की सीट (खिड़की) पर बैठे शख्स से पूछा कौन सा स्टेशन आया है? तभी खिड़की पर बैठे शख्स ने बाहर खड़े आदमी से पूछा, भैय्या कौन सा स्टेशन है? बाहर खड़े शख्स ने जवाब दिया, 1 रुपया दो तब बताउंगा. इतने में खिड़की पर बैठे शख्स से ऊपर बैठे व्यक्ति ने कहा कोई बात, अहमदाबाद ही होगा. 

अक्षयः अगर आपको अलादीन का चिराग मिले और तीन चीजें मांगने को कहें तो क्या मांगेगे?

पीएमः मैं सबसे पहले नई पीढ़ी को कहूंगा कि ये अलादीन पर विश्वास करना बंद करें. इससे आलस का भाव आता है. ये हमारे यहां का चिंतन नहीं है, हमारे यहां का चिंतन परिश्रम का है. 

अक्षयः आपका रिटायरमेंट प्लान क्या है?

पीएमः जिम्मेवारी ही मेरी जिंदगी है, मुझे परवाह नहीं होती है कि मुझे अपने को एंगेज करने के लिए कुछ करना पड़ेगा. मैं शरीर का कण कण और जीवन का पल पल किसी ना किसी मिशन पर ही खपाऊंगा.

अक्षयः जब आप सीएम से पीएम बने थे तब सबसे वैल्यूबल चीज यहां (पीएम हाउस में) क्या लेकर आए थे

पीएमः पीएम बनते समय मुझे ये बैनिफिट मिला है कि मैं लंबे अरसे तक सीएम रहकर आया था. मैं गुजरात का लंबे समय तक सीएम रहा. ये तजुर्बा शायद मेरे पहले के पीएम को नहीं मिला था. देवगौड़ा साहब सीएम रहे थे लेकिन बहुत अल्पकाल के लिए. लेकिन मैं बहुत लंबे समय तक सीएम रहा. ये अनुभव मैं वहां (गुजरात से) से लेकर आया जो देश के काम आ रहा है.

अक्षयः आप केवल साढ़े तीन घंटे ही सोते हैं?

पीएमः इस बारे में मेरे मित्र अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा भी चिंतित रहते थे. ओबामा जब भी मिलते हैं तो पूछते हैं, मेरी बात मानी? नींद बढ़ाई? ओबामा कहते कि तुम ऐसा क्यों करते हो? आपको नींद पूरी लेनी चाहिए.  लेकिन मैं क्या करूं. मेरे जानने वाले सारे डॉक्टर कहते कि नींद बढ़ाओ. लेकिन ये मेरे जीवन का हिस्सा बन गया है. रिटायरमेंट के बाद मैं नींद बढ़ाने पर मैं ध्यान दूंगा.

अक्षयः अगर आपको कभी जुकाम लगता है तो आप क्या करते हैं?

पीएमः बहुत साल पहले मैं कैलाश यात्रा पर पैदल गया था. सब दर्द से परेशान थे, मुझे कुछ नहीं हुआ. मुझे आयुर्वेद पर विश्वास है. जुकाम होने पर सरसों का तेल गर्म करके नाक में डाल देता हूं. ठीक हो जाता है.

अक्षयः आपका फैशन आपने खुद ने किया है या आपको किसी ने सुझाया है?

पीएमः मेरे कपड़ों को लेकर दुनिया ने अलग छवि बनाई है. मैं सीएम बना तब तक कपड़े खुद धोता था. लंबी बांह वाले कुर्ते धोने में समय लगता है, यह बैग में जगह भी लेते. इसलिए मैंने आधी बाजू के कुर्ते पहनना शुरू कर दिया. मुझे शुरू से अच्छी तरह से कपड़े पहनने का शौक रहा. मैं बर्तन में गर्म कोयला भरकर के कपड़ों को प्रेस करके पहनता था. मेरे मामा मेरे लिए कैनवास के जूते लाए वो गंदे हो जाते थे फिर मैं उन्हें ब्लैक बोर्ड पर लिखने वाले चाक से चमकाता था. 

अक्षयः उल्टी घड़ी पहनने के पीछे का क्या कारण है?

पीएमः ये मैं इसलिए पहनता हूं ताकि समय देखूं तो किसी को पता ना चले, कहीं उसे बुरा ना लग जाए. मैं मीटिंग में होता हूं, समय देखते वक्त किसी को पता ना चले इसके लिए चोरी छिपे समय देख लेता हूं.

अक्षयः क्या आप अपने वेतन में से कुछ अपनी माता जी को भेजते हैं?

पीएमः मेरी मां आज भी मेरे हाथ पर कुछ ना कुछ रख देती है, मां मुझे आज भी एक सवा रुपया देतीं हैं. मेरी मां को कोई जरूरत नहीं है मुझसे कुछ लेने की. सीएम रहते हुए भी मेरे परिवार ने कोई बेनिफिट नहीं लिया.

अक्षयः आपने बचपन में कौन सा खेल खेला है?

पीएमः मुझे टीम गेम पसंद है, ये आपके व्यक्तित्व को अलग से डेवलप करता है. टीम वाले खेल जिंदगी जीना सिखाते हैं. हम सभी को ग्रुप वाले खेल खेलना चाहिए. मैंने गुल्ली डंडा भी खेला. ज्यादातर मैं तैरने के लिए चला जाता था. पहले तालाब में ही पानी आता था, मैं कपड़े धोने वहां जाता था. मेरा बॉडी डेवलप्मेंट स्वीमिंग से हुआ है. 

अक्षयः क्या मेरे पीएम यूएन में अपनी पहली स्पीच के समय नर्वस थे?

पीएमः यूएन में स्पीच से पहले मैं नर्वस बिल्कुल नहीं था. मेरी बातों के आधार पर भाषण लिखा गया था. 

अक्षयः क्या फिल्म देखते हैं? कौन सी फिल्म आखिरी देखी?

पीएमः जब सीएम था तब अमिताभ बच्चन के साथ ‘पा’ फिल्म देखी. सीएम था तभी अनुपम जी के साथ आतंकवाद पर बनी फिल्म  ‘A Wednesday’ देखी. मैंने पीएम बनने के बाद कोई फिल्म नहीं देखी. मैंने स्वच्छता अभियान पर बनी फिल्म ‘टॉयलेट एक प्रेम कथा’ देखने के लिए काफी लोगों को कहा. लेकिन मैं खुद ये फिल्म देख नहीं पाया. इस फिल्म की कई लोगों से तारीफ भी सुनी.

अक्षयः क्या आप सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं? आप देखते हैं कि आजकल क्या चल रहा है

पीएमः मैं सोशल मिडिया जरूर देखता हूं इससे मुझे बाहर क्या चल रहा है इसकी जानकारी मिलती है। मैं आपका भी और टविंकल खन्ना जी का भी ट्विटर देखता हूं और जिस तरह वो मुझ पर गुस्सा निकालती हैं तो मैं समझता हूं की इससे आपके परिवार में बहुत शांति रहती होगी. 

अक्षयः आप में और मुझमें एक समानता है, आप चाय बेचते थे और मैं वेटर था, हम दोनों का कोई गॉडफादर नहीं था.

पीएमः जब मैं चाय बेचता था तो मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला. मैं जब चाय बेचता था तो मेरे गांव में ट्रेन तो बहुत कम आती थी लेकिन मालगाड़ी ज्यादा आती थी. मालगाड़ी में दूधवाले होते थे उनसे बातें करते करते मैं हिंदी सीख गया. शाम को वो भजन करते थे, उन्होंने मुझसे नॉर्थ इंडिया के कल्चर से मिलवा दिया.

बता दें कि एक दिन पहले अक्षय (51) ने ट्वीट कर बताया था कि वह कुछ ‘‘अनोखा करने जा रहे हैं, जो उन्होंने पहले कभी नहीं किया.’’ अभिनेता ने ट्वीट कर बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी बातचीत चुनाव के समय में ‘‘सुकून भरा माहौल’’ देगी. कुमार ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट पर लिखा था, ‘‘देश में जहां हर ओर चुनाव और राजनीति की बात हो रही है, यहां आप चैन की सांस ले सकेंगे. हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ निष्पक्ष और पूरी तरह गैर राजनीतिक बातचीत करने का अवसर पाकर मैं गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं.’’  ज़ी मीडिया से साभार

पंचकूला की अमिता पवार को मिला बेस्ट डैज्जलिंग डीवा अवार्ड

पंचकूला की अमिता पवार को मिला बेस्ट डैज्जलिंग डीवा अवार्ड का पहला और दूसरा चंडीगढ़ की रितु गर्ग को मिला पुरस्कार। आज डाज़्ज़लिंग डीवा का अवार्ड पंचकूला के एक निजी होटल में किया गया। डिज़्ज़ा अवार्ड की ऑर्गनाइजर पूजा मंगला ने बताया कि हमने ऑनलाइन पोलिंग के बेसिस पर डाज़्ज़लिंग डीवा मिस यूनिवर्स, डाज़्ज़लिंग डीवा मिस वर्ल्ड, डाज़्ज़ल्लिंग डीवा अवार्ड मिस यूनिवर्स एशिया इंटरनेशनल, डाज़्ज़लिंग डीवा अवार्ड मिस वर्ल्ड एशिया का खिताब दिया गया। इस टाइटल पे देश की आठ महिलायो को समानित किया गया। इसके अतरिक 35 महिलायों को इंटरनेशनल एक्सेलेंस अवार्ड से समानित किया गया।जिसमें अंजू को पंजाब के राजपुरा से, और मीनाक्षी जैन को क्रेटिव लेडी, उषा यादव को बेस्ट कॉस्मेटोलॉजिस्ट लेडी का अवार्ड दिया गया। आज के अवार्ड की चीफ गेस्ट श्रीमती रंजीत मेहता वेलासिटी गूगल आज के टाइटल स्पॉन्सर रहे। जब की स्पेशल गेस्ट शीतल शर्मा और मीनू रहे।और डॉक्टर शिवानी वर्मा, अनीता खन्ना, शशि गुप्ता, अनीता कपुर, विजेता अग्रवाल, रूबी जिंदल, अनु उपल, सोनिया छाबरा,वाणी सेठ,रजनी शर्मा,उषा शर्मा, संगीता शर्मा,मनीषा, प्रीती, हरप्रीत कौर, अंजू गोयल,सुबीरा आनंद,नेरलंम गोयल,सुखजिंदर,रूपाली शर्मा,पायल,अमनदीप कौर,रेणुका शर्मा,बेअंत सिधु,अंजू मिगलानी कई और महिलयो को समानित किया गया।

‘हमसाये माँ जाये’ दोनों मुल्कों के आम लोगों की दास्तान

भारत और पाकिस्तान के तल्ख होते रिश्तों को कम करने के लिए वक्त वक्त पर शायर कलाकार लेखक और आम जन भी कुछ न कुछ करते रहते हैं कभी उनकी नेक कोशिशें कुछ रंग लातीं हैं तो कभी उम्मीद ही जगतीं हैं। इसी कड़ी में नीलम अहमद बशीर ने एक नज़्म को लिखा जिसे उसकी बहिनों ने पर्दे पर उकेरा, दो आम घरेलू औरतें किस प्रकार अपने मुल्क और आपसी भाई चारे का उल्लास मानतीं हैं और अंत एन अपनी चुनरी बंटा लेतीं हैं का बहुत ही प्रभाव शाली दृश्य स्थापित किया है। इस वीडियो में आसमा अब्बास और बुशरा अंसारी ने परफॉर्म किया है

नई दिल्ली: पुलवामा हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्ते और ज्यादा कड़वे हो गए हैं. स्थिति युद्ध तक की आ गई थी. भारत ने बदला लेने के लिए एयर स्ट्राइक किया तो पाकिस्तान ने भी जवाबी कार्रवाई में F-16 को भेजा जिसे एयरफोर्स ने मार गिराया. माहौल चुनावी है तो यह मुद्दा गरमाया हुआ है. राजनेता पाकिस्तान के खिलाफ आग उगल रहे हैं. ऐसे माहौल में जब हर कोई पाकिस्तान को नेस्त नाबूत करने की बात कर रहा है, एक रैप   बहुत तेजी से वायरल हो रहा है. इस रैप के पाकिस्तानी कलाकारों ने तैयार किया है. रैप के जरिए पाकिस्तानी कलाकारों ने दोनों मुल्क के लोगों से शांति की अपील की है.

इस रैप को बुशरा अंसारी जो एक पाकिस्तानी एक्ट्रेस और सिंगर ने अपने आधिकारिक यूट्यूब अकाउंट पर पोस्ट किया है. इस वीडियो को 3 अप्रैल को पोस्ट किया गया है, जिसे अब तक करीब 13 लाख लोग देख चुके हैं. इस रैप का टाइटल है,  “Humsaye maa jaye”. पाकिस्तानी मीडिया ‘Dawn’ के मुताबिक इस वीडियो में आसमा अब्बास और बुशरा अंसारी ने परफॉर्म किया है. नीलम अहमद बशीर ने रैप लिखा है.

वीडियो में आप देख सकते हैं कि बुशरा अंसारी ने भारतीय और आसमा ने पाकिस्तानी का रोल प्ले किया है. रैप के जरिए वे बताते हैं कि भारत और पाकिस्तान में कुछ भी अलग नहीं है. सबकुछ तो एक जैसा ही है, इसके बावजूद टेंशन क्यों है.

बुशरा अंसारी ने भारतीय और आसमा ने पाकिस्तानी किरदार में

वीडियो के जरिए संदेश दिया गया है कि कोई भी आम हिंदुस्तानी और पाकिस्तानी जंग नहीं चाहता है. वे शांति चाहते हैं. जो कुछ हो रहा है वह राजनीति से प्रेरित है. पाकिस्तानी मीडिया के हवाले से बुशरा अंसारी ने कहा कि इस वीडियो को सरहद के इस पार और उस पार, दोनों तरफ पसंद किया जा रहा है. मेरा इनबॉक्स शुभकामनाओं और संदेश से भरा हुआ है. 

World Theatre Day celebrated at PU

Chandigarh March 27, 2019

The Department of Indian Theatre celebrated World Theatre Day, today in the presence of  eminent Theatre personalities  like Prof. Mahendra Kumar (Emeritus Professor), Prof. Rani BalbirKaur (Emeritus Professor), Dr.NavdeepKaur, Chairperson, Department of Indian Theatre and Ms.ShvetaMahendra, Assistant Professor, Department of Indian Theatre.

They blessed the students of the department on this special day.

Dr.NavdeepKaur initiated the discussion on the emerging trends in Theatre and all the personalities and students participated in the discussion on searching new language of theatre. Some innovative performances were also presented by the students of the department, on this occasion.