गीता में कई मूल मंत्र है जिनसे की इस आपदा की घड़ी में हर पहलू पर नियंत्रण रखा जा सकता है: प्रोफ॰ दीप्ति

पंचकूला 24 मई:

      उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ऑनलाइन अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के दूसरे दिन की शुरुआत में प्रथम टेक्निकल सेशन में डॉक्टर रितु सिंह चैहान नेशनल प्रोफेशनल ऑफिसर डब्ल्यूएचओ नई दिल्ली ने कोविड-19 से संबंधित संवेदनशील मैसेजिंग व उससे जुड़े पहलुओं पर विस्तार से अवगत करवाया।   

उन्होंने कहा कि आज के समय में जागरूक होना आवश्यक है मगर उस जागरूकता का सही इस्तेमाल करना उससे भी ज्यादा आवश्यक है। इसलिए हमें इनसे ज्ञान अर्जित कर स्कूल स्तर पर भी शिक्षकों को अवगत करवाया जाना चाहिए। 

      डिप्टी डायरेक्टर उच्चतर शिक्षा विभाग हरियाणा डॉ हेमंत वर्मा ने सभी का स्वागत किया। द्वितीय टेक्निकल सेशन में सीडीएलयू सिरसा की  प्रोफेसर दीप्ति धर्मानी ने उच्चतर शिक्षा संस्थान भगवत गीता की मदद से किस तरह कोविड-19 को हरा सकते हैं। इन पहलूओं पर बारीकि से प्रकाश डाला। प्रोफेसर दीप्ती ने कहा की गीता में कई सारे मूल मंत्र है जिनसे की इस आपदा की घड़ी में हर पहलू पर नियंत्रण रखा जा सकता है। 

      तीसरे टेक्निकल सेशन में रिटायर्ड आईएएस विवेक अत्रे ने कहा कि यह मोटिवेशनल स्पीकर की प्रेरणा ही सफलता की कुंजी है। इस पर विस्तार अपने विचार व्यक्त किए।  उन्होंने कई सारे व्यक्तिगत उदाहरण देकर प्रतिभागियों को सफल बनने की प्रेरणा दी। प्रैक्टिकल सेक्शन 4 में लेडी इरविन कॉलेज नई दिल्ली डॉ अपर्णा खन्ना ने गेम बाइ गेम, इस विषय पर प्रकाश डालकर उन्होंने विस्तार से दिखाया कि कैसे हम छात्रों को कोविड-19 की घड़ी में गेम्स के द्वारा व्यस्त रख सकते हैं। उन्होंने कई विस्तार से उदाहरण भी देकर समझाया। इसके उपरांत डॉक्टर बलदेव कुमार, प्रोफेसर प्रोमिला बतरा, डॉ आभा खेतरपाल, डॉ रीता कालरा इन सभी ने कोविड-19 से जुड़े तथ्य एवं सत्य पर पैनल डिस्कशन की जिसे डॉ अंजू मनोचा ने मॉडरेट किया।  डिप्टी डायरेक्टर डॉ हेमंत वर्मा ने सभी प्रतिभागी व अतिथि गणों का आभार जताया। 

कुलपति डॉ नीता खन्ना ने आते ही किए महत्वपूर्ण विभागों में बदलाव, प्रोफेसर बृजेश साहनी होंगे नए डीपीआर

मनोज त्यागी, 15 मई:

धर्म नगरी कुरुक्षेत्र में नए उपकुलपति की टीम अब विभागों का जिम्मा संभालेगी कुलपति डॉ नीता खन्ना के ने गुरुवार को पांच महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत अधिकारियों से चार्ज लेकर पूर्व में इन पदों पर काम कर चुके दूसरे शिक्षकों को सौंप दिया है प्रोफेशन पवन शर्मा की जगह पूर्व कुलपति डॉ डीजेएस संधू के समय में इस पद पर रहे गणित विभाग के प्रोफेसर अनिल वशिष्ठ को छात्र कल्याण अधिवक्ता नियुक्त किया है, इसके साथ ही अब जनसंपर्क विभाग के निदेशक का पदभार भी प्रोफेसर तेजेंद्र शर्मा से लेकर पहले भी इस पद पर रहे अंग्रेजी विभाग के प्रोफेसर बृजेश साहनी को दिया गया है।

वहीं कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी युवा एवं सांस्कृतिक विभाग का कार्यभार भी प्रोफेसर तेजेंद्र शर्मा की जगह पहले भी निदेशक रह चुके डॉक्टर महाशिव पुनिया को सौंपा गया है वहीं पर डॉक्टर गुरचरण को डॉक्टर हितेश त्यागी की जगह युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग का उप निदेशक बनाया गया है इसके अलावा प्रोफ़ेसर प्रदीप कुमार की जगह इंस्ट्रूमेंटेशन विभाग के पहले भी आईटी सेल निदेशक रह चुके प्रोफेसर सुनील ढींगरा को आईटी सेल का निदेशक नियुक्त किया गया है इसी के साथ आईटी सेल की कमेटी के कंप्यूटर साइंस एंड एप्लीकेशन विभाग के प्रोफेसर राजेंद्र नाथ प्रोफेसर राकेश इंस्ट्रूमेंटेशन विभाग के डॉक्टर प्रदीप कुमार और इंस्टीट्यूट आफ इंटीग्रेटेड एंड स्टडीज के डॉ अश्विनी कुश को कमेटी का सदस्य नियुक्त किया गया है

खानपुर medical college मैं 101 कोरोना पॉजिटिव उपचाराधीन है

धर्मपाल वर्मा, चंडीगढ़ :

चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा जब 2005 में हरियाणा के मुख्यमंत्री बने उस समय सोनीपत जिले के गांव खानपुर कला में महिला शिक्षा संस्थान कन्या गुरुकुल अस्तित्व में था lहजारों की संख्या में देश प्रदेश की कन्याएं इस संस्थान में पढ़ रही थी। यहां के महत्व को देखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने इसे महिला विश्वविद्यालय के रूप में इसके संस्थापक भगत फूल सिंह के नाम पर विश्वविद्यालय बनाने का फैसला किया यहीं एक नया मील पत्थर साबित हुआ। भगत फूल सिंह महिला मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का फैसला लेकर उस समय जन-जन की वाह वाही लूटी थी l

आज पूरा प्रदेश महसूस कर रहा है कि ग्रामीण अंचल में स्थित यह मेडिकल कॉलेज बहुत उपयोगी सिद्ध हुआ है। आज स्थिति यह है कि खानपुर medical college मैं 101 कोरोना पॉजिटिव उपचाराधीन है। इस समय इसे विशेष तौर पर कोरोना उपचार के लिए प्रयुक्त किया जा रहा हैl खानपुर कला medical college का लाभ सोनीपत पानीपत करनाल सहित कई जिलों को मिल रहा है l

हजारों विद्यार्थियों का तुरंत नतीजे ऐलान करे एमआरएस-पीटीयू – हरपाल सिंह चीमा

  • पोस्ट मैट्रिक स्कालरशिप की सरकार की ओर बकाया खड़ी 1,850 करोड़ रुपए की राशि ने विद्यार्थियों का भविष्य किया अंधकारमय –आआपा
  • 1 हजार से अधिक कालेजों के परीक्षा फीसें न भुगतान करने पर यूनिवर्सिटी ने रोके नतीजे

राकेश शाह, चण्डीगढ़ 7 मई 2020

आम आदमी पार्टी (आआपा) पंजाब के सीनियर और विपक्ष के नेता हरपाल सिंह चीमा ने महाराजा रणजीत सिंह पंजाब टैकनिकल यूनिवर्सिटी (एमआरएस-पीटीयू) बठिंडा की ओर से अपने मान्यता प्राप्त कालेजों के हजारों विद्यार्थियों के नतीजे रोकने का सख्त नोटिस लिया है। यूनिवर्सिटी के इस फैसले से करीब 2000 विद्यार्थियों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। ऐसे फैसलों के कारण कोरोना-वायरस के इस नाजुक हलातों में विद्यार्थियों और उनके परिवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। 

पार्टी हैडक्वाटर से जारी बयान में हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि उनके साथ कुछ प्रभावित विद्यार्थियों ने संपर्क कर जानकारी दी है कि करीब 1,012 कालेजों ने यूनिवर्सिटी को परीक्षा फीसों का भुगतान नहीं किया। जिस कारण यूनिवर्सिटी ने नतीजा ऐलान करने पर रोक लगा दी है। 

चीमा ने कहा कि दूसरी तरफ इन कालेजों की पोस्ट मैट्रिक स्कालरशिप (पीएमएस) स्कीम के अधीन लगभग 1850 करोड़ रुपए की राशि सरकार की तरफ बकाया है और जब तक सरकार बकाया रकम का भुगतान नहीं करती, उस समय तक कालेज यूनिवर्सिटी को फीस अदा नहीं कर रहे, विद्यार्थी इस चक्की में बेवज़्हा पीस रहे हैं। इस लिए मुख्य मंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह को इस मामले में तुरंत दखल देना चाहिए।  

चीमा ने कहा कि सरकारों की गलत नीतियों और नियतों से हजारों छात्रों और शिक्षा संस्थाएं अनावश्यक समस्याओं का सामना कर रही हैं। इस की मिसाल यह है कि साल 2015 में तत्कालीन अकाली-भाजपा सरकार ने इन्द्र कुमार गुजराल पंजाब टैकनिकल यूनिवर्सिटी जालंधर को दो हिस्सों में बांटा था। जिस में कुछ कालेज आईकेजी-पीटीयू के अधीन थे और कुछ कालेज नई बनी एमआरएस-पीटीयू बठिंडा के अधीन थे। तत्कालीन अकाली-भाजपा सरकार ने  आईकेजी-पीटीयू को नई बनी यूनिवर्सिटी के साथ कुछ फंड सांझे करने के लिए कहा था, परंतु आईकेजी-पीटीयू ने अपने फंड़ को सांझा करने से इन्कार कर दिया, जिस कारण एमआरएस-पीटीयू पहले से ही बड़े वित्तीय संकट में से गुजर रही है। 

हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि एक तरफ एआईसीटीई और देश की ओर चोटी की शैक्षिक संस्थाओं विद्यार्थियों से कोई फीस न लेने का सुझाव दे रही हैं और कालेजों को स्टाफ की तनख्वाह अदा करने के निर्देश दे रही हैं जबकि दूसरी तरफ एमआरएस-पीटीयू ने इन विद्यार्थियों के नतीजों को रोका हुआ है। 

विपक्ष के नेता चीमा ने कहा कि यदि कालजिस यूनिवर्सिटी को भुगतान करन में असफल रहती है तो इस में विद्यार्थियों का क्या कसूर है और लॉकडाउन के कारण उन की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है और साथ ही यूनिवर्सिटी अब पिछले समैस्टर के नतीजों का ऐलान भी नहीं कर रही है। 

हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि एक तरफ पंजाब सरकार बड़ी वित्तीय संकट का सामना कर रही है, जबकि दूसरी तरफ पंजाब सरकार एक ही काम पर दोगुनी रकम खर्च रही है।

पंजाब के सरकारी काॅलेजों और यूनिवर्सिटियों में गर्मियों की छुट्टियाँ 15 मई से 15 जून तक होंगी – तृप्त बाजवा

राकेश शाह, चंडीगढ़, 7 मईः

पंजाब सरकार ने राज्य के सरकारी काॅलेजों और यूनिवर्सिटियों में 15 मई से 15 जून तक गर्मियों की छुट्टियाँ करने का फैसला किया है।
राज्य के उच्च शिक्षा और भाषा मंत्री तृप्त राजिन्दर सिंह बाजवा ने इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए बताया कि यूनिवर्सिटियों और काॅलेजों से मिली जानकारी के अनुसार चालू समेस्टर / क्लास का तकरीबन 80 प्रतिशत सिलेबस पूरा हो चुका है और रहता सिलेबस पूरा करने के लिए अध्यापक विद्यार्थियों की हर संभव तरीकेे से मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा तालाबन्दी से बाहर आने के लिए बनाई गई लखनपाल समिति और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार यूनिवर्सिटी और काॅलेज विद्यार्थियों के इम्तिहान 1 जुलाई से लिए जा सकते हैं। इन दिशा-निर्देशों पर यूनिवर्सिटियों के वाइस चांसलरों के साथ हुई मीटिंग में भी सहमति थी कि अगला अकादमिक सत्र सितंबर में शुरू किया जायेगा।

बाजवा ने कहा कि उपरोक्त स्थिति के मद्देनजर यह महसूस किया गया कि यूनिवर्सिटियों और काॅलेजों में होने वाली गर्मियों की छुट्टियाँ इन दिनों में कर दी जाएँ ताकि छुट्टियों के बाद अध्यापक इम्तिहानों और नये दाखिलों का काम करने के लिए पूरी तरह तरोताज़ा होकर अएं। उन्होंने कहा कि यह छुट्टियाँ करने सम्बन्धी विभाग द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने मंजूरी दे दी है।
उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि गर्मियों की छुट्टियाँ करने सम्बन्धी सरकार के आदेश आज यूनिवर्सिटियों को पहुँच जाएंगे।

एबीवीपी और बीएपी ने उपायुक्त कार्यालय में दवाइयाँ बांटीं

आज पंचकूला के उपायुक्त कार्यालय में मौजूद सभी पुलिसकर्मी जो कि इस नाज़ुक हालात में भी अपनी जिम्मेदारी बाखूबी व बिना कोई बीमारी की चपेट में आने के डर से निभा रहे हैं उनको आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद व भारतिय आयुर्वेद परिषद द्वारा आयुर्वेदिक औषधि बांटी गई।

सेवा की शुरुआत IPS मोहित हांडा से की गई अतः सीनियर इंस्पेक्टर सुखदेव ने वही पर औषधि मिलते ही उसका सेवन भी किया व दफ्तर के अन्य कार्यकर्ताओं को भी यह दिलवाई।

सेवा के लिए ABVP जिला प्रमुख सुशील शास्त्री जिला मीडिया प्रमुख पुरनूर व भारतिय आयूर्वेद परिषद से डॉ चित्रा और डॉ अनु उपस्थित रहीं।

दोनो परिषदों ने मिलकर न केवल दवाई बाँटि बल्कि सभी पुलिस कर्मियों का हार्दिक धन्यवाद भी किया क्योंकि इन्हीं के द्वारा सख्ती बरतने के कारण सब अपने अपने घर मे सुरक्षित हैं।

गुजवि में दाखिला प्रक्रिया शुरू, बीएससी ड्यूल डिग्री कोर्सों के लिए आवेदन आमंत्रित

धर्मपाल वर्मा, चंडीगढ़:

हिसार:

गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय (गुजवि) ने सत्र 2020-21 के लिए दाखिला प्रक्रिया शुरू कर दी है। कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने मंगलवार को दाखिला प्रक्रिया के लिए स्थापित किए गए ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ किया। प्रो. टंकेश्वर कुमार ने बताया कि ड्यूल डिग्री बीएससी (ऑनर्स) फिजिक्स – एमएससी (फिजिक्स), ड्यूल डिग्री बीएससी (ऑनर्स) केमिस्ट्री-एमएससी (केमिस्ट्री), ड्यूल डिग्री बीएससी (ऑनर्स) मैथेमेटिक्स-एमएससी (मैथेमेटिक्स), ड्यूल डिग्री बीएससी (ऑनर्स) बायो टेक्नोलॉजी – एमएससी (बायो टेक्नोलॉजी), बीएससी (ऑनर्स)- कंप्यूटर (डाटा साइंस), बीएससी (ऑनर्स)- इकोनोमिक्स, बीएससी (ऑनर्स) साइकोलॉजी और बैचलर ऑफ फिजियोथैरेपी में दाखिलों के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। सभी तरह की लेटेस्ट विविध एवं शैक्षणिक खबरों के लिए “हरियाणा एजुकेशनल अपडेट” फेसबुक पेज ज्वाइन करें।

आवेदन पांच मई से विश्वविद्यालय के वेबसाइट www.gjust.ac.in पर उपलब्ध हो गए हैं। नेट बैंकिंग या डेबिट क्रेडिट कार्ड से फीस जमा कराने की अंतिम तिथि 15 जून है। ऑनलाइन आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 18 जून है। आवेदक की प्रार्थना पर कैटेगरी में संशोधन 22 जून तक ऑनलाइन किया जा सकेगा।

आवेदक ईमेल ucic.gjust@gmail.com पर संपर्क कर सकता है। दाखिले से संबंधित जानकारियां जैसे प्रवेश परीक्षा की तिथियां, मेरिट लिस्ट का डिस्प्ले और काउंसिलिंग की तिथियों आदि की जानकारी विवि की वेबसाइट पर उपलब्ध करवा दी जाएगी।

Vice President of India interacts through Video Conferencing

Chandigarh April 13, 2020

Vice President of India , Shri Vankiah Naidu  interacted with the Vice-Chancellors of five Universities through Video-Conferencing today.

Secretary DoPT and Director IIPA, VCs of Panjab University Chandigarh, Pondicherry University, Makhanlal Chaturvedi University Bhopal, Delhi University, Hyderabad University were present.

 At the outset, Mr Subha Rao, Secretary to Vice President of India, while initiating discussion invited Vice President of India for his inaugural remarks. VP of India welcomed the VCs and explained the ongoing crisis and what the Universities should do in respect of teaching, research and student-related activities. He asked the Vice Chancellors present in the video conference  to share the strategies adopted by different Universities in the light of ongoing pandemic CORONOVIRUS.

 Vice-Chancellor, Panjab  University, Prof Raj Kumar mentioned about the action taken by the University to minimise disruption in the teaching, examination & research activities. He informed that our faculty is actively engaged in online teaching using various technologies like Zoom Cloud, Skype, Google classrooms etc. He also
highlighted that PU has submitted research proposal against the SARS-CoV-2 Corona virus in collaboration with Professor Nikolai Petrovsky, South Australian Researcher, which was appreciated by Mr Vice-President . Prof Raj Kumar also mentioned about the constitution of Advisory and Task force for effectively handling challenges confronted by the University in the present-day crisis and also assured that University is ready to conduct examination after the lockdown and strategies have been prepared to declare result at the earliest.

Vice President of India appreciated the efforts of academic leaders and stressed upon the need to encourage students to learn from the crisis and use the available time with parents and grandparents, do physical exercises, learn more than one language and love nature and Indian culture for better future.

कोरोना संक्रामण : उत्तर प्रदेश के 15 जिले पूरी तरह से सील

उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के देखते हुए योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश सरकार ने राज्य के 15 जिलों के  हॉटस्पॉट को  पूरी तरह से सील करने का फैसला लिया है। ये आदेश रात 12 बजे से लागू होगा। यूपी के ये 15 जिले कोरोना वायरस के हॉटस्पॉट कहे जा रहे हैं। इन सभी जिलों में 15 अप्रैल तक किसी भी तरह की आवाजाही नहीं होगी यानी 100 फीसदी लॉकडाउन। इन जिलों में सरकार द्वारा जरूरी समान की होम डिलिवरी की जाएगी। किसी भी व्यक्ति को बाहर जाकर सामान खरीदने की इजाज़त नहीं होगी।  मुख्यमंत्री योगी ने उत्तर प्रदेश के 15 जिलों के हॉटस्पॉट क्षेत्रों को 13 अप्रैल तक पूर्ण रूप से सील करने के निर्देश दिए हैं । आज रात 12 बजे के बाद लखनऊ, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, आगरा, कानपुर, वाराणसी, शामली, मेरठ, सीतापुर, बरेली, बुलंदशहर, फिरोजाबाद, बस्ती, सहारनपुर और महाराजगंज के जिस इलाकों में कोरोना वायरस के मरीज मिले हैं वो क्षेत्र सील कर दिए जाएंगे ।

लखनऊ ब्यूरो, 8 मार्च 2020:

कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए यूपी सरकार ने बड़े फैसले का ऐलान किया है. इसके तहत यूपी के 15 जिलों के कुछ इलाके 15 अप्रैल तक पूरी तरह सील रहेंगे.  सील होने वाले इलाकों में आने-जाने पर रोक रहेगी. आगरा, कानपुर, वाराणसी, शामली, गाजियाबाद, मेरठ, कानपुर, बुलंदशहर, महाराजगंज, सहारनपुर समेत 15 जिलों के कुछ इलाके पूरी तरह सील रहेंगे.

किसी को किसी भी स्थिति में बाहर निकलने की इजाजत नहीं

राज्य सरकार का कहना है कि इन सभी जिले कोरोना के हास्टस्पॉट हैं, जिसे पूरी तरह से सील कर दिया गया है। इस फैसले के बाद लॉकडाउन में किसी भी व्यक्ति को कोई छूट नहीं मिलेगी। इस दौरान न तो कोई दुकानें खुलेंगी और न ही किसी को किसी भी वजह से सड़क पर निकलने की इजाजत दी जाएगी।सिर्फ आवश्यक वस्तुओं की होम डिलिवरी की जाएगी। हालांकि, इस दौरान केवल कर्फ्यू पास वाले लोगों को ही घर से बाहर निकलने की इजाजत दी जाएगी। 15 अप्रैल तक स्थिति की समीक्षा की जाएगी, इसके बाद आगे का फैसला लिया जाएगा।

लखनऊ और नोएडा के कुछ इलाके पहले से सील

इस फैसले के बारे में बताते हुए अपर सचिव अवनीश अवस्थी ने कहा कि पूरे जिले में जिन जगहों पर पॉज़िटिव केसे आए हैं, वहां संवेदनशील स्थानों को चिन्हित किया गया है और उसे पूरी तरह से सील किया जाएगा। ऐसे लखनऊ और नोएडा के कुछ इलाकों में पहले ही किया जा चुका है। सीधे कहा जा रहा है कि इस सील का मतलब है कि  आवश्यक सेवाओं को छोड़कर किसी को भी कर्फ्यू पास जारी नहीं किया जाएगा। इन जरूरी सेवाओं के आलावा किसी को भी अपने घर से निकलने की इजाजत नहीं है। इन जिलों की सीमाओं को भी पूरी तरह से सील कर दिया गया है। यहां तक की मीडियाकर्मियों की एंट्री भी बैन करने का विचार हो रहा है। विशेष परिस्थिति में ही केवल इजाजत दी जाएगी।

15 जिलों में कितने केस

आगरा- 64 केस, शामली-17 , मेरठ-35, बरेली-6, कानपुर-8, वाराणसी-9, लखनऊ, बस्ती- 8, गाजियाबाद-23, गौतमबुद्धनगर-58, महाराजगंज-6, सीतापुर-8, बुलंदशहर-8, फिरोजाबाद-7

इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस के कारण देशव्यापी लॉकडाउन से उत्पन्न हालात पर विचार विमर्श के लिए बुधवार को लोकसभा एवं राज्यसभा में विपक्ष समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ बातचीत की.

वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद, राकांपा के शरद पवार, शिवसेना के संजय राउत के अलावा तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय, बसपा के सतीश चंद्र मिश्रा, द्रमुक के टी आर बालू, बीजद के पिनाकी मिश्रा, वाईएसआर के मिथुन रेड्डी, सपा के राम गोपाल यादव, जदयू के राजीव रंजन सिंह, लोजपा के चिराग पासवान, अकाली दल के सुखवीर सिंह बादल सहित कई अन्य दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया .

प्रधानमंत्री ने संसद के दोनों सदनों में उन दलों के नेताओं के साथ संवाद किया जिनके संसद में पांच से अधिक सांसद हैं .

गौरतलब है कि 24 मार्च से 21 दिनों के लॉकडाउन के बाद प्रधानमंत्री का विपक्षी दलों के साथ यह पहला संवाद है. हालांकि, प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे पर 2 अप्रैल को देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से संवाद किया था .

प्रधानमंत्री ने हाल के दिनों में डाक्टरों, पत्रकारों, विदेशों में भारतीय मिशनों के राजनयिकों सहित विभिन्न पक्षकारों से बातचीत की है.

हाल ही में प्रधानमंत्री ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, द्रमुक प्रमुख स्टालिन सहित कई नेताओं से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये संवाद कर महामारी रोकने के लिये सरकार के प्रयासों की जानकारी दी थी .

मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, प्रणब मुखर्जी के अलावा पूर्व प्रधानमंत्रियों एच डी देवेगौड़ा और मनमोहन सिंह से भी बात की थी

राज्यों ने लॉकडाउन समय में वृद्धि का प्रस्ताव दिया

सरकार का सोचना है कि इससे स्कूल और कालेज एक तरह से गर्मियों की छुट्टियों को मिलाकर जून के अंत तक बंद रहेंगे। गर्मियों की छुट्टी आम तौर पर मई के मध्य से शुरू हो जाती हैं। जीओएम ने सिफारिश की है कि सभी धार्मिक संगठनों को कोरोना वायरस को रोकने के एहतियाती कदम के तहत 15 मई तक गतिविधियां शुरू करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। जीओएम का गठन देश में कोरोना वायरस के कारण उत्पन्न स्थिति की समीक्षा करने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सुझाव देने के लिए किया गया है।

नई दिल्ली:

भारत में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच देश में लॉकडाउन की समयावधि बढ़ाई जाएगी या नहीं इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासकों और लेफ्टिनेंट गवर्नर से संवाद के बाद फैसला लेंगे। मिली जानकारी के अनुसार शनिवार को मुख्यमंत्रियों, प्रशासकों और लेफ्टिनेंट गवर्नर्स से प्रधानमंत्री मोदी वीडियो कॉंफ्रेंसिंग के जरिए संवाद स्थापित करेंगे।

मुख्यमंत्रियों के साथ पिछली बैठक में पीएम मोदी ने लॉकडाउन हटाने को लेकर सुझाव मांगे थे, जिससे गरीब और प्रवासी श्रमिकों की परेशानी खत्म हो सके। सरकार चरणबद्ध तरीके से लॉकडाउन खत्म करना चाहती है। केंद्र सरकार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि केंद्र उन जगहों से प्रतिबंध हटाने को तैयार है, जहां कोविड -19 के मामले नहीं आ रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि कई सचिवों के साथ ही नीति आयोग के शीर्ष अधिकारियों का मानना है कि 15 अप्रैल के बाद भी पूर्ण रूप से लॉकडाउन के चलते अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान होगा। वे उन क्षेत्रों में प्रतिबंध खत्म करने के पक्ष में हैं जो ‘रेड जोन’ नहीं हैं।

बता दें कि मौजूदा लॉकडाउन की अवधि 21 दिन की है जो 14 अप्रैल की मध्य रात्रि खत्म हो जाएगी। इससे पहले कई राज्यों ने अपनी चिंता जाहिर की है। बुधवार सुबह 9 बजे स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी किये गये आंकड़ों के अनुसार देश भर में 5194 मामले दर्ज किये गये जिसमें से 4643 केस एक्टिव हैं और 401 मरीज अस्पताल से डिस्चार्ज किये जा चुके हैं। वहीं 149 लोगों की मौत हो चुकी है साथ ही 1 मरीज विदेश शिफ्ट हो चुका है।

बता दें Covid19 से निपटने के लिए गठित मंत्रियों के समूह (GoM) ने 15 मई तक सभी शैक्षणिक संस्थाओं को बंद रखने और लोगों की सहभागिता वाली सभी धार्मिक गतिविधियों पर रोक लगाने की सिफारिश की है। मंत्री समूह का कहना है कि सरकार चाहे 21 दिनों के लॉकडाउन (Lockdown In India) को आगे बढ़ाये या नहीं, लेकिन शैक्षणिक तथा धार्मिक गतिविधियों पर 15 मई तक रोक लगानी चाहिए। आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। हालांकि देश के कुछ राज्यों ने लॉकडाउन बढ़ाने के संकेत दिए हैं, लेकिन इसपर अभी फैसला नहीं लिया गया है. राजस्थान, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, छत्तीसगढ़ लॉकडाउन बढ़ाने के पक्ष में है. महाराष्ट्र ने भी लॉकडाउन बढ़ाने के संकेत दिए हैं, पर कैबिनेट की बैठक में इसपर कोई ठोस फैसला नही हुआ.

मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लॉकडाउन बढ़ाने का संकेत देते हुए कहा, ‘हमारे लिए जनता की जिंदगी महत्वपूर्ण है. इसलिए #Lockdown और सह लेंगे, अर्थव्यवस्था बाद में भी खड़ी कर लेंगे, लेकिन लोगों की जिंदगी चली गई तो वापस कैसे ले आयेंगे? इसलिए अगर जरूरत पड़ी तो लॉकडाउन को आगे भी बढ़ायेंगे. परिस्थितियां देखकर फैसला करेंगे.’

उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश सरकार ने भी लॉकडाउन बढ़ाए जाने की संभावना से इंकार नहीं किया है. ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा, ‘संवेदनशीलता बढ़ने के कारण 14 अप्रैल के बाद भी लॉकडाउन खुल पाएगा या नहीं, यह अभी कहा नहीं जा सकता है. इस पर कुछ भी कहना, अभी संभव नहीं होगा, क्योंकि लॉकडाउन से जितनी भी व्यवस्था बनाकर केसों को नियंत्रित किया गया है, अगर 1 भी केस प्रदेश में रह जाता है तो लॉकडाउन को खोलना उचित नहीं होगा. लॉकडाउन खुलने से पुनः वही स्थिति आ सकती है.’

तेलंगाना

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने पीएम मोदी से अपील करते हुए कहा है, ‘जून के पहले सप्ताह तक बढ़ाएं लॉकडाउन, वरना कंट्रोल संभव नहीं. तत्काल सभी सीएम से बात करके लॉकडाउन बढ़ाने को लेकर फैसला करना चाहिए.’ 

पुडुचेरी

पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणस्वामी ने कहा कि कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में यदि केंद्र सरकार ने लॉकडाउन की अवधि 14 अप्रैल से आगे बढ़ाया तो उनकी सरकार केंद्र सरकार के इस फैसले का समर्थन करेगी.

छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री मोदी को एक पत्र लिखा है. पत्र में उन्होंने पीएम मोदी से अपील करते हुए लिखा है कि यदि 14 अप्रैल से अंतर्राज्यीय आवागमन प्रारंभ किया जाता है तो उसके पहले कोविड-19 का प्रसार रोकने के ठोस उपाय सुनिश्चित किए जाने चाहिए. उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि लॉक डाउन समाप्त होने से पहले इस संबंध में व्यापक विचार विमर्श होना चाहिए.

हरियाणा

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा, ‘हम केंद्र सरकार द्वारा जारी निर्दशों का पालन करेंगे. जैसा हम देख रहे हैं कि कोरोना वायरस की बीमारी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है, ऐसे में यह अभी कुछ भी कह पाना संभव नहीं है कि हम लॉकडाउन खत्म करेंगे या आगे बढ़ाएंगे.’

महाराष्ट्र

महाराष्ट्र सरकार ने भी इस बात के संकेत दिए हैं कि राज्य में लॉकडाउन की अवधि बढ़ाई जा सकती है, हालांकि अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है. महाराष्ट्र कैबिनेट की बैठक में लोकडाउन को लेकर कोई ठोस फैसला नहीं हो सका. सरकार आनेवाले दिनों में स्थिति का जायझा लेकर कोई भी फैसला करेगी. कैबिनेट बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि अगर पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़ी तो राज्य में लॉकडाउन रखा जाएगा.’

राजस्थान

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, ‘राज्य में एक साथ लॉकडाउन नहीं खुलेगा. राजस्थान में 40 जगहों पर कर्फ्यू है. जो भी होगा वो फेज वाइज होगा. इस मुद्दे पर जो भी फैसला लिया जाएगा, वो चर्चा के बाद ही लिया जाएगा.’

दिल्ली

ऐसी खबरें हैं कि दिल्ली में लॉकडाउन की अवधि बढ़ाई जा सकती है, हालांकि आधिकारिक तौर पर इस मुद्दे पर कुछ भी नहीं कहा गया है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के अनुसार, ‘कोरोना को अकेले कोई ठीक नहीं कर सकता है. आज सारी सरकारें टीम की तरह काम कर रही हैं. राजनीति से ऊपर उठकर काम कर रही हैं. सारी राज्य सरकारों को मिलकर काम करना होगा.’

सूत्रों ने बताया कि सरकार का सोचना है कि इससे स्कूल और कालेज एक तरह से गर्मियों की छुट्टियों को मिलाकर जून के अंत तक बंद रहेंगे। गर्मियों की छुट्टी आम तौर पर मई के मध्य से शुरू हो जाती हैं। जीओएम ने सिफारिश की है कि सभी धार्मिक संगठनों को कोरोना वायरस को रोकने के एहतियाती कदम के तहत 15 मई तक गतिविधियां शुरू करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। जीओएम का गठन देश में कोरोना वायरस के कारण उत्पन्न स्थिति की समीक्षा करने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सुझाव देने के लिए किया गया है।