आरटीआई कार्यकर्ताओं पर प्रतिबंध लगाने पर सोच रहा पंजाब विश्वविद्यालय

डेमोक्रेटिक फ्रंट, चण्डीगढ़ – 09 अप्रैल :

व्हिसलब्लोअर इंजीनियर सतेंद्र दुबे की वर्ष 2003 में हुई हत्या के बाद, यहां एक तरफ भारत की सर्वोच्च अदालत केंद्र सरकार को लगातार व्हिसलब्लोअर सुरक्षा के निर्देश देती रही है, वहां दूसरी तरफ आलम यह है कि भारत सरकार से करोड़ों की ग्रांट लेने वाला चंडीगढ़ का पंजाब विश्वविद्यालय भ्रष्टाचारियों को बचाने तथा आरटीआई एक्टिविस्टों को दबाने के हथकंडे इजाद करता आ रहा है। हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमे इस विश्वविद्यालय ने चंडीगढ़ के ही एक आरटीआई कार्यकर्ता डॉ राजेंद्र के सिंगला के यूनिवर्सिटी परिसर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने पर विचार करना शुरू कर दिया है। हालांकि एक सार्वजनिक संस्था होने के नाते डॉ सिंगला का भी परिसर में जाने का उतना ही हक है जितना एक आम व्यक्ति का, लेकिन लगता है कि दिन प्रतिदिन उजागर हो रहे घपले और घोटालों से परेशान पंजाब विश्वविद्यालय प्रशासन शायद इतना बौखला गया है कि उन्हें संविधानिक और असंवैधानिक का अंतर भी समझ नहीं आ रहा है।

मामले की शुरुआत होती है 25 नवंबर 2023 को, जब उस दिन हुई एक सिंडिकेट मीटिंग में सीनेटर वीरेंद्र सिंह ने कहा कि डॉ आर के सिंगला को नोटिस दिया जाए, क्योंकि वह यूनिवर्सिटी के अधिकारियों पर गलत दबाव डाल कर अपना काम निकलवाते हैं। आरटीआई का दुरुपयोग करके ब्लैकमेल करने के जो संकेत सीनेटर वीरेंद्र सिंह ने डॉ आर के सिंगला के खिलाफ दिए, उसका कोई भी पुख्ता सबूत या दस्तावेज उन्होंने सिंडिकेट सदस्यों के समक्ष नहीं रखा। मजबूरन, डॉ सिंगला को ही आरटीआई आवेदन डाल कर अब पीयू अधिकारियों से पूछना पड़ा है कि उन्हें वो सभी तथ्य और दस्तावेज मुहैया करवाए जाएं, जिनके आधार पर पंजाब यूनिवर्सिटी मीटिंग में इस विषय पर विचार विमर्श किया गया।

सीनेटर वीरेंद्र सिंह ने एक पूर्व कालेज प्रोफेसर तरुण घई की एंट्री बैन का तर्क देते हुए कहा है कि वो न ही अब इस विश्वविद्यालय के छात्र है, न अध्यापक और न ही उनका विश्वविद्यालय से कुछ लेनदेन है। यहां सवाल पैदा होता है कि क्या केवल छात्र, अध्यापक अथवा विश्वविद्यालय में कामकाज के लिए आए व्यक्ति ही यहां प्रवेश पा सकते हैं? दूसरी तरफ, डॉ सिंगला तो बतौर एक छात्र, अध्यापक, रिसर्चर तथा आरटीआई कार्यकर्ता पिछले 43 वर्षों से इस विश्वविद्यालय से जुड़े हुए हैं, उनका प्रवेश वर्जित क्यों, ऐसे कोई भी कारण विश्वविद्यालय ने अब तक स्पष्ट नहीं किया हैं।

पंजाब विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर रेनू बिग ने मामले को कालेज डेवलपमेंट काउंसिल डीन प्रोफेसर संजय कौशिक को दर्ज करवाते हुए ऐसा कुछ भी स्पष्ट नहीं किया कि आखिर वह कौन से नियम हैं जिनके तहत किसी व्यक्ति का पंजाब विश्वविद्यालय में प्रवेश वर्जित किया जा सकता है, अथवा डॉ सिंगला की एंट्री से पंजाब विश्वविद्यालय को क्या खतरा है।

पिछले तीन दशकों में उच्च शिक्षा से जुड़े भ्रष्टाचार के ऐसे अनेक मामले थे, जिन्हे डॉ सिंगला ने लगातार उजागर करते आ रहे हैं। पंजाब विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली का शायद ही कोई ऐसा पहलू बचा हो, जिसमें हो रहे घपले घोटालों का उन्होंने पर्दाफाश न किया हो। वर्ष 2005 में देश में सूचना का अधिकार कानून लागू होने से अब तक 1675 आरटीआई आवेदन डाल कर उनके द्वारा अनावृत किए गए घोटालों में से कई लगातार समाचार पत्रों की सुर्खियां बनते रहे। बिना एफिलिएशन और एनसीटीई मान्यता के 23 छात्रों को बीपीडी की डिग्रियां बांटना, पूर्व वाइस चांसलर प्रोफेसर अरुण कुमार ग्रोवर की पत्नी डॉक्टर नीरा ग्रोवर की बैकडोर म्यूजिक प्रोफेसर की नियुक्ति, कॉलेज प्रिंसिपल और यूनिवर्सिटी के सीनेटर डा बीसी जोसन की बेटी मनदीप जोसन की फर्जी पीएचडी के आधार पर हुई असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति को प्रोफेसर अरुण ग्रोवर द्वारा दी गई गैरकानूनी मंजूरी, यूजीसी नियमो को ताक पर रख कर चहेतों को पदोन्नति देकर सरकारी खजाने को पहुंचाया गया वित्तीय नुकसान, यूनिवर्सिटी स्टोर से सीमेंट चोरी में पकड़े गए तत्कालीन एसडीओ आर के राय के खिलाफ आई सदानंद इंक्वायरी रिपोर्ट को गायब करके उन्हें एक्सईएन के पद पर पद्दोनत करना, रजिस्ट्रार, कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन, डीन कालेज डेवलपमेंट काउंसिल जैसे प्रशासनिक पदों को भरने से पहले नियमो को चहेतों के अनुसार बदलना, यूनिवर्सिटी बिजनेस स्कूल की प्रोफेसर मीना शर्मा के बेटे गर्वित शर्मा को बिना योग्यता एमबीए में दाखिला देना, सिलेक्शन पदों को योग्यता के आधार पर भरने की जगह चहेतों को इन पदों पर ऑफिसिएटिंग रास्ते से लगाना, एमबीए पेपर सेटिंग में भी सेटिंग करना, छात्रों के एम्लगामेटेड फंड से ट्यूबवेल लगवा देना, तथा सूचना अधिकार अधिनियम की धाराएं 8 और 9 से छेड़छाड़ करके अपनी ही 48 आइटम्स की एक लिस्ट बना कर लंबे समय एक सूचनाएं छिपाना, इतियादी ऐसे अनेक मामले थे जो डॉ. सिंगला द्वारा आरटीआई कानून की मदद से किए गए प्रयासों की बदौलत ही जनतक हो सके।

करदाताओं के पैसे से चले संस्थानों के भ्रष्टाचार को उजागर करने वालों का प्रवेश अगर ऐसे ही उन संस्थानों में वर्जित होने लगा, तो सूचना के अधिकार से आने वाली पारदर्शिता, जवाबदेही और अच्छे प्रशासन की जो उम्मीदें बची थी, वो भी खतम हो जायेंगी। भ्रष्ट अधिकारियों को संरक्षण देने के लिए आरटीआई की उड़ाई जा रही धज्जियां और डा सिंगला जैसे आरटीआई एक्टिविस्ट के यूनिवर्सिटी परिसर में प्रवेश पर अंकुश को सिंडिकेट में लाकर जिस धड़ल्ले से भ्रष्टाचार को समर्थन दिया गया है, इसकी मिसाल शायद ही देश में मिले। बता दें कि डॉ सिंगला ने प्री-यूनिवर्सिटी से पीएचडी, एलएलबी तक की अपनी पूरी पढ़ाई पंजाब विश्वविद्यालय से ही की है, और शिक्षा में भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम के लिए उन्हें भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम और सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के साथ प्रतिष्ठित जिंदल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

डॉ. सिंगला ने बताया कि पूरे मामले की शिकायत पंजाब यूनिवर्सिटी के चांसलर तथा देश के उपराष्ट्रपति को भी की जा चुकी है, लेकिन किसी करवाई का अभी इंतजार है।

चण्डीगढ़ निवासी मुनीश्वर शर्मा बने एनएसयूआई के राष्ट्रीय सचिव

डेमोक्रेटिक फ्रंट, चण्डीगढ़ – 30 मार्च    :

चण्डीगढ़ निवासी युवा नेता मुनीश्वर शर्मा को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के छात्र विंग संगठन एनएसयूआई के राष्ट्रीय सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है। इसकी घोषणा एआईसीसी के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने की। इससे पहले एनएसयूआई के राष्ट्रीय समन्वयक एवं हिमाचल प्रदेश एनएसयूआई के सह प्रभारी के रूप में कार्यरत मुनीश्वर शर्मा के पास यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, पंजाब यूनिवर्सिटी, चण्डीगढ़ से इंजीनियरिंग पासआउट हैं। उन्होंने पीयूसीएससी चुनावों में पार्टी की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुनीश्वर शर्मा ने इस नियुक्ति के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और एआईसीसी महासचिव वेणु गोपाल राय का आभार जताया। उन्होंने नवनिर्वाचित एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी और एनएसयूआई प्रभारी कन्हैया कुमार को भी विशेष धन्यवाद दिया। उल्लेखनीय है कि मुनीश्वर शर्मा पंजाब, हिमाचल एवं चण्डीगढ़ क्षेत्र से एनएसयूआई की ओर से नियुक्त किये गए एकमात्र छात्र नेता हैं। 

देश भगत विश्वविद्यालय ने दो विश्वविद्यालय के संचालन का अधिग्रहण किया

देश भगत विश्वविद्यालय ने सेंट विंसेंट और द ग्रेनेडाइंस में सेंट टेरेसा विश्वविद्यालय के संचालन का अधिग्रहण किया

डेमोक्रेटिक फ्रंट, चण्डीगढ़- 28 मार्च    :

देश भगत विश्वविद्यालय ने सेंट विंसेंट और ग्रेनेडाइंस में सेंट टेरेसा विश्वविद्यालय के अधिग्रहण किया है, जो अपने वैश्विक पदचिह्न के विस्तार और अकादमिक उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। आज चण्डीगढ़ प्रेस क्लब में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में इस अधिग्रहण पर बोलते हुए  देश भगत विश्वविद्यालय के चांसलर डॉ जोरा सिंह और प्रो-चांसलर डॉ तजिंदर कौर ने इन्वेस्ट एसवीजी द्वारा गर्मजोशी से स्वागत और व्यापक समर्थन के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा, “हम सेंट टेरेसा विश्वविद्यालय के इस अधिग्रहण को शुरू करने के लिए रोमांचित हैं, अब सेंट टेरेसा विश्वविद्यालय देश भगत विश्वविद्यालय का एक उद्यम है और अकादमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने और चिकित्सा के क्षेत्र में भविष्य के लीडर्स का पोषण करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जाहिर करता है।” 

इन्वेस्ट एसवीजी ने सेंट टेरेसा विश्वविद्यालय में संचालन की आगामी धारणा पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सेंट विंसेंट और ग्रेनेडाइंस द्वीप पर देश भगत विश्वविद्यालय और इसके प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत किया। यह अधिग्रहण शैक्षिक परिदृश्य में एक नया अध्याय लिखेगा। अब देश भगत विश्वविद्यालय के तत्वावधान में सेंट टेरेसा विश्वविद्यालय में डॉक्टर ऑफ मेडिसन (एमडी) कार्यक्रम अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ अकादमिक विशेषज्ञता के संयोजन से जारी रहेगा। छात्र नई शिक्षण विधियों और व्यापक पाठ्यक्रम के जरिए अपना बौद्धिक और व्यावसायिक स्तर विकसित कर पाएंगे।

इस उपक्रम पर अपने विचार रखते हुए सनाथनाराज कुमार ने कहा, “एसटीयू के संस्थापक होने के नाते मैं इस अधिग्रहण के लिए डीबीयू का आभार व्यक्त करता हूं और वे भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के लिए एक अत्याधुनिक सुविधा और व्यवहार्य सीखने के माहौल का विकासित करेंगे। हम डीबीयूए को आइवी लीग में विश्वविद्यालयों में से एक बनाने के लिए मिलकर काम करेंगे।” इस अवसर पर अध्यक्ष डॉ संदीप सिंह ने कहा कि देश भगत विश्वविद्यालय सेंट विंसेंट और ग्रेनेडाइंस में समुदाय और हितधारकों के साथ मजबूत संबंध बनाने के लिए तत्पर है, जबकि शिक्षा और अनुसंधान के उच्चतम मानकों को बनाए रखने का वादा करता है।

उपाध्यक्ष हर्ष सदावर्ती और इंटरनेशनल डायरेक्टर अरुण मलिक ने सेंट विंसेंट और द ग्रेनेडाइंस में देश भगत विश्वविद्यालय के इस नए उद्यम और छात्रों के लिए अमेरिकन ऑफशोर मेडिकल स्कूल में अध्ययन करने के अवसर के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

यूआईएलएस, पीयू का 7वां नेशनल लॉ फेस्ट ‘आर्गुएन्डो’ शुरू   

  • देश के विभिन्न राष्ट्रीय कानून विश्वविद्यालयों और अन्य कानून संस्थानों की सोलह टीमें ले रहीं हैं भाग   
  • प्रथम जीके चतरथ मेमोरियल राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता व चौथी  न्यायाधीश ए.एस. आनंद राष्ट्रीय मध्यस्थता एवं बातचीत प्रतियोगिता का भी हो रहा है आयोजन   

डेमोक्रेटिक फ्रंट, चण्डीगढ़- 15 मार्च :

यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज (यूआईएलएस), पंजाब यूनिवर्सिटी का सातवां  नेशनल लॉ फेस्ट अर्गुएन्डो-2024 आयोजित किया जा रहा है जिसमें देश के विभिन्न राष्ट्रीय कानून विश्वविद्यालयों और अन्य कानून संस्थानों की सोलह टीमे भाग ले रहीं हैं। पहले आयोजित ऑनलाइन सत्र में प्रारंभिक राउंड को पार करने के बाद टीमों ने क्वार्टर फाइनल राउंड में जगह बना ली है। प्रोफेसर श्रुति बेदी ने संकाय समन्वयकों, प्रोफेसर (डॉ.) पुष्पिंदर कौर, प्रोफेसर (डॉ.) जय माला, डॉ. सबीना सलीम और डॉ. वीरेंद्र नेगी के सहयोग से कार्यक्रम का संचालन किया। प्रोफेसर श्रुति बेदी ने  बताया कि 16 मार्च तक चलने वाला यह तीन दिवसीय आयोजन कानूनी चर्चा और प्रतिस्पर्धा के लिए नए प्रतिमान स्थापित करेगा। इस दौरान यूआईएलएस द्वारा प्रथम जीके चतरथ मेमोरियल राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता, चौथी  न्यायाधीश ए.एस. आनंद राष्ट्रीय मध्यस्थता एवं बातचीत प्रतियोगिता और राष्ट्रीय प्रश्नोत्तरी – ‘सिविलसेवी’-1.0  प्रतियोगिता की मेजबानी की जा रही है। 

शिक्षा के भविष्य की कल्पना : दिमाग और नवाचार का एक अभिसरण

डेमोक्रेटिक फ्रंट, चण्डीगढ़ – 14 मार्च    :

एडुवर्स समिट सीरीज़ को नई दिल्ली में अपने आगामी कार्यक्रम, एडुवर्स समिट इंडिया 2024 की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है। जेडब्ल्यू मैरियट एयरोसिटी में 30 और 31 अगस्त को होने वाला यह शिखर सम्मेलन शैक्षिक क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होने का वादा करता है। परिदृश्य, दुनिया भर से विचारशील नेताओं, नीति निर्माताओं, शिक्षकों और एडटेक नवप्रवर्तकों को एक साथ लाना। इसकी जानकारी एडुवर्स समिट सीरीज़ के ग्लोबल इवेंट्स के कार्यकारी निदेशक अविनव शर्मा और डायरेक्टर पब्लिक रिलेशन्स अंशुल नंदा ने दी।

चंडीगढ़ प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अभिनव शर्मा और अंशुल नंदा ने बताया कि एडुवर्स समिट सीरीज़ के ग्लोबल इवेंट्स के पहले दिन- विचारों की एक सिम्फनी शिखर सम्मेलन एक उद्घाटन समारोह और “वैश्विक शिक्षा में उभरते रुझान” पर एक मुख्य भाषण के साथ शुरू होगा, जो दो दिनों की विचारोत्तेजक चर्चा और आगे की सोच वाले समाधानों के लिए मंच तैयार करता है। उपस्थित लोग पैनल चर्चा में भाग लेंगे जो शिक्षा उत्कृष्टता के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने पर चर्चा करेंगे और नीतिगत नवाचारों का पता लगाएंगे जो भविष्य के शैक्षिक ढांचे को तैयार कर रहे हैं।

इंटरविविंग कल्चर्स एंड एजुकेशन विषय पर दूसरे दिन विचारों के क्रॉस-परागण के लिए एक अवसर प्रस्तुत करेगा। क्योंकि पैनल चर्चा “पाठ्यचर्या में क्रॉस-सांस्कृतिक अनुभवों को एकीकृत करने” और वैश्विक शैक्षिक परिदृश्य की जटिलताओं पर ध्यान केंद्रित करती है। गतिशील वैश्विक परिदृश्य के लिए अनुकूली शैक्षिक नीतियों को तैयार करने पर एक विशेष फायरसाइड चैट अगले दशक के लिए रणनीतियों की पेशकश करती है।

अभिनव शर्मा ने आगे कहा कि नई दिल्ली में एडुवर्स समिट सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं है; यह एक गठबंधन है जहां शिक्षा के क्षेत्र में सबसे प्रतिभाशाली दिमाग यह परिभाषित करने के लिए एकत्रित होते हैं कि सीखना क्या हो सकता है और क्या होना चाहिए। हम एक शैक्षिक क्रांति के शिखर पर हैं, और यह शिखर सम्मेलन वह जगह है जहां हम होंगे परिवर्तन की चिंगारी प्रज्वलित करें।

अनुभवात्मक शिक्षण और नैतिक नेतृत्व इंटरैक्टिव सत्र जैसे “शिक्षा में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग का निर्माण” प्रतिभागियों को सहयोग करने और शिक्षा में नए रास्ते बनाने के लिए व्यावहारिक अनुभव प्रदान करेगा। “शिक्षा में नैतिक नेतृत्व” पर एक समर्पित विशेषज्ञ वार्ता भविष्य के शिक्षकों को आकार देने में सत्यनिष्ठा और मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डालती है।

पायनियर्स के लिए एक मंच शिखर सम्मेलन के एक्सपो और नेटवर्किंग सत्र शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी लोगों के लिए अपने अभिनव समाधान प्रदर्शित करने के लिए बेजोड़ अवसर पेश करते हैं। मंच उत्साही बातचीत, रणनीतिक साझेदारी और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने के लिए तैयार है जो वैश्विक शिक्षा के भविष्य को आकार देगा।

एडुवर्स समिट इंडिया 2024: प्रभाव शैक्षिक नवाचार की चौड़ाई और गहराई को कवर करने के लिए डिज़ाइन किए गए एक व्यापक एजेंडे के साथ, एडुवर्स समिट इंडिया 2024 अनगिनत शैक्षिक प्रक्षेप पथों को प्रभावित करने के लिए खड़ा है। 

एडुवर्स समिट इंडिया 2024: प्रभाव शैक्षिक नवाचार की चौड़ाई और गहराई को कवर करने के लिए डिज़ाइन किए गए एक व्यापक एजेंडे के साथ, एडुवर्स समिट इंडिया 2024 अनगिनत शैक्षिक प्रक्षेप पथों को प्रभावित करने के लिए खड़ा है। नीति निर्माताओं से लेकर एडटेक स्टार्टअप तक, प्रत्येक भागीदार कार्रवाई योग्य अंतर्दृष्टि और सार्थक कनेक्शन के साथ रवाना होगा।

प्रोफेसर्स की पक्की भर्ती की मांग को लेकर आज निकालेंगे मौन जुलूस : प्रोफेसर सुभाष सपड़ा

  • हरियाणा के राजकीय कॉलेजों में खाली पड़े सहायक प्रोफेसर्स के हजारों पदों पर पक्की भर्ती की मांग को लेकर आज निकालेंगे मौन जुलूस: सुभाष सपड़ा

डेमोक्रेटिक फ्रंट, पंचकुला – 05 मार्च    :

प्रदेश के राजकीय कॉलेजों में खाली पड़े सहायक प्रोफेसरों के हजारों पदों पर रेगुलर भर्ती की मांग को लेकर हरियाणा एस्पाइरिंग असिस्टेंट प्रोफेसर एसोसिएशन  लगातार संघर्ष कर रहा है। लंबे समय से चली आ रही इन मांगो को लेकर सैकड़ो नेट/स्कॉलर्स/टॉपर्स आज 06 मार्च को पंचकूला  में मौन जुलूस निकालेंगे। हापा के संस्थापक सदस्य व हरियाणा राजकीय कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन (HGCTA) के पूर्व प्रादेशिक उपाध्यक्ष प्रोफेसर सुभाष सपड़ा ने बताया कि इस प्रदर्शन की सभी तैयारियां पूरी हो गई हैं। प्रदर्शन के लिए प्रदेश के सैकड़ो बेरोजगार युवा अभ्यर्थी पंचकूला  में इकट्ठा हो रहे हैं, जहां मौन जुलूस निकालते हुए प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।

प्रोफेसर सपड़ा ने बताया कि हरियाणा में सरकार द्वारा वर्ष 2019 में कुल 524 पदों पर कुछ ही विषयों में आखिरी बार सहायक प्रोफेसर प्रोफेसरों की भर्ती की गई थी। आधे से अधिक विषय ऐसे भी हैं जिनपर वर्ष 2016 के बाद से अब तक भर्ती नहीं हुई है। जबकि प्रदेश सरकार ने रेगुलर भर्ती के संबंध में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में एक हलफनामा देकर बताया था कि राज्य के राजकीय कॉलेज में सहायक प्रोफेसर प्रोफेसर के कुल 8137 पद स्वीकृत हैं, जिसमें से कुल 4738 पद रिक्त हैं अर्थात कुल का 60 फ़ीसदी पोस्ट रिक्त हैं। सरकार पक्की भर्ती के नियमों में संशोधन का हवाला देकर इसे टालती आ रही है। मार्च 2020 में उच्चतर शिक्षा विभाग हरियाणा ने 2592 असिस्टेंट प्रोफेसरों के पदों की नई नियुक्तियों की स्वीकृति दी थी। परंतु यह फाइल भी इधर उधर कार्यालयों में धूल चाट रही है। 

प्रोफेसर सुभाष सपड़ा ने बताया कि हरियाणा प्रदेश के राजकीय कॉलेजों में करीब 2000 एक्सटेंशन लेक्चर बिना किसी पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया व बिना आरक्षण नीति को लागू किए कार्य कर रहे हैं। 4 मार्च 2020 को एक्सटेंशन लेक्चरर्स की गैरकानूनी तरीके से नई नीति बनाकर फर्जीवाड़ा कर इनको किसी न किसी तरह से कालेजों समायोजित किया जा रहा है। 

अब जबकि प्रदेश सरकार 3 जनवरी 2024 की केबिनेट मीटिंग में भर्ती के नियमों में संशोधन की मंजूरी भी ले चुकी है। इसके बावजूद सहायक प्रोफेसर्स की नियमित नियुक्ति नहीं होने से इन पदों के हजारों उम्मीदवारों में मायूसी है। और नौकरी की अधिकतम आयु सीमा पार कर रहे हैं।

रेगुलर सहायक प्रोफेसर्स की पक्की व नई भर्ती की मांगों को लेकर प्रदेश के सैकड़ो बेरोजगार युवा अभ्यर्थी पंचकूला व चंडीगढ़ की सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं।

71th Annual Convocation of the Panjab University

Koral ‘Purnoor’, Demokratic Front, Chandigarh  – 04 March:

I. “NO VEHICLE ROAD” The VVIP route will be from Gate No- 1 via Administrative Block, Chemistry Department and Physics Department road upto Gymnasium Hall

(a) This route will not be allowed for public from 01:00 pm to 07:00 pm on March 07, 2024.

(b) No Vehicle will be allowed to be parked on this route road on March 06 & 07, 2024.

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II. Please park your vehicles in respective / designated parking only.

III. All the residents/visitors of Panjab University are not to park their vehicles on the road side in the PU campus on March 06 & 07, 2024. If any vehicle is found parked in the unauthorized area, it will be towed-away by the traffic police of Chandigarh.

IV. Gate timing for General Public on March 07, 2024

a. Gate No-1 will remain open for entry and exit from 06:00 am. to 01:00 p.m. and after 07:00 pm. No Vehicles will be allowed from Gate No-1 from 01:00 p.m. to 07:00 p.m

b. Gate No2 will remain open for entry and exit throughout for the (VIPS, Guest Invitees, and Faculty & Media persons).

c. Gate No-3 will remain open for entry and exit from 06:00 am. to 10:00 pm for the Students & Residents.

All the Panjab University residents, visitors in the PU campus are requested to follow the above mentioned instructions for the smooth conduct of the Convocation. Inconvenience if any is regretted.

देश भगत विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने शेफ प्रतियोगिता में पहला पुरस्कार जीता

डेमोक्रेटिक फ्रंट, चण्डीगढ़- 27 फरवरी    :

देश भगत विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ होटल मैनेजमेंट और पर्यटन के छात्रों ने एवरेस्ट कुलिनरी चैलेंज सीज़न-5 में पंजाब क्षेत्र के लिए चण्डीगढ़ ग्रुप आफ कॉलेजेज में आयोजित बेकरी शेफ प्रतियोगिता में पहला पुरस्कार जीता। कड़ी प्रतियोगिता में प्रतिस्पर्धा करते हुए देश भगत विश्वविद्यालय की चार टीमों ने अपनी पाक-कला का प्रदर्शन किया। टीमों में काजल और कसक, लक्ष्मी कुमारी और अदिति, जसप्रीत और अर्सप्रीत, और खसुदीप और मानसी गर्ग शामिल थीं। काजल और कसक साथ ही लक्ष्मी कुमारी और अदिति ने रसोई खाने के सेगमेंट में भाग लिया, जबकि जसप्रीत और अर्सप्रीत के साथ ही खसुदीप और मानसी गर्ग ने बेकरी के इवेंट में अपनी कलाओं का प्रतिनिधित्व किया।

खसुदीप कौर और मानसी गर्ग की जोड़ी ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन  से पहला स्थान हासिल किया। उन्होंने अपनी माहिरी का प्रदर्शन करते हुए जजों और सह-प्रतियोगियों को एक बेहतरीन केक तैयार करके दिखाया। अब इस सीज़न 5 का बड़ा अंतिम दौरा मार्च में मुंबई में होने जा रहा है, जिसमें सभी क्षेत्रों के विजेता टाइटल खिताब के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे।

विजेताओं को चांसलर डॉ. जोरा सिंह और चांसलर के सलाहकार डॉ. विरिंदर सिंह द्वारा एक सम्मान समारोह में सम्मानित किया गया। डॉ. जोरा सिंह ने विजेता विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई दी और उन्हें भविष्य की प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों के साथ रहे शेफ रिंकु सिंह का मार्गदर्शन इनकी जीत में अहम योगदान रहा।

Healthcare Seminar on ” Workplace Ethics in Healthcare Industry: Recent Issues and Trends” at UIAMS, PU

Koral ‘Purnoor’, Demokratic Front, Panchkula – 09 February :

University Institute of Applied Management Sciences, Panjab University was proud to host a transformative Healthcare Seminar focused on “Workplace Ethics in Healthcare Industry: Recent Issues and Trends”. The National Seminar was a dynamic platform for healthcare professionals, students, researchers, and industry experts to engage in discussions, share insights, and explore the latest issues and trends as experienced in healthcare industry. Prof. Amit Chauhan, DSW, Panjab University was the chief guest of the event. He motivated the students to be ethical in whichever domain they work and also adopt ethical practices in campus where they are studying. 110 students and research scholars attended the seminar. Dr. Monika Aggarwal, Director, UIAMS welcomed the guest and highlighted that ethics are important w.r.t. peers, customers and one’s performance at workplace and in society.

Renowned healthcare professionals and researchers lead thought-provoking discussions on various topics. Dr. Krishan Kumar, Associate Professor of Clinical Psychology, PGI, Chandigarh shed light on Workplace Ethics in healthcare industry and challenges faced. Dr. Sonika Bakshi, Chitkara University gave meaningful insights on true meaning of Ethics in healthcare industry through classical case studies. Mr. Gladwin Nayyar, Paras Hospital, communicated, short brief of work culture at Paras Hospital in relation to ethical conduct and a detailed Q&A session.

The seminar was graced by presence of the Director – Prof. Monika Aggarwal, faculty coordinators – Dr. Arunachal Khosla, Dr. Aman Khera and Dr. Ajay Dogra, UIAMS faculty organisers, research scholars and students. The participants engaged with speakers from different niche to expand professional understanding, gain knowledge and explore the viewpoints of various professionals as per their job profile and experience. The event was concluded with a vote of thanks by Dr. Ajay Dogra and Dr. Arunachal Khosla.

Lecture organized by DLIS, PU under ‘Alumni Connect’Series

Koral ‘Purnoor’, Demokratic Front, Chandigarh – 02 February :

The Department of Library and Information Science, Panjab University, Chandigarh organized a lecture on “Application of WI-FI in Libraries” under‘Alumni Connect Series’. Dr. Shiv Kumar, Chairperson welcomed the invited resource person and pointed out that we have initiated this series to connect Alumni with students as well as the department. Chanchal Yadav, Research Scholar of the department anchored the event and introduced theme of the lecture. Dr. M.S. Pathania was the speaker of today’s talk and is an alumnus of the department.He is a Former University Librarian, Dr. Yashwant Singh Parmar University of Horticulture and Forestry, Solan. He has served the academia for 48 years with rich experience in the profession. In the lecture, he mentioned the vast changes that librarianship has gone through in due course of time along with comparing its challenges and benefits. He described various initiative taken by him during his profession career overcoming the challenges. He also added the role of Infrastructure with an emphasis on Wi-Fi technology and its implementation in universities/institutions. Today’s lecture was attended by around 70 participants.