Thursday, July 16

पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है। माना जाता है कि भगवान श्रीराम भी पंचांग का श्रवण करते थे। शास्त्र कहते हैं कि तिथि के पठन और श्रवण से मां लक्ष्मी की कृपा मिलती है। तिथि का क्या महत्व है और किस तिथि में कौन से कार्य करान चाहिए या नहीं यह जानने से लाभ मिलता ह। पंचांग मुख्यतः पाँच भागों से बना है। ये पांच भाग हैं : तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण। यहां दैनिक पंचांग में आपको शुभ समय, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिंदू माह और पहलू आदि के बारे में जानकारी मिलती

डेमोक्रेटिक फ्रंट, आध्यात्मिक डेस्क – पंचांग, 16 जुलाई, 2026

नोटः आज दक्षिण दिशा की यात्रा न करें। अति आवश्यक होने पर गुरुवार को साबुत दही का सेवन करें, केसर मिश्रित पीला चन्दन मस्तक पर लगाएँ तथा योग्य ब्राह्मण को उसका दान दें।

विशेषः जगन्नाथ रथयात्रा, कर्क संक्रान्ति।

विक्रम संवत्: 2083

सूर्योदय: 05.37 प्रातः  सूर्यास्त: 07.16 सायं।

 शक संवत्: 1948

 सूर्य राशि: मिथुन चन्द्र राशि: कर्क, 

 मासः आषाढ़

 पक्षः शुक्ल

 तिथि: द्वितीया प्रातः 8.54 बजे तक

 वार: गुरुवार

 नक्षत्र: आश्लेषा सायं 7.53 बजे तक

 योग: वज्र प्रातः 4.30 बजे तक

 करण: कौलव

राहु काल: अपराह्न 2.10 बजे से 3.53 बजे तक,