Wednesday, July 15

पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है। माना जाता है कि भगवान श्रीराम भी पंचांग का श्रवण करते थे। शास्त्र कहते हैं कि तिथि के पठन और श्रवण से मां लक्ष्मी की कृपा मिलती है। तिथि का क्या महत्व है और किस तिथि में कौन से कार्य करान चाहिए या नहीं यह जानने से लाभ मिलता ह। पंचांग मुख्यतः पाँच भागों से बना है। ये पांच भाग हैं : तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण। यहां दैनिक पंचांग में आपको शुभ समय, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिंदू माह और पहलू आदि के बारे में जानकारी मिलती

डेमोक्रेटिक फ्रंट, आध्यात्मिक डेस्क – पंचांग, 15 जुलाई, 2026

नोटः आज उत्तर दिशा की यात्रा न करें। अति आवश्यक होने पर बुधवार को राई एवं लाल सरसों का दान करके यात्रा करें।

विक्रम संवत्: 2083

 सूर्य राशि: मिथुन चन्द्र राशि: कर्क

 शक संवत्: 1948

 मासः ज्येष्ठ

 पक्षः शुक्ल

 तिथि: प्रतिपदा प्रातः 11.52 बजे तक

 वार: बुधवार

नक्षत्र: पुष्य रात्रि 9.48 बजे तक

योग: हर्षण प्रातः 08.04 बजे तक

 करण: किंस्तुघ्न

 राहु काल: दोपहर 12.27 बजे से 02.10 बजे तक

सूर्योदय: 05.37 प्रातः सूर्यास्त: 07.16 सायं।