400 से ज्यादा कार्यक्रमों में लाखों युवाओं को दिलाई नशा न करने की शपथ
हिसार, 23 मई।
हांसी क्षेत्र के गांव कुतुबपुर निवासी युवा सामाजिक कार्यकर्ता राहुल शर्मा का नशा मुक्ति अभियान अब राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच चुका है। गांव से शुरू हुई यह पहल आज युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है। राहुल शर्मा पिछले कई वर्षों से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के साथ सामाजिक सुधार से जुड़े अभियानों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
राहुल शर्मा ने बताया कि फार्मेसी शिक्षा के दौरान सिविल अस्पताल हिसार में प्रशिक्षण और इग्नू से समाजकार्य की पढ़ाई करते समय उनके भीतर समाज सेवा की भावना जागृत हुई। अपने मामा अनिल शर्मा, प्रो. बलकार सिंह पुनिया और शिक्षिका अमरजीत कौर से प्रेरित होकर उन्होंने गांव कुतुबपुर से नशा मुक्ति अभियान की शुरुआत की। धीरे-धीरे यह अभियान गांवों, स्कूलों और शहरों तक फैलता गया। उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों के लिए उन्हें एसडीएम हांसी द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है। राहुल शर्मा ने हरियाणा सरकार की विभिन्न योजनाओं में ब्लॉक कोऑर्डिनेटर के रूप में भी कार्य किया और नशा मुक्ति, जल संरक्षण, स्वच्छता व सड़क सुरक्षा से जुड़े अभियान चलाए। वर्ष 2019 में स्वास्थ्य विभाग में जिला सुकून काउंसलर बनने के बाद भी उन्होंने अपने अभियान को जारी रखा। वर्ष 2020 में हरियाणा सरकार ने उन्हें नशा मुक्ति के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया। इसके बाद केंद्र सरकार के “नशा मुक्त भारत अभियान” में उन्हें मास्टर वालंटियर के रूप में जोड़ा गया।
राहुल शर्मा अब तक 400 से अधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लाखों युवाओं को नशा न करने की शपथ दिला चुके हैं। उनके कार्यों को देखते हुए केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय कार्यक्रमों में भी उन्हें अपने अनुभव साझा करने का अवसर मिला। वहीं यूएनडीपी की रिसर्च बुक में उन्हें “द रियल चेंज मेकर” के रूप में स्थान दिया गया है।
राहुल शर्मा के अभियान से प्रेरित होकर अन्य युवा भी सामाजिक कार्यों से जुड़ रहे हैं। गांव कुतुबपुर के जयबीर तुरकिया रक्तदान जागरूकता अभियान चला रहे हैं, जबकि सेना से सेवानिवृत्त हरपाल कसाना युवाओं को कुश्ती और कबड्डी का निशुल्क प्रशिक्षण दे रहे हैं। वहीं सिवानी क्षेत्र के जितेंद्र शर्मा सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का काम कर रहे हैं।

