पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है। माना जाता है कि भगवान श्रीराम भी पंचांग का श्रवण करते थे। शास्त्र कहते हैं कि तिथि के पठन और श्रवण से मां लक्ष्मी की कृपा मिलती है। तिथि का क्या महत्व है और किस तिथि में कौन से कार्य करान चाहिए या नहीं यह जानने से लाभ मिलता ह। पंचांग मुख्यतः पाँच भागों से बना है। ये पांच भाग हैं : तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण। यहां दैनिक पंचांग में आपको शुभ समय, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिंदू माह और पहलू आदि के बारे में जानकारी मिलती है।
डेमोक्रेटिक फ्रंट, आध्यात्मिक डेस्क – पंचांग, 02 फरवरी 2024

नोटः आज स्वामी विवेकानन्द जयंती है। (जिस तिथि में उनका जन्म हुआ था उसके अनुसार)। स्वामी विवेकानंद की जयंती साल में दो बार मनाई जाती है। दरअसल हिंदू कैलेंडर तिथि के अनुसार स्वामी विवेकानंद का जन्म पौष कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को हुआ था। हिंदू माह के हिसाब से यह तिथि पौष पूर्णिमा के बाद का 7वां दिन होता है, इसलिए यह तारीख हर साल बदलती रहती है। यही कारण है कि तिथि के अनुसार, इस वर्ष स्वामी विवेकानंद की जयंती 2 फरवरी 2024 को मनाई जाएगी।
विक्रमी संवत्ः 2080,
शक संवत्ः 1945,
मासः माघ,
पक्षः कृष्ण,
तिथिः सप्तमी सांय प्रातः 04.03 तक है,
वारः शुक्रवार।
नोटः आज पश्चिम दिशा की यात्रा न करें। शुक्रवार को अति आवश्यक होने पर सफेद चंदन, शंख, देशी घी का दान देकर यात्रा करें।
नक्षत्रः स्वाती अरूणोदय काल 05.57 तक है,
योगः शूल दोपहर काल 12.54 तक,
करणः बव,
सूर्य राशिः मकर, चन्द्र राशिः तुला,
राहु कालः प्रातः 10.30 बजे से दोपहर 12.00 बजे तक,
सूर्योदयः 07.13, सूर्यास्तः 05.57 बजे।

