हिसार/पवन सैनी
कांग्रेस ओबीसी सैल के शहरी जिला अध्यक्ष डीएन सैनी की अध्यक्षता में आज राज्यपाल के नाम जिला उपायुक्त को महिला आरक्षण बिल को 2024 में होने वाले चुनाव में लागू करने व ओबीसी समाज की महिलाओं को भी इस आरक्षण में शामिल करने संबंधी ज्ञापन सौंपा गया। इस अवसर पर मोर्चा के अनेक पदाधिकारी व सदस्य मौजूद थे। इस अवसर पर डीएन सैनी ने कहा कि महिलाओं को आरक्षण देने के लिए सरकार जो बिल लेकर आई है वह आधी आबादी के साथ धोखा है क्योंकि इसमें ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जिससे सुनिश्चित हो कि ये आरक्षण कब लागू होगा। इस आरक्षण में सबसे बड़ा धोखा अन्य पिछड़ा वर्ग के साथ हुआ। कांग्रेस व तमाम विपक्ष द्वारा बिल का समर्थन और मांग किए जाने के बावजूद बीजेपी ने अन्य पिछड़ा वर्ग की महिलाओं को आरक्षण नहीं दिया। बिल में पहले जनगणना और फिर परिसीमन वाली गैर-जरूरी प्रावधानों को जोडकर इसे प्रभाव शून्य कर दिया गया। इसलिए हमारी मांग है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम में ओबीसी महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान किया जाए। साथ ही इसे 2024 के लोकसभा चुनावों से ही लागू किया जाए। सैनी ने कहा कि महिला आरक्षण महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी और उनके सशक्तिकरण का सबसे जरूरी माध्यम है। इससे देश की राजनीति, संसद और विधानसभाओं में ज्यादा से ज्यादा महिलाएं आएंगी तथा नीति निर्माण में निर्णायक भागीदारी निभाएंगी।
इस अवसर पर अशोक रोहिला, विक्रम सैनी, जेपी सैनी, राम अवतार, अनुमान वर्मा, सुभाष वर्मा, कर्ण सिंह रानौलिया, तेलू राम जांगड़ा, सुभाष यादव, अभय यादव, योगेंद्र योगी, रामनिवास पांचाल, रामतीर्थ जांगड़ा, ईश्वर यादव, रणधीर जांर्गड़ा आदि मौजूद रहे।
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