– इस वर्कशॉप से विद्यार्थियों व किसानों में व्यवहारिक ज्ञान व कौशल विकास में होगा बढ़ावा
हिसार/पवन सैनी
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्याय के कुलपति प्रो. बी.आर. काम्बोज ने कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के फार्म मशीनरी एवं पॉवर इंजीनियरिंग विभाग में ‘ट्रेक्टर एवं फार्म मशीनरी वर्कशॉप’ की बिल्डिंग का शिलान्यास किया।
कुलपति प्रो. बी.आर. काम्बोज ने कहा कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना आर.के.वी.वाई-रफ्तार द्वारा स्वीकृत परियोजना ‘इस्टैब्लिशमेंट ऑफ हाईटेक ट्रेक्टर एंड फार्म मशीनरी वर्कशॉप फॉर स्किल डेवलपमेंट ऑफ फॉमर्स एंड लोकल आर्टिसन्स’ के तहत निर्मित बिल्डिंग प्रशिक्षण व कौशल विकास के उद्देश्य से स्थापित की गई है। उन्होंने बताया कि यह कार्यशाला वायवीय एवं हाइड्रोलिक शक्ति से संचालित होने वाले आधुनिक एवं उन्नत औजारों एवं यंत्रों से सुसज्जित होगी। इसमें विद्युत चालित रेलिंग प्रणालियों का उपयोग करके ट्रेक्टर और अन्य कृषि मशीनरी की मुरम्मत करने की सुविधा भी होगी। उन्होंने बताया कि इस कार्यशाला से विश्वविद्यालय में पढ़ रहे स्नातक व स्नातकोत्तर विद्यार्थियों, किसानों व युवाओं को व्यावहारिक ज्ञान और हुनर प्राप्त करने में सहायता मिलेगी ताकि यहां से सीखी हुई तकनीक का इस्तेमाल कर वे स्वरोजगार शुरू कर अपना भविष्य संवार सकेंगे। कुलपति ने फार्म मशीनरी एवं पॉवर इंजीनियरिंग विभाग से संबंधित वैज्ञानिकों एवं सहायक कर्मियों के प्रयासों की सराहना की और भविष्य में इसी तरह कार्यरत रहने के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया। इससे पूर्व कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. बलदेव डोगरा ने कुलपति का स्वागत किया और कार्यशाला में जुटाई जाने वाली सुविधाओं से अवगत कराया।
फार्म मशीनरी एवं पॉवर विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. विजया रानी ने बताया कि ‘ट्रेक्टर एवं फार्म मशीनरी वर्कशॉप’ में विश्वविद्यालय में पढ़ रहे स्नातक व स्नातकोत्तर विद्यार्थियों, किसानों व युवाओं को ट्रेक्टर के इंजन की सफाई करना, उपकरणों में नार्मल प्रैशर का अनुपात, पीटीओ का आरपीएम के बीच संतुलन करना सीखाया जाएगा। साथ ही अलग-अलग ट्रेक्टर में अपग्रेड मशीनों के उपकरणों का प्रबंध करना, ड्यूल क्लच को ऑपरेट करना, डिस्क के एंगल का प्रबंधन करना भी सीखाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस कार्यशाला में खेती करने के दौरान ट्रेक्टर की मदद से जमीन में समान दूरी में बीज डालने, खरपतवार व अन्य हानिकारक तत्वों को खत्म करने के लिए स्प्रे के दौरान विशेष प्रकार की नोजलों का इस्तेमाल करने, फसल के अनुसार ट्रेक्टर में इस्तेमाल की जाने वाली जाली को फिट करने का व्यवहारिक ज्ञान दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस कार्यशॉप में ट्रेक्टर के इंजन व गेयर बॉक्स को उचित दूरी पर रखने के लिए विशेष प्रकार के आधुनिक यंत्रों का इस्तेमाल करना भी सीखाया जाएगा। इसके अलावा काम के दौरान कर्मचारियों, किसानों व विद्यार्थियों को सुरक्षा के मद्देनजर किन बातों का ध्यान रखना है उन मानकों को भी बताया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस कार्यशाला में सीखी तकनीक के बाद जो किसान ‘ट्रेक्टर एवं फार्म मशीनरी वर्कशॉप’ को रोजगार के तौर पर अपनाना चाहते हैं उनका भी विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन किया जाएगा।
Trending
- HSSC group D vacancy 2026: application process underway
- NIACL Apprentice Recruitment 2026 – 550 Vacancies Open
- संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट हों अल्पसंख्यक समाज : राहुल गांधी
- प्राइवेट हस्पतालो के संचालकों एवं इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने सरकार द्वारा बकाया पेमेंट न किए जाने पर आगामी 5 जून से गरीब लोगों का मुफ्त इलाज न करने की घोषणा की- किरण पूनिया
- पत्थरों में ग़ालिब की रूह को महसूस करने वाली शाम बनी ‘अंदाज़-ए-बयाँ’
- पूज्य ज्वाला माता जी मंदिर में निःशुल्क फुल बॉडी जांच शिविर आयोजित
- गांव से शुरू हुआ राहुल शर्मा का नशा मुक्ति अभियान, अब राष्ट्रीय स्तर पर बना पहचान
- 25 मई को केबिनेट मंत्री विपुल गोयल होंगे मुख्यातिथि

