हिसार/पवन सैनी
संयुक्त जल संघर्ष समिति ने आरोप लगाया है कि नहरी विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ बातचीत व आश्वासन के बावजूद अभी तक क्षेत्र की किसी भी नहर की पूरी सफाई नहीं हुई है। मानसून सिर पर है और नहरें अभी तक गाद, खरपतवार व कुड़े कर्कट से अटी पड़ी है। ऐसे में मानसून के दौरान भी किसानों को पूरा पानी नहीं मिल पाएगा। इस मुद्दे को लेकर समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रधान विजेंद्र बैनीवाल के नेतृत्व में सोमवार को क्षेत्र की विभिन्न नहरों का दौरा किया और स्थिति का जायजा लेते हुए विभाग की अकर्मण्यता पर सवालिया निशान खड़े किए।
प्रधान विजेंद्र बैनीवाल ने बताया कि नहरों के निरीक्षण के दौरान हांसी ब्रांच, पेटवाड़ डिस्ट्रीब्यूटरी, न्यू सिवानी फीडर का जायजा लिया गया। इनमें हांसी ब्रांच की सफाई मात्र 15 प्रतिशत हुई है। नहरों में बहुत ज्यादा मात्रा में मिट्टी व गाद अटी पड़ी है। उन्होंने बताया कि करीब तीन माह पहले इस मामले को लेकर विभाग के संबंधित अधिकारियों से मुलाकात की थी। इसके साथ ही अधीक्षक अभियंता विमल बिर्श्नो की अध्यक्षता में उक्त नहरों के अधिकारियों के साथ भी बातचीत की गई थी। इसमें निर्णय लिया गया था कि मई तक नहरों की सफाई का काम पूरा कर दिया जाएगा, लेकिन अभी तक हालत जस की तस बनी हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि समय रहते नहरों की सफाई का कार्य पूरा कराया जाए, अन्यथा संयुक्त जल संघर्ष समिति कोई भी बड़ा आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी। इस मौके पर उनके साथ उपप्रधान सत्यवीर झाझडि़या, दलबीर बैनीवाल, हवासिंह झाझडि़या, रामबीर न्योली, महाबीर कड़वासरा, गुलाब झाझडि़या सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
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