Sunday, September 27

दत्तात्रेय सदाशिव परचुरे मोहनदास गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे और नारायण आप्टे का साथी था। परचुरे ने ही गवालियर में स्थित अपने घर में नाथूराम गोडसे और नारायण आप्टे को शरण दी थी। परचुरे ने मोहनदास करमचंद गांधी की हत्या के लिए गोडसे और नारायण आप्टे को पिस्टल उपलब्ध कराई थी। इसके ही आरोप में डॉक्टर दत्तात्रेय को आजीवन कारावास हुआ था। हिंदू महासभा की तरफ से छत्तीसगढ़ सरकार को चेतावनी के बाद आज ग्वालियर में महात्मा गांधी के हत्यारे दत्तात्रेय सदाशिव परचुरे की जयंती मनाई। छतीसगढ़ में सरकार कॉंग्रेस की है जिनहोने म्हात्मा गांधी को अपशब्द बोलने पर एक संत को गिरफ्तार कर लिया था।

दत्तात्रेय सदाशिव परचुरे(सबसे दायें), नाथूराम गोडसे और नारायण आप्टे

डेमोक्रेटिकफ्रंट॰कॉम, नयी दिल्ली/मध्य प्रदेश :

दत्तात्रेय सदाशिव परचुरे महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे और नारायण आप्टे के साथी थे। परचुरे ने ही ग्वालियर में स्थित अपने घर में गोडसे और आप्टे को शरण दी थी। इन दोनों को महात्मा गांधी की हत्या के लिए पिस्टल भी उसी ने उपलब्ध कराई थी। इसी आरोप में परचुरे को आजीवन कारावास की सजा मिली थी।छत्तीसगढ़ सरकार को चेतावनी के बाद आज ग्वालियर में महात्मा गांधी के हत्यारे दत्तात्रेय सदाशिव परचुरे की जयंती मनाई गई। यह आयोजन हिंदू महासभा की तरफ से किया गया। हिंदू महासभा ने दत्तात्रेय सदाशिव परचुरे की 37वीं पुण्यतिथि के अवसर पर उनकी तस्वीर का अनावरण किया है। इस मौके पर हिंदू महासभा के प्रदेश पदाधिकारी से लेकर सभी कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम पूर्व घोषित होने के बावजूद पुलिस प्रशासन की तरफ से इसे रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इस मौके पर हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयवीर भारद्वाज ने कहाकि देश का विभाजन मोहनदास करमचंद गांधी ने किया था। इसके चलते 50 लाख हिंदू बेघर हो गए और 10 हिंदुओं का कत्लेआम हो गया।

शहर के बीचों-बीच स्थित हिंदू महासभा कार्यालय में शुक्रवार दोपहर को प्रदेश के सभी हिंदू महासभा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता एकजुट हुए। इसके बाद यहां विधिवत बापू के हत्यारे गोडसे, नारायण आप्टे और दत्तात्रेय सदाशिव परचुरे की तस्वीर लगाई गई। इसके बाद पूजा-अर्चना कर आरती उतारी गई। इस दौरान अंबाला की जेल से लाई गई मिट्टी से बापू के तीनों हत्यारों की तस्वीर का अभिषेक किया।

पूजा-अर्चना के दौरान बापू के हत्यारों की अमर होने की आवाज गूंज रही थी। हिंदू महासभा के लोग बापू के हत्यारे नाथूराम गोडसे नारायण आप्टे और परचुरे के अमर रहने के जयकारे लग रहे थे। इसके साथ ही हिंदू महासभा के लोगों ने उनकी आरती भी उतारी। सबसे खास बात यह है हिंदू महासभा का यह कार्यक्रम पहले से ही घोषित था। कल महासभा के लोगों ने खुद शहर में बीच चौराहे पर चुनौती दी थी कि वह बापू के हत्यारों की पुण्यतिथि मनाएंगे। लेकिन इसके बावजूद आज पुलिस प्रशासन बेखबर नजर आया। 

दत्तात्रेय सदाशिव परचुरे बापू के हत्यारे नाथूराम गोडसे और नारायण आप्टे का साथी था। परचुरे ने ही ग्वालियर में स्थित अपने घर में नाथूराम गोडसे और नारायण आप्टे को शरण दी थी। परचुरे ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या के लिए नाथूराम गोडसे और नारायण आप्टे को पिस्टल उपलब्ध कराई थी। इसके आरोप में ही डॉ दत्तात्रेय सदाशिव परचुरे को आजीवन कारावास हुआ था।

देश में हिंदू महासभा का गढ़ ग्वालियर रहा है। बापू के हत्यारे नाथूराम गोडसे ने ग्वालियर के हिंदू महासभा कार्यालय में कई दिन गुजारे हैं। नाथूराम गोडसे ने जिस बंदूक से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या की थी वह बंदूक भी यहीं से खरीदी थी। उसने इसे चलाने की ट्रेनिंग भी यहीं से ली थी।