श्रीकृष्ण बाल लीलाओं से श्रद्धालुओं को किया सरोबार
सतीश बंसल, सिरसा: फौजी सेवा समिति चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा फौजी चौक, भारत नगर में आयोजित श्रीमद् भागवत पुराण कथा के दौरान कथावाचक सेवक राम कौशिक महाराज ने श्रद्धालुओं को कृष्ण बाल लीलाओं व श्याम भजनों से सरोबार किया। सर्वप्रथम कथा पंडाल में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से आयोजित किया गया। कृष्ण जन्म का वर्णन होने पर समूचा पंडाल खुशी से झूम उठा। मौजूद श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाते हुए झूमकर श्रीकृष्ण जन्म की खुशियां मनाई। कथावाचक सेवकराम कौशिक महाराज ने कथा के बीच-बीच में भजनों के द्वारा माहौल को पूर्णतया भक्तिमय बना दिया। उन्होंने कहा कि जब-जब भी धरती पर आसुरी शक्ति हावी हुईं, परमात्मा ने धर्म की रक्षा के लिए अवतार लेकर पृथ्वी पर धर्म की स्थापना की। मथुरा में राजा कंस के अत्याचारों से व्यथित होकर धरती की करुण पुकार सुनकर नारायण ने कृष्ण रुप में देवकी के अष्टम पुत्र के रूप में जन्म लिया और धर्म और प्रजा की रक्षा कर कंस का अंत किया। कौशिक महाराज ने कहा कि कहा कि कृष्ण हिन्दू धर्म में विष्णु के अवतार हैं। सनातन धर्म के अनुसार भगवान विष्णु सर्वपापहारी पवित्र और समस्त मनुष्यों को भोग तथा मोक्ष प्रदान करने वाले प्रमुख देवता हैं। जब-जब इस पृथ्वी पर असुर एवं राक्षसों के पापों का आतंक व्याप्त होता है तब-तब भगवान विष्णु किसी किसी रूप में अवतरित होकर पृथ्वी के भार को कम करते हैं। वैसे तो भगवान विष्णु ने अभी तक तेईस अवतारों को धारण किया। इन अवतारों में उनके सबसे महत्वपूर्ण अवतार श्रीराम और श्रीकृष्ण के ही माने जाते हैं। श्री कृष्ण का जन्म क्षत्रिय कुल में राजा यदु कुल के वंश में हुआ था। उन्होंने कृष्ण जी के जीवन गाथा का विस्तार पूर्वक विवरण कर श्रद्धालुओं को कृष्ण जी के जीवन लीला के बारे में विस्तार से बताया।
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