बंगाल में राष्ट्रपति शासन की मांग अनुचित नहीं लेकिन फैसला संविधान अनुसार: अमित शाह

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि राज्यपाल  की रिपोर्ट और संविधान को ध्यान में रखते हुए पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन  लागू करने का फैसला किया जाएगा। अमित शाह ने एक ‘निजी चैनल’ को दिए इंटरव्यू में कहा कि बंगाल में कानून व्यवस्था बिल्कुल चरमराई हुई है और सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही। उन्होंने कहा कि यहां पर विपक्षी नेताओं को मारा जा रहा है और लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। एक सवाल के जवाब में तो उन्होंने यहां तक कह दिया कि बीजेपी नेताओं की राष्ट्रपति शासन की मांग गलत नहीं है।

नयी दिल्ली(ब्यूरो):

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि राज्यपाल जगदीप धनखड़ की रिपोर्ट और संविधान को ध्यान में रखते हुए पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू करने का फैसला किया जाएगा. एक पत्रकार समूह के संपादक के साथ एक खास इंटरव्यू में शाह ने कहा, “मैं स्वीकार करता हूं कि पश्चिम बंगाल में कानून और व्यवस्था की स्थिति खराब है. जहां तक भारत सरकार के राष्ट्रपति शासन लगाने के फैसले लेने का संबंध है, हमें इसके लिए भारतीय संविधान और राज्यपाल ‘साहब’ की रिपोर्ट के माध्यम से इस पर विचार करने की जरूरत है.

शाह की यह टिप्पणी बीजेपी नेताओं कैलाश विजयवर्गीय और बाबुल सुप्रियो की ओर से राज्य में राष्ट्रपति शासन की मांग किये जाने के बाद आई है. शाह ने कहा, “राजनीतिक नेताओं के तौर पर इस मुद्दे पर उनका रुख तार्किक रूप से सही है. बंगाल में कानून और व्यवस्था की स्थिति खराब है.”

“हर जिले में बम बनाने के कारखाने हैं, स्थिति बेहद खराब और हिंसा अभूतपूर्व”

यह पूछे जाने पर कि क्या वे यह कह रहे हैं कि वर्तमान स्थिति राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने के लिए अनुकूल नहीं है, शाह ने कहा, “नहीं, मैंने ऐसा नहीं कहा. मैंने कुल मिलाकर यह कहा कि उनकी मांग में कुछ भी गलत नहीं है.”

बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति, राजनीतिक हत्याओं और विपक्षी नेताओं पर झूठे मामलों में मुकदमे दर्ज करने पर चिंता जताते हुए, शाह ने कहा, “देखिए, पश्चिम बंगाल में कानून और व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है. भ्रष्टाचार अपने चरम पर है. हर जिले में बम बनाने के कारखाने हैं. स्थिति बेहद खराब है और हिंसा अभूतपूर्व है. ऐसी स्थिति किसी अन्य राज्य में नहीं है. पहले ऐसी हिंसा केरल में होती थी, लेकिन वहां भी स्थिति अब नियंत्रण में है. यह स्थिति चिंताजनक है.”

डेरेक ओब्रायन ने बयान पर की तल्ख टिप्पणी

वहीं शाह की इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए, राज्यसभा में टीएमसी संसदीय दल के नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा, ”मौत की गिनती ‘बढ़ाने की अपनी हताशा में, बीजेपी अब’ राजनीतिक हत्या ‘के रूप में टीबी या कैंसर से होने वाली मौत को भी गिनने की कोशिश कर रही है. वह पहले अपनी बंगाल इकाई में अंदर ही अंदर चल रही लड़ाई पर बात क्यों नहीं करते? उन्हें सीपीएम के दौर के बंगाल के इतिहास का अध्ययन करना चाहिए ताकि यह समझ सकें कि राज्य कितना आगे आ गया है. तृणमूल शांति और सद्भाव के लिए प्रतिबद्ध है. हो सकता है कि अमित शाह जी को अपना ध्यान यूपी और गुजरात पर लगाना चाहिए. आखिरकार राजनीतिक हत्याएं’ एक ऐसा विषय है जिसे वे अच्छी तरह से जानते हैं.”

0 replies

Leave a Reply

Want to join the discussion?
Feel free to contribute!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *