राम मंदिर पर आए सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर काँग्रेस पार्टी के नेशनल हेराल्ड को शर्म आती है: संबित पात्रा

‘कांग्रेस पार्टी के माउथ पीस नेशनल हेराल्ड को अयोध्या फैसले से सुप्रीम कोर्ट ऑफ पाकिस्तान की याद आती है. यह शर्मनाक है. क्या यह भारत के सुप्रीम कोर्ट को छोटा दिखाने का प्रयास नहीं है!’ नेशनल हेराल्ड ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने वही फैसला दिया जो विश्व हिंदू परिषद और बीजेपी शुरूसे चाहती थी. पात्रा ने कहा कि भारत की न्याय प्रक्रिया पारदर्शी है और इसका विश्व में कोई मुकाबला नहीं है.

नई दिल्ली: अयोध्या केस में सुप्रीम कोर्ट से आए फैसले के बाद छपे लेख को लेकर कांग्रेस के मुख्यपत्र नेशनल हेराल्ड ने माफी मांगी है. साथ ही कहा है कि अखबार में छपे लेख में कही गई बातें लेखकर निजी राय है. इससे पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने रविवार को करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन के मौके पर नवजोत सिंह सिद्धू के पाकिस्तान जाने और राम मंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर नेशनल हेराल्ड में की गई टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा है. पार्टी मुख्यालय में बीजेपी नेता संबित पात्रा ने कहा कि सोनिया गांधी को इन दोनों ही बातों को लेकर देश से माफी मांगनी चाहिए.

बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पात्रा ने यहां पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि करतारपुर कॉरिडोर और राम जन्मभूमि मामले में कांग्रेस का दोहरा चरित्र उजागर हुआ है.

उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी दोनों के चहेते विधायक और पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू भारतीय जत्थे के साथ पाकिस्तान जाने के बजाय पाकिस्तान के निमंत्रण पर अलग से वहां गए और इमरान खान की तारीफों के पुल बांधे.’ पात्रा ने कहा कि सिद्धू ने वहां जाकर सिख समुदाय के 14 करोड़ लोगों की ओर से इमरान की तारीफ की.

उन्होंने सवाल उठाया, ‘सिद्धू पहले यह बताएं कि उन्हें सिख समुदाय के 14 करोड़ लोगों का नुमाइंदा किसने बनाया. भारतीय सिख समुदाय का प्रतिनिधित्व करने का अधिकार उन्हें किसने दिया?’

सिद्धू ने शनिवार को पाकिस्तान में अपने शायराना अंदाज में इमरान खान की तारीफ की थी. इस बात को लेकर संबित पात्रा ने कांग्रेस पार्टी और सिद्धू पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सिद्धू ने इमरान को सिकंदर से भी बड़ा बताते हुए उन्हें बब्बर शेर तक कहा. वह अपने आप ही सिखों के नुमाइंदे बन जाते हैं.

बीजेपी प्रवक्ता ने सिद्धू के हवाले से कहा कि उन्होंने वहां कहा था, ‘क्या मिलेगा किसी को मारकर जान से/मारना हो तो मार डालो एहसान से/दुश्मन मर नहीं सकता कभी नुकसान से/और सर उठाकर चल नहीं सकता मरा हुआ एहसान से.’

उन्होंने कहा, ‘सिद्धू क्या इस बात से यह कहना चाहते हैं कि इमरान खान ने सिखों पर बहुत बड़ा एहसान किया है और हिंदुस्तान इस एहसान के बोझ से छोटा हो गया है. सिद्धू ने वहां पाकिस्तान को बड़ा दिखाने की कोशिश की और मारने वाली बात से क्या वह यह कहना चाहते हैं कि हिंदुस्तान किसी को मारता है. जान से मारने का काम केवल इमरान और पाकिस्तान करता है. पुलवामा के लिए जिम्मेदार पाकिस्तान को बचाने वाला बताना कांग्रेस और सिद्धू की मनोस्थिति को बताता है.’

बीजेपी प्रवक्ता ने इसके बाद नेशनल हेराल्ड पर बात करते हुए गांधी परिवार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि यह उनकी धरोहर है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर की गई टिप्पणी निंदनीय है.

उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस पार्टी के माउथ पीस नेशनल हेराल्ड को अयोध्या फैसले से सुप्रीम कोर्ट ऑफ पाकिस्तान की याद आती है. यह शर्मनाक है. क्या यह भारत के सुप्रीम कोर्ट को छोटा दिखाने का प्रयास नहीं है!’ नेशनल हेराल्ड ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने वही फैसला दिया जो विश्व हिंदू परिषद और बीजेपी शुरूसे चाहती थी. पात्रा ने कहा कि भारत की न्याय प्रक्रिया पारदर्शी है और इसका विश्व में कोई मुकाबला नहीं है.

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