PratigyaPatra: Swaraj India’s Madhu Anand reveals vision to transform Panchkula

DATE: 12/10/2019

MadhuAnand, Panchkula candidate of Swaraj India, held a press conference at the party office in Sector-6, Panchkula. With members of the party including ShaliniMalviya, Shailendra Kumar, and Pardeep Tiwari, Anand revealed the PratigyaPatra(election promises) of her candidature and shed light on the plans laid out for the development of Panchkula.

PratigyaPatrahighlights premier issues of the region such as jobs, education, health, colonies, civic amenities, and public security. This has been devised on the basis of the regular meetings of Anand with different sections of society and city in the previous months. With the aim to improve the prevailing conditions, Anand is looking to transform Panchkula into something bigger than just a satellite city of Chandigarh.

MadhuAnandstated that PratigyaPatra is not just another manifesto. It is an attempt to highlight the key issues of Panchkula along with their suggested, solution-centric framework. For instance, targeting the health sector, she said that there is only one government hospital in Panchkula, which is facing overcrowding issues. Anand added that the party will aim to build another hospital and strive to increase the number of doctors and machinery in the existing facility.

ShaliniMalviya expressed that rural Panchkula is in dire need of development and a voice that falls on the ears of the government. Previously, various manifestos have highlighted the same issue, but there has been negligible progress. Rather, these issues have become a veil for public money theft as crores sanctioned for issues like the improvement of primary schools, etc, remain unaccounted.

Emphasizing on the issues specific to rural regions, Anand said that she aims to improve the condition of the farmers by ensuring that they receive at least 1.5 times of their total cost of production for the sale of their crops. Furthermore, she would ensure that the government makes a separate functional body to address he compensation issues in an event of crop destruction.

Colonies and slums are not only deprived of basic services such as water pipes, health, hygiene, etc, but they continue to live in the fear of getting demolished, said Tiwari. The Pradhan MantriAawasYojana has an underlying philosophy of better housing. However, this is based on the in situ development of such colonies and it is being violated to the extent of forced removal of people from the city. Along with this, drugs, domestic violence, and increasing student dropout rates continue to impact countless lives.

Identifying the link between common issues, MadhuAnand added that the increasing number ofdropouts can be associated with increasing drug abuse, which, in turn, has a direct impact on the safety of women and senior citizens. To tackle this prolonged issue from its roots, the party would ensure that no liquor shop is established in a locality without the permission of women along with strong steps to curb the rising influence of drugs on the youth.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तरुण भंडारी, संतोष शर्मा, रविंदर राणा बतौड़ ने थामा भाजपा का दामन, पंचकूला कांग्रेस मुक्त होने की राह पर अग्रसर: ज्ञानचंद गुप्ता

पंचकूला 12 अक्टूबर 2019:  

हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी में कोषाध्यक्ष रहे तथा नगर परिषद् के प्रधान रहे तरुण भंडारी, कांग्रेस में सचिव रही एवं गौ सेवा आयोग की चेयरपर्सन संतोष शर्मा,  जिला परिषद के पूर्व चेयरमैन रविंदर राणा बतौड़ एवं बलवंत राय वशिष्ठ ने भारी संख्या में अपने समर्थकों के साथ आज हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के समक्ष भाजपा का दामन थामा।

मुख्यमंत्री आवास में आयोजित एक भव्य समारोह में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री मनोहर लाल तथा ज्ञानचंद गुप्ता ने उनको पटका पहना कर पार्टी में सम्मलित किया और कहा कि इन सभी वरिष्ठ नेताओं के पार्टी में शामिल होने से पार्टी को मजबूती मिली है।
पार्टी से जुडऩे के बाद पार्टी में शामिल होने वाले सभी सदस्य पंचकूला भाजपा चुनाव कार्यालय में पहुंचे और भाजपा प्रत्याशी ज्ञानचंद गुप्ता के साथ एक संयुक्त प्रैस वार्ता को संबोधित किया। इस अवसर पर ज्ञानचंद गुप्ता ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि भाजपा का कुंबा निरंतर बढ़ रहा है और यह सब भाजपा की जनहितैषी नीतियों के कारण हुआ है। उन्होंने कहा कि पंचकूला अब कांग्रेस मुक्त होने की राह पर तेजी से अग्रसर है। उन्होने कहा कि भाजपा में शामिल होने वाले सभी नेता हरियाणा व पंचकूला में हुए अतुल्य विकास से प्रभावित हैं, पार्टी उनका स्वागत करती है और उनके शामिल होने से पार्टी को बहुत मजबूती मिली है।
इस मौके पर तरुण भंडारी, संतोष शर्मा, रविंदर राणा बतोड़ ने कहा कि उन्हें भाजपा में शामिल होने पर गर्व है। भाजपा विकासवादी पार्टी है। हम भाजपा के लिए पूरी तरह समर्पित होकर काम करेंगे और एक बार फिर भाजपा को हरियाणा में विजयी बनायेंगे । उन्होंने कहा कि वे भाजपा प्रत्याशी को जीताकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल के हाथ मजबूत करने में सहयोग करेंगे।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष दीपक शर्मा, महामंत्री हरेन्द्र मलिक, उपाध्यक्ष उमेश सूद, अजय शर्मा, रोहित सेन, बी.बी सिंगल, अमित गुप्ता मीडिया प्रभारी विकास पाल एवं नवीन गर्ग प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

सशक्त हिन्दू – सशक्त भारत

रामचंद्र अग्रवाल
वरिष्ठ अधिवक्ता

कुछ समय पहले पूज्य शंकराचार्य जी से मैंने पूछा था कि भारतीय समाज में कई जातियों व संप्रदाय हैं ऐसे हालात में देश में एकता कैसे लाई जा सकती है तो उन्होंने जवाब दिया था कि यदि वर्ण व्यवस्था पुन: कर्म प्रधान हो जावे जैसा के प्राचीन भारत में थी तो जातिगत भेदभाव समाप्त हो जाएगा व सांप्रदायिक एकता भी आ जावेगी। यदि माता-पिता अपने बेटे बेटियों की शादी के लिए match स्वयं के व्यवसाय या बेटे – बेटी के व्यवसाय के हिसाब से देखना चालू कर दें तो वर्ण व्यवस्था पुन: कर्म प्रधान हो सकती है। एक डॉक्टर लड़के के विवाह के समय डॉक्टर लड़की को preference दी जावे चाहे वह किसी भी जाति या संप्रदाय की हो तो इस तरह से वर्ण व्यवस्था को पुन: कर्मप्रधान बनाया जा सकता है। देश का अरबपति तबका परिवार के बच्चों के रिश्ते करते समय जातिगत विचार नहीं रखता यही बात जब उच्च शिक्षित वर्ग में भी है। विदेशों में जो भारतीय रहते हैं उनकी कोशिश यही रहती है कि बच्चों का रिश्ता किसी भारतीय परिवार में हो जावे, चाहे जाती कुछ भी हो। रिश्ते करते समय अनुकूलता व परिचित होने पर ज्यादा ध्यान होना चाहिए।

कई संपन्न व शिक्षित मुस्लिम परिवार भी ऐसा अनुभव करते हैं कि मुसलमान रहते हुए ज्यादा तरक्की नहीं कर सकते इसलिए यह हिंदू धर्म अपनाने को तैयार हैं लेकिन हिंदू समाज में इनके बच्चों की शादियां नहीं हो पाती। शिक्षक मुस्लिम युवतियों से मुस्लिम युवक निकाह नहीं करना चाहते क्योंकि यह सुधारवादी विचार रखती हैं, कश्मीर में कई मुसलमान भी बेटियों की शादी हिंदू युवकों से करना चाहते हैं क्योंकि आतंकवाद के कारण वहां के युवकों का कोई भविष्य नहीं है। यदि हिंदू समाज इनको अपनाना चालू कर देवें तो स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत इन युवतियों की शादी हिंदू युवकों से संभव है। इसके लिए जगह-जगह मैरिज ब्यूरो बनाए जावें। जहां कोई हिंदू युवक किसी मुस्लिम युवती से विवाह करता है तो ऐसे मामले में इन जोड़ों के सम्मान का ध्यान हिंदू संगठनों को रखना होगा अन्यथा वह युवक भी मुसलमान बन जावेगा। यदि कई मुस्लिम परिवारों को सामूहिक रूप से हिंदू बनाया जाए तो इनके बच्चों के रिश्ते करने में कठिनाई नहीं होगी वहीं अकेलापन भी महसूस नहीं होगा। जब यह बड़े लोग हिंदू बन जाएंगे तो इनका अनुसरण करके कई मध्यम व गरीब लोग भी हिंदू बन जाएंगे देश को आज नुसरत जहां जैसी महिलाओं की जरूरत है जो मुस्लिम युवतियों को कट्टरवाद से छुटकारा दिला सकती है।

इस समय यूरोप अमेरिका वह विश्व में कई देशों में मुसलमानों को नफरत की नजर से देखा जाता है इस कारण इनमें से कई इस्लाम छोड़कर अन्य धर्म अपनाने को तैयार हैं। इस्लाम एकेश्वरवाद में विश्वास करता है वह मूर्ति पूजा में यकीन नहीं करता। आर्य समाज द्वारा प्रसारित वैदिक धर्म में भी यही बात है। आर्य समाज के महान संत स्वामी श्रद्धानंद जी ने शुद्धि आंदोलन चलाकर लाखों मुसलमानों व ईसाइयों को हिंदू बनाया था लेकिन बाद में आंदोलन कमजोर पड़ गया। फिर से अन्य धर्म मानने वालों को हिंदू बनाने का कार्य किया जावे तो विश्व के करोड़ों मुसलमान हिंदू धर्म अपना लेंगे। किंतु मुसलमान आर्य समाज से परिचित ही नहीं है जो कि मुसलमानों में क्रांतिकारी सुधार लाने में सक्षम है इससे वेदों की वाणी पुन: गुंजायमान होगी।

इस्लाम केवल मजहब ही नहीं वरन एक राजनैतिक आंदोलन भी है जिसका मकसद यह है कि पूरे विश्व में केवल इस्लाम धर्म हो व सभी देशों में मुसलमानों का शासन हो। मुस्लिम धर्म शास्त्रों में ऐसा वर्णन है कि यदि कोई भी मुसलमान किसी गैर मुस्लिम को प्रेरित करके मुसलमान बना दे तो ऐसे प्रेरक के सभी गुनाह खुदा माफ कर देता है उसे जन्नत मिलती है, इस कारण प्रत्येक मुसलमान इस्लाम का प्रचारक हो जाता है। इस कारण कई मुसलमान यह सोचते हैं कि कितने भी अपराध कर लो फिर बाद में किसी को भी मुसलमान बना दो तो सारे पाप धुल जाएंगे व मरने के बाद स्वर्ग मिल जाएगा। यह एक अंधविश्वास है। क्योंकि कर्मों का फल भोगना ही पड़ता है यह अंधविश्वास समाप्त किया जाना जरूरी है अंधविश्वासों को खत्म करने के लिए सलमान रुश्दी, अनवर शेख, तस्लीमा नसरीन जैसे लेखकों की किताबों का प्रचार प्रसार किया जाना चाहिए जिससे इस्लाम व मोहम्मद साहेब की सच्चाई की जनता को जानकारी हो सकेगी।

भारत में प्रतिवर्ष 400000 से जायदा हिंदू लड़कियां लव जिहाद का शिकार हो रही हैं। मुस्लिम युवकों ने इस तरह का एक बड़ा अभियान चला रखा है। ऐसे युवकों को इनके परिवार व समाज का पूर्ण सहयोग है जबकि इन लड़कियों को हिंदू समाज से बहिष्कृत कर दिया जाता है जिसके कारण नहीं लड़कियों का कोई रक्षक नहीं रहता और मुसलमानों द्वारा इनके कई तरह से शोषण किया जाता है। सुना है कि कुछ लड़कियों को बेच दिया जाता है, वहीं गुर्दे आंखें लीवर हार्ट इत्यादि अंग ऐसे मरीजों में प्रत्यारोपित कर दिए जाते हैं जिनको इन अंगों की जरूरत है। इसलिए बहिष्कृत लड़कियों का पता करके इन्हें पुन: अपने समाज से जोड़ा जावे। जिन लड़कियों का निकाह हो चुका है उनके निकाह का पंजीकरण कराकर उन्हें पुन: हिन्दू बनाया जा सकता है। यदि हिंदू ना भी बने तो इस पंजीयन से यह दंपत्ति शरीयत के दायरे से निकल जाएंगे। लेकिन ऐसी लड़कियों की जानकारी तभी संभव है जब बुर्का प्रथा समाप्त हो। यह इसलिए भी जरूरी है क्योंकि कई आतंक कारी वह अपराधी पुरुष भी बचने के लिए बुर्का पहन लेते हैं। ऐसी लड़कियों को तलाश करने के लिए हिंदू महिलाओं को आगे आना होगा ऐसी लड़कियों की मदद से मुस्लिम समाज में कई सुधार लाए जा सकते हैं।

जिस किसी भी हिंदू परिवार की लड़की मुस्लिम परिवार में चली गई हो ऐसे हिंदू परिवारों की जानकारी एकत्रित की जानी चाहिए। फिर इन हिंदू परिवारों को भी प्रेरित करना चाहिए कि जिस मुस्लिम परिवार में हिंदू लड़की गई है उसी मुस्लिम परिवार या उसके रिश्तेदारों मित्रों पड़ोसी की लड़की किसी भी हिंदू परिवार में आजावे। इस तरह की क्रॉस रिलेशनशिप भी कानून में मान्य है ऐसा होने से जो हिंदू लड़की चले गई उसकी भी रक्षा करना सुगम हो जावेगा लव जिहाद के मामलों की रोकथाम तभी संभव है जबकि लड़की के परिवार के अलावा संपूर्ण हिंदू समाज भी निगरानी करें। जहां भी कोई हिंदू लड़की किसी मुस्लिम लड़के के साथ दिखे यदि हम उस लड़के से नाम वह लड़की से उसके पिता का नाम इत्यादि पूछना चालू कर देना तो उनके पास कोई स्कूटर मोटरसाइकिल या अन्य वाहन है तो उसका नंबर नोट कर लेना तो इससे भी रोक होना चालू हो जाएगा।

मुस्लिम समाज में शरिया कानून के कारण महिलाओं को निर्दोष होते हुए भी कई परेशानियां उठानी पड़ती है। तलाक के बाद ऐसा पुरुषों ने अपनी तलाकशुदा पत्नी से निकाह करना चाहे तो पहले उस महिला को किसी अन्य पुरुष से निकाह करना होगा व शारीरिक संबंध भी बनाने होंगे. इसके बाद जब दूसरा पति उसे उसे तलाक दे देवें तभी वह महिला अपने पूर्व पति से विवाह कर सकती है। यदि मुस्लिम दंपतियों को निकाह का पंजीयन स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत करवाने को प्रेरित किया जावे तो महिलाओं को कई परेशानियां नहीं झेलनी पड़ेगी। जो मुसलमान शरीयत के दायरे में रहना चाहते हैं उनके लिए दंड व्यवस्थाएं भी इस्लामी यदि इस्लामी कानून के अनुसार कर दी जावे तो भारत के आधे से अधिक मुसलमान शरीयत छोड़ने को तैयार हो जाएंगे। इसके लिए इंडियन पीनल कोड की धारा 4 में भी संशोधन करना पड़ेगा इससे मुसलमानों द्वारा किए जाने वाले अपराध बिल्कुल कम हो जाएंगे।

यदि मुस्लिम समाज की अनपढ़ लड़कियों व महिलाओं को इतना सा शिक्षित भी कर दिया जाए कि वह हिंदी का अखबार वह किताबें पढ़ सकें तो यह मुस्लिम महिलाएं मुस्लिम समाज के पुरुषों को कट्टरपंथियों के चुंगल में नहीं फंसने देंगी। व जो पहले से फंसे हुए हैं उन्हें भी निकालने के लिए प्रयास करेंगी, क्योंकि कट्टरवाद के कारण इन महिलाओं को भारी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। मदरसों में ऐसी शिक्षा देना जरूरी है कि इनमें राष्ट्रीयता की भावना आवे व अन्य धर्मों के प्रति सहिष्णुता भी। शिक्षा वैज्ञानिक सोच विकसित करने व अंधविश्वास खत्म करने वाली हो।

बहाई धर्म के संस्थापक बहाउल्ला ईरान के थे। उनका मानना था कि संपूर्ण विश्व एक देश होना चाहिए, व संपूर्ण मानव जाति बिना किसी धार्मिक भेदभाव व शांति व प्रेम के साथ – साथ रहे। बहाई धर्म का लोटस टेंपल दिल्ली में है इनका मानना है कि मुस्लिम धर्म ग्रंथों में यह भी वर्णन आता है कि ऐसा पैगंबर आवेगा जो विश्व में इस तरह की एकता लाने का प्रयास करेगा। भारत के मुसलमानों को बहाई धर्म की तरफ प्रेरित किया जा सकता है। भारत में मुसलमानों के अलावा अन्य कई भी बहाई धर्म मानते हैं इनमें विवाह की दशा में स्पेशल मैरिज एक्ट लागू होता है।

इस्लामिक आतंकवाद पूरे विश्व में फैल रहा है। इसलिए संयुक्त राष्ट्र (UNO) को भी विश्व के देशों में जहां पर भी कॉमन सिविल कोड नहीं है इसके लिए प्रेरित करना चाहिए। जिससे मुसलमान व अन्य भी कट्टरपंथियों के चुंगल से निकल सके। जिन देशों में कॉमन सिविल कोड नहीं है उन पर कई आर्थिक प्रबंध लगाकर उन्हें समान नागरिक संहिता के लिए बाध्य किया जा सकता है। शरिया मानने वाले मुसलमानों को गैर मुस्लिम देशों में आने पर प्रतिबंध लगाया जावे। कोई भी देश तब तक धर्मनिरपेक्ष नहीं कहा जा सकता जब तक के वहां समान नागरिक संहिता ना हो। क्योंकि इसके अभाव में कोई भी व्यक्ति बिना खुद की पहचान बदले बिना खुद के समाज से अलग हुए अपने जन्मजात धर्म के अलावा अन्य धर्म नहीं अपना सकता। वह एक से अधिक धर्मों की उपासना भी नहीं कर सकता। फिर इस्लाम में तो किसी भी सुधार की भी मनाही है। वह सुधारको के लिए कठोर यातनाएं भी हैं। भारत में जब तक समान नागरिक संहिता लागू नहीं होती तब तक स्पेशल मैरिज एक्ट व इंडियन सकसेशन एक्ट से ही काम चलाना होगा।

भारतीय उपमहाद्वीप में 95 प्रतिशत मुसलमान ऐसे हैं जिनके पूर्वज हिंदू थे, लेकिन उन्हें उस समय के मुस्लिम शासकों ने बलपूर्वक मुसलमान बनाया था। यदि यह लोग आज हिंदू होते तो अधिक शिक्षित व संपन्न होते। क्योंकि इस्लाम में जमाने के हिसाब से कोई भी सुधार नहीं हुए हैं। मुसलमानों को यह समझना चाहिए के मोहम्मद साहब का कार्य क्षेत्र केवल मक्का मदीना के आसपास के क्षेत्रों तक सीमित था। व उनकी सोच का दायरा केवल वहां के समाज का सुधार जो उस समय संभवत वही तक था। विश्व के अन्य देशों में उस समय भी कई उत्कृष्ट धर्म व्यवस्थाएं थी जिनसे मोहम्मद साहब अपरिचित थे। हिंदू कोई धर्म नहीं वरन एक जीवन शैली है, जिसका आधार यह है कि एक ही ईश्वर तक पहुंचने के लिए सभी धर्म अलग-अलग रास्ते हैं।
“एकम सत विप्रा: बहुधा वदन्ति”
सभी धर्मों में कई अच्छाइयां हैं तो कुछ बुराइयां भी हैं जिनमें समय के हिसाब से सुधार होना चाहिए। यदि विश्व के मुसलमान भी मानने लग जाए तो वह स्वयं की रूचि के अनुसार कई धर्मों की उपासना पद्धतियों का भी लाभ भी ले सकेंगे, जिससे उनका संपूर्ण विकास हो सकेगा। इसके लिए सुधारवादी मुसलमानों को संगठन “राष्ट्रीय मुस्लिम मंच” से जोड़ने का काम हिंदुओं को भी करना होगा। अन्य कई नए सुधारवादी संगठन भी बनाने होंगे जिससे इस समाज के लिए कई प्रकार के सुधारात्मक कार्यक्रम चलाया जा सके।

विदेशों में हिंदुस्तानी और पाकिस्तानी प्रेम से रहते हैं, क्योंकि दोनों में बोलचाल के अलावा भी कई सामान्यताएं हैं। वैसे भी 1947 का भारत विभाजन अंग्रेजों की एक चाल थी जिससे दोनों देश लड़ते रहें वह कभी तरक्की न कर सकें। दोनों जर्मनी पूर्वी व पश्चिमी मिलकर एक हो सकते हैं तो भारत पाकिस्तान और बांग्लादेश भी एक हो सकते हैं। जिससे कश्मीर समस्या, आतंकवाद व भारत में बांग्लादेशियों की समस्याएं स्वत: समाप्त हो जाएंगी। दोनों देशों का रक्षा खर्च भी कम हो जावेगा। पाकिस्तान और बांग्लादेश में सेना ने सत्ता का स्वाद चख रखा है इसलिए बिना भारत की मदद के वहां लोकतंत्र रह भी नहीं सकता। पाकिस्तान और बांग्लादेश की जनता को भी भारत में विलय हेतु प्रयास करना चाहिए जिससे इन दोनों देशों का आर्थिक विकास संभव है।

भारतीय राजनेताओं को यह समझना चाहिए कि इस्लाम पाकिस्तान की ताकत है। जिसके कारण पाकिस्तानियों में ना केवल भारत के खिलाफ एकता है बल्कि राष्ट्रीयता की भावना भी है। इस्लाम के कारण पाकिस्तानियों को विदेशों में वहां के मुसलमानों का सहयोग आसानी से मिल जाता है व उन देशों का भी जहां भी मुसलमान हैं। परवेज मुशर्रफ ने एक दफे कहा था कि पाकिस्तान की असली ताकत वहां की सेना नहीं बल्कि हिंदुस्तान में रहने वाले वह मुसलमान हैं जिनका पाकिस्तान पर प्रेम है। व जिनके कारण पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद भारत में पनप रहा है। जिहाद के नाम पर पाकिस्तान मामूली खर्चे पर भारत के खिलाफ आतंकवादी तैयार कर लेता है। जो फिदायीन हमलों के लिए भी तैयार रहते हैं। अब यह एक अंतरराष्ट्रीय बीमारी बन गई है जो महामारी का रूप लेती जा रही है। जिहाद को धर्मयुद्ध समझना भी अंधविश्वास ही है।

आलेख में छपे विचार लेखक के निजी विचार हैं, डेमोक्रेटिकफ्रंट. कॉम इसके लिए उत्तरदायी नहीं है।

Police Files, Chandigarh

Korel, CHANDIGARH – 12.10.2019


A girl resident of Sector 27, Chandigarh reported that one person namely Neeraj resident of Distt. Mahendergarh, Haryana, snatched away her mobile near Hanuman Mandir, Sector-32, Chandigarh on 11.10.2019. A case FIR No. 255, U/S 356, 379 IPC has been registered in PS-34, Chandigarh. Accused arrested in this case. Investigation of the case is in progress.

Deterred public servants while discharging govt. duty

A case FIR No. 320, U/S 332, 353, 147, 149 IPC has been registered in PS-17, Chandigarh on the complaint of SI Satnam Singh of Chandigarh Police against Nasib Jhakar, Ranjit Mishra, Rakesh, charamjit and Ashwani all resident not known run away after quarrel/beaten and deterred complainant and other police officials, while discharging govt. duty at back side of Neelam Cinema, Sector -17 on 11.10.2019. Two alleged namely Nasib Jhakar and Ranjit Singh have been arrested in this case. Investigation of the case is in progress.


A person resident of Chandigarh reported that unknown person has abducted her daughter age about 17 years from her residence on 11.10.2019. A case FIR No. 207, U/S 363 IPC has been registered in PS-36, Chandigarh. Investigation of the case is in progress.


Vijay Bharti R/o # 239, Hallomajra, Chandigarh, reported that unknown person stole away complainant’s E-rikshaw No. CH01TE-0496 near Sai Baba mandir, Sector -29, Chandigarh on 10.10.2019. A case FIR No. 270, U/S 379 IPC has been registered in PS-Ind. Area, Chandigarh. Investigation of case is in progress.

आज का राशिफल


12 अक्टूबर 2019: कुछ कामों में रुकावटें आ सकती हैं. मेहनत ज्यादा हो सकती है. जॉब स्विच करने का मन बना सकते हैं, लेकिन सोच-समझकर फैसला लें. किसी काम या बात में जल्दबाजी करने से नुकसान हो सकता है. सेहत को लेकर सावधान रहें. आज आप नया व्हीकल या मोबाइल खरीदने का मन बना सकते हैं. पैसे और सेविंग के मामले में दूर स्थान के किसी व्यक्ति से सलाह ले सकते हैं. निवेश या खर्चे को लेकर भी बातचीत हो सकती है. पार्टनर का मूड अच्छा रहेगा. दाम्पत्य जीवन भी सुखमय रखेगा.


12 अक्टूबर 2019: बिजनेस में फायदा हो सकता है. नौकरीपेशा लोगों की पदोन्नति हो सकती है. साथ काम करने वालों से सहयोग मिलेगा. जीवनसाथी से मदद मिलने के योग बन रहे हैं. अविवाहित लोगों की लव लाइफ अच्छी हो सकती है. आपके कामकाज के तरीकों में बदलाव हो सकता है जिससे आपको फायदा होगा. इसके साथ ही कामकाज की टेंशन कम हो सकती है. करियर में आगे बढ़ने के कुछ अच्छे मौके मिल सकते हैं. आमदनी बढ़ने की भी संभावना है.


12 अक्टूबर 2019: सितारों की स्थिति आपके लिए खास हो सकती है. आज आप सक्रिय रहेंगे. ऑफिस में नया काम या नई जिम्मेदारी भी आपको मिल सकती है. रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं. कुछ नए लोग आपसे जुड़ सकते हैं. लव पार्टनर की मदद से धन लाभ के योग हैं. आपको भावनात्मक सहयोग मिल सकता है. सामाजिक और सामूहिक कामों के लिए लोगों से मुलाकात हो सकती है. ताजगी और स्फूर्ति महसूस होगी. सेहत में सुधार होने के योग हैं.


12 अक्टूबर 2019: आप ऑफिस में कुछ लोगों को इम्प्रेस कर सकते है. जॉब बदलने या एक्स्ट्रा इनकम के लिए भी विचार कर सकते हैं. इसमें आपको किस्मत का साथ मिल सकता है. नई शुरुआत करने में भी सफल हो सकते हैं. रुका हुआ पैसा मिलने की संभावना है. अचानक फायदा हो सकता है. बिजनेस में नए सौदे हो सकते हैं. आत्मविश्वास बढ़ सकता है. पारिवारिक सुख और संतोष रहेगा. दुर्घटना या चोट लगने के योग बन रहे हैं. आपको संभलकर रहना होगा.


12 अक्टूबर 2019: अधिकारियों से सहयोग कम ही मिल पाएगा और आपको बिजनेस में सावधान रहना होगा. ऑफिस और बिजनेस में जो काम हाथ में लेंगे, उसमें सफलता की संभावना कम है. बिजनेस के मामलों में किसी अनुभवी की सलाह जरूर लें. जल्दबाजी न करें. अकेलेपन से बचें. अधूरे काम निपटाने में आपको परेशानियां आ सकती हैं. आज मिलने वाले पैसों को आने वाले समय के लिए बचा कर रखें. जीवनसाथी के साथ यात्रा हो सकती है या किसी प्रोग्राम की प्लानिंग बन सकती है.


12 अक्टूबर 2019:  आज बिजनेस और नौकरी के बड़े मामलों पर कुछ फैसले हो सकते हैं या प्लानिंग भी बन सकती हैं. पैसों की स्थिति में सुधार हो सकता है. आमदनी बढ़ाने और खर्चों में कटौती करने पर विचार कर सकते हैं. आज आप नौकरी या कारोबार से जुड़ा कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं. जीवनसाथी से गिफ्ट मिल सकता है. प्रेमियों के लिए समय अच्छा हो सकता है. महत्वपूर्ण लोगों से मुलाकात हो सकती है. नौकरी में बदलाव और पदोन्नति की संभावना है. आज आप किसी को बिना मांगे राय देने से बचें. आपकी सेहत में पहले से थोड़ा सुधार भी हो सकता है.


12 अक्टूबर 2019: कुछ रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं. नौकरी और बिजनेस में समय पर सहयोग नहीं मिलने से परेशानी हो सकती है. कुछ लोग आपके काम का विरोध भी कर सकते हैं. इसके अलावा आप कुछ नया और ज्यादा करने की सोच सकते हैं. आने वाले कुछ दिनों में बड़े काम करने की योजना बना सकते हैं. जीवनसाथी से मदद और समर्थन मिल सकता है. आज आपको विवाह प्रस्ताव भी मिल सकते हैं. शादीशुदा लोगों के लिए दिन ठीक कहा जा सकता है.


12 अक्टूबर 2019:  बिजनेस में फायदे के योग हैं. नौकरीपेशा लोगों के लिए समय ठीक है. रुके हुए काम निपट जाएंगे. पुरानी परेशानियां सुलझ सकती हैं. दुश्मनों पर जीत मिलने के योग हैं. नए काम करने का मन बनेगा. कुछ बड़ी जिम्मेदारियां भी पूरी हो सकती हैं. कुछ अच्छे मौके मिल सकतेहैं. व्यापारिक फैसले सोच-समझकर लें. कोई बड़ा फायदा भी होने के योग बन रहे हैं. कई तरह की जिम्मेदारियां आप पर हो सकती हैं. आज आप कहीं घूमने भी जा सकते हैं. पार्टनर से भी आपको मदद मिल सकती है. सेहत के मामले में सावधान रहें.


12 अक्टूबर 2019:
नौकरीपेशा लोगों के काम में रुकावटें आ सकती है. बिजनेस करने वाले लोग सावधान रहें. कानूनी मामले उलझ सकते हैं. फालतू कामों में समय खराब होने के योग हैं. स्थान में बदलाव संबंधी कोई प्लान बन सकता है. कामकाज के सिलसिले में कहीं बाहर जाना पड़ सकता है. आपकी लव लाइफ में कुछ बदलाव होने के योग बन रहे हैं. इस राशि के अविवाहित लोगों के लिए समय अच्छा हो सकता है. सेहत के मामलों में भी संभलकर रहें.


12 अक्टूबर 2019: पुरानी परेशानियां खत्म होने के योग बन रहे हैं. स्थिति अनुकूल हो सकती है, रुके हुए कामों को पूरा करने की कोशिश करें. बिजनेस और नौकरी में नए आइडिया मिल सकते हैं. आपका एनर्जी लेवल बढ़ सकता है. किसी पर आंख बंद कर के भरोसा न करें. पार्टनर से अनबन हो सकती है. वाणी पर नियंत्रण रखें. सेहत के मामले में दिन ठीक है. बीमारी में राहत मिल सकती है.


12 अक्टूबर 2019: करियर के लिए कुंभ राशि वाले लोगों के लिए दिन अच्छा कहा जा सकता है. ऑफिस में साथ वाले लोगों से मदद मिल सकती है. कुछ अच्छे और बड़े बदलाव होने की संभावना बन रही है. ऑफिस और बिजनेस में अनुभवी लोगों से सलाह मिल सकती है. धन लाभ हो सकता है. प्रॉपर्टी के मामलों में भी समय अच्छा कहा जा सकता है. महत्वपूर्ण लोगों से मुलाकात होने के योग हैं. लव लाइफ के लिए भी दिन अच्छा हो सकता है. सेहत का ध्यान रखें.


12 अक्टूबर 2019: अचानक फायदा मिलने के योग हैं. पार्टनर भी आपकी मदद करेगा तो धन लाभ हो सकता है. पुराना कर्जा खत्म हो सकता है. फालतू खर्चों पर कंट्रोल हो सकता है. नए इनकम सोर्स मिलने के भी योग हैं. ऑफिस में नया काम या नई जिम्मेदारी मिल सकती है. आप कोई भी बात सावधानी से बोलें. सेहत को लेकर सावधान रहें. मौसमी बीमारियों से भी परेशानी हो सकती है.

आज का पंचांग

पंचांग 12 अक्टूबर 2019   

विक्रमी संवत्ः 2076, 

शक संवत्ः 1941, 

मासः आश्विनी़, 

पक्षः शुक्ल पक्ष, 

तिथिः चतुर्दशी रात्रि 12 .37 तक, 

वारः शनिवार, 

नक्षत्रः उत्तराभाद्रपद (की वृद्धि है जो कि रविवार को प्रातः 07.53 तक है), 

योगः ध्रुव रात्रि 04.12 तक, 

करणः गर, 

सूर्य राशिः कन्या, 

चंद्र राशिः मीन, 

राहु कालः प्रातः 9.00 बजे से प्रातः 10.30 तक, 

सूर्योदयः 06.24, 

सूर्यास्तः 05.50 बजे।

विशेषः आज पूर्व दिशा की यात्रा न करें। शनिवार को देशी घी,गुड़, सरसों का तेल का दानदेकर यात्रा करें।