हिंदी विभाग की वार्षिक शोध-पत्रिका ‘परिशोध’ के अंक – 63 वर्ष 2019 का पंजाब विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राज कुमार ने आज लोकार्पण किया। कुलपति ने एक वर्ष से कम समय में नया अंक निकालने पर विभाग के सभी अध्यापकों को बधाई दी। परिशोध का पिछला अंक 14 सितम्बर 2018 को कुलपति प्रो. राज कुमार ने ही लोकार्पित किया था। विभागाध्यक्ष डॉ. गुरमीत सिंह
ने बताया कि आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी द्वारा 1964 में शुरू की गई पत्रिका परिशोध को नियमित रूप से प्रकाशित किया जा रहा है। यह अंक हिंदी की प्रसिद्ध लेखिका कृष्णा सोबती को समर्पित किया गया है। उन्होंने आगे बताया कि यू.जी.सी. द्वारा जारी नई पत्रिकाओं की सूची में भी शोध-पत्रिका परिशोध अपना स्थान बनाए रखने में सफल रही है। पिछले वर्ष से शुरू की गई
परिशोध की वेबसाइट भी नियमित रूप से अपडेट की जा रही है। इस अवसर पर प्रो. नीरजा सूद, प्रो. बैजनाथ प्रसाद, प्रो. सत्यपाल सहगल और पंजाब विश्वविद्यालय के प्रेस प्रबंधक जतिंदर मोदगिल उपस्थित रहे।
Trending
- इंदिरा कॉलोनी पार्क की बदहाल सफाई व्यवस्था से लोगों में रोष
- बिजली बिल में भारी गड़बड़ी का आरोप, CPDL की बिलिंग प्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
- पंचांग, 15 जुलाई, 2026
- राशिफल, 15 जुलाई, 2026
- Gothia Cup: Minerva Academy FC Routs Lillestrøm SK 3 by 13-1 to Continue Winning Streak
- पंचकूला में घग्गर समेत सभी नदी-नाले उफान पर…
- हरियाणा में हिसार पुलिस का दमदार मॉडल बना चर्चा का विषय
- समाजसेवी रामनिवास राड़ा की भाभी के निधन पर मुख्यमंत्री नायब सैनी समेत अनेक लोगों ने जताया शोक

