अपने बेटे के चुनाव प्रचार के लिए अनिल शर्मा को पद और विधायकी छोडनी होगी

अभी कुछ दिन पहले ही 92 वर्षीय पंडित सुख राम ने राहुल गांधी से आशीर्वाद प्राप्त किया था और अपने पौत्र आश्रय शर्मा के साथ कांग्रेस का दामन थामा था।

नाहन (हिमाचल प्रदेश): हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने रविवार को अपने कैबिनेट सहयोगी अनिल शर्मा से यह स्पष्ट करने को कहा कि वह मंडी लोकसभा सीट से अपने पुत्र एवं कांग्रेस उम्मीदवार के लिए प्रचार करने के वास्ते सरकार से अलग होंगे या वहां भाजपा उम्मीदवार का समर्थन करेंगे. ठाकुर ने कड़ा रुख अपनाया और राज्य के ऊर्जा मंत्री शर्मा से स्पष्टीकरण मांगा. कुछ दिन पहले ही उनके पिता एवं पूर्व केंद्रीय दूरसंचार मंत्री सुखराम अपने पोते आश्रय शर्मा के साथ कांग्रेस में शामिल हो गए थे. आश्रय शर्मा को मंडी से कांग्रेस का टिकट दिया गया है.

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शर्मा से स्पष्टीकरण उत्तराखंड में चुनाव प्रचार के लिए जाते समय पोंटा में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए मांगा. ठाकुर ने कहा कि उनके कैबिनेट सहयोगी शर्मा को इसको लेकर स्पष्टीकरण देना चाहिए कि वह मंडी में किसके लिए प्रचार करेंगे…अपने पुत्र या भाजपा उम्मीदवार रामस्वरूप शर्मा के लिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि शर्मा को जल्द निर्णय करना चाहिए कि वह चुनाव में मंडी में अपने पुत्र की मदद के लिए कांग्रेस के साथ जाएंगे या भाजपा उम्मीदवार के लिए प्रचार करेंगे.

उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि अनिल शर्मा अपने पुत्र के लिए प्रचार करते हैं तो उन्हें अपना कैबिनेट पद और हिमाचल प्रदेश विधानसभा की सदस्यता गंवानी होगी. उन्होंने कहा कि इस पर किसी को भी कोई संदेह नहीं होना चाहिए. मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही शर्मा के मुद्दे को लेकर भाजपा में मतभेद होने की अटकलों को भी खारिज किया

सीएम जयराम ठाकुर ने कहा, पार्टी में इस मुद्दे पर कोई दूसरा मत नहीं है और जो वह कह रहे हैं वह पार्टी का सर्वसम्मत विचार है. उन्‍होंने यह भी विश्वास जताया कि भाजपा हिमाचल प्रदेश की मंडी सहित सभी चार लोकसभा सीटें बरकरार रखेगी और उन पर भाजपा की जीत का अंतर बढ़ेगा.

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