Murder case solved within 24 hours

Chandigarh – 6 Feb, 2020

On dated 04.02.2020 a case FIR No. 20 U/S 302 IPC has been registered on the complaint of Sh. Sajjan Singh S/o Ajmer Singh R/o House No. 2476, Mari Wala Town, Mani Majra, Chandigarh age 54 years against Jarnail Singh age 48 years  R/o House No. 2476 MWT Mani Majra, Chandigarh. Complainant stated that Jarnail Singh is real brother and lives in the adjoining house No.2476 MWT with his family and married to Manjeet Kaur before 23 years ago and out of this wedlock he has four children 01 daughter passed away before 05 years ago and one daughter is married. Jarnail Singh was living with his wife Manjeet Kaur along with one daughter age 13 years and Son 11 years. Jarnail Singh is alcohol addicted and due to this he often scuffled with his wife Manjeet Kaur. Manjeet kaur was domestic servant and the only bread earner for her children. On dated 04.02.2020 at about 4.30 AM his niece came out from her house with loud voice, after listen her voice he ran into the house of Jarnail Singh and he saw that his brother was carrying Axe in his hand and assaulting his wife with the Axe and after seeing him ran away from the spot, after that there neighbour Sonia Choudhary called police. On this information PCR reached on spot and lifted the injured lady to PGI-Trauma Centre, where duty Doctor declared Manjeet Kaur dead.

                  During the course of investigation accused person Jarnail Singh has been arrested on 06.02.2020. Today accused is being produced in Hon’ble court to obtained 02 days police remand for further interrogation in present case.

जब सदन जय श्री राम के नारों से गूंज उठा

आज सदन उस समय जय ‘श्री राम’ के नारों से गूंज उठा जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ की घोषणा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में बुधवार को अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए ट्रस्ट के गठन का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि कैबिनेट की मीटिंग में यह फैसला लिया गया है कि राम जन्म भूमि के लिए ट्रस्ट बनाया गया है. जिसका नाम ‘श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र” होगा. पीएम मोदी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यह ट्रस्ट बनाया गया है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मुस्लिम पक्ष को मस्जिद के लिए राज्य सरकार अलग से जमीन देगी. ट्रस्ट की घोषणा के साथ ही लोकसभा में जय श्री राम के नारे लगे.

नई दिल्ली: 

राम मंदिर बनाने के लिए ट्रस्ट के गठन का प्रस्ताव लोकसभा में पारित हो गया है. कैबिनेट ने राम मंदिर ट्रस्ट बनाने को मंजूरी दे दी है. बुधवार को लोकसभा में संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए योजना तैयार कर ली है. उन्होंने कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार कैबिनेट की बैठक में इस दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है. पीएम ने कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए सरकार ने योजना तैयार कर ली है. राम मंदिर ट्रस्ट का नाम ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ होगा. पीएम ने कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड को 5 एकड़ जमीन देने के लिए राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है. 

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर को अयोध्या मामले पर फैसला सुनाते हुए सरकार को राम मंदिर ट्रस्ट बनाने का आदेश दिया था. कोर्ट ने ट्रस्ट के गठन के लिए नौ फरवरी तक की तारीख तय की थी. मंदिर निर्माण की पूरी रुपरेखा तैयार करने और उसे क्रियान्वित करने की जिम्मेदारी ट्रस्ट की होगी.

इससे पहले मंगलवार को अयोध्या में बाबरी मस्जिद पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा था कि वह चाहते हैं की अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार जल्द से जल्द ट्रस्ट का निर्माण करें. जिससे राम मंदिर निर्माण का कार्य शुरू हो सके. उन्होंने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार से मांग की थी कि सुप्रीम कोर्ट ने जो मस्जिद के लिए 5 एकड़ भूमि दी है उस भूमि को जल्द से जल्द चिन्हित किया जाए. जिससे वहां पर मस्जिद का निर्माण किया जा सके.

यही नहीं उनका यह भी कहना है की अयोध्या के विकास के लिए राम मंदिर निर्माण जल्द से जल्द शुरू हो क्योंकि हिंदू समाज के लोग भी अब यह सवाल कर रहे हैं कि 9 फरवरी को 3 महीना सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का बीत जाएगा और अभी तक राम मंदिर निर्माण शुरू नहीं हो सका है. ऐसे में भगवान श्री राम कब तक टेंट में रहेंगे यह सवाल बाबरी पक्षकार इकबाल अंसारी ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार से पूछा था.

हमे एक साजिश के तहत बदनाम किया जा रहा है:: जैन बंधु

मीडिया को बताया कि उन्होंने नियो फिटनेस के अजय चड्ढा व अन्यो के खिलाफ एक शिकायत जालन्धर के पुलिस कमिश्नर को दी थी जिसमे एक एसीपी व डीए लीगल की रिपोर्ट के अनुसार नियो फिटनेस के मालिक अजय चड्ढा पर मामला दर्ज करने की सिफारिश की गई है, परंतु अभी तक मामला दर्ज नही किया गया

जालन्धर(अनिल वर्मा):

कुछ दिन पूर्व एक निजी वेब पोर्टल द्वारा शहर के जैन परिवार के सदस्यों के खिलाफ एक खबर लगाई थी जिसमे बताया गया था कि जैन परिवार द्वारा आई.सी.आई.सी.आई बैंक के साथ करोड़ो की ठगी की है,अब इसमें कितनी सच्चाई थी आज हम आपको बताते है।

आज अर्पण जैन ने मीडिया के समक्ष पेश होकर कहा कि जालन्धर शहर के एक निजी वेब पोर्टल द्वारा उन्हें व उनके परिवार को बे-बुनियादी खबरे लगा कर बदनाम व तंग करने की कोशिश की जा रही,

आगे अर्पण जैन का कहना है कि जो खबर उनके खिलाफ आई.सी.आई.सी.आई बैंक के साथ ठगी की लगी है वो सरसर गलत, बे-बुनियाद व बिना तथ्यों को पेश करके लगाई गई है, उन्होंने कहा कि अगर उनका परिवार बैंक का डिफाल्टर होता तो बैंक कोर्ट केस करता परंतु बैंक द्वारा ऐसा नही किया गया क्योंकि उन्होंने 3 अगस्त 2018 को बैंक का लोन चुका दिया था, जिसकी एनओसी उनके पास मौजूद है जिसकी कॉपी भी अर्पण जैन द्वारा मीडिया को दी गई। आगे उन्होंने कहा कि जालन्धर शहर के मशहूर जिम नियो फिटनेस के मालिक अजय चड्ढा द्वारा और एक निजी पोर्टल द्वारा मिलकर उनके परिवार को परेशान व बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, उन्हीने मीडिया को बताया कि उन्होंने नियो फिटनेस के अजय चड्ढा व अन्यो के खिलाफ एक शिकायत जालन्धर के पुलिस कमिश्नर को दी थी जिसमे एक एसीपी व डीए लीगल की रिपोर्ट के अनुसार नियो फिटनेस के मालिक अजय चड्ढा पर मामला दर्ज करने की सिफारिश की गई है, परंतु अभी तक मामला दर्ज नही किया गया।

दोस्तो ये था “द सरोटी ऑफ जैन ब्रदर्स” का पहला भाग इसके दूसरे भाग में और भी कई दबे राज खुलने की संभावना है और इस मामले एक निजी वेब पोर्टल व नियो फिटनेस के मालिक अजय चढा की कितनी व क्या भूमिका इस का भी खुलासा किया जाएगा।

युवा आक्रोश रैली में राहुल गांधी गरजे

28 जनवरी, जयपुर (ब्यूरो) : 

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को जयपुर में ‘युवा आक्रोश रैली’ को संबोधित किया। राहुल के भाषण का पूरा फोकस युवाओं और देश में बढ़ती बेरोजगारी पर रहा। करीब 24 मिनट की स्पीच में राहुल ने 29 बार युवा शब्द का इस्तेमाल किया। वहीं, 18 बार नरेंद्र मोदी, 6 बार बेरोजगारी, 3 बार जीडीपी और जीएसटी शब्द का जिक्र किया। सीएए, एनआरसी और एनपीआर पर सिर्फ एक बार बोले।

नेशनल रजिस्टर ऑफ अनइंप्लॉयमेंट लॉन्च किया

संबोधन से पहले राहुल गांधी ने एनआरयू यानी नेशनल रजिस्टर ऑफ अनइंप्लॉयमेंट लॉन्च किया। उन्होंने कहा कि एक ऐसा रजिस्टर बनना चाहिए, जिसमें तमाम बेरोजगारों का नाम दर्ज हो। इसे हम पीएम के पास लेकर जाएं और बताएं कि आपने युवाओं से वादा किया था और अब तक कितने बेरोजगार घूम रहे हैं। उन्होंने युवाओं को आगे बढ़ने का विजन भी दिया।

‘मेइ इन चाइना की जगह हर जगह नजर आएगा मेड इन इंडिया’

राहुल ने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री मोदी पर भी युवाओं का जिक्र करते हुए हमला किया। उन्होंने कहा, ‘मैं चेलेंज देता हूं पीएम मोदी किसी भी यूनिवर्सिटी में चले जाएं। और युवाओं से सवाल पूछवाकर देख लें। और मोदी जवाब दें। वे नहीं दे सकते हैं। राहुल के भाषण में युवाओं से जुड़ी प्रमुख बातें-

  • ‘अमेरिका के पास बड़े-बड़ हथियार हैं, एयरफोर्स है, सऊदी के पास तेल है। हमारे पास सबसे अच्छे युवा हैं। जो पूरी दुनिया को बदल सकते हैं।’
  • ‘आज हर जगह मेड इन चाइना दिखता है। अगर देश के युवा अपनी शक्ति पहचाने तो हर जगह मेड इन इंडिया दिखाई देगा।’
  • ‘आज हमारे युवा पीएम से सवाल करते हैं कि आप बताएं देश की इमेज क्यों खराब की? आपने युवाओं के लिए क्या किया तो युवाओं पर ही गोली चलाई जाती है।’
  • ‘नरेंद्र मोदी ने गरीबों और युवाओं का पैसा छीनकर 15 सबसे अमीर लोगों को दे दिया।’
  • ‘आज हिंदुस्तान का युवा कॉलेज-स्कूल में जाकर पढ़ता है। पढ़ाई के बाद आपको हिंदुस्तान में रोजगार नहीं मिल सकता। पिछले साल हिंदुस्तान में 1 करोड़ युवाओं ने रोजगार खोया है।’
  • ‘एनआरसी, सीएए और एनपीआर की बात होती है। लेकिन जो सबसे बड़ी समस्या है। युवाओं को दुख होता है हमारे पीएम रोजगार पर एक शब्द नहीं बोलते हैं।’

यह भी पढ़ें: राहुल गांधी को री – लॉन्च करने के लिए गहलोत सरकार ने कालेजों से जुटाई भीड़, रैली के दौरान कोई पढ़ाई नहीं

COMMENDATION CERTIFICATES ON THE OCCASION OF REPUBLIC DAY 2020

Korel, Chandigarh, 24th January 2019: 

The Administrator, Union Territory, Chandigarh is pleased to award commendation certificates to the following Certificates to the following on Republic Day, 2020 for rendering outstanding services by them in the particular field

Sr.No.Name and Designation of employees/personsRemarks/In the Field of
1Dr. Honney Sawhney, Senior Medical Officer, GMSH, Sector 16, ChandigarhFor meritorious service in the O/o Director Health and Family Welfare, UT Chandigarh
2Smt. Parminderjit Kaur Thind, Nursing Sister, GMSH, Sector 16, Chandigarh.For meritorious service in the O/o Director Health and Family Welfare, UT Chandigarh
3Sh. Jaspal Sharma, Administrative Officer, Government Medical College & Hospital, Sector 32, Chandigarh.For meritorious service in the O/o Principal Secretary, Government Medical College & Hospital, Sector 32, Chandigarh
4Constable, No. 79/CP, Inderjit Singh, Police Department, UT ChandigarhFor meritorious service in the O/o Director General of Police, UT, Chandigarh
5Smt. Kiran Rana, Senior Assistant, UT Secretariat, Chandigarh AdministrationFor meritorious service in the O/o Secretary Establishment, Chandigarh Administration
6Smt. Jaswinder Kuar, Personal Assistant, UT Secretariat, Chandigarh AdministrationFor meritorious service in the O/o Secretary Establishment, Chandigarh Administration
7Sh. Jatinder Kumar Verma, Senior Scale Stenographer/ PA, Environment Department, UT ChandigarhFor meritorious service in the O/o  Chief Conservator of Forests, UT Chandigarh
8Sh. Sandeep Sethi, Section Officer, o/o Director Higher Education, UT Chandigarh.For meritorious service in the O/o Director Higher Education, UT Chandigarh
9Sh. Pawan Kumar, Superintendent Grade II, Govt College of Arts, Sector 10, ChandigarhFor meritorious service in the O/o Principal Govt College of Arts, Sector 10, Chandigarh
10Dr. Binu Dogra, Principal, P.G. Government College for Girls Sector-42, ChandigarhFor meritorious service in the O/o Director Higher Education, Union Territory Chandigarh
11HGV, No.1293 Gurvarinderjit Singh,  Office of Commandant General Home Guards, UT ChandigarhFor meritorious service in the O/o Commandant General Home Guards, UT, Chandigarh
12HGV, No 805,  Sukhvir Singh, Office of Commandant General Home Guards, UT ChandigarhFor meritorious service in the O/o Commandant General Home Guards, UT, Chandigarh
13Sh. Naveen Kumar, Fireman, Municipal Corporation Chandigarh For meritorious service in the O/o Commissioner Municipal Corporation Chandigarh
14Sh. Surender Singh, Blacksmith Tech Gr-I, Chandigarh Transport Undertaking,  Union Territory ChandigarhFor meritorious service in the O/o Director Transport, Union Territory, Chandigarh
15Sh. Dhian Singh, Junior Engineer (Civil), CP Division No 2 (Roads), o/o Chief Engineer, UT ChandigarhFor meritorious service in the O/o Chief Engineer, UT Chandigarh
16Sh. Binesh Bhatia, Block 5, Room No. 30, Lajpat Rai Hall, Sector 14, Panjab University, ChandigarhIn the field of social service
17Ms. Guneet Singh Assi, House No. 1247, Sector 44 B, ChandigarhIn the field of social service
18Sh. Ravinder Singh, House No 2330, Sector 24C, Chandigarh.In the field of social service
19Miss Nikhar, House No 1223, Sector 43B, ChandigarhIn the field of art & culture
20Sh. Mukesh Sharma, House No. 51, Darshani Bagh, Manimajra, ChandigarhIn the field of art & culture
21Master Sanjay, Chandigarh Hockey Academy, Sector 42B, Chandigarh.In the field of sports
22Master Maninder Singh, Chandigarh Hockey Academy, Sector 42B, Chandigarh.In the field of sports
23Master Ranveer Duggal, 3321, Sector 32D, ChandigarhIn the field of sports

TWO DAYS COUNTRYWIDE STRIKE BY UNITED FORUM OF BANK UNIONS

24/01/2020

On the call of United Forum of Bank Unions (UFBU), more than 10 lac Officers/Employees will go on strike on 31st January 2020 and 01st February 2020 (two days) all over India to protest against the non seriousness of IBA regarding the ongoing negotiations between IBA and UFBU on the Charter of Demands for Wage Revision which is due from 01/11/2017 and other issues. 

All the members of Chandigarh affiliated with UFBU observed lunch time 2nd demonstration on 24/01/2020 (today) before the strike call to press for an early wage revision and other demands. During  the 2nd phase of today’s agitation leaders from affiliates of UFBU condemned the attitude of the IBA and raised slogans for an early resolution of their demands.  The loud slogans raised by the members were an expression of strong resentment against the lackluster attitude of the IBA towards the genuine demands of the Employees/Officers.

Speaking on the occasion, Com. Sanjay Sharma, Convener of UFBU Chandigarh unit said that wages and services conditions in the banking sector are governed by the Industry level bipartite settlement signed between the Indian Banks Association (IBA) and the workmen unions and officers’ associations operating in the Banking Industry.  UFBU representing five workmen unions and four officers associations is currently negotiating with IBA for revision of wages to Bank workmen/officers. He further said that the public sector banks have always played a pivotal role in the growth of this country and in the last 6 decades the public sector banks have transformed class banking to mass banking particularly the neglected segment of the economy. More than 21 rounds of discussions in the last two years have taken place with IBA but till date a respectable wage revision for the banking fraternity seems to be a mirage.  The Government of India should instruct the IBA not only for an early/immediate wage settlement,  implementation of 5 day week including genuine but most deserving other demands of the bankers.

He further said that we sincerely regret the inconvenience to the esteemed customers/general public on account of strike by Bank employees/officers and appealed to them for their moral support.

दीपांशु बंसल की आरटीआई पर कार्यवाही

दीपांशु ने पूछा था कि जिला पंचकूला में ड्रग्स विभाग द्वारा कुल कितने हुक्का बार्स व केफेस चिह्नित किए गए है, कितनो को अनापत्ति पत्र व परमिशन दी गई है। यह कहा-कहा, कब-कब से कार्य कर रहे है और कौन-कौन इनको संचालित कर रहा है।इसके साथ ही कितनी बार हुक्का बार्स व केफेस पर रेड की गई है, कितने सील व बन्द हुए, कितनो पर प्रतिबंध लगाकर फाइन व जुर्माना लगाया गया है।

पिंजौर, डीएफ़ संवाद(चन्द्रकान्त शर्मा):

जिला पंचकूला में अवैध रूप से चल रहे हुक्का बार्स के संदर्भ में कांग्रेस छात्र इकाई, एनएसयूआई आरटीआई सेल के राष्ट्रीय संयोजक दीपांशु बंसल ने 26 अप्रेल 2019 को आरटीआई के माध्यम से फूड व ड्रगस विभाग से सूचना मांगी थी परन्तु सूचना न मिलने के बाद बंसल ने प्रथम अपील डाली जिसके बीच राज्य ड्रग्स कंट्रोलर ने जिला ड्रग्स कंट्रोलर को जवाब देने के लिए कहा परन्तु जब ड्रग्स विभाग ने कोई सूचना नही दी तो 22 अगस्त और उसके बाद 7 नवम्बर को हरियाणा सूचना आयोग के समक्ष अपील की गई जिसके तत्पश्चात आयोग ने बंसल की अपील पर कार्यवाही करते हुए जिला पंचकूला के ड्रग्स कंट्रोलर व ड्रग्स विभाग के प्रथम अपीलेट अथार्टी को 30 जनवरी तक मामले के सम्बंध में लिखित जवाब देने के आदेश दिए है व साथ ही 6 फरवरी को आयोग में इन पर्सन व किसी अधिकृत अफसर को मामले के सभी तथ्यों के साथ पेश होने के आदेश दिए है। दीपांशु ने बताया कि आयोग द्वारा मामले को गंभिरता से लेते हुए ड्रग्स विभाग के अधिकारियों को तलब किया गया है।हालांकि अनेको बार जिला प्रशासन व सरकार को इन अवैध हुक्का बार्स को बन्द करने के लिए बंसल द्वारा आग्रह किया जा चुका है। इसके साथ साथ दीपांशु बंसल हाईकोर्ट के माध्यम से भी इन हुक्का बार्स को बन्द करवाने के लिए तैयारी कर चुके है।

— हरियाणा सरकार को भेजा जा चुका है लीगल नोटिस…

दीपांशु बंसल ने हाईकोर्ट के अपने वकील अमरबीर सलार के माध्यम से हरियाणा सरकार के मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री,  डीजीपी, डीसी, ड्रग्स विभाग के कमिश्नर व एचएसवीपी के एस्टेट अफसर को हुक्का बार्स बन्द करने के संदर्भ में 3 दिसम्बर 2019 को लीगल नोटिस भेजा था जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और सभी हुक्का बार्स में रेड कर यह पाया कि अवैध रूप से हुक्का बार्स चल रहे है जो निकोटिन आदि के माध्यम से नशा सरेआम बेच रहे है और युवाओ को नशे की लत लगा रहे है।

— सूचना न देने पर 25 हजार तक का जुर्माना व विभागीय कार्यवाही का भी प्रावधान….

यदि हरियाणा सूचना आयोग चाहे तो सम्बंधित अधिकारी को सूचना न देने के लिए एक्ट के अनुसार 25 हजार तक जुर्माना भी लगाया जा सकता है और लापरवाही बरतने के लिए सम्बंधित अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही के भी आदेश दे सकता है।

… दीपांशु ने क्या क्या पूछा था आरटीआई में ?…..

दीपांशु ने पूछा था कि जिला पंचकूला में ड्रग्स विभाग द्वारा कुल कितने हुक्का बार्स व केफेस चिह्नित किए गए है, कितनो को अनापत्ति पत्र व परमिशन दी गई है। यह कहा-कहा, कब-कब से कार्य कर रहे है और कौन-कौन इनको संचालित कर रहा है।इसके साथ ही कितनी बार हुक्का बार्स व केफेस पर रेड की गई है, कितने सील व बन्द हुए, कितनो पर प्रतिबंध लगाकर फाइन व जुर्माना लगाया गया है। विभाग द्वारा अब तक क्या क्या कार्यवाही की जा चुकी है व भविष्य में क्या योजना है।इसके साथ ही कौन कौन से फ्लेवर्ड हुक्का व कौन कौन से फ्लेवर्स व किस किस तरह के हुक्का दिए जाने की अनुमति है जिसको लेकर अब सूचना आयोग ने ड्रग्स विभाग के अधिकारियों को तलब किया है।

पत्रकार पर फर्जी मुक़द्दमा दर्ज़ करने पर विधायक समेत कई आला प्रशासनिक अधिकारी प्रैस काउंसिल में तलब

पत्रकारों का उत्पीड़न व फर्जी मुकदमे यूपी की योगी सरकार के लिए मुसीबत बन गए हैं। मामला उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से जुड़ा हुआ है। बीजेपी के एक विधायक ने पत्रकार के विरुद्ध थाने में फर्जी मुकदमा दर्ज करा दिया। पीड़ित पत्रकार ने पहले तो राज्य सरकार से मदद मांगी। पर सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया।

मामला प्रेस कॉउंसिल ऑफ इंडिया तक पहुंचा तो यूपी की योगी सरकार के पास अपने बचाव का कोई रास्ता नहीं दिखा। एक विधायक की मनमानी पुलिस महकमे के लिए भी मुसबीत बन गयी। प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ने विधायक के अलावा डीजीपी, मुख्य सचिव, गृह सचिव पुलिस, एसपी हरदोई को नोटिस भेजकर दिल्ली तलब किया है।

दरअसल हरदोई के पत्रकार हरिश्याम बाजपेयी ‘द टेलीकास्ट’ हिंदी पत्रिका के संपादक हैं। इनके द्वारा एक पीड़ित के शिकायती पत्र के आधार पर “सांसद व विधायक पर लगा अपहरण का आरोप” शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया गया। इस समाचार से खुन्नस खाकर बीजेपी के विधायक श्यामप्रकाश ने पत्रकार के विरुद्ध थाना टड़ियावां में मुकदमा पंजीकृत करा दिया।

भारतीय प्रेस परिषद को भेजे गए साक्ष्य में पत्रकार ने पीड़ित का शिकायती पत्र, अन्य समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचार की कतरन, आरोपी सांसद और विधायक का बयान उपलब्ध कराया। प्रकरण से संबंधित साक्ष्यों की गंभीरता को समझते हुए प्रेस काउंसिल ने विधायक द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे को प्रेस की स्वतंत्रता पर अतिक्रमण एवं कुठाराघात करार दिया। साथ ही इसे सत्ता का दुरुपयोग माना।

परिषद ने पुलिस द्वारा बिना जांच के पत्रकार पर मुकदमा दर्ज कर देना भी अनुचित माना और पुलिस को फटकार लगाई। नोटिस के बाद परिषद ने दूसरी बार यूपी के मुख्य सचिव, डीजीपी, एसपी और विधायक आदि को 20 जनवरी को दिल्ली तलब किया है।

“उपच्छाया ग्रहण” या “वुल्फ एक्लीपस” आज

भारत के अलावा यह चंद्र ग्रहण अमेरिका, कनाडा, ब्राजील, अर्जेंटीना जैसे देशों में दिखाई देगा. वर्ष 2020 में कुल 4 चंद्र ग्रहण और दो सूर्य ग्रहण की स्थिति बनी हुई है.

नई दिल्‍ली : 

आज साल 2020 का पहला चंद्र ग्रहण लगने वाला है. यह चंद्र ग्रहण आज (10 जनवरी) रात 10.38 बजे से शुरू होकर रात के 2.42 बजे तक चलेगा. इस चंद्र ग्रहण को ग्रहण नहीं कहा जा सकेगा, क्योंकि यह चंद्र ग्रहण उपच्छाया ग्रहण होगा. इस दौरान चंद्रमा की छवि धूमिल होती प्रतीत होगी. चंद्रमा का करीब 90 प्रतिशत भाग मटमैला जैसा हो जाएगा. इस क्रिया में चंद्रमा का कोई भी भाग ग्रस्त नहीं होग.

भारत के अलावा यह चंद्र ग्रहण अमेरिका, कनाडा, ब्राजील, अर्जेंटीना जैसे देशों में दिखाई देगा. वर्ष 2020 में कुल 4 चंद्र ग्रहण और दो सूर्य ग्रहण की स्थिति बनी हुई है.

वर्ष 2019 के अंत में पूरी दुनिया ने एक अद्भुत सूर्य ग्रहण देखा था, जिसे रिंग ऑफ फायर कहा गया. वर्ष 2020 की शुरुआत के दूसरे हफ्ते में भी यानि आज लगने वाले चंद्र ग्रहण की स्थिति बन रही है, जिसे यूरोप और अमेरिका जैसे देशों द्वारा “वुल्फ एक्लीपस” का नाम दिया गया है. यूरोप में इस तरह की खगोलीय घटनायों को एक नाम देने की परंपरा रही है.

वैज्ञानिक दृष्टि से देखें तो इस ग्रहण को पूर्ण रूप से चंद्र ग्रहण नहीं कहा जा सकता, क्योंकि ये एक उपछाया का ग्रहण है. ऐसे में चंद्रमा की स्थिति में कोई विशेष परिवर्तन तो नही होंगे पर चंद्रमा की एक खूबसूरत तस्वीर जरूर उभरकर आएगी.

इस चंद्रमा का महत्व इतना जरूर है कि ये 2020 में लगने वाला पहला ग्रहण है. इस क्रिया में चंद्रमा का कोई भी भाग ग्रस्त नहीं होगा.

नए साल से ई-बिलिंग अनिवार्य: जिला खनन अधिकारी भूपेन्द्र सिंह

पंचकूला 3 जनवरी:

           जिला खनन अधिकारी भूपेन्द्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला पंचकूला में स्थित सभी स्टोन क्रैशर , स्क्रीनिंग प्लांट, मिनरल डीलर लाईसेंस धारक नए साल से खनिज बिक्री की ई बिलिंग अनिवार्य रूप से करेंगे । नए साल 2020 में एक जनवरी से हस्तलिखित बिल मान्य नहीं होंगे।  उन्होनंे बताया कि किसी भी स्टोन क्रैशर , स्क्रीनिंग प्लांट मालिक अथवा मिनरल डीलर लाईसेंस धारक द्वारा जारी हस्तलिखित बिल प्रचलन में लाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाही अम्ल में लायी जाएगी।

उन्होंने बताया कि खनिज परिवहन चालक और वाहन मालिक दोनों ही हस्तलिखित बिल का प्रयोग नहीं कर सकते। उनके ऐसा पाए जाने की सूरत में वाहन  को इम्पांउड कर लिया जाएगा और खनिज डीलर का लाईसेंस भी रदद कर दिया जाएगा। इसलिए इस संबध मे  डील करने वाले खनिज की खरीद करते समय खरीद संबधी ई बिल की मांग करें।