राजियासर की छात्र महापंचायत और मेरी भूख का आनंद

करणी दान सिंह राजपूत, डेमोक्रेटिक फ्रंट, सूरतगढ़ 6 दिसंबर :

करणी दान सिंह राजपूत

            राजियासर में आज छात्र महापंचायत में पहुंचने का सुनने का और बोलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। ग्रामीण क्षेत्र में और वह भी छात्र छात्राओं के बीच में जोश के साथ बोलना बड़ा आनंददायक रहा। ऐसे मौके मिले तो उसका लाभ अवश्य मिलता है और ऐसा लाभ लेने में आगे रहे तो उसका श्रेय भी मिलता है।

             छात्र महापंचायत में पहुंचने का लाभ यह हुआ कि मुझे मेरी उम्र के इर्द-गिर्द के अनेक लोग मिले जिनसे यह पुनर्मिलन करीब 20-  22 साल बाद हुआ।

            मैं राजियासर इलाके में ग्रामीण क्षेत्र के समाचारों के लिए और अकाल के समाचारों के लिए अकेले,प्रशासन के साथ और विधायकों के साथ भ्रमण करता रहता था। आज ग्रामीण इलाके में जाने का अवसर मिला

            छात्र पंचायत के बीच में भाषण देने से मुझे ऐसे लगा कि मैं 50 साल पहले के जीवन में बोल रहा हूं। सूरतगढ़ में राजकीय महाविद्यालय खुलवाने के लिए हमने गुरूशरण छाबड़ा ने और हमारे अनेक साथियों ने दिन-रात अथक प्रयत्न किया आंदोलन भी किया।

             आज मुझे वे दिन याद आ गए जब भूख और प्यास हमारे नजदीक नहीं फटकती थी। हम पूरे जोश के साथ सूरतगढ़ में राजकीय महाविद्यालय खुलवाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। उस समय रोटी खाई या नहीं खाई इसकी परवाह नहीं होती थी। बस दिल और दिमाग के अंदर एक ही बात थी कि सूरतगढ़ में राजकीय महाविद्यालय खुलवाना है।

             हम लोग कामयाब भी हुए 1972 में मांग शुरू की और 1977 में हमारी मांग पूरी हुई।

             आज छात्र महापंचायत में जब मैं बोल रहा था तो बड़ा आनंद आ रहा था कि मैं एक आह्वान कर रहा हूं और यह आह्वान सफल होगा तो इलाके में जबरदस्त क्रांति सी आ जाएगी।

            मैंने अपने वक्तव्य में एक गीत की कुछ पंक्तियां गाकर वक्तव्य दिया था।जब साक्षरता अभियान में हम लोग काम करते थे,उस समय वह गीत गाया जाता था।साक्षरता अभियान मैं कोई पारिश्रमिक नहीं मिलता था।

            अभियान में एक महत्वपूर्ण गीता ‘ले मशालें चल पड़े हैं लोग मेरे गांव के,अब अंधेरा जीत लेंगे लोग मेरे गांव के।

 मैंने इस गीत की ये पंक्तियां गा करके आव्हान किया कि हम सफल होंगे तो उच्च शिक्षा का केंद्र खोलने से बहुत बड़ा अंधियारा दूर होगा। विकास के नए मार्ग खुल जाएंगे।

            मैंने बार-बार वहां कहा कि आज मेरा सौभाग्य है कि मैं इस मंच से बोल रहा हूं। हमने अनेक आंदोलनों में भाग लिया। पत्रकारिता के साथ-साथ आंदोलन चलाए।

 आज मुझे बड़ी खुशी हो रही थी।

             मैं जब सूरतगढ़ से सुबह घर से रवाना हुआ तो चाय बिस्कुट खाए हुए थे।नरेंद्र घिंटाला के साथ कार में रवाना हुआ।राजियासर पहुंचा वक्तव्य दिए और वक्तव्य में एक बात भी कही कि मुख्यमंत्री जी को मैं पत्र लिखूंगा।  महापंचायत और नायब तहसीलदार को ज्ञापन देने के बाद में जब सूरतगढ़ लौटे तब पहला काम तो मुख्यमंत्री अशोक जी गहलोत को पत्र लिखने का किया। उसके बाद फोटो छांटे और समाचार बनाया। करणी प्रेस इंडिया में लगाया। फेसबुक में लिंक लगाया। सोशल मीडिया के अनेक ग्रुपों में लगाया।

            इन कार्यों में रात के 8:30 बज चुके थे। इन सब कार्यों को करने के बाद में भोजन किया गया साधारण शब्दों में रोटी खाई। सच्चाई यह है कि सारे दिन रोटी की याद भी नहीं आई।

            महापंचायत के बाद में नरेंद्र घिंटाला ने दो-तीन बार मुझे कहा कि भाई साहब आपने भोजन नहीं किया है, यहां राजियासर में बनवा लेते हैं। मैं इनकार कर गया। रात को 8:30 बजे के बाद में भोजन किया रोटी खाई तो उसका आनंद कल्पना से भी परे था।

            रोटी के हर कौर में आनंद और हर कौर के साथ राजियासर की महापंचायत और उसके दृश्य अपने आप आंखों के आगे आ रहे थे।  राजियासर के छात्र लोग सफल हों। यही कामना है। मैं राजियासर के लोगों के साथ खड़ा हूं।उनके समाचार अधिक से अधिक प्रसारित करने को ताकि यह आंदोलन सफल हो जाए।

 मैं हर वक्त समाचार देने के लिए आगे रहूंगा। शुभकामनाएं।

राजियासर में राजकीय महाविद्यालय खोलो, महापंचायत का सिंहनाद : बजट में घोषणा हो

            महापंचायत में सभी राजनीतिक दलों व सामाजिक संगठनों के लोग काफी संख्या में एकत्रित हुए। मंच पर जोशीले भाषण हुए। सभी ने कहा कि समिति जो भी कार्यक्रम करेगी उसमें उपस्थित रहेंगे।वक्ताओं की ओर से यह भी कहा गया कि आगामी चुनाव में भी यह महत्वपूर्ण मुद्दा रहेगा।

  करणीदानसिंह राजपूत, डेमोक्रेटिक फ्रंट, राजियासर/ सूरतगढ़ – 6 दिसम्बर :

            सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्र राजियासर में राजकीय महाविद्यालय खोलने की मांग को लेकर राम मंदिर क्षेत्र में महापंचायत जुड़ी। महापंचायत में राजियासर क्षेत्र के और सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के संघर्षशील लोग जुटे जो विभिन्न राजनीतिक दलों एवं समाजसेवा से जुड़े हैं।

            राजियासर के आसपास के गांवों में पिछले करीब 25 दिनों से लोगों को जगाने का कार्य करते हुए इस महापंचायत में उपस्थित होने की अपील की गई। यह अपील राजियासर में राजकीय महाविद्यालय खुलवाने की मांग कर रही समिति की ओर से की गई। इस समिति के अध्यक्ष सुमित चौधरी और अन्य कार्यकर्ताओं ने दिनरात एक कर महापंचायत बुलाई थी। इलाके के बुजुर्ग काफी संख्या में आए। छात्राओं की संख्या भी काफी थी। महाविद्यालय खोलने की मांग के नारे लगाते हुए छात्रों की तीन टोलियां महापंचायत में पहुंची जिससे माहौल उत्साह से भर उठा।

            महापंचायत में सभी राजनीतिक दलों व सामाजिक संगठनों के लोग काफी संख्या में एकत्रित हुए। मंच पर जोशीले भाषण हुए। सभी ने कहा कि समिति जो भी कार्यक्रम करेगी उसमें उपस्थित रहेंगे।वक्ताओं की ओर से यह भी कहा गया कि आगामी चुनाव में भी यह महत्वपूर्ण मुद्दा रहेगा।

            सभी वक्ताओं का एक ही कथन था कि सन् 2023 के विधानसभा  चुनाव से पहले यह मांग राज्य सरकार तक पहुंचाई जाए और यह मुद्दा बनाया जाए कि सरकार अगले बजट 2023 में मांग की पूर्ति के लिए राजकीय महाविद्यालय राजियासर में खोलने की घोषणा करे और बजट में प्रस्ताव रखें। 

            महापंचायत के बाद एक ज्ञापन राज्य सरकार को भिजवाने के लिए नायब तहसीलदार को सौंपा गया। सभा स्थल से उप तहसील तक लोग और छात्र पैदल नारे लगाते हुए पहुंचे।

महापंचायत को छात्र नेता रहे नरेंद्र घिंटाला, बलराम वर्मा, राकेश बिश्नोई, मोहन पूनिया, गगनदीप सिंह विरिंग,अमित कड़वासरा,अमित कल्याणा,महेंद्र सिंह भादू, पूर्व विधायक गंगाजल मील, पत्रकार भानीराम गोदारा, पत्रकार करणी दान सिंह राजपूत, एडवोकेट सखी मोहम्मद, राजस्थानी भाषा के साहित्यकार पत्रकार मनोज कुमार स्वामी, जिला परिषद सदस्य राजेश भादू, अंकुश गाबा, समिति अध्यक्ष सुमित चौधरी, सुभाष सिहाग,संदीप कासनिया आदि ने संबोधित किया।

            नरेन्द्र घिंटाला ने सबसे पहले संघर्ष की सहायता के लिए 11 हजार रूपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि संघर्ष करने के लिए आर्थिक सहायता जरूरी है। इसके बाद में राकेश बिश्नोई और सुभाष सिहाग ने भी अपने वक्तव्यों में 11,11 हजार रूपये देने की घोषणा की। 

             सभा में पंचायत समिति डायरेक्टर पेपसिंह राठौड़,द्वारका प्रसाद  लखोटिया, एडवोकेट हितेंद्र सारस्वत,पूर्व सरपंच बलदेव गोदारा,नत्थूराम गोदारा, राधेश्याम ओझा, पेमाराम सहारण,भागीरथ स्वामी और अनेक बुजुर्ग नेता उपस्थित थे।

कांट्रैक्ट व गैस्ट टीचर्स ने किया गवर्नर हाउस को कूच

  • शासन व चंडीगढ़ प्रशासन के ढुलमुल रवैये से टीचर्स में रोष 
  • तहसीलदार ने चंडीगढ़ प्रशासन के लिए मस्जिद ग्राउंड में आकर  लिया ज्ञापन

डेमोक्रेटिक फ्रंट संवाददाता, चंडीगढ़ – 6 दिसंबर :

            आज गैस्ट टीचर्स एसोसिएशन ने चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा मस्जिद ग्राउंड में शिक्षा विभाग द्वारा की जा रही रैगुलर भर्तियों में छूट व रैगुलराइजेशन पालिसी न बनाने के विरोध में रोष प्रदर्शन किया गया । इस रोष प्रदर्शन में यूटी एस एस फैडरेशन,आल कांटरैकचुअल कर्मचारी संघ ने भी भाग लिया ।

            शिक्षक दिवस पर इन कांट्रैक्ट व गैस्ट टीचर्स द्वारा काला दिवस मनाया गया था परन्तु प्रशासन पर इसका कोई असर नहीं हुआ ।

            पिछले मंगलवार डायरेक्टर स्कूल दफ्तर का भी घेराव किया गया । एक हफ्ते बाद आज मस्जिद ग्राउंड में कांट्रैक्ट व गैस्ट टीचर्स द्वारा भारी संख्या में भाग लेकर गवर्नर हाउस को कूच किया गया । 

            पुलिस प्रशासन के आश्वासन व टीचर्स में बढ़ते रोष के कारण तहसीलदार को मौके पर आकर ज्ञापन लेना पड़ा ।

            चंडीगढ़ प्रशासन ने पिछले 25 सालों से कार्यरत कांट्रैक्ट व गैस्ट टीचर्स के लिए कोई रैगुलराइजेशन पालिसी नहीं बनाई हैं । हालांकि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों अनुसार दस साल की सेवा को नियमित किया जा सकता है परन्तु चंडीगढ़ प्रशासन इससे अपना पल्ला झाड़ न‌ई भर्तियों के लिए ज्ञापन देने की तैयारी कर रहा है जिससे हजारों कांट्रैक्ट व गैस्ट टीचर्स में रोष बढ़ता नजर आ रहा है ।

            इस रोष प्रदर्शन में रणबीर राणा, कंवलजीत सिंह, बिपिन शेर सिंह, पूनम टपरियाल, अमित कुमार,जगदीप कुमार, मोहम्मद सलीम, शिव मूरत, प्रवीण कुमार,अजय शर्मा इत्यादि ने संबोधित किया व भाग लिया ।

            गै‌स्ट टीचर्स एसोसिएशन ने ऐलान किया अगर  शासन व चंडीगढ़ प्रशासन रैगुलर भर्तियों में छूट व रैगुलराइजेशन पालिसी नहीं बनाता तो संघर्ष को तेज़ किया जाएगा और सभी टीचर्स परिवार समेत आमरण अनशन पर बैठेंगे ।

विजय सांपला ने बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित कर कहा उन्होंने समाज के हर वर्ग के लिए किया काम

रघुनंदन पराशर, द्मोक्रेटिक फ्रंट, जैतो – 6 दिसम्बर :

            सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर आज राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

            आयोग मुख्यालय में अध्यक्ष विजय सांपला ने बाबा साहब को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उपाध्यक्ष अरुण हालदार, सदस्य सुभाष रामनाथ पारधी, संयुक्त सचिव ज्ञानेश्वर कुमार सिंह, डीआईजी श्रीमती सन्मीत कौर के साथ-साथ अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों ने भी बाबा साहब को श्रद्धांजलि दी।

            इस मौके पर अध्यक्ष विजय सांपला ने बाबा साहब को याद करते हुए कहा, ‘’बाबा साहब अंबेडकर का नाम सुनते ही लोगों के मन में उनके संविधान निर्माता, दलितों के लिए आवाज बुलंद करने वाले मसीहा, कानून के विशेषज्ञ, जातिगत भेदभाव के खिलाफ और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए बोलने वाले शख्स की छवि उभरकर सामने आती है। बाबा साहब ने समाज के हर वर्ग के लिए काम किया।श्री सांपला ने कहा कि बाबा साहब ने अपना पूरा जीवन जातिवाद को खत्म करने और गरीबों, दलितों, पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए अर्पित किया। आयोग उन्हीं के पदचिन्हों पर चल रहा है।

            राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग समाज के हाशिये पर खड़े वर्ग के लोगों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है और आयोग का प्रयास रहेगा कि दूरस्थ गांव से लेकर शहर तक के प्रत्येक अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव या अन्याय न होने पाए।

भयानक कोहरा और सर्दी शुरु, तेज और तेज वाहन चलाने को टालें

करणीदानसिंह राजपूत, डेमोक्रेटिक फ्रंट, सूरतगढ़ – 06 दिसंबर :

फोटोशूट. सुबह 7-35 बजे. करणीदानसिंह राजपूत, सूरतगढ़ शहर

            राष्ट्रीय उच्च मार्ग हो या कोई भी सड़क हो तेज और तेज वाहन दौड़ने की बुरे शौक को बदलने की ईच्छा बनाकर ही घर से बाहर निकलें।

फोटोशूट. सुबह 7-35 बजे. करणीदानसिंह राजपूत, सूरतगढ़ शहर
  • आपके जीवन से परिवार ही नहीं अनेक तार जुड़े हुए हैं एवं सड़क पर चल रहे अन्य लोगों का जीवन भी जुड़ा है। वाहनों की गति तो आज बहुत है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उस तेज गति से दौड़ाया जाए.
  • धीमे चले.सुरक्षित चलें। 
  • कोहरे में यात्रा को टालें। बहुत आवश्यक हो तब भी दिन में निकलें। आपका दिन सदा शुभ रहे।

जानिए क्या है पिशाच मोचन श्राद्ध का महत्व और विधान

            पिशाचमोचनी श्राद्ध कर्म द्वारा व्यक्ति अपने पित्ररों को शांति प्रदान करता है तथा उन्हें प्रेत योनि से मुक्ति प्रदान करता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यदि व्यक्ति अपने पित्ररों की मुक्ति एवं शांति के लिए यदि श्राद्ध कर्म एवं तर्पण न करे तो उसे पितृदोष को भुगतना पड़ता है और उसके जीवन में अनेक प्रकार के कष्ट उत्पन्न होने लगते हैं। जो अकाल मृत्यु व किसी दुर्घटना में मारे जाते हैं उनके लिए यह श्राद्ध कर्म महत्वपूर्ण माना जाता है। इस प्रकार इस दिन श्राद्धादि कर्म संपन्न करते हुए जीव को मुक्ति प्रदान करता है। यह दिन पितृों को अभीष्ट सिद्धि देने वाला होता है। इसलिए इस दिन में किया गया श्राद्ध कर्म अक्षय होता है और पित्रर इससे संतुष्ट होते हैं। इस तिथि को श्राद्ध कर्म करने से पितृ प्रसन्न होते हैं सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा पितृरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस दिन तीर्थ, स्नान, जप, तप और व्रत के पुण्य से ऋण(कर्जों) और पापों से छुटकारा मिलता है। इसलिए यह संयम, साधना और तप के लिए श्रेष्ठ दिन माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की आराधना की जाती है जिससे तन, मन,धन के कष्टों से मुक्ति मिलती है।

पिशाचमोचन श्राद्ध: यहां करें पितरों का पिंडदान, मिलेगी आत्मा को मुक्ति! –  News18 हिंदी
काशी के पिशाच मोचन तीर्थ कुंड में अतृप्त और अशांत आत्माओं के लिए श्राद्ध कर्म किया जाता है। जो भी हिंदू धर्मावलंबी अकाल मृत्यु का शिकार होता है उसके लिए त्रिपिंडी श्राद्ध कर्म पिशाच मोचन कुंड पर ही होता है।

राजविरेन्द्र वसिष्ठ, डेमोक्रेटिक फ्रंट, आध्यात्मिक डेस्क 06 दिसम्बर 22 :

पिशाच मोचन श्राद्ध आज

            पिशाच मोचन श्राद्ध के दिन पिशाच की योनि में गए पूर्वजों के निमित्त तर्पण आदि करने का विधान बताया गया है।

6 दिसंबर 2022 को पिशाच मोचन श्राद्ध किया जाना है

            स्थिति पर अकाल मृत्यु प्राप्त करने वाले पितरों का श्राद्ध करने का महत्व होता है। सर पर शांति के उपाय करने पर प्रेत योनि वह जिन्हें भूत प्रेत से भैया व्याप्त हो उन्हें पित्र दोष से मुक्ति मिलती है। इस दोष की शांति हेतु शास्त्रों में पिशाच मोचन श्राद्ध को महत्वपूर्ण माना गया है। मार्गशीर्ष माह में आने वाला पिशाच मोचन श्राद्ध बहुत महत्वपूर्ण होता है। सिराज के अनेक विधि विधान बताए गए हैं जिनके द्वारा इनकी शांति प्राप्त होती है।

पिशाच मोचन श्राद्ध का विधान

            इस दिन व्रत स्नान दान जप होम और पितरों के लिए भोजन वस्त्र देना उत्तम होता है। शास्त्रों के अनुसार काल में स्नान कर संकल्प लें उपवास करें। कुश अमावस के दिन किसी पात्र में जल भरकर  कुशा के पास दक्षिण दिशा की ओर अपना मुख करके बैठ जाएं तथा अपने सभी पितरों को को जल दें अपने परिवार आदि की स्वास्थ्य की शुभदा की प्रार्थना करनी चाहिए तिलक आचमन के उपरांत पीतल या तांबे के बर्तन में पानी भरकर उसमें दूध दही शहद भी कुमकुम अक्षत तिलक तिल कुश रखते हैं।

पिशाच मोचन श्राद्ध का महत्व

            पिशाच मोचन श्राद्ध कर्म द्वारा व्यक्ति अपने पितरों को शांति प्रदान करता है तथा होने प्रेत योनि से मुक्ति दिलाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यदि व्यक्ति अपने पितरों की मुक्ति एवं शांति हेतु श्राद्ध तर्पण आदि ना करें तो से पित्र दोष भुगतना पड़ता है जो अकाल मृत्यु या किसी दुर्घटना में मारे जाते हैं उनके लिए श्राद्ध महत्वपूर्ण माना जाता है इस प्रकार इस दिन श्राद्ध दादी कर्म संपन्न करके जी मुक्ति पाता है।

यह पितरों को अभीष्ट सिद्धि देने वाला समय होता है

            20 दिन में किया गया श्राद्ध अक्षय होता है और पित्र एंड से संतुष्ट होते हैं स्थिति को करने से भी प्रसन्न होते हैं सभी कामनाएं पूर्ण होती हैं तथा पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। भगवान विष्णु की आराधना की जाती है जिससे तन मन और धन के कष्टों से मुक्ति मिलती है।

Rashifal

राशिफल, 06 दिसम्बर 2022

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार किसी भी व्यक्ति के बारे में जानने के लिए उसकी राशि ही काफी होती है। राशि से उस या अमूक व्यक्ति के स्वभाव और भविष्य के बारे में जानना आसान हो जाता है। इतना ही नहीं, ग्रह दशा को अपने विचारों को सकारात्मक रखें, क्योंकि आपको ‘डर’ नाम के दानव का सामना करना पड़ सकता है। नहीं तो आप निष्क्रिय होकर इसका शिकार हो सकते हैं। आपका कोई पुराना मित्र आज कारोबार में मुनाफा कमाने के लिए आपको सलाह दे सकता है, अगर इस सलाह पर आप अमल करते हैं तो आपको धन लाभ जरुर होगा। घरेलू मामलों पर तुरंत ध्यान देने की ज़रूरत है। आपकी ओर से की गयी लापरावाही महंगी साबित हो सकती है। आपके प्रिय/जीवनसाथी का फ़ोन आपका दिन बना देगा।

डेमोक्रेटिक फ्रंट, आध्यात्मिक डेस्क – राशिफल, 06 दिसम्बर 2022:

aries
मेष/aries

06 दिसम्बर 2022 :

आपका व्यक्तित्व आज इत्र की तरह महकेगा और सबको आकर्षित करेगा। अगर आप आय में वृद्धि के स्रोत खोज रहे हैं, तो सुरक्षित आर्थिक परियोजनाओं में निवेश करें। पारंपरिक रस्में या कोई पावन आयोजन घर पर किया जाना चाहिए। प्यार की ताक़त आपको प्यार करने की वजह देती है। काम में आपकी दक्षता की आज परीक्षा होगी। इच्छित परिणाम देने के लिए आपको अपनी कोशिशों पर एकाग्रता बनाए रखने की ज़रूरत है। घर पर मिले किसी पुराने सामान को देखकर आज आप खुश हो सकते हैं और सारा दिन उस सामान को साफ करने में बिता सकते हैं। जीवनसाथी के साथ थोड़ा हँसी-मज़ाक़, थोड़ी छेड़-छाड़ आपको किशोरावस्था के दिनों की याद दिला देंगे।

अपनी व्यक्तिगत समस्या के निश्चित समाधान हेतु समय निर्धारित कर ज्योतिषाचार्या से संपर्क करे, दूरभाष : 8194959327

वृष/Taurus

06 दिसम्बर 2022

व्यस्त दिनचर्या के बावजूद स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। अगर आपका धन से जुड़ा कोई मामला कोर्ट-कचहरी में अटका था तो आज उसमें आपको विजय मिल सकती है और आपको धन लाभ हो सकता है। किसी धार्मिक स्थल या संबंधी के यहाँ जाने की संभावना है। लवमेट आज आपसे किसी चीज की डिमांड कर सकता है लेकिन आप उसे पूरा नहीं कर पाएंगे जिसकी वजह से आपका लवमेट आपसे नाराज हो सकता है। रचनात्मक कामों से जुड़े लोगों के लिए बेहतरीन दिन है, क्योंकि उन्हें वह शोहरत और पहचान मिलेगी जिसकी उन्हें लम्बे समय से तलाश थी। आज आप अपना खाली समय अपनी माता की सेवा में बिताना चाहेंगे लेकिन ऐन मौके पर किसी काम के आ जाने की वजह से ऐसा नहीं हो पाएगा। इससे आपको परेशानी होगी। कोई पुराना दोस्त अपने साथ आपके जीवनसाथी के पुराने यादगार क़िस्से लेकर आ सकता है।

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मिथुन/Gemini

06 दिसम्बर 2022

अपना धैर्य न खोएँ, ख़ास तौर पर मुश्किल हालात में। आप ऐसे स्रोत से धन अर्जित कर सकते हैं, जिसके बारे में आपने पहले सोचा तक न हो। पारिवारिक सदस्यों की मदद आपकी ज़रूरतों का ख़याल रखेगी। आज आपका प्रिय आपके साथ में समय बिताने और तोहफ़े की उम्मीद कर सकता है। दफ़्तर में आपको पता लग सकता है कि जिसे आप अपना दुश्मन समझते थे, वह दरअस्ल आपका शुभचिंतक है। वक्त की नाजाकत को समझते हुए आज आप सब लोगों से दूरी बनाकर एकांत में वक्त बिताना पसंद करेंगे। ऐसा करना आपके लिए हितकर भी होगा। पारिवारिक विवादों के कारण आज आपका वैवाहिक जीवन प्रभावित रह सकता है।

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कर्क/Cancer

06 दिसम्बर 2022

तरोताज़ा होने के लिए अच्छी तरह से आराम करें। किसी करीबी दोस्त की मदद से आज कुछ करोबारियों को अच्छा-खासा धन लाभ होने की संभावना है। यह धन आपकी कई परेशानियों को दूर कर सकता है। आज आपमें धैर्य की कमी रहेगी। इसलिए संयम बरतें, क्योंकि आपकी तल्ख़ी आस-पास के लोगों को दुःखी कर सकती है। यह दिन प्रसन्नता और ज़िन्दादिली के साथ किसी ख़ास संदेश को भी देगा । आपका जीवनसाथी सहयोगी और मददगार रहेगा। अगर कहीं बाहर जाने की योजना है तो वह आख़िरी वक़्त पर टल सकती है। आपका जीवनसाथी आपको इतना बेहतरीन पहले कभी महसूस नहीं हुआ। आपको उनसे कोई बढ़िया सरप्राइज़ मिल सकता है।

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Leo
सिंह/Leo

06 दिसम्बर 2022

तरोताज़ा होने के लिए अच्छी तरह से आराम करें। बैंक से जुड़े लेन-देन में काफ़ी सावधानी बरतने की ज़रूरत है। आज आपको लाभ मिलेगा, क्योंकि परिवार के सदस्य आपके सकारात्मक रुख़ से प्रभावित होंगे और उसे सराहेंगे। आज हो सकता है कि पहली नज़र में ही आपको कोई पसंद कर ले। दफ़्तर में आप तारीफ़ पाएंगे। आप अपनी छुपी ख़ासियत का इस्तेमाल कर दिन को बेहतरीन बनाएंगे। आज के दिन आपके और आपके जीवनसाथी के लिए गहरी आत्मीयतापूर्ण बातें का सही समय है।

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कन्या/Virgo

06 दिसम्बर 2022

अगर आपकी योजना बाहर घूमने-फिरने की है तो आपका वक़्त हँसी-ख़ुशी और सुकून भरा रहेगा। अपने धन का संचय कैसे करना है यह हुनर आज आप सीख सकते हैं और इस हुनर को सीख कर आप अपना धन बचा सकते हैं। बच्चे आपके दिन को बहुत मुश्किल बना सकते हैं। प्यार-दुलार के हथियार का इस्तेमाल कर उन्हें समझाएँ और अनचाहे तनाव से बचें। याद रखें कि प्यार ही प्यार को पैदा करता है। समय, कामकाज, पैसा, यार-दोस्त, नाते-रिश्ते सब एक ओर और आपका प्यार एक तरफ़, दोनों आपस में खोए हुए – कुछ ऐसा मिज़ाज रहेगा आपका आज। लघु व्यवसाय करने वाले इस राशि के जातकों को आज घाटा हो सकता है। हालांकि आपको घबराने की जरुरत नहीं है अगर आपकी मेहनत सही दिशा में है तो आपको अच्छे फल अवश्य मिलेंगे। अपनी कमियों पर आपको काम करने की जरुरत है इसके लिए आपको अपने लिए समय निकालना चाहिए। आपको अपने जीवनसाथी की ओर से ख़ास तोहफ़ा मिल सकता है।

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Libra
तुला/Libra

06 दिसम्बर 2022

असहजता आपकी मानसिक शांति में बाधा पैदा कर सकती है, लेकिन कोई दोस्त आपकी परेशानियों के समाधान में काफ़ी मददगार साबित होगा। तनाव से बचने के लिए मधुर संगीत का सहारा लें। धन का आगमन आज आपको कई आर्थिक परेशानियों से दूर कर सकता है। कुछ समय आप अपने शौक़ और अपने परिवार वालों की मदद में भी ख़र्च कर सकते हैं। आपका प्रिय आपसे वादे की मांग करेगा, लेकिन ऐसा वादा न करें जिसे आप पूरा न कर सकें। आज का दिन बढ़िया प्रदर्शन और ख़ास कामों के लिए है। अगर आपके पास हालात से उबरने के लिए दृढ़ इच्छा-शक्ति है, तो कुछ भी असंभव नहीं है। आपके जीवनसाथी का मिज़ाज आज बढ़िया है। आपको कोई सरप्राइज़ मिल सकता है।

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वृश्चिक/Scorpio

06 दिसम्बर 2022

धार्मिक भावनाओं के चलते आप किसी तीर्थस्थल की यात्रा करेंगे और किसी संत से कुछ दैवीय ज्ञान प्राप्त करेंगे। दीर्घावधि मुनाफ़े के नज़रिए से स्टॉक और म्यूचुअल फ़ंड में निवेश करना फ़ायदेमंद रहेगा। शाम को दोस्तों के साथ घूमें-फिरें, क्योंकि यह आपके लिए इस वक़्त बहुत ज़रूरी है। आप अपने प्रिय की बांहों में आराम महसूस करेंगे। यह करिअर के मोर्चे पर उन बदलावों को करने का सही वक़्त है, जिनके बारे में आप लम्बे समय से सोच रहे हैं। बातचीत में कुशलता आज आपका मज़बूत पक्ष साबित होगी। कोई पुराना दोस्त अपने साथ आपके जीवनसाथी के पुराने यादगार क़िस्से लेकर आ सकता है।

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धनु/Sagittarius

06 दिसम्बर 2022

अपने जीवन-साथी के साथ पारिवारिक समस्याओं को साझा करें। एक-दूसरे को फिर से भली-भांति जानने के लिए थोड़ा और वक़्त एक-दूसरे के साथ बिताएँ और ख़ुद की स्नेही जोड़े की छवि को मज़बूत करें। आपके बच्चे भी घर में ख़ुशी और सुकून के माहौल को महसूस कर सकेंगे। इससे आपको एक-दूसरे के साथ व्यवहार में ज़्यादा खुलापन और आज़ादी मिलेगी। पैसा अचानक आपके पास अएगा, जो अपके ख़र्चों और बिल आदि को सम्हाल लेगा। घरेलू मामलों पर तुरंत ध्यान देने की ज़रूरत है। अपने प्रिय की ग़ैर-ज़रूरी भावनात्मक मांगों के सामने घुटने न टेकें। अपने काम में ऐसे लोगों की मदद लें, जिनकी सोच आपसे मेल खाती हो। सही वक़्त पर उनकी मदद अहम और फ़ायदेमंद होगी। ख़ास तौर पर मेडिकल ट्रांस्क्रिप्शन से जुड़े लोगों के लिए बढ़िया दिन है। आज अपने लिए वक्त निकालकर अपने जीवनसाथी के साथ आप कहीं घूमने जा सकते हैं। हालांकि इस दौरान आप दोनों के बीच थोड़ी बहुत कहासुनी हो सकती है। जीवनसाथी द्वारा परिवार और मित्रों के बीच नकारात्मक तरीक़े से आपके वैवाहिक जीवन की निजी बातें उजागर हो सकती हैं।

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मकर/Capricorn

06 दिसम्बर 2022

आज आपको आराम करने और क़रीबी दोस्तों व परिवार के साथ ख़ुशी के कुछ पल बिताने की ज़रूरत है। अपनेे लिए पैसा बचाने का आपका ख्याल आज पूरा हो सकता है। आज आप उचित बचत कर पाने में सक्षम होंगे। ऐसा दिन है जब काम का दबाव कम रहेगा और आप परिवार के साथ समय बिताने का मज़ा ले पाएंगे। आज के दिन किसी के साथ छेड़खानी करने से बचें। नए संपर्क बनाने और व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए की गयी यात्रा फलदायी साबित होगी। पैसा, प्यार, परिवार से दूर होकर आज आप आनंद की तलाश में किसी आध्यात्मिक गुरु से मिलने जा सकते हैं। आपकी भागदौड़ भरी दिनचर्या के कारण आपका जीवनसाथी ख़ुद को दरकिनार महसूस कर सकता है, जिसका इज़हार शाम को होना मुमकिन है।

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कुम्भ/Aquarius

06 दिसम्बर 2022

काम के बीच-बीच में थोड़ा आराम करें और देर रात तक काम न करें। बिना किसी की सलाह लिये बिना आज आपको पैसा कहीं भी इनवेस्ट नहीं करना चाहिए। आपकी परेशानी आपके लिए ख़ासी बड़ी हो सकती है, लेकिन आस-पास के लोग आपके दर्द को नहीं समझेंगे। शायद उन्हें लगता हो कि इससे उन्हें कोई लेना-देना नहीं है। प्रेम निःसीम होता है, सभी सीमाओं के परे; आपने ये बातें पहले भी सुनी होंगी। लेकिन आज वह दिन है जब आप अगर चाहें तो यह ख़ुद महसूस कर सकते हैं। ट्रेड शो और सेमिनार आदि में भागीदारी आपके व्यावसायिक सम्पर्कों में सुधार लाएगी। जिंदगी में चल रही आपाधापी के बीच आज आपको अपने लिए पर्याप्त समय मिलेगा और और आप अपने पसंदीदा कामों को कर पाने में कामयाब हो पाएंगे। ज़िन्दगी बहुत ख़ूबसूरत नज़र आएगी, क्योंकि आपके जीवनसाथी ने आपके लिए कुछ ख़ास योजना बनाई है।

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मीन/Pisces

06 दिसम्बर 2022

आपको काफ़ी समय से चल रही बीमारी से छुटकारा मिल सकता है। जेवर और एंटीक में निवेश फ़ायदेमंद रहेगा और समृद्धि लेकर आएगा। दूसरों को प्रभावित करने की आपकी क्षमता आपको कई सकारात्मक चीज़ें दिलाएगी। प्रेम के दृष्टिकोण से उत्तम दिन है। आज आप एक ऐसी परियोजना पूरी कर राहत की सांस लेंगे, जिसे आपके बहुत पहले शुरू किया था। इस राशि वालों को आज खुद के लिए काफी समय मिलेगा। इस समय का उपयोग आप अपने शोकों को पूरा करने में कर सकते हैं। आप कोई किताब पढ़ सकते हैं या अपना पसंदीदा म्यूजिक सुन सकते हैं। आपका जीवनसाथी आपकी कमज़ोरियों को सहलाएगा और आपको सुखद अनुभूति देगा।

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panchang

पंचांग, 06 दिसम्बर 2022

पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है। माना जाता है कि भगवान श्रीराम भी पंचांग का श्रवण करते थे। शास्त्र कहते हैं कि तिथि के पठन और श्रवण से मां लक्ष्मी की कृपा मिलती है। तिथि का क्या महत्व है और किस तिथि में कौन से कार्य कराना चाहिए या नहीं यह जानने से लाभ मिलता ह। पंचांग मुख्यतः पाँच भागों से बना है। ये पांच भाग हैं: तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण। यहां दैनिक पंचांग में आपको शुभ समय, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिंदू माह और पहलू आदि के बारे में जानकारी मिलती है।

डेमोक्रेटिक फ्रंट, आध्यात्मिक डेस्क 06 दिसम्बर 22 :

पिशाचमोचन श्राद्ध: यहां करें पितरों का पिंडदान, मिलेगी आत्मा को मुक्ति! –  News18 हिंदी
काशी के पिशाच मोचन तीर्थ कुंड में अतृप्त और अशांत आत्माओं के लिए श्राद्ध कर्म किया जाता है। जो भी हिंदू धर्मावलंबी अकाल मृत्यु का शिकार होता है उसके लिए त्रिपिंडी श्राद्ध कर्म पिशाच मोचन कुंड पर ही होता है।

नोटः आज पिशाच मोचन श्राद्ध है:

या भी पढ़ें : जानिए क्या है पिशाच मोचन श्राद्ध का महत्व और विधान

पिशाच मोचन श्राद्ध के दिन प्रेत योनि में गए हुए पूर्वजों के निमित्त तर्पण करने का नियम बताया गया है।   अगहन मास में मनाई जाने वाली पिशाच मोचन श्राद्ध तिथि पर अकाल मृत्यु को प्राप्त हुए पितरों का श्राद्ध करने का विशेष महत्व होता है. इस दिन शांति के उपाय करने से प्रेत योनि और जिन लोगों को भूत प्रेत से डर लगता है उन्हें पितृदोष से मुक्ति मिलती है। पित्र दोष को शांत करने के लिए शास्त्रों में पिशाच मोचन श्राद्ध को बहुत महत्वपूर्ण बताया गया है। हमारे शास्त्रों में श्राद्ध के बहुत सारे विधि विधान बताए गए हैं। जिनके द्वारा पितरों की शांति और मुक्ति होती है।  

विक्रमी संवत्ः 2079, 

शक संवत्ः 1944, 

मासः मार्गशीर्ष,

पक्षः शुक्ल पक्ष, 

तिथिः चतुर्दशी (तिथि की वृद्धि है, जो बुधवार को प्रातः 08.02 तक है), 

वारः मंगलवार।

विशेषः आज उत्तर दिशा की यात्रा न करें। अति आवश्यक होने पर मंगलवार को धनिया खाकर, लाल चंदन,मलयागिरि चंदन का दानकर यात्रा करें।

नक्षत्रः भरणी प्रातः कालः 08.38 तक है, 

योगः शिव रात्रि काल 02.52 तक, 

करणः गर, 

सूर्य राशिः वृश्चिक, चंद्र राशिः मेष, 

राहु कालः अपराहन् 3.00 से 4.30 बजे तक, 

सूर्योदयः 07.04, सूर्यास्तः 05.20 बजे। 

SC ने पंजाब की AAP सरकार को फटकारा, BJP बोली – घरों में पानी नहीं, मोहल्लों में शराब पहुँच गई

            सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार के नशा विरोधी कार्यों की गति पर भी नाराजगी जताई। कोर्ट ने सरकार से अवैध शराब बनाने के खतरे को रोकने के लिए उठाए गए विशिष्ट कदमों की सूची भी बनाने को कही। कोर्ट ने इसके बाद  सीमा सुरक्षा का भी मुद्दा उठाया। कोर्ट ने कहा कि पंजाब एक सीमावर्ती राज्य है और अगर कोई देश को खत्म करना चाहेगा, तो वह सीमाओं से इसकी शुरुआत करेगा।

Punjab Election Bhagwant Mann Will Be AAP CM Face BJP Attack Said Party  Also Declared Its Liquor Policy | Punjab Election: भगवंत मान को CM चेहरा  बनाने पर BJP ने AAP पर

सारिका तिवारी, डेमोक्रेटिक फ्रंट, चंडीगढ़/नयी दिल्ली :

            पंजाब सरकार से सवाल करते हुए कोर्ट ने जब्त किए गए पैसे के इस्तेमाल की जानकारी माँगी। कोर्ट ने यह भी कहा कि सरकार को इस पैसे का इस्तेमाल नशा विरोधी अभियानों के लिए करना चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि अब तक 2 सालों में 34000 से ज्यादा एफआईआर हो चुकी है, लेकिन किसी पर मुकदमा नहीं हुआ है। पंजाब सरकार की ओर से जवाब देते हुए एएसजी ने कहा कि चीजें आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि धारा 302 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है और आगे कार्रवाई भी होगी।

            सुप्रीम कोर्ट ने  बड़े पैमाने पर अवैध शराब के निर्माण और बिक्री को लेकर पंजाब सरकार को फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि राज्य में ड्रग्स और शराब की समस्या एक गंभीर मुद्दा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पंजाब सरकार केवल एफआईआर दर्ज कर रही है और आगे की कार्रवाई नहीं कर रही है। 

             कोर्ट ने पंजाब सरकार से अवैध शराब बनाने के खतरे को रोकने के लिए उठाए गए कदमों की सूची बनाने को कहा। कोर्ट ने यह भी कहा कि पंजाब एक सीमावर्ती राज्य है, अगर कोई देश को खत्म करना चाहेगा, तो वह सीमाओं से शुरू करेगा।  

            शीर्ष कोर्ट ने आगे कहा कि जिस तरह से पंजाब में नशे की समस्या बढ़ रही है, ऐसे तो युवा खत्म ही हो जाएंगे। नशे से लोग मर रहे।  कोर्ट ने कहा, हर गली में एक भट्टी हो गई है, अगर अवैध शराब पर रोक नहीं लगाई गई तो आने वाले समय में यह घातक साबित हो सकता है। 

            कोर्ट ने पंजाब सरकार सेयह भी पूछा कि अब तक तक जब्त किए गए पैसे किस जगह इस्तेमाल किए गए हैं।इस पैसे का इस्तेमाल सरकार को नशा विरोधी अभियानों के लिए करना चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि अबतक दो वर्षों में 34 हजार से ज्यादा एफआईआर हो चुकी हैं, लेकिन किसी पर मुकदमा नहीं हुआ है। 


 

राजियासर में राजकीय महाविद्यालय की मांग को समर्थन: वृतांत सूरतगढ़ में मिली सफलता का

करणीदानसिंह राजपूत, डेमोक्रेटिक फ्रंट, सूरतगढ़ – 5 दिसंबर :

            सूरतगढ़ तहसील की उप तहसील राजियासर अधिकांश क्षेत्र टिब्बा क्षेत्र है शिक्षा की बहुत कमी है क्योंकि जितने स्कूल होने चाहिए उतने नहीं है। जो स्कूल है उनमें बहुत सी सुविधाएं नहीं है। ऐसे समाचार समय-समय पर क्षेत्र के 2 बड़े अखबारों राजस्थान पत्रिका और दैनिक भास्कर में छपते रहे हैं और हमारे जैसे लोग पढ़ते रहे हैं। राजियासर में  राजकीय महाविद्यालय खोलने की मांग को लेकर छात्र आगे आए हैं। यह देश जिसमें शिक्षा भी दी नहीं जाती पढ़ने वाले लोग शिक्षा मांगते हैं, बस यही सबसे बड़ा दुर्भाग्य है।

             कोई समय था श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय पर केवल एक ही राजकीय महाविद्यालय होता था। उस समय हनुमानगढ़ जिला बना नहीं था। आप सभी कल्पना कर सकते हैं कि इतने बड़े विशाल जिले में केवल एक राजकीय महाविद्यालय श्रीगंगानगर में था। एक महाविद्यालय में कितने छात्र जिनके पास बहुत कम पैसा हो परिवार के पास बहुत कम पैसा हो कितने पढ़ सकते हैं? राजकीय महाविद्यालयों में सीटों की हमेशा कमी और हर साल आंदोलन होते रहते हैं?

            ये सभी परिस्थितियां और स्थितियां राजनीतिक दल इलाके के राजनीतिक नेता जानते हैं समझते हैं। उस पर कितना काम करते हैं यह मैं बोलूं या बताऊं अच्छा नहीं लगेगा।

आज से 50 वर्ष पहले मैं सूरतगढ़ में राजकीय महाविद्यालय खोलने की मांग से जुड़ा हुआ एक व्यक्ति हूं।

            सेठ राम रामदयाल राठी राजकीय उच्च मा माध्यमिक विद्यालय में हायर सेकेंडरी यानि कि 11 कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद केवल इसलिए उच्च शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाया कि सूरतगढ़ में राजकीय महाविद्यालय नहीं था।  उस समय तो कोई प्राइवेट भी नहीं था। यदि हमारे परिवार के पास में पूंजी होती तो मैं निश्चित रूप से 1963 के बाद उच्च शिक्षा के लिए बीकानेर या बड़ी जरूर पहुंचता लेकिन पहुंच नहीं पाया।

             सूरतगढ़ में राजकीय महाविद्यालय खोलने की मांग को लेकर विद्यार्थियों ने बीड़ा उठाया। यह सन 1972 की बात है। 50 वर्ष पहले की बात है। आप सभी आश्चर्यचकित होंगे कि विद्यार्थियों में उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए संघर्ष का बीड़ा उठाने का जोश उस समय भी था और आज भी वैसा ही जोश चल रहा है।

            सन 1972 में विद्यार्थियों ने जो आंदोलन चलाया था। उससे उनकी पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा था इसलिए गुरुशरण छाबड़ा और हमारे जैसे सूरतगढ़ के और भी जोशीले लोगों ने मांग का समर्थन किया। विद्यार्थियों के उस आंदोलन को गुरुशरण छाबड़ा मेरे जैसे लोगों ने ले लिया।  विद्यार्थियों को कहा कि आप पढ़ें।इस आंदोलन को हम चलाएंगे।

            रेलवे स्टेशन सूरतगढ़ के आगे हमारा टेंट लगा जहां प्रतिदिन दो व्यक्ति क्रमिक अनशन पर बैठते थे। उस समय पत्रकारिता के साथ में आजीविका के लिए पुस्तक पत्र पत्रिकाएं आदि विक्रय करने की दुकान भी चलाया करता था। खुद पढता और समाचार भी भेजता भी था। जो जो दुकान पुस्तकों की हम चला रहे थे उसमें एक बार सुबह अगरबत्ती जला कर पूजा करके और फिर से बंद करके और उस टेंट में आ जाया करते थे। एक जोश था दुकान बंद हो जाती थी उसका अफसोस नहीं था।

            आंदोलन चलाते 3 महीने बीते। हमारे गले में आ गई थी। आगवानी करने में गुरुशरण छाबड़ा और मेरे जैसे लोग थे। पत्र लिखने का कार्य समाचार भेजने का कार्य मांग पत्र आदि भेजने का कार्य सुंदर हस्तलिपि के कारण मैं ही किया करता था। 3 महीने बीतने के बाद में ऐसा महसूस हुआ कि इस आंदोलन को और ज्यादा खींचा नहीं जा सकता।

            गुरुशरण छाबड़ा जी जयपुर गए, शिक्षा मंत्री से मिले। शिक्षा मंत्री ने आश्वासन दिया और वह आश्वासन तार के मार्फत करीब  4:30 बजे मुझे मिला और शाम को 5:00 बजे बिना भीड़भाड़ वाली एक सभा हुई। मैंने मंच से घोषणा की कि आंदोलन को स्थगित किया जाता है हमें आश्वासन मिल गया है। आप क्या कहेंगे? स्पष्ट शब्दों में टेंट उठाने की कार्रवाई थी। यही एक सच था। उस सच्च को छिपा करके भी मैं क्या करूं। संघर्ष करने वाले आगे बढ़ते हैं पीछे हटते हैं बीच में रुकते हैं अलग अलग परिस्थितियां होती है लेकिन संघर्ष जारी रहता है और कामयाबी भी दिलाता है।

*             सन 1977 आया। आपातकाल के बाद चुनाव हुए। जनता पार्टी का राज आया। सूरतगढ़ से गुरुशरण छाबड़ा विधायक चुने गए।

 * माननीय भैरों सिंह शेखावत राजस्थान के मुख्यमंत्री चुने गए। उस दिन मैं जयपुर में ही था।   भैरों सिंह जी शेखावत का परिणाम शाम को घोषित हुआ।

** तब हमने यह तय किया कि रात को ही मुख्यमंत्री जी से मिला जाए रात के करीब 10:00 बजे बाद विधायक गुरुशरण छाबड़ा मैं करणी दान सिंह राजपूत और जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष राजा राम कड़वासरा निवासी मानकसर भैरोंसिंह जी के निवास पर पहुंचे। राजस्थान का शेर भैरोसिंह और कल्याण सिंह कालवी उस समय भोजन कर रहे थे।     

            हमने उसी समय यह बात की।सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र में हमने जो चुनाव लड़ा है वह कॉलेज की मांग को लेकर लड़ा है। जनता को विश्वास दिलाया कि हमारी जीत होने पर हम कॉलेज यहां खुलवा देंगे इसलिए आज हम आपको बधाई के साथ यह मांग भी प्रस्तुत कर रहे हैं कि हमें सूरतगढ़ में राजकीय महाविद्यालय चाहिए।

            भैरों सिंह शेखावत हमेशा तुरंत जवाब देने वाले मजाकिया मूड में थे। उन्होंने कहा कि कोई और मांग तो नहीं है,बाद में कुछ और भी मांगोगे। हमने कहा कि नहीं हमें राजकीय महाविद्यालय ही चाहिए। हमारी ओर कोई मांग नहीं है।गुरुशरण जी छाबड़ा को और कोई पद नहीं चाहिए। माननीय भैरों सिंहजी ने कहा कि जब राजकीय महाविद्यालय खोलने की बात आएगी तो सूरतगढ़ के अंदर राजकीय महाविद्यालय खोलने को प्राथमिकता दी जाएगी।

            भैरों सिंह शेखावत से जब हम बात कर रहे थे उस समय जयपुर से विधायक चुनी हुई डॉक्टर उजला अरोड़ा भी मौजूद थी। उन्होंने 6 दिन से आमरण अनशन कर रहे एक ग्रुप को जूस पिलाकर उठाने का निवेदन माननीय मुख्यमंत्री से किया। शेखावत जी ने कहा कि जब 6-7 दिन में कुछ नहीं हुआ तो रात भर और निकाले।  अगले दिन             उनको ढोल धमाके के साथ में उठाएंगे तो लोगों को पता लगेगा और जो अनशन कारी बैठे हैं उनको भी आनंद आएगा। ऐसा ही हुआ। यह घटना इसलिए यह बता रहा हूं कि भैरो सिंह कितने उच्च सोच के व्यक्ति थे।

            शेखावत जी जब सूरतगढ़ आए तब भी हमारी मांग फिर राजकीय महाविद्यालय की थी और उस मांग में एक और मांग हमने जोड़ी कि हम 1970 से जिले की मांग कर रहे हैं। सूरतगढ़ को जिला बनाया जाए। शेखावत जी का भोजन गुरु शरण जी छाबड़ा विधायक के निवास पर ही था। वहां पर फिर एक लिखित मांग पत्र राजकीय महाविद्यालय का दिया गया।

             हमारी वर्षों की मांग पूरी हुई। राजकीय महाविद्यालय सूरतगढ़ में स्थापित करने के लिए हमने और बहुत सी कार्यवाहियां पूरी की।  मांग सरकार पूरी करती है लेकिन उसमें बहुत सी खाना पूर्ति भी बहुत से उद्देश्य पूरे करने होते हैं। उस समय माननीय ललित किशोर जी चतुर्वेदी उच्च शिक्षा मंत्री थे। गुरुशरण छाबड़ा के और मेरे अनन्य मित्र जो आज नोटरी और वकील का कार्य कर रहे हैं, एनडी सेतिया जी उस समय जयपुर पढ़ रहे थे।छाबड़ा जी के साथ थे।

             उनका एक फोन मैसेज आया। उस दिन रविवार था। एक उपनिदेशक आ रहे हैं जयपुर एक्सप्रेस से हनुमानगढ़ उतरेंगे 9:30 बजे सूरतगढ़ के अंदर एक बैठक करें और वे एक प्रोफॉर्मा लेकर आ रहे हैं उसकी पूर्ति करवाएं तभी कॉलेज खोला जा सकेगा। मुझे 9:00 बजे यह संदेश मिला केवल आधा घंटा बाकी था और इसी अवधि के अंदर लोगों को एकत्रित किया गया। हमारी बैठक सेठ रामदयाल राठी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में हुई। उसमें बड़ा महत्वपूर्ण प्रश्न आया जिसका लिखित विश्वास समय देना था ,जितने छात्र प्रवेश लें 20% छात्राएं होनी आवश्यक है। यह गारंटी उस समय दी थी। हमें सफलता प्राप्त हुई। सूरतगढ़ में राजकीय महाविद्यालय खोलने की स्वीकृति मिली। प्रोफेसर केदारनाथ जी के हाथों शिलान्यास हुआ। राजकीय महाविद्यालय की स्थापना हुई। हम बहुत प्रसन्न हुए। हमारे पास महाविद्यालय के लिए भवन नहीं था ऐसी स्थिति में सन् 1977 में सेठ रामदयाल राठी राजकीय माध्यमिक विद्यालय में महाविद्यालय की टीडीसी प्रथम वर्ष की कक्षा शुरू की। उसके बाद सारड़ा धर्मशाला किराए पर ली।

* राजकीय महाविद्यालय के लिए 5 कमरों का एक भवन बनाने के लिए कमेटी बनाकर चंदा इकट्ठा किया गया और उसका निर्माण किया गया।

            सोहन लाल जी रांका को उसका पहला अध्यक्ष बनाया गया। मेरे एक मित्र जो आज संसार में नहीं है छगनमल सेठिया कोषाध्यक्ष बने।हमने प्रयत्न करके हमारे भवन को सार्वजनिक निर्माण विभाग के सुपुर्द करवाया।

             उसके बाद से आज तक राजकीय महाविद्यालय में विभिन्न प्रकार की शिक्षाएं शुरू हैं। करीब 17-18 सौ विद्यार्थी उसमें पढ़ रहे हैं। राजकीय महाविद्यालय का नाम आज स्वर्गीय गुरुशरण छाबड़ा राजकीय महाविद्यालय किया जा चुका है। सन 2019 के बजट में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस महाविद्यालय का नाम गुरुशरण छाबड़ा महाविद्यालय रखा।  राजकीय महाविद्यालय में हजारों लोग पढ़ चुके हैं।

            मैं आशा करता हूं कि राजियासर के अंदर भी राजकीय महाविद्यालय खुलेगा और इस क्षेत्र के विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर उन्नत पदों पर पहुंचेंगे। मेरी तो एक कामना और भी है कि राजियासर उप तहसील है इलाके को देखते हुए जो क्षेत्र विकसित हो रहे हैं उसे देखते हुए तहसील की स्थापना हो तो और अच्छा विकास हो सकेगा। प्रशासनिक दृष्टि से भी इस इलाके को लाभ मिलेगा।

             विद्यार्थियों की ओर से 6 दिसंबर को महापंचायत का आवाहन किया हुआ है।  उस महापंचायत में मैं भी अपनी उपस्थिति रखूंगा। छात्र विजयी होंगे यही कामना करता हूं। जो भी सरकार आएगी हम उस सरकार के सामने             अपनी मांग रखेंगे।

विद्यार्थियों का साथ भरपूर कोशिश से दूंगा जो इस 78 की चलती उम्र में दे सकता हूं,उससे अधिक देने की कोशिश करूंगा।