भू माफिया आजम खान पर अब सरारी इमारत कबजाने का आरोप

सीओ सिटी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि कोतवाली सिविल लाइंस का ये मामला है। इसमें पीड़ित गगन लाल ने एक मामला 4 लोगों के खिलाफ दर्ज कराया है। इसमें पूर्व सीओ आले हसन, पूर्व मंत्री आजम खान, जिला सहकारी संघ के सचिव कामिल खान, जिला सहकारी संघ के चेयरमैन मास्टर जाफर आरोपित हैं।

समाजवादी पार्टी सांसद भूमाफिया आजम खान की मुश्किलें और मुकदमें कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। उन पर अब तक 82 केस पहले से ही दर्ज है लेकिन अब आजम खान पर एक और मुकदमा दर्ज हो चुका है। इस बार आजम खान पर एक और सरकारी बिल्डिंग पर कब्जा करने के आरोप में उनके 3 सहयोगी समेत चार लोगों पर FIR दर्ज किया गया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सीओ सिटी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि कोतवाली सिविल लाइंस का ये मामला है। इसमें पीड़ित गगन लाल ने एक मामला 4 लोगों के खिलाफ दर्ज कराया है। इसमें पूर्व सीओ आले हसन, पूर्व मंत्री आजम खान, जिला सहकारी संघ के सचिव कामिल खान, जिला सहकारी संघ के चेयरमैन मास्टर जाफर आरोपित हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार यह कहा जा रहा है कि पीड़ित के मुताबिक उसके क्वालिटी बार पर सन 2013 में यह लोग लूटपाट और तोड़फोड़ किए थे। उनके मुताबिक जो उनकी जगह थी उसको पूर्व मंत्री आजम खान की पत्नी तंजीम फातिमा के नाम आवंटित कर दिया गया था। उन पर 16500 रुपए लूटने का भी आरोप है।

बता दें एक तरफ जहाँ लगातार आज़म खान पर एक के बाद एक मुकदमें दर्ज हो रहे हैं वहीं सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव आजम खान के समर्थन में दो दिवसीय दौरे पर रामपुर पहुँचे थे, लेकिन उनके समर्थन का भी कोई असर नहीं दिख रहा है। अखिलेश यादव ने आजम खान पर दर्ज हुए सभी मुकदमों की फाइल लेकर राज्यपाल से मिलने का भी भरोसा दिलाया था। इसके बावजूद भी आजम खान पर मुकदमे दर्ज होने का सिलसिला रुक नहीं रहा है। यहाँ तक कि उन पर बकरी चोरी से लेकर बिजली चोरी के मामले में भी FIR दर्ज है।

भारत में आतंकी चांद से नहीं पाकिस्तान से आते हैं : रिसजार्ड

पोलैंड ने सख्त तेवर अपनाते हुए कहा है कि भारत में आतंकी चांद से नहीं पाकिस्तान से आते हैं. पोलैंड ने यह बात EU की संसद में कही है. वहीं इटली ने कहा कि पाकिस्तानी आतंकी यूरोप में हमले की योजना बना रहे हैं.  कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने के पाकिस्तान के सपने को एक बार फिर झटका लगा है। बुधवार को यूरोपीय यूनियन की संसद ने इस मुद्दे पर भारत का साथ दिया। जानकारी के अनुसार संसद के ज्यादातर सदस्य भारत के साथ खड़े दिखाई दिए और पाकिस्तान को संदिग्ध देश करार दिया। यह बयान ऐसे समय पर आया है जब संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में पाकिस्तान मुंह की खा चुका है और इसके बावजूद कश्मीर मसले को किसी भी हाल में छोड़ने को तैयार नहीं है।

नई दिल्ली:

जम्मू-कश्मीर पर भारतीय कूटनीति की बहुत बड़ी जीत हुई है. यूरोपीय यूनियन ने पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाई है. पोलैंड ने सख्त तेवर अपनाते हुए कहा है कि भारत में आतंकी चांद से नहीं पाकिस्तान से आते हैं. पोलैंड ने यह बात EU की संसद में कही है. वहीं इटली ने कहा कि पाकिस्ता आतंकी यूरोप में हमले की योजना बना रहे हैं. फ्रांस के स्‍ट्रॉसबर्ग में यूरोपीय संघ की संसद ने बुधवार को पिछले 11 सालों में पहली बार कश्‍मीर मुद्दे पर चर्चा की और भारत को अपना समर्थन दिया. यहां जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 के हटाए जाने मसले पर चर्चा हुई. इससे पहले 2008 में यहां कश्‍मीर का मुद्दा उठा था.

यहां आपको बता दें कि जम्मू कश्मीर को लेकर पाकिस्तान लगातार अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि करने की कोशिश में जुटा है, लेकिन उसे लगातार मुंह की खानी पड़ रही है. अमेरिका, रूस, फ्रांस, इजराइल जैसे देशों के अलावा संयुक्त राष्ट्र से भी पाकिस्तान को फटकार लगाई जा चुकी है. अब यूरोपीय यूनियन ने पाकिस्तान को जम्मू कश्मीर को लेकर फटकार लगाई है. चर्चा है कि पाकिस्तान इस पर जेनेवा में 9 सितंबर से 27 सितंबर तक चलने वाले संयुक्‍त राष्‍ट्र मानवाधिकार परिषद की 42वीं बैठक में पाकिस्‍तान एक बार फिर से जम्मू कश्मीर का प्रस्‍ताव ला सकता है.

यूरोपीय यूनियन ने कश्‍मीर मुद्दे पर शांतिपूर्ण हल निकालने के लिए भारत-पाकिस्‍तान को बातचीत करने की नसीहत दी है. इटली के यूरोपीयन पीपुल्‍स पार्टी के फुल्‍वियो मार्तुसाइल्‍लो ने कहा, ‘पाकिस्‍तान परमाणु हथियारों के प्रयोग करने की धमकी दी है. यह देश आतंकी भेजकर यूरोप में अशांति फैलाने की योजना बना रहा है.’

पोलैंड के यूरोपीयन कंजर्वेटिव्‍स एंड रिफार्मिस्‍ट ग्रुप के रिसजार्ड ने कहा, ‘भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है. हमें भारत के जम्‍मू कश्‍मीर में होने वाले आतंकी घटनाओं की जांच करने की जरूरत है. ये आतंकी चांद से नहीं आते. वह पड़ोसी देश से आते हैं. हम भारत का समर्थन करते हैं.’

मालूम हो कि भारतीय संसद ने जम्मू कश्मीर में अनुच्छे 370 को निष्क्रिय करते हुए विशेष राज्य का दर्जा खत्म कर दिया है. साथ ही इस राज्य को केंद्रशासित प्रदेश बना दिया है. कड़ी सुरक्षा के चलते पाकिस्तान से भेज हुए आतंकी जम्मू कश्मीर में कोई भी वारदात को अंजाम नहीं दे पा रहे हैं. इस बात से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है. वह लगातर अंतरराष्ट्रीय मंच ये भारत को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन उसे हर जगह मुंह की खानी पड़ रही है.

ममता ने जसोदाबेन को एयरपोर्ट पर ही साढ़ी भेंट की

ममता कोलकाता एयरपोर्ट से नई दिल्ली के लिए विमान में सवार होने जा रही थीं, तभी उन्होंने जशोदाबेन को देखा तो उनसे मिलने के लिए दौड़ पड़ीं। मुलाकात के दौरान ममता बनर्जी ने उन्हें एक साड़ी भी गिफ्ट की। सूत्रों की मानें तो ममता बंगाल में भाजपा के बढ़ते कद और राजीव कुमार के लापता होने के बाद के आसार को देखते हुए मोदी से सुलह के मूड में है।

  • पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पत्नी जशोदाबेन से मुलाकात की
  • दरअसल, ममता कोलकाता एयरपोर्ट से नई दिल्ली के लिए विमान में सवार होने जा रही थीं, तभी उन्होंने जशोदाबेन को देखा
  • पीएम की पत्नी को देखते ही ममता उनसे मिलने के लिए दौड़ पड़ीं, मुलाकात के दौरान ममता बनर्जी ने उन्हें साड़ी भी गिफ्ट की

नई दिल्ली: 

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कोलकाता एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पत्नी जशोदाबेन से मिलीं. इस दौरान ममता बनरजी ने जशोदाबेन को कोलकाता की खास साड़ी तोहफे में दी. एयरपोर्ट पर जशोदाबेन और ममता बनर्जी की इस मुलाकात की तस्वीर काफी वायरल हो रही है. इस तस्वीर में ममता बनर्जी और जशोदाबेन दोनों ही आपस में हाथ जोड़कर एक-दूसरे से मिलती नज़र आईं.

दरअसल, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कोलकाता से नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कोष मुद्दे पर मिलने जा रही थीं. वहीं, जशोदाबेन झारखंड के धनबाद की दो दिन की यात्रा के बाद वहां से लौट रही थीं.  जशोदाबेन ने 16 सितंबर को पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले के आसनसोल में कल्याणेश्वरी मंदिर में पूजा की. आसनसोल धनबाद से करीब 68 किलोमीटर दूर है.

सूत्र ने बताया, ‘यह अचानक हुई मुलाकात थी और उनके बीच अभिवादन का आदान-प्रदान हुआ. मुख्यमंत्री ने उन्हें एक साड़ी उपहार में दी.’

कौन हैं जशोदाबेन?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पत्नी होने के अलावा जशोदाबेन एक रिटायर्ड स्कूल टीचर हैं. वह गुजरात में मेहसाणा जिले के ऊंझा स्थित ब्राह्मणवाड़ा गांव में रहती हैं. जब जशोदाबेन 15 साल की थीं और मोदी 17 साल के थे, इसी गांव में उनका विवाह हुआ था. इन दिनों जशोदाबेन उंझा में अपने छोटे भाई अशोक के साथ रहती हैं. जशोदाबेन ने धोलका से अपनी पढाई पूरी की और सरकारी स्कूल में टीचर की नौकरी से 2009-10 में सेवानिवृत हुई. अब वे अपना सारा वक़्त भगवान की भक्ति में बिताती हैं.

आरजेपी की सरकार बनने पर हर वर्ग का होगा विकास-शेर सिंह राणा

खड़क मंगोली में सैकड़ो युवाओ,महिलाओं ने थामा आरजेपी का दामन

पंचकूला/बरवाला 18 सितम्बर (सारिका तिवारी)

राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक शेर सिंह राणा बुधवार को बरवाला क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव पहुँचे।

इस दौरान राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी के पंचकुला से जिलाध्यक्ष सरपँच संजीव राणा सुल्तानपुर ने अपने साथियों सहित उनका भव्य स्वागत किया।बरवाला के बाद शेर सिंह राणा ने पंचकूला के माजरी चौक के पास स्थित खड़क मंगोली में एक विशाल जनसभा को सम्बोधित किया।इस अवसर पर बोलते हुए राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक शेर सिंह राणा ने कहा की सभी राजनैतिक दलों ने हरियाणा राज्य में विगत 60 वर्षो में सुयोजित तरीके से इस प्रकार से परिसीमन किया है की राजपूतों, सवर्णों का प्रतिनिधित्व कम से कम हो।

शेर सिंह राणा ने कहा की एक समय था जब हरियाणा में 6 राजपूत विधायक चुन के आते थे और आज के हालातों में सिर्फ एक विधायक राजपूत समाज से आते है।उन्होंने कहा कि समाज के लोगों को सभी राजनीतिक दलों से हटकर एक नई दिशा और दशा देने की तैयारी की जायेगी।शेर सिंह राणा ने कहा कि जिस तरह से हमारा झंडा केसरिया और हरे रंग का है। जिसमें 70 प्रतिशत केसरिया और 30 प्रतिशत हरा है। इसी आधार पर पार्टी के संस्थापक सदस्य का भी चयन किया जा रहा है। पार्टी में सदस्य के तौर पर राजपूतों, वैश्यों, ब्राह्मणों, मुसलमानों समेत पिछड़ी समाज और वाल्मीकि समाज के लोगों को भी शामिल किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि “केसरिया का 70 प्रतिशत होना हिंदुत्व को दर्शाता है और 30 प्रतिशत हरा मुसलमान भाइयों की निशानी है, अल्पसंख्यकों को दिखाता है।कार्यक्रम में बोलते हुए शेर सिंह राणा ने कहा कि आज की राजनीति में मनोज राणा जैसे युवाओ को आगे आने की जरूरत है।खड़क मंगोली में कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए शेर सिंह राणा ने मनोज राणा,प्रदीप बाल्मीकि,सजल कश्यप,गर्वेश राणा सहित उनकी टीम की पीठ थपथपाई।इस अवसर पर आरजेपी के जिलाध्यक्ष संजीव राणा, प्रदीप बाल्मीकि पंचकूला, उतर हरियाणा प्रभारी यशपाल राणा,महासचिव उतर हरियाणा वेद प्रकाश,राजेन्द्र राणा,मनोज राणा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

खड़क मंगोली में सैकड़ो युवाओ ने थामा आरजेपी का दामन

पंचकूला के खड़क मंगोली में सैकड़ो की तादाद में युवाओ,महिलाओं,बजुर्गो ने राष्टवादी जनलोक पार्टी व शेर सिंह राणा की नीतियों से प्रभावित होकर राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी का दामन थामा।इस मौके पर पार्टी में शामिल हुए युवाओ, महिलाओं, बजुर्गो को विश्वास दिलाते हुए पार्टी के राष्टीय संयोजक शेर सिंह राणा ने कहा कि सभी को पार्टी में पूरा मान सम्मान दिया जायेगा।

आरजेपी ने घोषित किये हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए दो उम्मीदवार

आरजेपी पार्टी द्वारा आगामी विधानसभा चनावो के लिए दो विधानसभा क्षेत्रों से उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की गई है।आरजेपी के राष्ट्रीय संयोजक शेर सिंह राणा ने बताया कि नीलो खेड़ी विधानसभा क्षेत्र से अरुणा बाल्मीकि, महेंद्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र से राजेश तंवर आरजेपी पार्टी के उम्मीदवार होंगे।

रेलवे कर्मचारियों को बोनस और ई-सिगरेट प्रतिबंधित

कैबिनेट की बैठक में 11 लाख रेलवे कर्मचारियों को 78 दिन का वेतन बोनस देने का फैसला किया गया है. साथ ही ई-सिगरेट का आयात-निर्यात, बिक्री वितरण पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है.
उधर, ई-सिगरेट का समर्थन करने वालों की दलील है कि यह धूम्रपान करने वाले तंबाकू की तुलना में कम हानिकारक है.

  • रेलवे कर्मचारियों को मिलेगा 78 दिन का बोनस
  • मोदी कैबिनेट ने ई-सिगरेट पर भी लगाया बैन
  • ई-सिगरेट का आयात-निर्यात, बिक्री वितरण प्रतिबंधित

नई दिल्ली: 

ई-सिगरेट पर प्रतिबंध:  

केंद्रीय कैबिनेट की बैठक के बाद पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया कि 11 लाख रेलवे कर्मचारियों को उत्पादकता बोनस के तौर पर 78 दिन का वेतन दिया जाएगा. मीडिया से बात करते वक्त यहां मौजूद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि ई-सिगरेट को पूरी तरह से बैन करने का कैबिनेट ने फैसला लिया है. वित्‍त मंत्री ने कहा कि यह समाज में एक नई समस्‍या को जन्‍म दे रहा है और बच्‍चे इससे अपना रहे हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि ई-सिगरेट को बनाना, आयात/निर्यात, बिक्री, वितरण, स्‍टोर करना और विज्ञापन करना सब पर प्रतिबंध होगा. वित्‍त मंत्री ने प्रेस कांफ्रेस के दौरान कहा कि ‘ई-सिगरेट ऑर्डिनेंस 2019’ को मंत्रियों के समूह ने कुछ समय पहले ही इस पर विमर्श किया था. ऑर्डिनेंस के ड्रॉफ्ट में स्‍वास्‍थ मंत्रालय ने प्रस्‍ताव दिया था कि पहली बार कानून का उल्‍लंघन करने वालों पर एक लाख रुपये का जुर्माना और एक साल की सजा का प्रावधान हो.

साभार ANI

इससे पहले बीते अगस्त में ई-सिगरेट निषेध अध्यादेश, 2019 प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश के बाद एक जीओएम को भेजा गया था. अध्यादेश के मसौदे में स्वास्थ्य मंत्रालय ने पहली बार उल्लंघन करने वालों पर एक लाख रुपये के जुर्माने के साथ एक साल कैद की अधिकतम सजा का प्रस्ताव था. मंत्रालय ने बार-बार अपराध करने वालों के लिए पांच लाख रुपये का जुर्माना और अधिकतम तीन साल की जेल की सिफारिश की थी. मोदी सरकार के पहले 100 दिन के एजेंडे में ई-सिगरेट सहित अन्य वैकल्पिक धूम्रपान उपकरणों पर प्रतिबंध लगाना शामिल था. 

उधर, ई-सिगरेट का समर्थन करने वालों की दलील है कि यह धूम्रपान करने वाले तंबाकू की तुलना में कम हानिकारक है. हालांकि सरकार यह कहते हुए प्रतिबंध लगाने पर जोर दे रही है कि उसमें पारंपरिक सिगरेट के समान ही जोखिम है. शीर्ष मेडिकल शोध निकाय भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ने ऐसे उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध की सिफारिश की थी

क्या है ई-सिगरेट :

ई-सिगरेट या इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट एक बैटरी-चालित डिवाइस होती है, जो तम्बाकू या गैर-तम्बाकू पदार्थों की भाप को सांस के साथ भीतर ले जाती है. आमतौर पर सिगरेट, बीड़ी या सिगार जैसे धूम्रपान के लिए प्रयोग किए जाने वाले तम्बाकू उत्पादों के विकल्प के रूप में इस्तेमाल की जाने वाली ई-सिगरेट तम्बाकू जैसा स्वाद और एहसास देती है, जबकि वास्तव में इसमें कोई धुआं नहीं होता है. ई-सिगरेट एक ट्यूब के आकार में होती है, और इनका बाहरी रूप सिगरेट और सिगार जैसा ही बनाया जाता है.

न्यूयॉर्क में भी ई-सिगरेट बैन

आज ही न्यूयॉर्क में भी ई-सिगरेट को प्रतिबंधित किया गया है. ई-सिगरेट के कारण हुई कई मौत के बाद यह कदम उठाया गया. इन मौत के साथ ही इस उत्पाद को लेकर डर बढ़ गया है जिसे लंबे समय से धूम्रपान से कम नुकसानदेह माना जाता रहा है. सुगंधित ई-सिगरेट के प्रयोग को गैरकानूनी घोषित करने के गवर्नर एंड्रु क्योमो के प्रस्ताव पर एक स्वास्थ्य परिषद ने आपात कानून पारित किया. फेफड़ों से संबंधित गंभीर बीमारी के अचानक बढ़ते प्रकोप के बाद यह प्रस्ताव पेश किया गया. इस बीमारी के चलते सात लोगों की मौत हो गई थी और सैकड़ों बीमार हो गए. यह प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू होगा. इस प्रतिबंध की घोषणा करने वाला मिशिगन पहला राज्य था, लेकिन कानून लागू होना अब भी बाकी है. बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने पिछले हफ्ते घोषणा की थी कि वह बहुत जल्द ई-सिगरेट उत्पादों को प्रतिबंधित करने वाला है.

स्वच्छ भारत के अभियान को तब पूरा नहीं किया जा सकता जब तक कि दैनिक जीवन में सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग पूर्णतयः बन्द न हो : मनिता मलिक

पंचकूला,18 सितम्बर-  

अतिरिक्त उपायुक्त मनिता मलिक ने कहा कि स्वच्छ भारत के अभियान को तब तक पूरा नहीं किया जा सकता जब तक कि दैनिक जीवन में सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग पूर्णतयः बन्द न हो । अतिरिक्त उपायुक्त लघु सचिवालय के सभागार में स्वच्छता ईसेवा कार्यक्रम के दौरान नोडल अधिकारियों को सम्बोधित कर रही थी।    
उन्होंने कहा कि 11 सितम्बर से 2 अक्तूबर तक सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग बन्द करने सम्बन्धी जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है । स्वच्छता ईसेवा कार्यक्रम का उद्ेश्य सभी नागरिकों को सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग से होने वाली हानियों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक से बनी वस्तुएं प्राकृतिक  तत्वों के अन्दर घुलनशील नहीं है और यह सीवरज,तालाबो और नहरों में फस कर पानी के बहाव को रोकते है और प्शुओं तथा मनुष्यों में कैंसर जैसे रोग उत्पन्न करते है ।   उन्होंने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक के कचरे को खत्म करना बहुत ही मुशिकल है और  भलाई इसी में है कि इसका प्रयोग ही ना किया जाये ।
    अतिरिक्त उपायुक्त ने सभी नोडल अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे  फिल्ड में जाकर सिंगल यूज प्लास्टिक अभियान के द्वारा सभी नागरिकों को जागरूक करे ताकि प्लास्टिक के प्रयोग को खत्म करके स्वच्छता का संदेश दिया जा सकें । कार्यक्रम में उनके साथ जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी दमन सिंह और डीपीओ सुनील जाखड भी मौजूद रहे ।

Students from NTU – PU visit the Government Museum and Art Gallery

Korel, Chandigarh September 18, 2019

            The student delegation from Nottingham Trent University(UK) and Panjab University today visited the Government Musuem and Art Gallery and witnessed the rich heritage of Indian art and culture through a vibrant display of artefacts.  Ms. Seema Gera, Curator, gave a demonstration of the art and culture of the region and took the students around to the various sections of the museum.

            This was followed by a presentation on exploring Indian Culture through different dance forms of India and a special performance of Kathak dance by Ms. Saumya Shukla. The highlights of the presentation were the introduction to nine Indian classical dance forms and the deep relationship between these dance forms and Yoga. Students from NTU appreciated the rich display of artefacts and the enriching performance.

Kavita Chakraborty to conduct 5 days workshop of Instrumental Music

Korel, Chandigarh September 18, 2019

5 days workshop (from 16-20 September 2019) of Instrumental Music being conducted by visiting Professor Kavita Chakraborty in the Department of Music, Panjab University.

PU Results

Korel,Chandigarh September 18, 2019

                It is for the information of the general public and students of Panjab University Teaching Departments/Colleges in particular that result of the following examinations have been declared:-

  1. B.A (Hons.)Social Science-2nd Semester,May-19
  2. B.Voc ( Banking, Insurance & Retailing)-4th Semester,May-19
  3. B.Voc Multimedia(Graphics & Animation)-4th Semester,May-19                     

               The students are advised to see their result in their respective Departments/Colleges/University website.

अमेठी में भारत का पहला विमानन विषविद्यालय आज से कार्यशील

उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के फुर्सतगंज में स्थापित देश के पहले विमानन विश्वविद्यालय का उद्घाटन आज हुआ। राजीव गांधी राष्ट्रीय एविएशन विश्वविद्यालय (आरजीएनएयू) के अपना नाम नहीं बताने के इच्छुक अधिकारियों ने बताया कि विश्वविद्यालय फुर्सतगंज स्थित अपने परिसर में अगले सत्र से अपने प्रमुख पाठ्यक्रम को शुरू करने की योजना बना रहा है। आने वाले समय में प्रबंधन से जुड़े पाठ्यक्रम भी शुरू करने की योजना है।

अमेठी: केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के संसदीय क्षेत्र के फुर्सतगंज में विश्व का पांचवा और देश का पहला विमानन यूनिवर्सिटी शुरू हो गया है. यूनिवर्सिटी के पहले सत्र में देश के विभिन्न हिस्सों से आए 30 बच्चों को दाखिला मिला है और सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो अगले सत्र में यहां सभी पाठ्यक्रमों की पढ़ाई शुरू हो जाएगी.

केंद्र की कांग्रेस सरकार के अंतिम साल 2013 में देश के पहले विमानन की स्थापना को मंजूरी मिली थी. उत्तर प्रदेश सरकार से जमीन न मिलने पर तत्कालीन सांसद राहुल गांधी की पहल पर इंदिरा गांधी उड़ान अकादमी अपनी 26.36 एकड़ भूमि 8 जुलाई 2016 को उपलब्ध कराई थी. हांलाकि निर्माण 15 महीने बाद शुरू हुआ.

इंदिरा गांधी उड़ान अकादमी फुर्सतगंज के सिल्वर जुबली कार्यक्रम के दौरान 2011 में राहुल गांधी ने यहां विमानन यूनिवर्सिटी बनाने की बात कही थी और 2013 में 13 सितंबर को शिलान्यास हुआ था.

नागर विमानन मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में स्थापित यह केन्द्रीय विश्वविद्यालय एक स्वायत संस्था हैं जिसका लक्ष्य विमानन के क्षेत्र में अध्ययन, शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान को बढ़ावा देना है। एयर वाइस मार्शल ‘अवकाश प्राप्त’ नलिन टंडन को विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया गया है।

अपना नाम नहीं बताने के इच्छुक अधिकारियों ने बताया कि विश्वविद्यालय फुर्सतगंज स्थित अपने परिसर में अगले सत्र से अपने प्रमुख पाठ्यक्रम को शुरू करने की योजना बना रहा है। आने वाले समय में प्रबंधन से जुड़े पाठ्यक्रम भी शुरू करने की योजना है।