अनाज मंडी दिल्ली में आग, 35 लोगों ए मारे जाने की खबर

नई दिल्ली(ब्यूरो): 

पुरानी दिल्ली की अनाज मंडी इलाके में रविवार को भीषण आग लगने की घटना में 35 लोगों के मारे जाने की खबर है. ऐसा भी बताया जा रहा है कि यह आंकड़ा 40 तक पहुंच सकता है. यह इलाका पुरानी दिल्ली के रानी झांसी रोड स्थित फिल्मिस्तान सिनेमा के पास है. इस आग में अभी तक 52 लोगों को बचाया जा चुका है. ऐसा बताया जा रहा है कि यह आग आज सुबह करीब 05.30 बजे तीन घरों में लगी, यहां गत्ते और कागज की अवैध फैक्ट्री चल रही थी. जिस वजह से आग फैली और उसने तीन घरों की दो मंजिलों को अपनी चपेट में ले लिया.

पुरानी दिल्ली का यह इलाका सकरी गलियों वाला है. मौके पर फायर ब्रिगेड की 30 गाड़ियां आग बुझाने में जुटी हैं. हालांकि यहां से कुछ कदम की दूरी पर ही मॉडल बस्ती फायर स्टेशन है लेकिन सकरी गलियों की वजह से फायर की गाड़ियां लगी के अंदर नहीं पहुंच सकी. जिसके चलते बचाव कार्य में देरी हुई और उसी वजह से कैजुअल्टी की संख्या बढ़ गई. 

इस घटना के बाद चीफ फायर ने बताया कि इलाका काफी कन्जेस्टेड था. ऐसे में आशंका है कि अब भी कुछ लोग वहां फंसे हों. खबर लिखे जाने तक आग लगने के कारणों का पता नहीं चला है. पुलिस मामले की छानबीन कर रही है.

शुरूआती जानकारी के मुताबिक अनाज मंडी में एक घर में आग लगी. आग इतनी भयानक थी कि इसे काबू करने के लिए फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियों को बुलाया गया. माना जा रहा है आग सुबह 5 बजे लगी है. जहां ये आग लगी उस बिल्डिंग में एक तीन मंजिल की बेकरी है. इस बेकरी की तीसरी मंजिल पर ये आग लगी थी. वहीं अबतक स्थानीय प्रशासन और फायर ब्रिगेड की मदद से 50 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया है. राहत और बचाव कार्य भी जारी है.

आग पर काबू पाने का काम अभी भी जारी है. बचाए गए लोगों को बाड़ा हिंदूराव, राम मनोहर लोहिया, एलएनजेपी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. जहां उनका इलाज जारी है. सबसे पहले एलएनजेपी अस्पताल ने 10 लोगों की मौत की पुष्टी की थी. इसके बाद दिल्ली पुलिस ने 35 लोगों को मारे जाने की पुष्टी की.  ऐसा बताया जा रहा है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है.

हैदराबाद एनकाउंटर के बाद CJI का बड़ा बयान, ‘ मेरा मानना है कि न्याय जैसे ही बदला बनेगा, वह अपना स्वरूप छोड़ देगा.’

सीजेआई बोबडे ने कहा, ”बदले से किया गया न्याय कभी इंसाफ नहीं हो सकता. न्याय बदले के रूप में नहीं होना चाहिए. मेरा मानना है कि न्याय जैसे ही बदला बनेगा, वह अपना स्वरूप छोड़ देगा.” उनका ये बयान हैदराबाद एनकाउंटर के बाद आया है..

नयी दिल्ली(ब्यूरो), 7/12:

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने बड़ा बयान दिया है. हैदराबाद एनकाउंटर के बाद उनका बयान काफी अहम हो जाता है. सीजेआई बोबडे ने कहा, ”बदले की भावना से किया गया न्याय कभी इंसाफ नहीं हो सकता. न्याय बदले के रूप में नहीं होना चाहिए. मेरा मानना है कि न्याय जैसे ही बदला बनेगा, वह अपना स्वरूप छोड़ देगा.”

बता दें कि हैदराबाद में शुक्रवार तड़के एक एनकाउंटर में पुलिस ने रेप के चार आरोपियों को ढेर कर दिया था. पुलिस का दावा है कि जब वह आरोपियों को लेकर घटनास्‍थल पर सीन को रीक्रिएट करने पहुंची थी, उसी समय इन आरोपियों ने भागने की कोशिश की, पुलिस ने उन्‍हें सरेंडर करने के लिए कहा, लेकिन उन्‍होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया. इसके बाद गोलीबारी में चारों की मौत हो गई.

जोधपुर में राजस्थान हाईकोर्ट की नई इमारत के उद्घाटन समारोह में जस्टिस एसए बोबडे ने कहा, “मैं नहीं समझता हूं कि न्याय कभी भी जल्दबाजी में किया जाना चाहिए. मैं समझता हूं कि अगर न्याय बदले की भावना से किया जाए तो ये अपना मूल स्वरूप खो देता है”. उन्होंने कहा कि न्याय को कभी भी बदले का रूप नहीं लेना चाहिए.

सीजेआई बोबडे ने कहा, देश में हाल की घटनाओं ने एक बार फिर से पुरानी बहस छेड़ दी है. इसमें कोई संदेह नहीं है कि आपराधिक मामलों को निपटाने में लगने वाले समय को लेकर आपराधिक न्याय प्रणाली को अपनी स्थिति और दृष्टिकोण पर पुनर्विचार करना चाहिए. लेकिन, मुझे नहीं लगता कि न्याय तुरंत हो सकता है या होना चाहिए. न्याय कभी भी बदले की जगह नहीं ले सकता.

बता दें कि ऐडवोकेट जीएस मणि और प्रदीप कुमार यादव ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. याचिका में कहा गया है कि एनकाउंटर में शामिल पुलिकर्मियों के खिलाफ एफआईआर की जानी चाहिए और जांच करके कार्रवाई की जानी चाहिए. इस मामले में कोर्ट सोमवार को सुनवाई करे

शिवसेना हिन्द की शिकायत पहुँची जालन्धर पुलिस कॉमिशनर के पास

जालन्धर(अनिल वर्मा):

जालन्धर के पुलिस कॉमिशनर दफ्तर में पंजाब में चल रही एक शिवसेना जिसका नाम शिवसेना हिन्द रख कर पूरे पंजाब भर में चलाया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में कई ऐसे सवाल खड़े किए है जोकि जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन को जरूर देखना चाहिए शिकायत में पूछा गया है कि शिवसेना हिन्द क्या है? एक राजनीतिक पार्टी है ? एक एनजीओ है ? एक संस्था है या संगठन है और ये भारत मे बनाए गए अलग अलग कानूनों में से किस के तहत पंजीकृत है? वही शिकायतकर्ता ने प्रशानिक अधिकरिओ से भी पूछा है जिस लेटर हेड पर शिवसेना हिन्द के लोग प्रशासन को शिकायते देते उस पर न तो ये साफ किया गया है कि ये एक राजनीतिक पार्टी है या एक एनजीओ या संस्था और न ही लेटर हेड पर ये लिखा हुआ है कि सरकार के किस महकमे से शिवसेना हिन्द का पंजीकरण हुआ है।

वही शिकायतकर्ता का कहना है कि इस तरीके से शिव इस्तेमाल करना कही न कही हिंदुओ की आस्था के साथ खिलवाड़ किया जा रहा क्योंकि हिन्दू के आराध्य भगवान शिव का नाम गलत तरीक़े से इस्तेमाल करना का अपराध है, जिकी और शिकायतकर्ता ने विशेष तौर पर जिला के डीसी का ध्यान देने को कहा गया है।

आखिर में शिकयतकर्ता ने प्रशासन से मांग की है शिवसेना हिन्द को बनाने वालों की गहन जाँच होनी चाहिए अगर इसको चलाने वालो के पास कोई पंजीकरण नही है तो इस पूरे भारत मे तुरंत बंद करवाना चाहिए और प्रशासन को गुमराह करने वाले ऐसे लोगो पर जल्द कानूनी कार्यवाही की जानी चाहिए और ऐसे लोग जो हिंदुओ की आस्था के साथ खेल कर अपनी दुकानदारी चला रहे है पर हम सभी हिंदुओ को एक होकर इन लोगो के खिलाफ मोर्चा जल्द खोलना चाहिए।

Police Files, Chandigarh

Korel, CHANDIGARH – 07.12.2019

Action against Gambling

Chandigarh Police arrested Sibhu R/o # 1475, Churiyan Wala Mohalla, MM, Chandigarh, Chandigarh while gambling near Kila, Manimajra, Chandigarh, on 06.12.2019. Total cash Rs. 3160/- was recovered from his possession. A case FIR No. 206, U/S 13-3-67 Gambling Act has been registered in PS-MM, Chandigarh. Later he was released on bail. Investigation of the case is in progress.

Arrest in rape case

          A case FIR No. 205, U/S 376, 420, 506 IPC has been registered in PS-MM, Chandigarh on the statement of a girl resident of Chandigarh against Wasim Abbas resident of Shanti Nagar, Manimajra, Chandigarh and who raped her in pretext to marriage.  Accused arrested in this case. Investigation of the case is in progress.

Theft

          Gullu Yadav R/o # 164/3, EWS Colony, Chandigarh reported that unknown person who stolen away water meter from his residence on the night intervening 02/03-12-2019. A case FIR No. 200, U/S 379 IPC has been registered in PS-Maloya, Chandigarh. Investigation of the case is in progress.

          A girl resident of Chandigarh reported that unknown person stolen away her bicycle from in front of commerce Academy, Sector-36-a, Chandigarh on 29.11.2019. A case FIR No. 249, U/S 379 IPC has been registered in PS-36, Chandigarh. Investigation of the case is in progress.

Missing/Abduction

          A lady resident of Chandigarh reported that unknown person abducted/missing her daughter aged 17 years from her residence on 06.12.2019. A case FIR No. 206, U/S 363 IPC has been registered in PS-Maulijagran, Chandigarh. Investigation of the case is in progress.

पीड़िता ने शुक्रवार सुबह में डॉक्टर से पूछा था कि ‘क्या मैं बच जाऊंगी?’

ज्ञात हो कि उन्नाव के बिहार थानाक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव की युवती के साथ दुष्कर्म हुआ था. इसके बाद दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. युवती इसी मामले की पैरवी के लिए गुरुवार को रायबरेली जा रही थी. गुरुवार तड़के करीब चार बजे पीड़िता रायबरेली जाने के लिए ट्रेन पकड़ने बैसवारा स्टेशन के लिए निकली थी, तभी गांव के बाहर खेत में दोनों आरोपी व उनके तीन साथियों ने उसके ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा दी.

नई दिल्ली(ब्यूरो):

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा ने मांग की है कि उन्नाव रेप केस में बलात्कारियों को एक महिने के भीतर फांसी हो. बता दें उन्नाव में आग के हवाले की गई दुष्कर्म पीड़िता की शुक्रवार रात दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई.

करीब 90 फीसदी झुलस चुकी पीड़िता को गुरुवार को एअरबस से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल लाया गया था. अस्पताल की ओर से बताया गया कि शुक्रवार को रात 11:40 बजे पीड़िता ने आखिरी सांस ली. 

पीड़िता को शुक्रवार रात को 11:10 बजे कार्डियक अरेस्ट आया, जिसके बाद डॉक्टरों की टीम उसे संभालने में जुट गए, लेकिन जान नहीं बचाई जा सकी. पीड़िता ने शुक्रवार सुबह में डॉक्टर से पूछा था कि क्या मैं बच जाऊंगी?’ उसने अपने भाई से कहा था कि अगर उसकी मौत हो जाती है तो दोषियों को नहीं छोड़ना.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पीड़िता को एअरलिफ्ट कराया गया था. पीड़िता को बंदरिया बाग और अर्जुनगंज होते हुए शहीद पथ रास्ते से एयरपोर्ट पहुंचाया गया था.

ज्ञात हो कि उन्नाव के बिहार थानाक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव की युवती के साथ दुष्कर्म हुआ था. इसके बाद दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. युवती इसी मामले की पैरवी के लिए गुरुवार को रायबरेली जा रही थी. गुरुवार तड़के करीब चार बजे पीड़िता रायबरेली जाने के लिए ट्रेन पकड़ने बैसवारा स्टेशन के लिए निकली थी, तभी गांव के बाहर खेत में दोनों आरोपी व उनके तीन साथियों ने उसके ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा दी.

झारखंड हाईकोर्ट ने आरजेडी प्रमुख की चारा घोटाले से जुड़े दुमका कोषागार के अवैध निकासी मामले में लालू की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है

हॉफ सेंटेंस पूरा होने में 9 महीने बचे है, आधे से ज़्यादा सजा की अवधि नहीं पूरी होने पर लालू यादव की ज़मानत खारिज लालू प्रसाद यादव दुमका कोषागार से निकासी मामले में आरोपी हैं

नयी दिल्ली(ब्यूरो):

 बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव को शुक्रवार को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. झारखंड हाईकोर्ट ने आरजेडी प्रमुख की चारा घोटाले से जुड़े दुमका कोषागार के अवैध निकासी मामले में दायर जमानत याचिका को खारिज कर दिया है.

इससे पहले लालू यादव को इस मामले में 7-7 साल की सजा हुई थी. जमानत याचिका में ये आधार दिया गया था कि चारा घोटाले से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट के रिजन्ल डायरेक्टर ओपी दिवाकर को जमानत मिली थी. इसी जमानत को लालू यादव के वकील ने आधार बनाया था. 

लालू यादव के वकील ने कहा कि आरजेडी प्रमुख ने हॉफ सेंटेंस पूरा कर लिया है तो, उन्हें जमानत मिलनी चाहिए. लेकिन झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि फिलहाल हॉफ सेंटेंस पूरा होने में 9 महीने बचे है. आधे से ज़्यादा सजा की अवधि नहीं पूरी होने पर लालू यादव की ज़मानत खारिज की जाती है.
 
आपको बता दें कि लालू प्रसाद यादव दुमका कोषागार से निकासी मामले में आरोपी हैं. साथ ही 3 अन्य मामलों में भी पूर्व मुख्यमंत्री दोषी हैं. फिलहाल वह रांची स्थित रिम्स हॉस्पिटल में भर्ती हैं.

कांग्रेस के सांसदों ने लोकसभा केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से किया दुर्व्यवहार

– लोकसभा स्पीकर ओम बिरला सोमवार को कांग्रेस सांसदों के खिलाफ कोई फैसला ले सकते हैं
– स्मृति ईरानी लोकसभा में उन्नाव में दुष्कर्म पीड़िता को जलाए जाने की घटना पर बोल रही थीं
– जब बंगाल में रेप की घटनाएं राजनीतिक हथियार बनी थीं, तब विपक्ष चुप था- स्मृति
– स्मृति ने कहा- सोमवार को संसद में देखूंगी कि महिलाओं के लिए बोलने पर विपक्ष किस तरह सजा देता है

नई दिल्ली:

कांग्रेस के सांसदों को शुक्रवार को लोकसभा में शून्यकाल के दौरान केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से दुर्व्यवहार महंगा पड़ गया. चर्चा रंगपट्टनम जिले में एनकाउंटर केस हो रही थी लेकिन कांग्रेस के सांसदों ने स्मृति ईरानी के साथ जो दुर्व्यवहार किया, उसके चलते कांग्रेस खुद ही बचाव में आ गई.

लोकसभा में शून्यकाल के शुरू होते ही हैदराबाद एनकाउंटर पर चर्चा होनी शुरू हुई. कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी जब बोलने को खड़े हुए तो उन्होंने हैदराबाद एनकाउंटर केस को राजनीतिक रंग देते हुए सरकार पर निशाना साधा और कहा कि एक तरफ सरकार राम मंदिर बना रही है लेकिन दूसरी तरफ सीता को जलाया जा रहा है. बस अधीर रंजन के इसी बयान को लेकर सत्ता पक्ष के सांसदों ने विरोध जताया. कई सांसदों और मंत्रियों ने कहा कि चौधरी एक भयावह घटना को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं.

अधीर रंजन के बयान को राजनीतिक बताते हुए केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी भी बोलने के लिए खड़ी हुई. उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं देश के दूसरे हिस्से में होती हैं, तो वो खामोश क्यों थे. इसी को लेकर कांग्रेस के सदस्यों को गुस्सा आ गया. स्मृति ईरानी बोल ही रही थी कि कांग्रेस के 3 सांसद आगे की तरफ बढ़े. इसमें से 2 सांसदो ने तो हद ही कर दी. वो बाजुओं को चढ़ाते हुए स्मृति ईरानी की तरफ लपके. हालात को देखते हुए स्मृति ईरानी के ठीक पीछे उड़ीसा के सांसद संगीता देवी बैठी हुई थी वह स्मृति ईरानी के बचाव में आगे आई और साथ में ही केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री पहलाद पटेल स्मृति ईरानी के सामने आ गए. उन्होंने जो कांग्रेस के सांसद आगे बढ़ रहे थे, उनको रोका और किसी तरह से बचाव किया. बाद में इस घटना को लेकर सत्तापक्ष के कई सांसदों और महिला सांसदों द्वारा इस मामले में माफी की मांग की गई.

कांग्रेस के सांसदों को एक घंटे का वक्त दिया गया कि वे स्मृति ईरानी से माफी मांगे. एक घंटे बाद फिर से लोकसभा शुरू हुई कांग्रेस के सदस्यों पर आरोप लगा था, केरल से जो सांसद हैं, वह लोकसभा से जा चुके थे, वापस नहीं आए. बीजेपी के सदस्यों ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए इसकी निंदा की और कहा कि खासतौर से यदि महिलाओं के साथ लोकसभा के भीतर सदन के भीतर इस तरह की घटना होती है तो देश में महिलाएं फिर कहां सुरक्षित है. सदस्यों ने कहा कि इस मामले में ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए जिससे पूरे देश में एक मिसाल जाए क्योंकि यह घटना लोकसभा के भीतर हुई है और इसके बाद आम आदमी पार्टी के सांसद मान ने भी की निंदा की. 

जैसे ही कांग्रेस के लोकसभा में नेता अधीर रंजन चौधरी बोलने को खड़े हुए सभी ने कहा कि आप ने जानबूझकर उन सदस्यों को वापस भेज दिया है, उनको बुलाया जाए हाउस में और वह सदस्य माफी मांगे लेकिन कांग्रेस की तरफ से कहा गया था कि वह सदस्य जा चके हैं. लिहाजा इस पर काफी शोरगुल हुआ और इसी बीच लोकसभा को सोमवार तक के लिए स्थिगित कर दिया गया.  

57वा होमगार्ड दिवस मनाया गया

पंचकूला होमगार्ड विभाग व सी टी आई पंचकूला की तरफ से आज केक काटकर 57वा होमगार्ड दिवस मनाया गया।आपको बता दें कि 6 दिसम्बर 1966 को होमगार्ड विभाग की स्थापना की गई थी।होमगार्ड विभाग द्वारा किसी भी नाजूक सिथति मे नागरिकों को सुरक्षा दी जाती है ताकि हर एक नागरिक को बेहतर सुरक्षा दी जा सके।इस दौरान एस के जैन ए.डी.जी.पी होमगार्ड हरियाणा ने बतौर मुख्यातिथि के रूप मे शिरकत की ।उन्होंने सी टी आई पंचकूला मे स्टेट लेवल की मीटिंग ली।मीटिंग मे उन्होंने  विशेष तौर पर बेटी होने पर प्रोत्साहन के तौर पर 81 सो रुपए के नगद राशि दी जाएगी और सभी स्वयं स्वयं सेवी के लिए इलाज के लिए ₹20000 का मेडिकल भुगतान विभाग द्वारा किया जाएगा यह स्कीम 1 जनवरी 2020 से लागू करने की योजना है इसके साथ साथ सीटीआई बे आपातकाल राहत ऑपरेशन के  दौरान विशेषज्ञता पाने के लिए रिसर्च सेंटर बनाया गया है होमगार्ड दिवस के मौके पर आज पौधारोपण किया गया इसके साथ रस्साकशी वॉलीबॉल बैडमिंटन की परिती प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया पंचकूला मे सेंटर कमांडेंट के तौर पर तैनात तरसेम लाल ,प्लाटून कमांडर अशोक कुमार, निर्मल सिंह,सुखदीप सिंह व वोलंटियर बिन्दु, प्रेमलता, शरनजीत कौर ,चंदन,जशवंत मौजूद रहे।

“महिला सुरक्षा एक गंभीर मुद्दा है. POCSO अधिनियम के तहत बलात्कार के दोषियों को दया याचिका दायर करने का अधिकार नहीं होना चाहिए”राष्ट्रपति

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पॉक्सो एक्ट के तहत बलात्कार के दोषियों को दया याचिका दायर करने के अधिकार से वंचित करने की बात कही है.
– पॉक्सो एक्ट के तहत बलात्कार के दोषियों को नहीं मिले दया याचिका का अधिकार
– राष्ट्रपति ने संसद से दया याचिका पर पुनर्विचार करने की अपील की है
– नाबालिग बच्चों के साथ होने वाले यौन अपराध में लगता है पॉक्सो एक्ट

नई दिल्ली(ब्यूरो):

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने आज कहा कि नाबालिगों को यौन शोषण से बचाने के लिए कड़े POCSO अधिनियम के तहत दोषी पाए गए किसी को भी दया याचिका दायर करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. राजस्थान के सिरोही में एक कार्यक्रम में राष्ट्रपति कोविंद ने कहा, “महिला सुरक्षा एक गंभीर मुद्दा है. POCSO अधिनियम के तहत बलात्कार के दोषियों को दया याचिका दायर करने का अधिकार नहीं होना चाहिए. संसद को दया याचिकाओं की समीक्षा करनी चाहिए.”

इससे पहले लोकसभा में आज तेलंगाना एनकाउंटर पर सांसदों ने बहस के दौरान कई मुद्दों का जिक्र किया. धीमी न्‍याय प्रक्रिया पर भी सांसदों ने सवाल उठाए. दिल्‍ली की सांसद मीनाक्षी लेखी ने कहा कि जो भी हुआ वह बिल्‍कुल कानून के अनुसार हुआ. लोकसभा में एनकाउंटर पर बहस के दौरान मीनाक्षी लेखी ने कहा कि पुलिस के पास हथियार सजाकर रखने के लिए नहीं है. उन्‍होंने कहा कि, ‘…आप अपराध भी करेंगे और हथकड़ी खोलकर भागने का प्रयास भी करेंगे. पुलिस के पास हथियार सजाकर रखने के लिए नहीं है, वह क्‍या करती.’ मीनाक्षी लेखी ने कहा कि निर्भया वाले मामले में दिल्‍ली की सरकार ने फैसला लेने के लिए फाइल महीनों दबाकर रखा. उन्‍होंने कहा कि एनकाउंटर के बाद जो भी जांच प्रक्रिया होगी उसका पालन होगा.   

संसद में रेप की घटनाओें पर हो रही बहस के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने उन्‍नाव में रेप पीडि़ता को जिंदा जलाए जाने की घटना पर रोष व्‍यक्‍त किया. उन्‍होंने कहा कि उन्नाव में पीड़िता 95% तक जल गई, इस देश में क्या चल रहा है? एक तरफ भगवान राम का मंदिर बनाया जा रहा है और दूसरी तरफ सीता मैया को आग लगाई जा रही है. अपराधी ऐसा करने की हिम्‍मत कैसे जुटाते हैं? अधीर रंजन चौधरी के इस बयान के बाद कांग्रेस के सांसदों ने सदन की कार्यवाही का बहिष्‍कार किए और उठकर बाहर चले गए. 

इससे पहले हैदराबाद रेप कांड के चारों आरोपियों का आज सुबह एनकाउंटर कर दिया गया. इन चारों पर महिला वेटरनरी डॉक्टर के साथ रेप और उसे मारकर जला देने का आरोप था. पुलिस का दावा है कि ये सभी आरोपी भागने की कोशिश कर रहे थे और इस दौरान पुलिस की ओर से हुई फायरिंग में सभी आरोपी मारे गए हैं. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह एनकाउंटर आज तड़के 3 बजे से 6 बजे के बीच हुआ है. मिली जानकारी के मुताबिक अदालत में चार्जशीट दाखिल करने के बाद पुलिस इन चारों आरोपियों को घटनास्थल पर ले गई थी ताकि ‘सीन ऑफ क्राइम’ (रिक्रिएशन) की पड़ताल की जा सके. लेकिन उनमें से एक आरोपी ने पुलिसकर्मी का हथियार छीन कर भागने की कोशिश करने लगा. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अगर यह आरोपी भाग जाते तो बड़ा हंगामा खड़ा हो जाता इसलिए पुलिस के पास दूसरा कोई रास्ता नहीं था और जवाबी फायरिंग में चारो आरोपी मारे गए.

गौरतलब है कि 28 नवंबर को इन चार आरोपियों की जिनकी उम्र 20 से 26 साल के बीच थी, महिला डॉक्टर को टोल बूथ पर स्कूटी पार्क करते देखा था. आरोप है कि इन लोगों ने जानबूझकर उसकी स्कूटी पंक्चर की थी. इसके बाद मदद करने के बहाने उसको एक सूनसान जगह पर ले जाकर गैंगरेप किया और बाद में पेट्रोल डालकर आग के हवाले कर दिया. पुलिस के मुताबिक घटना से पहले इन लोगों ने शराब भी पी रखी थी. रेप और मर्डर की  इस घटना के बाद पूरे देश में गुस्सा था और इस मामले की सुनवाई के लिए फॉस्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया गया था. 

106 दिन जेल में रहने से चिदम्बरम अपने पुराने बयान भी भूले

वित्तमंत्री ने राज्यसभा में कहा कि 2012 में जब महंगाई अपने चरम पर थी तो तब के एक वित्त मंत्री ने कहा था, ‘जब शहरी मध्यम वर्ग मिनरल वॉटर का बॉटल 15 रुपये में खरीद सकता है, आइसक्रीम 20 रुपये में खरीद सकता है तो महंगाई पर इतना शोर क्यों मचाते हैं.’

नई दिल्ली(ब्यूरो):

प्याज को लेकर केंद्र सरकार पर किए जा रहे हमलों का वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को जवाब दिया है. निर्मला सीतारमण ने 106 दिनों बाद जेल से बाहर आए पूर्व गृह और वित्त मंत्री पी चिदंबरम का नाम लिए बगैर उनपर निशाना साधा है. उन्होंने चिदंबरम के पुराने बयान को आधार बनाकर कांग्रेस पर पलटवार किया है. वित्तमंत्री ने राज्यसभा में कहा कि 2012 में जब महंगाई अपने चरम पर थी तो तब के एक वित्त मंत्री ने कहा था, ‘जब शहरी मध्यम वर्ग मिनरल वॉटर का बॉटल 15 रुपये में खरीद सकता है, आइसक्रीम 20 रुपये में खरीद सकता है तो महंगाई पर इतना शोर क्यों मचाते हैं.’

सीतारमण ने गुरुवार को जवाब दिया है. निर्मला सीतारमण ने 106 दिनों बाद जेल से बाहर आए पूर्व गृह और वित्त मंत्री पी चिदंबरम का नाम लिए बगैर उनपर निशाना साधा है. उन्होंने चिदंबरम के पुराने बयान को आधार बनाकर कांग्रेस पर पलटवार किया है. वित्तमंत्री ने राज्यसभा में कहा कि 2012 में जब महंगाई अपने चरम पर थी तो तब के एक वित्त मंत्री ने कहा था, ‘जब शहरी मध्यम वर्ग मिनरल वॉटर का बॉटल 15 रुपये में खरीद सकता है, आइसक्रीम 20 रुपये में खरीद सकता है तो महंगाई पर इतना शोर क्यों मचाते हैं.’

यहां आपको बता दें कि साल 2012 में तत्कालीन गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा था, ‘धान, गेहूं और गन्ने के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि हो रही है, जिसका असर जरूरी चीजों की कीमतों पर दिख रहा है. जब शहरी मध्यम वर्ग मिनरल वॉटर का एक बॉटल 15 रुपये में और 20 रुपये में आइसक्रीम खरीद सकता है तो वह महंगाई को लेकर इतना ज्यादा शोर क्यों मचा रहा है.’

चिदंबरम ने सीतारमण पर किया था हमला

इससे पहले पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने गुरुवार को आर्थिक सुस्ती के लिए मोदी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि सरकार अर्थव्यवस्था का अक्षम प्रबंधक है. वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के प्याज पर दिए बयान के लिए भी निशाना साधा और कहा कि ‘यह सरकार की सोच को दर्शाता है.’ सीतारमण ने बुधवार को संसद में कहा था कि वह प्याज और लहसुन नहीं खाती हैं.

उन्होंने देरी से प्याज आयात पर भी निशाना साधते हुए कहा, ‘उन्हें पहले ही इसके लिए योजना बनानी चाहिए थी. इसे अब आयात करने का क्या मतलब है.’ चिदंबरम ने साथ ही कहा कि उनकी पार्टी नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध करती है.

जेल से बाहर आने के बाद अपने पहले प्रेस कांफ्रेंस में चिदंबरम ने कहा कि आर्थिक सुस्ती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी साधे हुए हैं. उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री अर्थव्यवस्था पर असामान्य रूप से चुप्पी साधे हुए हैं. उन्होंने इसपर अनाप-शनाप बयानबाजी के लिए इसे अपने मंत्रियों के भरोसे छोड़ दिया है.’ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘यह गलत है. सरकार गलत है और वे गलत हैं, क्योंकि उन्हें कुछ खबर नहीं है.’