सहरसा :- राष्ट्रीय जनता दल के नेता प्रतिपक्ष सह पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव के निर्देश पर अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष सह समस्तीपुर विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन ने राजनपुर निवासी मीर रिजवान को उनके कार्य, कुशलता, कर्मठता, संघर्षशीलता और ईमानदारी को देखते हुए बिहार प्रदेश महासचिव (अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ)के पद पर मनोनीत किया है। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मीर रिजवान के प्रदेश कमिटी मे आने से राष्ट्रीय जनता दल और मजबूत होगा। नव मनोनीत प्रदेश महासचिव मीर रिजवान ने राष्ट्रीय जनता दल के नेता प्रति सह पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव और प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इस्लाम शाहीन को पार्टी के महत्वपूर्ण पद की जिम्मेवारी देने पर उनका आभार प्रकट करते हुए कहा कि पार्टी को बूथ स्तर पर मजबूती और राजद के विचारधारा को विस्तार करने के साथ साथ समाज के अंतिम व्यक्ति के हक और हकुक की कराई लरना मेरी प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने इस नई जिम्मेवारी के लिए अभिभावक तुल्य पूर्व मंत्री सह महिषी विधायक डॉ० प्रो० अब्दुल गफूर, पूर्व मंत्री सह प्रदेश वरीय उपाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह, सहरसा विधायक अरुण कुमार यादव को धन्यवाद देते हुए आभार जताया। इधर मीर रिजवान के मनोनयन पर पार्टी के कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। मौके पर राजद जिलाध्यक्ष मो० जफर आलम, युवा राजद जिलाध्यक्ष गोविंद दास ताँती, छत्री यादव, भारत यादव, अजय सिंह, शिवशंकर विक्रांत, सुमन सिंह, मुकेश यादव, बजरंग गुप्ता, ज्ञानेन्द्र सिंह ज्ञानु, दिलीप यादव, जग्गा यादव, जाकिर अली, मोज्ज्मिल आलम, दीपक राज सहित अन्य दर्जनों लोगों ने खुशी व्यक्त किया।
Trending
- पंचकूला में घग्गर समेत सभी नदी-नाले उफान पर…
- हरियाणा में हिसार पुलिस का दमदार मॉडल बना चर्चा का विषय
- समाजसेवी रामनिवास राड़ा की भाभी के निधन पर मुख्यमंत्री नायब सैनी समेत अनेक लोगों ने जताया शोक
- HSSC group D vacancy 2026: application process underway
- NIACL Apprentice Recruitment 2026 – 550 Vacancies Open
- संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट हों अल्पसंख्यक समाज : राहुल गांधी
- प्राइवेट हस्पतालो के संचालकों एवं इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने सरकार द्वारा बकाया पेमेंट न किए जाने पर आगामी 5 जून से गरीब लोगों का मुफ्त इलाज न करने की घोषणा की- किरण पूनिया
- पत्थरों में ग़ालिब की रूह को महसूस करने वाली शाम बनी ‘अंदाज़-ए-बयाँ’

