Sunday, May 24

पंचकूला, 23 मई 2026: कला, शायरी और संवेदनाओं का अद्भुत संगम शनिवार शाम पंचकूला स्थित कदंब आर्ट स्टूडियो में आयोजित “अंदाज़-ए-बयाँ” कार्यक्रम में देखने को मिला। इस विशेष आयोजन में दिवंगत मूर्तिकार बृजेंद्र स्याल की पत्थर की मूर्तियों को उनकी बेटी अभिरुचि सुंदरलाल ने बेहद भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया। प्रदर्शनी की थीम महान शायर मिर्ज़ा ग़ालिब की कालजयी शायरी से प्रेरित रही, जिसने कला प्रेमियों को गहरे तक प्रभावित किया।

कार्यक्रम में दिवंगत उर्दू शायर के.सी. दीवान की रचनाओं का पाठ उनकी बेटी मीनू मजीठिया द्वारा किया गया। ग़ज़लों और नज़्मों की प्रस्तुति ने माहौल को बेहद भावुक और साहित्यिक बना दिया। उपस्थित दर्शकों ने कला और शायरी के इस अनूठे मेल की सराहना की।

कार्यक्रम की क्यूरेटर नीनु विज ने बताया कि “अंदाज़-ए-बयाँ” का उद्देश्य कला को सिर्फ देखने नहीं, बल्कि महसूस करने का अनुभव देना है। कार्यक्रम में शहर के कलाकारों, साहित्यकारों और कला प्रेमियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।